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Saturday, December 27, 2025



 

पूरे वर्ष चला स्टेट अवार्डी शिक्षकों ज्ञापन देने का सिलसिला
नहीं मिला खोया हुआ सम्मान
-सेवानिवृत्ति की उम्र बढ़ाकर, दो अग्रिम वेतनवृद्धियां देने की मांग
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कनीना की आवाज।
पूरे वर्षभर स्टेट अवार्डी शिक्षकों को विभिन्न मंत्रियों, विधायकों एवं मुख्यमंत्री को ज्ञापन देने का सिलसिला चला किंतु कोई लाभ नहीं मिल पाया। अब स्टेट अवार्डी शिक्षक बेहद मायूस हैं।  प्रदेश के स्टेट अवार्डी शिक्षकों का खोया हुआ सम्मान वापस दिलवाने की मांग सालभर बढ़ती रही। स्टेट अवार्डी शिक्षकों को न  तो 2 साल का अतिरिक्त सेवा विस्तार और न ही दो अतिरिक्त वेतन वृद्धियां दी जा रही है जिसके कारण कर्मचारी एवं स्टेट अवार्डी शिक्षकों में रोष है।  स्टेट अवार्डी शिक्षकों की सेवानिवृत्ति की उम्र 58 साल से 60 किया की जाए। सभीस्टेट अवार्डी शिक्षकों की 2014 में भी 58 से बढ़कर 60 करने का निर्णय लिया था। प्रदेश के स्टेट अवार्डी शिक्षकों की दो साल सेवा बहाल की जाए साथ में सभी कर्मियों की सेवानिवृत्ति की उम्र 60 साल की जानी चाहिए। इससे कर्मचारियों का भी हित होगा और विद्यार्थियों का भी हित होगा। उल्लेखनीय है कि सेवानिवृत्ति की उम्र सभी राज्यों में हरियाणा से अधिक है। ऐसे में हरियाणा में भी यह उम्र बढ़ाई जाए।
स्टेट अवार्ड बना चर्चा का विषय--
 कभी शिक्षा विभाग में स्टेट अवार्ड को बहुत बड़ा सम्मान माना जाता था किंतु हरियाणा सरकार में जहां स्टेट अवार्ड की कदर धीरे-धीरे खत्म हो गई है। यूं कहा जाए कि स्टेट अवार्ड अगर 55 साल उम्र के शिक्षक को मिलता है अवार्ड ही अपना सम्मान खो चुका है। कुछ वर्षों पहले जहां स्टेट अवार्ड पाने वाले शिक्षक को 2 साल अतिरिक्त सेवा करने का मौका मिलता था वहीं पर उन्हें दो अतिरिक्त वेतन वृद्धियां मिलती थी।  धीरे-धीरे इस सम्मान की कद्र घटा दी। सरकार ने सारे नियम वापस कर दिये। आज के दिन जहां स्टेट अवार्डी शिक्षकों को न तो 2 साल का अतिरिक्त सेवा लाभ मिलता है और न ही उन्हें दो अतिरिक्त वेतन वृद्धियां दी जाती हैं। इसके बजाय अग्रिम वेतनवृद्धियां लागू कर दी गई है। उस पर वर्ष 2016 में पे एंड पेंशन रूल 37 और बना दिया गया है जिसमें आश्चर्यजनक है कि 55 साल की उम्र में यदि कोई शिक्षक स्टेट अवार्ड लेता है उसे दो अग्रिम वेतनवृद्धियां भी नहीं दी जाती। सेवानिवृत्ति के पास शिक्षक को मिलना चाहिए सम्मान परंतु मिलता है अपमान। या तो ऐसे शिक्षकों को स्टेट अवार्ड आवेदन से पहले ही रोका जाना चाहिए, अगर आवेदन करवाया जाता है तो उनका अपमान करना अनुचित है। शिक्षक नेता धर्मपाल शर्मा, सुनील कुमार, विरेंद्र, बनवारीलाल आदि ने बताया कि 55 साल में  अवार्ड लेना बहुत कठिन काम होता है किंतु सरकार ने 2016 में ऐसे नियम लागू कर दिए जिसके तहत 55 साल या इससे अधिक उम्र है तो उनको अग्रिम वेतन वृद्धियां भी नहीं दी जाती हैं। इससे बड़ा अपमान कोई और हो नहीं सकता। कम से कम स्टेट अवार्ड शिक्षक को दो अतिरिक्त वेतन वृद्धियां तो दी जाए। सालभर स्टेट अवार्डी शिक्षकों ने सरकार से बार-बार निवेदन किया है कि स्टेट अवार्ड शिक्षक कितनी भी उम्र का हो उसे सभी लाभ दिए जाने चाहिए किंतु सरकार टस से मस नहीं हुई।  