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Saturday, December 5, 2020

 
ककराला-कपूरी जाने वाले मार्ग पर गड्ढे होने से राहगीर परेशान
- 6 वर्ष पूर्व हुई थी रिपेयर

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कनीना। कनीना मण्डी से ककराला कपूरी जाने वाले मार्ग पर गड्ढे होने से राहगीरों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। मार्ग पर पैदल चलना भी कठिन हो गया है। ग्रामीणों का कहना है कि शिकायतों के बाद भी विभागीय अधिकारी सड़क के गड्ढों को भरवाने का प्रयास तक नहीं कर रहे हैं। गड्ढों को भरने को लेकर विभाग के कर्मचारियों व अधिकारियों का रवैया उदासीन बना हुआ है। विभाग की इस लापरवाही और अनदेखी के कारण राहगीरों को जान जोखिम में डालकर सफर करने को मजबूर होना पड़ रहा है। इस सड़क से प्रतिदिन सैकड़ों हलके व भारी वाहन निकलते हैं।  जिससे मार्ग पर चलना भी दूभर हो गया है। यह सड़क गांव ककराला, कपूरी से होती हुई दो दर्जन गांवों को जोड़ती है। इस सड़क पर गड्ढे होने के चलते वाहन चालकों की दुर्घटनाग्रस्त होने की संभावना बनी रहती है। विभाग के अधिकारियों को आमजन की परेशानी को देखते हुए जल्द से जल्द सड़क की मरम्मत करानी चाहिए। जिससे दुर्घटनाओं पर अंकुश लग सके। सरपंच भी इस संबंध में उच्चाधिकारियों को इस संबंध में शिकायत कर चुके हैं।
क्या कहते हैं लोग-
ककराला के जगदेव यादव का कहना है कि विभाग की लापरवाही के कारण हुए सड़क पर गड्ढों की वजह से वाहन चालक और राहगीर परेशान हैं। विभाग को जनहित में जल्द से जल्द गड्ढे भरवाने चाहिए। उन्होंने बताया कि ककराला के इस मार्ग पर शिक्षण संस्थान एवं कालेज खुले हुये हैं जहां पहुंचना बहुत कठिन हो जाता हे। राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताएं भी आयोजित होती हैं।
   ओमप्रकाश ककराला का कहना है कि  सड़क की मरम्मत कराने के लिए कई बार विभाग के अधिकारियों से मौखिक रूप से कही जा चुकी है। रास्ता खराब होने के कारण वाहन चालक बहुत अधिक परेशान हो रहे हैं। बरसात के समय में इस रास्ते से जाना दूभर हो जाता है। उन्होंने बताया कि दुपहिया वाहनों को गड्ढों से बचाते हुए आए दिन दुर्घटनाएं घट रही हैं जिसके चलते सड़क मार्ग समस्या बना हुआ है।
  कनीना के मुकेश नंबरदार का कहना है कि इस रास्ते की मरम्मत को लेकर स्थानीय विधायक को भी ग्रामीण मौखिक रूप से अवगत करवा चुके हैं । विभागीय कर्मचारियों अधिकारियों का इस पर कोई ध्यान नहीं है। उन्होंने बताया कि विभिन्न धार्मिक स्थान भी इस मार्ग पर स्थित हैं जहां होली एवं दीवाली को भारी भीड़ जाती है किंतु इस मार्ग की सुध लेने वाला कोई नहीं है।
  योगेश अग्रवाल का कहना है कि किसानों के लिए यह मार्ग बहुत उपयोगी है। करीब एक दर्जन गांवों के किसान अपनी पैदावार बेचने के लिए इस मार्ग से कनीना मंडी आते हैं। उनके वाहन दुर्घटनाग्रस्त होते रहते हैं। आम लोग तो भारी संख्या में आवागमन करते हैं।
क्या कहते हैं सरपंच ककराला-
ककराला के सरपंच कृष्ण कुमार का कहना है कि यह मार्ग बने लंबा अर्सा हो गया। छह साल पहले इस मार्ग की रिपेयर की गई थी। तब से लेकर आज तक इसकी रिपेयर भी नहीं की गई है। उन्होंने पीडब्ल्यूडी विभाग को भी प्रस्ताव भेजा था। इस मार्ग की सुध नहीं लेने से आफत बनी हुई है।
फोटो कैप्शन 5: ककराला का जर्जर मार्ग
साथ में कृष्ण कुमार सरपंच, मुकेश नंबरदार, योगेश अग्रवाल, जगदेव यादव, ओमप्रकाश



हत्थे चढ़ता नजर आता है नटवरलाल
-शक के आधार पर पुलिस ने पकड़ा एक व्यक्ति

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 कनीना। कनीना क्षेत्र में दर्जनों ठगी के मामले करने वाला नटवर लाल जल्द ही पुलिस के हत्थे चढ़ता नजर आ रहा है। इसी मामले में शक के आधार पर एक व्यक्ति से पूछताछ की गई। निकट भविष्य में सभी दुकानदारों को बुलाकर पुलिस गहन मंथन कर अग्रिम कार्रवाई में जटेगी।
जहां कनीना बस स्टैंड समक्ष गाहडा के दुकानदार अशोक कुमार से गुरुवार को करीब 800 रुपये सामान लेकर झूठे फोन नंबर और पता देकर नटवर लाल के कदमों पर चलते ही मोटरसाइकिल नंबरों के आधार पर पकड़ लिया। पकड़े गये व्यक्ति द्वारा बताये गये नंबरों पर दुकानदारों की गर्मजोशी से बात भी हुई। बताये गये नंबर कुरुक्षेत्र के निकले। बाइक नंबरों के आधार पर पकड़ा गया व्यक्ति उस दुकानदार के पैसे वापस दे ही गया वहीं इससे असली नटवरलाल के पकड़े जाने का रास्ता प्रशस्त हो गया। इस व्यक्ति ने इस प्रकार की ण्ूठ बोलकर सामान ले जाना दुकानदारों को भी सकते में डाल गया और पुलिस को भी किंतु मामला कुछ सिरे चढ़ता नजर आ रहा है। पुलिस किसी व्यक्ति का नाम और पता नहीं बता रही किंतु अशोक कुमार नाम दुकानदार को अपने पैसे जरूर वापस मिल गये।
 अलग अलग समय में अलग अलग दुकानों से लाखों रुपए की ठगी करने वाला नटवर लाल  अभी तक पुलिस के हाथों नहीं चढ़ा है। दुकानदारों को जल्द ही असली ठग की गिरफ्तारी होने का अंदेशा है। यदि ऐसा होता है तो कनीना क्षेत्र के दुकानदार बेसब्री से उसका इंतजार करेंगे। ठगी की चपेट में आ चुके दुकानदार रवि कुमार, भरपूर सिंह करतार सिंह, सुमेर सिंह तथा अन्य दुकानदारों ने बताया कि शक के आधार पर जिस व्यक्ति को पकडऩे के बाद उन्हें बारी-बारी से बुलाकर पहचान करवाई गई किंतु यह व्यक्ति उनको ठगी का मुख्य आरोपी नहीं निकला। अलबत्ता ठगी करने वाला कोई और है जिसके कुछ अहम सुराग पुलिस के हाथ लगते जा रहे हैं और पुलिस जल्द ही उसे पकड़ कर ला सकती है। बहरहाल दुकानदार इंतजार कर रहे हैं। कनीना चौकी इंचार्ज गोविंद सिंह इस मामले को जल्द ही हल कर देंगे ऐसा दुकानदारों को विश्वास हैं। वैसे भी गोविंद सिंह एएसआई अमन चैन कायम करने वालों में अग्रिम पंक्ति में माने जाते है।



आनलाइन साइबर प्रश्नोत्तरी आयोजित

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कनीना। एसडी विद्यालय ककराला में आनलाइन साइबर प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस प्रतियोगिता में पांचवीं कक्षा से बारहवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों ने बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया।
विद्यालय प्राचार्य ओमप्रकाश यादव ने इस प्रतियोगिता में भाग लेने वाले सभी विद्यार्थियों को बधाई दी व उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंंने बताया कि विद्यालय प्रबन्धन समिति द्वारा आनलाइन कक्षा व्यवस्था के साथ-साथ आनलाइन पाठ्य सहगामी क्रियाओं का आयोजन भी नियमित रूप से करवाया जा रहा है। आनलाइन साइबर प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता में कक्षा पांचवीं से प्रथम स्थान पर कशीश यादव, द्वितीय स्थान पर सोनम व दीपांशु तीसरे स्थान पर रहे। कक्षा छठी से कोमल ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, भूपेन्द्र  ने दूसरा तो चेतन यादव ने तीसरा स्थान प्राप्त किया। कक्षा सातवीं से भूमि यादव, मानसी ने क्रमश: प्रथम व द्वितीय स्थान हासिल किया व तीसरे स्थान पर तमन्ना रही। कक्षा आठवीं से हिमांशु ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, छविकान्त व कशिश दोनों ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया तथा सपना यादव ने तीसरा स्थान प्राप्त किया। कक्षा नौवीं से विधि प्रथम स्थान, प्रियंका द्वितीय स्थान व तन्नु तीसरे स्थान पर रही। कक्षा दसवीं से अमन ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।
विद्यालय निदेशक जगदेव यादव द्वारा सभी विजेता प्रतिभागियों को बधाई देते हुए कहा कि विद्यार्थियों को इस वैश्वीकरण के युग में तकनीकी शिक्षा की जानकारी का होना अति आवश्यक है। इसलिए विद्यार्थियों को कम्प्यूटर व अन्य सूचना संग्रहण के उपकरण आदि की जानकारी दी जानी चाहिए।


 क्विड कार और ट्राले के बीच टक्कर, एक की मौत -मृतक दिल्ली पुलिस में हेड कांस्टेबल के पद पर था कार्यरत

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 कनीना। कनीना उपमंडल के गांव चेलावास के पास शुक्रवार की रात को क्विड कार और ट्राले के बीच हुई टक्कर में एक व्यक्ति की मौत हो गई। प्रशांत नामक मृतक दिल्ली पुलिस में हैड कांस्टेबल पर कार्यरत था। टक्कर के बाद ट्राला भी पलट गया। कार बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई जिसके चालक को लोगों बामुश्किल निकाल कर कनीना के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया जहां उन्हें डाक्टरों ने  मृत घोषित कर दिया। मृतक के भाई विक्रांत के बयान पर कनीना पुलिस ने मामला दर्ज कर आगामी कार्रवाई शुरू कर दी है। ट्राला चालक मौके का फायदा उठाकर भाग गया। कनीना पुलिस ने विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
 कनीना पुलिस में विक्रांत पुत्र धर्मपाल खतरीपुर नारनौल जिला महेंद्रगढ़ ने पुलिस में दी शिकायत अनुसार  वे डीएवी इंजीनियरिंग कालेज कनीना में लिपिक के पद पर कार्य करता है। 4 दिसंबर को उनका छोटा भाई प्रशांत यादव जो दिल्ली में हेड कांस्टेबल पद पर लगा हुआ था अपने बच्चों को जुड्डी जिला रेवाड़ी में छोड़कर मेरे पास अपनी किड कार लेकर डीएवी कालेज कनीना आया और कहा कि वे सरकारी क्वार्टर की चाबी घर भूल आया जिसे लेकर उन्हें दिल्ली तैनाती पर जाना है। उन्होंने पूछा कि घर चल रहे हो तो मेरे साथ चलो। आपको घर छोड़ कर मकान की चाबी लेकर दिल्ली चला जाऊंगा। इस मौके पर विक्रांत ने कहा कि उनके पास मोटरसाइकिल है। ऐसे में विक्रंात अपनी मोटरसाइकिल पर तथा उनका भाई प्रशांत अपनी क्विड कार लेकर आगे आगे चल दिया। कनीना से करीब 3 किलोमीटर दूर पहुंचा था कि सामने से आ रहे ट्राले ने चेलावास की बणी(जंगल)से थोड़ा आगे कार को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोर की थी कि कार का चेहरा पलट गया तत्पश्चात ताला भी पलट गया। ट्राले में भारी मात्रा में रोड़ी भरी हुई थी। हादसा होते विक्रांत ने अपनी बाइक रोकी और भाई को बचाने के लिए दौड़ा। शोर-शराबा करने पर लोग इक_े हो गए और उनके भाई को गाड़ी से जैसे तैसे निकालकर कनीना के उप नागरिक अस्पताल पहुंचाया जहां डाक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। ट्राला चालक मौके का लाभ उठाकर भाग खड़ा हुआ। कनीना पुलिस मौके पर पहुंची। विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी।
 फोटो कैप्शन दो: टक्कर में क्षतिग्रस्त कार।

पीली नजर आने लगी है धरा

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कनीना। कनीना क्षेत्र में पीली पीली सरसों पर खिले फूल किसानों को वप्रसन्न कर रहे हैं। 16 फरवरी को बसंत पंचमी का पर्व भी आ रहा है। परंतु अभी भी दिन के समय गर्मी पड़ रही है। धुंध,कोहरा, ठंड सब गायब होने से सरसों में रोग का अंदेशा हो गया है।
 खेतों में चारों ओर सरसों पर खिले फूल एवं मंडराती मधुमक्खियां तथा मधुमक्खी पालन करने वालों के लिए सुंदर स्थल खेत आकर्षण का केंद्र बनते जा रहे हैं। सुनील कुमार ने बताया कि उन्होंने 11 अक्टूबर को सरसों की बीजाई की थी जो अब बढ़कर 6 फुट हो गई है। किसान अजीत सिंह, देशराज, राजेंद्र सिंह ने गर्मी पडऩा फसल के लिए घातक बताया।
  हालांकि इस वर्ष ठंड कम पड़ी है। परंतु खेतों में कहीं हरे भरे गेहूं के खेत तो कहीं पीली फूलों से लदी सरसों अति सुंदर लगने लगी है जो प्रकृति के रमणीक होने को इंगित करती है। कनीना क्षेत्र में 20 हजार हेक्टेयर पर सरसों की बीजाई की गई है।
  कवियों की कल्पना का आधार एवं मन में एक विचार सृजन का वक्त बासंती मौसम अति सुहावना लगता है। इस मौसम का विभिन्न कवियों ने अपनी तूलिकाओं से विभिन्न रंगों में उकेरा है। इस मौसम को देखकर लगता है कि सचमुच कामदेव धरा पर अवतरित हो गए हैं। किसान हो या आम जन सभी को प्रकृति का बहुरंगी नजारा अति मनमोहक लगता है।
उधर कृषि विस्तार अधिकारी डा देवराज ने बताया कि कनीना की बावनी पर सरसों के बाद गेहूं की अधिक बीजाई हुई है। गर्मी पडऩा अच्छा नहीं है। सरसों को कम ताप की जरूरत होती है।
फोटो कैप्शन 1: फूलों से लदी सरसों।


