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Wednesday, October 8, 2025





200 गेट पास काटे,नहीं हुई आज भी सरकारी तौर पर बाजरे की खरीद
--निजी स्तर पर खरीदा 3500 क्विंटल बाजरा
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कनीना की आवाज।
कनीना की नई अनाज मंडी स्थित चेलावास में बुधवार को भी कोई सरकारी खरीद नहीं हो पाई। 3500 क्विंटल बाजरे की निजी स्तर पर जरूर खरीद हुई है। विस्तृत जानकारी देते हुए मनोज पाराशर सचिव मार्केट कमेटी ने बताया कि अब तक कुल 1150 गेट पास काटे जा चुके हैं और किसानों का बाजरा फोटो पर पड़ा हुआ है। लगातार सैंपल भेजे जा रहे किंतु सैंपल पास न होने के कारण सरकारी तौर पर खरीद नहीं हो पा रही है। ऐसे में किसान परेशान है और उन्हें अब सरकार द्वारा मुआवजा मिलने की आस है।
उधर किसानों ने बताया कि अब तो सरकार के भरोसे हैं।  सरकार चाहे तो मुआवजा दे सकती है ताकि उनकी भरपाई हो सके। इस बार बाजरे को यह सोचकर उगाया था कि बेहतर भाव मिलेंगे लेकिन सारा बाजरा वर्षा के कारण खराब हो चुका है।
फोटो कैप्शन 04: कनीना की नई अनाज मंडी





नशा तस्करों के खिलाफ महेंद्रगढ़ पुलिस की कार्रवाई
- थाना सदर कनीना की पुलिस टीम ने 900 ग्राम गांजा किया बरामद, एक गिरफ्तार
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कनीना की आवाज।
थाना सदर कनीना की पुलिस टीम ने नशीले पदार्थ के मामले में एक आरोपित को काबू किया है। पुलिस ने नशीले पदार्थ सहित आरोपी राजपाल वासी मालडा बास को काबू किया। पुलिस ने मौके से 900 ग्राम नशीला पदार्थ गांजा बरामद किया है। आरोपित को आज न्यायालय में पेश किया गया।
थाना सदर कनीना की पुलिस टीम गस्त के दौरान गांव मालडा बास के बस अड्डा पर मौजूद थी, टीम को गुप्त सूचना मिली कि राजपाल वासी मालडा बास गांजा बेचने का काम करता है और उसके ट्यूबवेल के पास बैठकर गांजा बेच रहा है। अगर तुरंत रैड की जाए तो अवैध गांजा सहित काबू आ सकता है। सूचना के आधार पर टीम बतलाए हुए स्थान पर पहुंची, वहां पर बैठे हुए एक व्यक्ति से नाम पता पूछा तो उसने अपना नाम राजपाल उपरोक्त बतलाया। जिसके पास से बरामद पॉलीथिन को चैक किया तो उसमें अवैध नशीला पदार्थ गांजा मिला, जिसका पॉलीथिन सहित वजन कुल 900 ग्राम मिला। पुलिस ने नशीले पदार्थ को जब्त कर लिया और आरोपी के खिलाफ थाना सदर कनीना में एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी।





कनीना में जगह जगह मनाई शरद पूर्णिमा
 -बांटा गया खीर का प्रसाद, भक्तों ने किया प्रसाद ग्रहण
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कनीना की आवाज।
शरद पूर्णिमा मनाई गई। इस मौके पर खीर का प्रसाद वितरित किया गया एवं भजन सत्संग चले। मंगलवार को रात्रि बनाई गई खीर को बुधवार के दिन वितरित किया गया। कनीना की गौशाला में गायों को मीठा खाना दिया गया वहीं कृष्णानंद आश्रम धनौंदा में हवन आयोजित हुआ। इस बार शरद पूर्णिमा की रात को बादल छाये होने के कारण रात को खीर में लंबे समय तक चांद का प्रकाश नहीं डाला जा सका।
 लालदास महाराज ने दूर दराज से आए भक्तों से कहा कि शरद पूर्णिमा का पर्व बहुत अहमियत रखता है। यह पर्व कई रोगों से छुटकारा दिलाने वाला ही नहीं अपितु इंसान में नया संचार जगाने वाला होता है। उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण ने भी इस पर्व का विशेष महत्व बताया है तथा इस पर्व से सर्दी का मौसम जुड़ा है। सर्दी प्रारंभ होने से सेहत के लिए लाभकारी होती हैं। उन्होंने कहा कि इस दिन से जल्दी उठकर स्नान ध्यान करने से सभी कष्ट स्वत:  छूट जाते हैं तथा मोक्ष की प्राप्ति होती है। उन्होंने अपने हाथों से खीर का प्रसाद वितरित किया।
 उधर मोहन कुमार पार्षद ने बताया कि बताया कि उनके यहां तो जो खीर बनाई जाती है उस मखमल के कपड़े से ढककर रख दिया जाता है ताकि अधिक मात्रा में चंद्रमा की किरणें गिर सके। इन्हीं किरणों के कारण खीर का स्वाद मधुर बन जाता है। तत्पश्चात इस खीरा को रात के बारह बजे बाद ही प्रसाद बतौर खिलाया जाता है। इस खीर का श्वास रोगियों के लिए बेहद लाभ होता है।
उधर वैद्य बालकिशन एवं श्रीकिशन का कहना है कि शरद पूर्णिमा का पर्व बहुत अहमियत रखता है। यह पर्व कई रोगों से छुटकारा दिलाने वाला ही नहीं अपितु इंसान में नया संचार जगाने वाला होता है। उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण ने भी इस पर्व का विशेष महत्व बताया है तथा इस पर्व से सर्दी का मौसम जुड़ा है। सर्दी प्रारंभ होने से सेहत के लिए लाभकारी होती हैं।
  महेंद्र शर्मा ने बताया कि शरद पूर्णिमा पर्व से जुड़ी है कार्तिक स्नान करने की परंपरा। महिलाएं पूरे एक माह तक चलता रहता है। एक माह बाद इसे संपन्न करती हैं। स्वास्थ्य की दृष्टिï से भी यह समय अनुकूल माना जाता है।




पीएमश्री स्कूल जवाहर नवोदय विद्यालय करीरा में रिक्त पदों के प्रवेश के लिए लेटरल स्कीम के तहत आवेदन आमंत्रित
-अंतिम तिथि 21 अक्टूबर
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कनीना की आवाज।
 पीएमश्री स्कूल जवाहर नवोदय विद्यालय करीरा जिला महेन्द्रगढ़ में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए कक्षा 09 एवं 11 में रिक्त स्थानों पर लेटरल एंट्री योजना के तहत प्रवेश परीक्षा के लिए आनलाइन आवेदन आमंत्रित किए गए हैं । कक्षा नवीं एवं ग्यारहवीं में दाखिले के लिए 21 अक्टूबर 2025 तक आनलाइन आवेदन वेबसाइट पर दिए गए लिंक पर जाकर कर सकते हैं ।
   प्राचार्य बीएम रावत ने बताया कि कक्षा 9 के लिए अभ्यर्थी महेन्द्रगढ़ जिले का मूल निवासी हो एवं महेन्द्रगढ़ जिले के किसी भी सरकारी/सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त विद्यालय में कक्षा 08 में शैक्षणिक सत्र 2025-26 में अध्ययनरत होना चाहिए। अभ्यर्थी का जन्म 01 मई 2011 से 31 जुलाई 2013 (दोनों तिथियां सम्मिलित) के बीच होना चाहिए । यह एससी/एसटी/ओबीसी श्रेणियों सहित सभी श्रेणियों के उम्मीदवारों पर लागू है ।
वहीं कक्षा 11 के अभ्यर्थी द्वारा शैक्षणिक सत्र 2025-26 के दौरान जिला, जहॉं जवाहर नवोदय विद्यालय कार्यरत हैं, के सरकारी/सरकारी मान्यता प्राप्त स्कूल में दसवीं कक्षा में अध्ययन होना चाहिए । अभ्यर्थी का जन्म 01 जून 2009 से 31 जुलाई 2011 (दोनों तिथियां सम्मिलित) के बीच होना चाहिए । विद्यालय के प्राचार्य बीएम रावत ने बताया कि पीएमश्री स्कूल जवाहर नवोदय विद्यालय करीरा पूर्णत: निश्शुल्क, सह-शिक्षा, आवासीय विद्यालय है । विद्यालय में विभिन्न खेलों में उत्तम व्यवस्था, स्काउट गाइड, कला तथा संगीत की विशेष शिक्षा व  सुसज्जित पुस्तकालय की उत्तम व्यवस्था विद्यार्थियों को उपलब्ध करवाई जाती है।
  प्राचार्य ने बताया कि पंजीकृत विद्यार्थियों के के लिए 22 से 25 अक्टूबर 2025 को आनलाइन सुधार हेतु विंडो खोली जाएगी जिसमें लिंग,श्रेणी, विकलांगता एवं परीक्षा का माध्यम आदि में सुधार कर सकते हैं।




400 मामले बिजली के सुलझाए
-एमई और जेई की जोड़ी कमा रही है नाम
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कनीना की आवाज।
 कनीना नगर पालिका में एमई दिनेश कुमार तथा जेई राकेश कुमार की जोड़ी क्षेत्र में नाम कमा रही है। दोनों मिलकर कनीना नगरपालिका के तहत समस्याओं का समाधान कर रहे हैं।
 दोनों ने बताया कि अब तक उनके पास 400 बिजली संबंधित समस्याएं आई और सभी का समाधान कर दिया है। कोई समस्या जब उनके पास आती है तुरंत कार्रवाई में लग जाते हैं और जल्द से जल्द उसका समाधान निकाल कर ही दम लेते हैं। यही कारण है कि कनीना क्षेत्र के लोगों के बिजली संबधित समस्याओं का अधिकांश का समाधान कर दिया। भविष्य में जो भी शिकायत आएगी उसका भी कोई न कोई समाधान आपस में मिलकर निकलेंगे। दोनों अधिकारियों ने नगरपालिका के तहत प्रकाश व्यवस्था में नाम कमा रखा है।  इस समय लोगों से बात की तो उन्होंने कहा कि दोनों ही अधिकारी अच्छा नाम कमा रहे हैं तथा उनकी समस्याओं का समाधान कर रहे हैं।
 फोटो कैप्शन 01: एमई तथा जेई नगर पालिका कनीना




