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Saturday, July 26, 2025


 खुश खबरी----     
27 से 31 तक क्षेत्र में वर्षा की संभावना
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कनीना की आवाज।
 हरियाणा एनसीआर दिल्ली में लगातार मौसम में बदलाव देखने को मिल रहा है। मानसून टर्फ पिछले एक सप्ताह से हरियाणा राज्य के उत्तर में कभी मध्य में तों कभी दक्षिणी हिस्सों और कभी राजस्थान पर पहुंच रही हैं जिसकी वजह से हरियाणा एनसीआर दिल्ली में लगातार मौसम परिवर्तन शील बना हुआ है। जहां बारिश होती है वहां मौसम सुहावना और जहां बारिश नहीं होती वहां उमसभरी पसीने छुटाने वाली गर्मी से आमजन को रूबरू होना पड़ रहा है। शुक्रवार को रात्रि और  शनिवार को अलसुबह तक हरियाणा एनसीआर दिल्ली पर बनें चक्रवातीय सर्कुलेशन से और बंगाल की खाड़ी पर बने सुस्पष्ट डिप्रेशन के असर से हरियाणा एनसीआर दिल्ली और हरियाणा के दक्षिणी हिस्सों सोनीपत फरीदाबाद पलवल मेवात गुडग़ांव रेवाड़ी झज्जर रेवाड़ी चरखी दादरी महेंद्रगढ़ में  कुछ स्थानों पर अच्छी बारिश और कुछ अन्य स्थानों  भिवानी रोहतक और अन्य स्थानों पर छिटपुट बूंदा-बांदी और बिखराव वाली बारिश की गतिविधियों को दर्ज किया गया जिससे उमसभरी पसीने छुटाने वाली गर्मी से आमजन को राहत मिली है । वर्तमान समय में सुस्पष्ट डिप्रेशन, उत्तरी छत्तीसगढ़ और संलग्न झारखंड के ऊपर स्थित है। इसके उत्तरी छत्तीसगढ़ और पूर्वी मध्य प्रदेश से होकर लगभग पश्चिम की ओर बढ़ते रहने और कल तक धीरे-धीरे कमजोर होकर एक सुस्पष्ट निम्न दबाव क्षेत्र में परिवर्तित होने की प्रबल संभावना है जिसका ट्रैक  मध्य प्रदेश से होता हुआ पूर्वी राजस्थान पर 27/28 जुलाई को पहुंचने की संभावना बन रही है। साथ ही साथ एक नया पश्चिमी विक्षोभ उत्तरी पर्वतीय क्षेत्रों पर 27 जुलाई को एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से  27-31 जुलाई के दौरान हरियाणा एनसीआर दिल्ली के दक्षिणी जिलों  महेंद्रगढ़ रेवाड़ी चरखी दादरी  झझर गुडग़ांव पलवल फरीदाबाद नूंह मेवात  और एनसीआर दिल्ली में हल्की से मध्यम बारिश कुछ स्थानों पर  तेज़ गति की हवाओं के साथ तीव्र बारिश की गतिविधियां जबकि मध्यवर्ती  भिवानी रोहतक  सोनीपत और उत्तरी  पंचकूला अंबाला यमुनानगर व पूर्वी जिलों कुरुक्षेत्र करनाल पानीपत में  तेज़ गति की हवाओं के साथ हल्की बारिश बूंदा-बांदी और कुछ स्थानों पर तीव्र बारिश की गतिविधियां जबकि शेष हरियाणा  सिरसा फतेहाबाद हिसार जींद कैथल में बिखराव वाली हल्की बारिश बूंदा-बांदी  एक दो स्थानों पर तेज़ बारिश की गतिविधियों की संभावना बन रही है।  हालांकि आज एक बार फिर से मानसून टर्फ हरियाणा एनसीआर दिल्ली  के दक्षिण में प्रदेश के सटे राजस्थान पर पहुंच गई है।  वर्तमान में मानसून ट्रफ़, माध्य समुद्र तल पर अनूपगढ़, चुरू, ग्वालियर, रीवा, उत्तरी छत्तीसगढ़ और संलग्न झारखंड पर डिप्रेशन के केंद्र तक फैली हुई है। साथ ही साथ एक ऊपरी हवा का चक्रवातीय परिसंचरण दक्षिण-पश्चिम मध्य प्रदेश और निकटवर्ती क्षेत्रों में माध्य समुद्र तल से 3.1 और 5.8 किमी की ऊंचाई के मध्य सक्रिय है। आज आज भी दोपहर बाद सिरसा फतेहाबाद हिसार भिवानी और महेंद्रगढ़ के नारनौल और अटेली में हल्की बारिश बूंदा-बांदी की गतिविधियां देखने को मिलीं। जिला महेंद्रगढ़ में लगातार मौसम में बदलाव देखने को मिल रहा है लगातार बादलों की आवाजाही बनी हुई है आज शाम को भी जिला महेंद्रगढ़ में नारनौल में झमाझम बारिश की गतिविधियों को दर्ज किया गया है। स्त्रोत--
डा. चंद्र मोहन प्रोफेसर, मौसम विशेषज्ञ

मौसम की फोटो साथ है





सीइटी परीक्षा के चलते सड़कों सड़कों पर रही भीड़, जाम जैसी समस्या भी बनी
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कनीना की आवाज।
 हरियाणा सरकार द्वारा आयोजित सीइटी परीक्षा के चलते सुबह से शाम तक सड़कों पर भारी संख्या में वाहन चले जिनमें जहां निजी बसें, रोड़वेज बसें और अन्य साधन सड़कों पर दौड़ते रहे। जिनके चलते जाम जैसी समस्या बनी रही। कनीना बस स्टैंड के पास मंडी तिराहे पर जाम की समस्या दिनभर बनी रही। रोडवेज की बसों में बहुत कम यात्री इधर-उधर जाते नजर आए क्योंकि सरकार ने पहले ही घोषणा कर दी थी कि जिनको जरूरी काम हो वो ही घर से बाहर निकले। ऐसे में अधिकांश लोग घरों में रहे। विद्यार्थी वर्ग अपने निजी साधनों से परीक्षा केद्रों पर जाते नजर आए। जहां सुबह की पारी में जल्दी सुबह ही निजी वाहन सड़कों पर दौडऩे लगे वहीं दोपहर पश्चात वापस आते नजर आये।
सुरेंद्र सिंह, महेंद्र, सूबे सिंह ने बताया कि सड़क पार करने में भी कई-कई मिनट का इंतजार करना पड़ा। दुपहिया वाहन, चार पहियों की गाडिय़ां, रोड़वेज बसें तथा निजी साधन जमकर दौड़ते नजर आए। कनीना से अधिकांश विद्यार्थी रेवाड़ी एवं चरखी दादरी में परीक्षा देने गए। 27 जुलाई को भी भारी भीड़ रहने की संभावना बन गई है।
 फोटो कैप्शन 05: कनीना में सीइटी के चलते जाम की समस्या




व्हाट्सअप बंद, मेल भेजे
--टेलीग्राम पर देखे ताजा समाचार
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कनीना की आवाज।
कनीना के लेखक एवं पत्रकार डा. होशियार सिंह यादव के दोनों व्हाट्सअप 9416348400 तथा 9306300700 दोनों बंद हैं। ऐसे में समाचार भेजने के लिए मेरा मेल आईडी hsnirban2025@gmail.com ही प्रयोग करें। ताजा समाचार पढऩे के लिए टेलीग्राम पर तथा विडियो के रूप में उपलब्ध रहती हैं।
संपर्क नंबर-9416348400 तथा 9306300700
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नारनौल में सीईटी -2025 का पहले दिन की परीक्षा शांतिपूर्ण संपन्न
-डीसी-एसपी दिनभर डटे रहे फिल्ड में
-तनाव मुक्त व अनुकूल वातावरण में दी हजारों युवाओं ने परीक्षा
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कनीना की आवाज।
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के निर्देश अनुसार जिला प्रशासन के अथक प्रयासों से आज सामान्य पात्रता परीक्षा का पहला दिन नारनौल और महेंद्रगढ़ में शांतिपूर्ण व सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। जिला प्रशासन द्वारा किए गए व्यापक और पुख्ता प्रबंधों ने परीक्षार्थियों को बेहद उत्साहित किया?। परीक्षार्थियों ने हरियाणा सरकार और जिला प्रशासन की मुक्त कंठ से प्रशंसा की।
इस परीक्षा की तैयारियों का जायजा लेने के लिए उपायुक्त डा. विवेक भारती और पुलिस अधीक्षक पूजा वशिष्ठ ने सुबह 6:00 बजे से ही फील्ड का दौरा शुरू कर दिया था। उन्होंने नारनौल और महेंद्रगढ़ के विभिन्न परीक्षा केंद्रों का औचक निरीक्षण किया।
जिला प्रशासन ने इस परीक्षा के सफल आयोजन के लिए व्यापक योजना बनाई थी। इसमें सुरक्षा से लेकर आवश्यक सुविधाओं तक हर पहलू का पूरा ध्यान रखा गया था। परीक्षा केंद्रों पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात था ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके। इसके अलावा परीक्षार्थियों के लिए स्वच्छ पेयजल, उचित बैठने की व्यवस्था और अन्य बुनियादी सुविधाएं भी सुनिश्चित की गई थीं। सरकार की ओर से किए गए इन सभी प्रबंधों ने परीक्षार्थियों को एक तनाव मुक्त और अनुकूल वातावरण दिया।
परीक्षा में शामिल होने वाले परीक्षार्थी जिला प्रशासन की व्यवस्थाओं से काफी संतुष्ट नजर आए। उन्होंने विशेष रूप से सरकार के पारदर्शी और सुव्यवस्थित तरीके से परीक्षा आयोजित करने के प्रयासों की सराहना की। कई परीक्षार्थियों ने बताया कि उन्हें किसी प्रकार की असुविधा का सामना नहीं करना पड़ा और वे शांतिपूर्ण माहौल में अपनी परीक्षा दे पाए।
उपायुक्त डॉ. विवेक भारती ने कहा कि आज का सफल आयोजन हमारी टीम के समर्पण और कड़ी मेहनत का परिणाम है।
पुलिस अधीक्षक पूजा वशिष्ठ ने भी सुरक्षा व्यवस्था पर संतोष व्यक्त किया और कहा कि हमने यह सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए थे कि परीक्षा के दौरान किसी भी प्रकार की गड़बड़ी न हो। पुलिस बल की मुस्तैदी और नागरिकों के सहयोग से आज का दिन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।




उप-मंडल होते हुए भी नहीं मिल रही सुविधाएं
-कनीना की हो रही अनदेखी,नहीं बना सीइटी का सेंटर
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कनीना की आवाज।
कनीना उप-मंडल को बने 12 साल बीत गए किंतु अभी तक को उप-मंडल की कोई सुविधा नहीं मिली है। जब भी कोई बड़ी परीक्षा आयोजित होती है नारनौल एवं महेंद्रगढ़ तक की सीमित रह जाती है जबकि कनीना में नहीं। कनीना में उच्च संस्थान भी है और सभी अधिकारी यहां बैठते हैं। सीइटी की परीक्षा भी कनीना में आयोजित नहीं हुई।
यहां तक की कनीना में रेलवे स्टेशन की ओर किसी ने कोई ध्यान नहीं दिया है। आज तक सावधान ट्रेनों के अलावा कोई ट्रेन ठहराव नहीं कर रही है। कनीना विधानसभा क्षेत्र भी होता था। 1972 के चुनावों के बाद इसे तोड़ दिया था और आज तक विधानसभा क्षेत्र के लिए तरस रहा है। कनीना में 10वीं और 12वीं की पूरक परीक्षा यहां आयोजित नहीं होती और न ही यहां मार्किंग सेंटर बनाया जाता है। कनीना के अनेक नेता और मंत्री समय-समय पर सरकारों में रहे हैं परंतु सुविधा प्रदान करने में कामयाब नहीं हुये हैं। कनीना को उसके हक की लड़ाई स्वयं लडऩी पड़ी है।  नगरपालिका को तोड़ा गया तो उसे बहाल किया हो लड़ाई से लडऩी पड़ी है तथा विधानसभा क्षेत्र के लिए भी आंदोलन किया गया था। कनीना में न्यायिक परिसर बनाने के लिए भी लंबी लड़ाई लडऩी पड़ी थी।
यह सत्य है कि कनीना को उप-मंडल का दर्जा दिलवाने में अटेली की पूर्व विधायक एवं पूर्व सीपीएस अनीता यादव का अहम योगदान रहा है। किंतु अनीता यादव को अटेली से दोबारा जीत का मौका नहीं मिला है। सुविधाओं के अभाव में कनीना की हालत एक गांव से बदतर हो चली है।

 

 

 

 

 

गाहड़ा निवासी 98 वर्षीय समाजसेवी भगवान सिंह का निधन
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कनीना की आवाज।
कनीना उप-मंडल के गांव गाहड़ा निवासी समाजसेवी भगवान सिंह 98 वर्षीय का शनिवार सुबह निधन हो गया। वे समाज सेवा में अग्रणी भूमिका निभाते थे। वे अपने पीछे भरा पूरा परिवार छोड़ गए। सादा जीवन उच्च विचार का वें क्रियात्मक रूप थे। जिनका अंत्येष्टि संस्कार वैदिक रीति से आर्य समाज गाहड़ा के प्रधान रामेश्वर दयाल शास्त्री के दिशा निर्देशन में संपन्न हुआ। परमपिता परमेश्वर से उनकी आत्मिक शांति हेतु वैदिक धुन के बाद दो मिनट का मौन रखा गया।  इस अवसर पर शुद्धि यज्ञ का आयोजन किया गया। जिसमें प्रकृति शोधनार्थ, आत्मकल्याणार्थ, रोग -शोक निवारणार्थ वेद की ऋचाओं द्वारा प्रार्थना की गई।  अंतिम यात्रा में दलीप सिंह यादव, सुरेन्द्र गाहड़ा, भूपेंन्द्र सिंह, रामानंद यादव, फूल सिंह, श्रीपाल सरपंच, सुमेर सिंह, पंडित चितरु राम, राजबीर पूर्व सरपंच, इन्द्र कुमार, लाला राम सहित विभिन्न गांवों से गणमान्य लोग शामिल हुए।
फोटो कैप्शन : भगवान सिंह गाहड़ा फाइल फोटो












