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Saturday, October 4, 2025


 


गायों की नस्लें सुधारना है मुख्य उद्देश्य-भगत सिंह प्रधान
--प्रतिदिन दो लाख रुपये खर्च आ रहे हैं गौशाला पर
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कनीना की आवाज।
 कनीना की श्रीकृष्ण गौशाला में जब से भगत सिंह प्रधान ने कार्यभार संभाला है तब से जहां गायों को गोद लेने का सिलसिला बढ़ा है। वही गायों के लिए दान पुण्य भी बढ़ता ही जा रहा है।
 भगत सिंह प्रधान ने बताया कि उनका उद्देश्य श्री कृष्ण गौशाला में गायों की नस्लें सुधारना है। इसके लिए व्यापक प्रबंध कर रहे हैं ताकि अच्छी नस्ल के सांडों से संकरण करवा कर उन्नत नस्ल की गाये तैयार हो सके। जिससे कोई भी व्यक्ति इन गायों को अपना सके और घरों में पाल सके। उन्होंने बताया कि समय 1400 गाये हैं जिन पर 40 कर्मचारी उनकी सेवा में लगे हुए हैं जो डॉक्टर भी उनकी सेवा कर रहे हैं। वह गायों के लिए अलग-अलग बाड़े बनवा रहे हैं ताकि गाये अच्छी प्रकार पल सके। उनके बाहर घूमने का भी प्रबंध किया जा रहा है। उन्होंने बताया प्रतिदिन दो लाख रुपये गौशाला पर आ रहा है।
 उन्होंने बताया इस समय गौशाला में गिर एवं हरियाणवीं नस्ल की गायें हैं। 10000 मण कड़बी इकट्ठी की जा चुकी है। 13 ट्रैक्टर बाहर से लगाए गये। प्रत्येक ट्रैक्टर का किराया 900 रुपये प्रति ट्रैक्टर हिसाब से दिया गया जबकि तीन ट्रैक्टर गौशाला के रहे। इस प्रकार 7 लाख रुपये खर्च करके कड़बी का व्यापक प्रबंध किया है। अब उनकी गौशाला अच्छे ढंग से चल पाएगी। उन्होंने लोगों का आह्वान किया की गौशाला में आए और गायों की सेवा धर्म भी निभाये।
तीन गोग्रास गाडिय़ां लगाई है-
 भगत सिंह प्रधान ने बताया कि तीन गोग्रास गाडिय़ां लगी हुई है जो कनीना के अतिरिक्त गाहड़ा, कोटिया भडफ़ व करीरा आदि गांव से गोग्रास लाती है। भगत सिंह ने बताया कि लोग गाड़ी में गली सड़ी सब्जी एवं पालीथिन डाल देते हैं जिससे गाये बीमार हो रही और मरने का खतरा बन जाता है। ऐसे में उन्होंने लोगों से अपील की की गो ग्रास गाडिय़ों में किसी प्रकार की गली सड़ी सब्जी न डाले तथा पालीथिन डालने से बचे।
7 गाये ली गोद,दिया दान -
 कनीना की श्रीकृष्ण गौशाला में सात गाये अलग अलग लोगों ने गोद ली तथा दन दिया। इनमें जीविका गर्ग नानौल ने एक, हरिकिशन बंसल ने तीन, निशा शर्मा फरीदाबाद ने एक, कीर्ति मुदगिल ने एक, राज श्री शर्मा ने एक गाय गोद ली। उन्होंने गौशाला कुल 36 हजार रुपये दान दिया।  इस मौके पर अमित गर्ग, सतीश चंद्र शर्मा सहित भगत सिंह श्रीकृष्ण गौशाला प्रधान ने उनका अभिनंदन किया तथा इस कार्य की सराहना की।
  इस मौके पर रामपाल यादव, दिलावर सिंह यादव, बलवान सिंह आर्य, कृष्ण प्रकाश गुरुजी, मास्टर रामप्रताप, प्रवीन कुमार मुनीम आदि उपस्थित रहे।
 फोटो कैप्शन 09: भगत सिंह प्रधान एवं गौसेवक गायों की सेवा करते हुए





हैफेड के एमडी मुकुल कुमार ने कनीना मंडी का दौरा कर खरीद कार्यों का लिया जायजा
--किसानों की सुनी समस्याएं
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कनीना की आवाज।
हरियाणा स्टेट को-ऑपरेटिव सप्लाई एंड मार्केटिंग फेडरेशन लिमिटेड (हैफेड) के प्रबंध निदेशक (एमडी) मुकुल कुमार ने आज कनीना मंडी का औचक दौरा कर खरीफ फसल के चल रहे खरीद कार्यों का बारीकी से निरीक्षण किया।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसानों को किसी प्रकार की असुविधा न हो और सरकारी दिशानिर्देशों का पूर्णत: पालन हो।
इस अवसर पर हैफेड के जिला प्रबंधक (डीएम), प्रवीण भारद्वाज सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे।
एमडी श्री कुमार ने मंडी में खरीद प्रक्रिया का विस्तृत जायजा लिया।
उन्होंने उपस्थित किसानों और आढ़तियों से व्यक्तिगत रूप से बातचीत की और उनकी समस्याओं और सुझावों को सुना। उन्होंने किसानों को आश्वस्त किया कि खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता और गति बनाए रखी जाएगी।
उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि किसानों के लिए मंडी में पीने के पानी, बैठने की व्यवस्था और शौचालय सहित सभी प्रकार की मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं।
श्री मुकुल कुमार ने कहा कि हरियाणा सरकार के निर्देशानुसार खरीफ फसल की खरीद प्रक्रिया सुचारू और व्यवस्थित तरीके से चलनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वे खरीद, उठान और भुगतान के कार्यों में तेजी और सटीकता बनाए रखें, ताकि किसानों को अपनी उपज बेचने में कोई विलंब न हो और उनका भुगतान समय पर हो सके। उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि फसल खरीद के दौरान गुणवत्ता मानकों से कोई समझौता न किया जाए।
फोटो कैप्शन 10: कनीना अनाज मंडी में एमडी मुकुल कुमार किसानों से मिलते हुए



7 गाये ली गोद,दिया दान
-अब तक 200 से अधिक गाये ली जा चुकी हैं गोद
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कनीना की आवाज।
कनीना की श्रीकृष्ण गौशाला में सात गाये अलग अलग लोगों ने गोद ली तथा दन दिया। इनमें जीविका गर्ग नानौल ने एक, हरिकिशन बंसल ने तीन, निशा शर्मा फरीदाबाद ने एक, कीर्ति मुदगिल ने एक, राज श्री शर्मा ने एक गाय गोद ली। उन्होंने गौशाला कुल 36 हजार रुपये दान दिया।  इस मौके पर अमित गर्ग, सतीश चंद्र शर्मा सहित भगत सिंह श्रीकृष्ण गौशाला प्रधान ने उनका अभिनंदन किया तथा इस कार्य की सराहना की।
  इस मौके पर रामपाल यादव, दिलावर सिंह यादव, बलवान सिंह आर्य, कृष्ण प्रकाश गुरुजी, मास्टर रामप्रताप, प्रवीन कुमार मुनीम आदि उपस्थित रहे।
 फोटो कैप्शन: भगत सिंह प्रधान






दीये बनाने में व्यस्त है प्रजापति समाज के लोग
-दीपावली पर बिकते विभिन्न प्रकार के मिट्टी के दीपक
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कनीना की आवाज।
दीपावली पर खुशियों को व्यक्त करने के लिए परम्परागत रूप से जलाए जाने वाले दीयों को बनाने में प्रजापति जाति के लोग व्यस्त हैं। ये दीये बनाकर अपनी रोटी रोजी कमाने के लिए दीपावली पर बेचते हैं।
     दीपावली के आगमन से करीब एक माह पूर्व ही प्रजापति जाति के लोग मिट्टी लाकर चाक पर दीपक बनाते हैं। तत्पश्चात उन्हें पकाकर घर-घर उपलब्ध कराते हैं। एक वक्त था जब दीपावली के शुभ दिन पर घी के दीये जलाते थे किंतु अब दीयों के प्रति रुझान भी बदल गया है। श्रीराम के 14 वर्षों का वनवास पूरा करके, रावण पर विजय पाकर जब सीता सहित राम, लक्ष्मण व हनुमान अयोध्या लौटे थे तो लोगों ने खुशी के मारे घरों में घी के दीये जलाए थे और तत्पश्चात प्रति वर्ष उसी याद को दिलों में संजोकर प्रतिवर्ष घी के दीये जलाते आ रहे हैं। परंतु अब तो लोग तेल के दीये भी नहीं जलाते अपितु मोमबत्ती जलाकर ही खुशी व्यक्त करते हैं। प्रजापति जाति के लोगों ने बताया कि एक वक्त था जब दीपावली के दिन इतने दीये बिकते थे कि उनके परिवार का गुजर बसर आसानी से हो जाता था। लेकिन अब तो रोटी रोजी के भी लाले पड़ गए हैं।  अब तो दीये बनाकर पकाने का काम भी धीमा पड़ गया है। अनेक प्रजापति समाज के लोगों ने तो अपना यह व्यवसाय ही बदल लिया है या फिर दीये खरीदकर लाते हैं और उन्हें घरों में बेचते हैं।
   गृहणियों आशा, शकुंतला, नीलम ने बताया कि दीयों को देशी घी से जला पाना कठिन हो गया है क्योंकि देशी घी का भाव भी 1200 रुपये किलो तक पहुंच गया है वहीं रुई की बाती बनानी पड़ती हैं और दीपकों को पानी में भीगोकर रखना पड़ता है ताकि वे घी कम चूसे। बाद में तेल के दीये जलाने की प्रथा चली क्योंकि तेल का भाव भी 200 रुपये किलो से कम नहीं होता है। ऐसे में तेल के दीये जलाना भी आसान काम नहीं है।  अब तो दीपावली के दिन मोमबत्तियां ही जलाई जा रही है।
  मोमबत्तियां ने चौपट कर दिया दीये बनाने वालों का रोजगार-
 दीपावली पर खुशियों को व्यक्त करने के लिए परम्परागत रूप से जलाए जाने वाले दीयों का स्थान मोमबत्तियों ने ले लिया है। प्रजापति समाज  के लोगों द्वारा दीये बनाकर अपनी रोटी रोजी कमाने वालों का तो मानो धंधा ही चौपट हो गया है।
कनीना में दीये बनाने वाले आधा दर्जन लोग--
 अब तो कनीना में महज आधा दर्जन लोग ही दीये बनाने का काम कर रहा है। घड़े बनाने का काम भी इतने ही लोग कर रहे हैं। अमित कुमार ,उमेश कुमार, मनोहर लाल प्रजापति ने बताया कि मिट्टी के लिए उन्हें दूसरे गांवों में जाना पड़ता है वहां से मिट्टी बहुत मंहगी मिलती है। उस पर ईंधन के रेट भी बहुत ऊंचे हो गए और बनाने के लिए खुला स्थान चाहिए और पकाने के लिए भी खुली जगह चाहिए जो कि उनके पास नहीं है। जिससे बड़ी परेशानी होती है। वे इस रोजगार को छोडऩे के लिए मजबूर हो रहे हैं परंतु क्या करें ?
उन्होंने दर्द झलकाते हुए बताया कि साथ ही जब वे भट्ठी पकाते हैं तो उससे निकलने वाले धुएं से पड़ोसी बहुत परेशान होते हैं जो की बार-बार शिकायत करते हैं। परंतु वे मजबूर हैं इसलिए सरकार से मांग है कि उन्हें बर्तन बनाने के लिए उचित जगह दी जाए और मिट्टी की व्यवस्था की जाए ताकि वे अपना जीवन गुजर बसर कर सकें।
फोटो कैप्शन 07 व 08: कनीना में मिट्टी के दीपक बनाते हुए प्रजापति समाज के लोग।






