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Thursday, March 28, 2024
कैरियर गाइडेंस कार्यक्रम आयोजित --साबुन बनाना भी सिखाया **************************************************************** ***************************************************************** ***************************************************************** कनीना की आवाज। राजकीय माडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय धनौंदा में एक दिवसीय कैरियर गाइडेंस एनहैंसमेंट कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसे मानिटरिंग एवं मैनिटरिंग नाम दिया गया है। इस मौके पर कैरियर के बारे में डाक्टर अजय प्रकाश सहायक प्रोफेसर राजकीय कालेज कनीना ने जानकारी दी। इस मौके पर सहायक प्रोफेसर ने साबुन बनाने की विधि बताई वहीं एस्टर के निर्माण तथा विज्ञान के कुछ प्रयोग करके अपना संबोधन शुरू किया। इस मौके पर उन्होंने बताया की 10 जमा दो के बाद विद्यार्थी एवं अभिभावक दोराहे पर खड़े मिलते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को बताया की 10 जमा दो भौतिक शास्त्र, रसायन शास्त्र और गणित से पास विद्यार्थी एनडीए की परीक्षा पास करके सेवा दे सकते हैं। यदि वे बीएससी करना चाहे तो बीएससी भी कर सकते हैं। इसके अलावा बी.आर्किटेक्ट, प्लानिंग एवं डिजाइन टेक्निकल एंट्री कर सकते हैं। यदि बायोलाजी विषय से बारहवीं पास हैं तो आगे चलकर नीट की परीक्षा देकर एमबीबीएस कर सकते हैं। यदि वह परीक्षा भी नहीं देना चाहे तो नर्सिंग आयुर्वेदिक डिप्लोमा, बीएससी नर्सिंग तथा अनेकों लैब से संबंधित डिप्लोमा कर सकते हैं जिनकी आज के दिन मांग है और वे अपना भविष्य बना सकते हैं। आज के दिन सबसे बड़ी समस्या अभिभावकों के सामने आती है कि बच्चा पढ़ लिख जाता है किंतु कोई अच्छा भविष्य नहीं बन पाता, परिणाम बच्चा हताश हो जाता है। यदि प्रारंभ से उन्हें उचित मार्गदर्शन दिया जाए तो वह अपना एक ऐच्छिक विषय चुनकर आगे पढ़ाई कर सकत है और अपना भविष्य बना सकता है। उन्होंने कहा की परीक्षा में कम अंकों से से पास होकर भीवह कुछ कर गुजर सकता है। अक्सर देखा जाता है कि जो ज्यादा बुद्धिमान माना जाता है वह सही विषय का चुनाव नहीं कर पाता तो भविष्य में अच्छी नौकरी नहीं पा सकता। उसका भविष्य नहीं बन सकता। इसलिए हर कदम पर भविष्य के बारे में जागरूक करना जरूरी होता है। इस मौके पर प्राचार्य सतीश कुमार ने भी विद्यार्थियों को विभिन्न जानकारी दी। इस अवसर पर स्टाफ एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे। फोटो कैप्शन 05: कैरियर से संबंधित जानकारी देते सहायक प्रोफेसर।
नहीं बन पाया कनीना का मिनी बाईपास -लोकसभा चुनाव आने से फिर पड़ गया है अड़ंगा **************************************************************** ***************************************************************** ***************************************************************** कनीना की आवाज। यूं तो कनीना में विकास कार्यों की झड़ी लगी हुई है। सड़कों का निर्माण किया जा रहा है परंतु कनीना का सबसे प्रमुख मार्ग जिस पर सभी की नजरें टिकी हुई है, का निर्माण अभी भी नहीं हो पाया है। अभी तक उसके टेंडर नहीं छोड़े जा सके हैं। यह मिनी बाईपास नाम से जाना जाता है। कनीना अनाज मंडी से गुजरने वाली नहर के साथ साथ रास्ता गुजरता है। नहर को भूमिगत तो कर दिया गया तथा इसके दोनों तरफ सड़क मार्ग बनाया जाना है जिससे रेवाड़ी सड़क मार्ग को अटेली-नारनौल सड़क मार्ग से जोड़ दिया जाएगा। परिणामस्वरूप कनीना बस स्टैंड से होकर गुजरना नहीं पड़ेगा और यह मिनी बाइपास का काम करेगा क्योंकि इसके पेड़ों को हटाया जाना है तथा बिजली की लाइन को भी दुरुस्त किया जाना है। तत्पश्चात ही सड़क मार्ग बना बन पाएगा जिसको लेकर लंबे समय से कवायद चल रही है परंतु ऐन मौके पर अब लोकसभा चुनाव आने से एक बार फिर से मामला अधर में लटक गया है। अब 25 मई के चुनाव उसके बाद ही इस रास्ते को बनाया जा सकता है। सबसे बड़ी बात है कि कनीना नगरपालिका भंग हुए 9 महीने बीत गए हैं। अभी तक चुनाव नहीं हुये है। ऐसे में भविष्य में भी अभी चुनाव होते नजर नहीं आ रहे और ऐसा लगता है कि अब तो विधानसभा के चुनाव के बाद ही कनीना नगर पालिका के चुनाव होंगे। बहरहाल अगर मिनी बाईपास लोकसभा चुनाव के बाद भी नहीं बन पाता है तो विधानसभा चुनाव के बाद ही बन पाएगा। बारिश के समय यह मिनी बाईपास/कच्चा रास्ता जल से भर जाता है, आवागमन प्रभावित होता है। ऐसे में इस मार्ग की पक्का किये जाने की सबसे अधिक आवश्यकता है। फोटो कैप्शन 09: कनीना का मिनी बाइपास नाम से जाना जाने जाने वाला मार्ग
समाचार प्रसारण मानक प्राधिकरण द्वारा तय नियमों और दिशा-निर्देशों के अनुसार ही समाचार और विज्ञापन को प्रकाशित एवं प्रसारण करें --चुनाव आयोग का आदेश **************************************************************** ***************************************************************** ***************************************************************** कनीना की आवाज। हरियाणा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी अनुराग अग्रवाल ने कहा कि आदर्श आचार संहिता के दौरान प्रिंट मीडिया को भारतीय प्रेस परिषद और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया को समाचार प्रसारण मानक प्राधिकरण द्वारा तय नियमों और दिशा-निर्देशों के अनुसार ही समाचार और विज्ञापन को प्रकाशित एवं प्रसारण करना चाहिए। श्री अग्रवाल आज लोकसभा आम चुनाव 2024 के संबंध में तैयारियों की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने बताया कि आचार संहिता के दौरान मीडिया को सांप्रदायिक, गैर-कानूनी, जाति और राष्ट्र विरोधी समाचारों के प्रसारण से बचना चाहिए। उन्होंने कहा कि आदर्श आचार संहिता लागू होने के बाद किसी भी उम्मीदवार या राजनीतिक पार्टियों द्वारा विज्ञापन सामग्री प्रिंट या इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में छपवाने या प्रसारण के लिए दी जाएगी तो मीडिया संस्थान को यह चैक करना अनिवार्य होगा कि उसे एमसीएमसी द्वारा सर्टिफिकेट जारी किया गया हो। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि मीडिया द्वारा संतुलित और निष्पक्ष रिपोर्टिंग की जानी चाहिए ताकि नागरिकों तक सही और सच्ची खबर पहुंचे, जिससे वे किसी प्रकार के बहकावे में न आएं। उन्होंने कहा कि मतदाताओं का विश्वास बढ़ाने के लिए इस बार भी वीवीपैट का इस्तेमाल किया जा रहा
कक्षा कक्ष में विभिन्न एप से रुचिकर बना सकते हैं शिक्षण -राजेश कुमार --कनीना खंड के 50 शिक्षकों की चल रही है 5 दिवसीय ट्रेनिंग **************************************************************** ***************************************************************** ***************************************************************** कनीना की आवाज। कक्षा कक्ष में विभिन्न एप से शिक्षण रुचिकर बना सकते हैं। आज का युग आधुनिक तकनीक का युग है। इसका सहारा लेना जरूरी है। ये विचार डाइट महेंद्रगढ़ के एजूकेशन टेक्रोलोजी विंग के सदस्य राजेश कुमार ने कनीना खंड के विभिन्न स्कूलों के शिक्षकों एवं प्राध्यापकों की पांच दिवसीय सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी/ आईसीटी प्रशिक्षण दौरान व्यक्त किये। उन्होंने ने कहा कि यही वजह है कि सूचना और प्रौद्योगिकी का सहारा लेना बहुत जरूरी बन गया है। उन्होंने शिक्षकों से सलाह दी कि वे इस प्रशिक्षण को पूर्ण रूप से जगन से ग्रहण कर, आत्मसात करें ताकि जीवन में काम आए। वही विद्यालयों में जाकर भी बेहतर ढंग से विद्यार्थियों का आधुनिक तकनीकों का सहारा लेकर शिक्षण दें क्योंकि अध्यापक का कार्य बेहतर से बेहतर शिक्षा देकर विद्यार्थियों को ऊंचाई तक ले जाना होता है। यह कार्य कभी संभव हो पाएगा जब वे स्वयं ठीक प्रशिक्षण लेंगे और फिर न केवल स्वयं भी उसे कक्षा के समय कार्य की करेंगे अपितु विद्यार्थियों को भी करने के लिए प्रोत्साहित करेंगे। मौके पर डाइट महेंद्रगढ़ के एजूकेशन टेक्रोलोजी/ईटी विंग के सदस्य राजेश गुप्ता ने बताया कि पांच दिवसीय सूचना और संचार प्रौद्योगिकी/आईसीटी के तहत 50 शिक्षकों का प्रशिक्षण शुरू