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Tuesday, November 26, 2024


 
मिड डे मील के पांच महीने से पैसे नहीं आने के कारण अध्यापक परेशान
-सरकार नहीं दे रही है ध्यान








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कनीना की आवाज।
 मिड डे मील बनवाने के लिए तो सरकार तरह-तरह के व्यंजन के मेनू भेज रही है किंतु पिछले 5 महीने से मिड डे मील का एक पैसा भी नहीं आने के कारण मिड डे मील बनाने वाले अध्यापक दर- दर की ठोकरे खाने पर विवश है।
मिली जानकारी के अनुसार मिड डे मील बनाने वाले अध्यापकों ने जानकारी देते हुए बताया कि सरकार मिड डे मील में कई प्रकार के व्यंजन देने की फरमाइश कर देती है लेकिन पिछले 5 महीने बीत जाने के बाद भी एक रुपये भी कुकिंग कोस्ट का नहीं भेजा है। जिसके कारण मिड डे मील बनाने वाले अध्यापक परेशान है। उन्होंने बताया जिन दुकानों से मिड डे मील का सामान खरीदा जाता है उन दुकानदारों ने अध्यापकों को साफ मना कर दिया कि पहले पैसे दो और फिर सामान लेकर जाओ जिसके कारण मिड डे मील बनाने  वाले अध्यापक परेशान है और सरकार को कोस रहे हैं। वही मिड डे मील बनाने वाले कुको कहना है कि हमें सरकार द्वारा 7000 रुपये प्रति माह दिया जाता है लेकिन पिछले 3 महीने से एक पैसा भी नहीं भेजने के कारण बच्चे दर- दर की ठोकरें खाने को विवश हैं लेकिन सरकार इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा है जिसके कारण परिजन परेशान है। उन्होंने मुख्यमंत्री हरियाणा सरकार से मांग कर समय पर वेतन देने की तथा मिडे मील के पैसे भेजने की गुहार लगाई है ताकि बच्चों को समय पर भोजन मिल सके।






गनियार व रामबास में बागवानी जागरूकता कैम्प आयोजित
-मशीनीकरण योजना में दिया जा रहा 40 से 50 प्रतिशत अनुदान  जिला उद्यान अधिकारी प्रेम कुमार
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कनीना की आवाज।
 बागवानी विभाग की ओर से जिला उद्यान अधिकारी प्रेम कुमार यादव की अध्यक्षता में खंड अटेली के गांव गनियार व खंड कनीना के गांव रामबास में बागवानी जागरूकता कैम्प का आयोजन किया। इन कैंपों में आसपास के लगभग सैकड़ों  किसानों ने भाग लिया।
जिला उद्यान अधिकारी प्रेम कुमार यादव ने कहा कि इस जागरूकता कैंप का मुख्य उद्देश्य सरकार द्वारा चलाई जा रही विभाग की सभी योजनाओं के बारे में किसानों को तकनीकी जानकारी देना है ताकि किसान ज्यादा से ज्यादा विभागीय योजनाओं का लाभ ले सकें व बागवानी से संबंधित किसी भी योजना का लाभ लेने के लिए मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल पर पंजीकरण करवाना अनिवार्य है। इन स्कीमों का लाभ किसानों को पहले आओ पहले पाओ के आधार पर दिया जाएगा।
उन्होंने बताया कि बागवानी विभाग किसानों के लिए अनेक स्कीम चला रहा है। इसमें एक मशीनीकरण (यंत्र) स्कीम है। इस स्कीम के तहत ट्रैक्टर (अप टू 20 पीटीओ एचपी) पावर टीलर (8 बीएचपी और ऊपर दिए गए ) नैपसैक स्प्रेयर (क्षमता 16 लीटर) आदि सम्मिलित है। मशीनीकरण मद में 40 से 50 प्रतिशत अनुदान देने का प्रावधान है। इन स्कीमों का लाभ बागवानी के सभी किसान उठा सकते हैं व अपनी आमदनी में इजाफा कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि अधिकतर छोटे किसानों को लेबर की समस्या रहती है। इस समस्या से निजात दिलाने के लिए मशीनीकरण को बढ़ावा दिया जा रहा है। बागवानी करने वाले किसानों के लिए पावर वीडर मशीन बहुत ही फायदेमंद है। इसका उपयोग करने से किसान अपने खेतों से खरपतवार आसानी से निकाल सकते हैं तथा जहां पर ट्रैक्टर से जुताई नहीं की जा सकती वहां पर पावर वीडर से निराई गुडाई की जा सकती है। इस सम्बन्ध में अन्य किसी जानकारी के लिए अपने ब्लॉक के उद्यान विकास अधिकारी से सम्पर्क कर जानकारी ले सकते हैं।
इस मौके पर पर उद्यान विकास अधिकारी डा. राहुल कुमार ने कहा कि बागवानी विभाग किसानों के लिए सरकार द्वारा चलाई जा रही स्कीमों को लाभार्थियों तक पहुंचाने के लिए भरसक प्रयासरत है। उन्होंने मेरी फसल मेरा ब्यौरा, मुख्यमंत्री बागवानी बीमा योजना तथा अन्य विभागीय योजनाओं के बारे में विस्तार से बताया।
इस अवसर पर खाद्य आपूर्ति एवं नियंत्रक अधिकारी कार्यालय से सब इंस्पेक्टर  विक्रम, पब्लिक हैल्थ विभाग तथा संबंधित उद्यान विकास अधिकारी, ग्राम सचिव गनियार, सरपंच सुनीता सहित अन्य गणमान्य लोग मौजूद थे।
फोटो कैप्शन 06:किसानों को बागवानी योजनाओं के बारे में जानकारी देते बागवानी अधिकारी।






मेरा शिक्षा का सफर पुस्तक से साभार- 61
जब स्कूल की मेल आईडी से एक नीच व्यक्ति ने मेरे तबादले के लिए मेरे ही नाम से रिक्वेस्ट भेज दी
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कनीना की आवाज।
 कनीना निवासी होशियार सिंह विज्ञान अध्यापक लंबे अरसे तक शिक्षा विभाग के खट्टे मीठे अनुभव लेकर 30 अप्रैल 2024 को सेवानिवृत्त हो चुके हैं। उन्होंने अनेक कटु अनुभव भी लिए किंतु कनीना स्कूल की एक घटना वह स्वयं अपने ही मुख से सुनाना चाहते हैं। जब खुद की बदली के लिए खुद ही शिकायत कर दूर दराज भेजने की मांग की? सुनिए उन्हीं की जुबानी-
 मैं जब 2016 में कनीना के राजकीय माडल संस्कृति स्कूल में कार्यरत था उसे समय एक बहुत ही घटिया और नीच प्रकृति का शिक्षक कार्यरत जो आज भी शिक्षा भाग में कार्यरत हैं। इसका नाम एवं कारनामे मेरी मूल पुस्तक में दिये गये हैं। उसकी आदत रही है कि शिक्षकों को कष्ट देना, इधर-उधर उल्टी सीधी बातें किसी से लगाकर झगड़ा करवाना। घटिया खेल खेलने, स्कूली फंडों को चाटने, ब्लैकमेलिंग के गुण कूट कूटकर भरे हुए हैं। डा. मुंशी राम मोहनपुर प्रवक्ता जो शिक्षा विभाग में वर्तमान में भी कार्यरत है। उनकी इच्छा के विरुद्ध उनके पासवर्ड चोरी करके बदली के लिए यश का आप्शन भर दिया जबकि वे बदली नहीं चाहते थे। परिणाम यह निकला कि उनकी बदली दूरदराज हुई। वरना कनीना स्कूल से उनकी बदली कहीं नहीं होनी थी। तबादला अन्यत्र स्थान पर हो गया। बाद में उन्हें पता चला कि उनके तबादले के  आप्शन यश किसी ने रातोंरात कर दिया। तब जाकर नाम सामने आया। एक  अन्य अंग्रेजीके बेहतर प्राध्यापक के साथ भी ऐसा ही किया गया। यही नहीं उस राक्षस के तो खेल अजीबोगरीब निराले थे। वर्ष 2016 में 15 अगस्त की बात है जब तबादले एवं पदोन्नतियां हुई थी। मेरा तबादला/पदोन्नति होकर फिर से कनीना का माडल स्कूल मिल गया। 15 अगस्त मनाया गया उसे समय बेवल से धर्मपाल इंचार्ज होते थे। क्योंकि प्राचार्य सेवानिवृत्त हो चुके थे और इंचार्ज धर्मपाल होते थे। जो भी गतिविधियां होती थी वो स्कूल की मेल से जाती थी जिसमें पासवर्ड की जरूरत होती है। आश्चर्य कि 15 अगस्त 2016 को उस राक्षसी शिक्षक ने जो उस समय कनीना स्कूल में कार्यरत था, मेरे बाबत मेरी ही बदली करवाने के लिए मेरे ही नाम से सुगम पोर्टल पर एक रिक्वेस्ट डाल दी जिसमें लिखा है कि मेरी बदली इसी स्कूल में हो गई है जो नियमों का उल्लंघन है इसलिए मैं चाहता हूं कि मेरी बदली  तुरंत प्रभाव से कनीना स्कूल से अन्यत्र की जाए। जिसमें टिकट नंबर - 075-आरजे मिले हुये हैं। आश्चर्य जनक उसमें मेरे फोन नंबर 9416348400 की बजाय स्कूल के इंचार्ज के फोन नंबर लिख दिए गए, वहपत्र भी मेरे पास सुरक्षित है। मुझे पता उस वक्त लगा जब सुगम पोर्टल पर अपनी एक रिक्वेस्ट डालनी थी रिक्वेस्ट रिक्वेस्ट थी कि सीनियरिटी लिस्ट से मेरा नाम गायब था, बार-बार में कई जगह निवेदन कर चुका था किसी ने मुझे बताया कि सुगम पोर्टल पर अपनी शिकायत दर्ज करवा दो, समाधान हो जाएगा। जब सुगम पोर्टल पर अपनी रिक्वेस्ट डालने लगा और अपनी आईडी डाली तो आईडी डालते ही तुरंत मेरी पुरानी रिक्वेस्ट दर्शायी। देखकर मुझे अचंभा हुआ कि यह रिक्वेस्ट तो मैंने कभी नहीं डाली थी। भला कौन अपने घर के पास से खुद की बदली की मांग करेगा। पढ़कर मेरे पैरों के तले से जमीन खिसक गई कि मैं अपनी बदली कनीना से अन्यत्र खुद ही करवाना चाहता हूं? जब मैं उसे समय इंचार्ज धर्मपाल से सारी घटना बताई तो उन्होंने कहा कि मैंने ऐसा कार्य नहीं किया। आखिर ऐसा कार्य किसने किया? मैं यहां तक की कहा कि अब पुलिस रिपोर्ट करवाई जाएगी तो उन्होंने कहा कि पुलिस रिपोर्ट रहने दो। हम आपके लिए हर संभव मदद करेंगे। परिणाम यह निकला कि उसे रिक्वेस्ट को मैंने समय रहते रद्द करवा दिया वरना मेरी बदली भी डा. मुंशी राम की तरह किसी अन्य स्कूलों में हो गई होती। ऐसे कितने ही कारनामे इस घटिया शिक्षक ने किये। आश्चर्य कि यह शिक्षक प्रधान एवं अन्य बड़े व्यक्तियों के पैरों में झुक कर, प्रणाम करके अपना बना लेता था और हमारे विरुद्ध ही खड़ा कर देता था। आज तक उसे घटना को मैं नहीं भूल पाया हूं।




67वीं शूटिंग नेशनल चैंपियनशिप-2024  के लिए किया क्वालीफाई
-आरकेवाई स्कूल के विद्यार्थी हर्षित और दीपक ने किया नाम रोशन
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कनीना की आवाज।
 कोसली  रोड स्थित कनीना के विद्यार्थियों ने भोपाल में होने  वाली प्री- नेशनल 0755 ओपन नेशनल चैंपियनशिप 2024 में  जीत हासिल कर अपने  विद्यालय का नाम रोशन किया  । 10 मीटर एयर पिस्टल में विद्यार्थी हर्षित ने 400 में से 350 अंक और दीपक ने 400 में से 373 अंक प्राप्त  कर विद्यालय  के साथ -साथ अपने कस्बा कनीना और अपने माता-पिता को गौरवान्वित किया। दोनों  प्रतिभागियों ने 67वीं नेशनल चैंपियनशिप 2024 के लिए क्वालीफाई किया जो दिसंबर में दिल्ली में होने वाली है। स्कूल पहुंचने पर कोच हेमंत एवं विद्यार्थी दीपक और हर्षित का  शानदार  स्वागत किया गया और इस शानदार सफलता का श्रेय कोच  हेमंत यादव  को दिया गया। संचालक सुरेश कुमार , संचालिका  निधि बाला, एकेडमिक आफिसर अनिल डोगरा   और प्राचार्या सतेन्द्रा  यादव ने सभी को बधाई दी और कहा कि बच्चों के संपूर्ण विकास के लिए खेल बहुत जरूरी हैं। खेलों में भी बच्चों को अपना करियर बनाने के बहुत से विकल्प मिलते हैं ।खेलों  से बच्चों को राष्ट्रीय व अंतराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलती है। हमें अपने बच्चों पर गर्व है और हम आशा करते हैं कि यह इसी तरीके से अपने जीवन में असीम ऊंचाइयां  छूते रहे। इस अवसर पर समस्त स्टाफ मौजूद रहा।
फोटो कैप्शन 05: आरकेवाई के नाम कमाने वाले विद्यार्थी



दो दिनों में आई एक शिकायत
-समाधान शिविरों में नहीं ले रहे लोग रुचि
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कनीना की आवाज।
 कनीना नगर पालिका में कनीनावासियों के लिए आयोजित समाधान शिविरों में दो दिनों में महज एक शिकायत पहुंची है। लोग समाधान शिविरों के प्रति रुचि नहीं दर्शा रहे। रवींद्र नगरपालिका कनीना बाबू ने बताया ककि जहां गत दिवस कोई शिकायत नहीं आई वहीं मंगलवार को एक शिकायत आई वह भी प्रापर्टी आईडी से संबंधित थी। जिसका समाधान कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि लोग इन शिविरों के प्रति कम रुचि दर्शा रहे हैं।



