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Sunday, January 28, 2024



 

उन्हाणी महाविद्यालय की स्वयं सेविकाओं ने चलाया- स्वच्छता अभियान
--चल रहा है सात दिवसीय कार्यक्रम
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कनीना की आवाज। उन्हाणी महाविद्यालय के प्राचार्य डा. विक्रम यादव के मार्गदर्शन व डा. सीमा देवी व श्रीमती सीमा ने निर्देशन में चल रहे राष्ट्रीय सेवा योजना  सप्त दिवसीय विशेष शिविर के द्वितीय दिवस के दौरान स्वयं सेविकाओं ने स्वच्छता अभियान चलाया। उन्होंने बताया कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य ग्रामवासियों में स्वच्छता और स्वास्थ्य संबंधी  नियमों के  बारे में जानकारी  देकर उनमें जागरूकता  को फैलाना है। उन्होंने सड़कों और सार्वजनिक स्थलों में  फैली हुई गंदगी को दूर कर  उन्हें  स्वच्छ किया। उन्होंने समीपवर्ती लोगों को समझाया कि स्वच्छता का महत्व केवल जीवन की गुणवत्ता को बेहतर बनाने के लिए ही नहीं है, अपितु इसके माध्यम से अनेकविध बीमारियों को नियंत्रित किया जा सकता है। इसे अपनाकर हम एक स्वस्थ और स्वच्छ भारत के भविष्य की ओर अग्रसर हो रहे हैं।
शिविर में आमंत्रित विशिष्ट अतिथि प्रो. राजेश कुमार ने स्वयं सेविकाओं को संबोधित करते हुए कहा कि स्वच्छता को जीवन में अंगीकार करने से स्वयं, मोहल्ला, पूरा गांव, समाज और देश का हित होगा। उन्होंने कहा कि रोटी, कपड़ा और मकान के अतिरिक्त स्वच्छता भी एक महत्वपूर्ण आवश्यकता है। इसका शुभारंभ स्वयं से करना होगा तभी हमारा मिशन सफल होगा के बारे में अत्यंत ही रोचक एवं प्रभावशाली व्याख्यान दिया।
फोटो कैप्शन 10: स्वयंसेविकाएं स्वच्छता रैली निकालते हुए।






 समाचार पत्र दिवस- 29 जनवरी
 हर प्रकार की सूचना का प्रमुख साधन होता रहा है समाचार पत्र
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कनीना की आवाज। समाचार पत्र एक ऐसा माध्यम रहा है जो हर प्रकार की सूचना दूर-दराज तक के लोगों तक पहुंचता है। समाचार पत्र के जरिए हर विद्यार्थी, किसान, आम आदमी,  व्यापारी सभी जुड़े हुए देखे गए हैं। यह सत्य है कि मोबाइल क्रांति के कारण समाचार पत्रों के प्रति लगाव कुछ कम हुआ हो किंतु आज भी समाचार पत्र पढ़े बगैर लोग सुबह का नाश्ता तक नहीं करते। समाचार पत्र से जुडऩे वाले कुछ लोगों से चर्चा की गई उनके सुंदर सैामने आये।
** व्यवसाय से जुड़ी सभी सूचनाओं का आदान-प्रदान करने का सशक्त माध्यम दैनिक समाचार पत्र होता है। दूर बैठे अपने व्यवसाय के बारे में सारी कुछ जानकारी मिल जाती है। यहां तक कि पूर्व कर्मचारी एवं अधिकारियों तक की सभी सूचनाएंं आसानी से मिल जाती है, इसलिए समाचार पत्र उनका मनपसंद साधन है। --सतीश कुमार पूर्व मुख्य अध्यापक
 समाचार पत्र किसानों के लिए अहम भूमिका निभाता है क्योंकि प्रतिदिन फल, अनाज एवं सब्जियों के भाव अलग-अलग होते हैं और वे अपनी फल सब्जियों को बेचने के लिए या फिर अनाज को बेचने के लिए बाजार जाते हैं। भावों की सभी जानकारी भी उन्हें समाचार पत्रों के माध्यम से प्राप्त हो जाती है। इसलिए समाचार पत्र को पढऩे का उनका प्रमुख उद्देश्य बाजार के भाव से है। प्रतिदिन समाचार पत्र पढ़े बगैर मन प्रसन्न नहीं रहता।
-- गजराज सिंह, किसान मोड़ी
 समाचार पत्र नवयुवकों के लिए रोजगार के अवसर प्रदान करने में सहायक है। विभिन्न प्रकार के रोजगार संबंधित सूचनाएं समाचार पत्रों में प्रकाशित होती है और वे नियमित समाचार पत्र पढ़कर किसी प्रकार की नौकरी आदि में आवेदन आसानी से कर लेते हैं। नवयुवकों का लगाव दैनिक समाचार पत्रों से प्रमुखता से देखा जा सकता है। जब तक समाचार पत्र नहीं पढ़ लेता तब तक मैं यह समझता हूं कि कोई नौकरी छूट न जाए।
-- विनय कुमार, युवा वर्ग
 विद्यार्थियों के लिए भी समाचार पत्र एवं भूमिका निभाता है।  विद्यार्थियों के लिए कोई विशेष योजना जब सरकार चलाती है तो समाचार पत्रों से उन्हें पता लग जाता है। विद्यार्थियों की गतिविधियों तथा विद्यार्थियों के हित की विभिन्न जानकारियों का समाचार पत्र ही एक प्रमुख माध्यम है। ऐसे में समाचार पत्र को प्रमुखता से पढ़ती हूं। अगर समाचार पत्र नहीं पढ़ पाती तो उस दिन ऐसा लगता है कि कुछ छूट गया है। ऐसे में समाचार पत्र दैनिक जीवन का एक अंग बन गया है।
- आर्यन छात्रा
 फोटो कैप्शन 6:सतीश कुमार 7: गजराज सिंह 8: विनय कुमार 9: आर्यन





लोक गायकी का उभरता हुआ सितारा है अमृत सिंह राघव
-माडल स्कूल में विशेष शिक्षक बतौर कार्यरत
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कनीना की आवाज। प्रतिभा किसी की मोहताज नहीं होती यह कहावत चरितार्थ कर दिखाई है, राजकीय माडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कनीना में कार्यरत विशेष शिक्षक अमृत सिंह राघव ने।
 अमृत सिंह राघव वर्तमान में राजकीय माडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कनीना में समावेशी शिक्षा में विशेष शिक्षक के पद पर कार्यरत हैं। दिव्यांग बच्चों के शिक्षक के कार्य के साथ-साथ हरियाणवी संगीत में रुचि रखते हैं। हरियाणवी रागिनियों के गायन में अमृत सिंह का विशेष नाम है। उन्हें हरियाणवी लोक गायक के नाम से जाना जाता है।
 अमृत सिंह राघव ने बताया कि  बताया कि उनका जन्म राजस्थान के बहरोड़ तहसील के छोटे से गांव खोहर में राजपूत परिवार में पिता नरपाल सिंह राघव व माता निर्मला देवी के घर हुआ । अमृतसिंह राघव तीन भाइयों में देवेंद्र सिंह व कबूल सिंह से बड़े हैं। अमृत सिंह राघव बचपन से प्रतिभा के धनी रहे हैं। केवल 14 साल की उम्र में गांव की रामलीला में पंडित भोलाराम शर्मा व नरेंद्र मास्टर से ज्ञान लेकर लक्ष्मण का रोल किया। लक्ष्मण के अभिनय के साथ-साथ अंगद, मंदोदरी, केवट ,का भी समय-समय पर रोल किया रामलीला में सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का पुरस्कार प्राप्त किया। भजन रागिनी गाने का शोक 14 साल की उम्र में लगा जब गांव की भजन मंडली के साथ-साथ बाबा भगवान दास महाराज जी के मंदिर में जाते थे तब गांव के गायक कलाकार नत्थू सिंह ,जनक सिंह ,पंडित नरेश कुमार शर्मा, सुभाष जांगिड़ के साथ रहकर ज्ञान प्राप्त किया। विशेष तौर पर पंडित नरेश कुमार व गुरु मुकेश सिंह राघव को गुरु धारण करके राधा बन गई जिलाधीश, भजन गाकर सब का मन मोह लिया गांव में ही गाते रहे। गांव में ही एक छठी की रात में  रागनी गाकर सभी का मन मोह लिया। उसके बाद उन्होंने मुड़कर नहीं देखा।
उनके पिताजी नरपाल सिंह व माताजी निर्मला देवी भी भजन रागिनियों के शौकीन थे। माताजी अभी गांव खोहर में ही रहती हैं ।तथा उनका छोटा भाई कबूल सिंह राघव गांव में ही रहता है। समय परिवर्तन के साथ सन 2005 में उनकी शादी खेड़ी, जिला महेंद्रगढ़ में रविता देवी के साथ हुई। उसके बाद कनीना में आकर रहने लगे यहां आकर उन्होंने अपनी गढ़वा बैंजो की पार्टी बनाई जिसमें उनमें पार्टी के सदस्य मास्टर प्रदीप नांगल मोहनपुर, मोनू भोजावास, रमेश भोजावास, मोनू कल्याणा ,पवन नौताना, नरवीर निमोठ उनके स्थायी साजिंदों में गिनती होती है। इन साजिंदों के कारण से ही अमृत सिंह राघव हरियाणा के हर क्षेत्र में अपनी प्रस्तुति दे चुके हैं। वर्तमान में उनकी रागिनी बड़े की इच्छाओं के साथ गढ़वा बैंजो पर सुनी जाती हैं, विशेष तौर पर सेठ ताराचंद, राजा वीर विक्रमादित्य, ध्रूव भक्त,जयमल फत्ता ,फूल सिंह नौटंकी, नवरत्न, आदि पंडित लख्मीचंद पंडित मांगेराम आदि द्वारा रचित रागिनी को बड़े चाव के साथ गाते हैं।  गुरु मुकेश सिंह राघव द्वारा रचित भजन व रागिनी गाते हैं। वर्तमान में कनीना के आसपास के गांव में उनके प्रोग्राम बहुत ज्यादा मात्रा में सुने जाते हैं। मनाली में भी अपनी रागिनी की प्रस्तुति अपनी पार्टी के साथ दे चुके हैं।
 शिक्षा विभाग के कला उत्सव के कार्यक्रम में जिला स्तर पर प्रथम पुरस्कार भी प्राप्त कर चुके हैं। वर्तमान में कनीना के वार्ड नंबर 5 में अपनी पत्नी रविता देवी, बड़ा बेटा राहुल राघव, छोटा बेटा मनजीत राघव के साथ रहते हैं तथा उनका बड़ा बेटा राहुल राघव भी रागिनियों के क्षेत्र में कदम रख चुका है।
फोटो कैप्शन 05: रागिनी गाते हुए अमृत सिंह राघव।








