पावर हाउस कर्मियों ने एसडीओ को सौंपा ज्ञापन
--धरना प्रदर्शन पांचवें दिन जारी
**************************************************
********************************************************
**************************************************
कनीना की आवाज। बूचावास सब डिवीजन मे आनलाइन ट्रांसफर पालिसी के विरोध में पांचवें दिन एसडीओ अरुण जांगड़ा को हरियाणा स्टेट इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड वर्कर यूनियन के द्वारा ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन अतिरिक्त मुख्य सचिव (पावर ) हरियाणा सरकार तक अग्रेषित करने की मांग की। ताकि विषय की गंभीरता के अनुरूप आवश्यक निर्णय लिया जा सके।
इस मौके पर प्रधान अजीत,सचिव सुनील वर्मा,सर्कल सचिव सत्यवान यादव,सतीश जेई, अंकित जेई, बलबीर यूडीसी, मुकेश यूडीसी,सुनील यूडीसी, बंशीराम फोरमैन,कैशियर आलोक, सतीश फोरमैन,अनिल शिफ्ट इंचार्ज, रवि शिफ्ट इंचार्ज ,मेनपाल लाइनमैन, मानित लाइनमैन,अंचल लाइनमैन,दीपक लाइनमैन, ऋषिराज लाइनमैन, प्रदीप लाइनमैन,नवीन लाइनमैन इत्यादि कर्मचारी मौजूद रहें।
फोटो कैप्शन 06: एसडीओ को ज्ञापन सौंपते हुए पावर हाउस कर्मी।
दूर तक नजर आने लगे हैं सरसों पर पीले फूल
-मौसम ले रहा है करवट
**************************************************
********************************************************
**************************************************
कनीना की आवाज। कनीना क्षेत्र में मौसम लगातार बदल रहा है। प्रतिदिन नये रूप में मौसम के नजारे नजर आते हैं। गत दिनों से मौसम साफ रहा, कोई धुंध और कोहरा कनीना क्षेत्र में नहीं पड़ा किंतु रविवार सुबह हल्का कोहरा देखने को मिला। यहां तक की पूरे कनीना की सिंचित भूमि पर सरसों के फूल और गेहूं के खेत नजर आते हैं। सरसों में फूल आने से अब किसान प्रसन्नचित नजर आने लगे हैं वही फूलों का आना बसंत पंचमी का द्योतक है। इस बार बसंत पंचमी 23 जनवरी 2025 को पड़ रही है। कहने को तो बसंत पंचमी पर सबसे अधिक फूल खिलते हैं किंतु अभी से सरसों के भारी मात्रा में फूल आ गए जिससे नहीं लगता कि बसंत पंचमी तक ये फूल टिक पाएंगे। उधर गेहूं की फसल भी अब खेतों में खड़ी दिखाई देने लगी है जिसको लेकर किसान खुश है। किसानों का मानना है की मौसम अनुकूल चल रहा है, जहां ठंड भी पड़ रही है। ऐसे में आने वाले समय में यदि मौसम अनुकूल रहा तो अच्छी पैदावार होने की संभावना हैं।
कनीना क्षेत्र में इस बार जहां सरसों के अच्छे भाव मिलने के कारण विगत वर्ष से थोड़ा सा अधिक क्षेत्रफल पर सरसों उगाई है। करीब 20,000 हेक्टेयर पर सरसों की फसल उगाई गई है जबकि गेहूं के प्रति किसानों का रुझान कम है। इस बार गेहूं 8 हजार एकड़ के करीब है। ऐसे में किसानों का रुझान सरसों की ओर है। सरसों में इस समय खेतों में पीले फूलों से लगने लगे है, जहां मधुमक्खी पालन करने वाले लोग भी दूर दराज से आने लगे हैं। धुंध एवं कोहरा पडऩा भी किसान और कृषि वैज्ञानिक अच्छा मानते हैं ताकि खेत में नमी कायम रहे। यदि धुंध और कोहरा नहीं पड़ते तो सूखी ठंड फसल के लिए घातक साबित हो सकती है। कनीना व्यापार मंडल प्रकोष्ठ के उप प्रधान रविंद्र बंसल ने बताया कि सरसों का एमएसपी 6200 रुपये प्रति क्विंटल रखा गया है जबकि गेहूं का एमएसपी 2585 रुपये पर प्रति क्विंटल रखा गया है।एसडीओ कृषि महेंद्रगढ़ डा अजय यादव का कहना है कि अभी तक मौसम अनुकूल चल रहा है जिसके चलते सरसों की अच्छी पैदावार होने के संकेत है।