किसानों ने एमडी हैफेड के समक्ष रखी अपनी मांगे
-सरकार को प्रेषित करने का दिया आश्वासन
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कनीना की आवाज।
 कनीना की नई अनाज मंडी स्थित चेलावास में जहां बाजरे की खरीद 23 सितंबर से शुरू हो चुकी है किंतु एक दाना भी सरकारी तौर पर नहीं खरीदा गया है। अब तक करीब 20,000 क्विंटल बाजरा अनाज मंडी में आया है। जिसमें से निजी तौर पर 10000 क्विंटल बाजरा खरीदा जा चुका है तथा 10000 क्विंटल के करीब फड़ों पर पड़ा हुआ है। आज तक 769 गेट पास काटे जा चुके हैं लेकिन अभी तक सरकारीतौर पर बाजरे की खरीद नहीं हो पाई है। क्योंकि सरकारी रेट पर जो गुणवत्ता चाहिए वह बाजरे में उपलब्ध नहीं है।
 इस संबंध में सचिव मार्केट कमेटी मनोज मनोज पाराशर से बात हुई उन्होंने बताया कि किसानों के गेट पास काटे जा रहे हैं। अब तक कुल 750 गेट पास काटे जा चुके हैं। सरकारी तौर पर बाजार 2775 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब खरीदने के आदेश हैं किंतु जिन मानदंडों पर बाजरा खरीदा जाना चाहिए, जो गुणवत्ता होनी चाहिए वो बाजरे में नहीं है। जिसके कारण सरकारी तौर पर बाजरा नहीं खरीदा गया है। निजी स्तर पर बाजरे की खरीद कम से कम 1950 रुपये तथा अधिकतम 2200 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से की गई है। यह बाजरा करीब 10000 क्विंटल खरीदा गया है। इसमें भावांतर भरपाई सरकार द्वारा की जाएगी। एमडी पहुंचे कनीना कनीना अनाज मंडी--
कनीना की नई अनाज मंडी में एमडी हैफेड मुकुल कुमार पहुंचे। इस मौके पर अनेक किसान उनसे मिले और किसानों ने अपना दर्द उनके समक्ष प्रस्तुत किया। किसानों ने कहा कि उनके बाजरे की सरकारी तौर पर खरीद की जानी चाहिए। मुकुल कुमार ने बताया कि जो निर्धारित मानदंड/मानक रखे गए हैं उन पर बाजरा खरा नहीं उतर रहा है। वर्षा द्वारा खराब हो चुका है, इसलिए यह सरकारी तौर पर नहीं खरीदा जा रहा है। इस पर किसानों ने कुछ नियमों में ढील देने की मांग की, जिस पर मुकुल कुमार ने उनसे लिखित लिखित बयान मांगा। उन्होंने किसानों को आश्वस्त किया कि वे सरकार तक उनकी बात पहुंचाएंगे। किसानों ने लिखित रूप से मुकुल कुमार को अपना ज्ञापन दिया।
 इस मौके पर खरीद एजेंसी हैफेड मैनेजर वीरेंद्र कुमार ने बताया कि किसानों की समस्या है कि सरकारी तौर पर बाजरा खरीदा जाए किंतु सरकारी तौर पर जो मानक रखे हैं उन पर खरानहीं उतर पा रहा। बाजरे का रंग खराब हो गया है हुआ है। जिसके चलते सरकारी तौर पर नहीं खरीद पा रही है। उन्होंने बताया कि प्रतिदिन बाजरे के सैंपल रेवाड़ी भेजे जा रहे हैं किंतु एक भी अब तक पास नहीं हुआ है।
 फोटो कैप्शन 6: एमडी मुकुल कुमार नई अनाज मंडी बाजरे का निरीक्षण करते हुए
 साथ में मनोज पाराशर सचिव मार्केट कमेटी





सरकार के आदेश पर बाल रामलीला आयोजित
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कनीना की आवाज।
शनिवार को शिक्षा विभाग हरियाणा के निर्देश अनुसार  राजकीय प्राथमिक पाठशाला अगिहार में बाल रामलीला का आयोजन किया गया। विद्यालय की कक्षा ग्यारहवीं की छात्रा अर्चना ने बाल कलाकारों को अभिनय के लिए तैयार किया। विद्यालय के मुख्य शिक्षक रतनलाल ने बाल कलाकारों के अभिनय की तारीफ की तथा उन्हें रामायण के विभिन्न पात्रों से प्रेरणा ग्रहण करने की अपील की। बाल रामलीला में कल्पना,कंचन, पूर्व, प्रिंस, इशिका, साक्षी, देविका, प्रियांशी मुस्कान सोफिया, प्रीति तथा साहिल आदि बाल कलाकारों ने उत्कृष्ट अभिनय का प्रदर्शन किया।
   इस अवसर पर विद्यालय की प्राचार्या पूनम यादव मदन मोहन कौशिक, राजेंद्र कटारिया, अजय कुमार  बंसल, धर्मेंद्र डीपीई, कैलाश देवी, निशा जांगड़ा, शशि कुमारी,सुरेंद्र सिंह चंद्रशेखर, प्रमोद कुमार सहित विद्यालय के समस्त स्टाफ एवं विद्यार्थी उपस्थित रहा।
फोटो कैप्शन 04: बाल रामलीला में भाग लेने वाले पात्र



















जागरण प्रभाव
खबर प्रमुखता से प्रकाशित करते ही
 शिक्षा विभाग ने दो अस्थाई भेजे
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कनीना की आवाज।
शहीद हनुमान सिंह राजकीय माध्यमिक विद्यालय कोटिया का समाचार दैनिक जागरण ने ज्यों ही प्रमुखता से प्रकाशित किया त्यों ही शिक्षा विभाग ने दो असथायी तौर पर शिक्षक भेजे हैं। इससे पढ़ाई प्रभावित नहीं हो पाएगी।  भेजे गये शिक्षकों में पीटीआई तथा संस्कृत प्रमुख हैं।
विस्तृत जानकारी देते हुए एसएमसी सदस्य देशराज यादव ने बताया कि शिक्षक तो भेज दिए किंतु मुख्य विषय गणित एवं विज्ञान का कोई शिक्षक नहीं भेजा है। उन्होंने सरकार से मांग की है की गणित या विज्ञान विषय में से एक शिक्षक जरूर भेजें ताकि विद्यार्थी की पढ़ाई सुचारु रूप से चल सके। उन्होंने साथ में कहा कि जब तक स्थायी शिक्षक नहीं आते तब तक कोई विज्ञान या गणित का प्रतिनियुक्ति या अस्थाई तौर पर भेजा जाए।
 फोटो कैप्शन 5: दैनिक जागरण में प्रकाशित समाचार


Friday, October 3, 2025


 



60 एकड़ की कड़बी जलकर राख
-दमकल विभाग की गाडिय़ों ने पाया आग पर काबू
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कनीना की आवाज।
 कनीना उप मंडल के गांव गुढ़ा में बिजली की तार टूटने से सैकड़ों मण कड़बी जलकर राख हो गई। दमकल विभाग की दो गाडिय़ां पहुंची जिन्होंने आग पर काबू पाया। एक गाड़ी महेंद्रगढ़ से तो दूसरी चेलावास से आई।
  मिली जानकारी अनुसार दोपहर पश्चात योगेश कुमार की करीब 60 एकड़ की इकट्ठी की गई कड़बी में आग लग गई। आग बिजली के तार के टूटने से लगी। कड़बी धू-धूकर जलने लगी। पुलिस एवं फायर ब्रिगेड को सूचित किया जिन्होंने आग पर काबू पाया। आग पर काबू पाने के लिए
सुनील कुमार, विकास महेंद्रगढ़ फायर स्टेशन से तथा चेलावास फायर स्टेशन से कुलदीप,नवीन एवं शैलेंद्र पहुंचे। योगेश कुमार ने मुआवजा देने की मांग की है।
फोटो कैप्शन 08: गुढ़ा में लगी आग से जली कड़बी।





