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Saturday, October 28, 2023

 
प्रदीप सोनी बने भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट
- मेहनत द्वारा पहुंचे इस मुकाम पर
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कनीना की आवाज। कनीना के प्रदीप सोनी का चयन हाल ही में भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट पद पर हो गया है। वे तुलसीराम सोनी के पुत्र हैं। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक परीक्षा पास की थी तत्पश्चात कोई कोचिंग नहीं ली, घर पर परीक्षा की तैयारी की यूपीएससी के जरिए आयोजित परीक्षा में चौथी बारी में सफलता प्राप्त कर चुके हैं। इससे पहले भी उन्होंने तीन बार प्रयास किया किंतु असफलता हाथ लगी थी किंतु चौथी बार उनको सफलता हासिल हुई है।
 प्रदीप सोनी ने बताया यूपीएससी द्वारा आयोजित लिखित परीक्षा के बाद एक साक्षात्कार आयोजित होता है। अब उनका रैंक 120 पर आ गया है और उनका चयन भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट पद पर हो गया है। उनके पिता तुलसीराम सोनी स्नातक जबकि उनकी मां आशा सोनी केवल 12वीं कक्षा पास है। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय दादा लालचंद सोनी, दादी कृष्ण सोनी, पिता तुलसीराम सोनी, मां आशा सोनी, दुष्यंत सोनी, नेहा सोनी तथा सभी गुरुजनों को दिया है साथ में  उनका आभार व्यक्त किया है ।
फोटो कैप्शन:प्रदीप सोनी






विश्व स्ट्रोक दिवस- 29 अक्टूबर
समय पर डाक्टर के पास न पहुंचने पर मिलते हैं बुरे परिणाम -डा. राहुल सिंगला
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कनीना की आवाज। स्ट्रोकभारत में सड़क दुर्घटनाओं के बाद मृत्यु दर का सबसे प्रमुख कारण माना जाता है। यह एक ऐसी स्थिति है जब मस्तिष्क को पर्याप्त आक्सीजन या पोषक तत्व नहीं मिल पाते हैं और जिसके कारण मस्तिष्क कोशिकाएं मर जाती हैं। शोध से पता चलता है कि दिनों दिन इसके मरीज बढ़ते जा रहे हैं। भविष्य में इसका और भी बुरा प्रभाव मिल सकता है। जिसे संक्षेप में सीवीए के रूप में भी जाना जाता है जिसे सेरेब्रोवास्कुलर दुर्घटना मानते हैं। यह घटना तब घटती है मस्तिष्क का एक हिस्सा रक्त की आपूर्ति को खो देता है और काम करना बंद कर देता है, इससे शरीर का वह हिस्सा जिसे घायल मस्तिष्क नियंत्रित करता है काम करना बंद कर देता है। रक्त आपूर्ति में यह कमी रक्त प्रवाह में कमी के कारण उत्तकों में रक्तस्राव के कारण रक्त स्रावी हो सकती है । यह एक चिकित्सीय आपात स्थिति है क्योंकि स्ट्रोक से मृत्यु या स्थायी विकलांगता बन सकती है।
 इस संबंध में वरिष्ठ कार्डियोलोजिस्ट डा. राहुल सिंगला से बात की। उन्होंने बताया कि जब तक वास्तव में यह घटना घटित ना हो तब तक कोई चेतावनी संकेत नहीं मिलते। कुछ लक्षण ऐसे हो सकते हैं जो चेतावनी दे सकते हैं कि आपको स्टॉक हो सकता है। जिनमें इंसान मुस्कुराने की कोशिश करता है तो चेहरा एक तरफ झुक जाता है, दोनों भुजाएं उठाने का प्रयास करें तो एक नहीं उठ पाती, जब बोलता है तो वाणी अस्पष्ट होती और समझना कठिन होता है। उन्हें स्ट्रोक के समय हर मिनट मायने रखता है कि इनमें से कोई लक्षण दिखाई दे तुरंत डाक्टरी सहायता देनी चाहिए।
 उन्होंने बताया कि अक्सर लोग झोलाछाप डॉक्टर के पास जाते हैं जिससे जीवन को खतरा बढ़ जाता है। अन्य लक्षणों में रोगी को चक्कर आना, उल्टी की शिकायत हो सकती है। दाएं मस्तिष्क का स्टॉक शरीर के बाएं हिस्से को कमजोर कर देता है। स्स्ट्रोक मस्तिष्क के किस हिस्से में हुआ है उसी के आधार पर शरीर पर प्रभाव दिखाई देता है। बोलना, सुनना आदि को नियंत्रित करना भी इन्हीं का कार्य होता है जो प्रभाविता होता है।
डॉ राहुल सिंगला ने बताया स्ट्रोक के खतरे को कई कारक बढ़ाते हैं जिनमें वजन अधिक होना, शारीरिक निष्क्रियता, अत्यधिक शराब पीना, उच्च रक्तचाप, सिगरेट पीना, उच्च कोलेस्ट्रॉल, मधुमेह हृदय रोग आदि प्रमुख हैं। यह 55 वर्ष या अधिक उम्र में अधिक होता है महिलाओं की तुलना पुरुषों में स्ट्रोक अधिक होता है।
डॉक्टर की एक बार स्टॉक हो जाता है उसमें मस्तिष्क कोशिकाएं मर जाती उन्हें वापस ठीक नहीं किया जा सकता। ऐसे में तुरंत चिकित्सीय की सुविधा देने से भावी होनि को रोका जा सकता है।
मस्तिष्क का सीटी स्कैन और एमआरआई से मस्तिष्क स्ट्रोक का पता लग सकता है, उसी के आधार पर ही रोगी की चिकित्सा की जाती है। स्टॉक से उभरने के लिए लंबा समय लग सकता है। फोटो कैप्शन: डॉक्टर राहुल सिंगला वरिष्ठ कार्डियोलॉजिस्ट





वाल्मीकि जयंती पर लगा भंडारा,निकाली झांकियां
-रात्रि के समय हुआ जागरण
-आंख पर पट्टी बांधकर सेब व केला को काटना, लठबाजी करना व तलवार चलाना आदि मुख्य आकर्षण का रहे केन्द्र
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कनीना की आवाज। वाल्मीकि समाज की ओर से कनीना के वाल्मीकि मंदर में जहां बीती रात को जागरण का आयोजन हुआ वहीं शनिवार को हवन आयोजित हुआ साथ मेें भंडारा भी लगाया गया। इस मौके पर महर्षि ववाल्मीकि की झांकिया निकाली गई।
महर्षि वाल्मीकि जयंती पर कनीना कनीना वाल्मीकि मंदिर में मनाई गई जिसमें जहां शुक्रवार की रात को जागरण आयोजित हुआ।  मुख्य अतिथि ठाकुर अतरलाल थे। मंच संचालन सचिन शर्मा ने किया जिसमें रात्रि जागरण में भजन कीर्तनों का आनंद लिया गया। भजन कीर्तन मंडली शिवा और झगड़ु पार्टी ने किया जिसमें मुख्य कलाकार मनोज रोहिल्ला, मीनाक्षी कुमारी गुरुग्राम, रोहित शेखावत, धर्मेश कौशिक, अजीत बेदी, मीनाक्षी शर्मा, शिव कुमार शर्मा कनीना थे। भगवान महर्षि वाल्मीकि जयंती के उपलक्ष्या पर कनीना में बड़ी धूमधाम से मनाई गई शनिवार को सुबह हवन एवं भंडारा का आयोजन किया गया। जिसमें दूर दराज से आये भक्तों ने प्रसाद ग्रहण किया। वहीं महर्षि वाल्मीकि जयंती के उपलक्ष्य में झांकी निकल गई।
आदिकवि, रामायण के रचयिता महर्षि वाल्मीकि का जन्मोत्सव उपमंडल के अनेक गांवों में धूमधाम से मनाया गया।   महर्षि वाल्मीकि के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया और लोगों से उनकी शिक्षाओं पर चलने की अपील की।  महर्षि वाल्मीकि के समता, स्वच्छता और पर्यावरण हितकारी उपदेश आज भी प्रासंगिक हैं। समाज के लोगों से अपने बच्चों की शिक्षा पर विशेष ध्यान देने की अपील की।
कनीना वाल्मीकि मंदिर में विशाल जागरण  आयोजित कर महर्षि वाल्मीकि तथा संत महापुरुषों की महिमा का गुणगाण किया गया। आंख पर पट्टी बांधकर सेब व केला को काटना, लठबाजी करना व तलवार चलाना आदि मुख्य आकर्षण का केन्द्र रहे।
इस अवसर पर समाजसेवियों को स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया। भंडारा आयोजित किया गया जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। महर्षि वाल्मीकि तथा रामायण के पात्रों की मनमोहक झांकियां निकाली गई। इस अवसर पर जितेन्द्र, धर्मपाल, मनोज रोहिल्ला, गोपाल, डॉ. पवन कांगड़ा, हवासिंह, के.के.पूनियां, सचिन शर्मा, आकाश, बीर सिंह, तुषार, जीवन सिंह, मामन, सचिन, मोहन, अमन, सोहन, जितेन्द्र, सुरेन्द्र, रोहित, अमित, विषाल, हैडमास्टर डीगराम, मा. सूरत सिंह, मा. किशनलाल, कृष्ण फौजी, राजेश, नरेन्द्र, सुनील, रमेश, सुरजभान, प्रकाश, पंकज, दिनेश, अर्जुन, नितिन, संजय आदि अनेक गणमान्य उपस्थित थे।
फोटो कैप्शन 09: आंख पर पट्टी बांधकर लाठी चलाते हुए।
         10: गणमान्य जनों को स्मृति चिह्नि भेंट करते हुए
          11: रात्रि जागरण में भजन गाते हुए भजन गायक।






123 दिव्यांग प्रवक्ताओं को पदोन्नति कर बनाया प्राचार्य
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कनीना की आवाज। हरियाणा दिव्यांग प्रगतिशील शिक्षा अधिकारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष नरेश कुमार कौशिक ने कहा कि वर्तमान सरकार द्वारा दिव्यांगों के हितों के लिए सराहनीय कार्य किए गए हैं। अभी 123 दिव्यांग प्रवक्ताओं को प्राचार्य की पदोन्नति देकर मुख्याध्यापकों को भी प्राचार्य बनाने की कार्रवाई शुरू कर दी है। इस बारे में निदेशालय के अधिकारियों इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि शीघ्र ही मुख्याध्यापकों के प्राचार्य पद के लिए पदोन्नति केस मांगे जाएंगे।
उल्लेखनीय है कि विगत दिनों  प्रदेश के दिव्यांगजन आयुक्त राजकुमार मककड़ ने अपने कनीना दौरे के दौरान कहा था कि सभी विभागों  के दिव्यांगों की पदोन्नति उनकी डीम्ड तिथि से की जाएगी तथा इसका लाभ भी दिव्यांग कर्मचारी को मिलेगा ढ्ढ प्रगतिशील दिव्यांग शिक्षा अधिकारी संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष रविंद्र गहलावत ,महासचिव रमेश धारीवाल ,सचिव रानी देवी तथा कोषाध्यक्ष सुनीता रानी तथा रेवाड़ी के जिला प्रधान अनिल यादव  ने प्रदेश के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ,प्रदेश दिव्यांगजन आयुक्त राजकुमार मक्कड़ ,शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव सुधीर राजपाल तथा निदेशक डॉ अंसज सिंह का धन्यवाद करते हुए कहा कि शीघ्र ही दिवाली पर दिव्यांगों को और नई पदोन्नति की सौगात मिलेगी।




