दिव्यांगजन एवं वरिष्ठ नागरिक जनों के लिए चिन्हित शिविर आयोजित
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कनीना की आवाज। हरियाणा सरकार के निर्देश पर उपायुक्त एवं जिला रेड क्रॉस समिति के अध्यक्ष कैप्टन मनोज कुमार के मार्गदर्शन में आर्टिफिशियल लिम्ब्स मैन्युफैक्चरिंग कार्पोरेशन ऑफ इंडिया (एलिम्को) के सौजन्य से आज बीडीपीओ कार्यालय कनीना में दिव्यांगजनों एवं वरिष्ठ नागरिकजनों के लिए चिह्नित (एसेसमेंट) शिविरों का आयोजन किया।
जिला रेडक्रास सचिव बलवान सिंह ने बताया कि कनीना खण्ड विकास एवं पंचायत अधिकारी कार्यालय में आज 61 दिव्यांगजन एवं वरिष्ठ नागरिजनों का नाप तोल किया। इसी कड़ी में 23 दिसंबर को सरकारी अस्पताल महेन्द्रगढ में दिव्यांगजन एवं वरिष्ठ नागरिकजनों के लिए चिन्हित (एसेसमेंट) शिविर का आयोजन किया जाएगा।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का 3 दिवसीय प्रशिक्षण संपन्न
-प्राचार्य नरेश कौशिक ने किया संबोधित
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कनीना की आवाज। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा पढ़ाई भी पोषण भीथीम पर आयोजित तीन दिवसीय आंगनबाड़ी प्रशिक्षण शिविर का समापन कनीना मंडी स्थित लाला शिवलाल धर्मशाला में संपन्न हुआ। शिविर के समापन अवसर पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कनीना मंडी के प्राचार्य नरेश कुमार कौशिक ने कहा कि नई शिक्षा नीति में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। बच्चे की बुनियादी शिक्षा की नींव आंगनबाड़ी केंद्र से ही पड़ती है और यहीं से उसका शैक्षिक जीवन आरंभ होता है। इसलिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को अपनी जिम्मेदारी को समझते हुए इसे व्यापक रूप में आत्मसात करना होगा।
इस अवसर पर सर्कल सुपरवाइजर मनीषा यादव ने बताया कि प्रशिक्षण शिविर में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को नए मानदंडों के अनुसार बच्चों के ज्ञानवर्धन, निर्धारित प्रपत्रों पर रिपोर्ट तैयार करने तथा सरकार द्वारा संचालित योजनाओं को अक्षरश: लागू करने की विस्तृत जानकारी दी गई।
आंगनवाड़ी सुपरवाइजर पूजा खींची ने जानकारी देते हुए बताया कि इस प्रशिक्षण में लगभग 180 आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने दो बैचों में भाग लिया और प्रशिक्षण से लाभान्वित हुईं।
कार्यक्रम के नोडल अधिकारी अनूप सिंह ने कहा कि विभाग द्वारा बाल विकास से जुड़े अनेक प्रभावी कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। हरियाणा प्रदेश नई शिक्षा नीति लागू करने वाला देश का पहला राज्य है, जिसमें पढ़ाई भी पोषण भी योजना को प्रभावी ढंग से लागू किया जा रहा है। इसके लिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सुपरवाइजर तथा महिला एवं बाल विकास विभाग पूरी तरह तैयार है।
कार्यक्रम में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि नए परिवेश में उन्हें बेहतर कार्य करने के लिए जो अवसर मिला है, उसे वे पूरी निष्ठा से निभाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। इस अवसर पर सुपरवाइजर जग्गो देवी, ज्योति यादव, सुमन यादव सहित सभी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता उपस्थित रहीं।
फोटो कैप्शन 06: आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते नरेश प्राचार्य
