दी गुढ़ा बहुउद्देशीय पैक्स लिमिटेड गुढ़ा के प्रधान व उपप्रधान का चुनाव सम्पन्न
-सुंदरपाल बने प्रधान, कृष्ण कुमार बने उपप्रधान
-4 निदेशकों ने लगाया भ्रष्टाचार का आरोप
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कनीना की आवाज। दी गुढ़ा बहुउद्देशीय पैक्स लिमिटेड गुढ़ा जिला महेंद्रगढ़ की प्रबंधक कमेटी के पदाधिकारियों प्रधान एवं उपप्रधान के चुनाव सोमवार को संपन्न हुए। बैठक की अध्यक्षता निरीक्षक सहकारी समितियां कनीना अजय कुमार ने की, जबकि चुनाव प्रक्रिया के दौरान करवाई लिखने का अधिकार जितेंद्र कुमार पैक्स प्रबंधक को दिया गया। बैठक में छह निदेशक व एक बैंक विकास अधिकारी मौजूद रहे।
प्रधान पद के लिए निदेशक कृष्ण कुमार ने सुंदरपाल का नाम प्रस्तावित किया, जिसे सभी उपस्थित निदेशकों ने सर्वसम्मति से समर्थन दिया। इसी प्रकार उपप्रधान पद के लिए निदेशक रामकिशन ने कृष्ण कुमार का नाम प्रस्तावित किया, जिसे सर्वसम्मति से स्वीकार किया गया। बैठक में निदेशक कृष्ण कुमार, रामकिशन, सुंदरपाल, महेश, सुमन देवी, सुषमा देवी तथा बैंक विकास अधिकारी जगत सिंह उपस्थित रहे। इस दौरान नव निर्वाचित प्रधान सुंदरपाल के भाई पूर्व सरपंच दलीप सिंह ने बताया कि खाद बीज सहित विभिन्न प्रकार के उत्पाद किसानों के लिए उपलब्ध करवाया जायेगा। उन्होंने आम जन से सहयोग की अपील की।
इस दौरान नवीन रसूलपुर, कुलदीप पाथेड़ा, मास्टर कर्मवीर, दिनेश यादव, भूपेंद्र कैमला, ओम प्रकाश भडफ़ ने बधाई दी।
वहीं दूसरी ओर, निदेशक लखमीचंद, सतवीर सिंह, सतीश लाटा और महेश कुमार ने चुनाव प्रक्रिया पर आपत्ति जताते हुए आरोप लगाया कि रजिस्ट्रार सहकारी समितियां, पंचकूला के स्टे आदेश के बावजूद चुनाव करवाए गए हैं। उन्होंने सहायक रजिस्ट्रार पर नियमों की अनदेखी कर चुनाव करवाने और विभाग में भ्रष्टाचार के आरोप लगाए। लखमीचंद ने बताया कि रजिस्ट्रार सहकारी समितियों, हरियाणा पंचकूला की रोक के बावजूद यह चुनाव करवाए गए हैं, इसलिए उन्होंने और उनके साथियों ने चुनाव का बहिष्कार किया। दी गुढ़ा बहुउद्देशीय पैक्स लिमिटेड गुढ़ा के प्रबंधक मंडल के सदस्यों सत्यवीर सिंह, सतीश लाटा, महेश कुमार एवं लख्मीचंद ने इस चुनाव का बहिष्कार करते हुए चुनाव प्रक्रिया की कड़ी निंदा की। इन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि 13 अक्टूबर 2025 को उपरजिस्ट्रार भिवानी ने दी गुढ़ा बहुउद्देशीय पैक्स लि. गुढ़ा जिला महेंद्रगढ़ समिति के प्रबंधक कमेटी के पदाधिकारियों प्रधान एवं उपप्रधान के चुनाव से रोक हटाने एवं सुमन पत्नी नरेश निवासी रसूलपुर को अवैध घोषित करने के आदेश दिए थे। तत्पश्चात आनन-फानन में सहायक रजिस्ट्रार सहकारी समितियां महेंद्रगढ़ के आदेश की अनुपालना में निरीक्षक सहकारी समितियां कनीना महेंद्रगढ़ द्वारा 21 अक्टूबर 2025 को पत्र जारी कर समिति के प्रबंधक कमेटी के पदाधिकारियों का चुनाव 10 नवम्बर 2025 को समिति कार्यालय गुढ़ा में करवाया जाना सुनिश्चित कर दिया गया 7 जिसका चुनावी एजेंडा भी नियमानुसार जारी नही किया गया। समिति के दस सदस्यों की बजाय नौ को ही चुनाव का एजेंडा दिया गया। जिससे साफ तौर पर विभाग की गलत मंशा जाहिर होती नजर आ रही हैं। 