गणेश चतुर्थी- 29 जनवरी   
--सौभाग्यवती महिलाओं का पर्व, तिल कूटकर जाते खाये   
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कनीना की आवाज। 29 जनवरी को कनीना क्षेत्र में गणेश चतुर्थी का व्रत पर्व मनाया जाएगा। इसे विभिन्न नामों से जाना जाता है।
 पोष माह की कृष्ण चतुर्थी को सौभाग्यवती महिलाओं का पर्व गणेश चतुर्थी मनाया जाएगा जिसे ग्रामीण क्षेत्रों में संकटहरण चतुर्थी, तिल कुटनी तथा गणेश चतुर्थी आदि नामों से जाना जाता है। सर्दी के माह में आने वाले इस पर्व का विशेष महत्व माना जाता है। यह व्रत पति, पुत्र की मंगलकामना, धन एवं धान्य के लिए  किया जाता है।  
   इस पर्व पर तिलों को कुटकर तथा चासनी में डालकर बनाई गई विशेष प्रकार की केक खाकर मनाया जाता है इसलिए इसे तिल कुटनी का व्रत भी कहते हैं। यह व्रत विवाहित एवं अविवाहित दोनों के लिए ही फलदायक माना जाता है। अविवाहित महिलाएं अपने सुपति की कामना से तो विवाहित महिलाएं अपने पुत्र, भाई  एवं पति की मंगलकामना के लिए व्रत करती हैं। इस दिन श्रीगणेश की पूजा करने का विशेष विधान है।
     एक बार एक युद्ध में शिवभोले ने बारी-बारी से कार्तिकेय और गणेशजी से देवताओं का सेनापति बनने के बारे में पूछा। दोनों ही अपने को देवताओं का संकट हरने के लिए तैयार थे और एक दूसरे से शक्तिशाली, ज्ञानवान एवं तर्कशील बताने लगे। ऐसे में शिवभोले ने दोनों की परीक्षा लेनी चाही और दोनों को आदेश दिया कि दोनों ही पृथ्वी के तीर्थस्थलों के चक्कर लगाकर आओ। जो भी पहले आएगा उसे ही देवताओं का सेनापति नियुक्त किया जाएगा। इतना सुनकर कार्तिकेय अपने मयूर पर सवार होकर पवन के वेग से तुरंत पृथ्वीलोक की ओर चल दिया और तीर्थों के  चक्कर लगाने लगा।
 उधर श्रीगणेश आराम से अपने स्थान पर बैठा रहा और कुछ समय उपरांत अपने माता-पिता के चारों ओर सात चक्कर लगाकर उन्हें प्रणाम करके बैठ गया।  जब कार्तिकेय अपने मयूर पर सवार होकर तीर्थों के सात चक्कर लगाकर शिवभोले और माता पार्वती के पास पहुंचा तो अपने को पहले पहुंचने वाला बताया। जब गणेश से पूछा गया कि आपने सात तीर्थों का चक्कर ही नहीं लगाया जबकि आप पहले आने की बात कह रहे हो तो श्रीगणेशजी ने कहा-माता-पिता से बड़ा कोई तीर्थ इस जगत में नहीं होता है। श्रीगणेश ने देवताओं के सभी संकट दूर किया। तभी से श्रीगणेश जैसा पुत्र पाने के लिए महिलाएं व्रत रखती हैं। पार्वती भी इस व्रत को रखती थी और गणेश जी की पूजा करती थी।
क्या कहते हैं ज्योतिषाचार्य-
ज्योतिष आचार्य पंडित ऋषिराज शर्मा ने बताया कि 29 जनवरी 2024 को सुबह 06 बजकर 10 मिनट पर शुरू होगी और अगले दिन 30 जनवरी 2024 को सुबह 08 बजकर 54 मिनट पर समाप्त होगी।
संकट चतुर्थी के दिन 29 जनवरी को चंद्रमा रात 09.10 मिनट पर निकलेगा। इस दिन महिलाएं सूर्योदय से चंद्रोदय तक निर्जला व्रत रखती हैं और चांद की पूजा के बाद ही व्रत संपन्न होता है।स्त्रियां सुख-सौभाग्य, संतान की समृद्धि और परिवार के कल्याण की इच्छा से ये व्रत रखती हैं। इस व्रत को रखने से संतान दीर्घायु होती है।
फोटो कैप्शन: पंडित ऋषिराज शर्मा







एक दिन धूप निकली तो दूसरे दिन फिर बदला मौसम
-आकाश में छाये रहे बादल
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कनीना की आवाज। कनीना क्षेत्र में जहां शनिवार को दिनभर मौसम साफ रहा, तेज धूप खिली किंतु रविवार को फिर से आकाश में काले बादल छाए रहे। किसान अपनी फसल को लेकर चिंतित हैं। विगत एक माह से मौसम प्रतिकूल चल रहा है। कभी तेज शीत लहर ,कभी कोहरे का प्रकोप तो कभी पाला जमा है जिसके चलते फसल में नुकसान की पूरी संभावना है। कृषि वैज्ञानिक भी मानते हैं कि सरसों में नुकसान होगा वहीं गेहूं की फसल की भी वृद्धि रुक गई है। ऐसे में किसान चाहते हैं कि मौसम जितना जल्दी हो बदले वरना उनकी फसल पैदावार प्रभावित हो जाएगी। किशन पल पल मौसम और फसल को निहार रहे हैं। इस वक्त जहां खेतों में गेहूं और सरसों की फसल खड़ी है जिसको देखकर यह नहीं कहा जा सकता की सर्दी का कोई नुकसान हुआ है या नहीं परंतु पैदावार लेने पर ही पता चलेगा कि सर्दी आदि का कोई कु-प्रभाव पड़ा या नहीं? अभी जल्द ही सरसों की फसल पकने को जा रही है।
 यद्यपि इस बार बसंत पंचमी फरवरी माह में आएगी और तब तक शायद ही सरसों के फूल बच पाएंगे। इस बार अच्छी फसल पैदावार की संभावना को लेकर किसान खेतों में जुटे हुए थे किंतु एक माह से मौसम बदलाव ने सब आशाओं पर पानी फेर दिया है। किसान रमेश कुमार, रवि कुमार, सूबे सिंह, अनीता आदि ने बताया के फसल पैदावार कैसी हो पाती है वक्त आने पर ही पता चल पाएगा। वर्तमान में जहां आकाश में बादल छाए हुए हैं।
 फोटो कैप्शन 5: आकाश में छाये बादल






 लाला लाजपतराय को किया याद
-कनीना मंडी में चला कार्यक्रम
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कनीना की आवाज। अमर शहीद पंजाब केसरी लाला लाजपत राय की जयंती कनीना मंडी स्थित लाल शिवलाल धर्मशाला में धूमधाम से मनाई गई। क्षेत्र के गणमान्य लोगों ने लाला लाजपत राय के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि भेंट की। गांव तलवाना के सरपंच सेठ रामनिवास बंसल बतौर मुख्य अतिथि कार्यक्रम में शामिल हुए।  कनीना व्यापार मंडल के प्रधान रविंद्र बंसल, सेठ प्रेम सिंगला तथा पद्मेंद्र जांगड़ा विशिष्ट अतिथि थे।    
       मुख्य अतिथि सेठ रामनिवास बंसल व अन्य विशिष्ट जनों ने लाला लाजपत राय के चित्र पर पुष्प अर्पित कर कार्यक्रम की शुरुआत की। कार्यक्रम में उपस्थित जनसमुदाय को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि सेठ रामनिवास बंसल ने कहा कि लाला लाजपत राय महान क्रांतिकारी तथा दूरदृष्टा थे। उन्होंने देश की आजादी के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया। आर्य समाज के रास्ते पर चलकर उन्होंने देश के सैकड़ों नौजवानों को देश प्रेम का पाठ पढ़ाया और स्वराज के पथ पर चलने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि लाला लाजपत राय ने पंजाब नेशनल बैंक की स्थापना करके आर्थिक रूप से समृद्ध भारत का स्वप्न देखा था। गौसेवा, ग्रामीण उत्थान तथा सर्वजन कल्याण के लिए कार्य करते हुए उन्होंने देश की आजादी के आंदोलन में भी अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया। उन्होंने उपस्थित लोगों से लाला लाजपत राय के आदर्शों व पदचिह्नों पर चलने की अपील करते हुए सभी को सदैव देश की एकता और अखंडता के लिए कार्य करने की शपथ भी दिलाई।
    समारोह में पहुंचने पर मुख्य अतिथि व अध्यक्ष का फूलमालाओं से भव्य स्वागत किया गया। कनीना व्यापार मंडल की तरफ से मुख्य अतिथि सेठ रामनिवास बंसल एवं अन्य को पगड़ी पहनकर भी सम्मानित किया गया। कार्यक्रम को रमेश कुमार अरोड़ा, पद्मेंद्र जांगड़ा, रविंद्र बंसल, सेठ प्रेम सिंगला, कप्तान मामराज सिंह तथा राकेश कुमार ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर दीपक कुमार, कृष्ण कुमार, जगपाल, सत्यवान, दक्ष, मामराज, सतीश गुप्ता, महेंद्र, नरेंद्र, ब्रह्मदेव, सतीश, सुरेश, उमेद सिंह, मूलचंद, मनोहर लाल नंबरदार, लाल सिंह पंच, राजेंद्र पंच, वेदप्रकाश, विजय कुमार, मुरारीलाल मित्तल, मनवीर, कृष्ण कुमार, राकेश कुमार, संजय, नीटू ठेकेदार, महिपाल, पृथ्वीपाल, सतीश, रमेश, विनोद, मोहित, सतीश अरोड़ा, ललित कुमार, मुकेश कुमार, मोहित अरोड़ा, अनुपाल सिंह, राकेश कुमार ,हरीश बंसल, नरेश कुमार, धर्मपाल, राजेंद्र, सुरेंद्र, सरजीत सिंह, आशीष, पूर्ण, हंसराज सोनी, रोशन लाल, रघुवीर सिंह, नरेश रोहिल्ला, ओमप्रकाश, पप्पू वर्मा, धर्मवीर व पवन कुमार सहित गणमान्य जन उपस्थित थे।
फोटो कैप्शन 02:लाला लाजपत राय के चित्र पर पुष्प अर्पित करते हुए मुख्य अतिथि सेठ रामनिवास बंसल