विज्ञान प्रदर्शनी में रखे 16 विभिन्न माडल
-प्राचार्य नवोदय एवं उप प्राचार्य ने किया अवलोकन
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कनीना की आवाज। पीएमश्री जवाहर नवोदय विद्यालय करीरा महेंद्रगढ़ में पीएमश्री गतिविधि के तहत राष्ट्रीय आविष्कार अभियान तथा विज्ञान, गणित सर्कल के तत्वाधान में विद्यालय स्तरीय प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। इस विद्यालय स्तरीय प्रदर्शनी में पास के गांव करीरा के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय के प्राचार्य रामस्वरुप तथा विज्ञान शिक्षिका श्रीमती मोनिका यादव के नेतृत्व में विद्यार्थियों को भी आमंत्रित किया गया। राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय करीरा के प्राचार्य बीएम रावत तथा जवाहर नवोदय विद्यालय के उप-प्राचार्य धर्मेंद्र आर्य ने इस विज्ञान प्रदर्शनी का अवलोकन कर मूल्यांकन किया। विद्यार्थियों ने जिज्ञासा पूर्वक भाग लिया।
राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय करीरा के प्राचार्य ने भी इस तरह की प्रदर्शनी के आयोजन को विद्यार्थियों के अंदर विज्ञान के प्रति रुचि बढ़ाने के माध्यम बताया और विद्यार्थियों का हौसला बढ़ाया। इस प्रदर्शनी में गणित, विज्ञान, रसायन विज्ञान, जीव विज्ञान, भौतिक विज्ञान, कंप्यूटर विज्ञान आदि विषयों में बच्चों के द्वारा माडल बनाए गए।कनिष्ठ विज्ञान वर्ग में मितेश, प्रिंस, समीर, अनुज,गणित में ट्विंकल, वेदांशी, तरुण, यश, अमन, भौतिक विज्ञान में सपना,जिज्ञासा जीव विज्ञान में प्रीति, शिवम, रसायन विज्ञान में दिनेश, पंकज कंप्यूटर विज्ञान में शगुन, सविन, टेरेंस आदि के नेतृत्व में 16 माडल प्रदर्शित किए गए। इस प्रदर्शनी के आयोजन में विज्ञान सर्कल के को-आर्डिनेटर विनोद कुमार टीजीटी विज्ञान शिक्षक तथा गणित सर्कल के को-आर्डिनेटर लोकेश कुमार पीजीटी गणित, विक्रम सिंह , योगेश शर्मा, गोविंद नारायण सिंह पीजीटी कंप्यूटर साइंस तथा अन्य शिक्षक मौजूद रहे।
प्राचार्य बीएम रावत ने राजकीय विद्यालय करीरा के प्राचार्य ने विज्ञान शिक्षिका का स्वागत किया तथा पूरे विद्यालय स्टाफ का इस प्रदर्शनी के सफल आयोजन के लिए धन्यवाद दिया।
फोटो कैप्शन 08: विज्ञान प्रदर्शनी का अवलोकन करते हुए
चोर साहब के कारनामों के बाद अब कुतरूं प्राचार्य के काले कारनामे तथा
-ब्लैकमेलर शिक्षक दो कृतियों की कडिय़ां 14 जनवरी से
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कनीना की आवाज। डा.
होशियार सिंह यादव विश्व रिकार्डधारक पूर्व शिक्षक, लेखक, साहित्यकार एवं
पत्रकार ने जहां विगत दिनों चोर साहब के कारनामों पर 65 कडिय़ा प्रकाशित की
थी और वह पुस्तक पूरी होने के कारण प्रकाशन हेतु प्रेस में जा चुकी है।
लोगों ने चोर साहब के कारनामों को बहुत सराहा था। ऐसे में जितने भी पाठक
जुड़े रहे उन सभी का आभार। अब 14 जनवरी 2026 से 2 नई कृतियां प्रकाशन की
तैयारियां पूर्ण हो गई है।
पहली कृति का नाम होगा कतरूं प्राचार्य के
काले कारनामें । इस पुस्तक के विषय में मैं बताना चाहूंगा कि करीब 40 सालों
के शिक्षण में 35 विभिन्न प्राचार्यों से भेंट हुई। जिनमें एक कुतरूं
प्राचार्य भी मिला जो अय्याशी किस्म का था। उसके कारनामे देखे जाए तो बहुत
मशहूर है वह अपनी बेटी के समान शिक्षिकाओं पर भी बुरी नजर रखता था। जब तक