-श्रीराम तिलक के साथ संपन्न हुआ रामलीला का मंचन
-51 फुट ऊंचे रावण दहन
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कनीना की आवाज।
श्री आदर्श रामलीला समिति के तत्वाधान में आयोजित हुई रामलीला के भव्य मंचन का समापन रावण दहन एवं राम राजतिलक के साथ हुआ। इससे पहले प्रभु श्री राम जी की सेना व रावण की सेना रथ में सवार होकर पूरे नगर की परिक्रमा करते हुए रामलीला मैदान में पहुंची व नगर के मुख्य चौराहों पर युद्ध का दृश्य दिखाया गया जिसको देखने के लिए अपार जनसमूह उमड़ा। इसके बाद मंच पर रावण व श्रीराम के बीच भीषण युद्ध देखने को मिला व अंत में रावण का संहार करके श्री राम जी ने 51 फुट ऊंचे रावण का दहन किया। राम का रजतिलक किया गया। कार्यक्रम के अंत में सभी कलाकारों को सम्मानित किया गया। प्रधान मोहित जेलदार व उप-प्रधान दिनेश यादव ने सभी का धन्यवाद किया। लीला का समापन राजतिलक का मनमोहक दृश्य के साथ हुआ। इस दौरान श्याम मित्र मंडल के प्रधान अनिल गर्ग , महेंद्र मित्तल , पिन्नू मित्तल , मुकुट मित्तल , निट्टू ठेकेदार , विक्की पंसारी उपस्थित रहे।
फोटो कैप्शन 06: राम का राजतिलक करते हुए


धर्मवीर यादव कोटिया को सर्वसम्मति से बनाया कनीना ब्लाक सरपंच एसोसिएशन का प्रधान
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कनीना की आवाज।
 कनीना ब्लाक के सरपंच एसोसिएशन की बैठक कनीना में आयोजित हुई जिसमें सरपंच एसोसिएशन प्रधान हरिओम पोता को निजी समस्याओं के चलते प्रधान पद से हटकर सरपंच धर्मवीर यादव को कोटिया को सर्वसम्मति से ब्लाक सरपंच एसोसिएशन का नया प्रधान चुना गया। इस मौके पर कन्या ब्लाक के काफी सरपंच मौजूद रहे।
फोटो कैप्शन 5: धर्मवीर यादव का सम्मान करते हुए सरपंच



जगह-जगह गंदगी, ओवरफ्लो नाले, गलियों में फैला वर्षा का गंदा जल बना आफत
-कनीना नगरपालिका के पास नहीं है समाधान
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कनीना की आवाज।
 कनीना नगर पालिका के तहत वार्डों में जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे हुए हैं। वहीं कई जगह कूड़ेदान हटा दिए गए हैं, यहां तक की वर्षा का जल भी गलियों में खड़ा है और लोगों का आवागमन भी गंदे जल से हो रहा है। नगरपालिका असहाय नजर आ रही है। करीब 40 सफाई कर्मचारी है लेकिन सभी वार्डों की प्रतिदिन सफाई नहीं हो पा रही है। कहने को तो नगर पालिका है किंतु हालत देखकर लगता है कि एक गांव से भी बदतर हालत है। न कोई सुनने वाला और न ही कोई कूड़ा उठाने वाला है।
गंदे नाले और नालियां ओवरफ्लो होने से दूर दराज तक गंदाजल फैल रहा है। यदि अंधेरे में कोई दोपहिया वाहन इनमें गिर गया तो बचना भी मुश्किल हो जाएगा। लोगों का कहना है कि नगरपालिका कोई सुध नहीं ले रही है। आरती सिंह राव मंत्री एवं उच्च अधिकारियों ने होलीवाला जोहड़ की पैमाइश करके जोहड़ की सफाई करने का आदेश दे रखा है लेकिन नगर पालिका ने अभी तक न तो पैमाइश करवाई है और न जोहड़ सफाई करवाई है। परिणाम यह है कि इस जोहड़ का गंदा जल दूर दराज तक फैलकर समस्या बना हुआ है।
क्या कहते हैं अधिकारी -
कनिष्ठ अभियंता राकेश कुमार नगर पालिका कनीना से इस संबंध में चर्चा की। उन्होंने बताया कि अभी कालरवाली जोहड़ का पानी साफ किया जा रहा है। इसमें करीब 10 दिन लगेंगे। तत्पश्चात होलीवाला जोहड़ के पानी को साफ करके खोदाई की जाएगी। यह गंदा पानी दूर हो पाएगा। उन्होंने बताया कि सफाई से संबंधित 35 सफाई कर्मचारी है। 4 एचकेआरएन के है तथा प्रतिदिन सभी वार्डों में नहीं जा पा रहे हैं। ऐसे में गंदगी मिलना स्वाभाविक है। उन्होंने बताया कि जल्द ही इन समस्याओं से निजात पाया जा सकेगा। उच्च अधिकारियों कुछ और कर्मचारी लगाने के लिए भी पत्र प्रेषित किया है।
 फोटो कैप्शन 03:होलीवाला जोहड़ का फैला  गलियों में गंदा जल
04: ओवरफ्लो नालों की फैली गंदगी की हालात
05: कूड़े के लगे ढेर





कोलकाता से आई संतोष देवी ने ली 10 गाये गोद
- 51000 की नकद राशि दी भेंट
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कनीना की आवाज।
 संतोष देवी अग्रवाल मोहनपुर निवासी हालआबाद कोलकाता ने कनीना की श्रीकृष्ण गौशाला में आकर दस गाये  गोद ली और 51000 रुपये गौशाला को भेंट की। इस मौके पर उनके परिवार से संजय अग्रवाल, श्याम अग्रवाल, किशन अग्रवाल शामिल हुये। इस मौके पर भगत सिंह श्रीकृष्ण गौशाला प्रधान ने उनका अभिनंदन किया तथा इस कार्य की सराहना की।
 उन्होंने कहा कि जो कोलकाता में रह रहे हैं वो भी कनीना की श्रीकृष्ण गौशाला के प्रति गहन लगाव रखते हैं। उन्होंने इस पुनीत कार्य के लिए उनका आभार जताया। इस मौके पर उनके साथ रविंद्र बंसल, हरि किशन बंसल, हरीश बंसल, कमला देवी, अनिता बंसल, जीविका, रामपाल यादव, दिलावर सिंह यादव, बलवान सिंह आर्य, कृष्ण प्रकाश गुरुजी, मास्टर रामप्रताप, प्रवीन कुमार मुनीम आदि उपस्थित रहे।
 फोटो कैप्शन 02: श्रीकृष्ण गोशाला में गाये गोद लेते हुए संतोष देवी बंसल



ऐसा भी एक स्कूल जहां कोई शिक्षक नहीं-
कोटिया स्कूल में एक भी शिक्षक नहीं
-30 विद्यार्थी पा रहे हैं शिक्षा
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कनीना की आवाज। 
शहीद हनुमान सिंह राजकीय माध्यमिक विद्यालय कोटिया में वर्तमान में एक भी स्थायी शिक्षक नहीं है। 39 विद्यार्थियों का भविष्य अधर में लटक गया है। एक मुख्य अध्यापक जरूर कार्यरत था जो 30 सितंबर को सेवानिवृत्त हो चुके हैं। ऐसे में बिना शिक्षकों के कैसे पढ़ाई हो?
एसएमसी सदस्य देशराज यादव ने बताया कि उनके कोटिया स्कूल में लंबे समय से एक मुख्य अध्यापक कार्यरत था जो 30 सितंबर को सेवानिवृत्त हो चुका है। अब कोई शिक्षक विद्यालय में कार्यरत नहीं है। बिना शिक्षकों का यह इकलौता माध्यमिक स्कूल है। इस संबंध में ग्रामीणों ने कई बार शिक्षा अधिकारियों से शिक्षक भेजने की मांग की है किंतु सब बेकार गया।
अगर शिक्षा अधिकारियों की माने तो उनका कहना है कि एक संस्कृत शिक्षक डेपूट कर रखा है जो कार्यरत सीहोर में है किंतु पढ़ाने के लिए यहां आता है लेकिन वह भी नियमित रूप से नहीं आ पाता। उनको भी कभी कभार कार्य होता है। ऐसे में जिस दिन डेपूट किया हुआ शिक्षक नहीं आ पाता उस दिन विद्यार्थी कैसे पढ़ पाए? कम से कम यहां तीन शिक्षकों की जरूरत है।
कभी कभार सेवानिवृत्त शिक्षक भी दुखी विद्यार्थियों की समस्या हल करने के लिए विद्यालय में आ जाते हैं। ऐसे में अब बेचारे विद्यार्थी क्या करें? अभिभावक भी अब तो परेशान हो चले हैं। नजदीक दूसरा स्कूल कम से कम 3 किलोमीटर दूर पड़ता है। जहां तक बच्चों को भेजना भी कठिन होता है।
 क्या कहते अधिकारी-
खंड शिक्षा अधिकारी दिलबाग सिंह से बात कि तो उनका कहना है कि शिक्षकों का प्रबंध कर दिया है तथा उनकी समस्या को हम उच्च अधिकारियों तक भी प्रेषित कर दिया है। ऐसे में जब उच्च अधिकारी किसी स्थायी शिक्षक को भेज पाएंगे तभी समस्या का समाधान हो पाएगा।
 फोटो कैप्शन 01: कोटिया स्कूल जहां कोई शिक्षक नहीं




 किसान जुटे रबी फसल की तैयारी में
-खेतों की चल रही है सिंचाई एवं जुताई
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कनीना की आवाज।