किसान राजेंद्र सिंह, अजीत कुमार, कृष्ण कुमार, महेंद्र सिंह, देवेंद्र, सुनील एवं सूबे सिंह आदि ने बताया कि खेतों में अच्छी फसल लहलाने लगी है और आने वाले समय में अच्छी पैदावार होने के संकेत मिल रहे हैं। उन्होंने बताया कि दिन में ताप अधिक रहता है तो रात को कड़ाके की ठंड पड़ती है।
फोटो कैप्शन 07: खेतों में पीले फूलों वाली सरसों की खड़ी फसल।
नहीं पड़ी धुंध,साफ रहा मौसम
-पाला जमा
**************************************************
********************************************************
**************************************************
कनीना की आवाज। कनीना क्षेत्र में जहां दो दिनों तक धुंध/कोहरा पडऩे के बाद मंगलवार को मौसम बिल्कुल साफ रहा। सुबह सवेरे सूर्य उदित हुआ और दिनभर सूर्य की तपन महसूस की गई। लेकिन क्षेत्र में सुबह सवेरे कड़ाके की ठंड पड़ी जिसके चलते वनस्पति तथा उपलों पर पाला जमा देखा गया।
उल्लेखनीय की जहां कनीना क्षेत्र में पल-पल मौसम बदल रहा है। जहां गत दिनों भी पाला पड़ा था फिर दो दिनों तक धुंध एवं कोहरा पड़ा। अब फिर से पाला जमने लग गया है। सुबह सवेरे कई स्थानों पर पाला जमा देखा गया लेकिन यह पाला कुछ समय तक दिखाई दिया, बाद में सूर्योदय होते ही समाप्त हो गया। किसान सूबे सिंह, राजेंद्र सिंह, अजीत कुमार, कृष्ण कुमार आदि ने बताया कि पाला बहुत कम समय के लिए जमा इसलिए फसल पर कोई नुकसान होने की संभावना नहीं है। कृषि वैज्ञानिक भी यही मानते कि पाले से कोई नुकसान नहीं होगा। वर्तमान में कनीना क्षेत्र में 20000 हेक्टेयर पर सरसों तो 8000 हेक्टेयर पर गेहूं उगाई गई है। ऐसे में किसानों की नजरें पल-पल मौसम पर टिकी हुई है। यदि मौसम सही चल तो आने वाले समय में बेहतर पैदावार होने के आसार बन जाएंगे।
फोटो कैप्शन 05: सुबह सवेरे का साफ मौसम
06: जमा हुआ पाला
मोटरसाइकिल ने मारी टक्कर, 3 वर्षीय बच्चा घायल, चल रहा है इलाज
-कनीना पुलिस ने किया मामला दर्ज
**************************************************
********************************************************
**************************************************
कनीना की आवाज। कनीना उप मंडल के गांव करीरा निवासी धर्मवीर ने एक मोटरसाइकिल सवार के विरुद्ध शिकायत दर्ज करवाते हुए कहा है कि उनकी पुत्री रितु एवं उनके तीन वर्षीय पार्थिव दुहता को लेकर कनीना बाजार में खरीददारी करने गई थी। जब वह कनीना के पावर हाउस के पास पहुंची तो एक मोटरसाइकिल चालक पीछे से तेज गति से चलाता हुआ आया और उनके दुहते पार्थिव को पीछे से टक्कर मार दी जिससे 10 फीट ऊपर उछला और रोड़ पर जा गिरा, बुरी तरह से घायल हो गया। राहगीर को उठाकर उप-नागरिक अस्पताल ले गए जहां प्राथमिक उपचार दिया गया। राहगीरों ने मोटरसाइकिल सवार को पड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। कनीना अस्पताल में प्राथमिक उपचार कर, गंभीर हालात को देखते हुए हायर सेंटर रेफर कर दिया। जहां उनकी स्थिति गंभीर बनी हुई है। गंभीर हालात को देखते हुए हुए परिजन रेवाड़ी के निजी अस्पताल ले गए जहां उनका अभी तक इलाज चल रहा है। उन्होंने मोटरसाइकिल सवार के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करने की अपील की है जिस पर पुलिस ने मोटरसाइकिल सवार के विरुद्ध मामला दर्ज कर लिया है।
