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Saturday, April 25, 2020

 रविवार को खाली हो जाएंगे शेल्टर होम
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कनीना। कनीना के शेल्टर होम रविवार को खाली हो जाने की उम्मीद है। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कनीना से 42 तथा आरएस वाटिका से 53 प्रदेशियों को उनके प्रदेश छोडऩे के लिए रोडवेज बसे जाएंगी। डा विनय कुमार शर्मा एवं उनकी टीम ने इन सभी की मेडिकल जांच की तथा विभिन्न अधिकारियों की मौजूदगी में सभी औपचारिक्ताएं पूर्ण की गई हैं। 



कार्यालयों में अधिकारियों की की गई स्क्रीनिंग 
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 कनीना। सीएमओ नारनौल द्वारा उप-नागरिक अस्पताल कनीना के डा विनय शर्मा शर्मा की अध्यक्षता में गठित 3 सदस्यीय मेडिकल टीम ने एसडीएम कार्यालय कनीना, पुलिस चौकी तथा थाना कार्यालय में समस्त 43 कर्मचारियों एवं अधिकारियों की स्क्रीनिंग कर कोविड-19 से संबंधित सभी प्रकार की जानकारी हासिल कर की। सभी को कोविड-19 से बहार पाया गया है।    विस्तृत जानकारी देते हुए टीम अध्यक्ष डा विनय कुमार शर्मा ने बताया कि कोविड-19 के तहत सबसे पहले तापमान नोट किया जाता है, यदि शरीर का ताप नार्मल है तो उसे कोविड-19 से बाहर कर दिया जाता है। तत्पश्चात खांसी, जुकाम संबंधित विभिन्न जानकारी हासिल की जाती है। यदि किसी प्रकार की कोई ऐसी बीमारी पाई गई तो उसे आईएलआई अर्थात इंफ्लुयेंजा इलनेस में शामिल कर दिया जाता है। मौके पर ही उसे संबंधित बीमारी की दवा दी जाती है तथा उसे फोलो अप में रखकर खांसी जुकाम आदि घटने या बढऩे की जानकारी हासिल की जाती है।
 तत्पश्चात ट्रैवलिंग हिस्ट्री ज्ञात की जाती है कि कर्मचारी कहीं बाहर से आता है तो कहां से आता है? इस संबंधित समस्त जानकारी भी हासिल टीम द्वारा की गई। उन्होंने बताया कि उनकी टीम में एएनएम शर्मिला, डीएम लखपत सिंह भी शामिल हैं। विदित हो कि कनीना उप नागरिक अस्पताल में 2 टीमें गठित की हुई है, एक ओपीडी टीम है जो गांव गांव जाकर लोगों की सेवा कर रही है वहीं दूसरी टीम कार्योलयों में स्क्रीनिंग करेगी।
 फोटो कैप्शन सात: एसडीएम का स्क्रीनिंग करते डा विनय।

सीएम आफिस तक चर्चा में है कस्बा कनीना

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 कनीना। एक और जहां कोरोनावायरस से लोग जूझ रहे हैं वहीं कनीना वासी दूसरे प्रदेशों के करीब 2000 लोगों को प्रतिदिन खाना खिला कर कनीनावासी नाम कमा रहे हैं। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री ओमप्रकाश यादव ने शनिवार को  कनीना में औचक निरीक्षण करने के पश्चात कनीना वासियों एवं प्रधान सतीश जेलदार की पीठ थपथपाई वहीं बेहतर कार्यकर्ताओं को मौके पर ही सम्मानित भी किया।
    उल्लेखनीय है कि कनीना वासियों के सहयोग से दूसरे प्रदेशों के इतनी भारी तादाद में लोगों को खाना खिला कर एक मिसाल कायम की है जो पूरे प्रदेश में विख्यात है। विदित हो कस्बा कनीना में नगर पालिका कनीना के समक्ष राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में शेल्टर होम लगाया गया है जहां करीब 45 लोग अन्य प्रदेशों के करीब एक महीने से रह रहे हैं। लेकिन खाने के वक्त दो हजार के करीब लोग पहुंच जाते हैं। सभी को खाना खिलाया जाता है।  गांवों के लोग भी इस खाने में जमकर सहयोग कर रहे हैं।
 शेल्टर होम में महेंद्र हलवाई, पवन पोंडा चायवाला, ओमप्रकाश ठेकेदार, विक्रम सिंह,
लेखाकार शिवचरण शर्मा, राजाराम सचिव, एमई चमनलाल सहित अन्य समस्त कर्मचारी एवं अधिकारी अपने कार्य के साथ साथ सेवक बने हुए हैं। ये अधिकारी,कर्मचारी एवं जनसेवक इन लोगों की सेवा में जुटे रहते हैं। जिसके चलते सीएम ऑफिस तक कनीना वासियों की तारीफ हो रही है। कस्बा कनीना में इस प्रकार का यह पहला अवसर है जब लोग अपने घरों में खाना बनाने में बेशक मदद न करते हो लेकिन यहां या तो खाना बनवाते हैं या खिलाते हैं। यहां तक कि नगरपालिका कार्यालय को रसोईघर का रूप दिया हुआ है तथा इसके सामने सरकारी स्कूल है जहां शेल्टर होम स्थापित है। खाने के समय लंबी-लंबी कतारें लग जाती है उनको अनुशासन में रखना, ऐतिहात के नियमों का पालन करवाकर खुशी खुशी खाना खिला कर घर भेजते हैं। हर आपदा एवं समस्या के समय कनीनावासी एकजुटता का प्रमाण देते हैं।

किसान व आढ़ती के आपसी विश्वास के अटूट सम्बन्ध को बनाये रखे
संस,कनीना। जिला पार्षद व कांग्रेस नेत्री सुनीता वर्मा ने शनिवार को कनीना अनाज मंडी में चल रही सरसों खरीद केंद्र का जायजा लिया।
इस दौरान उन्होंने किसानों और आढ़तियों से उनकी तकलीफों को जाना। उन्होंने किसानों के अन्न की 40 क्विंटल की शर्त नहीं रखनी चाहिए।
सरकार को किसान की पूरी फसल खरीदने का तुरन्त इंतजाम करना चाहिए, क्योंकि किसान अपनी शेष बची फसल का भंडारण नहीं कर पाएंगे।
 श्रीमती वर्मा के अनुसार उस किसान को बड़ी परेशानी होगी जिसका सबसे आखिर में नंबर आएगा, और न जाने उसका ये नंबर कितने दिनों बाद आयेगा। इस दौरान उन्होंने जरूरतमंद किसानों को मास्क भी वितरित किये।
जिला परिषद की पूर्व उपाध्यक्षा वर्मा ने कहा कि  किसान की सुविधा का ध्यान रखते हुए और उनकी दुविधा समझते हुए पुरानी प्रक्रिया को तुरंत प्रभाव से लागू कर देना चाहिये  क्योंकि हमारे यहां किसानों व आढ़तियों में आपसी विश्वास का एक अटूट संबंध रहा है, उन पर शक करके स्थानीय भाईचारे को ना तोड़े। उन्होंने कहा कि बीते माह बेमौसमी बारिश व ओलावृष्टि से खराब हुई फसल की अभी तक ठीक ढंग से गिरदावरी तक भी नही की गई है।
फोटो कैप्शन 6: श्रीमती वर्मा कनीना मंडी में समस्या जानते हुए।


 किसान व आढ़ती के अखरीद के ग्यारहवें  दिन 217 किसानों ने 5708 क्विंटल सरसों बेची

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35 किसानों ने 1150 क्विंटल गेहूं बेचा
कनीना। कनीना अनाज मंडी तथा इसके तहत आने वाले तीन खरीद केंद्रों पर सरसों की खरीद त्वरित गति से जारी है जबकि गेहूं की आवक बहुत कम हो रही है। महज कनीना मंडी में ही गेहूं खरीद हो रही है। खरीद के ग्यारहवें  दिन 217 किसानों ने 5708 क्विंटल सरसों बेची तो 35 किसानों ने 1150 क्विंटल गेहूं बेचा है।
हैफेड चेयरमैन सत्येंद्र यादव ने बताया कि कनीना में 88 किसानों ने 2350 क्विंटल, सेहलंग  में 47 किसानों ने 1228 क्विंटल, दौंगड़ा अहीर में 32 किसानों ने 779 क्विंटल तथा करीरा में 50 किसानों ने 1351 क्विंटल सरसों बेची है जबकि गेहूं 35 किसानों ने 1150 क्विंटल बेचा है।



शेल्टर होम के बेहतर कार्यविधि को लेकर मंत्री ने कनीनावासियों की सराहना की

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कनीना। प्रदेश के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री ओमप्रकाश यादव ने ेशनिवार को कनीना नगर पालिका में पहुंच कर कोरोना वायरस को लेकर गरीब व बेसहारा लोगों की तन, मन व धन से मदद कर रहे लगभग 20 वालंटियरों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। इस मौके पर उनके साथ अटेली के विधायक सीताराम यादव विशेष रूप से उपस्थित थे।
मंत्री ओमप्रकाश यादव ने कहा कि भारत ऋषि-मुनियों का देश है जहां संकट में एक दूसरे की मदद करना हमें अपने पूर्वजों से विरासत में मिला है। भारत के लोगों की संस्कृति है कि आपस में पड़े हुए दुख को हम बांट लेते हैं। आज पूरा देश कोरोनावायरस बीमारी के चलते संकट के दौर से गुजर रहा है। देश पर इतनी बड़ी आफत आ पड़ेगी हम सब में से किसी ने यह स्वप्न में भी नहीं सोचा था। आज पूरा विश्व इस संकट के दौर से गुजर रहा है। अमेरिका, इटली व अन्य देशों में कोरोना बीमारी को लेकर रोजाना मरने वालों लोगों की संख्या कई हजार है जबकि भारत में देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व लोकप्रिय मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर की सूझबूझ से इस बीमारी को काबू करने में काफी हद तक सफलता प्राप्त की है। जिस कारण विश्व भर में भारत की तारीफ हो रही है।
 उन्होंने कहा कि इस संकट में  जो लोग वालंटियर बनकर तन,मन व धन से जरूरतमंद लोगों को भोजन,दवाई,वस्त्र व अन्य जरूरत का सामान उपलब्ध करा रहे हैं निश्चित ही वे बधाई के पात्र हैं । मेरे सामने खड़े वालंटियरों  के हौसलों से मुझे लगता है कि जल्द ही हम कोरोना को भारत से भगा देंगे। उन्होंने लोगों से लॉकडाउन का पूरी तरह से पालन करने का अनुरोध किया। इस मौके पर अटेली के विधायक सीताराम यादव ने कहा कि सरकार व आप  सब की सूझबूझ का परिणाम है कि महेंद्रगढ़ जिले में कोरोना बीमारी का अब तक एक भी मरीज नहीं है। आप सब लोगों ने प्रधानमंत्री के लॉकडाउन का मजबूती से पालन किया है। आगे जब भी भविष्य में प्रधानमंत्री या मुख्यमंत्री की तरफ से आदेश मिलेगा उसका पालन आप सब करोगे।  इस मौके पर मंत्री ओम प्रकाश यादव ने स्थानीय डीएसपी साधुराम,कनीना थाना प्रभारी विकास कुमार व गोविंद राम एएसआई को भी कोरोना बीमारी में अच्छे कार्य के लिए प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि इस संकट में पुलिस भी दिन रात लोगों को लॉकडाउन को लेकर जागरूक करने में लगी हुई है।  इस अवसर पर करीना नगर पालिका, एसडीएम कनीना रणवीर सिंह,ओमप्रकाश इेकेदार, चेयरमैन सतीश जेलदार, उप प्रधान अशोक ठेकेदार, सचिव राजाराम,पूर्व प्रधान राजेंद्र लोढ़ा, युवा भाजपा नेता उमेश यादव, विक्रम, मुकेश नंबरदार, कंवरसेन वशिष्ठ, सोमदत्त,सतबीर सेहलंग व सीताराम आदि उपस्थित थे।
फोटो कैप्शन 5 एवं 6: शनिवार को मंत्री ओम प्रकाश यादव कनीना में वॉलंटियरों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित करते हुए, साथ में विधायक सीताराम यादव।