अगिहार में मनाया कारगिल दिवस
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कनीना की आवाज।
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय अगिहार में कारगिल विजय दिवस धूमधाम से मनाया। इस अवसर पर कारगिल युद्ध में शहीद हुए  भारतीय सेना के जांबाज जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई जिन्होंने इस युद्ध में अपना सर्वोच्च बलिदान दिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता विद्यालय की कार्यवाहक प्राचार्या पूनम यादव ने की। विद्यालय में अंग्रेजी के प्रवक्ता मदनमोहन  कौशिक ने विद्यार्थियों को भारतीय सेना के शौर्य और पराक्रम के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने बताया कि 16500 फीट की ऊंचाई पर विषम परिस्थितियों में  लड़े गए इस युद्ध को दो महीने में जीतकर भारतीय सेना ने पूरी दुनिया में अपने पराक्रम का लोहा मनवाया तथा दुश्मन को लोहे के चने चबाने पर मजबूर कर दिया। उन्होंने विद्यार्थियों का आह्वान किया कि वे देश के प्रति तन-मन-धन अर्पित करने के लिए तैयार रहें क्योंकि देश की रक्षा करना केवल सैनिकों का ही कर्तव्य नहीं है।  इस अवसर पर सचिन,अर्चना, कल्पना, साहिल,नव्या तथा नरगिस ने देशभक्ति पूर्ण कविताएं और भाषण प्रस्तुत किए इस अवसर पर विद्यालय के प्रवक्ता अजय कुमार बंसल,निशा जांगड़ा, राजेंद्र कटारिया,वंदना जांगड़ा धर्मेंद्र डीपीई, मुख्य शिक्षक रतनलाल, सुरेंद्र सिंह,तथा प्रमोद कुमार सहित विद्यालय के समस्त स्टाफ एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।
फोटो कैप्शन 02: अगिहार में कारगिल दिवस मनाते हुए।




हेरिटेज विद्यालय में हरियाली तीज उत्सव को बड़े धूमधाम से मनाया गया
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कनीना की आवाज।
उपमंडल कनीना में स्थित हेरिटेज वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय मोहनपुर में हरियाली तीज उत्सव को बड़े धूमधाम से मनाया गया जिसमें बच्चों ने अपनी प्रतिभा दिखाई सर्वप्रथम विद्यालय में पूजा अर्चना करके कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया कक्षा चौथी का छात्र विहान ने गणेश जी के ऊपर एक भजन प्रस्तुत किया जो बहुत ही प्रेरणादायक रहा इसके पश्चात अवनी ग्रुप ने हरियाली तीज गाने पर अपनी प्रतिभा दिखाई कक्षा दूसरी की छात्राएं बागडो नाचा सावन में गाने पर झूमते नजर आए सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान सातवीं कक्षा की छात्राएं जिन्होंने हरियाली तीज के उत्सव पर 52 गज के दमन की जब झोल पड़ा करती गाने पर बड़ी ही सुंदर प्रस्तुति दी जिसकी सभी अध्यापक गण ने सराहना की इसके पश्चात विद्यालय प्रांगण में हरियाली तीज के उत्सव पर बच्चों तथा अध्यापिकाओं ने झूले का आनंद लिया वह अध्यापक गणों ने पतंगबाजी कर बच्चों के साथ मिलकर इस उत्सव को मनाया इस उत्सव पर विद्यालय में मेहंदी प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया जिसमें छात्राएं जिन्होंने बहुत ही सुंदर-सुंदर मेहंदी हाथों पर लगाई जिसका परिणाम निकलते समय अध्यापक गण को बहुत ही सोच विचार करना पड़ा जिसमें छठी कक्षा की छात्रा मिस्टी पुत्री अनिल कुमार, सातवीं कक्षा की छात्रा लवली पुत्री नरेश कुमार, आठवीं कक्षा की छात्रा पूजा पुत्री नरेंद्र कुमार तथा नौवीं कक्षा की छात्रा जिया पुत्री मनोज कुमार ने प्रथम स्थान हासिल किया जिन्हें उचित उपहार देकर विद्यालय के अध्यक्ष ओम प्रकाश शर्मा ने उन्हें सम्मानित किया इस पूरे कार्य क्रम के दौरान विद्यालय में खुशी का माहौल बना रहा बच्चे तथा अध्यापक गण एक दूसरे को बधाई देते हुए नजर आए कार्यक्रम के अंत में विद्यालय के अध्यक्ष ओम प्रकाश शर्मा ने सभी बच्चों अध्यापक गणों को इस हरियाली तीज की शुभकामनाएं दी और जीवन में हमेशा प्रगतिशील रहने का मार्गदर्शन किया कार्यक्रम के दौरान विद्यालय के सीईओ कैलाश शर्मा, मनीष कुमार, डायरेक्टर खुशीराम शर्मा, प्रधानाचार्य कृष्ण सिंह, सीनियर कोआर्डिनेटर सुरेंद्र कुमार, जूनियर को-आर्डिनेटर सुमन मैम तथा समस्त अध्यापक उपस्थित रहा।
फोटो कैप्शन 03: हेरिटेज स्कूल में तीज का पर्व मनाते हुए।


लेफ्टिनेंट बनने पर सलोनी का किया अभिनंदन
-- भोजावास में सलोनी  का जोरदार अभिनंदन
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कनीना की आवाज।
सशस्त्र बल मेडिकल कालेज से सीधे लेफ्टिनेंट बनने पर पैतृक गांव भोजावास में सलोनी  का जोरदार अभिनंदन किया गया। बाबा जिंदादेव भोजावास में  सलोनी को साफा पहनाकर तथा प्रशस्ति पत्र भेंट कर सम्मानित किया।
 इस मौके पर अतरलाल ने कहा कि सलोनी ने सशस्त्र बल मेडिकल कालेज से सीधे लेफ्टिनेंट बनकर न केवल जिला महेन्द्रगढ़ का बल्कि पूरे हरियाणा का नाम रोशन किया है। इससे लड़कियों को आगे बढऩे की प्रेरणा मिलेगी। उन्होंने इलाकावासियों से लड़कियों की शिक्षा तथा परवरिश पर विशेष ध्यान देने की अपील की। सलोनी ने अपनी सफलता का श्रेय अपनी माता कूकल देवी तथा पिता अजीत सिंह तथा गुरुजनों को देते हुए कहा कि लक्ष्य बनाकर कठिन परिश्रम करने से कोई भी लक्ष्य और सफलता हासिल की जा सकती है। उन्होंने युवाओं को धैर्य तथा आत्मविश्वास के साथ अपना लक्ष्य प्राप्त करने की सलाह दी। इस अवसर पर परिवार द्वारा विशाल भंडारा आयोजित किया गया। जिसमें आसपास के गांवों के हजारों महिला पुरुषों ने प्रसाद ग्रहण किया। इस अवसर पर भागसिंह चेयरमैन, पूर्व मंडल प्रधान अतर सिंह कैमला, कालूराम बोहरा, साधु सिंह, कंवर सिंह तंवर, अजीत सिंह, ब्लॉक समिति मेंबर परमानंद, जयपाल सिंह थानेदार, सुमन देवी, सागर सिंह, पवन, कैलाश सेठ, विक्रम सिंह आदि अनेक जन उपस्थित थे।
फोटो कैप्शन 04: सलोनी को सम्मानित करते ग्रामीण।


चोर साहब के कारनामे-26
चोरी से जिसे मिलती है शांति वो जन नीच प्रवृत्ति का-संत
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कनीना की आवाज।
 कनीना के लेखक, पत्रकार एवं साहित्यकार होशियार सिंह के प्लाट से जहां विगत लंबे समय से गमले, तीन ट्राली पत्थर ,ईंट, बिजली का सामान तथा कृषि उपकरण आदि चोरी कर ले गया। और तो और निर्माणाधीन मंढ़ी की ईंटें भी उखाड़ ले गया। चोर साहब को शांति तभी मिलती है जब तक कि वह किसी का बुरा नन कर दे। चोर साहब ने विगत समय में ऐसे ऐसे कारनामे कर दिखलाया जिनको सुनकर लोग दांतों तले अंगुली दबाने को मजबूर हो जाते हैं। एक के बाद एक तीन ट्राली पत्थर उठाने और वह भी रातोंरात जो बहुत कठिन कार्य है किंतु कठिन कार्य को भी उसने बखूबी से अंजाम दे दिया। ऐसा बार-बार प्लाट की दीवार पर नोटिस लगाने के बावजूद भी कर दिखलाया। चोर साहब चोरी में ही खुश होता है। चोर साहब दूसरे खुशी को बर्दाश्त नहीं कर सकता और खुद चाहे कितनी बड़ी चोरी करें उसे खुशी मिलती है। क्या कहते हैं चोरी के विषय में संत एवं महात्माओं का--
महात्माओं एवं संतों ने समय-समय पर चोरी के विषय में अनेकों विचार व्यक्त किये हैं। संतों का कहना है कि उस इंसान की जीते जी मौत हो जाती है जो किसी के यहां चोरी करके खुशी हासिल करता है। किसी की बहुत बड़ी मजबूरी हो तो कोई छोटी मोटी चोरी कर ले तो हो सकता है लोग उसे माफ कर दे किंतु ईश्वर की नजरों में वो बहुत बड़ा पापी है जिसकी सजा देर सवेर मिलकर ही रहती है। ऐसे व्यक्ति जो दूसरे का हित नहीं देखना चाहते, उनके दिल में पाप है तो उसे जीने का हक नहीं है। यदि कोई गमले रखता है तो लगता है कि चोर साहब को खुशी नहीं होती और मौका देखकर उठा ले जाता है तब उसे खुशी मिलती है। ऐसे इंसानों जीवन निष्फल हो जाता है, जीते जी उनकी मौत हो जाती है, वह पैतृक अवगुणों से परिपूर्ण होता है। चोरी करने वाले के पूर्वजों में भी अच्छे संस्कार नहीं थे जिसके कारण यह अवगुण पैदा हुआ है। कभी किसी के छोटी से छोटी चोरी नहीं करनी चाहिए अगर ज्यादा किसी को जरूरत है तो अगले से पूछ कर कोई चीज ले जा सकता है लेकिन चोर साहब ने तो शायद कसम उठा रखी है कि दूसरे की चीज को नहीं बख्शा जाएगा। दूसरे के घर को घर नहीं समझता, यही कारण है कि चोर साहब दूसरी के घर के सामने बनाई हुई पैड़ी, फड़ आदि पर गाड़ी से टक्कर मारकर, ब्रेक लगाकर तोडऩे का प्रयास करता है। ताकि वह जल्द से जल्द नष्ट हो जाए, तभी उसको खुशी मिलती है। हाल ही में लेखक ने अपने दीवार के साथ-साथ्र अपने स्तर टाइलों को कुछ ऊंचा उठाया था, ये टाइले अपनी जमीन पर लगी है और दीवार के साथ जगह भविष्य के लिए छोड़ी हुई है। वैसे भी लेखक की दीवार के साथ लंबे समय से वर्षा का पानी ठहरता है परंतु चोर साहब उनके ऊपर से जानबूझकर वाहन ले जाता ताकि वह ऊंची उठाई हुई टाइलें किसी प्रकार दब जाए, नष्ट हो जाए। उन्हें किसी की खुशी किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं होती। ऐसे में संतों का कहना है कि चोर, पापी एवं अत्याचारी लंबे समय तक जीवन नहीं पाते। उनको सजा जरूर मिलती है। मेहनत से कमाया हुआ चाहे सूखा खाना हो वह भी अमृत के समान होता है और दूसरे की वस्तु उठाकर उससे खुशी पाना नरक के समान होता है। लगता है चोर साहब को नर्क में जीने का शौक पाल रखा है। इसलिए वह लोगों के ईंट एवं पत्थर आदि उठा ले जाता है परंतु अब तो डरे  हुए लोगों ने अपने प्लाटों की सुरक्षा हेतु कटीली झाडिय़ां रखनी शुरू कर दी है ताकि खेर साहब नहीं उठा सके। हर इंसान की जुबान पर चोर साहब का नाम है। यह चोर साहब कौन है लेखक की भविष्य में प्रकाशित होने वाली 43वीं पुस्तक में पूर्ण रूप से हवाला दिया जाएगा। नाम सहित प्रकाशित है, इसलिए थोड़े समय का इंतजार करें ताकि पुस्तक पूर्ण हो सके।





अध्ययनरत दिव्यांग बच्चों के लिए चिकित्सा जांच शिविर का आयोजन
-28 को बनवा सकेंगे सर्टिफिकेट्स
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कनीना की आवाज।
हरियाणा स्कूल शिक्षा परियोजना परिषद पंचकूला के तत्वाधान में समावेशी शिक्षा कार्यक्रम के अंतर्गत खंड कनीना अध्यनरत दिव्यांग बच्चों के चिकित्सा जांच शिविर का आयोजन 28 जुलाई सोमवार को सामान्य अस्पताल नारनौल में शिविर का आयोजन किया जाएगा। प्राचार्य कम ब्लाक रिसोर्स को-आर्डिनेटर समावेशी शिक्षा सुनील खुडानिया व विशेष शिक्षक अमृत सिंह राघव ने बताया कि हर वर्ष दिव्यांग बच्चों के लिये समावेशी शिक्षा के अंतर्गत शिविर का आयोजन किया जाता है। जिसमें बच्चों को विशेष उपकरण के लिए चिह्नित किया जाता है। प्रमाण पत्र नहीं है उनका  चिकित्सा प्रमाण पत्र बनाया जाता है।
फोटो कैप्शन: अमृत सिंह