भारतीय संविधान है दुनिया का सबसे महान संविधान-  प्राचार्य
--शपथ भी दिलवाई गई
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कनीना की आवाज।
राजकीय महाविद्यालय कनीना में, उच्चतर शिक्षा विभाग के आदेश अनुसार संविधान दिवस मनाया गया। कार्यक्रम की संयोजक राजनीति विभाग की अध्यक्ष सह-प्राध्यापक डा. कांता ने बताया कि महाविद्यालय में संविधान दिवस पर स्लोगन लेखन, निबंध प्रतियोगिता और भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के समन्वयक के रूप में भूमिका राजनीति विज्ञान विभाग के सहायक प्राध्यापक सोमवीर ने निभाई और साथ में उन्होंने कार्यक्रम में मंच का संचालन भी किया। उन्होंने भारतीय संविधान की उपयोगिता पर प्रकाश डाला और कहा कि भारत के संविधान से ही भारत में विधानपालिका, कार्यपालिका और न्यायपालिका तीनों एक दूसरे को संतुलित करते रहते हैं। भारत में संविधान सर्वोच्च है कोई व्यक्ति या संस्था सर्वोच्च नहीं है। भाषण प्रतियोगिता में जूरी के रूप में अध्यक्षता डा. विनोद कुमार  और डा. घनश्याम  सिंह ने की और निबंध प्रतियोगिता में जूरी के रूप में अध्यक्षता डा. उषा और डा. अनीता ने की । भाषण प्रतियोगिता में दिलखुश ने प्रथम , यशस्वी ने द्वितीय और प्रीतम ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। इसी प्रकार निबंध प्रतियोगिता में दिलखुश ने प्रथम ,राजन ने द्वितीय और यशस्वी ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राचार्य डा. सुरेंद्र सिंह ने की। उन्होंने बताया कि भारतीय संविधान दुनिया का सबसे बड़ा लिखित संविधान है और यह  दुनिया का सबसे महान संविधान है। इस संविधान के रचयिता डा. बीआर अंबेडकर है उनके प्रयासों से ही भारतीय संविधान 2 वर्ष 11 माह और 18 दिन में बनकर तैयार हुआ जो दिनांक 26 नवंबर 1949 को बनकर तैयार हुआ । इसी दिन की स्मृति में हम पूरे भारत में संविधान दिवस मनाते हैं। बाद में 26 जनवरी 1950 को भारत में संविधान लागू किया गया।  कार्यक्रम के अंतिम पड़ाव में भूगोल विभाग के अध्यक्ष संदीप ककरालिया ने  संविधान की प्रस्तावना की शपथ उपस्थित विद्यार्थियों  और महाविद्यालय के अन्य कर्मचारियों को दिलवाई।  इस कार्यक्रम में डा. रविंद्र, डा. यतेंद्र, डा. बलराज,  डा. राकेश,डा. माया ,डा. सुनीता ,डा. रूपाली, डा. सपना, डा. कविता, डा. निशा, कैलाश और महाविद्यालय के अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे।
फोटो कैप्शन 01: कनीना कालेज में संविधान दिवस मनाते हुए।








डा.प्रशांत को सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के लिए बलदेव राज मेमोरियल पुरस्कार से सम्मानित किया गया
--कनीना के निवासी हैं डा. प्रशांत
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कनीना की आवाज।
कनीना के वार्ड नंबर 8 के निवासी डा. प्रशांत कुमार को एसीएसआइआर, भारत-आरएमआइटी यूनिवर्सिटी, आस्ट्रेलिया संयुक्त पीएचडी कार्यक्रम के तहत पीएचडी में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के लिए प्रोफेसर बलदेव राज मेमोरियल पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। यह पुरस्कार 23 नवंबर 2024 को भारत मंडपम कंवेंशन सेंटर, प्रगति मैदान, नई दिल्ली में आयोजित वैज्ञानिक और अभिनव अनुसंधान अकादमी (एसीएसआईआर) के 8वें दीक्षांत समारोह के दौरान प्रदान किया गया।
यह प्रतिष्ठित पुरस्कार, जिसमें 40,000 का पुरस्कार और एक प्रशस्ति पत्र शामिल है, डा. जितेंद्र सिंह, केंद्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री, सरकार द्वारा प्रदान किया गया।
डा. कुमार के पदार्थ विज्ञान और नैनो प्रौद्योगिकी में अभूतपूर्व अनुसंधान को इसके महत्वपूर्ण नवाचार और सामाजिक प्रभाव के लिए मान्यता दी गई। यह मान्यता डा. कुमार की वैज्ञानिक उत्कृष्टता के प्रति प्रतिबद्धता और अनुसंधान को समाज में सार्थक योगदान में बदलने के उनके जुनून को रेखांकित करती है।
डा. कुमार ने अपने गुरुजनों के अमूल्य मार्गदर्शन और अपने परिवार, विशेषकर अपने दादाजी अमर सिंह, पिता मास्टर सतीश कुमार, माता कैलाश देवी के अटूट सहयोग को धन्यवाद दिया, जिनके प्रोत्साहन ने उनकी सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इसके अलावा अन्य सदस्यों कमल पार्षद, बलवान आर्य, मास्टर भारत पाल और सतेंद्र शास्त्री,पवन कुमार आदि ने भी खुशी जताई।
फोटो कैप्शन 04: डा प्रशांत कुमार कनीना को पीएचडी की उपाधि एवं सम्मान देते हुए।



10 दिन से रजिस्ट्री क्लर्क ना होने के कारण लोग परेशान, ध्यान देने वाला कोई नहीं
-एसडीएम ने दिया आश्वासन
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कनीना की आवाज।
पिछले 10 दिन से रजिस्ट्री क्लर्क न होने के कारण रजिस्ट्री बनवाने वाले लोग परेशान हैं। कनीना बार एसोसिएशन के पूर्व प्रधान हरीश गाहड़ा, कनीना बार एसोसिएशन के उप प्रधान सुनील राव ककरालिया ,धर्मवीर फौजी, अनमोल सिंह एडवोकेट , नवीन कौशिक एडवोकेट, रघुराज मानपुर एडवोकेट, राकेश मानपुर एडवोकेट, सुनील चौधरी एडवोकेट, सुधीर एडवोकेट के अलावा अन्य लोगों ने जानकारी देते हुए बताया कि पिछले 10 दिन से कनीना तहसील में कोई रजिस्ट्री नहीं हुई जिसके कारण अधिवक्ताओं ने प्रशासन के प्रति रोष प्रकट किया है। उन्होंने बताया कि कनीना में पिछले 10 दिन से रजिस्ट्री क्लर्क न होने के कारण रजिस्ट्री करवाने वाले, वसीयत,सेल डीड ब्लड डीड आदि न होने के कारण लोगों को भारी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।  अधिवक्ताओं ने यह भी बताया कि यहां  दो तहसीलदार बैठते हैं, उपमंडल अधिकारी बैठते हैं उसके बावजूद भी इस समस्या की ओर ध्यान देने वाला कोई नहीं है जिसके कारण आए दिनलोग  परेशान होकर वापस जा रहे हैं। उनके दुख और तकलीफ को दूर करने के लिए प्रशासन कोई कदम नहीं उठा रहा है। अधिवक्ताओं ने मुख्यमंत्री हरियाणा से मांग कर कनीना तहसील में तुरंत प्रभाव से रजिस्ट्री क्लर्क बैठाने की गुहार लगाई है ताकि लोगों के कार्य समय पर पूरे हो सके। वहीं एसडीएम कनीना अमित कुमार से जब इस बारे में बात की गई तो उन्होंने बताया कि हमने रजिस्ट्रेशन क्लर्क बैठा दिया है और हमारा रजिस्ट्री से संबंधित कार्य शुरू हो गया है अब किसी भी आदमी को यहां परेशानी नहीं होगी।
 फोटो कैप्शन 03: रजिस्ट्रेशन क्लर्क के कार्यालय का ताला बंद लोग रोष प्रकट करते हुए





पेंशन के लिए खा रही है दर- दर की ठोकरें
--दिव्यांग प्रमाण पत्र होने के बावजूद भी परेशान
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कनीना की आवाज।
दिव्यांग महिला का प्रमाण पत्र होने के बावजूद भी दिव्यांग पेंशन नहीं मिलने से महिला दर-दर की ठोकर खाने पर विवश हो रही है। पीडि़त बिमला शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि उसने समाज कल्याण विभाग नारनौल में जाकर कई बार फाइल जमा करवाई है लेकिन उसके बावजूद भी दिव्यांग पेंशन का लाभ आज तक नहीं मिला है।
  हरियाणा सरकार बुढ़ापा व दिव्यांग पेंशन को लेकर बार-बार कह रही है कि जिस भी पात्र की सभी शर्तें पूरी होगी उसे पेंशन से वंचित नहीं किया जाएगा किंतु इनके सभी कागज पूरे होने के बाद दिव्यांग पेंशन नहीं बन पा रही है। बिमला शर्मा ने बताया कि वे अपनी फाइल को लेकर समाज कल्याण विभाग के कार्यालय में जमा जाकर कई बार धक्के खा चुकी है लेकिन उनका कार्य नहीं हुआ।  उन्होंने यह भी बताया जब इस फाइल के बारे में उन्होंने विभाग से पता किया तो नारनौल समाज कल्याण विभाग ने बताया कि 6 महीने पहले से आपकी फाइल चंडीगढ़ से अपडेट हो चुकी है, पेंशन जल्द ही आ जाएगी लेकिन उसके बावजूद भी  6 महीने का समय बीत गया है लेकिन मुझे दिव्यांग को कोई पेंशन नहीं मिली। घर में कोई सरकारी नौकर नहीं है।   


भगवत गीता के लिए कर सकते हैं 27 नवंबर शाम 5 बजे तक रजिस्ट्रेशन
-ले सकते हैं प्रश्नोत्तरी में भाग, जीत सकते हैं इनाम
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कनीना की आवाज।
 कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड एवं हरियाणा सरकार द्वारा आयोजित भगवत गीता प्रश्नमाला के तहत जहां 17 नवंबर से प्रश्नमाला शुरू हो गई थी। इससे पहले रजिस्ट्रेशन किए गए थे किंतु 17 से 27 नवंबर के बीच भी रजिस्ट्रेशन जारी रखने का आदेश था। अब 27 नवंबर तक शाम के 5 बजे तक रजिस्ट्रेशन किया जा सकता है। कोई भी व्यक्ति जो गीता प्रश्नमाला में भाग लेना चाहे वह 27 नवंबर शाम 5 बजे तक रजिस्ट्रेशन करके प्रतियोगिता भाग ले सकता है। 28 नवंबर से प्रतियोगिता संपन्न हो रही है। जिन विजेताओं को नकद पुरस्कार मिला है उनके बारे में भी आगामी सूचना दे दी जाएगी। बहरहाल जिस किसी ने प्रश्रमाला गीता प्रतियोगिता में भाग लेना है वह 27 नवंबर शाम 5 बजे से पहले पहले भाग ले सकता है।


गीता प्रश्नोत्तरी में अब तक निकले हैं 8 पुरस्कार
-अभी भी कर सकते हैं रजिस्ट्रेशन और पा सकते हैं इनाम
-क्विज में  भाग लेने के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन दिनांक 27.11.2024 को 5.00 P.M पर बंद कर दिए जायेगे।
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कनीना की आवाज ।
कनीना निवासी डा. होशियार सिंह विगत वर्षों से गीता प्रश्नोत्तरी कार्यक्रम में तल्लीन हैं जिसमें अनेक साथियों और सहयोगियों का योगदान रहा है। विगत वर्ष मेरे द्वारा यहां करीब 2000 रजिस्ट्रेशन किए गए थे किंतु इस बार मेरे द्वारा महज 852 रजिस्ट्रेशन हो पाए हैं परंतु अभी रजिस्ट्रेशन जारी है। कोई भी सज्जन इस मुफ्त प्रतियोगिता में भाग लेना चाहे तो भाग ले सकता है। साथ में गीता का ज्ञान भी मिलता है, सर्टिफिकेट्स मिलती हैं।आज भी रजिस्ट्रेशन करना चाहे तो वह निम्न लिंक को क्लिक करें -
तत्पश्चात लाल रंग का अंग्रेजी में रजिस्टर लिखा मिलेगा, उसको क्लिक करके पांच कालम खुलेंगे उन्हें अपनी सुविधा अनुसार भरे किंतु पांचवें खाने मोटीवेटर में 9416348400 जरूर भरे। ये मेरे नंबर हैं। ये नंबर भरने का अर्थ है मेरे खाते में आपके नंबर आ जाएंगे और आपको उत्तर उपलब्ध हो पाएंगे।
 विगत वर्ष जहां पांच लोगों को पुरस्कार मिले थे, इस बार अभी तक निम्र पांच लोगों को पुरस्कार मिल चुके हैं जो मेरे द्वारा मोटिवेटेड है। ये सज्जन हैं-
एक- रामकुमार
 दो -डाक्टर मुंशी राम
तीन -कार्तिक
चार-रेखा
पांच- रमलू
छह-अमीश कुमार
सात-दिनेश
आठ-उमेश कुमार
अभी यह प्रतियोगिता 27 नवंबर तक जारी रहेगी। ऐसे में अभी और इनाम आने की पूरी संभावना है। यदि रजिस्ट्रेशन नहीं किया है तो वह तुरंत प्रभाव से आज रजिस्ट्रेशन करके 5 प्रश्नों के उत्तर भरे। 5 प्रश्नों के उत्तर यहां दिये गये हैं।
26 नवंबर 2024 के उत्तर निम्न है--
  उत्तर कोड-21311
1-B  2-A  3-C 4-A  5-A
 यदि किसी प्रकार की समस्या हो जानकारी लेनी हो तो 941634800 या 9306300700 ुपर संपर्क कर सकता है।
 अभी तक मेरा चल रहा है दसवां नंबर -
पूरे प्रदेश में मोटीवेटर की संख्या में मेरा कर्म दसवां है। विगत वर्ष टाप फाइव में नंबर था किंतु इस बार टाप 10 में अभी तक नंबर है। इसका मतलब है इस बार मेरे द्वारा कम लोगों को मोटिवेट किया गया है।







