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Thursday, December 4, 2025
फिर से दर्ज हुआ डाक्टर होशियार सिंह यादव कनीना का नाम विश्व रिकार्ड बुक में
-कई विश्व रिकार्ड बुकों में हो चुका है नाम दर्ज
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कनीना की आवाज। कनीना निवासी डाक्टर होशियार सिंह यादव पूर्व शिक्षक, साहित्यकार ,लेखक एवं पत्रकार का नाम एक बार फिर से विश्व रिकार्ड बुक में दर्ज हो चुका हैद्ध 25 जनवरी 2026 को जयपुर में उन्हें विभूषित किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि विदेशों तक विश्व बुक रिकार्ड में नाम दर्ज हो चुका है। इसी कड़ी में इनफ्लुएंस बुक आफ वल्र्ड रिकार्ड में भी नाम दर्ज किया जा चुका है। अब तक 43,80000 किलोमीटर के करीब साइकिल चलाने तथा 8000 किलोमीटर के करीब पैदल चलने के कारण उनका यह नाम विश्व रिकार्ड बुक में दर्ज हुआ है।
अब तक हजारों की संख्या में विभिन्न राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय अवार्ड प्राप्त, डा. होशियार सिंह यादव के 3 शोध प्रकाशित तथा तीन बार राज्यपाल से, राज्य शिक्षक पुरस्कार तथा अनेकों अवार्डोंं से सम्मानित डाक्टर यादव लंबे समय से साइकिल चला रहे हैं। करीब 40 सालों से साइकिल चला रहे और ताउम्र चलने का संकल्प ले रखा है। यही नहीं कावड़ यात्रा, खाटू श्याम पदयात्रा ,जैतपुर पदयात्रा तथा अन्य किसी धाम की यात्रा पर पैदल जाकर नाम कमा चुके हैं। यही कारण है कि उनका नाम एक बार फिर से विश्व रिकार्ड बुक में प्रकाशित हो चुका है। आने वाली 25 जनवरी को पिंक सिटी में सम्मानित किया जाएगा।
विश्व मृदा दिवस -5 दिसंबर
मृदा पौधे को सबसे अधिक पोषक करती है प्रदान
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कनीना की आवाज। मिट्टी और पानी जीवन के स्रोत माने जाते हैं। 95 प्रतिशत से अधिक पोषक दो मूलभूत संसाधनों मिट्टी और पानी से पौधे को प्राप्त होते हैं। जलवायु परिवर्तन, मानव गतिविधियों के कारण मिट्टी खराब हो रही है, जल संसाधनों पर अत्यधिक दबाव पड़ रहा है, पानी की घुसपैठ हो जाती हैं। फसल चक्रण मिट्टी के स्वास्थ्य में सुधार करती है कटाव और प्रदूषण को कम करती है, जल घुसपैठ और भंडारण को बढ़ाती है। मृदा दिवस 2023 का मिट्टी और पानी के महत्व और संबंध के बारे में जागरूक करना है। मिट्टी स्वास्थ्य सुधार के लिए दुनिया भर में नागरिकों को संलग्न भी करती है। मृदा से संबंधित पूर्व कृषि कृषि अधिकारियों से बात की जिनके विचार निम्र रहे-
हमारा भोजन का 95प्रतिशत भाग मिट्टी से आता है। एक घन मीटर स्वास्थ्य मिट्टी में ढाई सौ लीटर से अधिक पानी बरकरार रह सकता है। अनुचित मिट्टी और जल प्रबंधन मिट्टी के कटाव मिट्टी की जैव विविधता मिट्टी उर्वरता और पानी की गुणवत्ता और मात्रा को प्रभावित करती है। स्वास्थ्य मिट्टी ही प्राकृतिक फिल्टर के रूप में जल प्रदान करने में भूमिका निभाती है। मिट्टी को हमें साफ सुथरा रखना चाहिए, स्वस्थ रखना चाहिए वरना आने वाले समय में पैदावार घटती चली जाएगी और जीवन की अहम चीज भोजन भी प्राप्त नहीं हो पाएगा। यदि मिट्टी खराब करेंगे तो तेजी से कटाव होगा जो दुनिया भर में गंभीर पर्यावरणीय मुद्दा बन जाएगा। करीब 45 साल पहले भारत में मिट्टी बचाओ आंदोलन की शुरुआत हुई थी। मिट्टी के क्षरण से कार्बनिक पदार्थ को नुकसान होता है और उर्वरता में गिरावट आती है। ऐसे में 2013 में मृदा दिवस मनाने की घोषणा हुई थी तब से यह दिवस मनाया जा रहा है।
--- डा देवराज
मिट्टी यानी मृदा हमारे लिए महत्वपूर्ण है। मिट्टी के महत्व के बारे में लोगों को बताने और गुणवत्ता के बारे में जागरूक करने के लिए यह दिवस मनाया जाता है। मिट्टी की उर्वरता में कमी आ रही है। ऐसे में लोगों को इस बारे में जागरूक करना बेहद जरूरी है। मिट्टी में अधिक मात्रा में उर्वरक पीड़कनाशी डालने से मिट्टी खराब हो जाती है। मिट्टी जब तक स्वस्थ होगी फासले अच्छी पैदावार देगी जो हमारे स्वास्थ्य को बनाए रखने में अहम योगदान देती हैं। मिट्टी का सीधा संबंध हमारे सेहत से है। यह मिट्टी खराब होगी तो पैदावार का प्रत्यक्ष प्रभाव पड़ेगा जिसके कारण हमारा स्वास्थ्य भी प्रभावित होगा। मृदा की देखरेख करनी चाहिए, बार-बार फसल पैदावार लेने से मिट्टी की गुणवत्ता खत्म हो जाती है, ऐसे मिट्टी उर्वरता बढ़ाए रखना चाहिए। मिट्टी में 18 प्रमुख तत्वों में से 15 तत्व प्राप्त होते हैं। जिनकापौधे की वृद्धि विकास में अहम योगदान है। मृदा प्रदूषण खाद्यान्न एवं जलवायु पर भी प्रभाव डालता है, प्रत्यक्ष रूप से स्वास्थ्य को प्रभावित करता है।
---अग्रणी किसान सुबह सिंह
जीवन का प्रारंभ मृदा से होता है और अंत भी मृदा में हो जाता है। भोजन, वनस्पतियां, शोधित भूमिगत जल का यह प्रमुख रूप से मुख्य स्रोत है। स्वस्थ स्थिति की और मानव कल्याण के लिए मृदा प्रबंध किया जाना जरूरी है। मृदा प्रबंधन की जानकारी देनी चाहिए। खेतों में रासायनिक उर्वरकों के स्थान पर जैविक खाद डालने चाहिए ,मिट्टी की जांच करवानी चाहिए, गंदे प्रवाह को रोकना चाहिए। मल्टी लेयर प्लास्टिक से बने उत्पादों का प्रयोग किया जाना चाहिए। लोगों को स्वच्छ वायु ेएवं जल की तरह स्वच्छ मृदा के बारे में जानकारी देनी चाहिए।
-----अजीत सिंह किसान
फोटो कैप्शन:अजीत सिंह, सूबे सिंह किसान एवं पूर्व कृषि अधिकारी देवराज
एचडीएफसी बैंक द्वारा आयोजित रक्तदान शिविर में 30 लोगों ने किया रक्तदान
--जेपी कोटिया ने किया शुभारंभ
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कनीना की आवाज। गुरुवार को एचडीएफसी बैंक कनीना अनाज मंडी में रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। जिसका शुभारंभ जेपी कोटिया मार्केट कमेटी चेयरमैन द्वारा किया गया। रक्तदान शिविर में 30 लोगों ने रक्तदान किया।
शाखाप्रबंधक विक्रमदत्त ने जानकारी देते हुए बताया कि एचडीएफसी बैंक द्वारा आयोजित एक परिवर्तन मुहिम द्वारा नवंबर दिसंबर महीने में रक्तदान शिविर का आयोजन किया जाता है। उन्होंने बताया कि एचडीएफसी बैंक वर्तमान में शहर के साथ गांव की आबादी में भी समय समय पर पौधारोपण मुहिम चलाता है।
रक्तदान महादान माना गया है तथा रक्तदान से हजारों की संख्या में मरीजों की जान बैच जाती है। रक्तदान करने वाले कम नहीं हैं, भारी संख्या में ग्रामीण क्षेत्रों में भी रक्तदान करने वाले युवा मिलते हैं। जब कोई रक्तदान शिविर लगता है तो बढ़-चढ़कर युवा वर्ग भाग लेता है। युवा वर्ग क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। इस संबंध में रक्तदान शिविर लगाने वाले तथा रक्तदान करने वाले युवाओं से चर्चा हुई।
विक्रमदत्त ने कहा कि मरीजों की जिंदगी बचाने में रक्तदान का अहम योगदान है। रक्तदान करने से कभी शरीर में कोई कमी नहीं आती। अपितु उनका उत्साह और भी बढ़ता है। उनका कहना है कि रक्तदान से बड़ा कोई दान नहीं है। किसी को धन दौलत देने से जान नहीं बच सकती। अपितु रक्त देने से मरीजों की बच सकती है। उनका कहना है कि युवा पीढ़ी रक्तदान करने में संकोच नहीं करती।
इस दौरान प्रबंधक प्रीतम,देवेश कुमार, सचिन कुमार, अनिल कुमार, मनोज भाटिया, जसवीर सिंह, डा. जितेंद्र मोरवाल, डा. सुंदरलाल, रेडक्रास सोसायटी के पदाधिकारियों सहित कई जन मौजूद रहे।
फोटो कैप्शन 06: रक्तदान करते हुए लोग
कनीना क्षेत्र में पड़ रही है कड़ाके की सर्दी
-जमता है पाला, लोग आग सेकते आये नजर
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कनीना की आवाज। कनीना और आसपास क्षेत्र में कड़ाके की ठंड पड़ रही है। जहां तापमान बिंदु पर पहुंच चुका है। वही सुबह सवेरे फसलों, घास फूस पर पाला जमा देखा गया। विगत कुछ दिनों से पाला जमने की घटना देखने को मिल रही है। जहां किसान लहलहाती सरसों और गेहूं की फसल को देखकर खुश नजर आ रहे हैं। कृषि वैज्ञानिकों का कहना है कि अभी से ऐसी ठंड नहीं है जो फसल को नुकसान कर सके।
