Not sure how to add your code? Check our installation guidelines **KANINA KI AWAZ **कनीना की आवाज**

Tuesday, February 25, 2025


 




एनएसएस शिविर में सीखाया योग
--सात दिवसीय उन्हाणी शिविर
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कनीना की आवाज।
राजकीय कन्या महाविद्यालय उन्हाणी की दोनों इकाईयों द्वारा प्राचार्य डा. विक्रम यादव की अध्यक्षता में उन्हाणी ग्राम में चल रहे सात दिवसीय शिविर के चौथे दिन प्रात: कालीन सत्र में स्वयं सेविकाओं को योगासन एवं प्राणायाम के महत्व से अवगत कराकर, क्रियान्वयन भी करवाया गया। योगाचार्य अमित कुमार ने अपने वक्तव्य में कहा कि वर्तमान समय में योग को अपने जीवन का अभिन्न अंग बनाने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराना और दूसरों को भी इसे अपने जीवन का हिस्सा बनाने के लिए प्रोत्साहित करना आवश्यक है। योग  जीवन में शांति का अभयारण्य प्रदान करता है, जो हमें शांति और धैर्य के साथ जीवन की चुनौतियों का सामना करने में सक्षम बनाता है के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी दी। सांयकालीन सत्र में विशिष्ट वक्ता के रूप में आमंत्रित नीतू कुमारी ने साइबर अपराध से बचने लिए हमें होना होगा जागरूक  के बारे में संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान समय में साइबर क्राइम बढ़ता ही जा रहा है, जिसका उद्देश्य किसी को शारीरिक मानसिक एवं आर्थिक रूप से प्रताडि़त करना है। उन्होंने छात्राओं से अपील की कि वे अपनी निजी जानकारी सावधानी पूर्वक सोशल मीडिया के माध्यमों पर शेयर करें। उन्होंने पुलिस विभाग द्वारा साइवर अपराध को रोकने के लिए एक नया हेल्पलाइन नंबर 1930 के बारे में भी विस्तार पूर्वक जानकारी दी।  कार्यक्रम अधिकारी डा. सीमा देवी व सीमा ने उन्हें इस  प्रकार की महत्वपूर्ण जानकारी देने के लिए देने के लिए आभार व्यक्त किया ।
फोटो कैप्शन 11: उन्हाणी के एनएसएस शिविर में योग सीखाते हुए अतिम कुमार






मारपीट करके 3000 रुपये छीने
-कनीना पुलिस ने किया मामला दर्ज
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कनीना की आवाज।
 विजय कुमार कोटिया निवासी ने उनके साथ दो लड़कों द्वारा मारपीट किए जाने और 3000 रुपये की नकली छीनने मामला पुलिस में दर्ज करवाया है। उन्होंने पुलिस में बताया कि वह कोटिया का निवासी तथा जुगनू टेलर कनीना की दुकान पर जहां सिलाई का काम करता है। 21 फरवरी को करीब 6 बजे शाम को अपने घर कोटिया पैदल-पैदल जा रहा था। कोटिया मोड़ नजदीक नहर एक मोटरसाइकिल पर दो लड़के खड़े हुए थे। जिन्होंने पूछा कि बाबा आप कहां जाओगे? पैदल चलने वाले ने बताया कि वह कोटिया जाएगा। उन दोनों लड़कों ने भी कहा कि हम भी कोटिया जाएंगे और आपके गांव में छोड़ देंगे। इतना कहकर दोनों लड़कों ने विजय कुमार को मोटरसाइकिल पर बिठा लिया दोनों लड़के कोसली रोड की तरफ कच्चे रास्ते में एक खाली पड़े कोटड़े के अंदर ले गए जहां दोनों लड़कों ने मोटरसाइकिल से विजय को उतार कर मारपीट की, 3000 रुपये छीन लिये और उसे वहीं छोड़कर अपनी मोटरसाइकिल पर कनीना की तरफ चले गए। तब अगले दिन पीडि़त ने अपने लड़के संदीप को घटना के बारे में बताया तो लड़के ने आस पड़ोस जानकारी प्राप्त की, तो पता चला कि एक व्यक्ति चेलावास में रिश्तेदारी में है। उन्होंने दो लड़कों द्वारा नाजायज मारपीट करके 3000 रुपये छीनने का मामला दर्ज करवा दिया है।






जी-जान एक किए हुए जुटे है विभिन्न प्रत्याशी
-28 फरवरी को बंद हो जाएंगे माइक
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कनीना की आवाज।
 कनीना नगर पालिका के प्रधान और पार्षद प्रत्याशियों ने इस समय पूरे जोर शोर से जनसंपर्क अभियान चलाया हुआ है। कोई वार्ड ऐसा नहीं है जहां पर कोई प्रत्याशी अपना अभियान न चल रहा हो। जहां माइकों की गूंज लगातार सुनाई पड़ रही है जो 28 फरवरी को शाम को 5 बजे बंद हो जाएंगे। वहीं अब तो गलियों में कागज ही कागज नजर आ रहे हैं क्योंकि एक दूसरे के पोस्टर फाड़ कर अपने पोस्टर चिपका रहे हैं। मकान हो या शौचालय या किसी पार्क की दीवारें सभी विभिन्न पोस्टरों से रंगी हुई हैं।  विभिन्न प्रत्याशी अपने-अपने समर्थकों सहित विभिन्न वार्डों में घूम रहे और अपना शक्ति प्रदर्शन कर रहे हैं ताकि वोट उनके पक्ष में बन सके। एक-एक प्रत्याशी प्रत्येक घर में कई कई बार जा चुका है, सभी प्रत्याशियों ने अपनी अपनी टीमें गठित कर रखी है और ये टीमें सभी वार्डों में घूमती रहती हैं। पोस्टर, बैनर, माइक, वाहन से प्रचार, डोर टू डोर, तथा अन्य मीडिया के तरीकों से जनसंपर्क कर वोटर को अपने पक्ष में रिझाने की कोशिश की जा रही है। जहां 7 प्रधान पद के दावेदार हैं वहीं 41 पार्षद प्रत्याशी हैं, सभी अपनी-अपने जीत के आंकड़े जुटा रहे हैं। रात को सभी जीत अपने पक्ष में करके सोते हैं। ऐसा कोई व्यक्ति नहीं है जो इन चुनाव के रंग में नहीं रंगा हो। कहीं भी देखे बस चुनावी चर्चाएं चलती सुनी जा सकती हैं। दो व्यक्ति जहां भी मिलते हैं चुनावी चर्चा शुरू हो जाती है। इस बार जहां किसी पार्टी की ओर से कोई प्रत्याशी नहीं लड़ रहा है किंतु कुछ पार्टी के लोग अपने-अपने समर्थकों से वोट डालने की अपील कर रहे हैं।
इस बार चुनाव बुजुर्ग वर्सेस युवा वर्ग के बीच चल रहा है। अधिकांश युवा वर्ग से संबंध रखते हैं। इसलिए चुनाव और भी रोचक बन गए हैं। सभी की नजरें 2 मार्च के चुनाव पर टिकी हुई है। तत्पश्चात 12 मार्च को मतगणना होगी। इस दौरान कनीना वासी जैतपुर श्याम धाम तथा खाटू श्याम जाने की तैयारी में जुटे हुए हैं। हजारों की संख्या में भक्त दोनों ही धामों पर जाते हैं। दोनों राजस्थान में पड़ते हैं। इस बार चुनाव की वजह से वजह से अभी तक खाटू श्याम और जैतपुर धाम जाने की तैयारी नहीं हुई है। यद्यपि मेला 28 फरवरी से शुरू हो जाएगा किंतु 2 मार्च को कनीना के मतदान होने के बाद ही सभी खुशी-खुशी धाम की यात्रा करने की योजना बना रहे हैं। आने वाला वक्त बताया कि होली के पर्व पर असली खुशी के रंगों में कौन रंग जाएगा और हार की पीड़ा से सराबोर हो जाएगा।
कनीना कस्बे और कनीना मंडी दो भागों से संपूर्ण कनीना नगर पालिका बनी हुई है। मंडी में दो प्रमुख वार्ड है तथा कुछ अन्य वार्ड भी जोड़-तोड़कर बनाए हुए हैं। इस बार 14 वार्डों में जहां 14 पार्षद चुनाव जीतकर आएंगे वहीं प्रधान पद का सीधा चुनाव हो रहा है। इस बार प्रधान पद का चुनाव सीधा होने की वजह से पार्षद चुनाव पर कोई विशेष ध्यान नहीं दे रहे हैं।  तत्पश्चात दो पार्षद सरकारी तौर पर भी विगत योजना में आए थे, अब यह देखा जाना है इस योजना में दो पार्षद कौन-कौन आ पाते हैं ?
 फोटो कैप्शन 12: चुनावी रंग में रंगे हुए लोग




प्रमुख मुद्दा
वाटर टैंक की चारदीवारी ऊंची करने या जाली लगाने की उठ रही है मांग
-आधा दर्जन मौत हो चुकी हैं चंद वर्षों में
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कनीना की आवाज।
कनीना की बड़ी-बणी स्थित नहर पर आधारित पेयजल योजना के लिए बनाए गए दो वाटर टैंक नहर आने पर पानी से भर दिये जाते हैं। इन टैंकों की चारदीवारी बहुत छोटी है ,कहीं-कहीं तो 2 फुट से भी कम है। ऐसे में उधर से आवागमन करने वाले या थक कर बैठने वाले लोग टैंकों में गिर जाते और मौत हो जाती है। अब तक 6 लोगों की मौत विगत वर्षों में हुई है। पास में कनीना की श्रीकृष्ण गौशाला एवं कान्ह सिंह पार्क है।
  इन टैंकों का जल साफ करके कनीना में पेयजल आपूर्ति के रूप में पहुंचाया जाता है। गर्मियों में लोग पानी पीने या स्नान करने की ललक से वास चले जाते हैं और गिरकर मौत हो जाती है। ये टैंक 2011 में बनने शुरू हुए थे और 2014 में शुरू हो गये थे। चुनाव लडऩे वालों ने इस समस्या से निजात पाने के लिए अपने घोषणापत्र में दीवार ऊंची करने की बात कही गई है। अब देखना है कि यह कब तक सुरक्षित टैंक बन जाएंगे।
  गर्मियों के दिनों में तो गर्मी से राहत पाने के लिए लोग इस जल में घुस जाते हैं वहीं आवारा जीव जंतु भी घुसने का खतरा बना रहता है। वैसे भी ये टैंक बड़ी बणी के बीच में स्थित हैं, ऐसे में कोई भी हादसा होने की संभावना सदा ही बनी रहती है।
आधा दर्जन हो चुकी हैं मौत-
इस टैंक में गिरकर आधा दर्जन लोगों की मौत हो चुकी है। 2018 में गौरव तो 2023 में तारामती की मौत हो गई थी। वर्ष 2012 में डीएवी कालेज का विद्यार्थी सहित आधा दर्जन लोग गिरकर दुर्घटना का शिकार हो चुके हैं।
इस संबंध में कुछ लोगों से चर्चा की गई तो विचार निम्र सामने आये।
*** वाटर टैंक की सरकार द्वारा चारदीवारी कम से कम 6 फीट ऊंची करवानी चाहिए या फिर जाली लगवा देनी चाहिए जिससे लोगों की जान बचाई जा सके। वैसे भी इन टैंकों में पानी भूमिगत पाइप से आता है जिससे चारदीवारी या जाली लगाने में कोई दिक्कत नहीं आएगी। बार-बार लोगों ने मांग उठाई है कि टैंकों की जालियां लगाई जाये या  चारदीवारी ऊंची बनाकर जान माल का नुकसान रोका जाए।
    ---भगत सिंह, समाजसेवी
  विशेषकर गर्मियों के दिनों में तो वैसे भी जीव जंतु प्यासे पानी के टैंकों में घुस जाते हैं उसके पास कारण मौत हो जाती है। दोनों वाटर टैंक जहां स्थित है उनके पास ही कान्ह सिंह पार्क बना हुआ है जिस पर करोड़ों रुपये का खर्चा आया है। पास में श्रीकृष्ण गौशाला है। यहां सुबह शाम भारी संख्या में लोग सैर करने के लिए जाते हैं। जहां सड़क के एक और पार्क है वहीं दूसरी ओर वाटर टैंक हैं। इन वाटर टैंकों की चारदीवारी छोटी होना समस्या बना बनी हुई है।  चारदीवारी ऊंची की जाए।
    ------धर्मवीर, समाजसेवी
पास में गौशाला है और बड़ी बणी होने के कारण जंगली जीव भी इधर आ जाते हैं प्यास के कारण वे जल में घुस जाते हैं और उनकी मौत हो जाती है। या तो टैंक के चारों ओर जाली लगाई जाए या फिर चारदीवारी बनाई जाए।
---राज सिंह, समाजसेवी
विगत कनीना की इस टैंक की घटनाओं को लेकर तथा जंगल के दृष्टिगत यहां टैंक की चारदीवारी ऊंची करने की जरूरत है। वर्तमान में चारदीवारी छोटी है।
  ---संजय कुमार, समाजसेवी
जहां कनीनावासियों के लिए पेयजल की बेहतर व्यवस्था तो बनाई गई है किंतु इसकी चारदीवारी ऊंची न बनाकर मौत के टैंक बनते जा रहे हैं। विभिन्न दुर्घटनाओं को रोकने के लिए सरकार को कदम उठाना चाहिए तथा इसकी चारदीवारी ऊंची बनानी चाहिए।
   ---देवेंद्र सिंह, समाजसेवी
 फोटो कैप्शन 10:कनीना के नहर पर आधारित पेयजल योजना के वाटर टैंक।
साथ में भगत सिंह, राज सिंह, संजय, देवेंद्र कुमार, धर्मवीर