कनीना क्षेत्र में अवैध हथियार सहित एक आरोपित गिरफ्तार
---न्यायालय में पेश, पुलिस रिमांड पर
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कनीना की आवाज। एसटीएफ की टीम ने थाना सदर कनीना के क्षेत्र से एक आरोपित विकास वासी छितरोली को अवैध हथियार सहित गिरफ्तार किया है। एसटीएफ की टीम ने थाना सदर कनीना के क्षेत्र में बाघोत बस अड्डा से गुप्त सूचना के आधार पर रेड कर एक युवक को काबू किया और उससे देसी पिस्टल स्टारमेड बरामद किया गया। पुलिस प्रवक्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि एसटीएफ की टीम बाघोत बणी में मौजूद थी, उसी समय टीम को गुप्त सूचना मिली कि विकास वासी छितरोली अवैध हथियार लिए बाघोत बस अड्डा पर खड़ा है और कहीं जाने की फिराक में है। अगर तुरंत रैड की जाए तो आरोपित को अवैध हथियार के साथ पकड़ा जा सकता है। इस सूचना पर टीम ने बतलाए हुए स्थान पर रेड की, वहां पर खड़े युवक को काबू कर नाम पता पूछा तो उसने अपना नाम विकास उपरोक्त बतलाया। युवक की तलाशी लेने पर उसके पास से एक देसी पिस्टल बरामद हुआ। आरोपित के खिलाफ थाना सदर कनीना में आम्र्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया। आरोपित को आज न्यायालय में पेश कर पुलिस रिमांड पर लिया गया।
फोटो कैप्शन 07: देशी पिस्तौल सहित गिरफ्तार युवक।






भगवान जल्दी प्रसन्न होते हैं यज्ञ से -आचार्य अनुराग
--धनौंदा के कृष्णानंद आश्रम में मनाई शरद पूर्णिमा
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कनीना की आवाज। यज्ञ हमें मिलजुल कर जीना सिखाता है। इसलिए हमें यज्ञ में अवश्य ही भाग लेना चाहिए क्योंकि यज्ञ रूपी जीवन ही असली जीवन है। ये विचार आचार्य अनुराग देव ने  स्वामी कृष्णानंद महाराज के धाम पर बाल्मीकि जयंती व शरद पूर्णिमा के उपलक्ष्य में आयोजित एक विशाल यज्ञ के उपरांत भक्तों को संबोधित करते हुए व्यक्त किये।
 इस अवसर पर उन्होंने कहा कि यज्ञरूपी जीवन ही वास्तविक में असली जीवन है क्योंकि यज्ञ हमें आपस में मिलजुल कर रहना सीखना है इसलिए हमें अपने घर-दुकान में, गली-मोहल्ले में समय-समय पर अवश्य ही यज्ञ करना चाहिए क्योंकि यज्ञ ही हमें भगवान तक पहुंचने का सुगम रास्ता सुझाता है। उन्होंने कहाा कि कृष्णानंद महाराज की इस पावन भूमि में यज्ञ करने का जो अवसर प्राप्त हुआ है यह किसी महान खुशी से कम नहीं है क्योंकि संत जहां पर रहते हैं वह उस जगह को ही नहीं उस गांव, उस जिले, उस प्रदेश तथा उस देश को स्वर्ग बना देते हैं। अत: वाल्मीकि संत की जयंती पर तथा शरद पूर्णिमा के अवसर पर किया हुआ यज्ञ बहुत ही शुभ होता है। आज के दिन वस्त्र एवं अन्न दान तथा भूखे लोगों को भोजन, गांव की सेवा, गरीबों की सेवा करना, बीमार को दवाई दिलवाने जैसे महान कार्य करने चाहिए। इस प्रकार के कार्यों का 100 गुणा फल मिलता है।
 उन्होंने कहा कि अपने घर परिवार में मां-बाप, भाई बहन तथा पति आदि की इज्जत करनी चाहिए और बूढ़े मां-बाप को समय-समय पर भोजन कारण उनके पैर छूना, पैर दबाना आदि से सेवा करनी चाहिए। अपनी ईमानदारी की कमाई में से दसवां हिस्सा शुभ कर्म में लगाना चाहिए क्योंकि यह शुभ कर्म ही आखिर में मानव के साथ जाता है। इसलिए हमें आपसी बैर भाव बुलाकर शांति प्रिय ढंग से एक दूसरे के साथ खुशी से समय व्यतीत करना चाहिए ताकि प्रभु की भक्ति ,सुख शांति से हो सके।
 इस अवसर पर अनिल यादव, मूलचंद तंवर, विजय कुमार आर्य ,डॉक्टर आनंद सिंघल, डा ज्योति सिंघल,सुनीता, महेश हवाई ठाकुर घनश्याम सिंह, कर्मवीर सिंह, लालाराम प्रजापत, घनश्याम शास्त्री, रामभक्त शास्त्री, चौधरी दलबीर सिंह व अन्य ग्रामीण  उपस्थित थे।
भक्ति मंदिर कनीना में वितरित किया जाएगा खीर का प्रसाद--  कनीना के भक्ति मंदिर नजदीक कोटिया बस स्टैंड में शरद पूर्णिमा के दिन 29 अक्टूबर को खीर का प्रसाद वितरित किया जाएगा। भक्ति मंदिर के महाराज स्वामी घनश्याम दास तथा मंदिर कमेटी सदस्य सतपाल प्रधान, अशोक कुमार, शिवनाथ, संदीप ,अनूप यादव ने बताया कि वर्षों से शरद पूर्णिमा के दिन खीर बनाई जाती है और अगली सुबह वितरित की जाती है। ऐसे उन्होंने भक्तजनों से निवेदन किया है कि वो खीर का प्रसाद ग्रहण करने भक्ति मंदिर जरूर पहुंचे।
फोटो कैप्शन 08: धनौेंदा में शरद पूर्णिमा पर हवन करते हुए आचार्य अनुराग।





पीपला की बणी से जल के पेड़ उखाडऩे का मामला पकड़ रहा है तूल
- 7 एकड़ में प्रस्तावित है साफ पानी का स्टोर
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कनीना की आवाज। कनीना की पीपल वाली बणी में 7 एकड़ स्थल पर सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट का साफ पानी स्टोर करने के लिए स्टोर घर बनाने की गतिविधियां शुरू हो गई है किंतु पांच जाल के सैकड़ो वर्ष पुराने पेड़ उखडऩे और कैर के पेड़ उखाड़े जाने के बाद क्षेत्र के लोगों में आ रेाष पनप रहा है। बार-बार एसडीएम के अतिरिक्त विभिन्न उच्च अधिकारियों संपर्क कर रहे हैं परंतु कोई अधिकारी यह नहीं बता पा रहा कि किसके आदेश से जाल के पेड़ उखाड़े गए हैं। जन स्वास्थ्य विभाग के कनिष्ठ अभियंता भी इस बात से इनकार कर रहा है। उनका कहना है अभी तक उन्हें कोई आदेश नहीं दिया है और न ही उनके पास अभी तक न ही पेड़ उखडऩे की अनुमति प्राप्त हुई है। एक और जहां सैकड़ों जीव जंतुओं के लिए इस बणी में जाल के पेड़ खड़े हुए हैं। उनको साफ पानी स्टोर करने के लिए उखाड़ा जाना अनुचित बताया जा रहा है। कनीनावासियों की मांग है कि पहले बणी की पैमाइश करवाई जाए और जहां तक हो साफ जगह पर ही स्टोर बनाया जाए। यहां तक की एक एकड़ पहले ही साफ जगह कनीना पालिका की इसी बणी के पास स्थित है। अगर पैमाइश करवा दी जाए तो भारी मात्रा में नगर पालिका की जगह प्राप्त होगी क्योंकि चारों ओर से बणी का अतिक्रमण किया हुआ है।
** इन जाल के पेड़ों की उनके पूर्वज देखभाल करते आये है जहां अनेकों जंगली जीव को आश्रय स्थल मिलता है। इन जालों को घर भी सालों के साथ दाल और गैर उखाडऩे के साथ-साथ नष्ट कर दिया है जो अनुचित है। जाल के पेड़ किसके आदेश पर उखाड़े गए हैं अभी तक कोई अधिकारी जवाब नहीं दे रहा है। ऐसे में इस मसले की जांच करवाई जाए।
  -- अजीत कुमार, कनीना
 दुर्भाग्य है कि कनीना की पुरानी पीपल वाली बणी से जाल के पेड़ उखाड़ दिए हैं। जन स्वास्थ्य विभाग 7 एकड़ जमीन पर साफ पानी इकट्ठा करने की बात कह रहा है किंतु उसकी आड़ में पांच जाल के पुराने पेड़ और कैर किसके आदेश पर उखाड़ डालें। इसका अभी तक कोई जवाब नहीं मिल रहा हॅै? इसका कु-प्रभाव पर्यावरण पर तो पड़ेगा ही साथ में जंगली जीव जंतुओं के लिए घातक साबित होगा। इन जाल के पेड़ों को उखाडऩे की जांच करवाई जाए तभी मामला सामने आ सकता है।
--- बीजेंद्र सिंह, कनीना
 हरे पेड़ों पर जानबूझकर जेसीबी चलाई गई है जिससे पर्यावरण को नुकसान हुआ है जंगली जीवों के लिए आश्रम स्थल समाप्त कर दिये हैं। समस्त मामले की जांच की जाए और कोई भी दोषी मिले उसके विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटना ने घट सके।
--- धर्मवीर फौजी
मेरे नगर पालिका प्रधान कार्यकाल दौरान 10 एकड़ जमीन मानका बनी में देने की बात कही थी किंतु वह रिजेक्ट हो गई थी। तत्पश्चात 7 एकड़ जमीन पीपल वाली बणी में सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट का साफ जमा करने की बात कही गई थी। साथ में यह भी कहा गया था कि पेड़ों को किसी प्रकार का कोई नुकसान पहुंचाया जाए । इस जगह किसी प्रकार का पक्का निर्माण कार्य नहीं होगा तथा यह जमीन नगर पालिका की होगी, जब चाहे तब छुड़ा लिया जाए। हमने कभी जल के पेड़ों को उखाडऩे की अनुमति नहीं दी थी। ऐसे में इस मसले की जांच की जाए।
-- निवर्तमान पालिका प्रधान सतीश जेलदार
क्या क्या कहते हैं कनिष्ठ अभियंता जन स्वास्थ्य विभाग -
सुरेंद्र सिंह जेई जन स्वास्थ्य विभाग से संबंध में बात ही उन्होंने कहा कि एक कच्चा स्टोर बनेगा जहां सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट का साफ पानी इकट्ठा किया जाएगा। कोई पेड़ नहीं उखाड़ा जाएगा यदि प्लांट के बीच में ही पेड़ आ गया उसकी अनुमति लेकर ही उखाड़ा जाएगा। उनकी ओर से नहीं कोई ऐसा आदेश दिया गया था और नहीं हमने अभी तक अनुमति ली है।
--- सुरेंद्र सिंह जेई
उल्लेखनीय है कि कोसली सड़क मार्ग पर सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट लगाया गया है जिसकी जगह कम होने के कारण यहां सेसाफ किया गया पानी करीब 2 किलोमीटर दूर पीपल वाली बणी में स्टोर करने के लिए परियोजना पास हुई है। इसके लिए टेंडर छोड़े जा चुके हैं। पीपल वाली बनी में साफ पानी स्टोर किया जाएगा जिसका उपयोग किसान कर सकते हैं परंतु स्टोर बनने से पहले ही पेड़ों पर जेसीबी चला दी गई है। इसका आसपास के लोगों में भारी रोष पनपा है। विजयपाल चेयरमैन एवं आधा दर्जन अन्य गणमान्य जन भी एसडीएम सुरेंद्र सिंह से संबंध में मिले थे। उन्होंने यह भी शिकायत की है कि यहां साफ पानी स्टोर करने की बात कही थी लेकिन अभी तक गंदा पानी जमा किया जा रहा है। उन्होंने पेड़ों के काटे जाने की पर भी ऐतराज जताया था जिस पर अधिकारी ने संज्ञा लेने की बात कही है। इसके अतिरिक्त कई अन्य व्यक्ति एसडीएम तथा उच्च अधिकारियों संपर्क में है और इस प्रकार बणी के जाल के पेड़ों को उखाडऩा गलत बताते हुए सख्त कार्रवाई करने की बात कह रहे हैं। यहां तक की कस्बावासी जो लंबे समय से मांग कर है कि कनीना की बणियों की पैमाइश करवाई जाए। पर्याप्त मात्रा में जमीन उपलब्ध हो जाएगी जिस पर किसी प्रकार का की परियोजना चलाई जा सकती है परंतु अभी तक कितने ही पालिका प्रधान बने बणियों की पैमाइश आज तक नहीं हुई है जिसके चलते अतिक्रमण तो हुआ ही है ,चारों ओर से पेड़ पौधों को काटकर भी समाप्त कर दिया गया है।
 फोटो कैप्शन:3 से 6- उखाड़े गए जाल के पांच पेड़ साथ में अजीत कुमार, बिजेंद्र सिंह, धर्मवीर, सतीश जैलदार