11 लोग कोरोना संक्रमित पाए गए

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 कनीना। कनीना क्षेत्र में दिनोंदिन कोरोना केस बढ़ते ही जा रहे हैं। 3 दिसंबर को लिये गये सैंपल से 11 लोग कनीना क्षेत्र से कोरोना संक्रमित मिले हैं। विस्तृत जानकारी देते हुए सुनील कुमार ने बताया कि कोका गांव के 40 वर्षीय व्यक्ति का मोबाइल टीम ने 3 दिसंबर को सैंपल लिया था जो कोरोना संक्रमित पाया गया।
 उधर धनौंदा गांव में 57 वर्षीय पुरुष कोरोना संक्रमित पाया गया। 3 दिसंबर को उनका सैंपल लिया गया था। स्याणाा गांव से सेहलंग सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के तहत  62 वर्षीय महिला तथा 63 वर्षीय परुष कोरोना संक्रमित मिला है। कनीना के वार्ड 4 से 62 वर्षीय महिला कोरोना संक्रमित तो वार्ड नंबर 3 तीन युवक 18 वर्षीय, 25 वर्षीय तथा 26 वर्षीय कोरोना संक्रमित मिले हैं। करीरा गांव का 20 वर्षीय युवक भी कोरोना संक्रमित पाया गया है। धनौंदा से 35 वर्षीय पुरुष तो कनीना से 14 वर्षीय बच्चा कोरोना संक्रमित मिला है। उप नागरिक अस्पताल के सुनील कुमार ने बताया कि वार्ड नंबर 3 के 3 लोग दूसरे राज्यों से के निवासी थे। उन्हें पटिकरा भेज दिया गया है बाकी सभी को घर पर ही आइसोलेट कर दिया गया है।
डा धर्मेंद्र यादव एसएमओ ने सावधानी बरतने पर बल दिया। यदि नियमों का पालन न किया जाए तो कोरोना दिनोदिन फैलता जाएगा। इसलिए उन्होंने सावधानी बरतने पर बल दिया ताकि इस रोग पर काबू पाया जा सके।

Friday, December 4, 2020

 
तीन कोरोना संक्रमित पाए गए 

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 कनीना। कनीना क्षेत्र में कोरोना के तीन संक्रमित पाए गए हैं। सभी को घर पर आइसोलेट कर दिया गया है।
सुनील कुमार ने बताया सुंदरह गांव का 52 वर्षीय पुरुष कोरोना संक्रमित मिला है उन्होंने दो दिसंबर को सैंपल दिया था। उधर सेहलंग में 42 वर्षीय महिला संक्रमित मिली है जिन्होंने दो दिसंबर को सैंपल दिया था। करीरा में 52 वर्षीय पुरुष कोरोना संक्रमित मिला है जिनका 4 दिसंबर को सैंपल लिया था और 4 दिसंबर को ही संक्रमित पाया गया।
डा धर्मेंद्र यादव एसएमओ ने कहा कि सावधानी बरतना बहुत जरूरी है ताकि रोग से छुटकारा मिल सके। सावधानी नहीं बरतेंगे तो और रोग बढऩे की संभावना है।



सभी दुकाने रहेंगे खुली 

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कनीना। कनीना क्षेत्र में शनिवार और रविवार को सभी दुकानें खुले रहेंगे। नगर पालिका प्रधान सतीश जेलदार ने बताया कि प्रशासन के आदेश अनुसार तथा विवाह शादियों के चलते यह निर्णय ले लिया हुआ है जिसके चलते अब सभी दुकानें रविवार को भी खुली रहेंगी।

हरियाणवीं फिल्में में हो रहा है फुहड़पन शब्दों का समावेश-शर्मा

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कनीना। हरियाणा प्रदेश वो प्रदेश है जहां भगवान श्रीकृष्ण ने गीता का उपदेश दिया था और उस प्रदेश की फिल्मों में तथा गीतों में फुहड़पन झलकता है। ये विचार हरियाणवी फिल्मों के गीतकार महेंद्र शर्मा झाड़ली ने कनीना में व्यक्त किए।
  उन्होंने कहा कि हरियाणवीं फिल्मों का उद्देश्य हरियाणवीं संस्कृति को बढ़ावा देना चाहिए। हरियाणवीं फिल्मों में प्रदेश की सभ्यता एवं संस्कृति की झलक नहीं मिल रही है। उन्होंने कहा कि हरियाणवी फिल्मों में शब्दों का सही चयन नहीं किया जा रही है। उन्होंने हरियाणा के सभी निर्माता एवं निर्देशकों से मांग की है कि प्रदेश की सभ्यता एवं संस्कृति को बढ़ावा देने वाली फिल्मों एवं गीतों का निर्माण किया जाए।
  उन्होंने खेद जताया कि प्रदेश हरियाणा तो एक मिसाल रहा है और यहां पर तो भगवान श्रीकृष्ण ने भी कदम रखा था। इस प्रदेश का इतिहास उज्ज्वल है तो भविष्य अति उज्ज्वल होना चाहिए। इस प्रदेश के शब्द, बोल,गीत एवं फिल्में बेहतरीन होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि इन्हीं बातों से परेशान हैं और नए साल में बेहतरीन भजन एवं हरियाणवीं गीत लिखेंगे जिससे समाज में एकता एवं भाईचारा झलकने लगे।
फोटो: महेंद्र शर्मा

अधिवक्ताओं ने भी दिया किसानों का समर्थन

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कनीना। देश में तीन कृषि अध्यादेश लाए जाने के बाद से पूरे देश में केंद्र सरकार का विरोध लगातार जारी है। अब कनीना बार एसोसिएशन ने भी किसानों का समर्थन करने का फैसला लिया है। शुक्रवार को कनीना बार एसोसिएशन के सदस्यों ने बैठक का आयोजन किया। बैठक की अध्यक्षता कर रहे पूर्व प्रधान कुलदीप कनीनवाल ने कहा कि सभी अधिवक्ताओं की तरफ से केंद्र सरकार से मांग करते हैं कि किसान विरोधी इन कानूनों को तुरंत वापस लिया जाए।
  पूर्व बार प्रधान हरीश गाहड़ा ने कहा कि केंद्र सरकार लोकतंत्र प्रणाली से बाहर निकलकर किसानों पर ऐसे कानून थोपकर उनके साथ सरासर धक्केशाही कर रही है। कैथल बार एसोसिएशन ने भी किसानों को समर्थन दिया है। वरिष्ठ अधिवक्ता ओमप्रकाश रामबास ने किसानों की तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग करते हुए कहा कि किसान हम सभी का पेट भरते हैं। किसानों के साथ किसी भी प्रकार का अत्याचार नहीं होना चाहिए। सरकार को किसानों को समय देकर विचार विमर्श करना चाहिए ।
कनीना बार एसोसिएशन के सदस्यों का कहना है कि कृषि बिल किसानों और जनता के हितों के खिलाफ हैं। इस मौके पर सभी अधिवक्ताओं में विचार विमर्श किया। अधिवक्ता जल्दी ही प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपेंगे। अधिवक्ताओं ने कहा कि कृषि बिलों के खिलाफ संघर्ष कर रहे किसानों का वह हर प्रकार से सहयोग करेंगे। साथ ही बार एसोसिएशन के सदस्यों ने सरकार से कृषि बिल वापस लेने की मांग भी उठाई है। दरअसल पिछले कुछ दिनों से किसान और आढ़ती केंद्र सरकार द्वारा पारित किसान उपज व्यापार और वाणिज्य (संवर्धन और सुविधा) अध्यादेश, आवश्यक वस्तु (संशोधन) अध्यादेश, मूल्य आश्वासन और कृषि सेवाओं पर किसान (सशक्तीकरण और संरक्षण) समझौता अध्यादेश, 2020 को लेकर विरोध कर रहे हैं। पूरे देश में इसे लेकर किसान धरना भी दे रहे हैं। किसान इन बिलों का विरोध करने के लिए दिल्ली तक मार्च भी कर चुके हैं। किसानों का कहना है कि इन दिनों से मंडियां बंद हो जाएंगी जिससे उन्हें फसलों का एमएसपी नहीं मिल सकेगा। इस बैठक में पूर्व प्रधान कुलदीप कनीनवाल, पूर्व प्रधान हरीश गाहडा, पूर्व प्रधान बिजेंद्र यादव, पूर्व सचिव मंजीत यादव, वरिष्ठ अधिवक्ता ओम प्रकाश रामबास, राजेश कनीनवाल, अनिल शर्मा, पूर्व प्रधान सतीश करीरा, रमेश कौशिक, संदीप कनीना, विक्रम पड़तल, सुनील राव ककरालिया, हरकेश यादव, भूदेव करीरा सहित अन्य मौजूद रहे।
फोटो कैप्शन 6: अधिवक्ता किसानों का समर्थन करते हुए।

पांच दिसंबर तक ले सकते हैं प्रवेश

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कनीना। राजकीय महाविद्यालय कनीना में बीए,बीकाम एवं बीएससी प्रथम वर्ष में दाखिले के इच्छुक विद्यार्थी 5 दिसंबर तक प्रवेश ले सकते हैं। ऐसे विद्यार्थी जिन्होंने किसी कारणवश अब तक प्रवेश नहीं लिया या जिनके  10 +2 परीक्षा में कंपार्टमेंट आई थी और उन्होंने इस कंपार्टमेंट को पास कर लिया है तो वह अविलंब महाविद्यालय में 5 दिसंबर तक संपर्क कर सकते हैं।
 प्रोफेसर हरिओम भारद्वाज नोडल अधिकारी प्रवेश,राजकीय महाविद्यालय कनीना ने बताया कि उच्चतर शिक्षा विभाग हरियाणा द्वारा 5 दिसंबर तक प्रवेश के लिए अंतिम तिथि निर्धारित की गई है। राजकीय महाविद्यालय कनीना में स्नातक प्रथम वर्ष में दाखिले के लिए कुछ सीटें रिक्त हैं। उन्होंने कहा कि इसके अतिरिक्त जिन विद्यार्थियों ने बीए ,बीकाम,बीएससी प्रथम द्वितीय और तृतीय वर्ष की फीस भर दी है तो वह भी अपने सभी दस्तावेज महाविद्यालय द्वारा गठित कमेटी से तस्दीक करा कर अपना फार्म जमा करावें। जो विद्यार्थी महाविद्यालय में अपना दस्तावेज नहीं जमा कराएंगे उन्हें परीक्षा में बैठने से वंचित किया जाएगा।  प्रवेश की अंतिम तिथि को महाविद्यालय देर तक खुला रहेगा। प्रवेश से संबंधित किसी भी तरह की समस्या के समाधान के लिए महाविद्यालय के नोडल अधिकारी से संपर्क कर सकते हैं। वे विद्यार्थी भी प्रवेश के पात्र होंगे जिन्होंने अब तक प्रवेश के लिए कहीं भी आवेदन नहीं किया है वह अपना आनलाइन फ्रेश आवेदन करके दाखिला पा सकते हैं।
 उन्होंने कहा कि महाविद्यालय में अध्ययन कार्य जारी है। बीए बीएससी बीकाम प्रथम वर्ष की कक्षाएं सप्ताह में 2 दिन सोमवार मंगलवार को लगती है इसी तरह बीए बीएससी बीकाम द्वितीय वर्ष की कक्षाएं सप्ताह में 2 दिन बुधवार और बृहस्पतिवार को लगती हैं एवं बीए बीएससी बीकाम तृतीय वर्ष की कक्षाएं शुक्रवार एवं शनिवार को लगती है इसके अतिरिक्त बाकी दिनों में आनलाइन अध्ययन जारी है।
 

ठीकरी पहरा लगाने को लेकर सरपंचों की थाने में बुलाई बैठक 

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कनीना। कनीना थाने के अन्तर्गत आने वाले सभी गांवों में ठीकरी पहरा लगेगा और अगर को ठीकरी पहरा नहीं देगा तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई होगी। ये विचार कनीना थाना प्रभारी अश्वनी कुमार ने उपमंडल कनीना के अन्तर्गत आने वाले गांवों के सभी सरपंचों की थाना प्रांगण में बैठक को संबोधित करते हुए व्यक्त किए।
  थाना प्रभारी अश्वनी कुमार ने कहा कि सर्दी की रातें बड़ी होती है जिसमें सभी अपने-अपने घरों में अन्दर सोते हैं तथा रात को गांवों में अज्ञात चोर विभिन्न प्रकार से चोरियों को अंजाम देते है। इसके लिए हर ग्रामीण की अपने-अपने गांव में नंबर वार तैनाती लगा कर इस प्रकार की घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सकता है। थाना प्रभारी अश्वनी कुमार ने बताया कि दिन के समय अगर गांव में कोई भी अज्ञात व्यक्ति घूमता-फिरता नजर आता है तो उसे रोक कर उसकी गहनता से पूछताछ करे और सरपंच व पुलिस को उसके बारे में तुरन्त प्रभाव से सूचित करे। उन्होंने सरपंचों ने बताया कि जिस घर से जिन लोगों की ठीकरी पहरे में ड्यूटी होती है उसका नाम और दूरभाष नंबर रोजाना थाना कनीना को देकर सूचित करे और अगर कोई भी ग्रामीण अपनी ड्यूटी के दौरान नहीं मिलता है। उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी अमल में लाई जाएगी। थाना प्रभारी ने यह भी बताया कि हर नागरिक की तैनाती बनती है कि वह पुलिस को सहयोग दे जिससे चोरी, छिना-झपटी जैसी वारदातों पर रोक लगाई जा सकती है। वहीं सभी गांवों के सरपंचों ने थाना प्रभारी को आश्वासन दिया कि आज से ही हम अपने-अपने गांवों में आए दिन ठीकरी पहरा लगाकर रात को बढ़ रही चोरियों की घटनाओं पर रोकथाम के भरसक प्रयास करेगें।
फोटो केप्शन 5: थाना प्रभारी अश्विनी कुमार बैठक लेते हुये।




