Not sure how to add your code? Check our installation guidelines **KANINA KI AWAZ **कनीना की आवाज**

Friday, September 27, 2024


 
सतीश जेलदार पूर्व प्रधान के घर हुआ अनीता यादव का जमकर स्वागत
-भारी भीड़ से गदगद हो गई अनीता यादव
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कनीना की आवाज।
 अटेली विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस प्रत्याशी अनीता यादव जो कनीना क्षेत्र के विकास कार्यों के लिए अग्रणी नाम बतौर जानी जाती है, का शुक्रवार की देर शाम पूर्व प्रधान सतीश जेलदार के घर जोरदार स्वागत किया। भारी संख्या में लोग पहुंचे, पगड़ी और फूल मालाओं से उनका स्वागत किया।
इस मौके पर उपस्थित लोगों ने पूरा समर्थन देने का वादा किया। इस मौके पर सभी ने विश्वास दिलाया कि इस बार जीत अनीता यादव की ही होगी और जीताने में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे। अनीता यादव भारी भीड़ को देखकर गदगद हो गई और अपनी जीत के प्रति आश्वस्त नजर आई। अनीता यादव ने कहा कि वह सदा अटेली विधानसभा क्षेत्र के विकास कार्यों के लिए उद्यत रहेगी। उन्हें मौका दिया तो किसी प्रकार के विकास कार्यों की कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी।  रोजगार बिजली, पानी तथा अन्य सुविधाओं को पूरा किया जाएगा तथा सभी की भावनाओं पर खरा उतरूंगी।  इस मौके पर अनेक गणमान्य जन उपस्थित थे और अपने-अपने विचार रखें।
 फोटो कैप्शन 8 और 9- अनीता यादव का स्वागत करते हुए लोग।




कांग्रेस सत्ता में आते ही देगी 300 यूनिट मुफ्त बिजी-अनीता यादव
-ग्रामीण क्षेत्रों में हुआ जोरदार स्वागत
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कनीना की आवाज।
 कांग्रेस प्रत्याशी अटेली के लिए वोट मांगने कनीना के पूर्व प्रधान सतीश जेलदार के अतिरिक्त एक दर्जन गांवों में पहुंची और वोट मांगे। उनका जमकर बैंड बाजों के साथ उनका स्वागत किया गया, फूल माला उसे लाद दिया गया।
 इस मौके पर कांग्रेसी नेता प्रत्याशी अनीता यादव ने कहा कि एक वक्त था जब कनीना के कान्ह सिंह कालेज में सरसों भरवा दी गई थी क्योंकि भाजपा की सोच रही थी कि यदि ये बच्चे अगर लिख पढ़ गए तो उनकी टाट पट्टी कौन बिछाएगा, उनकी सेवा पानी कौन करेगा? उन्होंने कहा कि सरपंचों पर लाठियां चलाई गई,किसान परेशान किये।  भाजपा के राज से हर इंसान दुखी है।
उन्होंने कहा कि अब वोटर का मन कांग्रेस के साथ है, अनीता के साथ है। उन्होंने तय कर लिया है कि पूरे हरियाणा में जब कांग्रेस की सरकार बन रही है उसमें हम भागीदारी करें। हर व्यक्ति यही चाहता है कि कांग्रेस का राज आये तथा अटेली से कांग्रेस के की अनीता यादव को जीताकर भेजें। उन्होंने कहा कि भाजपा की 10 वर्षों की नीति अच्छी नहीं रही। सरपंचों,किसानों एवं आंगनबाड़ी की कर्मियों को लठियां खानी पड़ी। जिसने भी कोई मांग की उन्हें लाठियां और गोली खानी पड़ी। उन्होंने कहा कि हमारा घोषणा पत्र आम जनता के लिए है। 300 यूनिट बिजली मुफ्त दी जाएगी, 25 लाख तक का इलाज करवो का प्रावधान होगा, गरीबों को प्लाट दिये जाएंगे, 3.50 लाख रुपये में मकान बना कर दिये जाएंगे, जातिगत जनगणना करवाएंगे,युवाओं को नौकरी देंगे और बड़े-बड़े काम हरियाणा में सरकार करेगी। इस मौके पर राधेश्याम गोमला सहित भारी संख्या में जन्म उपस्थित रहे। इस बार कांग्रेस की लहर ने सभी के समीकरण बदलकर रख दिए हैं। यह हर इंसान की जुबान पर कांग्रेस देखने को मिला।
 फोटो कैप्शन 07: खैराणा में वोट मांगते हुए अनीता यादव





विकास करवाना मेरी होगी पहल-अतरलाल
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कनीना की आवाज।
अटेली को उपमंडल बनाना हमारा पक्का इरादा है और जनता जनार्दन के आशीर्वाद से विधायक बनने पर अटेली को उपमंडल बनवाया जाएगा। युवाओं के रोजगार के लिए क्षेत्र में आईएमटी की स्थापना की जाएगी तथा स्वास्थ्य, शिक्षा और खेल सुविधाओं को बढ़ावा दिया जाएगा। अटेली क्षेत्र में खेल स्टेडियम व खेल विश्वविद्यालय की स्थापना की जाएगी। जिससे यहां के नौजवान खेलकूद में राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय स्तर की उपलब्धियां हासिल करेंगे।
बसपा एवं इनेलो के उम्मीदवार नेताजी अतरलाल ने अपने चुनाव अभियान के दौरान अटाली, दुलोठ जाट, सागरपुर, भोड़ी, तिगरा, खोड़, मोहलड़ा, गोमला, गोमली, मोड़ी व पड़तल गांवों में जनसभाओं को सम्बोधित करते हुए व्यक्त किए। गांवों में पहुंचने पर नेताजी अतरलाल का फूल माला पहनाकर, बैंड-बाजे, ढ़ोल-नगाड़े बजाकर स्वागत किया। अतरलाल ने कहा कि अटेली कनीना क्षेत्र खिलाडिय़ों और प्रतिभाओं की खान है। विधायक बनने पर यहां के बच्चों को शिक्षा और खेल में अच्छी सुविधाएं प्रदान की जाएंगी। जिससे यहां के युवाओं को रोजगार भी मिलेगा। विधायक बनने पर विकास के मामले में अटेली विधानसभा क्षेत्र को नम्बर एक बनाएंगे। उन्होंने कहा कि हमारा क्षेत्र भारतीय सेना में सबसे ज्यादा सैनिक भेजता है। विधायक बनने पर अटेली में सीएसडी. कैंटीन खुलवाई जाएगी। उन्होंने कहा कि क्षेत्र की राजकीय महाविद्यालयों में सभी पदों पर नियुक्तियां करवाई जाएंगी तथा नए विषयों एवं पाठ्यक्रमों की कक्षाएं प्रारम्भ की जाएंगी। अतरलाल ने कहा कि हमारा उद्देश्य एक उन्नत एवं खुशहाल अटेली विधानसभा क्षेत्र का निर्माण करना है तथा जनता जनार्दन के आशीर्वाद से अगले पांच साल में अटेली हलके को हरियाणा में सबसे आगे ले जाएंगे। प्रमुख समाजसेवी श्री भगवान गौतम ने कहा कि अटेली हलके में अतरलाल की लहर चल रही है और नेताजी अतरलाल भारी वोटो से विजय हासिल करेंगे। इस अवसर पर डॉ. जितेन्द्र पाल, शेर सिंह यादव, बहुजन समाज पार्टी के जिला प्रधान प्रमोद कटारिया, हलका प्रधान रविन्द्र रामबास, इनेलो के हलका प्रधान करण सिंह यादव, एस.सी. सैल के प्रदेश महासचिव वेदप्रकाश नम्बरदार, मेजर भाग सिंह, देवेन्द्र यादव, महेन्द्र प्रजापत सहित सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।
फोटो कैप्शन 06: अतरलाल संबोधित करते हुए।