10 अक्टूबर करवा चौथ का व्रत
करवा चौथ पर्व पर आई खांडसारी के करवों की बहार
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कनीना की आवाज।
 शुक्रवार को कनीना क्षेत्र में करवा चौथ का पर्व मनाया जा रहा है। बाजार में खांडसारी के करवों की बहार आ गई है वहीं कपड़ों की दुकानों तथा ब्यूटी पार्लरों पर भीड़ लगने लगी है। इस दिन महिलाएं नए कपड़े पहनती हैं एवं साज शृंगार करती हैं।
कार्तिक माह की कृष्ण चतुर्थी को सौभाग्यवती महिलाओं का पर्व करवा चौथ मनाया जा रहा है जिसे ग्रामीण क्षेत्रों में गटक चौथ आदि नामों से जाना जाता है। सर्दी के प्रारंभ में आने वाले इस पर्व का विशेष महत्व माना जाता है। यह व्रत पति, पुत्र की मंगलकामना, धन एवं धान्य के लिए  किया जाता है जिसका समापन चन्द्रदेव को अघ्र्य देकर पूर्ण किया जाता है। दान पुण्य करने की भी परम्परा चली आ रही है।
    यह व्रत विवाहित एवं अविवाहित दोनों के लिए ही फलदायक माना जाता है। अविवाहित महिलाएं अपने सुपति की कामना से तो विवाहित महिलाएं अपने पुत्र, भाई  एवं पति की मंगलकामना के लिए व्रत करती हैं। अब तो पुरष भी यह व्रत रखने लग गये हैं। चांद को देखकर तथा उसे अघ्र्य देकर ही इस व्रत का समापन किया जाता है जिसके पीछे माना जाता है कि महिलाएं चांद जैसी शीतलता एवं चमक अपने इष्टदेव में देखना चाहती हैं। इस दिन श्रीगणेश की पूजा करने का विशेष विधान है।
क्या खाया जाता है-
 करवा चौथ के दिन खांडसारी के बनाए हुए करवे खाए जाते हैं। इस दिन पूजा के लिए भी करवा खरीदे जाते हैं। करवा नामक औरत की कथा भी सुनी एवं सुनाई जाती है। खांडसारी के बने हुए करवे बाजार में कई दिन पूर्व ही उपलब्ध हो जाते हैं जिन्हें खरीदकर महिलाएं लाती हैं। ये खांडसारी के करवे ही लेने देन में काम आते हैं। महिलाएं अपने से बड़ी महिलाओं को करवे दिए जाते हैं।
क्या कहानी सुनाई जाती है-
पंडित दीपक आचार्य बताते हैं कि इस दिन करवा नामक औरत की कहानी सुनाई जाती है जिसमें उस औरत के भाई अपनी बहन की भूख की व्याकुलता देखकर परेशान हो जाते हैं। वे उसे आग जलाकर छलनी में से नकली चंद्रमा का आभास कराते हैं और करवा खाना खाने के लिए तैयार होती है तो अपशकुन होते हैं किंतु दुख उस वक्त होता है जब करवा को उसके पति की मृत्यु का समाचार मिलता है। आखिरकार वह अपने पति को जीवित करने के लिए घोर तप करती है और पुन इस व्रत के आने का इंतजार करती है। आखिरकार करवा अपने पति को जीवित कराने में सफल हो जाती है। उसी दिन से करवा खाने और करवा चौथ का पर्व चला आ रहा है।
कब तक चलेगा यह व्रत-
आचार्य दीपक का कहना है कि यह व्रत दिनभर चलेगा किंतु शुक्रवार शाम करीब 8:13 बजे पर चंद्रमा दिखाई देने लग जाएगा। महिलाएं इसी चंद्रमा को अघ्र्य देकर अपना व्रत पूर्ण कर सकती हैं। दिनभर कहानी सुनने, दान पुण्य करने तथा बड़े बूढ़ों से आशीर्वाद पाने की परंपरा चली आ रही है। खांडसारी के करवे ही दान दिए जाते हैं।  
कौन करता है करवा चौथ व्रत-
एक वक्त था जब केवल महिलाएं ही करवा चौथ का व्रत करती थी। अब तो इसमें पुरुष भी भागीदार बन गए हैं। महिलाएं जहां अपने पति के लिए तो पति अपने पत्नी के लिए लंबी उम्र की कामना करते हैं। अविवाहित लड़कियां भी इस व्रत को करने लगी हैं। पले केवल विवाहित महिलाएं ही व्रत करती थी। धीरे धीरे ऐसे में बदलाव आ गया है और पुरुष की भागीदारी बढ़ती जा रही है
 बाजार सजने लगे हैं और खासकर करवा चौथ पर बाजारों में बिक्री की ज्यादा उम्मीद है।
फोटो कैप्शन 02: खांडसारी के करवे बेचता दुकानदार। साथ में आचार्य दीपक कौशिक




एसडी विद्यालय ककराला के विद्यार्थी शैक्षणिक भ्रमण के लिए रवाना
--जौय गांव का करेंगे भ्रमण
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कनीना की आवाज।
एसडी वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय ककराला ने सीबीएसई नोर्मस के अनुसार दूसरी से पांचवीं कक्षा के विद्यार्थियों के लिये एक दिन के शैक्षणिक भ्रमण का आयोजन किया गया। विद्यार्थियों के लिए जौय गांव को भ्रमण के लिए चुना गया है।  
जौय गांव पुरानी संस्कृति का अनूठा संगम है। यहां विद्यार्थियों के लिए खेल व मंनोरजन
के अनेक साधन उपलब्ध है। इसमें विद्यार्थी जानेंगे की आदिकाल से आधुनिक काल तक हमारा विकास कैसे हुआ। इसमें छात्र कला व संस्कृति को काफी नजदीकी से निहारेंगे तथा पुरातन संस्कृति व कला के प्रति उनमें उत्सुकता पैदा होगी ।
शैक्षणिक भ्रमण पार्टी को हरी झंडी दिखाकर रवाना करते हुये विद्यालय के चेयरमैन जगदेव यादव ने बताया कि नवीन पीढ़ी को अपनी वर्तमान एवं पुरातन संस्कृति से रूबरू करवाना अति आवश्यक है। शैक्षिक शिक्षा के साथ-साथ भ्रमण करने से विद्यार्थियों को बहुत कुछ सीखने का अवसर मिलता है। अत: इस भ्रमण कार्य से हमारे ये सभी उद्देश्य भली भांति पूर्ण होते हंै। उन्होंने छात्रो को भ्रमण के बाद स्वयं का विश्लेषण करने के लिये भी प्रोत्साहित किया ताकि छात्रों की चिंतनशीलता बढ़ाई जा सके अर्थात मनोरंजन और चिन्तन का समावेश हो सके। अन्त में उन्होंने बच्चों की मंगलमय यात्रा के लिए उन्हें शुभ कामनाएं दी।
फोटो कैप्शन 09:भ्रमण पर जाते विद्यार्थियों को हरी झंडी दिखाते जगदेव यादव




दो-दो दिन मना रहे पर्व एवं उत्सव
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कनीना की आवाज।
कनीना क्षेत्र में एक नहीं दो-दो दिन विभिन्न पर्व एवं उत्सव मनाये जा रहे हैं। जहां एकादशी दो मनाई  गई वहीं शरद पूर्णिमा दो मनाई गई हैं। इसी प्रकार दीपावली को लेकर भी दो दिनों की चर्चाएं हैं। अब आम आदमी परेशान हो चला है कि किस दिन पर्व मनाया जाए। पंडित अपना







अपना तर्क देकर दोनों दिन पर्व मनाया जाना उचित मान रहे हैं। अब तो दीपावली जैसा पर्व भी दो दिन मनाए जाने की बात कही जा रही है।

 

 

मलबे में मिले चांदी के सिक्के
-ढूंढने वालों की लग गई होड़ ,लोगों की भीड़ जमा

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कनीना की आवाज।
कनीना -अटेली सड़क मार्ग के पास किसी ने पुरानी हवेली को तोड़कर मलबा वहां गिराया था, जहां गड्ढे है। उधर से गुजरने वाले मजदूरों को चांदी के सिक्के नजर आए। फिर तो बात ऐसे फैल गई कि दूर दराज के मजदूर मजदूरी को भूल गए और वहां पर चांदी के सिक्के ढूंढने लगे। भारी संख्या मजदूर चांदी के सिक्के ढूंढते रहे। किसी को एक किसी को दो सिक्के हाथ लगे लेकिन सही मायने में किसको कितने हाथ लगे कह पाना कठिन है। बाद में दर्शकों की भीड़ लग गई। ऐसा नजारा शायद कहीं नहीं देखा होगा जहां इतने सारे लोग चांदी के सिक्के में मलबे से ढूंढ रहे हो।

Tuesday, October 7, 2025


 

400 मामले बिजली के सुलझाए
-एमई और जेई की जोड़ी कमा रही है नाम
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कनीना की आवाज।
 कनीना नगर पालिका में एमई दिनेश कुमार तथा जेई राकेश कुमार की जोड़ी क्षेत्र में नाम कमा रही है। दोनों मिलकर कनीना नगरपालिका के तहत समस्याओं का समाधान कर रहे हैं।
 दोनों ने बताया कि अब तक उनके पास 400 बिजली संबंधित समस्याएं आई और सभी का समाधान कर दिया है। कोई समस्या जब उनके पास आती है तुरंत कार्रवाई में लग जाते हैं और जल्द से जल्द उसका समाधान निकाल कर ही दम लेते हैं। यही कारण है कि कनीना क्षेत्र के लोगों के बिजली संबधित समस्याओं का अधिकांश का समाधान कर दिया। भविष्य में जो भी शिकायत आएगी उसका भी कोई न कोई समाधान आपस में मिलकर निकलेंगे। दोनों अधिकारियों ने नगरपालिका के तहत प्रकाश व्यवस्था में नाम कमा रखा है। लोग भी उनके प्रशंसक बन गए हैं। इस समय लोगों से बात की तो उन्होंने कहा कि दोनों ही अधिकारी अच्छा नाम कमा रहे हैं तथा उनकी समस्याओं का समाधान कर रहे हैं।
 फोटो कैप्शन 10: एमई तथा जेई नगर पालिका कनीना




