200 गेट पास काटे,नहीं हुई आज भी सरकारी तौर पर बाजरे की खरीद
--निजी स्तर पर खरीदा 3500 क्विंटल बाजरा
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कनीना की आवाज। कनीना की नई अनाज मंडी स्थित चेलावास में बुधवार को भी कोई सरकारी खरीद नहीं हो पाई। 3500 क्विंटल बाजरे की निजी स्तर पर जरूर खरीद हुई है। विस्तृत जानकारी देते हुए मनोज पाराशर सचिव मार्केट कमेटी ने बताया कि अब तक कुल 1150 गेट पास काटे जा चुके हैं और किसानों का बाजरा फोटो पर पड़ा हुआ है। लगातार सैंपल भेजे जा रहे किंतु सैंपल पास न होने के कारण सरकारी तौर पर खरीद नहीं हो पा रही है। ऐसे में किसान परेशान है और उन्हें अब सरकार द्वारा मुआवजा मिलने की आस है।
उधर किसानों ने बताया कि अब तो सरकार के भरोसे हैं। सरकार चाहे तो मुआवजा दे सकती है ताकि उनकी भरपाई हो सके। इस बार बाजरे को यह सोचकर उगाया था कि बेहतर भाव मिलेंगे लेकिन सारा बाजरा वर्षा के कारण खराब हो चुका है।
फोटो कैप्शन 04: कनीना की नई अनाज मंडी
नशा तस्करों के खिलाफ महेंद्रगढ़ पुलिस की कार्रवाई
- थाना सदर कनीना की पुलिस टीम ने 900 ग्राम गांजा किया बरामद, एक गिरफ्तार
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कनीना की आवाज। थाना सदर कनीना की पुलिस टीम ने नशीले पदार्थ के मामले में एक आरोपित को काबू किया है। पुलिस ने नशीले पदार्थ सहित आरोपी राजपाल वासी मालडा बास को काबू किया। पुलिस ने मौके से 900 ग्राम नशीला पदार्थ गांजा बरामद किया है। आरोपित को आज न्यायालय में पेश किया गया।
थाना सदर कनीना की पुलिस टीम गस्त के दौरान गांव मालडा बास के बस अड्डा पर मौजूद थी, टीम को गुप्त सूचना मिली कि राजपाल वासी मालडा बास गांजा बेचने का काम करता है और उसके ट्यूबवेल के पास बैठकर गांजा बेच रहा है। अगर तुरंत रैड की जाए तो अवैध गांजा सहित काबू आ सकता है। सूचना के आधार पर टीम बतलाए हुए स्थान पर पहुंची, वहां पर बैठे हुए एक व्यक्ति से नाम पता पूछा तो उसने अपना नाम राजपाल उपरोक्त बतलाया। जिसके पास से बरामद पॉलीथिन को चैक किया तो उसमें अवैध नशीला पदार्थ गांजा मिला, जिसका पॉलीथिन सहित वजन कुल 900 ग्राम मिला। पुलिस ने नशीले पदार्थ को जब्त कर लिया और आरोपी के खिलाफ थाना सदर कनीना में एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी।
कनीना में जगह जगह मनाई शरद पूर्णिमा
-बांटा गया खीर का प्रसाद, भक्तों ने किया प्रसाद ग्रहण
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कनीना की आवाज। शरद पूर्णिमा मनाई गई। इस मौके पर खीर का प्रसाद वितरित किया गया एवं भजन सत्संग चले। मंगलवार को रात्रि बनाई गई खीर को बुधवार के दिन वितरित किया गया। कनीना की गौशाला में गायों को मीठा खाना दिया गया वहीं कृष्णानंद आश्रम धनौंदा में हवन आयोजित हुआ। इस बार शरद पूर्णिमा की रात को बादल छाये होने के कारण रात को खीर में लंबे समय तक चांद का प्रकाश नहीं डाला जा सका।
