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Sunday, October 12, 2025


 


 मेरी फसल मेरा ब्यौरा और खाद पोर्टल हुए कनेक्ट
-अब उन्हीं को मिलेगा खाद जिनका हो चुका है रजिस्ट्रेशन
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कनीना की आवाज।
 अब तक खाद पाने वाले इधर-उधर से आधार कार्ड जुटाकर कर खाद प्राप्त कर लेते थे लेकिन अब मेरी फसल मेरा ब्यौरा और खाद पोर्टल आपस में कनेक्ट कर दिए हैं जिसके चलते अब उन्हीं किसानों को खाद मिलेगा जिनका रजिस्ट्रेशन मेरी फसल मेरा ब्यौरा पर है।
विस्तृत जानकारी देते हुए हैफेड मैनेजर वीरेंद्र कुमार ने बताया कि उनके यहां 1800 बैग डीएपी के आए थे जो शुक्रवार एवं शनिवार को दो दिनों में आवंटित कर दिए गए हैं।  किसानों से मिली जानकारी अनुसार जब भी डीएपी विभिन्न स्थानों पर आता है कनीना उपमंडल के 6 पैक्स/किसान सहकारी समिति में भी खाद आता है किंतु कनीना  में कोई डीएपी नहीं आया जिससे किसानों में रोष है। किसानों का पैक्स से सीधा संबंध होता है।
 किसान जसवंत सिंह, दिनेश कुमार ,मनोज कुमार, सुरेश कुमार, महेंद्र सिंह आदि ने बताया कि बार-बार पैक्स कार्यालय/किसान सहकारी समिति जाते हैं किंतु डीएपी नहीं मिलता। एक और जहां किसान डीएपी के लिए मारे मारे फिर रहे वही डीएपी न मिलने से परेशानी बढ़ी है। इस संबंध में पैक्स के मैनेजर कृष्ण कुमार से संपर्क हुआ जिन्होंने बताया कि उनका लाइसेंस ही नहीं बन पाया है। अब लाइसेंस के लिए कार्रवाई जारी है जल्द ही लाइसेंस बनने की उम्मीद है इसके बाद ही खाद मिल पाएगा।




नशे के खिलाफ पुलिस का जागरूकता अभियान जारी
-कनीना के रामबास व ढाणा गांव में लोगों को नशे के खिलाफ किया जागरूक
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कनीना की आवाज।
पुलिस अधीक्षक पूजा वशिष्ठ द्वारा गठित विशेष टीम ने, नशा मुक्ति अभियान को गति देते हुए, कनीना के रामबास व ढाणा गांव में जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवा पीढ़ी और ग्रामीणों को नशे के विनाशकारी परिणामों के बारे में शिक्षित करना और उन्हें एक स्वस्थ, नशामुक्त जीवन शैली अपनाने के लिए प्रेरित करना था। इंस्पेक्टर शारदा और उनकी टीम ने संबोधन में इस बात पर जोर दिया कि नशा सिर्फ एक व्यक्तिगत समस्या नहीं है, यह एक ऐसी गहरी खाई है जो न केवल व्यक्ति और उसके परिवार को निगल लेती है, बल्कि पूरे समाज की नींव को हिला देती है। नशे की लत के कारण अपराध, हिंसा और सामाजिक विघटन जैसी कई समस्याएं पैदा होती हैं, जिससे समाज का ताना-बाना बिखर जाता है।
इंस्पेक्टर शारदा ने इस बात पर विशेष ध्यान दिलाया कि युवाओं को नशे से दूर रखने का सबसे प्रभावी तरीका उन्हें रचनात्मक और सकारात्मक गतिविधियों में व्यस्त रखना है। उन्होंने कहा कि शिक्षा, खेल-कूद, सांस्कृतिक कार्यक्रम और कौशल विकास जैसे क्षेत्रों में युवाओं की भागीदारी को बढ़ावा देना चाहिए। जब युवाओं के पास अपने समय और ऊर्जा को लगाने के लिए बेहतर विकल्प होंगे, तो वे खुद-ब-खुद नशे की ओर आकर्षित नहीं होंगे। कार्यक्रम में उपस्थित ग्रामीणों ने पुलिस के इस प्रयास की सराहना की और नशा मुक्ति अभियान को सफल बनाने के लिए पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया।
फोटो कैप्शन 06: नशे के विरुद्ध जागरूक करते हुए पुलिस


एक माह में ही तोड़ डाले स्पीड ब्रेकर
-सड़क पार करना हुआ कठिन
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कनीना की आवाज।
 करीब एक माह पहले कनीना-रेवाड़ी मुख्य मार्ग पर पेयजल सप्लाई केंद्र से थोड़ा आगे एक माह पहले ही स्पीड ब्रेकर लगाए गए थे। यह स्पीड ब्रेकर रोड़ी व बजरी के नहीं अपितु प्लास्टिकनुमा पदार्थ के बने हुए हैं। किंतु वाहनों की विशेष कर ओवरलोड वाहनों के भारी संख्या में चलने के कारण स्पीड ब्रेकर करीब आधे सड़क मार्ग से लुप्त हो गए हैं। जिससे वाहनों की घटी नहीं अपितु पहले वाली बरकरार है। यहां तक की दुर्घटना होने का अंदेशा बढ़ गया है क्योंकि जिस जगह से स्पीड ब्रेकर टूट रहे हैं वहां से वाहनों का आवागमन पूरे वेज से चल रहा है। दोनों तरफ से वाहन आते जाते हैं और टूटे हुए स्पीड ब्रेकर वाली जगह से पार कर रहे हैं। जिससे कोई भी दुर्घटना घटने की पूरी संभावना बन गई है। अब तो सड़क पार करना भी मुश्किल हो गया है क्योंकि स्पीड ब्रेकर खत्म होने का उन्हें दर्द सताने लगा है।
  उल्लेखनीय है कि स्पीड ब्रेकर बनवाने के लिए संगम कालोनी के सामने मांग की गई थी। बार-बार उच्च अधिकारियों से निवेदन किया गया था किंतु जहां कोई मांग नहीं थी वहां पर ये स्पीड ब्रेकर बनाए गए हैं और ये भी एक माह से कम समय में तोड़ दिए गए हैं।
  पीडब्ल्यूडी विभाग कब ध्यान देता है कहना कठिन है। लोगों की मांग है कि टूटे हुए स्पीड ब्रेकर पुन: स्थापित किये जाए।
फोटो कैप्शन 5: रेवाड़ी-कनीना रेवाड़ी मुख्य मार्ग पर टूटे हुए स्पीड ब्रेकर का एक नजर



किसान के आधा दर्जन बार चोरी हो चुके हैं कृषि उपकरण
-हाल ही में अज्ञात चोर चोरी कर ले गए 14 
ल्युमीनियम पाइप
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कनीना की आवाज।
 कनीना निवासी सज्जन सिंह पुत्र मामचंद के कनीना-सिहोर सड़क मार्ग पर खेतों से आधा दर्जन बार कृषि उपकरण चोरी हो चुके हैं। हर बार पुलिस रिपोर्ट दर्ज करवाई जाती है किंतु परिणाम शून्य रहता है। हाल ही में उनके खेतों से 14 एल्युमीनियम के पाइप अज्ञात चोर चोरी कर ले गए। उन्होंने पुलिस में मामला दर्ज करवाया है। सज्जन सिंह ने बताया कि कनीना-सीहोर सड़क मार्ग पर उनके खेत से 14 एल्युमीनियम के फव्वारा पाइप चोरी कर ले गए। जब खेत में जाकर देखा तो पाइप नहीं मिले जिनके बारे में पूछताछ की किंतु कोई सुराग नहीं मिला।  उनके बयान पर अज्ञात चोरों के विरुद्ध चोरी का मामला दर्ज कर लिया ह।
   सज्जन सिंह ने बताया कि उनकी ट्यूबवेल से पहले भी 7 जुलाई 2021 को मोटर की केबल काटकर अज्ञात चोर चोरी कर ले गए थे। 30 अगस्त 2021 को एल्युमीनियम का बैंड व कोटड़ी में रखे कृषि उपकरण चोरी हो गए थे।
 इससे पहले 4 अक्टूबर 2020 को केवल से दस फव्वारा, दो बैंड, एक टी एल्युमीनियम के चोरीहो गए थे। 121 मार्च 2022 को मीटर की केबल अज्ञात चोर चोरी कर ले गए थे। 20 अप्रैल 2025 को 11 फव्वारा पाइप चोरी हो गए थे। इस प्रकार उनके खेतों से लगातार चोरी हो रही है। उन्होंने सरकार से प्रशासन से मांग की है कि अज्ञात चोरों को पड़कर उनसे सामान बरामद करवाया जाए।



ओपन प्रतिभा खोज प्रतियोगिता का आयोजन किया गया
-कोका में आयोजित हुई प्रतियोगिता
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कनीना की आवाज।
कनीना उपमंडल के गांव कोका में युवाओं की प्रतिभा को निखारने के उद्देश्य से एथलेटिक्स फाउंडेशन परीक्षा ग्रुप द्वारा कोका सरकारी स्कूल में कोका टैलेंट सर्च परीक्षा प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस प्रतियोगिता में करीब 100 से अधिक विद्यार्थियों ने भाग लिया।
ग्रुप से योगेंद्र ने बताया कि यह प्रतियोगिता हर 3-4 महीने में गांव के युवाओं को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से कराई जाती है। इस बार प्रतियोगिता ओपन स्तर पर आयोजित की गई, जिसमें लड़कियों में प्रियंका प्रथम, प्रियंका पत्नी श्यामसुंदर द्वितीय व अलका तृतीय स्थान पर रहे। वहीं लड़कों में सचिन प्रथम, अशोक द्वितीय व ललित तृतीय रहे।
यह प्रतियोगिता अबकी बार 120 अंकों की रखी गई थी। प्रतिभागियों को ईनाम देकर सम्मानित किया गया। यह टेस्ट सरकारी नौकरियों के अनुसार डिजाइन किया गया था। इस मौके पर सोमदत्त शास्त्री, कुलदीप, कविंद्र, नवीन, उमेश शर्मा, संजय, उदय सिंह व प्रवीण मौजूद रहे ।
फोटो कैप्शन 04: परीक्षा देते हुए विद्यार्थी।