एसडी विद्यालय ककराला के विद्यार्थी शैक्षणिक भ्रमण के लिए रवाना
--जौय गांव का करेंगे भ्रमण
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कनीना की आवाज।
एसडी वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय ककराला ने सीबीएसई नोर्मस के अनुसार दूसरी से पांचवीं कक्षा के विद्यार्थियों के लिये एक दिन के शैक्षणिक भ्रमण का आयोजन किया गया। विद्यार्थियों के लिए जौय गांव को भ्रमण के लिए चुना गया है।  
जौय गांव पुरानी संस्कृति का अनूठा संगम है। यहां विद्यार्थियों के लिए खेल व मंनोरजन
के अनेक साधन उपलब्ध है। इसमें विद्यार्थी जानेंगे की आदिकाल से आधुनिक काल तक हमारा विकास कैसे हुआ। इसमें छात्र कला व संस्कृति को काफी नजदीकी से निहारेंगे तथा पुरातन संस्कृति व कला के प्रति उनमें उत्सुकता पैदा होगी ।
शैक्षणिक भ्रमण पार्टी को हरी झंडी दिखाकर रवाना करते हुये विद्यालय के चेयरमैन जगदेव यादव ने बताया कि नवीन पीढ़ी को अपनी वर्तमान एवं पुरातन संस्कृति से रूबरू करवाना अति आवश्यक है। शैक्षिक शिक्षा के साथ-साथ भ्रमण करने से विद्यार्थियों को बहुत कुछ सीखने का अवसर मिलता है। अत: इस भ्रमण कार्य से हमारे ये सभी उद्देश्य भली भांति पूर्ण होते हंै। उन्होंने छात्रो को भ्रमण के बाद स्वयं का विश्लेषण करने के लिये भी प्रोत्साहित किया ताकि छात्रों की चिंतनशीलता बढ़ाई जा सके अर्थात मनोरंजन और चिन्तन का समावेश हो सके। अन्त में उन्होंने बच्चों की मंगलमय यात्रा के लिए उन्हें शुभ कामनाएं दी।
फोटो कैप्शन 09:भ्रमण पर जाते विद्यार्थियों को हरी झंडी दिखाते जगदेव यादव




दो-दो दिन मना रहे पर्व एवं उत्सव
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कनीना की आवाज।
 कनीना क्षेत्र में एक नहीं दो-दो दिन विभिन्न पर्व एवं उत्सव मनाये जा रहे हैं। जहां एकादशी दो मनाई  गई वहीं शरद पूर्णिमा दो मनाई गई हैं। इसी प्रकार दीपावली को लेकर भी दो दिनों की चर्चाएं हैं। अब आम आदमी परेशान हो चला है कि किस दिन पर्व मनाया जाए। पंडित अपना अपना तर्क देकर दोनों दिन पर्व मनाया जाना उचित मान रहे हैं। अब तो दीपावली जैसा पर्व भी दो दिन मनाए जाने की बात कही जा रही है।




वाल्मीकि अपने जमाने के महान विद्वान थे-संत लालदास
--लालदास महाराज अपने हाथें खिलया भक्तों को प्रसाद
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कनीना की आवाज।
क्षेत्र में बाल्मीकि जयंती एवं शरद पूर्णिमा मनाई गई। इस मौके पर भंडारा लगाया गया एवं भजन सत्संग चले। मंगलवार को रात्रि बनाई गई खीर को बुधवार के दिन वितरित किया जाएगा
वाल्मीकि अपने जमाने के महान विद्वान थे जिन्होंने संपूर्ण रामायण को न केवल लिखा अपितु लिखी हुई रामायण के अनुसार ही लव-कुश को ढालकर सिद्ध कर दिया कि महर्षियों में भी तप एवं त्याग के बल पर वो सिद्धि प्राप्त हो जाती है जो शायद किसी बड़े से बड़े देव के पास ही हो सकती हैं। ये विचार आज संत शिरोमणि बाबा उधोदास आश्रम के महंत बाबा लालदास ने शरद पूर्णिमा एवं वाल्मीकि जयंती के अवसर पर दूर दराज से आए भक्तों को व्यक्त किए।
   उन्होंने कहा कि जब-जब रामायण की चर्चा होगी तब-तब  वाल्मीकि का नाम भी यूं ही लिया जाता रहेगा। वाल्मीकि जिन्होंने नारद मुनि की प्रेरणा से न केवल घोर तप किया अपितु संपूर्ण रामायण की रचना करके अपने तप के बल को दर्शाया। उन्होंने कहा कि ऐसे महर्षि शायद ही सदियों के बाद कभी पैदा होते हैं। उन्होंने कहा कि संतों का जीवन ही दूसरों के हित एवं भलाई के लिए हुआ है। ऐसे में संतों को अपना प्यार एवं स्नेह अपने भक्तों पर सदा न्यौछावर करते रहना चाहिए।
    उन्होंने दूर दराज से आए भक्तों से कहा कि शरद पूर्णिमा का पर्व बहुत अहमियत रखता है। यह पर्व कई रोगों से छुटकारा दिलाने वाला ही नहीं अपितु इंसान में नया संचार जगाने वाला होता है। उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण ने भी इस पर्व का विशेष महत्व बताया है तथा इस पर्व से सर्दी का मौसम जुड़ा है। सर्दी प्रारंभ होने से सेहत के लिए लाभकारी होती हैं। उन्होंने कहा कि इस दिन से जल्दी उठकर स्नान ध्यान करने से सभी कष्टï स्वत: छूट जाते हैं तथा मोक्ष की प्राप्ति होती है।
 इस मौके पर भजन एवं कीर्तनों का आगाज किया गया और प्रसाद वितरित किया गया। इस मौके पर भारी संख्या में भक्तजन एवं भारी संख्या में महिलाएं उपस्थित थी। संत ने बताया कि सोमवार को खीर प्रसाद वितरित किया जाएगा।
 फोटो कैप्शन 08: लालदास महाराज संबोधित करते हुए



महर्षि वाल्मीकि की जयंती से हमें बहुत कुछ सीखने की आवश्यकता है- शिवानंद महाराज
--हवन आयोजित
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कनीना की आवाज।
भगवान के बताएं मार्ग पर चलने वाले की कभी हार नहीं होती। वह सदा ही जीत को प्राप्त करता है। ये विचार परम संत शिवानंद महाराज ने कृष्णानंद धाम पर शरद की पूर्णिमा के उपलक्ष्य में आयोजित विश्व शांति यज्ञ के उपरांत व्यक्त किये।
 इस अवसर पर उन्होंने कहा कि व्यक्ति को सबसे पहले मानवता ग्रहण करनी चाहिए क्योंकि व्यक्ति की सबसे अच्छी पूंजी मानवता ही है। अगर व्यक्ति में मानवता नहीं है तो वह व्यक्ति भी पशु के समान है। जिस व्यक्ति में मानवता है वह व्यक्ति भगवान को बड़ा ही प्रिय होता है और प्रभु उसकी हर समय सहायता करते हैं। परममात्मा द्वारा बताएं मार्ग पर आगे बढ़ते रहना चाहिए और समाज में फैली कुरीतियों को दूर करते हुए मानव जीवन को सफल बनाना चाहिए। महर्षि वाल्मीकि के द्वारा समाज में फैली कुरीतियों को दूर करने के लिए जो महान कार्य किया था उसको यह समाज कभी भुला नहीं सकता। हम सबको महर्षि के बताए मार्ग पर भी आगे बढ़ते हुए समाज में फैली कुरीतियों को दूर करने के भ्रसक प्रयास करने चाहिए ताकि समाज स्वच्छ व निर्मल हो सके। इस अवसर पर ट्रस्ट के व्यवस्थापक कैलाश गोयल, अनिल यादव,कर्मवीर सिंह, विजय कुमार आर्य, फतेहचंद दायमा, मखनलाल आचार्य, आनंद सिंघल आदि उपस्थित रहे।
 उधर वाल्मीकि समाज धनौंदा के तत्वावधान में दो दिवसीय भगवान वाल्मीकि प्रकटोत्सव धूमधाम मनाया गया। इस अवसर पर रात्रि को रेवाड़ी कला मंच के कलाकारों द्वारा महर्षि के जीवन की झांकियां प्रस्तुत कर तथा जागरण में महिमा का गुणगान कर श्रद्धालुओं को भाव विभोर किया। इस अवसर पर भंडारा आयोजित किया गया। जिसमें सैकड़ों श्रद्धालुओं ने भाग लिया। चेयरमैन रतन सिंह, बनवारीलाल डीएसपी, सूबेदार मेजर मदन सिंह, कप्तान ओमपाल सिंह, रामकर्ण वाल्मीकि, कर्मवीर आदि गांव के गणमान्य लोगों ने उपस्थित होकर समारोह की सफलता के लिए उल्लेखनीय योगदान दिया।
  उधर उधोदास आश्रम में संत लालदास महाराज ने संत वाल्मीकि के बारे में विरूस्तार से बताया। उनकी शिक्षाओं पर चलने का आह्वान किया। इस मौके पर हचन, प्रवचन एवं प्रसाद वितरण का कार्यक्रम चला।
फोटो कैप्शन 06: हवन करते हुए स्वामी शिवानंद





कनीना क्षेत्र में मंगलवार को हुई वर्षा, सोमवार को हुई थी 12 एमएम वर्षा
- वर्षा रबी फसल के लिए लाभप्रद- कृषि विभाग
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कनीना की आवाज।
 कनीना क्षेत्र में मंगलवार को 5 एमएम वर्षा हुई। सोमवार को 12 एमएम वर्षा हुई थी। जगह जगह गंदा जल भर गया है वहीं रेवाड़ी प्रमुख सड़क मार्ग पर भी जगह जगह पानी भररा हुआ है। सबसे बुरी हालत कनीना के होलीवाला जोहड़ की रही जहां दूर दराज तक गंदा जल खड़ा हो गया है।  इस समय 95 प्रतिशत किसानों ने अपने खेतों से बाजरे और कपास की फसल की इक_ी कर ली है तथा पैदावार मंडियों तक बेचने के लिए लालायित हैं लेकिन अभी तक किसानों की बाजरे की पैदावार नहीं बिक पा रही है। न ही कपास की फसल बिक पा रही है।
 उधर कनीना के होलीवाला जोहड़का कोई समाधान नहीं निकल रहा है। उच्च अधिकारी और मंत्री इस जोहड़ की पैमाइश करके इसकी खोदाई करने का आदेश दे चुके हैं लेकिन नगर पालिका इस कार्य में सुस्ती बरत रही है जिसके कारण आवागमन गंदे पानी से हो रहा है। सड़क मार्ग के साथ से गुजरने वाले दोपहिया वाहन बहुत परेशान है क्योंकि बड़े वाहन गंदे पानी के छींटे मारते हुए गुजर रहे हैं। इस समय कपास, बाजरे की पैदावार अनाज मंडियों में कुछ मात्रा में पड़ी हुई है वरना किसानों के घरों में रखी हुई है।
वर्षा का होगा लाभ-
एसडीओ कृषि विभाग महेंद्रगढ़ डा. अजय यादव ने बताया कि वर्षा लाभप्रद है। जिन किसानों ने अपने खेतों में अभी तक बाजरा या कपास की फसल काट कर डाल रखी है उसे बेशक नुकसान हो सकता है वरना यह वर्षा रबी फसल के लिए लाभप्रद होगी। यदि नामी भूमिगत नमी से मिल जाए तो किसानों के वारे न्यारे हो जाएंगे। उन्होंने बताया कि 10 अक्टूबर के बाद सरसों के बिजाई की जाती है लेकिन यह सरसों की बिजाई तापमान पर निर्भर करती है। यदि तापमान 30 डिग्री सेंटीग्रेड से कम हो तो बिजाई उत्तम रहती वरना सरसों की फसल गर्मी से जल जाती है। सर्वोत्तम ताप 25 डिग्री सेंटीग्रेड होता है। गेहूं की फसल अक्टूबर के अंतिम सप्ताह या नवंबर माह में उगाई जाएगी। किसान खेत की तैयारियों में जुटे हुए हैं।
 फोटो कैप्शन 03 व 04: प्रमुख सड़क मार्गों पर भरा हुआ गंदा जल साथ में एसडीओ कृषि विभाग डा. अजय यादव