ग्रामीणों का धरना 230वें दिन भी जारी
-अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हैं ग्रामीण
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कनीना की आवाज। राष्ट्रीय राजमार्ग 152डी पर सेहलंग -बाघोत के बीच कट के लिए धरने के लिए ग्रामीणों का कट 230वें दिन भी जारी रहा। शनिवार को धरने की अध्यक्षता डॉ लक्ष्मण सिंह सेहलंग ने की और उन्होंने बताया कि मौसम बदल रहा है,बुजुर्ग किसानों को अपनी सेहत का ध्यान रखना है, ठंड शुरू हो रही है, खांसी -जुकाम और बुखार होने की संभावना ज्यादा रहती है। इन सब परेशानियों का सामना करते हुए हम धरना स्थल पर डटे रहेंगे।
उन्होंने बताया कि धरने को चलते 230 दिन हो गए हैं। दिन भर चलने वाले वाहनों से उडऩे वाली धूल से धरना स्थल पर बैठे बुजुर्ग किसान बहुत परेशान हैं। परेशानी को बर्दाश्त करने का कारण है कि केंद्र सरकार के द्वारा आश्वासन दिया गया है कि राष्ट्रीय राजमार्ग 152डी पर बाघोत -सेहलंग के बीच कट का काम जल्द शुरू कर दिया जाएगा, लेकिन आज तक सरकार ने धरातल पर  कट का काम शुरू नहीं किया गया है। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार बुजुर्ग किसानों की आवाज सुने, राष्ट्रीय राजमार्ग 152डी पर बाघोत -सेहलंग के बीच कट बनना इस क्षेत्र के लिए बहुत जरूरी है। इस क्षेत्र का विकास कट बनने के बाद ही संभव हो सकता है। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार किसानों के दु:ख -दर्द को समझे और जल्दी से जल्दी राष्ट्रीय राजमार्ग 152डी पर बाघोत -सेहलंग के बीच कट का काम शुरू किया जाए।
 इस मौके पर धरना संघर्ष समिति के अध्यक्ष  विजय सिंह चेयरमैन, संघर्ष समिति के सदस्य पहलवान धर्मपाल सेहलंग, नरेंद्र शास्त्री छिथरोली, सूबेदार हेमराज अत्रि बाघोत, सुमेर सेठ नौताना, पूर्व सरपंच बेड़ा सिंह, पहलवान रणधीर सिंह, महेंद्र सिंह, डॉ राम भक्त, सत्यवीर सिंह नौताना, रामभज, रामकिशन, मुख्तार सिंह,  रोशन लाल आर्य, प्रधान कृष्ण कुमार , सूबेदार भोले राम, पूर्व सरपंच हंस कुमार, ओम प्रकाश, सीताराम, सत्य प्रकाश, सूबेदार श्री राम, मास्टर विजयपाल, सूबे सिंह पंच, सत्यनारायण साहब
व गणमान्य लोग मौजूद थे।
फोटो कैप्शन 02: कट के लिए अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे ग्रामीण।










शहीद पुलिस कर्मियों की याद में स्कूल में पेंटिंग व निबंध प्रतियोगिता का किया आयोजन
-सुंदराह स्कूल में आयोजित हुआ कार्यक्रम
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कनीना की आवाज। पुलिस स्मृति दिवस व झंडा दिवस के अवसर पर राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय सुंदरह में  पेंटिंग व निबंध प्रतियोगिता का आयोजन किया गया।
पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर शहीद पुलिस कर्मचारियों की याद में 21 अक्टूबर से 31 अक्टूबर तक चलने वाले कार्यक्रम के उपलक्ष में शुक्रवार को राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय सुंदरह में पेंटिंग व निबंध प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस दौरान स्कूल स्टाफ व विद्यार्थी हाजिर रहे।
जिला पुलिस की ओर से शहीद हुए पुलिस कर्मियों को श्रद्धांजलि देने के लिए जगह-जगह कर पर कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। ताकि समाज और आने वाले पीढ़ी को हमारे शहीद हुए पुलिस कर्मचारियों की बहादुरी का पता चल सके। उन्होंने कहा कि इन पुलिस कर्मचारियों ने अपराधियों को पकडऩे के लिए अपने प्राण न्योछावर कर दिए। इन पर हम सभी को गर्व होना चाहिए। एक पुलिसकर्मी जब वर्दी पहना तो उसके मन में समाज और देश की सुरक्षा हर समय रहती है। ड्यूटी पर रहते हुए कई बार उसे इस तरह की हालत से गुजरना पड़ता है जहां पर जान का जोखिम होता है। लेकिन पुलिसकर्मी कभी भी इस तरह के जोखिम से नहीं डरते। समाज और देश की सुरक्षा के लिए कभी जान देने से पीछे नहीं हटते। जो पुलिस कर्मी में शहीद हुए हैं हमें उनके बलिदान को कभी नहीं बुलाना चाहिए। उनके परिवारों का भी हमारे लिए बहुत बड़ा बलिदान है क्योंकि उन्होंने अपने परिवार का सदस्य खोया है। इसी कड़ी में शुक्रवार को शहीद पुलिस कर्मचारियों की याद में स्कूल में पेंटिंग व निबंध प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें काफी विद्यार्थियों ने भाग लिया। प्रतियोगिता में विजेता छात्रों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया।
फोटो कैप्शन 01: अव्वल रहे विद्यार्थियों को सम्मानित करते हुए पुलिस के अधिकारी।





29 अक्टूबर को खिलाई जाएगी खीर
शरद पूर्णिमा पर बनाई जाएगी खीर, श्वास रोगियों के लिए रामबाण
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कनीना की आवाज। क्षेत्र में शरद पूर्णिमा का पर्व मनाया जा रहा है। इस मौके पर रात के समय खीर बनाने तथा प्रसाद के रूप में अगले दिन बांटने की प्रथा चली आ रही है। मंदिरों में खीर बनाकर रात के समय चंद्रमा की किरणें डालकर खिलाने की परंपरा भी अनोखी है। 29 अक्टूबर को खिलाई जाएगी खीर। इसी दिन महर्षि वाल्मीकि जयंती भी मनाई जा रही है।
    घरों में तो खीर बनती ही है साथ में मंदिरों में भी खीर बनाने की परंपरा है। यह खीर रातभर रखी खुले आकाश के नीचे रखी जाती है तथा चंद्रमा की किरणें डालकर इसे रोग विनाशक बनाकर ही खिलाया जाता है। महंत लालदास का कहना है कि इस रात को चंद्रमा अपने आप में पूर्ण होता है बाकी किसी भी पूर्णिमा को इतना बेदाग नहीं होता है। यही कारण है कि इसकी किरणें डाली जाती है जो मन व मस्तिष्क पर अच्छा प्रभाव डालती हैं।
 उधोदास आश्रम के महंत लालदास ने बताया कि उनके यहां तो जो खीर बनाई जाती है उस मखमल के कपड़े से ढककर रख दिया जाता है ताकि अधिक मात्रा में चंद्रमा की किरणें गिर सके। इन्हीं किरणों के कारण खीर का स्वाद मधुर बन जाता है। तत्पश्चात इस खीरा को रात के बारह बजे बाद ही प्रसाद बतौर खिलाया जाता है। इस खीर का श्वास रोगियों के लिए बेहद लाभ होता है। उन्होंने बताया कि इस खीर में डालने के लिए कई प्रकार की औषधियां व पदार्थ मंगवाएं हैं ताकि खीर के प्रसाद से उनका रोग ठीक हो सके। रातभर भजन कीर्तन करते हुए ठाकुर जी का भोग लगाकर प्रसाद चखते हंै।  
क्या कहते हैं वैद्य-
वैद्य बालकिशन एवं श्रीकिशन का कहना है कि शरद पूर्णिमा का पर्व बहुत अहमियत रखता है। यह पर्व कई रोगों से छुटकारा दिलाने वाला ही नहीं अपितु इंसान में नया संचार जगाने वाला होता है। उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण ने भी इस पर्व का विशेष महत्व बताया है तथा इस पर्व से सर्दी का मौसम जुड़ा है। सर्दी प्रारंभ होने से सेहत के लिए लाभकारी होती हैं। उन्होंने कहा कि इस दिन से जल्दी उठकर स्नान ध्यान करने से सभी कष्टï स्वत: छूट जाते हैं तथा मोक्ष की प्राप्ति होती है।
  सुरेंद्र शर्मा ज्योतिषाचार्य ने बताया कि इसी पर्व से जुड़ी है कार्तिक स्नान करने की परंपरा। महिलाएं पूरे एक माह तक चलता रहता है। एक माह बाद इसे संपन्न करती हैं। स्वास्थ्य की दृष्टिï से भी यह समय अनुकूल माना जाता है।