लेफ्टिनेंट बनने पर ग्रामीणों द्वारा किया गया स्वागत
--भोजावास गांव में खुशी का माहौल
**************************************************
********************************************************
**************************************************
कनीना की आवाज। गांव भोजावास निवासी स्वर्गीय महावीर सिंह तंवर के पुत्र मंजीत के भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट बनने के बाद गांव पहुंचने पर ग्रामीणों द्वारा स्वागत किया गया।
बाबा जिंदा देव प्रांगण में आयोजित स्वागत समारोह में मुख्य अतिथि प्रमुख समाजसेवी अतरलाल एडवोकेट ने मंजीत को साफा ओढ़ाकर तथा प्रशस्ति पत्र भेंट कर सम्मानित किया। उन्होंने मंजीत की माता सरोज बाला तथा दादी भदनबाई को भी शाल ओढ़ाकर सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि मंजीत ने भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट बनकर न केवल अपने गांव बल्कि पूरे हरियाणा का नाम रोशन किया है। उन्होंने कहा कि मंजीत की इस गौरवशाली उपलब्धि से गांव के युवाओं को आगे बढऩे की प्रेरणा मिलेगी। उन्होंने स्वागत समारोह आयोजित करने के लिए ग्रामीणों का धन्यवाद किया। सरपंच प्रतिनिधि पवन, भागसिंह चेयरमैन, सुभाष नम्बरदार ने मंजीत को युवाओं का आइकॉन बताते हुए उसके उज्जवल भविष्य की कामना की। मंजीत ने अपनी सफलता का श्रेय अपनी माता, भाई, गुरुजनों को देते हुए युवाओं से लक्ष्य प्राप्ति के लिए कड़ी मेहनत तथा नियमित अभ्यास करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कोई भी चीज असंभव नहीं है। कड़ी मेहनत तथा नियमित अभ्यास से असंभव को संभव बनाया जा सकता है। इससे पहले मंजीत को खुली जीप में बैठाकर डी.जे. के साथ बाबा जिंदादेव मंदिर में लाया गया। जहाँ उन्होंने बाबा की धोक लगाकर आशीर्वाद लिया। इस अवसर पर महेश सिंह दादा, बिरेन्द्र सिंह, मोहन सिंह, पवन सरपंच, भाग सिंह चेयरमैन, सुभाष नम्बरदार, राजेन्द्र सिंह, बुधराम दादा, सरोजबाला, पिंकी, रीना, भदन बाई, दिनेश कुमार, भोम, ठाकुर नत्थुसिंह आदि अनेक गणमान्य तथा युवा उपस्थित थे।
फोटो कैप्शन 01 :लेफ्टिनेंट बनने पर मंजीत का स्वागत करते लोग
तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का हुआ शुभारंभ
-कनीना मंडी स्कूल में शुरू हुआ कार्यक्रम
**************************************************
********************************************************
**************************************************
कनीना की आवाज। महिला एवं बाल विकास विभाग कनीना की ओर से खंड कनीना की आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के लिए पढ़ाई भी और पोषण भी विषय पर तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का शुभारंभ आज कनीना मंडी स्कूल के पास स्थित लाल शिवलाल धर्मशाला में हुआ। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में खंड की 90 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने भाग लिया।
