Not sure how to add your code? Check our installation guidelines **KANINA KI AWAZ **कनीना की आवाज**: 2025

Wednesday, December 31, 2025



 

वैश्विक परिवार दिवस-एक जनवरी
प्राचीन भारतीय दर्शन का मूलमंत्र है वसुधैव कुटुम्बकम- लक्की राव सीगड़ा
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कनीना की आवाज।
लक्की राव सिगड़ा का कहना है कि हमारी पृष्ठभूमि, संस्कृति या मान्यताएं अलग हैं लेकिन हम सभी एक वैश्विक परिवार का हिस्सा हैं। वैश्विक परिवार दिवस दुनिया भर के लोगों में प्यार, सद्भाव, एकता को प्रोत्साहित करने के लिए समर्पित होता है। वैश्विक परिवार दिवस की शुरूआत दुनिया भर में अहिंसा को बढ़ावा देने के लिए वन डे वन पीस नाम से किया गया था पहला आधिकारिक ग्लोबल फैमिली डे एक जनवरी 2000 को मनाया गया था। इस दिन को मनाने के पीछे का उद्देश्य यह है कि पूरा विश्व एक परिवार है। यह दिन एकता, शांति और एकजुटता को बढ़ावा देता है।
प्राचीन भारतीय दर्शन का मूलमंत्र है वसुधैव कुटुम्बकम-
वसुधैव कुटुम्बकम एक सार्वभौमिक दृष्टिकोण है जो सभी मनुष्यों को एक बड़े परिवार के रूप में देखता है, जिससे आपसी समझ, प्रेम और सहयोग को बढ़ावा मिलता हैं। पूरी पृथ्वी ही परिवार है भारतीय दर्शन का एक मूल सिद्धांत है जिसका अर्थ है कि सभी मनुष्य एक ही परिवार के सदस्य हैं। हमें सार्वभौमिक भाईचारे, समानता और एक-दूसरे के प्रति करुणा के साथ रहना चाहिए।
समग्र विश्व एक वैश्विक ग्राम है। इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि हम किस देश से आते हैं, या हम किस जाति से हैं, या हम किस धर्म में विश्वास करते हैं, विश्व की पूर्ण जनसंख्या धरती पर एक परिवार हैं। समस्त मानव जाति को एक साथ आना चाहिए और प्रेम और शान्ति में विश्वास करना चाहिए और विश्व में सुख और आशा लाने हेतु इसका अभ्यास करना चाहिए।
हम सभी को मिलकर व्यापक दृष्टिकोण एवं वैश्विक चुनौतियां को साथ लेकर प्रेम और भाईचारा कायम करना हमारी प्राथमिकता होना चाहिए। सामाजिक, सांस्कृतिक, धार्मिक और राष्ट्रीय बाधाओं से ऊपर उठकर करुणा और प्रेम के माध्यम से दुनिया को एक बेहतर स्थान बनाया जा सकता हैं।
फोटो कैप्शन: लक्की राव सिगड़ा


मंत्री आरती सिंह राव का जताया आभार
-उन्हाणी के पास 1.82 करोड़ रुपए की परियोजना को मंत्री आरती सिंह राव ने दी  स्वीकृति
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कनीना की आवाज।
कनीना महेंद्रगढ़ मुख्य मार्ग पर गांव उन्हणी के समीप लंबे समय से जर्जर अवस्था में पड़ी पुलिया एवं लगभग 3.153 किलोमीटर क्षतिग्रस्त सड़क के पूर्ण निर्माण को लेकर क्षेत्र वासियों को बड़ी राहत मिली है। नगर पालिका पार्षद दीपक चौधरी के प्रयासों के बाद स्वास्थ्य मंत्री कुमारी आरती सिंह राव के संज्ञान में मामला आने पर इस महत्वपूर्ण परियोजना को एक 1.82 करोड़ की प्रशासनिक मंजूरी प्रदान की गई है। स्वीकृत परियोजना के अंतर्गत जर्जर पुलिया का पूर्णरूप से पुनर्निर्माण किया जाएगा तथा सड़क को आधुनिक मानकों के अनुरूप नए सिरे से तैयार किया जाएगा। इससे इस मार्ग पर यातायात सुगम, सुरक्षित और निर्बाद  होगा विभागीय सूत्रों के अनुसार नए वर्ष में टेंडर प्रक्रिया पूरी कर निर्माण कार्य शीघ्र आरंभ  कर दिया जाएगा।
यह जानकारी दीपक चौधरी ने देते हुए बताया कि यह मार्ग कनीना -महेंद्रगढ़ सहित आसपास के अनेक गांवों को जोडऩे वाला प्रमुख संपर्क मार्ग है पुलिया और सड़क की खराब स्थिति के कारण लंबे समय से राहगीरों, स्कूली विद्यार्थियों, किसानों और वाहन चालकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था वहीं सड़क हादसों की आशंका भी बनी रहती थी।
नगर पालिका पार्षद दीपक चौधरी ने इस समस्या को लेकर चंडीगढ़ स्थित स्वास्थ्य मंत्री के कार्यालय में कई बार जाकर मुलाकात की और क्षेत्र की गंभीर स्थिति से अवगत करवाया। उनके बाद लगातार प्रयासों और जनहित की आवाज उठाने के परिणाम स्वरूप यह परियोजना स्वीकृत हो सकी।
पार्षद दीपक चौधरी ने स्वास्थ्य मंत्री कुमारी आरती सिंह राव का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि स्वीकृत क्षेत्र की जनता के लिए बड़ी राहत है उन्होंने कहा कि मंत्री कुमारी आरती सिंह राव जन समस्याओं के प्रति संवेदनशील है और उनके सकारात्मक हस्तक्षेप  से क्षेत्र को यह महत्वपूर्ण सौगात मिली है इस मौके पर मुकेश लंबरदार, नरेंद्र फौजी, योगेश कुमार पार्षद, मनीष कुमार पार्षद प्रतिनिधि, देशराज सिंह पार्षद प्रतिनिधि, राकेश पार्षद मौजूद रहे।
फोटो कैप्शन: दीपक चौधरी





अटेली टी-प्वाइंट पर लगा दिनभर भंडारा
-नए साल पर लगेंगे कई जगह भंडारे
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कनीना की आवाज।
 कनीना-अटेली टी-प्वाइंट पर दूसरी बार भंडारा आयोजित किया गया। यह भंडारा मनोज कुमार फोटोग्राफर, कंवर सिंह नयाबासी,गजराज सिंह, ओम प्रकाश, मोनू फोटोग्राफर ,राजेश कुमार,अजय कुमार बिट्टू, टोनी आदि ने यह भंडारा लगाया और ताजा पूड़ी सब्जी, हलवा आने जाने वाले लोगों को खिलाया। वाहनों को भी रुकवाकर उनके चालकों को भी भोजन कराया गया।
 मनोज कुमार ने बताया कि यह भंडारा दूसरी बार लगाया गया है। विगत वर्ष भी इसी जगह भंडारा लगाया था। भंडारे के पीछे एक उद्देश्य है कि ताजा भोजन सुबह सवेरे सभी को मिले। जो किसी कारणवश घर पर भोजन नहीं कर पाए उनको भी भोजन मिल सके। उन्होंने कहा भोजन कराना पुण्य का कार्य होता है। लोगों ने भरकर भोजन किया।
 नए साल पर लगेंगे अनेक भंडारे-
 नई साल पर कनीना और आसपास विभिन्न स्थानों पर भंडारे लगेंगे। जहां लाल गिरी महाराज कनीना का भंडारा नए साल पर लगेगा वहीं राव दान सिंह के पेट्रोल पंप के समक्ष छठी बार भंडारा आयोजित किया जाएगा। यह भंडारा रायल मार्केट की तरफ से आयोजित किया जाएगा जिसमें महालक्ष्मी बैट्री, पतंजलि चिकित्सालय, श्रीश्याम टायर, शेरावत म्यूजिक, सालासर स्टील एंड एल्युमिनियम ,धोलिया बाइक वर्कशाप, केडी मोडिफाइड प्वाइंट आदि सभी मिलकर शुद्ध सात्विक भोजन करवाएंगे।
 जितेंद्र कुमार ने बताया की कोरोना काल में उन्होंने भंडारा शुरू किया था ताकि जिन लोगों को भोजन नहीं मिल सके वो यहां भोजन कर पाएं। तब से परंपरा लगातार चली आ रही है और अब भी यह परंपरा कायम है। उधर लाल गिरी महाराज का भंडारा भी 1 जनवरी को लगेगा। मोहन सिंह पुर पार्षद ने बताया कि भंडारा उनकी 50वीं पुण्यतिथि पर लगाया जाएगा।
 फोटो कैप्शन 4: अटेली टी-प्वाइंट पर मनोज कुमार फोटोग्राफर एवं लोगों द्वारा लगाया भंडारा




दादा खरीदे तो पोता बरते वाली कहावत चरितार्थ हो रही है ट्रैक्टर पर
-50-50 सालों से चलाते आ रहे हैं एक ही ट्रैक्टर
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कनीना की आवाज।
 कहावत है कि दादा अगर कोई चीज खरीद ले और उसका पुत्र तथा पौत्र भी उसे प्रयोग करें तो इससे बेहतर वस्तु और क्या हो सकती है। कनीना क्षेत्र में एक नहीं अपितु दो किसानों के पास हिंदुस्तान ट्रैक्टर 1975 से लगातार चला आ रहा है। आज भी ट्रैक्टर वहीं ट्रैक्टर काम में ले रहे हैं और वही ट्रैक्टर किसी जमाने का बहुत प्रसिद्ध ट्रैक्टर था। कभी हिंदुस्तान नाम से यह ट्रैक्टर चला था आज भी कनीना के दो किसानों के पास बेहतरीन ढंग से कार्य कर रहा है। किसान आज ट्रैक्टर से खुश हैं।
1975 में संजय पुत्र सुभाषचंद्र शर्मा इसराणा के किसान के पास हिंदुस्तान ट्रैक्टर है जो उस जमाने में बहुत प्रसिद्ध ट्रैक्टर था और आज भी उसे खेती-बाड़ी में काम ले रहे हैं। उनका कहना है कि यह ट्रैक्टर जल्द खराब नहीं होता और बहुत शक्तिशाली है जो आसानी से किसान के कामों को पूरा कर देता है। किसान का कहना है कि आधुनिक ट्रैक्टर के बजाय उनका पुराना ट्रैक्टर उनकी मनपसंद है और उनके हर कार्य में अहम भूमिका निभा रहा है। आज भी बेहतर ढंग से कार्य कर रहा है।
 उधर कनीना के पार्षद थान सिंह के पास 1977 से चला रहा हिंदुस्तान ट्रैक्टर आज भी कार्यरत है। उन्होंने बताया कि उनके दादा मामचंद मेंबर ने इसे खरीदा था। तत्पश्चात उनके पिता कंवर सिंह ने इसे खेती बाड़ी में प्रयोग किया और वर्तमान में स्वयं थान सिंह प्रयोग कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि इससे अल्टीनेटर भी बहुत बेहतर ढंग से कार्य कर करता है जो लाखों रुपए की बचत कर रहा है। उन्होंने बताया कि यह ट्रैक्टर उस जमाने के अच्छे ट्रैक्टरों में माना जाता था और आज भी इनका कोई तोड़ नहीं है और यह अच्छे ढंग से कार्य कर रहा है। उनका मानना है कि शायद इस वक्त इस ट्रैक्टर का प्रचलन बंद हो चुका है परंतु उनके पास आज भी बेहतर ढंग से कार्य कर रहा है।
 फोटो कैप्शन 06 व 07 :हिंदुस्तान ट्रैक्टर जो  50 सालों से कार्य कर रहा है