तीज उत्सव को लेकर होती है पतंगबाजी, तीज उत्सव 27 को
-छतों पर वो मारा वो काटा का पड़ता है शोर सुनाई
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कनीना की आवाज।
कनीना में 27 जुलाई के तीज उत्सव की शुरूआत हो गई है। इस मौके पर मेले का आयोजन भी किया जाता है।
 कनीना में हरियाली तीज के पर्व के दृष्टिगत घेवर की मिठाई खाने की रिवाज है। उधर हरियाली तीज के दिन पूरा दिन पतंगबाजी का शोर सुनाई पड़ता है। छतों पर युवा, बच्चे एवं बुजुर्ग वो मारा, वो काटा करते रहे। जहां पतंगबाजी के लिए बहुत से लोग पतंग उड़ाने व पतंग की डोर को काटने का मजा लेते है तो कुछ कट कर जाने वाले पतंग का लुत्फ उसे दूर से पकड़कर लाने में उठाने में खुश हैं। शहरी क्षेत्र में पतंगबाजी में तेजी आ गई है। बाजारों में दुकानों पर पतंग एवं डोर ही नजर आती है। युवा हो या बच्चा अपनी छतों पर सुबह शाम पतंगबाजी करता है। जिस दिन स्कूलों की छुट्टी होती है उस दिन तो बच्चे अपने घरों की छतों से नीचे ही नहीं आते हैं।
मेलों का आयोजन-
  हरियाली तीज पर विभिन्न गांवों में मेले लगते हैं। कनीना में इस पर्व पर तीज मेला लगता है। नगरपालिका के पास इस मेले का आयोजन लंबे समय से होता आ रहा है।
घेवर की मिठाई-
तीज पर्व से एक दिन पूर्व सिंधारा पर्व आता है जब घेवर आदि की मिठाई बांटकर खाई जाती है। ग्रामीण क्षेत्रों में यह प्रथा सिर चढ़कर बोलती है।
किसानों के लिए विशेष है पर्व-
  यह पर्व किसान भी मनाते है क्योंकि फसल लहलहाने लग जाती है। लहलहाती फसल को देखकर किसान प्रसन्न होते हैं। इस बार फसल में देरी हो गई है। अधिकांश किसानों ने बीजाई कर रखी है। किसान सूबे सिंह, योगेश कुमार, रोहित कुमार, राजेंद्र सिंह आदि ने बताया कि अब फसल लहलहाने लगी है। फसल के दृष्टिगत ही यह पर्व हरियाली तीज पर्व मनाया जाता है।
लुप्त हो गई हैं पींग--
  वास्तव में इस दिन पींग पर झूलने की प्रथा है। वैसे तो पूरे सावन माह में ही पींग पर झूला जाता है किंतु इस दिन विशेष आकर्षण का केंद्र पींग होती है। अब तो पींग का प्रयोग कम होता है जा रहा है। कमला, शकुंतला, नीलम आदि ने बताया कि एक वक्त था जब हर घर में पींग डाली जाती थी जिस पर विशेषकर नव विवाहित दुल्हन को झुलाया जाता था।
  पतंगों के लड़ते हैं पेच--
 अक्सर ग्रामीण क्षेत्रों में दो प्रकार की पतंग हवा में उड़ाई जाती है। एक पतंग के पूंछ होती है दूसरी बगैर पूंछ की होती है। बगैर पूंछ की पतंग को पतंगबाजी के एक्सपर्ट जन ही लुत्फ उठा सकते हैं किंतु पूंछ वाली पतंग को छोटे बच्चे तक हवा में उड़ाकर लुत्फ लेते हैं। इन पतंगों के पेच लड़ाए जाते हैं। हरियाली तीज के दिन तो दिनभर डीजे पर संगीत चलता रहा और छतों पर कई कई बच्चे इक_े होकर पतंगबाजी करते देखे गये। अभी से ही पतंग उड़ाने का शोर होने लगा है जो दिनोंदिन बढ़ता जाएगा।
फोटो कैप्शन 01: कनीना में पतंग खरीदते बच्चे


Friday, July 25, 2025


 




हरियाली तीज का पर्व मनाया गया
-पींग पर बच्चों ने झूलने का लिया आनंद
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कनीना की आवाज।
  शनिवार को राजकीय माध्यमिक विद्यालय कैमला में खुशियों का पर्व  हरियाली तीज का आयोजन हर्षोल्लास के साथ किया गया।
 इस अवसर पर समस्त विद्यार्थियों ने झूला झूलते हुए  सावन के सुरीले गीत गाते हुए हरियाली तीज पर्व का आनंद उत्सव मनाया।
 विद्यालय की प्राथमिक अध्यापिका गरिमा रानी ने विद्यालय परिवार के समस्त बच्चों को पेंटिंग प्रतियोगिता का हिस्सा बनाया ओर इस पावन पर्व हरियाली तीज को खुशियों के साथ मनाने के लिए प्रेरित किया। विद्यार्थियों के साथ मिलकर झूला- झूले वीरेंद्र सिंह मौलिक मुख्याध्यापक ने सभी विद्यार्थियों को हरियाली तीज की शुभकामनाएं दी और कहा कि हमारा देश पर्वों का देश है समय -समय पर अनेकों धार्मिक त्योहार हमारी सादगी सदभावना ,परस्पर आपसी मेल-जोल का संदेश देते हैं उनमें हरियाली तीज भी अपना विशेष महत्व है।
मुख्य अध्यापक वीरेंद्र सिंह ने विद्यालय परिवार के बच्चों को तीज के इस पावन पर्व पर संबोधित करते हुए हुए कहा कि
पौराणिक मान्यता के अनुसार हरियाली तीज को भगवान शिव और माता पार्वती के पुनर्मिलन का पर्व माना जाता है. मान्यता है कि भगवान शिव को पाने के लिए माता पार्वती ने कठिन तप किया था. जिससे प्रसन्न होकर महादेव ने हरियाली तीज के पावन पर्व पर ही उन्हें अपनी पत्नी के रूप में स्वीकार किया था।
 सावन माह में बदरा खूब बरसते हैं। जिसके कारण सर्वत्र हरियाली ही हरियाली छाई रहती है। बेटियां अपने पीहर आकर हरियाली तीज का आनंद उत्सव मनाती है और   खुशी की अनुभूति महसूस करती हैं। इस अवसर पर गांव की महिला सरपंच डिंपल जांगड़ा ,मोनिका ग्राम सचिव, संजीत एबीआरसी ,मनवीर सिंह विज्ञान अध्यापक, सुनील शास्त्री, सुनील कुमार डीपीई, देवेंद्र कुमार, राजेश कुमार ,भगत सिंह, सुबे सिंह, सुनील कुमार ,तारामणि देवी ,पिंकी देवी, बबली देवी समेत अनेक महिलाएं उपस्थित रही।
फोटो कैप्शन 04: पींग का आनंद लेते बच्चे।






कनीना से रेवाड़ी सीईटी के लिए जानकारी
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कनीना की आवाज।
 कनीना से रेवाड़ी सीइटी के विद्यार्थियों के लिए कनीना बस स्टैंड से सुबह की पारी के लिए सुबह साढ़े चार बजे से बस शुरू होंगी तथा अंतिम बस 6:30 बजे जाएगी। आर-4 नाम से बसें चलेंगी। विभाग से मिली जानकारी के अनुसार शाम की पारी के लिए बसें सुबह 9 बजे से दोपहर पूर्व 11 बजे तक बसें जाएंगी। रेवाड़ी से संबंधित परीक्षा केंद्र तक पहुंचाने का प्रबंध भी किया गया है।
देखे फोटो






कारगिल विजय दिवस 26 जुलाई पर विशेष
--महेंद्रगढ़ जिले के आठ जांबाज इस युद्ध में शहीद
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कनीना की आवाज।
 26 जुलाई 1999 को भारत के जांबाज सैनिकों ने इस आपरेशन विजय के द्वारा पाकिस्तान के सैनिकों के छक्के छुड़ा दिए थे तथा उन्हें आत्मसमर्पण करने पर मजबूर कर दिया था। कारगिल का नाम सुनते ही हर भारतीय का खून खौलने लगता है तथा देशभक्ति की उमंग हिलोरे लेने लगती है। तीन मई 1999 को एक चरवाहे  ताशी नाम्बियार ने भारतीय सेना को  कारगिल की बर्फ से ढकी पहाडिय़ों पर हो रही संदिग्ध गतिविधियों के बारे में बताया। इसके बाद भारतीय सेना की पेट्रोलिंग पार्टी, ड्रोन कैमरों तथा वायु सेना के टोही विमानों ने जो रिपोर्ट दी। उससे यह साफ हो गया कि दुश्मन ने हमारे बंकरों पर कब्जा कर लिया है। 26 मई 1999 को इस आपरेशन विजय की शुरुआत हुई तथा लगभग दो महीने में हमने दुश्मन को पूरी तरह से अपनी जमीन से खदेड़ दिया। इस युद्ध में भारतीय सेना के 527 जवान शहीद हुए तथा 1363 घायल हुए तथा दुश्मन के 1000 से अधिक सैनिक तथा घुसपैठियों को मार गिराया लगभग 2 महीने तक चले इस युद्ध में भारतीय सेवा ने अपने अदम्य साहस व वीरता का ऐसा उदाहरण प्रस्तुत किया। जिस पर हर भारतीय को गर्व होना चाहिए। विपरीत परिस्थितियों में भी हमने दुश्मन को घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया तथा सभी चोटियों पर तिरंगा लहराकर  देश के गौरव को जिंदा रखा। कारगिल युद्ध के बड़े शहीदों में कैप्टन विक्रम बत्रा, कैप्टन सौरभ कालिया, लेफ्टिनेंट मनोज पांडेय, मेजर पदम पानि, आचार्य कमांडेंट सुखबीर सिंह यादव प्रमुख है। सूबेदार योगेंद्र यादव तथा राइफलमैन संजय कुमार भारतीय सेना के रिटायर्ड सैनिक हैं जिन्हें इस युद्ध में परमवीर चक्र से सम्मानित किया गया था। हरियाणा के 74 तथा महेंद्रगढ़ जिले के आठ जांबाज इस युद्ध में शहीद हुए जिनमे सूबेदार लाल सिंह गुवानी, हवलदार शिवकुमार ककराला, हवलदार लेख राम सोहला, सिपाही हनुमान सिंह कोटिया,सिपाही अशोक कुमार सीहोर, सिपाही परमिंदर सिंह उन्हानी,नायक वीरेंद्र सिंह गढ़ी रुथल तथा हवलदार खजान सिंह दोंगड़ा जाट शामिल है।




अध्ययनरत दिव्यांग बच्चों के लिए चिकित्सा जांच शिविर का आयोजन
-28 को बनवा सकेंगे सर्टिफिकेट्स
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कनीना की आवाज।
हरियाणा स्कूल शिक्षा परियोजना परिषद पंचकूला के तत्वाधान में समावेशी शिक्षा कार्यक्रम के अंतर्गत खंड कनीना अध्यनरत दिव्यांग बच्चों के चिकित्सा जांच शिविर का आयोजन 28 जुलाई सोमवार को सामान्य अस्पताल नारनौल में शिविर का आयोजन किया जाएगा। प्राचार्य कम ब्लाक रिसोर्स को-आर्डिनेटर समावेशी शिक्षा सुनील खुडानिया व विशेष शिक्षक अमृत सिंह राघव ने बताया कि हर वर्ष दिव्यांग बच्चों के लिये समावेशी शिक्षा के अंतर्गत शिविर का आयोजन किया जाता है। जिसमें बच्चों को विशेष उपकरण के लिए चिह्नित किया जाता है। प्रमाण पत्र नहीं है उनका  चिकित्सा प्रमाण पत्र बनाया जाता है।
फोटो कैप्शन: अमृत सिंह