गौशाला में रागिनी प्रतियोगिता 2 को
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कनीना की आवाज।
2 मार्च को धनौन्दा बाबा दयाल धर्मार्थ गौशाला में विशाल रागिनी कम्पीटिशन का आयोजन किया जाएगा। कम्पीटिशन में प्रसिद्ध गायक कलाकार रमेश कलाहवडिया एंड पार्टी और नरेन्द्र खरकराम एंड पार्टी के कलाकार भाग लेंगे। समारोह के मुख्य अतिथि जिला प्रमुख डा. राकेश कुमार तथा अतरलाल होंगे। अति विशिष्ट अतिथि के तौर पर जिला पार्षद एवं पूर्व एचएसएससी मेम्बर देवेन्द्र यादव प्रधान व जिला पार्षद अजीत सिंह तंवर शिरकत करेंगे।
 गौशाला प्रधान पूर्ण सिंह ने उक्त जानकारी देते हुए कहा कि रागिनी कम्पीटिशन की तैयारियों के लिए समस्त ग्रामवासी एवं ग्राम पंचायत धनौन्दा व खरकड़ा बास के गणमान्य व्यक्ति लगे हुए हैं। दो मार्च रविवार को सुबह हवन यज्ञ उसके बाद रागिनी कम्पीटिशन तथा दोपहर में प्रसाद वितरण होगा। रतन सिंह चेयरमैन, गुरदयाल सिंह चेयरमैन, भगत सिंह यादव, बीर सिंह सरपंच प्रतिनिधि, पंकज सरपंच, जर्मन सरपंच, हरीश सरपंच, सुरेश सरपंच, बलवान सिंह सरपंच, राजेन्द्र सिंह सरपंच, पूर्व जिला पार्शद मालाराम, पूर्व सरपंच प्रदीप, पूर्व सरपंच दलीप सिंह, डॉ. विनयपाल सिंह, जीतपाल सिंह, हरेन्द्र सिंह इंजीनियर, कैप्टन ओमपाल सिंह, सूरज सिंह इंजीनियर, रामौतार यादव, बजरंग सिंह सी.ए., पवन कौशिक सी.ए., संदीप सिंह जी.एम. मखनलाल स्वामी, मैनेजर अशोक पंच, कैलाश सेठ, बिजेन्द्र ठेकेदार, हरचन्दा हलवाई, सुबे. बाबूलाल, डॉ. ईशांत गोयल आदि गणमान्य समाजसेवी व सामाजिक कार्यकर्ता विशिष्ट अतिथि के तौर पर भाग लेंगे। रागनी कम्पीटिशन को लेकर आसपास के गांवों, कस्बों में भारी खुशी व उत्साह है।






फ्रेंडली टायलेट का नहीं खुलता ताला, लोग परेशान
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कनीना की आवाज।
लाखों रुपये खर्च कर बनाए गए फ्रेंडली टायलेट का आज तक ताला नहीं खुला है। लोग  परेशान हैं।
 कुछ वर्षों पहले कनीना गौशाला रोड पर एक विशाल पार्क का निर्माण कराया गया था ताकि कस्बा वासियों को घूमने फिरने का एक अच्छा स्थान मिल सके। पार्क में घूमने फिरने वालों की समस्या को ध्यान में रखते हुए एक फ्रेंडली टायलेट बनाया हुआ है जिसमें लाखों रुपये खर्च हुए ताकि लोगों को वाशरूम तथा टायलेट की समस्या होने पर इसका प्रयोग कर सके। लेकिन आज तक उस फ्रेंडली टायलेट का ताला नहीं खुला है जिसके कारण पार्क में घूमने वाले लोग भारी परेशानी झेलते हैं।
नगर पालिका चुनाव आगामी 2 मार्च को होना तय हुआ है जिसके लिए आधा दर्जन से ज्यादा लोग  प्रधान पद के उम्मीदवार मैदान में है वही लगभग चार दर्जन लोग पार्षद के लिए चुनाव मैदान में आए हुए हैं जो बड़े-बड़े माइक लगाकर कनीना में विकास करने का दावा कर रहे हैं तो कोई कनीना को स्वर्ग बनाने का दावा कर रहा है। कोई भी गौशाला रोड पर बने टायलेट का ताला खुलवाने की बात नहीं कह रहा है। लगभग 2 साल नगर पालिका के प्रशासक को हो गए लेकिन किसी के द्वारा भी आज तक गौशाला रोड पर बने फ्रेंडली टायलेट का ताला नहीं खुलवाया है। लोगों ने उक्त फ्रेंडली टायलेट का ताला खुलवाने की गुहार लगाई है।
फोटो कैप्शन 06: टायलेट के द्वार पर लगा ताला।




राष्ट्रीय आविष्कार शपथ के तहत जल संरक्षण पर क्विज प्रतियोगिता का आयोजन
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कनीना की आवाज।
राष्ट्रीय आविष्कार शपथ कार्यक्रम के तहत जल संरक्षण पर एक क्विज प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस प्रतियोगिता में कक्षा 11वीं विज्ञान संकाय के प्रशांत, आरती और निक्की ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए प्रथम स्थान प्राप्त किया।
कार्यक्रम के दौरान विद्यालय के नोडल अधिकारी,संदीप कुमार ने विद्यार्थियों को जल संरक्षण के महत्व और उसकी विभिन्न तकनीकों के बारे में जागरूक किया। उन्होंने बताया कि जल संरक्षण हमारी आने वाली पीढिय़ों के लिए आवश्यक है और हमें इसे अपनाने के लिए प्रेरित होना चाहिए।
विद्यालय के प्राचार्य श्री सुनील खुडानिया ने विजयी छात्रों को पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया और कहा कि जल ही जीवन है, और हमें इसे संरक्षित करने की दिशा में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए। ऐसी प्रतियोगिताएं छात्रों में जागरूकता बढ़ाने और उन्हें नवाचार के लिए प्रेरित करने में सहायक होती हैं।
इस अवसर पर विद्यालय के शिक्षक मुंशी राम, रवि कुमार, नितिन मुद्गिल, गुरदीप सिंह, नवीन कुमार, सोमबीर धनखड़, राजेश चतुर्वेदी सहित अन्य शिक्षकगण एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे। सभी ने इस कार्यक्रम की सराहना की और छात्रों को शुभकामनाएं दीं।
फोटो कैप्शन 07: अव्वल को पुरस्कृत करते अधिकारी।



स्कूली विद्यार्थियों ने शैक्षिक भ्रमण
--नारनौल का किया भ्रमण
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कनीना की आवाज।
राजकीय माडल संस्कृति स्कूल कनीना के विद्यार्थियों ने बाबा खेतानाथ राजकीय बहुतकनीकी संस्थान नारनौल और यादव अस्पताल का शैक्षिक भ्रमण किया। यह भ्रमण एनएसक्यूएफ (नेशनल स्किल क्वालिफिकेशनस फ्रेमवर्क ) के तहत आयोजित किया गया, जिसका उद्देश्य विद्यार्थियों को व्यावसायिक शिक्षा से जोडऩा और व्यावहारिक ज्ञान प्रदान करना था।
इस दौरान छात्रों ने  बाबा खेतानाथ राजकीय बहुतकनीकी संस्थान नारनौल में विभिन्न तकनीकी पाठ्यक्रमों, आधुनिक प्रयोगशालाओं और नवाचार से जुड़ी जानकारियां प्राप्त कीं। विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों को इंजीनियरिंग, कंप्यूटर साइंस और अन्य तकनीकी विषयों की बारीकियों से अवगत कराया।
इसके बाद विद्यार्थियों ने यादव अस्पताल का दौरा किया, जहां उन्हें स्वास्थ्य सेवाओं, आधुनिक चिकित्सा उपकरणों और रोगियों की देखभाल की प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी गई। अस्पताल के डाक्टर्स और स्टाफ ने छात्रों को चिकित्सा क्षेत्र में उपलब्ध कैरियर के अवसरों के बारे में भी बताया।
विद्यालय के प्राचार्य श्री सुनील खुडानिया जी ने इस अवसर पर विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षा केवल पुस्तकों तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि व्यावहारिक ज्ञान और अनुभव भी उतने ही महत्वपूर्ण हैं। इस प्रकार के शैक्षिक भ्रमण से विद्यार्थियों को विभिन्न क्षेत्रों की वास्तविक समझ मिलती है, जिससे वे अपने भविष्य के करियर के लिए सही निर्णय ले सकते हैं। मुझे आशा है कि आप सभी इस अनुभव से प्रेरित होंगे और अपने लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए मेहनत करेंगे।
विद्यालय के एनएसक्यूएफ समन्वयकों राजेश चतुर्वेदी और पूनम कुमारी ने बताया कि इस प्रकार के शैक्षिक भ्रमण विद्यार्थियों के ज्ञानवर्धन के साथ-साथ उनके कैरियर मार्गदर्शन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। छात्रों ने इस अनुभव को बेहद लाभकारी बताया और भविष्य में ऐसे और अवसरों की अपेक्षा जताई। इस अवसर पर विद्यालय के कुछ अन्य शिक्षक भी इस शैक्षणिक भ्रमण पर गए थे। सभी ने इस तरह के भ्रमण को विद्यार्थियों के लिए अत्यंत उपयोगी बताया।
फोटो कैप्शन 08: माडल स्कूल के विद्यार्थी शैक्षिक भ्रमण पर।