जहां 2 साल पहले तक के स्टेट अवार्ड शिक्षकों को 2 साल का सेवा विस्तार दिया गया था। किंतु सरकार ने वर्ष 2021 में निर्णय लेते हुए 2 साल का सेवाकाल बंद कर दिया है जिसके चलते अब राज्य शिक्षक पुरस्कार पाने वाले मायूस हैं। उन्होंने सरकार से मांग की है कि 2 साल का सेवा विस्तार न देने के आदेश को वापस लिया जाए। शिक्षकों का कहना है कि यह पुरस्कार समाज सेवा एवं शिक्षा में महत्वपूर्ण सराहनीय सेवाएं देने पर मिलता है जिसके चलते अब शिक्षकों का रुझान घटता जा रहा है। यदि 2 साल की सेवा विस्तार बहाल कर दिया जाए तो शिक्षक इस अवार्ड को पाकर अपने को धन्य समझेंगे। ऐसे में विभिन्न एसोसिएशन भी इस मांग को उठाया और सरकार से बार-बार पत्र लिखकर मांग की गई। विधानसभा में भी यह प्रश्र उठाया गया था किंतु सालभर में इस पर कोई अमल नहीं किया गया।
क्या क्या मिलता है वर्तमान में-
  स्टेट अवार्डी शिक्षकों ने बताया कि वर्ष 2021 से स्टेट अवार्ड पाने वाले शिक्षक को एक लाख रुपये नकद, दो अग्रिम वेतनवृद्धि, मेडल ,शाल एवं प्रशस्तिपत्र प्रदान किया जाता है। दो साल की सेवावृद्धि खत्म कर दी गई है जबकि दो अग्रिम वेतनवृद्धि के तहत उन्हें अगले दो सालों तक कोई वेतनवृद्धि नहीं दी जाती है जबकि वेतनवृद्धि हर वर्ष मिलती है। दो साल का सेवा काल पुन: बहाल करने की मांग चल रही है।
2021 से पहले क्या मिलता था-
वर्ष 2021 से पहले स्टेट अवार्डी शिक्षकों को 21 हजार रुपये नकद, दो अतिरिक्त वेतनवृद्धियां, दो साल का सेवा विस्तार अर्थात अतिरिक्त सेवा का मौका, शाल, प्रशसितपत्र एवं मेडल मिलता था। जिसको लेकर शिक्षकों में खुशी का माहौल मिलता था किंतु अब सभी लाभ समाप्त कर दिये गये हैं।
  शिक्षकों ने बताया कि अब तो दो अग्रिम वेतनवृद्धियां भी तो बहुत से शिक्षकों को इसलिये नहीं दी जा रही हैं क्योंकि सरकार ने यह लाभ देने का कोई आदेश जारी नहीं किया है। वर्ष 2021 से पहले अवार्डी शिक्षकों को जो जो लाभ मिलते थे वो उन्हें दिये जाएं तथा उन लाभों को बहाल किया जाए।




चोर साहब के कारनामों के बाद अब कुतरूं प्राचार्य के काले कारनामे तथा ब्लैकमेलर शिक्षक-
-दो कृतियों की कडिय़ां प्रसारित होगी 14 जनवरी से, पढ़ते रहे **************************** **********************
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कनीना की आवाज।
डा. होशियार सिंह यादव विश्व रिकार्डधारक पूर्व शिक्षक, लेखक, साहित्यकार एवं पत्रकार ने जहां विगत दिनों चोर साहब के कारनामों पर 65 कडिय़ां प्रकाशित की थी और वह पुस्तक पूरी होने के कारण प्रकाशन हेतु प्रेस में जा चुकी है। लोगों ने चोर साहब के कारनामों को बहुत सराहा था। ऐसे में जितने भी पाठक जुड़े रहे उन सभी का आभार। अब 14 जनवरी 2026 से 2 नई कृतियां प्रकाशन की तैयारियां पूर्ण हो गई है।
