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Thursday, December 4, 2025
फिर से दर्ज हुआ डाक्टर होशियार सिंह यादव कनीना का नाम विश्व रिकार्ड बुक में
-कई विश्व रिकार्ड बुकों में हो चुका है नाम दर्ज
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कनीना की आवाज। कनीना निवासी डाक्टर होशियार सिंह यादव पूर्व शिक्षक, साहित्यकार ,लेखक एवं पत्रकार का नाम एक बार फिर से विश्व रिकार्ड बुक में दर्ज हो चुका हैद्ध 25 जनवरी 2026 को जयपुर में उन्हें विभूषित किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि विदेशों तक विश्व बुक रिकार्ड में नाम दर्ज हो चुका है। इसी कड़ी में इनफ्लुएंस बुक आफ वल्र्ड रिकार्ड में भी नाम दर्ज किया जा चुका है। अब तक 43,80000 किलोमीटर के करीब साइकिल चलाने तथा 8000 किलोमीटर के करीब पैदल चलने के कारण उनका यह नाम विश्व रिकार्ड बुक में दर्ज हुआ है।
अब तक हजारों की संख्या में विभिन्न राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय अवार्ड प्राप्त, डा. होशियार सिंह यादव के 3 शोध प्रकाशित तथा तीन बार राज्यपाल से, राज्य शिक्षक पुरस्कार तथा अनेकों अवार्डोंं से सम्मानित डाक्टर यादव लंबे समय से साइकिल चला रहे हैं। करीब 40 सालों से साइकिल चला रहे और ताउम्र चलने का संकल्प ले रखा है। यही नहीं कावड़ यात्रा, खाटू श्याम पदयात्रा ,जैतपुर पदयात्रा तथा अन्य किसी धाम की यात्रा पर पैदल जाकर नाम कमा चुके हैं। यही कारण है कि उनका नाम एक बार फिर से विश्व रिकार्ड बुक में प्रकाशित हो चुका है। आने वाली 25 जनवरी को पिंक सिटी में सम्मानित किया जाएगा।
विश्व मृदा दिवस -5 दिसंबर
मृदा पौधे को सबसे अधिक पोषक करती है प्रदान
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कनीना की आवाज। मिट्टी और पानी जीवन के स्रोत माने जाते हैं। 95 प्रतिशत से अधिक पोषक दो मूलभूत संसाधनों मिट्टी और पानी से पौधे को प्राप्त होते हैं। जलवायु परिवर्तन, मानव गतिविधियों के कारण मिट्टी खराब हो रही है, जल संसाधनों पर अत्यधिक दबाव पड़ रहा है, पानी की घुसपैठ हो जाती हैं। फसल चक्रण मिट्टी के स्वास्थ्य में सुधार करती है कटाव और प्रदूषण को कम करती है, जल घुसपैठ और भंडारण को बढ़ाती है। मृदा दिवस 2023 का मिट्टी और पानी के महत्व और संबंध के बारे में जागरूक करना है। मिट्टी स्वास्थ्य सुधार के लिए दुनिया भर में नागरिकों को संलग्न भी करती है। मृदा से संबंधित पूर्व कृषि कृषि अधिकारियों से बात की जिनके विचार निम्र रहे-
हमारा भोजन का 95प्रतिशत भाग मिट्टी से आता है। एक घन मीटर स्वास्थ्य मिट्टी में ढाई सौ लीटर से अधिक पानी बरकरार रह सकता है। अनुचित मिट्टी और जल प्रबंधन मिट्टी के कटाव मिट्टी की जैव विविधता मिट्टी उर्वरता और पानी की गुणवत्ता और मात्रा को प्रभावित करती है। स्वास्थ्य मिट्टी ही प्राकृतिक फिल्टर के रूप में जल प्रदान करने में भूमिका निभाती है। मिट्टी को हमें साफ सुथरा रखना चाहिए, स्वस्थ रखना चाहिए वरना आने वाले समय में पैदावार घटती चली जाएगी और जीवन की अहम चीज भोजन भी प्राप्त नहीं हो पाएगा। यदि मिट्टी खराब करेंगे तो तेजी से कटाव होगा जो दुनिया भर में गंभीर पर्यावरणीय मुद्दा बन जाएगा। करीब 45 साल पहले भारत में मिट्टी बचाओ आंदोलन की शुरुआत हुई थी। मिट्टी के क्षरण से कार्बनिक पदार्थ को नुकसान होता है और उर्वरता में गिरावट आती है। ऐसे में 2013 में मृदा दिवस मनाने की घोषणा हुई थी तब से यह दिवस मनाया जा रहा है।