उम्मीदवारों व एजेंट्स की मौजूदगी में इवीएम की सेकेंड रेंडमाइजेशन प्रक्रिया पूरी
-प्रशासन निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण चुनाव के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध -डीसी डॉ विवेक भारती
-28 फरवरी को अटेली व कनीना में होगी मशीनों की एफएसएल (फर्स्ट लेवल चैकिंग)
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कनीना की आवाज।
उपायुक्त डा. विवेक भारती ने कहा कि अटेली तथा कनीना नगर पालिका चुनावों में सभी उम्मीदवार चुनाव आचार संहिता का पालन करें। जिला प्रशासन निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण चुनाव के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। डीसी आज लघु सचिवालय में इवीएम की सेकेंड रेंडमाइजेशन प्रक्रिया के दौरान चुनाव लडऩे वाले उम्मीदवारों तथा उनके एजेंट को संबोधित कर रहे थे।
उपायुक्त ने बताया कि रेंडमाइजेशन प्रक्रिया से संबंधित बूथ के लिए इवीएम मशीन निर्धारित की गई हैं। संबंधित एजेंट माक पोल के दौरान नंबर का मिलान कर सकता है।
डीसी ने बताया कि अब मशीनों की एफएसएल (फर्स्ट लेवल चैकिंग) संबंधित उम्मीदवारों व उनके एजेंट्स की मौजूदगी में की जाएगी।
कनीना में 28 फरवरी को सुबह 9:00 बजे राजकीय मॉडल संस्कृति सीनियर सेकेंडरी स्कूल में मशीनों की चैकिंग होगी।
वहीं अटेली नगर पालिका की ईवीएम मशीनों की चेकिंग भी इसी दिन सुबह 9:00 बजे अटेली (नीरपुर) में स्थित नगर पालिका कार्यालय में होगी।
उपायुक्त ने बताया कि हरियाणा राज्य चुनाव आयोग ने नगर पालिका चुनाव के लिए जिला महेंद्रगढ़ में सामान्य आब्जर्वर के तौर पर योगेश कुमार (7056622222) तथा पुलिस ऑब्जर्वर के तौर पर ध्यानचंद (9416120891) को जिम्मेदारी सौंपी है।
चुनाव से संबंधित किसी प्रकार की शिकायत के लिए उनके मोबाइल नंबर पर संपर्क किया जा सकता है। इसके अलावा सिंचाई रेस्ट हाउस नारनौल में कमरा नंबर एक व दों में 11 से 12 तक संपर्क भी किया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि इसके अलावा चुनाव खर्च पर नजर रखने के लिए एक्सपेंडिचर ऑब्जर्वर लगाए गए हैं। सभी उम्मीदवार चुनाव खर्च के बारे में निर्धारित समय पर एक्सपेंडिचर ऑब्जर्वर को अपना खर्च रजिस्टर दिखाएं।
उन्होंने कहा कि चुनाव प्रचार के दौरान परमिशन लेने के बाद ही वाहन का प्रयोग किया जाए।
इस बैठक में कनीना के आरओ जितेंद्र सिंह, अटेली के आरओ रमित यादव, डीआईओ प्रशांत कुमार तथा सिस्टम एनालिस्ट राजकुमार के अलावा अन्य अधिकारी भी मौजूद थे।






26 फरवरी को महाशिवरात्रि पर बाघोत में लगेगा विशाल मेला
-पौराणिक इतिहास समेटे हैं बाघोत
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कनीना की आवाज।
 कनीना उपमंडल के गांव बाघोत पर 26 फरवरी को महाशिवरात्रि मेला लगने जा रहा है। वर्ष में दो बार मेला लगता है। सावन त्रयोदशी शिवरात्रि पर कावड़ मेला लगता है। बाघोत जिसे बाघेश्वर धाम नाम से पूरे भारत में जाना जाता है, का पौराणिक महत्व एवं अपने में इतिहास समेटे हुए है।  महाशिवरात्रि पर कांवड़ कम अर्पित की जाती हैं।
 बाघोत का नाम बाघ के आधार पर पड़ा है।
 बाघोत का पुराना नाम हरयेक वन था। यहां पीपलाद ऋषि का आश्रम भी तो यही था। उनके कुल में राजा दलीप के कोई संतान नहीं थी। वे दु:खी थे और दुखी मन से अपने कुलगुरु वशिष्ठ के पास गए। उन्होंने अपना पूरा दु:ख का वृतांत मुनिवर को सुनाया। वशिष्ठ ने उन्हें पीपलाद ऋषि के आश्रम में नंदिनी नामक गाय एवं कपिला नाम की बछिया निराहार रहकर चराने का आदेश दे दिया। राजा ने गाय व बछिया को निराहार रहकर चराते वक्त एक दिन भगवान् भोलेनाथ ने बाघ का रूप बनाकर राजा की परीक्षा लेने का निर्णय लिया। बाघ ने बछिया पर धावा बोल दिया। गाय को बचाने के लिए अपने प्राण न्यौछावर करने को राजा तैयार हुए। परंतु जब वे ऐसा करने लगे तो  बाघ के स्थान पर शिवभोले खड़े थे। बाघ के कारण ही गांव का नाम बाघोत पड़ा। प्रारंभ में बाघेश्वर शिवालय का निर्माण कणाणा के राजा कल्याण सिंह रैबारी ने करवाया था जिसका समय समय पर उद्धार होता रहा है।
   बाघोत स्थित शिवालय उन भक्तों के लिए भी प्रसिद्ध माना जाता है जिनके कोई संतान नहीं होती है। मेले में आकर दंपति अपने हाथों से एक विशाल वटवृक्ष को कच्चा धागा बांधकर सुंदर संतान होने की कामना करता है। जब संतान हो जाती है तो यहां आकर ही धागा खोलता है। यही कारण है कि शिवलिंग के पास ही खड़ा एक वटवृक्ष कच्चे धागों से लदा मिलता है।
हरियाणा सरकार की पुस्तकों में भी बाघोत का छोटा उल्लेख है वहीं लेखक एचएस यादव की कृति में संपूर्ण इतिहास दिया गया है।
बाघोत के शिवालय का शिवलिंग स्वयंभू होने के कारण यहां अपार भीड़ भक्तों की वर्षभर चलती है। छोटा सा गांव है किंतु ठहरने के लिए अनेक धर्मशालाएं हैं। प्राकृतिक शिवलिंग के भक्त दर्शन कर प्रसन्न हो जाते हैं।
स्वयंभू है शिवलिंग-
बाघोत का शिवलिंग स्वयंभू है। यही कारण है कि शिवरात्रि एवं महाशिवरात्रि पर यहां अपार भीड़ जुटती है। हरिद्वार एवं ऋषिकेश से गंगाजल लाकर अर्पित करते हैं।
मांग रहेगी गाजर एवं बेरों की--
 महाशिवरात्रि पर बेर, गाजर एवं फलों की मांग रहती है। गाजर जो 20 रुपये किलो बिक रही है। वहीं बेर 50 रुपये तो केले 80 रुपये दर्जन बिक रहे हैं। इस दिन व्रत होने से बेलपत्र की भी मांग रहती है। महाशिवरात्रि के दिन महंगे रहने की संभावना है।
  गाजर के अच्छे भाव मिलने की संभावना से  किसानों ने खेतों से गाजर बचा रखी थी और उन्हें बाजार में बेचकर आय माने की संभावना है। उधर  बेहतर बेर की पैदावार लेने वाले बेरों की पैकिंग कर रहे हैं। दूध, बेलपत्र, धतूरा, भाग के पौधों की भी मांग रहती है। दुकानदार नरेंद्र कुमार ने बताया कि वो बेर, बेलपत्र, बेर एवं अन्य पदार्थों का प्रबंध कर चुके हैं।
 कई जगह लगेंगे मेले-
महाशिवरात्रि पर जहां कनीना एवं बाघोत के अलावा तथा विभिन्न स्थानों पर मेले लगते हैं। विभिन्न गांवों में शिवालय बने हुए हैं जहां महाशिवरात्रि पर मेले लगते हैं। भंडारे भी लगते हैं।
सजाया गया है शिवालय को-
 बाघेश्वर धाम को सजाया गया है। कतारबद्ध भक्तों के खड़े रहने, पेयजल, पुलिस आदि का प्रबंध किया गया है वहीं भंडारे, ठहरने का प्रबंध भी किया गया है। महिपाल सिंह बाघोत ने बताया कि मेले विभिन्न खेलकूद प्रतियोगिताएं भी आयोजित होती हैं।
फरोटो कैप्शन 02: शिवालय बाघोत
             03 व 04: स्वयंभू शिवलिंग
             05: बाघोत का मुख्य द्वार






6 वर्षीय बच्ची को बाइक चालक ने मारी टक्कर -जूझ रही है जीवन मृत्यु से
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कनीना की आवाज।
 कनीना उप-मंडल के गांव भोजावास में बस का इंतजार कर रही 6 वर्षीय स्कूली बच्ची दीया को एक तेज गति चला रहे मोटरसाइकिल सवार ने टक्कर जड़  दी जिससे वह घायल हो गई। उसका इलाज रेवाड़ी के निजी अस्पताल में चल रहा है। स्वजनों ने कनीना पुलिस में मामले की शिकायत दे दी है। मनीष कुमार ने बताया कि उनकी भतीजी दीया कुमारी  23 फरवरी को सुबह 8:30 बजे स्कालरशिप का टेस्ट देने के लिए निजी विद्यालय के लिए बस का इंतजार कर रही थी तभी एक प्लैटिना बाइक रमेश कुमार तेज गति से चलाता हुआ आया और टक्कर जड़ दी जिससे 6 वर्षीय दीया के सिर में चोट आई। स्वजन उसे रेवाड़ी के एक निजी अस्पताल में ले गए। डाक्टर ने बताया कि गंभीर चोट आने के कारण अभी खतरे से बाहर नहीं है। निजी अस्पताल रेवाड़ी ने संबंधित थाने को एमएलआर भी भेज दी है। मनीष कुमार ने रमेश कुमार के विरुद्ध मामला दर्ज करने की मांग की है।




























कनीना शिवालय में आयोजित हुआ भंडारा
--महाशिवरात्रि के उपलक्ष्य में चला भंडारा
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कनीना की आवाज।  

Monday, February 24, 2025


 


चुनावी चकचक
अभी से ही इतना बड़ा तुर्रा, ये तो वोट कटवा रहा है
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कनीना की आवाज।
 कनीना में एक प्रत्याशी का समर्थन वोट मांगने आया और अपने से उम्र में बड़े ,हर प्रकार से बड़े व्यक्ति से हाथ मिलने की कोशिश की। पहले तो बुजुर्ग व्यक्ति ने हाथ जोड़ा किंतु उसने बार-बार हाथ मिलाने का प्रयास किया तो  बुजुर्ग ने मन मारकर हाथ तो मिलना ही पड़ा। चले जाने पर पास बैठे लोगों से कहा कि अभी से इसका इतना बड़ा तुर्रा है, जो खुद चलकर नहीं आया और ऐसे लोगों को भेज रहा है जो वोट पाने का काम नहीं कर रहे बल्कि वोट कटवाने का काम कर रहे हैं। उन्हें चाहिए लोगों से अपने बड़ों से आशीर्वाद ले। क्या इनको इतना भी ज्ञान नहीं तो भविष्य में कनीना का क्या हाल करेंगे? यहां तक की बुजुर्ग ने कहा कि अब तक इन्हें वोट देता किंतु अब नहीं दूंगा।