 पहली कृति का नाम होगा कतरूं प्राचार्य के काले कारनामे । इस पुस्तक के विषय में मैं बताना चाहूंगा कि करीब 40 सालों के शिक्षण में 35 विभिन्न प्राचार्यों से भेंट हुई। जिनमें एक कुतरूं प्राचार्य भी मिला जो अय्याशी किस्म का था। उसके कारनामे देखे जाए तो बहुत मशहूर हैं वह अपनी बेटी के समान शिक्षिकाओं पर भी बुरी नजर रखता था। जब तक मैंने पढ़ाया तब तक उसकी बुरी नजर मशहूर रही थी। शिक्षिकाओं को अपने पास घंटों बैठाए रखता था। जब मैं स्कूल से अन्यत्र चला गया तब भी उसने अपने कारनामे जारी रखें। गांव के लोगों के सामने हाथ पैर जोड़ता था गिड़गिड़ाता था, लोग उसे कुतरूं कहते थे। इसलिए इस कृति का नाम कुतरूं प्राचार्य के काले कारनामे रखा है। जिसकी प्रथम कड़ी 14 जनवरी 2026 को कनीना की आवाज ब्लाग में प्रकाशित की जाएगी।
 दूसरी कृति ब्लैकमेलर शिक्षक होगी। डा. होशियार सिंह पूर्व विज्ञान शिक्षक के संपर्क में आया था।  40 सालों की शिक्षण अवधि में यह एक ऐसा शिक्षक भी मिला जिसे शिक्षक कहते हुए शिक्षक कहते हुए शर्म आती है। जिसको न हिंदी आती, ना अंग्रेजी आती, ना संस्कृत आती, न ही उर्दू आती, न फारसी आती ना आने कोई भाषा का ज्ञान था। परंतु चापलूसी में पीएचडी था। वह बहुत मशहूर रहा है। परंतु चापलूसी में अग्रणी पंक्ति में रहा है। किसी के पैर पकड़ लेना, किसी के आगे हाथ जोड़कर गिड़गिड़ा लेना और यहां तक की उसे अगर थोड़ा सा धमका दे तो तो वह पीछे हट जाता था। उसकी सबसे बड़ी विशेषता थी रही है कि सभी को ब्लैकमेल करने पर तुला रहता था। किसी को नौकरी लगाना, किसी को किसी केस से बरी करवाना, किसी को कोई लोन दिलवाना, किसी का अन्य कोई काम करवाने के आश्वासन देने में मशहूर रहा है। यहां तक की उसकी अनेकों ब्लैकमेलिंग की घटनाएं  सामने आई हैं। सबसे बड़ी विशेषता यह थी कि वह ऐसे लोगों को अपनी नजदीक रखता है जो रंडी जैसे गुण रखते हैं। इस शिक्षक के कारनामे तो बहुत अधिक सामने आ गए हैं और पास में रख लिए हैं। अब सोचा कि क्यों नहीं  एक के बाद एक कड़ी डालता रहूं। किसी ने कहा कि उनकी नौकरी हट जाएगी, आपके पास सारे प्रमाण है तो मैं उनसे साफ कह दिया कि चाहे मेरा कोई दुश्मन भी है तो उसे नौकरी नहीं हटवाना चाहूंगा। चूंकि नौकरी किसी को देना सीखना चाहिए ,हटवाना नहीं। हां उसके जो ब्लैकमेलिंग के कारनामे हैं वे जरूर प्रकाशित करूंगा। यह भी सोच लिया  जो भी राक्षस प्रवृत्ति के लोग मेरे जीवन में मेरे विरुद्ध खड़े थे उनके कारनामे सभी के सामने लाये जाएंगे। जान आनी जानी होती है। एक न एक दिन सभी को जाना होता है। अब उनसे पूरे जोश के साथ लड़ा जाएगा क्योंकि सच्चाई बहुत कड़वी होती है, बहुत दर्द देती है और कलम की मार तो सबसे बुरी होती है। इसलिए अब कलम की मार की जाएगी ताकि लोग उनके कारनामों से परिचित हो सके। आशा है सभी पाठकवृंद का साथ यूं ही बना रहेगा।






टूटे हुए स्पीड ब्रेकर से दुर्घटनाओं का अंदेशा
-दो माह में तीसरी बार टूट गया है स्पीड ब्रेकर
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कनीना की आवाज।