--- डा देवराज
मिट्टी यानी मृदा हमारे लिए महत्वपूर्ण है। मिट्टी के महत्व के बारे में लोगों को बताने और गुणवत्ता के बारे में जागरूक करने के लिए यह दिवस मनाया जाता है। मिट्टी की उर्वरता में कमी आ रही है। ऐसे में लोगों को इस बारे में जागरूक करना बेहद जरूरी है। मिट्टी में अधिक मात्रा में उर्वरक पीड़कनाशी डालने से मिट्टी खराब हो जाती है। मिट्टी जब तक स्वस्थ होगी फासले अच्छी पैदावार देगी जो हमारे स्वास्थ्य को बनाए रखने में अहम योगदान देती हैं। मिट्टी का सीधा संबंध हमारे सेहत से है। यह मिट्टी खराब होगी तो पैदावार का प्रत्यक्ष प्रभाव पड़ेगा जिसके कारण हमारा स्वास्थ्य भी प्रभावित होगा। मृदा की देखरेख करनी चाहिए, बार-बार फसल पैदावार लेने से मिट्टी की गुणवत्ता खत्म हो जाती है, ऐसे मिट्टी उर्वरता बढ़ाए रखना चाहिए। मिट्टी में 18 प्रमुख तत्वों में से 15 तत्व प्राप्त होते हैं। जिनकापौधे की वृद्धि विकास में अहम योगदान है। मृदा प्रदूषण खाद्यान्न एवं जलवायु पर भी प्रभाव डालता है, प्रत्यक्ष रूप से स्वास्थ्य को प्रभावित करता है।
---अग्रणी किसान सुबह सिंह
जीवन का प्रारंभ मृदा से होता है और अंत भी मृदा में हो जाता है। भोजन, वनस्पतियां, शोधित भूमिगत जल का यह प्रमुख रूप से मुख्य स्रोत है। स्वस्थ स्थिति की और मानव कल्याण के लिए मृदा प्रबंध किया जाना जरूरी है। मृदा प्रबंधन की जानकारी देनी चाहिए। खेतों में रासायनिक उर्वरकों के स्थान पर जैविक खाद डालने चाहिए ,मिट्टी की जांच करवानी चाहिए, गंदे प्रवाह को रोकना चाहिए। मल्टी लेयर प्लास्टिक से बने उत्पादों का प्रयोग किया जाना चाहिए। लोगों को स्वच्छ वायु ेएवं जल की तरह स्वच्छ मृदा के बारे में जानकारी देनी चाहिए।
-----अजीत सिंह किसान
फोटो कैप्शन:अजीत सिंह, सूबे सिंह किसान एवं पूर्व कृषि अधिकारी देवराज
एचडीएफसी बैंक द्वारा आयोजित रक्तदान शिविर में 30 लोगों ने किया रक्तदान
--जेपी कोटिया ने किया शुभारंभ
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कनीना की आवाज। गुरुवार को एचडीएफसी बैंक कनीना अनाज मंडी में रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। जिसका शुभारंभ जेपी कोटिया मार्केट कमेटी चेयरमैन द्वारा किया गया। रक्तदान शिविर में 30 लोगों ने रक्तदान किया।
शाखाप्रबंधक विक्रमदत्त ने जानकारी देते हुए बताया कि एचडीएफसी बैंक द्वारा आयोजित एक परिवर्तन मुहिम द्वारा नवंबर दिसंबर महीने में रक्तदान शिविर का आयोजन किया जाता है। उन्होंने बताया कि एचडीएफसी बैंक वर्तमान में शहर के साथ गांव की आबादी में भी समय समय पर पौधारोपण मुहिम चलाता है।
रक्तदान महादान माना गया है तथा रक्तदान से हजारों की संख्या में मरीजों की जान बैच जाती है। रक्तदान करने वाले कम नहीं हैं, भारी संख्या में ग्रामीण क्षेत्रों में भी रक्तदान करने वाले युवा मिलते हैं। जब कोई रक्तदान शिविर लगता है तो बढ़-चढ़कर युवा वर्ग भाग लेता है। युवा वर्ग क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। इस संबंध में रक्तदान शिविर लगाने वाले तथा रक्तदान करने वाले युवाओं से चर्चा हुई।