2023 का अंतिम चंद्र ग्रहण 28 की रात को
-भारत में दिखाई देगा ग्र




























हण
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कनीना की आवाज। साल 2023 का आखिरी चंद्र ग्रहण 28 अक्टूबर को लगने जा रहा है। इसी दिन शरद पूर्णिमा भी है. वैज्ञानिक रूप से किसी भी ग्रहण को खगोलीय घटना माना जाता है।
पंडित सुरेंद्र शर्मा के अनुसार चंद्रग्रहण 28 और 29 अक्टूबर की मध्यरात्रि में लगने जा रहा है। यह ग्रहण 28 अक्टूबर को रात को 01:05 बजे से लगेगा और रात  02:24 पर समाप्त होगा। यह ग्रहण मेष राशि और अश्विनी नक्षत्र में लगने जा रहा है. साल का आखिरी चंद्र ग्रहण भारत में भी दिखाई देगा।
यह चंद्रग्रहण आंशिक होगा। जब पृथ्वी की छाया चंद्रमा के कुछ हिस्से पर पड़ती है. तब इसे आंशिक चंद्र ग्रहण कहा जाता है। यह ग्रहण लंबे वक्त के लिए नहीं लगता है। 

Friday, October 27, 2023

 
शहीद पुलिस कर्मियों की याद में स्कूल में पेंटिंग व निबंध प्रतियोगिता का किया आयोजन
-सुंदराह स्कूल में आयोजित हुआ कार्यक्रम
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कनीना की आवाज। पुलिस स्मृति दिवस व झंडा दिवस के अवसर पर राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय सुंदरह में  पेंटिंग व निबंध प्रतियोगिता का आयोजन किया गया।
पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर शहीद पुलिस कर्मचारियों की याद में 21 अक्टूबर से 31 अक्टूबर तक चलने वाले कार्यक्रम के उपलक्ष में शुक्रवार को राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय सुंदरह में पेंटिंग व निबंध प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस दौरान स्कूल स्टाफ व विद्यार्थी हाजिर रहे।
जिला पुलिस की ओर से शहीद हुए पुलिस कर्मियों को श्रद्धांजलि देने के लिए जगह-जगह कर पर कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। ताकि समाज और आने वाले पीढ़ी को हमारे शहीद हुए पुलिस कर्मचारियों की बहादुरी का पता चल सके। उन्होंने कहा कि इन पुलिस कर्मचारियों ने अपराधियों को पकडऩे के लिए अपने प्राण न्योछावर कर दिए। इन पर हम सभी को गर्व होना चाहिए। एक पुलिसकर्मी जब वर्दी पहना तो उसके मन में समाज और देश की सुरक्षा हर समय रहती है। ड्यूटी पर रहते हुए कई बार उसे इस तरह की हालत से गुजरना पड़ता है जहां पर जान का जोखिम होता है। लेकिन पुलिसकर्मी कभी भी इस तरह के जोखिम से नहीं डरते। समाज और देश की सुरक्षा के लिए कभी जान देने से पीछे नहीं हटते। जो पुलिस कर्मी में शहीद हुए हैं हमें उनके बलिदान को कभी नहीं बुलाना चाहिए। उनके परिवारों का भी हमारे लिए बहुत बड़ा बलिदान है क्योंकि उन्होंने अपने परिवार का सदस्य खोया है। इसी कड़ी में शुक्रवार को शहीद पुलिस कर्मचारियों की याद में स्कूल में पेंटिंग व निबंध प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें काफी विद्यार्थियों ने भाग लिया। प्रतियोगिता में विजेता छात्रों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया।
फोटो कैप्शन 05: अव्वल रहे विद्यार्थियों को सम्मानित करते हुए पुलिस के अधिकारी।





29 अक्टूबर को खिलाई जाएगी खीर
 28 अक्टूबर की रात को शरद पूर्णिमा पर बनाई जाएगी खीर, श्वास रोगियों के लिए रामबाण
-वाल्मीकि जयंती भी 28 अक्टूबर को
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कनीना की आवाज।  28 अक्टूबर को क्षेत्र में शरद पूर्णिमा का पर्व मनाया जा रहा है। इस मौके पर रात के समय खीर बनाने तथा प्रसाद के रूप में अगले दिन बांटने की प्रथा चली आ रही है। मंदिरों में खीर बनाकर रात के समय चंद्रमा की किरणें डालकर खिलाने की परंपरा भी अनोखी है। 29 अक्टूबर को खिलाई जाएगी खीर। इसी दिन महर्षि वाल्मीकि जयंती भी मनाई जा रही है।
    घरों में तो खीर बनती ही है साथ में मंदिरों में भी खीर बनाने की परंपरा है। यह खीर रातभर रखी खुले आकाश के नीचे रखी जाती है तथा चंद्रमा की किरणें डालकर इसे रोग विनाशक बनाकर ही खिलाया जाता है। महंत लालदास का कहना है कि इस रात को चंद्रमा अपने आप में पूर्ण होता है बाकी किसी भी पूर्णिमा को इतना बेदाग नहीं होता है। यही कारण है कि इसकी किरणें डाली जाती है जो मन व मस्तिष्क पर अच्छा प्रभाव डालती हैं।
 उधोदास आश्रम के महंत लालदास ने बताया कि उनके यहां तो जो खीर बनाई जाती है उस मखमल के कपड़े से ढककर रख दिया जाता है ताकि अधिक मात्रा में चंद्रमा की किरणें गिर सके। इन्हीं किरणों के कारण खीर का स्वाद मधुर बन जाता है। तत्पश्चात इस खीरा को रात के बारह बजे बाद ही प्रसाद बतौर खिलाया जाता है। इस खीर का श्वास रोगियों के लिए बेहद लाभ होता है। उन्होंने बताया कि इस खीर में डालने के लिए कई प्रकार की औषधियां व पदार्थ मंगवाएं हैं ताकि खीर के प्रसाद से उनका रोग ठीक हो सके। रातभर भजन कीर्तन करते हुए ठाकुर जी का भोग लगाकर प्रसाद चखते हंै।  
क्या कहते हैं वैद्य-
वैद्य बालकिशन एवं श्रीकिशन का कहना है कि शरद पूर्णिमा का पर्व बहुत अहमियत रखता है। यह पर्व कई रोगों से छुटकारा दिलाने वाला ही नहीं अपितु इंसान में नया संचार जगाने वाला होता है। उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण ने भी इस पर्व का विशेष महत्व बताया है तथा इस पर्व से सर्दी का मौसम जुड़ा है। सर्दी प्रारंभ होने से सेहत के लिए लाभकारी होती हैं। उन्होंने कहा कि इस दिन से जल्दी उठकर स्नान ध्यान करने से सभी कष्टï स्वत: छूट जाते हैं तथा मोक्ष की प्राप्ति होती है।
  सुरेंद्र शर्मा ज्योतिषाचार्य ने बताया कि इसी पर्व से जुड़ी है कार्तिक स्नान करने की परंपरा। महिलाएं पूरे एक माह तक चलता रहता है। एक माह बाद इसे संपन्न करती हैं। स्वास्थ्य की दृष्टिï से भी यह समय अनुकूल माना जाता है।
28 अक्टूबर को कनीना क्षेत्र में वाल्मीकि जयंती मनाई जा रही है तथा भंडारे आयोजित किये जा रहे हैं।





2023 का अंतिम चंद्र ग्रहण 28 की रात को
-भारत में दिखाई देगा ग्रहण

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कनीना की आवाज।
साल 2023 का आखिरी चंद्र ग्रहण 28 अक्टूबर को लगने जा रहा है। इसी दिन शरद पूर्णिमा भी है. वैज्ञानिक रूप से किसी भी ग्रहण को खगोलीय घटना माना जाता है।
पंडित सुरेंद्र शर्मा के अनुसार चंद्रग्रहण 28 और 29 अक्टूबर की मध्यरात्रि में लगने जा रहा है। यह ग्रहण 28 अक्टूबर को रात को 01:05 बजे से लगेगा और रात  02:24 पर समाप्त होगा। यह ग्रहण मेष राशि और अश्विनी नक्षत्र में लगने जा रहा है. साल का आखिरी चंद्र ग्रहण भारत में भी दिखाई देगा।
यह चंद्रग्रहण आंशिक होगा। जब पृथ्वी की छाया चंद्रमा के कुछ हिस्से पर पड़ती है. तब इसे आंशिक चंद्र ग्रहण कहा जाता है। यह ग्रहण लंबे वक्त के लिए नहीं लगता है।  




वंश रागिनी प्रतियोगिता में जाएगा राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में
--जिला स्तरीय प्रतियोगिता में रह चुका है प्रथम
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कनीना की आवाज। कनीना के राजकीय माडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कनीना के विद्यार्थी वंश ने रागनी प्रतियोगिता में जिला स्तरीय प्रतियोगिता में प्रथम स्थान हासिल किया है। अब वह राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में भाग लेगा।
 विस्तृत जानकारी देते हुए राजकीय मॉडल स्कूल के प्राचार्य सुनील खुडानिया ने बताया की वंश ने जिला स्तरीय कला उत्सव में प्रथम स्थान हासिल किया है। यह प्रतियोगिता राजकीय माध्यमिक विद्यालय शेखपुरा, नारनौल में आयोजित हुई थी। वह कक्षा 5 से 6 तक के विद्यार्थियों का प्रतिनिधित्व कर रहा है।  खंड स्तरीय प्रतियोगिता में भी वंश ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया था। अब राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में भाग लेगा।
 उन्होंने बताया कि अमृत सिंह राघव राजकीय मॉडल स्कूल में रागिनी के विशिष्ट कलाकार है जिनकी वजह से विद्यार्थी राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में पहुंचा है। वंश ने विद्यालय का नाम रोशन किया है। इस मौके पर वंश को विद्यालय में सम्मानित भी किया गया। इस मौके पर संगीत टीम में मास्टर प्रदीप नांगल मोहनपुर, मोनू भोजावास तथा निरंजन बवाना आदि शामिल थे।
 फोटो कैप्शन 3: वंश राजकीय मॉडल स्कूल के शिक्षकों के बीच में