राजकुमार कनीना को बनाया कोर्डिनेटर
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कनीना की आवाज।
उत्तराखंड प्रदेश में युवा कांग्रेस के चुनाव लांच हो गये हैं। चुनावी प्रक्रिया शुरू हो गई है जिसमें  हरियाणा युवा कांग्रेस प्रदेश महासचिव राजकुमार यादव कनीना निवासी को कोटद्वार, लैंसडाउन ,यमकेश्वर विधानसभाओं का कोआर्डिनेटर बनाया गया है।




शरद पूर्णिमा की जमकर को खिलाई खीर
 -जगह जगह मनाया शरद पूर्णिमा का पर्व
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कनीना की आवाज। 
सोमवार देर रात तक शरद पूर्णिमा का पर्व मनाया गया। इस मौके पर रात के समय खीर बनाने तथा प्रसाद के रूप में अगले दिन बांटने की प्रथा चली आ रही है। मंदिरों में खीर बनाकर रात के समय चंद्रमा की किरणें डालकर खिलाने की परंपरा भी अनोखी है। गुरुवार को जमकर खीर खिलाई गई।
    घरों में तो खीर बनती ही है साथ में मंदिरों में भी खीर बनाने की परंपरा है। यह खीर रातभर रखी खुले आकाश के नीचे रखी गई तथा चंद्रमा की किरणें डालकर इसे रोग विनाशक बनाकर ही खिलाया गया।
   राधा कृष्ण मंदिर अनाज मंडी कनीना में शरद पूर्णिमा के पावन अवसर पर सत्संग का आयोजन किया गया व दिव्य खीर का प्रसाद वितरित किया गया। श्रीश्याम मित्र मंडल अनाज मंडी कनीना के प्रधान अनिल गर्ग ने बताया कि हमारी सनातन संस्कृति में इस दिन का विशेष महत्व है । इस दिन को माता लक्ष्मी का प्राकट्य दिवस भी माना जाता है व इसी दिन चंद्रमा अपनी 16 कलाओं से परिपूर्ण प्रकाश को पृथ्वी पर भेजता है। चांद की चांदनी में सराबोर होकर खीर का प्रसाद औषधियुक्त हो जाता है । इस अवसर पर मनमोहक भजनों के माध्यम से भगवान को रिझाया गया। इस अवसर पर विनोद गुड्डू चौधरी , शेरसिंह रोहिल्ला , संजय गर्ग ,वेदप्रकाश जेलदार , महेंद्र मित्तल , मुकुट मित्तल , अजीत गर्ग , सुरेंद्र मित्तल ,सुरेश मिस्त्री , सुरेंद्र शर्मा उपस्थित रहे।
फोटो कैप्शन 05: खीर का प्रसाद ग्रहण करने से पहले भजन करते हुए।





एक्सप्रेस ट्रेनों के ठहराव को लेकर दिया धरना
-अतरलाल की अध्यक्षता में स्टेशन मास्टर को दिया ज्ञापन
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कनीना की आवाज।
 कनीना उपमंडल के आस-पास के 54 गांवों के लोगों ने कनीना खास रेलवे स्टेशन पर एक्सप्रेस गाडिय़ों के ठहराव की मांग को लेकर धरना दिया। धरना का नेतृत्व प्रमुख समाजसेवी अतरलाल एडवोकेट ने किया।
  धरना प्रदर्शनकारियों को सम्बोधित करते हुए अतरलाल ने कहा कि कनीना स्टेशन से 8 एक्सप्रेस ट्रेन गुजरती है परन्तु उनमें से एक भी एक्सप्रैस ट्रेन का ठहराव कनीना स्टेशन पर न होने के कारण लोगों में भारी नाराजगी है। उन्होंने चेतावनी दी एक महीने के अंदर कनीना खास रेलवे स्टेशन पर दिल्ली जोधपुर एक्सप्रैस गाड़ी नम्बर 22421, 22422, दिल्ली से बीकानेर एक्सप्रेस गाड़ी नंबर 22471, 22472, दिल्ली से सीकर एक्सप्रेस गाड़ी नंबर 14713, 14714 तथा रात को आने वाली दिल्ली बीकानेर एक्सप्रेस गाड़ी नंबर 12457, 12458 और दिल्ली जोधपुर एक्सप्रैस गाड़ी नम्बर 22481, 22482 का ठहराव की अधिसूचना एक महीने के अंदर जारी नहीं की तो रेल रोको आंदोलन और बेमियादी धरना शुरू किया जाएगा। धरने को कर्णसिंह यादव, श्रीभगवान गौतम, हरेन्द्र शर्मा, भागसिंह चेयरमैन, श्यामलाल शाश्वत, प्रधान ब्रहमदत शर्मा ने सम्बोधित करते हुए रेलमंत्री से तत्काल एक्सप्रैस ट्रेनों का ठहराव कनीना स्टेशन पर करने की मांग की। धरना के बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, रेल मंत्री अश्वनी वैष्णव तथा डीआरएम बीकानेर डीवीजन को प्रेषित तीन अलग-अलग ज्ञापन स्टेशन मास्टर सुमित कुमार को सौंपे। इसे उन्होंने तत्काल रेल प्रशासन को भेजने का भरोसा दिया। इस अवसर पर नीतू जांगड़ा, राजेन्द्र पंच, राकेश यादव, किशनपाल तंवर, सूबेदार मेजर मदन सिंह, बह्मदत जांगड़ा, कैलाश सेठ, अनिल, रामप्रसाद, दिवान, कैलाश ठेकेदार, कर्णसिंह यादव, श्रीभगवान गौतम, जयसिंह, कप्तान ओमपाल सिंह, विजय सिंह, ऋषि यादव, रामसिंह प्रजापति आदि सैकड़ों जन उपस्थित रहे।
फोटो कैप्शन 02: एक्सप्रेस ट्रेनों के ठहराव को लेकर धरना देते हुए





80 गेट पास काटे, अब तक कुल गेट पास 900 पहुंचे
-बाजरे की कोई सरकारी खरीद नहीं हुई
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कनीना की आवाज।
 कनीना की नई अनाज मंडी स्थित चेलावास में जहां मंगलवार को भी 80 गेट पास काटे गए। कुल गेट पास 900 पहुंच गए। किसानों का बाजरा फड़ों पर पड़ा हुआ है लेकिन सरकारी तौर पर एक भी ढेरी की खरीद नहीं हो पाई है क्योंकि बाजरा मानकों को पर खरा नहीं उतर पा रहा है।
 सचिव मार्केट कमेटी मनोज पाराशर ने बताया कि मंगलवार को भी वर्षा के चलते फड़ों पर पड़े हुए तथा टीन शेड के बाहर जो भी अनाज पड़ा था उसे अच्छी प्रकार ढक दिया गया है ताकि वर्षा का कोई कुप्रभाव नहीं पड़ सके। उन्होंने बताया कि अभी तक सरकारी खरीद बाजरे की नहीं हो पाई है। निजी स्तर पर जरूर बाजरा खरीदा गया है वह भी एमएसपी से कम भाव पर खरीदा गया है। प्राइवेट स्तर पर करीब 2300 क्विंटल बाजरा खरीदा जा चुका है।
 उधर दिन भर सोमवार को वर्षा चलती रही और मंगलवार को भी वर्षा हुई जिसके चलते अनाज को ढक कर रखना पड़ा। पहले ही अनाज वर्षा के कारण खराब हो चुका है और अभी भी वर्षा प्रभाव डाल रही है। यह वर्षा भावी फसल के लिए बेहतर मानी जा रही है।  
फोटो कैप्शन 01: वर्षा के कारण फड़ों पर पड़ा ढका हुआ बाजरा





दो-दो दिन मना रहे पर्व एवं उत्सव
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कनीना की आवाज।
 कनीना क्षेत्र में एक नहीं दो-दो दिन विभिन्न पर्व एवं उत्सव मनाये जा रहे हैं। जहां एकादशी दो मनाई  गई वहीं शरद पूर्णिमा दो मनाई गई हैं। इसी प्रकार दीपावली को लेकर भी दो दिनों की चर्चाएं हैं। अब आम आदमी परेशान हो चला है कि किस दिन पर्व मनाया जाए। पंडित अपना अपना तर्क देकर दोनों दिन पर्व मनाया जाना उचित मान रहे हैं। अब तो दीपावली जैसा पर्व भी दो दिन मनाए जाने की बात कही जा रही है।




















Monday, October 6, 2025


 

हरे वृक्षों की कटाई जारी, रोकने वाला कोई नहीं
 - सरेआम ट्रैक्टर ट्राली भरकर ले जाते हैं
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कनीना की आवाज।
जहां एक तरफ सरकार मां के नाम एक पेड़ लगाने के लिए गांव-गांव में कार्यक्रम कर लोगों को प्रेरित कर रही है ताकि प्रदूषण को रोका जा सके। वहीं दूसरी तरफ ग्रामीण क्षेत्र में रहने वाले लोग आए दिन हरे वृक्षों पर निर्दयपूर्वक आरा तथा कुल्हाड़ी चला कर मोटा मुनाफा कमा रहे हैं। विभाग के अधिकारी व कर्मचारियों द्वारा इनको रोका तक नहीं जाता।
यहां गौरतलब है कि सुबह शाम दोपहर को सड़कों पर ट्रैक्टर ट्राली पिकअप, ऊंट गाड़ी के अलावा अन्य साधनों में हरे वृक्षों को काटकर भरकर ले जाते देखा जा सकता हैं।
 वही पर्यावरण प्रेमी अनिल यादव, नरेंद्र शर्मा घनश्याम शास्त्री, पूर्व पंच ठाकुर घनश्याम सिंह, प्रदीप चौहान मोहनपुर, विक्रम सिंह, नरेश कुमार जगबीर सिंह, महेश कुमार, विनय चौहान, योगेंद्र शर्मा, योगेश कुमार के अलावा अन्य लोगों ने जानकारी देते हुए बताया कि अगर सरकार हरे वृक्ष काटने पर स्थायी कानून बना दे तो मां के नाम व अन्य किसी के नाम पर वृक्ष लगाने की शायद जरूरत ही ना पड़े। लेकिन वृक्षमाफिया वृक्षों को काटकर मोटा धन कमा रहे हैं। साथ ही सरकार व प्रशासन को ठेंगा दिखा रहे हैं।
लोगों का यह भी कहना है सरकार तथा प्रशासन अगर सख्त हो जाए तो अवश्य ही हरे वृक्षों पर चलने वाली कुल्हाड़ी को रोका जा सकता है। सरकार व प्रशासन हरे वृक्षों के कटान को नहीं रोक पाएगा तो जल्द ही इस क्षेत्र को रेगिस्तान बनने से कोई नहीं रोक सकता।
 फोटो कैप्शन 04: हरे वृक्षों की कटाई कर बेचे ले जाते हुए लोग