कट के काम में केंद्र सरकार के द्वारा ढिलाई के कारण किसानों में आक्रोश
-धरना 322वें दिन रहा जारी
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कनीना की आवाज। राष्ट्रीय राजमार्ग 152डी पर सेहलंग -बाघोत के बीच कट के लिए अनिश्चितकालीन धरना रोष के साथ जारी रहा। धरने की अध्यक्षता चेयरमैन सतपाल पोता ने की और उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय राजमार्ग 152डी पर बाघोत -सेहलंग के बीच कट की घोषणा की हुई है तो काम को क्यों शुरू नहीं किया जा रहा है। हम उसी दिन से राज्य सरकार और केंद्र सरकार के इंतजार में है कि धरातल पर जल्द से जल्द कट का काम शुरू किया जाए। जब तक केंद्र सरकार राष्ट्रीय राजमार्ग 152डी पर बाघोत -सेहलंग के बीच कट का काम शुरू नहीं करती है, हमारा धरना जारी रहेगा।
  दलीप  सिंह सांगवान, संयोजक संयुक्त किसान मोर्चा धरना स्थल पर पहुंचे और उन्होंने बताया कि आपका संघर्ष इस क्षेत्र के लोगों को हमेशा याद रहेगा। आपकी मेहनत के कारण राज्य सरकार और केंद्र सरकार के द्वारा दादरी, बाघोत वाया सेहलंग से उन्हाणी तक स्टेट हाइवे घोषित कर दिया गया है और राष्ट्रीय राजमार्ग 152डी पर बाघोत -सेहलंग के बीच कट की घोषणा कर दी गई है।
धरना संघर्ष समिति के अध्यक्ष विजय सिंह चेयरमैन ने बताया कि किसानों को लग रहा है कि सरकार कट को लेकर गंभीर नहीं है, उनकी पीड़ा को नहीं समझ रही है। किसान पक्के इरादे के साथ धरना स्थल पर बैठे हुए हैं, वे जानते हैं और समझते हैं कि जब तक केंद्र सरकार राष्ट्रीय राजमार्ग 152डी पर बाघोत-सेहलंग के बीच चढऩे और उतरने का मार्ग नहीं बनता है तब तक इन 40 गांवों का विकास नहीं हो सकता।
इस मौके पर मास्टर विजय पाल,डा लक्ष्मण सिंह, नरेंद्र कुमार शास्त्री, लख्मीचंद जिला महामंत्री महेंद्रगढ़, सूबेदार मुन्नीलाल शर्मा, ओमप्रकाश लिसानिया,  नंबरदार नाथूराम , राम भज,  वेद प्रकाश, रामकिशन, बाबूलाल,  पूर्व सरपंच बेड़ा सिंह, प्रधान कृष्ण कुमार ,  प्यारेलाल,   सूबेदार हेमराज अत्रि,  सीताराम,प्यारेलाल, सब-इंस्पेक्टर रामकुमार , ओमप्रकाश, डॉ राम भक्त,  रोशन लाल आर्य व गणमान्य लोग मौजूद रहे।
फोटो कैप्शन 03: कट की मांग को लेकर धरने पर बैठे ग्रामीण







कैसे करें परीक्षा की तैयारी
-नियमित अध्ययन है सफलता का राज-डा कर्मवीर रामबास
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कनीना की आवाज। हरियाणा विद्यालयों में परीक्षाएं फरवरी माह में शुरू हो रही हैं। विद्यार्थी जी-जान से मेहनत में लगे हुए हैं। उनकी तैयारी कैसी हो ताकि वे बेहतर अंक प्राप्त कर सके। इस संबंध में शिक्षाविदों से बात की गई-
डा. प्रो कर्मवीर रामबास का कहना है कि किसी भी राष्ट्र के लिए सबसे महत्वपूर्ण संसाधन होता है मानव संसाधन और मानव संसाधन को बेहतर तरीके से तैयार करने के लिए उसे देश का शिक्षा ढांचा एवं व्यवस्था अति महत्वपूर्ण योगदान देती है। भारत में  सबसे युवा देश के रूप में हमारे पास करोड़ों की संख्या में विद्यार्थी आज स्कूल एवं कालेज में अध्ययनरत है और भारतीय शिक्षा पद्धति में भी परीक्षाओं की व्यवस्था विद्यार्थियों के एकेडमिक मूल्यांकन के लिए महत्वपूर्ण चरण होता है ।
 परीक्षाओं का दौर प्रारंभ हो चुका है विद्यार्थियों पर बहुत प्रकार के दबाव होते हैं विशेष रूप से मनोवैज्ञानिक दबाव की उनको बहुत ही कम समय में सारे विषयों को अच्छी तरह से तैयार करना होता है तो ऐसी स्थिति में हम टीचर्स, समाज और अभिभावकों का एक सामूहिक दायित्व है कि बच्चों को परीक्षा के अनुचित मनोवैज्ञानिक दबाव से मुक्त करें। एक शिक्षक के रूप में भूमिका यह होनी चाहिए कि बच्चों को परीक्षाओं से बहुत पहले पाठ्यक्रम को पूरा करने के उपरांत उनका ठीक से रिवीजन करवाया जाए। बार-बार उनसे लिखने का अभ्यास करवाया जाए और विशेष रूप से कुछ ऐसे विषय हैं जो प्रयोग परीक्षाओं एवं प्रायोगिक अनुभवों के आधार पर ही उनके कान्सेप्ट्स को समझ सकते हैं तो वहां शिक्षक प्रायोगिक करवाने में महत्वपूर्ण सक्रियता दिखाएं। दूसरी तरफ अभिभावकों के रूप में हमारा दायित्व है कि हम बच्चे पर अनुचित दबाव न बनाएं विशेष रूप से भारत में जिस तरह से बच्चों को अंक प्राप्त करने की अनावश्यक होड़ में डाल दिया जाता है जिसकी वजह से बच्चे पर निरंतर दबाव रहता है तो ऐसी स्थिति में अभिभावकों को बच्चों को प्रोत्साहित करना चाहिए कि उनको संकल्पनात्मक रूप से जो बेहतर समझ है उसके हिसाब से अपनी परीक्षा में उत्तरों को लिखे हां यह जरूर ध्यान रखना चाहिए कि  परीक्षा के दौरान बच्चों को निरंतर काउंसलिंग की जरूरत होती है। उनका स्वास्थ्य ठीक रहे वह ठीक से नींद ले पाए और उनका खान पान सब बेहतर हो ताकि एक स्वस्थ मस्तिष्क के रूप में वह एक स्वस्थ परीक्षा में उत्तर लिख सके ।इसके साथ-साथ सामाजिक रूप से भी हमें यह ध्यान रखना चाहिए कि बच्चों के ऊपर रिजल्ट को लेकर जो एक दबाव रहता है सामाजिक रूप से उसको हम दूर करें ।अनावश्यक रूप से बच्चों से अपेक्षा ही नहीं पाली जानी चाहिए हर बच्चे की अपनी क्षमता होती है हर बच्चे की अपनी समझ होती है उसके हिसाब से उसको प्रोत्साहित करें कि वह बेहतर करें।
 हां यह जरूर सुनिश्चित किया जाना चाहिए विशेष रूप से स्कूल एवं कॉलेज के अंदर की बच्चों को पूरा समय मिले उनका सिलेबस को पढऩे और उसको दोहराई करने का विशेष रूप से रिवीजन के दौरान पीछे के माडल पेपर्स ,पीछे के 8-10 साल के क्वेश्चन पेपर्स को रिटर्न प्रैक्टिस के द्वारा हल करके देखना चाहिए अगर उनमें कोई कांसेप्चुअल कोई दिक्कत है तो शिक्षक को उनको प्रोत्साहित करके उनका अभ्यास लेखन करवाना चाहिए। इस तरह से यह परीक्षा का जो  समय है इसको एक पर्व की तरह उत्साह के साथ मनाना  चाहिए बगैर किसी दबाव के बगैर किसी दबाव के बच्चों को उनका मौलिक लेखन करने के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए । परीक्षाओं के दौरान समय प्रबंधन एक बहुत महत्वपूर्ण कौशल होता है इसके बारे में निरंतर अध्यापकों एवं अभिभावकों को बच्चों से बात करनी चाहिए कि किस प्रकार एक निश्चित समय में उन्हें बेहतर से बेहतर उत्तर लिखने की प्रैक्टिस करवाई जाए।
फोटो कैप्शन: प्रो डा. कर्मवीर रामबास