आरआरसीएम पब्लिक स्कूल, कनीना में दीपावली मेले का भव्य आयोजन
--लगाये गये पंडाल
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कनीना की आवाज।
आरआरसीएम पब्लिक स्कूल, कनीना में दीपावली के पावन पर्व से पहले रविवार को एक भव्य दीपावली मेले का आयोजन किया गया। जिसका शुभारम्भ संस्था के चेयरमैन  रोशन लाल यादव व प्राचार्य हरिप्रकाश शर्मा द्वारा मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलित करके किया गया। स्कूल परिसर में आयोजित इस मेले में विद्यार्थियों, अभिभावकों और शिक्षकों ने पूरे उत्साह के साथ हिस्सा लिया। इसके अलावा क्षेत्र के अनेक गणमान्य बुद्धिजीवियों ने भी मेले में शामिल होकर मेले की शोभा बढाई।
मेला स्थल को रंग-बिरंगी रोशनी, पारंपरिक कलाकृतियों और दीयों से सजाया गया था, जो दीपावली के त्योहार की खुशियों को दर्शा रहा था। विद्यार्थियों ने हस्तनिर्मित वस्तुओं, सजावटी सामानों, और स्वादिष्ट व्यंजनों के स्टाल लगाए। ये स्टाल विद्यार्थियों की रचनात्मकता और उद्यमशीलता  को प्रदर्शित कर रहे थे। मेले में आसपास के विभिन्न व्यापारिक प्रतिष्ठानों के द्वारा भी अपने उत्पादों की प्रदर्शनी लगाई गयी जिससे मेले की शोभा में चार चांद लग गये।
मेले का मुख्य आकर्षण विभिन्न प्रकार के गेम्स, लकी ड्रा और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां व झूलें रहे। विद्यार्थियों ने आकर्षक गेम्स के स्टाल लगाए जहां विजेताओं को मजेदार पुरस्कार दिए गए साथ ही पारंपरिक और आधुनिक व्यंजनों के स्टांलों पर भी काफी भीड़ देखने को मिली व अभिभावकों को भी संस्था द्वारा सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर बच्चों ने भारतीय संस्कृति और परंपरा से जुड़े मनमोहक कार्यक्रम प्रस्तुत किए, जिनमें लोकनृत्य और दिवाली से संबंधित लघु नाटिकाएं शामिल थीं।
स्कूल के प्रधानाचार्य हरि प्रकाश शर्मा ने मेले के सफल आयोजन पर सभी को बधाई दी। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन बच्चों को अपनी प्रतिभा दिखाने और त्योहारों के महत्व को समझने का अवसर प्रदान करते हैं। उन्होंने आगे कहा कि यह मेला बच्चों में टीम भावना और प्रबंधन कौशल विकसित करने में भी सहायक है।
अभिभावकों ने भी स्कूल की इस पहल की सराहना की और मेले में पूरे परिवार के साथ खूब आनंद लिया। मेले का समापन सभी के लिए एक खुशनुमा और यादगार अनुभव रहा।
फोटो कैप्शन 03: स्कूल में दीपावली मेले का नजारा


एसडीवमा विद्यालय ककराला में अध्यापक-अभिभावक बैठक का आयोजन
--जगदेव यादव ने अभिभावकों का जताया आभार
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कनीना की आवाज।
एसडीवमा विद्यालय ककराला में आज अध्यापक- अभिभावक बैठक का आयोजन किया गया। इस में 1128 अभिभावकों का पहुंचना उनके उत्साह, छात्रों के प्रति अपनी जिम्मेदारियों एवं छात्र-अभिभावक बैठक के महत्व को दर्शाता है। सभी अभिभावकों ने  अपनी व्यस्तता के बीच अपने बच्चों के भविष्य के लिये विद्यालय प्रबंधन व सभी संबधित अध्यापकों के साथ विचार विमर्श किया। सभी अभिभावकों ने अपने बच्चों की दिनचर्या, उनके व्यवहार, समय-सारणी, रुचि आदि से संबधित पहलुओं से प्रबंधन व संबधित अध्यापकों से परिचित करवाया। विद्यालय चेयरमैन जगदेव यादव ने अध्यापक-अभिभावक बैठक के महत्व पर प्रकाश डालते हुये बताया कि हम अपने आपको गौरवशाली समझते हैं कि हमारे अभिभावक इतने जागरूक व सजग है कि अध्यापक-अभिभावक बैठक के महत्व को समझते हैं तथा छात्र के भविष्य निर्माण में विद्यालय प्रबंधन के साथ महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह बैठक केवल छात्र के केवल शैक्षिक पक्ष की जानकारी के लिये नहीं बल्कि छात्र के सम्पूर्ण व्यवहार, रुचियों व सामथ्र्यता से संबधित बातों के आदान-प्रदान के लिये आयोजित की जाती है। इन चीजों के बिना अध्यापक-अभिभावक बैठक का मकसद पूरा नहीं हो सकता। छात्र अभिभावक का विचार-विमर्श छात्र के जीवन को एक नई दिशा प्रदान करता है। उसके जीवन के सकारात्मक व नकारात्मक पहलुओं की समीक्षा करके उसके अंदर सकारात्मकता का संचार करता है।  उन्होंने कहा कि शिक्षण एक त्रि-आयामी प्रक्रिया है। ये तीन पक्ष है अध्यापक, अभिभावक व विद्यार्थी। इनमें से कोई दो अक्सर साथ रहते हैं परंतु तीनों एक साथ इस प्रकार के आयोजनों में ही होते हैं जिसका प्रमुख केन्द्र बिंदु छात्र ही होता है। उन्होनें उन सभी अभिभावकों का धन्यवाद किया जिन्होंने अपना कीमती समय अपने बच्चों के भविष्य निर्माण के लिये निकालकर बैठक की शोभा बढ़ाई।
फोटो कैप्शन 01: एसडी स्कूल में पीटीएम का नजारा





नौसेना से सेवानिवृत्त होने पर पंकज का गांव में हुआ स्वागत
--धनौंदा मे हुआ स्वागत










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कनीना की आवाज।
भारतीय नौसेना से सेवानिवृत्त हुए पंकज का उनके पैतृक गांव धनौंदा में सम्मान समारोह आयोजित किया गया। मुख्य अतिथि अतरलाल एडवोकेट ने ग्रामीणों के साथ पंकज को साफा पहनाकर तथा प्रशस्ति पत्र भेंट कर सम्मानित किया। समारोह की अध्यक्षता वेदपाल दहिया ने की।
  सम्मान समारोह में मुख्य अतिथि ने कहा कि पंकज ने 15 साल तक भारतीय जलसेना में सराहनीय कार्य करते हुए गुजरात, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, केरल, अमेरिका, रूस, साउथ कोरिया व चीन आदि स्थानों पर नौसैनिक के रूप में अपनी सेवाएं दी और नायक के पद से सेवानिवृत्मत होकर गांव तथा जिला का नाम रोशन किया है। उन्होंने कहा कि सैनिक देश की शान हैं, उनका सम्मान करना हर देशवासी का नैतिक कर्तव्य है। राजेंद्र सिंह नंबरदार, सूरत सिंह मुख्याध्यापक, वेदपाल व डा. चेतन कुमार ने भी पंकज की सेवाओं की सराहना करते हुए युवाओं से उनके जीवन से प्रेरणा लेने की अपील की। इससे पहले विशाल जुलूस के साथ पंकज ने गांव में स्थापित भारत रत्न डॉक्टर भीमराव अंबेडकर तथा शहीद सैनिकों की मूर्तियों पर माल्यार्पण कर नमन किया। इस अवसर पर राजेंद्र, थानेदार सतपाल, मास्टर झम्मनलाल, डा. दिलीप, राजकुमार, विजय कुमार एडवोकेट, मदन पंच, वेदपाल, कंवर सिंह, दीपक, प्रवीन, चित्रपाल, पूनम, प्रेमलता, राजबाला, बिमला, गुड्डी, डा. ज्योति व डा. बाबूलाल सहित अनेक लोगों ने भी समारोह में भाग लेकर पंकज को सम्मानित किया।
फोटो कैप्शन  02: नौसैनिक पंकज को सम्मानित करते हुए गणमान्य जन।

Saturday, October 11, 2025


 




निजी स्तर पर खरीद पहुंची 50,000 क्विंटल
-अब तक 2174 गेट पास काटे गये
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कनीना की आवाज।
 कनीना की नई अनाज मंडी स्थित चेलावास में सरकारी तौर पर एक दाना भी खरीदा नहीं गया है लेकिन निजी स्तर पर 50,000 क्विंटल बाजरा खरीदा जा चुका है। यह बाजरा 1900 रुपये से लेकर 2200 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से खरीदा गया है। कुल आवक 59,000 क्विंटल हो चुकी है।
 विस्तृत जानकारी देते हुए सचिव मार्केट कमेटी मनोज पाराशर ने बताया कि अब तक 2174  टोकन किसानों के काटे जा चुके हैं और किसान अपनी बाजरे की पैदावार अनाज मंडी में ला रहे हैं किंतु उनके सैंपल फेल होने के कारण सरकारी तौर पर खरीद नहीं हो पा रही है।
हैफेड मैनेजर वीरेंद्र कुमार ने बताया कि प्रतिदिन सैंपल रेवाड़ी भेजे जाते हैं किंतु मानकों पर खरे नहीं उतरने के कारण सभी सैंपल फेल हो जाते हैं। ऐसे में सरकारी तौर पर खरीद नहीं हो पा रही है।
फोटो कैप्शन 05: कनीना की नई अनाज मंडी में बाजरे की आवक





श्रद्धा और विश्वास सफलता की जननी-हेमराज भारद्वाज
--धनौन्दा गांव में चल रही संगीतमय श्रीमद् देवी भागवत कथा
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कनीना की आवाज।
कनीना उपमंडल के गांव धनौन्दा गांव में चल रही संगीतमय श्रीमद् देवी भागवत कथा के छठे दिन व्यासपीठ पर विराजमान आचार्य हेमराज भारद्वाज ने देवी भगवती के क्षमा, दया, दान, करुणा, श्रद्धा, विश्वास आदि गुणों का वर्णन किया। उन्होंने कहा कि श्रद्धा और विश्वास सफलता की जननी है। देवी मां के इन गुणों को धारण करने से जन्म जन्मांतर का बेड़ा पार हो जाता है। कथा में सती विवाह तथा राम सीता स्वयंवर की मनमोहक झांकियों ने श्रद्धालुओं को भक्तिरस से सरोबार कर दिया। इस दौरान अतरलाल एडवोकेट ने कथा में पहुंचकर आचार्य हेमराज भारद्वाज को साफा पहनाकर तथा प्रशस्ति पत्र भेंट कर सम्मानित किया। अतरलाल ने कहा कि कथाओं से भक्तों तथा श्रद्धालुओं को प्रेरणा मिलती है। इन कथाओं से आदमी बुरी आदतों को छोड़कर सदमार्ग की तरफ बढ़ता है। उन्होंने कथा करवाने के लिए बालाजी मंदिर कमेटी के श्रद्धालुओं का धन्यवाद किया। इस अवसर पर कैलाश सेठ, सुभाष, हवासिंह, सतप्रकाश, हेमा, कविता, सरोज, लाली, धनवती, प्रेम, गुड्डी, कमलेश, लक्ष्मी आदि अनेक श्रद्धालु व भगतजन उपस्थित थे।