31 अक्टूबर 2025 को सुमन पत्नी नरेश निवासी रसूलपुर की अपील पर रजिस्ट्रार सहकारी समितियां हरियाणा पंचकूला द्वारा
उपरजिस्ट्रार भिवानी के उस आदेश पर 20 नवम्बर, 2025 की सुनवाई तक रोक लगा दी जिसमे उपरजिस्ट्रार भिवानी ने सुमन को अवैध घोषित किया था और समिति पदाधिकारियों के चुनाव कराने के आदेश दिए थे। रजिस्ट्रार सहकारी समितियां हरियाणा पंचकूला ने इस मामले से संबंधित विभाग के समस्त अधिकारियों को भी नोटिस जारी कर दिया गया था। सहायक रजिस्ट्रार महेंद्रगढ़ द्वारा समिति पदाधिकारियों के चुनाव के संबंध में चुनाव तिथि से दो दिन पहले रजिस्ट्रार के स्टे आर्डर का उलंघन करने के साथ- साथ सहकारी समिति के नियमों को ताक पर रखते हुए दसवें पदाधिकारी का एजेंडा जारी करवा दिया गया।जो सरासर कानूनी नियमों का उलंघन हैं। दी गुढ़ा बहुउद्देशीय पैक्स लिमिटेड गुढ़ा के प्रबंधक मंडल के सदस्यों सत्यवीर सिंह, सतीश लाटा, महेश कुमार एवं लख्मीचंद ने 07 नवम्बर को सहायक रजिस्ट्रार समितियां महेन्द्रगढ़, उपरजिस्ट्रार भिवानी एवं रजिस्ट्रार पंचकूला को लिखित शिकायत भेजकर भी अवगत कराया जा चुका हैं। राजनीतिक दवाब के चलते इस चुनाव में सहायक रजिस्ट्रार समितियां महेन्द्रगढ़ एवं उपरजिस्ट्रार भिवानी की मिलीभगत से नियमों को ताक पर रख गया हैं। जल्द ही हम इस गैर कानूनी तरीके से कराए गए चुनाव प्रक्रिया को लेकर उच्च न्यायालय में जाएंगे।
क्या कहते हैं अधिकारी-
अजय कुमार, निरीक्षक सहकारी समितियां कनीना का कहना है कि हमारे पास किसी भी प्रकार का स्टे आर्डर नहीं था। मुझे उच्च अधिकारियों द्वारा लिखित पत्र प्राप्त हुआ था, जिसके तहत चुनाव संपन्न करवाए गए। चुनाव में दो-तिहाई से अधिक निदेशक मौजूद रहे।
गुढ़ा पैक्स प्रबंधक जितेंद्र कुमार यादव ने जानकारी देते हुए बताया कि
बोर्ड खाद से लेकर मिनरल मिक्सर, बिनोला सहित तेल, चाय पत्ती, चिन्नी, चावल, बीज, खाद, दवाइयां बेचने में सक्षम है। गुढ़ा में खाद वाला लाइसेंस 14 अक्टूबर 2025 एक्सपायर हुआ था। रिन्यू 20 अक्टूबर 2025 को करवाया है। इसके अंतर्गत गुढ़ा, कैमला, मोहनपुर, नांगल, सिगड़ी, सिगड़ा, पाथेड़ा, अगिहार, बुचावास, झगड़़ोली, आनावास, उन्हाणी, रसूलपुर, चेलावास गांव आते हैं। इसमें झगड़ोली सेल प्वाइंट का लाइसेंस नहीं है वहां पर नए सिरे से बनवाया जाएगा।
फोटो कैप्शन 02:नवनिर्वाचित प्रधान व उप प्रधान को मिठाई खिलाते हुए।