गीता प्रश्रोत्तरी 26 नवंबर 2024 के उत्तर,आज का उत्तर कोड है 21311
26 नवंबर के उत्तर हैं 1-B  2-A  3-C 4-A  5-A
- गीता प्रश्रोत्तरी के प्रश्रों को अभी हल करें। चेक करें अगर कहीं गलत भरा हो तो फिर से रात 12 बजे तक ठीक कर ले।
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कनीना की आवाज।
26 नवंबर 2024 के 5 प्रश्रों के उत्तर निम्र हैं
1-B  2-A  3-C 4-A  5-A
कैसे भरे उत्तर--
निम्र लिंक को क्लिक करें-
http://igmquiz.in/
फोन नंबर एवं पहले से मिला ओटीपी, पासवर्ड के रूप में भरे। यदि ओटीपी याद नहीं है तो फोरगेट पासवर्ड करें पुन: पासवर्ड/ओटीपी आएगा।
पांच प्रश्र एक एक करके खुलेंगे बारी-बारी से उत्तर भरे और फाइनल सब्मिट कर दे।
ध्यान रहे उत्तर रात 12 बजे तक कितनी ही बार बदल सकते हैं।
अगर अभी तक रजिस्ट्रेशन नहीं किया है तो निम्र लिंक को क्लिक करें-
http://igmquiz.in/
 रजिस्टर्ड  को दबाए
पांच खाने खुलेंगे उन्हें विद्यार्थी/पब्लिक गांव,नाम, फोन नंबर भरे मोटिवेटर अंतिम कालम होगा जिसमें केवल 9416348400 ही भरे जो मेरे हैं।
रजिस्टर करें। ओटीपी/पासवर्ड आएगा जिसे निर्धारित खाने में भरकर वेरिफाई कर दे। अब आप उत्तर देने के लिए तैयार हैं। उपरोक्त लिंक को क्लिक करे फोन नंबर व ओटीपी भरे। प्रश्रो के उत्तर भरे,फाइनल सब्मिट को जरूर दबाए।
मोटिवेटर में 9416348400 ही भरें ताकि आपको उत्तर मिल सकें।  
 नगद पुरस्कार जीतने और प्रमाण-पत्र प्राप्त करने का सुनहरा अवसर*
1) हर रोज 500-500 रुपए के 40 ईनाम
2) क्विज के समापन पर लाखों रूपए के ईनाम
3) मोटिवेटर्स को भी आकर्षक ईनाम राशि
4) किसी भी जिले, राज्य या देश के नागरिक, विद्यार्थी व उनके माता पिता कोई भी इसमें भाग ले सकते हैं।
  रजिस्ट्रेशन नहीं किया है तो अभी कर ले।                                        
26 नवंबर 2024 के 5 प्रश्रों के उत्तर निम्र हैं
1-B  2-A  3-C 4-A  5-A
किसी प्रकार की रजिस्ट्रेशन में दिक्कत हो तो मेरे फोन नंबर 9306300700   या  9416348400 पर संपर्क करें

Monday, November 25, 2024


 गीता प्रश्रोत्तरी 25 नवंबर 2024 के उत्तर,आज का उत्तर कोड है 32414
25 नवंबर के उत्तर हैं 1-C  2-B  3-D 4-D  5-D
    








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कनीना की आवाज।गीता प्रश्रोत्तरी के प्रश्रों को अभी हल करें। चेक करें अगर कहीं गलत भरा हो तो फिर से रात 12 बजे तक ठीक कर ले।
25 नवंबर 2024 के 5 प्रश्रों के उत्तर निम्र हैं
1-C  2-B  3-D 4-D  5-D
कैसे भरे उत्तर--
निम्र लिंक को क्लिक करें-
http://igmquiz.in/
फोन नंबर एवं पहले से मिला ओटीपी, पासवर्ड के रूप में भरे। यदि ओटीपी याद नहीं है तो फोरगेट पासवर्ड करें पुन: पासवर्ड/ओटीपी आएगा।
पांच प्रश्र एक एक करके खुलेंगे बारी-बारी से उत्तर भरे और फाइनल सब्मिट कर दे।
ध्यान रहे उत्तर रात 12 बजे तक कितनी ही बार बदल सकते हैं।
अगर अभी तक रजिस्ट्रेशन नहीं किया है तो निम्र लिंक को क्लिक करें-
http://igmquiz.in/
 रजिस्टर्ड  को दबाए
पांच खाने खुलेंगे उन्हें विद्यार्थी/पब्लिक गांव,नाम, फोन नंबर भरे मोटिवेटर अंतिम कालम होगा जिसमें केवल 9416348400 ही भरे जो मेरे हैं।
रजिस्टर करें। ओटीपी/पासवर्ड आएगा जिसे निर्धारित खाने में भरकर वेरिफाई कर दे। अब आप उत्तर देने के लिए तैयार हैं। उपरोक्त लिंक को क्लिक करे फोन नंबर व ओटीपी भरे। प्रश्रो के उत्तर भरे,फाइनल सब्मिट को जरूर दबाए।
मोटिवेटर में 9416348400 ही भरें ताकि आपको उत्तर मिल सकें।  
 नगद पुरस्कार जीतने और प्रमाण-पत्र प्राप्त करने का सुनहरा अवसर*
1) हर रोज 500-500 रुपए के 40 ईनाम
2) क्विज के समापन पर लाखों रूपए के ईनाम
3) मोटिवेटर्स को भी आकर्षक ईनाम राशि
4) किसी भी जिले, राज्य या देश के नागरिक, विद्यार्थी व उनके माता पिता कोई भी इसमें भाग ले सकते हैं।
  रजिस्ट्रेशन नहीं किया है तो अभी कर ले।                                        
25 नवंबर 2024 के 5 प्रश्रों के उत्तर निम्र हैं
1-C  2-B  3-D 4-D  5-D
किसी प्रकार की रजिस्ट्रेशन में दिक्कत हो तो मेरे फोन नंबर 9306300700   या  9416348400 पर संपर्क करें



गीता प्रश्नोत्तरी में अब तक निकले हैं 7 पुरस्कार
-विगत वर्ष की तुलना में कम हुये है रजिस्ट्रेशन
-अभी भी कर सकते हैं रजिस्ट्रेशन और पा सकते हैं इनाम
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कनीना की आवाज ।
कनीना निवासी डा. होशियार सिंह विगत वर्षों से गीता प्रश्नोत्तरी कार्यक्रम में तल्लीन हैं जिसमें अनेक साथियों और सहयोगियों का योगदान रहा है। विगत वर्ष मेरे द्वारा यहां करीब 2000 रजिस्ट्रेशन किए गए थे किंतु इस बार मेरे द्वारा महज 834 रजिस्ट्रेशन हो पाए हैं परंतु अभी रजिस्ट्रेशन जारी है। कोई भी सज्जन इस मुफ्त प्रतियोगिता में भाग लेना चाहे तो भाग ले सकता है। साथ में गीता का ज्ञान भी मिलता है, सर्टिफिकेट्स मिलती हैं।आज भी रजिस्ट्रेशन करना चाहे तो वह निम्न लिंक को क्लिक करें -
तत्पश्चात लाल रंग का अंग्रेजी में रजिस्टर लिखा मिलेगा, उसको क्लिक करके पांच कालम खुलेंगे उन्हें अपनी सुविधा अनुसार भरे किंतु पांचवें खाने मोटीवेटर में 9416348400 जरूर भरे। ये मेरे नंबर हैं। ये नंबर भरने का अर्थ है मेरे खाते में आपके नंबर आ जाएंगे और आपको उत्तर उपलब्ध हो पाएंगे।
 विगत वर्ष जहां पांच लोगों को पुरस्कार मिले थे, इस बार अभी तक निम्र पांच लोगों को पुरस्कार मिल चुके हैं जो मेरे द्वारा मोटिवेटेड है। ये सज्जन हैं-
एक- रामकुमार
 दो -डाक्टर मुंशी राम
तीन -कार्तिक
चार-रेखा
पांच- रमलू
छह-अमीश कुमार
सात-दिनेश
अभी यह प्रतियोगिता 27 नवंबर तक जारी रहेगी। ऐसे में अभी और इनाम आने की पूरी संभावना है। यदि रजिस्ट्रेशन नहीं किया है तो वह तुरंत प्रभाव से आज रजिस्ट्रेशन करके 5 प्रश्नों के उत्तर भरे। 5 प्रश्नों के उत्तर यहां दिये गये हैं।
25 नवंबर 2024 के उत्तर निम्न है--
  उत्तर कोड-32414
 यदि किसी प्रकार की समस्या हो जानकारी लेनी हो तो 941634800 या 9306300700 ुपर संपर्क कर सकता है।
 अभी तक मेरा चल रहा है दसवां नंबर -
पूरे प्रदेश में मोटीवेटर की संख्या में मेरा कर्म दसवां है। विगत वर्ष टाप फाइव में नंबर था किंतु इस बार टाप 10 में अभी तक नंबर है। इसका मतलब है इस बार मेरे द्वारा कम लोगों को मोटिवेट किया गया है।




मेरा शिक्षा का सफर पुस्तक से साभार 60
-या तो लाभ मिले ही नहीं या देरी से मिले
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कनीना की आवाज।
 कनीना निवासी विश्व रिकार्ड धारक डा. होशियार सिंह लंबे अरसे तक शिक्षा विभाग में सेवा देने के बाद 30 अप्रैल 2024 में सेवानिवत्त हो चुके हैं। लंबे समय तक शिक्षण का इतिहास संजोये हुए हैं। साथ में कई बार तबादले  विभिन्न सरकारों में हुए। डा. होशियार सिंह के विचार उन्हीं की जुबानी--
मुझे या तो किसी भी क्षेत्र में अपने सभी लाभ मिले ही नहीं या फिर देरी से मिले हैं। यह सत्य है की देरी से नौकरी मिली और वह भी एडहाक मिली। वर्ष 1995 में एडहाक सेवा में आए जिसे हिंदी में तदर्थ सेवा कहते है।  इस सेवा दौरान  अक्टूबर 2003 से नियमित माने गए, वह भी न्यायालय द्वारा नियमित किए गए। करीब 9 सालों का की सेवा तदर्थ सेवा होने का परिणाम यह हुआ कि मेरे साथ के जो शिक्षक साथी रहे वो एक नहीं तीन-तीन एसीपी पा चुके और मुझे दो एसीपी तक ही सब्र करना पड़ा। दूसरी एसीपी के अभी तक लाभ भी नहीं मिल पाये हैं।  तीसरी एसीपी इसलिए नहीं मिल पाई क्योंकि तदर्थ सेवा का लाभ सरकार नहीं देती है। सरकार से बार-बार मांग की गई कि तदर्थ सेवा को एसीपी में जोड़ा जाए किंतु तदर्थ सेवा को एसीपी लाभ से वंचित ही रखा है और अभी तक न कोई उम्मीद है कि यह लाभ पर अब मिल जाएगा। हो सकता है भविष्य में कोई इसका लाभ जरूर मिलेगा, ऐसा मुझे दृढ विश्वास है। जहां तक शिक्षक राज्य शिक्षक पुरस्कार के लिए तरसते रहते हैं। 15 सालों की नियमित सेवा के बाद ही अवार्ड के लिए आवेदन किया जा सकता है क्योंकि 2020 तक मैंने 15 साल की सेवा पूरी कर ली थी और पहली बार आवेदन किया, परिणाम में निकला कि मेरे से चार लाख रुपये अवार्ड के मांगे गये जो मैंने नहीं दिये। अगली साल फिर से आवेदन किया परिणाम वही शून्य रहा और तीसरी बार आवेदन किया तो वर्ष 2021 का पुरस्कार मिला। आश्चर्यजनक 2021 का पुरस्कार भी एक वर्ष बाद 2022 में मिला। शिक्षा विभाग की अजीब स्थिति यह रही कि अगर 2021 तक 55 साल उम्र नहीं हुई थी किंतु सरकार ने 2016 में एक नया नियम लागू कर दिया कि जिसकी उम्र 55 साल हो चुकी है और उन्हें पुरस्कार मिलता है तुमने किसी प्रकार का कोई लाभ नहीं दिया जाएगा अर्थात न तो दो अग्रिम/अतिरिक्त वेतनवृद्धियां  और न 2 साल का सेवा लाभ दिया जाएगा। केवल प्रशस्ति पत्र और राज्यपाल द्वारा मौके पर जो सम्मान दिया जाता है वह जरूर मिला है। इसके लिए भी लंबे समय से संघर्ष करते रहे किंतु अवार्ड के  लाभ मुझे नहीं दिय गये। कुछ ऐसे  निकृष्ट प्राचार्य में मिले जो यह लाभ देने से कांपते रहे, पूरे ही प्रदेश में कई दर्जन ऐसे शिक्षक हैं जिन्होंने सारे लाभ मिल चुके हैं जबकि उनकी उम्र 55 साल हो चुकी है। यह लाभ दे भी दिया जाए तो उसके लिए कोई प्राचार्य जिम्मेदार नहीं होता अपितु कर्मी स्वयं जिम्मेदार रहेगा जिसके लिए एक फार्म भी भरवा लिया जाता है। परंतु यह लाभ मुझे नहीं दिया गया। अब इस लाभ के लिए जहां न्यायालय की शरण ली हुई है और न्यायालय की शरण ली हुई है, जो निर्णय होगा वह माना जाएगा। बहरहाल राज्य शिक्षक पुरस्कार भी मिला उसका भी कोई लाभ नहीं मिला। फिर भी अपने आप में सदा मैं खुश रहा, खुशनसीब भी कहूंगा कि मुझे विभिन्न विद्यालयों में सेवा करने का मौका मिला। कुछ तो ऐसे स्कूल थे जिनमें माध्यमिक विद्यालय में भी सेवा दी आज वो राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक भी बने हुए हैं। जहां केंद्र सरकार और हरियाणा सरकार के विभिन्न विद्यालयों में सेवा दी है।
एक इच्छा और भी थी कि विश्व रिकार्ड पुस्तक में नाम दर्ज करवाया जाए। उसके लिए वर्षों से प्रयास किया। कई प्राचार्यों ने जमकर मदद की क्योंकि जिस दिन से मैं पढ़ाना शुरू किया उसी दिन से ही इच्छा थी और सभी प्रमाण अपने पास संजोए हुए थे। कुछ ऐसे निकृष्ट प्राचार्य भी मिले जिन्होंने इस मामले में भी मेरी टांग खींची। आखिरकार विश्व रिकार्ड बुक तथा इंडिया बुक रिकार्ड में मेरा नाम शिक्षण के क्षेत्र में दर्ज हो गया क्योंकि पढ़ाते वक्त एक पल भी कुर्सी नहीं ग्रहण की थी जिसका परिणाम मुझे मिला। यह परिणाम भी देरी से ही आया है। इसके लिए भी बार-बार आवेदन भी किया था किंतु पहले कोई लाभ नहीं मिला था। अब अगला टारगेट पद्म पुरस्कार है। इसके लिए इस बार से आवेदन शुरू कर दिया है और मुझे दृढ़ विश्वास है कि आने वाले समय में पद्म पुरस्कार भी मिलेगा परंतु यह भी देरी से मिलेगा। एक और विश्व रिकार्ड एवं इंडिया बुक रिकार्ड में नाम दर्ज करवाने जा रहा हूं कि 40 सालों से साइकिल चलाता आया हूं। साइकिल से सभी कार्य किया जा रहे हैं। इसलिए मुझे पूर्ण विश्वास है कि इंडिया बुक का रिकार्ड में मेरा यह नाम भी दर्ज हो जाएगा और जल्द ही सूचना भी आप लोगों को दे दी जाएगी।
शायद हरियाणा का एकमात्र मेरा केस है जब बच्चे पढ़ रहे हैं और मैं सेवानिवृत्त हो गया हूं क्योंकि हरियाणा सरकार का नियम है कि जिसके बच्चे 12वीं कक्षा तक पढ़ते हैं उन्हें बाल शिक्षा भत्ता दिया जाता है और मुझे इस लाभ से भी वंचित कर दिया गया है। इसके लिए भी न्यायालय की शरण ले ली है ताकि आने वाले समय में यह लाभ भी मुझे मिल सकेगा, पर लाभ देरी से मिलेगा। आश्चर्यजनक बात है कि जानबूझकर एक घटिया प्राचार्य ने तो एक दिन का अर्जित अवकाश काट लिया है जबकि उस दिन मैं हाजिर था। इस मामले को न्यायालय तक पहुंचा दिया है साथ में जितने अर्जित अवकाश मिलने चाहिए उतने नहीं मिले। अर्जित अवकाश काट लिए गए हैं जिसे भी न्यायालय तक में पहुंचा दिया गया है। आने वाले समय में मुझे पूर्ण विश्वास है कि अर्जित अवकाश और बाल शिक्षा भत्ता लाभ जरूर मिलेगा। जिन प्राचार्य ने इन लाभों से वंचित रखा उनका फैसला भगवान करेगा, न्यायालय में चाहे जो भी फैसला आए वह स्वीकार होगा। अगर न्यायालय में मामला हार भी गया तो डबल बेंच तक पहुंचाया जाएगा और यही नहीं जिन प्राचार्यों ने मेरे साथ अन्याय किया उनको बाय नेम न्यायालय से नोटिस भिजवा दिये जाएंगे।