 रिटायर्ड कर्मचारी संघ की मासिक बैठक आयोजित हुई
-विभिन्न मुद्दों पर हुई चर्चा
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कनीना की आवाज।
रिटायर्ड कर्मचारी संघ हरियाणा की जिला महेंद्रगढ़ की इकाई की बैठक यादव धर्मशाला नारनौल में घनश्याम शर्मा की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में प्रदेश सचिव धर्मपाल शर्मा व पूर्व राज्य उपप्रधान  जगलाल निनानिया विशेष रूप से उपस्थित रहे।  बैठक का संचालन रोशन लाल जिला सचिव ने विधिवत रूप से किया। बैठक को सम्बोधित करते हुए  प्रदेश सचिव धर्मपाल शर्मा ने कहा कि सार्वजनिक उपकरणों का निजीकरण कारपोरेटाइजेशन बंद हो। सरकारी विभागों को सिकोडऩा बंद करें। आठवां केंद्रीय वेतन आयोग गठित किया जाए। हर 5 वर्ष में वेतन संशोधित अनिवार्य हो। लंबित महंगाई भत्ता दिए और जप्त की गई डीए की सभी बकाया किश्तें जारी की जाए। नई शिक्षा नीति को रद्द किया जाए । संविधान की धारा 310 और 311(2) ए ,बी ,सी को निरस्त किया जाए। संविधान में निहित  धर्मनिरपेक्षता की रक्षा हो। सांप्रदायिकता  के हर रूप से संघर्ष किया जाए । केंद्र व राज्य वित्तीय संबंधों को पुन परिभाषित  किया जाए । सहकारी संघवाद की रक्षा की जाए। रिटायर्ड कर्मचारियों को आठवें वेतन आयोग का लाभ दिया जाए तथा कोरोना काल से पहले की तरह रेलवे हवाई जहाज में किराए में 50 फीसदी छूट दी जाए।इस धरना-प्रदर्शन को रिटायर्ड कर्मचारी संघ के जिला प्रधान घनश्याम दास शर्मा,ताराचंद सैनी व बनीसिंह ने भी संबोधित  बैठक में निम्नलिखित प्रस्ताव पारित किए गये। सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया सदस्यता अभियान चलाकर सदस्य संख्या बढ़ाई जाए और नियम अनुसार जिला व स्टेट का शेयर समय-समय पर भुगतान किया जाए। संघर्ष फंड सभी ब्लाक नियम अनुसार जिला व स्टेट का भुगतान करें ।सभी ब्लॉक व जिला अपने-अपने स्तर पर बैंक में खाता खुलवाना सुनिश्चित करें ताकि आय व्यय  का हिसाब किताब सुरक्षित रह सके। सभी ब्लाक अपने सदस्यता की सूची जिला कमेटी में प्रदान करें। सभी ब्लाक अपना अपना आडिट जिला आडिटर  सतपाल शर्मा से करवा कर जिला आडिटर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करें। जगनलाल निनानिया ने बैठक मे बताया कि स्टेट कार्यकारिणी की मीटिंग एक अक्टूबर 2025 को सैनी धर्मशाला कुरुक्षेत्र में होने निश्चित की गई है।  जिसमें जिला प्रधान सचिव व कोषाध्यक्ष भाग लेंगे। दिनांक 22- 23 फरवरी को अखिल भारतीय राज्य सरकारी पेंशनर फेडरेशन का   सम्मेलन सैनी धर्मशाला कुरुक्षेत्र में होगा। जिले का चुनाव लगभग 1 साल पहले हुआ था। जिला कोषाध्यक्ष आय व्यय का बोरा जिला की बैठक में प्रस्तुत करें तथा जिस भी सदस्य या पदाधिकारी के पास बकाया राशि है वह तुरंत बकाया राशि जिला कोषाध्यक्ष से पास जमा करवाएं।
 फोटो कैप्शन 04: श्रीमद् देवी भागवत कथा सुनाते आचार्य हेमराज भारद्वाज।




किसान लगे सरसों की बिजाई में
- सरसों के लिए उचित समय- एसडीओ कृषि
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कनीना की आवाज।
 बाजरे की पैदावार वर्षा द्वारा खराब होने के साथ साथ जहां सरकारी तौर पर बाजरे की खरीद नहीं हो पाई। किसान मायूस हैं और मायूसब किसान सरसों की बिजाई में लग गए हैं। वैसे भी सरसों की बिजाई का समय 10 अक्टूबर से प्रारंभ हो जाता है। अनुमान है कि कम से कम 20000 हेक्टेयर पर सरसों की बिजाई की जाएगी। चूंकि बाजरे की पैदावार से कोई लाभ नहीं मिला जिसकीभरपाई करने के लिए सरसों अधिक उगाये जाने की संभावना है।
किसान भी 10 दिनों पहले से जहां खेतों की तैयारी में लग रहे थे। अब अचानक मौसम बदलने और तापमान कम होने के कारण सरसों के बिजाई में लग गए हैं। रात को के समय भी अब तो ट्रैक्टरों की आवाज सुनाई पड़ रही है। किसान सूबे सिंह राजेंद्र सिंह, मनोज कुमार, गजराज सिंह, सोनू,कांता देवी आदि ने बताया कि अब सरसों के बिजाई में लग गए हैं। सरसों की बिजाई पूर्ण होने के बाद 1 नवंबर से गेहूं की बिजाई शुरू हो जानी है। ऐसे में जी जान से किसान बिजाई कर रहे हैं। खेतों की तैयारी के लिए जहां खेतों में पानी देना, हल चलाकर खेत तैयार कर रखा था।
 क्या कहते हैं कृषि अधिकारी-
एसडीओ कृषि विभाग महेंद्रगढ़ डा. अजय यादव ने बताया कि मौसम सरसों की बिजाई के लिए अनुकूल हो गया है। इसके लिए तापमान 30 डिग्री सेंटीग्रेड से कम चाहिए लेकिन उन्होंने साथ में सलाह दी है कि किसानों को मौसम का ध्यान रखना चाहिए। निकट भविष्य में जहां वर्षा होने की संभावना जताई जा रही है। ऐसे में अगर वर्षा होती है और बिजाई कर दी गई तो बिजाई खराब हो जाएगी और फिर से बिजाई करनी पड़ेगी। उन्होंने किसानों को हिदायत दी कि मौसम को ध्यान में रखकर बिजाई करना उचित रहेगा।
 कई हैं डीएपी के विकल्प -
डा. अजय यादव ने बताया कि किसान डीएपी ज्यादा पसंद करते हैं जबकि डीएपी के अलावा कई विकल्प हैं जो डीएपी से भी ज्यादा बेहतर साबित हो सकते हैं। उन्होंने बताया टीएसपी/ट्रिपल सुपरफास्फेट का प्रयोग किया जाए। टीएसपी के एक बोरे के साथ 20 किलोग्राम यूरिया और 15 से 20 किलोग्राम पोटाश जरूर मिलाकर डाले जो सरसों के लिए ज्यादा लाभप्रद है। उन्होंने बताया कि एनपीके प्रयोग किया जा सकता है जिनके अलग-अलग ग्रेड हैं। यदि ग्रेड 12:32:16 है तो उसके एक बोरे में 20 किलोग्राम यूरिया और एक 10 किलोग्राम सल्फर जरूर मिलाये। यदि एनपीके 20:29:013 है तो उसके एक बोरे में 20 किलो पोटाश प्रति बैग मिलना जरूरी है।
 एसएसपी/सिंगल सुपरफास्फेट का भी प्रयोग कर सकते जिसके एक बोरे में 20 किलोग्राम यूरिया और 20 किलोग्राम पोटाश मिलना चाहिए। जिससे पैदावार अच्छी होगी। क्षेत्र में जहां डीएपी की मांग बढ़ रही है किंतु खाद की कमी नहीं है।  
तत्पश्चात एक नवंबर से गेहूं की बीजाई शुरू हो जाती है। किसान सुनील कुमार,रमेश, अजीत कुमा, सूबे सिंह, दिनेश, सुरेश, राजू आदि ने बताया कि अभी तक डीएपी की कोई कमी नहीं है। देरी से बीजाई करने से फसल पैदावार पर बुरा प्रभाव पड़ता है ऐसे में जितना जल्दी हो बीजाई कर रहे हैं।  कनीना क्षेत्र में इस बार करीब 20000 हेक्टेयर पर सरसों की तथा 8000 हेक्टेयर पर गेहूं की बिजाई की जाने की संभावना है। अधिक ताप पर बिजाई करने से बचे वरना सरसों अंकुरित होते ही जल जाएगी।
उधर पूर्व कृषि अधिकारी डा. देवराज का कहना है कि कनीना क्षेत्र करीब 20000 हेक्टेयर पर सरसों की बीजाई तथा 8000 हेक्टेयर के करीब गेहूं की बीजाई की जानी है। अधिकांश किसान सरसों की बीजाई में जुटे हुए हैं। उन्होंने बताया कि वैसे तो 25 अक्टूबर तक सरसों की बीजाई करना उचित है। इसके बाद तो प्रतिदिन प्रति एकड़ 18 किलो सरसों पैदावार कम होती चली जाती है। ऐसे में देरी से बीजाई करना नुकसानदायक साबित होता है। उन्होंने बताया कि अधिकांश किसान सरसों की बीजाई में लगे हुए हैं। 60 फीसदी किसानों ने सरसों की बीजाई कर दी है । इसके बाद गेहूं की बिजाई चलेगी। बीजाई पूर्णरूप से ट्यूबवेलों की सिंचाई पर निर्भर है। चने की खेती लगभग खत्म हो चुकी है। चना पैदावार नहीं देता है। अधिक ताप पर बिजाई करने से अगर बीज अंकुरित हो जाता है तो उसमें सफेद रतुवा रोग होने की ज्यादा संभावना होती है। साथ में बीज उपचार करके ही बिजाई करें। उन्होंने बताया कि 2 ग्राम प्रति किलोग्राम सरसों में बावस्टीन दवा से उपचारित करना चाहिए लेकिन याद रहे कि यह दवा सूखे पाउडर के रूप में आती है, पानी आदि न मिलाये, सीधा सूखा उपचार करना चाहिए। इससे पैदावार में लाभ और रोगों से बचा जा सकेगा।
फोटो कैप्शन 03: सरसों की बिजाई करता किसान
 फोटो कैप्शन: डा. अजय कुमार यादव



