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Thursday, November 9, 2023



 


थाना सदर कनीना की टीम ने 0.80 ग्राम नशीला पदार्थ स्मैक सहित एक को किया काबू।
-7 पेटी शराब भी बरामद
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कनीना की आवाज। पुलिस अधीक्षक नितिश अग्रवाल के नेतृत्व में जिला महेंद्रगढ़ को नशा मुक्त करने के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत थाना सदर कनीना की टीम ने एक नशा तस्कर को काबू किया है। थाना सदर कनीना की टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर 0.80 ग्राम नशीला पदार्थ स्मैक सहित एक आरोपित को दबोचने में सफलता हासिल की है। काबू किए गए आरोपित के खिलाफ थाना सदर कनीना में एनडीपीएस एक्ट के तहत केस दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। आरोपित को आज न्यायालय में पेश किया गया।
पुलिस प्रवक्ता ने जानकरी देते हुये बतालया कि थाना सदर कनीना की पुलिस टीम गश्त के दौरान बस अड्डा भोजावास पर मौजूद थी। उसी समय टीम को गुप्त सूचना मिली की लखन निवासी भोजावास, शिव शक्ति धर्मकांटा के पास नशीला पदार्थ स्मैक बेचने के लिए खड़ा है। अगर तुरंत रेड की जाए तो आरोपित को नशीले पदार्थ सहित काबू किया जा सकता है। सूचना पर थाना की टीम ने बतलाए हुए स्थान पर रेड की, वहां पर खड़ा एक युवक पुलिस टीम को देखकर भागने लगा। जिसे टीम ने काबूकर पूछताछ की, पूछताछ में उसने अपना नाम लखन उपरोक्त बतलाया। आरोपित की तलाशी लेने पर उसके पास से स्मैक बरामद हुआ। माचिस की डब्बी से 5 पुडिय़ा स्मैक के बरामद हुए। पुलिस ने नशीले पदार्थ को जब्त कर लिया और थाना सदर कनीना में मामला दर्ज कर आरोपित को गिरफ्तार कर लिया।
वहीं थाना सदर कनीना की दूसरी टीम ने अवैध शराब की 7 पेटी बरामद की हैं। पुलिस टीम गांव सुंदरह के बस अड्डा पर मौजूद थी, उसी दौरान टीम को गुप्त सूचना मिली कि कृष्ण वासी सुंदरह अपने मकान के अंदर अवैध शराब रखकर बेच रहा है, अगर तुरंत रेड की जाए तो अवैध शराब सहित काबू आ सकता है। इस पर टीम ने तुरंत बतलाए हुए स्थान पर रेड की, वहां पर खड़ा नौजवान व्यक्ति पुलिस टीम को देखकर अंधेरे का फायदा उठाकर भाग गया। पुलिस ने पुराने खंडहर मकान की तलाशी ली तो 7 पेटी अवैध शराब बरामद हुई। आरोपित के खिलाफ आबकारी अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया और अवैध शराब को जब्त कर लिया गया।






स्कूलों का 15 नवंबर से बदला समय
-अब आठ बजे की बजाय 9: 30 पर लगेंगे स्कूल
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कनीना की आवाज। हरियाणा शिक्षा विभाग में स्कूलों का वर्तमान समय 15 नवंबर से बदल दिया है। शिक्षा विभाग द्वारा जारी पत्र के अनुसार अब 15 नवंबर से स्कूल का समय प्रात: 9:30 बजे से शाम 3:30 बजे का होगा। जहां दो शिफ्ट /दो पारी चलती है वहां प्रात: कालीन पारी 7:55 से दोपहर 12:30 तथा दूसरी शिफ्ट शाम 12:40 से शाम 5:15 तक रहेगी।






सीएम फ्लाइंग की मिठाई की दुकानों पर छापेमारी
-भरे मिठाइयों के छह सैंपल
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कनीना की आवाज। सीएम फ्लादंग ने कनीना में विभिन्न मिठाई की दुकानों पर छापेमारी कर सैंपल भरे। दुकानदारों में हड़कंप मची रही।
 दीपावली के त्यौहार पर क्षेत्र में बहुत अधिक मिठाई की सप्लाई होती है इसी को देखते हुए मुख्यमंत्री उडऩ दस्ते ने कनीना में मिठाई के दुकानों पर छापेमारी की। त्योहार के मद्देनजर बाजार में मिलावट की भी शिकायतें आने लगी हैं। लोगों को मिठाई के साथ अन्य खाद्य पदार्थ खरीदते वक्त गुणवत्ता की जांच के बाद ही लेने की सलाह दी जाती है।
 गुरुवार को मुख्यमंत्री उडऩदस्ता की संयुक्त टीम ने अनीता रोड़, सरकारी स्कूल के सामने वाली रोड़,  कनीना बस स्टैंड के सामने व कनीना बाजार में मिठाई की दुकानों पर छापामार कार्रवाई की। इसमें अलग-अलग मिठाइयों के छह सैंपल लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला में भेज दिया है। गुप्त सूचना के आधार पर पहुंची टीम को कई अनियमितताएं मिलीं। सूचना मिल रही थी, यहां घटिया किस्म की मिठाई बेचकर लोगों की सेहत के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है।  दो दुकानों से भरे छह सैंपल।
मुख्यमंत्री उडऩ दस्ता की टीम अजय कुमार व खाद्य सुरक्षा अधिकारी डॉ. दीपक चौधरी की टीम मिठाई की दुकानों पर पहुंची। इस दौरान एक दुकान से बर्फी और कलाकंद, रसगुला, खोया, पनीर के सैंपल लिए गए। इसके बाद अन्य दुकानों पर खोया और मैदा के सैंपल लिए गए। अन्य दुकानों से बेसन और बर्फी के सैंपल लिए। अब दीपावली तक इसी प्रकार की कार्रवाई की उम्मीद है। इससे अनियमितताएं बरतने वाले कुछ सचेत हो सकेंगे। खाद्य सुरक्षा अधिकारी डॉक्टर दीपक चौधरी ने बताया कि दीपावली के सीजन में मिठाइयों में मिलावट की आशंका बनी रहती है जिसको लेकर क्षेत्र के विभिन्न दुकानों के सैंपल लिए जा रहे हैं। लोगों ने जमकर छापेमारी करने की मांग की है।
फोटो कैप्शन 05: सीएम फ्लाइंज छापेमारी करते हुए।





विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में राष्ट्रीय सेवा योजना का अहं योगदान - डा. विक्रम यादव
---एक दिवसीय श्रमदान शिविर आयोजित
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कनीना की आवाज। राजकीय कन्या महाविद्यालय उन्हाणी में आज  राष्ट्रीय सेवा योजना की दोनों इकाइयों द्वारा दीपावली  पर्व के उपलक्ष्य में एक दिवसीय शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर की अध्यक्षता प्राचार्य डॉ. विक्रम यादव ने की। जिसमें  200  स्वयं सेविकाओं ने श्रमदान करते हुए संपूर्ण महाविद्यालय इमारत व परिसर  की साफ-सफाई की । श्रमदान के उपरांत स्वयं सेविकाओं के लघु जलपान की व्यवस्था की गई। प्राचार्य महोदय ने स्वयं सेविकाओं को संबोधित करते हुए कहा - विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में राष्ट्रीय सेवा योजना का अहं योगदान होता है, यह योजना समाज और स्वयं सेविकाओं के मध्य एक कड़ी का काम करती है। जिससे की समाज के प्रति उनमें अपने उत्तरदायित्वों की समझ पैदा हो सके के बारे में ज्ञानवर्धक वक्तव्य दिया। डॉ.सुधीर कुमार ने    राष्ट्रीय सेवा योजना के प्रतीक चिह्न -मैं नहीं पहले आप  पर विस्तृत व्याख्यान देते हुए कहा कि सच्चा स्वयं सेवक स्वयं से पहले समुदाय को स्थान देता है। उन्होंने छात्राओं से अपील कि वे अपने इस दायित्व का निर्वहन करते हुए अपने समीपवर्ती लोगों को सामाजिक  कुरीतियों के प्रति जागरूक करने में अपना यथासंभव योगदान करें।  कार्यक्रम  प्रभारी डॉ. सीमा देवी व सुश्री सीमा ने भी  अपने वक्तव्य में बताया कि- जब युवा वर्ग सोता है तो सारा देश सोता है और जब युवा वर्ग जागता है तो सारा देश जागता है राष्ट्रीय सेवा योजना के माध्यम से युवाओं में भारतीय संस्कृति के पुरातन मूल्य निज हित को परहित में परिवर्तित करना है। आज का युवा वर्ग स्वार्थ की भावना से ग्रसित हो चुका है, ऐसे में राष्ट्रीय सेवा योजना का उद्देश्य बहुत ही चुनौतीपूर्ण हो गया है। यह योजना युवाओं में स्वैच्छिक सामुदायिक सेवा के द्वारा उनके व्यक्तित्व एवं चरित्र का विकास करती है , ताकि वे अपने  स्वैच्छिक प्रयासों से राष्ट्र के विकास में योगदान दे सकें के बारे में प्रकाश डाला। उन्होंने महाविद्यालय परिवार के सभी सदस्यों  का इस शिविर में यथासंभव सहयोग  के लिए आभार व्यक्त किया।
फोटो कैप्शन 04: सफाई करते हुए विद्यार्थी।







 दीपावली पर गेंदा फूल की मांग बढ़ी
-पंचपर्व दीपावली पर पूजा अर्चना में होती है जरूरत
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कनीना की आवाज।। गेंदा फूल की मांग बढ़ती ही जा रही है। दीपावली पर्व महापर्व होने के कारण 5 दिनों तक गेंदे की मांग अधिक होती है। गणेश उत्सव, श्री कृष्ण जन्माष्टमी तथा विभिन्न अन्य अवसरों पर भी फूलों की मांग बढ़ जाती है। कनीना क्षेत्र में गेंदा उगने वाले राकेश कुमार, गजराज सिंह, अजय, कांता आदि आदि ने बताया कि वे समय-समय पर गेंदे उगाते रहे हैं और बाजार में बेचते हैं। गेंदा उगने से जहां खेत की शोभा बढ़ती है वही एक लाख से 5 लख रुपये तक की आय प्रति एकड़ प्राप्त हो सकती है परंतु सारा कुछ मार्केट पर निर्भर करता है। जब बाजार में मांग अधिक होती है तब महंगे दामों पर गेंदे के फूल बिकते हैं तो अच्छी आय होती है वरना आय घट जाती है।
 उन्होंने बताया कि दीपावली पर गंदे फूलों की कीमत 60 से 75 रुपये प्रति किलो ग्राम है। वह भी यहां नहीं अभी तो गुरुग्राम में गेंदा फूल को बेचने के लिए जाना पड़ता है। राकेश कुमार ने बताया कि कृष्ण जन्माष्टमी और गणेश उत्सव के समय 200 रुपये किलो गेंदे बिके थे परंतु दीपावली पर दूसरे राज्यों से गेंदे के फूल अधिक आने से मांग कम हो जाती है किंतु क्षेत्रीय मार्केट में गेंदे की मांग फिर से बढ़ जाती है।
 दीपावली पर गेंदे कोफूल माला के रूप में प्रयोग किए जाते हैं और एक माल बेचने वाला दीपावली पर 30 रुपये की एक माला बेचता है जबकि एक माला में 150 ग्राम से अधिक फूल नहीं लगे होते। किसानों ने बताया कि गेंदा बेचकर उन्हें अच्छी आय हो जाती है और सबसे बड़ी बात है कि गेंदा फसल में रोग कम आते है। उधर जीव जंतु भी कम लगते हैं। ऐसे में गेंदा उगाकर त्योहार पर विशेष लाभ कमाया जा सकता है। ऐसे में अब सभी मार्केट में फूल की मांग बढ़ती जा रही है। फोटो कैप्शन 03: गेंदा फूल उगाए हुए।