जिला में 26 से खुलेंगे सभी शिक्षण संस्थाएं व स्कूल
-डीसी डा. विवेक भारती ने ग्रैप-4 को लेकर हुई बैठक के बाद लिया फैसला
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कनीना की आवाज।
 उपायुक्त डॉ विवेक भारती ने कहा कि जिला महेंद्रगढ़ में एयर क्वालिटी इंडेक्स में धीरे-धीरे सुधार हो रहा है। ऐसे में 26 नवंबर से जिला के सभी स्कूल व शिक्षण संस्थाएं खुलेंगे।
ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान के चौथे चरण (ग्रैप-4) को लेकर डीसी की अध्यक्षता में लघु सचिवालय में हुई अधिकारियों की बैठक के बाद यह फैसला लिया गया।
डीसी ने कहा कि एयर क्वालिटी इंडेक्स में हो रहे सुधार के मद्देनजर यह फैसला लिया गया है कि 26 नवंबर से सभी स्कूल तथा शिक्षण संस्थाएं पहले की तरह खुली रहेंगी।
उन्होंने कहा कि पर्यावरण में सुधार के लिए जिला प्रशासन लगातार प्रयास कर रहा है। सड़कों तथा पेड़ों पर पानी का छिड़काव किया जा रहा है।
जिला में सभी प्रकार की निर्माण गतिविधियों पर रोक है। इस संबंध में सभी विभाग अध्यक्षों को भी पत्र जारी करके स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि जिला में ग्रैप-4 को सख्ती के साथ लागू करें। सभी एसडीएम अभी भी अपनी टीम के साथ 24 घंटे निगरानी करेंगे।  जिला में चल रहे निर्माण कार्य जैसे हाईवे, रोड, फ्लाईओवर, ओवर ब्रिज, पावर ट्रांसमिशन, पाइपलाइन तथा टेलीकम्युनिकेशंस आदि सभी कार्य स्थगित किए गए हैं।
उन्होंने नागरिकों से आह्वान किया कि वे अपने आसपास के वातावरण को साफ सुथरा तथा शुद्ध रखें। जिम्मेदार नागरिक का परिचय देते हुए कूड़े पर आग ना लगाएं।
उन्होंने कहा कि हम सभी का प्रयास होना चाहिए कि जिले का एयर क्वालिटी इंडेक्स में सुधार हो। कूड़ा करकट जलाने पर पाबंदी है। उन्होंने कहा कि कोई भी ऐसा कार्य जिससे धूल व धुआं उत्पन्न हो वह पाबंदी की श्रेणी में है।




डा.प्रशांत को सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के लिए बलदेव राज मेमोरियल पुरस्कार से सम्मानित किया गया
--कनीना के निवासी हैं डा. प्रशांत
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कनीना की आवाज।
कनीना के वार्ड नंबर 8 के निवासी डा. प्रशांत कुमार को एसीएसआइआर, भारत-आरएमआइटी यूनिवर्सिटी, आस्ट्रेलिया संयुक्त पीएचडी कार्यक्रम के तहत पीएचडी में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के लिए प्रोफेसर बलदेव राज मेमोरियल पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। यह पुरस्कार 23 नवंबर 2024 को भारत मंडपम कंवेंशन सेंटर, प्रगति मैदान, नई दिल्ली में आयोजित वैज्ञानिक और अभिनव अनुसंधान अकादमी (एसीएसआईआर) के 8वें दीक्षांत समारोह के दौरान प्रदान किया गया।
यह प्रतिष्ठित पुरस्कार, जिसमें 40,000 का पुरस्कार और एक प्रशस्ति पत्र शामिल है, डा. जितेंद्र सिंह, केंद्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री, सरकार द्वारा प्रदान किया गया।
डा. कुमार के पदार्थ विज्ञान और नैनो प्रौद्योगिकी में अभूतपूर्व अनुसंधान को इसके महत्वपूर्ण नवाचार और सामाजिक प्रभाव के लिए मान्यता दी गई। यह मान्यता डा. कुमार की वैज्ञानिक उत्कृष्टता के प्रति प्रतिबद्धता और अनुसंधान को समाज में सार्थक योगदान में बदलने के उनके जुनून को रेखांकित करती है।
डा. कुमार ने अपने गुरुजनों के अमूल्य मार्गदर्शन और अपने परिवार, विशेषकर अपने दादाजी अमर सिंह, पिता मास्टर सतीश कुमार, माता कैलाश देवी के अटूट सहयोग को धन्यवाद दिया, जिनके प्रोत्साहन ने उनकी सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इसके अलावा अन्य सदस्यों कमल पार्षद, बलवान आर्य, मास्टर भारत पाल और सतेंद्र शास्त्री,पवन कुमार आदि ने भी खुशी जताई।
फोटो कैप्शन 04: डा प्रशांत कुमार कनीना को पीएचडी की उपाधि एवं सम्मान देते हुए।



10 दिन से रजिस्ट्री क्लर्क ना होने के कारण लोग परेशान, ध्यान देने वाला कोई नहीं
-एसडीएम ने दिया आश्वासन
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कनीना की आवाज।
पिछले 10 दिन से रजिस्ट्री क्लर्क न होने के कारण रजिस्ट्री बनवाने वाले लोग परेशान हैं। कनीना बार एसोसिएशन के पूर्व प्रधान हरीश गाहड़ा, कनीना बार एसोसिएशन के उप प्रधान सुनील राव ककरालिया ,धर्मवीर फौजी, अनमोल सिंह एडवोकेट , नवीन कौशिक एडवोकेट, रघुराज मानपुर एडवोकेट, राकेश मानपुर एडवोकेट, सुनील चौधरी एडवोकेट, सुधीर एडवोकेट के अलावा अन्य लोगों ने जानकारी देते हुए बताया कि पिछले 10 दिन से कनीना तहसील में कोई रजिस्ट्री नहीं हुई जिसके कारण अधिवक्ताओं ने प्रशासन के प्रति रोष प्रकट किया है। उन्होंने बताया कि कनीना में पिछले 10 दिन से रजिस्ट्री क्लर्क न होने के कारण रजिस्ट्री करवाने वाले, वसीयत,सेल डीड ब्लड डीड आदि न होने के कारण लोगों को भारी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।  अधिवक्ताओं ने यह भी बताया कि यहां  दो तहसीलदार बैठते हैं, उपमंडल अधिकारी बैठते हैं उसके बावजूद भी इस समस्या की ओर ध्यान देने वाला कोई नहीं है जिसके कारण आए दिनलोग  परेशान होकर वापस जा रहे हैं। उनके दुख और तकलीफ को दूर करने के लिए प्रशासन कोई कदम नहीं उठा रहा है। अधिवक्ताओं ने मुख्यमंत्री हरियाणा से मांग कर कनीना तहसील में तुरंत प्रभाव से रजिस्ट्री क्लर्क बैठाने की गुहार लगाई है ताकि लोगों के कार्य समय पर पूरे हो सके। वहीं एसडीएम कनीना अमित कुमार से जब इस बारे में बात की गई तो उन्होंने बताया कि हमने रजिस्ट्रेशन क्लर्क बैठा दिया है और हमारा रजिस्ट्री से संबंधित कार्य शुरू हो गया है अब किसी भी आदमी को यहां परेशानी नहीं होगी।
 फोटो कैप्शन 03: रजिस्ट्रेशन क्लर्क के कार्यालय का ताला बंद लोग रोष प्रकट करते हुए





पेंशन के लिए खा रही है दर- दर की ठोकरें
--दिव्यांग प्रमाण पत्र होने के बावजूद भी परेशान
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कनीना की आवाज।
दिव्यांग महिला का प्रमाण पत्र होने के बावजूद भी दिव्यांग पेंशन नहीं मिलने से महिला दर-दर की ठोकर खाने पर विवश हो रही है। पीडि़त बिमला शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि उसने समाज कल्याण विभाग नारनौल में जाकर कई बार फाइल जमा करवाई है लेकिन उसके बावजूद भी दिव्यांग पेंशन का लाभ आज तक नहीं मिला है।
  हरियाणा सरकार बुढ़ापा व दिव्यांग पेंशन को लेकर बार-बार कह रही है कि जिस भी पात्र की सभी शर्तें पूरी होगी उसे पेंशन से वंचित नहीं किया जाएगा किंतु इनके सभी कागज पूरे होने के बाद दिव्यांग पेंशन नहीं बन पा रही है। बिमला शर्मा ने बताया कि वे अपनी फाइल को लेकर समाज कल्याण विभाग के कार्यालय में जमा जाकर कई बार धक्के खा चुकी है लेकिन उनका कार्य नहीं हुआ।  उन्होंने यह भी बताया जब इस फाइल के बारे में उन्होंने विभाग से पता किया तो नारनौल समाज कल्याण विभाग ने बताया कि 6 महीने पहले से आपकी फाइल चंडीगढ़ से अपडेट हो चुकी है, पेंशन जल्द ही आ जाएगी लेकिन उसके बावजूद भी  6 महीने का समय बीत गया है लेकिन मुझे दिव्यांग को कोई पेंशन नहीं मिली। घर में कोई सरकारी नौकर नहीं है।   