मेरा शिक्षा का सफर पुस्तक से साभार
- एपिसोड-30
-मिला कहां वह सुख जिसको देखकर मैं....
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कनीना की आवाज।
 जयशंकर प्रसाद ने अपनी कविता में लिखा है कि मिला कहां वो सुख जिसको देखकर मैं जाग गया, वो बांहों में आते-आते मुस्करा के भाग गया। ये लाइन शत प्रतिशत कनीना के डा. होशियार सिंह, सेवानिवृत्ति विज्ञान शिक्षक पर लागू होती है, जो पूरे जीवन में अभागा ही कहलाया, जिसे होना चाहिए था कम से कम प्राचार्य और वह विज्ञान शिक्षक पद से सेवानिवृत्त हुआ। जिसके पीछे कुछ राक्षस प्रवृत्ति के लोगों का भी अहं रोल रहा है। उनके जीवन के खट्टे मीठे अनुभव होशियार सिंह की जुबानी सुनिये-
 यूं तो मैं 1995 में विज्ञान शिक्षक बतौर झूक से अपना सफर शुरू किया था और अपनी सेवा का समापन धनौंदा में हो गया। वैसे तो कहावत है कि जिसका आगाज अच्छा हो तो अंजाम बेहतर होता है, परंतु यहां तो उलट ही साबित हुआ। आगाज तो अच्छा था लेकिन अंजाम बुरा साबित हुआ। झूक में तो बेहतर काम रहा किंतु सेवानिवृत्त धनौंदा से होना एक नरक के समान साबित हुआ है। सेवानिवृत्ति पर जो हाल देखा उससे बेहतर है कि इंसान यह पता न लगने दे कि मैं सेवानिवृत्त हो रहा हूं और चुपचाप अपने घर चला जाए। 1995 में सथयी रूप से जेबीटी पद पर चयन हो गया किंतु एक नीच साथी की गलत सलाह से कार्यभार ग्रहण नहीं किया वरना बहुत लाभ हुआ होता।
 1995 से एक अक्टूबर 2003 तक तदर्थ आधार पर सेवा की और 2003 में स्थायी नियुक्ति मिली, बाद में 2005 में कंफर्म हो गया लेकिन दुर्भाग्य 1995 में आया जब राजनीति शास्त्र पर प्राध्यापक बतौर सूची में नाम आ गया लेकिन  सूची से केवल 50 अभ्यर्थियों को ही पत्र मिला और बेअंत सिंह, पंजाब मुख्यमंत्री का हत्याकांड के बाद हरियाणा की भजनलाल सरकार भी चली गई और वह लिस्ट अधर में लटक गई। यह मेरे लिए एक और बहुत बड़ा आघात लगा। काफी प्रयास किया किंतु लिस्ट अधर में ही अटकी रही। तीसरा आघात 1998 में लगा जब चंडीगढ़ एक नहीं तीन साक्षात्कार दिए जिनमें विज्ञान अध्यापक बतौर स्थायी नियुक्ति के लिए, दूसरा राजनीति शास्त्र प्राध्यापक के लिए और तीसरा हिंदी प्राध्यापक पद के लिए। बहुत बेहतर साक्षात्कार भी हुए
वही चौथा साक्षात्कार प्राध्यापक बायोलाजी के लिए भी दिया। बायोलाजी के साक्षात्कार में दो अभ्यर्थियों को ले लिया और मेरा नाम वेटिंग लिस्ट में रह गया। एकमात्र मैं वेटिंग लिस्ट में था। आज भी यह लिस्ट मेरे पास सुरक्षित रखी हुई है। वही विज्ञान अध्यापक, राजनीति शास्त्र प्राध्यापक और हिंदी प्राध्यापक का बहुत बेहतरीन साक्षात्कार हुआ।
उसे समय भाजपा नेता नठेड़ा निवासी वीर कुमार चयन बोर्ड के सदस्य थे। जो मेरे से अच्छी प्रकार परिचित थे, चूंकि मैंने पत्रकारिता बतौर उनके समाचार भी लिखे थे। उन्होंने साक्षात्कार दौर चाय, बिस्कुट आदि खिलाकर मुझे भेजा और कहा कि आपका चयन हो जाएगा, इंतजार करो।
दुर्भाग्य तीनों की तीनों सूचियां जिनमें मेरा चयन होना था न्यायालय में रोक लगाई जाने के कारण अधर में लटक गई। तत्पश्चात कई विषयों में स्नातकोत्तर किया, यह सोचकर कि कभी काम आएंगी किंतु कोई लाभ नहीं मिला। तत्पश्चात सरकार ने एक नियम बदल दिया जिसके तहत कोई भी पदोन्नति पाने वाला तभी पदोन्नति पा सकता है जब उसके स्नातक में तथा परास्नातक में एक जैसा विषय हो। कितने ही शिक्षकों की इस नियम के तहत पदोन्नति रुक गई। इनके अतिरिक्त 2016 में शिक्षा के क्षेत्र में हरियाणा सरकार ने न जाने कितने परिवर्तन कर डाले जिसकी मार सबसे अधिक मुझ पर पड़ी। हजारों शिक्षक यह मार झेलते रहेंगे। ऐसे ऐसे नियम सरकार ने बना डाले जो किसी अन्य प्रदेश में नहीं हैं।  हरियाणा सरकार ने एक नियम बना डाला जिसके तहत राज्य शिक्षक पुरस्कार अपने वाले व्यक्ति की उम्र यदि 55 साल है या इससे अधिक है और अवार्ड मिलता है तो उसे दो अतिरिक्त वेतनवृद्धियों का कोई लाभ नहीं मिलेगा। सबसे बड़ा अन्याय हुआ हरियाणा राज्य शिक्षक पुरस्कार मिला उस समय उम्र करीब 55 साल हो चुकी थी। इसलिए दो वेतनवृद्धियोंं का लाभ मुझे नहीं दिया गया जबकि कितने ही शिक्षक यह लाभ ले रहे हैं और लेते रहेंगे क्योंकि बेहतर सोच का प्राचार्य नहीं मिला, काश ऐसे समय बेहतर एवं सकारात्मक सोच वाला नरेश कौशिक जैसा मुख्याध्यापक कोई मिल जाता तो सारे लाभ मिल चुके होते। क्योंकि मुझे 2022 में हरियाणा राज्य शिक्षक पुरस्कार मिला था। तत्पश्चात हरियाणा सरकार ने एक और नियम बदल कर रख दिया कि 2020 तक किसी भी शिक्षक को हरियाणा राज्य शिक्षक पुरस्कार मिलता है तो उसे 2 साल की अतिरिक्त सेवा वृद्धि का लाभ मिलता है अर्थात दो साल अधिक नौकरी करता है। अफसोस हम उस लाभ से भी वंचित कर दिए गए। अब अगर हरियाणा में कांग्रेस सरकार बनती है तो संभावना है कि वो लाभ मिल जाएंगे। दो अतिरिक्त वेतनवृद्धियां और 2 साल का अतिरिक्त सेवा लाभ मिल जाता तो पीछे की भरपाई हो जाती परंतु वह भी नसीब नहीं हुआ। यहां तक की हरियाणा राज्य शिक्षक पुरस्कार प्राप्त करना मेरी बहुत बड़ी भूल साबित हुई जिसमें नुकसान अधिक और लाभ कम हुआ। यह पुरस्कार तो उन लोगों के लिए बेहतर है जिनकी उम्र कम होती है, वरना इस पुरस्कार का कोई लाभ आज के दिन नहीं बचा है। यह सरकार के घटिया नियमों का परिणाम और कुछ अपने को ज्ञानवान समझने वाले प्राचार्यों के कारण भी मुझे आघात लगा।
यह दुर्भाग्य ही कहा जाए की एक के बाद एक अनेकों समस्याएं आती रही। आज मेरे साथी जो जिला शिक्षा अधिकारी के पदों तक पहुंचकर सेवानिवृत्त भी हो चुके हैं परंतु मैं केवल विज्ञान शिक्षक पद से ही सेवानिवृत्त हुआ हूं। खैर अब मैंने उस ईश्वर पर सब छोड़ दिया है जिस किसी ने मेरे साथ अच्छा नहीं किया उसका अंत बहुत दर्दनाक होगा, इसका मुझे पूरा यकीन है। ईश्वर ने पीले भी मेरे साथ बुरा बिताने वालों का बुरा हाल किया है और भविष्य में भी वो ही उनको कुत्ते की मौत मारेगा।




उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एवं केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह भोजावास में 28 को
-आरती राव के समर्थन में करेंगे प्रचार
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कनीना की आवाज।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज अटेली विधानसभा क्षेत्र से भाजपा प्रत्याशी आरती सिंह राव के समर्थन में अटेली विधानसभा क्षेत्र के गांव भोजावास में एक विशाल जनसभा को संबोधित करेंगे। अटेली विधानसभा क्षेत्र से भाजपा प्रत्याशी आरती सिंह राव ने जारी एक बयान में बताया कि योगी आदित्यनाथ के साथ केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह ,अटेली के निवर्तमान विधायक सीताराम यादव एवं अन्य नेता भी मौजूद रहेंगे। उन्होंने बताया कि रैली 12 बजे होगी जिसको लेकर भाजपा कार्यकर्ताओं, पदाधिकारियों एवं आम जनता में भारी उत्साह है।  क्षेत्र की जनता उत्तर प्रदेश के लोकप्रिय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह के स्वागत के लिए पलक बिछाए बैठी है। उन्होंने लोगों से आह्वान किया कि वे अपने प्रिय नेताओं के विचार सुनने के लिए अधिक से अधिक संख्या में पहुंचे।
फोटो कैप्शन: आरती सिंह राव।





जवानों ने कनीना-अटेली क्षेत्र में निकाला फ्लैग मार्च
--शांतिपूर्ण मतदान के लिए निकाली फ्लैग मार्च
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कनीना की आवाज।
आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर महेंद्रगढ़ पुलिस अलर्ट मोड़ पर है। पुलिस अधीक्षक अर्श वर्मा के दिशा निर्देशानुसार विधानसभा चुनाव के मध्यनजर विधानसभा अटेली क्षेत्र में फ्लैग मार्च निकाला गया। पुलिस अधिकारियों के नेतृत्व में कनीना-अटेली क्षेत्र में पुलिस टीम व सीएपीएफ के जवानों ने फ्लैग मार्च निकालकर आम नागरिकों को शांतिपूर्ण, निष्पक्ष एवं स्वतन्त्र रुप से चुनाव प्रक्रिया में पुलिस का सहयोग करने की अपील की। महेंद्रगढ़ पुलिस और आरपीएफ के जवानों ने नाकाबंदी कर वाहनों को चेक किया गया, उनके कागज भी चेक किए गए। इसके साथ ही संदिग्ध लगने वाली गाडिय़ों को साइड में खड़ी करवाकर उसको अंदर से पूरा जांचा गया, ताकि किसी भी प्रकार के हथियार, मादक पदार्थ आदि को पकड़ा जा सके।
जिला महेंद्रगढ़ में विधानसभा चुनाव-2024 को शान्तिपूर्ण एवं निष्पक्ष करवाने तथा कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस अधिकारियों के नेतृत्व में पुलिस टीमों ने सीएपीएफ के जवानों के साथ मिलकर कनीना-अटेली क्षेत्र में फ्लैग मार्च निकाला। उन्होंने कहा कि मतदाता पूरी निडरता के साथ अपने विवेक व स्वतंत्र रूप से अपने मताधिकार का प्रयोग करें। जहां भी संवेदनशील मतदान केन्द्र हैं, वहां पर सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध किए जा रहे हैं तथा संदिग्ध किस्म के लोगों पर पूरी निगरानी रखी जा रही है। पुलिस द्वारा बूथों को चेक कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया जा रहा है और इस दौरान मिली खामियों को दूर कराने के लिए संबंधित विभाग से पत्राचार किया जा रहा है।
फ्लैग मार्च का उद्देश्य आमजन में सुरक्षा की भावना पैदा करना है, ताकि वे निर्भय होकर अपना मतदान कर सके। फ्लैग मार्च के दौरान पुलिस ने लोगों को बिना किसी डर भय के चुनाव प्रकिया में भाग लेने के लिए प्रेरित किया। फ्लैग मार्च के दौरान आमजन से यह भी अपील की गई कि मतदान के दौरान अगर कोई व्यक्ति उन्हें प्रभावित करे तो तुरंत उसकी सूचना पुलिस को दें, ताकि ऐसे लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सके।
फोटो कैप्शन 05: पुलिस फ्लैग मार्च निकालते हुए।