चोर साहब के कारनामे-25
-चोरी की मिलती है कठोर सजा-गरुड़ पुराण
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कनीना की आवाज।
 कनीना के लेखक, पत्रकार, साहित्यकार, शिक्षाविद के के प्लाट से चोर साहब ने समय-समय पर हजारों रुपये के गमले, तीन ट्राली पत्थर, बिजली के उपकरण तथा कृषि के यंत्र आदि चोरी कर लिए गए। इस दौरान किसी को कानों कान तक भी नहीं पता चल पाया। एक बार चोरी करने वाले को पकड़ा भी किंतु चोर भाग निकला। आस-पड़ोस की कई लोगों की ईंट, पत्थर चोरी हो गए। कहने को चोर साहब बहुत शातिर है परंतु किसी ने किसी दिन जरूर फिर से पकड़ में आ जाएगा।
चोर साहब को एक ना एक दिन सजा मिलेगी। यदि मृत्यु तक नहीं मिली तो मरने के पश्चात मिलेगी। चोरी आदि करने वालों के लिए गरुड़ पुराण में बहुत कुछ बताया गया है।
गरुड़ पुराण अनुसार मृत्यु बाद यमराज के दरबार में हर पाप का मिलता है दंड, जान लें चोरी, छल, झूठ बोलने, हत्या के लिए कौन सी है सजा मिलती है-
 यमराज के दरबार में जीव के हर पाप कर्म के लिए दंड का प्रावधान है। उससे कोई बच नहीं सकता है।
हिंदू धर्म में मान्यता है कि जो भी व्यक्ति धरती पर पाप कर्म करता है, उसे मृत्यु के बाद उसकी सजा मिलती है। यमदूत उसकी आत्मा को यमराज के सामने पेश करते हैं, चित्रगुप्त उसके कर्मों का लेखा-जोखा पेश करते हैं, उसके आधार पर यह तय होता है कि उसे किस नरक में भेजा जाए और उसकी सजा क्या होगी। दंड स्वरूप उसे आगे किस योनि में जन्म लेना होगा। यमराज के दरबार में जीव के हर पाप कर्म के लिए दंड का प्रावधान है। उससे कोई बच नहीं सकता है। इसी वजह से कहा जाता है कि व्यक्ति को अच्छे कर्म करने चाहिए और सत्य बोलना चाहिए। गरुड़ पुराण के आधार पर
1. जो व्यक्ति सोने की चोरी करता है, उसे कीड़ा, कीट-पतंगे की योनि में जन्म लेने का दंड मिलता है। वह सूकर नामक नरक में जाता है। वहीं जो रत्नों की चोरी करता है, उसे सबसे निकृष्ट योनि में जन्म लेना पड़ता है।
2. जो धान्य यानी अनाज की चोरी करता है, वह चूहे की योनि में जन्म लेता है। फल की चोरी करने वाला बंदर योनि में जन्म लेता है।
3. घर के सामान की चोरी करने वाला गिद्ध, गाय की चोरी करने पर गोह, आग की चोरी करने वाला बगुला, मधु की चोरी करने वाला मुधमक्खी की योनि प्राप्त करता है।
4. जो मनुष्य पतिपरायण अपनी पत्नी का त्याग कर देता है, वह अगले जन्म में दुर्भाग्यशाली होता है. मित्र की हत्या करने वाला उल्लू की योनि में जन्म लेता है।
5. किसी की शादी में विघ्न डालने वाला पापी मच्छर की योनि में जन्म लेता है. जल की चोरी करने वाला चातक की योनि में जन्म लेता है।
6. किसी को दान का वादा करके वह वस्तु दान नहीं करता है तो वह अगले जन्म में उसे सियार की योनि प्राप्त होती है।
7. जो लोग दूसरों की झूठी निंदा करते हैं, उनको अगले जन्म में कछुए की योनि प्राप्त होती है। झूठ बोलने वाला तप्तकुंभ नरक में जाता है। जो व्यक्ति किसी जल स्रोत को नष्ट करता है, वह अगले जन्म में मछली की योनि में जाता है।
8. जो व्यक्ति दूसरे के मुंह का निवाला छीन लेता है, वह अगले जन्म में मंदबुद्धि होता है। जो लोग संन्यास आश्रम का त्याग कर देते हैं, वे पिशाच होता है।
9. जो गो हत्या, भ्रूण हत्या करता है, किसी के घर में आग लगाता है, उसे रोध नामक नरक में यातनाएं सहनी होती हैं। क्षत्रिय और वैश्य की हत्या करने वाला ताल नरक में जाता है।
10. जो गुरु की निंदा और अपमान करता है, उसे मृत्यु के बाद शबल नाम के नरक में कष्ट भोगना पड़ता है। जो दूसरों को हानि पहुंचाता है, उसे कृमिभक्ष नरक में स्थान मिलता है।
11 जो व्यक्ति किसी की छोटी मोटी चोरी करता है उसके हाथ काटकर अंधेर नगरी नरक में भेजा जाता है। अगले जन्म में वह पिशाच बनता है तथा लोग उसे देखकर घृणा करते हैं।
  ऐसे में गरुड़ पुराण के अनुसार चोर साहब को निश्चित रूप से सजा मिलेगी। अब देखना यह है कि जीते जी चोर साहब सजा पाता है या मरने के बाद।



डीआरयूसीसी मेंबर ने जानी समस्याएं
-अतरलाल ने दिया ज्ञापन
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कनीना की आवाज।
उतर पश्चिमी रेलवे बीकानेर मंडल डीआरयूसीसी मेंबर हरमेश कुमार ने भोजावास, कनीना, धनौन्दा पहुंचकर कनीना खास रेलवे स्टेशन की समस्याओं तथा मांगों बारे जानकारी हासिल की। इस अवसर पर प्रजा भलाई संगठन के अतरलाल एडवोकेट के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने डीआरएम बीकानेर मंडल तथा राज्यसभा सांसद किरण चौधरी के नाम प्रेषित दो अलग-अलग ज्ञापन उन्हें सौंपे।
ज्ञापन में कहा गया कि कनीना खास रेलवे स्टेशन से होकर अनेक एक्सप्रेस गाडिय़ां गुजरती हैं। उनमें से एक भी एक्सप्रेस गाड़ी कनीना खास रेलवे स्टेशन पर नहीं ठहरती। जिससे इलाकावासियों में भारी रोष है। इसलिए दिन में आने वाली दिल्ली - बीकानेर इंटरसिटी एक्सप्रेस गाड़ी नम्बर 22471-22472, दिल्ली से सीकर एक्सप्रैस गाड़ी नम्बर 14713-14714, दिल्ली जोधपुर एक्सप्रैस गाड़ी नम्बर 22421-22422 और रात को आने वाली दिल्ली बीकानेर एक्सप्रैस गाड़ी नम्बर 12457-12458, दिल्ली जोधपुर एक्सप्रैस गाड़ी नम्बर 22481-22482 का ठहराव कनीना खास रेलवे स्टेशन पर तत्काल किया जाए। ज्ञापन में एक नई पेंसजर डीएमयू गाड़ी प्रात: 5 बजे सादुलपुर से वाया कनीना रेवाड़ी दिल्ली से पानीपत तक चलाई जाए और पानीपत में एक घंटे का स्टोपिज करने के बाद वापसी पानीपत से दोपहर 1 बजे इसी रूट से सादुलपुर तक चलाने, कनीना खास रेलवे स्टेशन को आदर्श भारत स्टेशन योजना में शामिल करने, कनीना खास स्टेशन पर कैंटीन खोलने, स्टाफ की कमी दूर करने, जीआरपी. चौकी स्थापित करने, सुविधाजनक प्रतिक्षालय बनाने तथा बंद पड़े महिला शौचालयों को खोलने की मांगे भी की गई। डी.आरयूसीसी मेंबर हरमेश कुमार ने कहा कि आपकी मांगे जायज हैं। पिछले दिनों कनीना रेलवे स्टेशन पर किए गए आंदोलन का संज्ञान लेकर वे यहां ग्रामीणों की मांगों बारे जानकारी लेने के लिए आए हैं। वह जल्दी ही डीआरएम तथा राज्यसभा सांसद किरण चौधरी से मिलकर मांगों को पूरा करवाएंगें। 
फोटो कैप्शन 01- डीआरयूसीसी. मेंबर हरमेश कुमार को ज्ञापन सौंपते प्रमुख समाजसेवी अतरलाल।





एसडी विद्यालय में धूम-धाम से मनाई हरियाली तीज
विभिन्न गतिविधियां आ








योजित
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कनीना की आवाज।
हरियाली तीज के अवसर पर एस डी विद्यालय ककराला में बच्चों ने बड़े हर्षोल्लास से विभिन्न गतिविधियों में अपनी भागीदारी निभाते हुए इस उत्सव को मनाया। विद््यार्थियों ने मधुर गीतों द्वारा श्रावण के महत्व व प्रकृति के अद्भुत सौंदर्य एवं महिलाओं द्वारा की जाने वाली विभिन्न -तिविधियों पर भी प्रकाश डाला। बच्चों ने झूलों पर एवं पतंग बाजी में बड़ा उत्साह दिखाया एवं भरपूर मनोरंजन किया। विद्यालय के झूलों को बड़े सुन्दर तरीके से सजाया -या था। बच्चों ने नृत्य कला के माध्यम से अपने विचारों एवं भावों की प्रस्तुति दी।
विद्यालय निदेषक जगदेव यादव ने विद्यार्थियों, स्टॉफ एवं अभिभावकों को हार्दिक बधाई दी व बताया कि हरियाली तीज श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया को मनाया जाता है जो चारों तरफ हरियाली व खुशहाली का प्रतीक होता है। यह त्योहार विभिन्न त्योहारों के आ-मन का भी प्रतीक है। इस समय प्रकृति का नजारा अद्भुत होता है जो उत्साह प्रतीक है। इस समय व्यक्ति का अधिक प्रभाव होता है सम्पूर्ण प्रकृति में हरियाली की चादर सी बिछी होती है इसलिए इस त्योहार को 'हरियाली तीज भी कहा जाता है।
इस अवसर पर प्राचार्य ओमप्रकाष व समन्यवक ईश्वर सिंह, जोगेंद्र, स्नेह यादव, प्रियंका यादव़ व समस्त स्टाफ  सदस्य उपस्थित रहे।।
फोटो कैप्शन 02तीज उत्सव पर छात्राएं एवं स्टाफ

Thursday, July 24, 2025


 

 
चोर साहब के कारनामे-24
 भोले भाले इंसानों का इस दुनिया में काम नहीं*******************
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कनीना की आवाज।
कनीना के लेखक, पत्रकार, साहित्यकार, शिक्षाविद के के प्लाट से चोर साहब ने समय-समय पर हजारों रुपये के गमले, तीन ट्राली पत्थर, बिजली के उपकरण तथा कृषि के यंत्र आदि चोरी कर लिए गए। इस दौरान किसी को कानों कान तक भी नहीं पता चल पाया। एक बार चोरी करने वाले को पकड़ा भी किंतु चोर भाग निकला। आस-पड़ोस की कई लोगों की ईंट, पत्थर चोरी हो गए। कहने को चोर साहब बहुत शातिर है परंतु किसी ने किसी दिन जरूर फिर से पकड़ में आ जाएगा।
उधर लेखक जैसे भोले वाले इंसानों के लिए इस दुनिया में कोई जगह नहीं क्योंकि कोशिश करने के बाद भी वह चोर पर काबू नहीं कर पाया। ऐसे में एक मूवी 1960 में आई थी- तू नहीं और सही जिसमें असद भोपाली ने एक बहुत सुंदर गीत लिखा था कि भोले भाले इंसानों का इस दुनिया में काम नहीं, कोई न पूछे उनको भैया जिनके पल्ले दाम नहीं।
 लेखक होशियार सिंह ने चोर साहब को पकड़ा भी परंतु अधिक प्रमाण अभाव में कुछ नहीं कर पाया क्योंकि हर जगह रिश्वतखोरी का जमाना है और भोले भाली इंसानों को इस दुनिया में वैसे भी काम नहीं है। उधर चोर साहब अति शातिर, बदमाश, झूठा, फरेबी, चरित्रहीन, राक्षस प्रवृति का है, इसलिए हर जगह बच निकलता है। ऐसे में चोर साहब को पकड़वाना सरल कार्य नहीं है परंतु इस कार्य को सरल बनाने के लिए लेखक ने प्लाट पर एक कैमरा लगा दिया गया है दो कैमरे जल्द ही लगाये जा रहे हैं ताकि चोर साहब किसी न किसी रूप में एक ने एक दिन कैमरे में कैद हो जाएगा। तत्पश्चात लोगों के सामने चोर साहब को सबके सामने लाया जाएगा तब तक लेखक पर यही गीत लागू होता है कि -भोले वाले इंसानों का इस दुनिया में काम नहीं........ लेखक होशियार सिंह  सदा कर्मठ, दूसरों का हित करने वाल तथा सेवा में रत रहे हैं यही कारण है कि नहीं तो किसी से झगड़ा मोल लेना चाहता और नहीं किसी को कष्ट देने की आदत परंतु उल्टे चोर साहब है लोगों की निगाहों से बच निकलते हैं। यह तो आने वाली लेखक की पुस्तक चोर साहब में उसका नाम फोटो सभी प्रकाशित की जाएगी। तब तक सभी से निवेदन है की पुस्तक पूर्ण होने का इंतजार करें।


तीज उत्सव को लेकर होती है पतंगबाजी
-छतों पर वो मारा वो काटा का पड़ता है शोर सुनाई
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कनीना की आवाज।
कनीना में 27 जुलाई के तीज उत्सव की शुरूआत हो गई है। इस मौके पर मेले का आयोजन भी किया जाता है।
 कनीना में हरियाली तीज के पर्व के दृष्टिगत घेवर की मिठाई खाने की रिवाज है। उधर हरियाली तीज के दिन पूरा दिन पतंगबाजी का शोर सुनाई पड़ता है। छतों पर युवा, बच्चे एवं बुजुर्ग वो मारा, वो काटा करते रहे। जहां पतंगबाजी के लिए बहुत से लोग पतंग उड़ाने व पतंग की डोर को काटने का मजा लेते है तो कुछ कट कर जाने वाले पतंग का लुत्फ उसे दूर से पकड़कर लाने में उठाने में खुश हैं। शहरी क्षेत्र में पतंगबाजी में तेजी आ गई है। बाजारों में दुकानों पर पतंग एवं डोर ही नजर आती है। युवा हो या बच्चा अपनी छतों पर सुबह शाम पतंगबाजी करता है। जिस दिन स्कूलों की छुट्टी होती है उस दिन तो बच्चे अपने घरों की छतों से नीचे ही नहीं आते हैं।
मेलों का आयोजन-
  हरियाली तीज पर विभिन्न गांवों में मेले लगते हैं। कनीना में इस पर्व पर तीज मेला लगता है। नगरपालिका के पास इस मेले का आयोजन लंबे समय से होता आ रहा है।
घेवर की मिठाई-
तीज पर्व से एक दिन पूर्व सिंधारा पर्व आता है जब घेवर आदि की मिठाई बांटकर खाई जाती है। ग्रामीण क्षेत्रों में यह प्रथा सिर चढ़कर बोलती है।
किसानों के लिए विशेष है पर्व-
  यह पर्व किसान भी मनाते है क्योंकि फसल लहलहाने लग जाती है। लहलहाती फसल को देखकर किसान प्रसन्न होते हैं। इस बार फसल में देरी हो गई है। अधिकांश किसानों ने बीजाई कर रखी है। किसान सूबे सिंह, योगेश कुमार, रोहित कुमार, राजेंद्र सिंह आदि ने बताया कि अब फसल लहलहाने लगी है। फसल के दृष्टिगत ही यह पर्व हरियाली तीज पर्व मनाया जाता है।
लुप्त हो गई हैं पींग--
  वास्तव में इस दिन पींग पर झूलने की प्रथा है। वैसे तो पूरे सावन माह में ही पींग पर झूला जाता है किंतु इस दिन विशेष आकर्षण का केंद्र पींग होती है। अब तो पींग का प्रयोग कम होता है जा रहा है। कमला, शकुंतला, नीलम आदि ने बताया कि एक वक्त था जब हर घर में पींग डाली जाती थी जिस पर विशेषकर नव विवाहित दुल्हन को झुलाया जाता था।
  पतंगों के लड़ते हैं पेच--
 अक्सर ग्रामीण क्षेत्रों में दो प्रकार की पतंग हवा में उड़ाई जाती है। एक पतंग के पूंछ होती है दूसरी बगैर पूंछ की होती है। बगैर पूंछ की पतंग को पतंगबाजी के एक्सपर्ट जन ही लुत्फ उठा सकते हैं किंतु पूंछ वाली पतंग को छोटे बच्चे तक हवा में उड़ाकर लुत्फ लेते हैं। इन पतंगों के पेच लड़ाए जाते हैं। हरियाली तीज के दिन तो दिनभर डीजे पर संगीत चलता रहा और छतों पर कई कई बच्चे इक_े होकर पतंगबाजी करते देखे गये। अभी से ही पतंग उड़ाने का शोर होने लगा है जो दिनोंदिन बढ़ता जाएगा।
फोटो कैप्शन 02: कनीना में छतों पर पतंग उड़ाते बच्चे।
03: पतंग की खरीददारी करते बच्चे
04: तीज पर्व पर लहलहाती फसल निहारता किसान