44 गेट पास काटे, अब तक कुल गेट पास 778 पहुंचे
-बाजरे की कोई सरकारी खरीद नहीं हुई
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कनीना की आवाज।
कनीना की नई अनाज मंडी स्थित चेलावास में जहां सोमवार को भी 44 गेट पास काटे गए। कुल गेट पास 778 पहुंच गए। किसानों का बाजरा फड़ों पर पड़ा हुआ है लेकिन सरकारी तौर पर एक भी ढेरी की खरीद नहीं हो पाई है क्योंकि बाजरा मानकों को पर खरा नहीं उतर पा रहा है।
 सचिव मार्केट कमेटी मनोज पाराशर ने बताया कि सोमवार को वर्षा के चलते फड़ों पर पड़े हुए तथा टीन शेड के बाहर जो भी अनाज पड़ा था उसे अच्छी प्रकार ढक दिया गया है ताकि वर्षा का कोई कुप्रभाव नहीं पड़ सके। उन्होंने बताया कि अभी तक सरकारी खरीद बाजरे की नहीं हो पाई है। निजी स्तर पर जरूर बाजरा खरीदा गया है वह भी एमएसपी से कम भाव पर खरीदा गया है।
 उधर दिन भर सोमवार को वर्षा चलती रही जिसके चलते अनाज को ढक कर रखना पड़ा। पहले ही अनाज वर्षा के कारण खराब हो चुका है और अभी भी वर्षा प्रभाव डाल रही है। यह वर्षा भावी फसल के लिए बेहतर मानी जा रही है।  
फोटो कैप्शन 5: वर्षा के कारण फड़ों पर पड़ा ढका हुआ बाजरा






अब रोवर से होगी जमीन की पैमाइश
-राजस्व कर्मियों को दिया रोवर आधारित भूमि पैमाइश का प्रशिक्षण
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कनीना की आवाज।
अब हरियाणा में जमीनी पैमाइश रोवर तकनीक के आधार पर होगी। इसी तकनीक के बारे में जानकारी देने के लिए आज लघु सचिवालय में जि़ला राजस्व अधिकारी राकेश कुमार की अध्यक्षता में राजस्व विभाग के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को रोवर का प्रशिक्षण दिया गया।
डीआरओ ने बताया कि यह जिला स्तरीय प्रशिक्षण हरियाणा सरकार की महत्त्वाकांक्षी लार्ज स्केल मैपिंग हरियाणा परियोजना का एक अभिन्न अंग है। इस तकनीक का उद्देश्य राज्य में भूमि रिकॉर्ड को आधुनिक और त्रुटिरहित बनाना है।
प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य राजस्व अधिकारियों, जैसे पटवारी और कानूनगो, को रोवर उपकरण के संचालन और इसके उपयोग से अत्यधिक सटीकता के साथ भूमि की पैमाइश करने में दक्ष बनाना है। रोवर एक उन्नत सक्षम उपकरण है जो राज्य भर में स्थापित कंटीन्यूअसली आपरेटिंग रेफरेंस स्टेशन नेटवर्क के सहयोग से कार्य करता है, जिससे पैमाइश की सटीकता और पारदर्शिता सुनिश्चित होती है।
जिला राजस्व अधिकारी राकेश कुमार ने सभी प्रतिभागियों से इस प्रशिक्षण को गंभीरता से लेने और नई तकनीक का उपयोग कर राजस्व संबंधी कार्यों को प्रभावी ढंग से निष्पादित करने का आह्वान किया।




जोहड़ की हो अविलंब पैमाइश, तत्पश्चात खुदाई
सरकार ने पहले दिया हुआ पैैमाइश का आदेश
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कनीना की आवाज।
 कनीना के होलीवाला जोहड़ ने यूं तो लाखों रुपये की क्षति लोगों की पहुंचाई है। वहीं सड़क मार्ग को भारी नुकसान हुआ है। इसका गंदा जल दूरदराज तक फैला हुआ है। अनेक दुर्घटनाएं घट चुकी हैं। अब तो कनीनावासी एक बार फिर से इसकी पैमाइश करने पर अडिग हैं।
 उल्लेखनीय है कि कुछ माह पहले इस जोहड़ की पैमाइश करने की मांग प्रबल हुई थी और दो वार्डों के सदस्य आरती सिंह राव मंत्री से मिले थे। आरती सिंह राव ने भी इस जोहड़ की खोदाई करने से पहले पैमाइश करने का आदेश दिया था लेकिन अभी तक नगर पालिका ने पैमाइश नहीं करवाई है। नगरपालिका की माने तो उसका कहना है कि तहसीलदार को पत्र प्रेषित है। पैमाइश तहसीलदार की तरफ से नहीं हुई है। ऐसे में अब लोगों में रोष पनप रहा है। क्या कहना है लोगों का --
होलीवाला जोहड़ वर्षों पुराना है। इसके एक सिरे पर होलिका दहन वर्षों पहले से चला रहा है। उसकी जगह को घेरकर संकीर्ण किया हुआ है। यहां तक की जोहड़ में भी र्इंंधन डालकर कब्जा किया हुआ है। ऐसे में जोहड़ की पैमाइश करवाई जाए तथा तिक्रमण हो तो उसे अविलंब हटाया जाए। तत्पश्चात की खोदाई की जाए।
-- लेख राम, कनीना
होलीवाला जोहड़ एक गांव के लोगों के लिए नहीं अपितु कई गांवों को आने जाने वाले लोगों के लिए समस्या बना हुआ है। विशेषकर करीरा,भडफ़ तथा लोग जो इस रास्ते से गुजरते हैं उन्हें भारी परेशानी होती है। दूध दोहने वाले, दोपहिया वाहन चालक और रोटी रोजी कमाने के लिए जाने वाले लोगों के लिए आफत बनी है। सुबह और शाम गंदे पानी से होकर गुजरना पड़ता है। इसकी पैमाइश और खोदाई का आदेश मंत्री आरती सिंह राव ने दिया हुआ है। ऐसे में पहले पैमाइश और फिर खोदाई करवाई जाए।
--नरेंद्र सिंह,कनीना
वार्ड एक कनीना की प्रमुख समस्या होलीवाला जोहड़ है। इस पर प्रतिक्रमण भी किया हुआ है। अगर इस जोहड़ की पैमाइश करवा दी जाए और अतिक्रमण हटवा दिया जाए तो यह जोहड़ लोगों के लिए सुरक्षित बन सकता है। वरना इसका जल घरों की दीवारों एवं सड़क मार्गों को नुकसान पहुंचाता रहेगा। जोहड़ की पैमाइश करवाकर  अतिक्रमण छुड़वाया जाए, तत्पश्चात ही जोहड़ को साफ किया जाए।
-- राजेंद्र सिंह, करीरा
वर्षा से समस्या बना हुआ, अतिक्रमण का शिकार तथा आवागमन में बाधक बना हुआ होलीवाला जोहड़ की पैमाइश बहुत जरूरी बन गई है। इसके बाद ही इसकी खोदाई करवा कर लोगों को राहत देनी चाहिए वरना आए दिन दुर्घटनाएं बढ़ती चली जाएगी।
-- अशोक कुमार,कनीना
इस संबंध में कनिष्ठ अभियंता नगर पालिका राकेश कुमार ने बताया कि जोहड़ की पैमाइश करवाने के लिए पत्र तहसीलदार को लिखा हुआ है। लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। उनका मानना है कि खोदाई तो करवानी ही है ताकि लोगों को राहत मिल सके।
फोटो कैप्शन 03: होलीवाला जोहड़
साथ में लेखराम, राजेंद्र सिंह, अशोक कुमार और नरेंद्र सिंह






शरद पूर्णिमा व्रत 7 अक्टूबर को
--आज रात्रि को बनेगी खीर
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कनीना की आवाज।
ज्योतिषाचार्य  पंडित ऋषि राज शर्मा के अनुसार आश्विन माह की पूर्णिमा तिथि 06 अक्तूबर को दोपहर 12 बजकर 22 मिनट से लग जाएगी जो 7 अक्तूबर को सुबह 09 बजकर 17 मिनट पर खत्म होगी। ऐसे में उदया तिथि के अनुसार शरद पूर्णिमा का खीर का प्रसाद 06 अक्तूबर को रात्रि को ही बनेगा
पूर्णिमा का व्रत 7 अक्टूबर को रखा जाएगा 7
आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि को शरद पूर्णिमा मनाई जाती है।  इस पूर्णिमा का विशेष महत्व है, क्योंकि इस दिन चंद्रमा 16 कलाओं से परिपूर्ण होता है। इस दिन स्नान, दान करने के साथ-साथ मां लक्ष्मी की पूजा करने का विशेष महत्व है। कहा जाता है कि इस दिन मां लक्ष्मी धरती पर आती है। इसलिए इस दिन पूजा अर्चना करने के साथ जागरण किया जाता है। इसके अलावा रात को खुले आसमान के नीचे खीर रखी जाती है ।
फोटो कैप्शन: ऋषिराज शर्मा