सड़क सुरक्षा प्रतियोगिता में खरखड़ावास की निशा ने पाया प्रथम स्थान
-तीन स्तरों में आयोजित हुई परीक्षा
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कनीना की आवाज। खंड स्तरीय सड़क सुरक्षा प्रतियोगिता राजकीय वरिष्ठ माडल संस्कृति स्कूल कनीना में आयोजित हुई। तीन स्तरीय यह प्रतियोगिता आयोजित हुई जिनमें लेवल-एक, लेवल-दो तथा लेवल-3 नाम दिए गए थे। विस्तृत जानकारी देते हैं मॉडल स्कूल के प्राचार्य सुनील कुमार खुडानिया ने बताया कि लेवल-एक में 354 विद्यार्थियों ने भाग लेना था लेकिन 168 विद्यार्थी अनुपस्थित रहे जबकि लेवल-2 में 256 विद्यार्थियों ने भाग लेना था किंतु 78 विद्यार्थी अनुसूचित रहे। लेवल-3 में 206 विद्यार्थियों ने भाग लेना था किंतु 55 विद्यार्थी अनुपस्थित रहे। इस प्रकार कुल 816 में से 515 विद्यार्थियों ने परीक्षा दी। पुलिस प्रशासन की ओर से आयोजित यह प्रतियोगिता 50 शिक्षकों और अधिकारियों की उपस्थिति में संपन्न हुई। कक्षा प्रथम से बारहवीं तक तीन लेवल बनाये गये थे जबकि कालेज एवं आटीआई के विद्यार्थियों के लिए लेवल-4 नाम दिया गया था।
 इस प्रतियोगिता में जहां पुलिस के अधिकारी भी मौके पर पहुंचे वहीं खंड शिक्षा अधिकारी डा विश्वेश्वर कौशिक भी मौजूद रहे। इस मौके पर अनेक विद्यार्थियों के समान अंक आने के बाद जन्म तिथि के आधार पर प्रथम तीन स्थानों का निर्णय हो पाया।
विस्तृत जानकारी देते हुए सुनील कुमार खुडानिया प्राचार्य ने बताया कि लेवल-2 में निशा राजकीय माध्यमिक विद्यालय खरखड़ाबास प्रथम रही वहीं मनीषा गैलेक्सी स्कूल से तथा हर्षिता राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय करीरा से खंड स्तर पर तृतीय स्थान पर रही।  लेवल-एक में भावेश कुमार ईवीएस ककराला प्रथम, हर्ष यादव आरसीएम द्वितीय तथा सोनू राजकीय प्राथमिक पाठशाला दौंगड़ा ने तृतीय स्थान हासिल किया। वहीं लेवल-3 की परीक्षा में माही एसडी स्कूल ककराला प्रथम, मोहित यूरो स्कूल कनीना द्वितीय तथा समीर राजकीय मॉडल संस्कृति स्कूल कनीना ने तृतीय स्थान हासिल किया।
 इस मौके पर कमल प्रसाद एएसआई ने बार-बार विद्यार्थियों को सुझाव दिए तथा परीक्षा को सुचारू रूप से संपन्न करवाया। इस मौके पर जहां परीक्षा को सुचारु रूप से संपन्न करवाने वालों में डा.विश्वेश्वर कौशिक खंड शिक्षा अधिकारी कनीना, सुनील खुडानिया प्राचार्य, उमेद सिंह प्राध्यापक, महिपाल प्राध्यापक, मदन मोहन कौशिक प्राध्यापक, ओमकार प्राध्यापक, विरेंद्र कैमला, अजय बंसल, विजय पाल प्राचार्य, नरेश कुमार वरिष्ठ प्राध्यापक,महिपाल सिंह, राजेश ककराला, कैलाश गुप्ता, सुमन गुढ़ा, सुरेंद्र कुमार प्राध्यापक, सुनीता सहित विभिन्न 50 शिक्षकों की तैनाती दी।
फोटो कैप्शन 04: परीक्षा को सुचारू रूप से संपन्न करवाने में उपस्थित अधिकारी और उनके पीछे परीक्षा देते विद्यार्थी।




किसानों में कट बनवाने के प्रति जुनून और जोश के साथ ग्रामीणों का धरना 229वें दिन रहा जारी
--अनिश्चितकालीन धरने पर हैं किसान
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कनीना की आवाज।  राष्ट्रीय राजमार्ग 152-डी पर सेहलंग -बाघोत के बीच कट के लिए ग्रामीणों का अनिश्चितकालीन धरना 229वें दिन जारी रहा। शुक्रवार को धरने की अध्यक्षता मास्टर विजयपाल सेहलंग ने की और उन्होंने बताया कि हमने अपना ईरादा पक्का बना लिया है कि जब तक केंद्र सरकार राष्ट्रीय राजमार्ग 152डी पर बाघोत -सेहलंग के बीच कट का काम शुरू नहीं करती है,तब तक हम धरना स्थल पर तैनात रहेंगे।
  उन्होंने कहा कि धरने को चलते 229 दिन हो गए हैं, केंद्र सरकार राष्ट्रीय राजमार्ग 152डी पर बाघोत -सेहलंग के बीच कट का काम शुरू न होने के कारण किसानों का जुनून और उनका जोश कट बनवाने के प्रति बढ़ता जा रहा है। किसानों ने सोच लिया है कि उनके सामने कितनी भी परेशानियां आए, उनका डट के मुकाबला करेंगे और राष्ट्रीय राजमार्ग 152डी पर बाघोत-सेहलंग के बीच कट का काम शुरू होने पर ही दम लेंगे।
 उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार बुजुर्ग किसानों की मांग की तरफ ध्यान दें, धरना स्थल पर बैठे सभी बुजुर्ग बुद्धिजीवी,अनुभवी और शिक्षित किसान हैं। अपने अनुभव के आधार पर केंद्र सरकार को यह याद दिलाना चाहते हैं कि राष्ट्रीय राजमार्ग 152डी पर बाघोत -सेहलंग के बीच कट की जरूरत इस इलाके को है, कट नहीं बनेगा तो यह इलाका और पिछड़ जाएगा।  कट बनने के बाद इन गांवों में शिक्षा, उद्योग, पर्यटक स्थल और रोजगार के क्षेत्र में नए रास्ते खुल जाएंगे।
 इस मौके पर धरना संघर्ष समिति के अध्यक्ष विजय सिंह चेयरमैन, इंस्पेक्टर सत्यनारायण, सूबे सिंह पंच सेहलंग, पहलवान रणधीर सिंह, सरपंच हरिओम पोता, सरपंच वीरपाल स्याना, नरेंद्र शास्त्री छिथरौली, डॉ लक्ष्मण सिंह, डॉ राम भक्त, रामभज, मास्टर विजय सिंह, मुख्तार  सिंह, मुंशी राम , बाबूलाल,  राम भक्त, सूबेदार हेमराज अत्रि,वेद प्रकाश,  दाताराम ,  प्यारेलाल,  डॉ राम भक्त, रोशन लाल आर्य, कृष्ण कुमार पंच, सूबेदार भोले राम, पूर्व सरपंच हंस कुमार, ओम प्रकाश, सीताराम, सत्य प्रकाश व गणमान्य लोग मौजूद थे।
फोटो कैप्शन 01: कट की मांग को लेकर धरना देते ग्रामीण।







मोलडऩाथ आश्रम पर भजनों की बही बयार
-विभिन्न सत्संग मंडलों ने प्रस्तुत किये भजन
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कनीना की आवाज। मोलडऩाथ आश्रम कनीना पर भजनों की रातभर बयार बहती रही। दूर दराज से आये भक्तों ने भजनों का रसपान किया। विभिन्न सत्संग मंडलों ने भजन प्रस्तुत किये।
बाबा भैया सत्संग मंडल कनीना ,भालखी सत्संग मंडल के सुरेंद्र सिंह बेदी, दर्शन सिंह गायक मंडोली, मोलडऩाथ सत्संग मंडल द्वारा मनमोहक भजनों द्वारा मोलडऩाथ आश्रम पर भजनों की प्रस्तुति दी। भजनों ने सभी का मन मोह लिया।
 दर्शन सिंह गायक नारनौल ने अपनी सरस्वती वाणी से जोर-जोर से भैया बाबा का  जयकारा लगाया, सब ने मिलकर आज बाबा को मनाया भगवान तेरी मां माया का भेद किसी ने न पाया, बड़े-बड़े विद्वान हो लिए भेद समय में समझ में न आया और मोलडऩाथ सत्संग मंडल द्वारा कनीना नगरी के रखवाले बार-बार प्रणाम कर, बाबा मोलडऩाथ कहूं तुझे मैं गाकर उपस्थित जन समूह का मन मोह लिया। भजनों का आनंद लेते हुए हजारों रुपये अपनी कमाई में से बाबा भैया के भंडारे के लिए दान दिये जिसके चलते शुक्रवार की सुबह हवन हुआ और बाद में भंडारे का आयोजन किया गया। जिसमें देसी घी का प्रसाद वितरण किया गया।
 इस मौके पर कंवरसेन वशिष्ठ, रतन सिंह शर्मा, राजेंद्र प्रसाद,  परमानंद शर्मा, संदीप शर्मा,  महेंद्र यादव, रामपाल यादव, रमेश यादव, कंवर सिंह यादव, अतर सिंह यादव, नरेंद्र यादव, नरेश यादव, रमेश, निहाल, माल्हाराम, होशियार सिंह, रविंद्र यादव, शीला देवी,फुला देवी, लाली यादव, माया यादव, शकुंतला देवी, विद्या देवी आदि उपस्थित रहे।
फोटो कैप्शन 02: सत्संग करते हुए सत्संग मंडल।