विक्रमदत्त ने कहा कि मरीजों की जिंदगी बचाने में रक्तदान का अहम योगदान है। रक्तदान करने से कभी शरीर में कोई कमी नहीं आती। अपितु उनका उत्साह और भी बढ़ता है। उनका कहना है कि रक्तदान से बड़ा कोई दान नहीं है। किसी को धन दौलत देने से जान नहीं बच सकती। अपितु रक्त देने से मरीजों की बच सकती है। उनका कहना है कि युवा पीढ़ी रक्तदान करने में संकोच नहीं करती।
इस दौरान प्रबंधक प्रीतम,देवेश कुमार, सचिन कुमार, अनिल कुमार, मनोज भाटिया, जसवीर सिंह, डा. जितेंद्र मोरवाल, डा. सुंदरलाल, रेडक्रास सोसायटी के पदाधिकारियों सहित कई जन मौजूद रहे।
फोटो कैप्शन 06: रक्तदान करते हुए लोग
कनीना क्षेत्र में पड़ रही है कड़ाके की सर्दी
-जमता है पाला, लोग आग सेकते आये नजर
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कनीना की आवाज। कनीना और आसपास क्षेत्र में कड़ाके की ठंड पड़ रही है। जहां तापमान बिंदु पर पहुंच चुका है। वही सुबह सवेरे फसलों, घास फूस पर पाला जमा देखा गया। विगत कुछ दिनों से पाला जमने की घटना देखने को मिल रही है। जहां किसान लहलहाती सरसों और गेहूं की फसल को देखकर खुश नजर आ रहे हैं। कृषि वैज्ञानिकों का कहना है कि अभी से ऐसी ठंड नहीं है जो फसल को नुकसान कर सके।
किसान सूबे सिंह, देवेंद्र बलिया, अजीत कुमार, राजेंद्र सिंह, महेश कुमार, योगेश कुमार, कृष्ण कुमार आदि किसानों ने बताया कि विगत वर्ष भी कई दिन पाला जमा था और इस वर्ष बुधवार एवं गुरुवार को भी पाला जमा है। इस समय सरसों पर आब आई हुई है, गेहूं की फसल अभी छोटी है। कनीना क्षेत्र में 20 हजार हेक्टेयर पर सरसों तो करीब दस हजार हेक्टेयर पर गेहूं की फसल खड़ी है। सरसों में फूल आ गए हैं। दूर दराज तक अब खेतों में सरसों खड़ी नजर आ रही है, कहीं-कहीं पीले फूल नजर आ रहे हैं। जहां फूलों को देखकर मधुमक्खी पालन करने वाले दूसरे प्रांतों से आने लग गये हैं। कनीना और आसपास क्षेत्र में दिन के समय तेज धूप खिलती है वहीं सुबह और शाम कड़ाके की ठंड पड़ती है। लोग ऊनी कपड़ों में लिपटे नजर आते हैं। खेतों में किसान तो दुकानों के आगे दुकानदार आग सेकते नजर आते हैं।
उधर पूर्व विषय विशेषज्ञ डा. देवराज यादव से ठंड और पाले के विषय में जानकारी चाही। उन्होंने बताया कि दिन के समय धूप खिलता है और सुबह शाम ठंड पड़ती है जिससे नुकसान की संभावना नहीं है। अभी सर्दी फसलों के अनुरूप ही पड़ रही है। उनका कहना है कि किसानों को चाहिए की हल्की सिंचाई कर दे ताकि पाले का कोई नुकसान न हो सके। उनका कहना है कि अभी इतना अधिक पाला नहीं जमता कि फसल को कोई नुकसान हो जाए। लगातार मौसम खराब रहने से ही फसल को नुकसान हो सकता है।
फोटो कैप्शन 04 व 05: उपलों पर जमा हुआ पाला
आंबेडकर का परिनिर्वाण दिवस 6 को कनीना मनेगा
--बैठक में लिया गया निर्णय
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कनीना की आवाज। डा. भीमराव अंबेडकर जन जागरण समिति की बैठक कान्ह सिंह पार्क कनीना में संपन्न हुई। बैठक की अध्यक्षता समिति के प्रधान कृष्ण कुमार पूनिया ने की। बैठक में सदस्यों ने निर्णय लिया गया की बाबा साहब का महा परिनिर्वाण दिवस 6 दिसंबर 2025 को अंबेडकर चौक कनीना शाम 5 आयोजित होगा। बाबा साहब की प्रतिमा पर फूल मालाएं अर्पित करके श्रद्धांजलि दी जाएगी। उन्होंने सभी समिति के सदस्य व क्षेत्र के बुद्धिजीवी लोगों के पहुंच कर श्रद्धांजलि देने की अपील की है।