 कनीना-रेवाड़ी सड़क मार्ग पर वाटर सप्लाई के समक्ष तीसरी बार बनाया गया स्पीड ब्रेकर भी टूट गया है और दुर्घटनाओं का अंदेशा बन गया है। बार-बार स्पीड ब्रेकर बनाया जाता है जो माना जाता है कि घटिया सामग्री के चलते अधिक समय तक नहीं टिक पा रहा है।
 जहां जहां स्पीड ब्रेकर बनाने का सिलसिला करीब दो माह पहले शुरू हुआ था। वाटर सप्लाई के करीब 500 मीटर आगे रामपुरी नहर का कटान है। नहर कटान और वाटर सप्लाई के बीच तीन बार अलग-अलग समय स्पीड ब्रेकर बनाए गए जो टूट चुके हैं। यह वाटर सप्लाई के समक्ष बनाया गया स्पीड ब्रेकर भी दूसरी बार बनाया गया था जो टूट चुका है। दूर से स्पीड ब्रेकर के टूटने का आभास नहीं होता जिसके चलते दुर्घटना का अंदेशा बन गया है।
लोगों की माने तो इस मामले की अब तो जांच की जरूरत बताई जाने लगी है कि स्पीड ब्रेकर क्यों नहीं टिक पा रहे हैं? लोगों का तो कहना है कि बेहतर सामग्री प्रयोग नहीं की जा रही है जिसके चलते जल्द ही टूट जाता है। उल्लेखनीय है कि पहले वाटर सप्लाई के थोड़ा आगे प्लास्टिकनुमा स्पीड ब्रेकर बनाए गए थे जो जल्द ही टूट गए तथा रामपुरी नहर एवं रेवाड़ी रोड़ के कटान के पास भी एक स्पीड ब्रेकर बनाया गया था जो टूट गया। तत्पश्चात वाटर सप्लाई के पास रोड़ी और तारकोल से स्पीड ब्रेकर बनाया जो चंद रोज में ही टूट गया था। आखिर में फिर से स्पीड ब्रेकर बनाया जो करीब एक माह चला है। अब इसके फिर से निर्मित किए जाने की मांग है ताकि राहगीरों को राहत मिले वरना किसी भी समय कोई बड़ी दुर्घटना यहां घट सकती है।
 फोटो कैप्शन 8: टूटा हुआ स्पीड ब्रेकर





कुरीतियों के विरुद्ध पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता का आयोजन
-अव्वल को किया गया पुरस्कृत
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कनीना की आवाज।
राजकीय माध्यमिक विद्यालय कैमला में सामाजिक कुरीतियों मुक्त भारत अभियान के तत्वाधान में विभाग के निर्देश अनुसार विद्यालय में पेंटिंग प्रतियोगिता का आयोजन  किया गया। जिसमें अनेकों प्रकार के नशा, बाल- विवाह विषय पर आधारित कार्यक्रम किया गया जिसमें सभी विद्यार्थियों ने रुचि के साथ भाग लिया।
 मौलिक मुख्याध्यापक वीरेंद्र सिंह जांगिड़ ने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए बताया कि समाज में व्याप्त सामाजिक कुरीतियों के प्रति सरकार द्वारा चलाए जा रहे अभियान में सहयोग देकर अपनी जिम्मेवारियों का निर्वहन करना चाहिए ताकि हमारी भविष्य पीढ़ी सुरक्षित रह सकें। ताकि उनके जीवन का संरक्षण और बाल विवाह निषेध पर पूर्णता अंकुश लगाना चाहिए। बाल विवाह न  केवल कानून अपराध है बल्कि  बच्चों के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी अत्यंत घातक है। उन्होंने बाल विवाह  प्रतिषेध  अधिनियम 2006 के सभी कानूनी पहलुओं की जानकारी देते हुए बताया कि कानून के अनुसार शादी के लिए लड़की की आयु 18 वर्ष और लड़के की आयु 21 वर्ष से कम होना अपराध है। यह एक संज्ञेय और गैर जमानती अपराध की श्रेणी में आता है। इसमें सम्मिलित पाए जाने पर या सहायता करने वाले व्यक्ति को 2 साल तक का कठोर कारावास और एक लाख रुपए तक जुर्माना हो सकता है। सरकार के इस संकल्प को जन-जन तक पहुंचने में अपना पूर्ण सहयोग देना चाहिए और प्रत्येक नागरिक को जागरूक करना चाहिए। सभी बच्चों ने अपने  द्वारा बनाए गए पोस्टरों के माध्यम से अच्छा संदेश देने का प्रयास किया है जिसमें मानवी और निधि प्रथम , लीना, विवेक द्वितीय और सवीना का तृतीय स्थान रहा।