किसान सूबे सिंह, देवेंद्र बलिया, अजीत कुमार, राजेंद्र सिंह, महेश कुमार, योगेश कुमार, कृष्ण कुमार आदि किसानों ने बताया कि विगत वर्ष भी कई दिन पाला जमा था और इस वर्ष बुधवार एवं गुरुवार को भी पाला जमा है। इस समय सरसों पर आब आई हुई है, गेहूं की फसल अभी छोटी है। कनीना क्षेत्र में 20 हजार हेक्टेयर पर सरसों तो करीब दस हजार हेक्टेयर पर गेहूं की फसल खड़ी है। सरसों में फूल आ गए हैं। दूर दराज तक अब खेतों में सरसों खड़ी नजर आ रही है, कहीं-कहीं पीले फूल नजर आ रहे हैं। जहां फूलों को देखकर मधुमक्खी पालन करने वाले दूसरे प्रांतों से आने लग गये हैं। कनीना और आसपास क्षेत्र में दिन के समय तेज धूप खिलती है वहीं सुबह और शाम कड़ाके की ठंड पड़ती है। लोग ऊनी कपड़ों में लिपटे नजर आते हैं। खेतों में किसान तो दुकानों के आगे दुकानदार आग सेकते नजर आते हैं।
उधर पूर्व विषय विशेषज्ञ डा. देवराज यादव से ठंड और पाले के विषय में जानकारी चाही। उन्होंने बताया कि दिन के समय धूप खिलता है और सुबह शाम ठंड पड़ती है जिससे नुकसान की संभावना नहीं है। अभी सर्दी फसलों के अनुरूप ही पड़ रही है। उनका कहना है कि किसानों को चाहिए की हल्की सिंचाई कर दे ताकि पाले का कोई नुकसान न हो सके। उनका कहना है कि अभी इतना अधिक पाला नहीं जमता कि फसल को कोई नुकसान हो जाए। लगातार मौसम खराब रहने से ही फसल को नुकसान हो सकता है।
फोटो कैप्शन 04 व 05: उपलों पर जमा हुआ पाला
आंबेडकर का परिनिर्वाण दिवस 6 को कनीना मनेगा
--बैठक में लिया गया निर्णय
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कनीना की आवाज। डा. भीमराव अंबेडकर जन जागरण समिति की बैठक कान्ह सिंह पार्क कनीना में संपन्न हुई। बैठक की अध्यक्षता समिति के प्रधान कृष्ण कुमार पूनिया ने की। बैठक में सदस्यों ने निर्णय लिया गया की बाबा साहब का महा परिनिर्वाण दिवस 6 दिसंबर 2025 को अंबेडकर चौक कनीना शाम 5 आयोजित होगा। बाबा साहब की प्रतिमा पर फूल मालाएं अर्पित करके श्रद्धांजलि दी जाएगी। उन्होंने सभी समिति के सदस्य व क्षेत्र के बुद्धिजीवी लोगों के पहुंच कर श्रद्धांजलि देने की अपील की है।
इस मौके पर पूर्व पार्षद रामेश्वर दयाल , एडवोकेट विनोद कुमार भोजावास, हेड मास्टर डीगराम, महासचिव राजेंद्र कपूरी, मास्टर संजय, मास्टर विजयपाल, मास्टर सुबह , हरीश कुमार, हवलदार प्रोफेसर राकेश कुमार, इत्यादि मौजूद रहे।
फोटो कैप्शन 03: डा. आंबेडकर समिति की बैठक आयोजित करते हुए
रोड़े डाल दिये, डामर नहीं
-आये दिन हो रही हैं दुर्घटनाएं
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कनीना की आवाज। बेवल से राताकलां सड़क मार्ग पर लंबे समय से रोड़े तो डाले हुए हैं किंतु डामर नहीं डाला गया है जिसके कारण आवागमन में दिक्कत हो रही है। यह करीब 2 किलोमीटर दूरी है। आए दिन छोटी-छोटी दुर्घटनाएं घट रही है।
इस संबंध में इंद्रजीत बेवल, कर्मवीर, देवेंद्र कुमार, मनीष कुमार, मनोज, रवि कुमार आदि ने बताया कि यह सड़क मार्ग मार्केट कमेटी की ओर से निर्मित किया जाना है। ठेकेदार ने इस पर रोड़े डाल दिए हैं किंतु डामर नहीं डाला है जिसके चलते पैदल चलना भी कठिन हो गया है। लोगों ने मांग की है कि अविलंब इस सड़क मार्ग की शुद्ध ली जाए और इस पर डामर डाला जाए ताकि कई गांव के लोगों को लाभ मिल सके।
इस समय में कनीना मार्केट कमेटी के सचिव अजीत कुमार से बात हुई। उन्होंने कहा कि इस संबंध में ठेकेदार को और उच्च अधिकारियों को पत्र प्रेषित करेंगे और इस समस्या का जल्द ही समाधान किया जाएगा।
फोटो कैप्शन 02: सड़क जिस पर पड़े हैं रोड़े, डामर नहीं
मथुरा में एक दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय सेमिनार को संबोधित करेंगे प्रवक्ता सचिन कुमार
--अनेकों बड़ी सभाओं में दे चुके हैं व्याख्यान
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कनीना की आवाज। गोपाल किरण समाज सेवी संस्था , जीएलए विश्वविद्यालय मथुरा व बृजकला साहित्य अकादमी मथुरा के संयुक्त तत्वाधान में होने जा रहे अंतरराष्ट्रीय सेमिनार को संबोधित करने कनीना के भौतिक विज्ञान के प्रवक्ता सचिन कुमार को विशेष तौर पर मुख्य वक्ता के रूप में आमंत्रित किया गया है । इस अंतरराष्ट्रीय सेमिनार में देश विदेश के सुप्रसिद्ध शिक्षाविद , सामाजिक चिंतक , रंगकर्मी ,सामाजिक कार्यकर्ता व राष्ट्रवादी शामिल होंगे । देश के ज्वलंत विषयों को लेकर यह गोष्ठी आयोजित की जा रही है जिसमे भूमंडलीकरण एवं बाजारवाद के दौर में मूल्य-आधारित शिक्षा एवं शिक्षकों की बदलती भूमिका ,भारत मे महिला सशक्तिकरण- प्राचीन काल से आधुनिक काल तक ,नई शिक्षा नीति वर्तमान चुनौतियां एवं संभावनाएं वर्तमान में साहित्य की चुनौतियां और संभावनाएं आदि विषयों पर एक कांक्लेव आयोजित किया जाएगा।
कार्यक्रम में देश में विभिन्न श्रेणियों में शानदार प्रदर्शन कर रही विभूतियों को चयनित करके पुरस्कार भी वितरित किए जाएंगे । बृजभूमि में आयोजित होने जा रहे इस कार्यक्रम में साहित्य पर भी विशेष रूप से चर्चा की जाएगी । गौरतलब है कि प्रवक्ता सचिन कुमार अनेकों बार राष्ट्रीय स्तर पर क्षेत्र का नाम रोशन कर चुके है व वर्तमान में रेवाड़ी के नांगल तेजु में प्रवक्ता के पद पर कार्यरत है ।
फोटो कैप्शन: सचिन शर्मा
बाबा लालगिरी की मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा अनुष्ठान का द्वितीय दिवस चले कार्यक्रम
-मृर्ति स्थापना 5 को
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कनीना की आवाज। बाबा लालगिरी की मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा अनुष्ठान का द्वितीय दिवस कई कार्यक्रम आयोजित हुए। मूर्ति स्थापना 5 दिसंबर को की जाएगी।
मोहन सिंह पूर्व पार्षद ने बताया कि शुक्रवार के दिन यजमान शैलेश और उनके छोटे भाई अशोक द्वारा पूजा कराई गई, साथ ही प्रवेश पंडित द्वारा अखंड राम चरित मानस की शुरू किया गया। इसी बीच ही अन्नधिवास, धान्य अधिवास , फल फूल जल आदि अधिवास दिए गए और कल मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा से पहले हवन और नगर भ्रमण करा कराया जाएगा। इसी मौके पर प्रवेश पंडित , पंकज पंडित जी दीपक ,निरंजन भारद्वाज, रवि शास्त्री, तुलसीदास, मोहन सिंह, नितेश गुप्ता पार्षद, जगमाल बोहरा, प्रदीप,पंकज, सुनील,समेत बहुत से गण मान्य लोग उपस्थित रहें।
फोटो कैप्शन 01: मूर्ति पूजन करते हुए लोग
अब फेस रिकग्निशन हाजिरी लागू हुई हरियाणा शिक्षा विभाग में
-चार दिन की चांदनी फिर अंधेरी रात
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कनीना की आवाज। हरियाणा सरकार ने स्कूलों में सभी कर्मियों की फेस रिकग्निशन उपस्थिति लगानी जरूरी कर दी है। इस संबंध में एक पत्र भी जारी कर दिया है। यद्यपि शिक्षा विभाग में समय-समय पर कई बार आधार कार्ड पर आधारित हाजिरी लगनी शुरू की गई थी जो एक के बाद एक दम तोड़ गई हैं। चंद दिनों तक गर्माहट रहती है और हाजिरी लगाई जाती है तत्पश्चात फिर से उसे भुला दिया जाता है। जिस प्रकार बायोमेट्रिक मशीन भी लुप्त हो गई है या अभी भी स्कूलों में खराब हालत में पड़ी हैं ऐसे ही अब फेस रिकग्निशन हाजिरी लगेगी। तत्पश्चात सभी मशीन यूं ही कबाड़ बना दी जाएंगी। जब तक कठोर कार्रवाई नहीं होती तब तक यही हालत जारी रहने के आसार हैं। अधिकांश कर्मचारी भी नहीं चाहते इस प्रकार की हाजिरी लगाई जाए इसलिए इससे बचने के कोई उपाय ढूंढते रहते हैं।
खंडहरनुमा घरों बसे हुए हैं 10-10 परिवार किराएदार
-कोई पूछने वा
ला नहीं
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कनीना की आवाज। यद्यपि कनीना प्रशासन ने जागरूकता दिखाते हुए सभी घरों के मालिको/ दुकानों के मालिक को जिन्होंने अपनी दुकान या मकान किराए पर दे रखे हैं किरायेदारों के लिए पुलिस वेरिफिकेशन करवाना जरूरी कर दिया है किंतु बहुत से ऐसे मलिक हैं जो यहां रहते ही नहीं या दूर दराज रहते हैं। उन तक इस संबंध में सूचना तक नहीं है। ऐसे में उनके कबाडऩुमा/ खंडारलुमा घरों में 10-10 परिवार बसे हुए हें जो न केवल पेयजल को चूसते हैं अपितु सीवर व्यवस्था को भी ठप तक करने में अहम योगदान है। ऐसे में जब तक प्रशासन घर-घर जाकर जांच नहीं करेगा तब तक ये लोग मस्ती से किराए के मकानों में बिजली, पानी और शिविर का दुरुपयोग करते रहेंगे। एक अनुमान है कि कनीना में कम से कम 2000 व्यक्ति किराए के मकानों और दुकानों और अन्य जगह रह रहे हैं। ऐसे में वो पुलिस वेरिफिकेशन नहीं करवा रहे है और न ही घरों और दुकानों के मालिक इस और ध्यान दे रहे हैं। जरूरत है घर-घर जाकर इनकी की जांच करने और पुलिस वेरिफिकेशन की। वरना आने वाले समय में कोई बड़ा हादसा होने से इनकार नहीं किया जा सकता है।