नगर पालिका चुनाव बने हुये हैं पहेली
--अभी चुनाव होते नहीं नजर आ रहे
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कनीना की आवाज। कनीना नगर पालिका को भंग हुए करीब 6 माह बीत गए हैं किंतु अभी निकट भविष्य में चुनाव होते नजर नहीं आ रहे हैं। अगर निकट भविष्य में चुनाव नहीं होते तो तो यह तय है कि अप्रैल 2024 के बाद ही चुनाव होंगे। कनीना पालिका के चुनावों को लेकर यूं तो सभी वर्ग अपनी अपनी रुचि दिखा रहे हैं किंतु युवा वर्ग अधिक सक्रिय दिखाई पड़ रहा है।
  कनीना नगर पालिका के चुनाव जिला महेंद्रगढ़ की अन्य नगर पालिकाओं की बजाए अलग वक्त पर होने के कारण अब फिर से चुनावों की बाट जोह रहे हैं। 22 मई 2017 को नगरपालिका भंग कर दी गई थी तत्पश्चात 23 मई 2017 को तत्कालीन संदीप सिंह एसडीएम ने नगर पालिका कनीना का कार्यभार बतौर प्रशासक संभाल लिया था। करीब एक साल तक लंबे इंतजार के बाद 13 मई 2018 को कनीना पालिका के चुनाव संपन्न हुए थे जिसमें 13 पार्षद चुने गए थे दो मनोनीत पार्षद भी सरकार द्वारा भेजे गए थे।
 13 मई 2018 को चुनाव संपन्न होने के बाद फिर से करीब 5 महीनों तक पालिका प्रधान पद खाली रहा। पालिका प्रधान की तिथि बार-बार आती और चुनाव संपन्न नहीं हो पाए। आखिरकार 25 अक्टूबर 2018 को नगर पालिका प्रधान बतौर सतीश जेलदार ने शपथ ग्रहण की थी।
  कनीना पालिका वर्ष 2000 में भंग करने के बाद इसे जहां पंचायत का दर्जा दे दिया था। तभी से लोगों ने भारी आंदोलन किया। हालांकि  माना देवी को गांव की प्रथम महिला सरपंच माना देवी बनाया भी गया किंतु जीत के बाद त्यागपत्र दे दिया गया। जनांदोलन के बाद कनीना को फिर से पालिका का दर्जा तो दे दिया लेकिन चुनाव लडऩे का बेहतर अवसर नहीं मिला।
 नपा की विगत तीन योजनराओं पर नजर डाले तो  लगातार दो योजनाएं महिला को कनीना की अध्यक्ष बनाया गया। पहली योजना में वर्ष 2007 में शहीद अशोक कुमार की धर्मपत्नी संतोष देवी पालिका अध्यक्ष चुनी गई और 2012 तक प्रधान बनी रही
संतोष देवी को निर्विरोध महिला अध्यक्ष बनाया गया था जिसमें युवा बेशक अपना मन मसोसकर रह गया था किंतु दूसरी योजना में कनीना पालिका अध्यक्ष आरक्षित हो जाने से एकमात्र एससी महिला शारदा देवी को को कनीना पालिका का अध्यक्ष बनने से कोई नहीं रोक पाया। 27 अगस्त 2012 को पालिका प्रधान बनी। पालिका के निवर्तमान प्रधान सतीश जेलदार रहे हैं जिनका कार्यकाल मई 2023 तक रहा है।
 पालिका प्रधान सतीश जेलदार ने अपना पूरा दमखम दिखाया और उनका कार्यकाल भी पूरा हो चुका है। वर्तमान में एसडीएम कनीना सुरेंद्र सिंह के हाथ कनीना पालिका की डोर है।
  अब कनीना पालिका के लिए आने वाले समय में किसी युवा अध्यक्ष की जरूरत समझी जा रही है। ऐसे में युवा वर्ग बढ़ चढ़कर आगे आने की सोच रहा है। प्रत्येक वार्ड से रातोंरात विभिन्न कार्यों एवं जनहित के मुद्दों पर अपनी मौजूदगी दर्शा रहा है। विभिन्न पर्वों पर पोस्टरों एवं बैनरों पर अपना विज्ञापन छपवाकर पालिका चुनावों में अपनी उपस्थिति दर्ज करवा रहे हैं। अब देखना यह है कि युवा वर्ग कितना सफल हो पाता है या फिर किसी महिला को आरक्षण का कोटा मिल जाएगा?
  बहरहाल युवा वर्ग ही युवा वर्ग हर जगह सामने आ रहा है। किसी का कोई काम पूरा करवाना है या फिर किसी के सुख या दु:ख में युवा वर्ग अग्रणी है। लंबे समय से कनीनावासी चुनावों का इंतजार कर रहे हैं। वैसे चुनाव का इंतजार कस्बा कनीना के लोगों ने पालिका भंग होने से करीब 6 महीने पहले शुरू कर दिया था। उन्हें विश्वास था कि नगर पालिका के चुनाव जल्दी होंगे या पालिका भंग होते ही चुनाव होंगे किंतु नगर पालिका चुनाव अभी नजर नहीं आ रहे हैं। अभी तो प्रधान पद का ड्रा होगा उसके बाद ही सरकार कोई निर्णय ले पाएगी कि चुनाव होते हैं या नहीं।
युवा बुजुर्ग और चुनाव लडऩे की इच्छुक नर नारी लंबे समय से अपने पोस्टरों एवं बैनरों के अलावा विभिन्न शुभ एवं अशुभ अवसरों पर पहुंचकर चुनाव लडऩे का आभास कराते आये हैं परंतु अब वो भी थकने लगे हैं क्योंकि एक वर्ष के अर्से में चुनाव की कोई संभावना नजर आज नजर नहीं आई। जब चुनाव की संभावना थी तब एक वार्ड बढ़ा दिया गया। 14 वार्ड बना दिए, तत्पश्चात पांच वार्ड महिलाओं के लिए आरक्षण का कार्य चला और ड्रा निकाला गया। प्रधान पद का ड्रा होना है उसके बाद ही चुनाव होने की उम्मीद जताई जा सकती है।
 कनीना नगर पालिका के चुनाव अपने आप में सदा ही अहं रहे हैं। एक और जहां पूर्व पालिका प्रधान चुनाव लडऩे की होड़ लगाए बैठे हैं यहां तक कि स्वयं भी चुनाव लडऩे के लिए लोगों का मन टटोल रहे हैं। ये चुनाव लडऩे वाले बुजुर्ग होने के कारण या तो स्वयं या उनके परिवार के सदस्य चुनाव लड़ेंगे, वही युवा पीढ़ी इस बार जोर-शोर से आगे आ रही है और पहले से ही चुनाव में अपनी भागीदारी सुनिश्चित कर रही है। युवा पीढ़ी ही नहीं महिलाएं भी चुनाव लडऩे की इच्छुक हैं।
विगत एक वर्ष में दुकानों पर तथा व्यापारिक प्रतिष्ठानों पर भी चुनावी चर्चाएं चलती आई है कि कौन चुनाव लड़ेगा कौन नहीं?  सभी वार्डों में अपने-अपने भावी प्रत्याशी के कयास लगाये जा रहे है और इस बार 14 वार्ड होने से 14 प्रत्याशी विजयी होंगे वही दो प्रत्याशी सरकार द्वारा मनोनीत होकर भी आते रहे हैं। इस बार पालिका प्रधान पद का सशक्त पद बना दिया गया है।
 अभी तक प्रधान का चुनाव पार्षद करते आए हैं किंतु इस बार पार्षदों की बजाय सीधा वोट प्रधान पद का पड़ेगा। ऐसे में इस बार एक नहीं अपितु दो-दो वोट प्रत्येक मतदाता को डालने होंगे जिसमें एक वोट प्रधान का तथा दूसरा वोट संबंधित पार्षद का होगा। ऐसे में चुनावी चर्चाओं का माहौल समय-समय पर गर्माता आ रहा और फिर शांत होता चला जाता है। क्योंकि चुनावों का इंतजार लंबा हो गया है।
पालिका चुनाव लडऩे के लिए इस बार तीन ग्रुप आगे आ रहे हैं एक ग्रुप पूर्व प्रधानों एवं निवर्तमान प्रधान का है वहीं दूसरी ओर युवा वर्ग का है जबकि तीसरा ग्रुप महिलाओं का बन रहा है जो चुनाव में भागीदारी करेंगी। इस बार युवा वर्ग जोर शोर से लोगों का मन टटोल रहा है क्योंकि उनका कहना है कि इस बार युवा पीढ़ी को ही आगे लाया जाए तो बेहतर होगा। ऐसे में पहले ही एक पूर्व प्रधान तथा निवर्तमान प्रधान ने अपने-अपने पुत्रों को आगे लाने की घोषणा कर रखी हैं और संभावना जताई जा रही है कि दोनों के पुत्र चुनाव में उतरेंगे। विगत दिनों जहां एक के बाद एक अनेकों नये नये चेहरे उभर कर चुनाव लडऩे के लिए अपने आप को प्रस्तुत करते आये हैं। अब वो धीरे-धीरे चुनाव की आहट बंद होने से शांत हो गए हैं। जब भविष्य में चुनाव की घोषणा होगी तो ये सभी चुनाव लडऩे वाले चुनाव दंगल में कूद जाएंगे और इस बार चुनावी दंगल रोचक बन जाएगा।
फोटो कैप्शन: कनीना नगरपालिका।





 आंदोलन पर उतारू हो गया है स्टेट अवार्डी शिक्षक
-2020 वाली सभी सुविधाओं की मांग
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कनीना की आवाज। पूरे ही प्रदेश में जहां स्टेट अवार्ड प्राप्त शिक्षक आंदोलन की तैयारी कर रहे हैं क्योंकि हाल ही में शिक्षकों के तबादले होने जा रहे हैं और इस शिक्षकों के तबादला में जहां पहले पांच अंक स्टेट अवार्ड के मिले हुए थे वो अब खत्म कर दिए है जिसके कारण पूरे ही प्रदेश में स्टेट अवार्डी एवं नेशनल अवार्ड शिक्षकों में रोष है। जिला महेंद्रगढ़ के  प्रधान वीरेंद्र जांगिड़ एवं उप-प्रधान डा. जितेंद्र भारद्वाज ने बताया कि सभी जिलों में कार्यकारिणी गठित की गई है जिसके बाद अब राज्य स्तरीय कार्यकारिणी गठित की जाएगी। तत्पश्चात भावी रणनीति तय की जाएगी क्योंकि स्टेट अवार्डी शिक्षकों को अवार्ड का कोई लाभ नहीं मिल रहा है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2020 व इससे पहले स्टेट अवार्डी शिक्षकों को 2 साल की सेवा विस्तार के साथ-साथ दो अतिरिक्त वेतनवृद्धियां दी जाती थी और स्टेट अवार्ड के पांच अंक तबादला नीति में दिए जाते थे किंतु अब सारी सुविधाएं वर्ष 2021 के बाद बंद कर दी हैं। जिन शिक्षकों ने 2021 का सम्मान मिला है उन्हें इस समय कोई लाभ नहीं मिल रहा है। न तो दो अतिरिक्त वेतन वृद्धि दी जा रही है और न ही 2 साल की सेवा विस्तार दिया जा रहा है। रही सही कसर अब पांच अंक जो स्टेट अवार्ड के मिलते थे वो भी बंद कर दिए हैं।  प्रदेश भर के स्टेट अवार्डी शिक्षकों में भारी रोष है। स्टेट अवार्डी शिक्षकों ने बताया कि बड़ी मुश्किल से यह अवार्ड मिलता है जिसके लिये हर क्षेत्र में असाधारण प्रतिभा दिखानी पड़ती है और अब उस अवार्ड का कोई लाभ नहीं दिया जा रहा है। पहले जहां दो अतिरिक्त वेतन वृद्धि दी जाती थी वो भी बंद कर दी गई है। अब केवल एडवांस देने की बात कही है। परंतु वो भी सभी शिक्षकों को देने से इनकार किया जा रहा है।  विगत दिनों जहां स्टेट अवार्डी शिक्षकों को तबादलों के समय पांच अंक दिए थे अब हाल ही में वो पांच अंक भी काट दिए गए हैं जिसके कारण शिक्षकों को मायूसी हाथ लगी है। स्टेट अवार्डी शिक्षकों का कहना है कि जब अवार्ड दिया गया है तो क्यों न 2020 वाली सभी सुविधाएं प्रदान की जाए? सभी शिक्षकों को 2 साल का सेवा विस्तार दिया जाए साथ में दो अतिरिक्त वेतन वृद्धि आदि जानी चाहिए। तभी शिक्षक अवार्ड का कोई अर्थ होगा, वरना शिक्षक अवार्ड के प्रति में कोई उत्साह नहीं रहेगा और शिक्षक अवार्ड महज एक अवार्ड बनकर रह जाएगा।
 उन्होंने बताया कि हर वर्ष बेहतर काम करने वाले शिक्षकों का अवार्ड से सम्मानित किया जाता है परंतु अवार्ड अब तो महज औपचारिकता बनकर रह गया है और अवार्ड में दी जाने वाली 2020 से पहले वाली कोई सुविधा नहीं दी जा रही है जिसके कारण रोष पनप रहा है और विभिन्न जिलों के अवार्डी शिक्षक अपने-अपने क्षेत्र के विधायक को और सांसदों को ज्ञापन सौंप रहे हैं। तत्पश्चात एक बड़ा आंदोलन भी चल सकता है। ऐसे में स्टेट अवार्ड शिक्षकों ने सरकार और शिक्षा विभाग से मांग की है कि शिक्षकों को 2020 तक या इससे पहले दी जाने वाली सभी सुविधाएं प्रदान की जाए।
फोटो कैप्शन: वीरेंद्र जांगड़ा एवं डा जितेंद्र भारद्वाज