कनीना में रफ्तार कार्यक्रम  आयोजित
--अनेक प्रतियोगिताएं आयोजित, पुरस्कृत
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कनीना की आवाज।
प्राथमिक शिक्षा विभाग के सौजन्य से आज समग्र शिक्षा अभियान के  रफ्तार कार्यक्रम के अंतर्गत कक्षा 1,स्र से 5 की क्लस्टर स्तरीय प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। मुख्य प्रतियोगिताएं 1 से 5 कक्षा में पढऩे वाले विद्यार्थियों की संबंधित शिक्षण कराने वाले अध्यापकों की करवाई गई। जिसमे पठन प्रतियोगिता ,उल्टा पठन प्रतियोगिता, टांग ट्विस्टर प्रतियोगिता, रिले पठन प्रतियोगिता का आयोजन किया गया।
 शिक्षक वर्ग प्रतियोगिता में पठन  में प्रथम स्थान ढाणी कनीना विद्यालय के सतीश कुमार को मिला दूसरा स्थान इसी विद्यालय के सुशील कुमार को मिला तथा तीसरा स्थान कपूरी प्राथमिक पाठशाला के बलजीत  को मिला ,वही उल्टा पठन प्रतियोगिता में राजकीय कन्या माडल स्कूल कनीना के सतवीर सिंह को प्रथम, ढाणी स्कूल के सतीश कुमार को दूसरा तथा ढाणी स्कूल के ही सुशील कुमार को तीसरा स्थान मिला। अध्यापक टांग ट्विस्टर प्रतियोगिता में ककराला स्कूल के प्रदीप कुमार को प्रथम, ढाणी स्कूल के सुशील कुमार को द्वितीय तथा कपूरी स्कूल के बलजीत सिंह को तीसरा स्थान मिला। रिले पठन में अध्यापकों की जोड़ी ने भाग लिया जिसमें प्रथम स्थान माडल स्कूल ककराला के प्रदीप कुमार व सुनील कुमार को, दूसरा स्थान ढाणी कनीना स्कूल के सुशील कुमार व सतीश कुमार को तथा तीसरा स्थान माडल स्कूल बाल कनीना के नरेश कुमार व प्रदीप कुमार को मिला। बाल प्रतियोगिताओं में पठन प्रतियोगिता में प्रथम स्थान ढाणी स्कूल की मारुति को, दूसरा स्थान कपूरी की हर्षित को तथा तीसरा स्थान चेलावास की तवनी को मिला। ,विभिन्न जानवरों पर चर्चा प्रतियोगिता में ढाणी कनीना की मारुति को प्रथम, ककराला स्कूल की दिव्यांश को द्वितीय तथा पवनी चेलावास को तीसरा स्थान मिला। पठन प्रतियोगिता में दूसरी कक्षा के पीयूष कपूरी स्कूल प्रथम, हर्ष ककराला को द्वितीय तथा कनीना मंडी के अमन को तीसरा स्थान मिला।  उल्टा पठन में कपूरी स्कूल के पियूष प्रथम, माडल स्कूल कनीना के आरुषपाल द्वितीय तथा कपूरी स्कूल की गुंजन  तीसरे स्थान पर रही । रिले प्रतियोगिता में ककराला स्कूल की हिमांशी व हर्ष प्रथम , कपूरी स्कूल के पियूष व गुंजन दूसरे स्थान पर व माडल स्कूल कनीना के नैंसी व बंशी  तीसरे स्थान पर रहे। तीसरी कक्षा के पठन प्रतियोगिता में माडल स्कूल कनीना की अर्चना प्रथम, ढाणी स्कूल के नक्श द्वितीय तथा ककराला के नवीन तीसरे स्थान पर रहे। रिले पठन में ककराला स्कूल के नवीन , लोकेश प्रथम माडल स्कूल कनीना के अर्चना रोहिणी द्वितीय तथा कन्या माडल स्कूल कनीना की याचना व ईशान तृतीय रहे  टग ट्वीट प्रतियोगिता में ककराला स्कूल के नवीन प्रथम, माडल स्कूल कनीना की अर्चना लोधी द्वितीय तथा  ढाणी कनीना के नक्ष तीसरे स्थान पर रहे ,चौथी कक्षा की कहानी पठन प्रतियोगिता में कपूरी स्कूल के साकेत प्रथम कन्या मॉडल स्कूल कनीना की चेष्टा दुसरे तथा ककराला स्कूल के अंशु तीसरे स्थान पर रहे , उल्टा पठन में कन्या मॉडल स्कूल की पल्लवी प्रथम कपूरी स्कूल के साकेत द्वितीय तथा मॉडल स्कूल ककराला के अंशु तीसरे स्थान पर रहे टंग ट्वीस्ट में माडल स्कूल ककराला के अंशु प्रथम, कन्या माडल स्कूल कनीना की लक्ष्मी द्वितीय तथा कपूरी स्कूल के साकेत तीसरे स्थान पर रहे। रिले पठन में कन्या स्कूल के जतिन व सोनाक्षी प्रथम माडल स्कूल कनीना के अवनी  व निशांत द्वितीय तथा कपूरी स्कूल के साकेत व अंशु तीसरे स्थान पर रहे। पांचवी कक्षा की प्रतियोगिताओं में माडल स्कूल ककराला की प्रेसी प्रथम, कपूरी स्कूल की भूमिका द्वितीय तथा ढाणी कनीना स्कूल के देवेश तीसरे स्थान पर रहे। उल्टा पठन में ककराला स्कूल की प्रेसी प्रथम, कन्या माडल स्कूल कनीना के अक्षित द्वितीय तथा प्राथमिक स्कूल कपूरी की भूमिका तीसरे स्थान पर रही। रिले पठन में कन्या माडल स्कूल ककराला की प्रिया व जतिन प्रथम, कन्या माडल स्कूल कनीना के नैना ,माही द्वितीय तथा चेलावास के आयुष व नितिन तीसरे स्थान पर रहे टंग ट्वीस्ट में कन्या माडल स्कूल कनीना के केशव प्रथम, ककराला की प्रेषित द्वितीय तथा जतिन ककराला तीसरे स्थान पर रहे। निर्णायक मंडल की भूमिका में माडल स्कूल के प्रवक्ता नरेश कुमार, करीना मंडी से प्रवक्ता नरेश कुमार करीरा से मधुबाला प्रवक्ता हिंदी ,अंग्रेजी अध्यापक संदीप कुमार , हिंदी अध्यापिका सुनीता मेहरा, राकेश कुमार ,रेखा कुमारी ,कश्मीरी निंबल, कार्यक्रम की अध्यक्षता नरेश कुमार कौशिक मुख्याध्यापक ने की कार्यक्रम संयोजक ओमरती ने बताया कि यह विजेता प्रतिभागी खंड स्तर पर होने वाली प्रतियोगिता में भाग लेंगे।
फोटो कैप्शन 04:  रफ्तार कार्यक्रम में अव्वल रहे विद्यार्थी।





चुनाव का पंच
पंच के चुनाव भी फीके लगते हैं विधानसभा चुनावों के आगे
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कनीना की आवाज।
विधानसभा के चुनावों के आगे अब तो पंच के चुनाव भी फीके लगने लगे हैं। जिस प्रकार पंच के लिए भागदौड़, पैर छूकर वोट मांगना, बार-बार हाथ जोडऩे की गतिविधियां देखने को मिलती थी वे ही गतिविधियां अटेली विधानसभा क्षेत्र में देखने को मिल रही हैं। मुकाबला टफ होने के कारण बड़े-बड़े स्टार प्रचारकों का उपयोग किया जाने लगा हैं। सचमुच बहुत जटिल बना दिये हैं ये चुनाव। एक प्रत्याशी ने तो कम से कम 200 गाडिय़ां अटेली क्षेत्र में लगा रखी है जहां प्रत्येक गांव के लिए एक-एक गाड़ी प्रचार कर रही है। जनसभाएं, नुक्कड़ सभाएं, परिचित से मिलना, देर रात तक वोट पकाना,दिन को लोगों से मिलना और हर जगह मिलते ही जाने का कार्यक्रम बना रखा है। नेताओं की आंखें नींद से भरी हुई है परंतु चैन फिर भी नहीं मिल रहा है। शाम तक जितने वोट बनते हैं वह सुबह होने पर फुर्र होते नजर आते हैं। और फिर ताबड़तोड़ चुनाव प्रचार किया जाता है। गलियों में विभिन्न नेताओं की एक के बाद एक गाड़ी चक्कर लगा रही है और मोहर, लगेगी मोहर लगेगी की आवाज ही सुनाई पड़ रही है। गांव व शहर के किसी प्रमुख व्यक्ति के घर में नेता पहुंच रहे हैं जहां आसपास के लोगों को बुलाकर वोट मांगे जा रहे हैं, जनसंपर्क के लिए अलग से लोग छोड़ रखे हैं और ऐसा लगता है कि चुनाव अब पूरे यौवन पर पहुंच गया है। पंच का चुनाव भी फीका लगने लगा है। कहने को तो मामूली राशि रखर्च की जाएगी पर अंदर खाते उसे कहीं अधिक राशि खर्च कर चुके हैं। जहां कार्यालयों में हलचल बढ़ रही है, लोग सुबह से शाम आते-जाते रहते हैं। वही फोन पर फोन किया जा रहे हैं। सोशल मीडिया द्वारा प्रचार किया जा रहा है, फिर भी चैन नहीं मिल रहा है। बस भागदौड़, भागदौड़ नजर आ रही है। नेताओं को वोट वोट नजर आते हैं। अब स्टार प्रचारक भी उतार दिए गए हैं क्योंकि इस बार इस बार नाक का सवाल बन गई है जीत। एक तरफ जहां मंत्री की बेटी आरती राव वही एक पूर्व सीपीएस अनीता यादव वोट मांग रही है। जहां पूर्व मंत्री की बेटी आरती राव अपने पिता और अपने पूर्वजों से जुड़े वोटरों के बल पर चुनाव लड़ रही है वहीं अनीता यादव अपने विकास कार्यों को लेकर चुनाव मैदान में उतरी है और प्रचार कर रही है। कोई भी नेता किसी से अपने आप को कम नहीं समझ रहा है। चुनाव तेजी से अपेक्स की ओर बढ़ रहा है क्योंकि जिस प्रकार ग्राम पंचायत का चुनाव होता है उससे भी बदतर हालात अब विधानसभा चुनाव की बन गई है। बुजुर्ग बताते हैं कि एक समय था जब लोकसभा और विधानसभा चुनाव में कोई विशेष ध्यान मतदान पर नहीं दिया जाता था परंतु अबकी बार तो इस कदर ध्यान दिया जा रहा है ताकि अधिक से अधिक मतदान करवाया जाए। परिणाम भविष्य के गर्भ में छुपा है।





प्रबंधन समितियों का प्रशिक्षण शिविर संपन्न
-कई स्कूलों के शिक्षकों ने लिया भाग
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कनीना की आवाज।
समग्र शिक्षा अभियान के अंतर्गत विद्यालय प्रबंधन समितियों का प्रशिक्षण शिविर शुक्रवार को राजकीय कन्या उच्च विद्यालय कनीना में आयोजित किया गया।
शिविर में मुख्य अतिथि के रूप में बोलते हुए विद्यालय के मुख्य अध्यापक नरेश कुमार कौशिक ने बताया कि आज  सरकार द्वारा जो नई शिक्षा नीति लागू की जा रही है उसके बेहतरीन परिणाम सामने आएंगे प्राथमिक स्तर पर निपुण प्रारंभिक गणित एवं सांख्यिकी सामाजिक ज्ञान वह साहित्यिक व सांस्कृतिक गतिविधियों का आयोजन जिसमें रामलीला का प्राथमिक कक्षाओं में मंचन समाहित किया गया है। क्रांतिकारी परिणाम लाने में सहायक होगा ऊपरी कक्षाओं के लिए जहां पाठ्यक्रम में बदलाव करने की कवायद शुरू की गई है महाकाव्य की मौलिक जानकारी बच्चों को स्कूल स्तर पर उपलब्ध करवाई जा रही है। यह अपने आप में एक क्रांतिकारी कदम है। मास्टर ट्रेनर के रूप में एबीआरसी ओम रति यादव ने बताया कि विद्यांजलि पोर्टल में जहां समाज के योगदान को शामिल किया गया है उसके अलावा छात्रों के सीखने के परिणामों को बेहतर बनाने के लिए वह नवजात विद्यार्थियों के स्वागत के लिए विद्यालय प्रबंधन समितियां को बेहतर रणनीति बनानी होगी जिस विद्यालय प्रबंधन समितियां समाज में सकारात्मक भूमिका निभाकर अपनी भागीदारी को उपयोगी साबित कर सकें।
आज के प्रशिक्षण शिविर में ढाणी  कनीना प्राथमिक विद्यालय की मुख्य शिक्षक अनिता कुमारी ,एसएमसी प्रधान मीनू कुमारी, सुमित्रा देवी, मुख्य शिक्षक बस्तीराम, रेखा कुमारी ,सत्यवीर सिंह, विमला देवी, कश्मीरी निमल, कैलाश चांद ,संदीप कुमार, राकेश कुमार, डीपी,आरती देवी ,रेखा देवी सहित तीनों शिक्षा समितियां के सदस्य उपस्थित थे। मॉडल संस्कृति स्कूल के प्राचार्य एवं कलस्टर मुखिया सुनील कुमार खुडानिया ने पर्यवेक्षक के रूप में उपस्थित होकर विद्यालय प्रबंधन समिति को  बेहतर कार्य करने की अपील की।
फोटो कैप्शन 03: प्रबंधन समितियों का प्रशिक्षण शिविर को संबोधित करते हुए नरेश कौशिक