जंग ए आजादी के महान् योद्धा थे नेतराम

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कनीना। कनीना उपमंडल के गांव उन्हाणी में खुशहाल के घर 1918 में  जन्मे नेतराम ने जंग ए आजादी में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया था। बचपन में ही इनके पिता के देहांत पश्चात माता धापा देवी ने उन्हें पाला था।
वे 22वर्ष की आयु में 7वीं राज राइफल सेना में भर्ती हो गए। प्रशिक्षण के बाद अंग्रेजों ने इनकी बटालियन को जापान से लडऩे के लिए भेजा। वे पकड़ लिए गए किंतु रास बिहारी बोस, सिंगापुर पहुंचे और भारतीय बंदी सैनिकों को छुड़वाया। 1942 मे आजाद हिन्द फौज का गठन किया जिसमें नेतराम भी शामिल हुए। लेकिन यह सेना जापानियों ने पुन: बंदी बनाकर तोपखाना जेल में डाल दिया।
नेताजी सुभाष चन्द्र बोस अंग्रेजी सरकार के आंखों में धूल झोंककर सिंगापुर पहुंचे।  नेतराम भी  नेता जी के विचारों से प्रभावित हुए। इसी के साथ वो आजाद हिन्द फौज के नेहरू बिर्गेड में शामिल हो गए।
आजाद हिन्द फौज में रहते हुए उन्होंने वतन की आजादी के लिए बर्मा की रंगून जेल, पाकिस्तान की मुल्तान जेल, बंगाल की गिरगिच्छा जेलों में कठोर यातनाएं सही।
जेलों में यातनाएं सहन करनी पड़ी। बंगाल की गिरगिच्छा जेल में पेड़ों की छाल खाकर अपना जीवन बचाते थे। इनकी रिहाई मुल्तान जेल से ही हुई। नेतराम की बहादुरी व भारत माता को आजाद करवाने के लिए 15 अगस्त 1972 को तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने राष्ट्र की ओर से ताम्र पत्र देकर सम्मानित किया। ताऊ देवीलाल ने भी उनको सम्मान सहित ताम्र पत्र प्रदान किया।1997 तत्कालीन मुख्यमंत्री बंशीलाल ने राज्य की ओर से ताम्र पत्र देकर सम्मानित किया। 26 अप्रैल 2007 को यह वीर सेनानी पंचतत्व में विलीन हुए। नेतराम का देशभक्ति का जज्बा भी देश के जवानों के लिए प्रेरणा स्त्रोत है।
फोटो कैप्शन: स्वतंत्रता सेनानी नेतराम।

शेल्टर होम में आया 25 हजार का दान

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 कनीना। कनीना के शेल्टर होम (राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कनीना) के लिए दानदाता धन से सहयोग कर रहे ताकि रह रहे लोगों के लिए खाने का प्रबंध किया जा सके। पालिका प्रधान सतीश जेलदार ने बताया कि 11000 रुपये यश कुमार पुत्र सुधीर कुमार ने,
रोहित पुत्र भरपूर सिंह, दिनेश पुत्र राजेंद्र सिंह, नवीन यदुवंशी, नरेंद्र पुत्र ओमप्रकाश ने क्रमश: दो दो हजार तथा विनोद, योगेंद्र, कमल, हरीश, हिमांशु ने एक-एक हजार रुपये तथा 1100 विकास ने दान दिए हैं।
फोटो कैप्शन  1: दान देते हुए लोग।

खरीद के दसवें  दिन 209 किसानों ने 5678 क्विंटल सरसों बेची

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कनीना।  कनीना अनाज मंडी तथा इसके तहत आने वाले तीन खरीद केंद्रों पर सरसों की खरीद त्वरित गति से जारी है जबकि गेहूं की आवक बहुत कम हो रही है। महज कनीना मंडी में ही गेहूं खरीद हो रही है। खरीद के दसवें दिन 209 किसानों ने 5678 क्विंटल सरसों बेची तो 54 किसानों ने 1900 क्विंटल गेहूं बेचा है।
हैफेड चेयरमैन सत्येंद्र यादव ने बताया कि कनीना में 88 किसानों ने 2415 क्विंटल, सेहलंग  में 29 किसानों ने 753 क्विंटल, दौंगड़ा अहीर में 42 किसानों ने 1068 क्विंटल तथा करीरा में 50 किसानों ने 1442 क्विंटल सरसों बेची है जबकि गेहूं  45 किसानों ने 1900 क्विंटल बेचा है।





सुनील ने उगाया है ऊंट कटारा तथा चक्र पुष्प

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  कनीना। किसान कृषि में बदलाव करने लगे हैं और परंपरागत खेती की बजाय अब सब्जी एवं औषधीय पौधे उगाने लगे हैं। सुनील कुमार सीहमा अपने 2 एकड़ में पुष्प चक्कर (जिसे मोटी सौंफ) कहते हैं तथा डेढ़ एकड़ में ऊंट कटारा उगाए हैं जो कि दोनों ही पौधे औषधीय है। इन्हें कोई आवारा जंतु तथा पालतू जंतु भी नहीं खाते। ऊंट कटारा रेगिस्तान में अधिक उगता है और कांटे वाला पौधा है जो अनेक औषधियों में काम आता है। सुनील कुमार ने बताया कि उनके खेत में 15 क्विंटल ऊंट कटारा होने की संभावना है जबकि 5 क्विंटल चक्कर पुष्प होने की संभावना है। वर्तमान में फसल पैदावार लेने जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि बाजार में इसके भाव अच्छे है। एक 1 एकड़ में जहां सरसों 7 क्विंटल के करीब हो जाती है जो 30 हजार रुपये के करीब बिकती है वही ऊंट कटारा से करीब 1.40 लाख रुपये मिलने की उम्मीद है। उन्होंने विगत वर्ष केसर उगायी थी जिसमें भारी नुकसान हुआ। उन्होंने बताया कि वे किसानों के मुफ्त बीज एवं सलाह देंगे।
 उन्होंने बताया कि बरेली से बीज लेकर आए थे और वही बेचा जाना है। बीज प्रदाता उन्हें खरीद कर ले जाएंगे। इन पौधों की देखरेख की अधिक जरूरत नहीं होती महज 3 बार पानी दिया है।
इन पौधों से खेत में बेहतर दर्जे का खाद भी पैदा होता है। ऐसे में उन्होंने कहा कि वे जिले में शायद पहले किसान होंगे जिन्होंने इस प्रकार की खेती की है। ये पौधे आयुष विभाग के तहत आते हें और आस पास मंडियां नहीं हैं।
 फोटो कैप्शन 2: ऊंट कटारा की खेती


बीइंग हुमैन सेवा मंडल ने रखे 50 शिकोरे 

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 कनीना। बीइंग हुमैन सेवा मंडल ने कनीना क्षेत्र में 50 शिकोरे रखें। इस मौके पर सुरेश कुमार यादव संदराह, नवीन कौशिक अध्यक्ष तथा मनजीत भोजावास साथ थे।
 अवसर पर नवीन कौशिक ने बताया कि प्रतिदिन 50 से 60 परिंडे रखे जा रहे हैं। कनीना के संगम कॉलोनी में भी उन्होंने पांच शिकोरे रखें। उनका कहना है कि जब तक गर्मी का सीजन चलता है तब तक लगातार इस प्रकार के परिंडे रखते रहेंगे। उन्होंने बताया कि जुलाई माह में लाख 7 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य है। बारिश शुरू होते ही विभिन्न प्रकार के छायादार, फलदार तथा औषधि पौधे लगाने शुरू कर दिए जाएंगे। ब्लड डोनेशन कैंप भी लगाया जाएगा। उन्होंने कहा कि पक्षी इस समय भीषण गर्मी की मार झेल रहे हैं उनके लिए पानी और अन्न उपलब्ध करवा पाना बहुत कठिन होता है ऐसे में पानी और उपलब्ध करवा कर ही चैन लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि हम सभी का फर्ज बनता है कि नियमित रूप से पानी और अन्न का प्रबंध करें।
कनीना के विकी पंसारी ने बताया वे प्रतिदिन पक्षियों के लिए छत पर दाना पानी डालते हैं। उन्होंने सभी को प्रेरित किया कि गर्मी के सीजन में छत पर पानी रखने का प्रबंध किया जाए ताकि पक्षियों का जीवन भी बच सके। वे जीवित रह सके। उन्होंने कहा कि पक्षी भी हमारे जीवन का एक अंग होते हैं। इसलिए इनसे प्यार की अनुभूति दिखानी चाहिए।
फोटो कैप्शन 3: बीइंग हुमैन सेवा संस्था के लोग तथा विकी पंसारी।