प्राध्यापक सुभाष वर्मा हुए सेवानिवृत्त
-27 वर्ष 4 माह की सेवा की पूरी
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कनीना की आवाज।
राजकीय माडल संस्कृति स्कूल धनौंदा में कार्यरत इतिहास के प्रवक्ता सुभाष चंद्र वर्मा आज 27 वर्ष 4 माह की दीर्घ, अनुकरणीय अध्यापक सेवा उपरांत सेवानिवृत्त हुए। उनकी सेवानिवृत्ति के अवसर पर आयोजित सम्मान समारोह में राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कनीना मंडी के प्राचार्य नरेश कुमार कौशिक ने कहा कि श्री वर्मा एक कर्तव्यनिष्ठ, अनुशासित एवं पूर्णत: समर्पित शिक्षक रहे हैं। उन्होंने अपने पूरे सेवाकाल में विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दी और शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया।
प्राचार्य नरेश कुमार कौशिक ने जानकारी देते हुए बताया कि श्री सुभाष चंद्र वर्मा ने अपने 27 वर्षों के सेवाकाल में जेबीटी अध्यापक से लेकर सामाजिक अध्ययन अध्यापक, कनीना में कार्यवाहक मुख्य अध्यापक तथा लगभग छह माह तक सामाजिक विज्ञान/इतिहास प्रवक्ता के रूप में कार्य करते हुए विभिन्न महत्वपूर्ण दायित्वों का सफलतापूर्वक निर्वहन किया। उनकी शैक्षणिक दक्षता एवं प्रशासनिक क्षमता से संबंधित विद्यालयों को निरंतर लाभ प्राप्त हुआ। उन्होंने करीरा,कनीना, भडफ़, रसूलपुर एवं धनौंदा में सेवा दी।
इस अवसर पर विद्यालय के प्रवक्ता हेमंत शर्मा, मिथिलेश कुमार, पूनम रानी, सुनीता, विजयपाल, राजेश कुमार, जगदीश चंद्र, लिपिक, समाजसेवी मनोज रोहिल्ला, राज्य पुरस्कार विजेता एवं विश्व रिकार्डधारी डा. होशियार सिंह सहित समस्त स्टाफ सदस्यों ने सेवानिवृत्त शिक्षक को सम्मानित करते हुए उनके स्वस्थ, सुखद एवं सक्रिय भविष्य की कामना की। उनकी सेवानिवृत्ति में कई प्राचार्य शामिल हुए।
फोटो कैप्शन 05: सेवानिवृत्त होते हुए सुभाष वर्मा



दूसरे दिन भी दोपहर तक पड़ता रहा कोहरा, कड़ाके की ठंड जारी
-फसल को लाभ होने की उम्मीद
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कनीना की आवाज।
कनीना क्षेत्र में दूसरे दिन भी जहां दोपहर तक सघन कोहरा पड़ा। कुछ दूरी के वस्तुएंं भी नहीं दिखाई दी। दोपहर के पश्चात कोहरा खत्म हो गया तथा सूरज चमकने लगा। कड़ाके की ठंड जारी है। दिन भर लोग आग के पास बैठे आग सेकते देखे गए। वहीं अधिक ठंड पडऩे के कारण कुछ उपलों व वनस्पतियों पर हल्का पाला जमा देखा गया।
कोहरे में वाहन लाइट जला कर चलाए गए। कोहरा इतना सघन था कि पास की वस्तुएं भी नहीं दिखाई दे रही थी। कोहरे व ठंड के कारण लोग भी अपने घरों में छुपे देखे गए। परंतु अभी भी 1 जनवरी तक स्कूल चलेंगे और स्कूलों की बसें आम दिनों की तरह चलती दिखाई दी।
 कोहरे के कारण जहां फसलों को लाभ होने का अंदेशा है। किसान सूबे सिंह, राजेंद्र सिंह, कृष्ण सिंह आदि ने बताया कि ठंड पडऩा फसलों के लिए लाभप्रद है। ऐसे में कोहरा के भी लाभ बताए जा रहा है। कृषि वैज्ञानिक भी ऐसा ही मानते हैं कि कोहरा व ठंड रबी फसलों के लिए लाभप्रद साबित होगी। कनीना क्षेत्र में लगातार मौसम बदल रहा है। कुछ दिन पहले पाला भी जमा था धुंध और कोहरा भी पड़ा था किंतु ठंड जारी है। अभी तक विगत वर्ष की तुलना में कम ठंड पड़ी है। यह ठंड फसलों के लिए लाभ प्रद मानी जा रही है।
  कनीना क्षेत्र में महज 5 दिन धुंध एवं कोहरा पड़ा है बाकी दिनों मौसम साफ रहा है। दिन में धूप तथा रात को ठंड पडऩे से फसलों को नुकसान का अंदेशा नहीं है। ऐसा कृषि वैज्ञानिक भी मानते हैं। कनीना क्षेत्र में जा गेहूं और सरसों दो फसलें अच्छी प्रकार लहलहा रही हैं। आने वाले समय में बेहतरीन पैदावार होने की उम्मीद है।
 फोटो कैप्शन 01 से 05: कोहरे का नजारा




कई लोगों की जान जाने के बाद चेती है सरकार
-बार बार आंदोलन भी करना पड़ा
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कनीना की आवाज।
कनीना से करीब 2 किलोमीटर दूर उन्हाणी नहर के पुल पर कम से कम आधा दर्जन मौत हो चुकी हैं। यहां सड़क जर्जर हो चुकी है। पुल जल का रिसाव कर रहा है। बार बार आंदोलन करने के बाद आखिरकार सरकार चेती है।
उल्लेखनीय है कि 4 जून 2025 को उन्हाणी के नहरी पुल के कारण भीषण सड़क हादसे में चार लोगों की मौत हो गई थी। सभी जवान थे और सभी की उम्र 35 साल से कम थी।
मिली जानकारी अनुसार चारों लोग वर्ना गाड़ी में सवार होकर महेंद्रगढ़ के पास निंबेड़ा में अपनी बुआ की लड़की के कुआं पूजन से वापस गुरुग्राम की ओर जा रहे थे। उन्हाणी के पास जहां नहरी पुल पर सड़क मार्ग खराब हो चुका है, यहां आगे चल रहे हाइवा/डंपर के ब्रेक लेने पर वर्ना गाड़ी हाइवा में जा घुसी। मौके पर ही सभी लोगों की मौत हो गई। गाड़ी में चार ही लोग सवार थे। दुर्घटना इतनी भीषण थी कि हाइवे के नीचे गाड़ी बुरी तरह से घुस गई जिसे निकालने के लिए क्रेन बुलानी पड़ी और क्रेन से उनको बड़ी मुश्किल से निकल गया। यही नहीं अपितु यहां एक जवान की दुर्घटना सहित कई जाने जा चुकी हैं। बार बार आंदोलन करना पड़ा है तब जाकर यहां पुल बनाने का निर्णय सरकार ने लिया है। अब यह देखा जाना है कि यह पुल कब तक बन पाता है या किसी और की जान जाने का इंतजार होगा?





पुलिस ने ग्राम मोहनपुर में चलाया जन-जागरूकता अभियान
-- नशा मुक्ति और साइबर सुरक्षा पर दिया विशेष जोर।
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कनीना की आवाज।
पुलिस की संयुक्त टीम द्वारा थाना सदर कनीना के अंतर्गत आने वाले गांव मोहनपुर में एक विशेष जन-जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। गांव के बस स्टैंड पर आयोजित इस कार्यक्रम में पुलिस टीम ने समाज के सभी वर्गों के लोगों के साथ सीधा संवाद स्थापित करते हुए नशा मुक्ति, साइबर सुरक्षा और यातायात नियमों जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की। इस अवसर पर ईएसआई चरण सिंह ने विशेष रूप से युवा वर्ग को संबोधित करते हुए उन्हें नशे के जानलेवा दुष्प्रभावों के प्रति सचेत किया। उन्होंने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि नशा न केवल एक व्यक्ति को बर्बाद करता है, बल्कि पूरे परिवार और समाज को खोखला कर देता है। उन्होंने ग्रामीणों को बताया कि पुलिस नशा पीडि़तों को समाज की मुख्य धारा में वापस लाने के लिए प्रयास कर रही है और जो भी व्यक्ति स्वेच्छा से नशा छोडऩा चाहता है, पुलिस प्रशासन द्वारा उसकी हर संभव मदद की जाएगी। इस दौरान नशा मुक्ति और मानसिक स्वास्थ्य सहायता के लिए मानस हेल्पलाइन नंबर 1933 के बारे में भी लोगों को जागरूक किया गया।
जागरूकता अभियान के दौरान पुलिस टीम ने उपस्थित जनसमूह को डायल 112 की ट्रिप मानिटरिंग सुविधा, बाल विवाह रोकथाम कानून, साइबर ठगी से बचाव के तरीके और सड़क सुरक्षा के नियमों की विस्तृत जानकारी दी। पुलिस टीम ने केवल कानून-व्यवस्था पर ही नहीं, बल्कि ग्रामीणों के दैनिक जीवन में आने वाली समस्याओं पर भी विस्तारपूर्वक चर्चा की। कार्यक्रम के अंत में पुलिस ने ग्राम वासियों से अपील की कि यदि गांव में कोई नशा बेचता है या सेवन करता है, तो इसकी सूचना तुरंत पुलिस को दें ताकि समय रहते ऐसे असामाजिक तत्वों पर उचित कानूनी कार्रवाई की जा सके। इस अवसर पर ग्रामीणों ने भी अपने विचार साझा किए और पुलिस की इस पहल की सराहना करते हुए पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया।
फोटो कैप्शन 03: पुलिस साइबर अपराधों की जानकारी देते हुए