Wednesday, December 3, 2025
अब फेस रिकग्निशन हाजिरी लागू हुई हरियाणा शिक्षा विभाग में
-चार दिन की चांदनी फिर अंधेरी रात
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कनीना की आवाज। हरियाणा सरकार ने स्कूलों में सभी कर्मियों की फेस रिकग्निशन उपस्थिति लगानी जरूरी कर दी है। इस संबंध में एक पत्र भी जारी कर दिया है। यद्यपि शिक्षा विभाग में समय-समय पर कई बार आधार कार्ड पर आधारित हाजिरी लगनी शुरू की गई थी जो एक के बाद एक दम तोड़ गई हैं। चंद दिनों तक गर्माहट रहती है और हाजिरी लगाई जाती है तत्पश्चात फिर से उसे भुला दिया जाता है। जिस प्रकार बायोमेट्रिक मशीन भी लुप्त हो गई है या अभी भी स्कूलों में खराब हालत में पड़ी हैं ऐसे ही अब फेस रिकग्निशन हाजिरी लगेगी। तत्पश्चात सभी मशीन यूं ही कबाड़ बना दी जाएंगी। जब तक कठोर कार्रवाई नहीं होती तब तक यही हालत जारी रहने के आसार हैं। अधिकांश कर्मचारी भी नहीं चाहते इस प्रकार की हाजिरी लगाई जाए इसलिए इससे बचने के कोई उपाय ढूंढते रहते हैं।
एक एक घर में बसे हुये हैं 10-10 किरायेदासर परिवार
-कोई पूछने वाला नहीं
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कनीना की आवाज। यद्यपि कनीना प्रशासन ने जागरूकता दिखाते हुए सभी घरों के मालिको/ दुकानों के मालिक को जिन्होंने अपनी दुकान या मकान किराए पर दे रखे हैं किरायेदारों के लिए पुलिस वेरिफिकेशन करवाना जरूरी कर दिया है किंतु बहुत से ऐसे मलिक हैं जो यहां रहते ही नहीं या दूर दराज रहते हैं। उन तक इस संबंध में सूचना तक नहीं है। ऐसे में उनके कबाडऩुमा/ खंडारलुमा घरों में 10-10 परिवार बसे हुए हें जो न केवल पेयजल को चूसते हैं अपितु सीवर व्यवस्था को भी ठप तक करने में अहम योगदान है। ऐसे में जब तक प्रशासन घर-घर जाकर जांच नहीं करेगा तब तक ये लोग मस्ती से किराए के मकानों में बिजली, पानी और शिविर का दुरुपयोग करते रहेंगे। एक अनुमान है कि कनीना में कम से कम 2000 व्यक्ति किराए के मकानों और दुकानों और अन्य जगह रह रहे हैं। ऐसे में वो पुलिस वेरिफिकेशन नहीं करवा रहे है और न ही घरों और दुकानों के मालिक इस और ध्यान दे रहे हैं। जरूरत है घर-घर जाकर इनकी की जांच करने और पुलिस वेरिफिकेशन की। वरना आने वाले समय में कोई बड़ा हादसा होने से इनकार नहीं किया जा सकता है।
नौसेना दिवस-04 दिसंबर
1971 के युद्ध को याद करके आज भी सैनिक आ जाते जाते हैं जोश में
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कनीना की आवाज। 4 दिसंबर को भारतीय नौसेना दिवस मनाया जाता है। 1971 भारत-पाक युद्ध के दौरान आपरेशन ट्राइडेंट के शुरू होने की याद में यह दिवस मनाया जाता है। भारतीय नौसेना वालों को सम्मानित करने, योगदान को याद करने एवं मारे गये सैनिकों को श्रद्धांजलि के विशेष दिन के रूप में मनाया जाता है। भारतीय नौसेना ने इस युद्ध में एक महान भूमिका निभाई थी। अपने प्राणों की आहुति देकर देश की आन बान एवं शान बचाई थी। कुछ नौसेना के जवानों से इस संबंध में बात हुई जिनके विचार इस प्रकार हैं-
भारतीय नौसेना की स्थापना 1612 में ईस्ट इंडिया कंपनी द्वारा की गई थी। 1971 में भारत-पाकिस्तान युद्ध हुआ था। पाकिस्तान ने 3 दिसंबर को भारतीय हवाई अड्डा पर हमला किया। हमले के जवाब में भारतीय नौसेना ने चार- पांच दिसंबर की रात को हमले की योजना बनाई थी। भारतीय नौसेना के पूरे अभियान का नेतृत्व किया था। भारतीय नौसेना की सफलता का जश्न मनाने के लिए हर साल इंडियन नेवी डे 4 दिसंबर को मनाया जाता है। 1972 में वरिष्ठ नौसेना अधिकारी सम्मेलनों में, 1971 भारत-पाक युद्ध के दौरान भारतीय नौसेना के प्रयासों और उपलब्धियां को स्वीकार करते हुए 4 दिसंबर को नौसेना दिवस मनाने का निर्णय लिया। तभी से यह दिवस मनाया जाता है। इस युद्ध में भारी संख्या में सैनिक काम आए थे। युद्ध को यादकर आज भी सैनिक जोश में आ जाते हैं। वे जनवरी 1982 में कनिष्ट अधिकारी भर्ती हुए थे। वर्तमान में 63 वर्ष के हो चुके हैं। जब 1997 में सेवानिवृत्त हुए तब कनिष्ठ अधिकारी के रूप में जाने जाते थे।
--राजकुमार यादव झूक, पूर्व कनिष्ठ अधिकारी नौसेना
1971 के जमीन पाकिस्तान पर शानदार जीत भारतीय नौसेना ने हासिल की थी। इसके कारण से इतिहास में भारतीय सेवा ने अपना नाम स्वर्ण अक्षरों में दर्ज करवाया। इस युद्ध में 93000 पाकिस्तान सेना के जवानों ने भारतीय सेना के सामने हथियार डाल दिये थे। द्वितीय विश्व युद्ध के बाद सबसे बड़ा आत्म समर्पण का युद्ध था। वो बताते हैं कि उन्होंने मुक्तिवाहिनी के रूप में सिविल ड्रेस में बंगला देश में जाना पड़ा था। वे सर्जिकल स्ट्राइक करने के लिए पूर्व पाकिस्तान के भाग बंगला देश में जाते थे। युद्ध महज आठ दिन चला था किंतु बगला देश को आजाद करा दिया गया। वे एक जुलाई 1965 में भर्ती तथा 31 जुलाई 2000 को सेवानिवृत्त हुए हैं। बाद में उन्होंने आपरेशन पवन में भी भाग लिया जो श्रीलंका में एलटीटीई के विरुद्ध चला था। करीब दो माह उन्होंने सेवा दी थी।
--हरिश्चंद्र यादव कनीना, पूर्व चीफ पेटी आफिसर
1971 का युद्ध सदा याद रहेगा जब पाकिस्तान के सैनिकों को उनकी ही जमीन पर हराया था। उन्हें बंदी बनाया था। चाहे यह युद्ध महज 8 दिन ही चला हो किंतु इस युद्ध के परिणाम सार्थक एवं भारत के पक्ष में आये थे। पाकिस्तान को करारी हार का सामना करना पड़ा था। उस युद्ध को आज भी याद कर मन जोश से भर जाता है।
--राजकुमार कनीना, पूर्व पेटी आफिसर
फोटो कैप्शन 04: हरिश्चंद्र यादव कनीना, पूर्व चीफ पेटी आफिसर, राजकुमार झूक, पूर्व कनिष्ठ अधिकारी नौसेना, राजकुमार कनीना, पूर्व पेटी आफिसर
संत लालगिरी की प्रतिमा स्थापना 5 को
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कनीना की आवाज। कनीना के संत लालगिरी की प्रतिमा की स्थापना नजदीक कनीना कालेज लालगिरी आश्रम में विधिवत रूप से 5 दिसंबर को पूर्ण की जाएगी। विस्तृत जानकारी देते हुए मोहन पार्षद ने बताया कि तीन दिन चलने वाले पूजा पाठ के लिए विधिवत पूजन शुरू हो गया है। पांच दिसंबर को मूर्ति स्थापना की जाएगी उससे पहले सुबह कलश यात्रा निकाली और बाबा की मूर्ति की कनीना कस्बा में झांकी निकाली जाएगी। उसके बाद मूर्ति स्थापना की जाएगी।
आवारा जंतुओं से किसान परेशान
-रात रातभर जागकर खेतों की, की जाती है रखवाली
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कनीना की आवाज। सर्दी के मौसम में आवारा जंतु किसानों के लिए सिरदर्द बनते जा रहे हैं। नील गाय उनमें से एक हैं। ये फसल का दस फीसदी भाग नष्ट कर देती हैं। किसानों की सबसे प्रमुख फसल भी रबी की होती है जिसमें सरसों एवं गेहूं प्रमुख हैं।
किसान की फसल का बहुत कुछ हिस्सा आवारा जंतुओं का निवाला बन जाता है। चूहे,मोर, नील गाय, कुछ गौवंश, पक्षी, कीट, बंदर और शशक आदि किसान के लिए सिरदर्द बनते जा रहे हैं। किसान को तो इन जीवों से फसल को बचाए रखने के लिए भारी धन खर्च करना पड़ रहा है। आवारा जंतुओं से फसल को बचाने के लिए रखवालें भी रखने पड़ते हैं जो रखवाली के बदले अनाज लेते हैं। कनीना क्षेत्र में फसल के रखवाले हर वर्ष रखे जाते हैं तो रात को तैनाती देते हैं और बदले में अनाज लेते हैं।
किसान राजेंद्र सिंह, सूबे सिंह, अजीत सिंह, कृष्ण कुमार आदि ने बताया कि नील गाय और आवारा गायें सबसे बड़ी समस्या बनी हुई है। नील गाय झुंड के रूप में चलती हैं और जिस किसी खेत में घुस जाती हैं उसे तबाह करके ही दम लेती हैं। किसान को सबसे अधिक रखवाली इन्हीं जीवों से करनी होती है। इन्हीं जीवों से फसल को बचाने के लिए रखवालों का प्रबंध भी करना पड़ता है। आवारा गायों और नील गायों से बचने के लिए खेत में रखवाली के बावजूद भी ये गाएं फसल को नुकसान पहुंचाए बगैर नहीं रह सकती हैं। फसल को नुकसान पहुंचाने में आवारा गाएं, सुअर जैसे कितने ही जीव न केवल खेत में खड़ी अपितु काटकर डाली गई फसल को नुकसान पहुंचाते हैं।