7 क्विंटल अन्न किया























गौशाला को भेंट
-हर महीने करते हैं अन्न का दान
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कनीना की आवाज। कनीना के संत मोलडऩाथ आश्रम की ओर से मंदिर कमेटी के प्रधान दिनेश कुमार, सत्संग मंडल प्रधान होशियार सिंह, गौशाला प्रधान हुकम सिंह, रमेश कुमार आदि के उपस्थिति में कनीना की श्री कृष्ण गौशाला को करीब 7 क्विंटल अन्न भेंट किया।
 इस मौके पर दिनेश कुमार प्रधान ने बताया की हर महीने गौशाला को अन्न आदि भेंट करते हैं। इस बार भी अन्न भेंट किया गया है। यह लंबे समय से परंपरा चली आ रही है। उन्होंने बताया कि एकादशी को संत आश्रम में भक्तों की भारी भीड़ जुटती है जो मेले जैसा रूप ले लेती है। भारी मात्रा में अन्न, शक्कर तथा अन्य पदार्थ आते हो सभी गौशाला में दान कर दिए जाते हैं। उधर सत्संग मंडल प्रधान होशियार सिंह ने बताया कि सत्संग मंडल के पास आई हुई दान राशि हर महीने गौशाला को भेंट कर दी जाती हैं जिससे चारा आदि खरीदा जाता है।
 इस मौके पर संत रामनिवास दास ने बताया कि वह गौशाला के लिए सदा तत्पर हैं तथा आगे भी रहेंगे तथा इसी प्रकार अन्न आदि भेंट कर गायों की सेवा करते रहेंगे।
 फोटो कैप्शन 01: गौशाला को अन्न भेंट करते हुए संत रामनिवास सहित विभिन्न प्रधान।

 

 


अयोध्या के वास्ते इकट्ठा किया गया एक मुट्ठी अन्न में मिला अच्छा सहयोग
-अनाज पहुंचाया कार्यालय

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कनीना की आवाज।
कनीना क्षेत्र से अयोध्या के लिए एक मुट्ठी अन्न रामोत्सव के नाम पर इकट्ठा किया गया। करीब 8 क्विंटल अन्न संत मोलडऩाथ आश्रम के प्रधान दिनेश कुमार, संत रामनिवास रमेश कुमार तथा महेश बोहरा आदि की उपस्थिति में नारनौल कार्यालय से भेजी गई गाड़ी द्वारा लोड करके रवाना किया। इस मौके पर उनकी प्रमुख रूप से देखरेख करने वाले मौलाना नाथ आश्रम के प्रधान दिनेश कुमार ने बताया कि उन्होंने लंबे समय से अन्न सुरक्षित रख रखा था। इस अन्न को देने में प्रमुख रूप से भगत सिंह समाजसेवी, जगदीश आचार्य गीता विद्या मंदिर, महेश बोहरा, श्याम मंदिर के संदीप महेश्वरी एवं प्रदीप पुजारी, शिव मंदिर कनीना से बिमला देवी, हनुमान मंदिर से रत्ना देवी एवं अन्य,  बाबा भैया श्री रामकला देवी एवं अन्य, बाबा लाल गिरी से कैलाश चंद एवं अन्य, संत बाबा मोलडऩाथ आश्रम से रामनिवासदास, रमेश एवं प्रदीप , गाहड़ा गांव, भडफ़ से महेंद्र कुमार, ककरालरा कृष्ण कुमार, इशराणा से विजेंद्र सरपंच, दारा सिंह गाहड़ाआदि से एक मुट्ठी अन्न-रामोत्सव इकट्ठा करवाया गया था। सभी का बेहतर सहयोग रहा है।



Saturday, January 27, 2024

















 

डाक से आने वाले समाचार पत्र और पत्रिकाएं नहीं आ रहे हैं छह माह से
-अधिकारी मौन, आरएमएस बदलने के बाद दिक्कत
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कनीना की आवाज। डाकघर के द्वारा उपभोक्ताओं को  मिलने वाली विभिन्न पत्र पत्रिकाएं बहुत कम लोगों को मिल पा रही हैं। अधिकांश उपभोक्ता पत्र पत्रिकाओं सब्सक्रिप्शन लेते हुए भ उनसे वंचित हैं। ये पत्र पत्रिकाएं सामान्य डाक/बुक पोस्ट से आती है जिनका कोई रिकार्ड नहीं होता जिसके चलते अधिकांश पत्र पत्रिकाएं उन तक नहीं पहुंच पाती। उपभोक्ताओं ने पत्र पत्रिकाओं का सब्सक्रिप्शन भरा हुआ है जिसके चलते उन्हें ये पाक्षिक,मासिक या त्रि-मासिक रूप में मिलनी चाहिए। ये पत्र पत्रिकाएं डाक से प्राप्त होती थी, पहले लगातार उन्हें पत्र पत्रिकाएं प्राप्त होती रही है परंतु विगत 6 माह से यह समस्या आई हुई है। ऐसा एक कारण माना जा रहा है कि आरएमएस पहले रेवाड़ी होता था परंतु आप बदलकर गुरुग्राम कर दिया है जिसके बाद से इन पत्र पत्रिकाओं आवक बंद हो गई है।
 इस प्रकार पत्र पत्रिकाओं से जहां डाकघर का काम करने वाले डाक बांटने वाले पोस्टमैन आदि भी प्रभावित हो रहे हैं। उनकी रोटी रोजी पर भी कु-प्रभाव पड़ सकता है। वैसे भी इस संबंध में दिनेश कुमार, सुनील कुमार, मनोज कुमार, रविंद्र कुमार, महेश कुमार आदि से बात हुई उन्होंने बताया कि पहले पत्र पत्रिका लगातार आती थी किंतु अब वो नहीं आ रही हैं। पत्र पत्रिकाओं के प्रशासन कार्यालय से भी संपर्क किया गया तो उनका कहना है कि वे लगातार पत्र पत्रिकाएं भेज रहे हैं किंतु उपभोक्ताओं तक नहीं पहुंचना एक जांच का विषय बन गया है। आखिरी पत्र पत्रिका एक कहां जा रही है?
 डाकघर के अधिकारियों से संबंध में बात करनी चाहिए किंतु कोई स्पष्ट उत्तर नहीं दे पा रहे हैं परंतु डाकघर में काम करने वाले एक कर्मचारी ने बताया कि ये पत्र पत्रिकाएं प्राय बुक पोस्ट से आती है जिनका कोई रिकार्ड नहीं होने से गुम हो जाती हैं।



कैसे करें परीक्षा की तैयारी
-योजनाबद्ध तरीकेे से पढ़ाई करें-डा राजेंद्र सिंह यादव
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कनीना की आवाज। हरियाणा विद्यालयों में परीक्षाएं फरवरी माह में शुरू हो रही हैं। विद्यार्थी जी जान से मेहनत में लगे हुए हैं। उनकी तैयारी कैसी हो ताकि वे बेहतर अंक प्राप्त कर सके। इस संबंध में शिक्षाविदों से बात की गई-
पूर्व उप जिला शिक्षा अधिकारी एवं शिक्षाविद डा राजेंद्र सिंह यादव का कहना है कि परीक्षाओं के दिन शुरू होते ही विद्यार्थियों के लिए चुनौती भरे दिनों की भी शुरूआत हो जाती है । यह सत्य है परीक्षा पास करने के तरीके सिखाए जाते हैं इसके साथ साथ इस चुनौती को कैसे अवसर में बदलें और सहजता से पार जायें यह सीखना भी जरूरी है । मैंने अनुभव किया कुछ बच्चे परीक्षाओं के दिनों में बड़े मस्त रहते हैं और वो जीवन में भी सफल रहते हैं  । इन बच्चों के माता पिता भी दबाव नहीं डालते । सबसे पहले विद्यार्थी परीक्षा को सहज ले । जिस टापिक को वह अच्छा कर सकता है उसे अच्छे से दोहराए, लिख कर और प्रश्नों के हल करके देखे ।नये टॉपिक को समय कम है तो तो कम समय दें । नींद पूरी लें और हैल्थ का ध्यान रखें । टेंशन में तो जरा भी ना आयें । ये एक प्रक्रिया है सीखने की जीवन की परीक्षा नहीं । जीवन मोकों से भरा पड़ा है, कोई एक परीक्षा या परिणाम आपको अति उत्साहित न करे और ना ही हतोत्साहित करे । प्रत्येक दिन योजनाबद्ध तरीकेे से पढ़ाई करें । आज का टापिक जो रिवाइज करना है वो आज पूरा हो जाये तो आश्चर्यजनक परिणाम आयेंगे ।
फोटो कैप्शन: डा राजेंद्र सिंह यादव





अयोध्या के वास्ते इकट्ठा किया गया एक मुट्ठी अन्न में मिला अच्छा सहयोग
-अनाज पहुंचाया कार्यालय, भक्तोंं ने किया जमकर सहयोग
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कनीना की आवाज। कनीना क्षेत्र से अयोध्या के लिए एक मुट्ठी अन्न रामोत्सव के नाम पर इक_ा किया गया। करीब 8 क्विंटल अन्न संत मोलडऩाथ आश्रम के प्रधान दिनेश कुमार, संत रामनिवास रमेश कुमार तथा महेश बोहरा आदि की उपस्थिति में नारनौल कार्यालय से भेजी गई गाड़ी द्वारा लोड करके रवाना किया। इस मौके पर उनकी प्रमुख रूप से देखरेख करने वाले मौलाना नाथ आश्रम के प्रधान दिनेश कुमार ने बताया कि उन्होंने लंबे समय से अन्न सुरक्षित रख रखा था। इस अन्न को देने में प्रमुख रूप से भगत सिंह समाजसेवी, जगदीश आचार्य गीता विद्या मंदिर, महेश बोहरा, श्याम मंदिर के संदीप महेश्वरी एवं प्रदीप पुजारी, शिव मंदिर कनीना से बिमला देवी, हनुमान मंदिर से रत्ना देवी एवं अन्य,  बाबा भैया श्री रामकला देवी एवं अन्य, बाबा लाल गिरी से कैलाश चंद एवं अन्य, संत बाबा मोलडऩाथ आश्रम से रामनिवासदास, रमेश एवं प्रदीप , गाहड़ा गांव, भडफ़ से महेंद्र कुमार, ककरालरा कृष्ण कुमार, इशराणा से विजेंद्र सरपंच, दारा सिंह गाहड़ाआदि से एक मुट्ठी अन्न-रामोत्सव इकट्ठा करवाया गया था। सभी का बेहतर सहयोग रहा है।