अनिश्चितकालीन धरना 242वें  दिन रहा जारी
-कट बनने की आश लगाये बैठे हैं ग्रामीण
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कनीना की आवाज। राष्ट्रीय राजमार्ग 152-डी पर सेहलंग -बाघोत के बीच कट के लिए ग्रामीणों का अनिश्चितकालीन धरना गुरुवार को भी जारी रहा। धरने की अध्यक्षता मास्टर विजयपाल सेहलंग ने की और उन्होंने बताया जब तक केंद्र सरकार राष्ट्रीय राजमार्ग 152डी पर  बाघोत -सेहलंग के बीच कट का काम शुरू नहीं करती है, तब तक हम यहीं पर डटे रहेंगे।
 धरना संघर्ष समिति के अध्यक्ष  विजय सिंह चेयरमैन  ने बताया कि धरने को चलते 242 दिन हो गए हैं। वाहनों के आवागमन से उडऩे वाली धूल- मिट्टी से धरने पर बैठे बुजुर्ग किसानों की हालत खराब है और उन्हें सांस लेने में भी दिक्कत आ रही है। केंद्र सरकार किसानों के पीड़ा को समझे और जितना जल्दी हो सके। राष्ट्रीय राजमार्ग 152डी पर बाघोत -सेहलंग के बीच कट का काम शुरू करवाया जाए। उन्होंने बताया कि हम केंद्र सरकार को याद दिलाते रहेंगे कि आपने 9 मार्च 2022 को पचगांव गुरुग्राम रैली में  राष्ट्रीय राजमार्ग 152डी पर बाघोत -सेहलंग के बीच कट की घोषणा की , कट का काम अब तक शुरू नहीं किया गया है। केंद्र सरकार किसानों की परेशानी को देखते हुए राष्ट्रीय राजमार्ग 152डी पर बाघोत -सेहलंग के बीच कट का काम जल्द शुरू किया जाए।
 संघर्ष समिति के सदस्य सूबेदार हेमराज अत्रि और रोशन लाल आर्य बाघोत ने बताया कि केंद्र सरकार राष्ट्रीय राजमार्ग 152डी पर बाघोत -सेहलंग के बीच कट का काम शुरू होने से इस इलाके के विकास के सभी रास्ते खुल जाएंगे।
 उन्होंने बताया कि हमें केंद्र सरकार पर भरोसा है कि राष्ट्रीय राजमार्ग 152डी पर बाघोत -सेहलंग के बीच कट बनेगा,समय लग सकता है।
 इस मौके पर  संघर्ष समिति के सदस्य मुंशी राम, ओमप्रकाश सेहलंग, संघर्ष समिति के सदस्य सरपंच हरिओम पोता, नंबरदार नाथूराम बाघोत पहलवान रणधीर सिंह, नरेंद्र शास्त्री छिथरोली, डा. लक्ष्मण सिंह, पूर्व सरपंच हंस कुमार, मास्टर विजय सिंह, रामकुमार , पहलवान धर्मपाल, पूर्व सरपंच बेड़ा सिंह,  ईश्वर सिंह, रघुवीर पंच, भरत सिंह,  पंडित संजय कुमार,  मुख्तार सिंह,  सीताराम,  बाबूलाल, कृष्ण कुमार पंच,  दाताराम, इंस्पेक्टर सतनारायण , सूबेदार भोले राम , वेद प्रकाश, सत्य प्रकाश, प्यारेलाल,   सूबे सिंह पंच, डॉ राम भक्त  व गणमान्य लोग मौजूद थे।
फोटो कैप्शन 03: धरने पर वैठे ग्रामीण।





दीपावली पर्व नहीं महापर्व है
 -पंचपर्वों का महापर्व है दीपावली    
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कनीना की आवाज। दीपावली का पर्व एक पर्वों का समूह है। इस पर्व से पहले तथा बाद में भी दीपावली की धूम रहती है। शुक्रवार से ही दीपावली पर्व की शुरूआत हो जाएगी। धन तेरस का पर्व मनाया जा रहा है जिसके बाद तो एक के बाद एक पर्व लगातार चलते रहेंगे।
    ग्रामीण अचल में 10 नवंबर धन तेरस के दिन से ही दिवाली के दीये जलाने शुरू कर दिए जाते हैं। इस दिन माना जाता है कि बर्तन खरीदना लाभकारी है। यही कारण है कि इस दिन बर्तनों की दुकानों पर भारी भीड़ मिलती है। धन तेरस के दिन ही बर्तन क्यों खरीदे जाते हैं। इसके विषय में माना जाता है कि देवताओं और दानवों के द्वारा समुद्र मंथन के पश्चात इसी दिन ही धनवंतरि अमृत कलश लेकर समुद्र से बाहर आए थे। अमृत पाने के लिए देवता बर्तन लेकर दौड़े थे। इसी कारण से यह दिन धनवंतरि त्रयोदशी कहलाता है। लोगों का मानना है कि धनवंतरि इस दिन ही सभी को अमृत बांटते हैं और अमृत पाने की लालसा को लेकर नए बर्तन खरीदे जाते हैं। प्रार्थना की जाती है कि उनका यह नया बर्तन अमृत से भरा रहे और परिवार खुश एवं खुशहाल रहे। वैद्य के लिए यह दिन अति शुभ माना जाता है।
   दिवाली के एक दिन पूर्व यानी 11 नवंबर  नरक चतुर्दशी व छोटी दीपावली का त्योहार आएगा। यह पर्व श्रद्धा एवं उल्लास से मनाया जाता है। इस दिन सुबह सवेरे स्नान करना लाभप्रद माना जाता है। अत: लोग सूर्योदय से पूर्व ही स्नान करते हैं। इस पर्व को ग्रामीण क्षेत्रों में छोटी दिवाली का पर्व कहा जाता है। नरक चतुर्दशी का पर्व असुर नरकासुर की याद दिलाता हैं। अति अभिमानी और देवताओं को सताने वाला नरकासुर राक्षस का भगवान् श्रीकृष्ण ने इसी दिन वध किया था। कहीं मृत्यु का देवता उन्हें नरक न प्रदान करे। इस भय के मारे लोग यमराज की पूजा करते हैं। इसे दूसरे दिन की दिवाली भी कहा जाता है।
12 नवंबर दिवाली का पर्व अंधेरे को मिटाने वाला तथा प्रकाश रूपी पुष्प भेजने वाला हिन्दुओं का महान पर्व है। जब भगवान् श्रीराम को 14 वर्षों का वनवास भेजा गया था तभी से प्रजाजन अति दु:खी थे और पल.पल उनको याद करते रहते थे। आखिरकार एक दिन रावण ने सीता का ही हरण कर लिया और उन्हें लंका ले गया। हनुमान की सहायता से जब सीता का पता लगाया तो भगवान् श्रीराम ने लंका पर धावा बोलकर रावण का वध कर दिया जिसे दशहरा नाम दिया गया । उस दिन पश्चात श्रीराम अयोध्या के लिए लौट चले थे। जब श्रीराम अयोध्या लौटे तो लोगों ने खुशी के मारे तीन दिन देशी घी के दीये जलाए थे। तभी से यह त्योहार धूमधाम से मनाया जा रहा है। अमावस्या के दिन घोर अंधेरा होता है किंतु दीप जलाकर इस अंधेरे को नष्ट कर दिया जाता है। इस त्योहार पर घरों और आवास को चमकाया जाता है। लक्ष्मी सरस्वती और गणेशजी की पूजा की जाती है।
   दिवाली के अगले दिन अर्थात 13 नवंबर अन्नकूट का पर्व मनाया जाता है। इसे गोवर्धन नाम से भी जाना जाता है। इस दिन मंदिरों में खिचड़ी व कढ़ी बांटी जाती हैं जिसे प्रत्येक जन चाव से खाता है। गोवर्धन पर्व से जुड़ी है श्रीकृष्ण और इन्द्र देव के बीच का प्रसंग। एक बार इंद्र देव भगवान् श्रीकृष्ण से कुपित हो गए और मूसलाधार वर्षा करने लगे। गोकुल में इतनी भारी वर्षा देखकर ग्रामीण भयभीत हो गए और चारों ओर त्राहि.त्राहि मच गई। जीव जल में डूबकर मरने लगे तो ग्रामीण दौड़कर भगवान् श्रीकृष्ण के पास आए। भगवान् श्रीकृष्ण ने उस वक्त गोवर्धन पर्वत ही अपनी अंगुली पर उठा लिया और गोकुलवासियों को उसके नीचे आने का आदेश दिया। इस प्रकार इंद्र का गर्व चूर.चूर हो गया और खुश होकर ग्रामीणों ने गोवर्धन पर्वत की पूजा की। इसी दिन आजकल गाय आदि की पूजा करने का विधान भी है। विश्वकर्मा जयंती भी मनाई जा रही है।
   दिवाली के दूसरे दिन यानी 14 नवंबर को भैया दूज नाम से जाना जाता है। यह पर्व भाई बहन के अटूट प्रेम को दर्शाता है। विवाहित महिलाएं इस दिन अपने भाई को बुलाकर उनका आदर सत्कार करती हैं। तथा उनके दर्शन किए बगैर अन्न भी ग्रहण नहीं करती हैं। बहन भाई को तिलक करके उसकी लंबी उम्र की कामना करती है। इस दिन बहनें अपने भाई की लंबी उम्र के लिए यमराज की पूजा करती हैं। इस प्रकार दिवाली का पर्व पूरे पांच दिनों तक चलने वाला पर्व हैजिसका महत्व आज भी ग्रामीण क्षेत्रों में उतना ही है जितना पहले कभी होता था।