सरसों उत्पादन बढ़ाने की नई तकनीकें सीखेंगे किसान,
--पुनर्योजी खेती से मृदा स्वास्थ्य में सुधार
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कनीना की आवाज। बाबा रूपा दास फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड, दौंगड़ा अहीर और सालिडरिडाड के संयुक्त तत्वावधान में सरसों उत्पादन कार्यक्रम के तहत किसानों के लिए एक दिवसीय प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य किसानों को सरसों की उन्नत तकनीकें सिखाकर खाद्य तेल के क्षेत्र में भारत को आत्मनिर्भर बनाना था। कार्यक्रम में सालिडरिडाड से हिमांशु बैस, कृषि विश्वविद्यालय बावल से डा. नरेंद्र कुमार कृषि वैज्ञानिक और डा. सुधीर कुमार प्लांट प्रोटेक्शन विशेषज्ञ ने किसानों को सरसों की फसल से जुड़ी आधुनिक खेती तकनीकों और पुनर्योजी खेती के सिद्धांतों पर विस्तार से जानकारी दी।
बीज उपचार और जैविक खाद पर जोर
विशेषज्ञों ने किसानों को बताया कि बीज उपचार, जैविक खादों का प्रयोग, पहले फूल की अवस्था में टापिंग, तथा कीट प्रबंधन के लिए पीले कार्ड और सल्फर का उपयोग फसल की गुणवत्ता व उत्पादन दोनों में वृद्धि करता है। उन्होंने यह भी कहा कि गर्मी कंपोस्ट तकनीक और छींटाई विधि से फसल को मौसम की मार से बचाया जा सकता है। कार्यक्रम में किसानों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और सरसों उत्पादन में नई तकनीकों को अपनाने का संकल्प लिया। किसानों ने इस तरह के व्यावहारिक प्रशिक्षण कार्यक्रमों को आगे भी नियमित रूप से आयोजित करने की मांग की। कार्यक्रम के बाद विशेषज्ञों ने बताया कि पुनर्योजी खेती अपनाने से मृदा की उर्वरता बढ़ती है और उत्पादन में 20 से 30 प्रतिशत तक की वृद्धि संभव है। इससे न केवल किसानों की आमदनी बढ़ेगी बल्कि देश के खाद्य तेल आयात पर निर्भरता भी घटेगी। इस मौके पर भारतीय किसान संघ के जिला प्रधान राजकुमार यादव, हरपाल थानेदार, परमेश्वर मास्टर, महेंद्र सिंह ठेकेदार, राजकुमार यादव ब्लाक अध्यक्ष सीहमा, मामन सिंह प्रधान समेत बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे। किसानों ने बताया कि ऐसे प्रशिक्षण शिविर न केवल नई जानकारी देते हैं, बल्कि खेती को आधुनिक और लाभदायक बनाने की दिशा में ठोस कदम साबित हो रहे हैं।
फोटो कैप्शन 04 व 05: किसानों की जानकारी देते हुए अधिकारी।
रजिस्ट्रार सहकारी समितियां पंचकूला के स्टे आदेश के बाद भी करवाए गए पैक्स गुढ़ा प्रबन्धक कमेटी के चुनाव
-चार पदाधिकारियों ने किया चुनाव का बहिष्कार, विभाग पर लगाए गम्भीर भ्रष्टाचार के आरोप
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कनीना की आवाज। रजिस्ट्रार सहकारी समितियां हरियाणा पंचकूला की रोक के बावजूद सहायक रजिस्ट्रार महेन्द्रगढ़ द्वारा नियमों को ताक पर रख कर दी गुढ़ा बहुउद्देशीय पैक्स लिमिटेड गुढ़ा जिला महेंद्रगढ़ की प्रबंध कमेटी के चुनाव करवाए गए।