 इस अवसर पर  सुनील कुमार शास्त्री, मनवीर सिंह विज्ञान अध्यापक, देवेंद्र अंग्रेजी अध्यापक ,भगत सिंह व गरिमा रानी प्राथमिक अध्यापक, तारामणि देवी, पिंकी देवी, बबली देवी, सूबे सिंह, सुनील कुमार आदि उपस्थित रहे।
फोटो कैप्शन 07:सामाजिक कुरीतियों पर प्रहार करते हुए पोस्टर मेकिंग



सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सेहलंग में टीबी मुक्त ग्राम पंचायत को लेकर बैठक आयोजित
-एसएमओ डा.प्रभा यादव ने दिये आवश्यक निर्देश
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कनीना की आवाज।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सेहलंग में टीबी मुक्त ग्राम पंचायत अभियान के अंतर्गत एक बैठक का आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता एसएमओ डा.प्रभा यादव ने की। बैठक में डा.सचिन,एसटीएस पवन कुमार, टीबीएचवी युद्धवीर सहित सीएचसी सेहलंग एवं पीएचसी धनौंदा के अंतर्गत आने वाले सभी स्वास्थ्य कर्मचारियों ने भाग लिया।
 एसएमओ डा. प्रभा यादव एवं एसटीएस पवन कुमार ने टीबी मुक्त ग्राम पंचायत अभियान के तहत किए जाने वाले कार्यों की जानकारी देते हुए सभी स्वास्थ्य कर्मचारियों को टीबी के मरीजों की पहचान करने, उनकी जांच करवाने एवं उपचार शुरू करने एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने के बारे में विस्तार से जानकारी दी।  इसके साथ-साथ पंचायत स्तर पर टीबी मुक्त पंचायत अभियान में सरपंचों से सहयोग लेने के बारे में बताया। चिकित्सा अधिकारी डा. सचिन ने बताया कि टीबी की जांच एवं इलाज सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में पूरी तरह नि:शुल्क है और पंचायतों के सहयोग से ही गांवों को टीबी मुक्त बनाया जा सकता है।
इस अवसर पर उपस्थित स्वास्थ्य कर्मचारियों को बताया कि वे अपने-अपने गांवों में टीबी के प्रति जागरूकता बढ़ाएं, टीबी के लक्षण दिखने वाले मरीजों की तुरंत जांच कराएं तथा जांच उपरांत टीबी पाये जाने पर उनका तुरंत उपचार शुरू करने के बारे में बताया!इस अभियान में सभी स्वास्थ्य कर्मी अपनी सक्रियता दिखाएं और अपने अधीन आने वाले गांवों को टीबी मुक्त घोषित करवाने में अपनी भागीदारी निभाये। इस अवसर पर स्वास्थ्य निरीक्षक इन्द्रजीत,स्वास्थ्य निरीक्षक पवन शर्मा, सीएचओ रवि कुमार,  सीएचओ आशा, सीएचओ अरुण कुमार,स्वास्थ्य कर्मी ऋषिराज आर्य, धर्मेन्द्र, विकाश,राजेश, विक्रम, बलजीत,कुलदीप, आलोक, ज्ञानचंद,सहित सभी स्वास्थ्य कर्मचारी उपस्थित रहे।
फोटो कैप्शन 04: डा. प्रभा आवश्यक दिशा निर्देश देते हुए




कंपनी के स्टोर में हुई लाखों की चोरी के मामले में चार ओर आरोपी गिरफ्तार
-एक आरोपी पहले ही किया जा चुका है गिरफ्तार