प्रदूषण रहित दीवाली मनाने का लिया संकल्प
-प्रदूषण से हो रहा है जीना हराम
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कनीना की आवाज। लोगों में धीरे धीरे आई जागरूकता के चलते इस बार प्रदूषण रहित दीवाली मनाने के लिए युवा एवं बुजुर्ग आगे आने लगे हैं। दीवाली के दिन दीये जलाकर, घर की मिठाई खाकर मनाएंगे। दीवाली को हंसी खुशी, भाईचारा एवं एकता के साथ एक दूसरे को मिठाई बांटकर मनाना चाहते हैं।  इस बार दीवाली पर युवा एवं बुजुर्ग जागृत हैं और वे प्रदूषण के विषय में जानते हैं। मैत्रीभाव से मिलकर दीवाली मनाने का निर्णय लेने वालों की होड़ लगी हुई है। दीये जलाने व शहीदों की याद में एक एक दीया जलाने का निर्णय लिया है।
पटाखों से भारी प्रदूषण होता है जहां कोर्ट के आदेशों के चलते राहत मिली है वहीं लोग जागरूक हुए हैं। यहां तक कि सांस लेना भी मुश्किल हो जाता है। ऐसे में वे पेड़ पौधे लगाकर तथा लोगों को सादगीपूर्ण दीवाली मनाने को प्रेरित करेंगे। प्रदूषण बहुत खल रहा है।
--समाजसेवी विजयपाल
प्रसिद्ध पर्व पर प्रदूषण क्यों करें? हवन आदि करके वातावरण को शुद्ध रखने का प्रयास किया जाएगा। लोगों को प्रेरणा देकर पटाखे न चलाने या बहुत कम चलाने पर बल दिया जाए। गले मिलकर मिठाई का आदान प्रदान करके ही दीवाली का आनंद आएगा। खुशियों का त्योहार है इसमें नाखुशी कैसे बर्दाश्त की जाए?
   --राजेश कुमार लूखी
 प्रेम, भाईचारा, एकता का पर्व दीवाली है। इस पर्व पर प्रदूषण करके बुजुर्ग एवं रोगियों के लिए सांस लेने की तकलीफ पैदा हो जाती हैं।  ऐसे में अगर प्रदूषणरहित दीवाली सबके मन को लुभाएगी। मिठाइयां बांटकर दीवाली मनाने पर बल दिया जाना चाहिए।
 -निर्मल कुमार नांगल हरनाथ
 देसी घी के दीये में डालकर दीपावली के दिन बुजुर्ग पुराने समय से जलाते आ रहे हैं। बुजुर्ग बहुत बुद्धिमान थे। पर्व पर तेल या मोमबत्ती जलाना अशुभ मानते थे। अब उन्हीं के कदमों पर चलकर वे इस बार दीवाली को देसी घी के दीयों से मनाएंगे और दूसरों को भी प्रेरित करेंगे।
---जसवंत सिंह समाजसेवी कनीना
 देसी घी के दीये जलाकर हिंदुओं के महान पर्व को मनाना अति लाभदायक एवं फलदायक होता है। देसी घी के दीये जलाने प्रदूषण नामक बीमारी से बचा जा सकता है। वैसे भी घरों में पशुधन मिलता है और देसी घी भी आसानी से मिल जाता हे। ऐसे में इस पर्व पर देसी घी के दीये ही जलाएंगे।
   डा मुंशीराम नांगल मोहनपुर
 न केवल स्वयं देसी घी के दीये जलाएंगे अपितु दूसरों को भी इस बार देसी घी के ही दीये जलाने के लिए प्रेरित करेंगे। उनके अनुसार देसी घी के दीये जलाना एक हवन या यज्ञ के बराबर होता है। पर्यावरण का प्रदूषण दूर होता है तथा सुगंधित वातावरण बन जाता है। दीये का प्रकाश जहां तक जाता है वहां तक हानिकारक कीट नष्ट हो जाते हैं।
---महेश बोहरा
फोटो कैप्शन: राजेश कुमार, विजयपाल, निर्मल कुमार, महेश कुमार, जसवंत सिंह, डा मुंशीराम।





धन तेरस की हो गई है तैयारी
-बर्तनों की दुकानें सजी
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कनीना की आवाज। कनीना क्षेत्र में मंगलवार को धन तेरस के पर्व को लेकर बाजार में तैयारियों शुरू हो गई हैं। कुछ दिनों से बर्तनों की दुकानें सजी हुई थी और ग्राहक आने का इंतजार है। धन तेरस को सबसे ज्यादा बर्तन बिकते हैं।
  कनीना क्षेत्र में गुरुवार से ही दिवाली पर्व की तैयारियां चरम पर हैं। बाजारों में भारी रौनक देखने को मिली है वहीं बर्तनों की दुकानों पर लोगों ने बर्तन सजा दिये गये हैं।
 दिवाली की रौनक के चलते बाजार सजने लगे हैं। दिवाली के पर्व को महज तीन दिन ही बाकी हैं और बाजार में रौनक आने लगी है। बाजार सजने लगे हैं। अब तक ऐसा लग रहा था कि रौनक फीकी रहेगी किंतु अब धीरे-धीरे बाजार सजने लगे हैं।  धीरे-धीरे बाजार में रौनक आने लगी है और भीड़ के चलते आवागमन में परेशानी होने लगी है। मुख्य मार्गों पर भी दुकानों की वजह से मार्ग संकीर्ण बन गए हैं।
  बर्तन विक्रेता रमेश कुमार ने बताया कि धन तेरस के दिन का लंबे समय से इंतजार होता है। इस दिन अन्य दिनों की बजाय सबसे ज्यादा बर्तन बिकते हैं। इस दिन लगभग हर घर से बर्तन खरीदने के लिए बाजार आते हैं। बर्तन वालों के लंबी कतार देखने को मिलेगी।
  ज्योतिषाचार्य अरविंद वशिष्ठ का कहना है कि धन तेरस के दिन ही राक्षसों एवं देवताओं के बीच हुए समुद्र मंथन से अमृत निकला था जिसे पाने के लिए देवता अपना अपना बर्तन लिए बैठे थे और धनवंतरि सभी को अमृत बांट रहे थे। उसी दिन से माना जाता है कि धनवंतरि उन्हें अमृत बाटने आते हैं। इस दिन लोग नए बर्तन में धनवंतरि से अमृत पाने की इच्छा से बर्तन खरीदते हैं।
फोटो कैप्शन 02:बर्तन की दुकानों पर बर्तन बेचते एवं खरीदते लोग।


    


एक को न्यायालय ने किया भगोड़ा घोषित, मामला दर्ज
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कनीना की आवाज। कनीना न्यायालय में राकेश नामक व्यक्ति के समय पर न पहुंचने के चलते भगौड़ा घोषित किया है। साथ में पुलिस को आदेश दिया कि राकेश पर मामला दर्ज किया जाए। पुलिस ने उसे भगोड़ा घोषित करते हुए मामला दर्ज कर लिया है।




पटाखे नहीं चलाएंगे,घर की बनी मिठाई खाएंगे
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कनीना की आवाज। इस बार क्षेत्र के युवा घर की बनी मिठाई खाकर,चाइनीज आइटम नहीं खरीदेंगे और दीपावली सादगी से मनाएंगे।  दिवाली को घी के दीये जलाकर एवं आपस में मिलकर दिवाली मनाना चाहते हैं। वे एक नारा लगा रहे हैं कि घर की मिठाई खाकर, आपस में मिलकर घी के दीये जलाएंगे। देसी घी के भाव अधिक होने से मजबूरन लोग मोमबत्ती जलाते हैं किंतु मुख्य दीया घी का ही जलाते आ रहे हैं। उनका मानना है कि लाखों रुपये चाइनीज आइटम पर खर्च होते हैं वे खर्च नहीं किए जाएंगे।  क्या कहते हैं दिवाली मनाने वाले-
 चीन के बने सामान, लाइट आदि नहीं खरीदेंगे। देसी घी को दीये में डालकर दिवाली के दिन बुजुर्ग पुराने समय से जलाते आ रहे हैं। बुजुर्ग बहुत बुद्धिमान थे। पर्व पर तेल या मोमबत्ती जलाना अशुभ मानते थे। अब उन्हीं के कदमों पर चलकर वे इस बार दिवाली को देसी घी के दीयों से मनाएंगे और दूसरों को भी प्रेरित करेंगे।  
--भीम सिंह समाजसेवी
वे कई वर्षों से देसी घी के दीये जलाते आ रहे हैं। न केवल बड़ी या छोटी दिवाली अपितु मुख्य दिवाली के दिन घर में विभिन्न स्थानों पर रखे जाने वाले समस्त दीये देसी घी से ही जलते हैं। उनके अनुसार देसी घी का दीया जलाने का अर्थ है कि वातावरण की देखभाल करना तथा सभी के जीवन की मंगलकामना करना। उन्होंने इन दीयों को अंधकार दूर करने वाला तथा दिलों में शुद्धता भरने वाला प्रतीक बताया। चीन के बने दिवाली के आइटमों से दूर रहने की सलाह दी है।
 -- नरेश कुमार शिक्षक
चाइनीज कोई आइटम नहीं खरीदेंगे। वे न केवल स्वयं देसी घी के दीये जलाएंगे अपितु दूसरों को भी इस बार देसी घी के ही दीये जलाने के लिए प्रेरित करेंगे। उनके अनुसार देसी घी के दीये जलाना एक हवन या यज्ञ के बराबर होता है। पर्यावरण का प्रदूषण दूर होता है तथा सुगंधित वातावरण बन जाता है। दीये का प्रकाश जहां तक जाता है वहां तक हानिकारक कीट नष्ट हो जाते हैं।
  ---मुकेश नंबरदार कनीना मंडी
हमारी संस्कृति के अनुसार घी के दीये जलाना शुभ माना जाता है और ऐसे में वे देशी घी के दीये स्वयं भी जलाते हैं और दूसरों को भी प्रेरित करते हैं। उन्होंने कहा कि बाजार की मिठाई नहीं खरीदेंगे, चाइनीज आइटमों का बहिष्कार करेंगे, पटाखों को नहीं चलाएंगे, दीये खरीदने पर बल देंगे।
   ---- कैलाश पाली समाजसेवी



















Wednesday, November 8, 2023





 

 राष्ट्रीय विधिक सेवा दिवस -9 नवंबर
सभी नागरिकों के लिए उचित निष्पक्ष न्याय के प्रति जागरूकता सुनिश्चित करना है उद्देश्य-एडवोकेट पंकज
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कनीना की आवाज। सभी नागरिकों के लिए उचित निष्पक्ष न्याय प्रक्रिया सुनिश्चित करने के लिए तथा जागरूकता फैलाने के लिए देश में हर वर्ष 9 नवंबर को राष्ट्रीय कानूनी सेवा दिवस मनाया जाता है। इस दिन को मनाने के उद्देश्य समाज के कमजोर वर्गों के लोगों को मुफ्त, कुशल कानूनी सेवाएं प्रदान करना है। यह कमजोर वर्ग के लोगों को मुफ्त सेवाओं की उपलब्ध का निश्चित करने के साथ-साथ उन्हें उनके अधिकारों के बारे में जागरूक करने का भी प्रयास है। इस दिवस के संबंध में कुछ अधिवक्ताओं से चर्चा हुई जिनके विचार निम्न थे -
नागरिकों को कानूनी सेवा प्राधिकरण अधिनियम के विभिन्न प्रावधानों और अधिकारों के बारे में शिक्षित करने के लिए राष्ट्रीय कानूनी सेवा दिवस मनाया जाता है। इस दिन प्रत्येक क्षेत्राधिकार में कानूनी सहायता शिविर, लोक अदालत, कानूनी सहायता कार्यक्रम आदि आयोजित किए जाते हैं। इस दिन का लक्ष्य वादियों के अधिकारों के साथ-साथ कानूनी सेवा प्राधिकरण अधिनियम के विभिन्न वर्गों के बारे में जन जागरूकता बढ़ाना है।
 --  पंकज एडवोकेट
 गरीब और कमजोर वर्गों को सहायता प्रदान करने के लिए 1995 में सर्वोच्च न्यायालय द्वारा शुरू किया गया यह दिन महिला, विकलांग व्यक्ति, अनुसूचित जाति बच्चों, अनुसूचित जातियों, मानव तस्करी पीडि़तों के साथ-साथ प्राकृतिक आपदाओं के शिकार लोगों को सहायता प्रदान करता है।
  एडवोकेट संदीप कनीनवाल
 नालसा के अनुसार अप्रैल 2017 से जून 2018 के मध्य देश में करीब 8. 22 लाख लोग कानूनी सहायता के माध्यम से लाभ पाने वाले थे परंतु भारत में निशुल्क विधिक सेवाओं को लेकर जागरूकता का अभाव है। इन सेवाओं को लेकर ऐसा माना जाता है कि ये सेवाये पर्याप्त नहीं हैं। निशुल्क विधिक सेवा का लाभ पुलिस जांच के दौरान उपलब्ध नहीं होता। लीगल सर्विसेज अथॉरिटी के पास पर्याप्त वकील नहीं है या फिर ऐसे वकीलों को मामले सौंप दिए जाते जिनको कम अनुभव होता है।
--दिनेश एडवोकेट
विधिक सेवाओं को उपलब्ध कराने वाले वकीलों का एक अलग कैडर बनाया जाना चाहिए। विधिक सेवाओं से जुड़े स्वयं सेवकों को प्रोत्साहित करना चाहिए। कॉलेज में विधिक परामर्श केंद्र ग्रामीण स्तर पर ग्राम पंचायती तैयारी को बढ़ावा दिया जाना चाहिए। विधिक सेवाओं उपलब्ध कराने का प्रयास हर संभव स्थान पर कराना चाहिए।  राष्ट्रीय विधिक सेवा के समाज के कमजोर वर्ग के लोगों के लिए कानूनी सुरक्षा और प्रावधानों का वादा करता है। इससे विवादों की निपटारे में मदद मिलती है
--एडवोकेट राजेश कुमार
 फोटो कैप्शन राजेश कुमार एडवोकेट,पंकज एडवोकेट, दिनेश एडवोकेट,,संदीप एडवोकेट।