क्या कहते हैं किसान-
**नील गाय और आवारा गायें सबसे बड़ी समस्या बनी हुई है। नील गाय झुंड के रूप में चलती हैं और जिस किसी खेत में घुस जाती हैं उसे तबाह करके ही दम लेती हैं। किसान को सबसे अधिक रखवाली इन्हीं जीवों से करनी होती है। इन्हीं जीवों से फसल को बचाने के लिए रखवालों का प्रबंध भी करना पड़ता है। आवारा गौवंश और नील गायों से बचने के लिए खेत में रखवाली के बावजूद भी ये नील गायें फसल को नुकसान पहुंचाए बगैर नहीं रह सकती हैं।
---किसान अजय
फसल को नुकसान पहुंचाने में आवारा गाएं, सुअर जैसे कितने ही जीव न केवल खेत में खड़ी अपितु काटकर डाली गई फसल को नुकसान पहुंचाते हैं। दुपहिया वाहनों की दुर्घटनाओं में भी इन जीवों का अहं योगदान रहा है। वाहनों की दुर्घटनाओं में नील गाय एक समस्या बने हुए हैं। फलदार पौधे हो या फसली सभी को नष्ट कर जाते हैं। चाहे कितनी ही रखवाली की जाए फिर भी मौका देखकर फसल को नष्ट कर जाते हैं।
------कांता देवी महिला किसान
नील गाय उनकी फसल को बहुत नुकसान पहुंचाती हैं। बाकी जानवर मिलकर जितना नुकसान नहीं पहुंचाते उतना नील गायें पहुंचा रही हैं। किसान फलदार पौधे उगाते थे किंतु अब ये फलदार पौधे उगाने बंद कर दिए है क्योंकि फलदार एवं सब्जियों को नीलगाय खत्म कर जाते हैं।
----महिपाल किसान
यूं तो पूरे हरियाणा की ही यह समस्या है और समस्या अधिक विकराल दक्षिण हरियाणा की है जहां मेहनत अधिक करके ही किसान फसल उगाता है और उस पर पानी फेर नील गाय चंपत हो जाती है। सर्दी से बचने के लिए किसान जब घर में जाता है तभी ये नील गाय नुकसान पहुंचा जाती है। इनका नुकसान भारी है जो दस फीसदी को पार कर जाता है। जब ये नील गाय खेत से दौड़ती है तो उनके पैरों से सरसों की खड़ी फसल टूट जाती है। ये जीव खाते कम हैं और खराब अधिक करते हैं।
--पूर्व कृषि अधिकारी डा देवेंद्र
फोटो कैप्शन 05: फसलों को नुकसान पहुंचाती नीलगाय
साथ में महिपाल, कांता एवं अजय एवं डा. देवेंद्र
बदला मौसम,धुंध पड़ी
- कनीना क्षेत्र में हल्का पाला जमा
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कनीना की आवाज। कनीना क्षेत्र में जहां गत दिनों से ठंड पड़ रही है वहीं बुधवार को अचानक मौसम बदल गया। सुबह सवेरे छोटी छोटी वनस्पतियों एवं घास फूस पर हल्का पाला जमा देखा गया। वहीं कनीना के कई गांवों में धुंध पड़ी, ठंड भी बढ़ गई। ठंड पडऩा सरसों और गेहूं फसल के लिए लाभप्रद माना जाता है। कनीना क्षेत्र में विगत वर्ष के करीब 20 हजार हेक्टेयर पर सरसों उगाई गई है।
कनीना उपमंडल के गांव गोमला, गोमली, भोजावास आदि में हल्की धुंध देखने को मिली। विगत वर्ष भी दिसंबर के पहले सप्ताह में धुंध पडऩी शुरू हो गई थी और इस बार भी दिसंबर के पहले सप्ताह में धुंध पडऩी शुरू हो गई है। कृषि विभाग के पूर्व अधिकारी डा. देवराज का कहना है कि इस प्रकार का मौसम फसलों के लिए लाभप्रद होता है। इससे फसल के लिए नमी की आपूर्ति हो जाती है।
फोटो कैप्शन 0 2 व 03: कनीना के गांवों में धुंध पड़ती हुई तथा उदय होता सूर्य
एसटीपी का पानी फैल गया है पीपल वाली बणी में दूर दराज तक
-टेंडर लगाने की बात कह
रहे हैं अभियंता
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कनीना की आवाज। कनीना के सीवर ट्रीटमेंट प्लांट का साफ किया जल अब कनीना की पीपलवाली बणी को लीलने के कगार पर पहुंच गया है। दूर दराज तक पानी ही पानी हे गया है। एक और जहां अतिक्रमण की शिकार हो चुकी है चारों ओर कई कई एकड़ जमीन पर लोगों ने अवैध कब्जा कर लिया है और नगरपालिका मौन है वही यहां जमा किया गया साफ पानी दूर दराज तक फैल गया है। कहने को तो 7 एकड़ जमीन बणी की दी गई है किंतु जल पूरी बणी में फैल चुका है। करीब एक वर्ष से यही हालात है।
उल्लेखनीय है कि कनीना का सीवर ट्रीटमेंट प्लांट/एसटीपी नाहड़ रोड पर स्थित है जहां से साफ किया हुआ जल करीब 2 किलोमीटर दूर पीपलवाली बणी में ले जाकर डालने का प्रावधान किया गया था। साफ किया हुआ जल यह सोचकर 7 एकड़ में जमा किया जाना था ताकि इसका सदुपयोग किसान सिंचाई में उठा सके, अपने खेतों की सिंचाई कर सके। वही भूमिगत जल में वृद्धि हो सके। लेकिन इस ओर ध्यान न दिए जाने के कारण यह साफ किया हुआ जल दूषित हो ही गया है वही दूर दराज तक फैल गया है। पीपल वाली बनी में किसी भी कोने से अंदर प्रवेश करें केवल पानी ही पानी नजर आता है। यहां तक की आने जाने का रास्ता भी बंद होने के कगार पर चला गया है। अभी तक न कोई किसान इस जल का उपयोग कर रहा है और न ही विभाग इस और ध्यान दे रहा है। त्वरित कार्रवाई नहीं हुई तो यह फैलने वाला जल सैकड़ों वर्ष पुराने जाल के वृक्षों को लील सकता है। यह सत्य है कि कनीना की सीवर संबंधी समस्या कुछ हल जरूर हुई है किंतु पेड़ पौधे और आवागमन रास्तों में दिक्कत हो रही है।
क्षेत्र के कृष्ण कुमार, रवि कुमार, सुरेश कुमार, योगेश कुमार, रोहित कुमार, भरपूर सिंह, मनोज कुमार आदि ने मांग की है कि अविलंब इस पीपलवाली बणी की पैमाइश करवाई जाए और पैमाइश करवाने के बाद 7 एकड़ जमीन में बंध बनाकर पानी को रोका जाए।
उल्लेखनीय की पीपलवाली बनी एक 125 कनाल यानी 15 एकड़ 5 कनाल पर स्थित है किंतु हकीकत में जाकर देखा जाए तो आधी भी नहीं बची है।
क्या कहते हैं कनिष्ठ अधिकारी -
इस संबंध में पवन कुमार कनिष्ठ अभियंता से से बात हुई। उन्होंने बताया कि इस बणी के टेंडर लगा दिये गये हैं। 7 एकड़ में माटी को खोदकर जोहडऩुमा बनाया जाएगा तथा खोदी गई माटी ही चारों ओर 7 एकड़ में लगा दी जाएगी जिससे यह जल जमीन सोख सके। करीब 29 उिदन पूर्व कनिष्ठ अभियंता ने 10 दिन के अंदर अंदर एक छोटा बंध बनाकर इस पानी को रोक देने की बात कही थी किंतु अभी तक बंध बनाना तो दूर टेंडर भी नहीं खुले हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह जल किसानों के लिए उपलब्ध है किंतु अभी तक किसी किसान ने इस जल को प्रयोग नहीं किया है। वहीं उन्होंने बताया कि भूमिगत जल में बढ़ोतरी होगी।
फोटो कैप्शन 01: पीपलवाली बणी में दूर दराज तक फैला हुआ जल।
Tuesday, December 2, 2025
नगर पालिका नहीं मिटा पाई है होलीवाला जोहड़ की पीर
-ठेकेदार को दिया गया है नोटिस-अभियंता
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कनीना की आवाज। कनीनावारिसयों के लिए होलीवाला जोहड़ का दूर दराज तक फैला गंदा जल आफत बना हुआ है। हाल ही में गंदा जल एक एक फुट सड़क मार्ग पर भरा खड़ा है। कुछ माह पहले कनीना के वार्ड सछसयों ने हरियाणा की मंत्री आरती राव को ज्ञापन सौंपा था जिसके तहत कनीना के दोनों होलीवाला एवं कालरवाली जोहड़ की खोदाई एवं पैमाइश के आदेश दिये गये थे। पालिका ने कालरवाली जोहड़ की पैमाइश करवाकर खोदाई करवा दी है जिससे गंदा जल अब कालरवाली जोहड़ में भर रहा है और करीब आधे कनीना की समस्या तो हल हो गई है किंतु होलीवाला जोहड़ की न तो पैमाइश हो पाई है और खोदाई। अब गंदा जल सड़कों पर भरा खड़ा है। आवागमन गंदे पानी से हो रहा है। वर्ष के अधिकांश दिन यहां गंदा पानी भरा रहता है।
उल्लेखनीय है कि कनीना के होलीवाला जोहड़ का गंदा जल वर्षा के बाद कई कई दिनों तक सड़कों पर फैला रहता है। कनीना के परेशान लोग अमन, अनीता, आशा आदि का कहना है कि समस्या तभी हल होगी जब कोई कर्मठ प्रधान होगा। अभी तक न तो जोहड़ की गाद निकाली गई और न ही सड़कों पर खड़ा गंदा पानी हटाया गया। जब कभी वर्षा होती है तो कई-कई दिन गंदा पानी सड़क मार्ग से कई कई दिन नहीं सूख पाता है। होलीवाला जोहड़ की समस्या कई वर्षों से राहगीर झेल रहे हैं। कनीनावासी कृष्ण कुमार, रवि कुमार, सुनील कुमार, दिनेश कुमार आदि ने बताया कि अब तो गंदे पानी से होकर गुजरना पड़ रहा है और यह गंदा पानी एक बार वर्षा के बाद एक सप्ताह से अधिक समय तक खड़ा रहता है। आवागमन इसी गंदे जल से होता है। ना कोई सुनने वाला और न हीं कोई पीर मिटाने वाला। स्वास्थ्य मंत्री के सख्त निर्देश हैं कि नगरपालिका जोहड़ की गाद निकाले। इसके लिए अनुदान भी दिया हुआ है। किंतु नगर पालिका ने तो अभी तक न तो पैमाइश करवाई है और न ही गाद निकलवाई है। विशेष कर सुबह और शाम के समय बहुत परेशानी उठानी पड़ती है, जब लोग गंदे जल से गुजरते हैं। यहां तक की रात्रि के समय लोग गंदे पानी को देखकर इधर-उधर वैकल्पिक मार्ग खोजने लग जाते हैं। अनजान व्यक्ति मजबूरन इसी गंदे जल के बीच-बीच गुजरता है। कई दुर्घटनाएं घट चुकी हैं। किसी का मोबाइल गंदे पानी में गिर जाता है तो गोल गप्पे बेचने वालों की कई बार रेहडिय़ां पलट चुकी हें। महिलाएं गिर चुकी हैं।