राजपूत सभा ने दिल्ली में धरने पर बैठे किसानों को दिया समर्थन

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कनीना। राजपूत सभा महेंद्रगढ़ का किसान आन्दोलन को समर्थन दिया। राजपूत सभा के संरक्षक ठाकुर रत्तन सिंह तंवर धनौंदा ने जानकारी देते हुए बताया कि किसानों की सभी मांगे जायज हैं इसलिए अब राजपूत सभा महेंद्रगढ़ दिल्ली में बैठे किसानों को अपना पूरा समर्थन करती है। अब इस क्षेत्र से राजपूत सभा का एक दल बहुत ही जल्दी दिल्ली रवाना होगा और धरने पर बैठे किसानों का सहयोग करेगा।उन्होंने बिना देरी किए केन्द्र व राज्यों की सभी सरकारों द्वारा मानने की मांग की।
सीमा पर जवान और खेत में किसान अगर अपने हाथ उठा देता है तो देश के पास कुछ नही बचता है। इस अवसर पर इनके साथ ठाकुर दलीप सिंह पाथेड़ा, वरिष्ठ समाजसेवी राजकुमार सिंह शेखावत, पूर्व राजपूत सभा के प्रधान सवाई राठोड़, सतेन्द्र शेखावत, ठाकुर गुरुदयाल सिंह, ठाकुर घनश्याम सिंह, पूर्व पंच सुनील कुमार, ठाकुर पूर्ण सिंह तंवर, ठाकुर किशनपाल सिंह आदि उपस्थित थे।

बाजरे के उत्पादों के प्रति युवा वर्ग का रुझान बढ़ा

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 कनीना। कनीना उपमंडल के गांव करीरा में जहां बाजरे के उत्पादन शुरू होने के बाद क्षेत्र के लोगों का रुझान भी बाजरे के उत्पादों की ओर बढ़ा है वहीं युवा वर्ग की पसंद की चीजें बनने से युवा आकर्षित हो रहा है। 25 अक्टूबर 2020 को मंत्री ओम प्रकाश एडीओ ने करीरा में महावीर सिंह एवं ललित कुमार द्वारा संचालित बाजरे के उत्पाद पिज्जा, बिस्कुट, बर्गर, केक, फैन की शुरुआत की जाने से जहां कनीना का नाम हरियाणा में एक नंबर पर पहुंच गया वही लोगों का रुझान भी बढ़ गया है।
 कभी बाजरा खाने से लोग डरते थे किंतु अब बाजरे की ओर आकर्षित हो रहे हैं। महावीर सिंह ने बताया कि सुबह तीन बजे से परिवार के चार सदस्य तथा 2 हलवाई काम में जुट जाते हैं जो रात्रि आठ बजे तक लगे रहते हैं। हाल ही में दो बड़े मिक्सचर एवं ओवन मंगवाए हैं जिससे कारोबार बढ़ेगा। दो दिनों में में तीन हलवाई और ओवन आने वाले हैं। इस प्रकार चार लाख रुपये की लागत से उनका यह उद्योग प्रदेश का पहला बाजरे पर आधारित उद्योग बन गया है। हरियाणा के कृषि विश्वविद्यालय हिसार से ट्रेनिंग लेकर करीरा में काम शुरू किया गया है। यहां प्रतिदिन 40 से 50 पिज्जा, 5 से 6 किलो बिस्कुट, केक,30 से 35 बर्गर 15 से 20 दर्जन फैन हाथोंहाथ बिक जाते हें।  महावीर सिंह ने बताया और आसपास के लगभग सभी फास्ट फूड विके्रता उनके उत्पादों को पसंद कर रहे हैं और जितना भी उत्पाद होता है उतना सारा बिक जाता है।
  वैसे तो बाजरा खाना युवा वर्ग की पसंद नहीीं है किंतु उनकी पसंद के पदार्थ जैसे बर्गर, पिज्जा फैन एवं केक आदि बनने से रुझान बढ़ा है। महाबीर सिंह ने बताया कि मैदा आदि से बने पदार्थों की तुलना में उनके भाव अधिक नहीं हैं। उन्होंने बताया कि बाजरे का पिज्जा 150 रुपये बिस्कुट 300 रुपये किलो, केक 350 रुपये का, बर्गर 20 से 30 रुपये, फैन 30 रुपये दर्जन  बेचे जा रहे हैं। विवाह शादियों तथा जन्म दिन पर पर उनके बर्गर और केक अधिक पसंद किए जाते हैं। यही कारण है कि ग्रामीण क्षेत्र में इस प्रकार का उद्योग राजस्थान के बाद हरियाणा में उन्नति कर रहा है। इस प्रकार का उद्योग चलाने वाले महावीर सिंह पहले भी अग्रणी किसान हैं जिन्होंने कृषि पर आधारित पदार्थ जैसे अचार, आंवले की लड्डू, कैंडी, नींबू एवं बेर उत्पादन में बेहतर नाम कमाया है। कई बार सरकार द्वारा सम्मानित हो चुका है।
फोटो कैप्शन 3: बाजरे बर्गर बनाते करीरा के महाबीर सिंह एवं अन्य।


भाव गिरने से गाजर उत्पादक  परेशान 

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 कनीना। दिनोंदिन सब्जी के थोक में भाव गिरने से सब्जी उत्पादक किसान परेशान है। अब तो आलम यह है कि लागत से भी कम खर्च पर सब्जी बिक रही है। कनीना खंड के करीरा, मोड़ी, कनीना, सुंदराह, चेलावास आदि गांव में पर्याप्त मात्रा में सब्जी उत्पादन की जाती है किंतु सब्जी के भाव प्रतिदिन बदलते रहते हैं। हालात यह है कि वर्तमान में गाजर के भाव बहुत गिरते जा रहे हैं। किसान गजराज सिंह, अजय कुमार, कांता देवी आदि ने बताया कि वे प्रतिवर्ष गाजर उत्पादन करते हैं। गाजर के भाव थोक में 30 रुपये किलो तक होते थे किंतु वर्तमान में महज 7 रुपये प्रति किलो बिक रही है।
किसानों ने बताया की बीज, खाद,गाजर को उखाडऩे, धोने, सफाई करने, पैकिंग करके बाजार तक पहुंचाने किराया भाड़ा सब मिलाकर 8 रुपये प्रति किलो पहुंच जाता है जबकि बाजार में भाव 7 रुपये किलो है। उन्होंने बताया कि यदि गाजर को उखाड़ा न जाए तो खेत खाली नहीं होंगे। अगर इसकी खाद भी बनाना चाहे तो नहीं बनती। महज पशु चारे के रूप में प्रयोग करना ही मजबूरी बन गई है। उन्होंने बताया कि गाजर दिनोंदिन भाव गिरने के जा रहे हैं। अन्य सब्जियों के भाव भी गिरते जा रहे हैं। यह सत्य है कि बाजार में खुदरा मूल्य गाजर 20 रुपये किलो है लेकिन थोक में भाव 7 रुपए के हैं। किसानों ने बताया कि सब्जी उत्पादन करके या तो महेंद्रगढ़ , कुंड, रेवाड़ी ले जाया जाता है। ज्यादा दूरी पर किराया लग जाता है। कनीना की अनाज मंडी तथा सब्जी मंडी अभी तैयार होने जा रही है। जब शुरू हो जाएंगी तो हो सकता है किसानों को कुछ आर्थिक लाभ मिल सके। बहरहाल किसान थोक के भाव से परेशान हो चुके हैं।
फोटो कैप्शन 4: गाजर को निहारती महिला किसान कांता।

नहीं हुए जागरूक दुकानदार, नटवरलाल फिर से लगाया चूना

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 कनीना। कनीना कस्बे में लंबे समय से नटवरलाल दुकानदारों को ठगता आ रहा है। यद्यपि दैनिक जागरण में विगत दिनों प्रकाशित समाचार से जागरूकता जरूर आई है किंतु अभी भी लोग पूर्णता जागरूक नहीं हुये है। नटवरलाल एक बार फिर से एक दुकानदार से ठगी कर गया गया। यद्यपि जागरूकता के कारण एक दुकानदार ने सामान वापस रखवा लिया।
गुरुवार की देर शाम मोटरसाइकिल पर एकठग फिर से ठगी के लिए पहुंचा। मौजी नामक दुकानदार के भाई से यहां करीब 700 रुपये का सामान ले लिया और कहा कि मेरा पर्स मोटरसाइकिल के थैले में है। दुकानदार कुछ जागरूक था। उन्होंने कहा कि सामान्य ही छोड़कर पर्स ले आअ।ो बस फिर क्या था वह ठग सामान तो क्या अपनी बाइक को लेकर दूसरी दुकान पर पहुंचा।
 बस स्टैंड गेट के सामने अशोक कुमार गाहड़ा वाले दुकानदार के पास पहुंचा और उसे नमस्ते करके कहा कि तुम मुझे जानते होंगे। मैं एसबीआई बैंक में लंबे समय से कार्यरत हू। कुछ सामान चाहिए और 760 रुपये का सामान पैक करवा लिया। अशोक कुमार ने बताया कि मास्क एवं हेलमेट लगाये ठग ने कहा कि मेरा पर्स बैंक में रह गया है। आगामी कल जरूर तुम्हारा पैसा पहुंचा दूंगा और झांसा देने में इतना माहिर था कि एक फोन नंबर और अपना नाम झूठा लिखवा गया। ज्यों हि सामान लेकर मोटरसाइकिल पर चलने लगा तुरंत प्रभाव से दुकानदार ने जागरण समाचारपत्र का वो समाचार याद आया और नंबर नोट कर लिये। उस फोन नंबर पर बात करनी चाही तो एक महिला ने फोन उठाया तब उसे यकीन हुआ कि ठगी हो गई।
  शुक्रवार को पुन: फोन किया तो एक महिला तत्पश्चात एक पुरुष की आवाज आई और कहा कि तुम मुझे बार बार तंग कर रहे हो। मैं तुम्हारे विरुद्ध पुलिस में रपट लिखवाता हूं। परेशान होकर दुकानदार ने फोन काट दिया। एक बार फिर से पुलिस में जाने की तैयारी हो रही है। पहले दुकानदार अपने स्तर पर हुलिया अनुसार मिलान कर रहे हैं कि कहीं यह ठग पुराने वाला था या फिर कोई नया है।


मिट चुके हैं जल, थल और वायु सेना लिखे शब्द
-शहीद स्मारक देख रेख अभाव में हो रही है जर्जर

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 कनीना। कनीना के पूर्व एसडीएम संदीप सिंह ने कनीना के शहीद स्मारक को जहां बाबा मोलडऩाथ आश्रम के पास न केवल बनवाया अपितु 44 विभिन्न शहीदों के नाम चार विभिन्न पटों पर लिखवा कर बेहतरीन कार्य तो किया ही साथ में जल, थल और वायु सेना के लोगों(चिह्न) सहित स्मारक बनवा दिए। इन स्मारकों पर सुनहरी अक्षरों में जल सेना, थल सेना और वायु सेना लिखवाया था। ये लिखे हुए सुनहरी अक्षर धीरे-धीरे खत्म होते जा रहे हैं। महज 4 वर्षों के अंतराल में ही ये लिखे हुए अक्षर खत्म हो गये हैं। यही नहीं अपितु आंधी और बारिश में शहीद पथ भी खराब होते जा रहे हैं। शहीद स्मारक पर यद्यपि बेहतरीन कार्य किया हुआ है किंतु किसी प्रकार की कोई शेड नहीं है जिसके चलते आंधी, बारिश और धूप के चलते धीरे-धीरे स्मारकपर लिखे हुए अक्षर और शहीदों के नाम धुंधले पड़ रहे हैं।
जिन शहीदों की बदौलत देश आजाद हुआ तथा जिनकी बदौलत लोग खुली हवा में सांस ले रहे हैं उन शहीदों की स्मारक की देखरेख की जरूरत समझी जा रही है। अभी तक पुराना शहीद स्मारक नेताजी मेमोरियल क्लब में स्थापित है जहां शहीदों के नाम वर्णित है। वहां भी अधिक बेहतरीन प्रबंधन नहीं है परंतु शहीद स्मारक पर वर्तमान शहीद स्मारक की अपेक्षा आंधी बारिश से बचाव की के कुछ प्रबंध किये हुये हैं। लोगों की मांग है कि कम से कम शहीद स्मारक की देखरेख के लिए एक व्यक्ति का प्रबंध किया जाए ताकि शहीद स्मारक की देखरेख कर सकें ।
फोटो कैप्शन 1: शहीद स्मारक पर सुनहरी अक्षर मिटे हुये के निशान दिखाता हुआ समाजसेवी।

Thursday, December 3, 2020

 
भोपाल गैस कांड को याद कर दी श्रद्धांजली

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कनीना। मध्य प्रदेश राज्य के भोपाल शहर में 3 दिसम्बर 1984 को एक औद्योगिक दुर्घटना में मारे गये हजारों लोगों को क्षेत्र में याद किया। मारे गये लोगों को श्रद्धांजली दी गई।
लक्की सिंगड़ा ने कहा कि भोपाल में यूनियन कार्बाइड नामक कंपनी के कारखाने से एक जहरीली गैस का रिसाव हुआ जिससे हजारों लोगों की जान गई। भोपाल गैस काण्ड में मिक नामक जहरीली गैस का रिसाव हुआ था। जिसका उपयोग कीटनाशक बनाने के लिए किया जाता था। उन्होंने इस घटना में मारे गये लोगों को याद किया।
 उधर पिंकी यादव ने कहा कि यह दर्दनाक हादसा था जिसमें मारे गये लोग निर्दोष थे। ऐसे लोों के परिजन आज भी जूझ रहे हें। उन्होंने उन्हें याद किया। सरकार से अपील की कि उन्हें कोई सहायता दी जाए। उन्होंने कहा कि ये निर्दोष घुट घुकर मारे गये थे। उनके प्रति आज भी लोगों में सहानुभूति है।
मोहन सिंह पार्षद का कहना है कि भोपाल गैस त्रासदी को पर्यावरण की बड़ी घटना थी। इस गैस का लंबे समय तक प्रभाव रहा है। 1993 में भोपाल की इस त्रासदी पर बनाए गये भोपाल-अंतर्राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग को इस त्रासदी के पर्यावरण और मानव समुदाय पर होने वाले दीर्घकालिक प्रभावों को जानने का काम सौंपा गया था। उन्होंने मारे गये लोगों को श्रद्धा सुमन अर्पित किये। महेश बोहरा, देशराज सुमेर सिंह यादव आदि ने भी उन्हें याद किया।
फोटो कैप्शन: लक्की सिंगड़ा, पिंकी यादव, मोहन सिंह।