लोक डाउन में समय बिताने के अलग अलग तरीकें

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कनीना। लॉकडाउन में जहां समय बिताना कठिन हो जाता है वहीं कुछ लोग बड़ी हंसी खुशी के साथ अपना समय बिता रहे हैं।
 कनीना के हरियाणवी लोक गायक अमृत सिंह राघव अपने बच्चों के संग घर पर रहकर सरकार के आदेशों का पालन करते हुए जहां हारमोनियम पर रागिनी का रियाज करते हैं वही पंडित लख्मीचंद द्वारा रचित किस्से याद करते हैं वहीं पंडित मांगेराम के ध्रुवभक्त, खांडेराव परी आदि किस्सों को भी दोहराते हैं। बाकी बचे हुए समय में बच्चों के साथ लूडो, सांप सीढ़ी, कैरम आदि खेलकर बच्चों का मनोरंजन करते हैं। अमृत सिंह हरियाणवी रागिनी कलाकार ने बताया कि हरियाणवी रागिनी पढऩे से जीवन जीने की कला का अहसास होता है।फिलहाल कोरोनावायरस पर गुरु मुकेश सिंह की मदद से एक चार पंक्ति की रागिनी तैयार की है।
फोटो कैप्शन 04: कैरम खेलते हुए रागिनी गायक अमृतलाल राघव।


कोरोनावायरस से बचाव के लिए मास्क बांट दे रही हे सलाह

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कनीना। कस्बा कनीना में वार्ड 9 की एक महिला अपनी रोटी रोजी कमाने के उपरांत बचे समय में जन सेवा में जुटी हुई है। वे घर पर मास्क बनाकर लोगों को वितरित कर रही है और कोरोना बीमारी से बचने की उन्हें सलाह दे रही है।
मोनी देवी वार्ड नंबर 9 की निवासी है जो अपने परिवार का लालन पालन तो करती है वही समय बचते ही मास्क बना लेती हैं और अब तक उन्होंने 400 मास्क बनाकर क्षेत्र में मुफ्त दे दिए हैं ताकि कोरोनावायरस बच सकें।
उन्होंने बताया कि विगत दिनों से जब वैश्विक बीमारी कोरोनावायरस के बारे में तो अपने परिवार की सुरक्षा हेतु बाजार से मास्क खरीदना पड़ा जो महंगा लगा। उन्होंने सोचा क्यों ना अपने घर पर सस्ता मास्क बनाने का प्रयास करूं। एक मास्क को बेहतरीन ढंग से उन्होंने सस्ते में बना डाला तत्पश्चात उनका मनोबल बढ़ा। उनके पति योगेश कुमार ने उनका मनोबल बढ़ाया और कहा कि जन सेवा हेतु मास्क बनाओ मैं लोगों को वितरित कर दूंगा। मनोबल इतना बढ़ाया कि मेोनी ने मास्क बनाने शुरू कर दिए।अब तो वे 20- 25 मास्क प्रतिदिन बना देती है और योगेश कुमार को दे देती है। योगेश कुमार अपने क्षेत्र में तथा दूरदराज भी जरूरतमंदों को बांट देते हैं।  उनके सराहनीय कदम के सभी कायल है। एक महिला होकर भी जी जान से जुटी हुई है और  लोगों को कोरोनावायरस से बचाने का प्रयास कर रही है। उनका कहना है जब तक बीमारी पूर्ण रूप से समाप्त नहीं हो जाएगी तब तक वे इसी प्रकार मास्क बनाती रहेगी।
फोटो कैप्शन 05: मास्क बनाते हुए वार्ड 9 की मोनी।


Friday, April 24, 2020

शेल्टर होम में आया 25 हजार का दान
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 कनीना। कनीना के शेल्टर होम (राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कनीना) के लिए दानदाता धन से सहयोग कर रहे ताकि रह रहे लोगों के लिए खाने का प्रबंध किया जा सके। पालिका प्रधान सतीश जेलदार ने बताया कि 11000 रुपये यश कुमार पुत्र सुधीर कुमार ने,
रोहित पुत्र भरपूर सिंह, दिनेश पुत्र राजेंद्र सिंह, नवीन यदुवंशी, नरेंद्र पुत्र ओमप्रकाश ने क्रमश: दो दो हजार तथा विनोद, योगेंद्र, कमल, हरीश, हिमांशु ने एक-एक हजार रुपये तथा 1100 विकास ने दान दिए हैं।
फोटो कैप्शन  6: दान देते हुए लोग।

खरीद के दसवें  दिन 209 किसानों ने 5678 क्विंटल सरसों बेची

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कनीना।  कनीना अनाज मंडी तथा इसके तहत आने वाले तीन खरीद केंद्रों पर सरसों की खरीद त्वरित गति से जारी है जबकि गेहूं की आवक बहुत कम हो रही है। महज कनीना मंडी में ही गेहूं खरीद हो रही है। खरीद के दसवें दिन 209 किसानों ने 5678 क्विंटल सरसों बेची तो 54 किसानों ने 1900 क्विंटल गेहूं बेचा है।
हैफेड चेयरमैन सत्येंद्र यादव ने बताया कि कनीना में 88 किसानों ने 2415 क्विंटल, सेहलंग  में 29 किसानों ने 753 क्विंटल, दौंगड़ा अहीर में 42 किसानों ने 1068 क्विंटल तथा करीरा में 50 किसानों ने 1442 क्विंटल सरसों बेची है जबकि गेहूं  45 किसानों ने 1900 क्विंटल बेचा है।



विगत सुनील ने उगाया है ऊंट कटारा तथा चक्र पुष्प 

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 संवाद सहयोगी, कनीना। किसान कृषि में बदलाव करने लगे हैं और परंपरागत खेती की बजाय अब सब्जी एवं औषधीय पौधे उगाने लगे हैं। सुनील कुमार सीहमा अपने 2 एकड़ में पुष्प चक्कर (जिसे मोटी सौंफ) कहते हैं तथा डेढ़ एकड़ में ऊंट कटारा उगाए हैं जो कि दोनों ही पौधे औषधीय है। इन्हें कोई आवारा जंतु तथा पालतू जंतु भी नहीं खाते। ऊंट कटारा रेगिस्तान में अधिक उगता है और कांटे वाला पौधा है जो अनेक औषधियों में काम आता है। सुनील कुमार ने बताया कि उनके खेत में 15 क्विंटल ऊंट कटारा होने की संभावना है जबकि
 5 क्विंटल चक्कर पुष्प होने की संभावना है। वर्तमान में फसल पैदावार लेने जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि बाजार में इसके भाव अच्छे है। एक 1 एकड़ में जहां सरसों 7 क्विंटल के करीब हो जाती है जो 30 हजार रुपये के करीब बिकती है वही ऊंट कटारा से करीब 1.40 लाख रुपये मिलने की उम्मीद है। उन्होंने विगत वर्ष केसर उगायी थी जिसमें भारी नुकसान हुआ।
 उन्होंने बताया कि बरेली से ीज लेकर आए थे और वही बेचा जाना है। बीज प्रदाता उन्हें खरीद कर ले जाएंगे। इन पौधों की देखरेख की अधिक जरूरत नहीं होती महज 3 बार पानी दिया है।इन पौधों से खेत में बेहतर दर्जे का खाद भी पैदा होता है। ऐसे में उन्होंने कहा कि वे जिले में शायद पहले किसान होंगे जिन्होंने इस प्रकार की खेती की है। ये पौधे आयुष विभाग के तहत आते हें और आस पास मंडियां नहीं हैं।
 फोटो कैप्शन पांच: ऊंट कटारा की खेती


मलेरिया दिवस पर विशेष----
विगत वर्ष से कनीना में मलेरिया का कोई केस नहीं 

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कनीना। कनीना उप नागरिक अस्पताल में 2019 से अब तक मलेरिया का कोई कस नहीं आया है। वर्ष 2015 से 2018 तक मलेरियां के केस आते रहे हैं। 2019 में कोई केस न आना जागरूकता का परिणाम है।
 मलेरिया इंस्पेक्टर शीशराम ने बताया कि वर्ष 2015 में 6 केस मलेरिया के थे जो 2016 में घटकर तीन रह गए, 2017 में फिर से 2 केस रह गए 2018 में 3 केस मलेरिया के आए। 2019 में कोई मलेरिया का केस नहीं आया जिसके पीछे लोगों की जागरूकता बताई जा रही है।
एमपीएचडब्ल्यू गली-गली जाकर के 9 लोगों को मलेरिया से बचने की सावधानियां बताते रहे हैं। पानी जमा न होने देना चाहिए। जमा पानी पर तेल का छिड़काव करना चाहिए। टंकियों, कूलरों को एक सप्ताह में एक बार साफ कर देना चाहिए।
उधर एमपीएचडब्ल्यू सुनील कुमार ने बताया कि वे गली-गली जाकर के मलेरिया से बचने का प्रचार करते आए हैं जिसके चलते मलेरिया का केस कोई नहीं आया है।  मलेरिया मादा एनाफिलीज मच्छर के काटने से मलेरिया होता है। मलेरिया प्लाजमोडियम परजीवी से फैलता है जिसे मादा एनाफिलीज खून पीते वक्त शरीर में छोड़  जाती है। लाज्मोडियम फेल्सीपैरम और प्लाज्मोडियम वाइवक्स दो परजीवी सबसे अधिक रोग फैलाते हैं। काटने के 10 से 15 दिनों में बार बार बुखार सिरदर्द आदि आता है। यदि जल्द उपचार नहीं किया जाए तो यह बहुत घातक भी साबित बन सकता है।
 मादा एनाफिलीज मच्छर की करीब  400 विभिन्न स्पीशीज पाई जाती है इनमें से 30 प्रमुख हैं। मादा एनाफिलीज मच्छर अपने अंडे पानी पर देती हैं। अंडों को भोजन देने के लिए खून की जरूरत होती है इसलिए मादा एनाफिलीज मच्छर खून पीती है।
ऐसे में मच्छरों से बचने के लिए मच्छरदानी, क्रीम, तेल, लैगाकर बचना चाहिए।  मलेरिया का इलाज करवाना बहुत जरूरी है वरना भविष्य में घातक परिणाम निकल सकते हैं।
 फोटो कैप्शन: शीशराम एचआई।