हुआ है। प्रत्येक ब्लाक से 50-50 शिक्षकों का किया जाना है। सूचना और संचार प्रौद्योगिकी का शिक्षण में कैसे प्रयोग किया जाए यही इस कार्यक्रम का प्रमुख उद्देश्य है। राज्य शिक्षण एवं प्रशिक्षण परिषद गुरुग्राम के मार्गदर्शन अनुसार रूपरेखा तैयार की गई है ताकि नई शिक्षा नीति 2020 के अनुसार शिक्षक अधिक से अधिक आईसीटी का प्रयोग करते हुए शिक्षण कार्य को रुचिकर एवं फलदायी बना सकें। इस अवसर पर डाइट ईटी विंग के सदस्य वीरेंद्र सिंह, राजेश गुप्ता, अरुण कुमार तथा मास्टर टे्रनर्स मुकेश कुमार, रेखा कुमारी, रजनी, पूनम, अनुराधा, राजीव, सुरेंद्र, एवं जानी (सभी एबीआरसी) ने काइन मास्टर, कैनवा, क्वीजी, पिक्स आर्ट से रूबरू करवाया। न केवल इन साफ्टवेयर के बारे में जानकारी दी अपितु उन्हें बताया कि उनके द्वारा शिक्षक अभिलंब स्कूल के प्रवेश की सूचना, किसी प्रकार का विजिटिंग कार्ड, फेसबुक संदेश, फोटो सुधार, कोलाज निर्माण,सर्टिफिकेट, बैनर आदि तैयार कर सकते हैं। इनके तैयार करने में उनके समय एवं धन की बचत होगी तथा इस प्रकार के कार्य करके हुए नाम कमा सकते हैं। उन्होंने बताया कि कैसे शिक्षण कार्य का वीडियो बनाकर उसे यूट्यूब पर छोडऩा है। इन चीजों की कोरोना काल में बहुत अधिक मांग रही है और आधुनिक समय में तो उनकी मांग बढ़ती ही जा रही है। इस मौके पर कनीना खंड के विभिन्न स्कूलों के 50 शिक्षक तथा डाइट के शुक्रमपाल यादव, राकेश यादव, सूर्यकांत यादव, नरेश यादव, धर्मेंद्र कुमार, पंकज यादव, किरण राव आदि मौजूद रहे। फोटो कैप्शन 06: शिक्षकों को एप की जानकारी देते हए।
बिजली के तारों से फसल को बचाएं-गोमली --अग्रिशमन के नंबर हमेशा रखे याद-फायर स्टेशन अधिकारी **************************************************************** ***************************************************************** ***************************************************************** कनीना की आवाज। कनीना क्षेत्र में सरसों की लावणी का कार्य चल रहा है तथा गेहूं की फसल पकी खड़ी है। ऐसे में आग लगने से बचाने के लिए विभिन्न अधिकारी जुटे हुए हैं तथा किसानों को सलाह दे रहे हें कि अपनी कटी हुई फसल को बिजली के ट्रांसफार्मर एवं तारों से दूर डाले। बिजली विभाग कनीना ने किसानों से अपील करते हुए कहा कि वो अपनी कटी हुई फसलों को बिजली की तारों के नीचे एकत्रित न करें क्योंकि कई बार तेज हवाओं के चलने व तारों पर पक्षियों के बैठने से तार आपस में मिल जाते हैं जिससे चिंगारियां निकलती है। इन चिंगारियों से फसलों का जल जाने से नुकसान होने की संभावना ज्यादा रहती है। इस संबंध में क्या कहते हैं अधिकारी-- किसान खेतों में अपनी कटी हुई सरसों, गेहूं व अन्य किस्म की फसलों को वहां से गुजरने वाली तारों के नीचे एकत्रित ना करें। उन्होंने कहा कि तारों के नीचे फसलों के रखने से उनमें नुकसान होने का अंदेशा बना रहता है। कई कारणों से तारों में चिंगारियां निकलती है। इन चिंगारियों के कटी हुई फसलों पर गिर जाने से फसलों के जल जाने का खतरा रहता है जिससेे किसानों को नुकसान हो सकता है। इसलिए किसान अपनी कटी हुई फसलों को ऐतिहात बरतते हुए तारों से दूर रखें। ताकि फसलों को किसी भी प्रकार का नुकसान न हो। ---रामरतन गोमली जेई ट्रांसफार्मर के आस पास कटी हुई फसल न लगाये, अग्रि शमन के नंबर हमेशा लिखकर रखे, खेल, पाउंडा तथा बड़ी पानी की टंकी आदि खेत में पानी से भरकर रखे, पुलिस को सूचित करने तथा बिजली विभाग की सहायता के लिए अपने पास फोन नंबर तथा फोन साथ रखे। अग्रिशमन के नंबर हमेशा याद रखे। अगर कोइ्र घटना घटती है तो फायरब्रिगेड को अविलंब 101 नंबर पर सूचित करें। अग्रिशमन विभाग की गाड़ी तुरंत मौके पर पहुंचेगी। --राकेश कुमार फायर स्टेशन आफिसर कनीना निवासी फोटो कैप्शन: राकेश कुमार एवं रामरतन गोमली जेई
कट की मांग को लेकर 382वें दिन जारी रहा धरना --अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हैं ग्रामीण **************************************************************** ***************************************************************** ***************************************************************** कनीना की आवाज। राष्ट्रीय राजमार्ग 152डी पर सेहलंग -बाघोत के बीच कट के लिए धरने कि अध्यक्षता ठेकेदार शेर सिंह बाघोत ने की और उन्होंने बताया कि राज्य सरकार और केंद्र सरकार का ध्यान राष्ट्रीय राजमार्ग 152डी पर बनने वाले कट की तरफ ना हो कर, आगामी होने वाले चुनावों पर केंद्रित है। हम बार-बार राज्य सरकार और केंद्र सरकार को याद दिलाना चाहते हैं कि दो साल पहले केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के द्वारा राष्ट्रीय राजमार्ग 152डी पर बाघोत -सेहलंग के बीच कट की घोषणा की हुई है, लेकिन अब तक केंद्र सरकार के द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई है । इस क्षेत्र के विकास के लिए कट का होना बहुत जरूरी है। केंद्र सरकार ग्रामीण की पीड़ा को समझे और जितना जल्दी हो सके कट का काम शुरू करवाया जाए। धरना संघर्ष समिति के सदस्य नरेंद्र कुमार शास्त्री छिथरौली ने बताया कि केंद्र सरकार ग्रामीणों की मांग को अनदेखा कर रही है, कट की घोषणा, उसके बाद आश्वासन की जल्दी काम शुरू हो जाएगा, काम शुरू न होने के कारण ग्रामीणों के दिल पर क्या बीत रही है, यह बात किसान ही बता सकते हैं । सरकार ग्रामीणो के धैर्य की परीक्षा ना ले । जब तक कट का काम शुरू नहीं होगा हमारा धरना जारी रहेगा । धरना संघर्ष समिति के अध्यक्ष विजय सिंह चेयरमैन ने बताया कि धरने को चलते 382 दिन हो गए हैं ढ्ढ केंद्र सरकार की तरफ से राष्ट्रीय राजमार्ग 152डी पर बाघोत -सेहलंग के बीच कट का काम शुरू न होने के कारण ग्रामीणों में आक्रोश है लेकिन कट के जुनून को लेकर उनका हौसला बरकरार है । ग्रामीणों का एक ही उद्देश्य है कि हमारा कट बनना चाहिए उसके लिए हम हर परेशानी का सामना करने के लिए तैयार है । केंद्र सरकार के द्वारा राष्ट्रीय राजमार्ग 152डी पर बाघोत -सेहलंग के बीच चढऩे -उतरने का मार्ग शुरू होने के बाद ही ग्रामीण चैन की सांस लेंगे। इस मौके पर डॉ लक्ष्मण सिंह,सरपंच हरिओम पोता, प्रधान कृष्ण कुमार, नंबरदार नाथूराम, मनफूल,सतपाल चेयरमैन, विजय सिंह, रघुवीर पंच, रामकिशन, बाबूलाल, पूर्व सरपंच सतवीर सिंह, पूर्व सरपंच हंस कुमार, मास्टर विजयपाल, पहलवान धर्मपाल,ओमप्रकाश, मुंशी राम, सीता राम, मास्टर विजय सिंह, सत्य प्रकाश, इंस्पेक्टर सत्यनारायण, पंडित संजय कुमार, प्यारेलाल, वेद प्रकाश, राजू उर्फ राजेश, सूबेदार हेमराज अत्री, रोशन लाल आर्य व गणमान्य लोग मौजूद थे। फोटो कैप्शन 03: कट की मांग को लेकर धरने पर बैठे ग्रामीण
सेहलंग की टीम रही विजयी दो दिवसीय खेलकूद संपन्न **************************************************************** ***************************************************************** ***************************************************************** कनीना की आवाज। बाबा भोलागिरी की स्मृति में तलवाना खेड़ी में 2 दिवसीय क्रिकेट प्रतियोगिता आयोजित की गई। समापन अवसर पर पारितोषिक वितरण समारोह आयोजित किया गया। जिसमें विजेता व उपविजेता टीमों को ट्राफी व नगद ईनाम प्रदान कर सम्मानित किया। प्रतियोगिता में 10 टीमों ने भाग लिया। फाइनल मैच सेहलंग और तलवाना के बीच में खेला गया। जिसमें सेहलंग टीम 29 रन से विजयी रही। खिलाडिय़ों को संबोधित करते हुए ओमबीर प्रधान ने शानदार क्रिकेट प्रतियोगिता आयोजित करने के लिए तलवाना ग्रामवासियों तथा युवामंडल का धन्यवाद करते हुए कहा कि इन प्रतियोगिताओं से खिलाडिय़ों को अपना हुनर निखारने का मौका मिलता है। प्रतिस्पर्धा से आगे बढऩे तथा भाईचारा की भावना पैदा होती है। इस मौके पर सरपंच पंकज, सुनील शर्मा, छत्रपाल नम्बरदार, ओमबीर प्रधान ने खिलाडिय़ों को खेल की भावना से खेलने की सीख देते हुए खिलाडिय़ों से आधुनिक खेल प्रतियोगिताओं में बढ़-चढ़ कर भाग लेने की अपील की। इस अवसर पर कैप्टन विजय सिंह, कुलदीप, आकाश पंच, सुबेदार जगदीश, बिजेन्द्र सिंह, कंवरपाल, अंकुश, रमेश, गुरविन्द्र, बलजीत, देशराज, वेदप्रकाश, सुबेदार महिपाल, हरेन्द्र, ईश्वर, अमित, अक्षय, धीरज, प्रीतम, महेश, पवन, जितेन्द्र, जोगेन्द्र, सुरजपाल, मंजीत, साहिल, अर्जुन, जीतू, भगवान सिंह, कुनाल आदि सैकड़ों खिलाड़ी सहित जन उपस्थित रहे।