पांच दिसंबर तक ले सकते हैं प्रवेश

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कनीना। राजकीय महाविद्यालय कनीना में बीए,बीकाम एवं बीएससी प्रथम वर्ष में दाखिले के इच्छुक विद्यार्थी 5 दिसंबर तक प्रवेश ले सकते हैं। ऐसे विद्यार्थी जिन्होंने किसी कारणवश अब तक प्रवेश नहीं लिया या जिनके  10 +2 परीक्षा में कंपार्टमेंट आई थी और उन्होंने इस कंपार्टमेंट को पास कर लिया है तो वह अविलंब महाविद्यालय में 5 दिसंबर तक संपर्क कर सकते हैं।
 प्रोफेसर हरिओम भारद्वाज नोडल अधिकारी प्रवेश,राजकीय महाविद्यालय कनीना ने बताया कि उच्चतर शिक्षा विभाग हरियाणा द्वारा 5 दिसंबर तक प्रवेश के लिए अंतिम तिथि निर्धारित की गई है। राजकीय महाविद्यालय कनीना में स्नातक प्रथम वर्ष में दाखिले के लिए कुछ सीटें रिक्त हैं। उन्होंने कहा कि इसके अतिरिक्त जिन विद्यार्थियों ने बीए ,बीकाम,बीएससी प्रथम द्वितीय और तृतीय वर्ष की फीस भर दी है तो वह भी अपने सभी दस्तावेज महाविद्यालय द्वारा गठित कमेटी से तस्दीक करा कर अपना फार्म जमा करावें। जो विद्यार्थी महाविद्यालय में अपना दस्तावेज नहीं जमा कराएंगे उन्हें परीक्षा में बैठने से वंचित किया जाएगा।  प्रवेश की अंतिम तिथि को महाविद्यालय देर तक खुला रहेगा। प्रवेश से संबंधित किसी भी तरह की समस्या के समाधान के लिए महाविद्यालय के नोडल अधिकारी से संपर्क कर सकते हैं। वे विद्यार्थी भी प्रवेश के पात्र होंगे जिन्होंने अब तक प्रवेश के लिए कहीं भी आवेदन नहीं किया है वह अपना आनलाइन फ्रेश आवेदन करके दाखिला पा सकते हैं।
 उन्होंने कहा कि महाविद्यालय में अध्ययन कार्य जारी है। बीए बीएससी बीकाम प्रथम वर्ष की कक्षाएं सप्ताह में 2 दिन सोमवार मंगलवार को लगती है इसी तरह बीए बीएससी बीकाम द्वितीय वर्ष की कक्षाएं सप्ताह में 2 दिन बुधवार और बृहस्पतिवार को लगती हैं एवं बीए बीएससी बीकाम तृतीय वर्ष की कक्षाएं शुक्रवार एवं शनिवार को लगती है इसके अतिरिक्त बाकी दिनों में आनलाइन अध्ययन जारी है।

क्षेत्र में मिले 5 कोरोना संक्रमित

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 कनीना। कनीना क्षेत्र में कोरोना संक्रमितों की संख्या बढ़ती ही जा रही है। कनीना क्षेत्र में 5 कोरोना संक्रमित मिले हैं जिनमें से एक को छोड़कर शेष सभी को घर पर आइसोलेट कर दिया गया है जबकि एक का इलाज पहले ही रेवाड़ी के पुष्पांजलि अस्पताल में चल रहा है। सुनील कुमार उप नागरिक अस्पताल ने बताया कि 29 वर्षीय धनौंदा निवासी व्यक्ति कोरोना संक्रमित पाया गया है जिस 26 नवंबर को इन्होंने सैंपल दिया था जबकि भडफ़ में 34 वर्षीय महिला कोरोना संक्रमित मिली है जिन्होंने 26 नंबर को ही सैंपल दिया था। उधर पोता में 26 नवंबर को मोबाइल टीम ने सैंपल लिया था जिसमें 20 वर्षीय युवती कोरोना संक्रमित है जबकि कनीना के वार्ड 4 से 42 वर्षीय पुरुष तथा वार्ड 3 से 56 वर्षीय पुरुष संक्रमित मिले हैं। उन्होंने 30 नवंबर को सैंपल दिया था। गांव सेहलंग में 35 वर्षीय पुरुष भी कोरोना संक्रमित पाया गया है सभी को घर पर आइसोलेट कर दिया गया है। इनमें से एक का इलाज पहले से ही पुष्पांजलि अस्पताल रेवाड़ी चल रहा है। धर्मेंद्र ने कहा कि सावधानी बहुत जरूरी है। इस वक्त सावधानी बरती जाए। सावधानी बरतने से रोगों से छुटकारा पाया जा सकता है। असावधानी समस्या बन सकती है।

नहरी पुल पर नहीं बनी तीन माह से सड़क

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कनीना। कनीना उपमंडल के गांव उन्हाणी से चरखी दादरी मार्ग बहुत सुंदर चौड़ा बनाए जाने का काम करीब तीन माह पूर्व पूरा कर दिया गया था किंतु धनौंदा के पास गुजरने वाली बड़ी नहर का पुल सड़क मार्ग इतना जर्जर और गड्ढों युक्त है कि उन में बारिश के वक्त गंदा पानी भरा रहता है। सड़क बेहतर बनाई गयी है किंतु पुल पर सड़क न बनाये जाने से आफत बनी हुई है। बड़ी समस्या आवाजाही में बनी हुई है। बारिश का पानी इसमें जमा हो गया है। बारिश का पानी दो-तीन दिन तक सूखने का नाम नहीं लेता। ऐसे में क्षेत्र के लोगों ने मांग की है कि धनौंदा के पास नहर पर सड़क को ठीक किया जाए।
फोटो कैप्शन 6: धनौंदा के पास नहरी पुल पर जर्जर सड़क मार्ग।


नहीं हो रही रजिस्ट्री
-जेजेपी उपाध्यक्ष ने लिखा जिला उपायुक्त को पत्र 

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कनीना। कंप्यूटर में साफ्टवेयर की कमी के चलते कनीना में कनीना नगरपालिका विद इन लिमिट (कनीना नगरपालिका के क्षेत्र की जमीन की) रजिस्ट्री हो रही है लेकिन कनीना से बाहर कंप्यूटर में अर्बन आउटसाइड एमसी लिमिट कालम काम नहीं कर रहा है। जेजेपी राष्ट्रीय उपाध्यक्ष कंवर सिंह कलवाड़ी स्वयं परेशान होकर के एक पत्र जिला उपायुक्त सहित उच्च अधिकारियों को भेजा है। उन्होंने रक्त संबंधित को डीड पूरी करनी चाहिए किंतु नहीं हो पाई। इसी प्रकार कृषि भूमि ऋण, बिक्री डीड संबंधों की डीड नहीं हो पा रही है।
 उन्होंने विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि जब वसिका दर्ज होती है तो प्रापर्टी पहचान/आईडी मांगी जाती है। कृषि भूमि की कोई भी आईडी नहीं होती जिसके चलते कनीना कृषि भूमि की आईडी उपलब्ध नहीं करवाई जा सकती और डीड पूरी नहीं हो सकती। उन्होंने बताया कि वे स्वयं 27 नवंबर को रजिस्ट्रेशन फीस भर चुके हैं किंतु टोकन जारी नहीं हुआ क्योंकि उनकी कंप्यूटर में अर्बन आउटसाइड एमसी लिमिट कालम में कनीना का नाम नहीं आता। पंजीकरण हेतु अपाइंटमेंट टोकन जारी नहीं होता जिसे रजिस्ट्री नहीं हो पाती। हां कनीना में कनीना नगरपालिका दायरे में  रजिस्ट्री हो पाती है। ऐसे में कनीना क्षेत्र के लोग कृषि भूमि ऋण, विक्री डीड और ब्लड रिलेशन में डीड पूरी नहीं करवा सकते। यह साफ्टवेयर की कमी बताई जा रही है जो पंचकूला के राजस्व विभाग द्वारा ही की ठीक की जानी है। लंबे समय से परेशानी चली आ रही है जिस को सही नहीं किया जा रहा है जिससे क्षेत्र के लोगों में भारी रोष पनप रहा है है और उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग की है कि इस समस्या को ठीक करवा कर लोगों को राहत दी जाए।

भूगोल विषय में पास की नेट की परीक्षा

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कनीना। सुमन लता पत्नी संदीप वासी कनीना ने प्रथम प्रयास में भूगोल विषय में नेट की परीक्षा पास की है। वे कनीना के वार्ड दस सं संबंधित है। उन्होंने सूरज कालेज से भूगोल में स्नातकोत्तर किया था। वे इस सफलता का श्रेय अपने गुरुजनों,पति,सास व माता पिता को देती है। इस मौके पर उन्हें बधाई देने वालों में मोहन सिंह पार्षद, विश्व हिंदु परिषद की पखंड अध्यक्ष महेश बोहरा, अशोक साहब, मनोज कुमार आदि प्रमुख हैं।
फोटो कैप्शन: सुमनलता।


 बाबा मोलडऩाथ जोहड़ का हो रहा है सौंदर्यीकरण
-खाटू श्याम मंदिर के तलाब का काम भी करेगा

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 कनीना। कस्बा कनीना के प्रसिद्ध संत शिरोमणि बाबा मोलडऩाथ आश्रम का सौंदर्यीकरण किया जा रहा है। जहां संत शिरोमणि बाबा जिस प्राकृतिक जोहड़ के पास बैठकर तप करते थे उसको एक बार फिर से पानी से भरा जाएगा। इस बार पक्की चारदीवारी भी बनाई जा रही है। इस जोहड़ की ऐतिहासिकता को देखते हुए साफ पानी से भरने के लिए दैनिक जागरण ने दो साल पूर्व एक मुहिम शुरू की थी जिसके तहत पालिका प्रधान तक यह बात पहुंचाई गई थी और आखिरकार पालिका प्रधान ने दैनिक जागरण के उस कथन पर खरा उतरते हुए अब इसकी चारदीवारी बनाकर साफ पानी से भरने का निर्णय लिया है। काम चल रहा है जो लगभग पूरा होने को जा रहा है।
उल्लेखनीय है कि यह जोहड़ कभी छोटी बणी (जंगल) में होता था( चारों तरफ जाल के पेड़ थे शुद्ध पानी से भरा रहता था। संत शिरोमणि मोलडऩाथ जो पूरे प्रदेश में विख्यात हैं, इस जोहड़ के किनारे बैठकर तप करते थे। यह जोहड़ साफ पानी से भरा होता था। जीव जंतु यहां विचरित करते थे। आज भी बाबा के प्रत्यक्षदर्शी बताते हैं कि यहां मोर और गीदड़, कबूतर, चिडिय़ा और नाना प्रकार के जीव जंतु बाबा के आसपास घूमते रहते थे। परंतु कनीना बस स्टैंड स्थापना के बाद इस जोहड़ को मलिन कर दिया था और अब इस जोहड़ को सूखाकर नए सिरे से पुनरुद्धार किया जा रहा है। जिसमें इसकी चारदीवारी पक्की की जा रही है। पालिका प्रधान ने बताया की जोहड़ और बाबा की आस्था को ध्यान में रखते हुए इसका पुनरुद्धार किया जा रहा है ताकि आने वाले समय में लोग जोहड़ के दर्शन कर सके और बाबा की यादों में खो जाए।
वर्तमान में इस दौड़ की खुदाई करके चारदीवारी का कार्य पूर्ण होने को है। आने वाले समय में यह जोहड़ पूर्ण रूप से साफ पानी से भरा होगा। यहां पास में ही खाटू श्याम मंदिर 2019 में निर्मित हुआ था जिसके लिए खाटू तालाब की आवश्यकता होती हे। ऐसे में यह जोहड़ खाटू श्याम मंदिर के तालाब का काम भी करेगा। पास में ही साईं मंदिर बन जाने से विभिन्न धार्मिक स्थलों का केंद्र बाबा मोलडऩाथ आश्रम बन चुका है।
सांस रोकने की क्षमता थी बाबा में-
बाबा मोलडऩाथ विक्रमी संवत 2006 में ब्रह्मलीन हो गये थे किंतु प्रत्यक्षदर्शी बताते हैं कि बाबा मोलडनाथ में सांस रोककर(कपाली खिंचना)पानी में समाधि लगाने की क्षमता थी। इसी जोहड़ में वे समाधि लगाते थे। किंतु समाधि लगाकर लंबे समय ठहरने की होड़ सिरसवाला जोहड़ में लगी थी। जहां बाबा रामेश्वरदास जोहड़ से जल्दी बाहर आ गये थे और बाबा मोलडऩाथ अधिक देर रहे थे जिसके चलते उन्हें निमोनिया हो गया था। बाद में वे ब्रह्मलीन हुये।
फोटो कैप्शन 5 जोहड़ निर्माण कार्य का नजारा।

11 गांवों से लाया जाता है प्रतिदिन गो-ग्रास -हुकुमचंद आर्य
-पांच गाडिय़ां कर रही हैं सेवा

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कनीना। यूं कनीना में श्रीकृष्ण गौशाला की स्थापना 2003 में की थी तथा प्रथम प्रधान सतबीर सिंह बोहरा के नेतृत्व में अहम कदम उठाए गए थे किंतु वर्तमान में श्रीकृष्ण गौशाला में प्रतिदिन पांच विभिन्न गाडिय़ां गो ग्रास लाकर गायों की सेवा कर रही है। गौशाला कनीना में 1700 गौ वंश हैं। प्रत्यक्ष और परोक्ष रूप से सभी लोग गायों की सेवा में जुटे हुए हैं। ये विचार श्रीकृष्ण गौशाला कनीना के प्रधान हुकुमचंद आर्य ने व्यक्त किए। उन्होंने बताया की तीन गौशाला की गाडिय़ां तो प्राइवेट गाडिय़ां करीरा, गाहड़ा, सीहोर उन्हाणी, चेलावास, बव्वा,बिसोहा,लूखी, उन्हाणी, भडफ़ एवं कनीना में प्रतिदिन जाती हैं।  डेढ़ वर्ष पूर्व एक ही गाड़ी गो ग्रास के लिए लगाई गई थी।
गौ ग्रास के लिए वर्तमान में 5 गाडिय़ां लगी हुई है जिसमें तीन गाडिय़ां पर प्रतिमाह 12,000 रुपये का तेल खर्च होता है लेकिन प्रतिदिन 35 से 40 माण(एक मण में 40 किलोग्राम) दलिया, आटा, रोटी तथा विभिन्न सामग्री लेकर आती है। यही नहीं सभी गाडिय़ां 750 मण अनाज भी प्रतिमाह इक_ा करके लाती है। लोग गायों के लिए अहं भूमिका निभा रहे हैं।
 उन्होंने बताया कि कनीना गो ग्रास गाड़ी में हेल्पर है बाकी किसी भी गाड़ी में कोई हेल्पर नहीं है। गाड़ी में एक म्यूजिक सिस्टम लगा हुआ है जिसकी आवाज सुनकर लोग अपने अपने घरों में रखी हुई रोटियां तथा अन्य गो ग्रास गाड़ी में डाल देते हैं। गो ग्रास इक_ा करके सीधा गौशाला पहुंचाया जाता है। दो गाडिय़ों में दानपात्र रखा हुआ है जो दान इक_ा करके भी आती है।
प्रधान हुकुमचंद का कहना है कि हमारे पूर्वज गायों के लिए अलग से रोटी रखते थे जो परंपरा आज भी चली आ रही है। खाना खाने से पहले गो ग्रास रखा जाता है जो गायों की सेवा है तथा  भारतीय सभ्यता और संस्कृति को दर्शाता है। गायों को माता का दर्जा दिया है इसलिए भी गायों की सेवा के कार्य प्रत्यक्ष या परोक्ष तरीका बेहतरीन माना जाता है।
      उधर कनीना की श्रीकृष्ण गौशाला की गाड़ी गो ग्रास लेने के लिए रोजाना गलियों से गुजरती है जिसमें विभिन्न लोग अन्न एवं चारा डाल देते हैं। गाड़ी गो ग्रास को गौशाला ले जाकर गायों की सेवा करती है। क्षेत्र में गायों के लिए यह एक बेहतर पहल है। इस पहल से आम व्यक्ति जागरूक हुआ है और घर से बचा हुआ खाद्य पदार्थ गायों के रख देते हैं। यह गो ग्रास उनदूध न देने वाली गायों के लिए होता है।
फोटो कैप्शन दो: गो ग्रास की गाड़ी।