लालदास महाराज ने दूर दराज से आए भक्तों से कहा कि शरद पूर्णिमा का पर्व बहुत अहमियत रखता है। यह पर्व कई रोगों से छुटकारा दिलाने वाला ही नहीं अपितु इंसान में नया संचार जगाने वाला होता है। उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण ने भी इस पर्व का विशेष महत्व बताया है तथा इस पर्व से सर्दी का मौसम जुड़ा है। सर्दी प्रारंभ होने से सेहत के लिए लाभकारी होती हैं। उन्होंने कहा कि इस दिन से जल्दी उठकर स्नान ध्यान करने से सभी कष्ट स्वत: छूट जाते हैं तथा मोक्ष की प्राप्ति होती है। उन्होंने अपने हाथों से खीर का प्रसाद वितरित किया।
उधर मोहन कुमार पार्षद ने बताया कि बताया कि उनके यहां तो जो खीर बनाई जाती है उस मखमल के कपड़े से ढककर रख दिया जाता है ताकि अधिक मात्रा में चंद्रमा की किरणें गिर सके। इन्हीं किरणों के कारण खीर का स्वाद मधुर बन जाता है। तत्पश्चात इस खीरा को रात के बारह बजे बाद ही प्रसाद बतौर खिलाया जाता है। इस खीर का श्वास रोगियों के लिए बेहद लाभ होता है।
उधर वैद्य बालकिशन एवं श्रीकिशन का कहना है कि शरद पूर्णिमा का पर्व बहुत अहमियत रखता है। यह पर्व कई रोगों से छुटकारा दिलाने वाला ही नहीं अपितु इंसान में नया संचार जगाने वाला होता है। उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण ने भी इस पर्व का विशेष महत्व बताया है तथा इस पर्व से सर्दी का मौसम जुड़ा है। सर्दी प्रारंभ होने से सेहत के लिए लाभकारी होती हैं।
महेंद्र शर्मा ने बताया कि शरद पूर्णिमा पर्व से जुड़ी है कार्तिक स्नान करने की परंपरा। महिलाएं पूरे एक माह तक चलता रहता है। एक माह बाद इसे संपन्न करती हैं। स्वास्थ्य की दृष्टिï से भी यह समय अनुकूल माना जाता है।
पीएमश्री स्कूल जवाहर नवोदय विद्यालय करीरा में रिक्त पदों के प्रवेश के लिए लेटरल स्कीम के तहत आवेदन आमंत्रित
-अंतिम तिथि 21 अक्टूबर
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कनीना की आवाज। पीएमश्री स्कूल जवाहर नवोदय विद्यालय करीरा जिला महेन्द्रगढ़ में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए कक्षा 09 एवं 11 में रिक्त स्थानों पर लेटरल एंट्री योजना के तहत प्रवेश परीक्षा के लिए आनलाइन आवेदन आमंत्रित किए गए हैं । कक्षा नवीं एवं ग्यारहवीं में दाखिले के लिए 21 अक्टूबर 2025 तक आनलाइन आवेदन वेबसाइट पर दिए गए लिंक पर जाकर कर सकते हैं ।
प्राचार्य बीएम रावत ने बताया कि कक्षा 9 के लिए अभ्यर्थी महेन्द्रगढ़ जिले का मूल निवासी हो एवं महेन्द्रगढ़ जिले के किसी भी सरकारी/सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त विद्यालय में कक्षा 08 में शैक्षणिक सत्र 2025-26 में अध्ययनरत होना चाहिए। अभ्यर्थी का जन्म 01 मई 2011 से 31 जुलाई 2013 (दोनों तिथियां सम्मिलित) के बीच होना चाहिए । यह एससी/एसटी/ओबीसी श्रेणियों सहित सभी श्रेणियों के उम्मीदवारों पर लागू है ।