इस मौके पर पूर्व पार्षद रामेश्वर दयाल , एडवोकेट विनोद कुमार भोजावास, हेड मास्टर डीगराम, महासचिव राजेंद्र कपूरी, मास्टर संजय, मास्टर विजयपाल, मास्टर सुबह , हरीश कुमार, हवलदार प्रोफेसर राकेश कुमार, इत्यादि मौजूद रहे।
फोटो कैप्शन 03: डा. आंबेडकर समिति की बैठक आयोजित करते हुए
रोड़े डाल दिये, डामर नहीं
-आये दिन हो रही हैं दुर्घटनाएं
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कनीना की आवाज। बेवल से राताकलां सड़क मार्ग पर लंबे समय से रोड़े तो डाले हुए हैं किंतु डामर नहीं डाला गया है जिसके कारण आवागमन में दिक्कत हो रही है। यह करीब 2 किलोमीटर दूरी है। आए दिन छोटी-छोटी दुर्घटनाएं घट रही है।
इस संबंध में इंद्रजीत बेवल, कर्मवीर, देवेंद्र कुमार, मनीष कुमार, मनोज, रवि कुमार आदि ने बताया कि यह सड़क मार्ग मार्केट कमेटी की ओर से निर्मित किया जाना है। ठेकेदार ने इस पर रोड़े डाल दिए हैं किंतु डामर नहीं डाला है जिसके चलते पैदल चलना भी कठिन हो गया है। लोगों ने मांग की है कि अविलंब इस सड़क मार्ग की शुद्ध ली जाए और इस पर डामर डाला जाए ताकि कई गांव के लोगों को लाभ मिल सके।
इस समय में कनीना मार्केट कमेटी के सचिव अजीत कुमार से बात हुई। उन्होंने कहा कि इस संबंध में ठेकेदार को और उच्च अधिकारियों को पत्र प्रेषित करेंगे और इस समस्या का जल्द ही समाधान किया जाएगा।
फोटो कैप्शन 02: सड़क जिस पर पड़े हैं रोड़े, डामर नहीं
मथुरा में एक दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय सेमिनार को संबोधित करेंगे प्रवक्ता सचिन कुमार
--अनेकों बड़ी सभाओं में दे चुके हैं व्याख्यान
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कनीना की आवाज। गोपाल किरण समाज सेवी संस्था , जीएलए विश्वविद्यालय मथुरा व बृजकला साहित्य अकादमी मथुरा के संयुक्त तत्वाधान में होने जा रहे अंतरराष्ट्रीय सेमिनार को संबोधित करने कनीना के भौतिक विज्ञान के प्रवक्ता सचिन कुमार को विशेष तौर पर मुख्य वक्ता के रूप में आमंत्रित किया गया है । इस अंतरराष्ट्रीय सेमिनार में देश विदेश के सुप्रसिद्ध शिक्षाविद , सामाजिक चिंतक , रंगकर्मी ,सामाजिक कार्यकर्ता व राष्ट्रवादी शामिल होंगे । देश के ज्वलंत विषयों को लेकर यह गोष्ठी आयोजित की जा रही है जिसमे भूमंडलीकरण एवं बाजारवाद के दौर में मूल्य-आधारित शिक्षा एवं शिक्षकों की बदलती भूमिका ,भारत मे महिला सशक्तिकरण- प्राचीन काल से आधुनिक काल तक ,नई शिक्षा नीति वर्तमान चुनौतियां एवं संभावनाएं वर्तमान में साहित्य की चुनौतियां और संभावनाएं आदि विषयों पर एक कांक्लेव आयोजित किया जाएगा।
कार्यक्रम में देश में विभिन्न श्रेणियों में शानदार प्रदर्शन कर रही विभूतियों को चयनित करके पुरस्कार भी वितरित किए जाएंगे । बृजभूमि में आयोजित होने जा रहे इस कार्यक्रम में साहित्य पर भी विशेष रूप से चर्चा की जाएगी । गौरतलब है कि प्रवक्ता सचिन कुमार अनेकों बार राष्ट्रीय स्तर पर क्षेत्र का नाम रोशन कर चुके है व वर्तमान में रेवाड़ी के नांगल तेजु में प्रवक्ता के पद पर कार्यरत है ।
फोटो कैप्शन: सचिन शर्मा
बाबा लालगिरी की मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा अनुष्ठान का द्वितीय दिवस चले कार्यक्रम
-मृर्ति स्थापना 5 को