एनएसएस का सात दिवसीय शिविर प्रारंभ
-धनौंदा धर्मशाला में किया शुभारंभ
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कनीना की आवाज। राजकीय कन्या महाविद्यालय उन्हाणी  द्वारा शनिवार को कर्णचित्रा धर्मशाला धनौंन्दा में राष्ट्रीय सेवा योजना की इकाई प्रथम व द्वितीय द्वारा सात-दिवसीय विशेष शिविर का शुभारंभ किया गया। जिसकी अध्यक्षता सरपंच धनौंन्दा व सरपंच खरकड़ाबास ने की।
 शिविर का प्रारंभ राष्ट्रीय सेवा योजना के गीत व मां शारदे के समक्ष दीप प्रज्वलित कर  किया गया। प्राचार्य विक्रम सिंह नेकहा कि आज का युवा -वर्ग स्वार्थ की भावना से ग्रसित हो चुका है । अत: वर्तमान समय में इस योजना का उद्देश्य अत्यंत ही चुनौती पूर्ण हो गया है। यह योजना उनमें सामुदायिक समस्याओं के प्रति संवेदनशीलता विकसित करती हुई सामूहिक जीवन जीने का कौशल  उत्पन्न करेगी । उन्होंने रामचरितमानस की चौपाइयों द्वारा श्री राम व सीता के समान कत्र्तव्यपूर्वक जीवन जीने के लिए प्रेरित करते हुए अत्यंत ही ज्ञानवर्धक वक्तव्य देकर उन्हें प्रेरित किया। प्राचार्य  डॉ.विक्रम यादव ने अपने वक्तव्य में कहा कि  शिक्षा का उद्देश्य केवल ज्ञान संचय नहीं, अपितु युवाओं में सामाजिक कल्याण तथा  विश्व बंधुत्व की भावना का विकास करना है के बारे में प्रकाश डाला।  राजेश कुमार  ने राष्ट्रीय सेवा योजना के प्रतीक चिन्ह -मैं नहीं पहले आप के बारे में रोचक जानकारी दी।  दोनों गांवों के सरपंच ने इस शिविर में यथासंभव सहयोग देने का आश्वासन दिया। स्वयं -सेविकाओं ने सांस्कृतिक गतिविधियों द्वारा ग्रामवासियों को सामाजिक कुरीतियों को दूर करने का संदेश दिया। कार्यक्रम संयोजिका डा.सीमा देवी व  सीमा  ने इस शिविर के दौरान होने वाली सप्त दिवसीय गतिविधियों के बारे  विस्तारपूर्वक विवेचन किया। इस अवसर पर महाविद्यालय परिवार के सदस्य  डा अंकिता यादव,  सुषमा यादव, डा.सुधीर यादव, सोमेशचंद, दिनेश कुमार, अनिल,  नीरज व पवन कुमार उपस्थित रहे ।
फोटो कैप्शन 09: अतिथियों का सम्मान करते हुए ग्रामीण।







क्षेत्र में खिली धूप, सुबह पाला जमने जैसे हालात
-लोगों ने धूप का लिया आनंद
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कनीना की आवाज। विगत कई दिनों से धुंध, कोहरा, बारिश, लगातार कड़ाके की ठंड, कुछ दिनों तक बादल छाए रहने के बाद कनीना क्षेत्र में शनिवार को  धूल खिल गई जिसके चलते क्षेत्र के लोगों ने राहत महसूस की। लोग धूप सेकते देखे गयो। वहीं किसानों ने भी खुशी जाहिर की चूंकि लगातार धुंध व कोहरा पडऩे से सरसों की फसलों में रोग लग गया है जिससे बचाने का एकमात्र तरीका धूप खिलना होता है। कृषि वैज्ञानिक भी मानते हैं कि धूप खिलने फसल रोगों से राहत मिलती है यही कारण है कि अब किसान भी राहत महसूस कर रहे हैं।
 अगर सर्दी पडऩे के बाद धूप खिलती है तो फसल को नुकसान होने की संभावना कम होती है। विगत कई दिनों से धुंध, कोहरा, बारिश होने के बाद शनिवार को कनीना क्षेत्र में आसमान साफ रहा जिसके चलते धूप खिली। धूप का आनंद लोगों ने लिया।
उल्लेखनीय है कि धुंध एवं कोहरा एवं हवा में नमी के चलते सरसों में सफेद रतुवा का रोग लग गया है। धूप से उसके भी नष्ट होने की संभावना है।
किसान सूबे सिंह, अजीत कुमार, कृष्ण कुमार, दिनेश कुमार आदि ने बताया कि विगत करीब एक माह से गेहूं एवं सरसों की फसल को नुकसान होने का अंदेशा बना हुआ था किंतु धूप आने से अब समस्या कुछ कम हो सकती है। पैदावार में कमी आने से इंकार नहीं किया जा सकता है।
क्या कहते हैं कृषि अधिकारी-
उधर इस संबंध में कृषि विज्ञान केंद्र महेंद्रगढ़ के वरिष्ठ संयोजक डा. रमेश कुमार से बात हुई। उन्होंने माना कि विगत लंबे समय से धूप न मिलने तथा ठंड पडऩे से सरसों फसल में सफेद रतुआ का रोग लगा वहीं ठंड से पत्तियां जल गई हैं साथ में जड़ गलन से संबंधित रोग लगा है वहीं गेहूं की वृद्धि भी रुक गई है। उन्होंने माना कि सरसों में नुकसान हो सकता है किंतु अभी आकलन नहीं किया जा सकता है। चार पांच दिन बाद ही पता चल पाएगा। वहीं गेहूं में ऐसा लगे कि बढ़ोतरी रुक गई है तो एक किलो जिंक, पांच किलो यूरिया एवं 200 लीटर पानी में घोल बनाकर गेहूं के खेत में छिड़काव कर दे।
फोटो कैप्शन 8: धूप का आनंद लेता एक परिवार
             साथ में डा रमेश।







कट की मांग को लेकर 321वें दिन जारी रहा धरना
-अपनी मांग पर अडिग, काम शुरू होने पर हटेंगे धरने से
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कनीना की आवाज। राष्ट्रीय राजमार्ग 152डी पर सेहलंग -बाघोत के बीच कट के लिए ग्रामीणों का अनिश्चितकालीन धरना जारी है। धरने की अध्यक्षता बाबूलाल हार्डवेयर सेहलंग ने की और उन्होंने बताया कि कट को लेकर हम सब एक है। हमारा एक ही उद्देश्य है, जब तक केंद्र सरकार राष्ट्रीय राजमार्ग 152डी पर बाघोत -सेहलंग के बीच कट का काम शुरू नहीं करती है, हमारा धरना जारी रहेगा। राज्य सरकार और केंद्र सरकार को हम बार-बार याद दिला रहे हैं कि इस क्षेत्र के किसानों की आवाज सुने और उनकी पीड़ा को समझे। राष्ट्रीय राजमार्ग 152डी पर बाघोत -सेहलंग के बीच चढऩे का और उतरने का मार्ग होना बहुत जरूरी है। इन 40 गांवों का विकास तभी होगा, जब यह कट बन कर तैयार हो जाएगा।
धरना संघर्ष समिति के अध्यक्ष विजय सिंह चेयरमैन ने बताया कि धरने को चलते 321 दिन हो गए हैं।कट को लेकर किसानों का जोश और उनका हौसला बरकरार है। किसानों ने प्रतिज्ञा ले रखी है जब तक केंद्र सरकार राष्ट्रीय राजमार्ग 152डी पर बाघोत -सेहलंग के बीच  चढऩे के लिए और उतरने के लिए मार्ग बनना शुरू नहीं होता है, तब तक  धरना स्थल पर अडिग रहेंगे। केंद्र सरकार किसानों की परेशानियों  को समझे और जितना जल्दी हो सके राष्ट्रीय राजमार्ग 152डी पर बाघोत -सेहलंग के बीच कट का काम शुरू करवाया जाए।
इस मौके पर डा. लक्ष्मण सिंह, नरेंद्र कुमार शास्त्री, पहलवान रणधीर सिंह,  वेद प्रकाश, रामकिशन, चेयरमैन सतपाल,बाबूलाल, राजू, पूर्व सरपंच बेड़ा सिंह, ठेकेदार शेर सिंह, मुंशीराम, मास्टर विजयपाल, इंस्पेक्टर सत्यनारायण, पहलवान धर्मपाल, प्रधान कृष्ण कुमार ,प्यारेलाल, रामफल बाघोत , सूबेदार हेमराज अत्रि,  सीताराम,प्यारेलाल, पंडित संजय कुमार, अनिल, सब इंस्पेक्टर रामकुमार , कृष्ण कुमार पंच, ओमप्रकाश, डॉ राम भक्त,  रोशन लाल आर्य व गणमान्य लोग मौजूद थे।
फोटो कैप्शन 06: कट की मांग को लेकर धरने पर बैठे ग्रामीण।