कनीना क्षेत्र की बावनी अर्थात 52 हजार हेक्टेयर भूमि मानी जाती है। इस पर खरीफ फसल किसानों द्वारा लेने के पश्चात रबी फसल की तैयारी में किसान जुट गए हैं। त्वरित गति से अपने खेतों की सिंचाई फव्वारों द्वारा कर रहे हैं क्योंकि रबी फसल पूर्ण रूप से ट्यूबवेलों पर निर्भर करती है। किसान सरसों और गेहूं और गेहूं उगते हैं। सरसों की अच्छी पैदावार लेने के लिए अच्छे बीजों एवं खादों की तलाश कर रहे हैं। 10 अक्टूबर से सरसों की बीजाई प्रारंभ हो जाती है जबकि 1 नवंबर से गेहूं की बिजाई शुरू कर दी जाती है। वर्तमान में किसान बीजों की दुकानों पर जहां खाद एवं बीज लाकर खेतों में डाल रहे हैं वही बीजों को बीजाई करने के लिए अपने घर में सुरक्षित रख रहे ताकि समय आते ही बिजाई कर दी जाए।
 किसान सुरेंद्र सिंह, सूबे सिंह, राजेंद्र सिंह आदि ने बताया कि जल्द ही बिजाई का समय आने वाला है। अभी दिन के समय तापमान अधिक होने से बीजाई संभव नजर नहीं आ रही है।
 क्या कहते हैं पूर्व कृषि अधिकारी-
 पूर्व कृषि अधिकारी डा. देवराज यादव बताते हैं कि सरसों की बिजाई 10 अक्टूबर से प्रारंभ हो जाती है जो 25 अक्टूबर तक जारी रहती है। इसके लिए तापमान 28 से 30 डिग्री होना चाहिए। तत्पश्चात 1 नवंबर से गेहूं की बिजाई शुरू हो जाती है। देसी किस्म सी-306 सात नवंबर तक बीजाई की जा सकती है तथा बाद में गेहूं की बीजाई 25 नवंबर तक जारी रहेगी जिसके लिए तापमान 22 डिग्री चाहिए। गेहूं के लिए सरसों के मुकाबले तापमान कम चाहिए। अभी मौसम में बदलाव नहीं हुआ है, आने वाले समय में मौसम में बदलाव होने की संभावना है। तत्पश्चात किसान तेजी से बीजाई का काम करेंगे। वर्तमान समय में किसान खेतों की तैयारी कर रहे और खेतों की सिंचाई करके बीजाई के लिए तैयार रहेंगे।
कई समस्याओं से जूझ रहे हैं किसान--
क्षेत्र के किसान कई समस्याओं से जूझते आ रहे हैं। पैदावार लेने के लिए बिजली, पानी, खाद, गिरते जलस्तर, बीजों की जानकारी अभाव तथा कई अन्य समस्याओं का सामना करना पड़ता है। ऐसे में रबी फसल पैदावार लेना तलवार की धार के समान है।
   कनीना क्षेत्र का किसान यूं तो सदा ही मेहनत के बलबूते पर जीवित रहा है। कठिन परिश्रम करके अपनी आजीविका कमा रहा है। उसकी मुख्य फसलें खरीफ एवं रबी की होती है।  खरीफ की फसल वर्षा पर आधारित होती है। पहले ही भू-स्तर गिरता जा रहा है ऊपर से डार्क जोन घोषित होने से नलकूप खोदना आसान नहीं रहा है। वैसे भी नलकूप लगाना लाखों रुपये का खर्चा होता है। यह भी सत्य है कि प्रतिवर्ष उसके बिजली के उपकरण जलने की समस्या रहती है। जैसे तैसे उपकरण ऋण लेकर लगा भी देता है तो पानी की समस्या फिर भी आड़े आ जाती है क्योंकि बिजली कम आती है जिसके चलते पर्याप्त खेतों की सिंचाई नहीं हो पाती है। इस संबंध में कुछ किसानों से चर्चा की गई जिनके विचार निम्र हैं--
 **कनीना क्षेत्र में नहरों की संख्या काफी है किंतु या तो उनमें पानी आता ही नहीं या फिर वह पानी पीने के लिए ही सप्लाई होता है। इस पानी को किसान ले नहीं सकते। खादों की कमी विगत वर्ष से अधिक चल रही है। बीज और दवाइयां भी तो अच्छे नहीं मिलते हैं। मिल भी जाते हैं तो अति महंगे होते हैं। किसान रूढि़वादी होने के कारण भी परेशान हैं क्योंकि वे नए बीजों का उपयोग करने की बजाए पूर्व में उपयोग करते आ रहे बीजों का ही उपयोग करना श्रेष्ठ समझते हैं।
---भरत सिंह किसान
 किसानों के सामने गिरते जलस्तर की समस्या भी तो विकराल बन रही है क्योंकि किसान प्रत्येक वर्ष डीप बोर करवाता है किंतु अगले वर्ष वह जलस्तर भी घट जाता है। ऐसे में दक्षिण हरियाणा का किसान हताश व निराश लगता है। उससे बात करने पर कृषि को घाटे का सौदा बताता है। इन हालातों में उसके लिए फसल पैदावार लेना तलवार की धार पर चलने के समान है।
---देवेंद्र किसान
फोटो कैप्शन 01: किसान ट्रैक्टरों से करते जुताई
साथ में देवेंद्र, भरत सिंह एवं डा. देवराज


Thursday, October 2, 2025


 


बच्चियों बहाया सांझी को जल में
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कनीना की आवाज।
इस बार नवरात्रे शुरू होने से पहले दिन सांझी को दिवार पर बनाकर पूजा अर्चना करते हुए बहुत कम बच्चियां नजर आई। नौ दिनों तक पूजा करने के बाद अंतत: उसे जोहड़ में दशहरे के दिन बहा दिया है।




बुराई पर अच्छाई की जीत: जलाया रावण
- कनीना मंडी के रामलीला मैदान में नजारा रहा देखने लायक  
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कनीना की आवाज।
 कनीना मंडी वासियों की ओर से रामलीला मैदान में रावण का दहन किया गया। रावण में भारी मात्रा में पटाखे भरे हुए थे। इससे पहले एक राम, लक्ष्मण, हनुमान, सीता की शोभायात्रा निकाली।

 किसान जुटे रबी फसल की तैयारी में
-खेतों की चल रही है सिंचाई
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कनीना की आवाज। 
कनीना क्षेत्र की बावनी अर्थात 52 हजार हेक्टेयर भूमि मानी जाती है। इस पर खरीफ फसल किसानों द्वारा लेने के पश्चात रबी फसल की तैयारी में किसान जुट गए हैं। त्वरित गति से अपने खेतों की सिंचाई फव्वारों द्वारा कर रहे हैं क्योंकि रबी फसल पूर्ण रूप से ट्यूबवेलों पर निर्भर करती है। किसान सरसों और गेहूं और गेहूं उगते हैं। सरसों की अच्छी पैदावार लेने के लिए अच्छे बीजों एवं खादों की तलाश कर रहे हैं। 10 अक्टूबर से सरसों की बीजाई प्रारंभ हो जाती है जबकि 1 नवंबर से गेहूं की बिजाई शुरू कर दी जाती है। वर्तमान में किसान बीजों की दुकानों पर जहां खाद एवं बीज लाकर खेतों में डाल रहे हैं वही बीजों को बीजाई करने के लिए अपने घर में सुरक्षित रख रहे ताकि समय आते ही बिजाई कर दी जाए।
 किसान सुरेंद्र सिंह, सूबे सिंह, राजेंद्र सिंह आदि ने बताया कि जल्द ही बिजाई का समय आने वाला है। अभी दिन के समय तापमान अधिक होने से बीजाई संभव नजर नहीं आ रही है।
 क्या कहते हैं पूर्व कृषि अधिकारी-
 पूर्व कृषि अधिकारी डा. देवराज यादव बताते हैं कि सरसों की बिजाई 10 अक्टूबर से प्रारंभ हो जाती है जो 25 अक्टूबर तक जारी रहती है। इसके लिए तापमान 28 से 30 डिग्री होना चाहिए। तत्पश्चात 1 नवंबर से गेहूं की बिजाई शुरू हो जाती है। देसी किस्म सी-306 सात नवंबर तक बीजाई की जा सकती है तथा बाद में गेहूं की बीजाई 25 नवंबर तक जारी रहेगी जिसके लिए तापमान 22 डिग्री चाहिए। गेहूं के लिए सरसों के मुकाबले तापमान कम चाहिए। अभी मौसम में बदलाव नहीं हुआ है, आने वाले समय में मौसम में बदलाव होने की संभावना है। तत्पश्चात किसान तेजी से बीजाई का काम करेंगे। वर्तमान समय में किसान खेतों की तैयारी कर रहे और खेतों की सिंचाई करके बीजाई के लिए तैयार रहेंगे।
कई समस्याओं से जूझ रहे हैं किसान--
क्षेत्र के किसान कई समस्याओं से जूझते आ रहे हैं। पैदावार लेने के लिए बिजली, पानी, खाद, गिरते जलस्तर, बीजों की जानकारी अभाव तथा कई अन्य समस्याओं का सामना करना पड़ता है। ऐसे में रबी फसल पैदावार लेना तलवार की धार के समान है।
   कनीना क्षेत्र का किसान यूं तो सदा ही मेहनत के बलबूते पर जीवित रहा है। कठिन परिश्रम करके अपनी आजीविका कमा रहा है। उसकी मुख्य फसलें खरीफ एवं रबी की होती है।  खरीफ की फसल वर्षा पर आधारित होती है। पहले ही भू-स्तर गिरता जा रहा है ऊपर से डार्क जोन घोषित होने से नलकूप खोदना आसान नहीं रहा है। वैसे भी नलकूप लगाना लाखों रुपये का खर्चा होता है। यह भी सत्य है कि प्रतिवर्ष उसके बिजली के उपकरण जलने की समस्या रहती है। जैसे तैसे उपकरण ऋण लेकर लगा भी देता है तो पानी की समस्या फिर भी आड़े आ जाती है क्योंकि बिजली कम आती है जिसके चलते पर्याप्त खेतों की सिंचाई नहीं हो पाती है। इस संबंध में कुछ किसानों से चर्चा की गई जिनके विचार निम्र हैं--
 **कनीना क्षेत्र में नहरों की संख्या काफी है किंतु या तो उनमें पानी आता ही नहीं या फिर वह पानी पीने के लिए ही सप्लाई होता है। इस पानी को किसान ले नहीं सकते। खादों की कमी विगत वर्ष से अधिक चल रही है। बीज और दवाइयां भी तो अच्छे नहीं मिलते हैं। मिल भी जाते हैं तो अति महंगे होते हैं। किसान रूढि़वादी होने के कारण भी परेशान हैं क्योंकि वे नए बीजों का उपयोग करने की बजाए पूर्व में उपयोग करते आ रहे बीजों का ही उपयोग करना श्रेष्ठ समझते हैं।
---भरत सिंह किसान
 किसानों के सामने गिरते जलस्तर की समस्या भी तो विकराल बन रही है क्योंकि किसान प्रत्येक वर्ष डीप बोर करवाता है किंतु अगले वर्ष वह जलस्तर भी घट जाता है। ऐसे में दक्षिण हरियाणा का किसान हताश व निराश लगता है। उससे बात करने पर कृषि को घाटे का सौदा बताता है। इन हालातों में उसके लिए फसल पैदावार लेना तलवार की धार पर चलने के समान है।
---देवेंद्र किसान
फोटो कैप्शन 05: किसान ट्रैक्टरों से करते जुताई
साथ में देवेंद्र, भरत सिंह एवं डा. देवराज