कनीना क्षेत्र में  हुई 12 एमएम वर्षा
- वर्षा रबी फसल के लिए लाभप्रद- कृषि वैज्ञानिक
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कनीना की आवाज।
 कनीना क्षेत्र में सोमवार को 12 एमएम वर्षा हुई। जगह जगह गंदा जल भर गया। सबसे बुरी हालत कनीना के होलीवाला जोहड़ की रही जहां दूर दराज तक गंदा जल खड़ा हो गया है। जिन किसानों की फसल काटकर डाली हुई है उसे नुकसान होने का अंदेशा है वरना वर्षा का लाभ होगा। इस समय 95 प्रतिशत किसानों ने अपने खेतों से बाजरे और कपास की फसल की इक_ी कर ली है तथा पैदावार मंडियों तक बेचने के लिए लालायित हैं लेकिन अभी तक किसानों की बाजरे की पैदावार नहीं बिक पा रही है। न ही कपास की फसल बिक पा रही है। गर्मी राहत मिली है।
  कोई समाधान नहीं निकला है-
कनीना के होलीवाला जोहड़का कोई समाधान नहीं निकल रहा है। उच्च अधिकारी और मंत्री इस जोहड़ की पैमाइश करके इसकी खोदाई करने का आदेश दे चुकेे हैं लेकिन नगर पालिका इस कार्य में सुस्ती बरत रही है जिसके कारण आवागमन गंदे पानी से हो रहा है। सड़क मार्ग के साथ से गुजरने वाले दोपहिया वाहन बहुत परेशान है क्योंकि बड़े वाहन गंदे पानी के छींटे मारते हुए गुजर रहे हैं। इस समय कपास, बाजरे की पैदावार अनाज मंडियों में कुछ मात्रा में पड़ी हुई है वरना किसानों के घरों में रखी हुई है।
वर्षा का होगा लाभ-
एसडीओ कृषि विभाग महेंद्रगढ़ डा. अजय यादव ने बताया कि वर्षा लाभप्रद है। जिन किसानों ने अपने खेतों में अभी तक बाजरा या कपास की फसल काट कर डाल रखी है उसे बेशक नुकसान हो सकता है वरना यह वर्षा रबी फसल के लिए लाभप्रद होगी। यदि नामी भूमिगत नमी से मिल जाए तो किसानों के वारे न्यारे हो जाएंगे। उन्होंने बताया कि 10 अक्टूबर के बाद सरसों के बिजाई की जाती है लेकिन यह सरसों की बिजाई तापमान पर निर्भर करती है। यदि तापमान 30 डिग्री सेंटीग्रेड से कम हो तो बिजाई उत्तम रहती वरना सरसों की फसल गर्मी से जल जाती है। सर्वोत्तम ताप 25 डिग्री सेंटीग्रेड होता है। गेहूं की फसल अक्टूबर के अंतिम सप्ताह या नवंबर माह में उगाई जाएगी। किसान खेत की तैयारियों में जुटे हुए हैं।
 फोटो कैप्शन 02: होलीवाला जोहड़ का भरा हुआ गंदा जल साथ में एसडीओ कृषि विभाग डा. अजय यादव



शरद पूर्णिमा 7 अक्टूबर को
- खीर बनाकर खिलाने की तैयारी शुरू
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कनीना की आवाज।
 7 अक्टूबर को शरद पूर्णिमा का पर्व मनाया जाएगा। इस दिन चांदनी रात में रखी हुई खीर काो प्रसाद के रूप में बांटा जाएगा। कम से कम एक दर्जन स्थानों पर खीर बांटने का प्रबंध किया हुआ है।  स्वास्थ्य के लिए सर्वोत्तम मानी जाती है। विभिन्न प्रकार के मरीज इस खेल को खाकर स्वस्थ होने की बात कही जाती है। यूं तो हर गांव और मोहल्ले में खीर बनाई जाती है किंतु अकेले कनीना में ही चार विभिन्न स्थानों पर खीर बनाई जाती है और भक्तों को खिलाई जाती है। दिनेश कुमार मोलडऩाथ आश्रम ट्रस्ट प्रधान ने बताया कि कनीना में जहां मोलडऩाथ आश्रम पर, लाल गिरी महाराज आश्रम तथा राधे धाम आश्रम पर खीर बनाई जाती है वहीं उधोदास आश्रम पर तो विशेष प्रकार की दवाइयां डालकर विशेष खीर बनाई जाती है जो विभिन्न रोगियों को खिलाई जाती है। लालदास महाराज अपने हाथों से यह खीर बांटते हैं।  इस दिन से माना जाता है ठंड शुरू हो जाती है। उल्लेखनीय की ठंड का सिलसिला अभी से शुरू हो गया है। सुबह सवेरे कुछ ठंड महसूस होने लगी है। 7 अक्टूबर से ठंड का सिलसिला तेज हो जाएगा। यही वक्त सरसों उगाने के लिए उत्तम माना जाता है वहीं सेहत बनाने के लिए भी यह वक्त सबसे उत्तम माना जाता है।
उधोदास आश्रम के महंत लालदास ने बताया कि उनके यहां तो जो खीर बनाई जाती है उस मखमल के कपड़े से ढककर रख दिया जाता है ताकि अधिक मात्रा में चंद्रमा की किरणें गिर सके। इन्हीं किरणों के कारण खीर का स्वाद मधुर बन जाता है। तत्पश्चात इस खीरा को रात के बारह बजे बाद ही प्रसाद बतौर खिलाया जाता है। इस खीर का श्वास रोगियों के लिए बेहद लाभ होता है। उन्होंने बताया कि इस खीर में डालने के लिए कई प्रकार की औषधियां व पदार्थ मंगवाएं हैं ताकि खीर के प्रसाद से उनका रोग ठीक हो सके। रातभर भजन कीर्तन करते हुए ठाकुर जी का भोग लगाकर प्रसाद चखते हंै।  
क्या कहते हैं वैद्य-
वैद्य बालकिशन एवं श्रीकिशन का कहना है कि शरद पूर्णिमा का पर्व बहुत अहमियत रखता है। यह पर्व कई रोगों से छुटकारा दिलाने वाला ही नहीं अपितु इंसान में नया संचार जगाने वाला होता है। उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण ने भी इस पर्व का विशेष महत्व बताया है तथा इस पर्व से सर्दी का मौसम जुड़ा है। सर्दी प्रारंभ होने से सेहत के लिए लाभकारी होती हैं। उन्होंने कहा कि इस दिन से जल्दी उठकर स्नान ध्यान करने से सभी कष्टï स्वत: छूट जाते हैं तथा मोक्ष की प्राप्ति होती है।
  सुरेंद्र शर्मा ज्योतिषाचार्य ने बताया कि इसी पर्व से जुड़ी है कार्तिक स्नान करने की परंपरा। महिलाएं पूरे एक माह तक चलता रहता है। एक माह बाद इसे संपन्न करती हैं। स्वास्थ्य की दृष्टिï से भी यह समय अनुकूल माना जाता है।






 पुत्री होने पर किया कुआं पूजन
-माता की कढ़ाई













करके खिलाया प्रसाद
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कनीना की आवाज।
कनीना निवासी मुकुल यादव के यहां पुत्री होने पर पूरे परिवार में खुशी का माहौल है। पूरे परिवार ने मिलकर बच्ची का कुआं पूजन किया वहीं बड़े स्तर पर माता की कढ़ाई करके लोगों को मुंह मीठा किया।
जगमोहन ने बताया कि उनके घर में मुकुल कुमार एवं ललिता के तेजस्विनी नाम की पुत्री के पैदा होने पर कुआं पूजन किया है। बच्ची की मां ललिता को भी हुई बेटी होने पर खुशी है। उन्होंने कहा कि बेटी बेटों से किसी प्रकार कम नहीं होती हैं। हरियाणा सरकार का नारा है बेटी बचाओ तथा बेटी पढ़ाओ जिसे सार्थक कर रहे हैं।  बच्ची के दादा जगमोहन और दादी संतोष देवी को भी हुई पोती होने पर खुशी हुई और उन्होंने बच्ची का कुआं पूजन करने की बात कही जिस पर सभी सहमत हो गये। समस्त निर्बाण परिवार ने बड़ी धूम धाम से कुआं पूजन किया और जितने भी लोग पहुंचे उनका माता की कढ़ाई करके मुंह मीठा किया। उनका कहना है कि लड़की पैदा होना गर्व की बात होती है। पूरे देश ही नहीं विदेशों में भी लड़कियों ने अपनी प्रतिभा से धूम मचा रखी है।
  इस मौके पर विजयपाल प्राचार्य, महेंद्र सिंह प्राध्यापक, शिक्षा विभाग के ताजपाल सिंह, कृष्ण कुमार, सुनील कुमार, देशराज, मा. कंवर सिंह आदि ने खुशी जताई और बच्ची को आशीर्वाद दिया।
फोटो कैप्शन 01: बच्ची के पैदा होने पर कुआं पूजन करते हुए।



Sunday, October 5, 2025


 





गंगा सफाई अभियान में बढ़ चढ़कर भाग लेने के तैयार है धनौंदा की टीम
---गंगा माता के पास पड़े कूड़े के ढेर
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कनीना की आवाज।
उत्तराखंड सरकार केवल कागजी वायदा करती है जबकि धरातल पर कोई कार्य नहीं करती। ये विचार धनौंदा के स्वामी शिवानंद महाराज ने हरिद्वार में गंगा स्नान के उपरांत  धनौंदा में पहुंचने के बाद पत्रकार वार्ता में व्यक्त किये। इस अवसर उन्होंने कहा गत  दिवस हम अपने सैकड़ों अनुयायियों के साथ गंगा स्नान करने के लिए हरिद्वार गए थे, जहां गंगा के  आसपास की सफाई न होने के कारण वहां के हालात देखकर मन बड़ा ही दुखी हुआ की वर्तमान पुष्कर सिंह धामी सरकार गंगा सफाई के नाम पर केवल लोगों को गुमराह कर रही है जबकि सच्चाई इससे कोसो दूर है।
 उन्होंने बताया कि गंगा स्नान के लिए हरिद्वार ऋषिकेश वह अन्य स्थानों पर लाखों श्रद्धालु लोग हर वर्ष उत्तराखंड जाकर मां गंगा में स्नान करते हैं और अपनी मन्नत मांगते हैं। लेकिन गंगा माता के पास पड़े कूड़े के ढेर इस बात की गवाही देते हैं कि यहां सफाई नाम की कोई चीज नहीं है।  वो जल्दी ही भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मिलकर गंगा सफाई अभियान को सुचारु रूप से आगे बढ़ाने तथा उत्तराखंड के देव स्थानों पर सफाई  कराने की गुहार लगाएंगे ताकि गंगा में स्नान करने जाने वालों के लिए शुद्धता का माहौल मिल सके।
 उन्होंने कहा कि धनौंदा हरियाणा के सैकड़ो सदस्यों की टीम सफाई अभियान को सफल बनाने में पूरा सहयोग करेगी। वही उनके साथ गंगा स्नान के लिए गए अनिल यादव, आनंद सिंगल दिल्ली विजय कुमार आर्य, ठाकुर कर्मवीर सिंह, जूनियर इंजीनियर सत्येंद्र यादव के अलावा अन्य ने आश्रम सदस्यों ने कहा कि जब भी उत्तराखंड में गंगा सफाई अभियान चलेगा तो हमारे आश्रम की टीम के सभी सदस्य अपने खर्चे पर उत्तराखंड जाएंगे और वहां गंगा सफाई अभियान में बढ़-चढ़कर भाग लेंगे।
 फोटो कैप्शन 05: आचार्य शिवानंद महाराज अपनी टीम के साथ गंगा स्नान करके आये