पुरानी अनाज मंडी में चलेगी रामलीला तो नई अनाज मंडी में होगी बाजरे की खरीद
--सभी होंगे एक पखवाड़ा अति व्यस्त
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कनीना की आवाज।
 इस बार किसान, नेता, आम इंसान, नर नारी, बच्चे और युवा सभी आगामी एक पखवाड़े तक अति व्यस्त रहेंगे। जहां कनीना की पुरानी अनाज मंडी के रामलीला मैदान में 34 वर्षों के बाद रामलीला का मंचन होगा वहीं नई अनाज मंडी में किसानों के लिए बाजरे की खरीद की जाएगी। इस वक्त जहां विद्यार्थी अपनी घरेलू परीक्षाओं में व्यस्त है, नेता वोट मांगने में व्यस्त है, आम आदमी चुनाव की चुसकियां लेने में व्यस्त है तो किसान अपनी फसल कटाई में व्यस्त है। चहुं और व्यस्तता बढ़ गई है। दुकानदार बेचारे परेशान हैं क्योंकि उनकी बिक्री चुनाव के दौरान घट जाती है। परंतु दुकानदार भी अब दुकानदारी अभाव में चुनावी रंगों में रंगते नजर ओ रहे हैं। जहां आगामी एक पखवाड़े में जमकर किसान अपनी फसल कटाई, फसल पैदावार लेने में व्यस्त रहेंगे ,तत्पश्चात उसे चुनाव के दौरान पैदावार बेचने की गतिविधियों में व्यस्त हो जाएंगे। नेताओं को दिन-रात चैन नहीं है, वे भी अति व्यस्त हैं। अब तो उन्हें वोट ही वोट नजर आते हैं। जहां विद्यार्थी वर्ग घरेलू परीक्षाओं में तो पढ़ाई में व्यस्त है। कहीं भी नजर दौड़ाकर देखा जाए कोई व्यक्ति आज के दिन फ्री नहीं बैठा है। चाहे वह चुनाव रंग में ही क्यों नहीं रंगा हो, पर इस बार फसल कटाई, फसल बिक्री, पैदावार बिक्री, चुनाव, घरेलू परीक्षाएं एक साथ चलेंगी। यही कारण है की व्यस्तता बढ़ गई है। यह भी सत्य है है कि आगामी कुछ दिनों तक पढ़ाई बाधित रहेगी। जहां चुनाव की तैनाती में कमी तैनाती देंर्गे, किसान खेतों में लगे रहेंगे, नेता उनके पीछे भागते फिरेंगे और बाकी लोग चुनावी चसका लेते नजर आएंगे। 8 अक्टूबर को मतगणना होगी। जब तक सभी की नजरें चुनावों पर टिकी हुई है। चाहे वह मजदूरी कर रहा है, चाहे वह खेती बाड़ी कर रहा है पर नजर टिकी है केवल मतदान पर। अटेली विधानसभा से चर्चित सीट बनी हुई है क्योंकि यहां पर मुकाबला भी चर्चा में है। वही मंत्री की बेटी चुनाव लड़ रही है तो पूर्व सीपीएस चुनाव लड़ रही है। यहां पर कोई कमल का फूल दिखा रहा है तो कोई हाथ का निशान दिखा रहा है, कोई चाबी लिए घूम रहा है तो कोई हाथी पर सवार हो रहा है, कोई किसानी का चिह्न दिखा रहा है तो कोई अलमारी पर मोहर की बात कह रहा है। पर 8 प्रत्याशी अलग-अलग चुनाव चिह्नों की चर्चा करते नजर आ रहे हैं। बस सुनाई देता है तो-मोहर लगेगी..... अजी मोहर लगेगी....।।






विश्व रेबीज दिवस-28 सितंबर
वायरस से फैलता है रेबीज का रोग
-एंटी रेबीज के टीके जरूर लगवाये-डा. मोरवाल
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कनीना की आवाज।
रेबीज एक घातक वायरस है जो संक्रमित जानवरों की लार से लोगों में फैलता है।  एक बार जब कोई व्यक्ति रेबीज के लक्षण दिखाना शुरू कर देता है, तो यह रोग मृत्यु का कारण बनता है।
रेबीज वायरस आपके शरीर में तब प्रवेश करता है जब किसी संक्रमित जानवर की लार खुले घाव में मिल जाती है। यह नसों के साथ बहुत धीरे-धीरे चलता है। जब यह आपके मस्तिष्क तक पहुंचता है, तो व्यक्ति को कोमा और मौत की ओर ले जाता है।
 आमतौर पर रेबीज वयस्कों की तुलना में बच्चों को ज्यादा होता है। इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं। घाव से होते हुए रेबीज वायरस व्यक्ति के मस्तिष्क तक चला जाता है। रेबीज वायरस आपके तंत्रिका तंत्र में आने से पहले आपके शरीर में कई दिनों से लेकर हफ्तों तक रह सकता है। इस दौरान आपको कोई लक्षण दिखाई नहीं देता हैं। इसके बाद तीन चरणों से होकर कोमा की स्थिति आ जाती है।
जब किसी मनुष्य के शरीर में रेबीज के प्रवेश करता है तो उसके बाद कई हफ्तों तक आमतौर पर रेबीज के कोई लक्षण दिखाई नहीं देते हैं। बाद में बुखार,थकान,काटने के घाव में जलन, खुजली, झुनझुनी, दर्द या सुन्नता, खांसी, गला खराब होना,   मांसपेशियों में दर्द, उल्टी, दस्त दिखाई पड़ते हैं। बाद में एरोफोबिया एवं हाइड्रोफोबिया, लकवा जैसे लक्षण दिखाई पड़ते हैं।
कोई भी स्तनधारी जानवर  रेबीज वायरस फैला सकता है।  जिनसे रेबीज वायरस फैलने की अधिक संभावना होती है उनमें
पालतू जानवर और खेत वाले जानवर, बिल्ली, कुत्ते, घोड़े,जंगली जानवर, बंदर आदि किंतु आमतौर पर यह वायरस कुत्तों के काटने से ज्यादा फैलता है।
 रेबीज के निदान के लिए लक्षणों की प्रतीक्षा नहीं करनी चाहिए। यदि आपको किसी जंगली जानवर या किसी पालतू जानवर ने काट लिया है या खरोंच दिया है, जिसे रेबीज हो सकता है, तो तुरंत अपने डॉक्टर से इस बारे में बताना चाहिए और उचित उपचार लेना शुरू कर देना चाहिए। डॉक्टर आपके घाव या खरोंच की जांच करेंगे और आपसे जानवर के बारे में पूछेंगे। कुछ जांच जैसे लार परीक्षण,म्त्वचा बायोप्सी,रक्त पराीक्षण,एमआरआई आदि से रोग का पता लगाया जाता है। एक बार लक्षण दिखने पर रेबीज के लिए कोई उपचार नहीं है। एक बार रेबीज आपके मस्तिष्क में चले जाने के बाद इसका कोई इलाज नहीं है।
क्या कहते हैं डा. मोरवाल-
रेबीज कुत्ता ,बंदर, बिल्ली आदि के काटने से रेबीज का रोग हो जाता है। रेबीज एक ऐसा रोग है जिसमें इंसान पानी से भी डरता है इसलिए इस रोग को हाइड्रोफोबिया भी कहते हैं। जब कभी कुत्ता, बंदर एवं बिल्ली क,ट जाता है तो सावधानी बहुत जरूरी है और तुरंत टीके लगवाने चाहिए।
 कनीना उपनागरिक अस्पताल के डा. जितेंद्र मोरवाल बताते हैं कि लोग कुत्ता, बंदर एवं बिल्ली के काटने के बाद सावधानी नहीं बरती तो जीवन को खतरा हो सकता है। और किसी भी समय यह रोग बढ़ सकता है। ग्रामीण क्षेत्रों में भी अब शहरी तर्ज पर कुत्ते पालने की प्रथम बनी हुई है इसके चलते कुत्ता कभी किसी को काट सकता है और काटने पर तुरंत प्रभाव से टीके लगवाने चाहिए। उन्होंने बताया कि अक्सर कभी कुत्ता काटता है और काटने के बाद यदि कोई खून नहीं निकलता खरोंच आ जाती है तो टीके लगवाने की जरूरत नहीं होती। इसे अच्छी प्रकार साबून,डिटोल एवं तथा अन्य एंटीबायोटिक पदार्थ से धो देना चाहिए परंतु कुत्ते के काटने से कुछ खून निकलता है तो टीके लगवाने जरूरी होते हैं। चार टीके जो 0-3-7 -14 दिनों पर लगाए जाते हैं अर्थात उसी दिन से शुरुआत की जाती है फिर 3 दिन, 7 दिन और 14 दिन पर टीके लगाए जाते हैं किंतु जब कभी कुत्ता ज्यादा काट जाए और रक्त अधिक बहने लगे तो इसे हाई रिस्क नाम से जाना जाता है



जागो वोटर, जागो
-वोट किसी के बहकावे में नहीं अपनी इच्छा से डालें-डा. मुंशीराम
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कनीना की आवाज।
 वोट डालने का अधिकार निर्वाचन आयोग ने उन सभी लोगों को दिया हुआ है जिनकी उम्र 18 वर्ष हो गई है किंतु वोट किसी के बहकावे में आकर नहीं अपितु अपनी मर्जी से डालना चाहिए। वोट डालते समय अपने नेता के वांछित गुणों को ध्यान में रखना चाहिए, साथ में यह भी ध्यान में रखना चाहिए कि वह सामाजिक हित में कितना योगदान दे सकता है? किसी अपराधी प्रवृत्ति के नेता को कभी वोट नहीं देना चाहिए ,वरना हमारा समाज कलुषित बन जाएगा। उदात गुणों वाले तथा चारित्रिक गुणों से भरपूर नेता का चुनाव करना चाहिए। यह भी ध्यान में रखना चाहिए कि चुना जाने वाला नेता हमारा प्रतिनिधित्व कर पाएगा या नहीं? वोट को कभी किसी हाल में बेचना नहीं चाहिए। वोट ईमानदारी से अपने बूथ पर जाकर देना चाहिए। वोट एक ऐसा हथियार है जो सरकार को बना भी सकता है तो गिरा भी सकता है। इसलिए वोट का बहुत ही सोच समझकर सही उपयोग करना चाहिए। वोट  जात पात तथा स्त्री- पुरुष आदि के भेदभाव को भुलाकर ही देना चाहिए। वोट डालने के लिए स्वयं पैदल चलकर जाना चाहिए लेकिन वोट डालने के लिए वोटर पर्ची और अपना आधार कार्ड या कोई भी अन्य पहचान पत्र लेकर जाना जरूरी होता है। मतदान केंद्र पर अगर भीड़ लगी हुई है तो लाइन में खड़ा होना चाहिए, पानी की जरूरत हो तो अपने साथ बोतल भी पानी के लिए ले जा सकते हैं। वोट डालने के बाद सीधे घर आना चाहिए वहीं वोट डालने जाते समय किसी एजेंट आदि की जरूरत नहीं होती क्योंकि उनका कार्य बरगलाना होता है। इसलिए बिना किसी एजेंट की सहायता के सीधी मतदान केंद्र पर जाना चाहिए।
जब भी वोट डालें तो यह ध्यान रखें की मशीन का बटन अच्छी प्रकार दब चुका है, एक सीटी की आवाज आएगी जिससे पता लग जाता है कि वोट डल गया है। वोट डालते समय मशीन के साथ कोई छेड़छाड़ ना करके एक ही बटन को दबाए और उसे बार-बार दबाने की जरूरत नहीं होती है।  महिला हो या पुरुष सभी को वोट डालना चाहिए।
फोटो कैप्शन: डा. मुंशीराम, मोहनपुर नांगल

 

 

यातायात में बाधा डालने का मामला दर्ज


































-गाड़ी सड़क के बीच में खड़ी करके चालक  गया हुआ था घूमने
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कनीना की आवाज। कनीना पुलिस ने 152-डी हाईवे पर एक गाड़ी चालक के विरुद्ध मामला दर्ज किया है जो सड़क के बीच में गाड़ी खड़ी कर घूमने गया हुआ था तथा यातायात प्रभावित हो रहा था। पुलिस ने भालखी के पास गाड़ी खड़ी मिली जो सड़क के बीच में यातायात में बाधा डाल रही थी। गाड़ी अंदर से लोक थी। पुलिस ने इधर-उधर तलाश किया तभी उसका चालक आया जिसका नाम राजकुमार वासी बिलांदरपुर, जयपुर का बतलाया। कनीना पुलिस ने उसके विरुद्ध मामला दर्ज कर लिया है।






 


Thursday, September 26, 2024


 