पुष्पा देवी की मनाई गई पांचवीं पुण्यतिथि --आयोजित किया गया हवन **************************************************************** ***************************************************************** ***************************************************************** कनीना की आवाज। शिक्षाविद् एवं अनेक शिक्षण संस्थानों की संस्थापक पुष्पा देवी की पांचवीं पुण्यतिथि पर धनौंदा स्थित उनके स्मृति धाम परमार्थ स्थल पर हवन यज्ञ का आयोजन किया गया। इस अवसर पर उनके अनेक शिष्यों, प्रशंसकों और इलाके के गणमान्य लोगों ने उनकी प्रतिमा पर पुष्प अर्पित किए और उन्हें श्रद्धांजलि भेंट की। यज्ञ के उपरांत उपस्थित जन समुदाय को संबोधित करते हुए यज्ञ पुरोहित पंडित कन्हैयालाल शर्मा ने कहा कि मानव शरीर नश्वर है, परंतु व्यक्ति के कर्म और विचार अनश्वर हैं।स्वर्गीय पुष्पा देवी अपने उच्च विचारों और सद्कार्यों की वजह से आज भी उनके शिष्यों और इलाके के लोगों के हृदय में विराजमान है। यही इस नश्वर संसार में अनश्वरता का उदाहरण है। उन्होंने पुष्पा देवी के जीवन और कार्यों पर प्रकाश डालते हुए उन्हें समर्पित और दृढ़ इरादों की महिला बताया। उन्होंने उपस्थित विद्यार्थियों से सदैव सत्यपथ का अनुगमन करने की अपील की। समाजवादी चिंतक रविंद्र यादव, वरिष्ठ प्रवक्ता प्रहलाद सिंह, प्रोफेसर नवीन जांगड़ा और आशुतोष शास्त्री ने कहा कि पुष्पा देवी का जीवन हम सबके लिए प्रेरणा स्रोत है तथा हम सभी को उनके दिखाए गए मार्ग पर चलने का प्रण लेना चाहिए। प्रवेश फोगाट, कैलाश सेठ, प्रोफेसर सतेंद्र सिंह व नरेंद्र कौशिक ने पुष्पा देवी को श्रद्धांजलि व्यक्त करते हुए उन्हें शिक्षा जगत की प्रमुख हस्ती और जन उत्थान की अग्रदूत बताया। इस अवसर पर प्रसिद्ध लोक गायक अजय जांगड़ा ने पुष्पा देवी के जीवन पर आधारित भजन सुना कर उपस्थित जनों को भाव विभोर कर दिया। कार्यक्रम में अनेक विद्यार्थी और गणमान्य जन भी उपस्थित थे। फोटो कैप्शन01: स्वर्गीय पुष्पा देवी की पांचवीं पुण्यतिथि पर आयोजित हवन यज्ञ में उपस्थित विद्यार्थी एवं गणमान्य जन।
अभी तक शिक्षकों को नहीं मिला है फरवरी माह का वेतन - मार्च माह समाप्त होने को है, मिलना है आधा अधूरा वेतन **************************************************************** ***************************************************************** ***************************************************************** कनीना की आवाज। प्रदेश के हजारों तथा जिले के सैकड़ों अध्यापकों को फरवरी माह का वेतन अभी तक उन्हें नसीब नहीं हुआ है। एक ओर जहां होली का प्रमुख पर्व जा चुका है और वहीं सत्र 2023-24 भी समाप्त होने को है। किंतु अभी तक कोई संभावना वेतन मिलने की नहीं बताई जा रही है। अध्यापकों ने बताया कि उन्हें फरवरी माह का वेतन अभी तक नसीब नहीं हुआ है। एक ओर जहां इनकम टैक्स के कारण उन्हें आधे से भी कम वेतन मिलना है और वह भी समय पर नहीं मिला है। उन्होंने बताया कि वे पूरे साल काम करते हैं किंतु वेतन दस माह का ही मिल पाता है क्योंकि दो माह का वेतन इनकम टेक्स में चला जाता है। उस पर भी वेतन समय पर नहीं देते। अध्यापकों ने बहुत पहले ही अपने इनकम टैक्स के कागज जमा करवा दिए गए थे। अध्यापकों के वेतन नहीं निकले जाने का अध्यापकों में भारी रोष है। वेतन न मिलने से होली के पावन पर्व एवं हंसी खुशी के पर्व पर भी अध्यापक परेशान नजर आये। ऐसे में नहीं लगता कि अब होली तक कोई वेतन नसीब हो पाएगा। अध्यापक बेहद परेशान है। अध्यापकों ने बताया कि हर माह उनका वेतन देरी से निकाला जाता है। यह शिक्षा विभाग है जहां वेतन में देरी होती है। अन्य विभागों में किसी प्रकार की कोई देरी नहीं बताई जा रही है। उच्चाध्किारी बताते हैं कि वेतन न मिलने के पीछे कैप लगी होना है। मजाकिया लहजे में शिक्षकों का कहना है कि गर्मी के दिन हैं और धूप तेज होती है तो वेतन को भी कैप लगा दी है। उधर पूर्व राज्य सचिव हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ धर्मपाल शर्मा ने गहरा रोष जताया हैं और कहा है कि अध्यापकों के साथ इससे बड़ा और कौन सा अन्याय होगा? जब वह पूरे मन से काम करते हैं फिर भी उनका इनकम टैक्स में टैक्स काटने के बाद आधे से भी कम वेतन मिलना है और वह भी समय पर नहीं दिया जा रहा है। इससे साफ जाहिर है कि उच्च अधिकारियों के अकर्मण्यता के कारण उनके वेतन में देरी होती है। अधिकारी अपना वेतन तो समय पर निकाल लेते हैं लेकिन अध्यापकों के वेतन में भेदभाव बरतते हैं। उन्होंने कहा कि अन्य विभागों का वेतन समय पर निकलता है तो अध्यापकों के वेतन में देरी के लिए कौन जिम्मेवार है? उन्होंने उच्च अधिकारियों को फोन पर संपर्क साधकर अविलंब वेतन दिलवाने की मांग की है वरना उन्होंने कहा भविष्य में इसका खामियाजा सरकार को भी भुगतना पड़ सकता है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि इस प्रकार वेतन में देरी करने वाले अधिकारियों के विरुद्ध सख्त सख्त कार्रवाई की जाए।
मेरा पहला वोट वोट डालना मेरी खुशनसीबी होगी-ज्योति यादव **************************************************************** ***************************************************************** ***************************************************************** कनीना की आवाज। 18 वर्ष पूर्ण करने के बाद पहली बार 25 मई के लोकसभा चुनाव के लिए ज्योति वोट डालेगी। उन्हें खुशी है कि वह अपना पहली बार प्रतिनिधि चुनेगी परंतु उन्हें यह डर सता रहा है कि उनका पहला ही प्रतिनिधि कहीं हार न जाए। वह चाहती है कि उनका वोट जिस प्रतिनिधि को मिले वह जीते और देश हित में काम करें। वोट डालने के लिए ज्योति लालायित है। उनका कहना है कि जब से उनका वोट बना है उन्हें पता चल गया है कि इस वोट की क्या कीमत है। कनीना नगर पालिका के चुनावों की संभावना लोकसभा से पहले थी किंतु अभी तक कनीना पालिका के चुनाव संपन्न नहीं हो सके हैं ऐसे में लोकसभा के लिए वोट डालेंगी। उनका पहला वोट लोकसभा चुनाव के लिए दिया जाएगा। वह सशक्त प्रत्याशी अपने वोट से चुनना चाहती है तथा उन्हें खुशी का एहसास हो रहा है कि अब वह भी देश के विकास के लिए परोक्ष रूप से अपनी भूमिका निभाएंगी। 18 वर्ष पूर्ण होने के बाद वोट बना है और अपना वोटर कार्ड बनवाने के बाद उन्हें पहला वोट डालने की गहन इच्छा है। उन्हें खुशी है कि उन्हें वोट डालने का अधिकार मिला है और अपने अधिकार का सही सदुपयोग करेंगी। फोटो कैप्शन: ज्योति यादव
जागो वोटर जागो
वोट जरूर डालें मतदान देशहित का कार्य -नरेश कुमार **************************************************************** ***************************************************************** ***************************************************************** कनीना की आवाज।25 मई को लोकसभा चुनाव होंगे। चुनाव आयोग ने नये वोट बनवाने का समय समय पर अभियान चलाया है। पुराने वोटर अभी भी चल रहे हैं। मतदान करते वक्त प्राय लोग कंजूसी बरतते हैं। वो समझते हैं कि एक वोट डाल देने से क्या कोई हार जीत होगी? परंतु एक-एक वोट की कीमत होती है। शिक्षक नरेश कुमार का कहना है कि सरकार बनाने के लिए हर एक वोट की कीमत अनमोल होती है। ऐसे में सभी वोटर को अपना अपना वोट जरुर डालना चाहिए। चाहे वह किसी भी पार्टी, किसी भी नेता को वोट दे पर वोट जरूर डालें क्योंकि वोट डालने से ही लोगों का रुझान पता चलता है कि वह किस व्यक्तित्व को पसंद करते हैं। अपनी पसंद का और अच्छी सरकार बनाने के लिए वोट डालना जरूरी होता है और वोट ही मतदाता की पहचान होती है ताकि वह अपनी पसंद का चुनाव कर सके और परोक्ष रूप से सरकार में अपनी भागीदारी निभा सके। अक्सर वोटर वोट डालने जाते ही नहीं। इसका मतलब है कि वह वोट भी नहीं डालते और अपनी पसंद का नेता भी चाहते हैं तो यह कैसे संभव हो सकता है? एक जागरूक वोटर को जरूर वोट डालना चाहिए। जिनके वोट नहीं बने हैं वो अपना वोट बनवा सकते हैं बशर्ते कि उनकी आयु 18 वर्ष की हो गई और भारत का नागरिक है। वह अपना वोट बनवाकर मतदाता पहचान पत्र बनवा सकता है और समय पर वोट डाल सकता है ताकि बेहतर सरकार बन सके और जनहित के कार्यों को कर पाए। वोट की कीमत नेता जानते हैं। ऐसे में नेता घर-घर जाकर प्रचार करके, वोट मांगते जिसके पीछे यही अर्थ होता है कि उन्हें अधिक से अधिक वोट मिले। वोट तभी मिलेंगे जब सभी अपनी पसंद के नेता को वोट डालेंगे। फोटो कैप्शन: नरेश कुमार