कनीना-महेन्द्रगढ़ मुख्य मार्ग पर सड़क हादसों से मिलेगी निजात
-उन्हाणी के पास जर्जर पुलिया का स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने लिया था कड़ा संज्ञान
-जर्जर पुलिया व तीन किलोमीटर सड़क का भी होगा पुनर्निर्माण,182.48 लाख रुपये की मंजूरी मिली
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कनीना की आवाज।
कनीना महेन्द्रगढ़ मुख्य मार्ग को जोडऩे वाली सड़क पर गांव उन्हाणी के समीप लंबे समय से जर्जर अवस्था में पड़ी पुलिया एवं लगभग 3.153 किलोमीटर लंबाई की सड़क के पुनर्निर्माण को लेकर क्षेत्रवासियों को बड़ी राहत मिली है। स्वास्थ्य मंत्री कुमारी आरती सिंह राव के सतत् प्रयासों से इस महत्वपूर्ण परियोजना को 182.48 लाख रुपए की प्रशासनिक मंजूरी प्रदान की गई है।
स्वीकृत परियोजना के तहत जर्जर पुलिया का पूर्ण रूप से पुनर्निर्माण किया जाएगा तथा क्षतिग्रस्त सड़क को आधुनिक मानकों के अनुरूप नए सिरे से तैयार किया जाएगा, जिससे इस मार्ग पर यातायात सुगम, सुरक्षित और निर्बाध हो सकेगा। विभागीय सूत्रों के अनुसार नए वर्ष में टेंडर प्रक्रिया पूरी कर निर्माण कार्य शीघ्र प्रारंभ कर दिया जाएगा।
यह सड़क एवं पुलिया क्षेत्र के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि इनके माध्यम से कनीना, महेन्द्रगढ़ सहित आसपास के अनेक गांवों का आवागमन जुड़ा हुआ है। लम्बे समय से जर्जर हालत के कारण राहगीरों, विद्यार्थियों, किसानों एवं वाहन चालकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। यह मांग स्थानीय नागरिकों द्वारा लंबे समय से उठाई जा रही थी।
जैसे ही यह विषय स्वास्थ्य मंत्री कुमारी आरती सिंह राव के संज्ञान में आया, उन्होंने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभागों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए और अल्प समय में इस मांग को पूरा करवाया।
स्वास्थ्य मंत्री कुमारी आरती सिंह राव ने कहा कि जनता की समस्याओं का समाधान उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा, मैं दिन-रात जनता की सेवा के लिए सदैव तत्पर हूं। मेरे द्वार आमजन के लिए हमेशा खुले हैं। जब भी किसी क्षेत्र की वास्तविक समस्या मेरे संज्ञान में आती है, उसका समाधान करवाना मेरा कर्तव्य है।
क्षेत्र के नागरिकों, जनप्रतिनिधियों एवं सामाजिक संगठनों ने इस महत्वपूर्ण स्वीकृति पर स्वास्थ्य मंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस सड़क व पुलिया के पुनर्निर्माण से न केवल आवागमन आसान होगा, बल्कि क्षेत्र के विकास को भी नई गति मिलेगी।
फोटो कैप्शन 01: उन्हाणी का क्षेत्र जहां दुर्घटनाएं आम हैं


ककराला के छात्रों ने क्षुद्रग्रह खोजकर अंतराष्ट्रीय स्तर पर पहचान हासिल की

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एसडी स्कूल के हैं विद्यार्थी
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कनीना की आवाज। एसडी विद्यालय ककराला के छात्रों ने अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्कूल का नाम रोशन किया है। अगस्त-सितंबर 2024 के दौरान आयोजित इंटरनेशनल एस्ट्रोनामिकल सर्च कोलाबोरेशन (आईएएससी) अभियानों में छात्रों द्वारा नए क्षुद्रग्रहों की खोज की गई। जिसका परिणाम दिसम्बर 2025 में आया और उसमें पी11एक्सदेव इन खोजों को माइनर प्लेनेट सेंटर (एमपीसी) द्वारा प्रोविजनल स्टेटस प्रदान किया गया, जिससे छात्रों को वैश्विक स्तर पर मान्यता प्राप्त हुई।
आई ए एस सी प्राप्त अधिकारिक सूचना के अनुसार, एसडी विद्यालय के छात्रों द्वारा की गई प्रारंभिक खोजों की फालोअप आब्जर्वेशन के माध्यम से सफलतापूर्वक पुष्टि की गई। इसके पश्चात इन नए खोजे गय क्षुद्रग्रहों को अस्थायी पहचान प्रदान की गई और उन्हें आधिकारिक रुप से एम पी सी के डेटाबेस में दर्ज किया गया।
विद्यालय प्राचार्य ओमप्रकाश यादव ने बताया की यह प्रतिष्ठित वैज्ञानिक उपलब्धि अमीषा , गरिमा , दीपांशु , लक्ष्य यादव , गौरव  कुमार, इशिका , देवांशी अपने क्षेत्र व विद्यालय का नाम रोशन किया।
यह पूरी उपलब्धि एस डी स्कूल के इनोवेशन इंचार्ज जसबीर जांगिड के मार्गदर्शन दिशा-निर्देशों और निरंतर मार्गदर्शन में संभव हो सकी। उनके नेतृत्व में छात्रों ने वैज्ञानिक सोच, डेटा विश्लेषण और अंतरराष्ट्री मानकों के अनुसार कार्य करते हुए यह महत्वपूर्ण खोज की।
विद्यालय चेयरमैन जगदेव यादव ने यह सफलता न केवल छात्रों के लिए गर्व का विषय बताया, बल्कि यह अन्य विद्यार्थियों को भी विज्ञान, खगोल विज्ञान और अनुसंधान के क्षेत्र मे आगे बढऩे के लिए पे्ररित करेगें। विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ-साथ अपने जीवन में अच्छे संस्कार, अनुशासन व अच्छे चरित्र को विशेष महत्त्व देना चाहिए। विद्यालय निदेशक ने यह भी बताया कि कड़ी मेहनत, ईमानदारी व सच्चाई के साथ किये गए प्रयास हमेशा सार्थक होते है इसलिए जीवन में इन बातों को अपना कर ही हम सफलता के मार्ग पर अग्रसर रह सकते है।
इस अवसर पर प्राचार्य ओमप्रकाश, विद्यालय समिति के वरिष्ठ सदस्य राजेन्द्र यादव, सीईओ आर एस यादव, उपप्राचार्य पूर्ण सिंह, कोर्डिनेटर स्नेहलता, प्रियंका एवं बिंदु, ईश्वर सिंह, अजीत कुमार एवं समस्त स्टाफ उपस्थित था।
फोटो कैप्शन 02: विद्यार्थी जिन्होंने क्षुद्रग्रह खोजा




कनीना की आवाज ब्लाग से न उठाये कोई समाचार
-वरना कापीराइट के तहत होगा मामला दर्ज
-आरएनआई द्वारा है रजिस्टर्ड
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कनीना की आवाज।
 कनीना की आवाज नमक ब्लाग आरएनआई द्वारा  रजिस्टर्ड समाचार पत्र है। इससे यूं की यूं खबर को उठाकर कुछ लोग अनजाने में ग्रुप में डाल देते हैं जो कापीराइट का उल्लंघन है। कहने को तो अज्ञानता कहेंगे लेकिन कानून के सामने अज्ञानता का कोई बहाना नहीं होता। ऐसे में ऐसी गलती दो-तीन बार कुछ लोग कर चुके हैं जो डा. होशियार सिंह यादव कापीराइट अधिकारी द्वारा देखी जा चुकी हैं। भविष्य में अगर कोई ऐसी गलती करेगा चाहे वह जाने या अनजाने में हुई उसके खिलाफ कापीराइट के तहत मामला दर्ज करवाया जाएगा। इसके लिए ग्रुप एडमिन भी जिम्मेवार होगा। कनीना की आवाज ब्लाग की खबर को कापी करके कहीं प्रयोग न करें, सावधानी बरते अन्यथा अंजाम भुगतने के लिए तैयार रहे।
 कापीराइट मामले में सजा
-अपराध की गंभीरता के आधार पर 6 महीने से लेकर 3 साल तक की कैद और 50,000 रुपए से 2 लाख रुपए तक के जुर्माने तक हो सकता है। बार-बार उल्लंघन करने पर सजा बढ़ जाती है, और इसमें गैर-जमानती और संज्ञेय  अपराध माना जाता है, जिसमें अवैध सामग्री और उपकरणों को जब्त भी किया जा सकता है।
सजा के मुख्य प्रावधान (भारतीय कॉपीराइट अधिनियम, 1957 के अनुसार)
    धारा 63:पहली बार उल्लंघन करने पर कम से कम 6 महीने की कैद और 50,000 रुपए के जुर्माने से लेकर अधिकतम 3 साल तक की कैद और 2 लाख रुपएतक का जुर्माना हो सकता है।
    धारा 63 (दोबारा उल्लंघन): दूसरी बार दोषी पाए जाने पर कम से कम 1 साल की कैद और 1 लाख रुपए के जुर्माने से लेकर अधिकतम 3 साल तक की कैद और 2 रुपए लाख तक का जुर्माना हो सकता है।
    धारा 63बी(कंप्यूटर प्रोग्राम का उल्लंघन): कंप्यूटर प्रोग्राम की उल्लंघनकारी प्रति का जानबूझकर उपयोग करने पर कम से कम 7 दिन की कैद और 50,000 रुपए के जुर्माने का प्रावधान है।
    अन्य दंड:उल्लंघन करने वाली प्रतियां और उन्हें बनाने में इस्तेमाल होने वाले उपकरण जब्त किए जा सकते हैं, और कापीराइट मालिक सिविल मुकदमे के जरिये मौद्रिक हर्जाना भी मांग सकता है।


एक जनवरी से 15 जनवरी तक स्कूलों में शीतकालीन अवकाश
--16 जनवरी को फिर खुलेंगे स्कूल


कवि महेंद्र शर्मा झाड़ली की बेटी प्रीति का एनआईटी सिलचर में प्रवेश
--प्रीति को सीकर में मिला सम्मान

डा. होशियार सिंह कनीना की दो कृतियों  की लगातार कडिय़ां चलेंगी 14 जनवरी से
-1 कुतरू प्राचार्य के कारनामे तथा दूसरी ब्लैकमेलर प्राचार्य के कारनामे

Tuesday, December 30, 2025



 