गांव ककराला में पंचायत भवन में सीसीटीवी को मिली खंड से मंजूरी और वार्ड सभा
-- बैठकों की हुई शुरुवात
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कनीना की आवाज। कनीना उपमंडल के गांव ककराला में पंचायत भवन में सीसीटीवी को खंड से मंजूरी मिल गई है।  वार्ड सभा बैठकों की शुरुवात  हो गई है। खंड के गांव ककराला में वार्ड 8 की सभा बैठक आयोजित हुई जिसकी अध्यक्षता वार्ड पंच श्रवण कुमार ने की।
पंच श्रवण कुमार ने बताया वार्ड सभा में शामिल ग्रामीणों ने अपने वार्ड की समस्याओं और सुझावों को सभा में सांझा किया। वार्ड निवासियों ने मुनि कुम्हार के घर से लेकर सुनील के घर तक और राजपाल के घर से लेकर ताराचंद के घर तक के रास्ते पक्के करवाने की मांग रखी। उपस्थिति ग्रामीणों ने बड़वाला मंदिर और देवेंद्र की दुकान के चौराहों पर सोलर स्ट्रीट लाईट और सीसीटीवी कैमरा लगवाने का सुझाव रखा। एक ग्रामीण ने उनके आयुष्मान कार्ड बनने में आ रही कठिनाइयों को सभा में सांझा किया। एक वर्ष में कम से कम दो बार वार्ड सभा की बैठक आयोजित करने की सबकी सहमति बनी।
 उल्लेखनीय है कि काफी समय से ककराला में पंचायती कामकाज की पारदर्शिता और पंचायती राज अधिनियम के नियमों की अनुपालना हेतु एक मुहिम चल रही है जिसमें पंचायत भवन में सीसीटीवी कैमरा लगाना भी शामिल है। मुहिम से जुड़े कार्यकर्ता राजपाल फौजी ने बताया कि ग्राम सभा में काफी महिलाएं भी शामिल होती हैं, वहां कई बार कुछ शरारती तत्वों के उकसावी भाषा से माहौल को खराब करने की कोशिश करते हैं। इसलिए उन्होंने पंचायत भवन में ग्रामीणों के खर्चे से सीसीटीवी लगवाने की मांग उठाई जिसका 12 पंचों ने भी स्वागत किया। पंचों ने इसको लेकर अतिरिक्त जिला उपायुक्त और ब्लॉक अधिकारी कनीना से स्वीकृति मांगी गई। आखिरकार वार्ड एक के पंच राजपाल को ब्लाक अधिकारी से स्वीकृति मिल गई है और ग्राम पंचायत जल्द ही अब इस कार्य को पूरा करने जा रही है।
इस वार्ड सभा के मौके पर कंवर सिंह नंबरदार, सतबीर, महेश कुमार, रामबीर, हवासिंह, प्यारेलाल, अनूप कुमार, दिनेश, सुरेंद्र, दीपक, अनिल पंच, अजीत, देशराज, जितेंद्र, सुनील पंच, सुनील शर्मा, सरपंच प्रतिनिधि सुंदर लाल, जितेंद्र, रामेश्वर, रामजस वकील सहित ग्रामीण मौजूद रहे।
फोटो कैप्शन 07: सीसीटीवी लगाने की मांग को लेकर ग्रामीण बैठक करते हुए।







संत कृष्णानंद की गद्दी पर विराजमान हुए स्वामी अनुराग देव
--ब्रह्मलीन संत की गद्दी पर बैठाया स्वामी को
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कनीना की आवाज। संत कृष्णानंद जैसा संत मिलना बहुत मुश्किल है। ये विचार संत अनुराग देव महाराज ने कनीना उपमंडल के गांव धनौंदा स्थित संत कृष्णानंद धाम में श्रीकृष्णानंद महाराज की गद्दी पर विराजमान होने के उपरांत व्यक्त किये। इस अवसर पर अनुराग देव महाराज ने कहा कि आज मेरे लिए बड़े सौभाग्य का दिन है कि मुझ जैसे छोटे से साधक को ब्रह्मलीन कृष्णानंद जैसे महान विद्वान की धरोहर को संभालने का मौका दिया है। उनके विश्वास पर मैं पूर्ण रूप से खरा उतारने का प्रयास करूंगा।
इससे पहले मुझे गांव फतेहपुरी में एक आश्रम को संभालने का अवसर प्राप्त हुआ था जहां के लोगों ने जो प्यार दिया उसे मैं कभी भूला नहीं पाऊंगा और मैं सदा उनका आभारी रहूंगा। संत कृष्णानंद आश्रम, रामबास आश्रम, फतेहपुरी आश्रम सभी की देखभाल करना व उनको आगे बढ़ाने में कहीं पीछे नहीं रहूंगा। इस मौके पर गांव धनौंदा, झाड़ली, छिथरोली, उच्चत, खेड़ी तलवाना, कनीना, रामबास, फतेहपुरी के अलावा अन्य गांव के लोग उपस्थित रहे।
 कृष्णानंद आश्रम ट्रस्ट के व्यवस्थापक कैलाश गोयल ने बताया कि संत कृष्णानंद महाराज लगभग 4 माह पूर्व स्थूल शरीर को छोड़ कर ब्रह्मलीन हो गए थे जिनकी वजह से आश्रम को संभालने में बड़ी परेशानी हो रही थी, जिसको लेकर क्षेत्रवासियों के अथक प्रयास से अनुराग देव महाराज को उनकी जगह विराजमान किया गया है। स्वामी जी की गद्दी पर स्वामी अनुराग देव महाराज को विधि विधान से सुशोभित कर दिया गया है।
  इस मौके पर वीर सिंह परमार, एडवोकेट कुलदीप यादव रामबास, हंसराज यादव, रामदास, नंबरदार राजेंद्र सिंह तंवर, ट्रस्ट के अध्यक्ष अनिल यादव, पूर्व पंच घनश्याम सिंह , वाइस चेयरमैन ठाकुर कर्मवीर सिंह, कोषाध्यक्ष विजय कुमार आर्य, डा. फतेहचंद दायमा, आचार्य मखनलाल, डा आनंद सिंघल, ज्योति सिंघल अजय, वीर सिंह खेड़ी तलवाना, सुरेंद्र यादव कोटिया, विजेंद्र ढिल्लो, डा.सुरेंद्र पाथेड़ा, घनश्याम शास्त्री, नरेंद्र शर्मा, रवि कुमार एडवोकेट, पृथ्वी सिंह पंच, पंच दलबीर सिंह, बाबूलाल शर्मा, पं. रामभगत शर्मा, लालाराम प्रजापत आदि मौजूद रहे।
फोटो कैप्शन 01: संत अनुराग को गद्दी पर बैठाते हुए भक्त।

Friday, January 26, 2024


 
वीरों की कुर्बानियों के चलते यह दिन देखने को मिला
--गणतंत्र दिवस पर किया सामाजिक कार्यकर्ताओं को सम्मानित
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कनीना की आवाज। डा. भीमराव अंबेडकर जैसे देशभक्तों के द्वारा बनाए गए 26 जनवरी 1950 को लागू संविधान के कारण भारत दुनिया का सबसे बड़ा प्रजातांत्रिक देश है। महान स्वतंत्रता सेनानियों, देशभक्तों एवं रणबांकुरों की कुर्बानियों से मिली आजादी तथा भारत की संवैधानिक शक्तियों के कारण समूचे देश ने प्रगति के नए आयाम स्थापित किए हैं तथा दुनिया में भारत की एक नई पहचान कायम हुई है।
उक्त विचार राजकीय महाविद्यालय कनीना में आयोजित 75वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर बतौर मुख्यातिथि विधायक प्रवीण डागर ने राष्ट्रीय ध्वज फहराने के बाद उपस्थित क्षेत्रवासियों को संबोधित करते हुए व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की दूरगामी सोच एवं कुशल नेतृत्व का परिणाम है कि विश्व की महाशक्तियां हमारे देश के साथ कदमताल के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि हमारे प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के प्रयासों के फलस्वरूप 22 जनवरी, 2024 का सूरज देश में एक अद्भुत आभा लेकर आया है। इस दिन अयोध्या में राम मंदिर के भूमिपूजन के बाद से प्रतिदिन पूरे देश में उमंग और उत्साह बढ़ता ही जा रहा है। प्रदेश सरकार भी सबका साथ-सबका विकास के आधार पर आमजन को खुशहाल बनाने में जुटी हुई है। केन्द्र एवं प्रदेश सरकार द्वारा शुरू स्वच्छ भारत-स्वच्छ हरियाणा, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ जैसे अनेकों अभियान एवं विकास के सार्थक परिणाम दिन-प्रतिदिन मिल रहे हैं।  यहां के लोगों का विभिन्न विकासात्मक योजनाओं, नीतियों को लागू करने एवं सामाजिक बुराईयों को दूर करने में बराबर योगदान मिल रहा है।
इस अवसर पर हरियाणा पुलिस, एनसीसी सीनियर, एनसीसी राजकीय विद्यालय कनीना, एनसीसी एसडी  स्कूल ककराला आदि  टुकडिय़ों द्वारा भव्य मार्चपास्ट का प्रदर्शन करते हुए सलामी दी गई।  डम्बल व पीटी शौ का भी प्रदर्शन किया गया।कृषि एवं किसान कल्याण विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग व नगर पालिका कनीना द्वारा झांकी का प्रदर्शन किया गया। विभिन्न स्कूलो के छात्र-छात्राओं ने देशभक्ति एवं हरियाणवी संस्कृति से ओतप्रोत मनोहारी सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया। स्वतंत्रता सेनानियों एवं उनके आश्रितों, कार्यक्रम में भाग लेने वाली टीमों सहित विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वालों को मुख्यातिथि विधायक प्रवीण डागर  ने सम्मानित किया।
इस अवसर पर एसडीएम सुरेंद्र सिंह, डीएसपी मोहम्मद जमाल,भाजपा मण्डल अध्यक्ष अतरसिंह,बाबूलाल मुंडिया खेड़ा प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य, मुन्नीलाल मंडल प्रभारी,सुरेश वशिष्ट जिला सहयोग, निगरानी कमेटी के सदस्य मनोज,ओमप्रकाश जिला प्रवक्ता, राजेंद्र लोढ़ा, मास्टर दलीप सहित अनेकों गांवों के सरपंच एवं गणमान्यजन उपस्थित थे।
फोटो कैप्शन- ध्वजारोहण करते हुए विधायक प्रवीण डागर
-सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करते छात्र-छात्राएं
-गणतंत्र दिवस समारोह में जनसमूह को संबोधित करते विधायक प्रवीण डागर