Wednesday, March 27, 2024
मोबाइल कम प्रयोग करें वरना आंखें और कान की बढ़ जाएगी समस्याएं-डा. जितेंद्र --मोबाइल बगैर हो रहा है चिड़चिड़ा स्वभाव ************************************************************ ****************************************************************** ************************************************************ कनीना की आवाज। कोरोना काल के बाद शिक्षक, अभिभावक और विद्यार्थी वर्ग मोबाइल से ज्यादा जुड़ता चला जा रहा है। परंतु इसके कु-प्रभाव धीरे-धीरे बढऩे लगे हैं। कहने को तो मोबाइल एक बुरी चीज है किंतु बच्चों से इसका पीछा नहीं छुड़ा पा रहे हैं। एक मिनट भी फोन दूर हो जाता है तो बच्चे पागल से हो जाते हैं। इस संबंध में कुछ विद्वानों से बात ही और उनके विचार निम्न हैं- **विद्यार्थी अनुशासित तरीके से करें स्मार्टफोन का प्रयोग करें। मोबाइल व संचार सुविधा का आधुनिक जीवन में विशिष्ट स्थान है तथा यह संचार के क्षेत्र में बहुत ही चमत्कारी घटना है। वैसे तो प्रत्येक व्यक्ति के जीवन में ही मोबाइल का अपना विशिष्ट स्थान है परंतु विद्यार्थी अगर अनुशासित तरीके से इसका उपयोग करें तो यह उनके लिए किसी वरदान से कम नहीं है। आज दुनिया भर की सभी महत्वपूर्ण पुस्तकें इस छोटी सी मशीन में कैद है जिनको विद्यार्थी घर बैठे पढ़ सकते हैं। उन्हें घर से दूर किसी लाइब्रेरी में जाने की आवश्यकता नहीं है। इसके अलावा बहुत से शैक्षणिक एप्स आनलाइन पाठ्यक्रम तथा अनुभवी विशेषज्ञों द्वारा तैयार पाठ्य सामग्री विद्यार्थी निशुल्क घर बैठे प्राप्त कर सकते हैं। परंतु इसके लिए आवश्यक है कि विद्यार्थी अनुशासित ढंग से इसका इस्तेमाल करें। फालतू की ऐप्स व नोटिफिकेशन बंद कर दें तथा अनावश्यक चैट से बचें परंतु अगर इसके दूसरे पहलू पर ध्यान दें तो यही मोबाइल फोन हमारे लिए अभिशाप भी बन जाता है। इसके अत्यधिक प्रयोग से मस्तिष्क में चिड़चिड़ापन अनिद्रा तथा कानों व आंखों पर दुष्प्रभाव पड़ता है तथा आनलाइन गेमिंग की बुरी लत भी लग सकती है। यही कारण है कि आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों तथा युवाओं में इसके दुरुपयोग की प्रवृत्ति बढ़ रही है। अत: में संयमित और अनुशासित तरीके से मोबाइल फोन का प्रयोग करना चाहिए ---मदनमोहन कौशिक प्राध्यापक आजकल अभिभावकों ने कैसी आदत डाल दी है कि छोटे बच्चों को चुप कराने के लिए मोबाइल दे देते हैं ताकि वह रोना बंद कर दे। परंतु इसका कु-प्रभाव छोटी उम्र से ज्यादा पड़ रहा है। आंखें खराब हो रही हैं, बच्चे मोबाइल के नशे में पागल से हो रहे हैं जिनका भविष्य में अधिक कु-प्रभाव पड़ सकता है। उनका कहना है कि बच्चों को मोबाइल नहीं देना चाहिए। खाने पीने और स्वस्थ आदतों में लगाना चाहिए। पुस्तक पढऩे पर जोर देना चाहिए। शिक्षकों को भी अधिक से अधिक पुस्तक प्रयोग करते हुए विद्यार्थियों को पुस्तक पढऩे पर बल देना चाहिए ताकि पुस्तकों की कदर भी बढ़े और मोबाइल से कुछ दूरी भी घटे। -- लक्ष्मी देवी शिक्षिका उधर डाक्टर का कहना है कि मोबाइल का बहुत बुरा प्रभाव आंखों पर डाल रहा है, वही कानों में लीड लगाने से कानों से भी सुनाई कम देने लग जाता है। अधिकांश बच्चे आंखों के मरीज बनते जा रहे हैं। चिड़चिड़ा स्वभाव हो रहा है। बात-बात पर ऊलजलूल बकते हैं तथा उनकी आदतों में परिवर्तन देखने को मिल रहा है। यदि बच्चों को किताबें अधिक पढऩे पर जोर दिया जाए तो आंखें और कान खराब होने से बच सकते हैं। उनका कहना है कि यदि मोबाइल प्रयोग करना है तो जितनी आवश्यकता हो प्रयोग करें, मोबाइल में बड़ी स्क्रीन का प्रयोग करना चाहिए तथा इस पर भी गिलास लगवा लेना चाहिए जो आंखों पर कम प्रभाव डालता है और रेडिएशन को रोकता है। उन्होंने कहा कि समय रहते मोबाइल पर काबू नहीं किया तो भविष्य में इसके बहुत घातक प्रभाव सामने आएंगे। -- डाक्टर जितेंद्र मोरवाल फोटो कैप्शन: डाक्टर जितेंद्र मोरवाल, मदन मोहन कौशिक और लक्ष्मी देवी शिक्षिका
लड़की हुई गुम, अज्ञात लड़के पर छुपाने का आरोप ************************************************************ ****************************************************************** ************************************************************ कनीना की आवाज। कनीना उपमंडल 12वीं कक्षा में पढऩे वाली एक लड़की रात को खाना खाकर सोई थी। सुबह गुम हो गई। लड़की के पिता ने कनीना पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई है कि उसकी पुत्री 12वीं कक्षा में पढ़ती है। रात को खाना खाकर सोई थी सुबह अपने बिस्तर पर नहीं मिली। काफी तलाश की गई किंतु कहीं नहीं मिली। उन्होंने आरोप लगाया कि अज्ञात लड़के ने उसे कहीं छुपा कर रखा हुआ है। कनीना पुलिस ने गुमशुदगी का मामला दर्ज कर लिया है।
तालाब पर सीमेंट की चेयर मात्र चार दिन बाद ही क्षतिग्रस्त, ग्रामीणों में रोष --तालाब में नहीं भरा गया है पानी ************************************************************ ****************************************************************** ************************************************************ कनीना की आवाज। पंचायती राज विभाग द्वारा गांव धनौंदा में तालाब के चारों तरफ लगाई गई सीमेंट की चेयर समय से पहले क्षतिग्रस्त हो गई जिसको लेकर ग्रामीणों में रोष है। गांव के पूर्व सरपंच ठाकुर रतन सिंह तंवर, सुनील कुमार, वीरेंद्र कुमार, रमेश कुमार, बालबीर सिंह, सरजीत सिंह, रणजीत सिंह, भूपेंद्र सिंह, सुधीर कुमार, शिवकुमार, प्रवीण कुमार, रामविलास आदि ने जानकारी देते हुए बताया कि कुछ समय पूर्व में पंचायती राज विभाग द्वारा एक तालाब की खुदाई कराई थी जिसको साफ सुंदर दिखने के लिए उसके चारों तरफ सीमेंट की चेयर लगाकर सुशोभित की थी ताकि गांव के लोग सुबह शाम इन पर बैठकर पर्यावरण का आनंद ले सके लेकिन जोहड़ के चारों तरफ लगाई गई बैठने की यह सीमेंट की चेयर समय से पहले ही क्षतिग्रस्त हो गई। जोहड़ में साफ पानी भरकर पौधे लगाये जाने की बात कही थी जो अभी तक पूरी नहीं की गई है। जिसको लेकर ग्रामीणों में प्रशासन के प्रति रोष पनप रहा है। उन्होंने जिला उपायुक्त से मांग कर धनौंदा में बनाए गए तालाब की जांच करने व उसके चारों तरफ लगाई गई सीमेंट की चेयर की जांच कराने की गुहार लगाई है। इस तालाब बननेके बाद इसमें एक बूंद भी पानी नहीं आया जिसको लेकर ग्रामीण परेशान है ग्रामीणों का यह भी कहना है कि इस तालाब से पानी लेकर बाबा दयाल के मंदिर में पूजा की जाती थी लेकिन जब से इस तालाब में पानी नहीं आया है जिससे पशु पालक भी परेशान हैं। हरियाणा सरकार द्वारा यह आदेश जारी किया गया था कि गांवों के पशुधन को ध्यान में रखते हुए गांव के तालाबों में नहर से पानी भरवारा जाएगा ताकि पशुधन को पीने के पानी की समस्या ना हो। प्रशासन कुएं की मोटर चलाकर जोहड़ में थोड़ा सा पानी एकत्रित कर रहा है। फोटो कैप्शन 4 व 5:गांव के समाजसेवी लोग टूटी सीमेंट की कुर्सियों को दिखाते हुए तथा रोष जताते हुए।