संविधान दिवस -26 नवंबर
भारत का संविधान बेहतरीन संविधानों में से एक -डा मुंशी राम
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कनीना की आवाज।
भारत का संविधान बेहतरीन संविधानों में से एक माना गया है। वर्ष 2015 में भारत सरकार ने 26 नवंबर को संविधान दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लिया था। संवैधानिक मूल्यों के प्रति नागरिकों में सम्मान की भावना को बढ़ावा देने के लिए 2015 से यह दिवस हर साल मनाया जाता आ रहा है। भारत का संविधान है जो अलग-अलग धर्म एवं जातियों की भारत की 140 करोड़ की आबादी को एक देश की तरह जोड़ता है। इसी संविधान के तहत हमारे देश के सभी कानून बनते हैं। संविधान के तहत सुप्रीम कोटर्, हाई कोर्ट समेत देश की सभी अदालतें, सांसद राज्यों के विधान मंडल, प्रधानमंत्री समिति सभी इसी के तहत काम करते और इसी के तहत हम सभी को अधिकार भी मिलते हैं कि हम सब पूरी स्वतंत्रता और समानता के साथ जी रहे हैं। इस संबंध में कुछ विद्वत जनों से बात की जिनके विचार निम्न हैं।
**संविधान दिन का मकसद देश के नागरिकों में संवैधानिक मूल्यों के प्रति सम्मान की भावना को बढ़ाना है। हालांकि भारतीय संविधान 26 जनवरी 1950 को लागू हुआ था जिसका जश्न 26 जनवरी गणतंत्र दिवस के रूप में मनाते हैं परंतु 26 नवंबर का दिन देश के राष्ट्रीय कानून दिवस भी के रूप में मनाया जाता है। संविधान दिवस कभी नहीं भुलाया जा सकता। 26 नवंबर 1949 के दिन देश की संविधान सभा ने संविधान को अपनाया था ,यही वह दिन है जब संविधान बनकर तैयार हो गया था।
यह संविधान है जो हमें आजाद नागरिक की भावना का एहसास कराता है। संविधान के दिए मौलिक अधिकार हमारे ढाल बनकर हमारा हक दिलाते हैं वहीं मौलिक कर्तव्य जिम्मेदारी भी याद दिलाते हैं। 26 नवंबर का वह दिन देश में राष्ट्रीय कानून दिवस के रूप में मनाया जाता है। हमारे संविधान को 2 वर्ष 11 माह 18 दिन बनने में लगे थे। 26 नवंबर 1949 का पूरा हुआ था और अपनाया गया था। इस संविधान को बनाने के लिए विधानसभा का गठन किया गया था। जवाहरलाल नेहरू, डा. राजेंद्र प्रसाद ,डा. भीमराव अंबेडकर, सरदार वल्लभभाई पटेल, श्यामा प्रसाद मुखर्जी, मौलाना अबुल कलाम आजाद आदि सभा के प्रमुख सदस्य थे। जबकि ड्राफ्टिंग समिति के अध्यक्ष डा. भीमराव अंबेडकर थे इसलिए ने संविधान निर्माता कहा जाता है।
---डा. शर्मिला यादव सहायक प्रोफेसर
26 नवंबर का दिन भारतीय इतिहास का एक अविस्मरणीय दिन है क्योंकि 26 नवंबर 1949 को भारत का संविधान बनकर तैयार हो गया था। भारतीय संविधान निर्माण एक विधानसभा द्वारा तैयार किया गया था। संविधान सभा के गठन 1946 में कैबिनेट मिशन के तहत किया गया जिसमें 389 सदस्य को निर्वाचित किया गया जिसमें से 292 ब्रिटिश प्रति के प्रतिनिधित्व 93 देसी रियासतों के प्रतिनिधि एवं चार सदस्य की कमिश्नरी क्षेत्र से थे। संविधान का पहला प्रारूप सिद्धांत सभा सचिवालय द्वारा बीएन राव के निर्देशन में तीन परतों में तैयार किया जिसके अध्यक्ष डा. राजेंद्र प्रसाद थे। इसके बाद प्रारूप समिति ने डा.भीमराव अंबेडकर की अध्यक्षता में सिद्धांत तैयार किया जिसको बनाने में 2 वर्ष 11 महीना 18 दिन का समय लगा भारतीय संविधान 26 जनवरी 1950 को लागू हुआ।
संविधान किसी भी देश की आत्मा होती है। संविधान में उस देश के आदर्श निहित होते हैं। भारतीय संविधान दुनिया का सबसे बड़ा लिखित संविधान है। यह जितना कठोर है  उतना ही लचीला भी है। हमें अपने देश के संविधान तथा उसकी प्रस्तावना पर गर्व है। संविधान का तथा इसके आदर्श का पालन करना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है।
भारत का संविधान 26 नवंबर 1949 को बनकर तैयार हो चुका था और संविधान सभा के सभी सदस्यों ने अपने हस्ताक्षर कर इसे अंतिम रूप प्रदान कर दिया था किंतु इसे तत्काल लागू न कर 26 जनवरी 1950 को लागू किया गया। तभी से 26 जनवरी को पूरे देश में गणतंत्र दिवस के रूप में धूमधाम से मनाया जाता है। वस्तुत 26 जनवरी 1930 को देश में प्रथम बार स्वतंत्रता दिवस के रूप में मनाया गया था और तभी से आजादी प्राप्त होने तक 26 जनवरी को स्वतंत्रता दिवस के रूप में मनाया जाता रहा। देश के इतिहास में 26 जनवरी के ऐतिहासिक महत्व को देखते हुए ही 26 जनवरी 1950 को संविधान लागू किया गया और इसे गणतंत्र दिवस घोषित किया गया। किंतु ऐसा करते समय 26 नवंबर 1949 के ऐतिहासिक दिन के महत्व को इतिहास में भुला दिया गया। संविधान निर्माताओं को इतिहास में उचित सम्मान दिलाने के लिए भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने डा. बी आर अंबेडकर की 125 वीं जयंती के अवसर पर यह घोषणा की कि 26 नवंबर 2015 को भारत केप्रथम संविधान दिवस के रूप में मनाया जाएगा। यह उल्लेखनीय है कि डा. बीआर अंबेडकर संविधान सभा की प्रारूप समिति के अध्यक्ष थे और उन्होंने संविधान निर्माण में काफी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। इस प्रकार वर्ष 2015 से 26 नवंबर को प्रतिवर्ष संविधान दिवस के रूप में मनाया जा रहा है। इस दिन भारतीय संविधान की प्रस्तावना सभी विद्यालयों एवं महाविद्यालयों में सभी विद्यार्थियों द्वारा पढ़ी जाती है।
---डा. मुंशीराम वरिष्ठ प्रवक्ता
फोटो कैप्शन: डा मुंशीराम, डा. शर्मिला यादव


 गुरु रविदास विश्व महापीठ हरियाणा प्रदेश के सभी नवनियुक्त पदाधिकारी की बैठक मथाना में
--26 नवंबर को होगी बैठक
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कनीना की आवाज।
श्री गुरु रविदास विश्व महा पीठ हरियाणा प्रदेश की पहली प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक 26 नवंबर संविधान दिवस के अवसर पर सुबह 10 बजे,गांव मथाना  कुरुक्षेत्र,हरियाणा में रखी गई है जिसमें मुख्य अतिथि राज्यपाल बिहार  माननीय राजेंद्र अरलेकर  होंगे।  विस्तृत जानकारी देते हुए रामनिवास दुबट ने बताया कि इस बैठक में  राष्ट्रीय अध्यक्ष पूर्व विधायक उत्तराखंड रविदासाचार्य सुरेश राठौड़ ,कैबिनेट मंत्री हरियाणा कृष्ण लाल पवार ,पूर्व कैबिनेट मंत्री हरियाणा बनवारी लाल , बनतो कटारिया ,राष्ट्रीय संगठन महामंत्री सूरज भान कटारिया अध्यक्षता में होगी। उन्होंने बैठक में भाग लेने की अपील की है।





राष्ट्रीय स्तर पर भरतनाट्यम प्रस्तुति में प्रथम स्थान पाया
-प्राचार्य नवोदय करीरा ने दी बधाई
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कनीना की आवाज।
पीएम श्री स्कूल जवाहर नवोदय विद्यालय करीरा जिला महेंद्रगढ़ ने क्षेत्रीय एकीकरण बैठक 2024-25 में परफार्मिंग आर्ट केटेगरी की  प्रतियोगिता में भरतनाट्यम प्रस्तुति द्वारा प्रथम स्थान हासिल कर राष्ट्रीय स्तर पर विद्यालय का नाम रोशन किया।
यह विद्यालय के इतिहास में एक ऐतिहासिक उपलब्धि है और यह दर्शाता है कि विद्यालय के विद्यार्थी न केवल शैक्षिक रूप से बल्कि कला के क्षेत्र में भी उत्कृष्टता प्राप्त कर रहे हैं। पीएम श्री स्कूल जवाहर नवोदय विद्यालय, पाओटा, जयपुर में आयोजित इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में, महेन्द्रगढ़ के विद्यार्थियों ने अपनी मनमोहक प्रस्तुति से सभी को चकित कर दिया।
प्रसिद्ध भरतनाट्यम गुरु डा. नीरजा शर्मा के मार्गदर्शन में विद्यार्थियों ने एक महीने की कार्यशाला में कड़ी मेहनत की और अपनी कला को निखारा। उनके अथक प्रयासों का फल यह रहा कि उन्होंने न केवल करनाल क्लस्टर का प्रतिनिधित्व करते हुए प्रथम स्थान प्राप्त किया बल्कि राष्ट्रीय एकीकरण बैठक में भाग लेने का सुनहरा अवसर भी हासिल किया।
विद्यालय के प्राचार्य राजीव कुमार सक्सेना ने इस अद्वितीय सफलता पर गर्व व्यक्त करते हुए कहा कि यह विद्यार्थियों के समर्पण और प्रतिभा का प्रमाण है। उन्होंने सभी शिक्षकों, विशेषकर संगीत शिक्षिका संगीता मिश्रा, काउंसेलर  सुमन और मेट्रन सरोज का आभार व्यक्त किया, जिन्होंने इस सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
यह जीत न केवल विद्यालय के लिए बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए गौरव का विषय है। अब सभी की नजरें राष्ट्रीय एकीकरण बैठक पर टिकी हैं, जहां महेन्द्रगढ़ के विद्यार्थी अपनी कला का परचम लहराएंगे।
फोटो कैप्शन 02: करीरा नवोदय के विद्यार्थी पुरस्कार पाते हुए।

Sunday, November 24, 2024


 


होटलों तथा ओयो होटल मालिकों को दिए खड़े निर्देश -निर्देशों की पालना ने करने वालों के खिलाफ होगी कड़ी कार्रवाई -प्रबंधक
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कनीना की आवाज।
  होटलों तथा ओयो होटलों में बाहर से आने वाले तथा लोकल लोगों को रूम उपलब्ध कराने पर दोनों व्यक्तियों की  आईडी प्रूफ लेना अनिवार्य है। अगर ऐसा नहीं किया गया तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। ये सिटी थाना प्रबंधक रविंद्र कुमार ने  कनीना में चल रहे दर्जनों होटलों तथा ओयो मालिकों के साथ बैठक करने के उपरांत व्यक्त किये।
सिटी प्रबंधक रविंद्र कुमार ने कहा की जो भी होटल तथा ओयो कस्बे में चल रहे हैं उनमें सब में सीसीटीवी कैमरे तथा उसकी रिकार्डिंग व कमरे में ठहरने वाले आगंतु का आईडी प्रूफ होना अनिवार्य है। अगर होटल में कमरा लेने वाले बिना आईडी प्रूफ के तथा नाबालिक  पाए जाएंगे तो उनके खिलाफ तथा होटल मालिक के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि प्रकार की कार्रवाई इसलिए की जा रही है कि कहीं भी कोई गलत व्यक्ति हमारे क्षेत्र में प्रवेश न करें और किसी तरह की अनहोनी घटना न घटे।
इस अवसर पर सभी होटल मालिक तथा ओयो चलाने ने वाले सब लोग उपस्थित रहे।
फोटो कैप्शन 06: सिटी थाना प्रबंधक रविंद्र कुमार होटल मालिक व ओयो मालिकों को संबोधित करते हुए





 फिर आई कोरोना काल की याद
- विद्यार्थी ले रहे हैं आनलाइन शिक्षा,शिक्षा विभाग का है आदेश
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कनीना की आवाज।
 एक बार फिर से कोरोना काल की याद ताजा हो गई है क्योंकि विद्यार्थियों को देखकर ऐसा लगता है कि या तो यह विद्यार्थी कोरोना काल में जमकर आनलाइन शिक्षा पा रहे थे या एक बार फिर से प्रदूषण के चलते पूरे ही प्रदेश में विद्यार्थियों का अवकाश घोषित किया हुआ है और शिक्षक लगातार उन्हें आनलाइन शिक्षा दे रहे हैं। सबसे बड़ी बात है कि इस बार निजी स्कूल एवं सरकारी स्कूल सभी बंद है और शिक्षक विद्यालय में बैठकर विद्यार्थियों से रूबरू हो रहे हैं और उन्हें शिक्षा दे रहे हैं।
 वर्ष 2020-21 में कोरोना काल ने भारी तबाही मचाई थी कितने ही लोग अकाल मौत के शिकार हुए। उस वक्त जहां शिक्षा विभाग हरियाणा ने आनलाइन शिक्षा का आदेश दिया हुआ था जिसके चलते विद्यार्थियों को आनलाइन शिक्षा दी जाती थी। जैसे तैसे कोरोना काल दो वर्षों में बीत गया और फिर से सुचारू रूप से शिक्षण कार्य शुरू हुआ किंतु एक बार फिर से दीपावली के बाद से प्रदूषण बढ़ता ही चला गया। आज के दिन आलम यह है कि प्रदूषण इतना बढ़ा हुआ है कि सरकार ने सभी सरकारी एवं निजी स्कूलों में विद्यार्थियों का अवकाश घोषित किया हुआ है और आनलाइन शिक्षण दिया जाता है। अध्यापक अपने घर बैठकर या स्कूलों में बैठकर अपने विद्यार्थियों को बेहतरीन शिक्षा दे रहे हैं। शिक्षकों का अवकाश न होने से पहले स्कूल में बैठक तत्पश्चात घर से आनलाइन शिक्षा दे रहे हैं। यद्यपि आनलाइन शिक्षा से बहुत से विद्यार्थियों की आंखें खराब हो चुकी है। यह बात डाक्टर ही नहीं अभी तो मनोवैज्ञानिक भी बता रहे हैं किंतु एक आदत मोबाइल के प्रति जरूर डाल दी जो अभी तक नहीं छूट रही है। 2020 से पहले मोबाइल के प्रति विद्यार्थियों का लगाव इतना अधिक नहीं था जितना कोरोना कल के बाद हो गया है और अब तो विद्यार्थी हंसते गाते, रोटी-सोते हर वक्त ही मोबाइल प्रयोग करने लग गए हैं। मोबाइल उनके स्वास्थ्य पर घातक प्रभाव भी डाल रहा हैं।
इस संबंध में जहां डाक्टर जितेंद्र कुमार ,डाक्टर विनय कुमार, डाक्टर धर्मेंद्र यादव आदि से चर्चा हुई तो उन्होंने बताया कि मोबाइल की किरणें विद्यार्थियों के शरीर के लिए घातक होती हैं विशेष कर आंखों पर कु-प्रभाव डालती हैं और विद्यार्थियों की आंखें खराब हो सकती है। यही यह भी सत्य है कि बहुत अधिक विद्यार्थियों के आंखों पर चश्मे लग गए हैं। आंखें दिनों दिन खराब होती जा रही है और विद्यार्थी कई कई घंटे शिक्षा पाना मजबूरी हो गई है। विद्यार्थियों की आंखों के दृष्टिगत मोबाइल प्रयोग से अभिभावक भी परेशान हो चले हैं।
अभिभावक रवि कुमार,सुरेश कुमार, महेश कुमार, विनोद कुमार ने बताया कि वे चाहते हैं कि विद्यार्थी मोबाइल से दूर हो किंतु विद्यार्थियों की मजबूरी और अभिभावकों की भी मजबूरी हो गई है कि सरकार के आदेशों का पालन कर रहे हैं। उधर हमेशा अमीशा, प्राची, योगेंद्र आदि ने बताया कि अब उनकी आनलाइन पढ़ाई होती है। ऐसे में मोबाइल देखना उनकी मजबूरी बन गई है। शिक्षक उन्हें आनलाइन पढ़ते हैं। एक घंटी नहीं अपितु विद्यालय में जितने शिक्षक बारी बारी पढ़ाने आते थे वो अब आनलाइन पढ़ाई करवा रहे हैं। ऐसे में दो से तीन घंटे तक विद्यार्थी मजबूरी में मोबाइल से शिक्षा पा रहे हैं। विद्यार्थी का कहना है कि वो स्कूल में जाकर शिक्षा अच्छी प्रकार का सकते हैं, मोबाइल से इतनी बेहतर ढंग से शिक्षा नहीं पा सकते। इस संबंध में विभिन्न अधिकारियों और शिक्षकों से आनलाइन शिक्षा पर चर्चा की-
** सरकार का आदेश है कि विद्यार्थियों को आनलाइन शिक्षा दी जाए। शिक्षकों का अवकाश नहीं है, विद्यार्थियों का अवकाश है। ऐसे में शिक्षक स्कूलों में बैठकर मोबाइल के जरिए अपने विद्यार्थियों को शिक्षा लगातार दे रहे हैं। वे सरकार के नियमों का सख्ती से पालन कर रहे हैं और वे चाहते कि विद्यार्थी किसी प्रकार कमजोर नहीं रहे इसलिए जी जान से शिक्षण कार्य कर रहे हैं।
---प्राचार्य विजयपाल, कनीना निवासी
सरकार का आदेश पालन तो करना पड़ रहा है परंतु विद्यार्थियों की आंखों पर इसका कु-प्रभाव पड़ रहा है। शिक्षा तो दिलवानी जरूरी और मजबूरी बन गई है। ऐसे में उन्हें मोबाइल के जरिए शिक्षा दिलवाना ही पड़ेगा। जब तक प्रदूषण समाप्त नहीं होता है तब तक यही कार्यक्रम जारी रहेगा। आगामी सरकार के आदेशों का पालन भी करना होगा और विद्यार्थियों की शिक्षा का ध्यान भी देना होगा। वो अपने ही नहीं अपितु स्कूली विद्यार्थियों का भी बखूबी से ध्यान देते हैं कि वे आनलाइन शिक्षा पा रहे हैं या नहीं। बेहतर परिणाम अभी तक सामने आये हैं।
-- सुनील कुमार यादव, शिक्षाविद कनीना
प्रदूषण के चलते जहां विद्यार्थियों के शरीर पर घातक प्रभाव पड़ सकता है, ऐसे में सरकार का आदेश है विद्यार्थी का अवकाश किया जाए। ऐसे में सभी विद्यार्थी घर बैठे हैं परंतु वे मोबाइल के जरिए शिक्षा पा रहे हैं। सभी अध्यापक अपने-अपने विषयों का काम आनलाइन दे रहे हैं। जहां विद्यार्थी आनलाइन बेहतरीन शिक्षा पा रहे हैं वहीं अभिभावक भी चाहते हैं की अच्छी से अच्छी शिक्षा उनको दिलवा दी जाए ताकि वो उनके विषय में कमजोर ना रह सके। क्योंकि परीक्षा नजदीक आ रही हैं। ऐसे में विद्यार्थियों की शिक्षा प्रभावित नहीं हो, विधि विधान से शिक्षा दे रहे हैं। --विनीता राव शिक्षाविद, कनीना
जब विद्यार्थियों का अवकाश घोषित हो गया है और उनकी परीक्षा के दृष्टिगत बढ़ाना भी जरूरी है। ऐसे में सरकार का निर्णय है कि उन्हें आनलाइन शिक्षा दी जाए। इस शिक्षा का पालन विद्यार्थी 2020-21 में भी कर चुके हैं और अब फिर से इस शिक्षा पद्धति का पालन कर रहे हैं। यद्यपि शिक्षक जी जान से जुटे रहे हुए हैं परंतु जितनी कक्षा कक्ष में रूबरू होकर बेहतरीन ढंग से शिक्षा दी जा सकती है वह मोबाइल के जरिए नहीं दी जा सकती परंतु सरकार के आदेशों एवं नीतियों को शत प्रतिशत लागू करना हमारा फर्ज बनता है।
-सुरेश कुमार वरिष्ठ प्रवक्ता
फोटो कैप्शन 03: आनलाइन शिक्षा पाते विद्यार्थी साथ में प्राचार्य विजयपाल, सुनील कुमार, सुरेश कुमार, विनीत राव