बाजार में घेवर की भरमार
-तीज एवं सिंधारा पर्व पर खाये जाते हैं जमकर
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कनीना की आवाज।
  कनीना क्षेत्र में 27 जुलाई को हरियाली तीज व 26 जुलाई को सिंधारा पर्व के दृष्टिगत बाजारों में घेवर की मिठाई की धूम मची हुई है। त्योहार पर घेवर का लेनदेन किया जाता है।
  एक ओर सिंधारा पर्व पर घेवर की मिठाई का बोलबाला है वहीं तीज पर्व पर पतंगबाजी का बोलबाला है। यूं तो इस सावन माह में उत्सवों की बहार है किंतु तीज पर्व का अपना ही महत्व है।
 सिंधारा पर्व पर घेवर की मिठाई का अक्सर लेनदेन होता है। बुजुर्ग सोमदत्त, राजेंद्र सिंह, सुमेर सिंह आदि ने बताया कि सिंधारा पर्व पर विवाहित महिलाओं के परिजन घेवर, बतासे, मिठाई, फल आदि महिला के ससुराल तक पहुंचाते हैं जिसे तीज की कोथली कहते हैं। यह मिठाई आस पास घरों में बांटी जाती है जो याद दिलाता है कि महिला के परिजन उसे आज भी चाहते हैं और याद करते हैं। उधर घेवर बेचने वाले दुकानदार सुनील, राजू, मोनू आदि ने बताया कि कई दिनों से घेवर की मिठाई तैयार की जा रही है और रोजाना बिकती है।
फोटो कैप्शन 01: घेवर की मिठाई।



तीज मेला 27 को
-होंगी विभिन्न दौड़ और कुश्ती
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कनीना की आवाज।
कनीना उप-मंडल के गांव रसूलपुर में 27 जुलाई रविवार को तीज मेले का आयोजन किया जाएगा जिसमें विभिन्न दौड़, कबड्डी एवं वालीबाल आदि प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। विस्तृत जानकारी देते हुए आर्य समाज रसूलपुर के सतीश आर्य ने बताया कि 26 जुलाई को 11000 रुपये इनाम वाली वालीबाल शूटिंग, 21000 रुपये वाली हरियाणा स्टाइल कबड्डी, 51 रुपए की 5100 रुपये तक कुश्ती, 10 वर्ष से छोटे बच्चों की दौड़, लड़कियों की दौड़ जिनकी उम्र 18 वर्ष से कम हो, नौजवानों की दौड़, बुजुर्गों की दौड़, लंबी कूद एवं ऊंची कूद आदि का आयोजन किया गया है। कूद और दौड़ प्रतियोगिताओं में पहला इनाम 2100 रुपये तथा दूसरा 1100 रुपये दिया जाएगा जबकि छोटे बच्चों की दौड़ में प्रथम 500 रुपये तथा दूसरा इमाम 300 रुपये का दिया जाएगा।









नारनौल में सीईटी परीक्षा के लिए शटल बस सेवा के रूट निर्धारित
--  महेेंद्रगढ़ व नारनौल में परीक्षा देने वालों के लिए
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कनीना की आवाज।
हरियाणा राज्य परिवहन, नारनौल डीपो के जीएम मनोज शर्मा ने बताया कि अनाज मंडी नारनौल तथा बदेरवाल सीटी महेंद्रगढ़ से सीईटी परीक्षा के लिए शटल बस सेवा का शेड्यूल जारी कर दिया गया है।
नारनौल की नई अनाज मंडी में बनाए गए अस्थाई बस स्टैंड से निर्धारित रूटों का विवरण : हेल्प डेस्क नंबर - 01282-251947
नारनौल शटल सेवा के रूट:
* रूट नंबर 1 (नारनौल-कोरियावास रोड): संस्कार भारती पब्लिक स्कूल, कोरियावास
* रूट नंबर 2 (नारनौल-महेन्द्रगढ़ रोड): सूरज स्कूल लहरोदा
* रूट नंबर 3 (नारनौल-कुलताजपुर रोड): भारती पब्लिक स्कूल, कुलताजपुर रोड नारनौल; एम.एल.एस. डी.ए.वी, पब्लिक स्कूल कुलताजपुर रोड नारनौल, ओएसिस इंटरनेशनल स्कूल, कुलताजपुर रोड नारनौल
* रूट नंबर 4 (नारनौल-रेवाड़ी मार्ग): सैनी सेकेंडरी स्कूल, रेवाड़ी रोड नियर बस स्टैंड नारनौल, यदुवंशी शिक्षा निकेतन, पटीकरा रेवाड़ी रोड गांव पटीकरा, एस.वी.एन. सेकेंडरी स्कूल, नीरपुर नारनौल, आर.पी.एस. पब्लिक स्कूल, सुराना
* रूट नंबर 5 (नारनौल-हुड्डा सेक्टर 1): सी.एल. पब्लिक स्कूल हुड्डा सेक्टर 1 नारनौल
* रूट नंबर 6 (नारनौल शहर-1): राजकीय महिला महाविद्यालय बहरोड रोड नारनौल, पीएम. श्री कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बहरोड रोड नारनौल, यूरेका पब्लिक स्कूल नियर कडियावाला हनुमान जी मंदिर बहरोड रोड नारनौल
* रूट नंबर 7 (नारनौल शहर-2): राजकीय महाविद्यालय रेलवे रोड नियर हेड पोस्ट ऑफिस नारनौल
* रूट नंबर 8 (नारनौल शहर-3): बाबा खेतानाथ बहुतकनीकी संस्थान पुरानी मंडी नारनौल जयपुर हाइवे, राजकीय मॉडल संस्कृति स्कूल नियर मेहता चौक नारनौल
महेंद्रगढ़ शटल सेवा के रूट (बैदरवाल सिटी अस्थाई बस स्टैंड): हेल्पलाइन डेस्क - 01285-222100
* रूट नंबर 1 (महेंद्रगढ़-कनीना रोड): टैगोर पब्लिक स्कूल नियर कैनाल रेस्ट हाउस महेंद्रगढ़
* रूट नंबर 2 (महेंद्रगढ़-अटेली रोड): कपिल विद्या मंदिर, देवनगर (चामधेड़ा) रोड महेंद्रगढ़, मार्डन पब्लिक स्कूल, देवनगर (चामधेड़ा) रोड महेंद्रगढ़
* रूट नंबर 3 (महेंद्रगढ़-कुहरावटा रोड): श्री कृष्णा सेकेंडरी स्कूल कुहरावटा रोड महेंद्रगढ़
* रूट नंबर 4 (महेंद्रगढ़-बुचोली रोड): सूरज स्कूल बुचोली रोड महेंद्रगढ़, सूरज पी.जी. डिग्री कॉलेज बुचोली रोड महेंद्रगढ़
* रूट नंबर 5 (महेंद्रगढ़-डुलाना रोड): सरबती सेकेंडरी स्कूल गौशाला रोड, महेंद्रगढ़, हैप्पी एवरग्रीन स्कूल, डुलाना रोड महेंद्रगढ़
* रूट नंबर 6 (महेंद्रगढ़-दादरी मार्ग): संस्कार भारती डिग्री कॉलेज फार वुमेन पाली महेंद्रगढ़, केंद्रीय विश्वविद्यालय पाली महेंद्रगढ़
* रूट नंबर 7 (महेंद्रगढ़-सतनाली मार्ग): आर.पी.एस. कालेज आफ इंजीनियरिंग टेक्नोलॉजी बलाना, सतनाली रोड महेंद्रगढ़, राव प्रहलाद सिंह स्कूल सतनाली रोड खातोद महेंद्रगढ़, गुरु कालेज ऑफ एजुकेशन खायरा, महेंद्रगढ़, विजय इंटरनेशनल स्कूल सतनाली रोड बलाना, महेंद्रगढ़।





जिला में दूर-दराज से आने वाले परीक्षार्थियों के लिए ठहरने की निशुल्क व्यवस्था






--  महेेंद्रगढ़ व नारनौल में परीक्षा देने वालों के लिए
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कनीना की आवाज।
 प्रदेश में 26 व 27 जुलाई को होने वाली कॉमन एलिजिबिलिटी टेस्ट (सीईटी-2025) परीक्षा के मध्य नजर जिला प्रशासन की ओर से जिला में दूर-दराज से आने वाले परीक्षार्थियों के लिए ठहरने की निशुल्क व्यवस्था की गई है।
उपायुक्त डॉ विवेक भारती ने बताया कि परीक्षार्थियों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो इसके लिए महेंद्रगढ़ में धर्मशाला, कम्युनिटी सेंटर व रेन बसेरा में परीक्षार्थियों के ठहरने की व्यवस्था की गई है।
इनका ओवरऑल इंचार्ज नगर परिषद के ईओ दीपक गोयल होंगे।
उन्होंने बताया कि यादव धर्मशाला बस स्टैंड रोड नजदीक आईटीआई महेंद्रगढ़, कमला भवन शंकर कॉलोनी, सेठ गोरी दत ख्यालीराम धर्मशाला शंकर कॉलोनी, ओल्ड रामलीला मोहल्ला काली का टिब्बा, लाला बंशीधर जयनारायण धर्मशाला सब्जी मंडी रोड शंकर कालोनी, डा. अंबेडकर भवन नजदीक पीर बाबा मंदिर, सैन समाज धर्मशाला, नजदीक पीर बाबा मंदिर, बाबा जयरामदास भवन मोहल्ला कुमाहारान, पंजाबी धर्मशाला मोहल्ला जवाहर नगर, प्रजापति धर्मशाला डुलाना रोड मोहल्ला कुमाहारान व सेठ मंगतूराम धर्मशाला नजदीक रेलवे स्टेशन महेंद्रगढ़ में ठहरने की व्यवस्था की गई है। उन्होंने बताया कि यादव धर्मशाला बस स्टैंड रोड नजदीक आईटीआई महेंद्रगढ़ में ठहरने के लिए धर्मशाला मेंबर अभय राम के मोबाइल नंबर 9416346898 पर फोन कर सकते हैं। इसी प्रकार कमला भवन के लिए सुमित के मोबाइल नंबर 8278065007 पर, सेठ गौरीदत ख्यालीराम धर्मशाला के लिए राजकुमार के मोबाइल नंबर 9416 133793 पर, ओल्ड रामलीला के लिए सुनील यादव के मोबाइल नंबर 9416574193 पर, लाला बंशीधर जयनारायण धर्मशाला के लिए श्याम सुंदर के मोबाइल नंबर 9050090662 पर, डॉ अंबेडकर भवन के लिए पी आर्य के मोबाइल नंबर 9896209691 पर, सैन समाज धर्मशाला के लिए सुंदरलाल के मोबाइल नंबर 9315399572 पर, बाबा जयराम दास भवन के लिए गोपेश मेहता के मोबाइल नंबर 9416053663 पर, पंजाबी धर्मशाला के लिए अश्वनी के मोबाइल नंबर 7015307497 पर, प्रजापति धर्मशाला के लिए रतिराम के मोबाइल नंबर 9467530218 पर व सेठ मंगतूराम धर्मशाला के लिए सुनील गोयल के मोबाइल नंबर 9355515647 पर फोन कर सकते हैं। इसके अलावा महेंद्रगढ़ में किसी भी धर्मशाला, कम्युनिटी सेंटर व रेन बसेरा में ठहरने के लिए नोडल अधिकारी शिव कुमार के मोबाइल नंबर 9399675280 पर फोन कर सकते हैं।

Wednesday, July 23, 2025


 