 चुनावी चकचक
वाह, वाह, वाह! किन्नर भी आये चुनाव जीतने के लिए, महासमर शुरू
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कनीना की आवाज।
 वैसे तो कनीना नगर पालिका के चुनाव न जाने क्या-क्या नये नये क्या करिश्मा कर दिखाएंगे, पर एक प्रत्याशी के पक्ष में अब तो किन्नर भी मोर्चा संभाल बैठे हैं और उन्होंने प्रत्याशी को जीताने के लिए दिन-रात एक करने का वादा किया है। वास्तव में कनीना के 72 सालों के इतिहास में यह पहली बार चुनावों में हो रहा है, जब अनोखे अनोखे प्रत्याशियों ने अंदाज होने जा रहे हैं। यह सत्य है कि इन चुनाव में जो नया अनुभव न केवल वोटर को अपितु प्रत्याशियों को मिल रहा है। वह शायद पहले कभी नहीं सुनने और देखने को मिला था। किन्नर जिसका साथ दें कहते हैं उसका भाग्य खुल जाता है और अब देखना यह है कि किन्नर जिस प्रत्याशी का साथ दे रहे हैं उनका भाग्य कितना खुल पता है। 12 मार्च का इंतजार रहेगा।


चुनावी चकचक
चुनाव चिह्न को दिया हकीकत रूप
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कनीना की आवाज।
 कनीना के एक प्रत्याशी का चुनाव चिन्ह बस है और उन्होंने एक बसनुमा गाड़ी ही प्रचार के लिए लगा दी है। यह बहुत अच्छी बात है कि चुनाव चिन्ह हकीकत में सड़कों पर उतार जा रहा है। अब तो लोगों का कहना है कि साइकिल चुनाव चिन्ह वाले साइकिल चलाते हुए वोटर से मिलना चाहिए और सीढ़ी चुनाव चिन्ह वाले सीढ़ी लेकर चलना चाहिए और भी प्रत्याशियों को सुंदर सुंदर उदाहरण पेश करने चाहिए।





मेरा शिक्षा का सफर पुस्तक से साभार
-नगरपालिका कनीना चुनाव तक है स्थगित
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कनीना की आवाज।
कनीना के डा. होशियार सिंह यादव की मेरा शिक्षा का सफर पुस्तक से साभार सिरीज दो मार्च कनीना नगरपालिका के चुनावों तक स्थगित कर रखा है। तीन मार्च से फिर से इसे विधिवत रूप से पुन: शुरू कर दिया जाएगा।







संगम कालोनी, मुख्य मार्ग पर स्पीड ब्रेकर बनाने की मांग
-वर्षों से उच्चाधिकारियों को अवगत करवाते आ रहे हैं लोग
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कनीना की आवाज।
 कनीना-रेवाड़ी सड़क मार्ग पर संगम कालोनी के चौराहे पर स्पीड ब्रेकर बनाने की मांग वर्षों से चली आ रही है। इस संबंध में यहां के लोगों ने एसडीएम कनीना को भी ज्ञापन दे चुके हैं वहीं उच्च अधिकारियों से भी मिले किंतु अभी तक स्पीड ब्रेकर नहीं बना है जिसके चलते उनमें भारी रोष पनप रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि एक ओर चौराहा बनता है वही अति व्यस्त मार्ग है जिसके चलते यहां स्पीड ब्रेकर की अति आवश्यकता है। यदि स्पीड ब्रेकर होगा तो जान माल की हानि से बचा जा सकेगा वहीं बुजुर्ग और बच्चों के आवागन में सुविधा होगी। इस मार्ग पर बहुत तेजी से वाहन चलते हैं, अति व्यस्त मार्ग होने के कारण लोग लंबे समय तक सड़क पार करने का इंतजार करते देखे जा सकते हैं। ग्रामीणों मनजीत सिंह, कंवर सिंह, मुंशी राम, दिलीप सिंह आदि ने बताया की एक और जहां छोटी-छोटी दुकानें बनी हुई है वहीं बच्चे और बूढ़े इस सड़क को यहां से पार करते हैं। अभी तक यहां कम से कम दो जान जा चुकी है तथा पशुओं की भी मौत हो चुकी है क्योंकि वाहन अति तीव्र गति से चलाए जाते हैं। ऐसे में इस जगह पर स्पीड ब्रेकर होना जरूरी है।  रेवाड़ी एक्शन एवं अन्य अधिकारियों को भी ज्ञापन भेजा जा चुका है चूंकि यह सड़क मार्ग रेवाड़ी एक्षन पीडब्ल्यू डी के तहत आता है। अब तो विभिन्न प्रधान पद के प्रत्याशियों ने यह मुद्दा हल करने की बात भी कही है। क्षेत्र के लोगों से बात की गई तो उनके विचार निम्न है---
***हमें इस सड़क को दिन में कई बार पार करना पड़ता है भारी संख्या में किसान और ग्रामीण इधर से गुजरते हैं। वाहनों की रफ्तार तीव्र होने के कारण कई दुर्घटनाएं होते-होते बचती है। यदि स्पीड ब्रेकर हो तो बच्चे और बूढ़े आसानी सड़क पार कर सकेंगे।
---हमीर ,संगम कालोनी कनीना
संगम कालोनी कनीना का यह एक चौराहा बन रहा है वहीं आबादी बढ़ती जा रही है। दुकान भी बनी हुई है। आवागमन का वृत्त गति से होता है ऐसे में पहले जहां दुर्घटनाएं घट चुकी है उनसे सबक लेने के लिए और वाहनों की गति कम करने के लिए स्पीड ब्रेकर होना जरूरी है ताकि जान व माल सुरक्षित रह सके।
--- कंवर सिंह साहब,कनीना
यहां स्पीड ब्रेकर बनाने के लिए एसडीएम कनीना, एक्शन रेवाड़ी तथा उच्च अधिकारियों को पत्र प्रेषित किये जा चुके हैं, ज्ञापन भी दिये जा चुके है किंतु लंबे समय से उनकी मांग को अमल में नहीं लाया जा रहा है। जिसके चलते यहां के लोगों में रोष है। जन सुविधा के लिए यहां स्पीड ब्रेकर बनाए जाना अति उचित है ताकि जान व माल सुरक्षित रह सके। यह सड़क जब से बननी शुरू हुई तभी से यह मांग चली आ रही है।
---सतराज साहब, संगम कालोनी
संगम कालोनी चौराहे पर बच्चों और बूढ़ों का सड़क पार करना बहुत कठिन हो जाता है। लंबे समय तक सड़क के साफ होने का इंतजार करते हैं ताकि वह किसी प्रकार सड़क पार कर सके।  वर्षों से यहां अनेक दुर्घटनाएं, मौत हो चुकी है पशु भी मारे जा चुके हैं। ऐसे में यहां स्पीड ब्रेकर बनाना सर्वथा उचित होगा और स्पीड ब्रेकर बना दिया जाए तो क्षेत्र के लोगों की समस्या हल हो जाएगी। किसान, आम आदमी ,महिला, पुरुष, बच्चे एवं बूढ़े सभी के लिए यहां स्पीड ब्रेकर का होना अति आवश्यक है।
 --मुंशीराम, मिस्त्री
 फोटो कैप्शन 07:संगम कालोनी चौराहे को दिखाते ग्रामीण
साथ में हमीर, कंवर सिंह, मुंशी राम, सत्यराज साहब



कनीना नगर पालिका चुनाव-2025
-द्वितीय रेंडमाइजेशन से पोलिंग पार्टियों की ड्यूटी तय
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कनीना की आवाज।
आगामी 2 मार्च को अटेली तथा कनीना नगर पालिका में होने वाले चुनाव के लिए आज सामान्य पर्यवेक्षक योगेश कुमार की अध्यक्षता में एनआईसी द्वारा तैयार इडीएमएस आनलाइन साफ्टवेयर के जरिए पोलिंग पार्टियों की ड्यूटी तय करने के लिए सेकंड रेंडमाइजेशन की गई।
अटेली नगर पालिका में 12 वार्ड हैं तथा कनीना नगर पालिका में कुल 14 वार्ड हैं। आज रेंडमाइजेशन के जरिए पोलिंग स्टाफ को संबंधित नगर पालिका में ड्यूटी तय की गई। अब 1 मार्च को पोलिंग पार्टियों को रवाना करते समय इन्हें संबंधित बूथ की जानकारी दी जाएगी।
इस मौके पर कनीना के आरओ जितेंद्र सिंह, अटेली के आरओ रमित यादव, डीआईओ प्रशांत कुमार तथा सिस्टम एनालिस्ट राजकुमार के अलावा अन्य अधिकारी भी मौजूद थे।

गरीबों के सेब, सेब को भी दे रहे हैं मात
-महाशिवरात्रि पर बेर की मांग बढ़ी
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कनीना की आवाज।
कनीना क्षेत्र में भारी मात्रा बेरों की आवक हो रही है। यूं तो ये बेर गरीबों के सेब कहलाते आये हैं क्योंकि ये गरीबों के लिए आसानी से उपलब्ध हो जाते रहे हैं। जो सेब नहीं खा सकते वे बेर खा सकते हैं। इस बार बेर के भाव 50 से 60 रुपये किलो बिक रहे हैं। जबकि सेब 100 रुपये किलो मिल जाते हैं। यही कारण है इस बार गरीबों के सेब गरीबों की पहुंच में हैं।
 कनीना क्षेत्र में सुरेश कुमार उन्हाणी सहित अनेक स्थानों पर बेरी की खेती की हुई है तथा उससे पैदावार ली हुई है।  
बेर उगाने वाले उन्हाणी के सुरेश कुमारसे बात हुई उन्होंने कहा कि उनके बेर अमेरिका, रूस एवं दुबई तक जाते हैं। गोला एवं थाइलैंड के बेर के 400 पौधे उगा रखे हैं जो दस वर्षों पहले लगाये थे तथा चार साल बाद बेर देने लगे गये हैं। करीब एक लाख रुपये प्रतिवर्ष आय होती है किंतु सरकार कोई मदद नहीं कर रही है।
 महाशिवरात्रि के दृष्टिगत बाजार में बेर, गाजर आदि की आवक बढ़ गई है जिनकी विशेष मांग होती है। रेवाड़ी, महेंद्रगढ़, चरखी दादरी तक यहां के बेर जा रहे हैं।
फोटो कैप्शन 04:बेर की पैदावार लेते उन्हाणी के सुरेश कुमार।


जिला उपायुक्त ने किया प्रकृति सेवा,मेरा घर पक्षियों का घोंसला का विमोचन
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कनीना की आवाज।
जिला उपयुक्त डा. विवेक भारती ने मिनी सचिवालय नारनौल से आइसीटीएम फाउंडेशन मोड़ी के द्वारा चलाई जाने वाली मुहिम प्रकृति सेवा, मेरा घर पक्षियों का घोंसला का विमोचन किया। ओर इस कार्य के लिए संस्था की प्रशंसा की। उपयुक्त डा. विवेक भारती ने बताया कि यह एक बहुत ही अच्छी मुहिम है जो पक्षियों के लिए चलाई जा रही है इस मुहिम में जिले के ज्यादा से ज्यादा लोगों को भाग लेना चाहिए और अपने क्षेत्र गांव, सार्वजनिक जगहों, घरों में घोसलों को लगाना चाहिए जिससे गोरिया को बचाया जा सके। गर्मी का मौसम आने वाला है इसके लिए उपायुक्त ने कहा कि पक्षियों के लिए चुग्गा और पानी की व्यवस्था भी साथ में करें। आए हुए संस्था के सदस्यों बताया कि इस मुहिम को पूरे जिले भर में चलाएंगे और ज्यादा से ज्यादा घोंसले लगवाने की कोशिश करेंगे। साथ में बताया कि जहां सामाजिक कार्यकर्ता, संस्था, या अन्य जिनको घोंसलों के आवश्यकता है उन तक पहुंचाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि संस्था पहले से ही पर्यावरण, शिक्षा, स्वस्थ और बुजुर्ग बेसहारों के लिए काम कर रही है। जो एक सराहनीय कार्य है।
फोटो कैप्शन 05: घोषला घर का शुभारंभ करते जिला उपायुक्त