बयाना की राशि अदा न करने पर दी पुलिस में शिकायत
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कनीना की आवाज।
कनीना उपमंडल के गांव तलवाना निवासी सुमन लता धर्मपत्नी रतन सिंह के ने उनके साथ धोखाधड़ी करने की शिकायत पुलिस में की है।
 रतन सिंह ने बताया कि गांव बेवल में करीब 10 मरला जमीन बेचने के लिए प्रदीप, राजेश कुमार व ईश्वर 20 सितंबर 2025 को बयाना किया था। जिस वक्त उन्होंने बयाने में 4.50 लाख रुपये लिखवा दिए लेकिन एक लाख रुपये ही अदा किया बाकी के 3.50 लाख रुपये के लिए फोन पे से अदा करने की बात कह रहे थे किंतु अब उन्होंने कहा कि हमने पूरा पैसा आपको दे दिया है। जिसकी शिकायत पुलिस थाना कनीना में एक अक्टूबर 2025 को करवाई है। उन्होंने बताया कि  राशि 3.50 लाख रुपये देने में आनाकानी कर रहे हैं। वह धोखाधड़ी कर रहे हैं। 20 अक्टूबर को रजिस्ट्री का दबाव बना रहे हैं। झूठा और उल्टा ही मुकदमा करवाने की धमकी भी दे रहे हैं। पुलिस मामले की जांच कर रही है।





 हजारों व्यक्ति गठिया से पीडि़त मिलते हैं -डाक्टर विनय
-जागरूकता कार्यक्रम किये जाते हैं आयोजित
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कनीना की आवाज।
 दुनिया भर में 12 अक्टूबर विश्व गठिया दिवस मनाया जा रहा है। यह दिन लोगों में हड्डियों से जुड़ी गंभीर स्थिति के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए मनाया जाता है। इसे अंग्रेजी में अर्थराइटिस कहते हैं। गठिया के बारे डा. विनय शर्मा उप नागरिक अस्पताल कनीना से चर्चा हुई।
डा. शर्मा ने बताया कि गठिया एक जोड़ों में दर्द एवं जकडऩ का कारण बनता है। बड़ी उम्र के साथ-साथ यह स्थिति खराब होती चली जाती है। जागरूकता फैला कर ही इस रोग से बचा जा सकता है। 1996 से इस रोग से बचने के लिए लोगों को जागरूक किया जाता रहा है।
गठिया बीमारी विटामिन-सी, विटामिन-डी और कैल्शियम की कमी से ज्यादा परेशान करती हैं। इन चीजों की कमी से हड्डियां कमजोर होती चली जाती है और अंदर से खोखली हो जाती है। गठिया का अर्थ जोड़ों में सूजन,दर्द एवं लालिमा उत्पन्न होना।  उसे स्थान पर गर्मी अनुभव होती है, हड्डी के जोड़ सूज जाते हैं जो  दर्द का कारण बनता है। गठिया के कारण होने वाली अधिकांश बीमारियां स्वप्रतिरक्षा के कारण होती है। उन्होंने बताया कि यह दर्द असहनीय होता है। आमतौर पर कई हफ्तों से कई महीनो में हाल होता है।
गठिया में विशेष कर आलू खाने का परहेज करना चाहिए, आलू में मौजूद केमिकल है जो गठिया रोग का कारण बनता है। गठिया को जड़ से खत्म करने के लिए आयुर्वेद की दवाई काफी लाभप्रद जिनमें अश्वगंधा आता है, ठंडी जगह जाने से परहेज करें, नशीले पदार्थ का सेवन न करें। उन्होंने बताया कि सेब खाने से इस रोग में सूजन में कमी आती है और गठिया के लक्षण कम होते हैं। साथ में एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर फल एवं सब्जियां ज्यादा खानी चाहिए जिनमें ब्रोकली, पपीता, शिमला मिर्च, संतरा, अंगूर, स्ट्राबेरी विटामिन-सी के स्रोत, पालक ,चेरी आदि खाने चाहिए। गठिया से छुटकारा पाने के लिए सर्दी के मौसम में अदरक के तेल अदरक का प्रयोग करें जोड़ों पर मालिश करनी चाहिए। गठिया वैसे तो 100 से अधिक प्रकार है पर डब्ल्यूएचओ अनुसार विश्व की लगभग एक प्रतिशत आबादी गठिया रोग से पीडि़त है। यह रोग 40 से 60 वर्ष की उम्र में शुरू हो जाता है पुरुषों की तुलना महिलाओं में अधिक होता है। गठिया के कारण दर्द ,कठोरता, सूजन तीन प्रमुख लक्षण होते हैं। गठिया रोग में शराब पीना, ग्लूटेन फूड, प्रोसेस्ड भोजन, मीट,  नमक का सेवन कम करें, गठिया में दूध नहीं पीना चाहिए।
 फोटो कैप्शन: डा. विनय कुमार शर्मा




दिवाली पर दे विज्ञापन ताकि समाचार होते रहे प्रकाशित
-साल में एक विज्ञापन तो देना चाहिए
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कनीना की आवाज।
 प्रतिदिन समाचार संकलित करके न केवल ब्लाग के जरिये अपितु समाचारों के जरिये लोगों की सेवा की जा रही किंतु समाचार पत्र समय-समय पर हमसे विज्ञापन मांगते हैं। ऐसे में विज्ञापनदाता इस बार जरूर मदद करें ताकि खबरें लगातार प्रकाशित होती रहे। विज्ञापन के लिए कम से कम 5000 रुपये का विज्ञापन दिया जा सकता है। ताकि समाचार भी प्रकाशित होते रहे और विज्ञापन भी प्रकाशित होते रहे। समाचार पत्र अभी तक कोई पारिश्रमिक नहीं देता है, एकमात्र विज्ञापन जरिया है जिसके जरिए कुछ कमीशन मिलता है वरना सारी मेहनत मुफ्त में चलती है। ऐसे में जो भी व्यक्ति अपनी दुकान, स्कूल या अन्य किसी प्रकार का विज्ञापन देना चाहे जरूर 9416348400 पर संपर्क करें या फिर दूसरे मोबाइल नंबर 9306300700 पर संपर्क कर अपना विज्ञापन बुक करवा सकता है।



उप जिला शिक्षा अधिकारी ने बीइओ कनीना को दी बधाई
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कनीना की आवाज।
कनीना के नव पदोन्नत खंड शिक्षा अधिकारी दिलबाग सिंह गोठवाल को जिला परियोजना समन्वयक एवं उप जिला शिक्षा अधिकारी  कौशिक ने खंड कार्यालय में आकर पदोन्नति की बधाई व शुभकामनाएं दी।
खंड स्तरीय विकसित भारत बिल्डथान की समीक्षा बैठक के लिए पहुंचे जिला शिक्षा अधिकारी ने कहा कि दिलबाग सिंह एक कर्मठ अधिकारी रहे हैं तथा प्राचार्य के रूप में इनका कार्यकाल श्रेष्ठ रहा है तथा खंड शिक्षा अधिकारी के रूप में भी बेहतर तरीके से कार्य कर रहे हैं। इस अवसर पर राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कनीना मंडी के प्राचार्य नरेश कुमार कौशिक,सहायक ओम प्रकाश, गुलशन कुमार,पंकज यादव, सुनील कुमार,राजेश कुमार बीआरपी सोमबीर सिंह उपस्थित रहे।
फोटो कैप्शन 01: उप जिला शिक्षा अधिकारी बीइओ को बधाई देते हुए




आईपीएस कैडर के अधिकारी वाई पूरन कुमार द्वारा की गई आत्महत्या की निष्पक्ष जांच हो-वेद
- निष्पक्ष जांच नहीं की तो इनेलो पार्टी न्याय दिलाने के लिए उतरेगी सड़कों पर
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कनीना की आवाज।
इनेलो के वेद प्रकाश नंबरदार ने देश और प्रदेश में दलितों के साथ लगातार हो किए जा रहे उत्पीडऩ की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए कहा कि दलितों पर अत्याचार बेतहाशा बढ़ गए हैं। बाबा साहब भीमराव अंबेडकर द्वारा निर्मित संविधान की लगातार सरेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। बीआर गवई सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस होने के साथ साथ दलित समुदाय से भी आते हैं। एक दलित चीफ जस्टिस पर जूता फेंकना बेहद निंदनीय है और देश के संविधान का अपमान है। ऐसा ही दलित उत्पीडऩ का एक मामला हरियाणा के आइपीएस वाई पूरन कुमार द्वारा आत्महत्या करने का है जिन्होंने जातिवादी भेदभाव के चलते आत्महत्या कर ली।
 वेद प्रकाश ने कहा कि हरियाणा के आईपीएस कैडर के अधिकारी वाई पूरन कुमार के परिवार को न्याय मिल सके उसके लिए इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करने और दोषियों को कड़ी सजा देने की मांग की। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर बीजेपी सरकार ने इस मामले की निष्पक्ष जांच नहीं की तो इनेलो पार्टी आइपीएस वाई पूरन कुमार के परिवार को न्याय दिलाने के लिए सड़कों पर उतरेगी।
फोटो कैप्शन: वेद प्रकाश रामबास