 बीइंग हुमन सेवा मंडल ने रखे 50 शिकोरे 

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 कनीना। बीइंग हुमैन सेवा मंडल ने कनीना क्षेत्र में 50 शिकोरे रखें। इस मौके पर सुरेश कुमार यादव संदराह, नवीन कौशिक अध्यक्ष तथा मनजीत भोजावास साथ थे।
 अवसर पर नवीन कौशिक ने बताया कि प्रतिदिन 50 से 60 परिंडे रखे जा रहे हैं। कनीना के संगम कॉलोनी में भी उन्होंने पांच शिकोरे रखें। उनका कहना है कि जब तक गर्मी का सीजन चलता है तब तक लगातार इस प्रकार के परिंडे रखते रहेंगे। उन्होंने बताया कि जुलाई माह में लाख 7 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य है। बारिश शुरू होते ही विभिन्न प्रकार के छायादार, फलदार तथा औषधि पौधे लगाने शुरू कर दिए जाएंगे। ब्लड डोनेशन कैंप भी लगाया जाएगा। उन्होंने कहा कि पक्षी इस समय भीषण गर्मी की मार झेल रहे हैं उनके लिए पानी और अन्न उपलब्ध करवा पाना बहुत कठिन होता है ऐसे में पानी और उपलब्ध करवा कर ही चैन लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि हम सभी का फर्ज बनता है कि नियमित रूप से पानी और अन्न का प्रबंध करें।
कनीना के विकी पंसारी ने बताया वे प्रतिदिन पक्षियों के लिए छत पर दाना पानी डालते हैं। उन्होंने सभी को प्रेरित किया कि गर्मी के सीजन में छत पर पानी रखने का प्रबंध किया जाए ताकि पक्षियों का जीवन भी बच सके। वे जीवित रह सके। उन्होंने कहा कि पक्षी भी हमारे जीवन का एक अंग होते हैं। इसलिए इनसे प्यार की अनुभूति दिखानी चाहिए।
फोटो कैप्शन 2: बीइंग हुमैन सेवा संस्था के लोग तथा विकी पंसारी।


लोक डाउन में समय बिताने के अलग अलग तरीकें

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कनीना। लॉकडाउन में जहां समय बिताना कठिन हो जाता है वहीं कुछ लोग बड़ी हंसी खुशी के साथ अपना समय बिता रहे हैं।
 कनीना के हरियाणवी लोक गायक अमृत सिंह राघव अपने बच्चों के संग घर पर रहकर सरकार के आदेशों का पालन करते हुए जहां हारमोनियम पर रागिनी का रियाज करते हैं वही पंडित लख्मीचंद द्वारा रचित किस्से याद करते हैं वहीं पंडित मांगेराम के ध्रुवभक्त, खांडेराव परी आदि किस्सों को भी दोहराते हैं। बाकी बचे हुए समय में बच्चों के साथ लूडो, सांप सीढ़ी, कैरम आदि खेलकर बच्चों का मनोरंजन करते हैं। अमृत सिंह हरियाणवी रागिनी कलाकार ने बताया कि हरियाणवी रागिनी पढऩे से जीवन जीने की कला का अहसास होता है।फिलहाल कोरोनावायरस पर गुरु मुकेश सिंह की मदद से एक चार पंक्ति की रागिनी तैयार की है।
फोटो कैप्शन 03: कैरम खेलते हुए रागिनी गायक अमृतलाल राघव।


टीम गठित की

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कनीना। उप- नागरिक अस्पताल कनीना की ओर से एक तीन सदस्यीय टीम गठित की गई है जो पुलिस प्रशासन, एसडीएम कार्यालय, नाकों पर कार्यरत अधिकारियों की स्वास्थ्य जांच करेगी।
 विस्तृत जानकारी देते हुए एसएमओ डॉ धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि यह 3 सदस्यीय टीम उन लोगों की स्वास्थ्य जांच करेगी जो कोरोना वायरस को मिटाने में प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने बताया कि एक ओपीडी टीम गांव गांव जा रही थी जिसकी मांग को देखते हुए एक टीम और गठित कर दी है। इस प्रकार 2 टीमें विभिन्न गांवों में जाकर कार्य करेंगी।

खरीद के नौवें दिन 239 किसानों ने 6114 क्विंटल सरसों बेची
-14 किसानों ने 573 क्विंटल गेहूं बेचा 

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कनीना। कनीना अनाज मंडी तथा इसके तहत आने वाले तीन खरीद केंद्रों पर सरसों की खरीद त्वरित गति से जारी है जबकि गेहूं की आवक बहुत कम हो रही है। महज कनीना मंडी में ही गेहूं खरीद हो रही है। खरीद के नौवें दिन जहां 239 किसानों ने 6114 क्विंटल सरसों तो 14 किसानों ने 573 क्विंटल गेहूं बेचा है।
हैफेड चेयरमैन सत्येंद्र यादव ने बताया कि कनीना में 88 किसानों ने 2300 क्विंटल, सेहलंग  में 43 किसानों ने 1067 क्विंटल, दौंगड़ा अहीर में 63 किसानों ने 1676 क्विंटल तथा करीरा में 45 किसानों ने 1071 क्विंटल सरसों बेची है जबकि गेहूं  14 किसानों ने 573 क्विंटल बेचा है।


कोरोनावायरस से बचाव के लिए मास्क बांट दे रही हे सलाह

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कनीना। कस्बा कनीना में वार्ड 9 की एक महिला अपनी रोटी रोजी कमाने के उपरांत बचे समय में जन सेवा में जुटी हुई है। वे घर पर मास्क बनाकर लोगों को वितरित कर रही है और कोरोना बीमारी से बचने की उन्हें सलाह दे रही है।
मोनी देवी वार्ड नंबर 9 की निवासी है जो अपने परिवार का लालन पालन तो करती है वही समय बचते ही मास्क बना लेती हैं और अब तक उन्होंने 400 मास्क बनाकर क्षेत्र में मुफ्त दे दिए हैं ताकि कोरोनावायरस बच सकें।
उन्होंने बताया कि विगत दिनों से जब वैश्विक बीमारी कोरोनावायरस के बारे में तो अपने परिवार की सुरक्षा हेतु बाजार से मास्क खरीदना पड़ा जो महंगा लगा। उन्होंने सोचा क्यों ना अपने घर पर सस्ता मास्क बनाने का प्रयास करूं। एक मास्क को बेहतरीन ढंग से उन्होंने सस्ते में बना डाला तत्पश्चात उनका मनोबल बढ़ा। उनके पति योगेश कुमार ने उनका मनोबल बढ़ाया और कहा कि जन सेवा हेतु मास्क बनाओ मैं लोगों को वितरित कर दूंगा। मनोबल इतना बढ़ाया कि मेोनी ने मास्क बनाने शुरू कर दिए।अब तो वे 20- 25 मास्क प्रतिदिन बना देती है और योगेश कुमार को दे देती है। योगेश कुमार अपने क्षेत्र में तथा दूरदराज भी जरूरतमंदों को बांट देते हैं।  उनके सराहनीय कदम के सभी कायल है। एक महिला होकर भी जी जान से जुटी हुई है और  लोगों को कोरोनावायरस से बचाने का प्रयास कर रही है। उनका कहना है जब तक बीमारी पूर्ण रूप से समाप्त नहीं हो जाएगी तब तक वे इसी प्रकार मास्क बनाती रहेगी।
फोटो कैप्शन 01: मास्क बनाते हुए वार्ड 9 की मोनी।

Thursday, April 23, 2020

कैप्टन आकाश यादव की हृदय गति रूकने से हुई मौत, नम आंखों से दी गई अंतिम विदाई
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कनीना। खंड के गांव स्याणा निवासी कैप्टन आकाश यादव की हृदय गति रुकने से मौत हो गई। जिनका अंतिम संस्कार गुरुवार को उनके पैतृक गांव में किया गया। इस दौरान हलका विधायक सीताराम यादव, एसडीएम रणबीर सिंह, एसएचओ विकास कुमार, आर्मी के अधिकारियों व जवानों ने पुष्प चक्र अर्पित कर उन्हें नम आंखों से श्रद्धांजलि दी। गांव के सरपंच प्रतिनिधि कृष्ण यादव ने बताया कि आकाश 70 इंजीनियरिंग बंगाल रेजिमेंट में वर्ष 2013 में बतौर लेफ्टिनेंट के पद पर भर्ती हुए थे। जो फिलहाल प्रतापपुर में कार्यरत थे। प्राप्त जानकारी के अनुसार कैप्टन आकाश अपनी ड्यूटी पूरी करके रेजिडेंस में आ गए थे। वहां पर हृदय गति रुकने से उनकी मौत हो गई। उनके पिता सुरेश कुमार शिक्षक के पद से रिटायर्ड है व उनका बड़ा भाई हितेश भी सेना में मेजर के पद पर राजपूताना रेजिमेंट में कार्यरत है। बता दे कि 14 मार्च को उनका तबादला उत्तराखंड के रुड़की में किया गया था लेकिन लॉक डाउन की वजह से वे वहां पर ज्वाइन नहीं कर पाए थे। 5 मई को उनका रिलीवर आने के बाद उन्हें रुड़की में ज्वाइन करना था। कैप्टन आकाश का विवाह वर्ष 2017 में गांव खातोदडा निवासी निधि के साथ हुआ था। जो फिलहाल 8 माह से प्रेग्नेंट है। दो दिन पहले ही निधि की आकाश से बात हुई थी। वहीं कोरोना वायरस के चलते आर्मी के जवान उन्हें सलामी नहीं दे पाए। इस दौरान हलका विधायक सीताराम यादव, एसडीएम रणबीर सिंह, थाना प्रभारी विकास कुमार, खुफिया विभाग से एसआई शशिकांत शर्मा, विजेंद्र सिंह, पटवारी उम्मेद सिंह जाखड़, सरपंच प्रतिनिधि कृष्ण सिंह यादव सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
फोटो कैप्शन: कै आकाश यादव।

राहत कोष में दिए 50 हजार

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 कनीना। कनीना खंड के गांव करीरा की विभिन्न संस्थाओं ने एसडीएम रणवीर सिंह कनीना को 50 हजार रुपये की सहायतार्थ राशि भेजी है। अब तक 3.12 लाख रुपये की सहायतार्थ राशि करीरा की विभिन्न संस्थाएं भेज चुकी हैं। यह राशि मुख्यमंत्री कोरोनावायरस कोष में भेजी गई है।
विस्तृत जानकारी देते हुए कैप्टन सुमेर सिंह, कैप्टन राम सिंह, सूबेदार रामकिशन ,हंसराज विकम आदि ने बताया की पूर्व सैनिक एवं पूर्व अर्धसैनिक बल संगठन की ओर से 50 हजार रुपये सहायतार्थ राशि भेजी है। इससे पहले भी गांव द्वारा 251000 भेजे जा चुके हैं। इसी क्रम में करीरा आर्य समाज की ओर से 11000 रुपये सहायता राशि दी है।
  उधर बाबा कृष्णानन्द आश्रम ट्रस्ट धनौंदा द्वारा कोरोना नामक वैश्विक समस्या से जूझ रहे लोगों की सहायतार्थ एसडीएम कनीना के मार्फत सीएम कोरोना रिलीफ फंड में 11 हजार रुपये देकर सरकार की मदद की है। आश्रम के जीतपाल सिंह तथा फतेचन्द दायमा ने बताया कि इससे पहले भी बाबा कृष्णानन्द आश्रम देश मेें आई किसी भी आपदा में बढ़-चढ़ कर अपना योगदान देते रहे हैं। वही इसी कड़ी में डाक्टर फतेचन्द दायमा धनौन्दा द्वारा भी मुख्य मंत्री रिलीफ फंड हरियाणा को 5,100 रुपये की राशी देकर  सरकार की मदद की है।
  उधर कनीना के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में चल रहे शेल्टर होम में खाने के वास्ते लोग जी जान से जुटे हुए हैं दान दक्षिणा दे रहे हैं। विस्तृत जानकारी देते हुए पालिका प्रधान सतीश जेलदार ने बताया कि रामप्रसाद साहब ने 5100 रुपए, एएसआई अनिल मंदोली 5000 रुपये, धर्म वीर मिस्त्री 5100 रुपए, प्रदीप बलिया 5100 रुपए, ठेकेदार ओमप्रकाश भडफ़ ने 2100 रुपये तो विक्रम पुत्र डॉक्टर मेहरचंद ने 11000 रुपये तथा लाल सिंह ने 1000 रुपये दान दिया है।
फोटो कैप्शन 1: सहायतार्थ राशि भेंट करते करीरा के जन।