पूरे जिले में है महज एक उप अग्निशमन अधिकारी 

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 कनीना। पूरे जिला महेंद्रगढ़ में जहां नारनौल एवं महेंद्रगढ़ दो अग्नि शामक केंद्र स्थापित है वही कनीना, अटेली, और नांगल चौधरी में अभी निर्माणाधीन अग्निशमन केंद्र चल रहे हैं। पूरे जिला में जहां महज एक अग्निशमन अधिकारी तथा एक उप अग्नि शमन अधिकारी कार्यरत है जिन पर पूरे जिले की आग बूझाने की जिम्मेदारी है।
 इन लोगों पर है 1999 में सेवा में आए कनीना निवासी राकेश कुमार उप अग्निशमन अधिकारी बतौर महेंद्रगढ़ कार्यरत है। गुडग़ांव में मुख्य अग्निशामक होते थे जो  2013 में महेंद्रगढ़ पदोन्नत होकर आए हैं जहां गुडग़ांव में प्रतिदिन चार से पांच आगजनी की घटनाओं पर काबू पाने का कार्य किया है।
राकेश कुमार ने अब तक 20 से 25 लोगों की जान बचाई है। उप अग्निशमन अधिकारी राकेश कुमार से संबंध में चर्चा की तो उन्होंने बताया कि आग की सूचना उन तक आती है तो वे तुरंत कार्रवाई कर 40 सेकेंड में गाड़ी रवाना कर देते है। गाड़ी में एक चालक और अग्निशामक होते है। तुरंत मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाने का प्रयास किया जाता है। उनका उद्देश्य होता है किसी प्रकार जानकी तत्पश्चात जान न हो तो माल माल को बचाने का प्रयास किया जाता है।  यह बताते हैं कि जहां कनीना में रोक की पार्षद के यहां फैक्ट्री में करोड़ों रुपए का सामान जलने से बचाया था भाई महेंद्रगढ़ शापिंग कंपलेक्स में उन्होंने भारी माल को बचाया था।अब तक डेढ़ सौ के करीब मेजर फायर
तथा रेस्क्यू फायर आपरेशन में अहं भूमिका निभा चुके हैं। उन्होंने बताया कि अग्निशमन यंत्र के तहत उनकी गाड़ी वाटर टेंडर नाम से जानी जाती है जिसमें 4500 लीटर पानी भरा होता है जो 2 से 4 घंटे तक आग पर काम कर सकती है। यदि तेल में आग लगती है तो फोम(झाग) टेंडर नामक गाड़ी आग बूझाने के लिए जाती है। लेकिन महेंद्रगढ़ में दो वाटर ब्राउजऱ है जिनमें 10,000 लीटर तक पानी आता है। यदि तुरंत मौके पर पहुंच जाए तो आग पर काबू पाया जा सकता है आग से बचने आग बुझाने तथा आग के बारे में विस्तृत जानकारी समय-समय पर स्कूलों में भी कैंप लगाते  हैं। 14 से 20 अप्रैल के बीच फायर वीक मनाया जाता है जिसमें वे तुरंत जाकर उन्हें आग पर काबू पाने की जानकारी देते हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें बेहद खुशी होती है जब कोई जान माल बच जाता है और भी हर बार लगभग सफल होते हैं। वे बताते हैं कि कभी कभी इंसान की जान आग में चली जाती है।  
उधर फायर अधिकारी राकेश कुमार का कहना है कि सरकार ने नेशनल बिल्डिंग कोड 2016 लागू किया हुआ है जिसकी टेबल नंबर 7 लागू की हुई है। इस टेबल का अगर पालन सही तरीके से किया जाए तो आग पर जैसी दुर्घटना के समय आग पर काबू पाया जा सकता है तथा जान माल की हानि से बचा जा सकता है। उन्होंने आग रोकने के लिए सभी संस्थानों में फायर फाइटिंग सिस्टम आदि लगाने की बात कही। उनका कहना है कि सभी व्यवसायिक संस्थानों में अग्निशमन यंत्र का डेमो दिलवाना चाहिए।
फोटो केप्शन: राकेश कुमार।

प्रश्रोत्तरी में पाये अधिक स्थान

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कनीना। भारत विकास परिषद् द्वारा जिला स्तरीय  भारत को जानो प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया जिसमें कनीना शाखा के राजकीय एवं निजी विद्यालयों के विद्यार्थियों में  आरआरसीएम पब्लिक स्कूल के विद्यार्थियों ने इस प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन करते हुए सर्वाधिक स्थान प्राप्त किए।
प्रतियोगिता के कनिष्ठ वर्ग में कक्षा 8वीं की छात्रा पूजा ने 100 में से 92 अंक प्राप्त कर के प्रथम स्थान प्राप्त किया। प्रतियोगिता के वरिष्ठ वर्ग में कक्षा 9वीं की  छात्रा अंकिता ने 100 में से 98 अंक प्राप्त कर दूसरा स्थान प्राप्त किया।
इस अवसर पर संस्था के चेयरमैन रोशन लाल यादव ने कहा कि भारत विकास परिषद् द्वारा आयोजित प्रतियोगिता अपने आप में एक विशेष महत्व रखती है। उन्होंने बताया कि इस प्रतियोगिता का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में भारतीय संस्कृति की समझ उसके प्रति रुचि एवं लगाव की भावना का भी विकास करना है। उन्होंने सफल विद्यार्थियों को हार्दिक बधाई एवं शुभ.कामनाएं प्रदान की।
इस अवसर पर संस्था के निदेशक संजय यादव एवं संस्था के प्राचार्य नरेन्द्र गौतम ने भी प्रतियोगिता में सफल विद्यार्थियों को बधाई दी हैं।
फोटो कैप्शन 1:आरआरसीएम के भारत जानों प्रतियोगिता में अव्वल रहे विद्यार्थी।

Wednesday, December 2, 2020

 


प्राइवेट बस चालक को रोड़वेज कर्मचारी के साथ पंगा लेना पड़ा भारी

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कनीना। प्राइवेट बस परिचालक को रोड़वेज कर्मचारी के साथ पंगा लेना उस समय भारी पड़ गया जब उसने इसकी शिकायत कनीना पुलिस को देकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाही की मांग की। कनीना पुलिस ने मामला दर्ज कर निजी बस चालक को गिरफ्तार कर लिया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार महेन्द्रगढ़ - कनीना -रेवाड़ी चलने वाली एक नीजि बस का समय पूरा हो जाने के बाद भी वह सवारियों का इंतजार करता रहा जिसको लेकर कनीना बस स्टैंड पर रोड़वेज बसों की बुकिंक करने वाले उमेद सिंह ने उसे कहा कि आप अपनी गाड़ी को लेकर जाए क्योंकि आपकी गाड़ी का निर्धारित समय हो चुका है।  अब रोड़वेज बस का समय हो गया है लेकिन वह उसके बाद भी नही गया जिसको लेकर दोनों में तकरार इतनी बढ़ गई की नीजि बस चालक ने रोड़वेज बुकिंक करने वाले के साथ मारपीट की तथा उसकी वर्दी फाड़ दी, वही उसने शिकायत में यह भी बताया कि नीजि बस वाले ने उनको साथ किए झगड़े में मेरा एक दांत भी टुट गया। पीडि़ता कि शिकायत को लेकर कनीना सीटी पुलिस ने मामला दर्ज कर नीजि वाहन चालक रविन्द्र को गिरफ्तार कर लिया जिसे कनीना न्यायालय में  पेश किया जिसे आगामी 14 दिन के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।

4 माह के बाद फिर होगी कनीना मंडी में होगी चहल-पहल 

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कनीना। कनीना मंडी में
खरीफ की फसल जोर शोर से दो खरीद केंद्रों पर चली। खरीदा गया सारा बाजरा खरीद एजेंसी हैफेड द्वारा उठवाकर पानीपत भिजवा दिया है। अब एक बार फिर से अनाज मंडी सूनी सूनी नजर आने लगी है। सभी मजदूर भी अपने गांव चले गये। चार माह बाद फिर से रबी फसल की खरीद पर मंडी में हलचल बढ़ जाएगी। कनीना मंडी में 1 अक्टूबर से चहल-पहल शुरू हो हुई थी और 12726 किसानों ने अपना बाजरा बेचना था जो बेच चुके हैं। बाजरे की खरीद का विगत वर्ष का रिकार्ड भी टूट चुका है। विगत वर्ष की तुलना में 50 हजारा क्विंटल बाजरा अधिक खरीदा गया।
  कनीना मंडी के व्यापार मंडल के उप-प्रधान रविंद्र बंसल तथा मार्केट कमेटी के उप-प्रधान ओमप्रकाश लिसाानिया ने बताया कि खरीद का काम बेहतर ढंग से चला है और एक बार फिर से अनाज मंडी सूनी नजर आती है। इक्का दुक्का किसान किसी काम से आ रहा है।
कनीना मंडी में खरीफ और रबी दोनों फसलों की खरीद के समय हर वर्ष भारी चहल कदमी नजर आती है। अनाज की खरीद से पहले एवं अनाज की खरीद के बाद अनाज मंडी सूनी दिखाई पड़ती है।
उल्लेखनीय है कि कनीना की नई अनाज मंडी चेलावास में स्थापित की जा रही है जिसमें समय लगेगा। वैसे भी गेहूं की बिक्री के समय इतनी भीड़ बढ़ जाती है रेलवे स्टेशन तक पहुंचना कठिन हो जाता है। प्रथम गेट से रेलवे स्टेशन महज 500 मीटर दूर है किंतु वाहनों की भीड़ से गुजरने में कई मिनट लग जाते हैं। उस भीड़ से जरूर निजात मिला है। अब अप्रैल माह में सरसों एवं गेहूं की सरकारी खरीद होगी।  तब तक अनाज मंडी में सभी आढ़ती गेहूं एवं सरसों की आवक का इंतजार कर करेंगे। किसी जमाने में कनीना मंडी का दायरा विस्तृत था किंतु अब अनाज मंडी का दायरा घट गया है।
कनीना क्षेत्र में इस वर्ष सरसों की फसल करीब 20 हजार हेक्टेयर तो गेहूं करीब दस हजार हेक्टेयर पर उगाया गया है।  जीविका का यही सहारा है। किसी जमाने में विख्यात थी जहां एक माह तक रबी फसल पैदावार तथा एक माह खरीफ फसल की आवक चलती थी।  
फोटो कैप्शन 6: कनीना अनाज मंडी का नजारा

मोनिका ने पाई भूगोल में नेट परीक्षा में सफलता 

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 कनीना। उपमंडल के गांव ककराला निवासी मोनिका पत्नी संदीप ने भूगोल विषय में नेट की परीक्षा पास की है। इंदिरा गांधी यूनिवर्सिटी मीरपुर से स्नातकोत्तर की डिग्री भूगोल विषय में प्राप्त करने के बाद उन्होंने भूगोल विषय में नेट की परीक्षा दी थी जिसमें आप सफल हो गई है। उनकी सफलता का श्रेय अपने ससुर चांद किरण और प्रोफेसर संदीप ककरालिया को देती है। उनकी सफलता पर अनेकों लोगों ने बधाई दी है।
फोटो कैप्शन : मानिका



आशा वर्कर मिली कोरोना संक्रमित 

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 कनीना। कनीना क्षेत्र में बुधवार को 51 वर्षीय आशा वर्कर कोरोना संक्रमित मिली है। उन्होंने 29 नवंबर को कनीना में सैंपल दिया था आज उनका की रिपोर्ट कोरोना संक्रमित में मिली है। विस्तृत जानकारी देते सुनील कुमार ने बताया कि उन्हें घर पर ही आइसोलेट कर दिया गया है और आगामी कार्रवाई कर दी है।

पशुधन कम होते जा रहे हैं और दूध की मांग बढ़ती जा रही है
-दूध, पनीर एवं मावा जितना चाहिए बाजार में उपलब्ध है
-अखिल यह मावा दूध और पनीर कहां से आता है?

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कनीना। धीरे धीरे पशुधन कम होते जा रहे हैं जबकि गर्मी एवं सर्दी के मौसम में विवाह शादियों एवं आम उपभोक्ता की मांग बढ़ जाती है।  बुजुर्ग बताते हैं कि पुराने वक्त में पशुधन ज्यादा होते थे दूध,छाछ, घी खाने को अधिक होता था परंतु अन्न कम होता था।
वर्तमान में उसके उलट हो गया। अनाज अधिक पैदावार होने लग गई किंतु पशुधन रखना ही बंद कर दिया परंतु आश्चर्य तब होता है जब बाजार में सस्ती दर पर मावा, पनीर और दूध उपलब्ध हो जाता है।
यदि बाजार में तुरंत प्रभाव से कोई दूध, मावा और पनीर लेना चाहे पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हो सकता है। कुछ दुधिये भी दूध की सप्लाई करते हैं जिनसे मनमर्जी दूध की मात्रा मंगवाई जा सकती है। ये भी मांगे अनुसार दूध प्रदान करने के लिए तैयार हो जाते हैं। आखिर कहां से आता है यह सब? अगर नकली मावा, दूध और पनीर बिकता है तो आज तक प्रशासन ने कार्रवाई क्यों नहीं की।  स्वास्थ्य विभाग से प्राप्त आंकड़ों अनुसार दूध, पनीर और मावा आदि का लंबे समय से एक भी सैंपल नहीं भरा गया है। ऐसे में इंसान जहरीले पदार्थ खाने को मजबूर हो गया है।
पशुधन पर नजर डालें तो कनीना के लालचंद पशु चिकित्सक बताते हैं कि कनीना उपमंडल के तहत 8 पशु औषधालय आते हैं और सभी के तहत 9538 गाये 32315 भैंसे,  3498 भेंड, 4945 बकरियां,992 सुअर मिलाकर कुल 51288 पशुधन बनते हैं। गौशाला की गायें भी इनमें शामिल हैं। महज 30 से 40 प्रतिशत पशु दुधारू हैं। इतने पशुओं से इतना अधिक दूध प्राप्त करना कठिन हो जाता है जो सारी मांगें पूरी कर सके।
वर्तमान में बाजार में दूध का रेट 55 रुपये लीटर है जबकि कनीना क्षेत्र में अकेले 8 डेयरियां है जिनमें 63 रुपये प्रति 100 फेट से दूध लिया जाता है। अधिकांश पशुपालक अपना दूध डेयरियों में बेच रहे हैं जिसके चलते दूध की कमी है। परंतु दुधिये दूध की किसी भी समय कमी नहीं होने देते।
सत्य प्रकाश डेरी संचालक ने बताया कि उनकी डेयरी में प्रतिदिन 3.5 क्विंटल के करीब दूध आता है। गर्मियों में गायों का दूध बढ़ जाता है तो सर्दी में भैंस का दूध अधिक होता है। अगर 1 लीटर दूध से पनीर बनाए तो महज 200 ग्राम पनीर बनता है। सुनील कुमार हलवाई ने बताया कि 1 लीटर दूध को फाड़कर 200 ग्राम पनीर बनाया जा सकता है अर्थात 55 का 200 ग्राम पनीर बनता है जिस पर मेहनत अलग हैं परंतु दुकानों पर 40 रुपये का 250 ग्राम पनीर मिल रहा है। विवाह शादियों में भारी मात्रा में पनीर, दूध एवं मावा चाहिए। एक विवाह में एक सौ व्यक्तियों के लिए कम से कम 5 किलो पनीर,चाय के लिए 5 से 10 लीटर दूध, काफी के लिए 30 लीटर दूध चाहिए। ज्योतिषाचार्य सुरेंद्र शर्मा ने बताया कि सैकड़ों शादियां ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में हो रही हैं। उधर मावा,पनीर एवं दूध को  को अधिक समय तक सुरक्षित नहीं रखा जा सकता है। ऐसे में प्रति गांव में कई कई शादियों में आने वाला पनीर और दूध आखिर कहां से आ जाता है?
लोगों की माने तो कहना है कि नकली दूध, पनीर और खोवा उपलब्ध होता है। इसलिए यह सस्ता मिल जाता है जबकि दुकानदार कुछ कहने से छुपाते हैं। ऐसे में अगर नकली चीजें बिक रही हैं तो स्वास्थ्य विभाग मौन क्यों है? आज तक सैंपल क्यों नहीं भरे ताकि लोगों को जहरीले पदार्थ खाने से बचाया जा सके। प्रशासन द्वारा ठोस कार्रवाई न करने से नकली चीजें बनाने वालों के हौसले बुलंद हैं।

पोल हटवाने के लिए समाजसेवी पहुंचा राज्य सूचना आयोग के पास

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 कनीना। वैसे तो बिजली वितरण निगम के पास अक्सर पोल का अभाव होता है किंतु कनीना में 11 पोल बिना किसी तारों के लंबे समय से सड़क मार्ग पर खड़े हुए हैं जिनको हटवाने के लिए कनीना के प्रसिद्ध समाजसेवी शिवकुमार अग्रवाल मुख्य सूचना आयोग चंडीगढ़ पहुंचे हैं। शिव कुमार अग्रवाल ने बताया कि उन्होंने सूचना द्वारा प्राप्त किया कि कनीना बस स्टैंड तिराहे से अनाज मंडी तक 11 विभिन्न पोल इधर उधर खड़े हुए हैं। डिवाइड के बीच में भी नहीं है जिसके चलते परेशानी का सबब बने हुए हैं। उन पर किसी प्रकार का कोई तार नहीं जा रहा है। ऐसे में इन को उखाड़ कर कहीं प्रयोग में लाया जाए तो समाज हित हो सकता है। वहीं ये खड़े हुए पोल किसी दुर्घटना को अंदेशा दे रहे हैं। उन्होंने आरटीआई दिखाते हुए बताया कि सूचना अधिकारी ने स्पष्ट लिखा है कि नगरपालिका कनीना को ये खंभे हटवाने की कोई दिलचस्पी नहीं हैं।
        उधर नगरपालिका प्रधान सतीश जेलदार ने कहा कि अगर कहीं रास्ते में खंभे खड़े हुए हैं तो उनको हटवाने के लिए वे अविलंब कार्रवाई करेंगे और बिजली वितरण निगम को लिखेंगे।


ट्रेन चलाई जाने की मांग जोर पकडऩे लगी 

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 कनीना। कनीना खास रेलवे स्टेशन से वर्तमान में महज एक फास्ट ट्रेन रात्रि के समय गुजरती वह भी नहीं रुक रही है जिसके चलते यात्रियों ने रेलवे विभाग से सभी ट्रेन विशेषकर पैसेंजर ट्रेन चलाई जाने की मांग की है ताकि आवागमन में सुविधा हो सके।
 मिली जानकारी अनुसार 22 मार्च 2020 से सभी प्रकार की ट्रेन बंद है। कोविड-19 के दौरान दो ट्रेन चलाई गई थी जिनमें एक जोधपुर और दूसरी बीकानेर एक्सप्रेस थी किंतु बाद में जोधपुर एक्सप्रेस को बंद कर दिया गया। महज बीकानेर एक्सप्रेस जरूर कनीना होकर गुजर रही है जो कनीना खास रेलवे स्टेशन पर नहीं रुकती है। क्षेत्र के यात्री रमेश कुमार, दिनेश कुमार, रवि कुमार सुरेश कुमार, महेश कुमार, कुलदीप कुमार, देशराज आदि ने बताया कि सामान लाने ले जाने के लिए आना जाना पड़ता है। बसे समय पर नहीं मिलती तो ट्रेन का साधन सुलभ होता है किंतु ट्रेन 22 मार्च 2020 से लगातार करीब 9 महीने से बंद हैं। ऐसे में आवागमन में बड़ी दिक्कत हो रही है। उन्होंने विभाग से मांग की है कि सभी ट्रेन चलाई जाए ताकि यात्रियों को आवागमन में सुविधा हो सके। उन्होंने कहा कि विभिन्न प्रकार की परीक्षाएं भी समय समय पर आयोजित हो रही है जिन्हें जाने के लिए विद्यार्थियों को भारी परेशानी होती है। उनका कहना है कि या तो  परीक्षाएं रद्द करवाई जाए या फिर ट्रेन चलाई जाए ताकि विद्यार्थी और परीक्षार्थी समय पर पहुंच सके।
नहीं रुकती ट्रेन-
कनीना खास रेलवे स्टेशन 1935 में बना था। उपमंडल स्तर का रेलवे स्टेशन जरूर है किंतु ट्रेनों के मामले में किसी गांव से बदहाल स्थिति में है। विगत 12 वर्षों से लगातार लोगों का संघर्ष चल रहा है कि सभी ट्रेन यहां रोकी जाए। परंतु उपमंडल स्तर के इस कनीना खास रेलवे स्टेशन पर जहां पैसेंजर ट्रेन तथा एक फास्ट ट्रेन रूकती है जबकि 18 पैसेंजर ट्रेन चलती है और 7 फास्ट ट्रेन चलती है। जिनमें से वर्तमान में तो एक ही ट्रेन चल रही है वह भी नहीं रुक रही है। ऐसे में क्षेत्रवासियों में रोष पनप रहा है। उन्होंने सभी ट्रेन चलाकर कनीना खास रेलवे स्टेशन पर रोके जाने की मांग की है।
बहुत पुराना है रेलवे स्टेशन-
 कनीना खास रेलवे स्टेशन पुराना एवं अंग्रेजी काल का है जब अनाज मंडी और रेलवे स्टेशन लगभग साथ बने थे। वर्तमान में कनीना की नई अनाज मंडी भी खिसक कर चेलावास में बन रही है वहीं रेलवे स्टेशन पर ट्रेन का ठहराव नहीं हो पाया है। कनीना अहीरवाल का गढ़ है यहां तीन मंत्री हुए हैं जिनकी संयुक्त पंजाब में मंत्री रहें सूबेदार ओंकार सिंह तो हरियाणा बनने पर राव दलीप सिंह बाद में केंद्र में मंत्री कर्नल राम सिंह कनीना से संबंध रखते थे। उनका कनीना खास रेलवे स्टेशन से खास लगाव था किंतु यह दुर्भाग्य की तीनों की मौत हो चुकी है। कनीना खास रेलवे स्टेशन जस का तस पड़ा हुआ है।
 फोटो कैप्शन 2: कनीना खास रेलवे स्टेशन

प्राईवेट बस चालक को रोड़वेज कर्मचारी के साथ पंगा लेना पड़ा भारी

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,कनीना। प्राइवेट बस परिचालक को रोड़वेज कर्मचारी के साथ पंगा लेना उस समय भारी पड़ गया जब उसने इसकी शिकायत कनीना पुलिस को देकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाही की मांग की। कनीना पुलिस ने मामला दर्ज कर निजी बस चालक को गिरफ्तार कर लिया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार महेन्द्रगढ़ - कनीना -रेवाड़ी चलने वाली एक नीजि बस का समय पूरा हो जाने के बाद भी वह सवारियों का इंतजार करता रहा जिसको लेकर कनीना बस स्टैंड पर रोड़वेज बसों की बुकिंक करने वाले उमेद सिंह ने उसे कहा कि आप अपनी गाड़ी को लेकर जाए क्योंकि आपकी गाड़ी का निर्धारित समय हो चुका है।  अब रोड़वेज बस का समय हो गया है लेकिन वह उसके बाद भी नही गया जिसको लेकर दोनों में तकरार इतनी बढ़ गई की नीजि बस चालक ने रोड़वेज बुकिंक करने वाले के साथ मारपीट की तथा उसकी वर्दी फाड़ दी, वही उसने शिकायत में यह भी बताया कि नीजि बस वाले ने उनको साथ किए झगड़े में मेरा एक दांत भी टुट गया। पीडि़ता कि शिकायत को लेकर कनीना सीटी पुलिस ने मामला दर्ज कर नीजि वाहन चालक रविन्द्र को गिरफ्तार कर लिया जिसे कनीना न्यायालय में  पेश किया जिसे आगामी 14 दिन के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
पशुधन कम होते जा रहे हैं और दूध की मांग बढ़ती जा रही है
-दूध पनीर मावा जितना चाहिए बाजार में उपलब्ध है
-अखिल यह मावा दूध और पनीर कहां से आता है?

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,कनीना। धीरे धीरे पशुधन कम होते जा रहे हैं जबकि गर्मी एवं सर्दी के मौसम में विवाह शादियों एवं आम उपभोक्ता की मांग बढ़ जाती है।  बुजुर्ग बताते हैं कि पुराने वक्त में पशुधन ज्यादा होते थे दूध,छाछ, घी खाने को अधिक होता था परंतु अन्न कम होता था।
चर्तमान में उसके उलट हो गया। अनाज अधिक पैदावार होने लग गई किंतु पशुधन रखना ही बंद कर दिया परंतु आश्चर्य तब होता है जब बाजार में सस्ती दर पर मावा, पनीर और दूध उपलब्ध हो जाता है।
यदि बाजार में तुरंत प्रभाव से कोई दूध मावा और पनीर लेना चाहे पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हो सकता है। कुछ दुधिये भी दूध की सप्लाई करते हैं जिनसे मनमर्जी दूध की मात्रा मंगवाई जा सकती है। ये भी मांगे अनुसार दूध प्रदान करने के लिए तैयार हो जाते हैं। आखिर कहां से आता है यह सब। अगर नकली मावा, दूध और पनीर बिकता है तो आज तक प्रशासन ने कार्रवाई क्यों नहीं की।  स्वास्थ्य विभाग से प्राप्त आंकड़ों अनुसार दूध पनीर और मावा आदि का लंबे समय से एक भी सैंपल नहीं भरा गया है। ऐसे में इंसान जहरीले पदार्थ खाने को मजबूर हो गया है।
पशुधन पर नजर डालें तो कनीना के लालचंद पशु चिकित्सक बताते हैं कि कनीना उपमंडल के तहत 8 पशु औषधालय आते हैं और सभी के तहत 9538 गाये 32315 भैंसे,  3498 भेड़, 4945 बकरियां,992 सुअर मिलाकर कुल 51288 पशुधन बनते हैं। गौशाला की गायें भी इनमें शामिल हैं। महज 30 से 40 प्रतिशत पशु दुधारू हैं। इतने पशुओं से इतना अधिक दूध प्राप्त करना कठिन हो जाता है।
वर्तमान में बाजार में दूध का रेट 55 रुपये लीटर है जबकि कनीना क्षेत्र में अकेले 8 डेयरियां है जिनमें 63 रुपये प्रति 100 फेट से दूध लिया जाता है। अधिकांश पशुपालक अपना दूध डेयरियों में बेच रहे हैं जिसके चलते दूध की कमी है। उधर दुधिये बहुत अधिक दूध ला रहे हैं।
सत्य प्रकाश डेरी संचालक ने बताया कि उनकी डेयरी में दूध प्रतिदिन साढ़े तीन क्विंटल के करीब आता है। गर्मियों में गायों का दूध बढ़ जाता है तो सर्दी में भैंस का दूध बढ़ जाता है। अगर 1 लीटर दूध से पनीर बनाए तो महज 200 ग्राम पनीर बनता है।सुनील कुमार हलवाई ने बताया कि 1 लीटर दूध को फाड़कर 200 ग्राम पनीर बनाया जा सकता है अर्थात 55 का 200 ग्राम पनीर बनता है जिस पर मेहनत अलग हैं परंतु दुकानों पर 40 रुपये का 250 ग्राम पनीर मिल रहा है। विवाह शादियों में भारी मात्रा में पनीर, दूध एवं मावा चाहिए। एक विवाह में एक सौ व्यक्तियों के लिए कम से कम 5 किलो पनीर,चाय के लिए 5 से 10 लीटर दूध, काफी के लिए 50 लीटर दूध चाहिए। ज्योतिषाचार्य सुरेंद्र शर्मा ने बताया कि सैकड़ों शादियां ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में हो रही हैं।  मावा,पनीर एवं दूध को  को अधिक समय तक सुरक्षित नहीं रखा जा सकता है। ऐसे में प्रति गांव में कई कई शादियों में आने वाला पनीर और दूध आखिर कहां से आ जाता है।
लोगों की माने तो कहना है कि नकली दूध, पनीर और खोवा उपलब्ध होता है। इसलिए यह सस्ता मिल जाता है जो कि दुकानदार कुछ कहने से छुपाते हैं। ऐसे में अगर नकली चीजें बिक रही हैं तो स्वास्थ्य विभाग मौन क्यों है? आज तक सैंपल क्यों नहीं भरे ताकि लोगों को जहरीले पदार्थ खाने से बचाया जा सके। प्रशासन द्वारा ठोस कार्रवाई न करने के चलते कोई नकली चीजें बनाता है तो उनके हौसले बुलंद हैं।