यूरो स्कूल में अभिभावक-अध्यापक संगोष्ठी का आयोजन
--प्राचार्य सुनील यादव ने किया अभिभावकों का धन्यवाद
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कनीना की आवाज।
यूरो स्कूल कनीना में शिक्षक-अभिभावक संगोष्ठी का आयोजन किया गया, जिसमे अभिभावकों ने अपने बच्चों की अर्ध वार्षिक परिणाम की रिपोर्ट प्राप्त की। इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाचार्य सुनील यादव एवं उप-प्राचार्या संजू यादव ने अभिभावकों का स्वागत करते हुए कहा कि शिक्षा विद्यार्थी को जीवन जीने के लिए नई दिशा प्रदान करती है। उन्होनें कहा कि शिक्षा विद्यार्थी को न केवल शिक्षित बनाती है, बल्कि उसे संस्कृति और सभ्यता से परिचित करवाकर उसे राष्ट्र निर्माण की ओर प्रेरित करती है। शिक्षा अध्यापक व अभिभावक दोनो के दिशा-निर्देशन व सहयोग से ही संपूर्ण होती है। एक विद्यार्थी को शिक्षित करने में जितना योगदान एक गुरु का होता है, उतनी ही भूमिका माता-पिता की होती है। सभी विद्यार्थियों को अपने गुरू व अभिभावकों का सम्मान करना चाहिए। अभिभावकों ने अध्यापकगण से अपने बच्चों के रिपोर्ट कार्ड एवं उत्तर पुस्तिकाएं प्राप्त करते हुए अध्यापकों का धन्यवाद किया और कहा कि समय पर अभिभावक-अध्यापक संगोष्ठी का आयोजन करना बहुत ही आवश्यक है जिससे बच्चों की कमियों को शिक्षक व अभिभावक मिलकर दूर करके उन्हें संमार्ग पर ले जाए और उनके भविष्य को उज्ज्वल बना सके।
फोटो कैप्शन 02: पीटीएम का नजारा।

Friday, October 10, 2025


 


उप जिला शिक्षा अधिकारी ने बीइओ कनीना को दी बधाई
---बीइओ का किया अभिनंदन
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कनीना की आवाज।
कनीना के नव पदोन्नत खंड शिक्षा अधिकारी दिलबाग सिंह गोठवाल को जिला परियोजना समन्वयक एवं उप जिला शिक्षा अधिकारी  कौशिक ने खंड कार्यालय में आकर पदोन्नति की बधाई व शुभकामनाएं दी।
खंड स्तरीय विकसित भारत बिल्डथान की समीक्षा बैठक के लिए पहुंचे जिला शिक्षा अधिकारी ने कहा कि दिलबाग सिंह एक कर्मठ अधिकारी रहे हैं तथा प्राचार्य के रूप में इनका कार्यकाल श्रेष्ठ रहा है तथा खंड शिक्षा अधिकारी के रूप में भी बेहतर तरीके से कार्य कर रहे हैं। इस अवसर पर राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कनीना मंडी के प्राचार्य नरेश कुमार कौशिक,सहायक ओम प्रकाश, गुलशन कुमार,पंकज यादव, सुनील कुमार,राजेश कुमार बीआरपी सोमबीर सिंह उपस्थित रहे।
फोटो कैप्शन 05: उप जिला शिक्षा अधिकारी बीइओ को बधाई देते हुए





300 गेट पास काटे गए, निजी स्तर पर 7000 क्विंटल बाजरा खरीदा
---सरकारी स्तर पर एक दाना भी नहीं खरीदा
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कनीना की आवाज। 
कनीना अनाज मंडी स्थित चेलावास में यूं तो बाजरे खरीद 23 सितंबर से जारी है किंतु हैफेड द्वारा बाजरे की खरीद सरकारी तौर पर एक दाना भी नहीं की गई है। निजी स्तर पर जहां 7000 क्विंटल बाजरा खरीदा है वहीं 300 गेट पास काटे गये हैं। अब तक कुल 1650 गेट पास काटे जा चुके हैं। किसान परेशान है कि उनका सरकारी तौर पर बाजरा नहीं खरीदा जा रहा है।
विस्तृत जानकारी देते हुए मार्केट कमेटी सचिव मनोज पाराशर ने बताया कि 300 गेट पास काटे गए हैं वही 7000 क्विंटल बाजरा मंडी में आया लेकिन यह बाजरा निजी स्तर पर खरीदा गया है।    उधर हैफेड मैनेजर वीरेंद्र कुमार ने बताया कि प्रतिदिन सैंपल भेजे जाते हैं किंतु कोई भी सैंपल पास नहीं हो पा रहा है। यही कारण है कि सरकारी तौर पर बाजरे की खरीद नहीं हो पा रही है। उन्होंने बताया कि वही बाजरा खरीदा जाएगा जिसमें तिनके एवं घास फूस एक प्रतिशत से अधिक नहीं हो, बाजरे के अतिरिक्त अन्य अनाज के दाने व खरपतवार के दाने दो प्रतिशत से अधिक नहीं हो। टूटे-फूटे दाने एक प्रतिशत से अधिक नहीं हो। 5 प्रतिशत तक बदरंग हो चुका हो, सिकुड़े हुए या छोटे दाने एक प्रतिशत रह गए, घुन आदि द्वारा खराब किए हुए 1 प्रतिशत से अधिक नहीं हो और 13 प्रतिशत से अधिक नमी नहीं होनी चाहिए। किंतु जो भी सैंपल लिए जाते हैं उनमें बाजरा तो सूखा हुआ है किंतु बदरंग की समस्या होती है। अधिकांश बाजरा जो आता है वह बदरंग होता है वहीं खराब हुए दाने 35 से 36 प्रतिशत तक पहुंच जाते हैं। इसलिए बाजरा नहीं खरीदा जा रहा है। उन्होंने बताया कि निजी स्तर पर बाजरे की खरीद 1900 रुपये प्रति क्विंटल से लेकर 2200 रुपये प्रति क्विंटल तक हो रही है। सरकार ऐसे किसानों को 575 रुपए प्रति क्विंटल भावातंर भरपाई के देगी। साथ में उन्होंने बताया कि यह भावांतर उन्हीं किसानों को मिलेगा जिन्होंने ई-पोर्टल पर बाजरा बेचने की प्रक्रिया पूर्ण की है तथा उनका टोकन काटा गया है। टोकन काटने के बाद उन्हें जे-फार्म मिलेगा। यह किसी निजी दुकान से नहीं लेना है। यह जे फार्म तभी मिलेगा जब उन्होंने ई-पोर्टल के जरिए बाजरा बेचा है। सरकार ने निजी स्तर पर 2200 रुपये प्रति क्विंटल भाव निर्धारित किया हुआ है।


करवा चौथ पर रही दुकानों पर भीड़
-दीपावली के दृष्टिगत भीड़ बढ़ी
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कनीना की आवाज।
कनीना क्षेत्र में करवा चौथ का पर्व धूमधाम से मनाया गया। महिलाओं ने व्रत रखा तथा नए कपड़े पहनकर व्रत किया। नियमानुसार कहानी सुनी और दान पुण्य किया।
  कनीना क्षेत्र में करवा चौथ के पर्व पर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए। कपड़ों की दुकानों पर भीड़ देखने को मिली जहां उन्होंने नए कपड़े खरीदे। करवा चौथ पर नए कपड़े पहनने की परंपरा है। पुरुष अपनी पत्नियों के लिए कोई न कोई उपहार इस दिन खरीदकर देते हैं। ऐसे में सबसे अधिक भीड़ सीले हुए कपड़ों की दुकानों पर देखने को मिली जहां पुरुषों ने अपने लिए तो कपड़े खरीदे ही साथ में महिलाओं के लिए कपड़े भी खरीदे गए।
 महिलाओं ने करवा चौथ पर व्रत किया। दिनभर बिना जल के व्रत करने की परंपरा है। कुछ मुकेश कुमार, सुनील जैसे पुरुषों ने भी अपनी पत्नियों की लंबी उम्र की कामना के लिए व्रत किया। नए कपड़े धारण करके, सज धजकर दान पुण्य किया एवं कहानी सुनी। इस मौके पर एक विशेष कहानी सुनने का ही रिवाज चला आ रहा है।
  कपड़ों की दुकानों पर भीड़ नजर आई। महेंद्र शर्मा, सुरेंद्र कुमार, मनोज कुमार आदि दुकानदारों ने बताया कि इस करवा चौथ के व्रत को लेकर ही नहीं अपितु दीपावली का पर्व पास आने से कपड़ों की दुकानों पर कुछ भीड़ नजर आने लगी है जो दीपावली पर्व के प्रति तैयारियों को इंगित करता है।



दीपावली को लेकर व्यस्तता बढ़ी
-बाजार से पैदल निकलना भी हुआ कठिन
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कनीना की आवाज।
दीपावली के पर्व को लेकर व्यस्तता बढ़ी है। 21 नवंबर को दीपावली पर्व मनाया जा रहा है। जहां बाजार में भीड़ बढऩे लगी है वहीं मिठाई बनाने वालों के यहां सबसे अधिक भीड़ देखने को मिली। पर्व पर सबसे अधिक मिठाई बिकती हैं। उधर पेंट, रंग आदि की दुकानों पर भी भीड़ बढ़ी है।
  ज्यों ज्यों दीपावली पास आ रही है त्यों त्यों व्यस्तता बढऩे लगी है। बाजार में तरह तरह की मिठाइयां बनाई जा रही हैं वहीं रंग पेंट की दुकानों पर भारी भीड़ देखने को मिल रही है। किसान खरीफ फसल से निपटने व भावी रबी फसल बीजाई में लग गए हैं। दुकानदार विभिन्न सामान लाकर अपनी दुकानों को सजाने में लगे हुए हैं। दीपावली के पावन पर्व पर सबसे अधिक बिक्री होती है। बाजार में घिसे पीटे माल की सेल लग रही हैं वहीं विभिन्न प्रकार के सामान बाजार में आ गए हैं जिनकी दीपावली को जरूरत होती है।
 किसान खरीफ फसल से निपटने व भावी रबी फसल पैदावार लेने में लग गए हैं। दुकानदार विभिन्न सामान लाकर अपनी दुकानों को सजाने में लगे हुए हैं। रंग पेंट करने वाले रामलाल एवं श्याम ने बताया कि उनकी मांग बढ़ती ही जा रही है।
फोटो कैप्शन 03: बाजार में भीड़ का नजारा।