श्रीकृष्ण गौशाला की 10 गाये एक साल के लिए लियेे ली गोद
- 51000 रुपये नकद गौशाला को दिया दान
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कनीना की आवाज।
 गुढ़ा निवासी डा. रविंद्र यादव ने अपनी पत्नी प्रोफेसर कांता यादव सहित श्रीकृष्ण गौशाला में पहुंचकर 10 गाये एक साल के लिए गोद ली हैं। इनका चारा व अन्य खर्चा एक साल के लिए पति-पत्नी वहन करेंगे। जिसकी राशि 51 हजार रुपये नकद गौशाला को दान की। दशहरा के पावन पर्व पर उन्होंने पुण्य का कार्य किया है।
 इस अवसर पर गौशाला प्रधान भगत सिंह ने कहा कि गायों की सेवा करना पुनीत का कार्य है। जो गायों की सेवा करता है उनके सभी कष्ट दूर हो जाते हैं। उन्होंने अधिक से अधिक लोगों को गायों की सेवा के लिए आगे आने की अपील की।
 उधर कनीना निवासी तीर्थ कुमार तथा माया देवी ने अपनी पोती रिया का जन्मदिन श्रीकृष्ण गौशाला कनीना में सपरिवार मनाया।
 इस मौके पर उन्होंने गायों की सेवा की। मीठा भोजन खिलाया तथा गाय भी गोद ली। इस मौके पर परिवार के सभी सदस्य जिनमें मनीष कुमार,  सचिन, गौशाला प्रधान भगत सिंह सहित विभिन्न जन मौजूद रहे।
 इस मौके पर भगत सिंह प्रधान एवं समस्त गौशाला परिवार ने तीर्थ कुमार व उसके समस्त परिवार का अभिनंदन किया और आशा जताई कि वे इसी प्रकार गायों की सेवा भविष्य में करते रहेंगे। इस अवसर पर भगत सिंह, लक्ष्मीनारायण, मास्टर रामप्रताप, रामपाल यादव, दिलावर सिंह  निशु के पर अशोक ठेकेदार, दिलावर सिंह, रामपाल यादव, ओमप्रकाश ठेकेदार भडफ़, बलवान सिंह आर्य, कृष्ण प्रकाश गुरुजी आदि ने भी डाक्टर दंपति का आभार जताया।
फोटो कैप्शन 01: गायों को गोद लेते हुए डाक्टर दंपति।






बसपा की विधानसभा स्तरीय समीक्षा बैठक संपन्न
--एडवोकेट नेतराम मुख्य अतिथि रहे
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कनीना की आवाज।
बसपा की विधानसभा स्तरीय समीक्षा बैठक कनीना स्थित गोविंदी बाई धर्मशाला में संपन्न हुई। बैठक में प्रदेश प्रभारी एडवोकेट नेतराम मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम की अध्यक्षता बहुजन समाज पार्टी के जिला अध्यक्ष प्रमोद कटारिया ने की। विधानसभा चुनाव में बसपा प्रत्याशी रहे नेताजी अतरलाल एडवोकेट ने मुख्य वक्ता के रूप में कार्यक्रम को संबोधित किया।
कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए प्रदेश प्रभारी एडवोकेट नेतराम ने कहा कि आने वाला भविष्य बहुजन समाज पार्टी का है। कार्यकर्ता एकजुट होकर पार्टी की नीतियों को जन जन तक पहुंचाएं। प्रदेश में बसपा की सरकार बनेगी और प्रत्येक व्यक्ति को सरकार की योजनाओं और सुविधाओं का फायदा मिलेगा। अतरलाल ने प्रदेश सरकार को किसान विरोधी बताते हुए सरकार से बाजरे की सरकारी खरीद तुरंत शुरू करने की मांग की। उन्होंने कार्यकर्ताओं से शिक्षित बनने और संगठित रहने की अपील की। जिला अध्यक्ष प्रमोद कटारिया ने सभी आगंतुकों का धन्यवाद देते हुए जिला में पार्टी की गतिविधियों का ब्यौरा दिया।  बैठक में रामचंद्र यादव, जयसिंह यादव, एडवोकेट अंजय सिंह, सुनय कुमार सहित अनेक कार्यकर्ताओं ने बहुजन समाज पार्टी की नीतियों में आस्था जताते हुए पार्टी में शामिल होने की घोषणा की। प्रदेश प्रभारी एडवोकेट नेतराम ने सभी को पार्टी का पटका और फूलमालाएं पहनाकर उनका पार्टी में स्वागत किया। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष रवींद्र रामबास, राजेंद्र सिंह नंबरदार, भाग सिंह चेयरमैन, दान सिंह प्रजापत, कैलाश सेठ, धन प्रकाश शेरवाल, नेतराम, करण सिंह शास्त्री, प्रवीण कुमार, तुषार तायल महासचिव, रामपाल झगड़ोली, जय भगवान ग्रेवाल प्रभारी, बाबूलाल पाली जिला उपाध्यक्ष, सुरेश यादव छितरोली, राकेश यादव सीहोर, पवन उच्चत, उम्मेद सिंह व नवीन डूडी सहित अनेक कार्यकर्ता उपस्थित थे।
फोटो कैप्शन 04: बसपा की कनीना में बैठक में वक्ता नेतराम


4 घंटे बिजली आपूर्ति रहेगी बंद,करीरा लाइन पर चलेगा काम
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कनीना की आवाज।
डीएचबीवीएन के तहत 3 अक्टूबर को 33 केवी करीरा लाइन पर सुबह 8 बजे से दोपहर 12 बजे तक रखरखाव कार्य हेतु परमिट लिया जाएगा। जिससे करीरा, कोटिया, भडफ़ व गाहड़ा गांवों की आपूर्ति तीन अक्टूबर को सुबह 8 बजे से दोपहर 12 बजे तक बंद रहेगी। यह जानकारी एडीओ डीएचबीवीएन ने दी।