सीहोर गांव के एक घर से लाखों की चोरी
-अज्ञात चोर सोने चांदी के




















आभूषण ले उड़ा
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कनीना की आवाज। कनीना उप-मंडल के गांव सीहोर के एक घर से अज्ञात चोर लाखो रुपये के सोने चांदी के आभूषण चोरी कर ले गया। जयपाल सिहोर निवासी ने पुलिस में चोरी का मामला दर्ज करवा दिया है।
 जयपाल ने पुलिस में कहा है कि वह कंपनी में काम करता है जबकि बच्चे सीहोर गांव में रहते हैं। 21 व 22 अक्टूबर की रात को अज्ञात चोर घर से आभूषण चोरी ले कर ले गया जिसकी सूचना जयपाल को उसके लड़के दीपक ने दी। चोरी होने के बारे में सूचना पाकर जयपाल कंपनी से सीहोर गांव आया है। बच्चों से पूछताछ करने पर पता चला कि एक जोड़ी झुमकी सोने की, एक नथ सोने की, एक टीका सोने का, एक कंठी सोने की, एक नोज पिन सोने की, एक सोने का ओम, 6 अंगूठियां सोने की, चार जोड़ी पाजेब चांदी के, दो अंगूठी चांदी की, सात चांदी के सिक्के, चांदी का बिस्कुट, गणेश, लक्ष्मी, 5 जोड़ी चांदी चुटकी चोरी हो गई।  पुलिस ने अज्ञात चोरों के विरुद्ध चोरी का मामला दर्ज कर लिया है।

Thursday, October 26, 2023

 
किडनी ट्रांसप्लांट के चलते लीडिंग प्रवीण का हुआ निधन
-पूरे सम्मान के साथ नेवल स्टाफ की टीम ने दी सलामी
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कनीना की आवाज। कनीना मंडल के गांव छितरोली निवासी लीडिंग प्रवीण कुमार की किडनी ट्रांसप्लांट के समय आरआर अस्पताल दिल्ली में निधन हो गया। आज उनका पार्थिव शरीर गांव छीथरोली लाया गया। साथ में नवल स्टाफ की टीम भी आई थी जिसने पूरे सम्मान के साथ अपने साथी को नम आंखों से विदाई दी।
 मिली जानकारी अनुसार लीडिंग प्रवीण नेवी में 7 साल की सर्विस की है। उनकी महज एक लड़की कृतिका 3 साल की है तथा उनकी एक शादीशुदा बहन ज्योति, माता बाला देवी तथा पत्नी पारुल अभी घर पर है। मिली जानकारी अनुसार अस्पताल में जब उनकी मां बाला देवी ने उनको किडनी ट्रांसप्लांट के लिए दी और किडनी ट्रांसप्लांट की तो किसी कारणवश उनकी मौत हो गई। उनका पार्थिव शरीर कनीना उप- मंडल के गांव छितरोली लाया गया। भारी संख्या में लोगों ने उन्हें नम आंखों से विदाई दी। इस मौके पर एसडीएम कनीना सुरेंद्र सिंह, विधायक सीताराम यादव, अध्यक्ष जयप्रकाश, सरपंच बलवान सिंह, कप्तान विनोद कुमार, सूबेदार रामकुमार, सूबेदार सुखबीर सिंह, सरपंच वीरेंद्र सिंह, ओमप्रकाश गिरदावर,  विशाल सिंह, हुकम सिंह, नरेंद्र शास्त्री, राव हरद्वारीलाल सहित भारी संख्या जन मौजूद थे। एसडीएम सुरेंद्र सिंह और विधायक सीताराम यादव ने उन्हें पुष्प चक्कर अर्पित किया तथा नेवल स्टाफ ने उन्हें मातमी धुन बजाकर अंतिम विदाई दी। पूरे गांव छितरौली में मातम पसरा हुआ है।
 फोटो कैप्शन 4 एवं 5: लीडिंग प्रवीण को अंतिम विदाई देते हुए एसडीएम,विधायक एवं अन्य।







नगर पालिका चुनाव बनते जा रहे हैं एक अजब पहेली
--अभी चुनाव होते नहीं नजर आ रहे
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कनीना की आवाज। कनीना नगर पालिका को भंग हुए करीब 6 माह बीत गए हैं किंतु अभी निकट भविष्य में चुनाव होते नजर नहीं आ रहे हैं। अगर निकट भविष्य में चुनाव नहीं होते तो निश्चित रूप से अप्रैल 2024 के बाद ही चुनाव की संभावना बनती नजर आ रही है।
छह महीने पहले कनीना नगर पालिका भंग हो गई थी तथा सतीश जेलदार निवर्तमान प्रधान है। वर्तमान में एसडीएम कनीना के पास नगर पालिका का कार्यभार है। लंबे समय से कनीनावासी चुनावों का इंतजार कर रहे हैं। वैसे चुनाव का इंतजार कस्बा कनीना के लोगों ने पालिका भंग होने से करीब 6 महीने पहले शुरू कर दिया था। उन्हें विश्वास था कि नगर पालिका के चुनाव जल्दी होंगे या पालिका भंग होते ही चुनाव होंगे किंतु नगर पालिका चुनाव अभी नजर नहीं आ रहे हैं। अभी तो प्रधान पद का ड्रा होगा उसके बाद ही सरकार कोई निर्णय ले पाएगी कि चुनाव होते हैं या नहीं।
युवा बुजुर्ग और चुनाव लडऩे की इच्छुक नर नारी लंबे समय से अपने पोस्टरों एवं बैनरों के अलावा विभिन्न शुभ एवं अशुभ अवसरों पर पहुंचकर चुनाव लडऩे का आभास कराते आये हैं परंतु अब वो भी थकने लगे हैं क्योंकि एक वर्ष के अर्से में चुनाव की कोई संभावना नजर आज नजर नहीं आई। जब चुनाव की संभावना थी तब एक वार्ड बढ़ा दिया गया। 14 वार्ड बना दिए, तत्पश्चात पांच वार्ड महिलाओं के लिए आरक्षण का कार्य चला और ड्रा निकाला गया। प्रधान पद का ड्रा होना है उसके बाद ही चुनाव होने की उम्मीद जताई जा सकती है।
 कनीना नगर पालिका के चुनाव अपने आप में सदा ही अहं रहे हैं। एक और जहां पूर्व पालिका प्रधान चुनाव लडऩे की होड़ लगाए बैठे हैं यहां तक कि स्वयं भी चुनाव लडऩे के लिए लोगों का मन टटोल रहे हैं। ये चुनाव लडऩे वाले बुजुर्ग होने के कारण या तो स्वयं या उनके परिवार के सदस्य चुनाव लड़ेंगे, वही युवा पीढ़ी इस बार जोर-शोर से आगे आ रही है और पहले से ही चुनाव में अपनी भागीदारी सुनिश्चित कर रही है। युवा पीढ़ी ही नहीं महिलाएं भी चुनाव लडऩे की इच्छुक हैं।
विगत एक वर्ष में दुकानों पर तथा व्यापारिक प्रतिष्ठानों पर भी चुनावी चर्चाएं चलती आई है कि कौन चुनाव लड़ेगा कौन नहीं?  सभी वार्डों में अपने-अपने भावी प्रत्याशी के कयास लगाये जा रहे है और इस बार 14 वार्ड होने से 114 प्रत्याशी विजयी होंगे वही दो प्रत्याशी सरकार द्वारा मनोनीत होकर भी आते रहे हैं। इस बार पालिका प्रधान पद का सशक्त पद बना दिया गया है।
 अभी तक प्रधान का चुनाव पार्षद करते आए हैं किंतु इस बार पार्षदों की बजाय सीधा वोट प्रधान पद का पड़ेगा। ऐसे में इस बार एक नहीं अपितु दो-दो वोट प्रत्येक मतदाता को डालने होंगे जिसमें एक वोट प्रधान का तथा दूसरा वोट संबंधित पार्षद का होगा। ऐसे में चुनावी चर्चाओं का माहौल समय-समय पर गर्माता आ रहा और फिर शांत होता चला जाता है। क्योंकि चुनावों का इंतजार लंबा हो गया है।
पालिका चुनाव लडऩे के लिए इस बार तीन ग्रुप आगे आ रहे हैं एक ग्रुप पूर्व प्रधानों एवं निवर्तमान प्रधान का है वहीं दूसरी ओर युवा वर्ग का है जबकि तीसरा ग्रुप महिलाओं का बन रहा है जो चुनाव में भागीदारी करेंगी। इस बार युवा वर्ग जोर शोर से लोगों का मन टटोल रहा है क्योंकि उनका कहना है कि इस बार युवा पीढ़ी को ही आगे लाया जाए तो बेहतर होगा। ऐसे में पहले ही एक पूर्व प्रधान तथा निवर्तमान प्रधान ने अपने-अपने पुत्रों को आगे लाने की घोषणा कर रखी हैं और संभावना जताई जा रही है कि दोनों के पुत्र चुनाव में उतरेंगे। विगत दिनों जहां एक के बाद एक अनेकों नये नये चेहरे उभर कर चुनाव लडऩे के लिए अपने आप को प्रस्तुत करते आये हैं। अब वो धीरे-धीरे चुनाव की आहट बंद होने से शांत हो गए हैं। जब भविष्य में चुनाव की घोषणा होगी तो ये सभी चुनाव लडऩे वाले चुनाव दंगल में कूद जाएंगे और इस बार चुनावी दंगल रोचक बन जाएगा।