दी गुढ़ा बहुउद्देशीय पैक्स लिमिटेड गुढ़ा के प्रबंधक मंडल के सदस्यों सत्यवीर सिंह, सतीश लाटा, महेश कुमार एवं लख्मीचंद ने इस चुनाव का बहिष्कार करते हुए चुनाव प्रक्रिया की कड़ी निंदा की। इन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि 13 अक्टूबर 2025 को उपरजिस्ट्रार भिवानी ने दी गुढ़ा बहुउद्देशीय पैक्स लि. गुढ़ा जिला महेंद्रगढ़ समिति के प्रबंधक कमेटी के पदाधिकारियों प्रधान एवं उपप्रधान के चुनाव से रोक हटाने एवं सुमन पत्नी नरेश निवासी रसूलपुर को अवैध घोषित करने के आदेश दिए थे। तत्पश्चात आनन-फानन में सहायक रजिस्ट्रार सहकारी समितियां महेंद्रगढ़ के आदेश की अनुपालना में निरीक्षक सहकारी समितियां कनीना महेंद्रगढ़ द्वारा 21 अक्टूबर 2025 को पत्र जारी कर समिति के प्रबंधक कमेटी के पदाधिकारियों का चुनाव 10 नवम्बर 2025 को समिति कार्यालय गुढ़ा में करवाया जाना सुनिश्चित कर दिया गया 7 जिसका चुनावी एजेंडा भी नियमानुसार जारी नही किया गया। समिति के दस सदस्यों की बजाय नौ को ही चुनाव का एजेंडा दिया गया। जिससे साफ तौर पर विभाग की गलत मंशा जाहिर होती नजर आ रही हैं।
31 अक्टूबर 2025 को सुमन नामक महिला की अपील पर रजिस्ट्रार सहकारी समितियां हरियाणा पंचकूला द्वारा
उप-रजिस्ट्रार भिवानी के उस आदेश पर 20 नवम्बर, 2025 की सुनवाई तक रोक लगा दी जिसमें उप-रजिस्ट्रार भिवानी ने सुमन को अवैध घोषित किया था और समिति पदाधिकारियों के चुनाव कराने के आदेश दिए थे। रजिस्ट्रार सहकारी समितियां हरियाणा पंचकूला ने इस मामले से संबंधित विभाग के समस्त अधिकारियों को भी नोटिस जारी कर दिया गया था। सहायक रजिस्ट्रार महेंद्रगढ़ द्वारा समिति पदाधिकारियों के चुनाव के संबंध में चुनाव तिथि से दो दिन पहले रजिस्ट्रार के स्टे आर्डर का उल्लंघन करने के साथ- साथ सहकारी समिति के नियमों को ताक पर रखते हुए दसवें पदाधिकारी का एजेंडा जारी करवा दिया गया। जो सरासर कानूनी नियमों का उल्लंघन हैं। दी गुढ़ा बहुउद्देशीय पैक्स लिमिटेड गुढ़ा के प्रबंधक मंडल के सदस्यों सत्यवीर सिंह, सतीश लाटा, महेश कुमार एवं लख्मीचंद ने 07 नवम्बर को सहायक रजिस्ट्रार समितियां महेन्द्रगढ़, उपरजिस्ट्रार भिवानी एवं रजिस्ट्रार पंचकूला को लिखित शिकायत भेजकर भी अवगत कराया जा चुका हैं। राजनीतिक दवाब के चलते इस चुनाव में सहायक रजिस्ट्रार समितियां महेन्द्रगढ़ एवं उप-रजिस्ट्रार भिवानी की मिलीभगत से नियमों को ताक पर रख गया हैं। जल्द ही हम इस गैर कानूनी तरीके से कराए गए चुनाव प्रक्रिया को लेकर उच्च न्यायलय में जाएंगे।
फोटो कैप्शन: लगाई गई रोक की प्रति
हरी सब्जी का विकल्प है खरपतवार बथुआ
-पशुचारे का बेहतर विकल्प-कांता