कनीना के जयनारायण को किया याद
-जाने जाते हैं ग्रामीण कवि के रूप में
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कनीना की आवाज।
कनीना के ठेठ ग्रामीण कवि एवं गोपालक के रूप में जयनारायण को जाना जाता है। आज से 35 वर्ष पहले उनका निधन हो गया था। ये विचार समाजसेवी एवं कवि जयनारायण के बड़े लड़के कृष्ण कुमार ने कनीना में उनकी 35वीं पुण्यतिथि पर पुष्प अर्पित करते हुए व्यक्त किये। उनकी पुण्यतिथि कनीना के वार्ड एक में मनाई।
  कृष्ण कुमार ने उनके बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि जयनारायण के पिता का नाम शंकर था। वे बचपन में पंजाब के अबोहर में पले एवं बड़े हुए थे। कनीना में आने के बाद वे रांझा पाली के रूप में जाने गए। वैसे तो उन्हें डेयरीवाला नाम से जाना जाता है और आज भी उनके नाम पर एक स्टोर चल रहा है जिसे पूरा कस्बा ही नहीं अपितु आस पास के लोग जैनिया का स्टोर नाम से जानते हैं। वे लाठी चलाने में जितने माहिर थे उनसे कहीं अधिक अलगोजा बनाने में मशहूर थे। उनके बड़े भाई अर्जुन तो दूर दराज तक लाठी के जानकार के रूप में विख्यात हुए हैं किंतु अल्पायु में ही उनका निधन हो गया था।
  जैनारायण की बांसुरी, अलगोजा, पटा आदि को देखने के लिए दूर दरज के लोग आते थे। उनकी कविताई की क्षमता एवं गायकी की क्षमता अनोखी थी। कम लिखे पढ़े होने के बावजूद भी वे प्रकृति, गाय, भैंस एवं जीव जंतुओं पर बेहतर कविताएं बना लेते थे। उनके कई उदात गुणों के चलते उन्हें आज भी जाना जाता है। अंतत उनकी मृत्यु 24 फरवरी 1989 को कनीना में हुई। उनकी कविताओं की पुस्तक भी प्रकाशित करवाई जा चुकी है। उस पुस्तक को पढ़कर उनकी कविता करने के अंदाज का सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है।
 इस मौके पर भरपूर सिंह, आशा, करतार सिंह आदि ने कहा कि जयनारायण गाये एवं भैंसें पालते थे था उनको दूर बणियों में चराने के लिए ले जाते थे। जंगल में मंगल के रूप में वो अपनी दिनचर्या कविताई एवं गायकी में बिताते थे। लाठी चलाने तथा अलगोजा बजाने में माहिर थे। उनको सदा याद किया जाता रहेगा। गरीबी में भी जीकर दूसरों के लिए प्रेरणा का काम कर गये। 24 फरवरी 1989 को उनका निधन हो गया था।
फोटो कैप्शन 06: जयनारायण कवि को याद करते हुए लोग। जागरण





फोटो भी कुछ बोलती है
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कनीना की आवाज।
चुनाव प्रचार के तरीके भी कनीना नगरपालिका चुनावों में अलग अलग देखे जा सकते हैं। लोग नालियों में चुनाव के बैनर लगा रहे हैं तो कुछ चुनाव प्रचार के लिए नायाब तरीका अपना रहे हैं। देखे फोटो कैप्शन 03 में एक चुनाव लडऩे वाले ने एक तीर से दो शिकार किये हैं।

40 सालों होती थी जमकर चन एवं जौ की खेती
-शून्य एकड़ पर पहुंचा जौ एवं चना
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कनीना की आवाज। किसान जौ एवं चने की खेती करना भूलते जा रहे हैं। गर्मियों के मौसम में जौ की रोटी, राबड़ी तथा शत्तू आदि बनाकर प्राकृतिक ठंडक प्राप्त करते हैं। अब न तो जौ की खेती होती और न राबड़ी एवं धानी। इसी प्रकार भूने हुये, टाट, छोल्ला, होला, चटनी, कुट्टी का जायका खत्म हो चुका है।  
  1986-87 तक कनीना क्षेत्र की करीब 33 हजार हेक्टेयर भूमि होती थी जिस पर हजारों एकड़ में जौ की खेती तो हजारों हेक्टेयर पर चने की खेती की जाती थी। वैसे तो जौ न केवल पूजा आदि बल्कि हवन आदि में भी काम आता है। जब नवरात्रे चलते हैं तो जौ की विशेष मांग होती है। गेहूं-चना एवं जौ -चने की मिश्रित खेती की जाती थी। 1982 में  फव्वारा आया जिसके चलते चने की खेती घटती जा रही है और वर्तमान में तो चना अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहा है। कनीना उपमंडल के सभी गांवों में कोई चना नहीं उगाया गया है। लोग अपने प्लाट पर चने को जरूर उगा देते हैं। यही कारण है कि अब तो कनीना में हरे चने के पौधे भी बिकने लगे हैं।
जौ---
जौ को गंगा में डालने, पूजा अर्चना,हवन आदि में काम आता है वहीं पैदावार 40 मण प्रति हेक्टेयर तथा भाव करीब 2000 रुपये क्विंटल तक होता है। होली के पर्व पर जहां जौ को भूनकर पूरा परिवार चखता है और तत्पश्चात ही लावणी की शुरुआत होती आ रही है। एक जमाना था जब हर घर में जौ की खेती की जाती थी जिसे पूरी गर्मी आनंद से रोटी एवं अन्य रूपों में प्रयोग किया जाता था।  जौ की रोटी खाने के लिए या फिर धानी बनवाने के लिए दूसरे क्षेत्रों से जौ खरीदकर लाते हैं। जौ की किसी भी गांव में खेती नहीं की गई है।
  जौ की रोटी प्रचलन था जो सेहत के लिए अति लाभकारी मानी जाती थी। राबड़ी चाव से खाते हैं वहीं जौ का प्रयोग बीयर आदि बनाने में लेते हैं। शरीर में ठंडक के लिए राबड़ी को गर्मियों में खाते हैं किंतु अब राबड़ी की बजाय चाय पर आ पहुंचा है।
 चना-
तीन दशक पूर्व कनीना क्षेत्र में चने की पैदावार सर्वाधिक होती थी जो अब शून्य हेक्टेयर पर चला गया है। किसी एक या दो क्यारी में किसान चना उगाते हैं। दालों भावों में तेजी आ रही है। विगत 2014 में महज तीस हेक्टेयर में चना उगाया था। वर्ष 2015 में 52 हेक्टेयर पर चने की बीजाई की गई थी। 2015 से 2018 तक भी चने की महज 70 से 80 हेक्टेयर बिजाई की गई थी जो 2020 तक 10 हेक्टेयर से कम सिमट कर रह गया है। 2022 में शून्य पर चला गया है। वर्ष 2023 में 8 एकड़ पर उगाया गया जो अब शून्य पर पहुंच गया है।
 कभी विवाह शादी में अवश्य लड्डू बनाए जाते थे किंतु अब जब किसी के शादी होती है तो लड्डू के लिए चने दूर दराज से लाने पड़ते हैं। पूर्व शिक्षा अधिकारी रामानंद यादव आज भी चना उगाते हैं। वर्तमान में कुओं द्वारा सिंचाई की जाती है जो चने के लिए प्रतिकूल है। चना बहुत कम पानी में ही पैदावार देता है।
 बुजुर्ग राम सिंह, दुलीचंद, धनपती का कहना है कि कभी इस क्षेत्र में चने की खेती की जाती थी तो चने की सब्जी, चने की रोटी, मेसी रोटी, हरे चने की चटनी, खाटा का साग, कढ़ी, परांठे व कई अन्य सब्जियों में डालकर जायका लिया जाता था। जब तक चना सूख न जाता था तब तक चने को खाते रहते थे। यद्यपि चने का भाव बेहतर है किंतु पैदावार नहीं होती है किंतु जौ अब भी पैदावार अच्छी दे सकता है किंतु किसानों को लाभ नजर नहीं आता है। अब तो जौ चने का स्थान सरसों एवं गेहूं ने ले लिया है। यदि चने की पैदावार घटती गई तो मेसी रोटी, लड्डू संकट में पड़ जाएंगे।
क्या कहते हैं कृषि अधिकारी-
****वर्तमान में छोटे-छोटे खेत हो गए जिनमें जरूरत रूपी फसलें उगाई जाती है। वैसे भी बाजार में रेट कम होने के कारण लोग गेहूं एवं सरसों को उगाते हैं और गाय, भैंस आदि पालने वाले किसान भी गेहूं पशुओं के चारे के रूप में प्रयोग में लेते हैं। यही हालात चने की है। परंतु चने की पैदावार में सबसे बड़ी मुसीबत भूमिगत जमीन के खारे पानी की है। लगता है जल मीठा है किंतु वह दाल देने वाली फसलों के लिए अच्छा नहीं है। वर्षा का पानी मिलता नहीं। कभी वर्षा पर आधारित चने की खेती होती थी किंतु अब धीरे-धीरे पैदावार घट गई है। आम आदमी की जरूरत में कम काम आता है, इसलिए भी किसान पैदावार के रूप में चने की बजाय गेहूं सरसों लेते हैं।
--डा. देवराज, पूर्व कृषि अधिकारी
फोटो कैप्शन 02: छोटे से खेत में उगाई गये चने। साथ में डा. देवराज






महाशिवरात्रि का भंडारा मंगलवार को
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कनीना की आवाज।
 कनीना के कान्ह सिंह धर्मशाला के पास स्थित शिवालय में मंगलवार को शिवरात्रि का भंडार आयोजित होगा। विस्तृत जानकारी देते हुए समाजसेवी धर्मवीर उर्फ बिल्लू ने बताया कि वैसे तो महाशिवरात्रि 26 फरवरी को है क्योंकि महाशिवरात्रि के दिन बहुत से भक्त भोजन ग्रहण नहीं करते इसलिए भंडारा 25 फरवरी मंगलवार को आयोजित किया गया है। जिसमें दूर दराज से भक्तों में प्रसाद ग्रहण करने पहुंचते हैं। वर्षों से यह भंडारा लगता आ रहा है।