केंद्र सरकार के भरोसे पर बैठे किसान, 241वें  दिन जारी रहा धरना
-अनिश्चितकालीन धरने पर हैं किसान
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कनीना की आवाज। राष्ट्रीय राजमार्ग 152डी पर सेहलंग -बाघोत के बीच कट के लिए ग्रामीणों का धरना जारी है। बुधवार को धरने की अध्यक्षता दाताराम बाघोत ने की और उन्होंने बताया कि हम केंद्र सरकार के भरोसे पर धरना स्थल पर बैठे हुए हैं, जब तक केंद्र सरकार राष्ट्रीय राजमार्ग 152डी पर  बाघोत -सेहलंग के बीच कट का काम शुरू नहीं करती है, तब तक हमारा धरना जारी रहेगा। उन्होंने बताया कि धरने को चलते 241 दिन हो गए हैं। धरने पर बैठे बुजुर्ग किसानों को आज से नौवां महीना शुरू हो गया है। केंद्र सरकार  किसानों के दुख-दर्द को समझे और जितना जल्दी हो सके  राष्ट्रीय राजमार्ग 152डी पर बाघोत -सेहलंग के बीच कट का काम शुरू करवाया जाए ।
 धरना संघर्ष समिति के अध्यक्ष विजय सिंह चेयरमैन,  संघर्ष समिति के संयोजक पहलवान रणधीर सिंह बाघोत ने बताया कि हम केंद्र सरकार के आश्वासन के बाद शांतिपूर्वक और संयम के साथ धरना स्थल पर बैठे हुए हैं। हमें पूरा विश्वास है कि केंद्र सरकार के द्वारा राष्ट्रीय राजमार्ग 152डी पर बाघोत -सेहलंग के बीच कट अवश्य बनेगा, लेकिन अब तक सरकार के द्वारा कट का काम शुरू नहीं किया गया है। जब तक कट का काम शुरू नहीं होगा, धरना जारी रहेगा।
उन्होंने बताया कि धरना स्थल पर बैठे बुजुर्ग किसानों को लग रहा है कि केंद्र सरकार उनकी मांग पर अनदेखी कर रही है। आश्वासन के बाद राष्ट्रीय राजमार्ग 152डी पर बाघोत -सेहलंग के बीच कट का काम शुरू ना होने के कारण  किसानों को शंका होना स्वाभाविक है। केंद्र सरकार राष्ट्रीय राजमार्ग 152डी पर कट का काम शुरू करें, जिससे किसान चैन की सांस ले सके। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार को बुजुर्ग किसानों की मांग पर गौर किया जाए और जल्दी से जल्दी आगे की कार्रवाई करके कट का काम शुरू करवाया जाए।
 इस मौके पर धरना संघर्ष समिति के अध्यक्ष   विजय सिंह चेयरमैन,  संघर्ष समिति के सदस्य नरेंद्र शास्त्री छिथरोली, पहलवान धर्मपाल सेहलंग, संघर्ष समिति के सदस्य सरपंच हरिओम पोता, पूर्व सरपंच सतवीर सिंह नौसवा, डा. लक्ष्मण सिंह, पूर्व सरपंच हंस कुमार,  रामकुमार , पूर्व सरपंच बेड़ा सिंह, ओमप्रकाश, सूबेदार हेमराज अत्री, नंद कुमार, ईश्वर सिंह, मास्टर  विजयपाल , डॉ ओमप्रकाश, मनफूल, रघुवीर पंच, भरत सिंह, रामभक्त,  शेर सिंह,  मुख्तार सिंह,  सीताराम, रामभज, करण सिंह, बाबूलाल, दाताराम, इंस्पेक्टर सतनारायण , सूबेदार भोले राम , वेद प्रकाश, सत्य प्रकाश, रामकिशन, रोशन लाल आर्य,  प्यारेलाल,  सूबे सिंह पंच, डॉ राम भक्त  व गणमान्य लोग मौजूद थे।
फोटो कैप्शन 01:कट की मंग को लेकर धरने पर बैठे ग्रामीण।






दिवाली पर खर्च की जाने वाली राशि खर्च होगी जनहित में
-पटाखों के प्रदूषण से बचना चाहते हैं समाजसेवी
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कनीना की आवाज। दीपों का त्योहार दिवाली मनाने के ग्रामीण क्षेत्रों में अलग ही ढंग हैं। जहां पटाखों से आम आदमी दूर भागता है वहीं दूसरों को भी प्रदूषण से बचने की बात कहने लगा है। सरकार ने तो पटाखों पर कुछ प्रतिबंध लगा रखा है। किसानों के अगली फसल में व्यस्त रहने के कारण दिवाली की रौनक फीकी ही नजर आती है। अधिकांश लोग पटाखे चलाने के विरुद्ध हैं। पटाखों पर खर्च होने वाली राशि को जनहित में खर्च करना चाहते हैं। प्रदूषण बढ़ता ही जा रहा है।
दिवाली के दिन जहां दीपों व मोमबत्तियों से घर की रौनक बढ़ती है वहीं पटाखों के चलते वातावरण दूषित हो जाता है। ग्रामीण क्षेत्रों में तो पटाखे चलाने की परम्परा देर रात तक चलती है। पटाखे चलाने में बालक, युवा तथा वृद्ध नियम रहित होकर गलियों में व्यस्त देखे जा सकते हैं। जहां        अधिकांश जन प्रदूषण से बचने के लिए घरों में एकांत में बैठ जाता है। ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों से पटाखे चलाने के बारे में पूछे जाने पर अधिकांश ने पटाखे चलाना अनुचित बताया है। आम लोगों का कहना है कि पटाखे चलाने से जहां कर्णफोड़ू ध्वनि में जीना हराम हो जाता है वहीं प्रदूषण इतना बढ़ जाता है कि सांस लेना भी दूभर हो जाता है।
क्या कहते हैं समाजसेव
दिवाली के दिन प्रदूषण नहीं करेंगे। पटाखे स्वयं नहीं चलाएंगे और पटाखे न चलाने की प्रेरणा देंगे। इस बार पटाखों पर खर्च की जाने वाली राशि को सरकारी स्कूल के छोटे बच्चों पर खर्च कर उन्हें कापी, किताब, पेंसिल एवं पेन देकर उन पर खर्च करेंगे। इससे बच्चों का मनोबल बढ़ेगा और प्रदूषण भी कम होगा।
   --कंवरसेन वशिष्ठ पूर्व मुख्य शिक्षक
 न तो पटाखे चलाएंगे और न अपने साथियों को चलाने देंगे। वे प्रदूषण के विरुद्ध है। दिवाली के पर्व पर सांस लेना दूभर हो जाता है। ऐसे में प्रदूषण नहीं करने देंगे।  इस बार पटाखों पर खर्च होने वाली राशि को पेड़ पौधों पर खर्च करेंगे साथ में उससे प्राप्त अन्न से जंगली पक्षियों एवं जीवों की सुरक्षा पर खर्च करेंगे। आने वाली गर्मियों में जंगली जीवों के लिए अन्न एवं जल का प्रबंध करेंगे।
    ----राजेंद्र सिंह वृक्षमित्र
 प्रदूषण को रोकने के लिए सार्थक प्रयास करेंगी। वे पटाखों पर खर्च होने वाली राशि को गायों के लिए दान देंगी। इससे पटाखों से होने वाले प्रदूषण पर भी काबू पाया जाएगा वहीं पटाखों की राशि गायों की सेवा में लग जाएगी।  महिलाओं से भी कम से कम प्रदूषण करने की प्रार्थना की है। दिवाली के दिन पटाखों के प्रदूषण से जीना मुहाल हो जाता है। पटाखों पर खर्च होने वाली राशि से फल एवं फूलदार पेड़ एवं पौधे खरीदकर अपने प्लाट में लगाकर प्रदूषण को रोकेंगे। पटाखे चलाना अनुचित है जिससे प्रदूषण होता है और सांस लेना भी कठिन हो जाता है।
----कमला देवी,कनीना मंडी
फोटो कैप्शन:  कमला देवी, कंवरसेन वशिष्ठ, राजेंद्र सिंह





घर की मिठाई खाकर मनाएंगे दिवाली
-हो रही हैं दिवाली की तैयारी
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कनीना की आवाज। इस बार क्षेत्र के युवा घर की बनी मिठाई खाकर,चाइनीज आइटम नहीं खरीदेंगे और दीपावली सादगी से मनाएंगे।  दिवाली को घी के दीये जलाकर एवं आपस में मिलकर दिवाली मनाना चाहते हैं। वे एक नारा लगा रहे हैं कि घर की मिठाई खाकर, आपस में मिलकर घी के दीये जलाएंगे। देसी घी के भाव अधिक होने से मजबूरन लोग मोमबत्ती जलाते हैं किंतु मुख्य दीया घी का ही जलाते आ रहे हैं। उनका मानना है कि लाखों रुपये चाइनीज आइटम पर खर्च होते हैं वे खर्च नहीं किए जाएंगे।  क्या कहते हैं दिवाली मनाने वाले-
 चीन के बने सामान, लाइट आदि नहीं खरीदेंगे। देसी घी को दीये में डालकर दिवाली के दिन बुजुर्ग पुराने समय से जलाते आ रहे हैं। बुजुर्ग बहुत बुद्धिमान थे। पर्व पर तेल या मोमबत्ती जलाना अशुभ मानते थे। अब उन्हीं के कदमों पर चलकर वे इस बार दिवाली को देसी घी के दीयों से मनाएंगे और दूसरों को भी प्रेरित करेंगे।  
--भीम सिंह समाजसेवी
वे कई वर्षों से देसी घी के दीये जलाते आ रहे हैं। न केवल बड़ी या छोटी दिवाली अपितु मुख्य दिवाली के दिन घर में विभिन्न स्थानों पर रखे जाने वाले समस्त दीये देसी घी से ही जलते हैं। उनके अनुसार देसी घी का दीया जलाने का अर्थ है कि वातावरण की देखभाल करना तथा सभी के जीवन की मंगलकामना करना। उन्होंने इन दीयों को अंधकार दूर करने वाला तथा दिलों में शुद्धता भरने वाला प्रतीक बताया। चीन के बने दिवाली के आइटमों से दूर रहने की सलाह दी है।
 -- नरेश कुमार शिक्षक
चाइनीज कोई आइटम नहीं खरीदेंगे। वे न केवल स्वयं देसी घी के दीये जलाएंगे अपितु दूसरों को भी इस बार देसी घी के ही दीये जलाने के लिए प्रेरित करेंगे। उनके अनुसार देसी घी के दीये जलाना एक हवन या यज्ञ के बराबर होता है। पर्यावरण का प्रदूषण दूर होता है तथा सुगंधित वातावरण बन जाता है। दीये का प्रकाश जहां तक जाता है वहां तक हानिकारक कीट नष्ट हो जाते हैं।
  ---मुकेश नंबरदार कनीना मंडी
हमारी संस्कृति के अनुसार घी के दीये जलाना शुभ माना जाता है और ऐसे में वे देशी घी के दीये स्वयं भी जलाते हैं और दूसरों को भी प्रेरित करते हैं। उन्होंने कहा कि बाजार की मिठाई नहीं खरीदेंगे, चाइनीज आइटमों का बहिष्कार करेंगे, पटाखों को नहीं चलाएंगे, दीये खरीदने पर बल देंगे।
---- कैलाश पाली समाजसेवी
फोटो कैप्शन : भीम सिंह, कैलाश पाली, नरेश कुमार, मुकेश नंबरदार