आईपीएस  पूरण कुमार सुसाइड मामले की हाईकोर्ट के सिटिंग जज से हो जांच -
वेद प्रकाश नम्बरदार रामबास
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कनीना की आवाज।
इनेलो के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य व प्रदेश उपाध्यक्ष एससी सेल ने हरियाणा कैडर के आईपीएस वाई पूरन कुमार द्वारा जातिवादी भेदभाव के कारण की गई आत्महत्या पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए वेदप्रकाश नंबरदार ने कहा कि यह बेहद दुखद घटना है। एक आईपीएस द्वारा आत्महत्या करना यह कोई छोटी घटना नहीं है। बीजेपी सरकार किसान विरोधी ही नहीं बल्कि दलित विरोधी भी है।
उन्होंने कहा कि बीजेपी सरकार में दलित समुदाय के लोगों के साथ उत्पीडऩ के मामले लगातार बेतहाशा बढ़ रहे हैं और बाबा साहब भीमराव अंबेडकर द्वारा निर्मित संविधान की सरेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। हरियाणा के आईपीएस वाई पूरन कुमार ने आत्महत्या करने से पहले एक सुसाइड नोट भी लिखा है जिसमें उन्होंने दलित होने के नाते अपने साथ हुए भेदभाव का जिक्र किया है। यह पूरे सिस्टम पर सवालिया निशान खड़ा करता है। अगर प्रदेश की सुरक्षा करने वाले पुलिस अधिकारियों का उत्पीडऩ हो रहा है। अगर दलित चीफ जस्टिस और आइपीएस अधिकारी ही सुरक्षित नहीं हैं तो आम नागरिक का क्या होगा। आइपीएस वाई पूरन कुमार जैसे उच्च अधिकारी द्वारा आत्महत्या करने के पीछे क्या कारण रहे, कौन लोग इसके जिम्मेवार हैं उसकी उच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषियों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए। निष्पक्ष जांच द्वारा ही आईपीएस वाई पूरन कुमार के परिवार को न्याय मिल सकेगा। आईपीएस  पूरण कुमार सुसाइड मामले की हाईकोर्ट के सिटिंग जज से जांच होनी चाहिए।
फोटो कैप्शन: वेदप्रकाश नंबरदार


अन्तर्राष्ट्रीय बालिका दिवस -11 अक्टूबर
-आज के दिन लड़के लड़कियों में भेदभाव कम-नरेश
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कनीना की आवाज।
 11 अक्टूबर को अन्तर्राष्ट्रीय बालिका दिवस के रूप में मनाया जाता है। बालिकाओं के सामने आने वाली चुनौतियों और उनके अधिकारों के संरक्षण के बारे में जागरूकता बढ़ाई जाती है। आज के दिन बालिकाओं के अधिकारों, लैंगिक समानता जैसे विषयों के प्रति लोगों को जागरूक करके मुहिम चलाई जाती है। आज के दिन बालिकाएं किसी प्रकार किसी से काम नहीं है चाहे धरती या समुद्र की गहराई का मसला हो या चांद पर पहुंचने का मसला हो। हर जगह बालिकाओं का बहुत बड़ा योगदान होता है। एक वक्त था जब लड़कियों को कम चाहते थे और लड़के को अधिक चाहते थे किंतु आज के दिन लड़के और लड़कियों को बराबर समझा जाता है। प्रदेश सरकार ने जैसे मुहिम बेटी पढ़ाओ बेटी बचाओ का नारा दिया और मुहिम चलाई तब से बालिकाओं का नाम अग्रणी है। क्षेत्र में विभिन्न बच्चियों नाम कमा रही है, इस बात को इंगित करता है लड़कियां आज हर क्षेत्र में आसमान छू रही है। इस संबंध में लोगों से प्रबुद्ध जनों से चर्चा की गई जिनके विचार निम्न हैं-
**विभिन्न स्कूलों में जहां लड़कियों के लोगों लगे हुए हैं। बेटी बचाओ बेटी बचाओ तथा बच्चियों के साथ होने वाले किसी प्रकार की अन्य को रोकने के लिए सरकार कटिबद्ध है। विभिन्न स्कूलों में जहां बालिका मंच कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं जिनके जरिए स्कूली बच्चियों को जागरूक किया जाता है। बाल श्रमिक रोकने भ्रूण हत्या रोकने, समाज की विकृत मानसिकता को रोकने के लिए सरकार हर संभव प्रयास कर रही है। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा कानूनी जागरूकता कार्यक्रम लगाए जाते हैं। लड़कियों के लिए दहेज प्रथा, बाल विवाह पर पूर्ण रोक लगाई हुई है बच्चियों का हर प्रकार से आगे लाने का प्रयास किया जा रहा है।।
              -----लक्ष्मी देवी, समाजसेविका
बेटियां हर घर की शान होती हैं, बेटियां ईश्वर का वरदान होती हैं। बेटियां सबके नसीब में कहां होती हैं, भगवान को जो घर पसंद हो वहां होती हैं। आज बेटियां किसी भी क्षेत्र में बेटों से पीछे नहीं है। बात चाहे चंद्रयान-3 की स्वर्णिम सफलता की हो या सिविल सर्विस की परीक्षा में टापर आने की ,ओलंपिक में मैडल लाने की बात हो या फिर सरहदों पर पहरा देने की व फाइटर प्लेन उड़ाने की। बेटियां आज हर क्षेत्र में बेटों के कंधे से कंधा मिलाकर चल रही है। आज आवश्यकता इस बात की है कि हम बेटियों के प्रति अपनी सोच बदलें तथा उन्हें समाज में बराबरी का दर्जा देने की पहल करें उनके जन्म पर उत्सव मनाए तथा उनकी कल्पना की उड़ान को मूर्त रूप देने में उनकी मदद करें। ये निश्चित ही एक दिन आकाश छू लेंगी तथा माता-पिता व देश का नाम रोशन करेंगी।
     ----मदन मोहन कौशिक, प्राध्यापक
बालिका शिक्षा के बढ़ावे से ही समाज का विकास संभव है। सामाजिक संस्थाओं को आगे आकर बालिका सशक्तिकरण, बालिका जागृति, बालिका स्वावलंबन, बाल विवाह, दहेज प्रथा के बारे में जागरूक किया जाना चाहिए। बालिकाओं को शिक्षा के साथ-साथ आत्म रक्षा स्वावलंबन भी बनने के लिए भी प्रेरित करना चाहिए। राज्य में लिंगानुपात पिछले वर्षों में लगातार सुधार हुआ है वहीं बाल विवाह में भी कमी आई है। प्रदेश की बेटियां विभिन्न क्षेत्रों में निरंतर नित नये कीर्तिमान रच रही है। हमें बेटियों के स्वास्थ्य पर भी ध्यान देने की आवश्यकता हैं।
     ----विजेंद्र सिंह पूर्व मुख्याध्यापक
अगर हमारी बालिकाएं स्वस्थ और सशक्त होगी तो आने वाला देश का कल भी सशक्त होगा। बालिकाओं के विकास के लिए व उनके लिए सहयोगी वातावरण बनाने के लिए और उनके समग्र विकास को सुनिश्चित करने के लिए अनेक प्रयासों की आवश्यकता है और इसके लिए हमें प्रतिबद्ध भी रहना चाहिए। बालिकाओं का घटता लिंगानुपात भी चिंता का विषय है। माता-पिता को बेटे बेटी में फर्क नहीं समझना चाहिए। सरकार की योजनाएं भी बालिका के जन्म को बढ़ावा देने उनके विकास के लिए प्रेरणादायक हो सकती हैं।
                ----नरेश कुमार, समाजसेवी
फोटो कैप्शन:नरेश कुमार, विजेंद्र सिंह, लक्ष्मी देवी, मदनमोहन


















कनीना में सीवर व्यवस्था ठप, हो रही हैं ओवरफ्लो,
-उपभोक्ता परेशान
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कनीना की आवाज।
 कनीना के वार्ड-एक जयनारायण की दुकान के पास से लेकर प्रोफेसर हंसराज चौराहे तक सभी सीवर लाइन ठप्प पड़ी हैं, ओवरफ्लो हो गई है, जगह-जगह गंदा जल्दी निकल रहा है, गंदगी के देर लग गए हैं। जिसके पीछे बताया जा रहा है कि कालरवाली जोहड़ का गंदा पानी सीवर लाइन में डाला जा रहा है और सीवर लाइन का गंदा पानी वापस घरों तक पहुंचने लगा है। एक और जहां जोहड़ का गंदा पानी सीवर में डालने की मनमानी और हठधर्मिता जोहड़ को खाली करने वाले कर्मचारी कर रहे हैं वही जनस्वास्थ्य विभाग मौन बैठा देख रहा है। अनेक लोगों ने शिकायत की है कि उनका दिन और रात का जीना हराम हो गया है। दिन रात बदबू आती है, सफाई नहीं हो पाती वही और ओवरफ्लो होने से गंदा जल दूर-दूर तक फैल रहा है। लोगों ने इस संबंध में उच्च अधिकारियों को शिकायत करने की बात कही।
क्या कहते हैं ग्रामीण-
कनीना के यूं तो विभिन्न वार्डों में कहीं उबड़ खाबड़ सीवर मैनहोल बने हैं तो कहीं ओवरफ्लों कर रहे हैं। जयनारायण की दुकान के पास सीवर का गंदा पानी दूर दराज तक फैल रहा है जिससे परेशानी बढ़ती ही जा रही है।
  --योगेश कुमार, कनीना
कनीना कस्बा में हजारों दूसरे राज्यों से आये किरायेदार सीवर का जमकर उपयोग कर रहे हैं जिससे सीवर भरे पड़े हैं। जोहड़ों का गंदा जल भी इन्हीं में डाल रहे हैं जिससे सीवर की गंदगी के पास से निकल पाना भी कठिन हो गया है।
   --रोहित कुमार, कनीना
जनस्वास्थ्य विभाग अवैध कनेक्षनधारियों पर कोई शिकंजा नहीं कस सहा है जिसके कारण ओवरफ्लों सीवर की समस्या बन गई है। नाले एवं नालियों का गंदा जल भी सीवर में डालकर अवरुद्ध कर रहे हैं। विभाग शांत बैठा हुआ है।
  --संदीप कुमार, कनीना
जयनारायण की दुकान से लेकर होलीवाला जोहड़ तब सीवर लाइन भरी खड़ी है। जगह जगह गंदा जल रिसाव कर रहा है। कोई सुनवाई करने वाला नहीं है। अब तो घरों से बाहर निकलना भी कठिन है। विभाग त्वरित कार्रवाई नहीं कर रहा है।
   --अमीश कुमार,कनीना
 इस संबंध में के जन स्वास्थ्य विभाग के जेई तेजबहादुर से बात हुई। उन्होंने कहा कि वे इस संबंध में समस्या समाधान देख रहे हैं और जल्दी ही समस्या का समाधान ढूंढेंगे।
 फोटो कैप्शन 01: सीवर ओवरफ्लो
साथ में अमीश कुमार, योगेश कुमार, संदीप कुमार, रोहित कुमार




Thursday, October 9, 2025


 