कैसे करें परीक्षा की तैयारी
-योजनाबद्ध तरीकेे से पढ़ाई करें-डा राजेंद्र सिंह
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कनीना की आवाज। हरियाणा विद्यालयों में परीक्षाएं फरवरी माह में शुरू हो रही हैं। विद्यार्थी जी जान से मेहनत में लगे हुए हैं। उनकी तैयारी कैसी हो ताकि वे बेहतर अंक प्राप्त कर सके। इस संबंध में शिक्षाविदों से बात की गई-
पूर्व उप जिला शिक्षा अधिकारी एवं शिक्षाविद डा राजेंद्र सिंह यादव का कहना है कि परीक्षाओं के दिन शुरू होते ही विद्यार्थियों के लिए चुनौती भरे दिनों की भी शुरूआत हो जाती है । यह सत्य है परीक्षा पास करने के तरीके सिखाए जाते हैं इसके साथ साथ इस चुनौती को कैसे अवसर में बदलें और सहजता से पार जायें यह सीखना भी जरूरी है । मैंने अनुभव किया कुछ बच्चे परीक्षाओं के दिनों में बड़े मस्त रहते हैं और वो जीवन में भी सफल रहते हैं  । इन बच्चों के माता पिता भी दबाव नहीं डालते । सबसे पहले विद्यार्थी परीक्षा को सहज ले । जिस टापिक को वह अच्छा कर सकता है उसे अच्छे से दोहराए, लिख कर और प्रश्नों के हल करके देखे ।नये टॉपिक को समय कम है तो तो कम समय दें । नींद पूरी लें और हैल्थ का ध्यान रखें । टेंशन में तो जरा भी ना आयें । ये एक प्रक्रिया है सीखने की जीवन की परीक्षा नहीं । जीवन मोकों से भरा पड़ा है, कोई एक परीक्षा या परिणाम आपको अति उत्साहित न करे और ना ही हतोत्साहित करे । प्रत्येक दिन योजनाबद्ध तरीकेे से पढ़ाई करें । आज का टापिक जो रिवाइज करना है वो आज पूरा हो जाये तो आश्चर्यजनक परिणाम आयेंगे ।
फोटो कैप्शन: डा राजेंद्र सिंह यादव




जनता करे कामों की तुलना, कांग्रेस ने करवाये हैं जमकर विकास कार्य- राव नरेंद्र सिंह
-कनीना में आयोजित हुआ बूथ्र स्तर का के काय्रकर्ताओं का सम्मेलन
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कनीना की आवाज। शुक्रवार को कनीना कांग्रेस कार्यालय में कांग्रेस जनों द्वारा पूर्व मंत्री राव नरेंद्र सिंह के नेतृत्व में बूथ स्तर सम्मेलन आयोजित किया गया । जिसमें जिला एआइसीसी प्रभारी गोपाल सिंह , पवन बुवानीवाला व ब्लॉक को-आर्डिनेटर सतबीर झुकिया ने बतौर मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की ।
मंच संचालन पूर्व हेडमास्टर कृष्ण प्रकाश द्वारा किया गया ।
इस अवसर पर पूर्व मंत्री राव नरेंद्र सिंह ने सम्मेलन को सम्भोदित करते हुए कहा कि हरियाणा में इस सरकार को लगभग 10 साल पूरे हो चुके हैं। इतने ही समय तक भूपेंद्र सिंह हुड्डा के नेतृत्व वाली कांग्रेस का कार्यकाल रहा था। अब समय आ गया है कि दोनों सरकारों के कार्यों व उपलब्धियां की तुलना की जाए। जनता जब तुलना करेगी तो वह पाएगी कि बीजेपी व बीजेपी-जेजेपी सरकार के दौरान 5 गुना कर्जा, 4 गुना महंगाई, 3 गुना बेरोजगारी व 2 गुना अपराध बढ़े हैं। बीजेपी-जेजेपी ने हमेशा जनसरोकार को नजरअंदाज करके सिर्फ सत्ता सुख भोगने की राजनीति की है। यहीं वजह है कि जो हरियाणा कांग्रेस कार्यकाल के दौरान प्रति व्यक्ति आय, प्रति व्यक्ति निवेश, कानून व्यवस्था और रोजगार देने के मामले में देश का नंबर वन राज्य था। वो आज बेरोजगारी, अपराध, भ्रष्टाचार और नशे के मामले में नंबर वन बन गया है।
राव नरेंद्र सिंह ने कहा कि हरियाणा में बेरोजगारी की वजह से युवा दूसरे प्रदेशों व विदेश में पलायन कर रहे हैं। बड़ी तादाद में नौजवान नशे व अपराध के दलदल में फंसते जा रहे हैं। नारनौल समेत पूरे हरियाणा में सरेआम हत्या व डकैती आम बात हो गई है। गैंगस्टर और माफिया बेखौफ अपराधों को अंजाम दे रहे हैं। खुद केंद्र सरकार की रिपोर्ट बताती है कि हरियाणा देश का सबसे असुरक्षित राज्य है। जबकि कांग्रेस कार्यकाल के दौरान बदमाश हरियाणा छोड़कर भाग गए थे और हरियाणा को देश के सबसे सुरक्षित राज्यों में गिना जाता था।
इस अवसर पर प्रभारी गोपाल सिंह ने सम्बोधित करते हुए कहा कि प्रदेश की मौजूदा भाजपा जजपा सरकार जनता की उम्मीदों व अपने चुनावी घोषणा पत्र को लागू करने में पूरी तरह से विफल साबित हुई है । यही वजह है कि आज कोई भी वर्ग इस गठबंधन सरकार से खुश नही है ।
गोपाल सिंह ने कहा कि आज प्रदेश में कांग्रेस का माहौल बन रहा है व लोग आने वाले समय में कांग्रेस की सरकार होगी व अपने घोषणा पत्र के सभी वादे पूरा करेगी ।
इस अवसर पर प्रभारी पवन बुवानीवाला ने अपने सम्भोधन में कहा कि जब भी चुनाव नजदीक आता है तो भाजपा को धर्म याद आने लग जाता है व भाजपा धर्म और जात के नाम पर लोगों को गुमराह करती है ।
पवन बुवानीवाला ने कहा कि भगवान श्री राम हम सब के हैं और हम भगवान राम के हैं व भगवान राम हम सब की आस्था के प्रतीक हैं और सबसे पहले राम मंदिर के दरवाजे राजीव गांधी ने ही खोले थे । राजीव गांधी ने वीर बहादुर सिंह के साथ तालमेल कर मंदिर के ताले को खुलवाने का काम किया जिसके बाद 9 नवम्बर 1989 को  अयोध्या में शिलान्यास हुआ इसलिए भाजपा को भगवान राम को चुनावी मुद्दे से नही जोडऩा चाहिए वे सबके लिए पूजनीय श्रद्धा के केंद्र हैं ।
इस अवसर पर ब्लॉक कोआर्डिनेटर सतबीर झुकिया ने कहा कि हाथ से हाथ जोड़ो अभियान , विपक्ष आपके समक्ष कार्यक्रमों को मिले भारी जनसमूह के बाद अब नववर्ष से पार्टी शीर्ष नेतृत्व द्वारा घर घर कांग्रेस हर घर कांग्रेस अभियान का ऐलान किया था , उसी कड़ी में आज कांग्रेस का हर कार्यकर्ता घर घर पहुंचकर आमजन तक कांग्रेस की नीतियों से अवगत करवाने का काम कर रहा है । उन्होंने कहा कि आज ना केवल यहाँ की जनता बल्कि पूरे प्रदेश की जनता सत्ता परिवर्तन के मूड में है और आम जन के मील रहे समर्थन से साफ प्रतीत होता है कि कांग्रेस आ रही है और भाजपा जा रही है ।
इस अवसर पर युवा कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष कृष्ण राव , पंडित रत्न लाल शर्मा , सुमेर चेयरमैन कनीना , सुमेर प्रधान बिहाली , प्रोफेसर भूप सिंह , किसान नेता मास्टर धर्मेंद्र यादव , बिजेंद्र चौहान कपूरी , राजेश ने सभा को सम्बोधित किया ।
सम्मेलन में कनीना ब्लॉक के अनेकों सरपंच , पूर्व सरपंच , पंच , नम्बरदार सहित क्षेत्र के अनेकों लोग उपस्थित रहे ।
फोटो कैप्शन 06: कनीना में राव नरेंद्र सिंह संबोधित करते हुए।


 

 

बकरियां चोरी करने के तीन आरोपित गिरफ्तार, नकदी बरामद।  
-मामला उन्हाणी गांव का

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कनीना की आवाज।
कनीना उपमंडल के गांव उन्हाणी से बकरियां चोरी करने के मामले में कार्रवाई करते हुए थाना शहर कनीना की पुलिस टीम ने तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया, जिनकी पहचान शुभम उर्फ भोला वासी दुजाना, तहसील बेरी झज्जर, सज्जन वासी ब्राह्मनवास, थाना बुहाना, झुंझुनू और हर्ष उर्फ गोलू वासी दुजाना तहसील बेरी झज्जर के रूप में हुई। आरोपितों को प्रोडक्शन वारंट पर लाकर गिरफ्तार किया और पुलिस रिमांड पर लिया गया। पुलिस द्वारा आरोपितों से सख्ती से पूछताछ की गई। पूछताछ में पुलिस ने आरोपितों से छह हजार रुपए बरामद किए। आरोपितों को आज न्यायालय में पेश किया गया।
शिकायतकर्ता देशराज वासी उन्हाणी ने थाना शहर कनीना में बकरियां चोरी की शिकायत दर्ज कराई, जिसमे उसने बताया कि दिनांक 14 अक्टूबर की रात समय करीब एक से दो बजे के बीच पिक-अप गाड़ी वाले चोर उसकी तीन बकरियां चोरी करके ले गए। शिकायतकर्ता ने उनको बकरियों को पिकअप गाड़ी में बैठाते देखा था। शिकायतकर्ता को देखते ही वो बकरियों सहित गाड़ी को भगाकर ले गए। शिकायतकर्ता ने अज्ञात के खिलाफ चोरी की शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी, मामले में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया और पूछताछ में नकदी बरामद कर न्यायालय में पेश किया गया।
फोटो कैप्शन 03: बकरी चोरी के मामले में गिरफ्तार लोग।