कनीना की आवाज ब्लाग से न उठाये कोई समाचार
-वरना कापीराइट के तहत होगा मामला दर्ज
-आरएनआई द्वारा है रजिस्टर्ड
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 कनीना की आवाज नमक ब्लाग आरएनआई द्वारा  रजिस्टर्ड समाचार पत्र है। इससे यूं की यूं खबर को उठाकर कुछ लोग अनजाने में ग्रुप में डाल देते हैं जो कापीराइट का उल्लंघन है। कहने को तो अज्ञानता कहेंगे लेकिन कानून के सामने अज्ञानता का कोई बहाना नहीं होता। ऐसे में ऐसी गलती दो-तीन बार कुछ लोग कर चुके हैं जो डा. होशियार सिंह यादव कापीराइट अधिकारी द्वारा देखी जा चुकी हैं। भविष्य में अगर कोई ऐसी गलती करेगा चाहे वह जाने या अनजाने में हुई उसके खिलाफ कापीराइट के तहत मामला दर्ज करवाया जाएगा। इसके लिए ग्रुप एडमिन भी जिम्मेवार होगा। कनीना की आवाज ब्लाग की खबर को कापी करके कहीं प्रयोग न करें, सावधानी बरते अन्यथा अंजाम भुगतने के लिए तैयार रहे।
 कापीराइट मामले में सजा
-अपराध की गंभीरता के आधार पर 6 महीने से लेकर 3 साल तक की कैद और 50,000 रुपए से 2 लाख रुपए तक के जुर्माने तक हो सकता है। बार-बार उल्लंघन करने पर सजा बढ़ जाती है, और इसमें गैर-जमानती और संज्ञेय  अपराध माना जाता है, जिसमें अवैध सामग्री और उपकरणों को जब्त भी किया जा सकता है।
सजा के मुख्य प्रावधान (भारतीय कॉपीराइट अधिनियम, 1957 के अनुसार)
    धारा 63:पहली बार उल्लंघन करने पर कम से कम 6 महीने की कैद और 50,000 रुपए के जुर्माने से लेकर अधिकतम 3 साल तक की कैद और 2 लाख रुपएतक का जुर्माना हो सकता है।
    धारा 63 (दोबारा उल्लंघन): दूसरी बार दोषी पाए जाने पर कम से कम 1 साल की कैद और 1 लाख रुपए के जुर्माने से लेकर अधिकतम 3 साल तक की कैद और 2 रुपए लाख तक का जुर्माना हो सकता है।
    धारा 63बी(कंप्यूटर प्रोग्राम का उल्लंघन): कंप्यूटर प्रोग्राम की उल्लंघनकारी प्रति का जानबूझकर उपयोग करने पर कम से कम 7 दिन की कैद और 50,000 रुपए के जुर्माने का प्रावधान है।
    अन्य दंड:उल्लंघन करने वाली प्रतियां और उन्हें बनाने में इस्तेमाल होने वाले उपकरण जब्त किए जा सकते हैं, और कापीराइट मालिक सिविल मुकदमे के जरिये मौद्रिक हर्जाना भी मांग सकता है।



जेई सुनील कुमार एटीएम ठगों ने लगया 1,22,700 रुपये का चूना
-शिकायत दर्ज
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कनीना की आवाज।
बिजली निगम के जेई सुनील कुमार एटीएम ठगों की धोखाधड़ी के शिकार हुए हैं। ठगों ने उन्हें बूथ में एटीएम फंसने पर बैंककर्मी बनकर झांसा दिया और फिर एटीएम अन्य बैकों के बूथों पर इस्तेमाल करके करीब एक लाख रुपये निकाल लिए और फिर उनके ही एटीएम से पास ही स्थित शोरूम से ब्रांडेड कपड़ों एवं जूतों की खरीद की। इस प्रकार ठगों ने उन्हें 1,22,700 रुपये का चूना लगा दिया। कमाल की बात है कि साढ़े चार बजे से छह बजे के बीच कोई सिक्योरिटी गार्ड बूथ पर मौजूद नहीं था और न ही कोई बैंक कर्मी उसे चेक करने आया।
हुआ यूं कि बीते दिवस सोमवार को बिजली निगम के जेई सुनील कुमार को कुछ कैश की जरूरत पड़ गई। इस पर वह सायं करीब साढ़े चार बजे बस स्टैंड के पास वाले एचडीएफसी बैंक के बूथ पर गए। बूथ ने उन्होंने अपना एचडीएफसी बैंक का ही एटीएम इस्तेमाल किया तथा वहां पैसे निकालने के लिए मशीन में लगा दिया। पैसे निकालने पर जब वह एटीएम निकालने लगे, तब वह एटीएम वहीं फंस गया और नहीं निकला। एटीएम फंसने पर उन्होंने बूथ के अंदर ही शिकायत नंबर देखना चाहा, जिस पर वहां की दीवार पर एक गत्ते के सफेद टुकड़े पर नंबर लिखे हुए थे, वह चिपका हुआ मिला। उन नंबरों पर संपर्क करने पर सामने वाले व्यक्ति ने खुद को बैंक कर्मी बताया तथा एटीएम फंसने से संबंधित बातें करना लगा और उलझाए रखा। जब शाम के करीब छह बज गए, तब उक्त बात कर रहे ठग ने जेई सुनील को आश्वस्त किया कि अब एटीएम नहीं निकलेगा और वह सुबह दस बजे आ जाएं। तब उनको यह एटीएम निकालकर दे दें। इस पर जेई ने भरोसा कर लिया तथा वह अपनी स्कूटी से घर को चल दिए। इसी बीच कुछ देर बाद ही उनके मोबाइल फोन पर मैसेज आए, लेकिन वह स्कूटी चला रहे थे, इस कारण मैसेज नहीं देखे। जब वह करीब सात बजे अपने घर पहुंचे, तब मोबाइल पर आए मैसेज देखे तो उनके पैरों तले की जमीन खिसक गई, क्योंकि एटीएम यूज हो चुका था और उससे दस बार करके दस–दस हजार रुपये यानि कुल एक लाख रुपये निकल चुके थे। मैसेज देखने उपरांत वह वापस उन्हीं कदमों से उसी एटीएम बूथ पर आए, लेकिन उन्हें वहां कोई नहीं मिला। न तो मशीन में एटीएम था और न ही उक्त शिकायत नंबर लिखे वाला गत्ते का टुकड़ा। इससे उनको और परेशानी हुई। ठगों ने यह दस–दस हजार रुपये करके 6:26 से शुरू किया और दस मिनट में दस बार करके एक लाख रुपये निकाल लिया था। यह रुपये निकालने के बाद उक्त ठग पड़ोस में ही रिबॉक/एडिडास के शोरूम एवं रेडीमेड वस्त्रों के शोरूम कैलसिटो पर गए तथा वहां से 21 हजार रुपये के माल की शॉपिंग की। इतना ही नहीं, 1700 रुपये के ब्रांडेड जूते भी खरीदे। इन जूतों एवं कपड़ों के बिल पेमेंट उन्होंने एटीएम के माध्यम से ही की, जिनका मैसेज भी जेई सुनील के मोबाइल फोन पर पहुंच गया।
बाद में जेई सुनील कुमार ने साइबर सैल के 1930 नंबरों पर शिकायत दर्ज कराई। साथ ही नारनौल में बने साइबर थाना से भी संपर्क किया और पुलिस को आपबीती बताई। पुलिस ने उनकी शिकायत पर संज्ञान लेते हुए मंगलवार को एटीएम बूथ से लेकर जूतों एवं कपड़ों के शोरूम का दौरा किया और जांच की। सीसीटीवी फुटेज खंगालने पर कैमरे में दो ठग एकसाथ दिखाई दे रहे हैं। शोरूम वालों ने भी बताया कि उक्त लोगों ने एटीएम को क्षतिग्रस्त किया हुआ था। फिलहाल पुलिस ने एटीएम ठगों को पकडऩे के लिए तलाश शुरू कर दी है।
फोटो कैप्शन 11: संबंधित है





अलविदा 2025
वर्ष 2026 के लिये, लिये जा रहे संकल्प
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कनीना की आवाज।
नव वर्ष 2026 का आगाज होने जा रहा है और नए साल के आगमन पर लोग कई बुराइयां त्यागने को कटिबद्ध हैं वहीं क्षेत्र में कई कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। वर्ष 2025 कई कड़वे एवं मीठे अनुभव छोड़कर जा रहा है।
  कनीना क्षेत्र के कुछ युवा जनसेवा में तो कुछ बेटी बचाने के लिए कटिबद्ध हैं। युवाओं में नए वर्ष को लेकर तैयारियां चल रही हैं। क्या कहना है लोगों का--
नए साल से गायों की सेवा करने का संकल्प ले चुके हैं। गायों की दुर्गति से वे परेशान हैं। उनका कहना है कि वे गायों के लिए भोजन कराने तथा गौशालाओं में सेवा करने का काम करते रहेंगे। उनका मानना है कि गाय को माता का दर्जा दिया गया है और गायों की सेवा से सभी प्रकार के कष्ट एवं दरिद्रता मिट जाती है। ऐसे में वे वर्ष 2026 में गायों की सेवा करते रहेंगे।
  ---समाजसेवी भीम सिंह
 गाय एवं बेटी दोनों के लिए अपना नया वर्ष लगाएंगे। उनका कहना है कि गौवंश के लिए दाना पानी देंगे तथा बेटियों को बेहतर शिक्षा दिलवाकर उन्हें अपने पैरों पर खड़ा होने की प्रेरणा देते रहेंगे। वे लोगों से मिलकर बेटा हो या बेटी एक समान होने की बात समझाएंगे तथा उन्हें बेटियों को आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित करते रहेंगे। वे वर्ष 2026 के आने का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।
---  समाजसेवी अजीत कुमार
नई साल पर किसी प्रकार से किसी का दिल न दुखाने का संकल्प ले रहा हूं। पीछे भी अगर कोई गलती हो गई हो तो मैं उसको भुला रहा हूं तथा नये वर्ष पर प्रतिदिन कोई न कोई हित का कार्य चाहे वह बहुत छोटा हो किया जाएगा। जिससे समाज का भला हो। हित करना सबसे बड़ा कार्य है। अंग्रेजी नव वर्ष के 1 जनवरी से सभी के हित की चाहत रखता हूं और तथा प्रभु से प्रार्थना है कि मुझे सदा हित मार्ग पर चलाए।
--- नरेश कुमार शिक्षक
दूसरों को सुधारने से पहले अपनी कमियों को दूर करने का प्रयास करूंगा। अपनी कमियां जो भी है उन्हें धीरे-धीरे इस दिन से दूर करने का प्रयास करता रहूंगा ताकि दूसरे के लिए मैं प्रेरणा स्रोत बन सकूं। परहित, जनहित ,गौ सेवा, बाल सेवा आदि कार्यों में वर्ष भर अपनी कोशिश करूंगा तथा भगवान से प्रार्थना करता रहूंगा कि सभी को सुखमय जीवन प्रदान करें। सभी को सुख अधिक प्राप्त हो दुख दूर ही रहे।
--- रवि कुमार, समाजसेवी कनीना
 फोटो कैप्शन: अजीत कुमार, भीम सिंह, नरेश कुमार, रवि कुमार