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कनीना की आवाज। बाबा लालगिरी की मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा अनुष्ठान का द्वितीय दिवस कई कार्यक्रम आयोजित हुए। मूर्ति स्थापना 5 दिसंबर को की जाएगी।
मोहन सिंह पूर्व पार्षद ने बताया कि शुक्रवार के दिन यजमान शैलेश और उनके छोटे भाई अशोक द्वारा पूजा कराई गई, साथ ही प्रवेश पंडित द्वारा अखंड राम चरित मानस की शुरू किया गया। इसी बीच ही अन्नधिवास, धान्य अधिवास , फल फूल जल आदि अधिवास दिए गए और कल मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा से पहले हवन और नगर भ्रमण करा कराया जाएगा। इसी मौके पर प्रवेश पंडित , पंकज पंडित जी दीपक ,निरंजन भारद्वाज, रवि शास्त्री, तुलसीदास, मोहन सिंह, नितेश गुप्ता पार्षद, जगमाल बोहरा, प्रदीप,पंकज, सुनील,समेत बहुत से गण मान्य लोग उपस्थित रहें।
फोटो कैप्शन 01: मूर्ति पूजन करते हुए लोग
अब फेस रिकग्निशन हाजिरी लागू हुई हरियाणा शिक्षा विभाग में
-चार दिन की चांदनी फिर अंधेरी रात
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कनीना की आवाज। हरियाणा सरकार ने स्कूलों में सभी कर्मियों की फेस रिकग्निशन उपस्थिति लगानी जरूरी कर दी है। इस संबंध में एक पत्र भी जारी कर दिया है। यद्यपि शिक्षा विभाग में समय-समय पर कई बार आधार कार्ड पर आधारित हाजिरी लगनी शुरू की गई थी जो एक के बाद एक दम तोड़ गई हैं। चंद दिनों तक गर्माहट रहती है और हाजिरी लगाई जाती है तत्पश्चात फिर से उसे भुला दिया जाता है। जिस प्रकार बायोमेट्रिक मशीन भी लुप्त हो गई है या अभी भी स्कूलों में खराब हालत में पड़ी हैं ऐसे ही अब फेस रिकग्निशन हाजिरी लगेगी। तत्पश्चात सभी मशीन यूं ही कबाड़ बना दी जाएंगी। जब तक कठोर कार्रवाई नहीं होती तब तक यही हालत जारी रहने के आसार हैं। अधिकांश कर्मचारी भी नहीं चाहते इस प्रकार की हाजिरी लगाई जाए इसलिए इससे बचने के कोई उपाय ढूंढते रहते हैं।
खंडहरनुमा घरों बसे हुए हैं 10-10 परिवार किराएदार
-कोई पूछने वा
ला नहीं
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कनीना की आवाज। यद्यपि कनीना प्रशासन ने जागरूकता दिखाते हुए सभी घरों के मालिको/ दुकानों के मालिक को जिन्होंने अपनी दुकान या मकान किराए पर दे रखे हैं किरायेदारों के लिए पुलिस वेरिफिकेशन करवाना जरूरी कर दिया है किंतु बहुत से ऐसे मलिक हैं जो यहां रहते ही नहीं या दूर दराज रहते हैं। उन तक इस संबंध में सूचना तक नहीं है। ऐसे में उनके कबाडऩुमा/ खंडारलुमा घरों में 10-10 परिवार बसे हुए हें जो न केवल पेयजल को चूसते हैं अपितु सीवर व्यवस्था को भी ठप तक करने में अहम योगदान है। ऐसे में जब तक प्रशासन घर-घर जाकर जांच नहीं करेगा तब तक ये लोग मस्ती से किराए के मकानों में बिजली, पानी और शिविर का दुरुपयोग करते रहेंगे। एक अनुमान है कि कनीना में कम से कम 2000 व्यक्ति किराए के मकानों और दुकानों और अन्य जगह रह रहे हैं। ऐसे में वो पुलिस वेरिफिकेशन नहीं करवा रहे है और न ही घरों और दुकानों के मालिक इस और ध्यान दे रहे हैं। जरूरत है घर-घर जाकर इनकी की जांच करने और पुलिस वेरिफिकेशन की। वरना आने वाले समय में कोई बड़ा हादसा होने से इनकार नहीं किया जा सकता है।
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