 कोरोनावायरस से बचाव के लिए मास्क बांट दे रही हे सलाह

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कनीना। कस्बा कनीना में वार्ड 9 की एक महिला अपनी रोटी रोजी कमाने के उपरांत बचे समय में जन सेवा में जुटी हुई है। वे घर पर मास्क बनाकर लोगों को वितरित कर रही है और कोरोना बीमारी से बचने की उन्हें सलाह दे रही है।
मोनी देवी वार्ड नंबर 9 की निवासी है जो अपने परिवार का लालन पालन तो करती है वही समय बचते ही मास्क बना लेती हैं और अब तक उन्होंने 400 मास्क बनाकर क्षेत्र में मुफ्त दे दिए हैं ताकि कोरोनावायरस बच सकें।
उन्होंने बताया कि विगत दिनों से जब वैश्विक बीमारी कोरोनावायरस के बारे में तो अपने परिवार की सुरक्षा हेतु बाजार से मास्क खरीदना पड़ा जो महंगा लगा। उन्होंने सोचा क्यों ना अपने घर पर सस्ता मास्क बनाने का प्रयास करूं। एक मास्क को बेहतरीन ढंग से उन्होंने सस्ते में बना डाला तत्पश्चात उनका मनोबल बढ़ा। उनके पति योगेश कुमार ने उनका मनोबल बढ़ाया और कहा कि जन सेवा हेतु मास्क बनाओ मैं लोगों को वितरित कर दूंगा। मनोबल इतना बढ़ाया कि मेोनी ने मास्क बनाने शुरू कर दिए।अब तो वे 20- 25 मास्क प्रतिदिन बना देती है और योगेश कुमार को दे देती है। योगेश कुमार अपने क्षेत्र में तथा दूरदराज भी जरूरतमंदों को बांट देते हैं।  उनके सराहनीय कदम के सभी कायल है। एक महिला होकर भी जी जान से जुटी हुई है और  लोगों को कोरोनावायरस से बचाने का प्रयास कर रही है। उनका कहना है जब तक बीमारी पूर्ण रूप से समाप्त नहीं हो जाएगी तब तक वे इसी प्रकार मास्क बनाती रहेगी।
फोटो कैप्शन 02: मास्क बनाते हुए वार्ड 9 की मोनी।


खरीद के आठवें दिन 277 किसानों ने 7378 क्विंटल सरसों बेची
-28 किसानों ने 1253 क्विंटल गेहूं बेचा 

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कनीना। कनीना अनाज मंडी तथा इसके तहत आने वाले तीन खरीद केंद्रों पर सरसों की खरीद त्वरित गति से जारी है जबकि गेहूं की आवक बहुत कम हो रही है। महज कनीना मंडी में ही गेहूं खरीद हो रही है। खरीद के आठवें दिन बुधवार को जहां 277 किसानों ने 7378 क्विंटल सरसों तो 28 किसानों ने 1253 क्विंटल गेहूं बेचा है।
हैफेड चेयरमैन सत्येंद्र यादव ने बताया कि कनीना में 93 किसानों ने 2551 क्विंटल, सेहलंग  में 71 किसानों ने 1900 क्विंटल, दौंगड़ा अहीर में 64 किसानों ने 1603 क्विंटल तथा करीरा में 49 किसानों ने 1324 क्विंटल सरसों बेची है जबकि गेहूं  28 किसानों ने 1253 क्विंटल बेचा है।
  गेहूं की खुली बोली न होने से मंडी में आ रहा है कम गेहूं ---
 यद्यपि कनीना क्षेत्र में 19950 हेक्टेयर पर सरसों और 10400 हेक्टेयर पर गेहूं बोया गया है किंतु सरसों के मुकाबले बहुत कम गेहूं अनाज मंडी में आ रहा है।
 मिली जानकारी अनुसार हर वर्ष गेहूं की खरीद ओपन मार्केट में होती थी किंतु इस बार सरकार के आदेश अनुसार उन्हीं किसानों का गेहूं खरीदा जाएगा जिन्होंने अपनी जमीन पर गेहूं उगाया है और रजिस्ट्रेशन करवाया है। यही वजह है कि बहुत से किसान तो रजिस्ट्रेशन ही नहीं करवा पाए और करीब 750 किसानों ने रजिस्ट्रेशन करवाया है। यही कारण है कि प्रतिदिन 500 क्विंटल का आंकड़ा पार कर पा रहा है। किसान भी नाराज है। उनकी मांग है कि इन सभी किसानों का गेहूं खरीदा जाए।





टीम गठित की

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कनीना। उप- नागरिक अस्पताल कनीना की ओर से एक तीन सदस्यीय टीम गठित की गई है जो पुलिस प्रशासन, एसडीएम कार्यालय, नाकों पर कार्यरत अधिकारियों की स्वास्थ्य जांच करेगी।
 विस्तृत जानकारी देते हुए एसएमओ डॉ धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि यह 3 सदस्यीय टीम उन लोगों की स्वास्थ्य जांच करेगी जो कोरोना वायरस को मिटाने में प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने बताया कि एक ओपीडी टीम गांव गांव जा रही थी जिसकी मांग को देखते हुए एक टीम और गठित कर दी है। इस प्रकार 2 टीमें विभिन्न गांवों में जाकर कार्य करेंगी।

खरीद के नौवें दिन 239 किसानों ने 6114 क्विंटल सरसों बेची
-14 किसानों ने 573 क्विंटल गेहूं बेचा 

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कनीना। कनीना अनाज मंडी तथा इसके तहत आने वाले तीन खरीद केंद्रों पर सरसों की खरीद त्वरित गति से जारी है जबकि गेहूं की आवक बहुत कम हो रही है। महज कनीना मंडी में ही गेहूं खरीद हो रही है। खरीद के नौवें दिन बुधवार को जहां 239 किसानों ने 6114 क्विंटल सरसों तो 14 किसानों ने 573 क्विंटल गेहूं बेचा है।
हैफेड चेयरमैन सत्येंद्र यादव ने बताया कि कनीना में 88 किसानों ने 2300 क्विंटल, सेहलंग  में 43 किसानों ने 1067 क्विंटल, दौंगड़ा अहीर में 63 किसानों ने 1676 क्विंटल तथा करीरा में 45 किसानों ने 1071 क्विंटल सरसों बेची है जबकि गेहूं  14 किसानों ने 573 क्विंटल बेचा है।

Wednesday, April 22, 2020

शेल्टर होम में रुके हुए लोगों ने भूख हड़ताल की 
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 -वापस अपने प्रदेश को जाने की कर रहे हैं मांग
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 -सुबह की चाय भी नहीं पी डीएसपी मौके पर पहुंचे 
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 कनीना। पिछले करीब 1 महीने से राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कनीना शेल्टर होम में रुके हुए दूसरे राज्यों के लोगों ने आखिरकार परेशान होकर तीन घंटे भूख हड़ताल की।  सुबह की चाय भी उन्होंने नहीं ली। वे वापस अपने प्रदेश
 को जाने की मांग कर रहे हैं।
 कनीना के शेल्टर होम में 49 उत्तर प्रदेश के लोग ठहरे हुए हैं जिसमें से सात रामपुर, 24 लखीमपुर, 6 शहजानपुर, 3 फर्रुखाबाद तथा 7 पीलीभीत से है दो अन्य ऐसे व्यक्ति भी है जो अपना अता पता भी नहीं बता पा रहे हैं। विगत 30 मार्च से शेल्टर होम में रुके हुए हैं। बेहतरीन खाना रहन-सहन,बिस्तर, पंखे आदि की व्यवस्था की गई है जिसको लेकर के उन्हें किसी प्रकार की कोई परेशानी नहीं है लेकिन बुधवार की सुबह अचानक सभी भड़क उठे और प्रार्थना सभा मैदान में इकट्ठे हो गए सुबह जब करीब 7:00 बजे चाय पहुंचाई गई तो चाय लेने से इंकार कर दिया। आखिरकार बात उच्च अधिकारियों तक पहुंची। उच्च अधिकारियों में कनीना डीएसपी साधुराम बिश्रोई, विकास कुमार एसएचओ, एएसआई गोविंद सिंह सहित पुलिस बल मौके पर पहुंचा उनकी समस्त जानकारी हासिल की। उन्होंने अपनी समस्याएं उनके समक्ष रखी कि वे अपने वतन पर लौटना चाहते हैं और वहां अपने बच्चों की देखरेख करना चाहते हैं। वे यहां बोर हो चले हैं।
उन्होंने बताया की उनके बच्चे घर पर परेशान हो रहे हैं। इसीलिए भी उनकी जरूरत है। उन्हें किसी भी प्रकार अपने वतन को पहुंचाया जाए। उनका यहां तक कि यह भी कहना है कि यहीं से  बस आदि का प्रबंध किया जाए।
 इस मौके पर उपस्थित डीएसपी कनीना साधु राम बिश्नोई ने उन्हें बताया कि वह इस मामले में वे उनकी बात उच्च अधिकारियों तक पहुंचा सकते हैं जो भी निर्णय होगा सरकार का होगा। उसका वे पालन कर करेंगे। अपनी तरफ से उन्हें उनके वतन नहीं लौटा सकते। ऐसे में उन्हें समझा बूझाया, बार-बार विभिन्न अधिकारियों ने आकर उनको समझाया और आखिरकार करीब 3 घंटे पश्चात दोपहर के खाने पर नगरपालिका कार्यालय में पहुंचे लेकिन अभी भी उनका रोष समाप्त होता नजर नहीं आ रहा है। इस मौके पर रमेश कुमार गिरददावर, श्रीराम प्राध्यापक, कंवरसेन वशिष्ठ, अमरजीत आदि उपस्थित थे।
फोटो कैप्शन: एक से 7 तथा 10 एवं 11  रोष दर्शाते हुए तथा अधिकारी उन्हें समझाते हुए।