मैंने पढ़ाया तब तक उसकी बुरी नजर मशहूर रही थी। शिक्षिकाओं को अपने पास
घंटों बैठाए रखता था। जब मैं स्कूल से अन्यत्र चला गया तब भी उसने अपने
कारनामे जारी रखें। गांव के लोगों से क्या-क्या हाथ पैर जोड़ता था गिर
गिरता था लोग उसे कुतरूं कहते थे। इसलिए इस कृति का नाम कुतरूं प्राचार्य
के काले कारनामे रखा है। जिसकी प्रथम कड़ी 14 जनवरी 2026 को कनीना की आवाज
ब्लाग में डाली जाएगी।
दूसरी कृति ब्लैकमेलर शिक्षक होगी। डा. होशियार
सिंह पूर्व विज्ञान शिक्षक के संपर्क में आया था। 40 सालों की शिक्षण अवधि
में एक ऐसा शिक्षक भी मिला जिसे शिक्षक कहते हुए शिक्षक कहते हुए शर्म आती
है। जिसको न हिंदी आती, ना अंग्रेजी आती, ना संस्कृत आती, न ही उर्दू आती,
न फारसी आती ना आने कोई भाषा का ज्ञान था। वह बहुत मशहूर रहा है। परंतु
चापलूसी में अग्रणी पंक्ति में रहा है। किसी के पैर पकड़ लेना, किसी के आगे
हाथ जोड़कर गिड़गिड़ा लेना और यहां तक की उसे अगर थोड़ा सा धमका दे तो तो
वह पीछे हट जाता था। उसकी सबसे बड़ी विशेषता थी रही है कि सभी को ब्लैकमेल
करने पर तुला रहता था। किसी को नौकरी लगाना, किसी को किसी केस से बरी
करवाना, किसी को कोई लोन दिलवाना, किसी का अन्य कोई काम करवाने के आश्वासन
देने में मशहूर रहा है। यहां तक की उसकी अनेकों ब्लैकमेलिंग की घटनाएं
सामने आई हैं। सबसे बड़ी विशेषता यह थी कि वह ऐसे लोगों को अपनी नजदीक रखता
है जो रंडी जैसे गुण रखते हैं। इस शिक्षक के कारनामे तो बहुत अधिक सामने आ
गए हैं और पास में रख लिए हैं। अब सोचा कि क्यों नहीं एक के बाद एक कड़ी
डालता रहूं। किसी ने कहा कि उनकी नौकरी हट जाएगी, आपके पास सारे प्रमाण है
तो मैं उनसे साफ कह दिया कि चाहे मेरा कोई दुश्मन की है तो उसे नौकरी नहीं
हटवाना चाहूंगा। चूंकि नौकरी किसी को देना सीखना चाहिए ,हटवाना नहीं। हां
उसके जो ब्लैकमेलिंग के कारनामे हैं वे जरूर प्रकाशित करूंगा। यह भी सोच
लिया जो भी राक्षस प्रवृत्ति के लोग मेरे जीवन में मेरे विरुद्ध खड़े थे
उनके कारनामे सभी के सामने लाये जाएंगे। जान आनी जानी होती है। एक न एक दिन
सभी को जाना होता है। अब उनसे पूरे जोश के साथ लड़ा जाएगा क्योंकि सच्चाई
बहुत कड़वी होती है, बहुत दर्द देती है और कलम की मार तो सबसे बुरी होती
है। इसलिए अब कलम की मार की जाएगी ताकि लोग उनके कारनामों से परिचित हो
सके। आशा है सभी पाठकवृंद का साथ यूं ही बना रहेगा।
राष्ट्रीय गणित दिवस पर बीआर स्कूल सेहलंग में गणित क्विज प्रतियोगिता का आयोजन
-बीआर आदर्श सीनियर सेकेंडरी स्कूल में आयोजित हुई प्रतियोगिता
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कनीना की आवाज। राष्ट्रीय गणित दिवस के अवसर पर सेहलंग स्थित बीआर आदर्श सीनियर सेकेंडरी स्कूल में विद्यार्थियों में गणित के प्रति रुचि विकसित करने के उद्देश्य से गणित क्विज प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत विद्यालय के चेयरमैन हरिश भारद्वाज एवं प्रधानाचार्या ज्योति भारद्वाज द्वारा मां सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलित कर की गई।