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कनीना की आवाज। सब्जी महंगी होने के कारण किसान वर्ग न केवल खेतों में खरपतवार के रूप में उगने वाले बाथू/बथुआ को सब्जी के रूप में प्रयोग कर रहे हैं वहीं खेतों से उखाड़कर दूसरों को भी खाने की प्रेरणा दे रहे हैं। अब तो बाजार में भी दस से 15-20 रुपये किलो बिकता है।
बाथू मानव के काम तो आता है वहीं पशुओं के लिए भी उत्तम हरे चारे का काम करता है। सर्दियों में रबी फसल के साथ अपने आप उगने वाले इस हरे भरे शाक को ग्रामीण परिवेश के लोग बाथू,बथुआ या हरा नाम से पुकारते हैं जिसे आयुर्वेद में कई गुणों की खान व औषधियों में काम में लाया जाता है। इस संबंध में किसानों से
किसान गजराज मोड़ी ने बताया बाथू का किसी जमाने में गरीब तबके के लोग ही प्रयोग में लाते थे जो महंगी बाजार की सब्जी खरीदने में असमर्थ थे किंतु आजकल बदलाव आ गया है और अमीर एवं रोगी जनों के लिए रामबाण दवा का काम कर रहा है विशेषकर पेट की बीमारी एवं एनिमिया के शिकार इसे ढूंढते फिरते हैं।
वैद्य बालकिशन का कहना है कि पेट की बीमारियों एवं खून की कमी को दूर करने में सहायक है।कीटनाशकों के प्रयोग तथा आधुनिक कृषि के यंत्रों द्वारा जुताई के चलते बाथू की मात्रा कम होती जा रही है। दिसंबर से जनवरी माह में किसान खेतों में निराई करते हैं और इस शाक को उखाड़ फेंकते हैं क्योंकि यह पैदावार में बाधक बन जाता है। डाक्टर और हकीम इसे खून की कमी वाले व्यक्तियों और रक्त शोधक के रूप में उपयोग करने की सलाह देते हैं। इसके पत्ते गहरे हरे तथा टहनियां भी हरी होती हैं।
वे इसे रायता, देसी सब्जी बनाने में प्रयोग कर रहे हैं वहीं आटे में मिलाकर रोटियां बना रहे हैं वहीं इससे जायकेदार पराठे भी बना रहे हैं। ये व्यंजन उनको बहुत अधिक भा रहे हैं। यही नहीं अपितु वे सरसों का साग व अन्य खेतों में पाई जाने वाली हरी सब्जियां प्रयोग में ला रहे हैं। खरपतवार के रूप में अपने आप खेतों में उगने वाला बाथू ग्रामीण क्षेत्रों में महत्वपूर्ण शाक माना जाता है। कई रूपों में मानव के काम आता है वहीं पशुओं के लिए भी उत्तम हरे चारे का काम करता है। सर्दियों में फसल के साथ अपने आप उगने वाले इस हरे भरे शाक को ग्रामीण परिवेश के लोग बाथू,बथुआ या हरा नाम से पुकारते हैं।
बाथू आजकल किसानों के लिए आय का साधन बनता जा रहा है। इसके गुणों को देखते हुए अमीर जन इसे बाजार से खरीद कर लाते हैं और बड़े ही चाव से खाते हैं जिससे सिद्ध होता है कि बीते जमाने की गरीबों की सब्जी अब अमीरों का भोजन बनती जा रही है। बाजार में किसान इसे उखाड़कर बेच रहे हैं और आमदनी कर रहे हैं।