 अंतर्राष्ट्रीय रेडियोग्राफी दिवस -08 नवंबर
एक्सरे की खोज करने वाले की वर्षगांठ के रूप में मनाया जाता है यह दिवस -डा धर्मेंद्र
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कनीना की आवाज। 8 नवंबर को अंतरराष्ट्रीय रेडियोग्राफी दिवस मनाया जाता है। आधुनिक स्वास्थ्य देखभाल में चिकित्सा इमेजिंग की भूमि को बढ़ावा देता है। 1895 में रोंटेंज ने एक्सरे का आविष्कार किया था जिसकी वर्षगांठ के रूप में यह दिवस मनाया जाता है। टूटी हुई हड्डियों एवं शरीर की हड्डियों की हालात का पता लगाने में अहम भूमिका निभाता है। इसे रेडियोलोजी दिवस के नाम से जाना जाता है। इसी दिन रोंटेंटज ने एक्सरे की खोज की थी। ग्रामीण क्षेत्रों में भी अब तो एक्स-रे मशीन लगाई जा चुकी है। एक वक्त था जब एक्सरे के लिए  दूर दराज जाना पड़ता था लेकिन अब ग्रामीण क्षेत्रों में भी एक-रे की मशीन लगा दी गई है। इस बाबत रोहतक से रेडियोलोजी का अध्ययन कर रहे  डॉक्टर धर्मेंद्र यादव, जो कनीना उप नागरिक अस्पताल में एसएमओ की भूमिका भी निभा चुके हैं, ने बताया कि 8 नवंबर 1895 को एक्सरे की खोज की थी और अमूल्य उपहार दिया था। यही कारण की 1901 में भौतिक शास्त्र में रोंटेंज को नोबेल पुरस्कार दिया था। उन्होंने बताया कि कभी कभी इंसान दयालु होने के नाते बहुत कुछ कर जाते हैं। ऐसे ही दयालु इंसान जब रोंटेंज थे जिन्होंने एक्सरे की खोज कर दी किंतु पेटेंट करवाने की बात आई तो उन्होंने मना कर दिया था तथा पुरस्कार में मिली हुई राशि को भी दान कर दिया था। ऐसे महान व्यक्तियों के कारण ही आज चिकित्सा क्षेत्र में कितने ही लोगों की जान बचाई जा रही है।
डा. धर्मेंद्र बताते हैं कि रेडियोग्राफी चिकित्सा प्रतिबिंबन की वह तकनीक है जो दृश्य प्रकाश के अतिरिक्त विद्युत चुंबकीय का उपयोग करती है। यह तकनीक विधि मानव शरीर के अंगों को देखने का एक जरिया है। ये किरणें जनित्र द्वारा पैदा की जाती है और जिस वस्तु का चित्रण करना होता है उसे पर प्रक्षेपित किया जाता है। एक्स किरणें वस्तु की दूसरी तरफ एक फोटोग्राफिक फिल्म या डिजिटल डिटेक्टर द्वारा ग्रहण की जाती है जिसकी छाप 2-डी के रूप में प्राप्त होती है। इस तकनीक का उपयोग चिकित्सा, किए गए अविनाशकारी परीक्षण, खाद्य निरीक्षक सुरक्षा ,पुरातात्विक सर्वेक्षण आदि में किया जाता है।
उन्होंने बताया कि रेडियोग्राफर मशीन का उपयोग सही ढंग से करें ताकि लोगों को खतरनाक किरणों से से बताएं बचाया जा सकता है। इस समय रेडियोग्राफी के विषय में लोगों को जागरूक करने की भी आवश्यकता है। विशेष ध्यान एक्सरे रूम में जाए तो विशेष कपड़े जरूर पहनें, वहां यदि कोई गर्भवती महिला सीटी स्केनिंग करवाती तो डाक्टर को जरूर बताएं। एक्स-रे मशीन में मरीज होना चाहिए यदि अटेंडेंट भी जाता है तो विशेष कपड़े पहनना चाहिए।
 फोटो कैप्शन: डॉक्टर धर्मेंद्र रेडियोलोजी के पीजी कोर्स के विद्यार्थी एवं कनीना उपनागरिक अस्पताल के पूर्व एसएमओ।

 

 



जिला प्रशासन के मार्गदर्शन में कनीना ब्लॉक का दौरा कर रामबास गांव के विकास कार्यों की जानकारी ली
--पंचायती राज एवं विकास से संम्बन्धित जानकारी उपलब्ध कराइ
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कनीना की आवाज। हरियाणा ग्रामीण विकास संस्थान नीलोखेड़ी की टीम ने जिला प्रशासन के मार्गदर्शन में कनीना ब्लॉक का दौरा कर रामबास गांव के विकास कार्यों की जानकारी ली एवं ग्रामवासियों का मार्गदर्शन भी किया। टीम में ट्रेनर रामचंद्र पूनिया एवं पिंकी यादव ने उपस्थित लोगों को पंचायती राज एवं विकास से संम्बन्धित जानकारी उपलब्ध कराई।
ट्रेनर रामचंद्र आरसी पूनिया ने कहा कि गांव में विकास कार्यों के लिए हो रहे प्रयासों को देखकर अच्छा लगा। खासकर बेस्ट टू वेस्ट का उदाहरण देते हुए कहा की युवाओं के प्रयास से ग्राम पंचायत ने जो खाली पड़ी जगह पर बाग बनाया है यह बहुत ही सराहनीय कदम है। हरियाणा सरकार से की जा रही ग्राम पंचायत योजना का उद्देश्य गांव का समुचित विकास करना है। ट्रेनर ने सलाह भी दी की ग्राम के सभी लोगों की भागीदारी से गांव के विकास एवं निर्माण कार्य को किया जाए। जो पंचायत जो प्लान बनाकर भेजते हैं उन्हें एफएफसी की ग्रांट जारी होती।  ग्राम पंचायत विकास योजना के तहत अपनी ग्राम पंचायत का प्लान तैयार करें ग्राम स्वराज पोर्टल पर अपलोड अवश्य करें।
ट्रेनर पिंकी यादव ने कहा कि केवल गली और नाली का निर्माण ही विकास नहीं है आप सतत विकास के लिए योजनाबद्ध तरीके से गांव में कार्य करें। पंचायत पांच वर्षों का लक्ष्य बनाकर निरंतर विकास कार्यों के लिए प्रयासरत रहे।  ग्राम विकास की परिकल्पना का दायरा बेहद व्यापक है। हरियाणा और भारत सरकार की योजनाओं के माध्यम से पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधि गांव का समग्र विकास करा सकते हैं। इंद्रधनुष ग्राम योजना भी समग्र ग्रामीण विकास के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम साबित हुआ है। पिंकी यादव ने उपस्थित ग्रामीणों से आह्वान करते हुए अनुरोध भी किया कि ग्राम पंचायत में पेयजल की बर्बादी को रोकने के लिए भी अभियान चलाएं ताकि पेयजल की बर्बादी ना हो।  हर घर तक पेयजल पहुंचाएं एवं अन्य लोगों को भी जागरूक करें ।
इस दौरान सरपंच प्रतिनिधि कुलदीप सिंह, ग्राम सचिव दिनेश कुमार, सतीश कुमार, अनिल कुमार, राजपाल, जितेंद्र, संजीव कुमार, नंबरदार वेदप्रकाश, रमेश चौकीदार, मनोज, अमित, लालाराम, राकेश, राजेंद्र यादव, इंद्रजीत, यशवंती सरपंच इसराना, पंच मोहित कुमार सहित अन्य ग्रामीण उपस्थित थे।
फोटो कैप्शन 09: टीम खेतों का दौरा करते हुए।
             10: स्कूल का दौरा करते हुए टीम। 




राजकीय महाविद्यालय



















कनीना में रक्तदान शिविर का आयोजन
-45 यूनिट रक्त किया इकट्ठा
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कनीना की आवाज। राजकीय महाविद्यालय कनीना में राष्ट्रीय स्वयंसेवा योजना के तत्वाधान में मंगलवार को रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। इसमें मुख्य अतिथि के रूप में प्रो -वाइस चांसलर केंद्रीय विश्वविद्यालय हरियाणा डा. सुषमा यादव उपस्थित रही। उन्होंने बताया कि रक्तदान से बड़ा कोई दान नहीं।  इससे लोगों की जान बचाई जा सकती है। उन्होंने बताया एनएसएस यूनिट द्वारा रक्तदान शिविर का आयोजन कर युवाओं को उनके कर्तव्य के प्रति जागरूक करने का काम किया। इससे दिल की बीमारी तथा दिल के दौरे के खतरे को कम  किया जा सकता है । कार्यक्रम अधिकारी प्रोफेसर संदीप ककरालिया ने बताया कि रक्तदान शिविर में 45 यूनिट रक्त एकत्रित किया गया । राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवकों के अलावा कई आम लोग भी शामिल हुए। शिविर में रक्तदान करने वालों के लिए दूध, केले आदि जलपान की व्यवस्था की गई।  उन्होंने बताया पूरी प्रक्रिया पर नजर रखने तथा रक्त एकत्रित करने के लिए पांच डाक्टरों की टीम नियुक्त किया गया। जिला रेड क्रास सोसाइटी से सुनील कुमार, मनोज कौशिक,डाक्टर तमन्ना शर्मा, दीपक वशिष्ठ आदि उपस्थित रहे। महाविद्यालय प्राचार्य डा सुरेंद्र सिंह यादव ने सभी स्वयसेवक का धन्यवाद किया। इस मौके पर डॉ विनोद यादव, प्रो हरिओम, प्रो भारती यादव, प्रो घनश्याम, डा यतेंद्र राव, प्रो मंजू, प्रो मनीषा, प्रो ननिता आदि मौजूद रहे।
फोटो कैप्शन 06: रक्तदानकर्ता के साथ प्रो वाइस चांसलर एवं अन्य।