नगर पालिका प्रशासक ने अनेक कार्य करवाए। अगर प्रशासक कार्यरत होता तो समस्या का समाधान कर दिया होता किंतु नगर पालिका द्वारा वर्तमान में प्रधान जरूर है किंतु समस्या का निदान नहीं किया जा रहा है।
क्या कहते हैं कनिष्ठ अभियंता-
इस संबंध में कनिष्ठ अभियंता राकेश कुमार से बात हुई। उन्होंने बताया कि ठेका तो दिया हुआ है किंतु काम शुरू नहीं किया गया है। ठेकेदार पुन: नोटिस जारी किया है। ऐसे में जल्द ही कोई समाधान निकलने की संभावना है।
फोटो कैप्शन 05: सड़क मार्ग पर होली वाला जोहड़ का फैला पानी
50 विद्यार्थियों का दल शैक्षणिक भ्रमण पर कुरुक्षेत्र रवाना
-तीन दिवसीय भ्रमण विद्यार्थियों के लिए लाभप्रद-कौशिक
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कनीना की आवाज। गीता जयंती महोत्सव 2025 के भव्य आयोजन का प्रत्यक्ष दर्शन कराने के उद्देश्य से खंड कनीना के लगभग 50 विद्यार्थियों का दल आज प्रात: शैक्षणिक भ्रमण पर कुरुक्षेत्र के लिए रवाना किया गया। विद्यार्थियों व शिक्षकों से भरी बस को राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कनीना मंडी के प्राचार्य नरेश कुमार कौशिक, कनीना महाविद्यालय के वरिष्ठ प्रवक्ता डा. हरिओम भारद्वाज, मुख्य शिक्षक बस्तीराम तथा प्रवक्ता सुनीता देवी द्वारा हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया।
इस अवसर पर प्राचार्य नरेश कुमार कौशिक ने बताया कि शिक्षा विभाग हरियाणा के निर्देशन में आयोजित यह तीन दिवसीय शैक्षणिक भ्रमण विद्यार्थियों के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगा। उन्होंने कहा कि छात्र-छात्राओं को कुरुक्षेत्र में स्थित संग्रहालय, ब्रह्मसरोवर, बाणगंगा सहित अन्य महत्वपूर्ण व ऐतिहासिक स्थलों का अवलोकन कराया जाएगा, जिससे उन्हें क्षेत्र की सांस्कृतिक, ऐतिहासिक व आध्यात्मिक महत्ता को समझने का अवसर मिलेगा।
उन्होंने आशा व्यक्त की कि यह शैक्षणिक यात्रा विद्यार्थियों के ज्ञान को समृद्ध करने के साथ-साथ उनमें भारतीय संस्कृति व गीता संदेश के प्रति नई जागरूकता उत्पन्न करेगी।
फोटो कैप्शन 03: शैक्षणिक भ्रमण पर विद्यार्थियों को रवाना करते हुए नरेश कौशिक प्राचार्य
शादीशुदा महिलाओं की मैपिंग हेतु उठाए कदम
-एसडीएम ने मुनादी के दिये आदेश
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कनीना की आवाज। मुख्य निर्वाचन अधिकारी हरियाणा के आदेशानुसार एसआईआर की पूर्व निर्धारित गतिविधियों में विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र में पंजीकृत मतदाताओं की मैपिंग प्रोजेनी का कार्य किया जा रहा है। जिसके लिए शादी होकर आई हुई महिलाओं जिनका वोट 2002 में नहीं है उनके मायके से माता-पिता/ दादा-दादी/ नाना -नानी के वर्ष 2002 की मतदाता सूची में कुछ विवरण जरूरी हैं। जिनमें राज्य, विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र का नाम, गांव, 2002 की भाग संख्या, 2002 का वोट नंबर आदि। यह सूचना उन महिलाओं के लिए जिनका नाम 2002 की मतदाता सूची में नहीं है। उपरोक्त आंकड़े दस दिसंबर तक संबंधित बीएलओ को भिजवाने का आदेश दिया है।
आखिरकार कनीना प्रशासन जागा
किरायेदारों किराएदारों की वेरिफिकेशन संबंधी करवाई मुनादी
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कनीना की आवाज। कनीना प्रशासन ने माइक द्वारा संपूर्ण कस्बे में किराए पर रखने वाले दुकानदारों एवं मकान मालिकों को हिदायत दी है कि उनके घर या दुकान पर जो किराएदार रहता है उनका पुलिस वेरिफिकेशन जरूर करवाएं। अगर वेरिफिकेशन नहीं करवाया और किसी संदिग्ध गतिविधि में शामिल पाया गया तो दुकानदार या घर का मालिक भी इसके लिए जिम्मेदार होगा और उसके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
उल्लेखनीय कनीना के लोग कुछ वर्षों से यह मांग लगातार उठा रहे है कि जितने भी किराएदार है उनका पुलिस वेरिफिकेशन करवाया जाए ताकि किसी संदिग्ध गतिविधि में शामिल होता है तो इनके होने पर पता चल जाए परंतु अब प्रशासन जागा है और कनीना कस्बा में मुनादी करवा दी है। अब देखा जाना है कि कितने लोग पुलिस वेरिफिकेशन करवाते हैं।
उल्लेखनीय है कि कनीना के खंडहरनुमा घरों में दस दस किरायेदार रह रहे हैं जो सीवर, पेयजल,बिजली आदि का दोहन कर रहे हैं।
मोलडऩाथ कमेटी के प्रधान को धनौंदा में किेया सम्मानित
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कनीना की आवाज। समाजसेवा में अग्रणीय योगदान के लिए बाबा मोलडऩाथ मंदिर कमेटी कनीना के प्रधान दिनेश यादव का गांव धनौन्दा में नागरिक अभिनंदन किया गया। मुख्य अतिथि प्रमुख अतरलाल एडवोकेट ने गणमान्यों के साथ दिनेश यादव को साफा पहनाकर प्रशस्ति पत्र तथा पुस्तक भेंट कर राष्ट्र गौरव अवार्ड से सम्मानित किया। समारोह की अध्यक्षता मुकेश तंवर ने की। इस अवसर पर गोपाल यादव, सतबीर सिंह, लाला बोहरा व होशियार सिंह को भी सम्मानित किया गया।
अतरलाल ने कहा कि समाजसेवियों का सम्मान करना नागरिकों का कर्तव्य है। इससे दूसरे लोगों को भी समाज सेवा करने की प्रेरणा मिलती है। उन्होंने सनातन, धार्मिक सामाजिक मूल्यों को आगे बढ़ाने तथा बाबा मोलडऩाथ धाम के विकास कार्यों में उल्लेखनीय योगदान के लिए दिनेश यादव के कार्यों की सराहना की। दिनेश यादव ने अपने सम्मान के लिए ग्रामीणों का धन्यवाद किया। उन्होंने लोगों से धर्म के दस लक्षणों को अपने जीवन में अपनाने की अपील की। इस अवसर पर रविन्द्र सिंह, शेर सिंह, सुभाष यादव, गुरूदत, दान सिंह, बीर सिंह, अरूण, औमप्रकाश, परमजीत, रणवीर सिंह आदि सैकड़ों मौजीजान उपस्थित रहे।
फोटो कैप्शन 02: समाजसेवी दिनेश यादव को सम्मानित करते अतरलाल।
गाड़ी ने साइकिल सवार को मारी टक्कर, घायल
-इलाज जारी
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कनीना की आवाज। कनीना उप मंडल के गांव मोहनपुर निवासी रामनिवास ने डिजायर गाड़ी चालक के विरुद्ध के विरुद्ध मामला दर्ज करवाया है।
उन्होंने कहा है कि 28 नवंबर को करीब दोपहर 12:15 बजे उनका भाई भागीरथ साइकिल पर सवार होकर कनीना से अटेली की तरफ जा रहा था। उसी समय कनीना की तरफ से आ रही तेज रफ्तार की सफेद रंग की डिजायर गाड़ी ने साइकिल सवार को टक्कर मार दी जिससे भागीरथ गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे कनीना उप-नागरिक अस्पताल पहुंचाया गया जहां गंभीर चोटों के चलते उन्हें पीजीआइएमएस रोहतक के लिए रेफर कर दिया किंतु नाजुक हालात को देखते हुए उन्होंने उसे रेवाड़ी के एक निजी अस्पताल भर्ती करवा दिया। उन्होंने कहा है कि गंभीर चोट के कारण मस्तिक में खून का रिस रहा है तथा ब्ब्लड क्लाट बन गए हैं जिसके चलते उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया है। ऐसे में रामनिवास के बयान पर गाड़ी चालक के विरुद्ध मामला दर्ज कर लिया है।
विश्व दिव्यांग दिवस-3 दिसंबर
दिव्यांग बच्चे कोई अलग नहीं होते, सभी गुण उनमें मिलते हैं-अमृतलाल
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कनीना की आवाज। विकलांगता का नाम जहां दिव्यांग दिया गया है। विश्वभर में पाये जाने वाले विकलांग बच्चों को सम्मान देने के लिए यह दिवस मनाया जाता है। हर दिव्यांग बच्चा सभी गुण रखता है जो आम बच्चा रखता है। इस संबंध में अनेक संस्थाएं एवं लोग कार्य कर रहे हैं। कुछ लोगों से इस संबंध में चर्चा की गई--
राजकीय माडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कनीना में दिव्यांग बच्चों के शिक्षक के रूप में कार्यरत विशेष शिक्षक अमृत सिंह राघव ने बताया कि दिव्यांग बच्चे किसी भी कार्य में किसी से कम नहीं होते। वह कोई भी कार्य करने में सक्षम होते हैं । उनको प्रोत्साहन देने के लिए 3 दिसंबर को दिव्यांग बच्चों द्वारा विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। कनीना खंड में समावेशी शिक्षा कार्यक्रम के अंतर्गत विभिन्न विद्यालयों में लगभग सौ दिव्यांग बच्चे अध्ययनरत हैं। जो अपने घर के नजदीकी विद्यालय में शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। सरकार द्वारा इन बच्चों को विभिन्न प्रकार की सुविधा प्रदान की जाती है।