 आंदोलन पर उतारू हो गया है स्टेट अवार्डी शिक्षक संघ
-तबादलों के समय दिए गए पांच अंक खत्म करने का मसला
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कनीना की आवाज। पूरे ही प्रदेश में जहां स्टेट अवार्ड प्राप्त शिक्षक आंदोलन की तैयारी कर रहे हैं क्योंकि हाल ही में शिक्षकों के तबादले होने जा रहे हैं और इस शिक्षकों के तबादला में जहां पहले पांच अंक स्टेट अवार्ड के मिले हुए थे वो अब खत्म कर दिए है जिसके कारण पूरे ही प्रदेश में स्टेट अवार्डी एवं नेशनल अवार्ड शिक्षकों में रोष है। जिला महेंद्रगढ़ के  प्रधान वीरेंद्र जांगिड़ एवं उप-प्रधान डा. जितेंद्र भारद्वाज ने बताया कि सभी जिलों में कार्यकारिणी गठित की गई है जिसके बाद अब राज्य स्तरीय कार्यकारिणी गठित की जाएगी। तत्पश्चात भावी रणनीति तय की जाएगी क्योंकि स्टेट अवार्डी शिक्षकों को अवार्ड का कोई लाभ नहीं मिल रहा है। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2020 व इससे पहले स्टेट अवार्डी शिक्षकों को 2 साल की सेवा विस्तार के साथ-साथ दो अतिरिक्त वेतनवृद्धियां दी जाती थी और स्टेट अवार्ड के पांच अंक तबादला नीति में दिए जाते थे किंतु अब सारी सुविधाएं वर्ष 2021 के बाद बंद कर दी हैं। जिन शिक्षकों ने 2021 का सम्मान मिला है उन्हें इस समय कोई लाभ नहीं मिल रहा है। नहीं तो दो अतिरिक्त वेतन वृद्धि दी जा रही है और नहीं 2 साल की सेवा विस्तार दिया जा रहा है। रही सही कसर अब पांच अंक जो स्टेट अवार्ड के मिलते थे वो भी बंद कर दिए हैं।  प्रदेश भर के स्टेट अवार्डी शिक्षकों में बाहरी रोष है। स्टेट आबादी शिक्षकों ने बताया कि बड़ी मुश्किल से यह अवार्ड मिलता है जिसके अवार्ड का कोई लाभ नहीं दिया जा रहा है। पहले जहां दो अतिरिक्त वेतन वृद्धि दी जाती थी वो भी बंद कर दी गई है। अब केवल एडवांस देने की बात कही है। परंतु वह भी सभी शिक्षकों को देने से इनकार किया जा रहा है।  विगत दिनों जहां स्टेट अवार्डी शिक्षकों को तबादलों के समय पांच अंक दिए थे अब हाल ही में वो पांच अंक भी काट दिए गए हैं जिसके कारण शिक्षकों को अपना मुंह लेकर बैठे रहना पड़ रहा है। स्टेट अवार्डी शिक्षकों का कहना है कि जब अवार्ड दिया गया है तो क्यों न 2020 वाली सभी सुविधाएं प्रदान की जाए। सभी शिक्षकों को 2 साल का सेवा विस्तार दिया जाए साथ में दो अतिरिक्त वेतन वृद्धि आदि जानी चाहिए। तभी शिक्षक अवार्ड का कोई अर्थ होगा, वरना शिक्षक अवार्ड के प्रति में कोई उत्साह नहीं रहेगा और शिक्षक अवार्ड महज एक अवार्ड बनकर रह जाएगा।
 उन्होंने बताया कि हर वर्ष बेहतर काम करने वाले शिक्षकों का अवार्ड से सम्मानित किया जाता है परंतु अवार्ड अब तो महज औपचारिकता बनकर रह गया है और अवार्ड में दी जाने वाली पहले वाली कोई सुविधा नहीं दी जा रही है जिसके कारण रोष पनप रहा है और विभिन्न जिलों के अवार्डी शिक्षक अपने-अपने क्षेत्र के विधायक को और सांसदों को ज्ञापन सौंप रहे हैं। तत्पश्चात एक बड़ा आंदोलन भी चल सकता है। ऐसे में स्टेट अवार्ड शिक्षकों ने सरकार और शिक्षा विभाग से मांग की है कि शिक्षकों को 2020 तक या इससे पहले दी जाने वाली सभी सुविधाएं प्रदान की जाए।





 परेशानी का सबक बन गये हैं छूटे हुए गौवंश
--कूड़े कचरे में ढूंढते हैं खाने की वस्तुएं
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कनीना की आवाज। कनीना क्षेत्र में प्रतिदिन अनेकों गोवंश या तो उसके मालिक द्वारा छोड़ दिये जाते हैं या राजस्थान से आए हुए ग्वालों की कुछ गौवंश इधर-उधर भटक कर छूट जाती हैं। कनीना क्षेत्र में ये गोवंश समस्या बन गए हैं।
 कनीना की अनाज मंडी मार्ग पर जगह-जगह कूड़ा दान लगाए गए हैं। वैसे भी कस्बा कनीना में कई कूड़ेदान लगाए गए हैं जिनसे गौवंश खाने पीने की वस्तुएं ढूंढता रहता है। एक ओर जहां गोवंश आवागमन में भारी की परेशानी का कारण बनता है वही ये रास्ते में बैठ जाती है जिससे भी आवागमन बाधित रहता है।
 छूटे हुए गौवंश को गौशाला में भी नहीं लिया जाता हैं। ये इधर-उधर घूमते रहते हैं जिसके चलते कोई भी दुर्घटना घट सकती है। कस्बा कनीना की गंदगी कूड़े कचरे आदि को बिखरने में भी इनका हाथ होता है। यदि कनीना कस्बे की साफ  सफाई रखनी है तो इस प्रकार के गोवंश को गौशाला में छोडऩे का प्रबंध किया जाए या अन्य कोई प्रबंध किया जाए ताकि आवागमन सुचारु रूप से हो सके।
फोटो कैप्शन 03: कूड़े कचरे के ढेर में खाने की वस्तुएं ढूंढता गोवंश





कट के लिए ग्रामीणों का धरना 228वें दिन भी जारी
--अनिश्चितकालीन धरना जारी
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कनीना की आवाज। राष्ट्रीय राजमार्ग 152 डी पर सेहलंग -बाघोत के बीच कट के लिए अनिश्चितकालीन धरना 228वें दिन भी जारी रहा। धरने की अध्यक्षता पहलवान रणधीर सिंह बाघोत ने की और उन्होंने बताया कि  केंद्र सरकार के द्वारा जब तक राष्ट्रीय राजमार्ग 152डी पर बाघोत -सेहलंग के बीच कट का काम शुरू नहीं होता है तब तक हम धरने पर बैठे रहेंगे।
 धरना संघर्ष समिति के अध्यक्ष विजय सिंह चेयरमैन  ने बताया कि धरने को चलते 228 दिन हो गए हैं। धरना स्थल पर बैठे किसान वाहनों के आवागमन से उडऩे वाली धूल से परेशान है चूंकि यह धरना मुख्य मार्ग के पास चल रहा है। बुजुर्ग किसानों को खेती की चिंता है, कट की चिंता है और साथ-साथ अपने शरीर की, उडऩे वाली धूल से घुटन महसूस होती है और धरने पर  बैठना मुश्किल हो जाता है। केंद्र सरकार राष्ट्रीय राजमार्ग 152डी पर बाघोत -सेहलंग के बीच कट का काम शुरू कर देने पर किसानों को इन परेशानियों से निजात मिल सकती है। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार के द्वारा कट न  छोडऩे के कारण हमें ऐसे लग रहा है, जैसे गले में फंदा डाल दिया हो, घुटन महसूस हो रही है। कट बनने के बाद इन 40- 50 गांवों में विकास के चार चांद लग जाएंगे।
उनका कहना है कि केंद्र सरकार को  हम याद दिलाना चाहते हैं कि राष्ट्रीय राजमार्ग 152 डी पर बाघोत -सेहलंग के बीच कट का होना हमारे क्षेत्र के लिए बहुत जरूरी है। किसानों का संघर्ष जायज है, केंद्र सरकार को जल्दी से जल्दी सोच विचार करके कट का काम शुरू करना चाहिए।
उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार हमारी मांग पर जल्द से जल्द कार्रवाई करें । अच्छा राजा वही होता है,जो जनता की पीड़ा को समझे और उसका निदान करें। अच्छी सरकार का भी वही काम है, जनता के बीच में जाएं,उनकी परेशानियों के बारे में पूछे और जायज मांग हो या कोई परेशानी हो, उसका वहीं पर समाधान करें।
 इस मौके पर धरना संघर्ष समिति के सदस्य नरेंद्र शास्त्री छिथरोली, पंडित जगदीश प्रसाद शर्मा बाघोत, संघर्ष समिति के सदस्य सरपंच हरिओम पोता ,सरपंच वीरपाल स्याना, संघर्ष समिति के सदस्य डॉक्टर लक्ष्मण सिंह और पहलवान धर्मपाल यादव सेहलंग   पंडित गौरी शंकर प्रसाद,करण सिंह,  मास्टर विजय सिंह, मुख्तार  सिंह, सुरेंद्र सिंह, बाबूलाल, राम भक्त, सूबेदार हेमराज अत्री,वेद प्रकाश,  दाताराम , प्यारेलाल,  डॉ राम भक्त, रोशन लाल आर्य, कृष्ण कुमार पंच, भागमल,  पंडित सुनील, हवलदार शेर सिंह, रामभज, मास्टर विजयपाल,  सीताराम,सूबे सिंह पंच, रामकुमार व गणमान्य लोग मौजूद थे।
फोटो कैप्शन 01: अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे ग्रामीण।






विवाहिता गुम, गुमशुदगी की का मामला दर्ज
--पति ने करवाया गुमशुदगी का मामला दर्ज
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कनीना की आवाज। कनीना थाने के तहत पढऩे वाले एक गांव से विवाहित 24 अक्टूबर से अचानक गायब हो गई। कनीना पुलिस में उसके पति ने गुमशुदगी का मामला दर्ज करवाया है। पीडि़त ने कहा है कि 24 अक्टूबर को प्राप्त 10 बजे उसकी पत्नी कपास चुनने गई थी और घर वापस नहीं लौटी। उसके बयान पर कनीना पुलिस में विवाहिता के गुमशुदगी का मामला दर्ज कर लिया है।



सरसों के अंकुरित होते ही लगने लगे हैं रोग
-आवारा जानवर 
रौंद जाते हैं बीजाई
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कनीना की आवाज। कनीना क्षेत्र में कुछ किसानों की सरसों अंकुरित हो चुकी है और खेतों में दिखाई देने लगी है किंतु दिन में अधिक ताप रहने के कारण धोलिया रोग की संभावना बन गई है। वहीं सरसों खेतों में दिखाई देने से आवारा जानवर भी अधिक आने लगे हैं। किसानों की खड़ी सरसों की बिजाई को रौंद जाते हैं। किसान सूबे सिंह, सुनील कुमार, अजीत कुमार, महेश कुमार आदि ने बताया कि किसान बेहद परेशान हैं। ज्यों ज्यों सरसों अंकुरित होकर दिखाई देने लगी है त्यों त्यों आवारा कुत्ते घूमते हुए सरसों को रौंद जाते हैं। कनीना क्षेत्र में कुत्तों की संख्या में बहुत अधिक वृद्धि हुई है। विशेष कर महिलाएं इन कुत्तों को सुबह सवेरे खाना डालने लगी है जिसके कारण उनकी संख्या बढ़ती ही जा रही है। ये कुत्ते किसानों की सरसों की फसल को रौंद जाते हैं। उधर कुछ छूटी हुई  गोवंश भी इस सरसों की फसल को रौंद रही हैं। मोर, बंदर, नीलगाय आदि भी बीजाई को खराब कर रहे हैं। किसानों ने बताया कि किसान परेशान है और इन फसलों को बचाने के लिए दिन-रात प्रयास रहते हैं किंतु देर सवेर ये जानवर उनकी फसल को खराब कर जाते हैं। वहीं अधिक तापमान दिन में होने के कारण रोग होने का खतरा बना हुआ है।
फोटो कैप्शन 02:खेतों में खड़ी हुई सरसों की फसल।





नवंबर 4 और 5 को बनवा सकते हैं नए वोट
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कनीना की आवाज। लोकसभा चुनाव 2024 से पहले वोट बनाने की कार्रवाई जारी है। 1 जनवरी 2024 को जिनकी आयु 18 वर्ष से अधिक है वह अपने वोट 27 अक्टूबर से 9 दिसंबर के बीच बूथ लेवल अधिकारी से मिलकर फॉर्म नंबर 6 भर कर बनवा सकते हैं। विस्तृत जानकारी देते हुए सुनील कुमार बीएलओ ने बताया कि चार और पांच नवंबर 2023 तथा दो व 3 दिसंबर 2023 को सभी बीएलओ अपने-अपने मतदान केंद्र पर सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे से उपस्थित रहेंगे। उस समय भी वोट बनवाई जा सकती हैं।