वहीं कक्षा 11 के अभ्यर्थी द्वारा शैक्षणिक सत्र 2025-26 के दौरान जिला, जहॉं जवाहर नवोदय विद्यालय कार्यरत हैं, के सरकारी/सरकारी मान्यता प्राप्त स्कूल में दसवीं कक्षा में अध्ययन होना चाहिए । अभ्यर्थी का जन्म 01 जून 2009 से 31 जुलाई 2011 (दोनों तिथियां सम्मिलित) के बीच होना चाहिए । विद्यालय के प्राचार्य बीएम रावत ने बताया कि पीएमश्री स्कूल जवाहर नवोदय विद्यालय करीरा पूर्णत: निश्शुल्क, सह-शिक्षा, आवासीय विद्यालय है । विद्यालय में विभिन्न खेलों में उत्तम व्यवस्था, स्काउट गाइड, कला तथा संगीत की विशेष शिक्षा व सुसज्जित पुस्तकालय की उत्तम व्यवस्था विद्यार्थियों को उपलब्ध करवाई जाती है।
प्राचार्य ने बताया कि पंजीकृत विद्यार्थियों के के लिए 22 से 25 अक्टूबर 2025 को आनलाइन सुधार हेतु विंडो खोली जाएगी जिसमें लिंग,श्रेणी, विकलांगता एवं परीक्षा का माध्यम आदि में सुधार कर सकते हैं।
400 मामले बिजली के सुलझाए
-एमई और जेई की जोड़ी कमा रही है नाम
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कनीना की आवाज। कनीना नगर पालिका में एमई दिनेश कुमार तथा जेई राकेश कुमार की जोड़ी क्षेत्र में नाम कमा रही है। दोनों मिलकर कनीना नगरपालिका के तहत समस्याओं का समाधान कर रहे हैं।
दोनों ने बताया कि अब तक उनके पास 400 बिजली संबंधित समस्याएं आई और सभी का समाधान कर दिया है। कोई समस्या जब उनके पास आती है तुरंत कार्रवाई में लग जाते हैं और जल्द से जल्द उसका समाधान निकाल कर ही दम लेते हैं। यही कारण है कि कनीना क्षेत्र के लोगों के बिजली संबधित समस्याओं का अधिकांश का समाधान कर दिया। भविष्य में जो भी शिकायत आएगी उसका भी कोई न कोई समाधान आपस में मिलकर निकलेंगे। दोनों अधिकारियों ने नगरपालिका के तहत प्रकाश व्यवस्था में नाम कमा रखा है। इस समय लोगों से बात की तो उन्होंने कहा कि दोनों ही अधिकारी अच्छा नाम कमा रहे हैं तथा उनकी समस्याओं का समाधान कर रहे हैं।
फोटो कैप्शन 01: एमई तथा जेई नगर पालिका कनीना
10 अक्टूबर करवा चौथ का व्रत
करवा चौथ पर्व पर आई खांडसारी के करवों की बहार
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कनीना की आवाज। शुक्रवार को कनीना क्षेत्र में करवा चौथ का पर्व मनाया जा रहा है। बाजार में खांडसारी के करवों की बहार आ गई है वहीं कपड़ों की दुकानों तथा ब्यूटी पार्लरों पर भीड़ लगने लगी है। इस दिन महिलाएं नए कपड़े पहनती हैं एवं साज शृंगार करती हैं।
कार्तिक माह की कृष्ण चतुर्थी को सौभाग्यवती महिलाओं का पर्व करवा चौथ मनाया जा रहा है जिसे ग्रामीण क्षेत्रों में गटक चौथ आदि नामों से जाना जाता है। सर्दी के प्रारंभ में आने वाले इस पर्व का विशेष महत्व माना जाता है। यह व्रत पति, पुत्र की मंगलकामना, धन एवं धान्य के लिए किया जाता है जिसका समापन चन्द्रदेव को अघ्र्य देकर पूर्ण किया जाता है। दान पुण्य करने की भी परम्परा चली आ रही है।