कावड़ के नाम पर खूब हुआ है देव का अपमान
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कनीना की आवाज।
 यूं तो शिवभोले के नाम पर गोमुख , हरिद्वार और नीलकंठ आदि से कांवड़ लाई गई हैं लेकिन कावड़ के नाम पर घटिया गाने, नशीले पदार्थों का सेवन तथा देव का अपमान आम बात बन गई है। यह सत्य है की कावड़ लाने वालों के लिए जगह-जगह कैंप लगाए गये जिनमें कावडिय़ों की अच्छी सेवा की जाती है। जब कुछ भक्त कैंप में बैठते हैं तो वह अपने आप को राष्ट्रपति से कम नहीं समझते और बैठकर विभिन्न खाने पीने की वस्तुएं मंगवाने में हिचकिचाते नहीं। ऐसे आवाज लगाते देखे गये जैसे होटल में वेटर को बुलाया जाता है। यहां गौरतलब है कि ये कावडिय़े अपने स्वार्थ के लिए कावड़ लाते हैं और ये कैंप उनकी सेवा के लिए होते हैं परंतु सेवा का मतलब यह नहीं कि अपनी मनमर्जी करें। अनेक प्रकार की कांवड़ लाई जाती है लेकिन डाक कावड़ का स्वरूप ही बदल गया है। जिस प्रकार भागदौड़ शो शराबा, रोड़ पर दिखावा किया जाता है वह बहुत घटिया होता है तथा जो कावडिय़े पैदल चलकर आते हैं और गंगाजल लेकर आते हैं उनको तो कावडिय़ा ही नहीं समझा जाता। जबकि हकीकत में देखा जाए तो तो 50-60 युवक हुड़दंग करते हुए डाक कावड़ लाते हैं वह कावड़ का अच्छा रूप नहीं है। उधर कावड़ लाने वाले 90 प्रतिशत से अधिक नशीले पदार्थों का सेवन करते हुए आते हैं। कुछ कावडिय़े तो जमकर शराब पीते हैं । यहां तक की इस लेखक ने जब बाघोत में कावड़ अर्पित की तो उस समय लाइन में शराब की बदबू ने बहुत ही परेशान कर दिया। इसका मतलब कावड़ चढऩे वाले या उनके सहयोगी शराब पीकर आते हैं। रास्ते में भांग पीने वालों की कमी नहीं है। कम से कम 40 प्रतिशत कावडिय़े सिगरेट और बीड़ी का तथा भांग का उपयोग करते हैं, 30 प्रतिशत लोग तो अन्य चीज चबाते और रास्तों को गंदा करते हुए आते हैं। कुछ ही प्रतिशत लोग भक्ति भाव से कावड़ को लाते हैं वरना रास्ते में गाली गलौज करते हुए आते हैं। शिव भोले को तो याद नहीं करते। सबसे बड़ा दुर्भाग्य मिला कि शिवभोले को चिलम पीते हुए दिखाया गया है और ऐसे पोस्टर बैनर लगाकर कावड़ लाते मिले। कावड़ पर भद्दे  गानों और भजनों की तो क्या कहिए? शायद ही कोई भजन ऐसा हो जिसमें यह नहीं कहा गया हो कि शिव भांग पीते थे, भोले ने पी ली एक बाल्टी भांग,पार्वती से भांग घुटवाने की बात जैसे कितने ही अपमानजनक शब्द शिव भोले के लिए प्रयोग किए जाते हैं। वास्तव में दर्द होता है कि कुछ कावडिय़ा तो शिव भोले की फोटो तक नहीं लगाते अपितु घटिया फोटो लगाकर ही कावड़ ले जाते हैं। किसी कैंप में जाकर बैठना भी दुष्कर होता है क्योंकि बीड़ी सिगरेट का धुआं इस कदर छोड़ते हैं कि दूर दरार तक प्रदूषण हो जाता है। नीलकंठ पर जहां शुद्ध हवा मिलनी चाहिए परंतु वहां देखने को मिला कि सबसे प्रदूषित हवा बन गई है। नीलकंठ पर इस कदर बीड़ी सिगरेट का धुआं छोड़ते हैं कि चलना भी कठिन हो जाता है। रही बात गंगाजल की, गंगा में न जाने कितना कूड़ा कचरा, गंदगी डाल रहे हैं और उसी को लाकर शिव भोले पर अर्पित किया जा रहा है। साथ में उस गंगाजल को विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों में प्रयोग किया जाता है। इससे बड़ी दुर्भाग्यपूर्ण बात क्या हो सकती है। ऐसा लगता है की कावड़ के नाम पर लोग देव का अपमान भी करते हैं और व्यसनों मेें सम्मिलित भी पाए जाते हैं। एक शुद्ध आत्मा से कावड़ लाने वाले के लिए कावड़ लाना बहुत कठिन हो गया है। पहले ही कावड़ लाने वाले न तो साबुन का प्रयोग करते और तेल का प्रयोग करते। मलमूत्र त्यागने के बाद पानी से हाथ साफ करते हैं जो कि पूर्ण रूप से शुद्ध हाथ नहीं होते। ऐसे में कावड़ को इन्हीं हाथों से ले जाते हैं। ऐसे मेें कहा जा सकता है कि कार्ड शुद्ध मन से बहुत कम लोग लाते हैं जो शिव भोले को याद करते हुए आते हो।



चोर साहब के कारनामे- 23
-राम नाम जपना पराया माल अपना
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कनीना की आवाज।
 कनीना निवासी लेखन होशियार सिंह के प्लाट से चोर साहब गमले, ईंट, पत्थर, कृषि का सामान, बिजली का समान आदि समय-समय पर चोरी कर ले गया। बड़ी बात यह है कि चोर साहब तीन ट्राली पत्थर भी उठा ले गया और किसी के कानों कान तक भी महसूस नहीं हुआ। आस पड़ोस के ईट आदि की चोरी कर ले गया। जिनकी आदत बन गई है उसे कोई नहीं मिटा सकता। चोर साहब पर 1960 में आई  मूवी पतंग के बहुत सुंदर गीत शत प्रतिशत लागू होता है जो राजेंद्र कृष्ण ने लिखा हुआ है। जिसने कहा गया है -यह दुनिया बड़ी लुटेरी ना तेरी है ना मेरी
 अरे मुंह में इसके राम राम और दिल में हेरा फेरी, ये दुनिया बड़ी लुटेेरी। वही दो दिल 1965 की मूवी का एक गीत जो महमूद पर फिल्माया गया है जिसमें साफ कहा गया है- राम नाम जपना पराया माल अपना।
चोर साहब पर दोनों ही गीत लागू होते हैं जो जो चोर साहब की हकीकत बया करते हैं। जब यह बातें सुनते हैं कि चोर साहब ने क्या-क्या उठा लिए तो सभी आश्चर्यचकित हो जाते परंतु साठ के दशक में इस प्रकार के भजन बनाए गए, गीत बनाए गए तो उनको पहले से ही आभास था कि भविष्य में क्या कुछ हो सकता है। चोर साहब पर ये गाने बहुत बखूबी लागू होते हैं। पर ऐसे गानों से एक शिक्षा मिलती है परंतु चोर साहब ने तो इन भजनों से भी कोई शिक्षा नहीं मिली। आश्चर्य होता है कि चोर सब के दोस्त, चोर साहब का परिवार उसको इतना भी नहीं समझा पाया परंतु अब लेखक ने अपने प्लाट पर उच्च दर्जे के कैमरे लगाने शुरू कर दिये हैं और आने वाले 15 दिनों में उच्च दर्जे के कैमरे लगा दिए जाएंगे जिससे किसी प्रकार की चोरी आदि पर अंकुश लगने की संभावना है।



शिक्षक चरित्रवान नहीं होंगे तो देश का भविष्य होगा कैसा होगा?
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कनीना की आवाज।
 कनीना उपमंडल का एक शिक्षक छात्राओं के साथ छेड़छाड़ के मामले में जेल चला गया है। पहले भी समय-समय पर ऐसे कारनामे सामने आते रहे हैं जिनमें शिक्षक जेल गये हैं। इससे एक बात स्पष्ट होती है कि जब शिक्षक ही ऐसे होंगे तो भविष्य कैसा होगा? सबसे बड़ी बात कि शिक्षक को चरित्रवान होना चाहिए ताकि समाज के लिए आइना बन सके परंतु वे गिरावट पर जा रहे हैं जिससे कलियुग नजर आने लगा है। एक 50 साल से अधिक उम्र के शिक्षक द्वारा आठवीं की 12-13 साल की छात्राओं से छेड़छाड़ करना कहां तक संभव है? अगर यह संभव है तो गहन छानबीन करनी चाहिए और ऐसे शिक्षक को समाज से निष्कासित कर देना चाहिए परंतु आज के समाज में एक नई बुराई शामिल होने लगी है कि शिक्षक के साथ किसी की नहीं बनती तो राजनीति का शिकार बन जाता है। इस प्रकार के आरोप लगा दिए जाते हैं। अगर ऐसा है तो समाज को सुधारना चाहिए और इस प्रकार के आरोपों से बचना चाहिए। इंसान चाहे कितनी भी दुश्मनी किसी से रखता हो लेकिन किसी पर इतने गंभीर आरोप नहीं लगाने चाहिए। वैसे तो समाज में ऐसे कितने ही उदाहरण है जिसमें शिक्षक वास्तव में राक्षस बन जाता है और ऐसे राक्षस आदमी नाम कमा रहे हंै। एक ऐसा ही राक्षस लेखक ने देखा है। उसके और बहुत से कारनामे सामने आए हैं। जिसमें वह अपने दोस्त की पुत्री को भी नहीं बख्शता यहां तक कि दोस्त की पत्नी को भी नहीं बख्शता। घर में किराएदार को भी नहीं बख्शा और कितने ही चरित्र पर लगे दाग सामने आये। परंतु वह शिक्षक जिस जगह बैठा उसने घर को गर्त में मिलाने में कोई  कसर नहीं छोड़ी। लेखक के पास एक ऐसा ही कु-चरित्र शिक्षक 5 साल बैठता रहा और जिसने बाद में  इस लेखक के विरुद्ध वह षड्यंत्र रचा कि लाखों रुपये के नुकसान में पहुंचा दिया। और भविष्य भी अंधकारमय कर दिया। इस राक्षस ने तो कितने ही लोगों की जिंदगी बर्बाद करके रख दी। ऐसे राक्षस कभी पुलिस की चपेट में नहीं आए। ऐसे राक्षसों को तो फांसी दी जानी चाहिए। और भी कई उदाहरण देखने को मिले जिसमें गुरु शिष्य की परंपरा जो उच्च मानी जाती है, संबंध पवित्र माना जाता है उसे तार तार कर दिया। महाभारत में भी प्रसंग आता है कि जब पांडव अज्ञातवास में थे तो अर्जुन अपनी शिष्या को संगीत की शिक्षा देता था। एक दिन शिष्या के परिवार ने शिष्या का विवाह अर्जुन से कराने की बात कही। कंतु अर्जुन का एक ही कथन था कि गुरु शिष्य परंपरा को वह लांछित नहीं करना चाहता। ऐसे में उसका विवाह अर्जुन के पुत्र से करवाया गया। जब द्वापर युग में भी ऐसी परंपरा को श्रेष्ठ माना जाता था तो आज के दिन इस परंपरा को इतना नीचे क्यों गिरा दिया परंतु इस प्रकार के केसों की सघन जांच की जानी चाहिए ताकि दोषी को सजा मिले और निर्दोष को बचाया जा सके।



विभिन्न शिवालयों में मनाया गया शिवरात्रि का पर्व, दिनभर रही भीड़
 -हजारों कांवड़ बाघेश्वर धाम पर अर्पित की गई
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कनीना की आवाज।
शिवरात्रि का पर्व क्षेत्र में धूमधाम से मनाया गया। इस मौके पर व्रत रखा गया और गंगाजल से शिवलिंग का जलाभिषेक किया गया। देशभर में विख्यात बाघेश्वरी धाम पर दिनभर भक्तों का तांता लगा रहा। कांवड़ चढ़ाई गई और शिवलिंग का अभिषेक करके मन्नत मांगी गई। इस बार भारी संख्या में कांवड़ अर्पित की गई। इस वर्ष जोश अधिक देखने को मिला। विशेषकर टोकना कावड़, डाक कावड़ का जोर रहा।
  सुबह से ही चारों ओर बम-बम के जयकारे सुनाई पड़ रहे थे। विभिन्न शिवालयों में सुबह से शाम तक भीड़ रही। कनीना के 21 फुट प्रतिमा वाले शिवालय पर भारी भीड़ रही। धनौंदा के ब्रह्मचारी कृष्णानन्द आश्रम में शिवलिंग का जलाभिषेक किया गया। विभिन्न गांवों में भी जल चढ़ाकर मन्नत मांगने का सिलसिला जारी रहा।
 देशभर में कांवड़ के लिए विख्यात बाघेश्वर धाम पर कांवड़ चढ़ाने वालों की भीड़ रही वहीं शिवलिंग का जलाभिषेक करने के लिए भी मारामारी चली। स्वयंभू शिवलिंग पर हजारों वर्षों से गंगाजल अर्पित करने व कांवड़ लकार अर्पित करने का सिलसिला चला आ रहा है। लाखों भक्तों ने शिवालय जाकर शिव भोले को जल अर्पित किया। महिलाओं की संख्या अधिक रही।
  बाघेश्वरी धाम पर न केवल भक्तों ने अपितु  संत, महात्मा, नेताओं आदि ने गंगाजल अर्पित किया। यूं तो प्रत्येक सोमवार को यहां पर भारी भीड़ देखने को मिलती है। मेले का आयोजन चार दिनों से चला आ रहा था जो आज संपन्न हो गया है।
ट्रैक्टरों मेें जा रहे थे भक्त-
बाघेश्वरी धाम पर कांवड़ अर्पित करने के लिए भक्तजन टै्रक्टरों, पिकअप आदि में सवार होकर जाते देखे गए। दिन एवं रात को वाहनों एवं भक्तों का तांता बाघोत की ओर जाते देखा गया। उनको अलग रास्ते से शिवालय में जाने की व्यवस्था की हुई थी। एक ओर 350 किमी से व्यक्तिगत कांवड़ लेकर आने वाले भक्तों को सामान्य लाइन में खड़ा होना पड़ा वहीं डाक कांवड़ लाने वालों को विशेष लाइन में दर्शनों का मौका दिया गया।
गीत भजन एवं डांस के साथ कांवड़ की गई अर्पित-
शिवरात्रि के दिन बाघेश्वरी धाम पर कांवड़ चढ़ाने का सिलसिला अनवरत चलता रहा। इस दौरान कांवड़ लाने वाले भक्त अपनी कांवर को विधि विधान से पूजा करवाकर उन्हें बैंड बाजों पर थिरकते हुए शिवालय तक पहुंचे। और तो और महिलाएं भी नृत्य करते हुए आगे बढ़ती देखी गई। जिस प्रकार शादी दौरान नृत्य किया जाता है ठीक उसी प्रकार कांवड़ अर्पित करने का सिलसिला देखने को मिला। भारी संख्या में कांवर अर्पित की गई। कांवड़ अर्पित करने का सिलसिला विगत चार दिनों से चला आ रहा था। एक अनुमान के अनुसार बीस हजार कांवड़ अर्पित की गई हैं। विभिन्न गांवों के शिवालयों में भी कांवड़ अर्पित की गई।
विभिन्न दलों ने सेवा की-
कांवर लाकर अर्पित करने वाले तथा शिवालय के दर्शन करने वाले भक्तों की सेवा के लिए विभिन्न दल सेवा कर रहे थे। शिवरात्रि के दिन भारी भीड़ देखने को मिली। तीन तीन घंटों में नंबर पड़ रहा था। पानी पिलाना तथा मंदिर में व्यवस्था बनाए रखने के लिए भी सेवादल अहं भूमिका निभा रहे हैं। पुलिस बल दौरा करते हुए देखे गए। झूला, बैकुंठी, खड़ी कांवड़ भी अर्पित की गई।
फोटो कैप्शन 05: कांवड़ के संग ढोल पर नृत्य करते कावडिय़े
            06: बाघोत शिवालय में भीड़