विद्यालय में आयोजित गणित क्विज प्रतियोगिता को दो विंगों में विभाजित किया गया। प्राइमरी विंग में कक्षा तीसरी से पांचवीं तक के विद्यार्थियों ने भाग लिया जबकि मिडिल विंग में कक्षा छठी से आठवीं तक के विद्यार्थियों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता को पांच रोचक राउंडों में आयोजित किया गया जिसमें मेंटल मैथ राउंड, पज़ल राउंड, पिक्चर राउंड, बजर राउंड तथा रैपिड फायर राउंड शामिल रहे। सभी राउंड विद्यार्थियों के ज्ञान, तर्कशक्ति एवं मानसिक क्षमता को परखने वाले रहे।
इस प्रतियोगिता में प्रधानाचार्या ज्योति भारद्वाज एवं प्राथमिक विंग इंचार्ज कल्पना तंवर ने निर्णायक की भूमिका निभाई। कार्यक्रम का सफल मंच संचालन रेणु एवं सुमन द्वारा किया गया। विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह एवं आत्मविश्वास के साथ प्रतियोगिता में भाग लिया और अपनी गणितीय समझ का प्रभावशाली प्रदर्शन किया।
मिडिल विंग में कक्षा छठी से लिपिका बाघोत, कक्षा सातवीं से महक स्याना, हिमांशु सेहलंग, कक्षा आठवीं से गौरव पोता तथा अंकिता पोता ने श्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए विजेता रहे । वहीं प्राइमरी विंग में कक्षा तीसरी से भाव्या सेहलंग, कक्षा चौथी से दिव्यांशी पोता एवं सिद्धांत खेड़ी तथा कक्षा पांचवीं से हेमंत बवाना एवं सोनम पोता विजेता रहे।
इस अवसर पर प्रधानाचार्या ज्योति भारद्वाज ने कहा कि गणित केवल अंकों का विषय नहीं है बल्कि यह बच्चों में तार्किक सोच, समस्या समाधान की क्षमता और आत्मविश्वास विकसित करता है। इस प्रकार की प्रतियोगिताएं विद्यार्थियों को पढ़ाई के प्रति रुचि बढ़ाने के साथ-साथ प्रतिस्पर्धी बनने में भी सहायता करती हैं। विद्यालय के चेयरमैन हरिश भारद्वाज ने अपने संबोधन में कहा कि राष्ट्रीय गणित दिवस का उद्देश्य विद्यार्थियों को गणित के महत्व से परिचित कराना है और ऐसे शैक्षणिक कार्यक्रम बच्चों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
कार्यक्रम के अंत में सभी विजेता विद्यार्थियों को विद्यालय परिवार की ओर से सम्मानित किया गया तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई।
फोटो कैप्शन 07: विजेता विद्यार्थियों को सम्मानित करती प्रिंसिपल ज्योति भारद्वाज ।
दिन के समय बिजली देने की मांग
-सर्दी में रात के वक्त काम करना कठिन
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कनीना की आवाज। बसपा के नेता प्रमुख समाजसेवी अतरलाल एडवोकेट ने हरियाणा सरकार से कृषि क्षेत्र को दिन में बिजली देने की मांग की है।
अतरलाल ने गांव कपूरी व रामबास में किसानों से मिलने के बाद यह मांग उठाई है। किसानों ने बताया कि क्षेत्र में लगातार पड़ रही कड़ाके की ठंड व धुंध कोहरे के कारण कृषि कार्य प्रभावित हो रहा है। रात में फव्वारों की लाइनें बदलने में किसानों को भयंकर परेशानी उठानी पड़ रही है। किसान बीमार हो रहे हैं। इस दौरान किसानों ने अघोषित बिजली कटौती के कारण किसानों को पूरी बिजली न मिलने की भी शिकायत की। उन्होंने कहा कि सरकार ने आठ घंटे कृषि क्षेत्र को बिजली देने का शेड्यूल घोषित किया हुआ है परन्तु अघोषित बिजली कटौती के कारण आधी अधूरी बिजली मिल रही है। उन्होंने कहा कि अब फसलों को सिंचाई की ज्यादा जरूरत है। इसलिए कृषि क्षेत्र को 12 घंटे दिन में बिजली उपलब्ध करवानी चाहिए। अतरलाल ने किसानों की मांग को जायज बताया। इस अवसर पर भाग सिंह चेयरमैन, सतबीर जांगड़ा, पूर्व सरपंच गुमान सिंह, सतीश नम्बरदार, राजेन्द्र नम्बरदार, विजय कुमार, राकेश यादव, राज पंच आदि अनेक किसान मौजूद रहे।