बोर हो गए हैं शेल्टर होम में अपने वतन लौटना चाहते हैं 

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कनीना। कनीना के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय के शेल्टर होम में
30 मार्च से रुके हुए अधिकांश उत्तर प्रदेश के लोग आखिरकार परेशान हो चले हैं, बोर हो गए हैं। वे अपने वतन जाकर अपने परिवार की देखरेख, फसल कटाई एवं अनाज आदि का प्रबंध करना चाहते हैं। उनसे विस्तृत चर्चा की तो उन्होंने बताया कि वे अब नहीं रुकना चाहते हैं। उन्हें यहां खाने-पीने, रहने सहने की हर सुविधा उपलब्ध है। स्थानीय प्रबंध पर उन्होंने खुशी जताई किंतु अब लंबे समय से घर की याद आ रही है। वे अपने घर परिवार की समस्याओं को लेकर अच्छी खासे नाराज हैं। वे किसी प्रकार अपने घर जाना चाहते हैं।
यहां ठहरे हुए वीरेंद्र पाल लखीमपुर खीरी ने बताया कि उनके बच्चे घर पर परेशान है। उनके केवल दो छोटी लड़कियां हैं। वे घर पर दुखी हैं। उनके लिए खाने पीने का प्रबंध करना है यहां तक कि उनके बच्चे बार-बार बीमार हो रहे हैं इसलिए वह वापस वतन को जाना चाहते हैं। उनकी फसल लावणी के लिए तैयार है। वे 16 मार्च को हरियाणा में काम पर आए थे, लावणी करते हैं।
 ओम प्रकाश रामपुर का कहना है कि उनके चार बच्चे हैं और वे 16 मार्च से हरियाणा आए थे। फसल कटाई के बाद जब वापस जाना चाह रहे थे तो उन्हें पकड़ लिया गया। तत्पश्चात से यहां पर ठहरे हुए हैं। चार बच्चों की देखरेख करने, फसल कटाई, अनाज का प्रबंध आदि करने के लिए वे अपने घर जाने को लालायित हैं। सर्वेश कुमार लखीमपुर ने बताया कि उनके चार बच्चे हैं। बच्चों की घर पर पढ़ाई की चिंता होने जा रही है। वे अपने वतन लौट आना चाहते हैं। कमलेश कुमार लखीमपुर ने बताया कि वे तीन बच्चों के पिता हैं। उनके खेतों में फसल खड़ी है। गेहूं की कटाई उन्हें स्वयं करनी पड़ती है। ऐसे में वापस अपने वतन को जाना चाहते हैं ताकि बीवी बच्चों के साथ मिलकर फसल कटाई कर सके और उनकी समस्या हल कर सके।
कनीना की ओर से दिया जाता बेहतरीन खाना-
नगर पालिका प्रधान सतीश जेलदार, एमई चमन लाल, सचिव राजाराम, लेखाकार शिवचरण शर्मा सहित महेंद्र सिंह हलवाई, पवन कुमार पोंडा, ओम्रपकाश ठेकेदार, बिक्रम सिंह आदि सभी निशुल्क सेवा प्रदान कर रहे हैं और इनके लिए बेहतरीन खाना नगर पालिका कार्यालय में बनाकर इन्हें दिया जा रहा है। खाने पीने से बेहद खुश है वही पंखों की व्यवस्था, सोने रहने, यहां तक कि साबुन, सेनीटाइजर और चाय पानी हर प्रकार की सुविधा उपलब्ध करवाई गई है।  समस्त कनीना वासी और आसपास के लोग दान दक्षिणा से इस शेल्टर होम को चला रहे हैं।
इन लोगों से बातचीत करने पर पता लगा कि यहां किसी प्रकार की कोई समस्या नहीं है अपितु घरेलू याद सता रही है। इसलिए यह वापस अपने घर जाना चाहते हैं। अधिकांश का कहना है कि उन्हें घर पर बहुत अधिक काम है। घर की रोटी रोजी भी चलानी है। इसलिए उन्हें वापस वतन को जाने दिया जाए।
बहरहाल इन को भूख हड़ताल से समझा-बुझाकर खाना तो खिला दिया लेकिन भविष्य का कुछ नहीं कहा जा सकता। अचानक फिर से भड़कने के मूड में हैं और इधर उधर मायूस बैठे रहते हैं। बहरहाल विभिन्न अधिकारी इनको समझाने के लिए समय-समय पर आ रहे हैं।
 फोटो कैप्शन 8-9 रोष जताते हुए तथा फोटो कैप्शन वीरेंद्र पाल, कमलेश कुमार, ओमप्रकाश आदि।



राहत कोष में दिए 50 हजार
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 कनीना। कनीना खंड के गांव करीरा की विभिन्न संस्थाओं ने एसडीएम रणवीर सिंह कनीना को 50 हजार रुपये की सहायतार्थ राशि भेजी है। अब तक 3.12 लाख रुपये की सहायतार्थ राशि करीरा की विभिन्न संस्थाएं भेज चुकी हैं। यह राशि मुख्यमंत्री कोरोनावायरस कोष में भेजी गई है।
विस्तृत जानकारी देते हुए कैप्टन सुमेर सिंह, कैप्टन राम सिंह, सूबेदार रामकिशन ,हंसराज विकम आदि ने बताया की पूर्व सैनिक एवं पूर्व अर्धसैनिक बल संगठन की ओर से 50 हजार रुपये सहायतार्थ राशि भेजी है। इससे पहले भी गांव द्वारा 251000 भेजे जा चुके हैं। इसी क्रम में करीरा आर्य समाज की ओर से 11000 रुपये सहायता राशि दी है।
फोटो कैप्शन 5: सहायतार्थ राशि भेंट करते करीरा के जन।

 खरीद के आठवें दिन 277 किसानों ने 7378 क्विंटल सरसों बेची
-28 किसानों ने 1253 क्विंटल गेहूं बेचा 

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कनीना। कनीना अनाज मंडी तथा इसके तहत आने वाले तीन खरीद केंद्रों पर सरसों की खरीद त्वरित गति से जारी है जबकि गेहूं की आवक बहुत कम हो रही है। महज कनीना मंडी में ही गेहूं खरीद हो रही है। खरीद के आठवें दिन बुधवार को जहां 277 किसानों ने 7378 क्विंटल सरसों तो 28 किसानों ने 1253 क्विंटल गेहूं बेचा है।
हैफेड चेयरमैन सत्येंद्र यादव ने बताया कि कनीना में 93 किसानों ने 2551 क्विंटल, सेहलंग  में 71 किसानों ने 1900 क्विंटल, दौंगड़ा अहीर में 64 किसानों ने 1603 क्विंटल तथा करीरा में 49 किसानों ने 1324 क्विंटल सरसों बेची है जबकि गेहूं  28 किसानों ने 1253 क्विंटल बेचा है।

 कोरोनावायरस से बचाव के लिए मास्क बांट दे रही
है सलाह
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कनीना। कस्बा कनीना में वार्ड 9 की एक महिला अपनी रोटी रोजी कमाने के उपरांत बचे समय में जन सेवा में जुटी हुई है। वे घर पर मास्क बनाकर लोगों को वितरित कर रही है और कोरोना बीमारी से बचने की उन्हें सलाह दे रही है।
मोनी देवी वार्ड नंबर 9 की निवासी है जो अपने परिवार का लालन पालन तो करती है वही समय बचते ही मास्क बना लेती हैं और अब तक उन्होंने 400 मास्क बनाकर क्षेत्र में मुफ्त दे दिए हैं ताकि कोरोनावायरस बच सकें।
उन्होंने बताया कि विगत दिनों से जब वैश्विक बीमारी कोरोनावायरस के बारे में तो अपने परिवार की सुरक्षा हेतु बाजार से मास्क खरीदना पड़ा जो महंगा लगा। उन्होंने सोचा क्यों ना अपने घर पर सस्ता मास्क बनाने का प्रयास करूं। एक मास्क को बेहतरीन ढंग से उन्होंने सस्ते में बना डाला तत्पश्चात उनका मनोबल बढ़ा। उनके पति योगेश कुमार ने उनका मनोबल बढ़ाया और कहा कि जन सेवा हेतु मास्क बनाओ मैं लोगों को वितरित कर दूंगा। मनोबल इतना बढ़ाया कि मेोनी ने मास्क बनाने शुरू कर दिए।अब तो वे 20- 25 मास्क प्रतिदिन बना देती है और योगेश कुमार को दे देती है। योगेश कुमार अपने क्षेत्र में तथा दूरदराज भी जरूरतमंदों को बांट देते हैं।  उनके सराहनीय कदम के सभी कायल है। एक महिला होकर भी जी जान से जुटी हुई है और  लोगों को कोरोनावायरस से बचाने का प्रयास कर रही है। उनका कहना है जब तक बीमारी पूर्ण रूप से समाप्त नहीं हो जाएगी तब तक वे इसी प्रकार मास्क बनाती रहेगी।
फोटो कैप्शन 13: मास्क बनाते हुए वार्ड 9 की मोनी।


शेल्टर होम में खाने वास्ते दिया दान

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 कनीना। कनीना के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में चल रहे शेल्टर होम में खाने के वास्ते लोग जी जान से जुटे हुए हैं दान दक्षिणा दे रहे हैं। विस्तृत जानकारी देते हुए पालिका प्रधान सतीश जेलदार ने बताया कि रामप्रसाद साहब ने 5100 रुपए, एएसआई अनिल मंदोली 5000 रुपये, धर्म वीर मिस्त्री 5100 रुपए, प्रदीप बलिया 5100 रुपए, ठेकेदार ओमप्रकाश भडफ़ ने 2100 रुपये तो विक्रम पुत्र डॉक्टर मेहरचंद ने 11000 रुपये तथा लाल सिंह ने 1000 रुपये दान दिया है।
 