खरपतवार के रूप में अपने आप खेतों में उगने वाला बाथूÓ ग्रामीण क्षेत्रों में महत्वपूर्ण शाक माना जाता है। कई रूपों में मानव के काम आता है वहीं पशुओं के लिए भी उत्तम हरे चारे का काम करता है। सर्दियों में फसल के साथ अपने आप उगने वाले इस हरे भरे शाक को ग्रामीण परिवेश के लोग बाथू, बथुआ या हरा नाम से पुकारते हैं जिसे आयुर्वेद में कई गुणों की खान व औषधियों में काम में लाया जाता है। यह बहेत तेजी से बढ़ता है तथा एक खरपतवार है।
राष्ट्रीय शिक्षा दिवस-11 नवंबर
शिक्षा इंसान को पूजा के काबिल बनाती है
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कनीना की आवाज। 2008 से राष्ट्रीय शिक्षा दिवस मनाया जा रहा है। शिक्षा दिवस मनाने का उद्देश्य शिक्षकों को अपनी जिम्मेदारी और अहमियत के प्रति जागरूक करना है। उनकी मेहनत के लिए उन्हें सम्मानित करने के लिए राष्ट्रीय शिक्षक दिवस का आयोजन किया जाता है। जिस प्रकार शिक्षा हमारे जीवन को स्वर देती है उसी प्रकार शिक्षक, शिष्य के जीवन को स्वर देता है। सदा ही शिक्षकों का आदर रहा है और रहेगा। राष्ट्रीय शिक्षा दिवस की पूर्व संध्या पर कुछ सम्मानित शिक्षकों से बात हुई
शिक्षा वहीं जो इंसान को संस्कारवान बनाये। हमारे प्रथम गुरु माता-पिता ही होते हैं जो इस दुनिया में लाते हैं। माता-पिता की छांव में बच्चे सीखते हैं, संस्कार ग्रहण करते हैं। बच्चा जब बड़ा होता है तो उसका सामना समाज जीवन की वास्तविकता से होता है। तब शिक्षक अपने ज्ञान और मार्गदर्शन के रूप में आगे बढ़ाने में सही राह दिखाता है। इसकी मेहनत पर एवं शिक्षा के बल पर शिष्य अपनी ऊंचाइयों की और अग्रसर होता है। शिक्षक को शिष्य कभी नहीं भुला सकता। शिक्षक सम्मान की दृष्टि से देखा जाता रहा है और देखा जाता रहेगा। शिक्षक ही है जो हर विद्यार्थी में गुण भर देता है जिसके बल पर विद्यार्थी ऊंचाइयों को छू जाता है। शिक्षा के बल पर ही इंसान नाम ेमाता है।
समस्त विश्व में जिस भी युग में बदलाव आये वो शिक्षकों की भागीदारी का गवाह है। सह सब शिक्षा के कारण संभव हो पाया। गुरू वशिष्ठ , विश्वामित्र, द्रोणाचार्य, संदीपनी सबने अपने साथ शिष्यों को लेकर बदलाव व मूल्यों की स्थापना की। चाणक्य, माक्र्स, अरस्तु, ने राजनीतिक, सामाजिक, आर्थिक सभी क्षेत्रों में नये आयाम दिए तथा मानव जीवन को सुंदर बनाने का प्रयास किया। चिकित्सा, विज्ञान , खगोल जैसे विषयों पर आज भी विश्व के वैज्ञानिक जो रिसर्च कर रहे हैं वह भी ऋषि मुनियों ने संसार को दी हैं। शिक्षकों के द्वारा ही विद्यार्थी आगे के जीवन को सार्थक बनाता है । आज के युग में शिक्षक की महता ओर अधिक है क्योंकि ये आर्थिक स्पर्धा का युग है और इसमें विद्यार्थी सही मूल्यों को अपनाकर मानव कल्याण की भावना के साथ विश्व के विकास में योगदान दे सके। शिक्षा ने इस दिशा में सबसे अहं भूमिका निभाई है।