मौसम में हो रहा है उतार चढ़ाव
--महेंद्रगढ़ में छाये रहेंगे बादल, अतिशबाजी पर लगा प्रतिबंध
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कनीना की आवाज।। हरियाणा एनसीआर दिल्ली में लगातार मौसम में बदलाव और तापमान में उतार चढ़ाव देखने को मिल रहा है। नवंबर  महीने का पहला सप्ताह बीत चुका है अभी भी  सर्दी के तेवर नरम चल रहे हैं।  सम्पूर्ण इलाके में तापमान में उतार-चढ़ाव बना हुआ है, हालांकि रात्रि तापमान में हल्की गिरावट और दिन में गर्माहट महसूस हो रही है अभी पंखे चल रहे हैं। रात में भी सर्दी के तेवर अभी ढीले रहे हैं नवंबर महीने में कड़ाके की सर्दी देखने को मिलती हैं जबकि इस बार  केवल सुबह के समय मीठी गुलाबी ठंड ही देखने को मिल रही है । वहीं लगातार जहरीली हवाओं और धुआं धुंध और धूल ने सम्पूर्ण इलाके में लगातार वायु गुणवत्ता में गिरावट दर्ज हो रही है।  मौसम विशेषज्ञ डॉ चंद्रमोहन ने  बताया कि एक के बाद सिरियल में कमजोर पश्चिमी विक्षोभ उत्तरी पर्वतीय क्षेत्रों पर सक्रिय होने से लगातार और बार बार हवाओं की दिशा में बदलाव देखने को मिल रहा है  जिसकी वजह से मौसम में बदलाव साथ ही साथ तापमान में और वायु गुणवत्ता सुचकांक में आंशिक उतार चढाव भी दर्ज हो रहा है ।  वर्तमान परिदृश्य में एक कमजोर पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय है।जो आज रात्रि को आगे निकल जाएगा इसके पीछे बैक टू बैक  एक और पश्चिमी विक्षोभ उत्तरी पर्वतीय क्षेत्रों पर सक्रिय होने से  अगले 24- 48 घंटे में सक्रिय होने पर एक प्रेरित चक्रवातीय सरकुलेशन दक्षिणी पंजाब और उत्तरी राजस्थान पर बनने से  हरियाणा एनसीआर दिल्ली में मौसम में बदलाव होने  की संभावना बन रही है। जिसकी वजह से हरियाणा एनसीआर दिल्ली के 25-30 प्रतिशत हिस्सों में 9-10 नवंबर के दौरान विशेषकर पंजाब से सटे हिस्सों सिरसा फतेहाबाद हिसार कैथल जींद पंचकूला अंबाला और साथ ही साथ यमुनानगर कुरुक्षेत्र करनाल पानीपत रोहतक और एनसीआर दिल्ली में  हल्की बारिश/ बूंदाबांदी की गतिविधियों को दर्ज किया जाएगा। इस दौरान एक दो स्थानों पर गरज चमक के साथ ओलावृष्टि और तेज गति से हवाएं चलने की संभावना है। जबकि शेष हरियाणा में  भिवानी महेंद्रगढ़ रेवाड़ी झज्जर चरखी दादरी गुडग़ांव फरीदाबाद पलवल सोहना तावडू नूंह मेवात में केवल बादल वाही और बिखराव वाली हल्की बूंदाबांदी/ बारिश की गतिविधियों को दर्ज किया जाएगा। इस दौरान हरियाणा एनसीआर दिल्ली में बढ़े हुए प्रदूषण और जहरीली हवाओं से आमजन को राहत मिलेगी। साथ ही सम्पूर्ण इलाके में वायु गुणवत्ता सुचकांक में सुधार होने की संभावना बन रही है। इसके अलावा 11 नवंबर को यह मौसम प्रणाली आगे निकल जाएगी। जिसकी वजह से सम्पूर्ण इलाके में तापमान में गिरावट, धुंध कोहरा अपने रंग दिखाएंगे और एक बार फिर से  वायु गुणवत्ता सुचकांक में गिरावट दर्ज होगी। आज  दोपहर बाद 3.30 बजे जिला महेंद्रगढ़ में नारनौल का वायु गुणवत्ता सुचकांक 290 रहा  है।वायु गुणवत्ता मापने के लिए उपयोग किया जाने वाला सबसे आम माप पीएम 2.5 और पीएम 10 है। यह कणों को माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर में मापता है। पीएम 2.5 का तात्पर्य 2.5 माइक्रोन से कम व्यास वाले सूक्ष्म कणों की सांद्रता से है और पीएम 10 का तात्पर्य 10 माइक्रोन से कम व्यास वाले कणों की सांद्रता से है। शून्य और 50 के बीच वायु गुणवत्ता सुचकांक को अच्छा माना जाता है, 51 और 100 के बीच संतोषजनक, 101 और 200 के बीच मध्यम, 201 और 300 के बीच खराब, 301 और 400 के बीच बहुत खराब और 401 और 500 के बीच गंभीर  माना जाता है  वर्तमान परिदृश्य में जिला महेंद्रगढ़  में नारनौल का  वायु गुणवत्ता सुचकांक 290 है जो खऱाब स्थिति में है । जिला महेंद्रगढ़ में पहले से ही खनन प्रक्रिया, क्रेशर जोन, बड़े पैमाने पर हाईवे और सड़कों का निर्माण, निर्माण कार्य, ईंट भ_े, और अनियंत्रित यातायात  जो जिला महेंद्रगढ़ विशेषकर नारनौल के चारों ओर निर्माणाधीन हाईवे और सड़कों पर  बड़े स्तर पर परिवहन के साधनों  विशेषकर ट्रोला और ट्रकों  से हालात गंभीर बने हुए हैं । परिवहन के साधनों के  जाम जिसकी वजह से महावीर चौक पर तो वायु गुणवत्ता सुचकांक 300 को पार कर रहा है , बड़े पैमाने पर ट्रेफिक जाम और दिपावली त्योहारी सीजन पर अवशिष्ट पदार्थों को जलाने का काम, साथ ही अवैध रूप से पड़ोसी राज्यों से आतिशबाज़ी का सामान  और उसके प्रयोग  से जिला महेंद्रगढ़ में प्रदूषण स्तर को और बढ़ा देते हैं  और काफी दिनों से अति खऱाब और खऱाब स्थिति में चल रही है। हरियाणा सरकार और जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन लगातार इस समस्या को हल करने हेतु हरसंभव प्रयास कर रहा है । इस बढ़े हुए प्रदूषण के मद्देनजर जिला उपायुक्त मोनिका गुप्ता ने जिला महेंद्रगढ़ में धारा 144 लागू कर दी है और दिपावली त्योहारी सीजन  में  प्रदूषण को देखते हुए जिला के तमाम क्रेशर, माइनिंग,  तमाम कंस्ट्रक्शन और आतिशबाजी आदि पर पूर्ण रूप से पाबंदी लगाने के आदेश जारी किए हैं।

एक को न्यायालय ने किया भगोड़ा घोषित, मामला दर्ज
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कनीना की आवाज। कनीना न्यायालय में राकेश नामक व्यक्ति के समय पर न पहुंचने के चलते भगौड़ा घोषित किया है। साथ में पुलिस को आदेश दिया कि राकेश पर मामला दर्ज किया जाए। पुलिस ने उसे भगोड़ा घोषित करते हुए मामला दर्ज कर लिया है।


Tuesday, November 7, 2023



 

 अंतर्राष्ट्रीय रेडियोग्राफी दिवस -08 नवंबर
एक्सरे की खोज करने वाले की वर्षगांठ के रूप में मनाया जाता है यह दिवस -डा धर्मेंद्र
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कनीना की आवाज। 8 नवंबर को अंतरराष्ट्रीय रेडियोग्राफी दिवस मनाया जाता है। आधुनिक स्वास्थ्य देखभाल में चिकित्सा इमेजिंग की भूमि को बढ़ावा देता है। 1895 में रोंटेंज ने एक्सरे का आविष्कार किया था जिसकी वर्षगांठ के रूप में यह दिवस मनाया जाता है। टूटी हुई हड्डियों एवं शरीर की हड्डियों की हालात का पता लगाने में अहम भूमिका निभाता है। इसे रेडियोलोजी दिवस के नाम से जाना जाता है। इसी दिन रोंटेंटज ने एक्सरे की खोज की थी। ग्रामीण क्षेत्रों में भी अब तो एक्स-रे मशीन लगाई जा चुकी है। एक वक्त था जब एक्सरे के लिए  दूर दराज जाना पड़ता था लेकिन अब ग्रामीण क्षेत्रों में भी एक-रे की मशीन लगा दी गई है। इस बाबत रोहतक से रेडियोलोजी का अध्ययन कर रहे  डॉक्टर धर्मेंद्र यादव, जो कनीना उप नागरिक अस्पताल में एसएमओ की भूमिका भी निभा चुके हैं, ने बताया कि 8 नवंबर 1895 को एक्सरे की खोज की थी और अमूल्य उपहार दिया था। यही कारण की 1901 में भौतिक शास्त्र में रोंटेंज को नोबेल पुरस्कार दिया था। उन्होंने बताया कि कभी कभी इंसान दयालु होने के नाते बहुत कुछ कर जाते हैं। ऐसे ही दयालु इंसान जब रोंटेंज थे जिन्होंने एक्सरे की खोज कर दी किंतु पेटेंट करवाने की बात आई तो उन्होंने मना कर दिया था तथा पुरस्कार में मिली हुई राशि को भी दान कर दिया था। ऐसे महान व्यक्तियों के कारण ही आज चिकित्सा क्षेत्र में कितने ही लोगों की जान बचाई जा रही है।
डा. धर्मेंद्र बताते हैं कि रेडियोग्राफी चिकित्सा प्रतिबिंबन की वह तकनीक है जो दृश्य प्रकाश के अतिरिक्त विद्युत चुंबकीय का उपयोग करती है। यह तकनीक विधि मानव शरीर के अंगों को देखने का एक जरिया है। ये किरणें जनित्र द्वारा पैदा की जाती है और जिस वस्तु का चित्रण करना होता है उसे पर प्रक्षेपित किया जाता है। एक्स किरणें वस्तु की दूसरी तरफ एक फोटोग्राफिक फिल्म या डिजिटल डिटेक्टर द्वारा ग्रहण की जाती है जिसकी छाप 2-डी के रूप में प्राप्त होती है। इस तकनीक का उपयोग चिकित्सा, किए गए अविनाशकारी परीक्षण, खाद्य निरीक्षक सुरक्षा ,पुरातात्विक सर्वेक्षण आदि में किया जाता है।
उन्होंने बताया कि रेडियोग्राफर मशीन का उपयोग सही ढंग से करें ताकि लोगों को खतरनाक किरणों से से बताएं बचाया जा सकता है। इस समय रेडियोग्राफी के विषय में लोगों को जागरूक करने की भी आवश्यकता है। विशेष ध्यान एक्सरे रूम में जाए तो विशेष कपड़े जरूर पहनें, वहां यदि कोई गर्भवती महिला सीटी स्केनिंग करवाती तो डाक्टर को जरूर बताएं। एक्स-रे मशीन में मरीज होना चाहिए यदि अटेंडेंट भी जाता है तो विशेष कपड़े पहनना चाहिए।
 फोटो कैप्शन: डॉक्टर धर्मेंद्र रेडियोलोजी के पीजी कोर्स के विद्यार्थी एवं कनीना उपनागरिक अस्पताल के पूर्व एसएमओ।