बच्चे भी किसी भी प्रकार की गतिविधि जैसे खेल को करिकुलम ,टीचिंग, आदि गतिविधियों में किसी से भी काम नहीं है। विशेष शिक्षक ने बताया कि कनीना खंड में समावेशी शिक्षा में अध्ययनरत तीन दिव्यांग बच्चों ने सरकारी नौकरी हासिल कर ली। एक दिव्यांग बच्चा जो पूर्ण दृष्टि बाधित है कक्षा 12 में 81 प्रतिशत अंक हासिल करके अपने विद्यालय का नाम रोशन किया। वह बच्चा समावेशित शिक्षा के अंतर्गत ही शिक्षा ग्रहण कर रहा था दिव्यांगता किसी प्रकार का कोई अभिशाप नहीं है। दिव्यांग बच्चे भी सामान्य बच्चों की तरह ही अपनी पढ़ाई लिखाई का कार्य करते हैं।
---अमृत सिंह विशेष शिक्षक
फोटो कैप्शन: अमृतलाल विशेष शिक्षक
बैंड बाजे से तुलसी की आई बारात
-विवाह संपन्न,प्रसाद भी वितरित किया
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कनीना की आवाज। नगर कनीना के वार्ड नंबर 4 में समस्त जाजू परिवार के द्वारा तुलसी का विवाह कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम सुरेंद्र जाजू और उनकी धर्मपत्नी मधु जाजू द्वारा संपन्न करवाया गया। सुरेंद्र और मधु ने अपने पिता की याद में नवनिर्मित गृह प्रवेश के दिन ये आयोजन किया। ये कार्यक्रम विद्वान पंडितों द्वारा संपन्न करवाया गया,बैंड बजे से तुलसी की बारात आई और प्रसाद वितरण किया गया। कन्यादान हुआ, वस्त्र आदि भी चढ़ाये तथा हंसी खुशी से इंसानों की तरह विवाह संपन्न कराया गया।
इस अवसर पर पार्षद दीपक चौधरी ने कहा कि भारत वर्ष में इन धार्मिक परंपरा को जीवित रखने के लिए इस प्रकार के आयोजन होते रहने चाहिए। इस अवसर पर वार्ड पार्षद 4 रेखा देवी और उनके पति मनीष विशेष योगदान रहा। गणमान्य व्यक्तियों में राकेश बोहरा , महेन्द्र,पारुल, राहुल, कृष्ण जाजू परिवार और महेश सेन,आदि अनेक गणमान्य व्यक्ति और महिलाएं और बच्चे मौजूद रहे।
फोटो कैप्शन 01: तुलसी विवाह में पालकी में तुलसी को ले जाते हुए
सपनों को साकार कर रही है स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव: पार्षद दीपक चौधरी
--कनीना में अल्ट्रासाउंड सुविधा लोगों को जल्द ही उपलब्ध होगी
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कनीना की आवाज। स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव द्वारा चिकित्सा के क्षेत्र में लगातार विस्तार किया जा रहा है। अटेली अस्पताल में अल्ट्रासाउंड की सुविधा उपलब्ध हो गई है जल्द ही कनीना में भी यह सुविधा लोगों को उपलब्ध करवा दी जाएगी। उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री राव बिरेंद्र सिंह एवं केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह के सपनों को स्वास्थ्य मंत्री साकार कर रही है। उक्त विचार आज दीपक चौधरी ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान कही। दीपक चौधरी ने कहा की एक वर्ष के कार्यकाल में ही स्वास्थ्य मंत्री ने क्षेत्र ही नहीं प्रदेश भर में स्वास्थ्य संबंधी महत्वपूर्ण परियोजनाओं को सरकार से स्वीकृतियां दिलाई है। जिससे आमजन को सीधा लाभ मिलने लगा है। उन्होंने कहा स्वास्थ्य सुविधाओं में लगातार विस्तार हो रहे हैं। दीपक चौधरी ने कहा अटेली विधानसभा क्षेत्र को चार नई सड़कों की सौगात मिली है। विधान सभा क्षेत्र की सड़कों के निर्माण पर लगभग 7 करोड़ 42 लाख रुपए खर्च होंगे और आगामी 6 माह में इनका काम पूरा हो जाएगा। उन्होंने बताया धनौंदा से सीहोर तथा सुंदरह से बवानिया तक नई सड़क का निर्माण होगा। इन मार्गों के विकसित होने से क्षेत्र के ग्रामीणों को जिला मुख्यालय सरकारी कार्यालय बाजारों और स्वास्थ्य सुविधाओं तक पहुंचने में अधिक सुविधा होगी। उन्होंने कहा इसी प्रकार पोता से बाबा कुशल दास मंदिर और पोता से उच्चत गांव तक नई सड़क का निर्माण किया जाएगा। इन दोनों प्रस्तावित सड़कों के लिए लगभग 3.12 लाख रुपए निर्धारित है। उन्होंने कहा कि ढांचा गत परियोजनाओं के पूरा होने के बाद लोगों के समय की बचत होगी। कृषि उत्पादों की धुलाई आसान हो जाएगी और ग्रामीण क्षेत्रों में समग्र विकास को गति मिलेगी।
उन्होंने कहा की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव से आमजन मिलकर जो भी समस्याएं रख रहे हैं उन सभी समस्याओं का समाधान किया जा रहा है। क्षेत्र में नई सड़कों के मिलने पर उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री का आभार भी जताया हैं।
फोटो कैप्शन: दीपक चौधरी
Monday, December 1, 2025
बैंड बाजे से तुलसी की आई बारात
-विवाह संपन्न,प्रसाद भी वितरित किया -दीपक चौधरी
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कनीना की आवाज। नगर कनीना के वार्ड नंबर 4 में समस्त जाजू परिवार के द्वारा तुलसी का विवाह कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम सुरेंद्र जाजू और उनकी धर्मपत्नी मधु जाजू द्वारा संपन्न करवाया गया। सुरेंद्र और मधु ने अपने पिता की याद में नवनिर्मित गृह प्रवेश के दिन ये आयोजन किया। ये कार्यक्रम विद्वान पंडितों द्वारा संपन्न करवाया गया,बैंड बजे से तुलसी की बारात आई और प्रसाद वितरण किया गया। कन्यादान हुआ, वस्त्र आदि भी चढ़ाये तथा हंसी खुशी से इंसानों की तरह विवाह संपन्न कराया गया।
इस अवसर पर पार्षद दीपक चौधरी ने कहा कि भारत वर्ष में इन धार्मिक परंपरा को जीवित रखने के लिए इस प्रकार के आयोजन होते रहने चाहिए। इस अवसर पर वार्ड पार्षद 4 रेखा देवी और उनके पति मनीष विशेष योगदान रहा। गणमान्य व्यक्तियों में राकेश बोहरा , महेन्द्र,पारुल, राहुल, कृष्ण जाजू परिवार और महेश सेन,आदि अनेक गणमान्य व्यक्ति और महिलाएं और बच्चे मौजूद रहे।
फोटो कैप्शन 08: तुलसी विवाह में पालकी में तुलसी को ले जाते हुए
विश्व कंप्यूटर साक्षरता दिवस -2 दिसंबर
कंप्यूटर ज्ञान के बिन जीवन लगता है अधूरा सा
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कनीना की आवाज। आज के प्रौद्योगिकी संचालित जगत में कंप्यूटर साक्षरता एक प्रमुख मुद्दा बन गया है। आज के डिजिटल युग में इसका बड़ा महत्व बन गया है और इसका महत्व भविष्य में और भी बढ़ता चला जाएगा। व्यक्तिगत और पेशेवर कार्यों से लेकर शिक्षा और संचार तक कंप्यूटर साक्षरता दैनिक जीवन का आधार देने महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। विद्यार्थियों के लिए कंप्यूटर साक्षरता समय की मांग है। आज भी बुजुर्ग कंप्यूटर से कोसों दूर है। मोबाइल से उनका थोड़ा बहुत लगाव देखने को मिलता है परंतु कंप्यूटर से दूर है। उनको कंप्यूटर की बेसिक जानकारी देना इसी दिवस का अवश्य उद्देश्य है। लोगों को कंप्यूटर एवं सूचना प्रौद्योगिकी के बारे में जागरूक करना है ताकि वह कंप्यूटर के विषय में जानकारी हासिल कर सके। कंप्यूटर साक्षरता का अर्थ कंप्यूटर के बुनियादी जानकारियों को और संचालन को समझना है , कंप्यूटर का उपयोग कैसे किया जाता है विभिन्न प्रकार के सॉफ्टवेयर हार्डवेयर का उपयोग करना सिखाया जाता है। कंप्यूटर साक्षरता दिवस के बारे में विभिन्न कंप्यूटर से जुड़े शिक्षकों, कर्मियों एवं अधिकारियों से चर्चा की गई।
क्या कहते हैं कंप्यूटर के वरिष्ठ शिक्षक-
***कंप्यूटर साक्षरता आज के समाज में महत्वपूर्ण कौशल है। कंप्यूटर और सूचना प्रौद्योगिकी हर क्षेत्र में उपयोग की जाती है। साइबर, शिक्षा व्यवसाय, मनोरंजन हो कंप्यूटर साक्षर होने से ये लोग इन नई तकनीकों सीख सकते हैं, उनका लाभ उठा सकते हैं। कंप्यूटर साक्षरता नई तकनीक का लाभ उठाने अपने जीवन में सुधार करने में मदद करता है।
विश्व कंप्यूटर साक्षरता दिवस महिलाओं से कंप्यूटर सार्थक जोर देने का प्रयास करता है। महिलाएं विशेष कर ग्रामीण काम काजी महिलाएं कंप्यूटर से दूर रहती है। उन्हें भी कंप्यूटर की जानकारी उपलब्ध करवाई जानी चाहिए।