मेघनाद वध पर जमकर हुई आतिशबाजी
--मेघनाद का वध देखकर खुश हुए दर्शक
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कनीना की आवाज।
अनाज मंडी कनीना के रामलीला मैदान में श्रीआदर्श रामलीला समिति के बैनर तले चल रही रामलीला के भव्य मंचन की ग्यारहवीं रात में मेघनाद वध की लीला का मंचन किया गया। मंचन के आरंभ में रावण खुद को संकट में पाकर अपने महापराक्रमी भाई कुंभकर्ण को गहरी निद्रा से जगाने का आदेश देता है जिसके बाद कुंभकर्ण व रावण के बीच गहरा संदेश देने वाला संवाद होता है जिसमें कुंभकर्ण माता सीता को वापिस लौटाने की बात कहकर रावण को समझाने का प्रयत्न करता है। लेकिन अभिमान में चूर रावण लाख समझाने पर भी नहीं मानता है। कुंभकर्ण में किरदार में नितिन गुप्ता व रावण में किरदार में पहलवान कृष्ण मलिक नजर आए व दोनों के शानदार संवाद को दर्शकों ने जमकर सराहा। इसके बाद कुंभकर्ण अपनी सेना सहित श्रीराम से युद्ध के लिए निकल पड़ता है व दोनों सेनाओं के बीच जमकर युद्ध होता है। प्रभु श्रीराम अंत में अपने एक बाण से ही कुंभकर्ण का वध कर देते है। इसके बाद रावण अपने महायोद्धा पुत्र मेघनाद को युद्ध भूमि में भेजता है। मेघनाद के रूप में मनोज रोहिल्ला का मंच पर प्रवेश दिल दहलाने वाला था। इससे पहले वानर सेना द्वारा मेघनाद का यज्ञ भंग कर देने के कारण उसका गुस्सा चरम पर था। लीला का मुख्य आकर्षण लक्ष्मण मेघनाद युद्ध रहा जिसमें लक्ष्मण के किरदार में प्रवक्ता सचिन कुमार के मंच पर आते ही दर्शकों ने जमकर तालियां बजायी । लक्ष्मण के किरदार को जीवंतता से निभाते हुए सचिन कुमार के जोशीले संवादों ने लोगों को प्रेरित किया। लक्ष्मण मेघनाद के बीच घनघोर संग्राम हुआ व प्रत्येक संवाद पर दर्शकों ने प्रभु श्रीराम के नारे लगाये। मेघनाद के सभी अस्त्र विफल होने पर मेघनाद युद्धभूमि से अपने पिता रावण की समझाने जाता है और कहता है कि लक्ष्मण नर नहीं नारायण है परंतु रावण के हठ के कारण वह दोबारा युद्धभूमि में आता है और अंतत: मारा जाता है। युद्ध का इतना शानदार मंचन देखकर सभी ने जमकर सराहना की । मेघनाद के मारे जाने के बाद जमकर आतिशबाजी हुई व तालियां बजी। सुग्रीव के किरदार में कपिल अरोड़ा विभीषण के किरदार में राहुल शर्मा नजर आए। अंत में अहिरावण वध की लीला हुई जिसमे अहिरावण की भूमिका में रामकिशन रामा व हनुमान की भूमिका को वंश मित्तल ने निभाया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में एसडी ग्रुप से रामधारी यादव रहे। कार्यक्रम में हजारो की भीड़ का शानदार अनुशासन देखने को मिल रहा है व प्रतिदिन हो रहे मंचन से भक्तिभाव की रसधारा बह रही है । इस दौरान प्रधान मोहित जेलदार ,उपप्रधान दिनेश यादव , श्री श्याम मित्र मंडल के प्रधान अनिल गर्ग , बलवान सिंह आर्य , पिन्नू मित्तल , आशु गर्ग , विक्की पंसारी महेंद्र मित्तल , रवींद्र बंसल , विनोद मित्तल व अपार जनसमूह उपस्थित रहा।
बाल लक्ष्मण व बाल मेघनाद की प्रस्तुति रही मुख्य आकर्षण का केंद्र -
प्रतिदिन हो रहे रामलीला द्मद्ग इस भव्य मंचन में युवा पीढ़ी व सैकड़ों की संख्या में बच्चे जुड़ते ही जा रहे है । इसी कड़ी में प्रवक्ता सचिन कुमार की प्रतिभाशाली बेटियों शानवी व सांची ने बाल मेघनाद व बाल लक्ष्मण बनकर हजारों की भीड़ के सामने शानदार संवाद किया जिसको देखकर दर्शक रोमांचित हो गए। इस प्रस्तुति को देखकर ऐसा लगा कि मंचन का जो उद्देश्य है कि बच्चे बच्चे में प्रभु श्री राम में आदर्श जागृत हो सार्थक होता नजर आ रहा है व सत्य सनातन वैदिक संस्कृति सशक्त होती नजर आ रही है।
फोटो कैप्शन 02: मेघनाद एवं लक्ष्मण के बीच युद्ध का दृश्य।




Wednesday, October 1, 2025


 




पुलिस ने मोड़ी, पड़तल और भोजावास के युवाओं को नशे के खिलाफ किया जागरूक
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कनीना की आवाज।
  पुलिस अधीक्षक पूजा वशिष्ठ के निर्देशानुसार, महेंद्रगढ़ पुलिस ने नशे के खिलाफ चल रही अपनी विशेष मुहिम के तहत कनीना क्षेत्र के गांव मोड़ी, पड़तल और भोजावास में व्यापक जागरूकता अभियान चलाया। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य युवा पीढ़ी और आमजन को नशीले पदार्थों के सेवन से होने वाले गंभीर शारीरिक और मानसिक दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक करना था।
इंस्पेक्टर शारदा और उनकी टीम ने गांवों का दौरा कर ग्रामीणों तथा विशेष रूप से युवाओं के साथ सीधा संवाद स्थापित किया। उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि महेंद्रगढ़ पुलिस लगातार नशीले पदार्थों से होने वाले खतरनाक प्रभावों की जानकारी लोगों तक पहुंचा रही है।
टीम ने ग्रामीणों को नशे के गंभीर नुकसानों के बारे में विस्तार से बताया। नशीले पदार्थों का सेवन व्यक्ति के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को बुरी तरह प्रभावित करता है। इससे लीवर, किडनी और फेफड़ों जैसे महत्वपूर्ण अंग क्षतिग्रस्त हो जाते हैं, जिससे कैंसर, हृदय रोग और अन्य घातक बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। मानसिक स्तर पर, यह निर्णय लेने की क्षमता को कमजोर करता है, अवसाद और चिंता को बढ़ाता है और व्यक्ति को समाज से दूर कर देता है। इसके अलावा, नशे की लत व्यक्ति और उसके परिवार को आर्थिक रूप से भी तोड़ देती है और उसे अपराध की ओर धकेल सकती है, जिससे उसका भविष्य पूरी तरह अंधकारमय हो जाता है।
जागरूकता सत्र के दौरान, पुलिस टीम ने स्पष्ट किया कि नशा न केवल व्यक्ति के शारीरिक स्वास्थ्य को बर्बाद करता है बल्कि उसके मानसिक संतुलन और सामाजिक जीवन पर भी नकारात्मक प्रभाव डालता है। इंस्पेक्टर शारदा ने जोर देकर कहा कि नशे की रोकथाम के लिए नशे की लत से ग्रस्त लोगों का नशामुक्ति केंद्र के माध्यम से इलाज करवाया जाता है। लेकिन सर्वोत्तम उपाय यह है कि किशोर अवस्था में ही नशे से दूर रहें, ताकि इस प्रकार की समस्या भविष्य में कभी न आए।
फोटो कैप्शन 14: पुलिस नशे के प्रति जागरूक करते हुए





मां बहन और बेटियों की इज्जत करना ही मां दुर्गा की सच्ची आराधना-स्वामी
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कनीना की आवाज।
मां बहन और बेटियों की इज्जत करना और उनका सम्मान देना ही मां दुर्गा की सच्ची आराधना है। ये विचार स्वामी शिवानंद महाराज ने नवरात्रि के अंतिम दिन विशाल यज्ञ के उपरांत भक्तों को संबोधित करते हुए व्यक्त किये।
उन्होंने कहा मां बहन और बेटियों  के अंदर मां दुर्गा विराजमान है। हमें इन सबका मान सम्मान और इज्जत करनी चाहिए, यही माता की सच्ची आराधना है। अगर हम ऐसा करते हैं तो हमारे नवरात्रि का व्रत सफल हो जाता है और अगर हम इस प्रकार से नहीं करते तो हमारे व्रत तथा अन्य शुद्ध कर्म तथा तीर्थ धाम सब कुछ बेकार है। मां दुर्गा हमें संसार के सभी सुख  और सुविधा देती है इसलिए हमें मां दुर्गा की आराधना अवश्य ही करनी चाहिए। 9 दिन के इस नवरात्रि में अलग-अलग दिन अलग-अलग माताओं की आराधना हमें जीने की राह और ढंग सिखाती है।  हम सबको आज एक प्रतिज्ञा लेनी चाहिए कि हमें नशे  रूपी  इस बीमारी से दूर रहेंगे, भू्रण हत्या जैसे पाप को कभी नहीं करेंगे और न ही किसी को करने देंगे। यही माता की सच्ची आराधना है। इस मौके पर विशाल भंडारा लगाया गया जिसमें भक्तों को संत ने अपने हाथों से भोजन कराया।
 इस अवसर पर बाबा श्रीकृष्णानंद ट्रस्ट के व्यवस्थापक कैलाश गोयल, अनिल यादव, कर्मवीर सिंह, कोषाध्यक्ष विजय कुमार आर्य, डा. फतेहचंद दायमा, मक्खन लाल आचार्य, आनंद सिंघल, दीपांशु तंवर, प्रदीप चौहान के अलावा अन्य लोग उपस्थित रहे।
फोटो कैप्शन 12: संत धनौंदा अपने हाथों से भक्तों को भोजन कराते हुए



राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को उनके जन्मदिन पर किया याद
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कनीना की आवाज।
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय अगिहार में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 156वीं जयंती पर उनको भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। सभी स्टाफ सदस्यों ने राष्ट्रपिता को पुष्पांजलि अर्पित की। कार्यक्रम के अध्यक्षता विद्यालय की प्राचार्या पूनम यादव ने की। विद्यालय में अंग्रेजी के प्रवक्ता मदन मोहन कौशिक ने विद्यार्थियों को भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में गांधी के योगदान तथा उनके द्वारा चलाए गए अनेक आंदोलनों के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने गांधी की आत्मकथा सत्य के प्रयोग के कई प्रसंग विद्यार्थियों को बताएं।
  इस अवसर पर विद्यालय के प्रवक्ता अजय कुमार बंसल,राजेंद्र कटारिया,निशा जांगड़ा, कैलाश देवी,वंदना जांगिड़ धर्मेंद्र डीपीई, शशि कुमारी, प्राथमिक विभाग के मुख्य शिक्षक रतनलाल, प्रमोद कुमार, चंद्रशेखर,सुरेंद्र सिंह सहित विद्यालय के समस्त स्टाफ एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।
फोटो कैप्शन 13: महात्मा गांधी को पूर्व संध्या पर याद करते हुए।