जिला प्रशासन के मार्गदर्शन में कनीना ब्लॉक का दौरा कर रामबास गांव के विकास कार्यों की जानकारी ली
--पंचायती राज एवं विकास से संम्बन्धित जानकारी उपलब्ध कराइ
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कनीना की आवाज। हरियाणा ग्रामीण विकास संस्थान नीलोखेड़ी की टीम ने जिला प्रशासन के मार्गदर्शन में कनीना ब्लॉक का दौरा कर रामबास गांव के विकास कार्यों की जानकारी ली एवं ग्रामवासियों का मार्गदर्शन भी किया। टीम में ट्रेनर रामचंद्र पूनिया एवं पिंकी यादव ने उपस्थित लोगों को पंचायती राज एवं विकास से संम्बन्धित जानकारी उपलब्ध कराई।
ट्रेनर रामचंद्र आरसी पूनिया ने कहा कि गांव में विकास कार्यों के लिए हो रहे प्रयासों को देखकर अच्छा लगा। खासकर बेस्ट टू वेस्ट का उदाहरण देते हुए कहा की युवाओं के प्रयास से ग्राम पंचायत ने जो खाली पड़ी जगह पर बाग बनाया है यह बहुत ही सराहनीय कदम है। हरियाणा सरकार से की जा रही ग्राम पंचायत योजना का उद्देश्य गांव का समुचित विकास करना है। ट्रेनर ने सलाह भी दी की ग्राम के सभी लोगों की भागीदारी से गांव के विकास एवं निर्माण कार्य को किया जाए। जो पंचायत जो प्लान बनाकर भेजते हैं उन्हें एफएफसी की ग्रांट जारी होती।  ग्राम पंचायत विकास योजना के तहत अपनी ग्राम पंचायत का प्लान तैयार करें ग्राम स्वराज पोर्टल पर अपलोड अवश्य करें।
ट्रेनर पिंकी यादव ने कहा कि केवल गली और नाली का निर्माण ही विकास नहीं है आप सतत विकास के लिए योजनाबद्ध तरीके से गांव में कार्य करें। पंचायत पांच वर्षों का लक्ष्य बनाकर निरंतर विकास कार्यों के लिए प्रयासरत रहे।  ग्राम विकास की परिकल्पना का दायरा बेहद व्यापक है। हरियाणा और भारत सरकार की योजनाओं के माध्यम से पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधि गांव का समग्र विकास करा सकते हैं। इंद्रधनुष ग्राम योजना भी समग्र ग्रामीण विकास के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम साबित हुआ है। पिंकी यादव ने उपस्थित ग्रामीणों से आह्वान करते हुए अनुरोध भी किया कि ग्राम पंचायत में पेयजल की बर्बादी को रोकने के लिए भी अभियान चलाएं ताकि पेयजल की बर्बादी ना हो।  हर घर तक पेयजल पहुंचाएं एवं अन्य लोगों को भी जागरूक करें ।
इस दौरान सरपंच प्रतिनिधि कुलदीप सिंह, ग्राम सचिव दिनेश कुमार, सतीश कुमार, अनिल कुमार, राजपाल, जितेंद्र, संजीव कुमार, नंबरदार वेदप्रकाश, रमेश चौकीदार, मनोज, अमित, लालाराम, राकेश, राजेंद्र यादव, इंद्रजीत, यशवंती सरपंच इसराना, पंच मोहित कुमार सहित अन्य ग्रामीण उपस्थित थे।
फोटो कैप्शन 09: टीम खेतों का दौरा करते हुए।
             10: स्कूल का दौरा करते हुए टीम।







राजकीय महाविद्यालय कनीना में रक्तदान शिविर का आयोजन
-45 यूनिट रक्त किया इकट्ठा
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कनीना की आवाज। राजकीय महाविद्यालय कनीना में राष्ट्रीय स्वयंसेवा योजना के तत्वाधान में मंगलवार को रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। इसमें मुख्य अतिथि के रूप में प्रो -वाइस चांसलर केंद्रीय विश्वविद्यालय हरियाणा डा. सुषमा यादव उपस्थित रही। उन्होंने बताया कि रक्तदान से बड़ा कोई दान नहीं।  इससे लोगों की जान बचाई जा सकती है। उन्होंने बताया एनएसएस यूनिट द्वारा रक्तदान शिविर का आयोजन कर युवाओं को उनके कर्तव्य के प्रति जागरूक करने का काम किया। इससे दिल की बीमारी तथा दिल के दौरे के खतरे को कम  किया जा सकता है । कार्यक्रम अधिकारी प्रोफेसर संदीप ककरालिया ने बताया कि रक्तदान शिविर में 45 यूनिट रक्त एकत्रित किया गया । राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवकों के अलावा कई आम लोग भी शामिल हुए। शिविर में रक्तदान करने वालों के लिए दूध, केले आदि जलपान की व्यवस्था की गई।  उन्होंने बताया पूरी प्रक्रिया पर नजर रखने तथा रक्त एकत्रित करने के लिए पांच डाक्टरों की टीम नियुक्त किया गया। जिला रेड क्रास सोसाइटी से सुनील कुमार, मनोज कौशिक,डाक्टर तमन्ना शर्मा, दीपक वशिष्ठ आदि उपस्थित रहे। महाविद्यालय प्राचार्य डा सुरेंद्र सिंह यादव ने सभी स्वयसेवक का धन्यवाद किया। इस मौके पर डॉ विनोद यादव, प्रो हरिओम, प्रो भारती यादव, प्रो घनश्याम, डा यतेंद्र राव, प्रो मंजू, प्रो मनीषा, प्रो ननिता आदि मौजूद रहे।
फोटो कैप्शन 06: रक्तदानकर्ता के साथ प्रो वाइस चांसलर एवं अन्य।









यूरो स्कूल में राष्ट्रीय कैंसर सतर्कता दिवस मनाया
-डा नेहा ने उी जानकारी
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कनीना की आवाज। यूरो स्कूल एक बेहतर शिक्षा के साथ-साथ समय-समय पर स्वास्थ्य के प्रति भी विद्यार्थियों को जागरूक करता रहता है। आज स्कूल प्रांगण में 'राष्ट्रीय कैंसर सतर्कता दिवसÓ मनाया गया। इस कार्यक्रम में विशेषरूप से आमंत्रति सामान्य अस्पताल,कनीना में कार्यरत मेडिकल आफिसर डॉ. नेहा ने विद्यार्थियों को कैंसर जैसी विकराल व भयंकर बीमारी की जानकारी प्रदान की। उन्होंने बताया यह कैंसर सतर्कता दिवस हम वर्ष 2014 से लगातार मनाते आ रहे हैं। विश्व में लगभग 10 मिलियन व्यक्ति प्रतिवर्ष कैंसर से मर रहे हैं। साथ ही, उन्होंने एक रिपोर्ट के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि प्रति 10 में से एक के अंदर कैंसर पनपने लग रही है और हर 15 में से एक की कैंसर के कारण मृत्यु हो रही है। इसके बचाव के लिए भी डा. नेहा ने बताया कि समय रहते जांच करके इसकी पहचान की जा सकती है, उचित समय पर उपयुक्त इलाज व संतुलित आहार से ही हमारी रक्षा हो सकती है। उन्होंने इस बीमारी के बारे में सभी विद्यार्थियों व अध्यापकों को इससे होने वाली मानसिक, शारीरिक व आर्थिक परेशानी के बारे में बारीकी से बताया। इस शुभावसर पर स्कूल प्रधानाचार्य सुनील यादव ने डॉ. नेहा का स्कूल प्रांगण मे आने व विद्यार्थियों को इस भयंकर बीमारी के बारे में सचेत करने के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि यदि हम धूम्रपान एवं मदिरापान से दूर रहकर समयानुसार संतुलित आहार, व्यायाम व योग करते रहेंगे तो हम इस प्रकार की बीमारी की चपेट में आने से बचे रहेंगे। अगर हम स्वस्थ रहेंगे तो हम एक उज्ज्वल राष्ट्र का भी निर्माण कर सकेंगे। इस अवसर पर उप-प्रधानाचार्य मंजू यादव, का-र्डिनेटर बिरेन्द्र यादव, संजू यादव, गतिविधि प्रभारी रितू तंवर व समस्त अध्यापकगण उपस्थित थे एवं विद्यार्थी उपस्थित थे। उन्होंने बताया कि तम्बाकू एवं शराब का सेवन करना कैंसर को बहुत तेजी से समाज में फैल रहा है।
फोटो कैप्शन 02: कैंसर के प्रति जागरूक करते हुए डा नेहा।




दीपावली का पर्व मनाया गया
-आरकेवाईग् स्कूल में रही दीपावली की धूम
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कनीना की आवाज। सत्य की असत्य पर, धर्म की अधर्म पर, प्रकाश की अंधकार पर विजय के प्रतीक दीपावली का त्यौहार आरकेवाई अंतरराष्ट्रीय विद्यालय, कनीना के प्रांगण धूमधाम से मनाया गया। इस शुभ अवसर पर सर्वप्रथम विद्यालय की प्राचार्या  सत्येंद्रा यादव ने भगवान श्री गणेश एवं भगवान श्रीराम को तिलक लगाकर, माला पहनाकर एवं पुष्प अर्जित किए, तत्पश्चात भगवान श्रीराम का वेश धारण किए हुए नन्हे मुन्ने बच्चों को लड्डू का भोग लगाकर कार्यक्रम को आगे बढ़ाया। तत्पश्चात एचओडी नरवीर सिंह एवं सतीश कौशिक  ने विधिवत रूप से मंत्रोचारण के साथ भगवान राम की आराधना की। इस अवसर पर विद्यालय के नन्हे मुन्ने बच्चों ने भगवान श्रीराम, लक्ष्मण, भरत, शत्रुघ्न, हनुमान, लंका पति रावण, मेघनाथ आदि का रूप धारण कर मनमोहन प्रस्तुतियां दी। श्री ाम जन्म से लेकर रावण विजय के पश्चात अयोध्या वापसी की संपूर्ण घटनाओं को झांकियां के माध्यम से प्रस्तुत किया गया जिनकी सभी ने जमकर सहाना की। विद्यालय प्राचार्या सत्येंद्रा ने अपने वक्तव्य में भगवान श्रीराम के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा की हमें उनके जीवन से बहुत कुछ सीखने की आवश्यकता है। उन्होंने प्रभु श्रीराम के आदर्शों को अपने जीवन में उतारने की अपील की। अवसर पर सभी अध्यापक एवं अध्यापिकाएं उपस्थित रहे।
फोटो कैप्शन 05: दीपावली का पर्व मनाते बच्चे।






भारत विकास परिषद ने अनाथ आश्रम में बांटे फल
-मोड़ी में स्थित है अनाथ आश्रम
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कनीना की आवाज। शांति कुंज अनाथ आश्रम मोड़ी में  भारत विकास परिषद शाखा कनीना के समस्त सदस्यों ने वहां पहुंच कर बेसहारा लोगों को फल,दाल चावल, चीनी, बिस्कुट,आटा, कपड़े, बर्तन, मिठाई आदि से मदद करने की। मोड़ी स्थित आश्रम में अनाथ लोग रहते हैं। इन लोगों की सेवा करके मन को संतुष्टि मिलती है।
फोटो कैप्शन 01: फल वितरित करते भारत विकास परिषद के सदस्य।