100 वर्ष पूर्ण होने पर कनीना में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का भव्य पथ संचलन
-कनीना में देशभक्ति और एकता का संदेश देता आरएसएस पथ संचलन
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कनीना की आवाज।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) द्वारा कनीना की बाबा मोलडऩाथ परिसर में भव्य पथ संचलन का आयोजन किया गया। संघ की परंपरा के अनुरूप यह कार्यक्रम अनुशासन, संगठन और राष्ट्रभक्ति का सशक्त प्रदर्शन देता है। इस अवसर पर स्वयंसेवक पूर्ण गणवेश में अनुशासित पंक्तियों के साथ नगर के प्रमुख मार्गों से होकर गुजरे। नगरवासियों ने इस पथ संचलन को देखकर न केवल संगठन की शक्ति का अनुभव किया, बल्कि समाज में एकता और सद्भाव का सशक्त संदेश भी प्राप्त किया।
पथ संचलन का शुभारंभ 9 बजे बाबा मोलडऩाथ परिसर  से किया गया तथा यह बस स्टैंड , अंबेडकर चौक से शहीद स्मारकों से होकर गुजरते हुए  बाबा मोलडऩाथ परिसर  पर संपन्न हुआ। मार्ग में शहरवासियों के लिए आकर्षण का केंद्र स्वयंसेवकों की दृढ़ चाल, अनुशासनबद्ध कदम और राष्ट्रगीतों की धुन थी। कार्यक्रम की भव्यता में और वृद्धि इस तथ्य से हुई कि इसमें विभिन्न आयु वर्ग के स्वयंसेवकों ने एक साथ कंधे से कंधा मिलाकर भाग लिया और राष्ट्रहित के प्रति अपने संकल्प को प्रकट किया।
इस विशेष अवसर पर संघ द्वारा आयोजित उत्सव सभा भी रखी गयी, जिसमें मुख्य वक्ता के रूप में श्रीमान जी धर्मवीर जी उपस्थित रहें। उन्होंने संघ की विचारधारा, राष्ट्र निर्माण में स्वयंसेवकों की भूमिका तथा समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने की आवश्यकता पर अपने विचार व्यक्त किये। मुख्य अतिथि के रूप में  दिलावर समाजसेवी, उपस्थित रहे। उन्होंने सामाजिक समरसता, शिक्षा और संस्कृति के माध्यम से राष्ट्र को सशक्त बनाने के मुद्दों पर प्रकाश डाला। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता खंड  संघचालक शिवकुमार ने की। उन्होंने संघ की गतिविधियों और महेंद्रगढ़ जिले में चल रहे सेवा कार्यों के विषय में संक्षिप्त विवरण दिया तथा समाज के सभी वर्गों से सक्रिय सहयोग का आह्वान किया।
पथ संचलन का उद्देश्य केवल एक अनुशासनबद्ध प्रदर्शन नहीं है, बल्कि यह एक जीवंत संदेश है कि संगठित समाज ही मजबूत राष्ट्र की नींव रख सकता है। आज के दौर में जब समाज अनेक चुनौतियों का सामना कर रहा है, तब राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का यह आयोजन हमें एकजुट रहने और अपनी परंपराओं, संस्कृति तथा मूल्यों के संरक्षण की प्रेरणा देता है। इस अवसर पर स्वयंसेवकों ने देशभक्ति गीतों के माध्यम से वातावरण को देशभक्ति की भावना से ओत-प्रोत किया।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ विगत कई दशकों से समाज जीवन के विविध क्षेत्रों में सेवा, संस्कार और संगठन का कार्य कर रहा है। शिक्षा, स्वास्थ्य, ग्राम विकास, पर्यावरण संरक्षण और आपदा प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में संघ के स्वयंसेवक सदैव सक्रिय रहते हैं। भिवानी में आयोजित यह पथ संचलन संघ की इन्हीं सेवाभावी गतिविधियों का प्रतीक है और नगरवासियों को यह विश्वास दिलाता है कि एक संगठित समाज ही चुनौतियों का सामना कर सकता है और आत्मनिर्भर राष्ट्र के निर्माण में योगदान दे सकता है।
नगरवासियों ने  इस पथ संचलन के मार्गों पर उपस्थित होकर स्वयंसेवकों का उत्साहवर्धन किया। समाज के विभिन्न वर्गों की सहभागिता से यह आयोजन और अधिक प्रभावशाली एवं सफल रहा। यह अवसर न केवल देखने योग्य था, बल्कि इसमें निहित संदेश को जीवन में उतारना भी प्रत्येक नागरिक का दायित्व है।
  इस कार्यक्रम में शिव कुमार  ,जगदीश आचार्य जी,सुरेश शर्मा ,श्याम सुंदर महाशय,  एडवोकेट दीपक चौधरी पार्षद, अनिल सरपंच, देसराज,राजेश साहब, मनीष सेन, पूजा पार्षद, अरुणा कोशिश, नीलम, संदीप कुमार, वीरेंद्र मंडल अध्यक्ष, राकेश गुप्ता आदि लोग गणवेश पहन कर इस यात्रा में हिस्सा लिया
फोटो कैप्शन 06 व 07: आरएसएस का पथ संचलन






वार्ड एक में जगह-जगह लगे मिलते हैं गंदगी के ढेर
-दो जोहड़ आते हैं वार्ड एक में
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कनीना की आवाज।
 कनीना नगरपालिका के प्रशासनिक अधिकारी बतौर संदीप सिंह पूर्व एसडीएम कनीना होते थे तब कनीना के विभिन्न स्थानों पर कूड़ादान लगाए गए थे जिनमें लोग प्रतिदिन कूड़ा डालते हैं। अब अधिकांश कूड़ादन जर्जर हो चुके हैं या फिर पेंदा  निकल गया है जिसके चलते कूड़ेदान ही लगभग खत्म हो गए हैं और उनके स्थान पर अब लोग खुलेआम कूड़ा डालने लग गए हैं। ऐसा कई स्थानों पर देखने को मिलता है। वार्ड एक इनमें सबसे प्रमुख है जहां सड़के अधूरी, सीवर मैनहोल उबड़ खाबड़, गलियों में वर्षा का जल खड़ा होना,नालो ओवरफ्लो मिलते हैं।
 जिस प्रकार होलीवाला जोहड़, प्राथमिक पाठशाला कनीना के बाहर तथा कई अन्य स्थानों पर खुले में लोग कूड़ा डाल रहे हैं। इस कूड़े को जब कभी नगरपालिका की कूड़ा उठाने वाली गाड़ी आती है और कर्मी आते हैं तो उठाया जाता है। प्रतिदिन यह कूड़ा नहीं उठाया जा रहा है जिससे न केवल प्रदूषण फैलता है अपितु कुत्ते और छूटी गाये, सुअर आदि बिखेर जाते हैं। लोगों में रोष है। सभी स्थानों पर नये कूड़ादान लगाए जाने की मांग उठ रही है। वार्ड एक के कुछ लोगों से चर्चा हुई जिनके विचार इस प्रकार हैं-
 **कूड़ादान न होने के कारण आवारा जंतु इधर-उधर मंडराते रहते हैं। कई बार तो कुत्ते आपस में लड़ते रहते हैं वहीं सूअर, बंदर ,छूटे हुए पशु घूमते हैं जिनके पास से गुजरने वाले लोगों को भी भय का माहौल होता है। कभी भी जानवर इंसान पर धावा बोल सकते हैं। पास से गुजरने वाले दुपहिया वाहन चालक दुर्घटनाग्रस्त होने का खतरा होता है। कूड़ेदान होंगे तो लोग उनमें कूड़ा डालते रहेंगे और उनके दूर तक बिखरने की संभावना कम हो जाएगी।
---धर्मवीर ,कनीना
नाले एवं नालियां ओवरफ्लों हो रही हैं। होलीवाला जोहड़ में गिरने वाला चौड़ा नाला इसका जीता जागता प्रमाण है। कोई भी दुपहिया वाहन चालक दुर्घटनाग्रस्त हो सकता है। नालों को ढका नहीं गया है जिससे बदबू दूर दराज तक फैल रही है।
--नवीन यदुवंशी,कनीना
वार्ड एक में दो जोहड़ पड़ते हैं जिनमें से एक होलीवाला का गंदा जल दूर दराज तक फैला हुआ है। आवागमन भी गंदे जल से हो रहा है। सीवर के मैनहोल भी उबड़ खाबड़ बने हुए हैं। सड़क मार्ग अधूरे होने से गंदा जल दूर दराज तक फैल रहा है। नालियां ढकी न होने से प्रदूषण बढ़ रहा है।
  --अनूप कुमार,कनीना
वार्ड एक में जगह-जगह कूड़े के ढेर लगने से बदबू फैल रही है। कूड़े के पास से गुजरना भी मुश्किल हो गया है क्योंकि कूड़ादान नहीं लगाए गए हैं। प्रदूषण के कारण जहां नाक ढककर इनके पास ही गुजरना होता है। नगर पालिका को कूड़ा दान जरूर लगानी चाहिए ताकि लोग कूड़े को पात्रों में डाल सके।
--भरपूर सिंह ,कनीना
 क्या कहते हैं कनिष्ठ अभियंता -
उन्होंने कहा कि कनीना को साफ-सुथरा रखने के लिए कूड़ा उठाकर ले जाने वाली गाडिय़ां घरों के पास से गुजरती है जिसमें कूड़ा डाला जा सकता है। कनिष्ठ अभियंता राकेश कुमार नगर पालिका कनीना से इस संबंध में चर्चा की। उन्होंने बताया कि अभी कालरवाली जोहड़ का पानी साफ किया जा रहा है। इसमें करीब 10 दिन लगेंगे। तत्पश्चात होलीवाला जोहड़ के पानी को साफ करके खोदाई की जाएगी। यह गंदा पानी दूर हो पाएगा। उन्होंने बताया कि सफाई से संबंधित 35 सफाई कर्मचारी है। 4 एचकेआरएन के है तथा प्रतिदिन सभी वार्डों में नहीं जा पा रहे हैं। ऐसे में गंदगी मिलना स्वाभाविक है। उन्होंने बताया कि जल्द ही इन समस्याओं से निजात पाया जा सकेगा। उच्च अधिकारियों कुछ और कर्मचारी लगाने के लिए भी पत्र प्रेषित किया है।
 फोटो कैप्शन 03: ओवरफ्लो नालों की फैली गंदगी की हालात
04: वार्ड एक में कूड़े के लगे ढेर
साथ में धर्मवीर सिंह, अनूप कुमार, नवीन यदुवंशी, भरपूर सिंह