कार्यशाला में आंगनबाड़ी विभाग की सभी सुपरवाइजरों के साथ-साथ नारनौल से रॉकेट लर्निंग संस्था की ओर से विशेषज्ञ भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम की विशिष्ट अतिथि राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, कनीना मंडी के प्राचार्य नरेश कुमार कौशिक रहे।
रॉकेट लर्निंग संस्था की ओर से योगिता सुपरवाइजर, सुमन देवी, मनीष यादव, कुसुम लता, मंजू, पूजा, ज्योति यादव एवं माया देवी ने प्रशिक्षण सत्रों के माध्यम से आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को प्रारंभिक बाल शिक्षा, पोषण, बच्चों की रुचियों के अनुरूप शिक्षण विधियों तथा व्यवहारिक गतिविधियों की जानकारी दी। कार्यशाला में यह भी बताया गया कि तीन दिवसीय प्रशिक्षण को चरणबद्ध रूप से विभिन्न बैचों में आयोजित किया जाएगा।
इस अवसर पर प्राचार्य नरेश कुमार कौशिक ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि पोषण जीवन का आधार है। बच्चों के बेहतर विकास के लिए उनके शारीरिक स्वास्थ्य के साथ-साथ मानसिक व भावनात्मक अभिरुचियों का ध्यान रखना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि खेल-खेल में शिक्षा प्रदान करना आंगनबाड़ी केंद्रों का प्रमुख लक्ष्य होना चाहिए, ताकि बच्चों का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित किया जा सके।
कार्यशाला के दौरान प्रतिभागियों ने प्रशिक्षण को उपयोगी बताते हुए इसे अपने-अपने आंगनबाड़ी केंद्रों में प्रभावी रूप से लागू करने का संकल्प लिया।
फोटो कैप्शन 03: कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्राचार्य नरेश कौशिक
राजकीय प्राथमिक पाठशाला तुर्कीयावास मे जैकेट वितरण के बाद बच्चों के खिले चेहरे
--पंजाब पुलिस में तैनात अशोक कुमार ने बांटे जैकेट
**************************************************
********************************************************
**************************************************
कनीना की आवाज। तुर्कीयावास निवासी पंजाब पुलिस में तैनात अशोक कुमार ने अपनी नेक कमाई में से अपनी माता शारदा देवी के हाथों राजकीय प्राथमिक पाठशाला तुर्कीयावास में आयोजित एक सादे समारोह में बच्चों को सर्दी से बचाव के लिए जैकेट वितरित की जिसके बाद बच्चों के चेहरे पर खुशी देखी गई।
इस अवसर पर पाठशाला के इंचार्ज दिनेश कुमार ने जैकेट वितरण कार्य की सराहना करते हुए कहा की बच्चे देश व समाज के भविष्य है उन सब का ध्यान रखना हमारी बड़ी जिम्मेदारी है
इस अवसर पर पाठशाला के अध्यापक राजेश शर्मा ने कहा की सर्दी के मौसम में छोटे छोटे नौनिहालों का ख्याल रखना चाहिए अशोक कुमार द्वारा बच्चों को जैकेट वितरण का कार्य इस दिशा में एक सार्थक कदम है जिसकी जितनी प्रशंसा की जाए वह कम है।
इस अवसर पर राजबाला केसीसी, राम सिंह डीटीएच चौकीदार, बीरमती देवी, मंजू देवी आदि उपस्थित रहे।
फोटो कैप्शन 02: जैकेट वितरित करते हुए अशोक कुमार
कनीना की श्रीकृष्ण गौशाला को मिला भगत सिंह नामक भागीरथ
-गौशाला के चहुमुखी विकास में लगा दिये हैं चार चांद