हास परिहास/मनोरंजन के लिए
हो गई टिकटपाड़ों की मौज
- जिनको परिवार वाले रोटी नहीं देते वो खा रहे हैं मुर्ग मुसल्लम
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कनीना की आवाज।
 जब जब चुनाव आते हैं टिकटपाड़ों की मौज हो जाती है। जिनको घर में पत्नी तक मर जाने के ताने कसती है, बच्चे चप्पलों से पीटते हैं उनके वारे न्यारे हो गए हैं। वो इन चुनावी कार्यालयों में सुबह से ही पहुंच जाते हैं इधर-उधर वोट पकाने के नाम पर फोन पर दो बातें करते हैं और मौज मस्ती में चाय, बीड़ी, सिगरेट, हुक्का, शराब, मुर्ग मुसल्लम का मजा सुबह से रात तक लेते हैं। यदि वहां रात को सोना चाहे तो भी उन्हें आराम से बेहतर मखमीले गद्दों पर जगह मिलती है। कुछ तो शराबी किस्म के लोग भी इन कार्यालय में चले जाते हैं और खूब शराब पीते हैं। साथ में घर का कोटा पूरा करने के लिए भी शराब की बोतल ले आते हैं और रास्ते में नृत्य करते हुए गाते नजर आते हैं
ये चुनाव बार-बार आए
कर दी मौज हमारी,
हमें तो रोटी नहीं चाहिए
दारु लगती है प्यारी।।
 सबसे बड़ी बात है इन चुनावों में जो कल तक गैरों में थे आज वो पैरों में पड़े नजर आते हैं। बहुत से ऐसे नेता है जो कल तक किसी पार्टी का विरोध कर रहे थे आज उसी में मिलकर उनके गुणगान कर रहे हैं। सबसे बड़ी बात देखने में आई की कुछ की तो अकड़ ही निकल गई है। जो अकड़ कर चलते थे किसी को नमस्ते करना तो दूर नमस्ते तक लेने में हिचकिचाते थे वो आज वोट के लिए पैरों में पड़ते नजर आते हैं, उनकी पूंछ लंबी हो गई, तुर्रा गायब हो गया। वाह रे चुनाव तूने कर दिया कमाल।
एक दो नेताओं ने तो पूरी ही बारात जैसा प्रबंध कर रखा है। प्रतिदिन सैकड़ों गाडिय़ां और सैकड़ों लोग सुबह, शाम, दोपहर खाना इस प्रकार बैठकर खाते हैं जैसे कोई बारात आई हो। इनका बजट कई कई करोड़ तक पहुंच सकता है। दुख तो तब होगा जब किसी की हार होती है। उस वक्त तो उनको नानी याद आएगी। अबकी बार तो अटेली में यह हालात बन गई है कि हारने वाले का तो वो हाल बनेगा जिसे ग्रामीण कहावत है- ढारियां ही बैठ जाएगा। एक दो ऐसे प्रत्याशी है जिन्होंने करोड़ों रुपये लगा दिए हैं और अभी लग रहे हैं । अगर ऐसे नेता की ईश्वर न करे हार हो गई तो क्या बीतेगी यह तो 8 अक्टूबर को ही पता लग पाएगा परंतु सुबह से शाम गलियों में अब तो रहना कठिन हो  गया है। माइकों की गूंज सुनाई देती है,कान बहरे होने का खतरा, हृदयघात का खतरा बढ़ सकता है और फिर तो डाक्टरों की कमाई बढऩा स्वाभाविक है।  एक मिनट में कभी बटन दबेगा हाथ का तो, 1 मिनट बाद बटन दबेगा हाथी का तो कुछ देर बाद बटन दबेगा कमल का फिर किसी चाबी का, भैंस करा, बिल्ली का, कुत्ते का या गधे का......बटन दबता सुनाई पड़ता है।
सबक सिखा सकता है अटेली का चुनाव। इस बार अटेली का चुनाव तो नेताओं को सबक भी सिखा सकता है। ऐसे ऐसे नेता जो अपना तुर्रा कम नहीं होने देते थे, उनका बुरा हाल हो गया है और हार गये तो तुर्रे का क्या होगा, फिर तो यह गाना बजेगा-यह तो अटेली चुनाव है देख बबुआ....  अटेली के वोटर इस बार अच्छे गेंदबाज बन गये हैं। इतनी जोर से गेंद फेंकते नजर आ रहे हैं कि कई नेताओं को क्लीन बोल्ड करेंगे और जो नेता जो कपिलदेव की भांति बेहतर खिलाड़ी एवं बल्लेबाज हैं वो वोटरों की गेंद पर छक्का लगाएंगे। कुछ तो क्रिज पर अभी से वोटरों की तेज गेंद को आता देख कांपने लगे हैं कुछ तो बल्ला नहीं संभाल पा रहे हैं और कुछ बल्ला संभालते हैं तब तक क्लीन बोल्ड होते नजर आते हैं। एक ऐसी/ऐसा नेेत्री/नेता भी चुनाव लडऩे वाला खुशनसीब होगी या होगाजो धुरंधर कपिल देव की भांति बल्लेबाज साबित होगा और सीधा ही छक्का लगा सकेगा।
अटेली से आठ बल्लेबाज है और दो लाख से अधिक वोटर गेंदबाज हैं। अब तो ऐसा लगता है कि कुत्ते की पूंछ कभी सीधी नहीं होती। ऐसा अटेली में भी देखने को मिल रहा है कि जिनकी पूंछ कभी सीधी नहीं हुई थी वो आज भी अपनी पूंछ टेढ़ी किए हुए हैं परंतु पूछ का अंजाम भविष्य के गर्भ में छिपा है।
 वाह से चुनाव, तूने कर दिया कमाल
कोई खुश है तो किसी का बदहाल,
कोई सोता चैन से कोई बदहाल
कोई घूंट लगा रहा कोई लेता नाल
पता नहीं वोटर की कैसी है चाल
पल में बदल दे नेता की चाल
कोई होगा कंगाल यहां तो
कोई होगा मामलामाल
कोई हंसता जा रहा है
कोई बजा रहा है ताल
कोई रोता सुबक सुबक
कोई कुर्सी पर टपकाये राल।।






बवानिया के नवीन कुमार हेड कांस्टेबल ने आईएमटी मानेसर थाने में खाई फांसी
-गांव में छाया सन्नाटा
-शुक्रवार को हो होगा अंतिम संस्कार
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कनीना की आवाज।
आईएमटी मानेसर थाने के अंदर हेड कांस्टेबल नवीन कुमार ने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। वह कनीना उपमंडल के गांव बवानिया का रहने वाला था।  मिली जानकारी अनुसार नवीन कुमार विगत 3 महीने से आईएमटी मानेसर थाने में तैनात थे इससे पहले सेक्टर पांच थाने में कार्यरत थे। गुरुवार दोपहर नवीन कुमार का शव थाने के कमरे  में लटकता हुआ पाया गया। वो रात्रि तैनाती पर थे और सुबह 4 बजे जाकर सोए थे। आत्महत्या के कारणों का अभी तक कुछ भी पता नहीं चल पाया है। पुलिस जांच कर रही है वहीं गांव के सरपंच संजीव सहित परिजन मानेसर गये हुये हैं। शुक्रवार को संभावना है कि नवीन कुमार का दाह संस्कार हो सकेगा। वे प्रजापति समाज से संबंध रखते हैं।
घटना की सूचना पाकर सन्नाटा छाया हुआ है। परिजन बेसुध हुई हो गए हैं क्योंकि इतना बड़ा हादसा हो गया है तथा गांव में सन्नाटा छा गया है। हर किसी की जुबान पर नवीन कुमार का नाम है और कुछ बताने में असहाय हैं। गांववासी उसे मिलनसार बताते हुए अचरज में है कि ऐसी क्या बात हुई कि फांसी तक की नौबत आ गई।  
  करीब 37 वर्षीय नवीन कुमार समेत वे तीन भाई हैं जिनमें से नवीन सबसे बड़ा था। उनके पिता रामस्वरूप कारीगर का काम करते हैं। नवीन कुमार के परिवार में उनकी पत्नी नीतू सिंह एवं उसके दो पुत्र भी हैं। गांव के सरपंच संजीव कुमार से इस संबंध में बात हुई तो उन्होंने बताया कि वे मानेसर जा रहे हें और जाम में फंसे हुए हैं। पहुंचने पर ही कुछ पता चल पाएगा कि घटना के पीछे क्या कारण हो सकता है।
फोटो कैप्शन: नवीन कुमार एचसी फाइल फोटो





जलूरा शौर्य समिति ने किया अशोक चक्र सम्मानित शहीद सज्जन सिंह कनीना को
-36 वीरांगनाओं को भी किया सम्मानित
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कनीना की आवाज। 
जलूरा शौर्य समिति के तत्वावधान में 13वीं कुमाऊं रेजिमेंट का शौर्य दिवस आज अशोक चक्र विजेता शहीद सूबेदार सज्जन सिंह की स्मृति में स्थानीय सहित सूबेदार सज्जन सिंह पार्क में मनाया गया। इस मौके पर हवन आयोजित हुआ तथा रेजीमेंट से जुड़े सैनिकों की सेवा संबंधी शिकायतें सुुनी गई।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि कुमाऊं रेजीमेंट के कमांडेंट ब्रिगेडियर संजय कुमार यादव थे वहीं कार्यक्रम की अध्यक्षता वीर नारी सूबेदार सज्जन सिंह की धर्मपत्नी कौशल्या देवी ने की।
कार्यक्रम का शुभारंभ शहीद सूबेदार सज्जन सिंह की मूर्ति पर मुख्य अतिथि द्वारा पुष्प चक्र अर्पित करके किया गया तथा शहीद पार्क में एक पौधारोपण भी किया । तत्पश्चात मुख्य अतिथि का स्वागत शौर्य समिति के प्रधान कैप्टन बलबीर सिंह ने किया तथा बताया कि किस तरह 26 सितंबर 1994 को 13 कुमाऊं रेजिमेंट के सूबेदार सज्जन सिंह ने अपने बहादुर जवानों के साथ ऑपरेशन रक्षक में उग्रवादियों के दांत खट्टे कर दिए तथा कई गोलियां लगने के बावजूद उन्होंने गंभीर हालत में चार आतंकियों को मार गिराया तथा अंतिम सांस तक गोलियां उनके हेलमेट को भेदती रही, सूबेदार सुजान सिंह ने बेहद दिलेरी से मुकाबला किया तथा अपने दल की सुरक्षा सुनिश्चित की तथा सभी आतंकवादियों को मार गिराया वह भारी मात्रा में हथियार और गोला बारूद भारतीय सेवा को बरामद हुआ ।   
तत्पश्चात राजकीय कन्या उच्च विद्यालय कनीना की छात्राओं ने स्वागत गीत प्रस्तुत किया तथा देशभक्ति गीत प्रस्तुत किया मेरा रंग दे बसंती चोला, गुंजन और भारती ने प्रस्तुत की वहीं प्राथमिक कक्षा के बच्चों ने पर्यावरण संरक्षण पर एक मनोहरी नृत्य प्रस्तुत किया वहीं नशा मुक्ति पर जोर देते हुए शिव पार्वती का प्रसिद्ध युगल नृत्य तू तो रोज पीवै से भांग पिया मैं जाऊंगी याचना और स्नेहा ने. प्रस्तुत किया ।
हरियाणवी संस्कृति की झलक दिखाई  देते हरियाणवी नृत्य नाटिका बदल गया हरियाणा प्रस्तुत किया गया। इस अवसर पर आसपास के क्षेत्र से आई हुई 36 युद्ध वीरांगनाओं को सम्मानित किया गया उन्हें भारतीय स्टेट बैंक की तरफ से चाय सेट  व शाल व स्मृति देकर सम्मानित किया गया । इस मौके पर कुमाऊं रेजिमेंट की रिकॉर्ड टीम मेजर दीपक के नेतृत्व में यहां पहुंची तथा उपस्थित लोगों के पेंशन संबंधी शिकायती मामले देखें  व शीघ्र उनके समाधान का आश्वासन दिया
कार्यक्रम का संचालन राजकीय कन्या उच्च विद्यालय के मुख्य अध्यापक नरेश कुमार कौशिक ने किया तथा बताया कि इस प्रकार के प्रोग्राम बच्चों में देशभक्ति की भावना भरने में बहुत महत्वपूर्ण साबित होते हैं।
इस अवसर पर शहीद सुजान सिंह बालिका छात्रवृत्ति योजना शुरू की गई । इस अवसर पर बार एसोसिएशन कनीना के पूर्व प्रधान दीपक चौधरी, कप्तान जगराम सिंह, कैप्टन चंदन सिंह,कप्तान विनोद सिंह ,कप्तान धर्मदेव ,कप्तान लाल सिंह, कप्तान सुमेर सिंह हवलदार समर सिंह, सेवानिवृत्ति हेड मास्टर रतनलाल, पूर्व मुख्याध्यापक सुरेंद्र सिंह, शहीद के परिजन, राकेश कुमार डी पी लिपिक कश्मीरी निर्मल,अध्यापक संदीप कुमार, शीला देवी, शालिनी , शीतल रानी , एडवोकेट सुनील देवी, सहित कनीना स्कूल के 48 विद्यार्थियों ने भाग लिया। सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करने वाले सभी बच्चों को समिति की तरफ से पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।
कौन हैं शहीद सज्जन सिंह ---
कनीना कस्बा में 30 मार्च 1953 में मंगल सिंह-सरती देवी के साधारण परिवार में जन्म लिया। जन्म से ही वे अति कुशाग्र बुुद्धि के धनी थे जिसके चलते वे जब कनीना के राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में शिक्षा ग्रहण करते हुए 27 मई1971 में 13 कुमाऊं रेजिमेंट की बच्चा कंपनी में भर्ती हो गए।
    उनकी वीरता को देखते हुए 26 सितंबर 1994 को उन्हें जम्मू कश्मीर के कुपवाड़ा क्षेत्र में उग्रवादियों की तलाश में भेजे गए। उन्हें अपनी टुकड़ी के कमांडर की भूमिका दी थी। उनकी टुकड़ी उग्रवादियों का पीछा करते हुए उनके करीब पहुंच गए। उग्रवादी घात लगाए बैठे थे कि टुकड़ी उनकी ओर ही बढ़ रही थी। जब सूबेदार सज्जन सिंह की नजर उग्रवादियों पर पड़ी तो वे आगे बढ़ते हुए उनसे जा भिड़े ताकि पूरी टुकड़ी की जान बचाई जा सके। महज उग्रवादियों से 15 मीटर दूरी पर भीषण युद्ध चला। उग्रवादियों के पास भारी मात्रा में गोले, हथियार आदि होने के कारण तथा उनकी संख्या अधिक होने के कारण शहीद सज्जन सिंह छह उग्रवादियों को अकेने ही मार गिराने में सफल हो गए थे किंतु एक और उग्रवादी घात लगाकर बैठा हुआ था जिसकी गोली सूबेदार सज्जन सिंह के सिर में लगी। गोली सिर के पार गुजर गई किंतु उस उग्रवादी को भी मार गिराया।
  इस प्रकार सूबेदार सज्जन सिंह ने अपनी जान पर खेलते हुए पूरी टुकड़ी के प्राणों की रक्षा की। उनकी बहादुरी एवं वीरता पर तत्कालीन राष्ट्रपति डा शंकर दयाल शर्मा ने मरणोपरांत उनकी पत्नी कौशिल्या देवी को 26 जनवरी 1995 को अशोक चक्र से नवाजा जो शांति समय का सबसे बड़ा पुरस्कार होता है। ऐसे वीरों एवं देशभक्तों पर समस्त राष्ट्र को नाज है।  कनीना के बाबा मोलडऩाथ आश्रम स्थित पार्क में शहीद की प्रतिमा लगी हुई है जो आने वाली पीढिय़ों को प्रेरणा का काम करती रहेगी। उनकी बरसी पर प्रत्येक वर्ष उन्हेें दूर दराज से आए सैनिक एवं वीर याद करते हैं।
फोटो कैप्शन 02: शहीद सज्जन सिंह की प्रतिमा
             03: मुख्य अतिथि को स्मृति चिह्न भेंट करते हुए शहीद की वीरांगना