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कनीना की आवाज।
थाना शहर कनीना पुलिस ने तत्परता से कार्रवाई करते हुए ट्रांसरेता लाइटिंग लिमिटेड कंपनी के स्टोर में हुई चोरी की बड़ी वारदात को महज कुछ ही घंटों में सुलझाते हुए चोरी किए गए सामान से भरी गाड़ी सहित एक आरोपी मोहम्मद हनीफ कुरैशी निवासी विद्या नगर जेडीओ कालोनी जयपुर (राजस्थान) को गिरफ्तार किया था। जिसे न्यायालय में पेश कर पुलिस रिमांड पर लिया गया था। रिमांड के दौरान आरोपी से उसके साथियों के बारे में पता लगाया गया।
पुलिस ने इस मामले में चार ओर आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जिनकी पहचान समीर कुरैशी वासी मोती नगर ओल्ड सुभाष नगर भोपाल, भूरा वासी संजय नगर झोटवाड़ा जयपुर, रामकेश वासी गणेश विहार विजयपुरा जयपुर, शिवराज वासी जयसिंहपुरा जयपुर ग्रामीण के रूप में हुई है। आरोपी चोरी की वारदात को अंजाम देने में संलिप्त थे। आरोपियों को आज न्यायालय में पेश किया गया, जहां से आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
ट्रांसरेता लाइटिंग लिमिटेड कंपनी के स्टोर आफिसर बालगंगाधर झा ने पुलिस को दी गई शिकायत में बताया था कि वह कनीना स्टोर पर कार्यरत है। दिनांक 23 दिसंबर की सुबह करीब 3:30 बजे सूचना मिली कि स्टोर में चोरी हो गई है। मौके पर जांच करने पर पाया गया कि स्टोर से लगभग 3 टन 200 किलो एल्युमिनियम केबल (59 एमएम), करीब 25 एल्युमिनियम डेड एंड, 2 बंडल प्लेटिनम रोप और 2 पानी के पंप मोटर गायब थे। शिकायत के आधार पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
सूचना मिलते ही थाना शहर कनीना की पुलिस टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए सिहोर मोड़ पर नाकाबंदी कर वाहनों की चेकिंग शुरू की। इस दौरान एक टाटा ऐस गाड़ी को संदिग्ध अवस्था में रोका गया। तलाशी लेने पर गाड़ी में चोरी किया गया उपरोक्त सामान बरामद हुआ। गाड़ी के चालक मोहम्मद हनीफ कुरैशी से जब पूछताछ की गई तो वह कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे पाया। इसके बाद कंपनी के स्टोर ऑफिसर ने मौके पर पहुंचकर गाड़ी में मौजूद सामान की पहचान अपने स्टोर से चोरी हुए माल के रूप में की।
पुलिस ने तुरंत प्रभाव से आरोपी को गिरफ्तार कर गाड़ी और उसमें लदे चोरी के सामान को जब्त कर लिया।
फोटो कैप्शन 05: पकड़े गये आरोपी एवं पुलिस





महेंद्रगढ़ पुलिस ने गांव चेलावास में ग्रामीणों को नशा मुक्ति, साइबर सुरक्षा के प्रति किया जागरूक।
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कनीना की आवाज।
महेंद्रगढ़ पुलिस द्वारा समाज को अपराध मुक्त और नशा मुक्त बनाने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में महेंद्रगढ़ पुलिस की संयुक्त टीम ने थाना शहर कनीना के अंतर्गत आने वाले गांव चेलावास का दौरा किया। गांव की धर्मशाला में आयोजित इस विशेष जागरूकता शिविर में पुलिस टीम ने समाज के सभी वर्गों के लोगों के साथ सीधा संवाद स्थापित किया। इस दौरान नशा मुक्ति, साइबर सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। इस अवसर पर थाना शहर कनीना की पुलिस टीम भी विशेष रूप से उपस्थित रही।