कट की मांग को लेकर 381वें दिन जारी रहा धरना -ग्रामीण अनिश्चितकालीन धरने पर है ************************************************************ ****************************************************************** ************************************************************ कनीना की आवाज। राष्ट्रीय राजमार्ग 152डी पर सेहलंग -बाघोत के बीच कट के लिए धरने कि अध्यक्षता मास्टर विजयपाल सेहलंग ने की और उन्होंने बताया कि चुनावी माहौल के बीच राज्य सरकार और केंद्र सरकार राष्ट्रीय राजमार्ग 152डी पर बाघोत -सेहलंग के बीच एग्जिट और एंट्री मार्ग की तरफ ध्यान नहीं दे रही है ढ्ढ ग्रामीणों को धरना स्थल पर बैठे एक साल से ज्यादा समय हो गया है, हमें लग रहा है कि केंद्र सरकार हमारी मांग को अनदेखा कर रही है। युवा वर्ग को कट की जरूरत है, नारनौल और चंडीगढ़ आने -जाने का काम आम आदमी का हो गया है। ग्रामीणों की परेशानियों को देखते हुए केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय राजमार्ग 152डी पर कट का काम जल्द शुरू नहीं किया गया, तब इसका खामियाजा सरकार को भुगतना पड़ेगा । धरना संघर्ष समिति के अध्यक्ष विजय सिंह चेयरमैन ने बताया कि धरने को चलते 381 दिन हो गए हैं। केंद्र सरकार की तरफ से राष्ट्रीय राजमार्ग 152डी पर बाघोत -सेहलंग के बीच कट का काम शुरू न होने के कारण ग्रामीणों में निराशा है लेकिन पक्के इरादे के साथ धरना स्थल पर बैठे हुए हैं, जब तक केंद्र सरकार राष्ट्रीय राजमार्ग 152डी पर बाघोत -सेहलंग के बीच चढऩे उतरने का मार्ग शुरू नहीं होता है, तब तक धरना स्थल पर अडिग रहेंगे। इस मौके पर सरपंच हरिओम पोता, सरपंच वीरपाल श्याणा, सरपंच विकास नौताना, ठेकेदार शेर सिंह, सतपाल चेयरमैन, नरेंद्र शास्त्री, रामकिशन, बाबूलाल, पूर्व सरपंच सतवीर सिंह, पूर्व सरपंच हंस कुमार, मनफूल, पहलवान धर्मपाल,ओमप्रकाश, मुंशी राम, सीता राम, रामावतार, सत्य प्रकाश, इंस्पेक्टर सत्यनारायण, पंडित संजय कुमार,अशोक चौहान, शेर सिंह, सज्जन सिंह, सूबेदार ओम प्रकाश, राजू उर्फ राजेश, राम भक्त, प्रधान कृष्ण कुमार, सूबेदार हेमराज अत्री, रोशन लाल आर्य व गणमान्य लोग मौजूद थे। फोटो कैप्शन 03: कट की मांग को लेकर धरने पर बैठे किसान
दुल्हेंडी के खेल खेलकर सोए व्यक्ति की, अगले दिन हुई मौत -तीन हुए नामजद ************************************************************ ****************************************************************** ************************************************************ कनीना की आवाज। कनीना उपमंडल के गांव सेहलंग में निवासी 69 वर्षीय लकवा और एलर्जी के शिकार ताराचंद पड़ोस मेकं हो रहे होली के हुड़दंग से परेशान रहा। अगले दिन उसकी मौत हो गई। मृतक के पुत्र विजयपाल की शिकायत पर तीन लोगों के विरुद्ध मामला दर्ज कर लिया है। फिलहाल पोस्टमार्टम करवा करवा दिया गया है तथा रिपोर्ट आने पर ही आगामी कार्रवाई की जाएगी। तब तक 174 की कार्रवाई करते हुए शव उसके परिजनों को दे दिया है जिनका अंतिम संस्कार कर दिया गया है। मिली जानकारी विजयपाल सेहलंग निवासी ने पुलिस मेंकहा कि मैं मेहनत मजदूरी करता हूं। 25 मार्च को दुल्हेंडी थी। पड़ोस के अशोक, अजय तथा सोनू शराब पीकर हुड़दंग बाजी कर रहे थे, गाली गलौज कर रहे थे। विजयपाल का पिता ताराचंद लकवा और शरीर पर एलर्जी से पीडि़त था, रात को खाना खाकर सोया था किंतु मंगलवार की सुबह नहीं उठ पाया और उसकी मौत हो चुकी थी। उन्होंने मौत का कारण अज्ञात बताया है। कनीना पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करवा कर उनके परिजनों को दे दिया है तथा आगामी कार्रवाई विसरा रिपोर्ट आने पर की जाएगी। डाक्टर की रिपोर्ट प्राथमिक के अनुसार तीन लोगों पर अभियोग अंकित किया गया है। डाक्टर की प्राथमिक रिपोर्ट अनुसार दफा 302 का मामला दर्ज करने की बात कही है।
जागो वोटर, जागो वोट की अहमियत को समझे वोटर-कृष्ण कुमार ************************************************************ ****************************************************************** ************************************************************ कनीना की आवाज। लोकसभा चुनाव 25 मई को होने हैं। चुनाव आयोग भी इस संबंध में यह कार्रवाई में जुटा हुआ है। समय समय पर नये वोटर कार्ड बनाए जा रहे हैं। जिनकी उम्र 18 वर्ष हो गई है उन्होंने अपने वोटर कार्ड बनवा लिये है। इस संबंध में कृष्ण कुमार मुख्य शिक्षक मतदाताओं को जागरूक करते हुए कहते हैं कि वोट जरूर बनवाना है, वोट बनवाने के लिए घर बैठे भी आनलाइन वोट बनवा सकते हैं। परंतु वोट बनवा लेने से ही काम पूरा नहीं होता वह डालना भी जरूरी होता है और अपने मनपसंद प्रत्याशी का चुनाव करना होता है। एक-एक वोट की कीमत अमूल्य होती है। ऐसे में वोट डालना जरूरी हो जाता है, वह डालकर हम परोक्ष रूप से अपनी सरकार को चलाते हैं। यदि वोट नहीं डालेंगे तो अपनी मनपसंद का नेता नहीं चुना जा सकता। परिणाम यह निकलता है कि चुना गया प्रत्याशी हमारी भावनाओं पर खरा नहीं उतर पाएगा। वोट डालने के लिए भी जरूर जाए, जिनके वोट नहीं बन पाए हैं वह अभी भी वोट बनवा सकते हैं। अपनी मनपसंद के प्रत्याशी को बिना किसी लोभ लालच के वोट देना चाहिए। हर एक वोट की कीमत होती है, वोट डालकर प्रत्याशी का चुनाव किया जाता है। चुनाव आयोग द्वारा घर के आसपास नजदीक पोलिंग बूथ बनता है, बनाए गये बूथ पर जाकर निर्धारित समय और तिथि पर ही वोट डालने चाहिए। वह डालते समय अपनी पसंद को ध्यान में रखना चाहिए और उसे वोट देना चाहिए। सभी नेता आपका वोट पाने के लिए आते हैं, जिसका निर्णय भी स्वयं करना होता है कि वह किसे पसंद करते हैं। फोटो कैप्शन: कृष्ण कुमार मुख्य शिक्षक
मेरा पहला वोट वोट डालने के लिए उत्सुक है प्रेरणा ************************************************************ ****************************************************************** ************************************************************ कनीना की आवाज। युवा वर्ग विशेष कर जिनके नए वोट बने हैं और पहली बार वोट डालेंगे प्रसन्नचित नजर आते हैं क्योंकि 25 मई को लोकसभा के चुनाव होने जा रहे हैं और जिन लोगों की उम्र 18 साल की हो गई और अभी तक वोट नहीं बनवाया है तो वोट बनवा सकता है। चुनाव आयोग समय-समय पर वोट बनवाने का समय निर्धारित करता है। उस अवधि में अपने वोट जरूर बनवा लेने चाहिए। वोटर कार्ड बनने के बाद वोट डालने का अधिकारी बन जाता है। वोट जब भी किसी प्रत्याशी को दिया जाए सोच समझ कर ही देना चाहिए क्योंकि सभी प्रत्याशी एक जैसे नहीं होते उनके गुण दोष जरूर जान ले। जिन लोगों की उम्र 18 साल हो चुकी वह अपना वोट बनवा सकता है। वोट बनवाकर उसका दुरुपयोग नहीं करना है। अभी तक उपयोग से काम लेना है। चुनाव हर 5 साल बाद आते इसलिए युवा वर्ग उत्साह होता है कि वे अपने वोट का पहली बार मतदान करेंगे। कनीना की प्रेरणा वर्तमान में एमबीबीएस कर रही है और वह पहली बार वोट देंगी। वे चाहती हैं कि उनका पहला वोट जीत में जाए ताकि आने वाले समय में वह नेता उनकी मांगों को पूरा कर सके। उनका कहना है कि वोट जरूर डालने जाएंगे ताकि अपने मनपसंद का प्रत्याशी का चुनाव हो सकेगा। फोटो कैप्शन: प्रेरणा
नामांकन से पहले ही मोबाइल फोन बना प्रचार एवं वोट पाने का बेहतर विकल्प ************************************************************ ****************************************************************** ************************************************************ कनीना की आवाज। 25 मई को चुनाव होने जा रहे हैं। चुनाव लडऩे के इच्छुक तथा उनके समर्थक मोबाइल के जरिये अपनी दावेदारी तथा वोट पाने की अपील कर रहे हैं। नामांकन से पूर्व ही चुनाव प्रचार के लिए प्रत्याशियों के समर्थकों ने कई तरीके अपनाए हैं जिनमें घर घर जाकर वोट पक्के करना, मातमपूर्सी के बहाने, चाय पानी के बहाने, यारी दोस्ती के बहाने, बहन बेटियों से मिलने के बहाने, बूढ़े बड़ों से आशीर्वाद पाने, मंदिर आदि में धोक लगाने के बहाने, मेले एवं उत्सव में शामिल होकर, थाने आदि में मदद करने के बहाने या फिर युवा पीढ़ी द्वारा आधुनिक इलेक्ट्रोनिक माध्यम के जरिए प्रचार कर रहे हैं। व्हाटसअप एवं फेसबुक पर भारी संख्या में चुनाव लडऩे वाले तथा उनके समर्थक अपनी अपनी फोटो दिखाने लग गये हैं और दावेदारी जता रहे हैं। हुक्का, चाय, बीड़ी, सिगरेट, खान पान से सेवा करके वोटरों का मन टटोल रहे हैं। युवाओं के सिर चढ़कर बोला मोबाइल- युवा पीढ़ी चुनावों में बढ़ चढ़कर भाग ले रही है जो आधुनिक इलेक्ट्रोनिक यंत्रों को पीछे नहीं छोड़ रही है। मोबाइल पर संदेश आते रहे हैं। मोबाइल पर संदेशों के अलावा ई-मेल के जरिए, वाट्स एप, फेस बुक आदि पर परोक्ष रूप से वोट देने की अपील होने लगी है। युवाओं को बेशक वोट मिले या न मिले उन्होंने आधुनिक यंत्रों की जमकर मदद ली है। चुनाव की पूरी तैयारियां हैं और 30 अप्रैल से नामांकन शुरू हो जाएंगे।