कावडिय़ों के लिए लगाए गये शिविरों का हुआ समापन
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कनीना की आवाज।
कांवडिय़ों के लिए विगत एक सप्ताह से लगाये गये सेवा शिविर संपन्न हो गये हैं। कनीना के बस स्टंैड के पास ही रेवाड़ी मार्ग, कोसली मार्ग, महेंद्रगढ़ एवं अटेली मार्ग, गाहड़ा मार्ग पर शिविर लगाए हुए थे। ये शिविर एक सप्ताह तक चले आ रहे थे। इस शिविरों में कनीना व आस-पास के लोग आकर शिवभक्तों की सेवा करते रहे।
  जहां कुछ लोग इन शिवभक्तों की सेवा करके खुश रहे तो कुछ दान पुण्य करके ही प्रसन्न रहे। इस शिविरों में कांवडिय़ों के लिए जहां चाय, पानी, नाश्ता एवं भोजन की संपूर्ण सुविधाएं उपलब्ध कराई गई वहीं उनकी सेवा करने में कोई कसर नहीं छोड़ी गई। देर रात तक ये सेवक भक्तों की सेवा के लिए तैयार देखे गए।
जहां शिवभक्तों में शिव के प्रति आस्था के अनेकों तरीके हैं वहीं शिवभक्तों की सेवा करने वाले भी कई प्रकार से उन भक्तों की सेवा कर रहे थे। जहां कुछ भक्त कांवड़ लाकर ही अपना मन शुद्ध करने का प्रयास कर रहे थे वहीं कुछ लोग उनकी सेवा करके ही अपने को धन्य समझते थे।  
  कनीना व आस-पास गांवों में कांवडिय़ों के लिए जहां दूध, फल, सब्जी, नाश्ता, खाना, दवाएं एवं हर प्रकार की सुविधा प्रदान की जा रही थी वहीं उनके पैरों में मेहंदी का लेप लगाया जा रहा था। इन शिविरों में ठहरने वाले भक्तों के पैर के 350 किमी लंबी दूरी पैदल तय करने के कारण कट जाते हैं वहीं दर्द होने के कारण परेशानी का कारण बन जाते हैं। उनके पैरों के तलवों पर दिनरात कुछ भक्त मेहंदी का लेप कर रहे थे। बताया जाता है कि मेहंदी के लेप के कारण ही उन्हें आराम मिलता था और आगे बढऩे का हौसला भी मिलता था।
  एक भक्त अशोक कुमार, संदीप कुमार, सुनील कुमार ने बताया कि वो उनके शिविर में मेहंदी लगाकर भक्तों की सेवा करके ही अपने को धन्य समझता है। उनका कहना है कि नर सेवा ही नारायण सेवा होती है। हरिद्वार से कांवड़ नहीं लाए तो क्या हुआ वे कांवड़ लाने वालों की सेवा तो कर ही सकते थे।


जिला में दूर-दराज से आने वाले परीक्षार्थियों के लिए ठहरने की निशुल्क व्यवस्था
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कनीना की आवाज।
प्रदेश में 26 व 27 जुलाई को होने वाली कामन एलिजिबिलिटी टेस्ट (सीईटी-2025) परीक्षा के मध्य नजर जिला प्रशासन की ओर से जिला में दूर-दराज से आने वाले परीक्षार्थियों के लिए ठहरने की निशुल्क व्यवस्था की गई है।
उपायुक्त नारनौल डा. विवेक भारती ने बताया कि परीक्षार्थियों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो इसके लिए नारनौल में धर्मशाला, कम्युनिटी सेंटर व रेन बसेरा में लोगों के ठहरने की व्यवस्था की गई है।
इनका ओवरआल इंचार्ज नगर परिषद के ईओ दीपक गोयल होंगे।
उन्होंने बताया कि दुलीचंद धर्मशाला पार्क गली, अग्रवाल धर्मशाला नागरिक अस्पताल, सैनी सभा रेवाड़ी रोड नारनौल, यादव धर्मशाला बस स्टैंड के पीछे, नामदेव की धर्मशाला पुल बाजार, हुडडा कम्युनिटी सेंटर हुडडा सेक्टर नियर सीएल पब्लिक स्कूल, रेन बसेरा नजदीक बस स्टैंड व नजदीक सिविल हॉस्पिटल रेन बसेरा में ठहरने की व्यवस्था की गई है।
उन्होंने बताया कि दुलीचंद धर्मशाला में ठहरने के लिए धर्मशाला मेंबर सतीश गर्ग के मोबाइल नंबर 9416416725 पर फोन कर सकते हैं। इसी प्रकार अग्रवाल धर्मशाला में ठहरने के लिए तरुण कौशिक के मोबाइल नंबर 7988849861 पर, सैनी सभा में ठहरने के लिए विकास कुमार सैनी के मोबाइल नंबर 9017733463 पर, यादव धर्मशाला में ठहरने के लिए कंवर सिंह के मोबाइल नंबर 9466924414 पर व वह नामदेव की धर्मशाला में ठहरने के लिए प्रदीप के मोबाइल नंबर 6376583760 पर फोन कर सकते हैं। इसके अलावा किसी भी धर्मशाला, हुडडा कम्युनिटी सेंटर व रेन बसेरा में ठहरने के लिए नगर परिषद से नोडल अधिकारी राकेश कुमार के मोबाइल नंबर 946688 3897 पर फोन कर सकते हैं।


शिवरात्रि पर हवन यज्ञ के साथ भंडारे का आयोजन
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कनीना की आवाज।
गांव गोमला में शिवरात्रि के पावन अवसर पर हवन यज्ञ कर भंडारे का आयोजन किया गया। इस विषय में जानकारी देते हुए मंदिर के पुजारी बृजदास ने बताया कि इस अवसर पर गांव के युवाओं द्वारा हरिद्वार से डाक कावड़ लाकर गांव में स्थित शिवलिंग पर जलाभिषेक भी किया गया।
इसके साथ-साथ गांव के कुछ शिव भक्त झूला कावड़ लेकर भी मंदिर में पहुंचे। इस दौरान काफी बड़ी संख्या में ग्रामीण भी मौजूद रहे। इस अवसर मंदिर प्रांगण में हवन यज्ञ का आयोजन किया गया जिसमें बड़ी संख्या में महिला और पुरुषों ने हवन में आहुति दी। ग्रामीणों की तरफ से सामूहिक रूप से भंडारे का भी आयोजन किया गया जिसमें गांव और आसपास के बड़ी संख्या में लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया। इस दौरान शिवरात्रि के अवसर पर शिवलिंग पर जल अर्पण करने वालों की सुबह से ही मंदिर में भीड़ लगी थी जिसमें महिलाओं की संख्या अधिक रहे। मंदिर में आयोजित हवन यज्ञ के साथ-साथ सुमेर मास्टर और उनकी भजन पार्टी ने शिव भोले के भजनों का गुणगान किया। इस अवसर पर सरपंच वेद प्रकाश, पूर्व सरपंच दयाराम, बलवंत, करतार सिंह, हवा सिंह, सत्यवीर, संजय, नौबत राय, सुरेंद्र, संदीप, बबीता ,सुनीता ,मंजू, सुरेश देवी ,नरेश, दिलीप, नीरज, पंकज ,सरोज, सुरेश देवी शाहिद सैकड़ो की संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
फोटो कैप्शन 02: गोमला में भंडारा का नजारा


शिवरात्रि के अवसर पर दुकानदारों ने खीर हलवे का किया भंडारा
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कनीना की आवाज।
गांव भोजावास में अटेली रोड स्थित दुकानदारों ने शिवरात्रि के पावन अवसर पर भंडारे का आयोजन किया। इस अवसर पर दुकानदारों ने खीर और हलवे का प्रसाद वितरित किया। दुकानदारों की तरफ से आयोजित इस भंडारे में जहां डाक कावड़ लाने वाले शिव भक्तों को प्रसाद वितरित किया तो वहीं इसके साथ-साथ राहगीरों को भी खिर और हलवे का प्रसाद वितरण किया गया। शिवरात्रि के पावन अवसर पर दुकानदारों द्वारा आयोजित इस पुनीत कार्य के लिए आसपास के दुकानदारों ने अपना सहयोग दिया और राहगीरों को प्रसाद वितरण का कार्य किया। इस अवसर पर कृष्ण जांगड़ा, नवीन तंवर, हरीश शर्मा, रतन भगत, जितेंद्र यादव ,हरिओम तंवर सहित अनेक दुकानदार मौजूद रहे।
फोटो कैप्शन 03: खीर का प्रसाद वितरित करते हुए


महिलाओं को समर्पित है तीज एवं सिंधारा
-जमकर चलती है पतंगबाजी
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कनीना की आवाज।
अब छतों पर वो मारा वो काटा का शोर सुनाई पडऩे लगा है। कनीना क्षेत्र में 27 जुलाई को हरियाली तीज व 26 अगस्त को सिंधारा पर्व के दृष्टिगत पतंगों की बहार आ गई है। सुबह से शाम अब वो मारा, वो काटा की आवाज सुनाई पड़ती है।  बम बम के साथ साथ वो काटा वो मारा का शोर छतों पर सुनाई पड़ता है। युवा वर्ग इस मामले में अधिक सक्रिय है। सर्वाधिक पतंगबाजी हरियाली तीज पर होती है। उधर तीज एवं सिंधारा के दृष्टिगत बाजारों में घेवर की मिठाई की धूम मची हुई है। त्योहार पर घेवर का लेनदेन किया जाता है।
  शहरी क्षेत्र में पतंगबाजी में तेजी आ गई है। बाजारों में दुकानों पर पतंग एवं डोर ही नजर आती है। युवा हो या बच्चा अपनी छतों पर सुबह शाम पतंगबाजी करता है। जिस दिन स्कूलों की छुट्टी होती है उस दिन तो बच्चे अपने घरों की छतों से नीचे ही नहीं आते हैं। एक ओर सिंधारा पर्व पर घेवर की मिठाई का बोलबाला है वहीं तीज पर्व पर पतंगबाजी का बोलबाला है। यूं तो इस सावन माह में उत्सवों की बहार है किंतु तीज पर्व का अपना ही महत्व है। सावन में आने वाली हरियाली तीज पर सर्वाधिक पतंगबाजी की जाती है तत्पश्चात पतंगबाजी में कमी आ जाती है।
   सावन माह में इस बार झूले कम ही नजर आते हैं। सावन माह में पुराने समय से झूलों पर झूलने की प्रथा थी किंतु अब वह प्रथा धीमी पड़ गई है। पतंगबाजी में युवा एवं बच्चों की अधिक भागीदारी होती है। एक दुकानदार योगेश कुमार ने बताया कि इस बार पतंगबाजी के लिए युवा वर्ग में इतना उत्साह नहीं है जितना होना चाहिए। कनीना क्षेत्र में बारिश का बोलबाला है। वैसे तो पूरे सावन माह में ही पींग पर झूला जाता है किंतु इस दिन विशेष आकर्षण का केंद्र पींग होती है।
जंगलों में नृत्य करते मोर, वषा का शोर तथा पतंग उड़ाने वालों की ध्वनि स्पष्ट सुनाई पड़ती है।  पर्व खुशियां लेकर आता है। वर्षा अच्छी होने पर तो खुशियां और भी बढ़ जाती हैं।
फोटो कैप्शन 04: कनीना में घेवर की मिठाई