विश्व कंप्यूटर साक्षरता का उद्देश्य लोगों को कंप्यूटर सूचना प्रौद्योगिकी के बारे में शिक्षित करना, उनकी मूल बातें सीखाना है । कंप्यूटर साक्षरता दिवस जैसे वार्षिक कार्यक्रम डिजिटल विभाग को जानने का अवसर प्रदान करता है। कंप्यूटर तक पहुंच महिलाओं बच्चों और लोगों तक जरूरी है। केवल सामूहिक प्रयासों के माध्यम से ही ऐसा संभव है।
उन्होंने कहा कि कंप्यूटर साक्षरता से व्यापार, शिक्षा, स्वास्थ्य सामाजिक सेवाएं और सरकारी कामों में लाभ मिलता है। आजकल हर जगह कंप्यूटर की मांग है। बगैर कंप्यूटर की जानकारी के तो छोटी-छोटी नौकरी भी नहीं मिल सकती और कंप्यूटर के बारे में अज्ञानता निश्चित रूप से नुकसानदायक साबित हो सकती है। ऐसे में कंप्यूटर की जानकारी इंसानों के लिए बहुत लाभप्रद साबित होती है। कंप्यूटर की शिक्षा आज के युग में बच्चों से वृद्ध तक होना जरूरी है तभी भारत आगे बढ़ सकता है।
-- सूबे सिंह, कंप्यूटर के वरिष्ठ शिक्षक
गाड़ी से टक्कर मारकर हत्या के मामले में दो आरोपी पकड़े
--नौताना की घटना
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कनीना की आवाज। पुलिस अधीक्षक पूजा वशिष्ठ के निर्देशानुसार कार्रवाई करते हुए थाना सदर कनीना की पुलिस टीम ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जिनकी पहचान नौताना निवासी नीरज और तरुण के रूप में हुई है। वारदात को अंजाम देने बाद आरोपी फरार हो गए थे, जिन्हें पुलिस ने राजस्थान क्षेत्र से काबू किया है। आरोपियों को सोमवार न्यायालय में पेश किया गया। पुलिस ने पता लगाया कि आरोपियों की मृतक के लड़के और उसके साथियों के साथ आपस में कहासुनी हो गई थी। जिसको लेकर आरोपियों ने वारदात को अंजाम दिया। सूचना मिलते ही पुलिस तुरंत प्रभाव से घटनास्थल पर पहुंची और मौके से घटना से संबंधित महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्रित किए।
शिकायतकर्ता जोगेन्द्र वासी गांव नौताना ने शिकायत दी कि उसके बड़े भाई सूबे सिंह का लड़का हैप्पी व उसके साथी कुलदीप व नवीन, तीनों दिनांक 28 नवम्बर को करीब 10 पीएम पर नरेन्द्र के घर के सामने गली में खड़े थे। नीरज, अंकित, सतेन्द्र, विशाल, स्कार्पियो गाड़ी में आए और आते ही नीरज ने गाड़ी रोककर कुलदीप, नवीन व हैप्पी के साथ डंडे से मार पीट की। इस बारे में उन्हें पता चला तो वह और उसका भाई सूबे सिंह वहां पर गए तो नीरज व उसके साथी वहां से चले गए थे। कुछ समय बाद आरोपी पोता की तरफ से स्कार्पियो गाड़ी तेज स्पीड से भगाकर लिए, गाड़ी को नीरज चला रहा था। जिसने जान से मारने की नीयत से उसके भाई को सीधे टक्कर मारी, जिससे उसके भाई की मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी।
फोटो कैप्शन 07: पकड़े गये दो आरोपित
राजकीय स्कूल कनीना में गुड टच व बैड टच पर जागरूकता सेमिनार आयोजित
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कनीना की आवाज।पुलिस अधीक्षक पूजा वशिष्ठ के निर्देशों के तहत कनीना पुलिस की टीम द्वारा छात्राओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जागरूकता अभियान चलाया गया। टीम ने गवर्नमेंट स्कूल कनीना में छात्राओं को गुड टच (अच्छा स्पर्श) और बैड टच (बुरा स्पर्श) के बारे में जानकारी देकर उन्हें जागरूक किया, छात्राओं को गुड टच और बैड टच के बीच के अंतर को विस्तार से समझाया। महिलाओं और छात्राओं की सहायता के लिए पुलिस विभाग द्वारा प्रदान की जा रही विभिन्न सुविधाओं और सहायता तंत्रों व डायल 112 ट्रिप मानिटरिंग के बारे में भी छात्राओं को अवगत कराया।
टीम ने छात्राओं को महिलाओं से संबंधित कानूनों, उनके कानूनी संरक्षण और अधिकारों के बारे में भी जानकारी दी, जिससे वे अपने अधिकारों के प्रति सजग रहें। छात्राओं के भीतर आत्मविश्वास और आत्मरक्षा की भावना विकसित करने के उद्देश्य से सेल्फ डिफेंस (आत्मरक्षा) के कुछ बुनियादी तरीके भी बताए गए।
सेमिनार के दौरान, गुड टच और बैड टच के विषय पर विस्तृत चर्चा की गई। छात्राओं को स्पष्ट रूप से बताया गया कि गुड टच क्या होता है और बैड टच किसे कहते हैं। उन्हें यह भी समझाया गया कि यदि कोई व्यक्ति गलत इरादे से उन्हें छूता है, तो उन्हें तुरंत इसका विरोध करना चाहिए। ऐसे व्यक्तियों की सूचना तुरंत अपने माता-पिता या किसी ऐसे व्यक्ति को देनी चाहिए जिस पर वे भरोसा करती हों।
टीम ने इस अवसर पर पाक्सो एक्ट के तहत यौन अपराधों की विस्तृत परिभाषा के बारे में भी जानकारी दी। बाल यौन शोषण में बच्चों के किसी भी अंग को गलत तरीके से छूना, उनके निजी अंगों पर टिप्पणी करना, उन्हें गलत तस्वीरें दिखाना और किसी भी प्रकार का ऐसा शारीरिक संपर्क शामिल है जिससे बच्चे असहज महसूस करें। विद्यार्थियों को बाल यौन शोषण की किसी भी घटना की रिपोर्ट करने की प्रक्रिया के बारे में भी बताया गया और उन्हें ऐसे मामलों की शिकायत करने में किसी भी प्रकार का संकोच न करने के लिए प्रोत्साहित किया गया।
राष्ट्रीय प्रदूषण नियंत्रण दिवस- 2 दिसंबर
प्रदूषण बनती जा रही है एक अहम समस्या
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कनीना की आवाज। प्रतिवर्ष 2 दिसंबर को राष्ट्रीय प्रदूषण नियंत्रण दिवस मनाया जाता है। औद्योगिक आपदा के प्रबंधन और नियंत्रण के लिए जागरूकता फैलाना, हवा, पानी और मिट्टी को प्रदूषित होने से बचाना, उनके प्रदूषित होने से होने वाले नुकसानों की रोकथाम के बारे में जानकारी देना, इसका प्रमुख उद्देश्य है। इस दिन उन लोगों को याद किया जाता है जिन्होंने भोपाल गैस त्रासदी में अपनी जान गवा दी थी। दो और 3 दिसंबर 1984 की रात को भोपाल गैस त्रासदी हुई थी। भोपाल में स्थित यूनियन कार्बाइड के रासायनिक संयंत्र में मिथाइल आइसोसाइनेट/मिक नामक जहरीले रसायन एवं अन्य रासायनिक रिसाव हुआ था जिसके कारण लाखों लोगों की जान गई थी। 5 लाख से अधिक लोगों की जान जहरीली गैस के कारण तुरंत मृत्यु हो गई थी। कई लोगों ने गैस त्रासदी से संबंधित बीमारियों को झेलते हुए कुछ दिनों और महीना के बाद जान गवां दी थी। भोपाल गैस त्रासदी पूरे विश्व में इतिहास में सबसे बड़ी औद्योगिक प्रदूषण आपदा के रूप में जानी जाती है।
इस संबंध में महेश बोहरा से बात की गई जिनके विचार इस प्रकार हैं--
*** प्रदूषण एक सबसे बड़ी समस्या है। दीपावली के आसपास तो वैसे भी बहुत अधिक पटाखे तोड़े जाते हैं जिनके कारण प्रदूषण बढ़ता ही चला जाता है। धरती, वायु, जल प्रदूषित होते जा रहे हैं उनके रोकथाम से ही जीवन संभव पाएगा वरना भविष्य में जीवन और भी कठिन हो जाएगा। उद्योग धंधों से जो दूषित जल निकलता है वहीं उनसे गंदा जल निकलता है, मोटर गाडिय़ों से धुएं से वायु में गैसों के रिसाव से वायु दूषित हो रही है। उनकी रोकथाम जरूरी है।
2 दिसंबर 1984 को मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में मिक गैस के रिसाव से इतनी अधिक वायु दूषित हुई कि लाखों लोगों को जान गंवानी पड़ी। ऐसे कारखाने, फैक्ट्रियां, उद्योग धंधे, दूर स्थान पर स्थापित किए जाने चाहिए और हर प्रकार से उनकी में बचाव के तरीके अपनाने चाहिए। कहने को तो भोपाल में स्थित यह अमेरिका की कंपनी थी जहां गैस अमेरिका से आती थी और भारत में दवा बनाकर अमेरिका भेजी जाती थी जिसका दुष्परिणाम आज तक लोग झेल रहे हैं।
राष्ट्रीय प्रदूषण नियंत्रण दिवस मनाने का उद्देश्य लोगों को प्रदूषण के बारे में जागरूक करना है। पानी, हवा, मिट्टी, ध्वनि सब प्रदूषित होते जा रहे हैं। जिस रफ्तार से प्रदूषण बढ़ रहा हैं उन पर कोई काबू नहीं किया जा रहा है। जिसके चलते आने वाले समय में एक बड़ी समस्या प्रदूषण की होगी। भोपाल गैस कांड ही नहीं अन्य ऐसी घटनाएं घट सकती हैं अगर जागरूकता नहीं बढ़ाई गई तो। ऐसे में उन पर नियंत्रण जरूरी है। उन्होंने पेड़ पौधे लगाने अधिक से अधिक लोगों को जागरूक करने, वाहनों के स्थान पर इलेक्ट्रानिक साइकिल , वाहन आदि चलने पर बल दिया है ताकि प्रदूषण से बचा जा सके।
हमें सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करना चाहिए। वाहनों में कार्बन डाइआक्साइड के अलावा अनेक गैसें निकलती रहती है, जो वायु को दूषित करती है। जहां तक के लोग कूड़ा कचरा इधर-उधर पटक देते हैं जिससे जल दूषित होता है। ऊंची आवाज में माइक से ध्वनि दूषित हो रही है। उन्होंने प्रदूषणों से बचने की सलाह दी ताकि भविष्य में किसी प्रकार की आने वाली आपदा से बचा जा सके। वरना जीवन दुष्कर हो जाएगा। अधिक से अधिक पेड़ लगाने, साफ सफाई पर ध्यान देने, जागरूकता बढ़ाने पर बल दिया।