200 गेट पास काटे गये, 4500 क्विंटल बाजरा निजी स्तर पर खरीदा
-सरकारी तौर पर खरीद शून्य रही
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कनीना की आवाज।
 कनीना की नई अनाज मंडी स्थित चेलावास में यूं तो 23 सितंबर से बाजरे की आवत जारी है किंतु एक दाना भी सरकारी तौर पर बाजरे का नहीं खरीदा गया है। न ही भविष्य में कोई संभावना लगती कि कोई बाजरा खरीदा जाएगा। अभी तक 4500 क्विंटल बाजरा निजी स्तर पर जरूर खरीदा गया है। किसानों की। इस बार सारी बाजरे की पैदावार खराब हो गई है। जिन मानकों पर खरीद होनी है उन पर खरी नहीं उतर रही है।
 दस संबंध में मार्केट कमेटी सचिव मनोज पाराशर से बात हुई। उन्होंने बताया कि गुरुवार को 200 गेट पास काटे गए। अब तक कुल 1350 गेट पास काटे जा चुके हैं लेकिन बाजरे की सरकारी तौर पर कोई खरीद नहीं हो पाई है। 4500 क्विंटल बाजरा निजी स्तर पर जरूर खरीदा गया है। सैंपल रेवाड़ी भेजे जाते हैं किंतु पास नहीं हो पा रहे हैं जिसके कारण बाजरे की खरीद संभव नहीं हो पा रही है।
उधर हैफेड खरीद एजेंसी के मैनेजर विरेंद्र कुमार ने बताया कि गुरुवार को 9 सैंपल रेवाड़ी भेजे गये जो सभी फेल हो गये हैं। प्रतिदिन सैंपल भेजे जा रहे हैं।
 फोटो कैप्शन 09: कनीना अनाज मंडी चेलावास






कैमला स्कूल में बाल रामलीला आयोजित
--रामायण का प्रत्येक पात्र देता है हमें शिक्षा
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कनीना की आवाज।
राजकीय माध्यमिक विद्यालय कैमला में एफएलएन मिशन के अंतर्गत निपुण कार्यक्रम  के अनुसार  कक्षा 1 से 3 तक के विद्यार्थियों के द्वारा  रंगमंच पर रामायण बाल लीला का मंचन बेहद रोचक, आकर्षक ढंग से किया गया। जिसमें जयंत ने रावण की भूमिका का किरदार निभाया और अंगद के रूप में मंयक तथा यश कुमार, भावना ,गौरव हिमांशी, अक्षत, नंदिनी आदि बाल कलाकारों ने विभिन्न पात्रों के रूप में किरदार निभाते हुए अपनी भूमिका अच्छे ढंग से प्रस्तुत की।
  मौलिक मुख्याध्यापक वीरेंद्र सिंह जांगिड़ ने विद्यार्थियों के मनोबल और उत्साह को बढ़ाते हुए बताया कि रामायण का प्रत्येक पात्र अपने आप में एक पूरा जीवन वृत्तांत है। रामायण हमें जीना सिखाती है कि हमें आपस में परस्पर प्रेम भाव, वसुदेव कुटुंबकम, सहनशीलता, विनम्रता, संगठन की शक्ति आदि भाव ग्रहण करने चाहिए। इस प्रकार की गतिविधियों से विद्यार्थियों में आत्मविश्वास और मनोबल की भावना बढ़ती है हमें प्रत्येक प्रकार की पाठ्यक्रम आधारित गतिविधियों एवं सहगामी क्रिया-कलापों में बढ़-चढ़कर के भाग लेना चाहिए। जिससे कि विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास होता है। बाल रामलीला की तैयारी गरिमा रानी प्राथमिक अध्यापिका द्वारा करवाई गई जो सराहनीय और आकर्षित का केंद्र रहीं। इस अवसर पर मनवीर सिंह विज्ञान अध्यापक, देवेंद्र कुमार, सुनील कुमार डीपीई, राजेश कुमार ,भगत सिंह, गरिमा रानी,सुनील कुमार, सूबे सिंह ,तारामणि, पिंकी देवी, बबली देवी आदि उपस्थित रहें।
फोटो कैप्शन 07: बाल रामलीला के पात्रों का अभिनंदन करते हुए।





दिलबाग सिंह गोठवाल बने कनीना खंड शिक्षा अधिकारी
-विभिन्न लोगों ने किया अभिनंदन
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कनीना की आवाज।
कनीना के खंड संसाधन समन्वयक एवं नव प्रमुख पदोन्नति खंड शिक्षा अधिकारी दिलबाग सिंह गोठवाल ने  कनीना में खंड शिक्षा अधिकारी के रूप में कार्य भार ग्रहण किया। कार्यभार ग्रहण करने के बाद दिलबाग सिंह ने बताया कि विद्यालयों में गुणात्मक शिक्षा के लिए सरकार द्वारा निर्धारित मानदंडों को समयबद्ध तरीके से लागू करवाना उनकी प्राथमिकता होगी तथा सरकार द्वारा लागू की गई नई शिक्षा नीति के अंतर्गत विद्यालय में कंप्यूटर शिक्षा छात्र संख्या बढ़ाना तथा अन्य निर्धारित लक्ष्य  प्राप्त करना प्राथमिकता रहेगी।
 उल्लेखनीय है दिलबाग सिंह की पदोन्नति खंड शिक्षा अधिकारी गन्नौर के रूप में हुई थी तथा अतिरिक्त मुख्य सचिव स्कूल शिक्षा विभाग ने समायोजन करते हुए उन्हें कनीना खंड शिक्षा अधिकारी के रूप में नियुक्त किया है। इस अवसर पर राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कनीना मंडी के प्राचार्य नरेश कुमार कौशिक ने गुलदस्ता भेंट कार्यालय में उनका अभिनंदन किया। श्री कौशिक ने बताया कि दिलबाग सिंह एक कर्मठ और समर्पित शिक्षा अधिकारी के रूप में रहे हैं तथा प्राचार्य रहते हुए राज्य अध्यापक पुरस्कार से नवाजे जा चुके हैं। इस अवसर पर कार्यालय के सहायक ओमप्रकाश शर्मा एबीआरसी मनोज यादव, उल्लास के समन्वयक गुलशन कुमार, प्रवक्ता हंसराज, लिपिक पंकज यादव, कविता कुमारी ,रामपाल सिंह और मानव उपस्थित रहे।
फोटो कैप्शन 08: खंड शिक्षा अधिकारी दिलबाग सिंह का अभिनंदन करते नरेश कौशिक प्राचार्य एवं अन्य




मलबे से चांदी के सिक्के
दूसरे दिन भी मलबे से ढूंढते रहे लोग चांदी के सिक्के
-अभी तक कोई अधिकारी नहीं पहुंचा
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कनीना की आवाज।
 कनीना-अटेली सड़क मार्ग पर कनीना की नई अनाज मंडी स्थित चेलावास की दीवार के नजदीक डाला गया हवेली के मलबे पर सभी की नजर टिक गई है। चेलावास के एक व्यक्ति द्वारा पुरानी हवेली को तोड़कर उसका मालवा सड़क के किनारे डाला था।
 बुधवार अचानक एक बच्चे को कोई सिक्का मिला, उसने तलाश की तो और सिक्के मिले। उन्होंने अपने साथियों को यह सूचना दी तत्पश्चात 200 से 250 व्यक्ति मौके पर पहुंच गए थे और जिसको जितने सिक्के हाथ लगे वह लेकर चलता बना। गुरुवार दूसरे दिन भी बहुत से लोग मलबे से सिक्के तलाश करते रहे।
 मौके पर मौजूद मनीष मित्तल ने बताया कि वह अनाज मंडी गया था। मलबे के पास भीड़ देखकर वह रुक गया। उन्हें जानकारी मिली कि मलबे के पास एक बच्चे को सिक्का मिला था और बात इतनी बढ़ी कि लोगों की भीड़ जमा हो गई। अपने-अपने औजार और यंत्रों से सिक्कों की तलाश करते रहे परंतु यह किसी को कुछ भी नहीं मालूम कि कितने सिक्के उसमें थे और कितने किसी को हाथ लगे। जिसको भी सिक्के हाथ लगे वह लेकर चलता बना। दूसरे दिन भी गुरुवार को लोग सिक्के तलाशते रहे। कोई उच्च अधिकारी या पुरातत्व विभाग का अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा।
 प्रत्यक्ष दर्शी मनीष मित्तल की माने तो उसमें 200 से 250 सिक्के थे जो लोग ढूंढ कर ले गए। जहां तक की एक खाखी रंग का कपड़ा भी मिला। अनुमान लगाया जा रहा है इसी कपड़े में सिक्के डालकर हवेली के मालिक हवेली में छुपाया हुआ था। आज भी उमराव सेठ के कुछ परिजन कनीना में रह रहे हैं तो कुछ विदेश में भी रह रहे हैं। एक उनके परिजन चेकोलाविया में रह रहा है। वही कनीना में भी रह रहे हैं। सैकड़ो वर्षों पहले यह हवेली निर्मित की गई थी किंतु चेलावास के अधिकांश सेठ कनीना में आ बसे थे। चूंकि कनीना की अनाज मंडी विशाल रही है इसलिए चेलावास में रहने वाले अधिकांश सेठ कनीना आ बसे थे। उसी समय हवेली छोड़ दी गई थी और अब खंडहरनुमा बन गई थी। वर्तमान में यह हवेली मानसिंह नामक व्यक्ति के पास है जिसने खरीद ली बताई। उन्होंने अपनी जेसीबी और ट्रैक्टर की सहायता से इस हवेली को तोड़कर इसका मलबा चेलावास की अनाज मंडी के पास डाला था जिसे अब लोग उठा ले गये। थोड़ा बहुत मलबा डाले गये स्थान पर पड़ा हुआ है। यही नहीं  मलबे से जो कुछ मिला वे सब पदार्थ लोग उठा ले गए। बाद में मानसिंह ने भी शेष मलबा यहां ना डालकर अपनी कि प्लाट में डाल दिया।
कोई अधिकारी नहीं पहुंचा मौके पर -
घटना को दो दिन बीत जाने के बाद तक मलबे वाले स्थान पर कोई भी पुलिस अधिकारी या पुरातत्व विभाग का अधिकारी नहीं पहुंचा। यह भी माना जा रहा है कि आप मौके पर कोई सिक्का मिलने वाला नहीं है जिसके चलते अब अधिकारी आकर भी क्या करेंगे जहां कनीना के योगेश अग्रवाल से बात हुई उन्होंने बताया की हवेली का किसी समय मलिक रहे उमराव का परिजन अब चेकोस्लाविया में रह रहा है। वही चेलावास के लोगों से बात की तो उन्होंने बताया की हवेली इस समय बिक चुकी है और इस हवेली को तोड़ा जा रहा है ऐसे में सिक्के किसी दीवार में थे ऐसा माना जा रहा है। दीवार का मलबा जेसीबी से तोड़कर ट्रैक्टर की सहायता से यहां डलवाया गया था।
हवेली वाले स्थान को कर दिया है समतल-
हवेली वाले स्थान को अब समतल कर दिया गया। यहां का मलबा उठाकर दूर डाला जा चुका है।
200 साल पुराने हैं सिक्के-
ये चांदी के सिक्के वर्ष 1840 के बने हुए हैं जिन पर सन लिखा हुआ है। करीब 200 वर्ष पुराने हैं तथा सिक्कों पर विक्टोरिया की फोटो भी अंकित है। ये एक-एक रुपये के चांदी के सिक्के हैं।
फोटो कैप्शन 04: दूसरे दिन मलबे से सिक्के तलाशते लोग
          05: वह कपड़ा दिखाते हुए जिसमें माना जा रहा है सिक्के थे
          06: चेलावास की चो अवेली जहां से मलबा उठाया गया था, अब समतल है





विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस -10 अक्टूबर
-मानसिक समस्याओं को यूं ही खामोशी से ना पनपने दें-डा. जितेंद्र
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कनीना की आवाज।
मानसिक स्वास्थ्य संपूर्ण स्वास्थ्य का एक अभिन्न हिस्सा है। यदि यूं कहा जाए कि मानसिक स्वास्थ्य के बिना हम स्वास्थ्य की कल्पना नहीं कर सकते तो कोई अतिशयोक्ति नहीं होगी। आज चिकित्सा के क्षेत्र में इंसान ने बड़े-बड़े अविष्कार कर लिए हैं, लेकिन मानसिक रोगों को लेकर समाज की सोच अभी भी संकुचित ही है। हम लोग खांसी-जुकाम, बुखार होने की अवस्था में तुरंत डाक्टर के पास भागते हैं, परन्तु अपनी मानसिक समस्याओं को यूं ही खामोशी से पनपने देते हैं। इसका सबसे बड़ा कारण है मानसिक स्वास्थ्य के प्रति अरुचि, भ्रांतियां और गलत जानकारी। मानसिक समस्या को बीमारी न समझना या मानसिक अस्वस्थता को कलंक समझना और इसकी चर्चा से परहेज करना इस समस्या को और भी विकराल बना देता है।
समाज में मानसिक स्वास्थ्य को लेकर कई तरह की भ्रांतियां और गलत जानकारियां हैं। इसलिए जागरूकता की बेहद जरूरत है। दरअसल जीवनशैली में बदलाव, नकारात्मक भावनाओं का पोषण, सामाजिक अलगाव, चिंता और तनाव मानसिक अस्वस्थता का कारण बनते जा रहे हैं। आगे जाकर यह सब अवसाद के साथ-साथ अन्य मानसिक रोगों का कारण बन जाते हैं।
सामाजिक दृष्टिकोण में बदलाव और मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता आज के दौर में और भी प्रासंगिक हो जाती है।
 भागदौड़ की जिंदगी में तथा मोबाइल के चलते इंसान तनाव भरी जिंदगी जीने लगा है। वह अपनी बातें किसी से शेयर नहीं करता है कि लोग उसका मजाक उड़ाएंगे। अगर वह इंसान अपनी तनाव की बातें किसी से शेयर कर दे तो हो सकता है तनाव कम हो जाए और किसी गलत कदम उठाने से बच सकेगा। उन्हें चाहिए कि वो डाक्टरों से अपनी बात बताए और समस्या का समाधान ढूंढे।
  क्या कहते हैं विशेषज्ञ-
 आधुनिक जीवनशैली की मांगों के दबाव के कारण बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक हर कोई तनाव में जी रहा है। विश्व स्वास्थ्य संगठन का अनुमान है कि 2030 तक, तनाव संबंधी बीमारियां संक्रामक रोगों से अधिक हो जाएंगी। ऐसे में यह बहुत जरूरी है कि हम मानसिक स्वास्थ्य के महत्व को समझें और उसके संरक्षण के लिए स्वयं सजग व जागरूक रहें तथा दूसरों को भी जागरूक करने का प्रयास करते रहें। मानसिक बीमारियों के प्रति उपेक्षा भाव और गलत अवधारणाओं की वजह से बड़ी संख्या में लोगों पर ध्यान नहीं दिया जाता और उन्हें आवश्यक देखभाल नहीं मिल पाती है। इसलिए लोगों के सामने आने वाली मानसिक स्वास्थ्य चुनौतियों का समाधान करने के लिए व्यापक जागरूकता का होना जरूरी है।
   ---डा जितेंद्र मोरवाल उप-नागरिक अस्पताल कनीना
 फोटो कैप्शन : डा जितेंद्र मोरवाल



कनीना के श्रीकृष्ण गौशाला मनाया बच्चे का जन्मदिन
-- गायों के लिए दिया दानपुण्य
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कनीना की आवाज।
 चंद्र प्रकाश सिहोर निवासी ने अपने पुत्र मोहक का जन्म दिन श्रीकृष्ण गौशाला में धूमधाम से मनाया। इस मौके 15000 रुपये दान दिया और तीन गायों को गोद लिया। चंद्रप्रकाश ने कहा कि जन्मदिन मना कर गायों की सेवा करना पुण्य का काम होता है। गाय अमृतमय दूध देती हैं।
 उधर इस मौके पर प्रधान गौशाला भगत सिंह ने दानदाताओं का अभिनंदन किया। इस मौके पर कविता देवी मां, महिमा, भगत सिंह, दिलावर सिंह करण सिंह, नरेंद्र ठेकेदार, राजेश, तुलसीराम सोनी डा.महेश यादव, बलवान आर्य, कृष्ण कुमार गुरुजी आदि भी उपस्थित रहे।

फोटो कैप्शन 03: तीन बच्चों के जन्मदिन पर गाये गोद लेते हुए
















10 अक्टूबर करवा चौथ का व्रत
करवा चौथ पर्व पर आई खांडसारी के करवों की बहार
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कनीना की आवाज।
 शुक्रवार को कनीना क्षेत्र में करवा चौथ का पर्व मनाया जा रहा है। बाजार में खांडसारी के करवों की बहार आ गई है वहीं कपड़ों की दुकानों तथा ब्यूटी पार्लरों पर भीड़ लगने लगी है। इस दिन महिलाएं नए कपड़े पहनती हैं एवं साज शृंगार करती हैं।
कार्तिक माह की कृष्ण चतुर्थी को सौभाग्यवती महिलाओं का पर्व करवा चौथ मनाया जा रहा है जिसे ग्रामीण क्षेत्रों में गटक चौथ आदि नामों से जाना जाता है। सर्दी के प्रारंभ में आने वाले इस पर्व का विशेष महत्व माना जाता है। यह व्रत पति, पुत्र की मंगलकामना, धन एवं धान्य के लिए  किया जाता है जिसका समापन चन्द्रदेव को अघ्र्य देकर पूर्ण किया जाता है। दान पुण्य करने की भी परम्परा चली आ रही है।
    यह व्रत विवाहित एवं अविवाहित दोनों के लिए ही फलदायक माना जाता है। अविवाहित महिलाएं अपने सुपति की कामना से तो विवाहित महिलाएं अपने पुत्र, भाई  एवं पति की मंगलकामना के लिए व्रत करती हैं। अब तो पुरष भी यह व्रत रखने लग गये हैं। चांद को देखकर तथा उसे अघ्र्य देकर ही इस व्रत का समापन किया जाता है जिसके पीछे माना जाता है कि महिलाएं चांद जैसी शीतलता एवं चमक अपने इष्टदेव में देखना चाहती हैं। इस दिन श्रीगणेश की पूजा करने का विशेष विधान है।
क्या खाया जाता है-
 करवा चौथ के दिन खांडसारी के बनाए हुए करवे खाए जाते हैं। इस दिन पूजा के लिए भी करवा खरीदे जाते हैं। करवा नामक औरत की कथा भी सुनी एवं सुनाई जाती है। खांडसारी के बने हुए करवे बाजार में कई दिन पूर्व ही उपलब्ध हो जाते हैं जिन्हें खरीदकर महिलाएं लाती हैं। ये खांडसारी के करवे ही लेने देन में काम आते हैं। महिलाएं अपने से बड़ी महिलाओं को करवे दिए जाते हैं।
क्या कहानी सुनाई जाती है-
पंडित दीपक आचार्य बताते हैं कि इस दिन करवा नामक औरत की कहानी सुनाई जाती है जिसमें उस औरत के भाई अपनी बहन की भूख की व्याकुलता देखकर परेशान हो जाते हैं। वे उसे आग जलाकर छलनी में से नकली चंद्रमा का आभास कराते हैं और करवा खाना खाने के लिए तैयार होती है तो अपशकुन होते हैं किंतु दुख उस वक्त होता है जब करवा को उसके पति की मृत्यु का समाचार मिलता है। आखिरकार वह अपने पति को जीवित करने के लिए घोर तप करती है और पुन इस व्रत के आने का इंतजार करती है। आखिरकार करवा अपने पति को जीवित कराने में सफल हो जाती है। उसी दिन से करवा खाने और करवा चौथ का पर्व चला आ रहा है।
कब तक चलेगा यह व्रत-
आचार्य दीपक का कहना है कि यह व्रत दिनभर चलेगा किंतु शुक्रवार शाम करीब 8:13 बजे पर चंद्रमा दिखाई देने लग जाएगा। महिलाएं इसी चंद्रमा को अघ्र्य देकर अपना व्रत पूर्ण कर सकती हैं। दिनभर कहानी सुनने, दान पुण्य करने तथा बड़े बूढ़ों से आशीर्वाद पाने की परंपरा चली आ रही है। खांडसारी के करवे ही दान दिए जाते हैं।  
कौन करता है करवा चौथ व्रत-
एक वक्त था जब केवल महिलाएं ही करवा चौथ का व्रत करती थी। अब तो इसमें पुरुष भी भागीदार बन गए हैं। महिलाएं जहां अपने पति के लिए तो पति अपने पत्नी के लिए लंबी उम्र की कामना करते हैं। अविवाहित लड़कियां भी इस व्रत को करने लगी हैं। पले केवल विवाहित महिलाएं ही व्रत करती थी। धीरे धीरे ऐसे में बदलाव आ गया है और पुरुष की भागीदारी बढ़ती जा रही है
 बाजार सजने लगे हैं और खासकर करवा चौथ पर बाजारों में बिक्री की ज्यादा उम्मीद है।
फोटो कैप्शन 02: खांडसारी के करवे बेचता दुकानदार। साथ में आचार्य दीपक कौशिक