टेलीविजन पर सुनी प्रधानमंत्री के मन की बात
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कनीना की आवाज।
कनीना उपमंडल के गांव खेड़ी तलवाना में प्रधानमंत्री के मन की बात कार्यक्रम सुना।
 कार्यक्रम महेंद्रगढ़ जिला संयोजक एवं भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा जिला महामंत्री चौधरी रामनिवास खेड़ी ने बुथ नम्बर 25 पर
ग्रामीणों के साथ प्रधानमंत्री मन की बात कार्यक्रम सुना। इस अवसर पर भाजपा कनीना मंडल सचिव चौधरी सरीता देवी खेड़ी, बबीता देवी,सुमन देवी, ममता देवी, पुष्पा देवी, सबीता देवी,किरण देवी,क्षेत्र के युवा समाजसेवी हरीश ठेकेदार, ठाकुर कृष्ण सिंह, सूबे सिंह, सत्यवीर, सत्यवान मुकेश कुमार ,सूरजभान,कृष्ण कुमार, रविराज कृष्ण कुमार उर्फ कमल,संदीप आदि उपस्थित रहे।
फोटो कैप्शन 01: प्रधानमंत्री के मन की बात सुनते खेड़ी के लोग।





महाराष्ट्र में भाजपा की जीत पर कार्यकर्ताओं ने  बांटे लड्डू
--प्रसन्नता का माहौल मिला
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कनीना की आवाज।
कनीना उपमंडल के खेड़ी तलवाना में भाजपा कार्यकर्ताओं ने महाराष्ट्र में भाजपा की जीत पर जश्रमनाया तथा लड्डू बांटकर खुशी जताई। इस मौके पर एक कार्यक्रम आयोजित किया जिसकी अध्यक्षता अनुसूचित जाति मोर्चा महेंद्रगढ़ जिला महामंत्री चौधरी रामनिवास खेड़ी ने की।
  रामनिवास दुबट ने कहा कि महाराष्ट्र की जीत हर एक कार्यकर्ता की जीत है भाजपा के नेतृत्व वाला गठबंधन फिर से सरकार बनाने जा रहा है महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के नतीजे में साफ हो गया है कि भाजपा पार्टी पूरे विश्व में नंबर वन की पार्टी है। बीजेपी पार्टी हर गरीब शोषित पीडि़त समाज को एक साथ लेकर चलने वाली पार्टी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का डंका पूरे विश्व में बज रहा है। भाजपा ने हरियाणा में अनेक विकास कार्य किए है जिसका परिणाम सामने है।
फोटो कैप्शन 02: भाजपा की जीत पर लड्डू बांटकर खुशी जताते हुए भाजपा कार्यकर्ता

 

 

 

गीता प्रश्रोत्तरी 24 नवंबर 2024 के उत्तर,आज का उत्तर कोड है 41211
24 नवंबर के उत्तर हैं 1-D  2-A  3-B 4-A  5-A
            
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कनीना की आवाज।
गीता प्रश्रोत्तरी के प्रश्रों को अभी हल करें। चेक करें अगर कहीं गलत भरा हो तो फिर से रात 12 बजे तक ठीक कर ले।
24 नवंबर 2024 के 5 प्रश्रों के उत्तर निम्र हैं
1-D  2-A  3-B 4-A  5-A
1-D  2-A  3-B 4-A  5-A
कैसे भरे उत्तर--
निम्र लिंक को क्लिक करें-
http://igmquiz.in/
फोन नंबर एवं पहले से मिला ओटीपी, पासवर्ड के रूप में भरे। यदि ओटीपी याद नहीं है तो फोरगेट पासवर्ड करें पुन: पासवर्ड/ओटीपी आएगा।
पांच प्रश्र एक एक करके खुलेंगे बारी-बारी से उत्तर भरे और फाइनल सब्मिट कर दे।
ध्यान रहे उत्तर रात 12 बजे तक कितनी ही बार बदल सकते हैं।
अगर अभी तक रजिस्ट्रेशन नहीं किया है तो निम्र लिंक को क्लिक करें-
http://igmquiz.in/
 रजिस्टर्ड  को दबाए
पांच खाने खुलेंगे उन्हें विद्यार्थी/पब्लिक गांव,नाम, फोन नंबर भरे मोटिवेटर अंतिम कालम होगा जिसमें केवल 9416348400 ही भरे जो मेरे हैं।
रजिस्टर करें। ओटीपी/पासवर्ड आएगा जिसे निर्धारित खाने में भरकर वेरिफाई कर दे। अब आप उत्तर देने के लिए तैयार हैं। उपरोक्त लिंक को क्लिक करे फोन नंबर व ओटीपी भरे। प्रश्रो के उत्तर भरे,फाइनल सब्मिट को जरूर दबाए।
मोटिवेटर में 9416348400 ही भरें ताकि आपको उत्तर मिल सकें।  
 नगद पुरस्कार जीतने और प्रमाण-पत्र प्राप्त करने का सुनहरा अवसर*
1) हर रोज 500-500 रुपए के 40 ईनाम
2) क्विज के समापन पर लाखों रूपए के ईनाम
3) मोटिवेटर्स को भी आकर्षक ईनाम राशि
4) किसी भी जिले, राज्य या देश के नागरिक, विद्यार्थी व उनके माता पिता कोई भी इसमें भाग ले सकते हैं।
  रजिस्ट्रेशन नहीं किया है तो अभी कर ले।                                        24 नवंबर 2024 के 5 प्रश्रों के उत्तर निम्र हैं
1-D  2-A  3-B 4-A  5-A
1-D  2-A  3-B 4-A  5-A
किसी प्रकार की रजिस्ट्रेशन में दिक्कत हो तो मेरे फोन नंबर 9306300700   या  9416348400 पर संपर्क करें





अंतर्राष्ट्रीय महिला हिंसा उन्मूलन दिवस -25 नवंबर
एकजुट होकर महिला और लड़कियों के खिलाफ होने वाली हिंसा को किया जा सकता है काबू
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कनीना की आवाज।
महिला और लड़कियों के प्रति हिंसा के मामले बढ़ते ही जा रहे हैं। पूरे विश्व में तीन में से एक महिला अपने जीवन में काम से कम एक बार शारीरिक हिंसा का शिकार हो चुकी होती है। महिला और लड़कियों के खिलाफ हिंसा में साथी की हिंसा, यौन हिंसा और उत्पीडऩ, मानव तस्करी, महिला बाल विवाह आदि अनेक समस्याएं घर कर चुकी है। महिलाओं को मनोवैज्ञानिक रूप से हानि और पीड़ा सहनी पड़ती है। 25 नवंबर 1981 से लगातार यह दिवस मनाया जा रहा है।
 भारत में महिलाओं के खिलाफ लगातार अपराध बढ़ते जा रहे हैं जिसमें न्याय में देरी, खत्म होता सजा का डर, अश्लील सामग्री प्रकाशित आदि कई कारण हो सकते हैं। महिलाओं के खिलाफ हिंसा को रोकने के कुछ कदम उठाए जा रहे हैं किंतु वे नाकाफी हैं। यद्यपि महिलाओं के अधिकार हेतु अनेक संवैधानिक प्रावधान बनाए गए हैं किंतु अपराधी फिर भी बच निकलते हैं। इस संबंध में  कुछ जागरूक महिलाओं से बात की गई जिसमें उन्होंने महिलाओं पर अत्याचार हिंसा की बातें स्वीकार की।
*** ग्रामीण क्षेत्रों में भी दहेज एक गंभीर समस्या बनता जा रहा है। दहेज के कारण अनेकों उत्पीडऩ सहने पड़ते हैं। इसके अतिरिक्त कितने ही लोग अश्लील गाने बजाकर महिलाओं को प्रताडि़त करते हैं, उनके साथ अनैतिक कार्य और दुष्कर्म की शिकायतें मिलती हैं।  ऐसे में विद्यमान कानून को मजबूत किया जाए। सभी स्तरों पर महिलाओं के प्रतिनिधित्व को बढ़ाया दिया जाना चाहिए।
---रचना शर्मा, जागरूक महिला
महिलाओं के प्रति हिंसा को रोकने के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट की स्थापना की जानी चाहिए। मानव तस्करी के विरुद्ध कानून, राष्ट्रीय तस्करी विरोधी ब्यूरो की स्थापना की जानी चाहिए निर्भया फंड का कुशल क्रियान्वयन किया जाना चाहिए तथा दहेज, बाल विवाह के प्रति सख्त कदम उठाने चाहिए। महिलाओं के प्रति हिंसा की घटना मिलने पर अपराधी के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।
---बबीता जागरूक महिला
 महिलाओं के प्रति अपराधों को रोकने के लिए महिला थाना, महिला पुलिस अधिकारियों की संख्या बढ़ाना, हेल्पलाइन नंबर फारेंसिक लैब की स्थापना, सार्वजनिक परिवहन में सीसीटीवी, पैनिक बटन लगाना आदि कदम उठाये जा सकते हैं। वही लैंगिक शिक्षा और जागरूकता को बढ़ावा देना चाहिए जिससे इस दिवस की सार्थकता उजागर हो सके। हर महिला को नियम कानून की जानकारी दी जानी चाहिए।
---लक्ष्मी, जागरूक महिला
दुनिया भर में महिलाओं में जागरूकता पैदा करने के लिए हिंसा से बचेे लोगों को आवश्यक सहायता प्रदान करने के लिए यह दिवस मनाना चाहिए। ग्रामीण क्षेत्रों में भी महिलाओं के प्रति हिंसा बढ़ती जा रही है। ऐसे में महिलाओं को उन नियम और कानूनों के प्रति जानकारी देनी चाहिए जो उन्हें मिले हुए हैं। उनके साथ हिंसा की गतिविधियों होने पर सख्त से सख्त कार्रवाई का प्रावधान किया जाना चाहिए वरना आने वाले समय में समस्या और भी गंभीर बन सकती है।
--सरला, जागरूक महिला
फोटो कैप्शन:रचना, बबीता, सरला, लक्ष्मी