चोर साहब के कारनामों के बाद अब कुतरूं प्राचार्य के काले कारनामे तथा ब्लैकमेलर शिक्षक-
-दो कृतियों की कडिय़ां प्रसारित होगी 14 जनवरी से, पढ़ते रहे कनीना की आवाज
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कनीना की आवाज।
डा. होशियार सिंह यादव विश्व रिकार्डधारक पूर्व शिक्षक, लेखक, साहित्यकार एवं पत्रकार ने जहां विगत दिनों चोर साहब के कारनामों पर 65 कडिय़ां प्रकाशित की थी और वह पुस्तक पूरी होने के कारण प्रकाशन हेतु प्रेस में जा चुकी है। लोगों ने चोर साहब के कारनामों को बहुत सराहा था। ऐसे में जितने भी पाठक जुड़े रहे उन सभी का आभार। अब 14 जनवरी 2026 से 2 नई कृतियां प्रकाशन की तैयारियां पूर्ण हो गई है।
 पहली कृति का नाम होगा कतरूं प्राचार्य के काले कारनामे । इस पुस्तक के विषय में मैं बताना चाहूंगा कि करीब 40 सालों के शिक्षण में 35 विभिन्न प्राचार्यों से भेंट हुई। जिनमें एक कुतरूं प्राचार्य भी मिला जो अय्याशी किस्म का था। उसके कारनामे देखे जाए तो बहुत मशहूर हैं वह अपनी बेटी के समान शिक्षिकाओं पर भी बुरी नजर रखता था। जब तक मैंने पढ़ाया तब तक उसकी बुरी नजर मशहूर रही थी। शिक्षिकाओं को अपने पास घंटों बैठाए रखता था। जब मैं स्कूल से अन्यत्र चला गया तब भी उसने अपने कारनामे जारी रखें। गांव के लोगों के सामने हाथ पैर जोड़ता था गिड़गिड़ाता था, लोग उसे कुतरूं कहते थे। इसलिए इस कृति का नाम कुतरूं प्राचार्य के काले कारनामे रखा है। जिसकी प्रथम कड़ी 14 जनवरी 2026 को कनीना की आवाज ब्लाग में प्रकाशित की जाएगी।
 दूसरी कृति ब्लैकमेलर शिक्षक होगी। डा. होशियार सिंह पूर्व विज्ञान शिक्षक के संपर्क में आया था।  40 सालों की शिक्षण अवधि में यह एक ऐसा शिक्षक भी मिला जिसे शिक्षक कहते हुए शिक्षक कहते हुए शर्म आती है। जिसको न हिंदी आती, ना अंग्रेजी आती, ना संस्कृत आती, न ही उर्दू आती, न फारसी आती ना आने कोई भाषा का ज्ञान था। परंतु चापलूसी में पीएचडी था। वह बहुत मशहूर रहा है। परंतु चापलूसी में अग्रणी पंक्ति में रहा है। किसी के पैर पकड़ लेना, किसी के आगे हाथ जोड़कर गिड़गिड़ा लेना और यहां तक की उसे अगर थोड़ा सा धमका दे तो तो वह पीछे हट जाता था। उसकी सबसे बड़ी विशेषता थी रही है कि सभी को ब्लैकमेल करने पर तुला रहता था। किसी को नौकरी लगाना, किसी को किसी केस से बरी करवाना, किसी को कोई लोन दिलवाना, किसी का अन्य कोई काम करवाने के आश्वासन देने में मशहूर रहा है। यहां तक की उसकी अनेकों ब्लैकमेलिंग की घटनाएं  सामने आई हैं। सबसे बड़ी विशेषता यह थी कि वह ऐसे लोगों को अपनी नजदीक रखता है जो रंडी जैसे गुण रखते हैं। इस शिक्षक के कारनामे तो बहुत अधिक सामने आ गए हैं और पास में रख लिए हैं। अब सोचा कि क्यों नहीं  एक के बाद एक कड़ी डालता रहूं। किसी ने कहा कि उनकी नौकरी हट जाएगी, आपके पास सारे प्रमाण है तो मैं उनसे साफ कह दिया कि चाहे मेरा कोई दुश्मन भी है तो उसे नौकरी नहीं हटवाना चाहूंगा। चूंकि नौकरी किसी को देना सीखना चाहिए ,हटवाना नहीं। हां उसके जो ब्लैकमेलिंग के कारनामे हैं वे जरूर प्रकाशित करूंगा। यह भी सोच लिया  जो भी राक्षस प्रवृत्ति के लोग मेरे जीवन में मेरे विरुद्ध खड़े थे उनके कारनामे सभी के सामने लाये जाएंगे। जान आनी जानी होती है। एक न एक दिन सभी को जाना होता है। अब उनसे पूरे जोश के साथ लड़ा जाएगा क्योंकि सच्चाई बहुत कड़वी होती है, बहुत दर्द देती है और कलम की मार तो सबसे बुरी होती है। इसलिए अब कलम की मार की जाएगी ताकि लोग उनके कारनामों से परिचित हो सके। आशा है सभी पाठकवृंद का साथ यूं ही बना रहेगा।







दोपहर तक चला कोहरा, कड़ाके की ठंड जारी
-फसल को लाभ होने की उम्मीद
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कनीना की आवाज।
कनीना क्षेत्र में जहां दोपहर तक सघन कोहरा पड़ा। कुछ दूरी के वस्तुएंं भी नहीं दिखाई दी। दोपहर के पश्चात कोहरा खत्म हो गया तथा सूरज चमकने लगा। कड़ाके की ठंड जारी है। दिन भर लोग आग के पास बैठे आग सेकते देखे गए। वहीं अधिक ठंड पडऩे के कारण कुछ उपलों व वनस्पतियों पर हल्का पाला जमा देखा गया।
कोहरे में वाहन लाइट जला कर चलाए गए। कोहरा इतना सघन था कि पास की वस्तुएं भी नहीं दिखाई दे रही थी। कोहरे व ठंड के कारण लोग भी अपने घरों में छुपे देखे गए। परंतु अभी भी 1 जनवरी तक स्कूल चलेंगे और स्कूलों की बसें आम दिनों की तरह चलती दिखाई दी।
 कोहरे के कारण जहां फसलों को लाभ होने का अंदेशा है। किसान सूबे सिंह, राजेंद्र सिंह, कृष्ण सिंह आदि ने बताया कि ठंड पडऩा फसलों के लिए लाभप्रद है। ऐसे में कोहरा के भी लाभ बताए जा रहा है। कृषि वैज्ञानिक भी ऐसा ही मानते हैं कि कोहरा व ठंड रबी फसलों के लिए लाभप्रद साबित होगी।
 फोटो कैप्शन 8: आग सेकते लोग
9: पाला जमा हुआ
5,6 व 7: कोहरे के कारण धीमी गति से चलते वाहन



समारोह स्थल में बलिदानी परिवारों के लिए दी जाएगी विशेष रियायत
- नये साल से मिलेंगी विशेष सुविधाएं

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कनीना की आवाज।
कनीना में यूं तो आधा दर्जन से अधिक विवाह समारोह स्थल चल रहे लेकिन जीडी वाटिका एवं बलराम समारोह स्थल में बलिदानी परिवारों के विवाह तथा अन्य उत्सव पर विशेष रियायत दी जाएगी। विस्तृत जानकारी देते हुए समारोह मालिक हनुमान सिंह ने बताया कि बलिदानी परिजनों के किसी सदस्य के विवाह तथा अन्य कार्यक्रम समारोह स्थल में आयोजित होगा तो उन्हें विशेष रियायत दी जाएगी। नए वर्ष से 2026 से ये रियायत लागू होंगी।
 उन्होंने कहा कि जो देश सेवा में काम आए हैं और बलिदान हो गए हैं उनके परिजनों के लिए कुछ करने का उनकी भी इच्छा सदा ही रही है। यही कारण है कि जहां विगत वर्षों भी उन्होंने रियासत दी थी। एक बार फिर से नए साल पर रियायत दी जाएगी।
 उल्लेखनीय की 14 जनवरी से फिर से विवाह शादियां शुरू हो जाएंगे। ऐसे में हनुमान सिंह तैयार है कि वे बलिदानी परिजनों को रियायत देंगे ताकि वे अपनी बेटियों एवं बेटों की शादियां बेहतर ढंग से कर पाएंगे।
 फोटो कैप्शन 10: समारोह स्थल मलिक हनुमान सिंह




अलविदा-2025
हादसों एवं चुनावों में बीता कनीना का वर्ष 2
025
























25
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कनीना की आवाज। वर्ष 2025 विदा ले रहा है। अनेक हादसों एवं चुनावों में बीता है कनीना का यह वर्ष। वर्षा से किसान परेशान रहे वहीं ओलावृष्टि ने फसल को तबाह किया।
 दो मार्च को कनीना पालिका चुनावों में रिंपी यादव जीती जबकि सुमन चौधरी हारी। परिणाम 12 मार्च को आये।
दो जून 2025 को वर्ना गाड़ी हाइवा में जा घुसी,चार लोगों की मौके पर ही मौत, सभी की उम्र 35 वर्ष के करीब थी। कुआ पूजन के कार्यक्रम से आ रहे थे कनीना की ओर आ रहे थे। उन्हाणी नहर के पुल पर भीषण सड़क हादसे में चार लोगों की मौत हो गई। सभी जवान थे और सभी की उम्र 35 साल से कम थी। वे गुरुग्राम जा रहे थे।
  कनीना उपमंडल के गांव बाघोत में 13 दिसंबर 2024 को फंदा लगाकर 26 वर्षीय मोहित ने आत्महत्या कर ली थी। मामले में लंबी जद्दोजहद चलने के बाद आखिरकार शनिवार 8 फरवरी 2025 को उनका अंतिम संस्कार मृतक के पैतृक गांव बाघोत में  न करके काशी के मणिकर्णिका घाट पर किया गया। मृतक के पिता कैलाश शर्मा ने बताया कि एकादशी के दिन मणिकर्णिका घाट पर इसलिए अंतिम संस्कार किया है क्योंकि 58 दिनों तक शव कनीना के शवगृह में रखा रहा और न्याय की गुहार चलती रही।  
अगस्त 2025 से सितंबर 2025 माह में बार बार वर्षा होती रही जिससे बाजरे व कपास की फसल तबाह हो गई। जिन किसानों ने बाजरे के भुट्टे काटकर ढेर लगा दिया वे नीचे से सभी अंकुरित हो चुके हैं।
6 सितंबर 2025 कनीना नगर पालिका उप प्रधान चुनाव में वार्ड नंबर 13 के सूबे सिंह हुए विजयी हुए। सूबे सिंह को 15 में से 8 वोट मिले वह एकमत से हुए विजयी हुए। अशोक ठेकेदार गुट का उप-प्रधान बना।
एक मार्च को कनीना के कई गांवों में ओले पड़े जिससे फसल तबाह हो गई। कनीना उप मंडल के कई गांवों में खैराना, खैरानी, पड़तल, बवानिया, भोजावास, सुंदराह, कोका आदि सहित कई गांवों में कहीं हल्की तो कहीं अधिक ओलावृष्टि हुई।
ओलावृष्टि उस समय हुई है जब सरसों की फसल पूर्ण रूप से पकान पर पहुंच चुकी है।
कनीना में 4 दिसंबर 2025 को पार्षद राजेंद्र लोढ़ा की रेवाड़ी में सड़क हादसे में मौत हो गई।
15 नचंबर 2025 को स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव की मौजूदगी में चेयरमैन जयप्रकाश कोटिया तथा वाइस चेयरमैन दीपक गुप्ता ने कार्यभार संभाला।
फोटो कैप्शन 01: रिंपी यादव प्रधान बनने पर
  2: उन्हाणी के पास वर्ना गाड़ी में चार की मौत
    03 व 04, 7 एवं 8: अधिक वर्षा से जलभराव व बाजरे की फसल तबाह
5: उप प्रधान सूबे सिंह विजयी
06: बाघोत फांसी कांड में 59 दिन बाद मणिकर्णिका घाट पर अंतिम संस्कार
10: कनीना में ओलावृष्टि
 09: ओलावृष्टि के बाद फसल निहारता किसान