आयोजित हुआ भंडारा
- करीब डेढ़ सौ साधु पहुंचे भंडारे में
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कनीना की आवाज।
 कनीना के सिरसवाला जोहड़ स्थित संत राधे दास आश्रम पर राधेदास संत की छठी पुण्यतिथि पर भंडारा आयोजित किया गया। जिसमें दूर दराज से आकर भक्तों ने आकर प्रसाद ग्रहण किया वहीं डेढ़ सौ के करीब साधु संत भी पहुंचे। उन्हें भोजन कराकर वस्त्र व ढाई सौ रुपए प्रत्येक को दान दक्षिणा देकर विदा किया। मिली जानकारी अनुसार सुबह से भंडारा शुरू हो गया था, दिन भर चलता रहा। भारी संख्या में भंडारे में दूध दराज भक्तजन पहुंचे। भक्तों ने भंडारी का प्रसाद ग्रहण किया। वहीं साधु संतों का जमावड़ा रहा। भारी संख्या में साधु संत पहुंचे उन्हें भी भोजन कराकर विदा किया गया। विस्तृत जानकारी देते हैं मोहन पार्षद और राजकुमार कनीनवाल ने बताया कि हर वर्ष संत राधेदास की पुण्यतिथि पर इस प्रकार का भंडारा आयोजित होता है। संत रामेश्वर दास का भी यही आश्रम है। यहीं पर राधे दास संत ने तप किया था।
  बाबा राधे दास का जन्म 1 जनवरी 1946 को हुआ था। शुरू से ही यह धार्मिक प्रवृत्ति के रहे हैं। पढ़ाई करने के बाद सरकारी शिक्षक लगे। कुछ दिन बाद उन्होंने अपनी सर्विस छोड़कर सन्यास ले लिया था। उसी दिन से इन्होंने अन्न बिल्कुल त्याग दिया था। फल फ्रूट खाकर ही भक्ति कर रहे थे ।इन्होंने अलवर के सरिस्का में भी तपस्या की और उनकी यह छठी पुण्यतिथि है। रात को जागरण हुआ सुबह हवन हुआ।
 फोटो कैप्शन 01: भंडारे का प्रसाद ग्रहण करते साधु संत





कनीना नगरपालिका चुनाव-2025
72 साल बाद ऐसा अजब नजारा मिल रहा है देखने को
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कनीना की आवाज। 
कनीना नगर पालिका को बने करीब 72 साल बीत गए हैं और पहली बार इस प्रकार का चुनाव नजारा लोगों के सामने नजर आ रहा है। जहां विगत योजना में किसी पर किसी भी प्रत्याशी ने कोई कार्यालय स्थापित नहीं किया था जबकि इस बार 57 चुनाव कार्यालय पार्षदों एवं प्रधान पद के दावेदारों ने खोल दिए हैं। अधिकांश कार्यालय रेवाड़ी-महेंद्रगढ़ सड़क मार्ग ,कनीना बस स्टैंड पर बनाए हैं। अनाज मंडी, ककराला सड़क मार्ग अटेली रोड़ पर भी कार्यालय स्थापित कर दिए हैं। इतना अधिक माइकों का शो पहली बार सुना रहा है जो सुबह से शाम तक गूंजता रहता है।  प्रत्येक पार्षद और प्रधान पद के दावेदारों की दो से पांच गाडिय़ां जिनपर लाउडस्पीकर लगे होते हैं और पूरी गलियों में सुबह से शाम चक्कर लगाते रहते हैं।
बुजुर्ग कमला, सुनीता, रेवती, राजेंद्र कुमार, सूबे सिंह, कृष्ण कुमार, भरपूर सिंह आदि ने बताया कि उनके लंबे जीवन में पहली बार इतना कठिन मुकाबला देखने को मिल रहा है। कनीना में जहां प्रत्याशियों की चुनावी घोषणाओं की भरमार है। सबसे पहले प्रधान पद की दावेदार एक नेत्री ने  चुनावी घोषणा में कहा कि जीत के बाद कनीना कस्बेवासियों पर हेलीकाप्टर से पुष्प वर्षा की जाएगी तत्पश्चात तो चुनाव लडऩे वाले नये नये घोषणाओं को ढूंढने लगे हैं।  एक के बाद एक घोषणा होने लग गई है। आज के दिन सभी प्रत्याशियों ने घोषणा पत्र जारी कर दिया हैं और पार्षदों ने अलग से घोषणापत्र जारी किये हैं। जो आज तक दुकानदारों के विरोधी थे उनकी दुकानें तोडऩे पर आमादा थे वे दुकानदारों के पक्ष में बोलने लग गए हैं।
 जहां कनीना नगर पालिका में पार्षद के लिए डाक्टर, पत्रकार, पूर्व पार्षद, पूर्व प्रधान,वकील,  शिक्षक भी चुनाव लड़ रहे हैं। पहली बार देखने में मिला है कि उच्च योग्यता प्राप्त भी शिक्षक चुनाव लड़ रहे हैं जहां एक प्रधान प्रत्याशी महिला 60 वर्ष से अधिक उम्र को तो एक पार्षद प्रत्याशी भी 60 वर्ष से अधिक की चुनाव मैदान में है। कनीना के लोगों की नजरें अब सभी टिक गई है।
 जहां विभिन्न प्रिंटिंग प्रेस वाले सुबह शाम और पूरी रात दनादन अपनी मशीन चला रहे हैं और बैनर, पोस्टर छापने में व्यस्त हैं।  विभिन्न प्रत्याशियों ने जहां भी जगह मिलती है  बैनर पोस्टर लगाने शुरू कर दिए, अगर यही हाल रहा तो भविष्य में पशुओं की पीठ पर भी बैनर, पोस्टर लग जाएंगे। किसी भी पोल पर 5 से 10 पोस्टर और बैनर लगे हुए हैं, नालियों में भी पोस्टर लगा दिए हैं घर की दीवारें ऐसी सजा दी है जैसे दीपावली पर सजाया जाता है। जहां इतना कठिन पार्षदों के बीच मुकाबला पहली बार देखने को मिल रहा है। विभिन्न कार्यालयों में सुबह से शाम लोग बैठे दिखाई देते हैं। जहां चाय पानी का प्रबंध किया गया है। वही लोग सुबह से शाम तक कहीं भी दिखाई दे बस चुनावी चर्चा में खो जाते हैं। चाय की दुकान या कोई किराना स्टोर हो या कोई सरकारी कार्यालय सभी जगह चुनावी चर्चा चैल रही है। यहां तक की किसान, सामान्य व्यक्ति, मजदूर या बाहर से आए हुए लोग भी अब तो इन चुनाव चर्चाओं में भाग लेने लगे हैं। कहीं भी देखे हुक्कों की बुड़बुड़ाहट पर चुनावी चर्चा मिलती है। फूलमालाओं, चाय , समोसे आदि की मांग बढ़ गई है वहीं पगड़ी की कोई मांग नहीं है। फलों से तोलने की कार्रवाई शुरू हो गई है वहीं लोग गली मोहल्ले में घूमते दिनभर चुनावी चर्चाओं में लगे रहते। इस बार इतना होते हुए भी आपस में कोई बैरभाव नजर नहीं आया। किसी भी पार्टी से कोई चुनाव नहीं लड़ रहा सभी निर्दलीय हैं, साथ में इन चुनावों में सबसे बड़ी विशेषता देखने को मिली कि जो बर्फ बेचने वाले लोगों की अच्छी कमाई हो रही है। उनकी सभी ई-रिक्शा बड़े-बड़े, वाहनों पर पोस्टर, बैनर से सजाकर, माइक लगाकर सजाकर गलियों में घुमाये जा रहे हैं। लोगों का कहना है कि शायद एमएलए और एमपी के चुनाव में भी इस कदर मारामारी कभी नहीं देखने को मिली। कहीं भी देखे गलियों में बस पोस्टरों की भरमार है। इधर-उधर उड़ते पोस्टर नजर आते हैं। बाहरी खर्च कर करके रंगीन पोस्टर छपवाये जा रहे हैं। बड़े-बड़े कार्यालय खोलकर उन में भीड़ इकट्ठा करके भीड़ का प्रदर्शन किया जा रहा है लेकिन घर में जहां एक-एकप्रत्याशी 10-10 बार वोट मांगने के लिए आ चुका है और अभी तो 2 मार्च को मतदान होगा तब तक न जाने कितनी बार वोट मांगने के लिए आ चुके होंगे। ऐसे में हर जगह चर्चा का विषय है कि नगरपालिका के चुनाव है या कुछ और?



















Sunday, February 23, 2025


 




मिलिये वार्ड 7 के पार्षद प्रत्याशी राजेश देवी से
-जीत के बाद चमकाएंगी वार्ड को
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कनीना की आवाज।
कनीना में वार्ड 7 पर नजरें टिकी हुई हैं। यहां 3 प्रत्याशी मैदान में हैं।  चूंकि इस वार्ड से एक नया चेहरा राजेश देवी  मैदान मैं हैं। जीत के प्रति आश्वस्त हैं। कस्बा की विभिन्न हस्तियों ने जी जान एक करके राजेश देवी का पक्ष ले रखा है। आइये मिलते हैं राजेश देवी से जो जीत के बाद वार्ड में क्या कुछ नया कर लोगों का मन जीतना चाहती हैं। राजेश देवी पत्नी मुकेश नंबरदार वार्ड नंबर 7
अगर चुनाव जीतती हैं तो वार्ड में किसी भी गली को कच्ची नहीं रहने देंगी व सीवर जल की उचित व्यवस्था के लिए काम करेंगी। मार्केट कमेटी कनीना का एक प्लाट चार कैनाल का वार्ड नंबर 6 में  पड़ा है, सरकार से बात करके हैं इसकी साफ सफाई करवा कर उसमें पार्क डेवलप करने की कोशिश करेंगी। साफ सफाई का समुचित समाधान  करना हमारी प्राथमिकता होगी। आज चुनाव कार्यालय खोलकर विधिवत रूप से चुनाव की शुरुआत कर दी। लोगों की इच्छा है कि इनको एक बार मौका दिया जाए।
फोटो कैप्शन : राजेश देवी





कनीना मंडी से आढ़त की दुकान से हजारों रुपये की चोरी
-अज्ञात चोर मोटरसाइकिल एवं नकदी ले उड़ा
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कनीना की आवाज।
 कनीना अनाज मंडी के सुभाष चंद्र वार्ड नंबर 7 की आढ़त की दुकान का ताला तोड़कर एक मोटरसाइकिल दो लैपटाप तथा 2000 रुपये की नकदी अज्ञात चोर ले उड़ा। कनीना पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है।
   सुभाष चंद्र वार्ड नंबर 7 ने पुलिस में दी शिकायत में कहा है कि उन्होंने अपनी आढ़त की दुकान पुरानी अनाज मंडी में बनारसी दास सुभाष चंद्र फर्म नाम से कर रखी है। 22 फरवरी को दुकान बंद करके सोए थे। 23 फरवरी को सुबह करीब 6 बजे दुकान की छत पर बने मकान से उठकर नीचे आया आने पर देखा की दुकान का ताला टूटा हुआ है, ताला दुकान के बाहर पड़ा हुआ है। अंदर जाकर देखा तो दो अलमारियों का ताला टूटा पाया गया। अज्ञात चोर दुकान में खड़ी एक मोटरसाइकिल, उसके कागजात, दो लैपटाप एक एचपी तथा दूसरा अन्य कंपनी का तथा करीब 2000 रुपये की नकदी ले उड़ा। अज्ञात चोर मोबाइल का सामान भी ले गया। कनीना पुलिस ने उनके बयान पर अज्ञात चोरों के विरुद्ध मामला दर्ज कर लिया है।