राष्ट्रीय दिवस का संबंध शिक्षक एवं शिक्षा से है। दुनिया को राह दिखाने वाला शिक्षक खुद किंकर्तव्यविमूढ़ हो रहा है। आज प्रगति के नाम पर शिक्षा का बाजारीकरण चिंता का विषय है अभिभावक अपने बच्चों की भावनाओं को ताक पर रखकर अपने सपनों को पूरा करने की कोशिश कर रहे हैं, वही बच्चों की हालत एक निरीह प्राणी की हो गई है। देश के सबसे ज्यादा डाक्टर बनने की होड़ कोटा से चलती है। जहां आए दिन होनहारों का जीवन त्याग करना, हमारी शिक्षा व्यवस्था पर सवालिया निशान लगता है। मेरी शिक्षा के कर्ताधर्ताओं से अपील है कि वे शिक्षक की वही गरिमा बहाल करें। शिक्षा ऐसी होनी चाहिए जो जीवन में अमूल चूल परिवर्तन कर दे।
**शिक्षा से परिपूर्ण शिक्षक अपने आप में बड़ा ही गौरवशाली एवं प्रतिष्ठित पद है। एक विद्यार्थी के जीवन के साथ-साथ परिवार, समाज और राष्ट्र निर्माण में शिक्षक अपनी महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर सकता है। इसलिए शिक्षक को राष्ट्र का निर्माता कहा गया है जो स्वयं जलकर दूसरों को प्रकाश देता है शिक्षक शब्द की उत्पत्ति संस्कृत की शिक्ष धातु से हुई है इसका अर्थ है सीखना और सीखना जो जीवन पर्यंत चलता रहता है। चाणक्य ने शिक्षक को परिभाषित करते हुए कहा है कि एक विद्यार्थी के सम्पूर्ण जीवन का निर्माण और प्रलय उसकी गोद में पलते हैं। दुनिया में शिक्षक ही गौरवमयी पद है जो हमेशा अपने विद्यार्थी को अपने से ऊपर देखना चाहता है।
एक शिक्षक को आदर्शवादी और प्रगतिशील विचारधारा के साथ-साथ हमेशा सृजानात्मक ,नवीनतम आधुनिक ज्ञान कौशल और अधिगम की दिशा में निरंतर प्रयास करना चाहिए और ईमानदारी , स्वच्छता पूर्ण ,पारदर्शिता शैली के साथ सतत् प्रगतिशील विचारधारा का निर्माण कर समाज को एक नई दिशा देनी चाहिए। चिंतनशील विचारधारा और महान् व्यक्तित्व तो वास्तव में शिक्षक ही होता है जो अपने आदर्शवादी विचारों से विद्यार्थी और समाज की दिशा और दशा बदलने में कारगर सिद्ध हो सकता है। आधुनिक युग में भी शिक्षक का बहुत बड़ा सम्मान है। ऐसा शिक्षा के कारण ही संभव हो पाया है। शिक्षा के बल पर इंसान ने विश्व में ख्याति अर्जित कर ली है।
आज भी भाग ले सकते हैं गीता प्रश्रोत्तरी में
10 नवंबर 2025, गीता प्रश्रमाला का 7वां दिन 1 D 2 D 3 B 4 A 5 B
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कनीना की आवाज। * संभावित उत्तर हैं 1 D 2 D 3 B 4 A 5 B Code -44212
आज गीता प्रश्नमाला का 7वां दिन है। पांच प्रश्र प्रतिदिन 14 नवंबर तक पूछे जाएंगे। अगर आप भाग लेना चाहे तो
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पर जाये लाग इन करे। फोन नंबर व ओटीपी प्रयोग करना है। ओटीपी या पासवर्ड एक ही बात समझे। यदि पासवर्ड भूल गये तो फारगेट को दबाये पुन: मोबाइल पर पासवर्ड आएगा। फोन व पासवर्ड लगाने पर पहला प्रश्र आएगा जिसके चार आप्शन हैं। एक पर टिक लगाकर अगले पर जाए और फिर टिक लगाकर अगले पर जाये। पांचवें प्रश्र के उत्तर पर टिक लगार फाइनल सबमिट कर दे। यदि किसी उत्तर में गलती नजर आये तो पुन: लागइन करके सही भर दे। रात के 12 बजे तक कितनी ही बार उत्तर बदल सकते हैं।