कनीना की गौशाला में दिया कई लोगों ने दान
 -सभी का प्रधान गौशाला ने किया अभिनंदन
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कनीना की आवाज।
 कनीना की श्रीकृष्ण गौशाला में कई लोगों ने दान किया। सभी का गौशाला प्रधान एवं गौशाला कार्यकारिणी ने अभिनंदन किया।
 उत्तम सिंह कनीना मंडी निवासी ने श्रीकृष्ण गौशाला में 51000 रुपए का दान दिया जबकि जोगेंद्र फ्रेंडस ड्राईक्लीनर ने 11000 रुपए का कनीना गौशाला को अपने बच्चों के जन्मदिन पर दान दिया। वहीं अजीत सिंह मैनेजर ने अपने बेटे ईशांत के जन्मदिन पर 5100 रुपए का श्रीकृष्ण गौशाला को दान दिया। वहीं धर्मवीर फौजी कोटिया निवासी ने अपने पिता की पगड़ी पर 11000 रुपए का श्रीकृष्ण गौशाला को दान दिया। सभी का कनीना की श्रीकृष्ण गौशाला के प्रधान भगत सिंह व कार्यकारिणी ने अभिनंदन किया। इस मौके पर भगत सिंह प्रधान, मास्टर रामप्रताप, मास्टर सुरेंद्र सिंह सैनी, मास्टर भूप सिंह यादव, बलवान सिंह आर्य, नवीन यदुवंशी, नरेंद्र फौजी, रामफल यादव, संतोष ठेकेदार, ओमकार, वेद प्रकाश, सुरेश कुमार, धर्मवीर, रमेश, दिलीप सिंह कनीनवाल, सतीश ठेकेदार आदि मौजूद रहे।
 फोटो कैप्शन 01: श्रीकृष्ण गौशाला में दान देते हुए


अधिवक्ता विशाल भारद्वाज के निधन पर शोक की लहर
-पूर्व विधायक राव बहादुर सिंह ने जताया गहरा दुख
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कनीना की आवाज।
वरिष्ठ पत्रकार अनिल शर्मा के चचेरे भाई एवं कनीना बार एसोसिएशन से जुड़े वरिष्ठ अधिवक्ता विशाल भारद्वाज उर्फ मुकेश (57) का लंबी बीमारी के चलते गत दिवस निधन हो गया। उनके निधन से अधिवक्ता समुदाय, पत्रकार जगत एवं क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई।
बताया गया है कि अधिवक्ता विशाल भारद्वाज लंबे समय से अस्वस्थ चल रहे थे और उपचार के दौरान बठिंडा स्थित एम्स में उन्होंने अंतिम सांस ली। वरिष्ठ पत्रकार अनिल शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि दिवंगत अधिवक्ता का उपचार काफी समय से चल रहा था। दिवंगत अधिवक्ता विशाल भारद्वाज की शोक सभा में पूर्व विधायक राव बहादुर सिंह ने शामिल होकर गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि अधिवक्ता विशाल भारद्वाज का निधन समाज के लिए अपूरणीय क्षति है। वे अपने सरल स्वभाव, मिलनसार व्यक्तित्व और अपने पेशे के प्रति निष्ठा के लिए जाने जाते थे। अधिवक्ता विशाल भारद्वाज अपने पीछे पत्नी भावना, पुत्री कन्नू सहित भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं। कनीना बार एसोसिएशन में उनकी सक्रिय भूमिका रही और वे लंबे समय तक अधिवक्ताओं एवं समाज के बीच एक सम्मानित व्यक्तित्व के रूप में जाने जाते रहे। ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करे तथा शोकाकुल परिवार को इस अपार दुख को सहन करने की शक्ति प्रदान करे।
फोटो कैप्शन 03: राव बहादुर सिंह शोक जताते हुए।



संत लालगिरी का मेला 1 जनवरी को
-होंगी इनामी प्रतियोगिताएं
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कनीना की आवाज।
 संत लाल गिरी महाराज की 50वीं पावन स्मृति में 1 जनवरी 2026 को कनीना में विभिन्न खेलकूद प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा। विस्तृत जानकारी देते हुए लालगिरी कमेटी के सदस्य मोहन पार्षद ने बताया कि सर्कल कबड्डी में प्रथम 61,000 दूसरा 31 हजार तो तीसरा 21 हजार का होगा।  22वें नंबर तक रहने वाली टीमों को कुछ ना कुछ नकद इनाम दिया जाएगा। वही लड़के और लड़कियों की 100 मीटर, 400 मीटर 1600 मी की दौड़ आयोजित होगी जिसमें प्रथम को 2100 रुपये, द्वितीय 1100 और तृतीय को 700 का इनाम दिया जाएगा। सर्कल कबड्डी महिलाओं की प्रथम 7100 द्वितीय 5100 तथा 3100 रुपए का इनाम दिया जाएगा। बुजुर्गों की दौड़ भी आयोजित होगी जिसमें क्रमश: 2100, 1100 और 700 रुपये प्रथम, द्वितीय और तृतीया इनाम दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि भंडारे का विशेष प्रबंध होगा। वहीं रैडर और कैचर को भी 5100- 5100 रुपए दिए जाएंगे। इस मौके पर मुख्य अतिथि के रूप में एडवोकेट विनय यादव, राकेश यादव, हरीश कनीनवाल, ठाकुर अतरलाल, सुमित यादव सरपंच प्रमुख होंगे। 31 दिसंबर की रात को जागरण भी आयोजित होगा।
तैयारियां शुरू-
1 जनवरी को बाबा लाल गिरी आश्रम पर भंडारे और मेले के आयोजन के लिए कस्बावासी और मेला कमेटी जोरशोर से तैयारियों में लगी हुई है। मोहन सिंह पूर्व पार्षद ने बताया कि 31 दिसंबर की रात को जागरण सुबह हवन, भंडारे और खेलों का आयोजन किया जा रहा है सर्कल कबड्डी लड़कों के अलावा इस बार महिला सर्कल कबड्डी विशेष आकर्षण का केंद्र रहेंगी। बाबा का आश्रम पितामह कान्ह सिंह कालेज के पास है।
फोटो कैप्शन 03: लालगिरी महाराज खेलों की तैयारियां






Monday, December 29, 2025




 
घरों के ऊपर से गुजरने वाली बिजली के लाइनें हटाई जाए
--इंसुलेटिड की जाए या मोटी केबल लगाई जाए
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कनीना की आवाज।
कनीना क्षेत्र में अनेकों घरों एवं दीवारों के ऊपर से बिजली की लाइनें गुजर रही है। बिजली विभाग बेहतरीन फलदार और फूलदार पौधों की कटिंग कर जाता है। पेड़ पौधे लगाने वालों में रोष पनप रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि एचटी बिजली की लाइन आबादी से दूर से निकली जाए।
 एक और जहां हरियाणा सरकार ने भी यह बात कही है कि एचटी लाइन आबादी से दूर से निकाली जाए वहीं उच्च न्यायालय का भी यही आदेश है कि बिजली के लाइन घनी आबादी के बीच से न गुजरी जाए। यदि बिजली बोर्ड से संपर्क किया जाता है और बिजली के खंभों को शिफ्ट करवाने की बात कही जाए तो भारी खर्चा मांगा जाता है। खर्चा भी इतना कि आम आदमी उसे वहन नहीं कर पाता। यही कारण है कि बहुत से दीवारों और प्लाट टेढ़े मेढ़े बना दिए गए हैं क्योंकि बिजली विभाग में जिस भी खाली प्लाट में खंभे गाड़े वो अपनी मनमर्जी से गाड़ दिये। अब वे समस्या बनते जा रहे हैं। कनीना-रेवाड़ी मार्ग पर नहर कटान के पास कृष्ण कुमार, भरपूर सिंह, करतार सिंह, विजयपाल, होशियार सिंह आदि के प्लाट में एचटी लाइन गुजर रही है जो एक दीवार पर तीन पोल लगाकर मालिक के प्लाट का नक्षा ही बदल दिया है। इस संबंध में समाधान शिविर में भी यह बात रखी गई है किंतु कोई गौर नहीं किया गया है।
  आश्चर्य तब होता है कि दो लाइन एक साथ गुजारी गई हैं। यदि एक को हटा दिया जाए तो सरकार का माल भी बच जाए और लोगों को राहत भी मिल जाए किंतु विभाग है कि टस से मस तक नहीं होता हे। अब प्रधानमंत्री को इस संबंध में इन अधिकारियों की शिकायत की जाएगी तथा आंदोलन चलाया जाएगा।
  भरपूर सिंह, कृष्ण कुमार, रोहित कुमार, योगेश कुमार, होशियार सिंह आदि ने बताया कि बिजली विभाग ने हद कर रखी है। प्लाट में ही पोल गाड़ दिये हैं। वो भी एक नहीं तीन तीन पोल टेढ़ेे मेढ़े गाड़कर बेहद परेशान कर दिया है। डा. होशियार सिंह प्रधान ट्रस्ट ने बताया कि उनका ट्रस्ट कार्यालय इसलिए अधर में अटका पड़ा है कि पोल एवं तार उनके प्लाट से नहीं हटाये जा रहे हैं।
  बिजली की तारे घरों के ऊपर से गुजर रही है जो बड़े हादसे को न्योता दे रही है। अनेकों दुर्घटनाएं घट चुकी है। परंतु विभाग लाइन व खंभों को शिफ्ट नहीं करता जिसके कारण कोई भी हादसा हो सकता है। ये बिजली के तार कभी भी टूट सकते हैं। एचटी की लाइन भी घरों के ऊपर से गुजर रही हैं या फिर घनी आबादी से भी बिजली की लाइन गुजर रही है। सभी को अभिलंब हटा दिया जाए तो बड़ा हादसा होने से टाला जा सकता है। ऐसे कई दुकानदार और घरों के मालिक परेशान है। उनकी परेशानी को दूर करने का एकमात्र इलाज बिजली की लाइनों को शिफ्ट करना है। या फिर खंभे सीधे करने के उपरांत स्टे लगाकर घरों से दूर से लाइन गुजारी जाए।
बिजली की तारे घनी आबादी के पास से गुजरती हैं। घरों में बड़ी ही मेहनत से फलदार और फूलदार पौधे उगाई जाते हैं जो बड़े होते ही तारों के छूने से खतरा बन जाते हैं। एक तरफ बड़ा हादसा होने का खतरा बन जाता है वहीं बिजली विभाग इन पेड़ पौधों को कभी भी काट जाता है जिसके कारण बेहतरीन दर्ज के फलदार और फूलदार पौधे नष्ट हो जाते हैं। कस्बावासियों की मांग है कि बिजली के तारों को घरों के आसपास से हटाया जाए ताकि फलदार और फूलदार पौधे विकसित हो सके।
बिजली के खंभे मनमर्जी से खाली प्लाटों में गाड़ दिए गये जो अब इनको हटाना बहुत महंगा पड़ रहा है। विभाग इनको भारी राशि जमा करके ही शिफ्ट करता है। जिनकी पहुंच उच्च अधिकारियों तक नहीं है वह बेचारे परेशान होकर घरों में बैठ जाते हैं। जहां उच्च न्यायालय और हरियाणा सरकार ने भी बिजली के तारों को दूर शिफ्ट करने की मांग की बात कही है किंतु विभाग अभी तक शिफ्ट नहीं कर रहा है। अविलंब इन तारों को आबादी से दूर किया जाए।
 लोगों ने  मांग की है कि दो एचटी लाइन जो पास पास गुजर रही हैं जिनमें से एक का कोई लाभ नहीं है। यदि इसे हटा दिया जाए तो सरकार के बिजली के तार एवं पोल बच जाएंगे किंतु अधिकारी जानबूझकर उनको नहीं हटा रहे हैं। आबादी से थोड़ा दूर हटाकर उनको इंसुलेटिड किया जाए तो भी राहत मिल सकती है या फिर मोटी केबल लगाई जा सकती है। अब देखना है कि अधिकारी जागते हें या नहीं वरना आंदोलन किया जाएगा और प्रधानमंत्री को इन अधिकारियों के बारे में अवगत कराया जाएगा।
 फोटो कैप्शन : बिजली के तार घरों के ऊपर से गुजरते हुए या दीवार पर लगाये खंभे