कनीना नगरपालिका चुनाव-2025
72 साल बाद ऐसा अजब नजारा मिल रहा है देखने को
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कनीना की आवाज।
 कनीना नगर पालिका को बने करीब 72 साल बीत गए हैं और पहली बार इस प्रकार का चुनाव नजारा लोगों के सामने नजर आ रहा है। जहां विगत योजना में किसी पर किसी भी प्रत्याशी ने कोई कार्यालय स्थापित नहीं किया था जबकि इस बार 57 चुनाव कार्यालय पार्षदों एवं प्रधान पद के दावेदारों ने खोल दिए हैं। अधिकांश कार्यालय रेवाड़ी-महेंद्रगढ़ सड़क मार्ग ,कनीना बस स्टैंड पर बनाए हैं। अनाज मंडी, ककराला सड़क मार्ग अटेली रोड़ पर भी कार्यालय स्थापित कर दिए हैं। इतना अधिक माइकों का शो पहली बार सुना रहा है जो सुबह से शाम तक गूंजता रहता है।  प्रत्येक पार्षद और प्रधान पद के दावेदारों की दो से पांच गाडिय़ां जिनपर लाउडस्पीकर लगे होते हैं और पूरी गलियों में सुबह से शाम चक्कर लगाते रहते हैं।
बुजुर्ग कमला, सुनीता, रेवती, राजेंद्र कुमार, सूबे सिंह, कृष्ण कुमार, भरपूर सिंह आदि ने बताया कि उनके लंबे जीवन में पहली बार इतना कठिन मुकाबला देखने को मिल रहा है। कनीना में जहां प्रत्याशियों की चुनावी घोषणाओं की भरमार है। सबसे पहले प्रधान पद की दावेदार एक नेत्री ने  चुनावी घोषणा में कहा कि जीत के बाद कनीना कस्बेवासियों पर हेलीकाप्टर से पुष्प वर्षा की जाएगी तत्पश्चात तो चुनाव लडऩे वाले नये नये घोषणाओं को ढूंढने लगे हैं।  एक के बाद एक घोषणा होने लग गई है। आज के दिन सभी प्रत्याशियों ने घोषणा पत्र जारी कर दिया हैं और पार्षदों ने अलग से घोषणापत्र जारी किये हैं। जो आज तक दुकानदारों के विरोधी थे उनकी दुकानें तोडऩे पर आमादा थे वे दुकानदारों के पक्ष में बोलने लग गए हैं।
 जहां कनीना नगर पालिका में पार्षद के लिए डाक्टर, पत्रकार, पूर्व पार्षद, पूर्व प्रधान,वकील,  शिक्षक भी चुनाव लड़ रहे हैं। पहली बार देखने में मिला है कि उच्च योग्यता प्राप्त भी शिक्षक चुनाव लड़ रहे हैं जहां एक प्रधान प्रत्याशी महिला 60 वर्ष से अधिक उम्र को तो एक पार्षद प्रत्याशी भी 60 वर्ष से अधिक की चुनाव मैदान में है। कनीना के लोगों की नजरें अब सभी टिक गई है।
 जहां विभिन्न प्रिंटिंग प्रेस वाले सुबह शाम और पूरी रात दनादन अपनी मशीन चला रहे हैं और बैनर, पोस्टर छापने में व्यस्त हैं।  विभिन्न प्रत्याशियों ने जहां भी जगह मिलती है  बैनर पोस्टर लगाने शुरू कर दिए, अगर यही हाल रहा तो भविष्य में पशुओं की पीठ पर भी बैनर, पोस्टर लग जाएंगे। किसी भी पोल पर 5 से 10 पोस्टर और बैनर लगे हुए हैं, नालियों में भी पोस्टर लगा दिए हैं घर की दीवारें ऐसी सजा दी है जैसे दीपावली पर सजाया जाता है। जहां इतना कठिन पार्षदों के बीच मुकाबला पहली बार देखने को मिल रहा है। विभिन्न कार्यालयों में सुबह से शाम लोग बैठे दिखाई देते हैं। जहां चाय पानी का प्रबंध किया गया है। वही लोग सुबह से शाम तक कहीं भी दिखाई दे बस चुनावी चर्चा में खो जाते हैं। चाय की दुकान या कोई किराना स्टोर हो या कोई सरकारी कार्यालय सभी जगह चुनावी चर्चा चैल रही है। यहां तक की किसान, सामान्य व्यक्ति, मजदूर या बाहर से आए हुए लोग भी अब तो इन चुनाव चर्चाओं में भाग लेने लगे हैं। कहीं भी देखे हुक्कों की बुड़बुड़ाहट पर चुनावी चर्चा मिलती है। फूलमालाओं, चाय , समोसे आदि की मांग बढ़ गई है वहीं पगड़ी की कोई मांग नहीं है। फलों से तोलने की कार्रवाई शुरू हो गई है वहीं लोग गली मोहल्ले में घूमते दिनभर चुनावी चर्चाओं में लगे रहते। इस बार इतना होते हुए भी आपस में कोई बैरभाव नजर नहीं आया। किसी भी पार्टी से कोई चुनाव नहीं लड़ रहा सभी निर्दलीय हैं, साथ में इन चुनावों में सबसे बड़ी विशेषता देखने को मिली कि जो बर्फ बेचने वाले लोगों की अच्छी कमाई हो रही है। उनकी सभी ई-रिक्शा बड़े-बड़े, वाहनों पर पोस्टर, बैनर से सजाकर, माइक लगाकर सजाकर गलियों में घुमाये जा रहे हैं। लोगों का कहना है कि शायद एमएलए और एमपी के चुनाव में भी इस कदर मारामारी कभी नहीं देखने को मिली। कहीं भी देखे गलियों में बस पोस्टरों की भरमार है। इधर-उधर उड़ते पोस्टर नजर आते हैं। बाहरी खर्च कर करके रंगीन पोस्टर छपवाये जा रहे हैं। बड़े-बड़े कार्यालय खोलकर उन में भीड़ इकट्ठा करके भीड़ का प्रदर्शन किया जा रहा है लेकिन घर में जहां एक-एकप्रत्याशी 10-10 बार वोट मांगने के लिए आ चुका है और अभी तो 2 मार्च को मतदान होगा तब तक न जाने कितनी बार वोट मांगने के लिए आ चुके होंगे। ऐसे में हर जगह चर्चा का विषय है कि नगरपालिका के चुनाव है या कुछ और?





पुण्यतिथि पर
ग्रामीण कवि के रूप में जाने जाते हैं जयनारायण
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कनीना की आवाज।
 कनीना के ठेठ ग्रामीण कवि एवं गोपालक के रूप में जयनारायण को जाना जाता है। आज से 35 वर्ष पहले उनका निधन हो गया था। ये विचार समाजसेवी एवं कवि जयनारायण के बड़े लड़के कृष्ण कुमार ने कनीना में उनकी 35वीं पुण्यतिथि पर पुष्प अर्पित करते हुए व्यक्त किये। उनकी पुण्यतिथि कनीना के वार्ड एक में मनाई।
  कृष्ण कुमार ने उनके बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि जयनारायण के पिता का नाम शंकर था। वे बचपन में पंजाब के अबोहर में पले एवं बड़े हुए थे। कनीना में आने के बाद वे रांझा पाली के रूप में जाने गए। वैसे तो उन्हें डेयरीवाला नाम से जाना जाता है और आज भी उनके नाम पर एक स्टोर चल रहा है जिसे पूरा कस्बा ही नहीं अपितु आस पास के लोग जैनिया का स्टोर नाम से जानते हैं। वे लाठी चलाने में जितने माहिर थे उनसे कहीं अधिक अलगोजा बनाने में मशहूर थे। उनके बड़े भाई अर्जुन तो दूर दराज तक लाठी के जानकार के रूप में विख्यात हुए हैं किंतु अल्पायु में ही उनका निधन हो गया था।
  जैनारायण की बांसुरी, अलगोजा, पटा आदि को देखने के लिए दूर दरज के लोग आते थे। उनकी कविताई की क्षमता एवं गायकी की क्षमता अनोखी थी। कम लिखे पढ़े होने के बावजूद भी वे प्रकृति, गाय, भैंस एवं जीव जंतुओं पर बेहतर कविताएं बना लेते थे। उनके कई उदात गुणों के चलते उन्हें आज भी जाना जाता है। अंतत उनकी मृत्यु 24 फरवरी 1989 को कनीना में हुई। उनकी कविताओं की पुस्तक उनके पुत्र डा. होशियार सिंह यादव द्वारा प्रकाशित करवाई जा चुकी है। उस पुस्तक को पढ़कर उनकी कविता करने के अंदाज का सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है।  इस मौके पर महेश बोहरा एवं सुमेर सिंह चेयरमैन ने कहा कि जयनारायण गाये एवं भैंसें पालते थे था उनको दूर बणियों में चराने के लिए ले जाते थे। जंगल में मंगल के रूप में वो अपनी दिनचर्या कविताई एवं गायकी में बिताते थे। लाठी चलाने तथा अलगोजा बजाने में माहिर थे। उनको सदा याद किया जाता रहेगा। गरीबी में भी जीकर दूसरों के लिए प्रेरणा का काम कर गये। 24 फरवरी को उनका निधन हो गया था।
फोटो कैप्शन: जयनारायण।




बाबा राधेदास की पुण्यतिथि 24 फरवरी को -लगेगा भंडारा, होगा रात्रि जागरण
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कनीना की आवाज।
 कनीना के सीरिशवाला जोहड़ पर संत राधे दास की पुण्यतिथि 24 फरवरी, फागुन कृष्ण एकादशी, सोमवार को मनाई जाएगी। इस मौके पर भंडारा आयोजित किया जाएगा वही रात को झगड़ु एवं पार्टी द्वारा जागरण का आयोजन किया जाएगा। विस्तृत जानकारी देते हुए समाजसेवी राजकुमार कनीनवाल ने बताया कि राधे दास की पुण्यतिथि विगत वर्ष भी मनाई गई थी।



अनाज मंडी कनीना में धूमधाम से आयोजित हुआ 11वां श्याम बाबा का विशाल जागरण
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कनीना की आवाज।
श्री श्याम मित्र मंडल अनाज मंडी कनीना के तत्वाधान में 11वां विशाल जागरण रामलीला ग्राउंड अनाज मंडी कनीना में आयोजित किया गया। जिसने भजन सम्राट नरेश नरसी के साथ सा रे गा मा पा कार्यक्रम के कलाकार रितिक गुप्ता , अंजलि आर्या व मोनू शर्मा चरखी दादरी ने भजनों के माध्यम से पूरी रात हजारों की संख्या में आए भक्तों को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम का गणेश वंदना के साथ आगाज व मंच का शानदार संचालन प्रवक्ता सचिन कुमार ने किया। श्रीश्याम मित्र मंडल के प्रधान अनिल गर्ग ने बताया कि कलियुग में श्याम बाबा की भक्ति का बहुत महत्व है व इसी कड़ी में मंडल के द्वारा 10वीं विशाल पदयात्रा 7 मार्च को श्याम मंदिर कनीना से हुडिय़ा जैतपुर धाम को जाएगी । उपरोक्मत कार्यक्रम में मुख्यअतिथि के रूप में एसडी ग्रुप के चेयरमैन जगदेव यादव ने शिरकत की व जीवन में आध्यात्म में महत्व को समझाया । अनाज मंडी कनीना में सम्पन्न हुए इस भव्य जागरण का शुभारंभ विशिष्ट अतिथि दिनेश यादव एमई नगरपालिका कनीना ने दीप प्रज्वलित करके किया । कार्यक्रम में व्यापार मंडल के प्रधान निरंजन मित्तल , उपप्रधान रवींद्र बंसल , दादा ठाकुर मंदिर कमेटी के प्रधान विनोद मित्तल , संजय गर्ग , सुभाष मित्तल , वेदप्रकाश जेलदार , विनोद कुमार भोजावासिया , हनुमान प्रसाद मित्तल , बलवान सिंह प्रधान , उपस्थित रहे।
फोटो कैप्शन 03: कार्यक्रम में विशेष कार्यकर्ताओं को पुरस्कृत करते हुए।  फोटो: जागरण कमेटी