जल संरक्षण के नारे लगाकर ग्रामीणों को जल संरक्षण के प्रति किया जागरूक
-ककराला में निकाली जागरूकता रैली
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कनीना की आवाज। गुरुवार को राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय ककराला में जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग एवं जल एवं स्वच्छता सहायक संगठन नारनौल द्वारा जल जागरूकता रैली का आयोजन किया गया। जिसमें छात्रों ने जल संरक्षण के नारे लगाकर ग्रामीणों को जल संरक्षण के प्रति जागरूक किया और स्वयं भी जल संरक्षण का संकल्प लिया।
इस अवसर पर खंड संसाधन संयोजक मोहित कुमार ने बताया कि वर्तमान समय में पेयजल एक गंभीर समस्या बनता जा रहा है लगातार हो रहे अंधाधुंध दोहन के कारण व औद्योगीकरण के कारण जलस्तर लगातार नीचे जा रहा है और जल की गुणवत्ता में भी गिरावट आ रही है। जिसके कारण जल जनित बीमारियां एवं लोगों के स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव पड़ रहा है। इसलिए हम सबको जल संरक्षण पर विशेष तौर पर ध्यान देना चाहिए अपने घरों में नल पर हमेशा टूटी लगी होनी चाहिए। लेटे हुए नल का प्रयोग नहीं करना चाहिए। यथासंभव जल संरक्षण करना ही चाहिए। इस अवसर पर प्राचार्य रामेश्वर दयाल, युवा मित्र संगठन से समाजशास्त्री संदीप कुमार भी उपस्थित रहे।
फोटो कैप्शन 02: जल संरक्षण की जागरूकता रैली निकालते विद्यार्थी।







75वें गणतंत्र दिवस पर 320वें दिन किसानों ने धरना स्थल पर फहराया राष्ट्रीय ध्वज
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कनीना की आवाज। राष्ट्रीय राजमार्ग 152डी पर सेहलंग -बाघोत के बीच कट के लिए अनिश्चितकालीन धरना जारी है। धरने की अध्यक्षता नरेंद्र कुमार शास्त्री छिथरौली ने की और उन्होंने बताया कि राज्य सरकार और केंद्र सरकार की तरफ से राष्ट्रीय राजमार्ग 152डी पर बाघोत -सेहलंग के बीच कट की मंजूरी मिलने के बाद भी धरातल पर कार्यवाही शुरू नहीं की गई है। सर्दी और कोहरे के बढऩे से धरना स्थल पर बैठे किसान बीमार हो रहे हैं। जब तक केंद्र सरकार राष्ट्रीय राजमार्ग 152डी पर बाघोत -सेहलंग के बीच कट का काम शुरू नहीं करती है, तब तक हमारा धरना जारी रहेगा।
 75वें गणतंत्र दिवस पर मुख्य अतिथि पहलवान रणधीर सिंह धरना स्थल पर पहुंचे और राष्ट्रीय ध्वज  फहराया। उन्होंने समस्त ग्राम वासियों को  व उनके परिवारों को 75वें गणतंत्र दिवस पर हार्दिक शुभकामनाएं दी।
धरना संघर्ष समिति के अध्यक्ष विजय सिंह चेयरमैन ने बताया कि धरने को चलते 320 दिन हो गए हैं। हमने 75वें गणतंत्र दिवस को धरना स्थल पर बड़े ही हर्ष और उल्लास के साथ मनाया, मिठाइयां बांटी गई और बताया गया कि हमारा संविधान 26 जनवरी 1950 को लागू हुआ, इसमें वे सामाजिक अधिकार दिए गए हैं, जिससे व्यक्ति का व समाज का सर्वांगीण विकास हो सके। हम  राष्ट्रीय राजमार्ग 152डी पर बाघोत -सेहलंग के बीच कट के लिए धरना स्थल पर बैठे हुए हैं, संविधान में हमें मौलिक अधिकार दिए हुए हैं, हम अपनी बात को सरकार के सामने रख सकते हैं,इस क्षेत्र के लिए कट की जरूरत है, कट बनने के बाद ही इस इलाके का विकास हो सकता है। राज्य सरकार और केंद्र सरकार को हम बार-बार याद दिला रहे हैं कि किसानों की पीड़ा को समझें और जितना जल्दी हो सके राष्ट्रीय राजमार्ग 152डी पर बाघोत -सेहलंग के बीच चढऩे और उतरने का मार्ग जल्द शुरू करवाया जाए।
इस मौके परचेयरमैन सतपाल,मास्टर विजय पाल , पूर्व सरपंच बेड़ा सिंह, पूर्व सरपंच हंस कुमार, मनोज कुमार करीरा, रामकुमार, धर्मपाल यादव, डॉ लक्ष्मण सिंह, रामकिशन, बाबूलाल, पहलवान धर्मपाल, कृष्ण कुमार पंच, दाताराम, प्यारेलाल,  सीताराम, प्यारेलाल,  पंडित संजय कुमार,  ईश्वर,  राहुल,
सब इंस्पेक्टर रामकुमार , कृष्ण कुमार पंच,  वेद प्रकाश,   ओमप्रकाश, डॉ राम भक्त,  रोशन लाल आर्य व गणमान्य लोग मौजूद थे।
फोटो कैप्शन 04: धरना स्थल पर बैठे ग्रामीण।






गणतंत्र दिवस पर पौधारोपण किया
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कनीना की आवाज। अखंड भारत के 75 वे गणतंत्र दिवस पर गाव रामबास के युवाओं ने पौधारोपण करके देश के स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि दी जिन्होंने स्वतंत्रता संग्राम के दौरान अपनी जान गंवाई है।
पौधारोपण के दौरान मनोज कुमार रामबास ने अपने वक्तव्य में कहा कि आज हम अपना 75वा गणतंत्र दिवस मना रहे हैं आज हर नागरिक को भारत की गौरव गाथा पर गर्व का अनुभव होता है आज हमे देश को आजादी दिलाने वाले स्वतंत्रता सेनानियों और संविधान निर्माताओं को नमन करना चाहिए हमने पौधारोपण करके अपने स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि अर्पित की है, हमें अपने देश - समाज को मजबूत करने का प्रयास करना चाहिए, पर्यावरण संरक्षण के लिए पौधारोपण जरुरी है एक पौधा बड़ा होकर शुद्ध हवा के साथ साथ जीव जंतुओं को प्राकृतिक आवास व भोजन भी उपलब्ध करवाता है।
इस मौके पर हितेश, अमित, सचिन दहिया, सचिन निर्मल, अंकित मौजूद रहे।
फोटो कैप्शन 05: शहीदों को याद करते हुए रामबास के लोग।



संत कृष्णानंद की गद्दी पर विराजमान हुए स्वामी अनुराग देव
--ब्रह्मलीन संत की































































































गद्दी पर बैठाया स्वामी को
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कनीना की आवाज। संत कृष्णानंद जैसा संत मिलना बहुत मुश्किल है। ये विचार संत अनुराग देव महाराज ने कनीना उपमंडल के गांव धनौंदा स्थित संत कृष्णानंद धाम में श्रीकृष्णानंद महाराज की गद्दी पर विराजमान होने के उपरांत व्यक्त किये। इस अवसर पर अनुराग देव महाराज ने कहा कि आज मेरे लिए बड़े सौभाग्य का दिन है कि मुझ जैसे छोटे से साधक को ब्रह्मलीन कृष्णानंद जैसे महान विद्वान की धरोहर को संभालने का मौका दिया है। उनके विश्वास पर मैं पूर्ण रूप से खरा उतारने का प्रयास करूंगा।
इससे पहले मुझे गांव फतेहपुरी में एक आश्रम को संभालने का अवसर प्राप्त हुआ था जहां के लोगों ने जो प्यार दिया उसे मैं कभी भूला नहीं पाऊंगा और मैं सदा उनका आभारी रहूंगा। संत कृष्णानंद आश्रम, रामबास आश्रम, फतेहपुरी आश्रम सभी की देखभाल करना व उनको आगे बढ़ाने में कहीं पीछे नहीं रहूंगा। इस मौके पर गांव धनौंदा, झाड़ली, छिथरोली, उच्चत, खेड़ी तलवाना, कनीना, रामबास, फतेहपुरी के अलावा अन्य गांव के लोग उपस्थित रहे।
 कृष्णानंद आश्रम ट्रस्ट के व्यवस्थापक कैलाश गोयल ने बताया कि संत कृष्णानंद महाराज लगभग 4 माह पूर्व स्थूल शरीर को छोड़ कर ब्रह्मलीन हो गए थे जिनकी वजह से आश्रम को संभालने में बड़ी परेशानी हो रही थी, जिसको लेकर क्षेत्रवासियों के अथक प्रयास से अनुराग देव महाराज को उनकी जगह विराजमान किया गया है। स्वामी जी की गद्दी पर स्वामी अनुराग देव महाराज को विधि विधान से सुशोभित कर दिया गया है।
  इस मौके पर वीर सिंह परमार, एडवोकेट कुलदीप यादव रामबास, हंसराज यादव, रामदास, नंबरदार राजेंद्र सिंह तंवर, ट्रस्ट के अध्यक्ष अनिल यादव, पूर्व पंच घनश्याम सिंह , वाइस चेयरमैन ठाकुर कर्मवीर सिंह, कोषाध्यक्ष विजय कुमार आर्य, डा. फतेहचंद दायमा, आचार्य मखनलाल, डा आनंद सिंघल, ज्योति सिंघल अजय, वीर सिंह खेड़ी तलवाना, सुरेंद्र यादव कोटिया, विजेंद्र ढिल्लो, डा.सुरेंद्र पाथेड़ा, घनश्याम शास्त्री, नरेंद्र शर्मा, रवि कुमार एडवोकेट, पृथ्वी सिंह पंच, पंच दलबीर सिंह, बाबूलाल शर्मा, पं. रामभगत शर्मा, लालाराम प्रजापत आदि मौजूद रहे।
फोटो कैप्शन 01: संत अनुराग को गद्दी पर बैठाते हुए भक्त।