तू डाल-डाल तो मैं पात-पात ************************************************************ ****************************************************************** ************************************************************ कनीना की आवाज। 25 मई के लोक सभा चुनावों के दृष्टिगत लोगों के चेहरों पर बहार आ गई है। नेता के समर्थक मारे मारे फिरने लगे हैं और उनकी हालात भी पूर्व मुख्यमंत्री चौ बंसीलाल की कहावत भैंस के साथ चिचड़ वाली हो गई है । नेता दल बदलता है तो बेचारे समर्थक भी पाला
बदलने को मजबूर हो जाते हैं। भावी चुनावों के दृष्टिगत कुछ चुनावी चटखारे देखने को मिल रहे हैं। जो कल तक थे गैरों में वो आज पड़े हैं पैरों में- बहुत से छुटभैया नेताओं पर यह कहावत शत प्रतिशत सही उतरती है। कल तक जिन्हें गालियां देते थे, कटाक्ष करते थे और एक दूसरे के दुश्मन नजर आते थे आज वो पैरों में पड़े देखे जा सकते हैं। घुट-घुटकर यूं बातें करते हैं जैसे श्रीकृष्ण और सुदामा की जोड़ी हो और उनकी दोस्ती किसी लैला मजनूं से कम न हो।
Tuesday, March 26, 2024
थाना प्रभारी ने आढ़तियों के साथ की बैठक, साइबर अपराधों के प्रति किया जागरूक। -सरसों की खरीद एक अप्रैल से नई अनाज मंडी में ************************************************* ************************************************************* ************************************************* कनीना की आवाज। पुलिस अधीक्षक अर्श वर्मा के निर्देशानुसार थाना शहर कनीना प्रबंधक निरीक्षक सुधीर कुमार ने कनीना मंडी के आढ़तियों के साथ बैठक की। आढ़तियों के साथ थाना परिसर में बैठक कर कई दिशा निर्देश दिए। फसल खरीद को लेकर आढ़तियों को मंडी में सीसीटीवी कैमरे, लाइट की व्यवस्था आदि को लेकर निर्देश दिए गए। इस दौरान उप प्रधान रविंद्र बंसल, ओमप्रकाश लिसानिया, विनोद गुप्ता, प्रवीण कुमार मित्तल, अखिल अग्रवाल, धर्मेंद्र कुमार, मनोज कुमार, राकेश कुमार व अन्य उपस्थित रहे। थाना प्रभारी ने बताया कि पुलिस ने नाके लगाकर पुलिस कर्मियों को तैनात किया है। आढ़तियों से आग्रह किया गया है कि अगर कोई भी संदिग्ध व्यक्ति नजर आए तो तुरंत पुलिस को सूचना दें। उन्होंने व्यापारियों से आह्वान किया कि किसानों से सभ्य तरीके फसल की खरीदारी करें व व्यापारी इस दौरान पूरी एहतियात से अपने व्यापार करें। व्यापारी, किसान व आमजन के सहयोग के लिए पुलिस हर समय तैयार है। इसके साथ ही थाना प्रभारी ने आढ़तियों को साइबर क्राइम के प्रति भी जागरूक किया। उन्होंने बताया कि आनलाइन लेन–देन करते समय सावधानी बरतें। उन्होंने बताया कि किसी के भी मोबाइल पर अनजाने नंबर से फोन आता है या कोई लालच देता है तो उनके झांसे में ना आए और किसी प्रकार से अपने किसी भी गोपनीयता को साझा ना करें। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि साइबर अपराध के पार्टी खुद जागरूक होकर दूसरों को भी जागरूक करें। थाना प्रभारी ने बताया कि साइबर अपराध होने पर तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1930 पर काल करें। उधर रविंद्र बंसल ने बताया की 1 अप्रैल से नई अनाज मंडी कनीना स्थित चेलावास में सरसों की खरीद होगी। सरसों की खरीद सोसाइटी के मार्फत नेफेडकरने जा रही है जिसमें हैंडलिंग एजेंट बनाए जाएंगे। जिनके जरिए यह खरीद होगी। विगत वर्ष से सरसों की खरीद नई अनाज मंडी में होती आ रही है। फोटो कैप्शन 14: थाना प्रभारी आढ़तियों के साथ बैठक लेते हुए।
जीवन की हर मोड़ पर काम आती है आधुनिक तकनीक -जलधीर --कनीना खंड के 50 शिक्षकों की 5 दिवसीय ट्रेनिंग शुरू ************************************************* ************************************************************* ************************************************* कनीना की आवाज। जीवन की हर मोड़ पर विद्यार्थी, अध्यापक एवं आमजन के आधुनिक तकनीक बहुत काम आती है। आज का युग आधुनिक तकनीक का युग है। इसके बगैर एक कदम भी बढ़ाना भी मुश्किल है। ये विचार डाइट महेंद्रगढ़ के प्राचार्य जलधीर कलकल ने कनीना खंड के 50 विभिन्न स्कूलों के शिक्षकों एवं प्राध्यापकों की पांच दिवसीय सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी/ आईसीटी प्रशिक्षण दौरान व्यक्त किये। उन्होंने कहा कि आज का वक्त दिखावे का बनकर रह गया है। इंसान यदि तकनीकी कुशलता लिये हुए है और अधिक पढ़ा लिखा भी नहीं है तो वह अपनी रोटी रोजी आसानी से कम सकता है। किसान तक आधुनिक तकनीकों का प्रयोग कर रहे हैं। प्राचार्य ने कहा कि यही वजह है कि सूचना और प्रौद्योगिकी का सहारा लेना बहुत जरूरी बन गया है। उन्होंने शिक्षकों से सलाह दी कि वे इस प्रशिक्षण को पूर्ण रूप से जगन से ग्रहण कर, आत्मसात करें ताकि जीवन में काम आए। वही विद्यालयों में जाकर भी बेहतर ढंग से विद्यार्थियों का आधुनिक तकनीकों का सहारा लेकर शिक्षण दें क्योंकि अध्यापक का कार्य बेहतर से बेहतर शिक्षा देकर विद्यार्थियों को ऊंचाई तक ले जाना होता है। यह कार्य कभी संभव हो पाएगा जब वे स्वयं ठीक प्रशिक्षण लेंगे और फिर न केवल स्वयं भी उसे कक्षा के समय कार्य की करेंगे अपितु विद्यार्थियों को भी करने के लिए प्रोत्साहित करेंगे। मौके पर डाइट महेंद्रगढ़ के एजूकेशन टेक्रोलोजी/ईटी विंग के सदस्य राजेश गुप्ता ने बताया कि पांच दिवसीय सूचना और संचार प्रौद्योगिकी/आईसीटी के तहत 50 शिक्षकों का प्रशिक्षण शुरू हुआ है। प्रत्येक ब्लाक से 50-50 शिक्षकों का किया जाना है। सूचना और संचार प्रौद्योगिकी का शिक्षण में कैसे प्रयोग किया जाए यही इस कार्यक्रम का प्रमुख उद्देश्य है। राज्य शिक्षण एवं प्रशिक्षण परिषद गुरुग्राम के मार्गदर्शन अनुसार रूपरेखा तैयार की गई है ताकि नई शिक्षा नीति 2020 के अनुसार शिक्षक अधिक से अधिक आईसीटी का प्रयोग करते हुए शिक्षण कार्य को रुचिकर एवं फलदायी बना सकें। इस अवसर पर डाइट ईटी विंग के सदस्य वीरेंद्र सिंह, राजेश गुप्ता, अरुण कुमार तथा मास्टर टे्रनर्स मुकेश कुमार, रेखा कुमारी, रजनी, पूनम, अनुराधा, राजीव, सुरेंद्र, एवं जानी (सभी एबीआरसी) ने काइन मास्टर, कैनवा, क्वीजी, पिक्स आर्ट से रूबरू करवाया। न केवल इन साफ्टवेयर के बारे में जानकारी दी अपितु उन्हें बताया कि उनके द्वारा शिक्षक अभिलंब स्कूल के प्रवेश की सूचना, किसी प्रकार का विजिटिंग कार्ड, फेसबुक संदेश, फोटो सुधार, कोलाज निर्माण,सर्टिफिकेट, बैनर आदि तैयार कर सकते हैं। इनके तैयार करने में उनके समय एवं धन की बचत होगी तथा इस प्रकार के कार्य करके हुए नाम कमा सकते हैं। उन्होंने बताया कि कैसे शिक्षण कार्य का वीडियो बनाकर उसे यूट्यूब पर छोडऩा है। इन चीजों की कोरोना काल में बहुत अधिक मांग रही है और आधुनिक समय में तो उनकी मांग बढ़ती ही जा रही है। ऐसे में इनका प्रशिक्षण शिक्षकों एवं विद्यार्थियों तथा आम आदमी के लिए भी जरूरी बनता जा रहा है। इस मौके पर विभिन्न शिक्षकों ने सर्टिफिकेट,कोलाज आदि स्वयं तैयार करके देखें। इस मौके पर कनीना खंड के विभिन्न स्कूलों के 50 शिक्षक तथा डाइट के शुक्रमपाल यादव, राकेश यादव, सूर्यकांत यादव, नरेश यादव, धर्मेंद्र कुमार, पंकज यादव, किरण राव आदि मौजूद रहे। फोटो कैप्शन 12: प्राचार्य जलधीर कलकल हशिक्षकों को संबोधित करते हुए।
मेरा पहला वोट वोट डालने के लिए प्रसन्न है शिवानी नांगल हरनाथ ************************************************* ************************************************************* ************************************************* कनीना की आवाज। जिस किसी की उम्र 18 वर्ष या इससे अधिक हो गई उन्हें चुनाव आयोग मतदाता पहचान पत्र बनवाने और वोट डालने का अधिकार देता है। इसी कड़ी में नांगल हरनाथ की शिवानी ने अपना पहला वोट बनवाया है। उनका कहना है कि वोट पाकर मुझे अति प्रसन्नता है। सरकार और चुनाव आयोग समय.समय पर अपने वोट बनवाने की अनुमति देता है बशर्ते जिनकी उम्र 18 वर्ष हो चुकी है। वह अपना मतदाता पहचान पत्र बनवा सकता है और वह वोट डालने का अधिकारी है। कपिल का कहना है कि वह चाहते कि इस बार उनका वोट हार में न जाए। ऐसे प्रत्याशी का चयन हो जो सत्ता में जाकर क्षेत्र की मांगों को उजागर करें और उनको पूरा करवा सके। उनका कहना है कि वोट डालने का अधिकार 18 वर्ष या इससे अधिक उम्र के लोगों को है। उन्हें वोट डालना भी चाहिए और बनवाना भी चाहिए। युवा वर्ग में इस बार पहली बार वोट डालने की खुशी है क्योंकि 5 वर्षों में वोट डाले जाते हैं। ऐसे में बहुत से युवा 18 वर्ष के हो चुके हैं और वोट भी बनवा लिया है किंतु उसका प्रयोग नहीं कर पाए हैं। अब वह वक्त भी आ गया जब भी अपने मतदाता पहचान पत्र का उपयोग कर सकेंगे। वह अपने पसंदीदा प्रत्याशी का चुनाव करेंगे। फोटा कैप्शन: शिवानी प्रथम वोटर