धनोन्दा गांव के किसानों की सरसों खरीद शुरू
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कनीना। धनौन्दा गांव के किसानों की सरसों कनीना मंडी में बिकने लगी है। इस गांव में स्थापित खरीद केंद्र बंद कर दिया गया था जिसके चलते समस्या बन गई थी।
 यहां गौरतलब है कि एक सप्ताह से प्रदेश की सभी मंडियों में किसान की सरसों की खरीद शुरू हो गई थी। इसी कड़ी कोरोना महामारी को लेकर कनीना मंडी के तहत करीरा, भोजावास, सेहलंग, कनीना तथा धनौन्दा गांव में सरसों खरीद के लिए केंद्र बनाए थे लेकिन किसी कारण वश धनौन्दा का केंद्र हटा देने के कारण ग्राम वासियों को अपनी सरसों बेचने के लिए दर-दर की ठोकरें खाने पर मजबूर होना पड़ा।
 धनौंदा गांव के किसान सरसों खरीद करवाने के लिए एसडीएम कनीना रणवीर सिंह से मिले ौर उनकी समस्या हल करते हुए अब धनौन्दा गांव के किसानों के पास भी सरसों बेचने के संदेश आने लगे हैं।


आश्रम ट्रस्ट ने दिए 11 हजार राहत कोष में

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कनीना। बाबा कृष्णानन्द आश्रम ट्रस्ट धनौंदा द्वारा कोरोना नामक वैश्विक समस्या से जूझ रहे लोगों की सहायतार्थ एसडीएम कनीना के मार्फत सीएम कोरोना रिलीफ फंड में 11 हजार रुपये देकर सरकार की मदद की है। आश्रम के जीतपाल सिंह तथा फतेचन्द दायमा ने बताया कि इससे पहले भी बाबा कृष्णानन्द आश्रम देश मेें आई किसी भी आपदा में बढ़-चढ़ कर अपना योगदान देते रहे हैं। वही इसी कड़ी में डाक्टर फतेचन्द दायमा धनौन्दा द्वारा भी मुख्य मंत्री रिलीफ फंड हरियाणा को 5,100 रुपये की राशी देकर  सरकार की मदद की है।
फोटो कैप्शन 12 आपदा कोष में एसडीएम के मार्फत राशि का चेक भेजते धनौंदा के ट्रस्टी।


सात दिनों में 82863 बैग सरसों खरीदी है जबकि 5283 बैग उठान 





















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कनीना। कनीना अनाज मंडी तथा इसके तहत आने वाले तीन खरीद केंद्रों पर सरसों की खरीद त्वरित गति से जारी है जबकि गेहूं की आवक बहुत कम हो रही है। महज कनीना मंडी में ही गेहूं खरीद हो रही है। खरीदके सातवें दिन जहां किसानों ने 6696 क्विंटल सरसों तो 19 किसानों ने 877 क्विंटल गेहूं बेचा है।
हैफेड चेयरमैन सत्येंद्र यादव ने बताया कि कनीना में 40 किसानों ने 1200 क्विंटल, सेहलंग  में 59 किसानों ने 1693 क्विंटल, दौंगड़ा अहीर में 72 किसानों ने 2597 क्विंटल तथा करीरा में 58 किसानों ने 1206 क्विंटल सरसों बेची है जबकि गेहूं  19 किसानों ने 877 क्विंटल बेचा है। अब तक सात दिनों में 82863 बैग सरसों खरीदी है जबकि 52836 बैग उठान किए जा चुके हैं जबकि गेहूं की दो दिनों में 30 किसानों से 1355 क्विंटल खरीद हुई है।
गेहूं की खुली बोली न होने से मंडी में आ रहा है कम गेहूं ---
 यद्यपि कनीना क्षेत्र में 19950 हेक्टेयर पर सरसों और 10400 हेक्टेयर पर गेहूं बोया गया है किंतु सरसों के मुकाबले बहुत कम गेहूं अनाज मंडी में आ रहा है।
 मिली जानकारी अनुसार हर वर्ष गेहूं की खरीद ओपन मार्केट में होती थी किंतु इस बार सरकार के आदेश अनुसार उन्हीं किसानों का गेहूं खरीदा जाएगा जिन्होंने अपनी जमीन पर गेहूं उगाया है और रजिस्ट्रेशन करवाया है। यही वजह है कि बहुत से किसान तो रजिस्ट्रेशन ही नहीं करवा पाए और करीब 750 किसानों ने रजिस्ट्रेशन करवाया है। यही कारण है कि प्रतिदिन 500 क्विंटल का आंकड़ा पार कर पा रहा है। किसान भी नाराज है। उनकी मांग है कि इन सभी किसानों का गेहूं खरीदा जाए।
 फोटो कैप्शन 1: सरसों की खरीद करते हैफेड मैनेजर।
गेहूं की खुली बोली न होने से मंडी में आ रहा है कम गेहूं
संवाद सहयोगी,कनीना। यद्यपि कनीना क्षेत्र में 19950 हेक्टेयर पर सरसों और 10400 हेक्टेयर पर गेहूं बोया गया है किंतु सरसों के मुकाबले बहुत कम गेहूं अनाज मंडी में आ रहा है।
 मिली जानकारी अनुसार हर वर्ष गेहूं की खरीद ओपन मार्केट में होती थी किंतु इस बार सरकार के आदेश अनुसार उन्हीं किसानों का गेहूं खरीदा जाएगा जिन्होंने अपनी जमीन पर गेहूं उगाया है और रजिस्ट्रेशन करवाया है। यही वजह है कि बहुत से किसान तो रजिस्ट्रेशन ही नहीं करवा पाए और करीब 750 किसानों ने रजिस्ट्रेशन करवाया है। यही कारण है कि प्रतिदिन 500 क्विंटल का आंकड़ा पार कर पा रहा है। किसान भी नाराज है। उनकी मांग है कि इन सभी किसानों का गेहूं खरीदा जाए।


Tuesday, April 21, 2020

 नोडल अधिकारी ने किया कनीना मंडी का औचक निरीक्षण 
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कनीना। कनीना अनाजमंडी में नोडल अधिकारी आईएएस विकास यादव एवं एसडीएम रणबीर सिंह  ने मंगलवार को कनीना अनाज मंडी का औचक निरीक्षण कर सरसों व गेहूं खरीद का जायजा लिया।
उन्होंने दुकानों पर जाकर जांच की बल्कि मंडी में रहे किसानों से बातचीत कर समस्याओं के बारे में पूछा। उन्होंने यह भी देखा कि फिजिकल डिस्टेंस के आदेशों के साथ साथ मंडी में कहीं दूसरे जिले की फसल की बिक्री हो रही है या नहीं। मंडी में निरीक्षण के दौरान उनके साथ एसडीएम रणबीर सिंह,  मार्केट कमेटी के चेयरमैन राजकुमार कनीनवाल,कनीना मार्केट कमेटी के सचिव  अदित्य यादव भी मौजूद थे। निरीक्षण के बाद उन्होंने कनीना मार्केट कमेटी के अधिकारियों से पूछताछ कर पूरी स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने मंडी में अभी तक हुई अनाज की पूरी आवक की रिपोर्ट भी ली।
किसानों ने नोडल अधिकारी को सरकार द्वारा खरीदी जा रही गेहूं के रजिस्ट्रेशन दोबारा से खोलने की मांग की। किसानों ने कहा कि अभी तक हमारी गेहूं की फसल खेत में ही है निकाली नहीं गई है सभी किसान अपने अपने खेत में गेहूं निकालने के लिए लगे हुए हैं। हर वर्ष यहां पर राजस्थान, यूपी पंजाब से थ्रेसर आते हैं । जिनके पास गेहूं निकालने के लिए मजदूर साथ में होते हैं। कोरोना के कारण अबकी बार बाहर से कोई थ्रेसर नहीं आया। गांव के जो थ्रेसर है उनसे ही गेहूं निकलवा रहे हैं। गांव में थ्रेसरों की संख्या कम हैं। धीरे धीरे सभी किसान गेहूं निकलवा रहे हैं। इसलिए गेहूं के रजिस्ट्रेशन दोबारा से खोले जाए , जिसपर नोडल अधिकारी ने कहां की एक बार अधिकारियों से इसके बारे में चर्चा करने के बाद फैसला होगा।
किसान अभय सिंह,अंकित, हिमांशु, अश्वनी ने कहा की गेट पास लेने के लिए दस्तावेजों की फोटोकॉपी मांगी जाती है जिसमें यहां फोटोकॉपी की दुकान खुली हुई नहीं है जिससे  बहुत कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। किसानों ने फोटोस्टेट की मशीन गेट पास परमिशन ऑफिस में लगवाने की मांग की है जिससे सभी किसान जल्दी जल्दी से अपना कार्य पूरा कर सकें।
उधर गुढ़ा गांव के किसान बीरेंद्र ने नोडल अधिकारी को बताता कि उनकेे गांव के किसानों की खरीद नहीं हो रही है इससे ग्रामीणों में रोष है । जवाब में नोडल अधिकारी ने कहा कि कंप्यूटर द्वारा जिस-जिस के नाम आ रहे हैं उनको एसएमएस कर दिया जा रहा है। सभी किसानों का एक-एक दाना खरीदा जाएगा।  उन्होंने मंडी की समस्याओं को लेकर अधिकारियों व आढ़तियों से भी बात की । उन्होंने बताया की आढ़तियों का पिछले वर्ष का बाजरे की आढ़त और मजदूरी का रुका हुआ 4 करोड़ 40 लाख रुपये जल्दी ही मिल जाएगा।
फोटो कैप्शन 3: कनीना मंडी का जायजा लेते नोडल अधिकारी विकास यादव।




खरीद के सातवें दिन 229 किसानों ने 6696 क्विंटल सरसों बेची
-19 किसानों ने 877 क्विंटल गेहूं बेचा 

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 कनीना। कनीना अनाज मंडी तथा इसके तहत आने वाले तीन खरीद केंद्रों पर सरसों की खरीद त्वरित गति से जारी है जबकि गेहूं की आवक बहुत कम हो रही है। महज कनीना मंडी में ही गेहूं खरीद हो रही है। खरीदके सातवें दिन मंगलवार को जहां किसानों ने 6696 क्विंटल सरसों तो 19 किसानों ने 877 क्विंटल गेहूं बेचा है।
हैफेड चेयरमैन सत्येंद्र यादव ने बताया कि कनीना में 40 किसानों ने 1200 क्विंटल, सेहलंग  में 59 किसानों ने 1693 क्विंटल, दौंगड़ा अहीर में 72 किसानों ने 2597 क्विंटल तथा करीरा में 58 किसानों ने 1206 क्विंटल सरसों बेची है जबकि गेहूं  19 किसानों ने 877 क्विंटल बेचा है। अब तक सात दिनों में 82863 बैग सरसों खरीदी है जबकि 5283 बैग उठान किए जा चुके हैं जबकि गेहूं की दो दिनों में 30 किसानों से 1355 क्विंटल खरीद हुई है।
 फोटो कैप्शन 6: सरसों की खरीद करते हैफेड मैनेजर।

