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Monday, September 8, 2025


 

 


बेहतर दर्जे के कैमरे लगाकर लाइब्रेरी सुसज्जित
-सुमन यादव चेरिटेबल ट्रस्ट की है निशुल्क लाइब्रेरी











चोर साहब के कारनामे
-चोर साहब ने दूसरे के दरवाजे पर गाड़ी खड़ी कर रखी है, दूसरे के नुकसान में आता है मजा




तर्पण
कमला देवी,गृहणि कनीना
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मेरी दादी मां कस्तूरी देवी की बदौलत मैं आज किसी काम को छोटा नहीं मानती और दिनरात मेहनत करके नाम कमाया है। मेरी दादी मां कस्तूरी देवी 1989 में स्वर्ग सिधार गई थी जो अति मेहनती एवं भगवान में विश्वास रखने वाली थी। एक दिन उन्होंने मुझे समझाया कि जहां कहीं भी रहों मेहनत से जी न चुराओ। उनकी शिक्षा पर अमल करते हुए मैं दिन रात मेहनत करती हूं और आज हर काम को बखूबी से करके नाम कमाती हूं। जब भी मुझे मेरे काम की प्रशंसा करता है तो मेरी दादी मां की याद आती है। आज वे स्वर्ग में है किंतु उसकी शिक्षा आज भी याद है। उनकी बदौलत आज बेहतर जीवन बसर कर रही हूं। श्राद्ध के वक्त वो बहुत याद आती है।
               कमला देवी गृहणि कनीना
फोटो कस्तूरी देवी एवं बिमला देवी  


तर्पण
 महेंद्र शर्मा झाड़ली
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मेरे पिता जी स्वर्गीय नत्थूराम शर्मा संघर्षशील समाजसेवी के रूप में सेवा करते हुए दो वर्ष पूर्व वे स्वर्ग सिधार गए। मेरे पिता जी हमेशा सच्चाई नेक रस्ते और ईमानदारी पर चलने की प्रेरणा देते थे। उनके महान विचारों के कारण आज भी लोग उन्हें एक संत की संज्ञा देते हैं मैं और मेरा परिवार मेरे पिता जी के दिए हुए संस्कारों और सच्चाई के रास्ते पर चल रहा हूं तथा उनके संस्कार के अनुसार बच्चों को शिक्षा देते हुए आगे बढ़ रहा हूं। आज भी जब उनके शब्द याद आते हैं कि सदा परहित करना तथा बच्चों को सही रास्ता दिखाना है। उनके बताए गए मार्ग पर ही चलते हुए आज इस मुकाम तक पहुंचा हूं।
 महेंद्र शर्मा
स्वर्गीय नत्थूराम शर्मा



 श्रीधर गुप्ता का हुआ सम्मान    
--फिल्म निर्माता है श्रीधर
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कनीना की आवाज।
महासर गांव में प्रसिद्ध समाजसेवी और फिल्म निर्माता श्रीधर गुप्ता का नागरिक अभिनंदन किया गया। प्रजा भलाई संगठन के सुप्रीमो अतरलाल एडवोकेट ने श्रीधर गुप्ता को शाल ओढ़ाकर तथा प्रशस्ति पत्र भेंट कर राष्ट्र गौरव अवार्ड से सम्मानित किया। अभिनंदन समारोह की अध्यक्षता शिक्षाविद् नवीन जांगड़ा ने की।
अतरलाल ने कहा कि श्रीधर गुप्ता ने पवित्र धार्मिक स्थल माता महासर धाम पर अनेक सामाजिक व धार्मिक कार्यों में उल्लेखनीय योगदान देकर जो गौरवशाली कार्य किए हैं उसके लिए इलाका इनका आभारी रहेगा। उन्होंने महासर माता की महिमा पर जय महासर धाम फिल्म बनाने की जो शूटिंग इलाके में शुरू की है उससे इलाके के कलाकारों को फिल्मी क्षेत्र में आगे बढऩे का मौका मिलेगा और इलाके को राष्ट्रीय फलक पर प्रसिद्धी मिलेगी। उन्होंने हरियाणा सरकार से जय माता महासर धाम फिल्म के लिए आर्थिक अनुदान देने तथा फिल्म को टैक्स फ्री करने की मांग की। रूपेन्द्र सिंह व अशोक सिंह खोड़ ने श्रीधर गुप्ता के सामाजिक, धार्मिक, शैक्षणिक तथा प्रजा भलाई के कार्यों की सराहना करते हुए उन्हें समाज का आधुनिक भामाशाह बताया। श्रीधर गुप्ता ने आयोजकों का दिल से आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनका उद्देश्य माता महासर धाम को धार्मिक पर्यटन केन्द्र के रूप में विकसित करना है। उन्होंने आशा व्यक्त की आने वाली जय माता महासर धाम फिल्म लोगों के लिए प्रेरणा स्त्रोत साबित होगी।
फोटो कैप्शन: समाजसेवी व फिल्म निर्माता श्रीधर गुप्ता को सम्मानित करते प्रमुख समाजसेवी अतरलाल।



डीएपी खाद के लिए मारामारी
-लगी लंबी कतार,
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कनीना की आवाज।
 डीएपी खाद की कमी के चलते भारी लगने लगी है। इफको केंद्र के बाहर लंबी कतार देखने को मिली।
मिली जानकारी अनुसार जहां कनीना इफको केंद्र पर जहां रविवार को डीएपी खाद आया, इसको लेकर के सोमवार को लंबी कतारें देखने को मिली। एक किसान को तीन बोरे खाद दिया गया। किसानों का कहना है कि इस समय डीएपी की जरूरत है, वह मिल नहीं रहा। इसलिए किसानों की मारामारी चल रही है। किसान पहले से ही डीएपी खाद को अपने घरों में रख रहे हैं।
फोटो कैप्शन 03: डीएपी खाद के लिए लंबी कतार



गोमला गांव में लिंग अनुपात को लेकर दिलाई शपथ
-बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ पर दिया जोर
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कनीना की आवाज।
पीएचसी भोजावास के तहत राजकुमार एचआई ने लिंगानुपात को लेकर के विभिन्न कर्मियों को शपथ दिलाई।
उन्होंने बताया कि लड़कियों की संख्या घट रही है जिसको बढ़ावा देने के लिए सरकार प्रयासरत है। और इसी प्रयास को लेकर के शपथ दिलाई गई है। विभिन्न कर्मचारी मौजूद रहे। बेटी बचाओ बेटी पर पढ़ाओ की शपथ दिलाई।
 फोटो कैप्शन 01: बेटी बचाओ बेटी पढाओं की शपथ दिलाते हुए



 डाइट महेंद्रगढ़ द्वारा जिला स्तरीय युवा संसद प्रतियोगिता के परिणामों की की गई घोषणा
-- सीहोर ने बनाया मंडल स्तरीय प्रतियोगिता में स्थान
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कनीना की आवाज।
  डाइट प्राचार्य सुनील दत्त द्वारा जिला युवा  संसद प्रतियोगिता के परिणाम जारी कर दिए गए ,इस प्रतियोगिता में खंड स्तर पर प्रथम आने वाली 5 टीमो रा•व •मा• विद्यालय मूलौदी,रा• व• मा• विद्यालय ताजपुर,  विद्यालय दौचाना, रा• व• मा• विद्यालय सीहोर, व  रा• व• मा• विद्यालय बेरी ने प्रतियोगिता में भाग लिया था। कार्यक्रम कोर्डिनेटर डा. राकेश कुमार ने विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि इस कार्यक्रम का आयोजन 25 अगस्त से 29 अगस्त, 2025 के मध्य विद्यालय परिसरों में  किया गया था। यह एक कार्यक्रम प्रत्येक वर्ष संसदीय कार्य मंत्रालय भारत सरकार द्वारा एससीईआरटी गुरुग्राम के माध्यम से आयोजित किया जाता है
डॉ• राकेश ने बताया कि इस बार टीमों के मध्य बहुत कड़ा मुकाबला देखने को मिला कड़े मुकाबले में त्रस्स्स् बेरी खंड महेन्द्रगढ़ ने तीसरा ,त्रस्स्स् ताजपुर खंड अटेली ने दूसरा तथा त्रस्स्स् सीहोर खण्ड कनीना ने प्रथम स्थान प्राप्त कर अपने विद्यालय
व खंड  का नाम रोशन किया। यहां यह भी विदित है कि। प्रथम स्थान पर आने वाली टीम मण्डल स्तरीय प्रतियोगिता मे भागीदारी करेगी ,प्राचार्य श्री सुनील दत्त व सुपरिटेंडेंट बाबूलाल यादव,
 तथा विंग इंचार्ज श्री नरेश कुमार गोयल  ने निर्णायक मंडल के सदस्यगण डॉ नरेश कुमार डॉ किरण यादव व श्री संजय शर्मा का विशेष रूप से धन्यवाद किया तथा प्रथम द्वितीय तथा तृतीय स्थान पर आने वाले टीमों के प्राचार्य तथा इन खंडों के शिक्षा अधिकारियों का भी धन्यवाद किया तथा शुभकामनाएं दीं।
फोटो कैप्शन 04: युवा संसद का एक नजारा

Sunday, September 7, 2025


 



दो अलग-अलग जगह चोरी
-अज्ञात चोर कर ले गया नकदी व जेवरात चोरी
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कनीना की आवाज।
 कनीना उप-मंडल के दो गांवों में चोरी हो गई। अज्ञात चोर नकदी और जेवरात चोरी कर ले गये।
 मिली जानकारी अनुसार सेहलंग में कर्नल राजकुमार के घर से अज्ञात चोर चोरी कर ले गया। कर्नल ने रखवाली के लिए केयर टेकर रख रखा है। केयर टेकर जब खाना खाने के लिए करीब एक घंटे के लिए बाहर गया और जब लौटा तो 15000 रुपये की नकदी और जेवराज चोरी मिले। पुलिस मौके पर पहुंची और जांच की। उधर पोता गांव के मंदिर में अज्ञात चोर दानपात्र से करीब 3000 रुपये चोरी कर ले गया। पुलिस मामले की जांच कर रही है।





राक्षसी जानवर बंदर-03
-- बच्चे तथा मोबाइल तक तक उठा ले जाते हैं बंदर        
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कनीना की आवाज।
 यूं तो कुछ लोग आज भी बंदरों की पूजा करते हैं, उन्हें हनुमान की फौज बताते हैं जो गलत है। परंतु धीरे-धीरे लोगों का बंदरों के प्रति मोह भंग होता जा रहा है। कभी बंदरों को खाना खिलाने के लिए बंदरों के गांव में जाते थे, आजकल उनकी संख्या दिनों दिन घटती जा रही है।  उधर बंदर भी अपना स्थान छोड़कर गांव में आ गए हैं और किसी भी घर, मोहल्ले ,सड़क किनारे देखा जा सकता है। बंदरों ने अब तो उत्पाद मचा रखा है। एक गांव से एक बच्चे को ही उठा ले जाने का मामला सामने आया। मोबाइल उठाकर ले जाने के मामले भी सामने आए हैं। घरों से फ्रिज खोलकर सामान को अक्सर खा जाते हैं। फल वाले पौधे तो समझो कि लगाकर ही दुखी होना है। चाहे 20 साल देखरेख करो एक मिनट भी इधर-उधर हो गए तुरंत पेड़ को तहस नहस  कर जाते हैं। बंदरों का नुकसान अब तो सहन करने योग्य नहीं रहा है। वास्तव में बंदर  बेहद नुकसान कर रहे हैं।
 विज्ञान मानता है कि बंदरों से ही इंसान की उत्पत्ति हुई और बंदरों पर अनेक प्रयोगशाला में प्रयोग किए जाते हैं। इसीलिए बंदरों का अगर कोई लाभ है तो वह इन पर किए गए प्रयोग हैं। वरना कोई बंदरों से एक लाभ तो बता दीजिये।
  बंदरों की संख्या दिनों दिन बढ़ती जा रही है जो किसी से डरते नहीं। बंदरों को कुत्तों से मुकाबला करते हुए देखा होगा और बंदर कुत्तों को भी पीछे धकेल देते हैं। बंदर आने वाले समय में इतने अधिक हो जाएंगे कि इंसान इनके आगे मजबूर हो जाएगा और ये इंसान को जबरदस्ती घेरकर घर का सामान उठा ले जाएंगे। अभी भी मंदिरों में देखने में आया है कि बंदर किसी के हाथ से झपट्टा मार कर प्रसाद तक छीन ले जाते हैं। रेहड़ी वाले इसलिए दुखी है उनके फलों को उठा ले जाते हैं, अंडे वाले इसलिए दुखी उनके अंडे उठा ले जाते हैं। अगर किसी जगह पक्षी कोई मिल जाता है उसको मार कर खा जाते हैं, पक्षियों के अंडे का रस चूस जाते हैं। ऐसी कोई जगह नहीं है जहां पर बंदर न पहुंच जाए और जीवों के लिए सबसे अधिक घातक बंदर साबित हो रहे हैं। अब तो झटका पका मशीन ही इनके लिए कारगर साबित हो सकती है और वह लगवानी भी चाहिए।




बड़े नेताओं की आड़ में कर रहे छुटभैये नेता उल्टे सीधे काम
-वोट तक भी नहीं डालते
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कनीना की आवाज।
 अब तो हालात यह बन गई है हर गांव मोहल्ले में कुछ ऐसे छुटभैया नेता पनप गये हैं जो बड़े नेताओं की आड़ में उल्टे सीधे काम कर रहे हैं। बड़े-बड़े नेताओं की फोटो लगवा कर बड़े-बड़े पोस्टर मुफ्त में लगा लेते हैं, इन पोस्टरों में बिजली भी सरकारी प्रयोग करते हैं। वैसे तो कोई व्यक्ति चोरी करता पाया जाए तो बिजली विभाग उन पर जुर्माना लगता है किंतु सरेआम चोरी कर रहे हैं इन छुटभैया नेताओं के विरुद्ध कोई कार्रवाई नहीं करता। सबसे बड़ी बात है कि छुटभैया नेता बड़े नेताओं की आड़ में कहीं अतिक्रमण कर रहे हैं, कभी किसी को धमका रहे हैं, कभी किसी के दरवाजे पर अपनी गाड़ी जबरदस्ती खड़ी कर रहे हैं या कभी किसी से छेड़छाड़ कर रहे हैं। कितने ही उल्टे सीधे काम कर रहे हैं यहां तक कि ऐसे कुछ छुटभैये नेता भी देखने मिले जो चोरी करने से पीछे नहीं है। सबसे बड़ी बात है कि चलिए किसी नेता की आड़ ली जाए, अच्छी बात तो हैं किंतु कम से कम उसका हित तो किया जाए परंतु ऐसे भी केस देखने को मिले। छुटभैया नेता सामने आए कि  नेता समाज के लिए कलंक है। अभी भी लोग नहीं समझेंगे तो न जाने कब समझ पाएंगे। इनके पास बड़े-बड़े वाहन चलाते हैं और उल्टे सीधे कार्यों से ही वाहन चलाए जाते हैं, एक नंबर के पैसों से तो बहुत कम लोग ही अपने वाहन चला पाएंगे। ऐसे भी छुटभैया नेता देखे हैं जो गलियारों में कुत्तों की भांति पिटते हैं परंतु उनको शर्म नहीं है, बेशर्मी की हद कर रखी है। कुछ तो शराबी और कबाबी भी मिलते हैं। कुछ गिरे हुए चरित्र के हैं। समाज को ऐसे छुटभैया नेताओं को पहचानना चाहिए और उनसे बचकर रहना चाहिए। वरना ये अपने पास रहने वाले लोगों को भी कलंकित कर देंगे।



धनौंदा के कृष्णानंद आश्रम में पूर्णिमा पर विशाल भंडारा
-अब तक 551 युवाओं को दिलवाई जा चुकी हैं नशा-मुक्ति की शपथ
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कनीना की आवाज।
उपमंडल के गांव धनौंदा स्थित कृष्णानंद आश्रम में पूर्णिमा के अवसर पर रविवार को विश्व शांति के लिए यज्ञ एवं विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। इस धार्मिक आयोजन में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।
आश्रम के संत शिवानंद महाराज ने बताया कि आश्रम में हर पूर्णिमा को विश्व शांति के लिए यज्ञ का आयोजन किया जाता है। यज्ञ के दौरान न केवल धार्मिक अनुष्ठान संपन्न होते हैं बल्कि समाज सुधार के लिए विशेष पहल भी की जाती है। इसी कड़ी में युवाओं को नशे से दूर रहने की शपथ दिलवाई जाती है। अब तक 551 युवाओं को नशा-मुक्त जीवन जीने का संकल्प दिलाया जा चुका है।
स्वामी शिवानंद महाराज ने कहा कि नशा समाज और परिवार को खोखला कर देता है। इसलिए युवाओं को सही दिशा में ले जाने और उनके जीवन को सकारात्मक बनाने के लिए आश्रम लगातार प्रयासरत है। भंडारे में आए श्रद्धालुओं ने संत महराज से आशीर्वाद लिया और समाज सुधार के इस अभियान की सराहना की। इस दौरान सिटी थाना प्रभारी रविंद्र सिंह, ट्रस्ट के व्यवस्थापक कैलाश गोयल,अनिल यादव, कर्मवीर सिंह, विजय कुमार आर्य, फतेहचंद दायमा, मखनलाल आचार्य, आनंद सिंगल दिल्ली, ठाकुर रतन सिंह तंवर,  राजेंद्र नंबरदार, ठाकुर घनश्याम सिंह,  घनश्याम शास्त्री, प्रदीप चौहान मोहनपुर दीपांशु तंवर सहित अन्य मौजूद रहे।
 उधर संत उद्योदास आश्रम में संत लालदास महाराज ने पूर्णिमा के अवसर पर भजन, प्रवचन किये तथा प्रसाद वितरित किया। दूर दराज से आये भक्तों ने प्रसाद ग्रहण किया।
फोटो कैप्शन 06: भंडारे में प्रसाद ग्रहण करते हुए श्रद्धालु


चंद्र ग्रहण आज रात को
-जानिये ग्रहण के बारे में अफवाहें
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कनीना की आवाज।
  साल 2025 का दूसरा आखिरी चंद्र ग्रहण आज  को लगने वाला है. भारतीय समयानुसार, चंद्र ग्रहण 7 सितंबर को रात 08.58 बजे शुरू होगा और रात 02:25 बजे ग्रहण खत्म होगा। चंद्र ग्रहण एक अद्भुत खगोलीय घटना है, लेकिन इसके बारे में कई तरह के अंधविश्वास प्रचलित हैं. आइए जानते हैं सच्चाई को जाने--
***ग्रहण के समय गर्भवती महिला अगर बाहर निकली तो बच्चे पर दाग या कट का निशान पड़ेगा। विज्ञान के अनुसार, इसका कोई वैज्ञानिक सबूत नहीं है। बच्चे की शारीरिक बनावट गर्भ में डीएनए और विकास प्रक्रिया से तय होती है, ग्रहण से नहीं।
***ग्रहण के समय खाना बनाने या खाने से जहर फैलता है। वास्तव में ग्रहण का भोजन पर कोई असर नहीं पड़ता। पहले के समय लोग खाने को बचाने के लिए सावधानियां लेते थे क्योंकि बिना फ्रिज के खाना जल्दी खराब हो जाता था, जिससे यह मान्यता बनी।
***ग्रहण देखने से आंखें खराब हो जाती हैं।
विज्ञान अनुसार सूर्य ग्रहण देखने से आंखें खराब हो सकती है. बिना सुरक्षा चश्मे के देखने पर आंखों को नुकसान हो सकता है। चंद्र ग्रहण पूरी तरह सुरक्षित है, नंगी आंखों से भी देखा जा सकता है।
****ग्रहण के दौरान घर में पानी और पौधे दूषित हो जाते हैं। यह झूठ है विज्ञान कहता है कि
इसका कोई असर नहीं होता। यह सब अंधविश्वास है.
***ग्रहण के समय पूजा-पाठ या स्नान न करने से पाप लगता है। यह झूठ है।यह धार्मिक मान्यता है, वैज्ञानिक दृष्टि से ग्रहण का इंसानी कर्मों से कोई लेना-देना नहीं।
***ग्रहण धरती पर प्राकृतिक आपदाएं (भूकंप, बाढ़ आदि) लाता है जो सरासर झूठ है।ग्रहण एक खगोलीय घटना है, इसका प्राकृतिक आपदाओं से कोई सीधा संबंध नहीं।
***ग्रहण सेहत पर बुरा असर डालता है। यह भी गलत है।इस बात को लेकर कोई वैज्ञानिक सबूत नहीं है। अगर लोग बीमार महसूस करते हैं तो वह डर और मान्यता की वजह से होता है।  
ग्रहण से जुड़ी ज्यादातर बातें सिर्फ परंपरा और मान्यताओं पर आधारित हैं. विज्ञान के अनुसार, यह केवल सूर्य, पृथ्वी और चंद्रमा के एक सीध में आने से लगता है, जिसका इंसानी स्वास्थ्य, गर्भवती महिलाओं या खाने-पीने पर कोई असर नहीं।
ये जानकारी धर्मपाल शर्मा जिला संयोजक हरियाणा विज्ञान मंच ने दी।


दिन भर धूप खिली लेकिन सड़कों पर जमा है अभी भी गंदा जल
-किसानों को मिली राहत
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कनीना की आवाज।
 कनीना क्षेत्र में जहां रविवार को दिनभर धूप खिली, बीच-बीच में कभी कभार बादलों की आवाजाही जारी रही लेकिन सड़कों पर अभी भी गंदा जल खड़ा हुआ है। नालियां भरी खड़ी है तथा जोहड़ लबालब हैं। होली वाला और कालरवाली जोहड़ मार्गों पर पानी भरा है। यदि दो-तीन दिनों तक वर्षा नहीं होती तब जाकर यह पानी कम होगा वरना हालात बदहालात रहेगी। आवागमन अभी भी गंदे पानी से होकर हो रहा है।
 किसानों ने आज महसूस की किसानों ने अपने खेतों में हलचल बढ़ा दी है किंतु उन्हें डर सता रहा है कि कहीं दोबारा से वर्षा न हो जाए। ऐसे में किसानों अपनी फसलों को सुखाया और यह देख रहे हैं कि कुछ बाजरे में बचा है या नहीं बचा।
इस संबंध में पूर्व कृषि अधिकारी महेंद्रगढ़ तथा वर्तमान में निदेशक हिसार डा. रमेश कुमार से बात हुई। उन्होंने बताया कि जिन किसानों ने बाजरे की काटकर फसल ढक रखी है उन्हें अब सूखा लेनी चाहिए और जिन्होंने काट कर डाल दी थी और ढका नहीं वो लगभग खराब हो चुकी, अंकुरित हो गई है तथा अधिक वर्षा कारण कम गुंजाइश है कि उसे दाने सही सलामत होंगे। उन्होंने बताया कि फसल जो खड़ी हुई है उनमें नुकसान होना था हो चुका लेकिन उसकी भी लावणी/कटाई करनी चाहिए और जो भुट्टे गिर गए या बाजरे का पौधा गिर गया उनमें नुकसान हो चुका है। उन्होंने बताया कि वर्ष को ध्यान में रखते हुए किसानों का अपनी फसल काट कर डाली गई उसे सूखा लेना चाहिए लेकिन ढकने का प्रबंध जरूर रखें।
 फोटो कैप्शन 5: नालियां वर्षा जल से ओवरफ्लो


भवन की चारदीवारी को लेकर आंबेडकर जनजागरण समिति िकी बैठक संपन्न
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कनीना की आवाज।
डा. भीमराव अंबेडकर जन जागरण समिति कनीना की बैठक कान्हा सिह पार्क कनीना में संपन्न हुई। बैठक की अध्यक्षता डा. भीमराव अंबेडकर जन जागरण समिति के प्रधान कृष्ण कुमार पूनिया ने की
   बैठक में सभी ने अपने-अपने विचार प्रकट किये। बैठक में प्रवक्ता सूरत सिंह  ने अंबेडकर भवन की चारदीवारी को लेकर विचार विमर्श किया। एडवोकेट दिलीप सिंह ने कहा कि नगर पालिका चेयरपर्सन से समिति के सदस्य मिलकर अंबेडकर भवन की चारदीवारी के बारे में विचार विमर्श किया था जिसमें चेयरपर्सन ने आश्वासन दिया कि अंबेडकर भवन की चारदीवारी का कार्य प्रस्तावित भूमि पर जल्दी ही शुरू कर देंगे।
   समिति इसके लिए नगर पालिका चेयरपर्सन का तहे दिल से आभार प्रकट करती है। इसी कड़ी में महेश गोमला ने कहा कि समाज में फैली हुई कुरीतियां को समाप्त करने के लिए समिति अहं कार्य करें। उपस्थित लोगों ने अपने-अपने विचार व्यक्त किये।
  इस मौके पर डीगराम, कोषाध्यक्ष बलबीर सिंह  तोंदवाल, भोजावास अंबेडकर समिति के प्रधान विनोद कुमार एडवोकेट, समिति के उप प्रधान पवन कुमार कनीना, समिति के सह सचिव विजयपाल मास्टर, समिति के कार्यकारिणी सदस्य रामेश्वर कनीना, राकेश कुमार छितरोली, सूबे सिंह, डा. भीमराव युवा समिति भडफ़ के प्रधान सचिन रंगा, कुलदीप कनीना, लोकेश उर्फ बंटी, गजराज सिंह , कार्यकारिणी के सदस्य डा. राजकुमार सिंह चौहान इत्यादि मौजूद रहे।
फोटो कैप्शन 04: आंबेडकर जनजागरण समिति की बैठक



जीवन में सफल होना है तो ईमानदारी अपनाओ
कुलदीप कुमार कनीना,

मेरी माताजी माया देवी 40 वर्ष की उम्र में 19 फरवरी 1992 को स्वर्ग सिधार गई थी। वे हंसमुख ,नेक एवं ईमानदारी की राह पर चलने वाली थी। वो हमेशा ईमानदारी से जीवन जीने की प्रेरणा देती थी। एक दिन जब मैं कक्षा छठी में स्कूल से पढ़कर आया तो स्कूल होमवर्क करने में आनाकानी करने लगा। उन्होंने मुझे एक ही बात कही-अगर जीवन में सफल होना है तो आलस्य छोड़कर ईमानदारी से अपना काम करते रहो। एक दिन सफलता कदम चूमेगी। जब मेरी मां का देहांत हो गया तो मुझे उनकी याद आने लगी। मैं अपनी मां के बताए गए आदर्शों पर आगे बढऩे लगा और कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। मेहनत एवं ईमानदारी के बल पर मुझे जीवन की ऊंचाइयां मिली। आज भी उन्हें याद करके उनकी ईमानदारी, देवीरूप एवं भक्तिभाव याद आ जाते हैं। आज भी जब कभी पूरा परिवार मिल बैठता है तो उनको याद जरूर करता है। ऐसे महान माता के कारण आज मेरा एवं मेरे परिवार का नाम रोशन है।
 फोटो कैप्शन: कुलदीप कुमार लघु व्यवसायी, कनीना एवं माया देवी।




तर्पण के लिए भेजें बुजुर्गों के प्रसंग
- मुफ्त में होंगे प्रकाशित
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कनीना की आवाज।
 अपने पितरों को याद करते हुए उनकी फोटो तथा स्वयं की फोटो मेरे व्हाट्सअप पर भेजे।  पितरों को याद करने वाले प्रसंग भेजें। आप अपने पितरों को क्यों याद करते हो ऐसे प्रसंग भेजते हुए अपनी फोटो तथा अपने पितरों की फोटो भेजे। व्हाट्सएप 94163 48400


अब होगा सुमन ट्रस्ट के कार्यालय का निर्माण
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कनीना की आवाज।
 कनीना- रेवाड़ी सड़क मार्ग पर राजकुमार कनीनवाल के पास श्रीमती सुमन यादव पत्रकार चैरिटेबल ट्रस्ट कनीना की लाइब्रेरी का निर्माण हो चुका है। पास में दैनिक जागरण कार्यालय भी निर्मित किया गया है। कार्य लगभग पूर्ण हो गया है। कैमरे लगवाए जा रहे हैं वहीं इनवर्टर एवं वाई-फाई का प्रबंध भी किया जा रहा है। वहीं पास में अपने प्लाट पर श्रीमती सुमन यादव पत्रकार चेरिटेबल ट्रस्ट के कार्यालय का निर्माण अब करवाया जाएगा। तत्पश्चात दोनों एक साथ चलेंगे। एक और कार्यालय वहीं लाइब्रेरी यह लाइब्रेरी। लाइब्रेरी निशुल्क होगी। कार्यालय का निर्माण लाइब्रेरी के पास ही अपने प्लाट पर होगा जिसके लिए अब कच्ची सामग्री डलवाने का कार्य शुरू किया जा रहा है।


  













तर्पण
 महेश बोहरा, कनीना

मेरे पूज्य पिताजी सत्यवीर सिंह  बोहरा 31 अक्टूबर 2019 को स्वर्ग सिधार गए वह सच्चे, इमानदार व गो-प्रेमी थे। उन्होंने कनीना व आसपास के गांव के सहयोग से कनीना में श्री कृष्ण गौशाला की स्थापना करके श्रीकृष्ण गौशाला में प्रथम प्रधान के पद पर सेवा भी दी।  कनीना नगर पालिका में पार्षद के पद पर रहते हुए उन्होंने नगर वासियों की तन मन धन से सेवा की उन्होंने अपना पूरा जीवन लोगों की भलाई के लिए ईमानदारी के साथ व्यतीत किया। बीज की दुकान के माध्यम से उन्होंने 35 साल किसानों को उच्च गुणवत्ता के बीज उपलब्ध करवा के अन्नदाताओं का बहुत लाभ किया। उन्होंने हमें हमेशा अच्छी सीख दी और वे कहते थे कि बेटा धर्म की जड़ सदा हरी रहती है धर्म करते रहना चाहिए और हमेशा असहाय आदमी की निस्वार्थ भाव से सेवा करनी चाहिए जैसा तुम करोगे वैसा ही तुम्हारे पास लौटकर आएगा। मैं आज उनके पदचिह्नों पर चलकर बेहतर ढंग से जीवन जी रहा हूं तथा उनकी बातें सदा रह रहकर याद आती हैं। वे इस जग में नहीं हैं किंतु श्राद्ध के वक्त उनकी बहुत याद आती है।
फोटो कैप्शन: महेश बोहरा तथा स्व राव सतबीर बोहरा



Saturday, September 6, 2025


 

राक्षसी जानवर बंदर -02
पानी की टंकियां में हग मूत जाते हैं बंदर
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कनीना की आवाज।
 बंदरों को चाहे कुछ लोग पूजते हो ,उन्हें हनुमान की फौज मानते हो लेकिन हकीकत यह है कि यह राक्षसी जानवर है। इनके मल मूत्र से भी कई रोग फैलते हैं, वहीं इनके काटने से रेबीज का रोग फैलता है। अक्सर बदेखने में आया है कि बंदर पानी की टंकी में घुस जाता है, खूब मजे से नहाता है और चलते समय हग मूत भी जाता है। कितने ही लोग इस पानी को बगैर देखे पीते रहते हैं, जब उन्हें होश आता है तब तक बहुत देरी हो चुकी होती है। सबसे बड़ी बात है कि बंदरों के दांत बहुत नुकीले होते हैं और ये पानी की टंकी के ढक्कन को भी काट कर अंदर घुस जाते हैं। टंकी के ढक्कन को तोड़ देते हैं, विभिन्न प्रकार के यंत्र लगाए जाते हैं उनको भी पल भर में ही तोड़ देते हैं। इस प्रकार बंदर एक बहुत खतरनाक जानवर साबित हो रहा है। लाखों रुपए का नुकसान बंदर प्रतिमाह कर देते हैं। लोग बेहद परेशान है पर बंदरों के आगे एक नहीं चलती। बंदर इतनी तेजी से घुड़की मारते हैं कि कुछ लोग डर के मारे दौड़ पड़ते हैं और फिर ये पीछा नहीं छोड़ते। देखने में आया है कि ऊंचे पेड़ या एंटीना आदि को तो किसी हाल में नहीं बख्शते। यदि कांटेदार बाड़ लगाई जाए तो हो सकता है उससे ये बचकर निकले। यही कारण है कि टंकी ऊपर लोगों ने कांटेदार बाड़ लगा रखी है किंतु कभी-कभी तो ये बाड़ को भी अपनी बुद्धि से फेंक देते हैं और उसमें गंदगी फैला जाते हैं। बंदरों से बचकर रहना चाहिए। टंकी को सावधानी से देख लेना चाहिए कि कहीं बंदर उसमें नहीं घुस गये हैं, अगर घुस गए हैं तो अच्छी प्रकार सफाई करनी चाहिए, उस पानी को कभी प्रयोग नहीं करना चाहिए वरना रोग होने की संभावना बढ़ जाती है। जहां बंदर हो वहां टंकी पर कांटेदार बाड़ या ढक्कन को फिक्स करवा देना चाहिए, झटका मशीन सबसे बेहतर इलाज है।





चोर साहब के कारनामे-40
-चोर साहब राहु है तो उसकी पत्नी केतु
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कनीना की आवाज।
 विगत करीब 1 साल से चोर साहब के कुछ प्रमुख लक्षण कनीना निवासी डा. होशियार सिंह पत्रकार एवं लेखक ,साहित्यकार ने नोट किये हैं। वो इस प्रकार है-
चोर साहब अपनी गाड़ी दूसरे के दरवाजे पर खड़ा करके बड़ा खुश होते हैं, दूसरे का नुकसान होने पर उसे बेहद खुशी होती है, किसी की ईंट पत्थर चोरी करने में शर्म महसूस नहीं करते।
डा. होशियार  सिंह पत्रकार के तीन ट्राली पत्थर, अपने पिता के लिए बनाई गई मंढी की ईट चोरी कर ले गया, तीन दर्जन गमले, कृषि यंत्र, बिजली के यंत्र चोरी कर ले गया और कितने ही लोगों ने ऐसी हरकतें करते हुए देखा है जो गवाही देने के लिए तैयार हैं। चोर साहब को नालियों से बहुत परेशानी होती है इसलिए अपने घर के पास नालियों को बंद करने में लगा रहता है, दूसरे का रास्ता रोकने में बहुत आनंद आता है इसलिए अपने घर का दरवाजा बाहर की ओर खोलता है, उसको सरकारी बिजली प्रयोग करने में बड़ा आनंद आता है इसलिए बोर्ड और बैनर में सरकारी बिजली प्रयोग करता है, चोर साहब को अतिक्रमण करने बड़ा आनंद आता है इसलिए अपने तीन-चार फीट अवैध/अतिक्रमण कर लिया है। चोर साहब नशे का आदी है और नशे में कभी किसी की गाड़ी को टक्कर मार जाता है तो कभी किसी की गाड़ी को। किसी ने अगर अपने द्वार पर फड़ बना ली, या ईटों लगाकर वर्षा जलभराव से सुरक्षा करनी चाही तो  उनके ऊपर से अपनी गाड़ी निकाल कर उसे नष्ट करने का प्रयास करता है। एक नया कारनामा साक्ष्य सामने आया कि चोर साहब किसी के फव्वारा पाइप चोरी कर लाये। जिसके फव्वारा पाइप चोरी किए थे वह भी एक दिन चोर सब के पास आ गया। उसने चोर साहब को जमकर शराब पिलाई। जब शराब चढ़ गई तो उसने खुद ही बक दिया कि तुम्हारे फव्वारा पाइप मैं चोरी कर लाया था। जिसके फव्वारा पाइप चोरी हुए बड़ा आश्चर्य हुआ और सारी घटना बताने लगा। चोर साहब की पत्नी केतु से कम नहीं है। किसी को तुरंत बेवजह धमकाने लग जाती है और चोर साहब की तो क्या कहिए कि वह राहु सेे किसी प्रकार भी कम नहीं है।


एनडीए एवं नीट की तैयारी की निशुल्क प्रतियोगी पुस्तकें की भेंट
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कनीना की आवाज।
राजकीय माडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, कनीना में एक विशेष अवसर पर कक्षा 12 विज्ञान संकाय के विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी हेतु बहुमूल्य पुस्तकों का वितरण किया गया। ये पुस्तकें लगभग 25,000 रुपये मूल्य की हैं, जिन्हें  अंकुर यादव कनीनवाल, वार्ड- 2, कनीना द्वारा उदारतापूर्वक विद्यालय को भेंट की गईं।
इस अवसर पर पुस्तकों का वितरण महेन्द्र सिंह एवं संदीप कुमार द्वारा किया गया। विद्यालय परिवार एवं विद्यार्थियों की ओर से उनका हार्दिक अभिनंदन एवं आभार व्यक्त किया गया।
विद्यालय के प्राचार्य सुनील खुडानिया ने इस अवसर पर कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं जैसे एनडीए एवं नीट में सफलता के लिए कठिन परिश्रम के साथ-साथ उत्तम अध्ययन सामग्री का होना अनिवार्य है। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए बताया कि आज प्राप्त की गई ये पुस्तकें निश्चित ही उनकी सफलता की राह में मार्गदर्शक सिद्ध होंगी।
इसी क्रम में संदीप कुमार ने विद्यार्थियों को एनडीए परीक्षा की तैयारी से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां प्रदान कीं और उन्हें अनुशासन, आत्मविश्वास तथा निरंतर अभ्यास के महत्व से अवगत कराया। विद्यालय परिवार ने अंकुर यादव कनीनवाल के इस सराहनीय योगदान की भूरी-भूरी प्रशंसा की और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। विद्यार्थियों ने भी इस अवसर पर वचन दिया कि वे इस सामग्री का सदुपयोग कर विद्यालय, परिवार और समाज का नाम रोशन करेंगे।
फोटो कैप्शन 07: विद्यार्थियों को एनडीए एवं नीट प्रतियोगी पुस्तकें वितरित करते हुए अंकुर यादव



 कनीना नगर पालिका उप प्रधान चुनाव में वार्ड नंबर 13 के सूबे सिंह हुए विजयी
-सुबे सिंह को 15 में से 8 वोट मिले वह एकमत से हुए विजयी
-अशोक ठेकेदार गुट का बना उप-प्रधान
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कनीना की आवाज।
नगर पालिका कनीना उप प्रधान पद के चुनाव में सूबे सिंह आठ मत लेकर विजयी हुए। सूबे सिंह अशोक ठेकेदार गुट के है। जबकि उनके प्रतिद्वंदी राकेश को सात मतों से संतोष करना पड़ा।  राकेश कुमार  एडवोकेट दीपक चौधरी गुट के हैं। सुबह 10 के आसपास सभी 14 पार्षद व नगर पालिका प्रधान नगर पालिका परिसर में पहुंचे। 11 के बाद सूबे सिंह और राकेश कुमार ने उप प्रधान पद के लिए अपना नामांकन किया।  छटनी में दोनों के फार्म सही पाए गए। 12 बजे के बाद वोटिंग हुई। वोटिंग इवीएम से करवाई गई। एक बजे मतगणना के बाद रिटर्निंग अधिकारी डा. जितेंद्र अहलावत द्वारा रिजल्ट की घोषणा की गई।
इस मौके पर पुलिस प्रशासन मुस्तैद रहा। रिटर्निंग अधिकारी एसडीएम डा. जितेंद्र अहलावत ने बताया कि सूबे सिंह को 15 मतों में से 8 मत प्राप्त हुए वहीं उनके प्रतिद्वंदी राकेश कुमार को सात मत प्राप्त हुए जिसमें सूबे सिंह विजयी रहे।
  इस मौके पर विजेता सूबे सिंह ने कहा कि उन्हें जो जिम्मेदारी मिली है उसे वह पूरी निष्ठा में ईमानदारी से निभाएंगे। वो कनीना में विकास कार्य  करवाएंगे। जीत के बाद पूरे गाांव में विजयी जुलूस भी निकाला गया।
अशोक ठेकेदार गुट ने मारी बाजी-
 अशोक ठेकेदार जो पालिका प्रधान के दावेदारों में से एक रहे हैं किंतु चुनाव हार गये थे। लेकिन उनके गुट से सूबे सिंह विजयी हुये थे। ऐसे में सूबे सिंह ने मजबूर कर दिया कि उप प्रधान उन्हें बनाये और लोढ़ा गुट ने झुकना पड़ा और उन्हें समर्थन दिया और वे विजयी हुये हैं। ठीक इसी प्रकार विगत योजना के चुनावों में अशोक ठेकेदार ने सभी को मजबूर कर दिया था जिसके चलते वे उप प्रधान बने थे।  
क्या कहते हैं अशोक ठेकेदार-
अशोक ठेकेदार ने बताया कि उनके गुट का सूबे सिंह विजयी हुआ है। उन्होंने बेहद खुशी जताई कि विगत योजन में वे स्वयं उप प्रधान रहे हैं जबकि इस योजना में उनके गुट एवं परिवार का सदस्य उप प्रधान बना है।
फोटो कैप्शन 06: सूबे सिंह का विजय जुलूस निकालते हुए साथ में पासपोर्ट सूबे सिंह एवं अशोक ठेकेदार





कनीना क्षेत्र में हुई 30 एमएम वर्षा सड़कों पर भरा है गंदा जल
--खेतों में भी भर गया है वर्षा का जल
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कनीना की आवाज।
 कनीना क्षेत्र में 30 एमएम वर्षा हुई। इस बार वर्षा ने फसल बर्बाद करने में कोई कमी छोड़ी है जिसके चलते बाजरा और कपास फसल पूर्ण रूप से बर्बाद हो गए हैं। किसान क्षतिपूर्ति पोर्टल पर अपनी फसल क्षति का ब्यौरा देने में लीन हो गये है। उधर आए दिन वर्षा से काटकर डाली एवं खड़ी फसल पूर्ण रूप से खराब हो गई है। बाजरे के दाने काले पड़ गए, अंकुरित हो गए, फफूंद लग गई है वहीं कपास के टिंडे काले पड़ गए या अंकुरित हो गए हैं।
रेवाड़ी, महेंद्रगढ़, गाहड़ा और सभी सड़क मार्गों पर गंदा जल भरा हुआ है। होलीवाला और कालरवाली जोहड़ों के सड़क मार्ग हर वर्ष की भांति गंदे पानी से भरे खड़े हैं। होलीवाला जोहड़ मार्ग तो साल में कुछ ही दिन खुला पता है वरना सदा गंदे पानी से भरा रहता है। नहर के साथ बनाई सड़क गंदे पानी से भरी खड़ी है। उस पर भी गंदा जल भरा खड़ा है। लोग बेहद परेशान है, बाढ़ जैसी स्थिति बनती जा रही है। खेतों में गंदा जल भरा हुआ है। किसान राजेंद्र सिंह, सुनील कुमार, दिनेश कुमार आदि ने बताया कि बाजरे की काट कर डाली गई फसल भी पानी में बह गई है। खेतों में एक-एक फीट तक पानी जमा हो गया है। ऐसे में न तो कपास पैदावार के बचने की उम्मीद है और न ही चारा और बाजरे की फसल पैदावार के बचने की कोई उम्मीद बची है अब किसानों की शत प्रतिशत फसल बर्बाद होने के कगार पर चली गई है। अब तो किसानों का कहना है की लावणी की भी जरूरत नहीं पड़ेगी, सारी फसल यहीं पर नष्ट हो चुकी है। उधर त्वरित गति से किसान क्षतिपूर्ति पोर्टल पर अपना ब्यौरा दे रहा है। 15 सितंबर अंतिम तिथि निर्धारित की गई है। वैसे भी जिन किसानों ने अभी तक मेरी फसल मेरा ब्यौरा नहीं दिया था वह भी 10 सितंबर तक अपना ब्यौरा दे सकते हैं। ऐसे में किसान फसल उगाकर पछता रहे हैं। विशेषकर वो किसान अधिक पछता रहे हैं जिन्होंने किसी से जोतने के लिए खेत लिया था और उसमें फसल बर्बाद हो गई है। अब उनको महज क्षतिपूर्ति मुआवजा ही मिलने की उम्मीद है। वहीं दूसरी ओर भूमिगत जल में कुछ सुधार होने की संभावना जरूर जता रहे हैं। किसानों का कहना है कि यदि फसल पैदावार ले लेते उसके बाद यदि वर्षा होती तो दोनों लाभ मिलते। न केवल फसल पैदावार मिल जाती अपितु भूमिगत जल की आपूर्ति हो जाती किंतु अब फसल पैदावार प्राप्त नहीं हो पाई है। अब तो भविष्य में चारे का संकट भी गहराने की उम्मीद बन गई है क्योंकि कड़बी पूर्णरूप से खराब हो चुका है जिसको पशु नहीं खा पाएंगे।
 फोटो कैप्शन 03: खेतों में खड़ा पानी जिसमें डूब गई है फसल तथा
04: पानी में तैरती बाजरे की फसल


सात को 3 घंटे बिजली आपूर्ति रहेगी बंद
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कनीना की आवाज।
डीएचबीवीएन के 132 केवी स्टेशन, कनीना की 7 सितंबर को प्रात: 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक बिजली आपूर्ति ठप्प रहेगी। विस्तृत जानकारी देते हुए उमेश वर्मा एसडीओ पावर ने बताया कि 7 सितंबर को प्रात: 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक सभी फीडरों की आपूर्ति बंद रहेगी।


 दांतों एवं मुंह के बारे में साफ सफाई रखने हेतु जानकारी दी
-डा. जितेंद्र मोरवाल रहे हाजिर
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कनीना की आवाज।
उप मंडल अस्पताल कनीना के सौजन्य से राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत  ओरल हेल्थ पखवाड़ा राजकीय कन्या  वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कनीना मंडी में बच्चों को दांतों की देखभाल व मुंह के बारे में साफ सफाई रखने के लिए एक कार्यक्रम आयोजित किया गया। बच्चों को ओरल हेल्थ की जानकारी देते हुए वरिष्ठ दंत चिकित्सा अधिकारी डा. जितेंद्र मोरवाल ने कहा कि हमारे जीवन में भोजन का बहुत बड़ा योगदान है और भोजन को सही ढंग से पचने के लिए दांतों की अहम भूमिका है। अगर मुख में दांत स्वस्थ होंगे तो व्यक्ति उम्र भर  स्वस्थ रहेगा  तथा ब्रश उपयोग करने का सही तरीका वह टूथपेस्ट की सही मात्रा के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बच्चों का आह्वान किया कि वह अपने दांतों के साथ-साथ अपने मुख का ध्यान रखें क्योंकि मुख मन का दर्पण है।
 विद्यालय के प्राचार्य नरेश कुमार कौशिक ने कहा कि हमारे जीवन में सबसे बड़ी महता स्वास्थ्य की है तथा व्यक्ति का स्वास्थ्य तभी अच्छा रह सकता है जो उसके दांत सही हो, एक स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मन निवास करता है तभी जीवन निर्मल रह सकता है। यदि पाचन तंत्र सही रखना है तो दांत स्वस्थ रखना आवश्यक है।
कार्यक्रम के अंत में  कक्षा 6 से 12 तक सभी बच्चों को टूथब्रस व टूथपेस्ट बांटे गए तथा बच्चों को उनके उपयोग की  सटीक जानकारी दी। कार्यक्रम में अस्पताल के दंत सहायक लखपत सिंह तथा एमपीएचडब्ल्यू राजेश कुमार ने व्यवस्था में सहयोग दिया ।
 आज के कार्यक्रम में प्रवक्ता प्रवीण कुमार ,स्नेह लता, रेखा यादव, सुमन लता ,शकुंतला, सोमता ,ओमप्रकाश, कुलदीप सिंह, पवन कुमार, हेमंत कुमार, रिंकी यादव, वीरमति , पन्नालाल नरेंद्र कुमार सहित  समस्त स्टाफ सदस्य  उपस्थित थे
फोटो कैप्शन 05: दंत चिकित्सक डा. जितेंद्र मोरवाल दांतों की जानकारी देते हुए
 


विद्यालय गतिविधि
- जल जीवन मिशन के तहत जल संरक्षण हेतु कार्यक्रम
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कनीना की आवाज।
कनीना उपमंडल के गांव कैमला स्थित राजकीय माध्यमिक विद्यालय में मुख्याध्यापक विरेन्द्र  की अध्यक्षता में जल एवं स्वच्छता सहायक संगठन  जिला महेन्द्रगढ़ की टीम ने जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग नारनौल के सहयोग से जल जीवन मिशन के अंतर्गत जल संरक्षण एवं पेयजल की गुणवत्ता के रखरखाव हेतु विद्यालय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। विभाग की और से कार्यक्रम में मोहित कुमार उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में बच्चों को जल संरक्षण के महत्व के बारे में विस्तार से बताया गया वहीं जल संरक्षण के तौर तरीके भी बताये गये। इसके साथ-साथ टीम के सदस्यों ने जल जीवन मिशन की गहन जानकारी प्रदान करते हुए बच्चों को बताया कि हर घर नल से जल मुहिम के तहत भारत व हरियाणा सरकार द्वारा हर घर नल से जल प्रदान किया जा रहा है। जिसमें सभी बच्चे जल संरक्षण व पेयजल की गुणवत्ता बरकरार रखने में अपनी भूमिका अदा करें। स्कूल की बैठक के दौरान अध्यापकों को यह सुझाव दिया कि वे समय-समय पर स्कूल असेंबली व बालसभा का आयोजन कर जल संरक्षण व जल की गुणवत्ता संबंधित भाषण, निबंध, लेखन, चित्रकला, प्रश्नोत्तरी व अन्य प्रतियोगितायें करवायें और अपनी व स्कूली बच्चों की जल संरक्षण के प्रति जिम्मेदारी व भागीदारी सुनिश्चित करें तथा हर रोज जल जीवन मिशन के बारे में विचार-विमर्श अवश्य करें।
टीम ने बताया कि समय-समय पर जन स्वास्थ्य विभाग के मंडल व उपमंडल कार्यालय में विभाग द्वारा स्थापित लैब में पेयजल की गुणवत्ता की जांच करवायें ताकि सबके लिए साफ-सुथरे पेयजल की पुष्टि हो सके। पेयजल से संबंधी कोई भी तकनीकी समस्या जैसे पाइपलाइन में लीकेज आदि हो तो तुरंत विभाग के टोल फ्री नंबर पर संपर्क करके अपनी शिकायत दर्ज करवायें। इस मौके पर समस्त स्टाफ मौजूद रहा।
फोटो कैप्शन 01: जल संरक्षण पर जागरूक करते हुए मोहित



कनीना नगर पालिका के उप-प्रधान के लिए चुनाव शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न
-सूबे सिंह चुने गए उप-प्रधान
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कनीना की आवाज।
कनीना नगर पालिका के उप-प्रधान पद के लिए आज चुनाव शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से संपन्न हुआ। उप-मंडल मजिस्ट्रेट (एसडीएम) डा. जितेंद्र सिंह की देखरेख में आयोजित इस चुनाव में वार्ड नंबर 13 के सदस्य सूबे सिंह को नगर पालिका का नया उप-प्रधान चुना गया।
यह चुनाव प्रक्रिया नगर पालिका कार्यालय में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच हुई। एसडीएम डा. जितेंद्र सिंह ने बताया कि चुनाव के दौरान सभी नियमों का पालन किया गया और किसी भी प्रकार की कोई अप्रिय घटना नहीं हुई। मतदान प्रक्रिया सुबह शुरू हुई और सभी पार्षदों ने अपनी भागीदारी सुनिश्चित की।
चुनाव के नतीजों की घोषणा के बाद सूबे सिंह को विजयी घोषित किया गया।
एसडीएम डा. जितेंद्र सिंह ने नव-निर्वाचित उप-प्रधान को बधाई दी और उम्मीद जताई कि वे कनीना शहर के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
चुनाव के बाद समर्थकों और पार्षदों ने उन्हें बधाई दी और फूल-मालाएं पहनाकर उनका स्वागत किया। सूबे सिंह ने सभी सदस्यों और कनीना के नागरिकों का आभार व्यक्त किया और कहा कि वे उप-प्रधान के रूप में अपनी जिम्मेदारियों को पूरी निष्ठा और ईमानदारी से निभाएंगे। उन्होंने नगर पालिका के विकास और नागरिकों की भलाई के लिए मिलकर काम करने का संकल्प लिया।
फोटो कैप्शन 02:उप प्रधान पद के चुनाव के संबंध में बैठक लेते एसडीएम डा. जितेंद्र सिंह।

















श्राद्ध सात सितंबर चंद्रग्रहण के दिन से शुरू
-22 सितंबर से शुरू होंगे नवरात्रे-पंडित दिनेश
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कनीना की आवाज।
 क्षेत्र में श्राद्ध 7 सितंबर चंद्र ग्रहण के दिन से शुरू होंगे और 21 सितंबर तक जारी रहेंगे।  इसके लिए प्रत्येक घर में तैयारियां शुरू हो गई है।
विस्तृत जानकारी देते हुए पंडित दिनेश कुमार  ने बताया कि हर साल पितृ पक्ष भाद्रपद की पूर्णिमा से शुरू होते हैं और अश्वनी मास की अमावस्या तक चलते हैं। इस बार सात सितंबर से शुरू होंगे 21 सितंबर तक चलेंगे। उन्होंने बताया कि पितरों की आत्मिक शांति की शांति के लिए पितृपक्ष में श्रद्धा किए जाते हैं। पितृ पक्ष का दिन अपने पूर्वज और पितरों के लिए श्राद्ध कर्म करने का महत्वपूर्ण दिन माना जाता है। ऐसी मान्यता है कि पितृ पक्ष के दिन मृत्यु लोक से पूर्व धरती लोक पर आते हैं। इसलिए पितृ पक्ष के दौरान तर्पण और श्राद्ध करने से पितरों का आशीर्वाद बना रहता है पितृ पक्ष श्राद्ध करने का विशेष फल भी प्राप्त होता है। उन्होंने कहा कि विधि विधान से पितृ पक्ष श्राद्ध करने चाहिए तत्पश्चात नवरात्रि पर शुरू हो जाएंगे नवरात्रि 22 सितंबर से शुरू होंगे। पितृपक्ष दौरान खीर, पूरी तथा विभिन्न पकवान बनाकर पितरों को खिलाए जाते हैं। उन्होंने बताया कि साथ ही जिन पूर्वजों की पुण्यतिथि ज्ञात नहीं है, उनका श्राद्ध भी अमावस्या तिथि पर किया जाता है। इसलिए अमावस्या श्राद्ध को सर्वपितृ मोक्ष अमावस्या कहा जाता है। इसके अलावा परिवार के सदस्यों की अकाल मृत्यु हुई हो, उनके निमित्त भी सर्व पितृ अमावस्या के दिन अनुष्ठान कर सकते हैं।
दूध महंगा-
ग्रामीण क्षेत्रों में दूध चाहे कुछ सस्ता हो किंतु शहरों एवं कस्बों में दूध का भाव 80 रुपये लीटर तक पहुंच गया है। ऐसे में खीर बनाना भी मुश्किल हो गया है। लोग दुकानों पर मिलने वाले दूध से ही खीर बनाकर पितृपक्ष में श्राद्ध करने को मजबूर हैं।
भोजन बर्बादी के दिन-
पितृपक्ष दौरान खाना चौराहों एवं छतों पर कई कर्द दिन पड़ा मिलता है। पूड़ी को न तो कौवा और न गाय एवं कुत्ता खाते हैं। ऐसे में भोजन बर्बादी इन दिनों पूरे यौवन पर मिलती है। हां, ब्राह्मणों को भोजन कराया जाता है।
फोटो कैप्शन: दिनेश कुमार पंडित


Friday, September 5, 2025


 




चोर साहब के कारनामे
-कुछ और साक्ष्य आए हैं सामने
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कनीना की आवाज।
 कनीना क्षेत्र में जहां चोर साहब ने पत्रकार ,लेखक साहित्यकार डा. होशियार सिंह के तीन ट्राली पत्थर, मंढ़ी की ईंटें, तीन दर्जन गमले, पड़ोसियों की ईंटें ,बिजली उपकरण एवं कृषि उपकरण समय-समय पर चोरी कर लिये। चोर साहब के कारनामों की एक पुस्तक भविष्य में प्रकाशित होने जा रही है जिसकी अब तक 40 कडिय़ां प्रकाशित कर चुका हूं क्योंकि नए करनामे सामने आए हैं, इसलिए नए कारनामों की कडि़य़ां भविष्य में फिर से जारी रहेगी। क्योंकि समय अभाव के कारण कुछ कडिय़ां जारी नहीं हो पाई थी और अब फिर से जारी की जाएगी और पुस्तक को पूर्ण किया जाएगा।




राक्षसी जानवर बंदर -कड़ी-01
-आने वाले समय में फलदार पौधे उगाने से परहेज करेंगे लोग
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कनीना की आवाज।
 कहने को तो आज भी कुछ अज्ञानी/ मंदबुद्धि या कम सोच वाले लोग बंदरों को हनुमान जी की फौज बताते हैं। हकीकत यह है कि हनुमान जैसा वीर आज तक नहीं हुआ है न ही होगा। वो कोई बंदर नहीं थे, यह कपोल कल्पित कहानी है। उनकी फौज में कोई बंदर नहीं थे वीर थे। यह तो विज्ञान भी मानता है कि इंसानों में पहले पूछ होती थी, आज भी कुछ बच्चे पैदा होते हैं जिनमें पूछ पाई जाती है जो पैदा होने पर डाक्टर काटकर अलग कर देते हैं। परंतु यह हकीकत है की राक्षसी जीवों में एक नंबर पर बंदरों का नाम है। किसी भी प्रकार की वस्तु को नहीं बख्शते चाहे फलदार, फूलदार, छायादार हो। किसी प्रकार के वृक्ष को नहीं छोड़ते। यहां तक की फसलों को भी नुकसान पहचाने लग गए हैं। बंदरों के कारण अब तो लोग फलदार पौधे लगाते हैं, अगले दिन गायब मिलते हैं। यदि यही हाल रहा तो आने वाले समय में लोग बंदरों को देखकर गोली से उड़ाने की बात भी कह डालेंगे क्योंकि कितने लोगों को इन्होंने नुकसान पहुंचाया है, मौत हुई है। ये रेबीज का रोग फैलाते हैं जो कुत्ते के काटने से नुकसान होता है वही बंदरों के काटने से होता है। बंदर सर्वाहारी है जो हर प्रकार की वस्तु को चट कर जाता है। किसी भी जगह चढऩे में सक्षम है, इंसान को जो की नजर नहीं आए उसको भी देखकर ढूंढ कर नष्ट करके ही प्रसन्न होते हैं। चाहे आज के दिन करेले उगा लो उनको भी तोड़-तोड़ कर काटकर, खाकर पटक जाएंगे। ऐसी कोई चीज नहीं है जो उनकी नजर में ना हो। अब तो कुछ लोगों ने अपनी छतों पर झटका मशीन लगानी शुरू कर दी है जो बहुत कारगर है। झटका मशीन सभी को लगानी भी चाहिए ताकि फल और फूलों की सुरक्षा हो सके। वरना आने वाले समय में ये फल और फूल पूर्ण रूप से खत्म कर देंगे।



राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार के लिए मिला एक वर्ष
-अंतिम पड़ाव से रह गया था पीछे
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कनीना की आवाज। 
आज शिक्षक दिवस है और शिक्षक दिवस पर पत्रकार, लेखक, साहित्यकार, विश्व रिकार्ड धारक डा. होशियार सिंह यादव अपने जीवन की एक अजीब स्थिति के बारे में बताना चाहते हैं। वो कैसे राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार से वंचित रहे, आइये सुनते हैं डा. होशियार सिंह की जुबानी उन्हीं की कहानी-
- वैसे तो मैंने वर्ष 2022 में हरियाणा राज्य शिक्षक पुरस्कार प्राप्त हो गया था, तत्पश्चात राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार के लिए आवेदन करने का केवल एक मौका मिला। यह दुर्भाग्य था कि पहले तदर्थ सेवा होने के कारण 15 साल की सेवा पूर्ण नहीं हुई और 15 साल की सेवा पूर्ण न होने के कारण राज्य शिक्षक पुरस्कार के लिए आवेदन नहीं कर पाया और जब पूर्ण हुआ तब आवेदन किया तो वर्ष 2022 में ही यह पुरस्कार मिल गया था। तत्पश्चात वर्ष 2023 में राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार के लिए आवेदन किया, जब पुरस्कार के लिए आवेदन किया तब काफी अंक भी मिले किंतु अपनी कुछ कमियों के कारण अंतिम पउ़ाव तक नहीं पहुंच पाया। यह भी सोचा था कि वर्ष 2024 में यह पुरस्कार मिल जाएगा लेकिन दुर्भाग्य वर्ष 2024 में सेवानिवृत्त हो गया। अप्रैल 2024 में सेवानिवृत्त हो चुका था किंतु राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार में एक शर्त थी कि मार्च 2024 तक सेवा में जो शिक्षक रहा वह भी आवेदन कर सकता है। बशर्ते उनकी आयु 55 साल से अधिक नहीं हो और उस समय मेरी आयु 55 वर्ष होने के कारण आवेदन नहीं कर पाया। जिसका बहुत मलाल है।  लोग बदकिस्मत कहते हैं, चाहे बदकिस्मत हो या कोई कारण मेरी किस्मत ने मेरा साथ नहीं दिया वरना राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित निश्चित रूप से मुझे होना था। आज राज्य शिक्षक पुरस्कार से ही सब्र करना पड़ रहा है लेकिन बड़े खेद की बात है कि यह पुरस्कार पाने के बाद भी न तो किसी समाचार पत्र में कोई नाम आता और नहीं कोई समाचार प्रकाशित करता। सबसे बड़ी विडंबना देखिए कि मैं स्वयं भी पत्रकार हूं लेकिन अपने अखबार में अपना समाचार हम नहीं भेज सकते। यह अखबार का आदेश है, जिसके कारण मैं कितने ही राज्य शिक्षक पुरस्कार प्राप्त शिक्षकों को प्रकाशित करता आ रहा हूं लेकिन अपना नाम प्रकाशित नहीं कर पा रहा। दूसरे समाचार पत्रों में यदि भेजते हैं तो वो  वह यह कह देते हैं कि यह पत्रकार है, पत्रकार की खबर हम नहीं लिखेंगे। वो यह भूल जाते हैं कि पहले यह शिक्षक होते थे, पत्रकार नहीं। ऐसे में वो मेरा समाचार नहीं प्रकाशित करते और यह दुर्भाग्य है विश्व रिकार्ड धारक होते हुए, 40 वर्षों तक बिना कुर्सी पर बैठे पढ़ाने वाला शिक्षक तथा 40 सालों से साइकिल चलाने वाला शिक्षक का एक नाम भी अखबारों में प्रकाशित नहीं हो पाता जिसका बहुत बड़ा मलाल होता है।
विश्व के श्रेष्ठ गायक रफी का कहना था-
मोहम्मद रफी जब एक बार हज के लिए चले गए ,फिल्मों में गीत गाने से थोड़ा दूर हो गए थे तो दूसरे गायक आगे आ गए। उसे समय रफी को कम पूछने लगे। अपने जमाने का हिंदुस्तान का सर्वश्रेष्ठ गायक रफी है परंतु फिल्मी समाज को देखिए, फिल्मी दुनिया ने उसे भुलाने की कोशिश की। रफी ने खुद कहा है कि जो लोग, जो फिल्मकार, जो निर्माता निर्देशक उनके पैर छूते थे, घंटों उनके सामने गिड़गिड़ाते थे कि एक गीत गा दो वो उनसे कन्नी काटने लग गए। ऐसी हालत डा. होशियार सिंह के साथ है जब शिक्षक था कितने ही लोग पूछते थे, शिक्षक दिवस पर कई जगह से न्यौते आते थे और जब सेवा नहीं रही है ,एक भी व्यक्ति ने किसी जगह से न्यौता नहीं दिया। न शिक्षक दिवस पर बुलाया, सम्मान की बात तो दूर रही।



पत्रकार एक जुनून जरूर है,भूखो मरने की नौबत
-नहीं बनना चाहिए किसी को लोकल में पत्रकार
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कनीना की आवाज।
 पत्रकार का नाम आते ही लोगों के दिलों दिमाग में जाने कितनी बातें आती हैं, वो समझते हैं कि इनको तो पता नहीं कितने रुपये मिलते होंगे, कितनी धन दौलत मिलती होगी, कितने गिफ्ट मिलते होंगे परंतु वो यह भूल जाते हैं कि पत्रकार महज भूखो मरने की नौबत के अलावा कुछ भी नहीं है। मैं यहां स्पष्ट बताना चाहूंगा क्योंकि मैं लगभग एक दर्जन से अधिक विभिन्न समाचार पत्रों में पत्रकार रह चुका हूंप् मेरी पत्नी स्व. सुमन यादव भी विभिन्न समाचार पत्रों की पत्रकार रही है। वर्तमान में आशा यादव पत्नी भी विभिन्न  समाचार पत्रों में पत्रकार है परंतु पत्रकारों को एक नया पैसा भी नहीं मिलता। इक्का दुक्का अखबार अगर कुछ देते हैं तो वह भी पूरे महीने में 3000 रुपये से अधिक नहीं देते। इसका मतलब है 100 रुपये प्रतिदिन से अधिक नहीं।जिसमें भाग दौड़, दिन भर की मेहनत, अपना नेट, अपना फोन, अपनी बाइक, घर परिवार से दूर, कितने ही कष्ट, कितना ही तनाव, कितने ही दुख तकलीफ, तब समाचार को संकलित करके, भेज कर पूरे माह में 3000 रुपये मिलते हैं वह भी सभी पत्रकारों को नहीं मिलते। ऐसे में बताइए कि पत्रकार बनने से लाभ क्या है? कुछ लोग समझते हैं कि पत्रकार बनने से अपना काम निकाल लेते हैं, यह हकीकत है कोई प्रभावशाली पत्रकार हो वह अपना काम जरूर निकाल लेता होगा लेकिन सामान्य पत्रकार के बस का वह भी नहीं होता। मैं एक उदाहरण अपने बारे में ही बताना चाहूंगा। जब डा. होशियार सिंह ने एक चोर को सरेआम चोरी करते पकड़ा और पुलिस में शिकायत दी, तो पुलिस ने सबूत मांगा। अब बताइए चोर पकड़ते समय हम वीडियो बनाएं या उसको धमकाए। ऐसे में उल्टा पुलिस ने कहा कि तुम्हें अंदर किया जाएगा। इसका मतलब यह हुआ हम जैसे पत्रकार कोई पुलिस या किस क्षेत्र का कोई लाभ नहीं उठा सकते। रही सही बात है कि अखबार कुछ देता नहीं। यदि कोई पत्रकार पर कोई केस डाल दिया जाए तो अखबार हाथ ऊपर कर लेता है। सबसे बड़ी विडंबना देखिए, अखबार में लोग समझते होंगे कि पत्रकार अपनी बहुत सी खबर लिख लेंगे लेकिन अखबार ने प्रतिबंध लगा रखा है कि अपने परिवार और अपनी कोई खबर अखबार में नहीं भेज सकते। यहां तक की दूसरे अखबार वाले भी किसी संवाददाता की कोई खबर नहीं भेजते, यह कहकर हटा देते हैं कि यह तो पत्रकार है। अब ऐसे में यदि पत्रकार बनता है तो महज भूखों मरने के अलावा कुछ भी नहीं है। परिवार का पालन पोषण करने के लिए किसी भी छोटी-मोटी नौकरी को जरूर अपना ले। हां कुछ एक पत्रकार, सैकड़ों में एकाध पत्रकार ब्लैकमेलिंग जरूर करता है, अधिकारियों से सांठ गांठ रखता है, उच्च अधिकारियों संपर्क रखना है, वह बात अलग है लेकिन ऐसे भी पत्रकार है जो बहुत बोल्ड होते हैं पुलिस प्रशासन या कोई अधिकारी काम नहीं करता तो उसे धमकाने से भी नहीं छोड़ते। कहने को तो पत्रकारों के लिए अनेक धाराएं बनाई गई है उनके विरुद्ध कार्रवाई करने वालों पर कुछ धाराएं लगाई जा सकती हैं लेकिन आज तक किसी इक्का-दुक्का केस छोड़कर कहीं ऐसा मामला सामने नहीं आया कि पत्रकारों के साथ मार पिटाई करने वालों के विरुद्ध कोई सख्त कार्रवाई हुई हो। पत्रकार के असामयिक मरने के बाद परिवार को पांच लाख तक जरूर मिलते हैं, वह भी इंश्योरेंस के। ऐसे में ऐसा इंश्योरेंस कोई भी अपना करवा सकता है इसमें हर साल 500 रुपये तक भरकर पांच लाख तक का बीमा हो जाए। कुछ लोगों ने एक बार मेरे से पूछा कि आपको बहुत गिफ्ट मिलते हैं, मैंने कहा बड़े ताजूब की बात है दिन रात एक करके खून जलाकर मेहनत करके, खबर लिखते हैं, अगर एक डायरी दे गए तो उससे मेरा जीवन का गुजर बसर हो जाएगा या आधा किलो मिठाई कभी गलती से दे गए तो उससे क्या मेरा जीवन चल पाएगा। लोग उल्टी अधिक सोचते हैं। ऐसे में मेरा निवेदन है कि किसी को अगर पत्रकार बनाना हो तो अखबार का पेयी रिपोर्टर जरूर बनाए वरना भूखो मरने के अलावा कुछ भी नसीब नहीं होगा। कहने को पत्रकार एक दूसरे का साथ देते हैं लेकिन जितना विरोध पत्रकारों में होता है वह शायद कहीं नहीं देखने को मिलता। मेरे विरुद्ध देखिए एक पत्रकार ने नौकरी तक हटवाने की कोशिश की और एक राक्षस एवं प्रसिद्ध ब्लैकमेलर जिसको ना हिंदी, ना अंग्रेजी, ना किसी भाषा का कोई ज्ञान है उसके कहने से दो पत्रकार मेरे विरुद्ध खड़े हो गए और भारी नुकसान भी करवा दिया, ब्लैकमेलिंग करने वाले ने ब्लैकमेल भी किया।




चापलूसी का जमाना है यारों, चमचा बनके रहो    हास्य आलेख
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कनीना की आवाज।
 वैसे तो1960 में आई जाली नोट फिल्म में जानी वाकर का एक बहुत सुंदर गाना है- छुरी बन, कांटा बन ओ माय सन, सब कुछ बन किसी का चमचा नहीं बन। परंतु यह मोहम्मद रफी द्वारा गया हुआ गीत आज के दिन उल्टा प्रतीत होता है। यदि किसी का चमचा बनकर रहने वाले आज के दिन कामयाब हो रहे हैं। घोर कलियुग है जिसमें सब कुछ संभव है। एक ऐसा चमचा भी देखने को मिला जो शिक्षक होते हुए उसे न हिंदी का ज्ञान, न अंग्रेजी का, न संस्कृत का और न अन्य भाषा का। मेरा दावा है उसके साथ मैं उसके ही विषय में मुकाबला कर सकता हूं। अगर वह मुझसे अधिक अच्छा साबित हो तो मैं सदा उसके लिए दास बनकर रहूंगा। ऐसा शिक्षक समाज को शर्मसार कर रहा है। एक अधिकारी के पीछे-पीछे घूम रहा है। दुर्भाग्य तो उस अधिकारी का है कि वह भी उसको साथ लिए घूम रहा है। इससे बुरी बात क्या होगी। जिसको अपने विषय का ज्ञान नहीं और वह चमचागिरी करके उनसे चिपका रहता है, अधिकारियों को भी लानत है। अधिकारी कम से कम ऐसे शिक्षक को तो लेकर चले जो समाज में उदाहरण हो वरना लोग उस अधिकारी पर भी यही लेबल लगा देंगे कि अधिकारी भी शिक्षक जैसा ही होगा? ऐसे शिक्षक जिन्होंने न जाने कितने घपले किये हैं, कितनी उल्टी सीधी सर्टिफिकेट से नौकरी पा ली, प्रमोशन पा लिया है और आज वह समाज को अकड़ दिखा रहा। अपने समय का प्रसिद्ध ब्लैकमेलर भी रहा है।  समाज को चाहिए कि ऐसे शिक्षक को जूते मार कर निकाले, ऐसे कलंक, शिक्षकों को कलंकित करते हैं। इनका बहिष्कार भी होना चाहिए पर वह संभव नहीं लगता।




चार घंटे बिजली रहेगी बंद
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कनीना की आवाज।
 कनीना के 132केवी उपकेंद्र के तहत पडऩे वाले 33 केवी सब स्टेशन सिहोर पर दिनांक 06.09.20256 सितंबर को प्रात: 9 बजे से दोपहर 1 बजे तक 33केवी लाइन के रखरखाव कार्य हेतु परमिट लिया जाएगा। विस्तृत जानकारी देते हुए उमेश कुमार एसडीओ विद्युत ने बताया कि 6 सितंबर सितंबर को प्रात: 9 बजे से दोपहर 1 बजे तक झाड़ली, छितरोली, उच्चत, उन्हानी, सिहोर गांवों की आपूर्ति बंद रहेगी।




28 एमएम वर्षा हुई, वर्षा का दौर अभी जारी
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कनीना की आवाज।
शुक्रवार को कनीना में 28 एमएम वर्षा हुई तथा समाचार लिखे जाने तक वर्षा जारी थी। शाम 5 बजे से 5:45 बजे तक 23 एमएम वर्षा हुई जबकि सुबह के वक्त 5 एमएम वर्षा हुई।




श्राद्ध सात सितंबर चंद्रग्रहण के दिन से शुरू
-22 सितंबर से शुरू होंगे नवरात्रे-पंडित दिनेश
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कनीना की आवाज।
 क्षेत्र में श्राद्ध 7 सितंबर चंद्र ग्रहण के दिन से शुरू होंगे और 21 सितंबर तक जारी रहेंगे।  इसके लिए प्रत्येक घर में तैयारियां शुरू हो गई है।
विस्तृत जानकारी देते हुए पंडित दिनेश कुमार  ने बताया कि हर साल पितृ पक्ष भाद्रपद की पूर्णिमा से शुरू होते हैं और अश्वनी मास की अमावस्या तक चलते हैं। इस बार सात सितंबर से शुरू होंगे 21 सितंबर तक चलेंगे। उन्होंने बताया कि पितरों की आत्मिक शांति की शांति के लिए पितृपक्ष में श्रद्धा किए जाते हैं। पितृ पक्ष का दिन अपने पूर्वज और पितरों के लिए श्राद्ध कर्म करने का महत्वपूर्ण दिन माना जाता है। ऐसी मान्यता है कि पितृ पक्ष के दिन मृत्यु लोक से पूर्व धरती लोक पर आते हैं। इसलिए पितृ पक्ष के दौरान तर्पण और श्राद्ध करने से पितरों का आशीर्वाद बना रहता है पितृ पक्ष श्राद्ध करने का विशेष फल भी प्राप्त होता है। उन्होंने कहा कि विधि विधान से पितृ पक्ष श्राद्ध करने चाहिए तत्पश्चात नवरात्रि पर शुरू हो जाएंगे नवरात्रि 22 सितंबर से शुरू होंगे। पितृपक्ष दौरान खीर, पूरी तथा विभिन्न पकवान बनाकर पितरों को खिलाए जाते हैं। उन्होंने बताया कि साथ ही जिन पूर्वजों की पुण्यतिथि ज्ञात नहीं है, उनका श्राद्ध भी अमावस्या तिथि पर किया जाता है। इसलिए अमावस्या श्राद्ध को सर्वपितृ मोक्ष अमावस्या कहा जाता है। इसके अलावा परिवार के सदस्यों की अकाल मृत्यु हुई हो, उनके निमित्त भी सर्व पितृ अमावस्या के दिन अनुष्ठान कर सकते हैं।
दूध महंगा-
ग्रामीण क्षेत्रों में दूध चाहे कुछ सस्ता हो किंतु शहरों एवं कस्बों में दूध का भाव 80 रुपये लीटर तक पहुंच गया है। ऐसे में खीर बनाना भी मुश्किल हो गया है। लोग दुकानों पर मिलने वाले दूध से ही खीर बनाकर पितृपक्ष में श्राद्ध करने को मजबूर हैं।
भोजन बर्बादी के दिन-
पितृपक्ष दौरान खाना चौराहों एवं छतों पर कई कर्द दिन पड़ा मिलता है। पूड़ी को न तो कौवा और न गाय एवं कुत्ता खाते हैं। ऐसे में भोजन बर्बादी इन दिनों पूरे यौवन पर मिलती है। हां, ब्राह्मणों को भोजन कराया जाता है।
फोटो कैप्शन: दिनेश कुमार पंडित


फिर हुई कनीना क्षेत्र में 28 एमएम वर्षा, फसल बर्बादी का दौर जारी
-पोर्टल पर त्वरित गति से करवा रहे हैं फसल क्षति अपलोड
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कनीना की आवाज।
 कनीना क्षेत्र में आए दिन वर्षा होती है जिसके चलते क्षेत्र के कपास और बाजरे की फसल में नुकसान का दौर जारी है। शुक्रवार को एक बार फिर से 28 एमएम वर्षा हुई। किसानों की माने तो बाजरे की फसल कपास की फसल बचने की अब कोई संभावना नहीं रही है जबकि बाजरे का खराब होने का दौर जारी है। जिन किसानों ने बाजरे के भुट्टे काटकर ढेर लगा दिया वे नीचे से सभी अंकुरित हो चुके हैं। जब किसान इनको पलटते हैं तो हताश हो जाते हैं।  किसान मौसम खुलने का इंतजार कर रहे हैं लेकिन मौसम विभाग अभी 15 सितंबर तक इसी प्रकार का मौसम रहने की बात कह रहा है। ऐसे में किसान अब केवल सरकार पर आश्रित हैं। सरकार ने क्षतिपूर्ति के लिए ई-पोर्टल तो खोल दिया है ताकि अपनी फसलों की क्षति की जानकारी पोर्टल पर अपलोड कर सकें।
पोर्टल पर आई तेजी--
क्षतिपूर्ति पोर्टल खोलने के बाद जहां किसान त्वरित गति से फसलों की क्षति की जानकारी पोर्टल पर देने लग गए हैं। किसानों की मांग है कि अब अधिक से अधिक मुआवजा मिले। यदि मुआवजा कम मिलता है तो उनकी फसल क्षति की भरपाई नहीं हो पाएगी। सीएससी सेंटर संचालक छोटूराम मेहरा ने बताया कि अब किसान त्वरित गति से अपनी फसलों की क्षति का ब्यौरा दे रहे हैं।
फोटो कैप्शन 07: बाजरे के भुट्टे ढेर में, पूर्णरूप से अंकुरित
   08: क्षतिपूर्ति पोर्टल पर ब्यौरा देते किसान



बीआर आदर्श वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय सेहलंग में शिक्षक दिवस हर्षोल्लास से मनाया गया
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कनीना की आवाज।
बीआर आदर्श वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय सेहलंग में शिक्षक दिवस बड़े ही धूमधाम और उल्लासपूर्ण वातावरण में मनाया गया। इस अवसर पर विद्यालय के चेयरमैन हरीश भारद्वाज मुख्य अतिथि रहे तथा कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राचार्या श्रीमती ज्योति भारद्वाज ने की।
कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलन से हुआ। तत्पश्चात भारत के महान दार्शनिक, शिक्षक एवं द्वितीय राष्ट्रपति डा. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जन्म दिवस पर उन्हें श्रद्धापूर्वक याद किया गया तथा उनकी प्रतिमा पर पुष्प अर्पित किए गए।
इसके उपरांत शिक्षकों के लिए विभिन्न रोचक और मनोरंजक गतिविधियां आयोजित की गईं। शिक्षकों को उनके व्यवहार तथा व्यक्तित्व के अनुसार उनको टैगलाइन देकर पहचानने, साथ ही पर्ची निकालने पर उसी अनुसार अभिनय , नृत्य एवं अन्य प्रस्तुति देने की गतिविधियाँ हुईं। कार्यक्रम के दौरान शिक्षकों ने बड़े उत्साह और उमंग के साथ भाग लिया और अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
चेयरमैन हरीश भारद्वाज ने कहा कि शिक्षक ही समाज और राष्ट्र की असली धुरी हैं। वे बच्चों के भविष्य का निर्माण करते हैं। डा. सर्वपल्ली राधाकृष्णन का जीवन हमें यह प्रेरणा देता है कि शिक्षा केवल ज्ञान प्राप्त करने का साधन नहीं, बल्कि चरित्र निर्माण का माध्यम भी है। बी.आर. परिवार अपने सभी शिक्षकों के समर्पण, परिश्रम और योगदान को नमन करता है।
समारोह के अंत में चेयरमैन  हरीश भारद्वाज ने सभी शिक्षकों को शिक्षक दिवस के उपलक्ष्य में उपहार भेंट किए। उपहार प्राप्त कर शिक्षकों ने प्रसन्नता व्यक्त की और संस्था के प्रति आभार प्रकट किया।
फोटो कैप्शन 09: शिक्षक दिवस पर शिक्षकों को सम्मानित करते बीआर स्कूल के चेयरमैन हरीश भारद्वाज तथा प्रिंसिपल ज्योति भारद्वाज




आपस में हुई कहासुनी को लेकर मारपीट करने के मामले में पुलिस ने एक ओर आरोपित पकड़ा
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कनीना की आवाज।
आपस में हुई कहासुनी को लेकर मारपीट करने के मामले में कार्रवाई करते हुए थाना सदर कनीना की पुलिस टीम ने एक ओर आरोपित को गिरफ्तार किया है। जिसकी पहचान दौंगड़ा अहीर निवासी संदीप के रूप में हुई है, जिससे पूछताछ में पुलिस ने वारदात में प्रयोग की गई बुलेरो गाड़ी बरामद की है। इस मामले में पुलिस द्वारा चार आरोपितों दौंगड़ा अहीर निवासी देवा, दीपक, रोहित और विकास को गिरफ्तार किया था। जिनसे पूछताछ में पुलिस ने पता लगाया कि आरोपियों ने आपसी कहासुनी को लेकर मारपीट की वारदात को अंजाम दिया था। शिकायतकर्ता नवीन वासी पोता ने थाना सदर कनीना में दी शिकायत में बताया कि वह झाड़ली प्लांट में नौकरी करता है। 9 अगस्त को शाम के समय में करीब 9 बजे वह उसके दोस्त व उसके मामा के लड़के के साथ कोल्ड ड्रिंक पीने के लिए दौगंडा चौक पर गए थे। तभी वहां पर देवा वासी गांव दौगंडा अहीर उनका रास्ता रोककर गाली-गलौच करने लगा और फिर आपस में छुटाव हो गया था। जब वह होटल से जाने लगे तो बाहर अचानक से उनके रास्ते में एक बुलेरो गाड़ी रुकी, जिसमें बैठे युवकों ने उनके साथ झगड़ा किया और मारने लगे। इस दौरान शिकायतकर्ता अपना बचाव करके छत पर भागा तो झगड़ते-झगड़ते आरोपियों ने उसे धक्का मार दिया और वह छत के नीचे गिर गया। जिससे उसे काफी चोटें आई। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी।





शिक्षक दिवस पर आयोजित हुआ हवन
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कनीना की आवाज।
राजकीय विद्यालय रसूलपुर में आर्य समाज रसूलपुर द्वारा शिक्षक दिवस के उपलक्ष्य पर यज्ञ आयोजित किया जिसके पुरोहित सतीश आर्य तथा ब्रह्मा किशनलाल मुख्य अध्यापक रहे।
   सतीश आर्य ने बताया कि रसूलपुर के स्कूल में प्रत्येक माह के प्रथम शनिवार को यज्ञ किया जाता है। इसके बाद एक स्वतंत्र सेनानी की जीवनी पर प्रकाश डाला जाता है। किशन लाल मुखिया रसूलपुर ने आर्य समाज रसूलपुर कार्यकारिणी का इस पुनीत कार्य, अच्छे संस्कारवान चरित्र निर्माण करने के लिए धन्यवाद किया। सतीश आर्य ने  शिक्षक दिवस पर गुरु के महत्व का गुणगान किया। इस अवसर पर आर्य समाज रसूलपुर के प्रधान हरफूल आर्य रहे वहीं महामंत्री धर्मपाल आर्य, मनमोहन सिंह, रवीना, अशोक कुमार, विनोद कुमार, अनिल, धर्मवीर, दिनेश कुमार, अजीत, सर्वेश आदि उपस्थित रहे।
 फोटो कैप्शन 6: हवन करते हुए सतीश आर्य


दिनभर रही अध्यापक दिवस की धूम
-शिक्षकों को किया सम्मानित
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कनीना की आवाज।
अध्यापक दिवस पर दिनभर विभिन्न विद्यालयों में अध्यापक दिवस की धूम रही। विभिन्न शिक्षकों को सम्मानित किया।
राजकीय माध्यमिक विद्यालय कैमला में आजाद भारत के प्रथम उपराष्ट्रपति डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जन्मदिन  शिक्षक दिवस के रूप में डा. जितेंद्र सिंह उप मंडल अधिकारी (नागरिक) कनीना की अध्यक्षता में हर्षोल्लास के साथ शिक्षक दिवस मनाया गया। कार्यक्रम में योगी वचनाई नाथ पार्षद वार्ड नंबर एक से मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित हुए। डा. पूर्ण प्रभा प्राचार्या राजकीय महाविद्यालय महेंद्रगढ़ ,डा. अभयराम प्रधान यादव सभा महेंद्रगढ़, नीना यादव , सेवानिवत्त प्रवक्ता हिंदी कनीना, सरला सेवानिवृत्त हिंदी अध्यापिका , मास्टर सीताराम आदि अति विशिष्ट अतिथि के रूप में कार्यक्रम में उपस्थित हुए।
   योगीराज ने बच्चों की शिक्षा संस्कार और अनुशासन पर बल दिया। मौलिक मुख्याध्यापक वीरेंद्र सिंह जांगिड़ ने कहा कि हमें जीवन में प्रत्येक अवसर का लाभ उठाना चाहिए महापुरुषों के विचारों का मनन करना चाहिए
 उधर खंड के गांव ककराला में शिक्षक दिवस के अवसर पर बाबा भैया सेवा दल संस्था द्वारा गांव के सेवानिवृत्त शिक्षकों के सम्मान में ककराला गुरु गौरव सम्मान समारोह का भव्य आयोजन संस्था के लाइब्रेरी भवन में किया गया।
 इस अवसर पर गांव के उन शिक्षकों को सम्मानित किया गया जिन्होंने अपना संपूर्ण जीवन शिक्षा और समाज निर्माण को समर्पित किया।
ग्रामवासियों ने एक स्वर में माना कि यह सम्मान केवल व्यक्तियों का नहीं, बल्कि शिक्षा और संस्कार की उस परंपरा का है जिसने ककराला को विशेष पहचान दिलाई है।
इस मौके पर स्टेट अवार्डी मास्टर बनवारी लाल सहित विभिन्न शिक्षक एवं विभिन्न पदाधिकारी उपस्थित रहे।
 उधर राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय अगिहार में शुक्रवार को शिक्षक दिवस मनाया गया कार्यक्रम की अध्यक्षता विद्यालय की प्राचार्य पूनम यादव ने की। अंग्रेजी के प्रवक्ता मदन मोहन कौशिक ने विद्यार्थियों को भारत रत्न, देश के दूसरे राष्ट्रपति तथा पहले उपराष्ट्रपति महान दार्शनिक और शिक्षक डा. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जीवन और उपलब्धियों के बारे में बताया। उन्होंने विद्यार्थियों का आह्वान किया कि वे श्री राधाकृष्णन के जीवन से प्रेरणा ग्रहण करें। विद्यालय में गणित के प्रवक्ता अजय बंसल ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि विद्यार्थी ज्यादा से ज्यादा मेहनत करके अपने लक्ष्य हासिल करें तथा जीवन में सफलता पाए।
फोटो कैप्शन 03: एसडीएम कनीना शिक्षकों को सम्मानित करते हुए।
            04:ककराला में शिक्षकों को सम्मानित करते हुए
            05: अगिहार में शिक्षक दिवस मनाते हुए




जीव विज्ञान में निकिता ने पाया अखिल भारतीय स्तर पर 66वां रैंक
-पास की जेआरएफ
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कनीना की आवाज।
कनीना खंड के गांव सीगड़ा की निकिता यादव ने सीएसआईआर द्वारा आयोजित जेआरएफ की जीव विज्ञान विषय की परीक्षा में अखिल भारतीय स्तर पर रैंक 66 लेकर न केवल गांव का बल्कि अपने क्षेत्र का नाम रोशन किया है। उनके पिता कृष्ण कुमार जो सरकारी स्कूल में मुख्य शिक्षक के पद पर कार्यरत हैं। उन्होंने बताया कि निकिता यादव बचपन से ही पढ़ाई में बहुत होशियार है। उसका जीव विज्ञान विषय में शोध करना  मुख्य उद्देश्य है। वह बड़ी होकर या तो विश्वविद्यालय में प्रोफेसर के पद पर नियुक्त होना चाहती है या आईएएस की परीक्षा पास करके अपने कार्य क्षेत्र में भ्रष्टाचार पूरी तरह से समाप्त करना उद्देश्य है। उल्लेखनीय है कि उन्होंने एमएससी प्राणी विज्ञान की परीक्षा में इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय मीरपुर में प्रथम स्थान प्राप्त करके गोल्ड मेडल भी प्राप्त किया था। निकिता यादव अपनी सफलता का पूरा श्रेय अपने गुरुजनों,दादा-दादी माता-पिता, चाचा-चाची को देती है। प्राचार्य सूबे सिंह चौहान, प्रवक्ता राजेश शर्मा, अशोक शर्मा, सतीश शर्मा,सुरेंद्र, विजय सिंह यादव ने निकिता यादव को जेआरएफ परीक्षा में 66वां रैंक लेने पर बधाई दी एवं उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।
फोटो कैप्शन: निकिता यादव

















कारगिल बलिदानी अशोक कुमार की 26वीं पुण्यतिथि पर हवन यज्ञ
-54 यूनिट रक्त इकट्ठा किया
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कनीना की आवाज।
कनीना उप-मंडल के गांव सिहोर में कारगिल बलिदानी अशोक कुमार संपदा सोसायटी (रजि.) की ओर से शहीद स्मारक पर हवन यज्ञ का आयोजन किया गया। इस अवसर पर बलिदानी अशोक कुमार को उनकी 26वीं पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि अर्पित की गई। 2 मिनट का मौन रखकर बलिदानी को नमन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि दड़ोली आश्रम के संचालक स्वामी समर्पणानंद महाराज रहे।
   उन्होंने कहा कि बलिदानी किसी एक जाति या धर्म के नहीं होते, वे पूरे देश के होते हैं। श्रद्धांजलि कार्यक्रम के दौरान शहीद अशोक कुमार की मां भतेरी देवी अपने आंसुओं को रोक नहीं पाईं। भाई राजवीर सिंह ने बताया कि हवन यज्ञ कर शहीद की आत्मा को शांति के लिए प्रार्थना की गई।
पुण्यतिथि पर रक्तदान शिविर, 54 यूनिट हुआ रक्त संग्रह-
 उधर बलिदानी कुमार संपदा सोसायटी व  रेडक्रास सोसाइटी महेंद्रगढ़ स्थित नारनौल के तत्वावधान में बलिदानी अशोक कुमार की 26वीं पुण्यतिथि पर रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर बाबा ब्रह्मचारी मंदिर परिसर में आयोजित हुआ। शिविर का शुभारंभ बलिदानी अशोक कुमार के भाई राजबीर सिंह ने किया। इस दौरान महेंद्रगढ़, भिवानी, झज्जर और रेवाड़ी जिलों से आए लोगों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। कुल 54 यूनिट रक्त एकत्रित किया गया।  
 राजबीर सिंह ने बताया कि बलिदानी अशोक कुमार की पुण्यतिथि पर हर वर्ष रक्तदान शिविर का आयोजन किया जाता है ताकि जरूरतमंदों की जान बचाई जा सके।  मौके पर डा. प्रतीक, लैब तकनीशियन सुनील कुमार, नर्सिंग आफिसर सुरभि, वन अधिकारी नरेंद्र कुमार, सुनील यादव, रतिराम यादव, नीरज यादव सहित अन्य लोग मौजूद रहे।   
फोटो कैप्शन 02: रक्तदान करते हुए लोग