यह व्रत विवाहित एवं अविवाहित दोनों के लिए ही फलदायक माना जाता है। अविवाहित महिलाएं अपने सुपति की कामना से तो विवाहित महिलाएं अपने पुत्र, भाई एवं पति की मंगलकामना के लिए व्रत करती हैं। अब तो पुरष भी यह व्रत रखने लग गये हैं। चांद को देखकर तथा उसे अघ्र्य देकर ही इस व्रत का समापन किया जाता है जिसके पीछे माना जाता है कि महिलाएं चांद जैसी शीतलता एवं चमक अपने इष्टदेव में देखना चाहती हैं। इस दिन श्रीगणेश की पूजा करने का विशेष विधान है।
क्या खाया जाता है-
करवा चौथ के दिन खांडसारी के बनाए हुए करवे खाए जाते हैं। इस दिन पूजा के लिए भी करवा खरीदे जाते हैं। करवा नामक औरत की कथा भी सुनी एवं सुनाई जाती है। खांडसारी के बने हुए करवे बाजार में कई दिन पूर्व ही उपलब्ध हो जाते हैं जिन्हें खरीदकर महिलाएं लाती हैं। ये खांडसारी के करवे ही लेने देन में काम आते हैं। महिलाएं अपने से बड़ी महिलाओं को करवे दिए जाते हैं।
क्या कहानी सुनाई जाती है-
पंडित दीपक आचार्य बताते हैं कि इस दिन करवा नामक औरत की कहानी सुनाई जाती है जिसमें उस औरत के भाई अपनी बहन की भूख की व्याकुलता देखकर परेशान हो जाते हैं। वे उसे आग जलाकर छलनी में से नकली चंद्रमा का आभास कराते हैं और करवा खाना खाने के लिए तैयार होती है तो अपशकुन होते हैं किंतु दुख उस वक्त होता है जब करवा को उसके पति की मृत्यु का समाचार मिलता है। आखिरकार वह अपने पति को जीवित करने के लिए घोर तप करती है और पुन इस व्रत के आने का इंतजार करती है। आखिरकार करवा अपने पति को जीवित कराने में सफल हो जाती है। उसी दिन से करवा खाने और करवा चौथ का पर्व चला आ रहा है।
कब तक चलेगा यह व्रत-
आचार्य दीपक का कहना है कि यह व्रत दिनभर चलेगा किंतु शुक्रवार शाम करीब 8:13 बजे पर चंद्रमा दिखाई देने लग जाएगा। महिलाएं इसी चंद्रमा को अघ्र्य देकर अपना व्रत पूर्ण कर सकती हैं। दिनभर कहानी सुनने, दान पुण्य करने तथा बड़े बूढ़ों से आशीर्वाद पाने की परंपरा चली आ रही है। खांडसारी के करवे ही दान दिए जाते हैं।
कौन करता है करवा चौथ व्रत-
एक वक्त था जब केवल महिलाएं ही करवा चौथ का व्रत करती थी। अब तो इसमें पुरुष भी भागीदार बन गए हैं। महिलाएं जहां अपने पति के लिए तो पति अपने पत्नी के लिए लंबी उम्र की कामना करते हैं। अविवाहित लड़कियां भी इस व्रत को करने लगी हैं। पले केवल विवाहित महिलाएं ही व्रत करती थी। धीरे धीरे ऐसे में बदलाव आ गया है और पुरुष की भागीदारी बढ़ती जा रही है
बाजार सजने लगे हैं और खासकर करवा चौथ पर बाजारों में बिक्री की ज्यादा उम्मीद है।
फोटो कैप्शन 02: खांडसारी के करवे बेचता दुकानदार। साथ में आचार्य दीपक कौशिक
एसडी विद्यालय ककराला के विद्यार्थी शैक्षणिक भ्रमण के लिए रवाना
--जौय गांव का करेंगे भ्रमण