कनीना के आधा दर्जन गांवों में होती है फूलों की खेती करके कमा रहे लाखों
-त्योहारों पर रहती है मांग          
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कनीना की आवाज।
कनीना खंड के करीब आधा दर्जन गांवों के किसान फूलों की खेती करके लाखो रुपये प्रति एकड़ कमा रहे हैं। इस फल पर विशेष ध्यान देने की जरूरत नहीं होती। नवरात्रों, दीपावली एवं अन्य पर्वों पर  भारी मांग होगी। भाव घटते बढ़ते रहते हैं। कनीना क्षेत्र में गोमला, भोजावास, सुंदराह, गोमली, सहित जिले के विभिन्न गांवों में 100 एकड़ तक गेंदे उगाये गये हैं।
  कनीना उपमंडल के गोमला, गोमली, रामबास,भोजावास, मोड़ी आदि गांवों के किसान कुछ वर्षों से गेंदा की खेती करते आ रहे हैं। करीब चार माह की इस खेती में अधिक पानी की जरूरत नहीं होती है वहीं इस क्षेत्र में बेहतर पैदावार होती है। कभी कभी तो भाव बेहतर मिलते हैं। कम से कम 40 रुपये तो अधिकतम 200 रुपये प्रति किलो तक भाव मिल जाते हैं।
किसान कई वर्षों से गेंदा उगाते आ रहे हैं जो क्षेत्र को मुफ्त में खुशबू दे हैं तथा दिल्ली एवं गुरुग्राम जैसे शहरों में फूलों की मांग अधिक रहती हैं। कनीना एवं आस पास क्षेत्रों में फूलों की मांग बहुत कम है और फूलों की मंडी का अभाव है। ऐसे में अधिक किराया वहन करके दिल्ली व गुरुग्राम जैसे शहरों में ही फूलों को ले जाया जाता है। नवरात्रों के अलावा दीपावली, जन्माष्टमी, होली पर फूलों भारी मांग होती है।
  खरीफ फसल बतौर फूलों की खेती को कैश क्राप नाम से जाना जाता है जो 120 दिनों की ही फसल होती है। इस क्षेत्र की मिट्टी में बेहतर पैदावार होती है। यही कारण है कि क्षेत्र के कई गांवों के किसान अब परंपरागत खेती की बजाय कैश क्राप की ओर आकर्षित हो रहे हैं। पर्वों पर विशेष मांग होती है।
--डा प्रेम सिंह डीएचओ
 फूलों की खेती करने वाले किसानों से चर्चा की गई--
**नवरात्रों पर फूलों की बेहतर मांग के बाद दीपावली जैसे पर्वों पर भारी मांग होती है। कनीना, महेंद्रगढ़, रेवाड़ी आदि में अगर फूलों की मंडी हो तो किसानों की रुचि इस ओर बढ़ सकती हैं। फूलों की खेती के लाभ अधिक मिलने की संभावना होती है।
     ----किसान सतीश कुमार
फूल उगाकर मन भी प्रसन्न रहता है वहीं खुशबू भी दूर दराज तक फैल जाती है। पर्वों पर फूलों की मांग हर घर में होती है वहीं शनिवार को हर दुकान पर फूलों की माला बदली जाती है। अगर गेंदा जैसे फूल उगाये तो अच्छा लाभ मिलने की उम्मीद होती है। तीन माह की खेती पर अधिक ध्यान देने की जरूरत नहीं है।
   -----राकेश कुमार सुंदराह, फूल उत्पादक
कई बार किसान परंपरागत फसलें उगाते रहते हैं, इससे फायदे की जगह नुकसान अधिक होता है। फसलों को बदल कर बोना चाहिए। गेंदा फूल की खेती पारम्परिक खेती की तुलना में कई गुणा लाभ किसानों को दे सकती है। गेंदा फूल सिर्फ कम खर्च में अच्छा लाभ देता है, बल्कि भूमि की उपजाऊ शक्ति को बरकरार रखने में भी अहम भूमिका निभाता है। गर्मी के सीजन में जनवरी माह में फूल लगाए जाते है। जिनका नवरात्रों के दिनों में पूजा पाठ में खूब इस्तेमाल होता है और बाजार में अच्छी कीमत भी मिलती है। इसके बाद अप्रैल मई और फिर सर्दी शुरू होने से पहले अगस्त-सितंबर में फूलों की बिजाई की जाती है। इससे अच्छा उत्पादन भी मिलता है।
------सत्यवीर सिंह, फूल उत्पादक
फोटो कैप्शन 11:गेंदा की खेती।  
साथ में डीएचओ डा. प्रेम सिंह, राकेश कुमार, सत्यवीर सिंह एवं सतीश कुमार


अच्छाई की जीत और स्वच्छता का संकल्प  
-विद्यार्थियों ने सीखी गांधी-शास्त्री की सीख
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कनीना की आवाज।
बीआर आदर्श वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, सेहलंग में तीन ऐतिहासिक पर्व दशहरा, गांधी जयंती एवं लाल बहादुर शास्त्री जयंती का संयुक्त आयोजन किया गया। विद्यार्थियों को दशहरे के पर्व का महत्व समझाया गया और यह संदेश दिया गया कि अच्छाई हमेशा बुराई पर विजय प्राप्त करती है। साथ ही, लाल बहादुर शास्त्री के जीवन, उनकी सादगी और जय जवान जय किसान के नारे की महत्ता पर प्रकाश डाला गया।
गांधी जयंती के उपलक्ष्य में विद्यालय में स्वच्छता अभियान का आयोजन किया गया। विद्यार्थियों ने विद्यालय परिसर एवं आस-पास की गलियों की सफाई की और स्वच्छता का महत्व समाज तक पहुंचाया।
विद्यालय की प्रधानाचार्या ज्योति भारद्वाज ने कहा कि गांधी जी और शास्त्री जैसे महापुरुषों के जीवन से हमें प्रेरणा लेनी चाहिए। विद्यार्थियों ने स्वच्छता अभियान में बढ़-चढ़कर भाग लेकर यह साबित कर दिया कि आने वाली पीढ़ी समाज को बेहतर दिशा देने में सक्षम है।
विद्यालय चेयरमैन हरीश भारद्वाज ने कहा कि दशहरा हमें यह शिक्षा देता है कि सत्य और धर्म की सदैव जीत होती है। विद्यार्थियों ने आज स्वच्छता और नैतिक मूल्यों का संदेश देकर यह दिखाया है कि वे न केवल अच्छे विद्यार्थी हैं बल्कि आदर्श नागरिक भी बनेंगे।
फोटो कैप्शन 10:  स्वच्छता अभियान में हिस्सा लेते बी आर स्कूल सेहलंग के विद्यार्थी ।




सिल्वर मेडल लाने पर किया गया अभिनंदन
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कनीना की आवाज।
  झिगावन गांव निवासी एवं नौंवी कक्षा की छात्रा देवना मान द्वारा हरियाणा स्टेट जूनियर एथेलेटिक्स चैंपियनशिप में सिल्वर मेडल जीतने पर ग्रामवासियों द्वारा सम्मान समारोह आयोजित किया गया। मुख्य अतिथि अतरलाल एडवोकेट रहे।
 देवना मान को पगड़ी पहनाकर, स्मृति चिह्न तथा प्रशस्ति पत्र भेंट कर सम्मानित किया। उन्होंने देवना की माता कविता देवी, दादी राजकौर देवी को शॉल ओढ़ाकर तथा पिता पृथ्वी सिंह मान, दादा दयाचंद मान तथा कोच मास्टर भारत कौशिक को पगड़ी पहनाकर सम्मानित किया।
   विगत 27-28 सितम्बर को करनाल में आयोजित हरियाणा स्टेट जूनियर एथेलेटिक्स चैंपियनशिप में देवना द्वारा लोंग जंप में सिल्वर मेडल जीतने से पूरे इलाके में खुशी की लहर है। इस अवसर पर रामचन्द्र सरपंच, भाग सिंह चेयरमैन, भागीरथ पूर्व सरपंच, भागमल पूर्व सरपंच, ओमप्रकाश पूर्व सरपंच, दलबीर ढिल्लो, मास्टर भारत कौशिक, सुभाष प्रवक्ता, सुरेन्द्र मान, राजेश, मुख्तयार, सतीश, कर्मवीर, प्रवीन व अनिल मान सहित ग्रामीण और खिलाड़ी उपस्थित थे।
फोटो कैप्शन 07: सिल्वर मेडल विजेता खिलाड़ी देवना मान को गांव झिंगावन में सम्मानित करते हुए


कनीना में किसान मेला आयोजित
-किसानों को विभिन्न विभागों की दी गई जानकारी
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कनीना की आवाज।
 कृषि एवं किसान कल्याण विभाग द्वारा पीसीसी स्कीम के तहत किसान मेले का आयोजन संत मोलडऩाथ खेल के मैदान में हुआ। अध्यक्षता विषय विशेषज्ञ डा.योगेश चंद्र द्वारा की गई। मेले में विभिन्न विभागों से संबंधित जानकारी दी गई।
   पशुपालन विभाग से तेज सिंह ने अपने विचार रखे और विभाग की स्कीमों के बारे में बताया, कृषि विज्ञान केंद्र से डा. नरेंद्र यादव ने गेहूं व सरसों फसल के बारे में जानकारी दी तथा किसानों को कपास की फसल के बारे में उचित जानकारी दी गई। मत्स्य विभाग से डा.सोमदत्त ने अपने विचार रखे और सभी स्कीमों की जानकारी दी। बागवानी विभाग से डा. राहुल ने किसानों को बागवानी व सब्जियों से संबंधित जानकारी दी, डा.मनीषा यादव ने किसानों को प्राकृतिक खेती के बारे में जानकारी दी। डा. गजानंद ने विभाग की स्कीमों के बारे में बताया। मुख्य अतिथि के तौर पर जय प्रकाश अध्यक्ष ब्लाक समिति कनीना उपस्थित रहे।
 इस मौके पर उप-प्रधान सूबे सिंह, राजकुमार, उषा यादव, डा.अरविंद, महेश कुमार, परमवीर, राहुल, शंकर, उपेंद्र, कविता, कुलदीप आदि मौजूद रहे।
फोटो कैप्शन 09:कृषि मेले में जानकारी देते हुए अधिकारी