बड़ा मुद्दा
 कनीना खास उपमंडल के रेलवे स्टेशन पर फास्ट ट्रेन
--जिले का एकमात्र अभागा रेलवे स्टेशन
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कनीना की आवाज।
कनीना उपमंडल मुख्यालय का कनीना खास ऐसा अभागा रेलवे स्टेशन होगा जहां केवल पैसेंजर ट्रेन रुकती है। कहने को तो उपमंडल स्तर का रेलवे स्टेशन है किंतु कोई फास्ट और सुपरफास्ट ट्रेन यहां नहीं रुकती है। राजनीति की मार झेलता हुआ यह रेलवे स्टेशन इसका अच्छा उदाहरण है जहां कभी फास्ट ट्रेन रुकती थी उनका भी रुकना बंद हो चला है।
एक वक्त था जब कनीना खास रेलवे लाइन मीटर गेज होती थी यहां पर फास्ट ट्रेन बीकानेर एवं जोधपुर ट्रेने भी रुकती थी किंतु जब से यह लाइन ब्राड गेज में बदली है तब से सभी ट्रेन रुकनी बंद हो गई। एकमात्र पैसेंजर ट्रेन ही यहां रुकती है। ऐसा कोई अधिकारी नहीं है जहां तक कनीना वासियों ने शिकायत नहीं की हो किंतु राजनीति की मार झेलता हुआ आज तक कनीना खास रेलवे स्टेशन नहीं उभर पाया है। कहने को तो भारी संख्या में कनीना में नेता, मंत्री, विधायक हुए हैं और कनीना राजनीति का गढ़ माना जाता है किंतु आज तक रेलवे स्टेशन की सुध नहीं ली है। आश्चर्यजनक तो है कि विगत नवरात्रों तक जहां एक फास्ट ट्रेन का 15 दिनों तक ठहराव होता था वो भी इस बार  के नवरात्रों में नहीं रुकी। यहां किसी प्रकार की सुविधा नहीं दी जा रही है। कनीना खास एकमात्र ऐसा रेलवे स्टेशन है जो रेवाड़ी और महेंद्रगढ़ जिलों की सीमा पर स्थित है। एक ओर कनीना के बाद रेवाड़ी जिले का जैनाबाद डहीना रेलवे स्टेशन है वहीं दूसरी ओर महेंद्रगढ़ रेलवे स्टेशन है। इस रेलवे स्टेशन ने कितने ही रूप देखे हैं। जहां बीकानेर के महाराज भी यहां आकर रुकते थे और जिनके कारण यहां से ट्रेन का मार्ग निकाला गया था। आज यह रेलवे स्टेशन अपनी बिछुडऩे की दास्तान सुना रहा है। वर्तमान में इस रेलवे स्टेशन विद्युतीकरण भी हो चुका है किंतु अफसोस कनीना को उसका हक नहीं मिला है। अब कनीना पालिका प्रधान के दावेदार इस रेलवे स्टेशन पर सभी ट्रेनों के रुकवाने के लिए प्रयास करने की बात कह रहे हैं वहीं चरखी दादरी से अलवर वायां कनीना रेलवे लाइन बिछाने की कार्रवाई करवाने की बात कह रहे हैं।
सबसे बड़ी विशेषता यह है कि 1935 में स्थापित किए रेलवे स्टेशन कनीना की विशाल अनाज मंडी के चलते स्थापित हुआ था। कनीना की विशाल अनाज मंडी है जिसे दूर दराज तक कनीना मंडी के नाम से ही जाना जाता है परंतु आज तक किसी मंत्री, विधायक, सांसद या अधिकारी की यह नजर नहीं पड़ी है कि कम से कम यहां  सभी ट्रेनों का ठहराव कर दिया जाए ताकि यहां के लोग दूर दराज तक जा सके।
 अहीरवाल का गढ़ और देश सेवा में इस क्षेत्र के हजारों सैनिक कार्यरत है उनके दृष्टिगत भी यहां कोई ट्रेन का ठहरा नहीं किया जाता। पैसेंजर ट्रेन के कारण ही कनीना का विकास नहीं हो पा रहा है। एक और जहां चरखी दादरी से अलवर वाया कनीना वही कोसली से कनीना रेल मार्ग जोड़े जाने की आस लगाए कनीनावासी बैठे हैं। इनकी सर्वे भी हो चुकी है। विगत समय में यह विषय चर्चा का विषय बना था।  यदि ये मार्ग जुड़ जाते हैं तो कनीना जंक्शन बन जाएगा और फिर से यहां ट्रेनों की सुविधा मिलने की उम्मीद बन जाएगी।
 कनीना खास रेलवे स्टेशन 1939 में निर्मित किया गया था किंतु यहां फास्ट एवं सुपरफास्ट ट्रेन नहीं रुकती, महज एक फास्ट तथा पैसेंजर ट्रेनों से ही गुजारा करना पड़ता है। कनीना से रेवाड़ी की ओर14 ट्रेन तथा रेवाड़ी से महेंद्रगढ़ भी 14 ट्रेन चलती हैं जिनमें से कनीना को महज 7 ट्रेन पैसेंजर नसीब होती हैं जबकि कनीना खास रेवाड़ी से 34 किमी तथा महेंद्रगढ़ से 17 किमी दूरी पर स्थित है। अगर कोई चरखी दादरी, रोहतक ,अटेली एवं नारनौल आदि की ओर जाना चाहे तो नहीं जा सकता क्योंकि यह ट्रेन केवल महेंद्रगढ़ और रेवाड़ी की और देर शाम तक ही चलती हैं। तत्पश्चात सुबह होने का इंतजार करना पड़ता है। क्या कहते हैं कनीनावासी
** कनीना के रेलयात्री रविंद्र बंसल, सुरेश कुमार, दिनेश कुमार, महेंद्र शर्मा, महेश कुमार आदि ने बताया कि ट्रेन की कोई बेहतर सुविधा नहीं है। बार-बार आंदोलन किए गए ज्ञापन भी उच्च अधिकारियों को भेजे लेकिन कनीना खास रेलवे स्टेशन जो अहीरवाल एवं सैनिकों को गढ़ है किंतु यहां कोई ट्रेन सुविधा उपलब्ध नहीं है। फास्ट और सुपरफास्ट ट्रेन यहां ठहराव किए बगैर आगे निकल जाती है। यदि यहां एक मिनट का ठहराव कर लिए दिया जाए तो न केवल रेलवे को लाभ मिलेगा अपितु सैनिकों और यात्रियों को भारी लाभ मिल सकता है। वैसे भी कनीना उपमंडल हैं जहां से ट्रेन उपलब्ध होनी चाहिए, हर फास्ट ट्रेन रुकनी चाहिए ताकि लोगों को लाभ मिल सके।
---रविंद्र बंसल,कनीनामंडी
कनीनावासी बार-बार मांग कर रहे हैं कि अलवर से चरखी दादरी वाया कनीना जो रेल मार्ग प्रस्तावित है उसे अभिलंब बनाया जाए यही नहीं कोसली से कनीना भी रेलवे लाइन प्रस्तावित है उसको बनाया जाए ताकि कनीना एक जंक्शन बन सके और यहां ट्रेनों का ठहरा हो सके। सभी की नजरें जंक्शन बनने पर टिकी हुई है।
---शिवकुमार अग्रवाल,कनीना
कनीना खास रेलवे स्टेशन 1939 से पहले का बना हुआ है और उपमंडल का दर्जा होते हुए भी ट्रेन की सुविधाओं से दूर है। विभिन्न अधिकारी, व्यापारी, दैनिक यात्री, भारी संख्या में दिल्ली चंडीगढ़, बीकानेर, जैसलमेर, बाड़मेर आदि स्थानों पर जाते हैं किंतु उनके लिए कोई ट्रेन सुविधा नहीं है। उन्हें ट्रेन पकडऩे के लिए भी कम से कम 35 किलोमीटर दूर रेवाड़ी जाना पड़ता है। ऐसे में कनीना खास रेलवे स्टेशन पर ट्रेन ठहराव की सुविधा दी जाए।
---गणेश अग्रवाल, कनीना मंडी
 कनीना कस्बे के भारी संख्या में दैनिक यात्री, नौकरी, रोजगार के लिए तथा अधिकारियों को दिल्ली तथा दूरदराज जाना पड़ता है। किंतु उनके लिए ट्रेन की सुविधा नहीं है। ट्रेन पकडऩे के लिए भी उन्हें 35 किलोमीटर दूर रेवाड़ी जाना पड़ता है। नौकरी,साक्षात्कार वगैरह के लिए उन्हें रात को भी जाना पड़ता है। ऐसे में उनको बड़ी भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में सभी ट्रेनों का ठहराव होना चाहिए। रात्रिकालीन बस सेवा उपलब्ध कराई जाए।
  ---कंवरसेन वशिष्ठ,कनीना
 कनीना में कम से कम 1000 दुकाने है जिनसे सैकड़ों दुकानदार प्रतिदिन सामान लेने के लिए भी दूरदराज आने को मजबूर है। कनीना खास रेलवे स्टेशन से उनको कोई सुविधा नहीं मिल रही है। ऐसे में उनकी मांग है कि कनीना की हर प्रकार से जायज मांगे, सभी फास्ट ट्रेन, सुपरफास्ट ट्रेनों का ठहराव तुरंत पूरी की जाए। उन्होंने उनका कहना है कि बार-बार आंदोलन कर चुके हैं और उनके आंदोलन को इसलिए रुकवा दिया जाता है कि जल्दी ट्रेन का जल्द ही ठहराव करेंगे किंतु ट्रेनों का ठहराव नहीं किया जा रहा है। रात्रि सेवा बस लगाई जाएं।
              ---शिवचरण, समाजसेवी कनीना।
फोटो कैप्शन 02: कनीना खास रेलवे स्टेशन
साथ में शिवचरण, शिवकुमार अग्रवाल, रविंद्र बंसल, गणेश अग्रवाल, कंवरसेन वशिष्ठ





48.26 ग्राम गांजा बरामद, मामला दर्ज
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कनीना की आवाज।
कनीना पुलिस को मुखबिर के आधार पर सूचना मिली कि मंजीत चेलावास निवासी गांजा बेचने के लिए सरसों के खेत के पास सुनसान जगह पर खड़ा हुआ है। कनीना पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए मुखबिरी के आधार पर बताए स्थान पर छापामारी की तो एक व्यक्ति पुलिस को देखकर भागने की कोशिश करने लगा जिसे पड़कर नाम पूछा। उसने नाम मंजीत चेलावास बताया। विक्रांत यादव इटीओ ड्यूटी मजिस्ट्रेट का नोटिस देकर तलाशी करवाई गई। उसके लोवर की जेब से सफेद पालिथीन मिली जिससे खोलकर देखा तो 48.26 ग्राम गांजा पाया गया। कनीना पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है।






पुलिस ने व्यक्ति से बरामद की













सात बोतल और 16 पव्वा देसी शराब
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कनीना की आवाज।
 कनीना पुलिस को सूचना मिली की दलीप नामक कनीना निवासी एक थैले में अवैध शराब लेकर भडफ़ से कनीना की तरफ आ रहा है। कनीना पुलिस ने रेवाड़ी-कनीना रोड़ से गौशाला कनीना की तरफ जाने वाले रास्ते पर नाकाबंदी की। भडफ़ की तरफ से एक व्यक्ति आता दिखाई दिया जिसके पास थैला था। कनीना पुलिस ने उसे रोककर नाम पूछा तो उसने नाम दलीप वार्ड 8 बताया।  उसके थैने में खोलकर देखा तो सात बोतल देशी शराब तथा 16 पव्वा देशी शराब के बरामद किये। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया।