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Tuesday, December 15, 2020

 
नवोदय में छठी कक्षा में प्रवेश के लिए आवेदन तिथि बढ़ाई 

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 कनीना। जवाहर नवोदय विद्यालय करीरा शिक्षा सत्र 2021-22 के लिए कक्षा छठी में आनलाइन आवेदन करने की तिथि 15 दिसंबर से बढ़ाकर 29 दिसंबर कर दी गई है। विस्तृत जानकारी देते हुये प्राचार्य सुरेश कुमार एवं चयन परीक्षा प्रभारी अभय सिंह यादव ने बताया कि चयन परीक्षा 10 अप्रैल 2021 को होगी। आवेदन करने के लिए अभ्यर्थी शिक्षा सत्र 2020 21 में महेंद्रगढ़ जिले के स्थित किसी भी सरकारी या मान्यता प्राप्त विद्यालय में कक्षा पांचवीं में अध्ययनरत तथा मार्च 2021 में उत्तीर्ण होना चाहिए। इसके अलावा अभ्यर्थी की जन्म तिथि 1 मई 2008 से 30 अप्रैल 2012 बीच होनी चाहिए। अनुसूचित जाति/जनजाति पर भी यह शर्त लागू होगी। उन्होंने बताया कि आवेदन आनलाइन ही किये जाएंगे आफलाइन आवेदन प्रक्रिया मान्य नहीं है।  प्राचार्य ने बताया कि कक्षा 9वी में रिक्त सीटों हेतु प्रवेश की अंतिम तिथि 15 दिसंबर 31 दिसंबर कर दी गई है।



गुढ़ा स्कूल के विद्यार्थियों ने कला उत्सव में मारी बाजी 

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 कनीना। जिला स्तरीय कला उत्सव प्रतियोगिता में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय गुढ़ा के 3 विद्यार्थियों ने भिन्न-भिन्न प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त कर स्कूल व गांव का नाम रोशन किया है।
 विस्तृत जानकारी देते हुए राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय गुढ़ा के प्राचार्य अभयराम यादव ने बताया कि छात्रा ज्योति ने ट्वाय मेकिंग(खिलौना बनाने)में महिला वर्ग में प्रथम स्थान प्राप्त किया है वहीं साहिल ने ट्वाय मेकिंग पुरुषों में प्रथम स्थान प्राप्त किया है वहीं अंकित ने 3-डी प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त करने पर स्कूल प्राचार्य अभयराम यादव ने उन्हें बधाई दी तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। इस अवसर पर सतवीर सिंह, कृष्णचंद्र, राजकुमार, नितिन मुद्गल, प्रवीण शर्मा, प्रवीण कुमारी, नीरज यादव, नीना यादव, हेमलता ने भी विद्यार्थियों को बधाई दी है।
 फोटो कैप्शन 1: विद्यार्थियों के साथ गुढ़ा स्कूल का शिक्षक वर्ग।

तीसरे दिन भी लगातार कोहरा जारी

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कनीना। कनीना क्षेत्र में  मंगलवार को तीसरे दिन भी धुंध पड़ी। प्रतिदिन दोपहर बाद ही सूर्यदेव के दर्शन होते हैं। रविवार से धुंध पडऩे लगी थी। मंगलवार को भी जारी रही किंतु आज तीसरे दिन दोपहर पश्चात सूर्य के दर्शन हुए।
रविवार से कनीना क्षेत्र में धुंध पडऩी शुरू हुई थी। तत्पश्चात सोमवार को भी सूर्य के दर्शन दोपहर तक नहीं हुए किंतु मंगलवार को तो दोपहर करीब 1:30 पर ही सूर्य नजर आया। कड़ाके की ठंड और सर्दी जारी है। एक ओर लंबे समय के बाद स्कूल खुले हैं और अभिभावकों ने राहत की सांस ली है किंतु धुंध एवं ठंड ने परेशान करके रख दिया है। कुछ अभिभावकों राजू, महेंद्र, देवेंद्र, रवि कुमार ने बताया कि स्कूल प्रात: 10 से शाम एक बजे तक ही लगते हैं किंतु सभी शिक्षकों को प्रात 9 बजे से साढ़े तीन बजे तक बैठना पड़ता है। धुंध के चलते छोटी-छोटी दुर्घटनाएं आए दिन घटित हो रही हैं। सड़क से वाहन खेतों में उतारना, वाहनों का भिडऩा आदि घटनाएं घट रही हैं। जहां क्षेत्र में सरसों एवं गेहूं फसल अपने पूरे यौवन पर है वही उनको अभी तक लाभ होने की उम्मीद जताई जा रही है।
 माना जा रहा है सर्दी और धुंध पड़ती रही तो फसल बेहतर होगी। क्षेत्र के किसान खुश हैं। अभी तक एक बार बूंदाबांदी हुई है। किसान इसलिए धुंध पडऩे से खुश है ताकि फसलों को नमी मिलती रहे।
 दिनभर उदार दिनभर वाहन लाइट जला कर घोंघे की रफ्तार से रेंगते नजर आए। कार्यालयों में उपस्थिति सामान्य से कम रही है वहीं विद्यार्थी भी ठिठुरन सहन करते हुए पढऩे के लिए जा रहे हैं।
 फोटो कैप्शन 2: धुंध व ठंड के कारण हाथ सेकते लोग
           3: धुंध का एक नजारा।

दौंगड़ा में मजदूर ने लगाई फांसी 

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कनीना। दौंगड़ा अहीर में  रहने वाले एक मजदूर ने अपने कमरे की छत पर लगे पंखे के कुंडे से फांसी का फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। मजदूर नशे का आदी बताया जाता है। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए नागरिक अस्पताल पहुंचाया। इस मामले में पुलिस ने मृतक के पिता के बयान पर इत्तफाकिया मौत की कार्रवाई की है।
दौंगड़ा अहीर में रहने वाला सतपाल (35 वर्ष) मजदूरी करता था और वह काफी दिनों से घर में अकेला रहता था। 3 दिन पहले सतपाल किसी शादी में गया था। शादी से आकर वह घर में रह रहा था। सतपाल के बीवी अपने बच्चों को लेकर मायके गई हुई थी। मृतक सतपाल के चार लड़कियां हैं। पूरा दिन सतपाल घर से बाहर नहीं आया तो शाम को मृतक के चाचा रामेश्वर ने घर का दरवाजा खटखटाया तो सतपाल ने दरवाजा नहीं खोला। घर की एक दीवार को कूद कर रामेश्वर अंदर चला गया। रामेश्वर ने बताया कि जब वह अंदर गया तो सतपाल ने अपने कमरे की छत में लगे कुंडे से फंदा लगाकर लटका मिला। रामेश्वर ने सतपाल के पिता नंदराम को सूचित किया। परिजनों की सूचना पाकर मौके पर दौंगड़ा अहीर पहुंची। पुलिस ने शव को फंदे से नीचे उतरवाया और पोस्टमार्टम के लिए के नागरिक अस्पताल महेंद्रगढ़ पहुंचाया।


कोरोना की महामारी को लेकर कनीना मंडी स्कूल में बैठक का आयोजन कर दी जानकारी

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कनीना। कोरोना की महामारी को लेकर राजकीय प्राथमिक कन्या विद्यालय में एसमसी की बैठक का आयोजन किया गया जिसकी अध्यक्षता मुख्य शिक्षिका मीना देवी ने की। वही इस बैठक में एसएमसी की प्रधान मंजीता देवी के अलावा अन्य समिति के विभिन्न सदस्यों ने भाग लिया।
जानकारी देते हुए मुख्य शिक्षिका मीना देवी बताया कि इस बैठक का मुख्य उद्देश्य कोरोना की महामारी को ध्यान में रख कर किया गया है जिसमें समिति के सदस्यों को बताया गया कि बच्चों को घर से बहार न जाने दे, बार-बार साबुन से हाथ धुलवाए तथा उनको पौष्टिक खाना दे ताकि बच्चों को इस महामारी से बचाया जा सके। उन्होंने  बताया कि सरकार के आदेशानुसार बच्चों को स्कूल का गृह कार्य उनके घर वालों के फोन पर देना चाहिए ताकि छात्र व छात्राओं को इस महामारी के समय पढ़ाई से विमुख न होना पड़े, जिसकी भी जानकारी समय समय पर ली जाये तथा सभी अभिभावकों को शिक्षा मित्र बनाने को लेकर भी विचार विमर्श किया ताकि जिन बच्चों के पास स्मार्ट फोन की सुविधा न हो तो शिक्षा मित्र की सहायता से बच्चों की पढ़ाई पूरी कराई जा सके। वही बैठक में स्कूल में कराए जाने वाले विभिन्न विकास के कार्यों व साफ-सफाई, रंग-पेंट, स्कूल मरम्मत के अलावा स्कूल में बच्चों के लिए विभिन्न प्रकार के सामान की खरीददारी को लेकर चर्चा की गई। इस अवसर स्कूल अध्यापक मोनू, समिति प्रधान मंजीता, सदस्य बबीता, सुमन सेनी, आरती, संजू देवी, सेवादार संतोष देवी के अलावा अन्य सदस्य मौजूद थे।
फोटो कैप्शन 9: बैठक लेते हुए मीना कुमारी मुख्य शिक्षिका।

गोली-मारकर गाड़ी लूटने के मामले को तीन दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस के हाथ खाली

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कनीना। गोली मारकर गाड़ी लूट की घटना को तीन दिन बीत गए हैं लेकिन अब तक कनीना पुलिस के हाथ खाली हैं।
गौरतलब है कि विगत तीन दिन पहले की रात को सुनिल निवासी डालनवास अपनी  ब्रैजा को लेकर गुरुग्राम से अपने निवास स्थान डालनवास आ रहा था जिसको कनीना बस स्टैंड के पास दो लोगों ने लिफ्ट देने के लिए संकेत किया जिस पर गाड़ी मालिक ने अपनी उदारता दिखाते गाड़ी रोक सहायता के लिए पूछा तो उन्होंने महेन्द्रगढ़ तक जाने के लिए कहा। सुनिल ने उनकी मजबूरी को देखते हुए अपनी गाड़ी में बैठा लिया लेकिन कनीना से मात्र कुछ ही दूरी पर जाने के बाद आगे बैठे शख्स ने हैंड ब्रैक को खींचते हुए गाड़ी रोकने के लिए कहा तो मालिक हड़बड़ा गया और उसका विरोध किया पीछे बैठे व्यक्ति ने रिवाल्वर दिखाते हुए नीचे उतरने को कहा। गाड़ी से नीचे उतार उन्होंने उसका फोन पैसे, एटीएम व अन्य कागजात लेकर उसकी जांघ पर गोली मार गाड़ी लेकर फरार हो गए। वही चालक ने इसकी सूचना कनीना पुलिस को देकर भी सारे मामले से अवगत भी कराया जिस पर पुलिस ने मामला दर्ज भी किया, लेकिन आज उक्त घटना को बीते तीन दिन हो गए है लेकिन अब तक कनीना पुलिस के हाथ केवल खाली ही नजर आ रहे है।
जीआर स्कूल ने किए कोरोना से सुरक्षाके किये इंतजाम

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कनीना। जीआर स्कूल कनीना में जहां सोमवार से सरकारी निर्देशानुसार कक्षाएं शुरू कर दी है। कोविड-19 को देखते हुए विद्यालय में सुरक्षा के सभी इंतजाम किये हैं। इसकी जानकारी देते हुए चेयरमैन विजयपाल ने बताया कि सभी अध्यापकों एवं विद्यार्थियों को मुख्य द्वार पर प्रवेश से पूर्व थर्मल स्केनिंग कर जांच की जाती है। तत्पश्चात स्वचालित सेनिटाइजर मशीन द्वारा सभी के हाथ सेनिटाइज करवाए जाते हैं। सभी कर्मचारी विद्यार्थियों के लिए विद्यालय में मास्क लगाना अनिवार्य है।
 इसके अतिरिक्त विद्यालय के अभिभावकों को हिदायत दी गई है कि उनके परिवार के सदस्य किसी में भी कोरोना के लक्षण मिले तो उसे विद्यालय ना भेजे। सरकारी गाइडलाइन का पालन करते हुए क्लास में सोशल डिस्टेंसिंग और मास्क जरूरी है। सभी विद्यार्थी एवं अध्यापकों की कोरोना जांच करवा दी है। पहले दिन स्कूल में विद्यार्थियों की उपस्थिति कम रही। उन्होंने कहा कि सरकार की गाइड लाइन का पालन करते हुए सरकार का साथ देना चाहिए।
फोटो कैप्शन 6: जीआर स्कूल में विद्यार्थियों की स्कैनिंग करते हुए।


विद्यार्थियों ने कमाया नाम

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कनीना। समग्र शिक्षा जिला महेन्द्रगढ़ द्वारा आयोजित जिला स्तरीय कला उत्सव आनलाइन प्रतियोगिता में  आरआरसीएम पब्लिक स्कूल  कनीना के छात्रों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए छात्र मन व छात्रा शिखा ने प्रथम स्थान प्राप्त कर विद्यालय व अपने माता पिता का नाम रोशन किया ।
इस अवसर पर संस्था के चेयरमैन रोशनलाल यादव ने बताया कि चित्रकला से विद्यार्थियों का रचनात्मक विकास होता है जिससे विद्यार्थी अपने लक्ष्य की तरफ  निरंतर प्रयासरत रहते हैं ।
     इस अवसर पर संस्था के निदेशक संजय यादव ने बताया कि हमारे विद्यालय में विद्यार्थियों की हर प्रकार की प्रतियोगिताओं की तैयारी कराई जाती है जिससे विद्यार्थियों का सराहनीय प्रदर्शन रहता है। प्राचार्य नरेन्द्र गौतम ने भी शुभकामनाएं दी।
्रफोटो कैप्शन 7: आरआरसीएम के बअव्वल रहे विद्यार्थी।


प्रो हंसराज की बरसी पर खिलाया गायों को गुड़ 

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 कनीना। गायों की सेवा करना हमारा नैतिक फर्ज बनता है। गाय को माता का दर्जा दिया गया इसलिए इनकी सेवा करना हम सभी का परम धर्म है। ये विचार प्रोफेसर गजेंद्र सिंह यादव ने अपने पिता स्व प्रोफेसर हंसराज यादव की 14वीं पुण्यतिथि पर श्रीकृष्ण गौशाला कनीना में गायों को गुड़ खिलाने के बाद व्यक्त किए।
 प्रोफेसर ने बताया कि मीठा भोजन खिलाने से गौ माता प्रसन्न होती है। गायों का दूध धी,मक्खन हम प्रयोग करते हैं, उसके बदले हमारा फर्ज बनता है कि उन्हें नित्य प्रति अच्छा चारा दिया जाए। जिससे प्रसन्न होकर वे अधिक से अधिक दूध और घी प्रदान करें। उन्होंने कहा कि हमें विभिन्न अवसरों पर जैसे पुण्यतिथि, जन्म दिन, जयंती तथा विवाह की वर्षगांठ आदि पर गायों की सेवा करनी चाहिए। इससे गायों की भी सेवा होगी और अपना पुनीत कार्य भी संपन्न हो जाएगा। इस मौके पर उन्होंने 50 किलो गुड़ गायों को खिलाया और दान दक्षिणा दी। इस अवसर पर प्रोफेसर डा गजेंद्र यादव की पत्नी दीक्षा यादव, पुत्र रेहान तथा पुत्री मिराया आदि उपस्थित थे।
फोटो कैप्शन तीन: गायों के लिए गुड ले जाते प्रोफेसर गजेंद्र सिंह उनकी पत्नी।



भारी संख्या में सीटें रह गई कालेज की खाली

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 कनीना। कनीना उपमंडल में कार्यरत दो राजकीय महाविद्यालयों में स्नातक प्रथम वर्ष में विभिन्न संकायों में प्रवेश की अंतिम तिथि बीत जाने के बावजूद भी सैकड़ों सीटें खाली रह गई हैं। कनीना के राजकीय महाविद्यालय के प्रवेश नोडल अधिकारी प्रोफेसर हरिओम भारद्वाज से प्राप्त विवरण अनुसार बीए की 103 सीटेुं बीएससी नॉन मेडिकल 57 बीएससी मेडिकल 17 सीटें तथा बीकाम की 101 सीटें खाली रह गई हैं। उधर राजकीय कन्या महाविद्यालय उन्हाणी के प्राचार्य डा विक्रम सिंह यादव ने बताया कि बीए की 40 सीटें, बीएससी नान मेडिकल 19 सीटें तथा बीकाम की 70 सीटें खाली रह गई हैं। इस प्रकार दोनों कालेजों में 230 सीटें खाली रह चुकी है जबकि प्रवेश की अंतिम तिथि 12 दिसंबर रखी गई थी जो बीत चुकी हैं। इस बार कोरोना की मार के चलते जा विद्यार्थियों में प्रवेश लेने के प्रति इच्छा कम है वहीं स्कूलों की भी यही हालात है। कोरोना  ने सरकारी स्कूल में प्रवेश के प्रति रुचि घटा दी है।



मोबाइल फूड टेस्टिंग लैब पहुंची सेहलंग
-कनीना में लोगों ने करवाई खाद्य पदार्थों के गुणवत्ता की जांच 

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 कनीना। मोबाइल फूड टेस्टिंग जिसे फूड टेस्टिंग आन व्हील लैब नाम दिया गया है, मंगलवार को सेहलंग में पहुंच गई है। संपूर्ण लैब एक गाड़ी में स्थापित कर रखी है। इससे पहले दो बार कनीना में फूड टेस्टिंग का काम किया जा चुका है।
 लैब के संचालक अनिल सागवान ने बताया कि लैब पूरे जिला में घूमती रहती है जहां प्रथम दिसंबर से इसने जिला महेंद्रगढ़ के नारनौल से शुरुआत की थी। 5 दिनों तक नारनौल के बाद दो दिन अटेली, 1 दिन भोजावास, 2 दिन कनीना तथा अब सेहलंग पहुंची है। 16 से 21 दिसंबर को यह महेंद्रगढ़ रहेगी, 22 और 23 दिसंबर को सतनाली 24 दिसंबर को नांगल सिरोही, 28 और 29 दिसंबर को नांगल चौधरी, 30 दिसंबर को निजामपुर और 31 दिसंबर को नारनौल रहेगी।
लैब संचालक अनिल कुमार ने बताया कि महज 20  रुपये देकर तुरंत प्रभाव से अपने खाद्य पदार्थ गेहूं, दूध, शहद, घी, तेल आदि किसी भी खाद्य पदार्थ की जांच मौके पर करवाई जा सकती है। यहां तक कि पेयजल की पीएच तथा टीडीएस मौके पर जांच करवाई जाती हैं। उन्होंने बताया कि आज के दिन जहां लोगों में खाद्य पदार्थों में मिलावट की संभावना नजर आती है तो वे तुरंत प्रभाव से अपने पदार्थों की जांच करवा सकते हैं। इस प्रकार खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता का पता भी चल जाएगा और मन की शंका भी मिट सकती है। उन्होंने कहा कि अब तक इस प्रकार के खाद्य पदार्थों की जांच के लिए दूर लैब में जाना पड़ता था किंतु अब लैब घर द्वार पर ही इस प्रकार के खाद्य पदार्थ की गुणवत्ता की जांच करवाई जा सकती है। ऐसे में उन्होंने कहा कि जिन्हें इन पदार्थो की जांच करवानी हो वह करवा सकते हैं।
 फोटो कैप्शन  4 व 5: खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता जांच करते हुए मोबाइल आन व










हील्स।






Monday, December 14, 2020

 
पहले 1983 पीटीआई हटे और अब उनकी राह पर 816 कला अध्यापक 

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कनीना। सुप्रीम कोर्ट द्वारा कला अध्यापकों की याचिका खारिज करने के बाद आप 816 कला अध्यापकों के हटाए जाने की तलवार लटक गई है।  जिला महेंद्रगढ़ में 29 ऐसे शिक्षक हैं वहीं इससे पहले 1983 शारीरिक शिक्षक सुप्रीम कोर्ट द्वारा हटाए गए थे जिनका करीब 6 महीने तक आंदोलन चलने के बाद आखिरकार उन्हें 24,000 रुपये प्रति माह के हिसाब से फिर से शिक्षा विभाग में समायोजित किया जा रहा है। एक और जहां कला शिक्षकों को हटाए जाने का समाचार मिलते ही शिक्षकों में मायूसी छा गई है।  10 वर्षों से शिक्षा विभाग में कार्यरत थे कि और बड़ी उम्मीद लगाए बैठे थे कि उनकी नौकरी बच जाएगी।  लेकिन उनकी उम्मीदों पर पानी फिरता नजर आया और कला शिक्षकों को हटाये जाने के निर्णय पर अब सरकार का रुख देखा जाना है। चाहे तो शारीरिक शिक्षकों की भांति उन्हें भी रख सकती है या फिर उन्हें न हटाने का फैसला लिया जा सकता है। बहरहाल कला शिक्षकों की एसएलपी डिसमिस कर दी है।


पुलिस ने मास्क न लगाने वालों के काटे चालान

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*****  कनीना। कनीना पुलिस सोमवार को मास्क न लगाने वालो के 15 तथा वाहनों के सात चालान काटे। तीन वाहनों को इंपाउंड भी किया। मास्क न लगाने वालों के 500 रुपये के प्रत्येक के चालान काटे।
एएसआई गोविंद सिंह ने बताया कि लोगों को समझाने के बावजूद भी अपने मुंह पर मास्क नहीं लगाते जिसके चलते 15 लोगों के चालान काटे गए वही उनको मास्क उपहार में दिया गया।
उन्होंने बताया कि कागज पूरे न करने वाले 7 वाहन पकड़े जिनमें से  3 को इंपाउंड कर दिया तथा चार के चालान काट दिये। उन्होंने कहा कि आज के दिन कोरोना फैल रहा है और कोरोना से बचाव के सभी उपाय करने बहुत जरूरी है। यदि कोरोना से बचाव के उपाय नहीं किए जाएंगे तो आने वाले समय में आफत बन जाएगी। कोरोना बढ़ता ही चला जाएगा। इसलिए उन्होंने इन लोगों को मास्क लगाकर चलने की अपील की।

किसानों के साथ हो रहा अन्याय बर्दाश्त नहीं
-सांसदो व विधायकों की पेंशन हो बंद- हेमसा

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कनीना। किसानों के साथ हो रहे अन्याय को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा जिसके लिए चाहे बड़ी से बड़ी कुर्बानी क्यों न देनी पड़े। ये विचार हरियाणा मिनिस्ट्रियल स्टाफ एसोसिएशन के जिला प्रधान ने व्यक्त किये।
इस अवसर पर उन्होंने कहा कि देश के लिए अनाज पैदा कर उसमें रहने वाले गरीब अमीर सभी लोगों का पेट भरने वाले किसानों ने जो बिलकुल जायज मांग केन्द्र सरकार के सामने रखी है जिसको सरकार द्वारा बिना देरी किए मानना चाहिए था लेकिन सरकार अपनी हठधर्मिता दिखाते हुए किसान के साथ अन्याय कर रही है जिसको वे किसी भी सुरत में बर्दाश्त नही करेंगे। उन्होंने कहा कि कभी सरकार कर्मचारी की पेंशन बंद कर देश को फायदा पहुंचाने का नाम लेती है तो कभी किसान के साथ अन्याय कर देश का फायदा सोचने की बात करती है जिसको कर्मचारी व किसान के साथ-साथ अन्य 36 बिरादरियों के लोगों ने भलीभांति पहचान लिया है कि वास्तव में सरकार करना क्या चाहती है? प्रधान ने सरकार पर बरसते हुए कहा कि अगर सरकार वास्तव में ही देश का भला चाहती है और किसान का भला चाहती है तो सबसे पहले केन्द्र सरकार सांसदों व विधायकों की पेंशन बंद करे। इस देश का अंधा कानून है जो आज पिछले 20 दिनों से सर्दी की इस काली रातों में खेत में काम करने वाला किसान दर-दर की ठोकरें खा रहा है लेकिन उन पर सरकार तरस नहीं खा रही है। हेमसा के प्रधान ने किसानों के साथ-साथ महेन्द्रगढ़ में धरने पर बैठे अधिवक्ताओं का भी समर्थन करते हुए कहा कि इस देश का कानून तो अंग्रेजों वाले कानून की याद दिलाता है कि अपनी बात रखने वालों पर बेहरहमी से लाठियां और उसके बाद उनके खिलाफ झूठे मुकदमे दर्ज किए जाते है। उन्होंने मांग करते हुए कहा है कि अधिवक्ताओं व किसानों के खिलाफ दर्ज मुकदमे तुरन्त प्रभाव से वापस लिए जाए।
फोटो कैप्शन 4: धरने का समर्थन देते बाबूलाल हेमसा एवं अन्य।


महेंद्रगढ़ में चल रहे आंदोलन को विभिन्न लोगों ने दिया समर्थन 

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कनीना। कनीना क्षेत्र के विभिन्न लोगों ने महेंद्रगढ़ में चल रहे आंदोलन को समर्थन दिया है।
भूतपूर्व सैनिक अर्ध सैनिक संगठन करीरा ने महेंद्रगढ़ जाकर समर्थन दिया। यहां कैप्टन सुमेर सिंह ने कहा कि महेंद्रगढ़ जिला का नाम महेंद्रगढ़ ही रहना चाहिए। उन्होंने पुरजोर मांग की है कि महेंद्रगढ़ का नाम न बदला जाए। इस मौके पर शिवलाल प्रधान ने कहा कि नाम महेंद्रगढ़ जिले का नाम बदलना अनुचित है उन्होंने भी महेंद्रगढ़ का स्थिति ज्यों का त्यों बनाए रखी जाए क्योंकि यह हरियाणा के अस्तित्व के समय का जिला है।
उधर कनीना बार एसोसिएशन महेंद्रगढ़ ने  महेंद्रगढ़  जिले को मुख्यालय बनाने के लिए समर्थन दिया। उन्होंने कहा कि अधिवक्ता गण  साथियों के खिलाफ प्रशासन ने गैरकानूनी रूप से मुकदमा दर्ज किया है उसके लिए उन्होंने पूरा समर्थन दिया है। 14 दिसंबर 2020 को  कनीना न्यायालय का कार्य पूर्ण रूप से स्थगित रखा तथा सभी अधिवक्ता महेंद्रगढ़ पहुंचे। उनकी अध्यक्षता कुलदीप रामबास प्रधान ने की।





महेंद्रगढ़ में चल रहे आंदोलन को विभिन्न लोगों ने दिया समर्थन 

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कनीना। कनीना क्षेत्र के विभिन्न लोगों ने महेंद्रगढ़ में चल रहे आंदोलन को समर्थन दिया है।
भूतपूर्व सैनिक अर्ध सैनिक संगठन करीरा ने महेंद्रगढ़ जाकर समर्थन दिया। यहां कैप्टन सुमेर सिंह ने कहा कि महेंद्रगढ़ जिला का नाम महेंद्रगढ़ ही रहना चाहिए। उन्होंने पुरजोर मांग की है कि महेंद्रगढ़ का नाम न बदला जाए। इस मौके पर शिवलाल प्रधान ने कहा कि नाम महेंद्रगढ़ जिले का नाम बदलना अनुचित है उन्होंने भी महेंद्रगढ़ का स्थिति ज्यों का त्यों बनाए रखी जाए क्योंकि यह हरियाणा के अस्तित्व के समय का जिला है।
उधर कनीना बार एसोसिएशन महेंद्रगढ़ ने  महेंद्रगढ़  जिले को मुख्यालय बनाने के लिए समर्थन दिया। उन्होंने कहा कि अधिवक्ता गण  साथियों के खिलाफ प्रशासन ने गैरकानूनी रूप से मुकदमा दर्ज किया है उसके लिए उन्होंने पूरा समर्थन दिया है। 14 दिसंबर 2020 को  कनीना न्यायालय का कार्य पूर्ण रूप से स्थगित रखा तथा सभी अधिवक्ता महेंद्रगढ़ पहुंचे। उनकी अध्यक्षता कुलदीप रामबास प्रधान ने की।


 दिनेश का भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट में चयन होने पर कनीना में खुशी की लहर 

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कनीना। पलड़ा गांव के दिनेश का भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट में चयन होने पर कनीना वासियों में खुशी की लहर बन रही है। उनका जीवन कनीना में भी बीता है और उनकी दादी कनीना की रहने वाली है।
  कनीना के महेश बोहरा ने बताया कि उनका भाई क्योंकि दिनेश जब भी उनके पास अवकाश होते थे यहां आता था। वो हमेशा यही कहता था कि देखना मैं एक दिन सेना में भर्ती होकर नाम कमाऊंगा।
उन्होंने बताया कि बारहवीं कक्षा की पढ़ाई के बाद एनडीए ज्वाइन किया। आईएमए देहरादून में 1 साल की ट्रेनिंग के बाद कमीशन प्राप्त हुआ। दिनेश ने परिवार के सपने को पूरा करने के लिए कड़ी मेहनत की और उसकी मेहनत रंग लाई और उसका चयन सेना में लेफ्टिनेंट पद के लिए किया गया।
 मोहन सिंह पार्षद ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि उनका भतीजा युवा सेना में शामिल होकर देश की सेवा कर सकते हैं। इसके लिए युवा कड़ी मेहनत करें। मेहनत से कठिन से भी कठिन लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है। इस मौके पर खुशी जताने वालों में कुलदीप, महेश बोहरा,बाबुलाल, कमलजीत, चन्द्रमोहन आदि हैं जिन्होंने उनकी उपलब्धि पर बधाई दी।
फोटो: ले.दिनेश।


कनीना क्षेत्र में आये 5 कोरोना संक्रमित 

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 कनीना। कनीना क्षेत्र में कोरोना के 5 संक्रमित केस मिले हैं। उनका अलग अलग तिथियों को सैंपल लिया था और सोमवार को उनकी कोरोना संक्रमित होने की पुष्टि हो गई है।
 प्राप्त विवरण अनुसार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र  सेहलंग के तहत सेहलंग का 28 वर्षीय पुरुष कोरोना संक्रमित मिला है वहीं करीरा का 85 वर्षीय पुरुष भी संक्रमित मिला है। दोनों का 12 दिसंबर को सैंपल लिया था। उधर स्याणा में 95 वर्षीय महिला तथा भोजावास का का 60 वर्षीय पुरुष , मोहनपुर की 26 वर्षीय युवती तथा स्याणा की 95 वर्षीय महिला भी कोरोना संक्रमित ताई गई है। सभी की आगामी कार्रवाई कर दिया है। उल्लेखनीय है कि कोरोना संक्रमित मामले खत्म होने का नाम ही नहीं ले रहे हैं।
 उधर एसएमओ मां डा धर्मेंद्र यादव ने सावधानी और बचाव करने पर बल दिया उन्होंने कहा कि लोग मास्क प्रयोग नहीं कर रहे और सावधानी नहीं बरत रहे हैं जिसके चलते कोरोना होने का भय बढ़ रहा है। उन्होंने ऐतिहात के सभी नियमों का पालन करने पर बल दिया। उल्लेखनीय है कि कनीना क्षेत्र में स्कूल कालेज खुले तथा विवाह शादियां शुरू हुई कोरोना के बढ़े थे। अब एक बार फिर से स्कूल कालेज बंद शरू हो गये हैं तथा विवाह शादियां लगभग बंद हो चुकी है जिसके चलते कोरोना केस घटने की प्रबल संभावना है।
सावधानी नहीं बरत रहे हैं लोग-
 लोग अब अपनी जिम्मेदारियों से दूर भाग रहे हैं। कोरोना को भूलकर सरेआम सड़कों पर बिना मास्क के घूम रहे हैं। किसी भी संस्थान कार्यालय आदि में जाकर देखें तो अधिकांश लोग मास्क प्रयोग नहीं कर रहे हैं। जो मास्क प्रयोग कर रहे हैं वह भी इसको बार-बार हटा लेते हैं। उधर डाक्टर एवं वैज्ञानिकों का कहना है कि लगातार मास्क प्रयोग करने से कोरोना जैसी बीमारी से बचाव हो सकता है। वैसे भी प्रदूषण बढऩे से मास्क लगाना बहुत जरूरी है ताकि कुछ राहत मिल सके।

 स्कूल खुले,ठंड बढ़ी और धुंध पड़ी 

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 कनीना। कनीना क्षेत्र में जहां 10वीं और 12वीं के स्कूल खोल दिए हैं। यद्यपि सोमवार को भी बहुत से निजी स्कूलों में अवकाश रहा जबकि सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या बहुत कम रही।
 सरकार की हिदायतों का पालन करने के चलते उन्हें अस्पताल से स्वस्थ होने की पर्ची लेकर आना पड़ता है। अस्पताल का स्वस्थ होने के बहुत कम विद्यार्थी आए। अधिकांश स्कूलों में संख्या कम रही।
 उधर स्कूल खुल गए लेकिन ठंड बढ़ती जा रही है। यूं तो रविवार को भी ठंड और धुंध पड़ी थी किंतु रविवार की अपेक्षा सोमवार को ठंड र्अधिक पड़ी। दोपहर तक सूर्य के दर्शन नहीं हुये। विगत दिनों जहां बूंदाबांदी हुई थी तत्पश्चात धुंध और ठंड बढ़ती जा रही है। दिसंबर माह में इस बार दो दिनों से ठंड बढ़ी है। ठंड से सर्दी मौसम का आभास हुआ है।
ें उल्लेखनीय है कि कनीना क्षेत्र में कृषि विस्तार सलाहकार डा देवराज ने बताया कि ने बताया कि खंड में 2018 में करीब 19300 हेक्टेयर क्षेत्रफल में सरसों की फसल की बिजाई की गई थीजो वर्ष 2019 में 19950 हेक्टेयर तो 2020 में 19500 हेक्टेयर पर बिजाई की गई है। गेहूं की पैदावार 2018 में 11020 हेक्टेयर पर, वर्ष 2019 में 10405 हेक्टेयर तो 2020 में 10200 हेक्टेयर पर बिजाई की गई है। चना वर्ष 2018 में 50 हेक्टेयर, 2019 में 40 हेक्टेयर तो 2020 में 15 हेक्टेयर पर उगाया गया है। इन फसलों को सर्दी जरूरी है।




जर्जर सड़क मार्ग परेशानी का सबब 

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 कनीना। कनीना से छितरोली जाने वाला करीब 6 किलोमीटर दूर सिहोर मोड़ तक अति जर्जर हालात में बन चुका है। इस मार्ग पर अनेकों दुर्घटनाएं घट चुकी हैं। यहां तक कि कनीना से करीब 3 किलोमीटर दूर मोड पर जहां दो व्यक्तियों की विगत दिनों दुर्घटना में मौत हो गई थी। आए दिन सड़क पर दुर्घटनाएं घट रही है कई पेड़ ऐसे नजर आते हैं जिन पर टक्कर के निशान बने हुये हैं।
   इसी सड़क मार्ग पर सीएसडी कैंटीन भी है। जहां आवागमन अधिक है। सबसे बड़ी बात है कि चरखी दादरी जाने का छोटा मार्ग भी यही है।
अधिकांश वाहन अब सीधे कनीना से चलकर वाया बाघोत होकर दादरी जाते हैं।  इस मार्ग के  न होने पर वाया धनौंदा से होकर जाते थे जो लंबा मार्ग है। परंतु चरखी दादरी का छोटा मार्ग अब जर्जर होने से परेशानी बढ़ी है।
इसी मार्ग पर कनीना से तीन किमी दूर एक गड्ढा तो ऐसा बना हुआ है जहां साइड लेते वक्त अधिकांश वाहन खड़े पेड़ से छूते हुए गुजरते हैं जिसके कारण इस पेड़ के छिलके तक गायब हैं।
करीब एक दर्जन गांवों को जोडऩे वाला यह मार्ग जर्जर होने तथा पूर्व सैनिकों के लिए परेशानी का सबब बन गया है। यदि मार्ग की सुध ली जाए तो आवागमन में सुविधा हो सकती है।
क्षेत्रवासी दिनेश कुमार, कुलदीप सिंह, राजेंद्र सिंह, महेंद्र कुमार आदि ने बताया कि उन्हें खेतों में जाना पड़ता है और उनके खेत इसी मार्ग पर हैं। जर्जर मार्ग होने से उन्हें भारी परेशानी होती है और वे कई बार दुर्घटनाओं के होते-होते बचे हैं। उन्होंने प्रशासन से इस मार्ग की सुध लेने की मांग की है।
फोटो कैप्शन 1: कनीना-छीथरोली जर्जर सड़क मार्ग।


पुल की दीवार न होना बनी आफत

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 कनीना। कनीना उप मंडल के गांव बाघोत के पास नहर का पुल बिना दीवार का होने से परेशानी बनी हुई है। कोई भी बड़ा
हादसा हो सकता है। विभिन्न वाहन इसी मार्ग से होकर गुजर रहे हैं। चरखी दादरी जाने का बेहतर मार्ग यही माना जाता है किंतु रास्ते में यह पुल दोनों तरफ से दीवार रहित होने के कारण तथा पास में बड़ा मोड़ होने के कारण दुर्घटनाओं की आशंका बनी हुई है। न कोई स्पीड ब्रेकर है न कोई पता चलता है कि नहर का पुल है। धुंध और कोहरे में दुर्घटना की आशंका अधिक होती है क्योंकि यह नहर दिखाई नहीं पड़ती है।
इधर से भारी वाहन भी गुजर रहे हैं और कभी भी दुर्घटना घट सकती है। बाघोत के हीरालाल संजय कुमार, महिपाल सिंह आदि ने बताया कि इसी मार्ग से कनीना जाना आना पड़ता हैं।
कनीना के सुमेर सिंह का कहना है कि वे उनके लिए बाघोत धाम धार्मिक धाम है। जहां वे अक्सर आते जाते हैं तथा कांवड़ अर्पित करते हैं। परंतु नहर पुल रहित होना एक समस्या बनी हुई है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि इस नहर के पुल को अविलंब दीवार सहित बनाया जाए।
फोटो कैप्शन 2 व 3: बगैर दीवार का पुल, बाघोत गांव के पास।

Sunday, December 13, 2020

 
  नहर के पुलिया की खस्ती हालत से कभी भी हो सकता है हादसा 

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कनीना। उपमंडल के गांव धनौन्दा के पास से गुजर रही जवाहरलाल नेहरू नहर पर बने पुलिया की दीवार छोटी होने के कारण इस से निकलने वाले राहगीरों को भारी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
लगभग तीस वर्ष पहले इस पुल का निर्माण हुआ था जो इतना बीत जाने के बाद भी यह समस्या ज्यों कि त्यों बनी हुई है। गांव के रत्तन सिंह, पूर्ण सिंह तंवर,  मुकेश कुमार, पवन प्रजापत, हनुमान सिंह आदि ने जानकारी देते हुए बताया कि कनीना से दादरी जाने वाली सड़क पर धनौन्दा गांव के पास से गुजर रही जवाहरलाल नेहरू कैनाल नहर पर बनी पुलिया से आए दिन हजारों वाहन आते-जाते है जिसके कारण इस पुलिया की हालत बिलकुल ही नाजुक बनी हुई है जो कभी भी गिर कर एक बड़े हादसे को न्योता दे रही है लेकिन इस और अब तक नही तो प्रशासन ही ध्यान दे रहा है और जिसके चलते कभी भी किसी की जान जा सकती है। ग्रामीणों ने इस उक्त पुलिया को जल्द से जल्द नया बनाने व चौड़ी करने की मांग कि है ताकि इस मार्ग से निकलने वाले लोगों की जान बचाई जा सके।

दुल्हन ने ज्योंहि गांव में कदम रखा वोट बनवाने की आई याद 

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कनीना। एक तरफ लोग वोट बनवाने एवं डालने आदि में सुस्ती दर्शाते हैं वही कनीना उपमंडल के गांव सीहोर में नवविवाहित जोड़ा ज्योंहि शादी से लौटकर गांव आया तुरंत स्कूल पहुंचा और वोट बनवाने के लिए आवेदन किया।
 प्राप्त विवरण अनुसार सीहोर निवासी सचिन की शादी गोरखपुर ,उत्तर प्रदेश में प्रिया रंजन से हुई। विवाह से जोड़ा शनिवार की रात्रि को गांव पहुंचा और फिर सुबह होते ही ब्रह्मचारी आश्रम की धोक लगाने के लिए पहुंचा। धोक लगाकर उन्हें तुरंत अपने वोट की याद आई।
नवविवाहित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में सीधा वोट बनवाने पहुंचा। सचिन ने बताया कि उनका वोट तो पहले से बना हुआ है किंतु उनकी पत्नी का वोट नहीं बना था। इसलिए दोनों मिलकर स्कूल में पहुंचे। दोनों को विवाह कपड़ों में देखकर जहां वोट बनाने वाले भी खुश हुए वहीं वोट बनवाने में प्रसन्नता महसूस हुई। सचिन ने बताया कि वह उनका अधिकार होता है इसलिए उन्होंने सोचा कि आज वोट बनवाने के लिए अंतिम दिन है तो क्यों न वोट बनवाया जाए। उल्लेखनीय है कि नए वोट बनाने, काटने आदि का कार्य जहां 28 एवं 29 नवंबर को प्रथम चरण में चला था वहीं अब द्वितीय चरण में दिसंबर 12 और 13 दिसंबर को चला। रविवार को वोट बनवाने/शुद्धिकरण का अंतिम दिन था। यही कारण है कि नवविवाहित दंपति सीधा स्कूल पहुंचा और उन्होंने अपना वोट बनवाया। उनके इस निर्णय पर लोगों ने प्रसन्नता व्यक्त की है।
फोटो कैप्शन 10: नवविवाहित जोड़ा वोट बनवाते हुए।

 कोहरे ने रोकी वाहनों की रफ्तार

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पहली धुंध पड़ी, हाथ सेकते नजर आए लोग     
कनीना। रविवार सुबह पड़े कोहरे ने वाहनों की रफ्तार कम कर दी। दोपहर तक कोहरे के चलते वाहन घोंघे की चाल से चलाए गए।  इस वर्ष दिसंबर माह में पहली बार कोहरा पड़ा है। दिनभर शीत लहर चली।
धुंध से हुई सर्दी के चलते आम जन प्रभावित हो गया है। लोग गर्म कपड़ों में लिपटे नजर आए। गर्म कपड़ों की मांग बढ़ गई है वहीं सुबह से ही ठिठुरन बढ़ जाने से लोग रजाइयों एवं कंबलों में लिपटे नजर आए। आग के सामने लोगों ने हाथ गर्म किए। 14 दिसंबर से स्कूल भी लग रहे हैं।
दोपहर तक हैड लाइट जलाकर वाहन सड़कों पर चलते रहे वहीं सड़कों पर धुंध व कोहरे में वाहन चलाने के लिए अतिरिक्त प्रबंध प्रशासन द्वारा नहीं किए गए हैं। वाहन धीमी गति से रेंग रहे थे।
दोपहर तक सूर्यदेव के दर्शन दुर्लभ रहे। सुबह से ही धुंध पडऩे लगी और दोपहर के बाद कम होने के बाद सूर्य लुक्का छिपी करता नजर आया।
किसान कृष्ण कुमार, योगेश कुमार, राजेंद्र सिंह, अजीत कुमार, सूबे सिंह का कहना है कि कोहरा एवं धुंध का सरसों की उगाई फसल पर बेहतर असर पड़ेगा। कृषि वैज्ञानिक भी धुंध को फसल के लिए बेहतर मान रहे हैं।
धुंध पडऩे से सांस के मरीज तथा दिल के मरीजों को भारी तकलीफ हो रही है। कनीना डा वेदप्रकाश का कहना है कि अधिक धुंध में सांस के रोगियों को तो समस्या बनती ही है वहीं दिल के रोगी भी परेशानी भुगतते हैं। यही कारण है कि असामयिक मौत बढ़ जाती है। उधर वाहन चालकों का कहना है कि उन्हें घोंघे की चाल से वाहन सड़कों पर चलाने पड़ते हैं। अधिक पैट्रोल पीकर कम माइलेज दे रहे हैं। दुकानदार तो दिनभर आग सेकते देखे गए। बच्चे भी स्कूल जाते वक्त हाथ सेकते देखे गए। दोपहर बाद कोहरा कम हो गया तथा कोहरे के बीच पीली सरसों महकने लगी।
 फोटो कैप्शन 8: कोहरे में नजर आते पेड़ व भवन।


वकीलों पर दर्ज मुकदमे वापस हो- यूनियन

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 कनीना। कनीना के 132 केवी पावर हाउस प्रांगण में एससीबीसी पावर कारपोरेशन एम्पलाई यूनियन की एक बैठक यूनिट प्रधान सज्जन सिंह की अध्यक्षता में संपन्न हुई। जिसमें महेंद्रगढ़ में जिला मुख्यालय की मांग को लेकर लंबे समय से संघर्षरत वकीलों का समर्थन किया गया तथा सरकार से मांग की कि संघर्ष के दौरान वकीलों पर दर्ज किए गए मुकदमे वापस लिए जाएं तथा बार एसोसिएशन से बातचीत करके तुरंत प्रभाव से लंबे समय से चली आ रही मांग का समाधान किया जाए।
   इस मौके पर प्रदेश उप महासचिव राजेंद्र सिंह नौताना, सर्कल आर्गनाइजर राजेंद्र सिंह कपूरी, सब यूनिट प्रधान धर्मपाल सिंह, सब-यूनिट प्रधान बाबूलाल, सब यूनिट सचिव राजेश कुमार आदि उपस्थित थे।
 फोटो कैप्शन 9: पारित किए गए प्रस्ताव दिखाते प्रधान सज्जन सिंह

दो दिनों तक 57 वोट बनाए गए
-28 एवं 29 नवंबर को बने थे 28 वोट

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 कनीना। चुनाव आयोग के आदेश अनुसार एक जनवरी 2021 को 18 वर्ष आयु आधार मानते हुए कनीना के 11 बूथों पर शनिवार एवं रविवार को वोट बनाने का काम चला। रविवार को भी बूथों पर बीएलओ वोट बनाते रहे। दो दिनों में 11 वार्डों में 57 वोट बनाने, काटने, शुद्धिकरण का काम किया गया। विगत 28 एवं 29 नवंबर को भी यही काम चला था। उस वक्त 28 वोट बनाए एवं काटे गये थे।  ये वोट विधानसभा/लोकसभा सूचि में नये वोट जोड़े जाएंगे। कनीना पालिका के 13 वार्ड हैं जबकि विधानसभा/लाकसभा में कनीना के 11 वार्ड हैं।
 विस्तृत जानकारी देते हुए सुनील कुमार,सुशील, लाजपत आदि बीएलओ ने बताया कि जिनकी उम्र 18 वर्ष उन्होंने विभिन्न बूथों पर दो दिनों तक वोट बनाए गए हैं। बीएलओ ने बताया कि प्रथम जनवरी 2021 को आधार मानते हुए जिन युवाओं की उम्र 18 वर्ष हो गई हैं उनके नए वोट बनाए जा रहे हैं।  
 उन्होंने बताया कि वोट बनाने के अलावा शुद्धीकरण, वोट शिफ्टिंग का कार्य भी किया गया है। नया वोट बनवाने के लिए फार्म नंबर 6, कटवाने के लिए फार्म नंबर 7, शुद्धिकरण के लिए फार्म 8 भरा गया। उल्लेखनीय है कि कनीना, अटेली विधानसभा के तहत आता है। विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न मतदाता जिनकी उम्र 18 वर्ष हो गई है अपना वोट बनवाने के लिए निर्धारित फार्म भरकर जमा करवाये।  कनीना के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक 18, राजकीय कन्या उच्च विद्यालय 12, राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय 12, राजकीय प्राथमिक पाठशाला में 15 वोट बनाये गये।
 फोटो कैप्शन 7 : वोट बनाते हुए बीएलओ।


डराने धमकाने एवं हथियार रखने का का माला दर्ज

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कनीना। उपमंडल के गांव खेड़ी निवासी राजवीर सिंह 65 वर्षीय बुजुर्ग ने कनीना पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई है कि वो गरीब बुजुर्ग है। उनके घर में खुशीराम पटौदी हाल आबाद गुडग़ांव तथा मंजू पत्नी बलवान सिंह थाना कनीना निवासी आपस में अवैध संबंध रखते है।  मंजू उनकी पुत्रवधू है। खुशीराम पहले से ही चोरी-छिपे हथियार रखता है तथा उनकी पुत्रवधू से मिलता था परंतु आप दोनों सरेआम घर में अवैध रूप से रह रहे हैं। उन्हें तथा उनके बेटे बलवान को घर से मारपीट करके निकाल दिया। पंचायत भी की किंतु वह आपने गुंडों के साथ जोर जबरदस्ती करता है यदि कोई आवाज उठाता है तो उन्हें मारने की धमकी देता है। अवैध हथियार दिखाकर डराता धमकाता है। बुजुर्ग ने पुलिस में शिकायत देकर उनका मकान खाली करवाने की मांग की है तथा उन्हें सजा दिलवाने की मांग की है।  बुजुर्ग ने बताया कि वह तथा उनकी पत्नी बुजुर्ग हैं। इसलिए रहने के लिए दर-दर की ठोकरें खा रहे हैं। यदि दोनों को घर से बाहर निकलने की बात कहते हैं तो जान से मारने की धमकी देता है। कनीना पुलिस ने बताया कि मंजू व खुशीराम रिलेशनशिप में रहना चाहते हैं। यह बात मंजू ने दर्ज करवाई है किंतु बुजुर्ग के घर में रहने पर नाराजगी है तथा खुशीराम अवैध हथियार रखता है इसलिए उनके विरुद्ध विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है।

अजय का भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट में चयन होने पर गांव वासियों किया स्वागत

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कनीना। भडफ़ गांव के अजय शर्मा का भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट में चयन होने पर गांव वासियों में खुशी की लहर बन रही है। गांव वासियों ने अजय शर्मा का गांव में पहुंचने पर फूल माला पहनाकर सम्मानित किया।
अजय शर्मा के लेफ्टिनेंट पद पर चयन होने की सूचना गांव में जैसे ही पहुंची तो गांव में खुशी की लहर दौड़ गई। अजय शर्मा ने बताया कि परिवार का सपना था कि वह सेना में अधिकारी बनकर देश की सेवा करे। अजय के पिता मोहन शर्मा गुजरात में ट्रांसपोर्ट का व्यापार करते हैं, तथा उनकी माता रामकला ग्रहणी है।  अजय शर्मा ने बारहवीं कक्षा की पढ़ाई के बाद एनडीए ज्वाइन किया। आईएमए देहरादून में 1 साल की ट्रेनिंग के बाद कमीशन प्राप्त हुआ। अजय ने परिवार के सपने का पूरा करने के लिए कड़ी मेहनत की और उसकी मेहनत रंग लाई और उसका चयन सेना में लेफ्टिनेंट पद के लिए किया गया। अजय ने बताया कि मेरे सेलेक्शन का श्रेय मेरे ग्राम वासियों बड़े बुजुर्गों को जाता है। जिनसे एकाग्रता से पढऩा लिखना सीखा ।
गांव के सरपंच महेंद्र यादव  ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि युवा सेना में शामिल होकर देश की सेवा कर सकते हैं। इसके लिए युवा कड़ी मेहनत करें। मेहनत से कठिन से भी कठिन लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है। इस अवसर पर सरपंच महेंद्र यादव, पूर्व सरपंच रामस्वरूप, ओमप्रकाश ठेकेदार, कैप्टन राम प्रसाद, रघुबीर नंबरदार, गोविंद शर्मा, मोहन लाल शर्मा, कृष्ण कुमार शर्मा, मंजुल पंच, जितेंद्र कुमार, ओम प्रकाश यादव सहित ग्राम वासियों ने अजय की इस उपलब्धि पर बधाई दी।
फोटो कैप्शन 08: अजय शर्मा का सम्मान करते हुए ग्रामीण।

 स्वतंत्रता सेनानियों के उत्तराधिकारियों को मुफ्त यात्रा सुविधा देना बेहतरीन कदम- राजेश 
 

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कनीना। स्वतंत्रता सेनानी परिवारों के मान सम्मान की आवाज बुलंद करने वाले शिक्षक व समाज सेवी राजेश उन्हाणी ने पंजाब प्रांत की  कैप्टन सरकार द्वारा स्वतंत्रता सेनानियों के कानूनी उत्तराधिकारियों को पंजाब रोडवेज व पीआरटीसी में मुफ्त सफर करने की सुविधा को एक सम्मानीय फैसला बताया है। इसकी उन्होंने मुक्त कंठ से प्रशंसा की है।                
   पंजाब सरकार के नए फैसले के अनुसार पंजाब रोडवेज व पीआरटीसी में स्वतंत्रता सेनानियों के लिए मुफ्त सफर की सुविधा का दायरा बढ़ाकर तीसरी पीढ़ी तक के सभी योग्य उत्तराधिकारियों लड़का/लड़की, पोता/पोती, दोहता/दोहती तक कर दिया है। उन्होंने हरियाणा सरकार से मांग की है वह भी स्वतंत्रता सेनानी परिवारों के मान सम्मान के लिए हरियाणा रोडवेज व सहकारी बसो में  स्वतंत्रता सेनानियों के तीसरी पीढ़ी के उत्तराधिकारियों को मुफ्त सफर की सुविधा प्रदान करे।                                           
    इसके साथ साथ स्वतंत्रता सेनानी परिवारों को सरकारी सेवा में 2 प्रतिशत प्रतिशत सीधा आरक्षण व उत्तराखंड राज्य की तर्ज पर स्वतंत्रता सेनानी उत्तराधिकारियो के लिए सम्मान पेंशन की लंबित मांगो पर भी हरियाणा सरकार विचार करे।


योग में करियर बनाएं और दूसरों को दें स्वस्थ जीवन
-कनीना में योग ट्रेनिंग कैंप का हुआ आयोजन

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कनीना। बीएमडी ग्रुप आफ संस्थान महेंद्रगढ़ द्वारा इंडियन काउंसिल फार वोकेशनल ट्रेनिंग सम्बन्धित नेशनल स्किल डेवलपमेंट कोर्पोरेशन एवं ग्रामीण स्किल डेवलपमेंट मिशन के संयुक्त तत्वाधान में कान्हा जी स्कूल प्रांगण कनीना में योग ट्रेनिंग कैंप का आयोजन किया गया। इस योग कैम्प में योगा ट्रेनर के रूप में सेवानिवृत्त इंस्पेक्टर बीएसएफ सुरेश कुमार ने युवाओं को योगाभ्यास कराकर प्रशिक्षित किया। इस योगा शिविर का मुख्य उद्देश्य युवाओं को योगा के बारे में जागरूक करना हैं। यह योगा ट्रेनिंग कैंप आनलाइन और आफलाइन दोनों मोड में आयोजित हुआ।
आइसीवीटी संस्थान के निदेशक इंद्रजीत शर्मा एवं लक्की सीगड़ा ने सभी युवाओं का संस्थान में पहुँचने पर स्वागत कर कहा की स्वस्थ एवं निरोगी जीवन जीने के लिए योग जीवन का अभिन्न अंग होना चाहिए। हम सभी लोग बड़े किस्मत वाले हैं कि भारत के निवासी हैं और योग हमारे संस्कृति में बसा हुआ है। योग का महत्व किसी से छुपा हुआ नहीं है। हम इसे विशेष महत्व देते हैं हमारा दिन योग से ही शुरू होता है। योग शब्द का अर्थ है - आपने आप को वास्तविकता में लाना। योग शब्द को केवल व्यायाम से ना जोड़े। यह एक सुंदर अभ्यास है जो आपके मानसिक स्वास्थ्य को बनाता है, यह शारीरिक स्वास्थ्य को स्थिर और आध्यात्मिक विकास करता है। योग मानवता के लिए एक चमत्कारी वरदान है। हमारी बदलती जीवनशैली में योगा चेतना बनकर, हमें जलवायु परिवर्तन से निपटने में मदद कर सकता है। भविष्य में भी संस्थान द्वारा क्षेत्र के युवाओं के लिए नियमित रूप से योगा शिविर का आयोजन किया जाएगा। योग से न सिर्फ आपका मानसिक संतुलन ठीक रहता है बल्कि कसरत, मेडिटेशन से आपकी बाडी भी फिट रहती है और शारीरिक स्वास्थ्य भी ठीक रहता है। लोगों के फिट रहने की आदत ने योग में करियर की नई राहें खोल दी है। यही वजह है कि युवा योगा ट्रेनर के रूप में भी करियर बना रहे हैं।
योग ट्रेनर इंस्पेक्टर सुरेश कुमार ने भी युवाओं को योगाभ्यास कराते हुए योगा की महत्ता के बारे में बताते हुए कहा की योग का एक महत्वपूर्ण बिंदु वर्तमान पर ध्यान केंद्रित करना होता है। योग का अभ्यास करते समय ध्यान, गहरी साँस लेने और अपने साँस को नियंत्रित करना होता है । योग मन के उतार-चढ़ाव को शांत करता है। योग भारत की प्राचीन परंपरा का एक अमूल्य उपहार है, यह दिमाग और शरीर की एकता का प्रतीक है। मनुष्य और प्रकृति के बीच सामंजस्य है। योग विचार, संयम और पूर्ति प्रदान करने वाला है तथा स्वास्थ्य और भलाई के लिए एक समग्र दृष्टिकोण को भी प्रदान करने वाला है।
कार्यक्रम के कोर्डिनेटर नरवीर सिंह ने भी बताया की योग ऐसी सहज और स्वाभाविक विधि है, जो मनोवृत्ति में सकरात्मक बदलाव लाती है। योग करने से कई तरह की गंभीर बीमारियां ठीक हो जाती हैं तथा इससे मन और शरीर स्वस्थ रहता है। प्रतिदिन योग करने से मोटापा, मधुमेह, तनाव, अनिद्रा आदि समस्याओं से निजात मिल जाती है। मनुष्य को नियमित रूप से योग करना चाहिए, चाहे थोड़े समय के लिए ही करें।
गौरतलब हैं की हरियाणा द्वारा योगा को विषय में लागू कर देश का प्रथम राज्य बन चुका हैं। गत दिनों हुई घोषणा में अगले शैक्षणिक सत्र से सभी सरकारी स्कूलों में योग को अलग विषय के रूप में शामिल किया जाएगा। मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर की अध्यक्षता में हरियाणा योग परिषद की बैठक में लिये गए इस फैसले का उद्देश्य छात्रों के बीच योग अभ्यास करने की आदत पैदा करना है।  एक आधिकारिक बयान के अनुसार, सरकार ने राज्य में 1,000 और योगशालाएं स्थापित करने का भी फैसला किया। बयान में कहा गया है, 'योग को एक अप्रैल, 2021 से शुरू होने वाले अगले शैक्षणिक सत्र से राज्य भर के सभी सरकारी स्कूलों में एक अलग विषय के रूप में स्कूली पाठ्यक्रम में शामिल किया जाएगा।
इस योग शिविर में संस्थान एमडी पिंकी यादव,कोर्डिनेटर नरवीर सिंह,रचना शर्मा,प्रियंका प्रजापति, सोनू यादव, पंकज कुमार, धनेन्द्र,नवीन कुमार , अतुल कुमार, जतिन, पवन कुमार, सन्नी वर्मा, विनोद, योगेश कुमार, तुषारकान्त, चेतन ,अनिल कुमार,सज्जन सिंह ,सुखवीर ,समशेर,सचिन,राकेश सहित अन्य युवा उपस्थित थे।
फोटो केप्शन 1 व 2: कनीना के कान्हाजी स्कूल में योग करते जन।


मिर्च उत्पादन में किसान ने बनाया रिकार्ड
-मिर्च के दम पर खरीदे कई एकड़ जमीन

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कनीना।  28 साल से मिर्च उगा कर किसान ने एक  रिकार्ड बनया और केवल मिर्च के दम पर कई एकड़ जमीन खरीद ली ।
उपमंडल कनीना के गांव चेलावास में किसान संदीप पुत्र शमशेर सिंह ने मिर्च की खेती करके इलाके में नाम कमाया है।  संदीप ने शुरुआती शिक्षा अपने गांव से ही ली उसके बाद उन्होंने कनीना के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय से 12वीं कक्षा पास की। संदीप के पिता शमशेर सिंह ने 1972 में कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में कृषि से स्नातक किया था। संदीप बताते हैं कि उनकी तीन पीढ़ी में कभी किसी ने नौकरी नहीं की, केवल खेती के दम पर अपना कार्य कर रहे हैं । संदीप के तीन बहन हैं उन सभी की शादी कर दी संदीप की शादी 2003 में हुई थी । संदीप का मन खेल में बहुत लगता है। 2017 में रस्साकशी खेल प्रतियोगिता करनाल में सबसे पहला इनाम लेकर के आए थे। संदीप ने बताया कि हमारे पूर्वज सब्जी की खेती करते आ रहे हैं। एक बार सब्जी बेचने के लिए वे अपने पिता के साथ मंडी में गया था तब उन्होंने देखा कि मंडी में मिर्च का भाव बहुत तेज था। उसके बाद घर आकर हमने परिवार के साथ चर्चा की कि सभी सब्जियों के साथ मिर्च भी उगाई जाए। पहली बार 1992 में  6 कनाल में मिर्च उगाई थी। इसके अलावा बाकी खेत में  टमाटर, बैंगन आदि सब्जियां उगाई थी। लेकिन अकेली मिर्ची ने और सभी सब्जियों से हमें 10 गुना मुनाफा दिया। उसके बाद हमने घर में एक डेयरी भी कर ली। डेयरी में अलग-अलग नस्ल की गाय और भैंस से रखी हुई थी। आसपास के क्षेत्र के लोग दूध के लिए सुबह शाम खेत में आते थे। दूध के साथ-साथ सब्जियां भी यहीं से लेकर जाते थे। 1992 से लगातार मिर्च उगा रहे हैं। सारा पैसा इक_ा करके हमने कई एकड़ जमीन खरीदी है । संदीप ने बताया कि लाक डाउन के कारण इस वर्ष कुछ अच्छी आय नहीं हुई फिर भी एक किले में 5 लाख की पैदा अभी तक ले चुके हैं । जब मिर्च लाल हो जाती है तो उसको सूखा कर बेचने का काम भी करते हैं।
 किसान संदीप ने बताया कि घर पर ही पौध तैयार करते हैं। 11 महीने के बीच में पौध बनाने की तैयारी करते हैं। अधिक सर्दी होने के कारण  उसको जनवरी में नहीं लगाते । फरवरी को इन पौध की रोपाई शुरू कर देते हैं ।
खेत में पहले बेड ढाई फुट चौड़ाई के हिसाब से बनाते हैं । उसके बाद बेड पर ड्रिप सिस्टम लगा दिया जाता है। तत्पश्चात बेड के दोनों तरफ पौधे लगा दी जाती है । निराई गुड़ाई का मिर्च में बहुत ध्यान रखा जाता है। इसके लिए हमने गांव के 10 व्यक्तियों को रोजगार दे रखा है । इनको पूरे साल का काम हम देते हैं ।आसपास के चेलावास, रसूलपुर गुढ़ा, उन्हानी, ककराला, कनीना, मोहनपुर, नांगल इत्यादि गांव के लोग अचार डालने के लिए खेत से ही मिर्च लेकर के जाते हैं ।
जिला बागवानी अधिकारी डा मनदीप यादव  ने बताया कि चेलावास गांव में किसान मिर्च की खेती उगाने के लिए मशहूर हैं। मिर्च का भवांतर योजना के तहत अब की बार शामिल कर लिया गया है । मिर्च की खेती करने के लिए सबसे पहले खेत को अच्छे तरीके से तैयार कर लेना चाहिए । पोषक तत्वों से भरपूर बलुई-दोमट मिट्टी इसके लिए आदर्श है। मृदा में आक्सीजन की कमी इसके उपज को कम करता है। अत: इसके खेतों में जलनिकास की अच्छी व्यवस्था होनी चाहिए।
फलों की तुड़ाई
री मिर्च हेतु तुड़ाई पुर्णत: तैयार होने के बाद लाल मिर्च होने के पूर्व हरी अवस्था में ही करते हैं। यह प्राय: रोपाई से 30 वें दिन से आरंभ हो जाता है। हरी मिर्च सप्ताह में दो बार तोड़ते हैं।
फोटो कैप्शन 1,2,3: मिर्च की खेती में खड़े किसान संदीप व शमशेर सिंह।

Saturday, December 12, 2020

 
घटती ही जा रही है सरसों, गेहूं एवं चने की खेती

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कनीना। कनीना क्षेत्र में गेहूं, सरसों एवं चने की खेती घटती ही जा रही है। इस बार विगत वर्ष की तुलना में कम उगाये हैं किंतु भरसक प्रयासों के बावजूद भी चने की खेती नहीं बढ़ पा रही है। सरकार द्वारा किसानों को सरसों के बेहतर दाम दिए जाने के चलते सरसों की फसल की तरफ बढ़ा था किंतु स्कूल, कालेज, मैरिज प्लेस बनाये जाने, बागवानी की ओर रुझान होने के चलते कृषि योग्य भूमि घटती ही जा रही है। इस वर्ष क्षेत्र में सरसों की फसल की बिजाई 400 हेक्टेयर पर कम की गई है। वहीं क्षेत्र में गेहूं व चने की बिजाई में गिरावट दर्ज की गई है जबकि गेहूं का समर्थन मूल्य 1975 रुपये प्रति क्विंटल तो सरसों का 4625 रुपये प्रति क्विंटल रखा गया है।
कृषि विस्तार सलाहकार डा देवराज ने बताया कि ने बताया कि खंड में 2018 में करीब 19300 हेक्टेयर क्षेत्रफल में सरसों की फसल की बिजाई की गई थी जो वर्ष 2019 में 19950 हेक्टेयर तो 2020 में 19500 हेक्टेयर पर बिजाई की गई है। गेहूं की पैदावार 2018 में 11020 हेक्टेयर पर, वर्ष 2019 में 10405 हेक्टेयर तो 2020 में 10200 हेक्टेयर पर बिजाई की गई है। चना वर्ष 2018 में 50 हेक्टेयर, 2019 में 40 हेक्टेयर तो 2020 में 15 हेक्टेयर पर उगाया गया है।
चने लड़ा रहा अस्तित्व की लड़ाई-
करीब 20 वर्ष पहले किसानों का चना उगाने में बहुत उत्साह दिखाता था किंतु अब चने उगाना ही भूल गये हैं। चने को उगाने पर पैदावार नहीं दे पा रहा है। बरानी भूमि अभाव चने की पैदावार में रोड़ा बन गया है।
  कनीना के दीपचंद ने विगत वर्ष एक एकड़ में चने उगाए थे। किसान राजेंद्र सिंह, मा रविंद्र सिंह भी थोड़े से भूभाग पर चने उगाते हैं। रामानंद यादव ने बताया कि वे अब भी बेहतर चने की पैदावार ले लेते हैं। वे कई वर्षों से चने की खेती करते आ रहे हैं।
फोटो कैप्शन 3: चने की खेती से चने का साग तोड़ता किसान।

राष्ट्रीय लोक अदालत कनीना में रखे गए 47 केसों में से 10 का हुआ निपटारा

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कनीना। कनीना न्यायिक परिसर में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। जिसकी अध्यक्षता प्रतीक जैन चेयरमैन सब डिविजनल लीगल सर्विस कमेटी कनीना ने की।
राष्ट्रीय लोक अदालत में शनिवार को कुल 47 केस रखे गए जिनमें से 10 केसों का निपटारा किया गया व बैंक केस में 43,000 रुपये की रिकवरी भी की गई। जिसमें प्री-लिटिगेटिव केस जो कि बैंक रिकवरी के होते हैं उनमें से टोटल 64 केस लगाए । जिनमें से 3 का निपटारा हुआ से 43 हजार रुपये की रिकवरी हुई। वहीं कोर्ट के रेगुलर केसों में 47 केस लोक अदालत में रखें गए। जिनमें से 10 केसों का निपटान हुआ। बैंक रिकवरी के नौ के रखे गए जिनमें से एक का निपटारा हुआ। चेक बाउंस मामले में 23 केस रखे गए थे जिनमें तीन का निपटारा हुआ। सिविल केस दिवानी व अन्य 15 केस रखे थे जिसमें छह का निपटारा हुआ। इस मौके पर अधिवक्ता अखिल अग्रवाल, अधिवक्ता मीनाक्षी यादव, अधिवक्ता नरेश यादव, अधिवक्ता निहाल सिंह खटाना, अधिवक्ता सतीश करीरा, अधिवक्ता अनिल कुमार बंसल, कोर्ट स्टाफ नीरज शर्मा नाजिर सहित अन्य मौजूद रहे ।
फोटो कैप्शन 5:प्रतीक जैन  चेयरमैन सब डिविजनल लीगल सर्विस कमेटी कनीना लोक अदालत में केसों की सुनवाई करते हुये।



कनीना क्षेत्र में आज दो कोरोना संक्रमित मिले

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 कनीना। कनीना क्षेत्र में कोरोना के दो संक्रमित केस मिले हैं। दोनों का 10 दिसंबर को सैंपल लिया था और शनिवार को उनकी कोरोना संक्रमित होने की पुष्टि हो गई है।
 प्राप्त विवरण अनुसार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र  सेहलंग के तहत स्याणा गांव का 72 वर्षीय पुरुष कोरोना संक्रमित मिला है वहीं भोजावास पीएचसी के तहत कोका गांव का 61 वर्षीय पुरुष भी कोरोना संक्रमित पाया गया है। दोनों की आगामी कार्रवाई करते हुये होम आइसोलेट कर दिया है। उल्लेखनीय है कि कोरोना संक्रमित मामले खत्म होने का नाम ही नहीं ले रहे हैं।
 उधर एसएमओ मां डा धर्मेंद्र यादव ने सावधानी और बचाव करने पर बल दिया उन्होंने कहा कि लोग मास्क प्रयोग नहीं कर रहे और सावधानी नहीं बरत रहे हैं जिसके चलते कोरोना होने का भय बढ़ रहा है। उन्होंने ऐतिहात के सभी नियमों का पालन करने पर बल दिया। उल्लेखनीय है कि कनीना क्षेत्र में स्कूल कालेज खुले तथा विवाह शादियां शुरू हुई कोरोना के बढ़े थे। अब एक बार फिर से स्कूल कालेज बंद है तथा विवाह शादियां लगभग बंद हो चुकी है जिसके चलते कोरोना केस घटने की प्रबल संभावना है।
जिम्मेदारी से भाग रहे हैं दूर-
 लोग अब अपनी जिम्मेदारियों से दूर भाग रहे हैं। कोरोना को भूलकर सरेआम सड़कों पर बिना मास्क के घूम रहे हैं। किसी भी संस्थान कार्यालय आदि में जाकर देखें तो अधिकांश लोग मास्क प्रयोग नहीं कर रहे हैं। जो मास्क प्रयोग कर रहे हैं वह भी इसको बार-बार हटा लेते हैं। उधर डाक्टर एवं वैज्ञानिकों का कहना है कि लगातार मास्क प्रयोग करने से कोरोना जैसी बीमारी से बचाव हो सकता है। वैसे भी प्रदूषण बढऩे से मास्क लगाना बहुत जरूरी है ताकि कुछ राहत मिल सके।

युवाओं के लिए मील का पत्थर साबित होगा एसडीजी कार्यक्रम -महेंद्र कुमार 

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कनीना। सामाजिक संस्था बीएमडी क्लब और आदर्श युवा क्लब आनावास द्वारा यूएन वालंटियर के सहयोग से गांव आनावास में सयुक्त राष्ट्र संघ के एजेड़ा 2030 के 17 सतत विकास के लक्ष्यों के बारे में जागरूक करने के लिए सेमिनार का आयोजन किया गया । एसडीजी वालंटियर कर्मपाल ने गाव में पहुंचकर मिशन को आगे बढ़ाने में युवाओं से अपील की। सतत विकास लक्ष्यों में गरीबी खत्म करना ,पर्यावरण की रक्षा,आर्थिक असमानता को कम करना और शांति व न्याय सुनिश्चित करना शामिल है। जिला युवा समन्यवक महेन्द्र कुमार नायक ने बताया कि सुयंक्त राष्ट्र के 17 सतत विकास के लक्ष्यों को 2030 तक लागू करने में युवाओं द्वारा महत्वपूर्ण भूमिका निभाई जा सकती है। युवा इस नए एसडीजी विकास कार्यक्रम के मशाल धारक है।
बीएमडी क्लब के चेयरमैन लक्की यादव एवं सचिव इंद्रजीत शर्मा ने एजेंडे की सार्वभौमिकता पर बल दिया और जोर देकर कहा कि युवाओं को सतत विकास का हिस्सा होना चाहिए । एसडीजी एजेंडा के पीछे की हमारी सोच जितनी ऊंची है हमारे लक्ष्य भी उतने ही समग्र है। आदर्श क्लब के प्रधान अंकित यादव ने कहा कि सतत विकास लक्ष्यों मे ं हर युवा का हिस्सा होना जरूरी है। इसमे जलवायु परिवर्तन ,आर्थिक असमानता, नवाचार, टिकाऊ उपयोग, शांति और न्याय जैसे नए विषय जोड़े गए है। वालंटियर कर्मपाल ने सामाजिक गतिविधियों को मजबूत बनाने पर अपने विचार रखे । सतत विकास लक्ष्य के अंतर्गत गरीबी, भुखमरी, शिक्षा, स्वास्थ्य और खुशहाली, शिक्षा, लैंगिक समानता, जल एवं स्वच्छता, बुनियादी सुविधाएं, उधोग व नवाचार, असमानताओं मे कमी , संवहनीय शहर, उपयोग एवं उत्पादन, जलवायु कार्यवाही, शांति व न्याय जैसे भागीदारी सहित अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों में कार्य किया जाएगा । इस अवसर पर युवा क्लब के सदस्य नरेश ,पृथ्वी, नवीन कुमार, विकास, मंजीत, मोहित, अंकित, कमल एवं सचिन सहित अन्य युवा उपस्थित थे।
फोटो कैप्शन 3:  आनावास शिविर में शामिल युवा।


अति कठिन जीवन जीने को मजबूर हैं गाडिय़ा लुहार

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कनीना। वर्तमान में गाडिय़ा लुहार अति कठिन जीवन जी रहे हैं। किसी वक्त राजस्थान के मेवाड़ में महाराणा प्रताप की सेना में गाडिय़ा लुहार के पूर्वज लुहार का काम करते थे। आज उनके वंशज कठिन जीवन जी रहे हैं। सर्दी, गर्मी और बरसात में अपनी झोपड़ी में रहने वाले इन लोगों का अब कृषि उपकरण बनाने का धंधा भी चौपट हो गया है। अब तो इनके पास न तो स्थायी आवास उपलब्ध हैं और न इनको दो जून खाने के लिए रोटी ही उपलब्ध हैं।
  कनीना क्षेत्र के आस पास गाडिय़ा लुहार कठिन जीवन जी रहे हैं। जब आधुनिक मशीनों से कृषि के उपकरण नहीं बनते थे उस वक्त गाडिय़ा लुहारों के पास कृषि उपकरण बनाने तथा बनाकर बेचने का बेहतर रोजगार होता था किंतु विज्ञान के सामने इनकी कोई नहीं चल पाई है और बेचारे कठिन जीवन जीने को मजबूर हैं। यहां तक कि ये लुहार कभी भीख नहीं मांगते थे किंतु अब पेट की भूख ने उन्हें भीख तक मांगने को मजबूर कर दिया है। उनके पास स्थायी आवास नहीं है और जहां कहीं भी अधिक दिनों तक ठहरते वहां से उन्हें खदेड़ दिया जाता है। सर्दी हो या गर्मी इनको विपरीत परिस्थितियों का मुकाबला करना पड़ता है। आलम यह है कि अब उनके भूखों मरने की नौबत आ गई है और जराइम पेशा करने को मजबूर हो सकते हैं।
  गाडिय़ा लुहारों की सबसे खूबी यह है कि मिलकर रहना और खाना। ये लोग जो कुछ रोटी रूखी सूखी मिल जाती है उसे आपस में बांटकर खाते हैं। रोटी को जब तक नहीं खाते तब तक उन्हें सुनिश्चित न हो जाए कि सभी को रोटी मिल गई है चाहे एक  एक टुकड़ा ही मिला हो। बार बार सरकार से उन्हें स्थायी प्लाट देने एवं रोजगार का प्रबंध करने की बात उठती है किंतु अभी तक सरकार का ध्यान भी नहीं गया है।
क्या कहते हैं इतिहासकार-
इतिहासकार राजेश कुमार का कहना है कि
 जब महाराणा प्रताप 1576 में अकबर के विरुद्ध हल्दीघाटी का युद्ध किया था उस वक्त उनकी सेना में गाडिय़ा लुहारों के पूर्वज हथियार बनाने का काम करते थे। जब महाराणा प्रताप की हार हो गई थी तो बताया जाता है कि इन्होंने अपनी चारपाई को उल्टा रखकर वतन इस शर्त पर छोड़ा था कि जब तक राणा का सम्मान एवं साम्राज्य नहीं लौट पाएगा तब तक वे अपने वतन को नहीं लौटेंगे। ऐसे में जहां भी पड़ाव मिला वे रहते हैं और कठिन परिस्थितियों का मुकाबला करते आ रहे हैं।
क्या करते हैं गाडिय़ा लोहार-
 कनीना में गाडिय़ा लोहार सुरता, इंदिरा, अंशु, शीला, उमराव, रामावतार, महिमा, कालिया, मंजू, निशा, सत्यवीर, मुकेश आदि ने बताया कि उनके लिए कोई स्थायी आवास नहीं होता। वे इधर-उधर घूमते रहते हैं । उनकी मजबूरी है कृषि के उपकरण बेचने के लिए गांव में निकलते हैं तो कोई उनके उपकरण नहीं लेते। यहां तक कि उन्होंने बताया कि उनके लिए ने पेयजल एवं प्रकाश व्यवस्था नहीं मिलती है।  यहां तक कि उनकी वृद्धावस्था पेंशन भी नहीं बनाई जाती जिसके कारण उनका जीवन यापन बहुत कठिन हो जाता है। उन्होंने बताया कि वे अब मजबूरी में बाजार से खरीदे हुए कृषि के उपकरण बेचने के लिए गांव गांव ले जाते ले जाते हैं। पहले कभी भी अपने हाथों से बनाते थे किंतु अब हाथ के उपकरण कोई खरीदने वाला नहीं है।
सर्दी, गर्मी या बरसात हर समय यह गांव से बाहर अपनी झोपड़ पट्टी में रहते हैं। उनके पास न कोई सुविधा होती है और ना ही अपने बच्चों को शिक्षा दिलवा पाते हैं।  उनको लोग बुरी नजर से देखते हैं। सरकार अगर कोई सहायता दे तो वह आधुनिक मशीन दे तो कृषि के कारण बना सकते हैं। आधुनिक मशीनों द्वारा कृषि के उपकरण बना सकते हैं और बेचकर गुजर-बसर कर सकते हैं लेकिन ऐसा अभी तक संभव नहीं हो पाया है। बहुत सो ने तो अब राशनकार्ड, बैंक खाता, वोटर कार्ड भी बनवा लिये हैं और सभी सुविधाओं की मांग करने लगे हैं।
फोटो कैप्शन 4: कनीना में गाडिय़ा लुहार अपनी समस्या बताते हुए।
5: कनीना के गाडिय़ा लुहार कृषि उपकरण बनाते हुये।


मौत अटल सत्य है-सीताराम यादव

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,कनीना। मौत एक अटल सत्य है। यहै निश्चित रूप से आनी है। इंसान को उसकी मृत्यु के बाद उसके सत्कर्मों से जाना जाता है। पापी नरक का भागी होता है तथा पुण्य आत्मा स्वर्ग में वास करती है। ये विचार अटेली विधायक सीताराम यादव ने कनीना पालिका प्रधान सतीश जेलदार की भाभी कमलेश यादव के निधन पर परिजनों को सांत्वना देते हुए व्यक्त किये।
 उन्होंने कहा कि  सभी को एक ना एक दिन भगवान के घर जाना होगा। ऐसे में गम नहीं करके ईश्वर का ध्यान देना चाहिए ताकि दिवंगत आत्मा को शांति मिल सके और भगवान के चरणों में उस जीव का वास हो। उन्होंने परिजनों के बारे में विस्तार से जानकारी ली। इस मौके पर विधायक दान सिंह, सुरेश प्रधान सुंदराह, पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के अधिवक्ता सत्यनारायण, पार्षद दलीप सिंह, भारत विकास परिषद के अध्यक्ष कंवरसेन वशिष्ठ, दयाराम यादव  आदि ने भी शोक जताया।


नए वोट बनाए गये
-सभी बीएलओ अपने बूथों पर 13 दिसंबर को भी रहेंगे 

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 कनीना। चुनाव आयोग के आदेश अनुसार एक जनवरी 2021 को 18 वर्ष आयु आधार मानते हुए कनीना के 11 बूथों पर शनिवार को वोट बनाने का काम चला। रविवार को भी बूथों पर बीएलओ मिलेंगे। विधानसभा/लोकसभा सूचि में नये वोट जोड़े जाएंगे।
 विस्तृत जानकारी देते हुए सुनील कुमार, सुशील, राजेश कुमार, लाजपत  बीएलओ ने बताया कि जिनकी उम्र 18 वर्ष उन्होंने विभिन्न बूथों पर दो दिनों तक वोट बनाए जा रहे हैं। नवंबर माह में भी 28 व 29 नवंबर दो दिनों तक वोट बनाये गये थे। अब यह दूसरा दौर है।
 बीएलओ ने बताया कि प्रथम जनवरी 2021 को आधार मानते हुए जिन युवाओं की उम्र 18 वर्ष हो गई हैं उनके नए वोट बनाए जा रहे हैं।  रविवार को वोट बनवाए।
 विस्तृत जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि वोट बनाने के अलावा शुद्धीकरण, वोट शिफ्टिंग का कार्य भी किया गया है। नया वोट बनवाने के लिए फार्म नंबर 6, कटवाने के लिए फार्म नंबर 7, शुद्धिकरण के लिए फार्म 8 भरा जाएगा। उल्लेखनीय है कि कनीना, अटेली विधानसभा के तहत आता है। विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न मतदाता जिनकी उम्र 18 वर्ष हो गई है अपना वोट बनवाने के लिए निर्धारित फार्म भरकर जमा करने आए। वोट बनवाने के लिए युवा वर्ग में जोश देखने को मिला।
  कनीना के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक, राजकीय कन्या उच्च विद्यालय, राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय सहित विभिन्न 13 बूथों के वोट बनाने का कार्य रविवार तक चलेगा।
 फोटो कैप्शन 1 :  राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में वोट बनाते हुए बीएलओ।

दिनभर सूर्यदेव करते रहे लुक्का छिपी
-शुक्रवार रात को हुई बूंदाबांदी

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कनीना। कनीना क्षेत्र में शुक्रवार दिनभर सूरज के दर्शन नहीं हुये। आसमान पर बादल छाये रहे तत्पश्चात रात के समय बूंदाबांदी हुई जिससे किसान प्रसन्न नजर आये। ठंड भी बढ़ गई है।
  विगत लंबे समय के बाद मौसम में बदलाव के बाद किसान बारिश का इंतजार कर रहे हैं। शुक्रवार की रात को बूंदाबांदी हुई किंतु अच्छी बारिश नहीं हुई। दो दिनों से मौसम में बदलाव आया है। हल्की बूंदाबांदी भी फसल के लिए लाभकारी साबित होगीै। किसान कृष्ण कुमार, दिनेश कुमार, महेंद्र कुमार आदि ने बताया कि बारिश होने पर सर्दी एवं धुंध होगी जो फसलों के लिए लाभकारी मानी जाती है। वर्ष 2018 एवं 2019 में भी दिसंबर माह के दूसरे सप्ताह में सर्दी की पहली बारिश हुई थी।
 शुक्रवार को दिनभर सूर्यदेव के दर्शन नहीं हुए हैं। इस वर्ष धुंध पडऩे का सिलसिला अभी तक शुरू नहीं हुआ है। सुबह सवेरे हल्की धुंध रहती है। विगत वर्ष नवंबर में धुंध पड़ी थी किंतु इस वर्ष करीब आधे दिसंबर जाने के बाद ही धुंध एवं सर्दी ने दस्तक नहीं दी है।
फोटो कैप्शन 7: कनीना क्षेत्र में आसमान पर छाये बादल।

Friday, December 11, 2020

 

दिनभर सूर्यदेव करते रहे लुक्का छिपी

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कनीना। कनीना क्षेत्र में शुक्रवार दिनभर सूरज के दर्शन नहीं हुये। आसमान पर बादल छाये रहे किंतु बारिश नहीं हुई। किसान बारिश  
  विगत लंबे समय के बाद मौसम में बदलाव के बाद किसान बारिश का इंतजार कर रहे हैं। बारिश नहीं हुई। मौसम विभाग 12 दिसंबर को फिर मौसम बदलने की बात कह रहा है। हल्की बूंदाबांदी भी फसल के लिए लाभकारी साबित हो सकती है। किसान कृष्ण कुमार, दिनेश कुमार, महेंद्र कुमार आदि ने बताया कि बारिश होने पर सर्दी एवं धुंध होगी जो फसलों के लिए लाभकारी मानी जाती है। वर्ष 2018 एवं 2019 में भी दिसंबर माह के दूसरे सप्ताह में सर्दी की पहली बारिश हुई थी।
 शुक्रवार को दिनभर सूर्यदेव के दर्शन नहीं हुए हैं। इस वर्ष धुंध पडऩे का सिलसिला अभी तक शुरू नहीं हुआ है। सुबह सवेरे हल्की धुंध रहती है। विगत वर्ष नवंबर में धुंध पड़ी थी किंतु इस वर्ष करीब आधे दिसंबर जाने के बाद ही धुंध एवं सर्दी ने दस्तक नहीं दी है।
फोटो कैप्शन 7: कनीना क्षेत्र में आसमान पर छाये बादल।



शकरकंदी से कइयों को मिल रहा है रोजगार
मकर संक्रांति पर होती है विशेष मांग

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कनीना। सर्दी के मौसम में जहां गरीबों को आसानी से सुलभ होने वाली शकरकंदी का भरपूर उपभोग किया जाता है। किसान इस शकरकंदी को उगाना कम पसंद करते हैं किंतु बाजार में आलू के बाद इसी का सेवन जमकर किया जाता है। बहुत से लोगों को इसी से रोजगार मिलता है। मकर संक्रांति पर्व पर सबसे अधिक मांग होती है। इस बार अभी तक आलू 50 रुपये किलो है वहीं शकरकंदी 60 रुपये किलो तक पहुंच गई है। अभी बाजार में शकरकंदी आई है जिसके चलते ऊंचे भाव बताये जा रहे हें।
   ग्रामीण क्षेत्रों घर में उगाकर परिवार के लिए पर्याप्त मात्रा में शकरकंदी उपलब्ध हो जाती है वहीं किसान इसे उगाने से हिचकिचाते हैं। किसान अजीत कुमार एवं राजेंद्र कुमार ने बताया कि एक बार खेत में इसे डाल दिया जाए तो बहुत कठिन है इसे खत्म करना।  शकरकंदी अधिक मात्रा में महेंद्रगढ़ इलाके में अधिक उपजाई जाती है और बेची जाती है। जासावास के राजू ने बताया कि उन्होंने विगत वर्षों एक एकड़ में शकरकंदी उगाई थी जो पांच माह में तैयार हुई तथा एक लाख रुपये से अधिक की बिकी। बेल प्रजाति की इस शकरकंदी के लिए रेतीली मिट्टी अधिक कारगर साबित हो सकती है।  
  शकरकंदी रेहड़ी वालों के लिए वरदान साबित हो रही है। अपने परिवार की रोटी रोजी भूनी हुई शकरकंदी से कमाते हैं। कनीना के आस पास कई लोग रेहडिय़ों पर शकरकंदी एवं गर्मियों में मक्का  को भूनकर बेचते हैं। पूरी सर्दी उनकी शकरकंदी बिकती हैं और हर वर्ग के लोग बड़े ही चाव से उन्हें खाते हैं। उधर पूर्व खंड कृषि अधिकारी डा देवराज यादव ने बताया कि शकरकंदी ग्रामीण क्षेत्रों में प्रमुख आहार बनती जा रही है जो रेतीली मिट्टी में बेहतर पैदावार देता है।
फोटो कैप्शन 7: ठेले पर शकरकंदी बेचता जन।
 

दिनभर सूर्यदेव करते रहे लुक्का छिपी

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कनीना। कनीना क्षेत्र में शुक्रवार दिनभर सूरज के दर्शन नहीं हुये। आसमान पर बादल छाये रहे किंतु बारिश नहीं हुई। किसान बारिश  
  विगत लंबे समय के बाद मौसम में बदलाव के बाद किसान बारिश का इंतजार कर रहे हैं। बारिश नहीं हुई। मौसम विभाग 12 दिसंबर को फिर मौसम बदलने की बात कह रहा है। हल्की बूंदाबांदी भी फसल के लिए लाभकारी साबित हो सकती है। किसान कृष्ण कुमार, दिनेश कुमार, महेंद्र कुमार आदि ने बताया कि बारिश होने पर सर्दी एवं धुंध होगी जो फसलों के लिए लाभकारी मानी जाती है। वर्ष 2018 एवं 2019 में भी दिसंबर माह के दूसरे सप्ताह में सर्दी की पहली बारिश हुई थी।
 शुक्रवार को दिनभर सूर्यदेव के दर्शन नहीं हुए हैं। इस वर्ष धुंध पडऩे का सिलसिला अभी तक शुरू नहीं हुआ है। सुबह सवेरे हल्की धुंध रहती है। विगत वर्ष नवंबर में धुंध पड़ी थी किंतु इस वर्ष करीब आधे दिसंबर जाने के बाद ही धुंध एवं सर्दी ने दस्तक नहीं दी है।
फोटो कैप्शन 7: कनीना क्षेत्र में आसमान पर छाये बादल।



शकरकंदी से कइयों को मिल रहा है रोजगार
मकर संक्रांति पर होती है विशेष मांग

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कनीना। सर्दी के मौसम में जहां गरीबों को आसानी से सुलभ होने वाली शकरकंदी का भरपूर उपभोग किया जाता है। किसान इस शकरकंदी को उगाना कम पसंद करते हैं किंतु बाजार में आलू के बाद इसी का सेवन जमकर किया जाता है। बहुत से लोगों को इसी से रोजगार मिलता है। मकर संक्रांति पर्व पर सबसे अधिक मांग होती है। इस बार अभी तक आलू 50 रुपये किलो है वहीं शकरकंदी 60 रुपये किलो तक पहुंच गई है। अभी बाजार में शकरकंदी आई है जिसके चलते ऊंचे भाव बताये जा रहे हें।
   ग्रामीण क्षेत्रों घर में उगाकर परिवार के लिए पर्याप्त मात्रा में शकरकंदी उपलब्ध हो जाती है वहीं किसान इसे उगाने से हिचकिचाते हैं। किसान अजीत कुमार एवं राजेंद्र कुमार ने बताया कि एक बार खेत में इसे डाल दिया जाए तो बहुत कठिन है इसे खत्म करना।  शकरकंदी अधिक मात्रा में महेंद्रगढ़ इलाके में अधिक उपजाई जाती है और बेची जाती है। जासावास के राजू ने बताया कि उन्होंने विगत वर्षों एक एकड़ में शकरकंदी उगाई थी जो पांच माह में तैयार हुई तथा एक लाख रुपये से अधिक की बिकी। बेल प्रजाति की इस शकरकंदी के लिए रेतीली मिट्टी अधिक कारगर साबित हो सकती है।  
  शकरकंदी रेहड़ी वालों के लिए वरदान साबित हो रही है। अपने परिवार की रोटी रोजी भूनी हुई शकरकंदी से कमाते हैं। कनीना के आस पास कई लोग रेहडिय़ों पर शकरकंदी एवं गर्मियों में मक्का  को भूनकर बेचते हैं। पूरी सर्दी उनकी शकरकंदी बिकती हैं और हर वर्ग के लोग बड़े ही चाव से उन्हें खाते हैं। उधर पूर्व खंड कृषि अधिकारी डा देवराज यादव ने बताया कि शकरकंदी ग्रामीण क्षेत्रों में प्रमुख आहार बनती जा रही है जो रेतीली मिट्टी में बेहतर पैदावार देता है।
फोटो कैप्शन 7: ठेले पर शकरकंदी बेचता जन।

कौशल विकास कार्यक्रमों से आएगी क्षेत्र में क्रांति - लक्की 

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कनीना। कौशल विकास आजीविका सम्बन्धित कार्यक्रमों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कनीना में प्राची ब्यूटी पार्लर का शुभारम्भ किया गया हैं। इस शुभारम्भ पर मुख्य अतिथि के रूप में बीएमडी क्लब चेयरमैन समाजसेवी लक्की सीगड़ा ने किया।
लक्की सीगड़ा ने  संचालिका मोनिका शर्मा को इस नए कौशल पहल के लिए बधाई देते हुए कहा की युवक-युवतियों को कौशल विकास के माध्यम से सशक्तिकरण करना एवं रोजगार के अवसर मुहैया कराना जैसी पहल एक सराहनीय कार्य हैं। एक उत्कृष्ट केंद्र के रूप में काम करने से स्वरोजगार के साथ-साथ रोजगार में क्रांति आएगी। चाहे कोई भी क्रांति हो उसकी शुरूआत एक विचार से होती है, एक ऐसा विचार जो जिंदगी में बदलाव लाये। बदलाव कुछ लोगों की जिंदगी में नहीं, बल्कि कइयों की जिंदगी में। बदलाव भी कोई मामूली बदलाव नहीं, बल्कि बड़ा बदलाव और सकारात्मक बदलाव। हमारे क्षेत्र के युवा प्रतिभावान हैं। यह कौशल विकास कार्यक्रम क्षेत्र के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। इसके माध्यम से रोजगार में क्रांति आएगी जिससे राÓय ही नहीं बल्कि देश की तस्वीर भी बदलेगी एवं निश्चित रूप से महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने में सहायता मिलेगी।
 इस अवसर पर नरवीर सिंह करीरा, प्रियंका, रोनिका यादव, नवीन स्वामी, प्रवीण स्वामी, ज्योति यादव, रचना शर्मा,कृष्ण स्वामी,मधु शर्मा, कर्मवीर चाहर, राहुल, मोहित, शिव कुमार,गौरव दायमा, मुकेश तंवर सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित थे।
फोटो कैप्शन 5: लक्की सिगड़ा ब्यूटी पार्लर केंद्र का उद्घाटन करते हुए।


ओवरलोड वाहनों ने लगाया जाम

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कनीना। कनीना ओवरलोड वाहनों के चलते कनीना के बस स्टैंड तथा आस पास सड़क मार्ग जाम मिलती है वहीं दुर्घटनाएं होनं का अंदेशा बना रहता है। पुलिस ने घंटों मशक्कत करके ही जाम खुलवाया। वर्ष 2017 में इन पर कुछ प्रतिबंध लगाया गया था। नाके लगाकर इन्हें पकड़ा गया था किंतु तब से लेकर आज तक इन पर नकेल नहीं कसी जा रही है। अब तो लोग इन्हें सड़कों पर दौड़ती हुई मौत नाम से पुकारते हैं।
 सड़कों पर सबसे ज्यादा मौत का कारण या तो डंपर एवं ट्राला होते हैं या फिर कुत्ते एवं नील गायें होती हैं। इनके नियम तक नहीं होत हैं। सड़क को तोडऩे में सबसे बड़ा रोल इन्हीं का होता है वहीं सड़क जाम करने में भी ये अग्रणी होते हैं।
  कनीना बस स्टैंड पर जहां दुकानों के सामने बना अतिक्रमण नासूर बन गया है वहीं सड़कों पर अवैध वाहन दौड़ रहे हैं। ये भी किसी के काबू में नहीं हैं। सड़क पर वाहनों के आवागमन के लिए पुलिस भी तैनात रहती है किंतु पुलिस भी परेशान रहती है। लोगों की मांग है कि भारी वाहनों पर नजर रखी जाये और सड़क मार्ग को साफ सुथरा बनाया जाए।  
फोटो कैप्शन 3: कनीना बस स्टैंड पर जाम जैसी स्थिति का नजारा।

कोरोना काल में इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए योगा व आयुर्वेद पर हुआ वेबिनार
-958 लोगों ने लिया वेबीनार में हिस्सा 

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कनीना। कोरोना महामारी में आयुर्वेद व योगा की उपयोगिता पर शुक्रवार को एक वेबिनार का आयोजन किया गया। इसमें मुख्य अतिथि के रूप में लाइफ विवा वैलनेस के डायरेक्टर जयवीर कुमार और विशिष्ट अतिथि के रूप में योगा इंस्टिट्यूट के डायरेक्टर लक्की सिगडा शामिल हुए। वेबनर में मुख्य वक्ता डा एसपी यादव रहें।
वेबनर के संयोजक विनोद, विशाल ने बताया कि शुक्रवार सुबह आयुर्वेद पर एक वेबिनार का आयोजन किया गया। इस वैबनर में हरियाणा राजस्थान, पंजाब, दिल्ली, हिमाचल, बिहार, उतर प्रदेश के करीब 958 लोगों ने हिस्सा लिया। इस वेबिनर में  आयुर्वेद व योगा के माध्यम से कोविड-19 से कैसे लड़ा जा सकता है, इस विषय पर जानकार अपने-अपने विचार रखें।
मुख्य वक्ता डा एसपी यादव ने  मधुमेह और मोटापा के बारे में जानकारी देेते हुए बताया कि ये दोनों बीमारियां समानांतर चलती हैं। उन्होंने कहा कि आयुर्वेद जीवन का ज्ञान है - यह निवारक और उपचारात्मक दोनों है। निवारक में दिनचर्या और ऋतु शामिल हैं, जिसका 10 प्रतिशत भी पालन नहीं करते हैं।
मधुमेह (डायबिटीज) के दौरान, पेशाब बार-बार आता है क्योंकि वात तत्व असंतुलित होता है और अग्नि तत्व कम हो जाती है। इसके निवारण के लिए उन खाद्य पदार्थों का सेवन करना महत्वपूर्ण है, जो पानी की मात्रा को कम करते हैं और अग्नि तत्व में सुधार करते हैं।
मधुमेह रोगियों को दही और दूध से बने उत्पादों से बचना चाहिए। सीमित घी और छाछ ठीक है।
रोगियों को चीनी या गुड़ का सेवन नहीं करना चाहिए, हालांकि खजूर का सेवन किया जा सकता है।
   उन्होंने ब्लड शुगर नियंत्रित करने के उपाय बताये। वही योगा इंस्टिट्यूट के डायरेक्टर लक्की सिगडा ने बताया कि अगर आपका इम्यून सिस्टम कमजोर है, तो बड़ी ही आसानी से आप बीमारी की चपेट में आ सकते हैं। नियमित रूप से योग करने से इम्यून सिस्टम को बेहतर बनाया जा सकता है। इम्यूनिटी ही हमें विभिन तरह के संक्रमण और वायरल से बचाने में मदद करती है। अगर व्यक्ति की इम्यूनिटी अच्छी है तो वो किसी भी वायरल और बैक्टीरियल संक्रमण से बच सकता हैं। योग एक नेचुरल इम्यूनिटी बूस्टर का काम करता है। इस मौके पर उन्होंने त्रिकोणासन, पादंगुष्ठासन, भुजंगासन, ताड़ासन की जानकारी दी।
बेबनार के अंत में मुख्य अतिथि लाइफ विवा वैलनेस के डायरेक्टर जयवीर कुमार ने कहा कि हम अपने घर में उपलब्ध छोटी-छोटी जड़ी बूटियों से अपने इम्यूनिटी को बढ़ा सकते हैं। हेल्थ के क्षेत्र में युवा आगे आकर रोजगार कर सकते हैं।
फोटो कैप्शन 4: कनीना में आयोजित वेबिनार का एक दृश्य।


मौत अटल सत्य है-सीताराम यादव

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कनीना। मौत एक अटल सत्य है। यहै निश्चित रूप से आनी है। इंसान को उसकी मृत्यु के बाद उसके सत्कर्मों से जाना जाता है। पापी नरक का भागी होता है तथा पुण्य आत्मा स्वर्ग में वास करती है। ये विचार अटेली विधायक सीताराम यादव ने कनीना पालिका प्रधान सतीश जेलदार की भाभी कमलेश यादव के निधन पर परिजनों को सांत्वना देते हुए व्यक्त किये।
 उन्होंने कहा कि  सभी को एक ना एक दिन भगवान के घर जाना होगा। ऐसे में गम नहीं करके ईश्वर का ध्यान देना चाहिए ताकि दिवंगत आत्मा को शांति मिल सके और भगवान के चरणों में उस जीव का वास हो। उन्होंने परिजनों के बारे में विस्तार से जानकारी ली। इस मौके पर विधायक दान सिंह, सुरेश प्रधान सुंदराह, पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के अधिवक्ता सत्यनारायण, पार्षद दलीप सिंह, भारत विकास परिषद के अध्यक्ष कंवरसेन वशिष्ठ, दयाराम यादव  आदि ने भी शोक जताया।
 

करीरा गांव का दूल्हा दुल्हन को हेलिकॉप्टर में ले कर आया
रेवाड़ी जिले के जैनाबाद की है दुल्हन 

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कनीना। शादी को यादगार बनाने के लिए उपमंडल के गांव करीरा में गुरुवार को  दूल्हा बारात लेकर जैनाबाद पहुंचा। शुक्रवार को सुबह दूल्हा हेलीकाप्टर से दुल्हन को लेकर करीरा पहुंचा। हेलीकाप्टर के आने की भनक लगते ही क्षेत्र में कौतूहल मच गया। हेलीकाप्टर देखने के लिए आसपास के गांवों के लोग दूर-दूर खेतों में खड़े हो गए। सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर  पुलिस बल मुस्तैद दिखा। दूल्हा, दुल्हन के स्वागत के लिए गांव में खास इंतजाम किए गए थे। करीब आधा एकड़ जमीन में अस्थाई हेलीपैड बनाया गया, क्योंकि दूल्हा- दुल्हन चापर में आया। दूल्हे के पिता वेद प्रकाश ने बताया कि दूल्हे की मां राजेश देवी का सपना था कि उनका बेटा हेलीकाप्टर से प्लान को लेकर के आए। चापर को आनलाइन बुक किया गया था। उधर महेंद्रगढ़ से फायर ब्रिगेड की गाड़ी को भी बुलाया हुआ था।
    उप मण्डल के गांव करीरा निवासी वेद प्रकाश के पुत्र पंकज की शादी जैनाबाद निवासी प्रीतम खोला की पुत्री नीलम खोला के साथ शुक्रवार को हुईं। दुल्हन को लेकर दूल्हा जब करीरा गांव में हेलीकाप्टर के माध्यम से पहुंचा तो गांव के लोग दूल्हा, दुल्हन के आने के लिए टकटकी लगाए बैठे।
अचानक आसमान में हेलीकाप्टर की गूंज सुनाई। मालूम करने पता चला कि दूल्हा दुल्हन को लेकर हेलीकाप्टर से पहुंचा, फिर क्या था कि आसपास गांव के लोग भी जुटने शुरू हो गए। वेद प्रकाश बताते हैं कि उनके पुत्र पंकज की शादी जैनाबाद निवासी प्रीतम की पुत्री नीलम खोला के शादी की रस्में निभाई गई । पंकज 2017 में आर्मी में भर्ती हो गया था। पंकज के तीन बहने हैं। दुल्हन ने बीएससी की हुई है। दुल्हन नीलम खोला का पिता प्रीतम कृषि विभाग में कार्यरत हैं। पंकज के पिता वेद प्रकाश 2003 में सेना से सेवानिवृत्त हो चुके हैं।
   हेलीकाप्टर सरकारी स्कूल के खेल के मैदान में उतारा गया। भारी भीड़ जमा हो गई। लोग दूल्हा दुल्हन को कम तो हेलीकाप्टर को अधिक देख रहे थे। तत्पश्चात कार द्वारा दूल्हा-दुल्हन को घर तक ले जाया गया।
फोटो कैप्शन 1: शुक्रवार हेलीकाप्टर से दूल्हा दुल्हन को लेकर करीरा पहुंचने पर जमा भीड़।


पैर पर गोली मार ब्रेजा गाड़ी छीनी,
-गुढ़ा के पास मध्यरात्रि की घटना

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कनीना। गाड़ी मालिक(चालक) को गोली मार व गाड़ी छीन कर ले जाने का मामला दर्ज कर लिया है। मिली जानकारी के गुरुवार की करीब मध्यरात्रि अनिल निवासी डालनवास जो अपनी बे्रजा गाड़ी लेकर कनीना होकर डालनवास जा रहा था। वह कादिपुर में टूल मशीन बेचने का काम करता है।  जब वह कनीना बस स्टैंड के सामने पहुंचा तो वहा खड़े दो हट्टे कट्टे लोगों ने उसे लिफ्ट लेने के लिए हाथ का इशारा किया जिस पर रहम कर अनिल ने गाड़ी रोक लिया।  उन्होंने महेंद्रगढ़ तक लिफ्ट देने का आग्रह किया। वही इंसानियत को ध्यान में रख कर अनिल ने उन्हें गाड़ी बैठा लिए। एक व्यक्ति अगली सीट पर बैठ गया जबकि दूसरा पीछे की सीट पर बैठा था। वही पीडि़त अनिल ने यह भी बताया कि गुढ़ा गांव से कुछ ही दूरी तक पहुंचा था कि उन्होंने चालक के साथ गाली गलौच शुरू कर दी। यहां तक कि आगे की सीट पर बैठे युवक ने हैंड बे्रक खींच कर गाड़ी रोकने की कोशिश की। जिस पर चालक ने उनका विरोध किया। लेकिन चालक कुछ कर पाता कि उससे पहले पीछे की सीट पर बैठे व्यक्ति ने रिवाल्वर दिखाया। चालक ने गाड़ी रोक दी। उन्होंने चालक को जबरन नीचे उतार दिया तथा जब उन्होंने इसका विरोध किया तो  गोली मार दी जो उनके पैर मेंं जांघ में लगी और गिर गया। दोनों गाड़ी को लेकर भाग गये। जैसे-तैसे होश संभालते हुए किसी राहगीर कि मदद से 100 नंबर पर फोन किया और अपने साथ घटित घटना से अवगत कराया जिसको लेकर कंट्रोल रूम से कनीना थाने को इस सूचना देकर अवगत कराया गया। जहां पुलिस ने मौके पर पहुंच कर घायल अनिल को कनीना के उप नागरिक अस्पताल पहुंचाया जहां चिकित्सकों ने उसकी हालत को देखते हुए हायर सेंटर रेफर कर दिया है। गाड़ी में उनके जरूरी कागजात एवं फोन आदि अज्ञात लुटेरे ले भगे।
 मामले की गंभीरता को देखते हुए पीडि़त के बयान पर अज्ञात लोगों के खिलाफ लूट का मामला दर्ज कर जांच आरंभ कर दी है।