मोनिका ने पाई भूगोल में नेट परीक्षा में सफलता 

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, कनीना। उपमंडल के गांव ककराला निवासी मोनिका पत्नी संदीप ने भूगोल विषय में नेट की परीक्षा पास की है। इंदिरा गांधी यूनिवर्सिटी मीरपुर से स्नातकोत्तर की डिग्री भूगोल विषय में प्राप्त करने के बाद उन्होंने भूगोल विषय में नेट की परीक्षा दी थी जिसमें आप सफल हो गई है। उनकी सफलता का श्रेय अपने ससुर चांद किरण और प्रोफेसर संदीप ककरालिया को देती है। उनकी सफलता पर अनेकों लोगों ने बधाई दी है।
फोटो कैप्शन : मानिका



आशा वर्कर मिली कोरोना संक्रमित 

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 कनीना। कनीना क्षेत्र में बुधवार को 51 वर्षीय आशा वर्कर कोरोना संक्रमित मिली है। उन्होंने 29 नवंबर को कनीना में सैंपल दिया था आज उनका की रिपोर्ट कोरोना संक्रमित में मिली है। विस्तृत जानकारी देते सुनील कुमार ने बताया कि उन्हें घर पर ही आइसोलेट कर दिया गया है और आगामी कार्रवाई कर दी है।

राष्ट्रीय प्रदूषण नियंत्रण दिवस मनाया गया
,कनीना। जीएल स्कूल कनीना में लोगों को प्रदूषण के प्रति जागरूक करने के लिए राष्ट्रीय प्रदूषण दिवस को मनाया गया जिसमें विद्यालय के अध्यापकों ने अपने स्तर पर प्रदूषण को कम करने व विद्यालय के छात्रों को इसके प्रति जागरूक करने की शपथ ली।
 इस अवसर पर एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया जिसमें एडवोकेट जेपी लोढा  ने बताया कि हर वर्ष 2 दिसम्बर को राष्ट्रीय प्रदूषण नियंत्रण दिवस देशभर में मनाया जाता है जोकि भोपाल में हुई गैस त्रासदी के कारण हजारों लोगों ने अपने जान गवाई थी। भोपाल के यूनियन कार्बाइड प्लांट से मिथाईल आइसोसाइनाइट गैस का रिसाव  हुआ था। उन लोगों को सम्मान देने और याद करने के लिए हर वर्ष भारत में यह दिन मनाया जाता है। इसके अलावा औद्योगिक आपदा को नियंत्रण करने के लिए लोगों को शिक्षित करना भी है। इस अवसर की महत्वता के बारे बताते हुए विद्यालय के प्राचार्य पृथ्वी सिंह जी ने बताया कि हर साल सात मिलियन लोग प्रदूषण के कारण जान गंवाते हैं। हालात इतनी खराब है कि वैश्विक स्तर पर हर 10 से में 9 लोगों तक शुद्ध हवा नहीं पहुँच पाती है। भोपाल गैस त्रासदी विश्व की सबसे बड़ी औद्योगिक त्रासदी थी।  उस तरह की घटना दोबारा न दोहराई जावे, उसके लिए देश भर में राष्ट्रीय नियंत्रण दिवस मनाया जाता है।
फोटो कैप्शन 1: प्रदूषण कम करने पर विचार गोष्ठी करते अध्यापक।


अनीता ने पास की नेट की परीक्षा 

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 कनीना। उपमंडल का करीरा की अनीता पुत्री उदय भान ने यूजीसी/नेट की परीक्षा कामर्स विषय में पास की है। सेंट्रल यूनिवर्सिटी पाली से एमकाम करके यह परीक्षा दी थी और प्रथम प्रयास में उन्होंने या परीक्षा पास कर ली है।
नेट की परीक्षा पास करने पर उन्हें बजरंग एडवोकेट, बालकिशन करीरा, श्रीकिशन करीरा राजेश शिक्षक तथा विभिन्न लोगों ने उन्हें बधाई दी है।
 फोटो कैप्शन: अनीता


Tuesday, December 1, 2020

 

चोरी के मामले में फींगर प्रिंट के डंप उठवाये

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कनीना। शादी में शामिल होने गए परिवार के घर में अज्ञात चारों ने घर में रखी नगदी व जेवरात को चुरा रफू  चक्कर हो जाने का मामला दर्ज कर लिया है।
कनीना वार्ड 13 के कुलदीप यादव ने बताया कि सुबह तकरीबन 4 -5 बजे शादी में शरीक होने के लिए जयपुर निकले थे कि तथा पड़ोस में रहने वाले व्यक्ति को घर की चाबी देकर गए थे। जब अगले दिन उन्होंने आकर देखा तो घर के मेन गेट पर ताला नही मिला। उन्होंने पड़ोस के लोगों से पूछताछ कि लेकिन  कहीं कोई जानकारी नहीं होने पर उन्होंने इसकी सुचना सीटी पुलिस को देकर मामले से अवगत कराया। पघर में रखी  दो तोले की सोने की चैन, बीस हजार नगद व पांजेब आदि सामान चोरी होना पाया गया है। जिसको लेकर सीटी इंचार्ज गोविन्द यादन ने ंिफंगर प्रिंट के एक्सपर्ट बुला कर डंप उठवा लिए है। वही उन्होंने अज्ञात चोरों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच आरंभ कर दी है।


विजेता खिलाडिय़ों को पारितोषिक वितरण कर दिया सम्मान

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कनीना। उपमंडल के गांव अगियार में बाबा भैया का एक दिवसीय मेला संपन्न हो गया। मेला समिति के सदस्य मनोज, सुरेन्द्र, यशपाल आदि ने जानकारी देते हुए बताया कि इस मेले में दो गज दूरी तथा मास्क आदि के अलावा सेनेटाइजर का भी प्रयोग किया गया।  एक दिवसीय मेले में हुई खेल प्रतियोगिता का शुभारंभ रामकरण सिंह ने किया, वही इस खेल प्रतियोगिता की दौड़ में महेन्द्रगढ़-भिवानी के विभिन्न गांवों के खिलाडिय़ों ने भाग लिया जिसमें 14 वर्ष की लड़कियों में आठ सौ मीटर की प्रतियोगिता में प्रथम स्थान राधिका, दूसरे स्थान पर कशिस, तीसरे स्थान पर लक्की खेड़ी तथा चौथा स्थान अर्चना अगियार ने प्राप्त किया है, 800 मीटर की लड़कों की दौड़ में प्रथम स्थान रजनीश अगियार, दूसरा स्थान प्रवीण अगियार, तीसरा दीपक दुधवा, वहीं चौथा स्थान मोहित अगियार ने प्राप्त किया। उन्होंने बताया कि तीन हजार मीटर की दौड़ में प्रथम स्थान कपिल अगिहार, दूसरा स्थान आशीस अगियार, तीसरा रजनीश अगिहार, चौथा हिम्मत अगिहार ने प्राप्त किया। इस खेल प्रतियोगिता में विजेता खिलाडिय़ों को ग्राम पंचायत व कमेटी की और से नकद राशी व सम्मान पत्र भेंट किया।


मौत के साथ अच्छाई साथ चलती है-डा एमएल रंगा

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कनीना। मौत के बाद अच्छाई साथ चलती है। इंसान की करनी उसके साथ जाती है। इंसान को उसकी मृत्यु के बाद उसके गुणों से जाना जाता है। जो पापों से भरा होता है नरक में जाता है तथा पुण्य आत्मा स्वर्ग में वास करती है। ये विचार पूर्व कैबिनेट मंत्री डा एमएल रंगा ने प्रो हंसराज की पत्नी चंद्रमुखी के निधन पर परिजनों को सांत्वना देते हुए व्यक्त किये।
 उन्होंने कहा कि  सभी को एक ना एक दिन भगवान के घर जाना होगा। ऐसे में गम नहीं करके ईश्वर का ध्यान देना चाहिए ताकि दिवंगत आत्मा को शांति मिल सके और भगवान के चरणों में उस जीव का वास हो। जहां प्रोफेसर हंसराज का वर्ष 2006 में गंभीर बीमारी के चलते देहांत हो गया था वहीं अब उनकी पत्नी का निधन हो गया है। वे अपने पीछे चार पुत्र दो पुत्रियां, 6 पोतें  तथा दो पोतियां छोड़ गई हैं। सभी पुत्र एवं पुत्रियों की शादी हो चुकी है। इस मौके पर दिवंगत के पुत्र प्रोफेसर गजेंद्र सिंह ने बताया कि चंद्रमुखी की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना एवं रस्म पगड़ी का आयोजन आठ दिसंबर को किया जाएगा।
 उनको श्रद्धा सुमन अर्पित करने ठाकुर अतरलाल, सतेंद्र पार्षद,डा योगेश, ओमप्रकाश यादव सहित विभिन्न जन प्रमुख थे।
फोटो कैप्शन 5: डा एमएल रंगा पूर्व मंत्री प्रो हंसराज की पत्नी चंद्रमुखी को श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुए।


भारत जानो प्रतियोगिता में जिला स्तर पर खुशी ने सौ में से सौ अंक पाये

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कनीना। आयोजित भारत जानो प्रतियोगिता में जिला स्तर पर खुशी ने शत प्रतिशत अंक प्राप्त कर प्रथम स्थान हासिल किया है। ब्लाक स्तर पर पहले ही प्रतियोगिता आयोजित हो चुकी थी। अब ये विद्यार्थी राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में भाग लेंगे।
 भारत विकास परिषद कनीना शाखा अध्यक्ष कंवरसेन वशिष्ठ ने बताया कि प्रतियोगिता में दो वर्ग थे। वरिष्ठ में खुशी राजकीय कन्या उच्च विद्यालय कनीना मंडी ने 100/100 नंबर लेकर प्रथम स्थान पर रही व अंकिता  आरआरसीएम कनीना 98/100 अंक लेकर द्वितीय स्थान पर व भवनेश जीआर स्कूल कनीना 92 /100 नंबर लेकर तृतीय  स्थान पर रही। कनिष्ठ वर्ग में पूजा आरआरसीएम कनीना ने 92  अंक  लेकर प्रथम स्थान पर व सोनी यादव ओपीवाइ द्वितीय  स्थान पर, पूजा राजकीय कन्या उच्च विद्यालय कनीना ने तृतीय हासिल किया है। परीक्षा का आयोजन ऑनलाइन हुआ।
 संयोजक सुरेंद्र सिंह ने बताया कि प्रदेश स्तर की प्रतियोगिता में शाखा पर प्रथम वह द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाले छात्र आनलाइन परीक्षा भाग ले सकते हैं जो 15 दिसंबर को आयोजित की जाएगी। जिसकी सभी को जानकारी मोबाइल द्वारा व्हाट्सएप पर दे दी जाएगी। इस प्रतियोगिता में सरकारी व प्राइवेट स्कूल के सभी ने भाग लिया। विद्यालय के सभी संचालक बधाई के पात्र हैं जो पढ़ाई के साथ-साथ प्रतियोगिता में अपनेे छात्रों को भाग लेने के लिए तैयार करते हैं। इस प्रतियोगिता के माध्यम से बात को जानने की अभिलाषा छात्रों की पूरी होती है और यह ज्ञान आगे चलकर जीवन में काम आता है। शाखा अध्यक्ष छात्र व अभिभावक अध्यापकों का सफल आयोजन पर धन्यवाद किया ।


कनीना बार एसोसिएशन ने महेंद्रगढ़ बार का किया समर्थन
2 दिसंबर को रखेंगे 1 दिन का वर्क सस्पेंड 

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कनीना। कनीना बार के बार रूम में मंगलवार को बार प्रधान कुलदीप रामबास के अध्यक्षता में एक विशेष बैठक बुलाई गई। बार सचिव अखिल अग्रवाल ने बताया कि मंगलवार को बार कक्ष में प्रधान कुलदीप रामबास के अध्यक्षता में एक बैठक संपन्न हुई।  इस बैठक में महेंद्रगढ़ बार प्रधान अजीत यादव ने जिला मुख्यालय महेंद्रगढ़ में बनाए जाने के लिए जो अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया हुआ है उसके लिए कनीना बार से समर्थन मांगा। जिस पर सर्वसम्मति से बार ने निर्णय लिया कि 2 दिसंबर 2020 को कनीना न्यायालर्य में वर्क सस्पेंड रखा जाएगा। इसके साथ ही कनीना बार के समस्त अधिवक्ता महेंद्रगढ़ बार के धरने स्थल पर जाकर महेंद्रगढ़ बार का समर्थन करेंगे। इस मौके पर सचिव अखिल अग्रवाल, पूर्व सचिव पवन गोमला, उप प्रधान धर्मवीर, चेयरमैन रणवीर सिंह, विचित्र अत्री, सुभाष शर्मा, अभिषेक यादव, राजेंद्र करीरा, संदीप सेहलंग, राजकुमार तंवर, यस नौताना, देवेंद्र चौहान, विनोद कनीना, नरेश कनीना, विक्रम ककराला सहित अन्य अधिवक्ता गण मौजूद रहे ।
फोटो कैप्शन 3: बार कक्ष कनीना में अधिवक्ता बैठक लेते हुए।

एक राजस्थानी कोरोना संक्रमित पटीकरा उपचार हेतु भेजा, 3 अन्य संक्रमित पाये गये

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कनीना। कनीना क्षेत्र में चार कोरोना संक्रमित मिले हैं। कनीना क्षेत्र में कोरोना संक्रमित बढ़ते ही जा रहे हैं। कनीना वार्ड 13 में राजस्थान का एक मजदूर कोरोना सक्रमित पाया गया जिसे पटीकरा के लिए भेज दिया है। इनका 27 नवंबर को सैंपल लिया था जो मंगलवार को  कोरोना संक्रमित पाया गया है। उधर कोका का 19 वर्षीय युवक कोरोना संक्रमित पाया गया है उन्होंने 28 नवंबर को अपना सैंपल दिया था। उधर खेड़ी में 32 वर्षीय तथा एक 21 वर्षीय युवक भी कोरोना संक्रमित पाए गए। 28 नवंबर को मोबाइल टीम ने इनका सैंपल लिया था। मंगलवार को संक्रमित पाए गए हैं।
विस्तृत जानकारी देते हुए सुनील कुमार ने बताया कि संक्रमितों के लिए आगामी कार्रवाई कर दी गई है। अधिकांश को घर पर ही आइसोलेट कर दिया गया है। जहां सुविधाएं नहीं होती तो उन्हें पटिकरा भेजा जाता है।
सुनील कुमार ने कहा कि सावधानी बरतनी इस रोग पर काबू पाया जा सकता है। अगर सावधानी नहीं बरती गई तो रोग बढऩे की पूरी संभावना है।