बड़े-बड़े पीपल के पेड़ों के नीचे बढ़ता जा रहा है कबाड़
--पूजा स्थल को दे रहे हैं कबाड़ का रूप
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कनीना की आवाज।
वैज्ञानिक मानते हैं कि पीपल और बरगद के पेड़ सूर्य उदय होने से पहले ही आक्सीजन गैस प्रदान करना शुरू कर देते हैं और देर शाम तक भी आक्सीजन प्रदान करते हैं। यह गुण अन्य पेड़ों में नहीं पाया जाता। यही कारण है कि हमारे शास्त्रों में पीपल और बरगद जैसे पेड़ों की पूजा का विधान बताया गया है किंतु बड़े-बड़े पीपल और बरगद के पेड़ कबाड़ घर बनते जा रहे हैं। देखने में आ रहा है कि घरों की टूटी हुई मूर्तियां देवी देवताओं की प्रतिमाएं बड़े-बड़े पीपल और बरगद के पेड़ों के नीचे रख दी जाती हैं। जब तक घर में लोग देवी देवताओं की मूर्तियां पूजते हैं तब तक सही है और कहीं खरोंच लग जाए या टूट जाए तो उसे पीपल के नीचे रख आते हैं। किसी बरगद या पीपल के पेड़ के नीचे जाकर देखें तो देवी देवताओं की विखंडित प्रतिमाएं एवं मूर्तियां रखी मिलती है वहीं कितने ही टोटके इन पेड़ों के नीचे किया जा रहे हैं। जहां कहीं भी बड़े पेड़ के नीचे जाकर देखें बरगद व पीपल के नीचे छोटी-छोटी मटकियां दिखाई देती है जो टोटके किए होते हैं। जहां इंसान 21वीं सदी में चल रहा है किंतु 16वीं सदी में चलने वाले टोटके आज भी पेड़ों के नीचे देखे जा सकते हैं। कभी इन पेड़ों के नीचे लोग बैठते, सोते थे तथा धूप से बचते थे आज इन पेड़ों के नीचे पूजा के लिए जाने से बचने लगे हैं क्योंकि ढेरों टोटके किये होते हैं। जहां इंसान पढ़ लिख गया है परंतु पुराने टोटकों से अभी पीछा नहीं छुड़वा रहा है। यही हाल रहा तो भविष्य में बड़े-बड़े पीपल और बरगद के पेड़ों के नीचे का कबाड़ उठाना कठिन कार्य हो जाएगा। जिन पेड़ों की पूजा की जानी चाहिए वहां उनके नीचे इस प्रकार की गतिविधियां करके न केवल पेड़ों का अपमान किया जा रहा है अपितु लोगों को पूजा से दूर किया जा रहा है। किस प्रकार के टोटके न करने की जागरूक लोग दुहाई दे रहे हैं।
 फोटो कैप्शन 06: बड़े पीपल के पेड़ के नीचे पड़ी मटकियां एवं देवी देवताओं की मूर्तियां।





अलविदा 2025
वर्ष 2026 के लिये, लिये जा रहे नये संकल्प
--जारी है विश्व खुशी की कामना
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कनीना की आवाज।
नव वर्ष 2026 का आगाज होने जा रहा है और नए साल के आगमन पर लोग कई बुराइयां त्यागने को कटिबद्ध हैं वहीं क्षेत्र में कई कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। वर्ष 2025 कई कड़वे एवं मीठे अनुभव छोड़कर जा रहा है।
  कनीना क्षेत्र के कुछ युवा जनसेवा में तो कुछ बेटी बचाने के लिए कटिबद्ध हैं। युवाओं में नए वर्ष को लेकर तैयारियां चल रही हैं। क्या कहना है लोगों का---
नए साल से गायों की सेवा करने का संकल्प ले चुके हैं। गायों की दुर्गति से वे परेशान हैं। उनका कहना है कि वे गायों के लिए भोजन कराने तथा गौशालाओं में सेवा करने का काम करते रहेंगे। उनका मानना है कि गाय को माता का दर्जा दिया गया है और गायों की सेवा से सभी प्रकार के कष्ट एवं दरिद्रता मिट जाती है। ऐसे में वे वर्ष 2026 में गायों की सेवा करते रहेंगे।
  ---भगत सिंह प्रधान, कनीना
मेरे परिवार में महज दो लड़कियां हैं और लड़का नहीं हैं। ऐसे में वे बेटी बचाने तथा बेटियों को पढ़ाने के लिए अनवरत प्रयास करते रहेंगे। वे दूसरों को भी बेटी बचाने की प्रेरणा देंगे तथा अपनी कलम से बनाए जाने वाले भजन एवं गीत भी लड़कियों को बचाने एवं उनकी शिक्षा दीक्षा को अर्पित किए जाएंगे। वे वर्ष 2026 को बेटियों के रूप में मनाना चाहते हैं। साथ में खाटू श्याम के नये भजन बनाकर रिकार्डिंंग करवाई जाएगी।
  -- महेंद्र कुमार, कवि झाड़ली
 मुझे मालूम हैं कि मेरे शरीर में क्या क्या बुराइयां हैं उन्हें छोडऩे का संकल्प ले लिया है। साथ में अपने काम को ईमानदारी से करने का भरसक प्रयत्न करूंगा। दूसरों को भी ईमानदार रहने के लिए प्रेरित करता रहूंगा। हर काम को और ईमानदारी एवं सुंदर तरीके से करूंगा। जनसेवा में जुटा रहूंगा।
---कंवरसेन वशिष्ठ, पूर्व मुख्याध्यापक ,कनीना
मेरे समारोह स्थल में जितने भी बुजुर्ग आएंगे उनकी सदा सेवा करता रहूंगा। उनके घूमने फिरने के लिए लान बना रखे हैं ताकि वहां आकर सेहत बना सकेंगे। जितनी गायों की सेवा होगी परोक्ष रूप से करता रहूंगा। जिस किसी को मेरे से कोई काम पड़ेगा उसे जैसे भी बन पाएगा त्वरित गति से पूरा करूंगा।
-- हनुमान सिंह, मैरिज पैलेस संचालक
फोटो कैप्शन: कंवरसेन वशिष्ठ, हनुमान सिंह, महेंद्र शर्मा, भगत सिंह


 
यज्ञ ब्रह्मा को किया सम्मानित
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कनीना की आवाज।
धनौन्दा गांव में चल रहे 6 दिवसीय ऋग्वेद महायज्ञ के पांचवें दिन यज्ञ ब्रह्मा आचार्य सत्यव्रत का नागरिक अभिनंदन किया गया। यज्ञ ब्रह्मा सत्यव्रत को केसरिया साफा पहनाकर, शॉल ओढ़ाकर, प्रशस्ति पत्र भेंट कर राष्ट्र गौरव अवार्ड से सम्मानित किया।
इस दौरान आर्य वैदिक विद्वान सत्यव्रतानंद, पूर्व मुख्याध्यापक रामौतार बिघोपुर, स्वामी एकतानंद और वेदपाठी तरूण शास्त्री को भी सम्मानित किया गया। अतरलाल ने कहा कि यज्ञ ब्रह्मा आचार्य सत्यव्रत ने महर्षि दयानंद की शिक्षाओं के प्रचार प्रसार में उल्लेखनीय योगदान देकर आर्य संस्कृति को घर-घर पहुंचाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने कहा संत महापुरुष, योग महापुरुषों को सम्मानित करने से समाज में खुशहाली आती है। इसलिए संत महापुरुष, ऋषियों का अभिनंदन स्वागत होता रहना चाहिए। यज्ञ ब्रह्मा आचार्य सत्यव्रत ने पंच महायज्ञ को समाज की तरक्की और खुशहाली का महामंत्र बताते हुए हर परिवार को पंच महायज्ञ करने का आह्वान किया। उन्होंने अभिनंदन करने के लिए ग्रामीणों तथा आर्य समाज धनौंदा का धन्यवाद किया। इस अवसर पर प्रधान संतलाल आर्य, यशपाल आर्य, राजेन्द्र नम्बरदार, सूरत सिंह मुख्याध्यापक, बलजीत, कप्तान सुरेन्द्र सिंह, कैलाश गोयल, धर्मबीर, सुभाष यादव आदि अनेक आर्य समाज के अनुयायी उपस्थित थे।
फोटो कैप्शन 05: आर्य विद्वानों को सम्मानित करते हुए।



नाली को ठीक करवाने संबंधित दिया ज्ञापन
-नगरपालिका के जेई को दिया गया ज्ञापन
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कनीना की आवाज।
नगरपालिका चेयरपर्सन को अनेकों बार अवगत कराने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं होने पर वार्ड 01 के नरेंद्र फौजी एवं नवीन कुमार ने काम करवाने के लिए कमर कसी और नगरपालिका अभियंता को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कहा गया है कि वार्ड 01 में प्रो. हंसराज के मकान के पास स्थित नाली अति जर्जर हो चुकी है। नाली पूरी तरह क्षतिग्रस्त होने के कारण उसमें से पानी सड़क पर बह रहा है, जिससे राहगीरों व स्थानीय लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वाहनों के टायर भी क्षतिग्रस्त हो चुके हैं और बुजुर्ग गिर चुके हैं। सरिये बाहर निकल आये हैं जो दुर्घटनाओं को अंदेशा दे रहे हैं। ऐसे में नाली में पाइप लगवाकर दुरुस्त करवाया जाए।
फोटो कैप्शन 04: जेई नगरपालिका को ज्ञापन देते हुए।