कार्यक्रम के दौरान नया सवेरा मुहिम की इंचार्ज निरीक्षक शारदा देवी ने वहां मौजूद युवा वर्ग को नशे के भयानक दुष्प्रभावों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने युवाओं को नशे की लत से दूर रहने और स्वस्थ जीवन शैली अपनाने के लिए प्रेरित किया। निरीक्षक शारदा देवी ने ग्रामीणों को बताया कि महेंद्रगढ़ पुलिस नशे की गिरफ्त में आ चुके लोगों को समाज की मुख्य धारा में वापस लाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जो भी नशा पीडि़त व्यक्ति अपनी स्वेच्छा से नशा छोडऩा चाहता है, पुलिस विभाग द्वारा उसकी हर संभव मदद की जाएगी। इस दौरान मानस हेल्पलाइन नंबर 1933 के बारे में भी लोगों को जागरूक किया गया।
उपस्थित जनसमूह को साइबर ठगी से बचाव के तरीकों के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। पुलिस टीम ने दैनिक जीवन में आने वाली समस्याओं पर भी ग्राम वासियों से खुलकर चर्चा की और उनसे अपील की कि वे गांव में नशा बेचने वालों और नशा करने वालों की सूचना तुरंत स्थानीय थाने में दें, जिससे समय रहते अपराधियों पर उचित कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जा सके। इस अवसर पर ग्रामवासियों ने भी पुलिस की इस पहल का स्वागत किया और अपने-अपने विचार साझा किए।
फोटो कैप्शन 06: पुलिस चेलावास ग्रामीणों को साइबर अपराधों की जानकारी देते हुए





कनीना माडल स्कूल में ब्लेजऱ वितरण
-सहयोग और संवेदना से मजबूत होती है शिक्षा-
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कनीना की आवाज।
यह कहा जाता है कि शिक्षा केवल किताबों से नहीं, बल्कि सहयोग, संवेदना और सामाजिक सहभागिता से भी सशक्त होती है। इसी भावना को साकार करते हुए राजकीय माडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय , कनीना में एक प्रेरणादायक सेवा कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें जरूरतमंद विद्यार्थियों को ब्लेजऱ वितरित कर यह संदेश दिया गया कि जब समाज शिक्षा के साथ खड़ा होता है, तब हर बच्चा आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ता है।
इस अवसर पर वार्ड नंबर-12 निवासी नवीन एवं उनकी धर्मपत्नी नेहा द्वारा विद्यालय के 74 विद्यार्थियों को ब्लेजर वितरित किए गए। बच्चों के चेहरों पर आई मुस्कान इस सामाजिक पहल की सबसे बड़ी सफलता बनकर सामने आई।
कार्यक्रम में मनोनीत पार्षद सवाई सिंह, पार्षद होशियार सिंह एवं नीलम सहित अनेक पार्षद एवं गणमान्य जन उपस्थित रहे।
इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाचार्य सुनील खुडानिया द्वारा संस्थान से जुड़ी विभिन्न समस्याओं को अतिथियों के समक्ष गंभीरता से रखा गया, जिन्हें ध्यानपूर्वक सुना गया। अतिथियों ने विद्यालय की शैक्षणिक एवं संस्कारात्मक भूमिका की सराहना करते हुए विद्यार्थियों को मेहनत, अनुशासन और आत्मविश्वास के साथ आगे बढऩे के लिए प्रेरित किया।