स्टेट अवार्ड बना चर्चा का विषय
-नहीं मिलता कोई सेवा लाभ अगर उम्र 55 साल हो
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कनीना की आवाज।
 कभी शिक्षा विभाग में स्टेट अवार्ड को बहुत बड़ा सम्मान माना जाता था किंतु हरियाणा सरकार में जहां स्टेट अवार्ड की कदर धीरे-धीरे खत्म हो गई है। यूं कहा जाए कि स्टेट अवार्ड अगर 55 साल उम्र के शिक्षक को मिलता है तो अपमान अवार्ड बनकर रह जाता है। कुछ वर्षों पहले जहां स्टेट अवार्ड पाने वाले शिक्षक को 2 साल अतिरिक्त सेवा करने का मौका मिलता था वहीं पर उन्हें दो अतिरिक्त वेतन वृद्धियां मिलती थी, साथ में राज्यपाल द्वारा सम्मानित मिलता ही था। धीरे-धीरे इस सम्मान की कद्र घटा दी। सरकार ने सारे नियम वापस कर दिया। आज के दिन जहां स्टेट अवार्डी शिक्षकों को न तो 2 साल का अतिरिक्त सेवा लाभ मिलता है और न ही उन्हें दो अतिरिक्त वेतन वृद्धियां दी जाती हैं। इसके बजाय अग्रिम वेतनवृद्धियां लागू कर दी गई है। वर्ष 2016 में पे एंड पेंशन रूल 37 और बना दिया गया है जिसमें आश्चर्यजनक है कि 55 साल की उम्र में यदि कोई शिक्षक स्टेट अवार्ड का लेता है तो इसका घोर अपमान किया जाता है या तो ऐसे शिक्षकों को स्टेट अवार्ड से पहले ही आवेदन करने से रोका जाना चाहिए, अगर आवेदन करवाया जाता है तो उनका अपमान करना अनुचित है। शिक्षक नेता धर्मपाल शर्मा, सुनील कुमार, विरेंद्र जांगिड़ आदि ने बताया कि 55 साल में  अवार्ड लेना बहुत कठिन काम होता है किंतु सरकार ने 2016 में ऐसे नियम लागू कर दिए जिसके तहत 55 साल या इससे अधिक उम्र है तो उनको 2 साल का अग्रिम वेतन वृद्धियां भी नहीं दी जाती हैं। इससे बड़ा अपमान कोई और हो नहीं सकता। कम से कम स्टेट अवार्ड शिक्षक को दो अतिरिक्त वेतन वृद्धियां तो दी जाए। 55 साल की उम्र पार करके अवार्ड पाना बहुत कठिन काम है, ऐसे शिक्षक को तो खुशी-खुशी सरकार को दो अतिरिक्त वेतन वृद्धियां दी जानी चाहिए परंतु उनको कोई लाभ नहीं दिया जाता जिससे लगता है कि सरकार ऐसे शिक्षकों का अपमान कर रही है। अपमानित कर रही है इससे दुर्भाग्यपूर्ण और क्या हो सकता है? उन्होंने सरकार से बार-बार निवेदन किया है कि स्टेट अवार्ड शिक्षक कितनी भी उम्र का हो उसे सभी लाभ दिए जाने चाहिए किंतु सरकार टस से मस नहीं हो रही है। सरकार से मांग की गई है कि स्टेट अवार्डी शिक्षक चाहे किसी भी उम्र का हो सभी लाभ उसे उसी दिन से दिए जाने चाहिए जिस दिन से उसे अवार्ड मिला है।







एसीपी में तदर्थ सेवा का दिया जाए लाभ
-दस-दस सालों की तदर्थ सेवा कर सेवानिवृत्त हो रहे हैं शिक्षक
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कनीना की आवाज।
सरकारी स्कूलों में कार्यरत कर्मचारियों की तदर्थ/एडहाक सेवा का लाभ उनकी एसीपी(सुनिश्चित सेवा प्रगति) में शामिल किया जाए। यह मांग अध्यापक नेताओं ने सरकार से यहां की है।
  यहां जारी एक बयान में अध्यापक नेताओं कंवरसेन वशिष्ठ एवं धर्मपाल शर्मा ने कहा कि प्रदेश में करीब 30 हजार ऐसे शिक्षक हैं जिनको 20-20 वर्षों की सेवा पर एक ही एसीपी लग पाया है। सरकार पहले दस, बीस एवं तीस वर्ष पर तो अब आठ, सोलह एवं 24 वर्षों के बाद एसीपी का लाभ दे रही है। ऐसे में उनकी एसीपी लाभ में तदर्थ या अस्थाई नौकरी का लाभ नहीं दिया गया है। इस बात को लेकर शिक्षकों में रोष है और वे वर्षों से एसीपी के लाभ में अस्थाई एवं तदर्थ सेवा का लाभ देने की मांग कर रहे हैं। बार बार सरकार से मांग की जाती है किंतु सिरे नहीं चढ़ पाती है।
इस संबंध में एडवोकेट रमेश कुमार ककराला का कहना है कि इस संबंध में अगर न्यायालय में केस डाला जाए तो हो सकता है कोई समाधान निकल आये वरना सरकार तदर्थ सेवा को एसीपी देते वक्त नहीं मानती । यह दुर्भाग्य है कि कई कई वर्षों की सेवा का उन्हें कोई लाभ नहीं मिल पाता है।  इस संबंध में कुछ पूर्व शिक्षकों ने उच्चाधिकारियों को भी पत्र प्रेषित किया है तथा मांग की है कि उनकी तदर्थ सेवा को एसीपी में जोड़ा जाए।









जिला व उपमंडल स्तर पर लगेंगे समाधान शिविर
-अधिकारी मौके पर करेंगे समस्याओं का समाधान : डीसी डा. विवेक भारती
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कनीना की आवाज।
उपायुक्त डा. विवेक भारती ने बताया कि 25 नवंबर से जिला व उप मंडल स्तर पर समाधान  शिविर का आयोजन किया जाएगा। इसमें मौके नागरिकों की समस्याएं सुनेंगे।
उन्होंने बताया कि जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान करने के उद्देश्य से जिला स्तर पर प्रत्येक कार्य दिवस को समाधान शिविर का आयोजन हो रहा है।
डीसी ने कहा कि जिला स्तर के सभी अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि शिविर में जनता की समस्याओं को गंभीरता के साथ सुना जाए व समस्याओं का समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार की यह महत्वपूर्ण पहल नागरिकों की समस्याओं के त्वरित समाधान करने में सहायक हो रही है। ये शिविर समस्याओं के समाधान में  कारगर साबित हो रहे हैं। एक ही समय में सभी अधिकारी एक स्थान पर मौजूद रहकर आमजन की समस्याओं के समाधान को लेकर आपसी तालमेल के साथ कार्य करते हैं।

 

 


 गीता प्रश्नोत्तरी में अब तक निकले हैं पांच पुरस्कार
-विगत वर्ष की तुलना में कम हुये है रजिस्ट्रेशन
-अभी भी कर सकते हैं रजिस्ट्रेशन और पा सकते हैं इनाम
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कनीना की आवाज।















कनीना निवासी डा. होशियार सिंह विगत वर्षों से गीता प्रश्नोत्तरी कार्यक्रम में तल्लीन हैं जिसमें अनेक साथियों और सहयोगियों का योगदान रहा है। विगत वर्ष मेरे द्वारा यहां करीब 2000 रजिस्ट्रेशन किए गए थे किंतु इस बार मेरे द्वारा महज 831 रजिस्ट्रेशन हो पाए हैं परंतु अभी रजिस्ट्रेशन जारी है। कोई भी सज्जन इस मुफ्त प्रतियोगिता में भाग लेना चाहे तो भाग ले सकता है। साथ में गीता का ज्ञान भी मिलता है, सर्टिफिकेट्स मिलती हैं।आज भी रजिस्ट्रेशन करना चाहे तो वह निम्न लिंक को क्लिक करें -
तत्पश्चात लाल रंग का अंग्रेजी में रजिस्टर लिखा मिलेगा, उसको क्लिक करके पांच कालम खुलेंगे उन्हें अपनी सुविधा अनुसार भरे किंतु पांचवें खाने मोटीवेटर में 9416348400 जरूर भरे। ये मेरे नंबर हैं। ये नंबर भरने का अर्थ है मेरे खाते में आपके नंबर आ जाएंगे और आपको उत्तर उपलब्ध हो पाएंगे।
 विगत वर्ष जहां पांच लोगों को पुरस्कार मिले थे, इस बार अभी तक निम्र पांच लोगों को पुरस्कार मिल चुके हैं जो मेरे द्वारा मोटिवेटेड है। ये सज्जन हैं-
एक- रामकुमार
 दो -डाक्टर मुंशी राम
तीन -कार्तिक
चार-रेखा
पांच- रमलू
अभी यह प्रतियोगिता 27 नवंबर तक जारी रहेगी। ऐसे में अभी और इनाम आने की पूरी संभावना है। यदि रजिस्ट्रेशन नहीं किया है तो वह तुरंत प्रभाव से आज रजिस्ट्रेशन करके 5 प्रश्नों के उत्तर भरे। 5 प्रश्नों के उत्तर यहां दिये गये हैं।
24 नवंबर 2024 के उत्तर निम्न है--
  उत्तर कोड-41211
 यदि किसी प्रकार की समस्या हो जानकारी लेनी हो तो 941634800 या 9306300700 ुपर संपर्क कर सकता है।
 अभी तक मेरा चल रहा है दसवां नंबर -
पूरे प्रदेश में मोटीवेटर की संख्या में मेरा कर्म दसवां है। विगत वर्ष टाप फाइव में नंबर था किंतु इस बार टाप 10 में अभी तक नंबर है। इसका मतलब है इस बार मेरे द्वारा कम लोगों को मोटिवेट किया गया है।


 




Saturday, November 23, 2024





 गीता प्रश्नोत्तरी में अब तक निकले हैं पांच पुरस्कार
-विगत वर्ष की तुलना में कम हुये है रजिस्ट्रेशन
-अभी भी कर सकते हैं रजिस्ट्रेशन और पा सकते हैं इनाम
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कनीना की आवाज।
 कनीना निवासी डा. होशियार सिंह विगत वर्षों से गीता प्रश्नोत्तरी कार्यक्रम में तल्लीन हैं जिसमें अनेक साथियों और सहयोगियों का योगदान रहा है। विगत वर्ष मेरे द्वारा यहां करीब 2000 रजिस्ट्रेशन किए गए थे किंतु इस बार मेरे द्वारा महज 815 रजिस्ट्रेशन हो पाए हैं परंतु अभी रजिस्ट्रेशन जारी है। कोई भी सज्जन इस मुफ्त प्रतियोगिता में भाग लेना चाहे तो भाग ले सकता है। साथ में गीता का ज्ञान भी मिलता है, सर्टिफिकेट्स मिलती हैं।आज भी रजिस्ट्रेशन करना चाहे तो वह निम्न लिंक को क्लिक करें -
                     http://igmquiz.in/
तत्पश्चात लाल रंग का अंग्रेजी में रजिस्टर लिखा मिलेगा, उसको क्लिक करके पांच कालम खुलेंगे उन्हें अपनी सुविधा अनुसार भरे किंतु पांचवें खाने मोटीवेटर में 9416348400 जरूर भरे। ये मेरे नंबर हैं। ये नंबर भरने का अर्थ है मेरे खाते में आपके नंबर आ जाएंगे और आपको उत्तर उपलब्ध हो पाएंगे।
 विगत वर्ष जहां पांच लोगों को पुरस्कार मिले थे, इस बार अभी तक निम्र पांच लोगों को पुरस्कार मिल चुके हैं जो मेरे द्वारा मोटिवेटेड है। ये सज्जन हैं-
एक- रामकुमार
 दो -डाक्टर मुंशी राम
तीन -कार्तिक
चार-रेखा
पांच- रमलू
अभी यह प्रतियोगिता 27 नवंबर तक जारी रहेगी। ऐसे में अभी और इनाम आने की पूरी संभावना है। यदि रजिस्ट्रेशन नहीं किया है तो वह तुरंत प्रभाव से आज रजिस्ट्रेशन करके 5 प्रश्नों के उत्तर भरे। 5 प्रश्नों के उत्तर यहां दिये गये हैं।
23 नवंबर 2024 के उत्तर निम्न है--
1-B  2-A  3-C 4-A  5-C
1-B 2-A  3-C 4-A  5-C
 यदि किसी प्रकार की समस्या हो जानकारी लेनी हो तो 941634800 या 9306300700 ुपर संपर्क कर सकता है।
 अभी तक मेरा चल रहा है दसवां नंबर -
पूरे प्रदेश में मोटीवेटर की संख्या में मेरा कर्म दसवां है। विगत वर्ष टाप फाइव में नंबर था किंतु इस बार टाप 10 में अभी तक नंबर है। इसका मतलब है इस बार मेरे द्वारा कम लोगों को मोटिवेट किया गया है।





दुर्घटना में हुई बाइक सवार की मौत
-ट्रक चालक के विरुद्ध मामला दर्ज
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कनीना की आवाज।
कनीना उप-मंडल के गांव गुढ़ा निवासी मदनलाल की ट्रक से टकराकर मौत हो गई थी जो अपनी बाइक पर जा रहा था। ट्रक चालक के विरुद्ध कनीना थाने मामला दर्ज करवा दिया गया है। मामला हरि प्रकाश ने दर्ज करवाया है। हरिप्रकाश ने पुलिस में कहां है कि बिना इंडिकेटर के सड़क के बीच में ट्रक खड़ा था जिसके कारण मदनलाल की मौत हुई। उन्होंने कहा है कि 22 नवंबर को रात करीब 8:15 बजे वह एक शादी से अपने घर झगड़ोली जा रहा था। कृष्णा पब्लिक स्कूल के पास मेरे आगे एक बाइक सवार मदनलाल गुढ़ा निवासी चल रहा था। स्कूल के पास रोड पर एक ट्रक बिना इंडिकेटर के खड़ा था। चालक लापरवाही पूर्वक पत्थर से भरे ट्रक को रोड के बीच में खड़ा कर अंदर बैठा था। मदनलाल अपनी मोटरसाइकिल से अपने घर गांव गुढ़ा जा रहा था जो मेरे आगे आगे चल रहा था। जब बिना इंडिकेटर के खड़े ट्रक से मदन लाल की बाइक टकरा गई, सड़क पर गिर गया। जब मैंने अपनी गाड़ी रोक कर देखा तो पाया कि वह मदन लाल गुढ़ा निवासी है। उसके बाद ट्रक ड्राइवर को उतार कर नाम पता पूछा तो भाग खड़ा हुआ। मदनलाल के भाई रवि को फोन करके घटना की सूचना दी। रवि तथा मदनलाल का लड़का हिमांशु मौके पर आए। मदनलाल को लेकर कनीना अस्पताल पहुंचे जहां डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। उनका कहना है कि मदनलाल की मौत के पीछे ट्रक चालक का हाथ है जिसके चलते कनीना पुलिस ने ट्रक चालक के विरुद्ध मामला दर्ज कर लिया है।





एसीपी में तदर्थ सेवा का दिया जाए लाभ
-दस-दस सालों की तदर्थ सेवा कर सेवानिवृत्त हो रहे हैं शिक्षक
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कनीना की आवाज।
सरकारी स्कूलों में कार्यरत कर्मचारियों की तदर्थ/एडहाक सेवा का लाभ उनकी एसीपी(सुनिश्चित सेवा प्रगति) में शामिल किया जाए। यह मांग अध्यापक नेताओं ने सरकार से यहां की है।
  यहां जारी एक बयान में अध्यापक नेताओं निर्मल शास्त्री,कंवरसेन वशिष्ठ एवं धर्मपाल शर्मा ने कहा कि प्रदेश में करीब 30 हजार ऐसे शिक्षक हैं जिनको 20-20 वर्षों की सेवा पर एक ही एसीपी लग पाया है। सरकार पहले दस, बीस एवं तीस वर्ष पर तो अब आठ, सोलह एवं 24 वर्षों के बाद एसीपी का लाभ दे रही है। ऐसे में उनकी एसीपी लाभ में तदर्थ या अस्थाई नौकरी का लाभ नहीं दिया गया है। इस बात को लेकर शिक्षकों में रोष है और वे वर्षों से एसीपी के लाभ में अस्थाई एवं तदर्थ सेवा का लाभ देने की मांग कर रहे हैं। बार बार सरकार से मांग की जाती है किंतु सिरे नहीं चढ़ पाती है।