**************************************************
********************************************************
**************************************************
कनीना की आवाज। समय समय पर कुछ ऐसे उदार लोग धरा पर आते हैं जो अपनी कर्मठता के चलते लोगों के दिलोदिमाग पर छा जाते हैं। ऐसी ही एक शख्सियत इस वक्त गौशाला के प्रधान बतौर भगत सिंह ने कार्यभार संभाल रखा है। कहते हैं कि जिसमें कुछ करने की तमन्ना हो वो कुछ नया करके ही दिखाते हैं। भगत सिंह ने गौशाला में आकर मूल चूल परिवर्तन कर दिखलाये हैं जो अपने आप में भागीरथ से कम नजर नहीं आते हैं। इस समय श्रीकृष्ण गौशाला कनीना में 2500 गौवंश हैं। जिनके लिए गौशाला में व्यापक प्रबंध किये गये हैं। आज से छह माह पहले जो गौशाला रंग रही थी वो आज उड़ान भरने की कगार पर है। कभी गौशाला में लोग जाते हुए कतराते थे अब पूरे परिवार सहित खुशी खुशी जाकर दानपुण्य कर रहे हैं जिसके पीछे भगत सिंह नामक भागीरथ मिल गया है जो भागीरथी प्रयास कर गौशाला को आधुनिकतम की ओर ले जा रहे हैं।
वर्ष 2003 में श्रीकृष्ण गौशाला बनाई गई थी जिसमें धीरे-धीरे गायों की संख्या बढ़ती चली गई। जहां एक के बाद एक अनेकों गौशाला प्रधान रहे हैं। वर्तमान में जहां भगत सिंह गौशाला प्रधान है और 2500 के करीब गाये और बछड़े हैं जिनमें से कुछ गाय दूध देने वाली हैं। यहां विभिन्न त्योहारों पर गौशालाओं गायों की सेवा की जाती है। यहां जब भी कोई गौवंश छोडऩे के लिए आता है उनके लिए किसी प्रकार का प्रतिबंध नहीं है। कनीना में कभी कभार बेसहारा पशु इधर-उधर घूमते दिखाई दे जाते हैं जिनको लोग श्रीकृष्ण गौशाला कनीना में छोड़ जाते हैं। गौशाला प्रधान ने माना कि अब गायों के साथ कोई दुर्घटना नहीं घटी है।
कनीना की श्रीकृष्ण गौशाला वर्ष 2003 से गायों की रक्षा के लिए अहं भूमिका निभा रही है।
पर्वों पर सेवा करते हैं लोग--
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी, नवरात्रों, गौशाला के वार्षिकोत्सव तथा गोपाष्टमी आदि पर लोग दूर दराज से आकर गायों की सेवा करते हैं। एक ओर जहां गायों की सेवा हो रही है वहीं गायों का दूध लोगों के रोगों को दूर करने में अहम भूमिका निभा रहा है।
श्रीकृष्ण गौशाला कनीना वासियों के सहयोग से स्थापित हुई थी जो 2003 की रजिस्टर्ड है। यहां करीब 2500 गाये हैं।
विस्तृत जानकारी देते हुए प्रधान गौशाला कनीना भगत सिंह ने बताया कि कनीना गौशाला में कुछ गाय दुधारू है। गाय के दूध की भारी मांग है। दूर दराज के लोग दूध ले जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि 40 वर्कर गायों की सेवा कर रहे हैं। ट्रैक्टर ट्राली गायों की के लिए अन्न एवं चारा लाकर उनकी सेवा में लगी हुई हैं।
अब तक रहे हैं प्रधान-
कनीना गौशाला में राव सत्यवीर बोहरा, देवराज महाशय,जगमाल सिंह, हुकुम सिंह, डा मेहरचंद, यादवेंद्र यादव, मनफूल सिंह, हुकुम सिंह आदि कनीना गौशाला के प्रधान रह चुके हैं। गौशाला बड़ी बणी नामक स्थान पर स्थापित है। जहां के लिए गौशाला द्वार बनाया गया है वहीं गायों को रखने के लिए धूप एवं छाया तथा हर प्रकार की सुविधा उपलब्ध है। गौशाला प्रतिवर्ष अपना वार्षिक उत्सव मनाती है तथा लोगों में देसी गाय पालने की प्रवृत्ति को पैदा कर रही है। गौ सेवा में गौशाला में सेवारत कर्मियों ने बताया कि वह गायों की सेवा करके बहुत प्रसन्न हैं। गाय के गोबर से खाद बनाया जा रहा है। कनीना के विभिन्न समाजसेवी ने समय समय पर दान दक्षिणा देकर इसमें सहयोग किया हुआ है। देसी गाय का दूध, घी, मक्खन आदि की भारी मांग है। यही कारण है एक बार फिर से गायों की सेवा करने में लोग जुट गए हैं। पुराने समय में गाय को माता का दर्जा देते थे वैसे ही गायों के प्रति एक बार फिर से रोगों से बचने के लिए उनकी सेवा की प्रवृत्ति बढ़ी है।