बीआर स्कूल सेहलंग में अभिभावक-शिक्षक बैठक का आयोजन
---व्यक्तित्व विकास की दिशा में एक ठोस आधार स्थापित हुआ।
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कनीना की आवाज।
बीआर आदर्श सीनियर सेकेंडरी स्कूल, सेहलंग में सत्र 2025-26 की टर्म-1 परीक्षाओं के परिणाम के उपलक्ष्य में अभिभावक-शिक्षक बैठक का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। बैठक में कक्षा नर्सरी से 12वीं तक के विद्यार्थियों के अभिभावकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। बैठक का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों के परिणामों पर विस्तारपूर्वक चर्चा करना तथा उनके भविष्य की  शैक्षिक विकास की दिशा तय करना था। सभी अध्यापकों ने अभिभावकों से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात की और बच्चों की शैक्षणिक प्रगति, व्यवहार तथा कक्षा में सहभागिता पर विस्तृत संवाद किया।
विद्यालय प्राचार्या ज्योति भारद्वाज ने अभिभावकों को संबोधित करते हुए कहा कि विद्यालय और अभिभावकों का संयुक्त प्रयास ही विद्यार्थियों को बेहतर भविष्य की ओर ले जा सकता है। प्रत्येक बच्चे की विशेष क्षमताओं को पहचानकर उन्हें सही मार्गदर्शन देना हमारा साझा लक्ष्य होना चाहिए। विद्यालय के चेयरमैन हरीश भारद्वाज ने भी अभिभावकों को धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि आपका सहयोग ही बच्चों की निरंतर प्रगति की नींव है। विद्यार्थियों की कमजोरियों पर मिलकर कार्य कर हम उन्हें उत्कृष्ट भविष्य दे सकते हैं।
अभिभावक शिक्षक बैठक के दौरान छात्रों के प्रदर्शन की समीक्षा के साथ-साथ आगामी टर्म के लिए व्यक्तिगत अध्ययन योजनाओं, विशेष गतिविधियों और सहयोगात्मक प्रयासों पर भी चर्चा की गई। कार्यक्रम का समापन शिक्षकों और अभिभावकों के बीच सकारात्मक संवाद के साथ हुआ, जिससे छात्रों के शैक्षिक और व्यक्तित्व विकास की दिशा में एक ठोस आधार स्थापित हुआ।
फोटो कैप्शन 01:अभिभावक-शिक्षक बैठक के दौरान अध्यापकों से चर्चा करते अभिभावक







वाल्मीकि जयंती 7 अक्टूबर को, धनौंदा में
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कनीना की आवाज।
वाल्मीकि समाज धनौंदा के तत्वावधान में आगामी 6-7 अक्टूबर को आदि कवि महर्षि वाल्मीकि जयंती धूमधाम से मनाई जाएगी। समारोह समिति के सदस्य रामकरण बाल्मीकि तथा शेरसिंह बाल्मीकि ने उक्त जानकारी देते हुए कहा कि 6 अक्टूबर को रात्रि जागरण तथा 7 अक्टूबर को भंडारा आयोजित किया जाएगा। जागरण में रेवाड़ी कला मंच के कलाकारों द्वारा भव्य झांकियों से भगवान वाल्मीकि की महिमा का गुणगान किया जाएगा।


एक्सप्रेस ट्रेनों के ठहराव की मांग को लेकर धरना 7 को
-कई गांवों में जनसंपर्क चलाया
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कनीना की आवाज।
आगामी 7 अक्टूबर को कनीना स्टेशन पर एक्सप्रेस ट्रेनों के ठहराव की मांग को लेकर दिए जा रहे धरने को लेकर जनसंपर्क चलाया। धरने का नेतृत्व प्रमुख समाजसेवी नेताजी अतरलाल एडवोकेट करेंगे।
करीरा, सिहोर, कोटिया, गाहड़ा, कनीना, भडफ़, ककराला, उन्हाणी, चेलावास, इसराना, मोहनपुर व नांगल आदि अनेक गांवों में जनसंपर्क कर धरना का निमंत्रण देते हुए रेल यात्री संघ के सदस्य डा. मुकेश, कैलाश सेठ व राकेश यादव ने कहा कि इस रेल लाइन से होकर रोजाना आठ एक्सप्रेस ट्रेन गुजरती हैं, परंतु उनमें से एक भी एक्सप्रेस ट्रेन का ठहराव कनीना स्टेशन पर नहीं है। सरकार तथा रेल प्रशासन इस रेलवे स्टेशन की उपेक्षा कर रहा है। इसलिए सरकार के भेदभाव पूर्ण रवैये के खिलाफ तथा एक्सप्रेस ट्रेनों के ठहराव की मांग को लेकर आगामी 7 अक्टूबर को कनीना खास रेलवे स्टेशन पर धरना दिया जाएगा। उन्होंने लोगों से धरने में भारी संख्या में पहुंचने की अपील की।


एसीपी में तदर्थ सेवा का दिया जाए लाभ
-दस-दस सालों की तदर्थ सेवा कर सेवानिवृत्त हो रहे हैं शिक्षक
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कनीना की आवाज।
सरकारी स्कूलों में कार्यरत कर्मचारियों की तदर्थ/एडहाक सेवा का लाभ उनकी एसीपी(सुनिश्चित सेवा प्रगति) में शामिल किया जाए। यह मांग अध्यापक नेताओं ने सरकार से यहां की है।
  यहां जारी एक बयान में अध्यापक नेताओं कंवरसेन वशिष्ठ एवं धर्मपाल शर्मा ने कहा कि प्रदेश में करीब 30 हजार ऐसे शिक्षक हैं जिनको 20-20 वर्षों की सेवा पर एक ही एसीपी लग पाया है। सरकार पहले दस, बीस एवं तीस वर्ष पर तो अब आठ, सोलह एवं 24 वर्षों के बाद एसीपी का लाभ दे रही है। ऐसे में उनकी एसीपी लाभ में तदर्थ या अस्थाई नौकरी का लाभ नहीं दिया गया है। इस बात को लेकर शिक्षकों में रोष है और वे वर्षों से एसीपी के लाभ में अस्थाई एवं तदर्थ सेवा का लाभ देने की मांग कर रहे हैं। बार बार सरकार से मांग की जाती है किंतु सिरे नहीं चढ़ पाती है।
इस संबंध में एडवोकेट रमेश कुमार ककराला का कहना है कि इस संबंध में अगर न्यायालय में केस डाला जाए तो हो सकता है कोई समाधान निकल आये वरना सरकार तदर्थ सेवा को एसीपी देते वक्त नहीं मानती । यह दुर्भाग्य है कि कई कई वर्षों की सेवा का उन्हें कोई लाभ नहीं मिल पाता है।  इस संबंध में कुछ पूर्व शिक्षकों ने उच्चाधिकारियों को भी पत्र प्रेषित किया है तथा मांग की है कि उनकी तदर्थ सेवा को एसीपी में जोड़ा जाए।















रात के रात के वक्त न तो बसों की सुविधा और न हीं ट्रेन
- रात्रिकालीन कोई बस सेवा नहीं
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कनीना की आवाज।
कनीना उपमंडल होते हुए भी यहां न तो रात्रिकालीन कोई बस सेवा उपलब्ध है और न हीं कोई ट्रेन उपलब्ध है। ऐसे में यदि कोई रात के समय कनीना में फंस जाता है तो उसे सुबह का इंतजार करना पड़ेगा।
 कनीना खास रेलवे स्टेशन 1939 में निर्मित किया गया था किंतु यहां फास्ट एवं सुपरफास्ट ट्रेन नहीं रुकती, महज एक फास्ट तथा पैसेंजर ट्रेन से ही गुजारा करना पड़ता है। रेवाड़ी से कनीना की ओर 8:55 पर रेवाड़ी से ट्रेन चलती है वहीं कनीना से रेवाड़ी की ओर 9:48 पर चलती है। तत्पश्चात कोई ट्रेन सुबह होने तक नहीं है जिसके चलते अगर कोई चरखी दादरी, रोहतक ,अटेली एवं नारनौल आदि की ओर जाना चाहे तो नहीं जा सकता क्योंकि यह ट्रेन केवल महेंद्रगढ़ और रेवाड़ी की और देर शाम तक ही चलती हैं। तत्पश्चात सुबह होने का इंतजार करना पड़ता है।
 कनीना के रेलयात्री रविंद्र बंसल, सुरेश कुमार, दिनेश कुमार, महेंद्र शर्मा, महेश कुमार आदि ने बताया कि ट्रेन की कोई बेहतर सुविधा नहीं है। बार-बार आंदोलन किए गए ज्ञापन भी उच्च अधिकारियों को भेजे लेकिन का नीना खास रेलवे स्टेशन जो अहीरवाल एवं सैनिकों को गढ़ है किंतु यहां कोई ट्रेन सुविधा उपलब्ध नहीं है। फास्ट और सुपरफास्ट ट्रेन यहां ठहराव किए बगैर आगे निकल जाती है। यदि यहां एक मिनट का ठहराव कर लिए दिया जाए तो न केवल रेलवे को लाभ मिलेगा अपितु सैनिकों और यात्रियों को भारी लाभ मिल सकता है। वैसे भी कनीना उपमंडल हैं जहां से ट्रेन उपलब्ध होनी चाहिए, हर फासट ट्रेन रुकनी चाहिए ताकि लोगों को लाभ मिल सके।
 कुछ इसी प्रकार की हालत बस स्टैंड की है। कनीना बस स्टैंड से नारनौल, रेवाड़ी, कोसली आदि के लिए रात्रिकालीन कोई सेवा नहीं है जहां विभिन्न मार्गों पर आठ बजे तक बस या निजी साधन उपलब्ध हो सकते हैं तत्पश्चात कोई साधन उपलब्ध नहीं होता। यदि कोई व्यक्ति कनीना में फस जाए तो उसे न तो बस उपलब्ध हो पाएगी और न ही ट्रेन अपितु सुबह होने पर ही बस एवं ट्रेन ट्रेन उपलब्ध हो पाएंगी। ऐसे में सबसे बड़ी विकट समस्या यात्रियों के लिए है।
 उल्लेखनीय की कनीना एक और जहां रेवाड़ी, रोहतक ,चरखी दादरी, नारनौल, अटेली एवं महेंद्रगढ़ आदि शहरों से जुड़ा हुआ है और उनके बीच में स्थित है किंतु यहां कोई ट्रेन और बस सेवा उपलब्ध नहीं है। जिसके चलते कनीना वाचक बेहद परेशान हैं। कनीनावासी बार-बार मांग कर रहे हैं कि अलवर से चरखी दादरी वाया कनीना जो रेल मार्ग प्रस्तावित है उसे अभिलंब बनाया जाए यही नहीं कोसली से कनीना भी रेलवे लाइन प्रस्तावित है उसको बनाया जाए ताकि कनीना एक जंक्शन बन सके और यहां ट्रेनों का ठहरा हो सके। सभी की नजरें जंक्शन बनने पर टिकी हुई है। उधर कनीना के बस स्टैंड से रात्रि कालीन सेवाएं चलती थी किंतु आपके सभी सेवाएं बंद है। कभी चंडीगढ़, दिल्ली एवं बीकानेर आदि के लिए रात्रि कालीन सेवाएं उपलब्ध थी। अब कोई सेवा उपलब्ध नहीं है। ऐसे में लोगों की मांग है की रात्रिकालीन बस सेवाएं शुरू की जाए और कनीना में सभी ट्रेनों का ठहराव किया जाए