55 वर्षों से सुरेश कुमार लगा रहे हैं पंचर
-1969 में अधिकतम कमा लेते थे 4 रुपये
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कनीना की आवाज।
 65 वर्षीय सुरेश कुमार भडफ़ निवासी ने अपनी 10 वर्ष की उम्र में साइकिल पंचर लगाने शुरू किए थे और आज 65 वर्ष की उम्र में भी पंचर लगा रहे हैं। उन्होंने साइकिलों का वह दौर देखा है जब एक साइकिल की कीमत 60 से 100 रुपये की होती थी। उस जमाने में साइकिल का क्रेज होता था। उन्होंने बहादुरगढ़, हरियाणा में अपनी पंचर की छोटे से पंप से दुकान शुरू की थी और आज कनीना में पंचर की दुकान लगाकर अपनी रोटी रोटी कमा रहे हैं।
सुरेश कुमार से संबंध में बात हुई तो उन्होंने बताया कि वह अधिकतम 4 रुपये कमा लेते थे जिसमें से एक रुपये स्टेट बैंक में खाते में जमा कर देते थे और महीने के 30 से 40 रुपये बचाकर शानदार जीवन जी रहे थे। एक दिन इतने पैसों का उसके पिता को पता चला तो उन पैसों से उनके लिए पंखा एवं घरेलू सामान खरीद कर लाये। सुरेश कुमार ने तीन-चार जमात पास की थी किंतु परिवार की आर्थिक हालात अच्छी न होने के कारण इस काम में जुट गए। वो बताते हैं कि एक हवा भरने का पंप खरीदा और काम शुरू कर दिया। 10 पैसे में पंचर लगाया जाता था। लगातार मेहनत करते थे। उस जमाने में इतने साइकिल सवार होते थे कि पंचर लगवाने वाले कतारबद्ध खड़े होते थे। उस वक्त साइकिल में हवा भरने का काम भी पंचर लगाने वाला ही करता था। यही कारण है कि दिन में 40 से 50 तक पंचर लगा पाते थे इसके अतिरिक्त साइकिल ठीक करने का काम भी करते थे जिनका अलग से चार्ज लेते थे। उस जमाने में जो साइकिल होती थी वह स्वास्थ्य के लिए ज्यादा बेहतर मानी जाती थी। इंसान सभी कार्य साइकिल से करता था। मामूली सा खर्चा और सेहत के लिए लाभप्रद होने के कारण गरीब जन भी प्रयोग करते थे। धीरे-धीरे समय बदला और सुरेश कुमार 1994 में कनीना आ पहुंचे और साइकिल के पंचर लगाने का काम शुरू किया। वो बताते हैं कि वर्तमान में साइकिल इतनी कम हो गई है कि अधिकतम 10 पंचर लगा पाते हैं। वर्तमान में छोटे बच्चों की साइकिल का क्रेज बढ़ गया है। धनवान लोग साइकिल कम चलाते हैं, आज के दिन कम से कम 4200 की साइकिल आती है और अधिकतम हीरो की इलेक्ट्रानिक साइकिल 35000 हजार रुपये की आती है।
सुरेश कुमार बताते हैं कि एक इंसान जब अपने काम के प्रति समर्पित होता है तो निश्चित ही सफलता मिलती है। सुरेश कुमार काम के प्रति इतने समर्पित रहे कि आज भी दूर आज तक नाम है। यह ठीक है कि आज के युग में युवा पीढ़ी साइकिलों की तरफ कम मोटरसाइकिल को अधिक पसंद करती है। सड़क पर साइकिल चलाने वाले गरीब माने जाते हैं जबकि गाडिय़ों में चलने वाले लोग अमीर माने जाते हैं। उनका कहना है कि विदेश में इससे उलटा है। अमीर व्यक्ति अपनी सेहत के लिए साइकिल चलाते हैं। वैसे भी सरकार साइकिल चलाने वालों के लिए कोई विशेष प्रोत्साहन नहीं देती। इस बात का गम है। अगर साइकिल के प्रति सरकार विशेष प्रोत्साहन दे तो निसंदेह बहुत से लोग साइकिल चलाना शुरू कर देंगे। यह सत्य है कि शिक्षा विभाग ने छात्राओं के लिए जो दूर से आती है साइकिल मुफ्त देने का प्रावधान कर रखा है परंतु अच्छे दर्जे की साइकिल उन्हें भी नहीं मिल पाती।
साइकिल लगातार प्रयोग करें तो आदमी न तो बूढ़ा होता न ही पैरों की समस्या होगी। उनका कहना है कि आज के दिन हुए 2000 रुपये तक कमा लेते हैं फिर भी उसे जमाने के चार रुपए के मुकाबले कम हैं और वो खुशी नहीं मिल रही है।
कनीना क्षेत्र में अगर साइकिल चलाने वाले देखे जाए तो अधिकतम पांच व्यक्ति 20 सालों से अधिक वर्षों से साइकिल चला रहे हैं। आधुनिक युवा पीढ़ी अगर साइकिल चलाती है तो विशेष प्रकार की साइकिल प्रयोग करती है। साइकिल की कीमत अधिक है। ऐसे में सरकार को साइकिल चलाने के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए और कम से कम सप्ताह में एक दिन सभी वाहन चालक घर पर और आसपास साइकिल प्रयोग करें तो ऊर्जा की भी बचत हो सकती है। साइकिल चलाने वालों को समय-समय पर सम्मानित किया जाना चाहिए। वैसे तो साइकिल यूपी में चुनाव चिन्ह भी नेताओं का है किंतु हरियाणा में साइकिल चलाने वाले का क्रेज घटना ही जा रहा है। आने वाले समय में शायद विश्वास नहीं करेंगे कि हजारों की संख्या में लोग साइकिल चलते थे।
 फोटो कैप्शन: सुरेश कुमार की फोटो साथ में फोटो कैप्शन 5: साइकिल के पंचर लगता हुआ सुरेश कुमार