जागो, वोटर जागो अपने मताधिकार का प्रयोग करना ही उचित निर्णय -योगेंद्र ************************************************* ************************************************************* ************************************************* कनीना की आवाज। योगेंद्र सिंह शिक्षक है तथा अपने आसपास लोगों को वोट डालने के लिए जागरूक कर रही है। वो स्वयं भी वोट डालेंगे तथा दूसरों को भी वोट जरूर डालने की प्रेरणा देते रहते है। योगेश का कहना है कि जब चुनाव आयोग ने उनका मतदाता पहचान पत्र बनवा दिया है तो इसका उपयोग भी करना चाहिए। क्षेत्र में बेहतर काम कवाने के लिए अच्छे प्रत्याशी का चुनाव वोट से संभव है। ऐसे में वोट डालकर परोक्ष रूप से सत्ता में अपनी भागीदारी निभानी चाहिए। यदि हमडालने के लिए जाते हैं तो उनकी मनपसंद का प्रत्याशी की विजय होगा जो अपनी भूमिका निभाएगा। ऐसे ही प्रत्याशी जो क्षेत्र की मांगों को उजागर करेंगे। ऐसे में अच्छे प्रत्याशी का चुनाव करने के लिए वोट डालने जरूर जाना है। वोट किसी के कहने और बहकावे से नहीं अपितु स्वतंत्र रूप से दिया जाता है। वोट को उजागर नहीं किया जाता तथा वोट देने वाले को प्रत्याशी के गुण एवं दोषों पूरा ध्यान होना चाहिए ताकि अच्छे प्रत्याशी का चुनाव हो सके । फोटो कैप्शन: योगेंद्र कुमार शिक्षक
16 गांवों में जल की वैन द्वारा की गई जांच -जल बचाने का दिया संदेश ************************************************* ************************************************************* ************************************************* कनीना की आवाज। जल जीवन मिशन के तहत जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग की ओर से जिले के सभी खंडों मोबाइल वाटर टेस्टिंग वैन के माध्यम से गांव गांव जाकर मौके पर ही केमिकल जांच करवाई जा रही है। जानकारी देते हुए खंड संसाधन संयोजक मोहित कुमार ने बताया कि मोबाइल लैब कनीना खंड के सोलह गांवों का जल परिक्षण किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि भारत की लगभग 60 प्रतिशत से अधिक आबादी पानी की कमी वाले क्षेत्रों में निवास करती हैं। वर्तमान समय में कर्नाटक का बैंगलुरू जैसा शहर गंभीर जल संकट का सामना कर रहा है। भविष्य में हमें भी इस तरह के जल संकट का सामना ना करना पड़े उसके लिए हमें जल स्रोतों का संरक्षण करना चाहिए। उनकी स्वच्छता पर भी विशेष ध्यान देना चाहिए। गिरते भूजल स्तर के साथ साथ जल की गुणवत्ता पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। बढ़ते शहरीकरण और औधोगिकीकरण के कारण भी जल प्रदूषण बढ़ता जा रहा है। हमें जल स्वच्छता और संरक्षण को जीवन का अनिवार्य संस्कार बनाना ही होगा। खंड कनीना की ग्राम पंचायत कपूरी,पडतल, मोड़ी, मानपुरा,ढाणा,भोजावास,गोमला,गोमली में वाटर टेस्टिंग मोबाइल वैन ने दौरा कर जल परीक्षण किया। लैब असिस्टेंट उज्ज्वल कुमार ने बताया कि मोबाइल वाटर टेस्टिंग वैन के माध्यम से मुख्यत: टीडीएस,पीएच, टरबीडिटी आयरन, वाटर हार्डनेस, फ्लोराइड, नाइट्रेट, सल्फेट व जिंक तत्वों की जांच की जाएगी। इस मौके पर सरपंच गोमली, उर्मिला देवी, वेदप्रकाश उर्फ मिंटू सरपंच गोमला,पवन भोजावास, सेवानंद मोटर चालक सत्यवीर , नरेंद्र,अमृत सिंह, अमरजीत, संदीप कुमार उपस्थित रहे। फोटो कैप्शन 11: गांवों में जल के केमिकल्स की जांच करती वैन।
कई गांवों में मेले संपन्न --खेलकूद प्रतियोगिताएं चली ************************************************* ************************************************************* ************************************************* कनीना की आवाज। जिला के गांव सिहोर में बाबा ब्रहमचारी, कोका में बाबा जवाहरदास तथा भोजावास बाबा हेमादास की स्मृति में विशाल मेले तथा खेल कूद प्रतियोगिताएं आयोजित की गई। मंदिरों में धोक लगाकर समाज में सुख शांति की प्रार्थना की। सिहोर तथा कोका में हरियाणा स्टाइल कबड्डी तथा भोजावास डू एंड डाई कबड्डी प्रतियोगिता के साथ लड़के तथा लड़कियों की अलग-अलग दौड़ तथा कुश्ती दंगल आयोजित किए। इस अवसर पर मंदिरों में विशाल भंडारे आयोजित किए गए जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। इस अवसर पर देवव्रत प्रधान, हरीश सरपंच, सूरजभान सरपंच कुलदीप सरपंच, भागसिंह चेयरमैन, कैलाश सेठ, छाजूराम, रामेश्वर पंच, रामनिवास, दौलतराम चेयरमैन, ओमबीर सिंह, लीलाराम, कटेचंद, कैलाश सोनी, समय पहलवान, बल्लूराम प्रधान, रामकुमार, विकास, वेद साहब, रामौतार साहब, गजराज साहब, विजय फौजी, अजय, रोताश, संजय मास्टर, नत्थूराम आदि हजारों ग्रामीण मौजूद थे। फोटो कैप्शन 10: खिलाडिय़ों का परिचय प्राप्त करते मुख्य अतिथि।
बजरंगबली के जयकारे के साथ, 380वें दिन जारी रहा धरना --अनिश्चितकालीन है धरना ************************************************* ************************************************************* ************************************************* कनीना की आवाज। राष्ट्रीय राजमार्ग 152डी पर सेहलंग -बाघोत के बीच कट के लिए धरने कि अध्यक्षता वेद प्रकाश सेहलंग ने की और उन्होंने बताया कि हमें धरना स्थल पर बैठे एक साल से ज्यादा समय हो गया है, मंगलवार का दिन है, बजरंगबली हनुमान के दर्शन करके हमने मन्नत मांगी है कि हमारे राज्य सरकार और केंद्र सरकार के कर्मचारी, अधिकारी, विधायकों, सांसदों और मंत्रियों को वो शक्ति प्रदान करें जिससे राष्ट्रीय राजमार्ग 152डी पर बाघोत -सेहलंग के बीच कट का काम जल्द शुरू किया जा सके। ग्रामीणों में केंद्र सरकार के प्रति नाराजगी है। यदि केंद्र सरकार ने कट को लेकर जल्दी कार्रवाई नहीं की तो सरकार को इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा। आचार्य मक्खन लाल स्वामी ने बताया कि केंद्र सरकार को ग्रामीणों की कट की मांग पर जल्द कार्रवाई करनी चाहिए, ग्रामीणों को कट की जरूरत है, इनकी मांग जायज है, क्षेत्र का विकास कट बनने के बाद ही संभव है। ग्रामीणों की मेहनत बेकार नहीं जाएगी, रंग लायेगी और कट बनेगा ढ्ढ धरना संघर्ष समिति के अध्यक्ष विजय सिंह चेयरमैन ने बताया कि धरने को चलते 380 दिन हो गए हैं। केंद्र सरकार की तरफ से राष्ट्रीय राजमार्ग 152डी पर बाघोत -सेहलंग के बीच कट का काम शुरू न होने के कारण ग्रामीणों में आक्रोश बढ़ रहा है लेकिन पक्के इरादे के साथ धरना स्थल पर बैठे हुए हैं, जब तक केंद्र सरकार राष्ट्रीय राजमार्ग 152डी पर बाघोत -सेहलंग के बीच चढऩे उतरने का मार्ग शुरू नहीं होता है, तब तक धरना जारी रहेगा। इस मौके पर सरपंच हरिओम पोता, ठेकेदार शेर सिंह, सतपाल चेयरमैन, नरेंद्र शास्त्री, रामकिशन, बाबूलाल, पूर्व सरपंच सतवीर सिंह, मनफूल, ओमप्रकाश, मास्टर विजयपाल, मुंशी राम, सीता राम, डॉ रामभक्त, रामावतार, सतपाल, इंस्पेक्टर सत्यनारायण, मास्टर विजय सिंह, महेंद्र सिंह,पूर्व सरपंच हंस कुमार, नंबरदार नाथूराम,अशोक चौहान, शेर सिंह, सज्जन सिंह, राजू उर्फ राजेश, राम भक्त, प्रधान कृष्ण कुमार, सूबेदार हेमराज अत्री, रोशन लाल आर्य व गणमान्य लोग मौजूद थे। फोटो कैप्शन 09: कट की मांग को लेकर धरने पर बैठे ग्रामीण