दूसरे दिन भी दोपहर तक चली धुंध, पूरी रात पड़ी धुंध
--अल्प समय साफ रहता है मौसम
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कनीना की आवाज। कनीना क्षेत्र में विगत दो दिनों से धुंध पडऩे व बाद में कड़ाके की ठंड पड़ रही है। रविवार से धुंध पड़ती आ रही है जो थोड़े समय बंद होती है। कनीना कस्बे में जहां पहले पाला भी जमा था, बाद में 2 दिन धुंध पड़ी तत्पश्चात फिर से मौसम साफ चला और अब फिर धुंध पडऩे लगी है।
उल्लेखनीय है कि कनीना क्षेत्र में 20,000 हेक्टेयर पर सरसों तो 8,000 हेक्टेयर पर गेहूं की फसल उगाई गई है जिसके लिए सर्दी की जरूरत होती है। अभी इतनी सर्दी भी नहीं पड़ रही है जिससे फसल को कोई नुकसान हो। यह सर्दी फसलों के लिए लाभदायक साबित होगी।
किसान योगेश कुमार, कृष्ण कुमार, अजीत कुमार, सूबे सिंह, रोहित कुमार आदि ने बताया कि सर्दी पडऩे से ही सरसों और गेहूं के फसल में आब आ जाती है लेकिन अधिक समय तक मौसम खराब रहने से फसलों को नुकसान हो सकता है। अभी तक ऐसी हालत नहीं बनी है कि फसलों को कोई नुकसान हो।
फोटो कैप्शन 05: कनीना में धुंध का नजारा
संत लालगिरी का मेला 1 जनवरी को
-होंगी इनामी प्रतियोगिताएं
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कनीना की आवाज। संत लाल गिरी महाराज की 50वीं पावन स्मृति में 1 जनवरी 2026 को कनीना में विभिन्न खेलकूद प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा। विस्तृत जानकारी देते हुए लालगिरी कमेटी के सदस्य मोहन पार्षद ने बताया कि सर्कल कबड्डी में प्रथम 61,000 दूसरा 31 हजार तो तीसरा 21 हजार का होगा। 22वें नंबर तक रहने वाली टीमों को कुछ ना कुछ नकद इनाम दिया जाएगा। वही लड़के और लड़कियों की 100 मीटर, 400 मीटर 1600 मी की दौड़ आयोजित होगी जिसमें प्रथम को 2100 रुपये, द्वितीय 1100 और तृतीय को 700 का इनाम दिया जाएगा। सर्कल कबड्डी महिलाओं की प्रथम 7100 द्वितीय 5100 तथा 3100 रुपए का इनाम दिया जाएगा। बुजुर्गों की दौड़ भी आयोजित होगी जिसमें क्रमश: 2100, 1100 और 700 रुपये प्रथम, द्वितीय और तृतीया इनाम दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि भंडारे का विशेष प्रबंध होगा। वहीं रैडर और कैचर को भी 5100- 5100 रुपए दिए जाएंगे। इस मौके पर मुख्य अतिथि के रूप में एडवोकेट विनय यादव, राकेश यादव, हरीश कनीनवाल, ठाकुर अतरलाल, सुमित यादव सरपंच प्रमुख होंगे। 31 दिसंबर की रात को जागरण भी आयोजित होगा।
अगिहार स्कूल में आयोजित हुआ गणित दिवस
-क्विज में अव्वल को किया पुरस्कृत
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कनीना की आवाज। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय अगिहार में सोमवार को राष्टीय गणित दिवस का आयोजन किया गया इस अवसर पर गणित के महान विद्वान श्रीनिवास रामानुजन अयंगर को उनके जन्मदिन पर श्रद्धा सुमन अर्पित किए गए। कार्यक्रम की अध्यक्षता विद्यालय की प्राचार्या पूनम यादव ने की।