गेहूं की खुली बोली न होने से मंडी में आ रहा है कम गेहूं

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कनीना। यद्यपि कनीना क्षेत्र में 19950 हेक्टेयर पर सरसों और 10400 हेक्टेयर पर गेहूं बोया गया है किंतु सरसों के मुकाबले बहुत कम गेहूं अनाज मंडी में आ रहा है।
 मिली जानकारी अनुसार हर वर्ष गेहूं की खरीद ओपन मार्केट में होती थी किंतु इस बार सरकार के आदेश अनुसार उन्हीं किसानों का गेहूं खरीदा जाएगा जिन्होंने अपनी जमीन पर गेहूं उगाया है और रजिस्ट्रेशन करवाया है। यही वजह है कि बहुत से किसान तो रजिस्ट्रेशन ही नहीं करवा पाए और करीब 750 किसानों ने रजिस्ट्रेशन करवाया है। यही कारण है कि प्रतिदिन 500 क्विंटल का आंकड़ा पार कर पा रहा है। किसान भी नाराज है। उनकी मांग है कि इन सभी किसानों का गेहूं खरीदा जाए।

दूरदराज से विद्यार्थियों को लाने की व्यवस्था की जाए 

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कनीना। दूर दराज पढऩे के लिए गए विद्यार्थियों को वापस वतन में लाने की मांग बढ़ गई है।  बहुत से अभिभावकों के बच्चे कोटा तथा देश की विभिन्न  शिक्षण संस्थानों में पढ़ रहे हैं। लॅकडाउन होने की वजह से वे अपने घरों को नहीं लौट पाए जिसके चलते कोटा,सीकर तथा अन्य शिक्षण संस्थानों में जहां कोचिंग ले रहे सैकड़ों विद्यार्थी दूरदराज बैठे हुए हैं। अभिभावक भी परेशान है।
इसी प्रकार लोगों की मांग है कि पूरे हरियाणा में विभिन्न शेल्टर होम में रुके हुए मजदूरों को यूपी सरकार द्वारा बसे भेजकर विद्यार्थियों को जिस प्रकार वापस बुलाया है उसी प्रकार इन लोगों के लिए भी विशेष बसें चला कर इनके वतन भेजा जाए।
गजराज सिंह, महेश कुमार, दिनेश कुमार, रवि कुमार आदि ने बताया कि बहुत से बच्चे कोटा सीकर तथा देश के शिक्षण संस्थानों में रुके हुए हैं। लॉकडाउन के चलते उनकी पढ़ाई नहीं हो रही है वहीं वे परिवार से दूर बैठे हैं। ऐसे में सभी विद्यार्थियों को उनके घर तक पहुंचाने की व्यवस्था की जानी चाहिए वही लोगों की मांग है कि मजदूर अब धीरे-धीरे बेघर होते जा रहे हैं। फसल कटाई पूर्ण होगी त्यों त्यों मजदूर बेघर होते चले जाएंगे। उनको अपने वतन लौटाने का प्रबंध किया जाए ताकि वे अपने घर परिवार से मिल सके।  जब तक लॉकडाउन रहेगा ये लोग अपने वतन नहीं जा सकते। अभी तक संशय बना हुआ है की ट्रेन तथा बसे कब चलेगी?

पुलिस अधीक्षक ने किया दौरा 

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 कनीना। पुलिस अधीक्षक नारनौल सुलोचना गजराज ने कनीना के विभिन्न नाकों का दौरा किया और हिदायतें दी। विभिन्न नाकों पर जहां सख्ती बढ़ाने के आदेश दिए वही बिना किसी कारण घूमने वालों के विरुद्ध सख्ती से पेश आने की बात कही। इस मौके पर उन्होंने कनीना के विभिन्न नाकों का दौरा किया।
उन्होंने पुलिस अधिकारियों को हिदायत दी और कहा कि कोरोना से लडऩे के लिए एकमात्र उपाय है कि घरों में लोग बैठे। फिर भी वे नहीं मानते तो उनके विरुद्ध कार्रवाई की जाए।


तीन चालान काटे 

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 कनीना। कनीना मंडी टी-प्वाइंट पर एक पिकप सहित दो दुपहिया वाहनों के चालान एएसआई गोविंद सिंह ने काट।े

 मिली जानकारी अनुसार नियमों का पालन न करने वालों पर सख्ती हुए पुलिस ने पिकअप को पकड़ा जिसका  33500 रुपये को तो दो अन्य बाइकों के चालान काटे जिनमें से एक बाइक का 5 हजार रुपये का चालान किया गया।
 

धनौन्दा के किसानों की सरसों खरीदी जाएगी कनीना
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कनीना। किसान की फसल का एक-एक दाना खरीदा जाएगा जिसके लिए किसान को किसी भी प्रकार से परेशान नही होने दिया जाएगा। ये विचार कनीना एसडीएम रणबीर सिंह ने मंगलवार को मार्केट कमेटी कार्यालय कनीना में किसानों की समस्या सुनने के उपरांत व्यक्त किए।       एसडीएम ने किसानों से उनकी समस्या जानी जिसमें किसान रमेश कुमार उन्हाणी, अभय सिंह, राज सिंह, धनौन्दा से किशपाल ङ्क्षसंह, दिनेश कुमार, सतीश कुमार, अशोक कुमार, लालराम हलवाई, प्रथवी ङ्क्षसंह, डाक्टर मुकेश कुमार आदि ने उपमंडल अधिकारी को बताया कि सरकार द्वारा सरसों खरीद के लिए धनौन्दा को खरीद केन्द्र बनाया गया था लेकिन अपरिहार्य कारणों के चलते धनौंदा में खरीद नहीं की गई। ऐसे में किसी भी धनौंदा के किसान की  सरसों आज तक नहीं बिक पाई है। वही किसानों का यह भी कहना है कि एक तरफ तो कनीना उपमंडल के किसानों के गेहंू खरीद शुरू कर दी जहां दूसरी तरफ धनौन्दा के किसानों की आज तक सरसों भी नही खरीदी गई। वही एसडीएम कनीना ने मार्केट कमेटी सचिव को निर्देश दिया कि जल्द से जल्द धनौन्दा के किसानों की सरसों खरीद के प्रबंध किए जाए।
फोटो कैप्शन : एसडीएम कनीना से मिलकर आते धनौंदा के किसान।

सरपंच नौताना ने राहत कोष में भेजे डेढ़ लाख रुपए 

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 कनीना। कनीना खंड के गांव नौताना के लोगों ने तथा गांव में गठित कमेटी ने सरपंच गजेंद्र कुमार के नेतृत्व में 151000 इक_े किए जिनमें से एक लाख रुपये सीएम केयर फंड में तथा 51 हजार पीएम केयर फंड में भेजे हैं। उन्होंने ये चेक जिला उपायुक्त नारनौल जगदीश शर्मा के मार्फत भिजवाए हैं।
 सरपंच गजेंद्र सिंह ने बताया कि उनके नेतृत्व में वैश्विक महामारी से निपटने के लिए गांव में कमेटी गठित की गई थी। पूरे गांव के लोगों से राशि की इकट्ठी की गई थी। अपनी इच्छा से जिन्होंने जो कुछ दान दिया वह समस्त इक_ा करके सीएम तथा पीएम केयर फंड में जमा करवाया है। उन्होंने कहा कि वर्तमान हालातों को देखते हुए सभी का फर्ज बनता है किस प्रकार की सेवा प्रदान करें। उन्होंने कहा कि जब कोई विपत्ति और कष्ट आता है उस समय हम सभी का फर्ज बनता है कि कुछ भी सहयोग बन पाए वह किया जाए।
 फोटो कैप्शन 5: जिला उपयुक्त नारनौल को पीएम और सीएम केयर फंड के लिए चेक देते सरपंच नौताना गजेंद्र सिंह।

रोट का प्रसाद खिलाया शेल्टर होम में 

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 कनीना। मंगलवार के दिन जहां कनीना के नगर पालिका के पास स्थित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय के शेल्टर होम के तथा बाहर से आए लोगों को रोट का प्रसाद खिलाया। सब्जी, पूड़ी एवं बूंदी क्षेत्र में प्रसिद्ध है जो आजकल रोट में बनाया जाता है।
कनीना निवासी रामकिशन पुत्र जगमाल सिंह ने मंगलवार का रोट बोल रखा था। लेकिन लॉकडाउन की वजह से पूरा नहीं हो पा रहा था। कनीना पालिका प्रधान सतीश जेलदार ,रामकिशन से मिले और उन्हें रोट का प्रसाद शेल्टर होम में खिलाने की बात कही। रामकिशन ने तुरंत  स्वीकार कर लिया और मंगलवार को रोट आयोजित किया। इस मौके पर मिलजुल कर उपस्थित जनों ने यहां तक कि पालिका प्रधान ने भी अपने हाथों से शेल्टर होम के लोगों को रोट का प्रसाद चखाया। रोट का प्रसाद खाकर शेल्टर होम के लोग खुश नजर आए।
 फोटो कैप्शन 1: रोट का प्रसाद पालिका प्रधान एवं अन्य लोग खिलाते हुए।

भाविप ने 400 मास्क वितरित किए

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कनीना। जहां पूरा देश कोरोना संकट से ग्रस्त है सरकार जनता के लिए कोरोना से बचाव का हर प्रयास कर रही है । वही भारत विकास परिषद शाखा कनीना ने वार्ड नंबर 10- 11 एवं 12, घर-घर जाकर मास्क वितरित किए।  400 मास्क वितरित करते हुए संस्था के सदस्यों ने लोगों को जरूरी कार्य हो तभी बाहर निकले  के लिए कहा।
 भारत विकास परिषद के प्रधान कंवर सेन वशिष्ठ ने गांव में घर-घर जाकर कोरोना से मुक्ति के उपाय समझाएं व सरकार के निर्देशों का पालन करने की विधि समझाई। फिजिकल डिस्टेंस का हो सके तो घर में ही रहे इस नियम का पालन करना चाहिए। फिजिकल डिस्टेंस का हो सके तो घर में ही रहे। इस नियम का पालन करना चाहिए।
उल्लेखनीय है कि भारत विकास परिषद शाखा कनीना के सदस्य पिछले एक माह से गांव में लोगों को खाना , हाथ धोने की साबुन व मास्क वितरित कर रहा है। मास्क बांटने पर सभी लोगों में प्रशंसा की और एक सराहनीय कार्य बताया फिजिकल डिस्टेंस रखते हुए कंवरसेन वशिष्ठ प्रधान व सुनीता भारद्वाज महिला प्रमुख, धनपत यादव, दलित पार्षद ,डॉ रवि आदि साथ थे।
फोटो कैप्शन 2: मास्क देते प्रधान भारत विकास परिषद कनीना कंवरसेन वशिष्ठ व सदस्य।