थियेटर दिवस/रंगमंच दिवस-27 मार्च प्रतिभा का असली प्रदर्शन होता था थियेटर में -चंद्रप्रकाश पहुंचे हैं थियेटर से फिल्मों तक ************************************************* ************************************************************* ************************************************* कनीना की आवाज। अपनी प्रतिभा का असली परिचय थियेटर के माध्यम से ही कलाकार दे पाते थे, वर्तमान में तो प्रतिभा की बजाए कैमरे की करामात तथा टुकड़ों के रूप में फिल्में बनाकर प्रतिभा का परिचय दिया जाता है। यह बात थिएटर से फिल्म तक के सफर कर चुके बसई निवासी चंद्रप्रकाश के हैं। चंद्र प्रकाश ने न केवल नाटकों में काम किया अपितु अपने समय में थिएटर में बेहतर प्रदर्शन करने के बाद हरियाणवी और हिंदी दोनों फिल्मों में भी अब काम कर रहे हैं। यंू तो थिएटर के रंगकर्मी के रूप में सबसे अधिक नाम प्रताप सिंह विश्वासी है जो अब काम से दूरी बना रहे हैं। वहीं महेंद्र शर्मा झाड़ली वाले भी क्षेत्र से संबंध रखते हैं। थिएटर में प्रदर्शन थिएटर में रंगमंच कर्मी बतौर काम कर चुके चंद्रप्रकाश का कहना है कि क्या जमाना था जब वे अपनी कला का प्रदर्शन दर्शकों और श्रोताओं के समक्ष रूबरू होकर प्रदर्शित करते थे। अपने पूरे जोश से व शुद्ध उच्चारण कर उपस्थित भीड़ के अंतिम दर्शकों और श्रोताओं तक अपनी आवाज बेहतर ढंग से पहुंचाने का प्रयास करते थे। उनकी हर कला को दर्शक बखूबी नजर रखते थे और कभी-कभी तो कई कई दिनों तक मेहनत करनी पड़ती थी ताकि वह एक बेहतर रंगकर्मी के रूप में उपस्थित हो सके। उन्होंने बताया कि दिल्ली में उन्होंने कई सालों तक काम किया है। यहां तक कि उनका प्रदर्शन स्कूल स्तर से शुरू हुआ तत्पश्चात बड़े मंच से होते हुए दिल्ली के थिएटर में प्रदर्शन किया और आज भी हिंदी एवं हरियाणवीं फिल्मों में नाम कमा रहे हैं। उन्होंने बताया कि उनकी आवाज, उनका चेहरा, उनका प्रदर्शन, उनकी कला तथा उनकी आवाज के उतार-चढ़ाव तथा बोलने की अदा को विशेष रूप से देखा जाता था। कोई कितनी भी प्रतिभा लिए हुई हो किंतु थिएटर में तो उनका काम तभी नजर आएगा जब अपना प्रदर्शन बहुत बेहतर ढंग से कर पाता है। कई बार तो कलाकार दर्शकों के दिल में उतर जाते हैं तभी वे बेहतर कलाकार माने जाते हैं। चंद्रप्रकाश ने टीवी सीरियल में काम किया है और वे अपनी फिल्मों में अपनी प्रतिभा का परिचय करवाने लगे, तब से उनका नाम लोग जानते हैं। वर्तमान में फिल्मों में भूमिका निभा रहे हैं और एक गरीब परिवार से संबंध रखते हैं। कैसे पहुंचे थिएटर से फिल्मों तक- चंद्रप्रकाश बताते हैं कि अतीत का जमाना अपने आप में अति मार्मिक और सुंदर होता था जिसके लिए कई कई दिन तक मंच पर आने से पहले अभ्यास करना पड़ता था। तब जाकर मंच पर प्रदर्शित अपनी कला के जरिये लोगों के दिलों में उतारना पड़ता था। वे बताते हैं कि उनकी सौतेली मां के कारण वह थिएटर, टीवी सीरियल और फिल्मों तक पहुंचे। वे अपनी प्रतिभा की बुलंदियों को छू रहे हैं। थिएटर में भी थानेदार की भूमिका निभाते थे, फिल्मों में भी थानेदार की भूमिका निभा रहे हैं किंतु उनकी इच्छा थानेदार बनने की थी वो पूरी न हो सकी। उनकी सौतेली मां ने उनकी जिंदगी को बदला। जब वे एक दिन अपनी सौतेली मां के सामने आए तो उनकी मां ने मजाक करते हुए कहा कि बड़ा आया हीरो बनकर। बस यहीं से उनके दिल में कुछ कर दिखाने की सूझी और वे थियेटर तक पहुंच गये। थिएटर के बाद टीवी सीरियल में पहुंचे, टीवी सीरियल के जरिए उनकी पहचान बढ़ गई और एक दिन उनकी मुलाकात आरके खन्ना से हुई जिन्होंने उन्हें फिल्मी दुनिया में हीरो का रोल दे दिया। तब से फिल्म पीछे मुड़कर नहीं देखा। उन्होंने हरियाणवी, हिंदी टेली फिल्म ,टीवी सीरियल में अपना प्रदर्शन किया है। आज भी चंद्रप्रकाश अविवाहित हैं और उन दिनों को याद करते हैं। थिएटर को ज्यादा महत्वपूर्ण मानते हैं जबकि फिल्मों को ज्यादा महत्वपूर्ण नहीं मानते। फिल्मों में तो आजकल कला को बढ़ाने के लिए अनेक तरीके अपनाए जाते हैं। अगर संवाद में गलती हो जाए तो फिर से रिटेक किया जाता है जबकि थिएटर में ऐसा संभव नहीं था। आजकल तो कैमरे की के सामने आना पड़ता है, कैमरे के सामने संवाद की अदायगी उन को महान बनाती है किंतु अनेक तकनीकों के जरिए कला में निखार दिखाया जाता है। यहां तक की साज सज्जा के जरिए भी उन्हें अलग तरीके से दिखा दिया जाता है किंतु थिएटर में ऐसा कुछ भी नहीं था। कैसे पहुंचे हरियाणवी फिल्मों में - आवश्यकता आविष्कार की जननी है। चंद्र प्रकाश ने चौथी कक्षा पा रहे तभी उसके पिता ने दूसरी शादी कर ली। चंद्रप्रकाश ने जैसे तैसे स्नातक स्तर की शिक्षा पाई और सभी चार बड़े भाई बहनों में बड़ा होने के कारण उन पर सारी जिम्मेदारियां आ पड़ी। तब से उन्होंने थिएटर फिर टीवी सीरियल, फिल्मों में काम करना शुरू किया। हरियाणवी फिल्मों के विषय में बताते हैं कि एक बार हरियाणवी फिल्म छोरी नंबर वन के लिए रोहतक में चल रहे आडिशन में चले गए, तो खरे उतरे और 1998 से हरियाणवी फिल्मों में पदार्पण किया। चंद्रप्रकाश बताते कि उनके कि उन्होंने नेगेटिव और पॉजिटिव दोनों रोल अदा किया। खलनायक की भूमिका अधिक कर रहे हैं, डबल रोल भी किया है। चंद्रप्रकाश बताते 100 से अधिक नाटक, 17 टेली फिल्म, हिंदी एवं हरियाणवी फिल्मों में काम किया है। टीवी सीरियल साथ निभाना साथिया , पृथ्वी वल्लभ, चंद्रशेखर, जय हनुमान, सावधान इंडिया में काम किया है। वही हिंदी फिल्मों में एनसीआर अपना है कौन, प्रयास, प्यार में ऐसा होता है, लव फिर कभी। उनकी आने वाली फिल्मों में मर्डर कनेक्शन, एक रुपैया ,युद्धवीर हैं यही नहीं उन्होंने 50 से अधिक हरियाणवी डीजे सोंग निकाले हैं। और आज अपनी कला के रूप में जाना जाता है। किंतु वे पुरानी यादों में थिएटर को नहीं भूल पाते हैं। और उन दिनों को बहुत बेहतर समझते हैं। वो आज भी अपने माता-पिता और गुरु के प्रति गहन लगाव रखते हैं। चंद्रप्रकाश बताते उनके पिता होशियार सिंह तथा मां सरती देवी से बेहद प्यार है उनके चरणों में बैठकर घंटों बातें करते हैं किंतु गुरु के प्रति बेहद लगाव रखते हैं। माता पिता और गुरु ही सच्चे ज्ञान देते हैं। उनके प्रति आदरभाव होना चाहिए। फोटो फोटो कैप्शन 08: चंद्रप्रकाश रोल निभाते हुए साथियों के साथ साथ में चंद्रप्रकाश पीपी
सरसों की कटाई का काम अंतिम चरण में -होली पर लौट गये हैं मजदूर ************************************************* ************************************************************* ************************************************* कनीना की आवाज। कनीना क्षेत्र में सरसों की कटाई का काम लगभग पूर्ण होने जा रहा है। अब अधिकांश मजदूर अपने प्रांतों को लौट गये हैं। गेहूं की फसल अप्रैल माह में लावणी आएगी। तब फिर से लौटने के आसार हैं। कनीना क्षेत्र में करीब 20 हजार हेक्टेयर पर सरसों उगाई गई थी जिसकी लावणी का काम लगभग पूर्ण होने को है। किसानों गजराज, अजय, महेंद्र, कांता का का कहना है कि गेहूं में अभी एक और सिंचाई की जरूरत है वहीं सरसों की लावणी लगभग पूर्ण हो चुकी है। सरसों पैदावार लेने का काम चल रहा है। बाजार तक सरसों अप्रैल के प्रथम सप्ताह में पहुंचने की संभावना है। सरसों फसल की कटाई के साथ साथ किसान सरसों के धांसे भी काटकर ईंधन के रूप में प्रयोग करते हैं। इस मौसम में लंबे समय तक ईंधन के विकल्प के रूप में काम आने वाले धांसों की मांग बढ़ जाती है। दूसरे राज्यों से फसल कटाई के लिए मजदूर भारी संख्या में आये थे। ये मजदूर किसान से निश्चित राशि लेकर कटाई करते हैं तथा वापस अपने प्रांत को चले जाते हैं। किसान आलसी होते जा रहे हैं और इन मजदूरों से ही कटाई करवाने लगे हैं। विभिन्न किसानों के पास मजदूरों के फोन नंबर होते हैं जिस पर वे फोन करके उन्हें फसल कटाई के समय बुला लेते हैं। अब बहुत से मजदूर अपने प्रांतों को होली पर्व पर लौट गये हैं। पुन: अप्रैल माह में गेहूं की लावणी के वक्त लौटकर आने की उम्मीद है। मिली जानकारी अनुसार राजस्थान, बिहार एवं उत्तरप्रदेश, मध्यप्रदेश राज्यों के भारी संख्या में मजदूर लावणी के लिए आते हैं। मजदूर होली पर्व पर अपने गांव चले गये हैं। बाहर से आने वाले मजदूर अपने साथ थ्रेसर एवं ट्रैक्टर आदि भी रखते हैं ताकि फसल काटने के अलावा फसल निकालने का काम भी पूरा कर सके। राजस्थान में सरसों करीब एक माह पहले ही निकाली जा चुकी हैं। हर हर वर्ष बढ़ जाते हैं इनके रेट- हर वर्ष इन मजदूरों के भी रेट बढ़ जाते हैं। विगत वर्ष जहां 5000 रुपये तक एक एकड़ गेहूं खेत की लावणी की गई। इस बार अनुमान है कि कम से कम 6000 रुपये प्रति एकड़ में लावणी कर रहे हैं। लावणी के अतिरिक्त भी इन मजदूरों से खेती करने तथा मुर्गी फार्म में रखरखाव का काम करते हैं। सरसों की लावणी का रेट विगत वर्ष 2500 रुपये प्रति किला था किंतु इस बार यह कम से कम 3 हजार रुपये किला है। फोटो कैप्शन 09: सरसों की लावणी का नजारा
गोमली गांव की ओर से आयोजित हुए बालीबाल खेल --नीरज शर्मा मैन आफ द टूर्नामेंट घोषित ************************************************* ************
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