बुराई पर अच्छाई की जीत का पर्व मनाया गया
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कनीना की आवाज।
यूरो इंटरनेशनल स्कूल के प्रांगण में बुराई पर अच्छाई की जीत के प्रतीक विजयदशमी पावन पर्व के अवसर पर अनेक कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रम के अंतर्गत कनिष्ठ वर्ग के विद्यार्थियों ने मनमोहक गरबा नृत्य प्रस्तुत किया। तदुपरांत राम की कहानी शीर्षक पर भव्य एवं शिक्षाप्रद रोल प्ले प्रस्तुत किया गया जिसे देखकर सभी ने प्रशंसा की। इन के अतिरिक्त, दीप मेंकिंग, मास्क मेकिंग, रामायण के पात्रों पर आधारित ड्रेस प्रतियोगिता, रावण का मास्क आदि प्रतियोगिताओं का भी आयोजन किया गया, जिसमें विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़ कर भाग लिया। इस मौके पर संस्था के प्रधानाचार्य सुनील यादव ने विद्यार्थियों को विजयदशमी पर्व का महत्व समझते हुए सभी को इस पावन पर्व की शुभकामनाएं दी। इस अवसर पर उप-प्राचार्या संजू यादव, का-अर्डिनेटर रविंद्र यादव, रितु तंवर, तनु गुप्ता, सुमन यादव एवं समस्त अध्यापक एवं अध्यापिकाएं उपस्थित रहे।
फोटो कैप्शन 08: विजय दशमी की पूर्व संध्या पर आयोजित कार्यक्रम



ककराला के विद्यार्थी का एसजीएफआई  खेलों में राज्य स्तर पर शानदार प्रदर्शन
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कनीना की आवाज।
एसडीवमा विद्यालय, ककराला के विद्यार्थी खिलाडिय़ों ने एसजीएफआई  खेलों में राज्य स्तर पर श्रेष्ठ प्रदर्शन किया। सोनीपत में आयोजित उपरोक्त प्रतियोगिता में एसडी वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय के अंडर 17 आयु वर्ग में सूरज अपने शानदार प्रदर्शन के आधार पर कास्य पदक हासिल कर अपने क्षेत्र का नाम रोशन किया।
इस अवसर पर विजेता खिलाड़ी को बधाई देते हुए विद्यालय निदेशक जगदेव यादव ने खेलों की महत्ता पर बल देते हुए बताया कि हमारे जीवन के सर्वांगीण विकास के लिए शिक्षा के साथ-साथ खेलों का होना बहुत जरूरी है। खेल हमें स्वस्थ शरीर व तेज दिमाग प्रदान करते है। विद्यालय में खेल अकादमी इस कार्य को सुप्रशिक्षित ,एन.आई. एस प्रशिक्षकों की मदद से बखूबी निभा रही है। खेल अच्छा नेतृत्व तथा अदम्य साहस जैसे गुणों को विकसित करते है। अत: हमें खेलों की महत्ता को कभी नजर अंदाज नही करना चाहिए व इनमें बढ़ चढ़ कर भाग लेना चाहिए। इसके साथ ही राज्य स्तरीय खेल प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाले खिलाडिय़ों को शुभकामनाएं दी तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
इस अवसर पर प्राचार्य ओमप्रकाश, वरिष्ठ सदस्य राजेन्द्र यादव, सीईओ आर एस यादव, उप-प्राचार्य पूर्ण सिंह, खेल प्रमुख सोनू कोच, खोगेश्वर बाक्सिंग कोच,दीपक कब्बड़ी कोच, तेज डीपी, संगीता डीपी व ज्योति डीपी आदि सभी स्टाफ उपस्थित रहे।
फोटो कैप्शन 05: राज्य स्तर पर कास्य पदक पाने पर बधाई देते विद्यार्थी


गौशाला मनाया बच्ची का जन्मदिन
-गायों को मीठा भोजन कराया तथा गाय गोद ली
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कनीना की आवाज।
 कनीना निवासी तीर्थ कुमार तथा माया देवी ने अपनी पोती रिया का जन्मदिन श्रीकृष्ण गौशाला कनीना में सपरिवार मनाया।
 इस मौके पर उन्होंने गायों की सेवा की। मीठा भोजन खिलाया तथा गाय भी गोद ली। इस मौके पर परिवार के सभी सदस्य जिनमें मनीष कुमार,  सचिन, गौशाला प्रधान भगत सिंह सहित विभिन्न जन मौजूद रहे।
 इस मौके पर भगत सिंह प्रधान एवं समस्त गौशाला परिवार ने तीर्थ कुमार व उसके समस्त परिवार का अभिनंदन किया और आशा जताई कि वे इसी प्रकार गायों की सेवा भविष्य में करते रहेंगे। इस अवसर पर भगत सिंह, लक्ष्मीनारायण, मास्टर रामप्रताप, रामपाल यादव, दिलावर सिंह आदि मौजूद रहे।
 फोटो कैप्शन 6: गाय को गोद लेते हुए तीर्थ कुमार एवं उसका परिवार




मोलडऩाथ आश्रम पर 51 कन्याओं को कराया भोजन
-किरायेदारों की बच्चियां आई काम
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कनीना की आवाज।
संत बाबा मोलडऩाथ आश्रम प्रांगण स्थित मां दुर्गा मंदिर में 9 दिनों से चली आ रही अखंड ज्योति का विधि विधान से समापन किया गया। वहीं 51 कन्याओं में साधु संतों को भोजन कर कर दान दक्षिणा देकर विदा किया। इससे पूर्व हवन आयोजित हुआ। हवन पंडित प्रवेश शर्मा ने करवाया जिसमें यजमान के तौर पर दिनेश यादव अपनी धर्मपत्नी मंजू देवी के साथ विराजमान रहे। इस मौके पर रमेश कुमार, लाल सिंह, शिवकुमार, मास्टर अनिल, मुकेश शर्मा, शिवचरण, अशोक डीपी, ओमप्रकाश साहब मास्टर अश्वनी, सतवीर प्रधान, पवन कुमार आदि प्रमुख रहे।
  किरायेदारों की बच्चियों को मिला भरपेट भोजन--
दुर्गा नवमी पर कंजकों को भोजन कराया और उन्हें दान पुण्य किया। दोपहर तक कंजकों को भोजन कराने का सिलसिला जारी रहा। बच्चियों को ढूंढ ढूंढकर लाया गया। स्कूलों का अवकाश न होने के कारण बच्चियों की संख्या कम रही। ऐसे में किरायेदारों की बच्चियों को भरपेट खाना मिला व दान दक्षिणा भी मिली।
मंगलवार से कंजकों को भोजन कराने का सिलसिला जारी है। दुर्गा सप्तमी से सिलसिला शुरू हुआ था और दुर्गा नवमी बुधवार को संपन्न हो गया। वैसे तो कंजकों की कमी रही वहीं उन्हें जबरन खाना खाना पड़ा।
  नवरात्रों के अंतिम दिन मंदिरों में पूजा अर्चना का जोर रहा वहीं मां की कढ़ाई की गई। विभिन्न मंदिरों में रौनक देखने को मिली।
 बच्चियों को हलवा, पूड़ी,सब्जी आदि खाने को मिले। नवरात्रों के दिनों में फल एवं सब्जियां महंगी रही हैं। केले से लेकर सेब तक महंगे हैं।
फोटो कैप्शन 01: मोलडऩाथ आश्रम पर 51 कन्याओं को भोजन कराते हुए
           01: कंजकों को भोजन कराते हुए























लक्ष्मण मेघनाद का घनघोर युद्ध देख जनता हुई रोमांचित
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कनीना की आवाज।
श्री आदर्श रामलीला के तत्वाधान में दसवीं रात लक्ष्मण शक्ति का आयोजन हुआ जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में अंकित गोयल , अतुल गोयल व पूर्व पार्षद मनीष यादव मौजूद रहे।
 मंचन में मेघनाद के किरदार में मनोज रोहिल्ला व लक्ष्मण के किरदार में प्रवक्ता सचिन कुमार  ने शानदार अभिनय किया। अंगद के किरदार में कर्नल चिकारा ने तथा रावण का अभिनय कर रहे पहलवान कृष्ण मलिक ने शानदार अभिनय किया । हनुमान के किरदार में वंश मित्तल नजर आए । मंचन का मुख्य आकर्षण लक्ष्मण मेघनाद युद्ध रहा जिसका शानदार तरीके से मंचन किया गया जिसमें शिव कुमार शर्मा ने जानदार अभिनय किया। उनके द्वारा लक्ष्मण शक्ति के समय गाये भजनों ने पूरे वातावरण को भावुक बना दिया। लक्ष्मण के किरदार में प्रवक्ता सचिन कुमार की ललकार सुनने को मिली। मेघनाद के किरदार में मनोज रोहिल्ला ने दमदार अभिनय किया। गौरतलब है कि मनोज रोहिल्ला के पिता भी 35 साल पहले मेघनाद का किरदार निभाते थे। भरत के किरदार में सोनू मित्तल ने भावुक अभिनय किया दर्शकों में जमकर तालियां बजायी व प्रभु श्रीराम के नारे लगाए ।  कार्यक्रम का संचालन  विनोद मित्तल ने किया । गौरतलब है कि प्रतिवर्ष रामलीला के इस मंचन से कनीना व आस पास के क्षेत्र की युवा पीढ़ी प्रेरित हो रही है जिससे रामलीला के मंचन का उद्देश्य पूरा होता हुआ दिखाई दे रहा है। इस अवसर पर श्याम मित्र मंडल के प्रधान अनिल गर्ग , रवींद्र बंसल , विनोद मित्तल , महेंद्र मित्तल ,  प्रधान बलवान सिंह आर्य ,सुभाष मित्तल , मुकुट मित्तल , दिनेश यादव , प्रधान मोहित जेलदार , शिबू पंसारी  उपस्थित रहे ।
फोटो कैप्शन 03: मेघनाद एवं लक्ष्मण युद्ध का दृश्य