किसान अपनी मांग पर अडिग, 240वें  दिन जारी रहा धरना
-किसान अनिश्चितकालीन धरने पर
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कनीना की आवाज। राष्ट्रीय राजमार्ग 152डी पर सेहलंग -बाघोत के बीच कट के लिए ग्रामीण अनिश्चितकालीन धरने पर हैं। मंगलवार धरने की अध्यक्षता डॉ लक्ष्मण सिंह सेहलंग ने की और उन्होंने बताया कि जब तक केंद्र सरकार राष्ट्रीय राजमार्ग 152डी पर  बाघोत -सेहलंग के बीच कट का काम शुरू नहीं करती है, तब तक हमारा धरना जारी रहेगा।
धरना संघर्ष समिति के अध्यक्ष  विजय सिंह चेयरमैन  ने बताया कि धरने को चलते 240 दिन हो गए हैं। 40- 50 गांवों के किसानों को धरने पर बैठे आज पूरे 8 महीने हो गए हैं और कल से नौवां महीना लग जाएगा,अब केंद्र सरकार को किसानों की पीड़ा को देखते हुए राष्ट्रीय राजमार्ग 152डी पर बाघोत -सेहलंग के बीच कट का काम शुरू करना चाहिए। परिवार में भी 8 महीने के बाद खुशियों की बहार आ जाती है। धरना स्थल पर बैठे किसानों को पिछले 8 महीनों से कितनी परेशानियों का सामना किया है, यह बताने की जरूरत नहीं है, कभी गर्मी,धूल मिट्टी, बरसात, आंधी -तूफान, उमस, बदलते मौसम में बीमारियां व प्रदूषण के बीच समय निकला है, फिर भी किसानों ने हिम्मत नहीं हारी है। हमारा एक ही उद्देश्य है कि राष्ट्रीय राजमार्ग 152डी पर बाघोत -सेहलंग के बीच कट बनना चाहिए, इसके लिए हम हर परेशानी का सामना करने के लिए तैयार है।
उन्होंने बताया कि हमें केंद्रीय सड़क, परिवहन और राष्ट्रीय राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी और केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह पर पूरा भरोसा है, जो बात जनता के बीच में बोल देते हैं, उस काम को पूरा किए बिना पीछे नहीं हटते। दोनों मंत्री अपनी बात के पक्के हैं, जिस काम को ओट लेते हैं, उसे पूरा करने के बाद ही दम लेते हैं।  राष्ट्रीय राजमार्ग 152डी पर बाघोत -सेहलंग के बीच कट की घोषणा करने वाले और करवाने वाले दोनों मंत्री हैं। दोनों मंत्रियों पर हमें पूरा विश्वास है कि कट का काम जल्दी से जल्दी शुरू हो जाएगा।
 उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार को धरना स्थल पर बैठे बुजुर्ग किसानों पर रहम करना चाहिए। किसान अनुशासन में रहते हुए, शांतिपूर्वक तरीके से धरना स्थल पर बैठे हुए हैं, यह 40- 50 गांवों की जायज मांग है। कट बनने के बाद ही इन गांवों का विकास हो सकता है।
 इस मौके पर सरपंच हरिओम पोता, सरपंच वीरपाल स्याना, पहलवान रणधीर सिंह,  नरेंद्र शास्त्री छिथरोली,  पूर्व सरपंच हंस कुमार, पहलवान धर्मपाल, रामकुमार , पूर्व सरपंच बेड़ा सिंह, सूबेदार हेमराज अत्रि, मास्टर विजय सिंह, जिला पार्षद लीलाराम बाघोत, मुख्त्यार सिंह, संजय कुमार, सीताराम, राष्ट्रपाल, राम भज,  कर्ण सिंह,बाबूलाल, दाताराम, इंस्पेक्टर सतनारायण ,   सूबेदार भोले राम ,  वेद प्रकाश, सत्य प्रकाश, रामकिशन,   रोशन लाल आर्य,  प्यारेलाल,  सूबे सिंह पंच, डॉ राम भक्त  व गणमान्य लोग मौजूद थे।
फोटो कैप्शन 04: कट की मांग को लेकर धरने पर बैठे ग्रामीण।




गादड़ा की मौत आवै तो गांव कानी भागै
-कहावत हुई चरित्रार्थ
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कनीना की आवाज। ग्रामीण कहावत है कि गादड़ा की मौत आवै तो गांव कानी भागै, वाली बुजुर्ग कहावत कनीना में सत्य चरितार्थ हुई।। जिसका अर्थ होता है कि गीदड़ की मौत गांव की ओर उसे खींच लेती है।
 कनीना क्षेत्र और आसपास गीदड़ कभी-कभार नजर आते हैं किंतु कालरवाली जोहड़ के पास अचानक किसी कारण से गीदड़ आ गया जिसे कुत्तों ने मार डाला। गांव की बजाय खेतों की ओर भागता तो हो सकता है उसकी जान बच जाती परंतु दुर्भाग्य है कि वो गांव की ओर भागने लगा। सत्य है कि युवा तथा बालक गीदड़ को पुस्तकों में पढ़ते हैं। यह गीदड़ का दुर्भाग्य रहा कि वह जीवित रूप में कनीना में घुस तो गया किंतु कुत्तों ने उसे मार डाला।
 बुजुर्ग बताते हैं कि कभी कनीना और आसपास भारी संख्या में गीदड़ होते थे जो किसानों के पानी से भरे घड़े को मलमूत्र त्योग खराब कर जाते थे तथा इनका आवाज द्वारा पहचाना जाता था। कुत्ते की ही एक प्रजाति गीदड़ होती है। देखने पर पूंछ में अंतर होता था मुंह तीखा होता है।  जो केवल बोलने पर ही अच्छी प्रकार पहचाना जाता है। कुत्ते की भांति वह भौंक नहीं सकते अपितु उनकी आवाज हूटू- हुूटू के रूप में होती है।
 फोटो कैप्शन 03: मरा हुआ गीदड़



2 व 3 दिसंबर को बनवा सकते हैं नए वोट
-बीएलओ मिलेंगे बूथों पर
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कनीना की आवाज। नये वोट बनाने का कार्य जारी है1 जनवरी 2024 को जिनकी आयु 18 वर्ष से अधिक है वह अपने वोट 9 दिसंबर के बीच बूथ लेवल अधिकारी से मिलकर फार्म नंबर 6 भर कर बनवा सकते हैं। विस्तृत जानकारी देते हुए सुनील कुमार बीएलओ ने बताया कि  दो व 3 दिसंबर 2023 को सभी बीएलओ अपने-अपने मतदान केंद्र पर सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे से उपस्थित रहेंगे। उस समय भी वोट बनवाई जा सकती हैं।
  उन्होंने बताया कि इस प्रक्रिया के तहत नया वोट बनवाने के लिए 6 नंबर फार्म, शुद्धिकरण के लिए फार्म आठ तथा वोट कटवाने के लिए फार्म नंबर 7 भर सकते हैं। उनको आधार कार्ड की एक प्रति, एक जन्मतिथि का प्रमाण , एक फोटो तथा एक रिफ्रेंस के लिए परिवार के किसी भी सदस्य का वोटिंग कार्ड की प्रति देना जरूरी है। साइट काम न करने की भी शिकायत मिल रही है।





पुराना माल बेचने का वक्त आ गया
-जमकर लगाई गई है सेल
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कनीना की आवाज। दीवाली की रौनक बाजार में लौटने लगी है। बाजार में हलवाइयों के यहां भारी मात्रा में मिठाइयां बनाई जा रही हैं। सर्वाधिक मांग मिठाइयों की होगी। जगह जगह पुराने माल की सेल लग गई है।  दीवाली के दिनों तक यही स्थिति बने रहने की संभावना है।
   दुकानदार पुराना और घिसा पिटा सामान बेचने का मौका मिल गया है। वर्ष भर जिस माल को किसी ने नहीं खरीदा उसे वे छूट एवं दीपावली उपहार आदि शब्द लिखकर बेचने में तेजी ला रखी है। हलवाइयों के यहां पर माहौल देखने लायक ही बन रहा है। घटिया मिठाइयों की भरमार है।
    उल्लेखनीय है कि उपहार के रूप में मिठाइयों का ही लेनदेन सर्वाधिक किया जाता है और मिठाइयां ही सबसे घटिया बेची जाएंगी। लोग खुश होकर इन पदार्थों को खरीदते हैं।
 दीवाली पर जहां सादगी का लेबल लगाने का प्रयास किया जा रहा है वहीं घटिया मिठाइयां बेचकर दुकानदार वर्ष भर की कमाई एक दिन में
ही करना चाह रहे हैं।

 

 

स्टेट अवार्डी शिक्षकों को वेतन वृद्धियां रोकने वाले डीडीओ परगिर सकती है गाज
-इंद्रावती मामले में गिर चुकी है एक पर गाज

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 कनीना। प्रदेश सरकार में वर्ष 2021 से लगातार शिक्षकों को राज्य शिक्षक पुरस्कार दिए जा रहे हैं जिनमें से बहुत से शिक्षक 55 वर्ष की आयु पार कर गए लेकिन कुछ ऐसे शिक्षकों को उनके डीीडीओ दो वेतन वृद्धियां नहीं दे रहे जिसको लेकर के शिक्षकों का एक दल उच्च अधिकारियों से मिला। जिन्होंने कहा किस प्रकार के शिक्षक इस प्रकार के डीडीओ जो जानबूझकर स्टेट अवार्ड शिक्षकों को दो वेतन वृद्धियां नहीं दे रहे हैं उनके नाम कार्यालय में भिजवाए ताकि उनके विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सके।
उल्लेखनीय है कि दर्जन भर शिक्षक राज्य शिक्षक पुरस्कार पाने वाले 55 साल की उम्र पार कर चुके हैं  जिनमें से कुछ सेवानिवृत्ति भी हो गए जिनको दो वेतन वृद्धियां भी मिल चुकी है किंतु कुछ डीडीओ एवं अन्य अधिकारी जानबूझकर दो वेतन वृद्धियां नहीं दे रहे हैं। इसी संबंध में उच्च अधिकारियों से चर्चा हुई। स्टेट अवार्डी शिक्षकों ने प्रमाण देते हुए इंद्रावती का उदाहरण दिया जिन्होंने अवार्ड लेते वक्त 55 वर्ष की उम्र पार कर ली थी किंतु जानबूझकर उनको दो वेतन वृद्धियां नहीं दी गई जिसके चलते उन्होंने इसकी शिकायत उच्च अधिकारियों को की थी। उच्च शिक्षा अधिकारियों ने उन अधिकारियों के नाम मांग लिए है जिन्होंने उनको दो वेतन वृद्धियां देने से रोका है और एक पत्र जारी करते हुए कहा है कि ऐसे डीडीओ/अनुभाग अधिकारी/अन्य के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ में उन्होंने वह पत्र भी जारी किया जिसके तहत  उन्हें दो वेतन वृद्धियां देने की बात कही है। ऐसे ही अनेक शिक्षक सामने आए जो 55 वर्ष की उम्र पार कर गए किंतु उनका वेतन वृद्धियां भी मिल चुकी है। इनमें अरुणा, संतोष कुमारी, रामपाल आदि प्रमुख है। अब वेे शिक्षक जिन्होंने अवार्ड पाते वक्त 55 वर्ष पर कर ली तथा वेतन वृद्धियां नहीं दी गई सामूहिक रूप से एक शिकायत उच्च अधिकारियों को करेंगे ताकि उनका वेतन वृद्धियां मिल सके और उनकी वेतन वृद्धि रोकने वाले डीडीओ एवं अन्य अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की जा सके।