प्राचार्य ने कहा कि माडल स्कूल कनीना न केवल शिक्षा प्रदान कर रहा है, बल्कि विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास और सामाजिक मूल्यों के निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने समाज के सक्षम लोगों से शिक्षा के क्षेत्र में सहयोग करने का आह्वान किया।
फोटो कैप्शन 01: माडल स्कूल में ब्लेजर वितरित करते हुए



सतीश आर्य ने दी बच्चों को नैतिक शिक्षा
-महापुरुषों के सुनाये प्रसंग
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कनीना की आवाज।
राजकीय उच्च विद्यालय भडफ़ के प्रांगण में सतीश आर्य, अध्यक्ष आर्य वीर दल जिला महेंद्रगढ़ ने बच्चों को नैतिक शिक्षा व संस्कारों पर बल देकर और महापुरुषों की जीवनी सुनाकर सुनाई। साथ में उन्होंने जीवन से संबंधित 102 प्रश्नों की एक पुस्तिका होनहार बच्चों व स्टाफ को वितरित की।
  श्री आर्य ने कहा कि आज समाज में नैतिक  संस्कारों की बहुत कमी है। माता-पिता दादा दादी वह बुजुर्गों की अनदेखी आज उनके बच्चों द्वारा की जाती है। इसके साथ ही महाराणा प्रताप और अन्य वीर साहसी सपूतों के जीवन पर प्रकाश डाला गया जिसमें उनके अदम्य साहस,त्याग ,देश प्रेम और आत्म सम्मान की गौरवशाली गाथा उजागर की गई। उनके संघर्ष ,बलिदान और दृढ़ संकल्प हमें अन्याय के विरुद्ध डटे रहने तथा मातृभूमि की रक्षा के लिए सर्वस्व अर्पित करने की प्रेरणा देते है।
 इस अवसर पर प्रधान आर्य समाज ओम प्रकाश आर्य, स्टेनो हरियाणा रोडवेज लालचंद ,विद्यालय प्रमुख सत प्रकाश ,स्नेह लता विज्ञान अध्यापिका ,सुमन कुमारी अंग्रेजी अध्यापिका चंद्रशेखर प्राथमिक अध्यापक नरेंद्र सिंह, कंप्यूटर अध्यापक प्रवीण सेन, रोशनी देवी, दीपक कुमार आदि मौजूद रहे।
फोटो कैप्शन 02: आर्य समाज के सतीश आर्य नैतिक शिक्षा का पाठ पढ़ाते हुए













अपने पिता मातादीन की याद में दिये बाबा आश्रम को 21 हजार रुपये का सहयोग
-संत मोलडऩाथ का बन रहा नया भव्य आश्रम
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कनीना की आवाज। पूर्व मुख्याध्यापक विजेंद्र सिंह बाबा मोलडऩाथ प्रांगण में परिवार सहित पहुंचे 21,000 रुपए की सहयोग राशि देकर पुण्य का कार्य किया।
हेडमास्टर विजेंद्र सिंह उनके भाई सूबेदार हरि कमल सिंह, छोटे भाई नरेश यादव, विकास यादव इन सभी ने अपने स्वर्ग के पिता मातादीन की याद में सहयोग किया। मंदिर कमेटी प्रधान दिनेश यादव ने इन सभी का अभिनंदन किया और कहा कि हेडमास्टर विजेंद्र सिंह समाज सेवा में अग्रणी भूमिका निभाते रहते हैं। उनका सहयोग हमारे लिए बड़े गर्व की बात है। मंदिर के सौंदर्यीकरण का काम जोर-जोर से चल रहा है। कारीगर दिन-रात मेहनत करके कार्य को संपूर्ण करने में लगे हुए हैं। इस मौके पर प्रधान दिनेश यादव व संत रामनिवास, रमेश कुमार, भगवान, मुकेश शर्मा, अशोक डीपी, सूबेदार बलबीर सिंह, संजय सिंह, राजेंद्र सिंह ,अरविंद सिंह, शिवचरण, शिव कुमार, महेंद्र सिंह, सतवीर यादव व अन्य का गणमान्य लोग मौजूद रहे।
फोटो कैप्शन 03: पूर्व मुख्याध्यापक बिजेंद्र सिंह एवं परिजनों को बाबा मोलडऩाथ की स्मृति चिह्न भेंट करते हुए


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