प्रधान ने बताया गायों के लिए पेयजल की बेहतर व्यवस्था है। गायों के लिए हरा चारा अलग से प्रबंध किया गया है। सबसे बड़ी बात है कि दूध देने वाली गायों के लिए चाट बनाकर दी जाती है। 3 लाख रुपये का बायलर लाया गया था जो चाट बनाने के काम में आता है। कुल मिलाकर श्रीकृष्ण गैशाला के प्रधान ने कहा कि सरकार समय समय पर अनुदान देती है। वैसे तो गायों को हर घर में पालना चाहिए जो ज्यादा बेहतर होगा, परंतु जो अपने घरों में गाय नहीं रख सकते उन्हें गौशाला में आकर सेवा प्रदान करनी चाहिए। दूध देने वाली गायों को तूड़ी के अतिरिक्त हरा चारा भी दिया जाता है। दस लाख रुपये प्रतिवर्ष गोबर का खाद बिक जाता है।
गौशाला के प्रधान ने बताया कि पर्याप्त हरा एवं सूखा चारा है। गौशाला के प्रधान भगत सिंह ने जहां पहले जमकर गौशाला को दान भी दिया है तथा गायों की स्वयं देखरेख करने लगे हैं।
उल्लेखनीय है कि कनीना में चल रही गौशाला में गौशाला प्रधान भगत सिंह यादव व उनकी टीम तथा क्षेत्र वासियों की कड़ी मेहनत के कारण श्रीकृष्ण गौशाला कनीना दिन दुगनी रात चौगुनी उन्नति कर रही है। जिसके कारण गौशाला में हजारों गायों की सेवा उनके द्वारा की जा रही है। इसी कड़ी में गौशाला प्रधान भगत सिंह यादव अपने सारे निजी कार्य को छोड़कर गौ सेवा में लगे हुए हैं तथा क्षेत्र के लोगों वह गौशाला में आने वाले को भक्तों को गायों की महिमा के बारे में बताते हैं और उनको गौ सेवा करने की प्रेरणा भी देते हैं। जिसके कारण
सैकड़ों गाये गोद लेने के लिए लोग घरों से चलकर आये हैं। न केवल कनीना अपितु आस पास के गांवों के लोग भी गौशाला में आकर गायों को गोद ले रहे हैं और दान दे रहे हैं। श्रीकृष्ण गौशाला कनीना के प्रधान भगत सिंह यादव ने बताया कि राज सिंह लंबे समय से गौशाला से जुड़े हुए हैं और समय-समय पर निरंतर सहयोग करते रहते हैं। उन्होंने बताया कि राज सिंह पहले भी चार गायों को गोद ले चुके हैं और गौसेवा को अपने जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा मानते हैं। उन्होंने कहा कि समाज में ऐसे प्रेरणादायी कदम दूसरों के लिए उदाहरण प्रस्तुत करते हैं और गौसेवा के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ाते हैं।
भगत सिंह ने कहा कि गायों की सेवा से सभी पाप मिट जाते हैं और पुण्य का भागी बन जाता है। इंसान को जरूर गायों की सेवा करनी चाहिए ताकि अपने जीवन में नाम कमा सके। उन्होंने कहा गायों की सेवा भगवान श्रीकृष्ण ने की थी इसलिए गोपाल कहलाए। आज भी ग्रामीण क्षेत्रों में गायों के प्रति फिर से वो लगाव उत्पन्न होने लगा है जो वर्षों पहले सिंर चढ़कर बोल रहा था। उन्होंने बताया कि कनीना श्रीकृष्ण गौशाला से करीब 500 गाए गोद ली जा चुकी है और भक्तों द्वारा दान दिया गया है। वहीं गौशाला में अमूल चूल परिवर्तन किये जा चुके हैं। आने वाले समय में श्रीकृष्ण गौशाला प्रदेश भर में नंबर वन होगी।
क्या कहते हैं
भगत सिंह-
जब तक मेरे दम में दम है मैं गायों की सेवा करता रहूंगा। चाहे लोगों के सामने मुझे झोली पसारनी पड़े तो भी मैं गायों की सेवा के लिए वैसा करने को तैयार हूं ताकि कनीना की गौशाला देश दुनिया में नाम कमाए।











No comments:
Post a Comment