अगर आपने रजिस्ट्रेशन नहीं किया है तो
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क्लिक करे। न्यू यूजर पर जाए। पांच प्वाइंट बारी बारी से भरे। ध्यान दे मोटिवेटर में 9416348400 ही भरें। यह फोन कनीना के होशियार सिंह का है जो आपके उत्तरों के चयन में मदद करेगा।
संभावित उत्तर 1 D 2 D 3 B 4 A 5 B है हो सके तो स्वयं भी उत्तर ढूंढें, गीता पढ़े,मनन करें। किसी प्रश्र के उत्तर में शंका हो तो समाधान ढूंढे और सूचित करने का कष्ट करें। धन्यवाद
डा. होशियार सिंह यादव
9416348400
एसवीएन सीनियर सेकेंडरी स्कूल, नीरपुर के छात्रों की अनोखी पहल
— ‘विकसित भारत संकल्प अभियान’ में बनाया जल उपयोग सेंसर
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कनीना की आवाज। ‘विकसित भारत संकल्प अभियान’ के अंतर्गत एसवीएन. सीनियर सेकेंडरी स्कूल, नीरपुर के विद्यार्थियों ने विज्ञान के क्षेत्र में एक सराहनीय उपलब्धि दर्ज की है। विद्यालय के भौतिक विज्ञान प्रवक्ता हरिमोहन शर्मा के मार्गदर्शन में छात्रों ने एक ऐसा “जल उपयोग सेंसर” तैयार किया है, जो पानी की मात्रा और उपयोग को मापने के साथ-साथ अनावश्यक जल बर्बादी को रोकने में मदद करेगा। प्रवक्ता के साथ विद्यार्थी मयंक, साहिल, पुष्पेंद्र, पीयूष
यह सेंसर इस प्रकार डिज़ाइन किया गया है कि यह पानी के प्रवाह की गति और उपयोग की सटीक मात्रा का विश्लेषण कर सके। इसका प्रयोग विद्यालयों, घरों और सार्वजनिक स्थलों पर जल संरक्षण के लिए उपयोगी साबित हो सकता है।
विद्यालय प्रबंधन कांता यादव ने छात्रों की इस रचनात्मक सोच की सराहना करते हुए कहा —
“हमारे विद्यालय के विद्यार्थी निरंतर नवाचार की दिशा में कार्य कर रहे हैं। जल उपयोग सेंसर जैसी परियोजनाएँ न केवल उनकी वैज्ञानिक क्षमता को दर्शाती हैं, बल्कि समाज को जल संरक्षण का संदेश भी देती हैं। हमें गर्व है कि हमारे विद्यार्थी तकनीक को जनहित के साथ जोड़ने की सोच रखते हैं।”
प्रवक्ता हरिमोहन शर्मा ने बताया कि इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करना, उन्हें व्यावहारिक प्रयोगों के लिए प्रेरित करना तथा जल संरक्षण के महत्व के प्रति जागरूक बनाना है।
क्षेत्र के शिक्षकों और अभिभावकों ने भी विद्यालय के इस प्रयास की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह सेंसर छात्रों की वैज्ञानिक समझ और सामाजिक जिम्मेदारी का उत्कृष्ट उदाहरण है। यह पहल आने वाली पीढ़ी को पर्यावरण संरक्षण के प्रति संवेदनशील बनाने की दिशा में एक प्रेरणादायक कदम है।








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