हेरिटेज विद्यालय में शिवरात्रि के पावन पर्व को बड़े धूमधाम से मनाया गया
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कनीना की आवाज।
उपमंडल कनीना में स्थित हेरिटेज वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय मोहनपुर में शिवरात्रि के पावन पर्व को विद्यालय प्रांगण में बड़े ही धूमधाम से मनाया गया जिसमें सर्वप्रथम विद्यालय के अध्यक्ष ओमप्रकाश शर्मा ने पूजा अर्चना करके कार्यक्रम का शुभारंभ किया। अविका ग्रुप ने हरिद्वार में बाजी पायल चांदी की गाने पर अपने सुंदर नृत्य से तालियां बटोरी। कक्षा नौवीं की छात्राएं जिन्होंने गोरा का बीपी हाई गाने पर बहुत ही सुंदर व मनमोहक नृत्य पेश किया। इसके उपरांत नन्हे नन्हे बच्चों ने भोले के लावेगा गाने पर अपना नृत्य पेश किया। कक्षा आठवीं की छात्राएं जिन्होंने मेरा जी लगे से बाबा में गाने पर तालियां बटोरी। कक्षा दूसरी की छात्राएं पायल भोले की गाने पर अपने नृत्य पेश किया। बच्चों ने इस पर्व को मनाया जिसमें विद्यालय के सभी अध्यापकों ने भी अपनी रुचि दिखाई। इसके उपरांत विद्यालय के अध्यक्ष ओम प्रकाश शर्मा ने बच्चों को शुभ आशीर्वाद दिया।  इस पूरे कार्यक्रम के दौरान विद्यालय के सीईओ कैलाश शर्मा, मनीष कुमार ,डायरेक्टर खुशीराम शर्मा, प्रधानाचार्य कृष्ण सिंह, सीनियर कोआर्डिनेटर सुरेंद्र कुमार, जूनियर कोआर्डिनेटर सुमन तथा समस्त अध्यापक उपस्थित रहे।
फोटो कैप्शन 01: शिवरात्रि पर्व पर हेरिटेज के बच्चे।

रेवाड़ी जिला में बने सीईटी परीक्षा केंद्रों के लिए शटल सेवा का शेड्यूल तैयार
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कनीना की आवाज।
हरियाणा राज्य परिवहन, नारनौल डिपो के महाप्रबंधक मनोज कुमार शर्मा ने बताया कि
हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग की ओर से 26 व 27 जुलाई को होने वाली सीईटी की परीक्षा के लिए महेंद्रगढ़ जिला से राज्य परिवहन की बसों में रेवाड़ी जाने वाले परीक्षार्थी रेवाड़ी से शटल सेवा से अपने-अपने परीक्षा केंद्र पर निर्धारित समयावधि में पहुंच सकेंगें।

रेवाड़ी परीक्षा केंद्रों के लिए 11 रूट निर्धारित

हरियाणा राज्य परिवहन, नारनौल डिपो के महाप्रबंधक मनोज कुमार शर्मा ने बताया कि रेवाड़ी जिला में बने 11 शटल सर्विस रूट को परीक्षा केंद्रों अनुरूप आवंटित किया गया है। ऐसे में परीक्षार्थी नई सब्जी मंडी बिठवाना पर बने मुख्य स्थान से अपने-अपने परीक्षा केंद्र के लिए शटल सर्विस का लाभ उठा सकते हैं।

*रूट नंबर 1 (नई सब्जी मंडी बिठवाना से सरकुलर रोड रेवाड़ी शहरी क्षेत्र)*
परीक्षा केंद्र क्रमांक 29046 राज इंटरनेशनल स्कूल, केंद्र क्रमांक 29024 होली चाइल्ड पब्लिक स्कूल, केंद्र क्रमांक 29052 सैनी पब्लिक स्कूल, केंद्र क्रमांक 29030, 29016, 29029 क्रमश: जैन पब्लिक स्कूल, जैन बॉयज सीनियर सेकेंडरी स्कूल व जैन गल्र्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल, केंद्र क्रमांक 29037 महाराजा अग्रसेन पब्लिक स्कूल, केंद्र क्रमांक 29042 व 29043 पीएम श्री गवर्नमेंट गल्र्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल तथा केंद्र क्रमांक 29047 राव बहादुर सिंह सीनियर सेकेंडरी स्कूल यादव नगर कनकरवाली बेरली रोड रेवाड़ी ।

*रूट नंबर 2 (नई सब्जी मंडी बिठवाना से धारूहेड़ा)*
परीक्षा केंद्र क्रमांक 29031 व 29032 केएलपी कॉलेज नजदीक राव तुलाराम स्टेडियम, परीक्षा केंद्र क्रमांक 29007 डीएवी पुलिस पब्लिक स्कूल पुलिस लाइन, परीक्षा केंद्र क्रमांक 29054 व 29055 श्री कृष्ण सीनियर सेकेंडरी स्कूल गांव हांसाका रोड, परीक्षा केंद्र क्रमांक 29039 माउंट हेरीटेज इंटरनेशनल स्कूल गांव बलियार खुर्द, परीक्षा केंद्र क्रमांक 29048 ऋषि पब्लिक स्कूल गांव हांसाका, परीक्षा केंद्र क्रमांक 29050 व 29051 आरपीएस पब्लिक स्कूल गांव बलियार कलां, परीक्षा केंद्र क्रमांक 29009 दिल्ली पब्लिक स्कूल गांव जोनावास, परीक्षा केंद्र क्रमांक 29010 व 29011 यूरो इंटरनेशनल स्कूल गांव जोनावास, परीक्षा केंद्र क्रमांक 29060, 29061, 29062, 29063 सूरज सीनियर सेकेंडरी स्कूल गांव रसगन, परीक्षा केंद्र क्रमांक 29022 व 29023 गुरुकुलम द स्कूल गांव मसानी व परीक्षा केंद्र क्रमांक 29014 गवर्नमेंट कॉलेज गांव खरखड़ा।

*रूट नंबर 3 (नई सब्जी मंडी बिठवाना से बोडिय़ा कमालपुर)*
परीक्षा केंद्र क्रमांक 29020 व 29021 गवर्नमेंट सीनियर सेकेंडरी स्कूल रेवाड़ी, परीक्षा केंद्र क्रमांक 29001 अहीर कॉलेज रेवाड़ी, परीक्षा केंद्र क्रमांक 29017 गवर्नमेंट सीनियर सेकेंडरी स्कूल गांव बूढ़पुर, परीक्षा केंद्र क्रमांक 29004 भारती इंटरनेशनल स्कूल बांउिय़ा कमालपुर, परीक्षा केंद्र क्रमांक 29008 डाउन निलायम पब्लिक स्कूल गांव बालावास जमापुर बेरली रोड।

*रूट नंबर 4 (नई सब्जी मंडी बिठवाना से खोरी)*
परीक्षा केंद्र क्रमांक 29027 व 29028 जय राम नर्सिंग कॉलेज नियर डाइट गांव हुसैनपुर, परीक्षा केंद्र क्रमांक 29038 माता राजकौर कॉलेज गांव गांगुली साहरनवास, परीक्षा केंद्र क्रमांक 29057 व 29058 सनगलो इंटरनेशनल स्कूल गांव गांगुली साहरनवास, परीक्षा केंद्र क्रमांक 29040 नव ज्योति स्कूल पिथरावास।
*रूट नंबर 5 (नई सब्जी मंडी बिठवाना से गणेशी लाल हिंदू स्कूल)*
परीक्षा केंद्र क्रमांक 29041 पीएम श्री गवर्नमेंट सीनियर सेकेंडरी गांव बिठवाना, परीक्षा केंद्र क्रमांक 29044 प्रथम इंटरनेशनल सीनियर सेकेंडरी स्कूल गांव धामलाका, परीक्षा केंद्र क्रमांक 29056 सोमानी इंस्टीट्यूट आफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी, 29005 कैंब्रिज स्कूल सहबाजपुर पाडियावास, 29013 गणेशी लाल हिंदू पब्लिक स्कूल सहबाजपुर पाडियावास।

*रूट नंबर 6 (नई सब्जी मंडी बिठवाना से रोलियावास)*
परीक्षा केंद्र क्रमांक 29067 व 29068 वृंदावन इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल महेंद्रगढ़ रोड, परीक्षा केंद्र क्रमांक 29019 गवर्नमेंट सीनियर सेकेंडरी स्कूल गांव सहारनवास, परीक्षा केंद्र क्रमांक 29064 टैगोर पब्लिक स्कूल जाडरा गांव, परीक्षा केंद्र क्रमांक 29065 व 29066 विकास इंटरनेशनल स्कूल गांव रोलियावास।

*रूट नंबर 7 (नई सब्जी मंडी बिठवाना से कोसली)*
परीक्षा केंद्र क्रमांक 29002व 29003 अरावली इंटरनेशनल स्कूल गांव गोकलगढ़, परीक्षा केंद्र क्रमांक 29018 गवर्नमेंट सीनियर सेकेंडरी स्कूल गांव गोकलगढ़, परीक्षा केंद्र क्रमांक 29006 गवर्नमेंट पॉलिटेक्निकल कॉलेज लिसाना, परीक्षा केंद्र क्रमांक 29045 आर सी ग्रीन फील्ड स्कूल गांव गंगायाचा जाट, परीक्षा केंद्र क्रमांक 29049 रॉयल पब्लिक स्कूल गांव रोडहाई, परीक्षा केंद्र क्रमांक 29059 सूरज सीनियर सेकेंडरी स्कूल गांव गुडिय़ानी, परीक्षा केंद्र क्रमांक 29006 डीएवी गल्र्स कॉलेज कोसली।

*रूट नंबर 8 (नई सब्जी मंडी बिठवाना से डोहकी)*
परीक्षा केंद्र क्रमांक 29012 जीडी गोयनका स्कूल रेवाड़ी, परीक्षा केंद्र क्रमांक 29069 व 29070 यदुवंशी शिक्षा निकेतन सीनियर सेकेंडरी स्कूल गांव डोहकी।

*रूट नंबर 9 (नई सब्जी मंडी बिठवाना से जैतडावास)*
परीक्षा केंद्र क्रमांक 29053 सरस्वती विद्या निकेतन भडवास रोड रेवाड़ी, परीक्षा केंद्र क्रमांक 29034 केरला पब्लिक स्कूल गांव जैतडावास।

*रूट नंबर 10 (नई सब्जी मंडी बिठवाना से राजपुरा)*
परीक्षा केंद्र क्रमांक 29025 व 29026 आईजीयू मीरपुर, परीक्षा केंद्र क्रमांक 29035 व 29036 एमएलपी सीनियर सेकेंडरी स्कूल गांव राजपुरा आलमगीरपुर।

*रूट नंबर 11 (नई सब्जी मंडी बिठवाना से कौनसीवास)*
परीक्षा केंद्र क्रमांक 29033 केंद्रीय विद्यालय गांव कौनसीवास ।





सीईटी के लिए जिला में आने वाले तथा बाहर जाने वाले परीक्षार्थियों के लिए रूट चार्ट तैयार
चरखी दादरी व भिवानी से आएंगे तथा रेवाड़ी व चरखी दादरी जाएंगे परीक्षार्थी
' सीईटी ट्रैवल ऐप पर करवाएं पंजीकरण
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कनीना की आवाज।
  हरियाणा राज्य परिवहन का नारनौल डिपो आगामी 26 व 27 जुलाई को हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग द्वारा आयोजित सामान्य पात्रता परीक्षा (सीईटी) में भाग लेने वाले महेंद्रगढ़ जिले के परीक्षार्थियों की सुविधा के लिए विशेष बस सेवाओं का संचालन करेगा।
हरियाणा राज्य परिवहन, नारनौल डिपो के महाप्रबंधक मनोज कुमार शर्मा ने यह जानकारी देते हुए बताया कि परीक्षार्थियों को उनके गांव व शहर के निकट से परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने के लिए महेंद्रगढ़ जिले के विभिन्न स्थानों से दादरी और रेवाड़ी जिलों के लिए बसों का संचालन किया जाएगा।
महेंद्रगढ़ जिले से दादरी और रेवाड़ी के लिए बस संचालन केंद्र :
* बस स्टैंड नारनौल
* बस स्टैंड महेंद्रगढ़
* बस स्टैंड नांगल चौधरी
* बस स्टैंड अटेली
* बस स्टैंड कनीना
* बस स्टैंड सतनाली
* भांखरी
* निजामपुर
* दौंगडा अहीर
* दुलोठ अहीर
* नांगल सिरोही
* पाली
* भोजावास (कनीना)
* सेहलंग
* कांटी खेड़ी
परीक्षा केंद्रों तक अंतिम मील कनेक्टिविटी :
दादरी जाने वाले परीक्षार्थी :
महेंद्रगढ़ से दादरी जाने वाले परीक्षार्थियों को चरखी दादरी में नई अनाज मंडी कनीना रोड पर बने अस्थायी बस स्टैंड तक पहुंचाया जाएगा। यहां से शटल बस सेवा के माध्यम से उन्हें परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाया जाएगा।
* रेवाड़ी जाने वाले परीक्षाथीर्:
रेवाड़ी जाने वाले परीक्षार्थियों को पीठवाना सब्जी मंडी में बने अस्थायी बस स्टैंड तक पहुंचाया जाएगा, जहां से शटल बस सेवा द्वारा उन्हें परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाया जाएगा।
* महेंद्रगढ़ आने वाले परीक्षार्थी (चरखी दादरी व भिवानी से) :
चरखी दादरी और भिवानी से महेंद्रगढ़ जिला में आने वाले परीक्षार्थियों को महेंद्रगढ़ बदेरवाल सिटी और नई अनाज मंडी नारनौल पर बने अस्थायी बस स्टैंडों पर पहुंचाया जाएगा। इन स्थानों से शटल बस सेवा के माध्यम से उन्हें परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाया जाएगा।
बस संचालन का समय:
* प्रथम शिफ्ट: बसों का संचालन प्रात: 04:30 बजे शुरू होगा।
* दूसरी शिफ्ट: बसों का संचालन प्रात: 09:00 बजे शुरू होगा।
जिला प्रशासन महेंद्रगढ़ और हरियाणा राज्य परिवहन परीक्षार्थियों से अपील करता है कि वे इन सुविधाओं का लाभ उठाएं और समय पर अपने परीक्षा केंद्रों पर पहुंचें। सभी परीक्षार्थी ' सीईटी ट्रैवलÓ ऐप पर पंजीकरण करवाएं।