एड्स के प्रति बस स्टेंड पर लगाया जागरूकता कैंप

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कनीना। एड्स दिवस पर कनीना के सामान्य बस स्टैंड पर कनीना उप नागरिक अस्पताल की ओर एड्स जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया और दिनभर मुफ्त सलाह दी गई। इस मौके पर परामर्शदाता रणधीर सिंह ने लोगों को जागरूक किया।
 रणधीर सिंह ने शिविर में कहा कि एड्स एक असाध्य रोग है जो मानवीय प्रतिरक्षी अपूर्णता विषाणु (एचआईवी) से होता है। यह विषाणु प्राकृतिक प्रतिरोधी क्षमता को कमजोर करता है। जिसके चलते कोई भी रोग आसानी से शरीर पर धावा बोल देता है। यह रोग नहीं अपितु रोगों का समूह कहा जाता है। रोग रोधक क्षमता घटने से शरीर में क्षय रोग और कैंसर,सर्दी जुकाम, फुफ्फुस प्रदाह इत्यादि घेर लेते हैं।
उन्होंने कहा कि यह रोग रोगी के शुक्राणु, योनि स्राव अथवा रक्त के संपर्क में आता है तो उससे एड्स हो सकता है। एचआईवी पाजिटिव होने के 8-10 साल के अंदर जब संक्रमित व्यक्ति की रोग प्रतिरोधक क्षमता क्षीण हो जाती है।  यह पीडि़त व्यक्ति के साथ असुरक्षित यौन सम्बन्ध स्थापित करने ,दूषित रक्त आधान,संक्रमित सुई के से,एड्स संक्रमित माँ से उसके होने वाली संतान को मिल सकता है।
रणधीर सिंह ने बताया कि एचआईवी से संक्रमित लोगों में प्रारंभ में सर्दी, जुकाम या विषाणु बुखार हो जाता है पर इससे एड्स होने का पता नहीं लगाया जा सकता। जब वायरस का संक्रमण शरीर में अधिक हो जाता है, उस समय बीमारी के लक्षण दिखाई देते हैं। एड्स के लक्षण दिखने में आठ से दस साल का समय भी लग सकता है।  ऐसे व्यक्ति भी एड्स फैला सकते हैं।
उन्होंने बचाव एवं सावधानियां बरतने की सलाह दी और बताया कि इस रोग के लक्षणों में वजन का कम होना,लगातार खांसी बने रहना, बार-बार जुकाम का होना, बुखार,सिरदर्द, थकान, शरीर पर निशान बनना, हैजा,भोजन से अरुचि,लसीकाओं में  सूजन जैसे लक्षण दिखाई पड़ते हैं।
  उन्होंने कहा कि इस रोग में एंटी रेट्रोवाईरल थेरेपी दवाईयों का उपयोग किया जाता है। इन दवाइयों का मुख्य उद्देश्य एचआईवी के प्रभाव को काम करना, शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करना और अवसरवादी रोगों को ठीक करना होता है। पीडि़त साथी या व्यक्ति के साथ यौन सम्बन्ध स्थापित नहीं करना चाहिए, खून को अच्छी तरह जांच कर ही उसे चढ़ाना चाहिए। उपयोग की हुई सुइयों या इंजेक्शन का प्रयोग नहीं करना चाहिए, दाढ़ी बनवाते समय हमेशा नाई से नया ब्लेड उपयोग करना चाहिये। इस मौके पर बस स्टैंड इंचार्ज सुधीर कुमार, पवन कुमार, सुनील कुमार, अमरजीत आदि मौजूद थे।
फोटो कैप्शन 1: शिविर में जानकारी देते परामर्शदाता रणधीर सिंह।

एक राजस्थानी कोरोना संक्रमित पटीकरा उपचार हेतु भेजा, 3 अन्य संक्रमित पाये गये

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कनीना। कनीना क्षेत्र में चार कोरोना संक्रमित मिले हैं। कनीना क्षेत्र में कोरोना संक्रमित बढ़ते ही जा रहे हैं। कनीना वार्ड 13 में राजस्थान का एक मजदूर कोरोना सक्रमित पाया गया जिसे पटीकरा के लिए भेज दिया है। इनका 27 नवंबर को सैंपल लिया था जो मंगलवार को  कोरोना संक्रमित पाया गया है। उधर कोका का 19 वर्षीय युवक कोरोना संक्रमित पाया गया है उन्होंने 28 नवंबर को अपना सैंपल दिया था। उधर खेड़ी में 32 वर्षीय तथा एक 21 वर्षीय युवक भी कोरोना संक्रमित पाए गए। 28 नवंबर को मोबाइल टीम ने इनका सैंपल लिया था। मंगलवार को संक्रमित पाए गए हैं।
विस्तृत जानकारी देते हुए सुनील कुमार ने बताया कि संक्रमितों के लिए आगामी कार्रवाई कर दी गई है। अधिकांश को घर पर ही आइसोलेट कर दिया गया है। जहां सुविधाएं नहीं होती तो उन्हें पटिकरा भेजा जाता है।
सुनील कुमार ने कहा कि सावधानी बरतनी इस रोग पर काबू पाया जा सकता है। अगर सावधानी नहीं बरती गई तो रोग बढऩे की पूरी संभावना है।

एड्स के प्रति बस स्टेंड पर लगाया जागरूकता कैंप

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कनीना। एड्स दिवस पर कनीना के सामान्य बस स्टैंड पर कनीना उप नागरिक अस्पताल की ओर एड्स जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया और दिनभर मुफ्त सलाह दी गई। इस मौके पर काउंसलर रणधीर सिंह ने लोगों को जागरूक किया।
 रणधीर सिंह ने शिविर में कहा कि एड्स एक असाध्य रोग है जो मानवीय प्रतिरक्षी अपूर्णता विषाणु (एचआईवी) से होता है। यह विषाणु प्राकृतिक प्रतिरोधी क्षमता को कमजोर करता है। जिसके चलते कोई भी रोग आसानी से शरीर पर धावा बोल देता है। यह रोग नहीं अपितु रोगों का समूह कहा जाता है। रोग रोधक क्षमता घटने से शरीर में क्षय रोग और कैंसर,सर्दी जुकाम, फुफ्फुस प्रदाह इत्यादि घेर लेते हैं।
उन्होंने कहा कि यह रोग रोगी के शुक्राणु, योनि स्राव अथवा रक्त के संपर्क में आता है तो उससे एड्स हो सकता है। एचआईवी पाजिटिव होने के 8-10 साल के अंदर जब संक्रमित व्यक्ति की रोग प्रतिरोधक क्षमता क्षीण हो जाती है।  यह पीडि़त व्यक्ति के साथ असुरक्षित यौन सम्बन्ध स्थापित करने ,दूषित रक्त आधान,संक्रमित सुई के से,एड्स संक्रमित माँ से उसके होने वाली संतान को मिल सकता है।
रणधीर सिंह ने बताया कि एचआईवी से संक्रमित लोगों में प्रारंभ में सर्दी, जुकाम या विषाणु बुखार हो जाता है पर इससे एड्स होने का पता नहीं लगाया जा सकता। जब वायरस का संक्रमण शरीर में अधिक हो जाता है, उस समय बीमारी के लक्षण दिखाई देते हैं। एड्स के लक्षण दिखने में आठ से दस साल का समय भी लग सकता है।  ऐसे व्यक्ति भी एड्स फैला सकते हैं।
उन्होंने बचाव एवं सावधानियां बरतने की सलाह दी और बताया कि इस रोग के लक्षणों में वजन का कम होना,लगातार खांसी बने रहना, बार-बार जुकाम का होना, बुखार,सिरदर्द, थकान, शरीर पर निशान बनना, हैजा,भोजन से अरुचि,लसीकाओं में  सूजन जैसे लक्षण दिखाई पड़ते हैं।
  उन्होंने कहा कि इस रोग में एंटी रेट्रोवाईरल थेरेपी दवाईयों का उपयोग किया जाता है। इन दवाइयों का मुख्य उद्देश्य एचआईवी के प्रभाव को काम करना, शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करना और अवसरवादी रोगों को ठीक करना होता है। पीडि़त साथी या व्यक्ति के साथ यौन सम्बन्ध स्थापित नहीं करना चाहिए, खून को अच्छी तरह जांच कर ही उसे चढ़ाना चाहिए। उपयोग की हुई सुइयों या इंजेक्शन का प्रयोग नहीं करना चाहिए, दाढ़ी बनवाते समय हमेशा नाई से नया ब्लेड उपयोग करना चाहिये।

स्वतंत्रता सेनानी गुगन सिंह का निधन
-पूरे राजकीय सम्मान के साथ की अंत्येष्टि 

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 कनीना। कनीना उपमंडल के गांव स्याणा निवासी स्वतंत्रता सेनानी गूगन राम का निधन हो गया। वे 98 वर्ष के थे। कनीना उपमंडल में अब महज एक स्वतंत्रता सेनानी और बचेे है। विगत दिनों उन्हें प्रशासन द्वारा सम्मानित भी किया गया था। आज उनकी अंत्येष्टि पूरे राजकीय सम्मान के साथ गांव में  की गई। वे अपने पीछे 3 लड़के और 2 लड़कियों सहित भरा पूरा परिवार छोड़ गए हैं। पूरे राजकीय सम्मान के साथ गुगन सिंह की अंत्येष्टि की की गई। गुगन सिंह को समय-समय पर प्रशासन द्वारा भी सम्मानित किया गया था।  प्रशासन की ओर से नायब तहसीलदार एवं खंड विकास पंचायत अधिकारी पहुंचे। मुखाग्नि उनके पुत्र धर्मवीर, महावीर एवं हरबीर ने दी। इस मौके पर जाना गांव के श्मशान घाट में उन्हें पुष्प चक्र अर्पित कर विदाई दी।
वे लंबे समय से गांव में खुशहाल जीवन यापन कर रहे थे। नेताजी सुभाष चंद्र बोस के नजदीकी को प्रशासन की ओर से नायब तहसीलदार  सत्यपाल, खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी  देशबंधु यादव,संजीत,उमेद सिंह जाखड़,मनोज पटवारी इत्यादि ने पुष्प चक्र अर्पित किया। गांव के पूर्व सैनिक सम्मान समिति ने सलामी दी। जिनमें सूबेदार वासुदेव यादव, सूबेदार मेजर सुमेर सिंह यादव, सूबेदार सज्जन सिंह यादव थे। गांव की सरपंच पूजा यादव के पिता करतार सिंह यादव,पूर्व सरपंच राजकुमार यादव, राजेन्द्र यादव बाबू जी, हरियाणा साहित्य अकादमी पुरस्कार प्राप्त किसान साहित्यकार समशेर कोसलिया नरेश ,ललित कुमार,वीरपाल यादव इत्यादि गांव के लोग मौजूद थे।
फोटो कैप्शन: गुगन सिंह
फोटो कैप्शन एक व दो: गुगन सिंह को पुष्प चक्र अर्पित करते नायब तहसीलदार सत्यपाल सिंह एवं बीडीपीओ देशबंधु।




आजाद हिंद फौज में लड़ाई लडऩे वाले गुगन सिंह छोड़ गये हैं यादें

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कनीना। आजाद हिंद फौज में लड़ाई लडऩे वाले गुगन सिंह कई यादें छोड़ गये हैं। कई बार प्रशासन ने उन्हें सम्मानित किया था।  
गुगन सिंहनेताजी सुभाष चंद्र बोस की सेना में भर्ती होकर आजादी की लड़ाई में भाग लिया और देश के लिए नाम कमाया है।अपने देश की आजादी के लिए खुलकर लड़ाई लड़ी और अंग्रेजों से लोहा लिया, जेल में गए और अनेकों यातनाएं झेली।
नेताजी सुभाषचंद्र बोस ने 1942 में आजाद हिंद फौज की स्थापना की थी। इस फौज में करीब 43 हजार सैनिक थे। जब यह फौज गठित की गई तो भारतीय सैनिक आकर्षित हुए और जोश एवं जुनून के साथ नेताजी के साथ कंधे से कंधा मिलाकर युद्ध में लड़े। स्याणा के गुगन सिंह सैनिक इसी फौज में भर्ती हुए थे।
 गुगन सिंह की मौत हो गई है जिसको सुनकर सन्नाटा छाया है। उनकी उम्र 98 वर्ष थी।। गांव स्याणा में जीवाराम के घर में सबसे छोटे बेटे का नाम गुगन सिंह था जो आइएनए के सेनानी थे।  1940 में अंग्रेजी सेना भर्ती हो गए और अंबाला कैंट में इनकी ट्रेनिंग पूरी की गई। ट्रेनिंग करते हुए पाकिस्तान के हैदराबाद में सेवा के लिए भेज दिया गया। तत्पश्चात उन्हें भारत के  हैदराबाद भेजा गया। तत्पश्चात मुंबई मुंबई भेजा और वहां से ईरान में भेज दिया गया।
हिटलर से मिलकर नेताजी सुभाषचंद्र बेस ने  आजाद हिंद फौज का गठन किया जिसमें भर्ती होकर उन्होंने देश की आजादी की लड़ाई में बढ़-चढ़कर भाग लिया। बोस सेना का गठन करकेे जापान चले गए तो उन्होंने अन्य सैनिकों को संगठित किया। मगर जर्मनी की हार हो गई। तत्पश्चात इनको इंग्लैंड भेजा गया। इंग्लैंड जाकर वे बीमार हो गए। उन्हें वायुयान द्वारा हैदराबाद के अस्पताल में भर्ती करा दिया गया। अस्पताल में इलाज दौरान कोई सुधार नहीं हुआ तो उन्हें आसौदा(रोहतक) भेजा गया। वहां से उन्हें 25 रुपये देकर घर भेज दिया गया। मगर वे घर आने की बजाय दरियागंज दिल्ली में कांग्रेस के कार्यालय में चले गए या आजादी की लड़ाई में लड़ते रहने की सोच कर 1946 में कांग्रेस कार्यालय में गए थे किंतु उनके हालात सुधार नहीं हुआ तो वे घर आ गए। देश आजाद होने के बाद 1957 में ये पूर्ण स्वस्थ हो गए और फिर से सेना में भर्ती हो गए। 1957 से 1974 तक इन्होंने देश की सेवा की तथा रिटायर कर दिया गया। तत्पश्चात से वे अपने गांव आ गए और गांव में अपने परिजनों के साथ रहते थे। उनके तीन पुत्र एवं दो पुत्रियां हैं।
फोटो कैप्शन: आइएनए सेनानी गुगन सिंह