कनीना नगर पालिका के उप चुनाव की होने लगी है चर्चाएं
-वार्ड 14 से होना है उपचुनाव
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कनीना की आवाज। 
नगर पालिका कनीना के यूं तो प्रधान एवं उप प्रधान पहले ही बन चुके हैं। नगर पालिका अपना कार्य विधिवत रूप से कर रही थी कि अचानक वार्ड 14 के पार्षद राजेंद्र लोढ़ा की मौत के बाद एक बार फिर से कनीना के वार्ड 14 की तरफ लोगों की नजरें टिक गई है। यहां निकट भविष्य में उपचुनाव होने वाले हैं क्योंकि वार्ड 14 का पार्षद नगर पालिका प्रधान का ससुर था। जिनके कारण नगर पालिका में बहुमत बना हुआ था और प्रधान एवं उप प्रधान बने थे। अब लोगों की नजरें वार्ड 14 पर टिक गई है और कई नए और पुराने चुनाव लडऩे वाले इस चुनाव मैदान में उतर सकते हैं। एक तरफ लोढ़ा परिवार से ही किसी सदस्य को चुनाव लडऩे की बातें भी कनीनावासी कर रहे हैं तो वहीं वार्ड 14 से पहले चुनाव लड़ चुके ऐसे पार्षदों के मैदान में उतरने की संभावना सी इनकार नहीं किया जा सकता। वार्ड 14 एक नया वार्ड पहली बार चुनाव इस बार के चुनावों में बनाया गया था। बीते चुनावों से पहले कनीना नगर पालिका के 13 वार्ड होते थे। पहली बार चुनाव में वार्ड 14 बनाया गया था  जिसमें अधिकांश लोग रेवाड़ी, गाहड़ा आदि सड़क मार्ग पर बसे हुई वोटर हैं। क्योंकि 6 महीने के अंदर उपचुनाव होने की संभावना है और जल्द ही यह माना जा रहा है चुनाव होंगे। उसके लिए चुनाव लडऩे वालों की तैयारी भी शुरू हो गई है। अब यह देखना है कि इतना उपचुनाव कब होते हैं और कितने लोग चुनाव मैदान में उतर पाते हैं।




पिता की स्मृति में दिया 11000 रुपए दान
-गौवंश को खिलाया गुड़
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कनीना की आवाज।
कनीना उप-मंडल के गांव गाहड़ा के धर्मवीर ने श्री कृष्ण गौशाला कनीना में अपने पिता की स्मृति में जहां 11000 रुपए का दान दिया वहीं गौवंश को गुड़ खिलाया। इस मौके पर भगत सिंह प्रधान एवं   गौशाला कार्यकारिणी ने उनका अभिनंदन किया।
 भगत सिंह ने कहा कि गायों को सेवा करना सर्वोच्च सेवा कहलाती है। गायों के निमित्त दिया गया दान, पुण्य का कार्य होता है। वैसे तो गायों को घर में पालना चाहिए लेकिन जो घरों में नहीं पाल सकते वे परोक्ष रूप से दान दक्षिणा देकर गायों की सेवा कर सकते हैं। इसी क्रम में अब तक 550 गाए गोद ली जा चुकी है जिनकी सेवा गौशाला में की जाती है।
 इस मौके पर कृष्ण गुरुजी, धर्मवीर, आशीष, ममता देवी, अंजली देवी, नैतिक, बलवान सिंह, मोहित, तारा सिंह आदि उपस्थित रहे।
 फोटो कैप्शन 3: गौशाला को दान दक्षिणा करते हुए धर्मवीर परिवार





भोर होते ही छा गया अंधेरा
- 2 घंटे तक पड़ा सघन कोहरा
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कनीना की आवाज।
 कनीना क्षेत्र में जहां रातभर कोई धुंध एवं कोहरानहीं पड़ा किंतु सुबह होते ही अंधेरा छा गया। सघन कोहरा छा गया। कुछ दूर की वस्तुएं भी नहीं दिखाई दे रही थी। वाहनों की हेडलाइट एवं सर्चलाइट जलाकर चलाए गए, वहीं दुर्घटनाओं का अंदेशा बना रहा लेकिन यह कोहरा महज 2 घंटे तक ही छाया रहा तत्पश्चात वातावरण साफ हो गया। सूर्य चमकने लगा।
उल्लेखनीय हैं कि कनीना क्षेत्र में सर्दियों के मौसम में महज 3 दिन धुंध पड़ी है, चार दिन पाला जमा है, कड़ाके की ठंड जारी है तथा मौसम लगातार बदलता जा रहा है। कनीना क्षेत्र में 18000 हेक्टेयर पर सरसों एवं 8000 हेक्टेयर पर गेहूं की फसल खड़ी हुई है जिसके लिए सर्दी का होना जरूरी है। किसानों का कहना है कि यदि ठंड नहीं पड़ेगी तो फसल बर्बाद हो जाएगी। सरसों में जल्दी फूल आ जाएंगे, फलिया अधिक नहीं लगेगी और पक नहीं पाएंगी। ऐसे में सर्दी का होना बहुत जरूरी है किंतु लगातार मौसम खराब रहना और सूर्य नहीं दिखाई देने पर फसलों को नुकसान हो सकता है।
 कृषि वैज्ञानिक भी मानते है कि दिन के समय सूर्य तेज चमकता है, रात को ठंड पड़ती है जिससे फसलों को कोई नुकसान नहीं होगा। किसान प्रतिदिन अपनी फसलों को निहार रहे हैं और प्रसन्न हैं क्योंकि बेहतर फसल पैदावार होने के आसार बनी हुई है।
 फोटो कैप्शन एक से पांच: धुंध का नजारा


चोर साहब के कारनामों के बाद अब कुतरूं प्राचार्य के काले कारनामे तथा ब्लैकमेलर शिक्षक-
-दो कृतियों की कडिय़ां प्















रसारित होगी 14 जनवरी से, पढ़ते रहे कनीना की आवाज
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कनीना की आवाज। डा. होशियार सिंह यादव विश्व रिकार्डधारक पूर्व शिक्षक, लेखक, साहित्यकार एवं पत्रकार ने जहां विगत दिनों चोर साहब के कारनामों पर 65 कडिय़ां प्रकाशित की थी और वह पुस्तक पूरी होने के कारण प्रकाशन हेतु प्रेस में जा चुकी है। लोगों ने चोर साहब के कारनामों को बहुत सराहा था। ऐसे में जितने भी पाठक जुड़े रहे उन सभी का आभार। अब 14 जनवरी 2026 से 2 नई कृतियां प्रकाशन की तैयारियां पूर्ण हो गई है।
 पहली कृति का नाम होगा कतरूं प्राचार्य के काले कारनामे । इस पुस्तक के विषय में मैं बताना चाहूंगा कि करीब 40 सालों के शिक्षण में 35 विभिन्न प्राचार्यों से भेंट हुई। जिनमें एक कुतरूं प्राचार्य भी मिला जो अय्याशी किस्म का था। उसके कारनामे देखे जाए तो बहुत मशहूर हैं वह अपनी बेटी के समान शिक्षिकाओं पर भी बुरी नजर रखता था। जब तक मैंने पढ़ाया तब तक उसकी बुरी नजर मशहूर रही थी। शिक्षिकाओं को अपने पास घंटों बैठाए रखता था। जब मैं स्कूल से अन्यत्र चला गया तब भी उसने अपने कारनामे जारी रखें। गांव के लोगों के सामने हाथ पैर जोड़ता था गिड़गिड़ाता था, लोग उसे कुतरूं कहते थे। इसलिए इस कृति का नाम कुतरूं प्राचार्य के काले कारनामे रखा है। जिसकी प्रथम कड़ी 14 जनवरी 2026 को कनीना की आवाज ब्लाग में प्रकाशित की जाएगी।
 दूसरी कृति ब्लैकमेलर शिक्षक होगी। डा. होशियार सिंह पूर्व विज्ञान शिक्षक के संपर्क में आया था।  40 सालों की शिक्षण अवधि में यह एक ऐसा शिक्षक भी मिला जिसे शिक्षक कहते हुए शिक्षक कहते हुए शर्म आती है। जिसको न हिंदी आती, ना अंग्रेजी आती, ना संस्कृत आती, न ही उर्दू आती, न फारसी आती ना आने कोई भाषा का ज्ञान था। परंतु चापलूसी में पीएचडी था। वह बहुत मशहूर रहा है। परंतु चापलूसी में अग्रणी पंक्ति में रहा है। किसी के पैर पकड़ लेना, किसी के आगे हाथ जोड़कर गिड़गिड़ा लेना और यहां तक की उसे अगर थोड़ा सा धमका दे तो तो वह पीछे हट जाता था। उसकी सबसे बड़ी विशेषता थी रही है कि सभी को ब्लैकमेल करने पर तुला रहता था। किसी को नौकरी लगाना, किसी को किसी केस से बरी करवाना, किसी को कोई लोन दिलवाना, किसी का अन्य कोई काम करवाने के आश्वासन देने में मशहूर रहा है। यहां तक की उसकी अनेकों ब्लैकमेलिंग की घटनाएं  सामने आई हैं। सबसे बड़ी विशेषता यह थी कि वह ऐसे लोगों को अपनी नजदीक रखता है जो रंडी जैसे गुण रखते हैं। इस शिक्षक के कारनामे तो बहुत अधिक सामने आ गए हैं और पास में रख लिए हैं। अब सोचा कि क्यों नहीं  एक के बाद एक कड़ी डालता रहूं। किसी ने कहा कि उनकी नौकरी हट जाएगी, आपके पास सारे प्रमाण है तो मैं उनसे साफ कह दिया कि चाहे मेरा कोई दुश्मन भी है तो उसे नौकरी नहीं हटवाना चाहूंगा। चूंकि नौकरी किसी को देना सीखना चाहिए ,हटवाना नहीं। हां उसके जो ब्लैकमेलिंग के कारनामे हैं वे जरूर प्रकाशित करूंगा। यह भी सोच लिया  जो भी राक्षस प्रवृत्ति के लोग मेरे जीवन में मेरे विरुद्ध खड़े थे उनके कारनामे सभी के सामने लाये जाएंगे। जान आनी जानी होती है। एक न एक दिन सभी को जाना होता है। अब उनसे पूरे जोश के साथ लड़ा जाएगा क्योंकि सच्चाई बहुत कड़वी होती है, बहुत दर्द देती है और कलम की मार तो सबसे बुरी होती है। इसलिए अब कलम की मार की जाएगी ताकि लोग उनके कारनामों से परिचित हो सके। आशा है सभी पाठकवृंद का साथ यूं ही बना रहेगा।