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कनीना की आवाज।एसडी वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय ककराला ने सीबीएसई नोर्मस के अनुसार दूसरी से पांचवीं कक्षा के विद्यार्थियों के लिये एक दिन के शैक्षणिक भ्रमण का आयोजन किया गया। विद्यार्थियों के लिए जौय गांव को भ्रमण के लिए चुना गया है।
जौय गांव पुरानी संस्कृति का अनूठा संगम है। यहां विद्यार्थियों के लिए खेल व मंनोरजन
के अनेक साधन उपलब्ध है। इसमें विद्यार्थी जानेंगे की आदिकाल से आधुनिक काल तक हमारा विकास कैसे हुआ। इसमें छात्र कला व संस्कृति को काफी नजदीकी से निहारेंगे तथा पुरातन संस्कृति व कला के प्रति उनमें उत्सुकता पैदा होगी ।
शैक्षणिक भ्रमण पार्टी को हरी झंडी दिखाकर रवाना करते हुये विद्यालय के चेयरमैन जगदेव यादव ने बताया कि नवीन पीढ़ी को अपनी वर्तमान एवं पुरातन संस्कृति से रूबरू करवाना अति आवश्यक है। शैक्षिक शिक्षा के साथ-साथ भ्रमण करने से विद्यार्थियों को बहुत कुछ सीखने का अवसर मिलता है। अत: इस भ्रमण कार्य से हमारे ये सभी उद्देश्य भली भांति पूर्ण होते हंै। उन्होंने छात्रो को भ्रमण के बाद स्वयं का विश्लेषण करने के लिये भी प्रोत्साहित किया ताकि छात्रों की चिंतनशीलता बढ़ाई जा सके अर्थात मनोरंजन और चिन्तन का समावेश हो सके। अन्त में उन्होंने बच्चों की मंगलमय यात्रा के लिए उन्हें शुभ कामनाएं दी।
फोटो कैप्शन 09:भ्रमण पर जाते विद्यार्थियों को हरी झंडी दिखाते जगदेव यादव
दो-दो दिन मना रहे पर्व एवं उत्सव
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कनीना की आवाज।कनीना क्षेत्र में एक नहीं दो-दो दिन विभिन्न पर्व एवं उत्सव मनाये जा रहे हैं। जहां एकादशी दो मनाई गई वहीं शरद पूर्णिमा दो मनाई गई हैं। इसी प्रकार दीपावली को लेकर भी दो दिनों की चर्चाएं हैं। अब आम आदमी परेशान हो चला है कि किस दिन पर्व मनाया जाए। पंडित अपना
अपना तर्क देकर दोनों दिन पर्व मनाया जाना उचित मान रहे हैं। अब तो दीपावली जैसा पर्व भी दो दिन मनाए जाने की बात कही जा रही है।
मलबे में मिले चांदी के सिक्के
-ढूंढने वालों की लग गई होड़ ,लोगों की भीड़ जमा
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कनीना की आवाज। कनीना -अटेली सड़क मार्ग के पास किसी ने पुरानी हवेली को तोड़कर मलबा वहां गिराया था, जहां गड्ढे है। उधर से गुजरने वाले मजदूरों को चांदी के सिक्के नजर आए। फिर तो बात ऐसे फैल गई कि दूर दराज के मजदूर मजदूरी को भूल गए और वहां पर चांदी के सिक्के ढूंढने लगे। भारी संख्या मजदूर चांदी के सिक्के ढूंढते रहे। किसी को एक किसी को दो सिक्के हाथ लगे लेकिन सही मायने में किसको कितने हाथ लगे कह पाना कठिन है। बाद में दर्शकों की भीड़ लग गई। ऐसा नजारा शायद कहीं नहीं देखा होगा जहां इतने सारे लोग चांदी के सिक्के में मलबे से ढूंढ रहे हो।








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