सरल पोर्टल की कमियों का खामियाजा भुगत रहा है युवा वर्ग
--पोर्टल की खामियों को नहीं किया जा रहा है ठीक
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कनीना की आवाज।
 हरियाणा सरकार ने जहां आनलाइन पिछड़ा वर्ग, हरियाणा आवास, अन्य पिछड़ा वर्ग तथा अन्य प्रकार की सर्टिफिकेट सीएससी सेंटर आदि से या स्वयं आनलाइन बनाने की सुविधा तो प्रदान कर दी किंतु पोर्टल की मियों का खामियाजा युवा वर्ग भुगत रहा है। बहुत सी ऐसी सर्टिफिकेट्स हैं जिसके लिए आवेदन कर दिया जाता है, पैसे भी भर दिए जाते हैं किंतु उनका कुछ अता पता नहीं चलता कि वो कब बनेगी? ऐसे कई मामले सामने आए हैं? अमीश ने पिछड़ा वर्ग प्रमाण पत्र के लिए आवेदन किंतु आवेदन रद्द कर दिया गया। इसी प्रकार ओबीसी के लिए आवेदन किया वो भी रद्द हो गया।
रद्द करने के पीछे कारण बताया गया है कि आपके पिता की वार्षिक आय 8 लाख या इससे अधिक है। अमीश ने बताया कि उनके पिता 8 लाख रुपये आय अगर दर्शायी गई है तो वह अन्य स्रोतों से संबंधित नहीं है क्योंकि सरकार की  हिदायतों अनुसार वेतन या पेंशन और कृषि आय नहीं जोड़ी जाती। केवल अन्य स्रोतों से आय 8 लाख से अधिक नहीं होनी चाहिए। परंतु कोई सुनने वाला नहीं। आखिरकार उन्होंने पीएम विंडो पर शिकायत की है ताकि अधिकारी इस ओर ध्यान दें और इस प्रकार यह अनावश्यक समय बर्बाद हो रहा है तथा पैसे लग रहे हैं उनसे निजात मिल सके।
एक और हरियाणा सरकार ने जहां सभी उन लोगों की बीसी और ओबीसी की सर्टिफिकेट बनाने की घोषणा की हुई है जिनकी आय 8 लाख से अधिक नहीं है किंतु इसमें पेंशन तथा वेतन आदि नहीं जोड़ा जाता। किंतु कनीना क्षेत्र के कम से कम एक दर्जन लोग बार-बार आवेदन कर रहे और उनके आवेदन रद्द हो रहा है। एक और परिवार पहचान पत्र में आय ठीक करने के लिए लोग मारे मारे फिर रहे हैं वही जिनकी पेंशन या वेतन 8 लाख या इससे अधिक है उनकी बीसी और ओबीसी की सर्टिफिकेट नहीं बनाई जा रही है। कनीना के सुनील कुमार,  मनोज कुमार ,दिनेश कुमार आदि ने बताया कि उन्होंने कई बार आवेदन किया किंतु इस आधार पर उनके बच्चों की बीसी और ओबीसी की सर्टिफिकेट का आवेदन रद्द कर दिया गया कि उनके पिता की पेंशन या वेतन 8 लाख से अधिक दर्शाया गया है। जबकि पेंशन और वेतन को भी सरकार दुरुस्त नहीं कर रही है। इन लोगों ने बताया कि परिवार पहचान पत्र में  आय दुरुस्त करवाने के लिए वे छह छह माह से इधर-उधर मारे मारे फिर रहे हैं। उन्होंने खेद जताया और सरकार से मांग की है कि कम से कम पोर्टल को दुरुस्त करें या इस प्रकार सर्टिफिकेट को रद्द नहीं करें इससे धन और समय बर्बाद हो रहा है।
  उधर रमेश कुमार एडवोकेट ककराला ने बताया कि जुलाई 2024 से नया नियम लागू हो गया है जिसके तहत किसी भी व्यक्ति का वेतन/पेशन एवं कृषि से प्राप्त होने वाली इनकम को बीसी/ओबीसी की सर्टिफिकेट बनवाते वक्त नहीं जोड़ा जा सकता। अन्य स्रोतों से आय 8 लाख से अधिक नहीं होनी चाहिए। ऐसे में अगर सर्टिफिकेटस नहीं बनते तो सरकार को पोर्टल में खामियों को दूर करना चाहिए।
इस संबंध में जब सरल पोर्टल हेल्पलाइन से बात की तो उन्होंने हाथ खड़े कर दिये और कहा कि यह मसला आपके क्षेत्र के अतिरिक्त जिला उपायुक्त या तहसीलदार का है। वे कुछ नहीं कर सकते।
जब इस संबंध में परिवार पहचानपत्र पोर्टल हेल्पलाइन से बात की तो उन्होंने स्पष्ट कहा कि यह मसला उनके विभाग का नहीं है। इस संबंध में सरल पोर्टल से बातें करे तथा अधिकारियों से बात करो।
 इस समस्या को लेकर जब तहसीलदार से भी विगत दिनों मिले तो उन्होंने कहा कि आप सर्टिफिकेट आफलाइन बनवाने की कार्रवाई कर कर सकते हैं जिसमें कुछ मदद की जा सकती है। ऐसे में लोगों को जागरूक होने की जरूरत है।



समाधान शिविरों में की ओर नहीं ले रहे लोग रुचि
- आज तक चार समस्याएं आई  जिनमें तीन प्रापर्टी से संबंधित
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कनीना की आवाज।
कनीना नगर पालिका में कनीना शहरी लोगों के लिए समाधान शिविर 24 अक्टूबर से लगातार सभी कार्य दिवसों पर लगाये जा रहे हैं किंतु इन समाधान शिविरों की ओर लोगों की कोई रुचि नहीं नहीं है।  क्योंकि अब तक महज चार शिकायतें शिविर में आई है जिनमें से तीन अकेले प्रापर्टी आईडी से संबंधित रही। नगरपालिका के बाबू रविंद्र कुमार ने बताया कि सरकार भरसक प्रयास कर रही है ताकि लोगों की समस्याएं समाधान हो। कनीना शहरी लोगों की समस्या इनमें रखी जाती है किंतु समस्याओं के अभाव में शिविर दम तोड़ रहे हैं। बाबू का कहना है कि अधिक संख्या में शिकायतें प्रापर्टी आईडी की होती हैं किंतु लेकिन या तो उनके पास रजिस्ट्री के कागज नहीं होते या फिर कागज पूरे नहीं होते, जिसके कारण में बैरंग लौट आते हैं। यही नहीं लोगों का मन भी इन शिविरों के प्रति नहीं है। सरकार इन शिवरों के लिए काफी प्रयास करती है, पैसे खर्च करती है किंतु समाधान के लिए शिकायतें नहीं जा रही है। ऐसे में ये समाधान शिविर लगाने का औचित्य नहीं रहा है। लोगों की मांग है कि त्वरित गति से लोगों की प्रत्येक प्रकार की समस्याओं का समाधान हो तो लोग इसकी और आकर्षित होंगे। इन समाधान शिविरों को बंद करना ही उचित होगा।






स्टेट अवार्ड बना अपमान अवार्ड
-नहीं मिलता कोई लाभ अगर उम्र 55 साल हो  
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कनीना की आवाज।
 कभी शिक्षा विभाग में स्टेट अवार्ड को बहुत बड़ा सम्मान माना जाता था किंतु हरियाणा सरकार में जहां स्टेट अवार्ड की कदर धीरे-धीरे खत्म हो गई है। यूं कहा जाए कि स्टेट अवार्ड अगर 55 साल उम्र के शिक्षक को मिलता है तो अपमान अवार्ड बनकर रह जाता है। कुछ वर्षों पहले जहां स्टेट अवार्ड पाने वाले शिक्षक को 2 साल अतिरिक्त सेवा करने का मौका मिलता था वहीं पर उन्हें दो अतिरिक्त वेतन वृद्धियां मिलती थी, साथ में राज्यपाल द्वारा सम्मानित मिलता ही था। धीरे-धीरे इस सम्मान की कद्र घटा दी। सरकार ने सारे नियम वापस कर दिया। आज के दिन जहां स्टेट अवार्डी शिक्षकों को न तो 2 साल का अतिरिक्त सेवा लाभ मिलता है और न ही उन्हें दो अतिरिक्त वेतन वृद्धियां दी जाती हैं। इसके बजाय अग्रिम वेतनवृद्धियां लागू कर दी गई है। वर्ष 2016 में पे एंड पेंशन रूल 37 और बना दिया गया है जिसमें आश्चर्यजनक है कि 55 साल की उम्र में यदि कोई शिक्षक स्टेट अवार्ड का लेता है तो इसका घोर अपमान किया जाता है या तो ऐसे शिक्षकों को स्टेट अवार्ड से पहले ही आवेदन करने से रोका जाना चाहिए, अगर आवेदन करवाया जाता है तो उनका अपमान करना अनुचित है। शिक्षक नेता धर्मपाल शर्मा, सुनील कुमार, डा. होशियार सिंह आदि ने बताया कि 55 साल में  अवार्ड लेना बहुत कठिन काम होता है किंतु सरकार ने 2016 में ऐसे नियम लागू कर दिए जिसके तहत 55 साल या इससे अधिक उम्र है तो उनको 2 साल का अग्रिम वेतन वृद्धियां भी नहीं दी जाती हैं। इससे बड़ा अपमान कोई और हो नहीं सकता। कम से कम स्टेट अवार्ड शिक्षक को दो अतिरिक्त वेतन वृद्धियां तो दी जाए। 55 साल की उम्र पार करके अवार्ड पाना बहुत कठिन काम है, ऐसे शिक्षक को तो खुशी-खुशी सरकार को दो अतिरिक्त वेतन वृद्धियां दी जानी चाहिए परंतु उनको कोई लाभ नहीं दिया जाता जिससे लगता है कि सरकार ऐसे शिक्षकों का अपमान कर रही है। अपमानित कर रही है इससे दुर्भाग्यपूर्ण और क्या हो सकता है? उन्होंने सरकार से बार-बार निवेदन किया है कि स्टेट अवार्ड शिक्षक कितनी भी उम्र का हो उसे सभी लाभ दिए जाने चाहिए किंतु सरकार टस से मस नहीं हो रही है। सरकार से मांग की गई है कि स्टेट अवार्डी शिक्षक चाहे किसी भी उम्र का हो सभी लाभ उसे उसी दिन से दिए जाने चाहिए जिस दिन से उसे अवार्ड मिला है।



गीता प्रश्रोत्तरी 23 नवंबर 2024 के उत्तर 1-B  2-A  3-C 4-A  5-C,आज का उत्तर कोड है 21313
***आज फिर आये दो इनाम देखे नीचे नाम,रमलू एवं रेखा
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कनीना की आवाज।
गीता प्रश्रोत्तरी के प्रश्रों को अभी हल करें। चेक करें अगर कहीं गलत भरा हो तो फिर से रात 12 बजे तक ठीक कर ले।
23 नवंबर 2024 के 5 प्रश्रों के उत्तर निम्र हैं
1-B  2-A  3-C 4-A  5-C
1-B 2-A  3-C 4-A  5-C  
कैसे भरे उत्तर--
निम्र लिंक को क्लिक करें-
http://igmquiz.in/
फोन नंबर एवं पहले से मिला ओटीपी, पासवर्ड के रूप में भरे। यदि ओटीपी याद नहीं है तो फोरगेट पासवर्ड करें पुन: पासवर्ड/ओटीपी आएगा।
पांच प्रश्र एक एक करके खुलेंगे बारी-बारी से उत्तर भरे और फाइनल सब्मिट कर दे।
ध्यान रहे उत्तर रात 12 बजे तक कितनी ही बार बदल सकते हैं।
अगर अभी तक रजिस्ट्रेशन नहीं किया है तो निम्र लिंक को क्लिक करें-
http://igmquiz.in/
 रजिस्टर्ड  को दबाए
पांच खाने खुलेंगे उन्हें विद्यार्थी/पब्लिक गांव,नाम, फोन नंबर भरे मोटिवेटर अंतिम कालम होगा जिसमें केवल 9416348400 ही भरे जो मेरे हैं।
रजिस्टर करें। ओटीपी/पासवर्ड आएगा जिसे निर्धारित खाने में भरकर वेरिफाई कर दे। अब आप उत्तर देने के लिए तैयार हैं। उपरोक्त लिंक को क्लिक करे फोन नंबर व ओटीपी भरे। प्रश्रो के उत्तर भरे,फाइनल सब्मिट को जरूर दबाए।
मोटिवेटर में 9416348400 ही भरें ताकि आपको उत्तर मिल सकें।  
 नगद पुरस्कार जीतने और प्रमाण-पत्र प्राप्त करने का सुनहरा अवसर*
1) हर रोज 500-500 रुपए के 40 ईनाम
2) क्विज के समापन पर लाखों रूपए के ईनाम
3) मोटिवेटर्स को भी आकर्षक ईनाम राशि
4) किसी भी जिले, राज्य या देश के नागरिक, विद्यार्थी व उनके माता पिता कोई भी इसमें भाग ले सकते हैं।
  रजिस्ट्रेशन नहीं किया है तो अभी कर ले।                                       
 23 नवंबर 2024 के 5 प्रश्रों के उत्तर निम्र हैं
1-B  2-A  3-C 4-A  5-C
1-B 2-A  3-C 4-A  5-C
किसी प्रकार की रजिस्ट्रेशन में दिक्कत हो तो मेरे फोन नंबर 9306300700   या  9416348400 पर संपर्क करें
आये दो ईनाम देखे नीचे नाम ---
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 🌟 Your motivation Ramlu 9991014376 sparked success! Your motivated person have been selected as one of the 40 winners of the Gita Prashnamala quiz  held on 22-11-2024 on the occasion of International Gita Mahotsav 2024, winning 500/-.Congratulations on being a driving force behind the triumph of a winner. Your guidance uplifted their journey to success. Keep inspiring greatness! 🎉