--- महेश बोहरा, विशेषज्ञ
फोटो कैप्शन: महेश बोहरा
कैमला में आयोजित हुआ हवन
-आर्य समाज की स्थापना के 150 वर्ष पूरे होने किया हवन
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कनीना की आवाज। आर्य समाज एवं वेद प्रचार मंडल जिला महेन्द्रगढ़ के तत्वावधान में महर्षि दयानंद सरस्वती के 200वें जन्मोत्सव एवं आर्य समाज की स्थापना के 150 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में 2 साल तक चलने वाले घर-घर यज्ञ आयोजनों की श्रृंखला में कैमला ग्राम में डा. प्रेम राज आर्य की अध्यक्षता में हैडमास्टर वीरेंद्र सिंह आर्य की विवाह वर्षगांठ के अवसर पर वैदिक यज्ञ एवं सत्संग का आयोजन बड़ी धूमधाम से किया गया। जिसमें यजमान वीरेंद्र सिंह सहधर्मिणी सुनीता देवी,यज्ञ ब्रह्मा के आसन्न पर कप्तान सुरेंद्र पाल रसूलपुर तथा पुरोहित की भूमिका पंडित भूपेंद्र सिंह आर्य ने निभाई।
पंडित भूपेंद्र सिंह आर्य ने कहा कि वैवाहिक वर्षगांठ मुख्य रूप से पति-पत्नी के रिश्ते, उनके प्यार और एक-दूसरे के साथ बिताए गए जीवन के महत्वपूर्ण पड़ावों को स्मरण करके एक दूसरे के अनुकूल बनने, बनाने के लिए मनाई जाती है। यह एक व्यक्तिगत और सामाजिक उत्सव है।
वैदिक धर्मग्रंथों में वर्षगांठ का उद्देश्य इस बात का स्मरण करना है कि वे अभी भी उन वैदिक प्रतिज्ञाओं के प्रति प्रतिबद्ध हैं, जो उन्होंने अग्नि के समक्ष ली थीं। यह उन्हें उनके पारिवारिक और सामाजिक दायित्वों की याद दिलाता है।
कप्तान सुरेंद्र पाल ने बताया कि यह दिन एक अवसर प्रदान करता है जब दंपति अपने रिश्ते में प्रेम, सम्मान और सौहार्द को फिर से मजबूत कर सकते हैं। इस यज्ञ की पवित्र ज्वाला आपके जीवन में प्रकाश, शांति और समृद्धि लाए। जिस प्रकार अग्नि हर वस्तु को शुद्ध कर देती है, उसी प्रकार यह अनुष्ठान आपके रिश्ते के हर पहलू को पवित्र और मजबूत बनाए।
हम यज्ञ अग्नि में अपनी प्रिय वस्तुएं घी, अन्न, समिधा आदि समर्पित करते हैं। यह हमें सिखाता है कि रिश्ते में भी अहंकार और स्वार्थ का त्याग आवश्यक है। जब हम देते हैं, तभी रिश्ता समृद्ध होता है।
महर्षि दयानंद द्वारा रचित कालजयी ग्रंथ सत्यार्थ प्रकाश, गायत्री पटका एवं नित्य कर्म विधि यजमानों को भेंट स्वरूप दी। सभी ने मिलकर इस प्यारे जोड़े के सुखी और समृद्ध जीवन के लिए प्रार्थना और शुभकामनाएं दी।
इस अवसर पर रमन कुमार आर्य, नवदीप कुमार आर्य, अभिषेक जांगिड़ आदि उपस्थित रहे।
फोटो कैप्शन 05: हवन करवाते हुए पुरोहित
विकसित भारत के निर्माण के लिए युवाओं का शिक्षित होना अत्यंत जरूरी-शिक्षामंत्री
-101 विद्यार्थियों को वितरित की प्रोत्साहन राशि
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कनीना की आवाज। युवा किसी भी देश की सबसे अमूल्य पंूजी होते है। देेश का उज्ज्वल भविष्य युवाओं पर ही निर्भर करता है जिस देश के युवा जितने ज्यादा शिक्षित एवं कौशल होते है। वह राष्ट्र प्रत्येक क्षेत्र में प्रगति के नए आयाम स्थापित करता है। वर्तमान में भारत दुनिया का सबसे बड़ा युवा देश है जिसमें 65 प्रतिशत से ज्यादा आबादी युवाओं कि है जिसके बलबूते पर आज भारत विकासशील ना होकर विकसित होने की राह पर चल रहा है। ये विचार आज क्षेत्र में स्थित एसडी स्कूल ककराला कनीना के प्रांगण में युवा ओर सेवा फाउडेशन द्वारा आयोजित कार्यक्रम समुत्कर्ष विद्यार्थी प्रोत्साहन उपक्रम के आयोजन के दौरान .शिक्षामंत्री महिपाल ढांडा ने मेधावी छात्र -छात्राओं को संबोधित करते हुए व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि युवा ओर सेवा फाउंडेशन द्वारा मेधावी विद्यार्थियों को बाबा साहब भीमराव अंबेडकर की स्मृति में प्रोत्साहन राशि व प्रमाण पत्र प्रदान करके उन्हें शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ाने का उपक्रम सही मायनों में काबिले तारीफ है तथा इसके लिए उन्होंने संस्था से जुड़े कार्यकर्ताओं के प्रयासों की मुक्त कंठ से प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि फाउंडेशन का यह प्रयास मेधावी विद्यार्थियों को जीवन में सफलता की ऊंचाइयों पर पहुंचाने में मील का पत्थर साबित होगा।
उन्होंने भारत के 140 करोड़ लोगों को संकल्प लेने की प्रेरणा दी कि वे भारत को 2047 तक विश्व गुरू बनाने में पूरा योगदान देंगे।
कार्यक्रम में महेश जोशी ने बताया कि भारत रतन बाबा साहब भीमराव अंबेडकर जी का पूरा जीवन समाज को शिक्षित एवं संगठित करने में व्यतीत हुआ। उनका मानना था कि शिक्षा सामाजिक परिवर्तन का शक्तिशाली साधन है तथा यह निडर , संगठित और संघर्ष के लिए प्रेरित करती है। उन्होंने बाबा साहब के जीवन से जुड़े अनेक परक प्रसंग बताकर युवाओं को आगे बढऩे के लिए प्रेरित किया। उन्होंने युवाओं को देश हमे देता है सब कुछ हम भी तो कुछ देना सीखे ऐेसे भाव पैदा करने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम में समाज सेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले विविध संगठनों के गणमान्य व्यक्तियों ने अपनी सहमतियां प्रदान कि जिसमें शिक्षा , समाज सेवा, पर्यावरण संरक्षण, धर्म जागरण, व्यापारी वर्ग, चिकित्सा क्षेत्र से जुड़ी तमाम हस्थियां मौजूद रही। इस मौके पर निदेशक जगदेव सिंह, रामधारी सिंह एवं स्कूल मैनेजमेंट ने शिक्षामंत्री को स्मृति चिह्न प्रदान किया। शिक्षामंत्री ने विद्याथ्रियों के लिए निजी कोष सं 11 लाख रुपये की राशि प्रदान करने की घोषणा की।
इस मौके पर हंसराज यादव संघ संचालक, विनोद कुमार, जगदेव सिंह, सत्यव्रत शास्त्री सहित स्कूल स्टाफ एवं दूर दराज से आये जन पदाधिकारी मौजूद रहे।
फोटो कैप्शन 01 व 02: शिक्षामंत्री विद्यार्थियों को बाबा साहब भीमराव अंबेडकर की स्मृति में प्रोत्साहन राशि व प्रमाण पत्र प्रदान करते हुए
सरकार ने अटेली क्षेत्र को नई सड़कों की दी सौगात
-सड़कें किसी
भी क्षेत्र के विकास की मजबूत कड़ी - आरती सिंह राव
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कनीना की आवाज। हरियाणा सरकार ने
अटेली विधानसभा क्षेत्र के लिए नई सड़कों की सौगात दी है। इन सड़कों के निर्माण पर लगभग 7.42 करोड़ रुपए खर्च होंगे। इनका निर्माण अगले 6 महीने में पूरा कर लिया जाएगा।
यह जानकारी देते हुए हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने बताया कि इन सड़कों से दर्जनों गांवों को सुगम आवागमन की सुविधा मिलेगी और क्षेत्र के विकास को नई दिशा मिलेगी।
उन्होंने बताया कि धनौंदा से सीहोर तथा सुंदरह से बवानियां तक नई सड़क का निर्माण होगा। इन दोनों सड़कों के निर्माण पर कुल 430.13 लाख रुपए खर्च होंगे।
इन मार्गों के विकसित होने से क्षेत्र के ग्रामीणों को जिला मुख्यालयों, सरकारी कार्यालयों, बाजारों और स्वास्थ्य सुविधाओं तक पहुंचने में अधिक सुविधा होगी।
इसी प्रकार पोता (पीडब्ल्यूडी रोड) से बाबा कौशल दास मंदिर तथा पोता से उच्चत तक नई सड़क का निर्माण कार्य शामिल है।
इन दोनों प्रस्तावित सड़कों के लिए लगभग 312 लाख लागत निर्धारित की गई है। यह सड़कें धार्मिक स्थलों, कृषि भूमि और ग्रामीण बस्तियों को आपस में जोड़ेंगी जिससे आवागमन में तेजी आएगी।
स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने कहा कि सड़कें किसी भी क्षेत्र के आर्थिक, सामाजिक और स्वास्थ्य संबंधी विकास की मजबूत कड़ी होती हैं। उन्होंने कहा कि मैं ढांचागत परियोजनाओं के पूरे होने के बाद लोगों के समय की बचत होगी, कृषि उत्पादों की ढुलाई आसान हो जाएगी और ग्रामीण क्षेत्रों में समग्र विकास को गति मिलेगी।
मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में चल रही हरियाणा सरकार ओवरऑल डेवलपमेंट के लिए प्रतिबद्ध है और आने वाले समय में भी ऐसी महत्वपूर्ण परियोजनाएं शुरू करवाने की कोशिश रहेगी।
उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में प्रदेश में ढांचागत सुविधाओं में बहुत बड़ा परिवर्तन आया है। विशेष कर दक्षिणी हरियाणा में कई हाइवे का निर्माण हुआ है।
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