क्षेत्र का मान सम्मान कभी कम नहीं होने दिया: राव इंद्रजीत
-आरती अहीरवाल की बेटी विपक्षी जान ले- रामबिलास शर्मा
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कनीना की आवाज।
कनीना के साथ लगता क्षेत्र मेरे व मेरे परिवार के लिए नया नहीं है। 20 साल पहले मैं जाटूसाना विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करता था। 2009 में  परिसीमन के बाद मेरा कार्य क्षेत्र  गुरुग्राम लोकसभा होने के बाद  पुराने क्षेत्र में आना थोड़ा कम हो गया था, लेकिन इस इलाके के लोगों से मेरा लगाव कभी कम नहीं हुआ।उक्त बातें केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह ने अटेली विधानसभा क्षेत्र से भाजपा प्रत्याशी आरती  सिंह राव के पक्ष में अटेली विधानसभा क्षेत्र के गांव करीरा सिहोर व सेहलंग में लोगों को संबोधित करते हुए कही। उन्होंने साथ में बैठे अटेली के  निवर्तमान विधायक सीताराम की तरफ इशारा करते हुए कहा कि मेरे राजनीतिक विरोधी आरोप लगा रहे हैं कि सीताराम को राव परिवार मंच पर सम्मान नहीं दे रहा। मैं मंच के माध्यम से स्पष्ट कर देना चाहता हूं कि कि सीताराम ने विकास की जो अलख अटेली विधानसभा क्षेत्र में जगाई है वह निरंतर जारी रहेगी। आरती सिंह राव विधायक बनने के बाद भी सीताराम द्वारा छोड़े गए अधूरे कार्यों को सीताराम ही पूरा करेंगे। सीताराम यादव को यह कभी महसूस नहीं होने दिया जाएगा कि मैं विधायक नहीं हूं। राव इंद्रजीत सिंह ने कहा कि 2014 और 2019 में दक्षिणी हरियाणा के विधायकों की बदौलत ही हरियाणा में भाजपा की सरकार बनी थी और 2024 में ही दक्षिणी हरियाणा में भाजपा के सहयोग से ही प्रदेश में भाजपा की सरकार बनेगी। एक बिरादरी के सहयोग से कोई भी सरकार नहीं बनती।मेरे राजनीतिक लंबे जीवन में भी सभी 36 बिरादरी का सहयोग रहा और मैं उम्मीद करता हूं कि आगे भी आरती  राव के लिए 36 बिरादरी का सहयोग रहेगा ।उन्होंने युवाओं का आभार जताते हुए कहा कि मेरे कार्यक्रमों में भी युवा बढ़-चढ़कर भाग ले रहे हैं और आरती राव के कार्यक्रमों में भी युवा बढ़ चढ़कर के भाग ले रहे हैं।उन्होंने युवाओं से  आह्वान  किया कि इसी तरह वे आने वाले 10 दिनों तक चैन से ना बैठे और 5 अक्टूबर को भाजपा के पक्ष में अधिक से अधिक मतदान कर आरती राव को सफल बनाने में अपना सहयोग करें। मैं युवाओं को विश्वास और भरोसा दिलाता हूं कि उनके मान सम्मान में कभी कमी नहीं रहने दूंगा और ना ही आरती राव उनके मान सम्मान में कमी रहने देगी। राव इंद्रजीत सिंह ने यह भी भरोसा दिलाया कि मैंने 47 साल के राजनीतिक जीवन में आपके द्वारा दी गई ताकत का कभी दुरुपयोग नहीं किया और विश्वास दिलाता हूं की आरती राव भी आपके द्वारा दी गई ताकत का कभी दुरुपयोग नहीं करेगी। सरपंच, ब्लॉक समिति व जिला परिषद के चुनाव हो चुके हैं उनके चुनाव को लेकर किसी तरह का आपस में कोई मनमुटाव हो तो उसको बुलाकर होने वाले विधानसभा चुनाव 5 साल के लिए जनप्रतिनिधि चुनने का चुनाव है अब यह सब आप पर निर्भर करता है कि रोहतक का व्यक्ति प्रदेश में राज करें या आपके इलाके का व्यक्ति प्रदेश में राज करें।अगर आपके सहयोग से आरती राव विधानसभा में पहुंचेगी तो आप सब लोगों की राज में बड़ी भागीदारी होगी। इस मौके पर पूर्व शिक्षा मंत्री प्रो. रामबिलास शर्मा ने सेहलंग गांव में मंच साझा करते हुए कहा कि आरती राव अपने दादा स्वर्गीय राव बीरेंद्र सिंह व पिता केंद्रीय मंत्री  राव इंद्रजीत सिंह के पद चिन्हो पर चलकर लोगों राजनीतिक में रहकर लड़ाई लडऩे में कोई कोर कसर नहीं छोड़ेगी।  आरती राव के पक्ष में किया गया मतदान कर्म भी है धर्म भी है क्योंकि आरती राव अमर शहीद राव तुलाराम के परिवार से ताल्लुक रखती है।आरती राव को राजनीतिक विरासत में मिली है वह लोगों की कसौटी पर खरा उतरकर अटेली के विकास में चार चांद लगाएगी।इस मौके पर अटेली विधायक सीताराम यादव ने भी लोगों से 5 अक्टूबर को भाजपा  के पक्ष में अधिक से अधिक मतदान कर अटेली के विकास में अपना सहयोग देने का आह्वान किया।इस मौके पर विद्यानंद लांबा,जिला पार्षद देवेंद्र यादव, सुधीर दीवान, पूर्व जिला पार्षद प्रदीप यादव, कंवर सिंह कलवाड़ी,जयप्रकाश चेयरमैन, राजेंद्र भारद्वाज, सतबीर सेहलंग सहित भारी संख्या में लोग मौजूद रहे।
फोटो कैप्शन: गांव सेहलंग में आरती राव के पक्ष में मतदान की अपील करते केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह, पूर्व शिक्षा मंत्री रामबिलास शर्मा व सीताराम यादव
फोटो कैप्शन 04: राव इंद्रजीत सिंह कनीना के गांव सेहलंग में संबोधित करते हुए।





यह कुर्सी सदा नहीं रहने वाली
-कुछ अधिकारी कर्मियों के साथ करते हैं ऐसा व्यवहार जैसे उनके बाप दादा की कमाई कर्मियों को देते हें जेब से
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कनीना की आवाज।
 अकसर देखने में आया है कि इंसान एक दूसरे को नीचा दिखाने के लिए काफी हद तक गिरावट पर चला जाता है। उन्हें ज्ञान नहीं कि इंसान की जिंदगी एक बुलबुले की भांति होती है। शायद वे भूल गए हैं कि एक दिन सभी की राख होनी है। करनी सदा साथ चलती है। अच्छे कर्मों का भला तो बुरे कर्मों का बुरा फल मिलकर रहता है। किसी भी दिन किसी भी क्षण इंसान का अंतिम समय हो सकता है। कुर्सी पर बैठे कुछ छोटे-छोटे तथाकथित अधिकारी भी अपने आप को यह समझते हैं कि उनके बाप की कुर्सी है और अपने तहत कर्मियों का काम नहीं करते, बेवजह सताते हैं। पेन चलाने से ऐसे कांपते हैं जैसे शेर खा जाएगा। यहां तक कि काम करने में आनाकानी करते हैं। कुछ तो प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से रिश्वत खाते हैं, कोई ऐसा व्यवहार करते हैं जैसे उसके बाप दादा की जेब से वो कर्मियों को वेतन दे रहे हैं। कहते हुए अफसोस होता है कि कुछ तो किसी चीज का ज्ञान तक नहीं। कुर्सी भी चंद दिनों की होती है न जाने किस समय यह कुर्सी छिन जाए। इस संबंध में होशियार सिंह कनीना का उन्हीं की जुबानी कहना-
मैं यह कहता हूं कि मैंने बहुत से प्रिंसिपल, मुख्य अध्यापक देखें हैं जो ऐसा व्यवहार करते हैं जैसे उनके बाप ने उन्हें कुर्सी सदा के लिए दे दी है और नीचता पूर्ण व्यवहार अपने कर्मियों से के साथ करते हें। ऐसा व्यवहार करते हैं जैसे कि वो ही ईश्वर बन गए हैं। कुछेक को तो भगवान सबक देता रहता है फिर भी वो नहीं सुधारते। कितने ही ऐसे प्राचार्य एवं मुख्य अध्यापक और अन्य  अधिकारियों से मैं मिला जिनको भगवान ने ऐसे ऐसे हालात में पहुंचा दिया कि उससे कुछ सबक मिले लेकिन सबक नहीं मिली। कहते हैं कुत्ते की पूंछ कभी सीधी होती वैसे ही ये लोग हैं। जिनके व्यवहार से कर्मी तंग है। ऐसे भी प्रिंसिपल देखें जो गांव वालों से अच्छी बना कर रखते हैं और अपने कर्मियों के साथ महाभारत खड़ी रखते हैं। अपनी कमियों को दबाने के लिए कुछ गांव के लोगों से संपर्क रखते हैं ताकि वक्त आने पर उसकी मदद कर सके। कुछ ऐसे कर्मी जो कामचोर कहलाते हैं, इन अधिकारियों के चमचे बने खड़े मिलते हैं।  लेकिन ज्ञान के बल पर बहुत कम ऐसे अधिकारी देखें जो कर्मियों के साथ बेहतर व्यवहार बनाए रखते हैं। कुछ ऐसे मुख्यों से मिला जिन्हें न तो कोई काम आता है और नहीं वो कामयाब है परंतु गांव के लोगों को तथा अपने कुछ कर्मियों को इतना पता कर रखते हैं जो उनके साथ खड़े नजर आते हैं। वो भूल जाते हैं कि चंद दिनों की बात है इसके बाद नौकरी पूरी तो इन गलियों में घूमता फिरेगा कोई कुत्ता भी नहीं पूछेगा। वो भूल जाते हैं कि इंसान आखिर एक खिलौना है और उसे टूटना ही होगा। इनमें सुधार करना भी चाहे तो नहीं सुधारते परंतु उनका उस समय होश आएगा जब उनके सामने मौत खड़ी नजर आएगी। अकेले खड़े होंगे और कुत्ते उसको फाडऩे के लिए तैयार मिलेंगे और वह ऐसे में डरते हुए कांपते हुए नजर आएंगे। कुछेक ने तो रिश्वत लेने का भी काम शुरू कर रखा है। वो समझते हैं की रिश्वत लेकर काम करने से उनका नाम अच्छा होगा। काम करने के नाम पर शराब की बोतल लेते हैं या रिश्वत लेते हैं उनके बच्चे कभी कामयाब नहीं होते। उन्हें इस जीवन में ही नरक का सामना करना पड़ता है। उनकी लड़कियों की जिंदगी बर्बाद होकर रहती है। यह मेरे वचन नहीं कितने संत और देवों ने स्पष्ट लिखा है। इसलिए अगर इंसान समय रहते नहीं सुधरता है तो निश्चित रूप से उसका अंत होता है। इसलिए सभी को संभलकर काम करना चाहिए। वरना अंत आएगा तो बहुत पछताना होगा। ना कोई साथ देगा न कोई पास होगा और अकेले ही इस जहां से जाना होगा।




मतदान के प्रति किया जागरूक
-उन्हाणी कालेज में बताया गया मतदान का महत्व
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कनीना की आवाज।
जिला उपायुक्त महोदया मोनिका गुप्ता, प्रधान  जिला बाल कल्याण परिषद् व वैशाली सिंह अतिरिक्त उपायुक्त महोदया नारनौल के निर्देशानुसार राजकीय कन्या महाविद्यालय उन्हाणी में कार्यवाहक प्राचार्य डा. सुधीर यादव की अध्यक्षता व  राजनीति विज्ञान विभाग द्वारा मतदाता जागरूकता अभियान के अंतर्गत डा. आर एस रंगा, निदेशक नशा मुक्ति एवं पुनर्वास केंद्र  नारनौल द्वारा महाविद्यालय की छात्राओं को मतदान के बारे में जागरूक किया गया । प्राचार्य डा. सुधीर  कुमार ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि लोकतंत्र में चुनाव महापर्व होता है। मतदाताओं को चुनाव में अधिक से अधिक भागीदारी करनी चाहिए। लोकतंत्र में  चुनावों के माध्यम से सरकार को वैद्यता प्राप्त होती है। हरपाल सिंह सहायक प्रोफेसर राजनीतिक विभाग ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि मतदान का अधिकार एक संवैधानिक एवं राजनीतिक अधिकार है, जिसे  वर्णन भारतीय संविधान के भाग 15 में अनुच्छेद 326 में किया गया है। संविधान के तहत शासन करने की शक्ति भारतीय जनता में निहित है। जिसका वर्णन संविधान की प्रस्तावना में किया गया है।18 वर्ष से ऊपर प्रत्येक भारतीय नागरिक को यह अधिकार प्राप्त है।  लोकतंत्र में एक-एक मत का महत्व होता है, 1999 में अटल बिहारी वाजपेयी जी की सरकार ने एक मत से बहुमत खो दिया था ।जहां मतदान प्रतिशत कम होता है वहां विकास की रफ्तार भी धीमी होती है। मतदान करने के साथ-साथ अच्छे जनप्रतिनिधि का चयन करना भी जागरूक मतदाता का कर्तव्य बनता है। हरियाणा  की 15वीं विधानसभा के चुनाव 5 अक्टूबर 2024 को हैं। अन्य: सभी मतदाताओं को अपने मताधिकार का प्रयोग करके अपने जनप्रतिनिधि का चुनाव करें एवं अपने आसपास के मतदाताओं को भी जागरूक करें। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय  भारत सरकार द्वारा नशा मुक्ति अभियान की भी की कड़ी में संबोधित करते हुए कहा कि नशा एक बीमारी है, नशे की बीमारी से मुक्ति, नशे के बारे में पैदा हुई गलत धारणाओं व नशा प्रयोग करने वाले व्यक्ति के मुख्य लक्षणों आदि की जानकारी विस्तार से देकर नशा न करने बारे  जागरूक किया गया। सरकार व जिला प्रशासन का प्रयास है कि नशा मुक्त भारत अभियान से अधिक से अधिक लोग जुड़े, ताकि नशा मुक्ति का संदेश जन-जन तक पहुंचाया जा सके। नशा मुक्त भारत अभियान का उद्देश्य न केवल जन-साधारण को नशे के दुष्प्रभावों के बारे में जागृत करना है ,बल्कि नशे के खिलाफ जन आंदोलन का रुप देना है ,ताकि नशे के खिलाफ हर आदमी जुड़ कर अपना योगदान दे सकें। नशे पर पूर्णतया अंकुश लगाने के लिए जिला प्रशासन द्वारा व्यापक कदम उठाए जा रहे हैं। दुनिया में कोई भी कार्य असंभव नहीं है, नशा भी छोड़ा जा सकता है, इसके लिए ढृंढ संकल्प लेना जरुरी है। व्यक्ति मनोरंजन के तौर पर नशे की शुरुआत करता है, लेकिन बाद में यह आदत में शुमार हो जाता है। जिससे पूरे परिवार की मानसिक स्थिति के साथ-साथ आर्थिक स्थिति भी खराब हो जाती है के बारे में अति ज्ञानवर्धक व्याख्यान दिया। इस अवसर पर महाविद्यालय परिवार के सभी सदस्यों उपस्थित रहे।
फोटो कैप्शन 01: छात्राओं को मतदान के विषय में जागरूक करते हुए प्राचार्य।





जागो वोटर जागो
मतदान करने में न बरते कंजूसी- महिपाल सिंह
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कनीना की आवाज।
 मतदान करना हमारा अधिकार है जिसे कोई भी नहीं रोक सकता। मतदान का हर स्त्री व पुरुष को समान अधिकार मिला हुआ है जिनकी उम्र 18 साल हो गई है।  मतदान करने में कोई कंजूसी नहीं बरतनी चाहिए क्योंकि मतदान करने में कोई पैसा खर्च नहीं होता, मतदान करने से देश के बेहतर भविष्य का निर्माण होता है। देश के भविष्य का निर्माण तभी होगा जब साफ सुथरी छवि और समाज हित करने वाले नेता आगे आएंगे और उन्हें जीताकर विधानसभा में भेज देंगे। यदि हम अपने वोट को किसी के दबाव में आकर देंगे तो न तो नेता काम का होगा और न ही देश का विकास होगा। देश के विकास के लिए, समाज के हित के लिए और क्षेत्र की भावनाओं को जो ध्यान में रखकर एक अच्छे नेता का चुनाव 5 अक्टूबर को करना है। मतदान करने में अधिकतम एक घंटा लग सकता है जिसमें आने जाने का समय भी शामिल है। ऐसे में यह कार्य प्राथमिकता के आधार पर किया जाना चाहिए। अपने सारे कार्य उस दिन छोड़ देने चाहिए। चाहे किसान, मजदूर या दुकानदार है उसे अपना काम एक घंटे के लिए रोक कर मतदान करने जरूर जाना चाहिए। मतदान करने के लिए दो ही बातों का ध्यान रखें। मतदाता पर्ची और अपना पहचान पत्र लेकर जरूर मतदान केंद्र पर जाए और जरूरी हो तो लाइनों में खड़े हो तथा वोट डालकर खुशी-खुशी अपने घर आए। यदि वोट सही ढंग से दिया गया है और सही नेता का चुनाव होगा तो आने वाला भविष्य उज्ज्वल होगा। यदि नेता भ्रष्ट होगा समाज हितैषी नहीं होगा तो देश उन्नति नहीं कर पाएगा। अपनी भावनाओं को, अपने नेता के गुणों को ध्यान में रखते हुए मतदान केंद्र पर सुबह 7 बजे के बाद और शाम 6 से पहले पहले पहुंचना है। चाहे पैदल जाए या अपने किसी वाहन से, मतदान करके घर आए। यहां तक की जलपान भी तभी करें जब मतदान हो जाए। इससे बड़ा पर्व कोई हो नहीं सकता। इस महापर्व में अपनी आहुति जरूर डालने के लिए जाए, वोट को किसी दबाव में न दे। कई बार लोग जाति पाती, स्त्री- पुरुष आदि भेदभाव में जकड़ कर वोट दे देते हैं जो अनुचित है। इन भावनाओं से ऊपर उठकर वोट देना सर्वथा उचित होगा।
फोटो कैप्शन: महिपाल सिंह कनीना



एक बार फिर से गर्मी बढ़ी
- बंद कूलर और एसी फिर से किए शुरू
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कनीना की आवाज।
जहां सावन में और उसके बाद और सावन से पहले अच्छी वर्षा होने के बाद ठंड का आभास होने लगा था किंतु विगत दो-तीन रोज से फिर से गर्मी पडऩे लगी है। हालत यह है कि पंखे बगैर तो एक मिनट भी नहीं रह पाते वही कूलर और एसी फिर से शुरू कर दिए हैं। जो लोग पंखे की हवा से ही काम चला रहे थे उन्हें कूलर और एसी शुरू करने पड़ गए हैं। तापमान बढ़ता ही जा रहा है। जहां ऐसा समझा जा रहा था कि जल्दी रबी फसल की बिजाई हो जाएगी किंतु अक्टूबर माह में तापमान 39 डिग्री तक पहुंचेगा। जहां 10 अक्टूबर से सरसों की बिजाई कर दी जाती है और गेहूं की बिजाई एक नवंबर से होती है। किसान अब अपनी फसल कटाई में लग गए हैं लेकिन फसल काटना भी गर्मी के कारण परेशानी बढ़ा रहा है। उधर गर्मी के कारण फिर से मच्छरों का प्रकोप हो गया है।


पानी की डिग्गी में पेड़ से लटका मिला शव
-जब से निकला सुसाइड नोट जिसमें चार लोगों के नाम दर्ज
-पुलिस ने चारों के विरुद्ध किया मामला दर्ज
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कनीना की आवाज।
कनीना उपमंडल के गांव खरकड़ाबास में जहां 24 सितंबर को बलबीर ट्रक ड्राइवर का शव पानी की डिग्गी में पेड़ से लटका हुआ मिला था जिसको लेकर के सनसनी फैल गई थी। उसकी जेल से सुसाइड नोट मिला जिसमें चार लोगों के नाम मिले। पुलिस ने चारों के विरुद्ध मामला दर्ज कर लिया है। कनीना पुलिस में बलवीर सिंह के पुत्र सुनील ने मामला दर्ज करवाया है।
सुनील ने पुलिस में बताया है कि वे दो भाई  सुनील तथा अनिल नाम के हैं। अनिल प्राइवेट कंपनी में काम करता है तथा उनके पिता बलबीर ट्रक ड्राइवर का काम करता था। जो कई-कई दिन बाद घर आता था। इस बार 15 दिनों से काम पर गया हुआ था। 24 सितंबर को सूचना मिली कि उनके गांव के वाटर वक्र्स में एक आदमी की डेड बाडी पेड़ से लटकी हुई है। मौके पर जाकर देखा तो बलवीर सिंह की डेड बाडी फांसी के फंदे से लटकी हुई है थी। जिसको गांव वालों  और पुलिस की मदद से पेड़ से उतारा गया। सरकारी अस्पताल ले जाया गया जहां उनकी जेब से सुसाइड नोट मिला और साथ में पेन भी मिला। सुसाइड नोट पर हमें चार लोगों राजू, बोलिया, सिसन और सूरजभान खरकड़ाबास के नाम लिखे मिले। शिकायतकर्ता ने कहा कि वे लोग एक मामले में राजीनामा करवाने के लिए 15 लाख रुपये की मांग कर रहे थे जिसके दवाब में आकर बलबीर सिंह ने वाटर वक्र्स में फांसी का फंदा लगाकर जीवन लीला समाप्त कर दी। पुलिस ने डेड बाडी का पोस्टमार्टम करवा कर शव परिजनों को सौंप दिया वहीं चार लोगों पर विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है।






विज्ञापन देकर उठाये लाभ, बने ब्लाग के सदस्य
-दूर दराज तक पाये अपना नाम
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कनीना की आवाज।
कनीना एवं आस पास के समाचार नामक कनीना के ब्लाग में विज्ञापन देकर अपने समाचार, विचार एवं साक्षात्कार आदि पाये। विज्ञापन एक मामूली सी राशि देकर छपवा सकते हैं। विज्ञापन देने पर ब्लाग का सदस्य बना दिया जाएगा। इसके बाद एक माह तक प्रतिदिन एक समाचार, विचार आदि छपवा सकते हैं। इससे ब्लाग पर होने वाले खर्चे की भरपाई भी होगी वहीं आप लोगों को लाभ भी मिलेगा। देर किस बात की फोन उठाइये और विज्ञापन बुक करवाने के लिए फोन करे 9416348400 या 9306300700 डा होशियार सिंह
स्कूल, संस्था, नेता, दुकानदार आदि विज्ञापन दे सकते हैं जिससे-
नेता का नाम हो
दुकानदार अपनी प्रसिद्धि के लिए
नाम बदलवाने, विवाह शादी, उठावनी आदि से संबंधित
स्कूल के स्टाफ की आवश्यकता आदि

















कापीराइट एक्ट से बचे, ब्लाक से नहीं उठाएं किसी प्रकार की कोई खबर
-वरना हो सकता है 6 महीने का कारावास
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कनीना की आवाज। कनीना की आवाज नामक ब्लाग कापीराइट के तहत आता है। ब्लाक के सबसे नीचे कापीराइट लिखा हुआ है फिर भी लोग जानबूझकर या अनजाने में किसी समाचार को उठाकर दूसरी जगह प्रकाशित करने का प्रयास करते हैं, यह कापीराइट एक्ट का उल्लंघन है। अभी तक ऐसे व्यक्ति जो कापीराइट का उल्लंघन कर रहे हैं अपनी डायरी में नोट कर लिया गया है, जिन्हें माफ किया जा सकता है लेकिन भविष्य में यदि कोई ऐसी गलती करेगा तो कापीराइट एक्ट के तहत कनीना थाने में मामला दर्ज करवाया जाएगा। देखने में आया है दिनों दिन कुछ लोग खबरों को यूं की यूं उठा लेते हैं और अपने नाम से भेज रहे हैं। यह कापीराइट का उल्लंघन है। उल्लेखनीय है कि कापीराइट एक्ट में साफ लिखा है कि यदि कोई कापीराइट एक्ट का उल्लंघन करता पाया जाता है तो उसे कम से कम 6 महीने की कैद और 50,000 रुपये का जुर्माना देना होगा। दूसरी बार और इसके बाद भी वह दोषी पाया जाता है तो सजा एक वर्ष और जुर्माना एक लाख रुपये तक किया जा सकता है कि जाने का प्रावधान है। ऐसे में लेखक की बगैर लिखित अनुमति से कोई खबर न उठाये और न अपने नाम से प्रकाशित करें, फोटो न ले तथा कापी करके कहीं न डालें क्योंकि इन सभी पर कापीराइट एक्ट का मामला आता है। डाक्टर होशियार सिंह यादव ने पहले भी एक लेखक को कापीराइट एक्ट का उल्लंघन करने पर बुलाया था और उस लेखक द्वारा हाथ पैर जोड़े जाने पर माफ कर दिया गया था। लेकिन ऐसा कितने दिनों तक चलेगा।  आखिरकार सजा दिलवानी जरूरी होती है। अत: भविष्य में कोई इस ब्लाक से किसी प्रकार की कोई खबर चोरी न करें और न फोटो उठाये अपितु समाचारों को पढ़कर भरपूर लाभ ले और हमारा हौसला बढ़ाये।