इस अवसर पर विद्यालय में गणित के प्रवक्ता अजय कुमार बंसल ने विद्यार्थियों को महान गणितज्ञ श्रीनिवास रामानुजन अयंगर की विद्ववता तथा उनके कार्यों के बारे में विस्तृत प्रकाश डाला तथा गणित के क्षेत्र में उनके योगदान को याद किया। विद्यालय के छात्र जतिन, अर्चना, नव्या,तथा नरगिस ने भी महान गणितज्ञ के जीवन पर अपने विचार प्रकट किए, कक्षा 12वीं के छात्र जितेंद्र ने स्कोरर की भूमिका अदा की। इस अवसर पर गणित विषय पर एक प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता भी आयोजित की गई जिसमें पांच टीमों ने भाग लिया कार्यक्रम के समापन पर विद्यार्थियों को पुरस्कृत भी किया गया। इस अवसर पर विद्यालय के प्रवक्ता मदन मोहन कौशिक, राजेंद्र कटारिया,निशा जांगड़ा, धर्मेंद्र डीपीई, पूनम कुमारी, शशि कुमारी,राकेश कुमार मुख्य शिक्षक रतनलाल,सुरेंद्र कुमार,तथा प्रमोद कुमार सहित विद्यालय के समस्त स्टाफ एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।
फोटो कैप्शन 04: अगिहार में गणित दिवस मनाते हुए
किसान दिवस 23 दिसंबर
- वैज्ञानिक ढंग से कृषि करता है आधुनिक किसान
-बढ़ा है आर्गेनिक खेती की ओर रुझान
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कनीना की आवाज।धरती का सीना चीरकर अन्न पैदा करके धरा के इंसान का पेट पालने वाला किसान अब पुरानी परंपरागत कृषि पद्धतियों से मुक्त होकर नई कृषि पद्धतियों का सहारा लेकर कृषि करने लगा है। हल से लेकर बैल गाड़ी तक को ही बदल लिया है। कृषि करने की आधुनिक तकनीकों से लेस होकर कृषि करने लगा है।
एक जमाने में देशी एवं लकड़ी का हल ही काम में लेता था। वह हल को खिंचने के लिए वह दो बैलों की जोड़ी प्रयोग में लाता था। बाद में बेहतर हल आ जाने से किसान ने लोहे का बेहतर हल प्रयोग करना तत्पश्चात ट्रैक्टर का प्रयोग करना सीख लिया। किसान की आवश्यकताएं बढ़ी और उसने फिर फसल पैदावार बढ़ाने की ओर ध्यान देना शुरू किया। जहां खेतों में गोबर का खाद की जगह रासायनिक खाद प्रयोग करने लग गया। फसल चक्रण विधि से आधुनिक कृषि पद्धतियों का सहारा लेना शुरू कर दिया। किसान के खेत में पैदावार पहले से दोगुनी होने लगी। आज खेत में किसान के पास पैदावार बढ़कर दो गुना से भी अधिक हो चुकी है।
उसका ध्यान आधुनिक कृषि की ओर गया। आधुनिक कृषि में जहां नकदी फसलों की मांग बढ़ी तो उसने नकदी फसल उगानी शुरू कर दी और जब परंपरागत कृषि के स्थान पर दूसरी फसलों की मांग बढ़ी तो पीछे नहीं हटा। किसान ने अपने खेत में सब्जी उगाने तत्पश्चात आर्गेनिक कृषि करना ही शुरू कर दिया। यही कारण है कि जिन खेतों में धान उगाना कठिन है वहां पर भी धान उगा डाली। किसान किसी वक्त गेहूं, जौ, ज्वार, मक्का एवं चने के अलावा दलहन जाति की फसलें अधिक उगाता आ रहा था किंतु अब तो किसान ने उन फसलों के स्थान पर सरसों, मटर,ग्वार, मूंगफली, सरसों की फसल अधिक उपजाना शुरू कर दिया है। अब तो मिश्रित फसल पर पहुंच गया है।
किसान कृषि कार्यक्रमों से जानकारी लेता हुआ अपने खेत पर नए-नए प्रयोग करने में लगा रहता है। यही कारण है कि किसान ने सभी आधुनिक कृषि यंत्रों से लेकर उन्नत किस्म के बीज तक प्रयोग करने लगा है। किसान आधुनिक कृषि के साथ-साथ आधुनिक यंत्रों का उपयोग भी करता आ रहा है। किसान ने आधुनिक कृषि करके बेहतर आय प्राप्त हुई है।
क्या कहते हैं किसान एवं कृषि अधिकारी -
भरपूर सिंह का कहना है कि उनका रुझान फल पैदा करने की ओर हैं। अपने खेत में नींबू, संतरा, किन्नू उगा रखे हैं तथा नींबू की बेहतर पैदावार मिली है। लेकिन बाजार में नींबू आदि सस्ते दामों पर बिकता है। इस फल को आवारा जंतु नहीं खाते। परंपरागत खेती की तुलना में यह अधिक लाभप्रद है।
गजराज सिंह मोड़ी जिन्होंने आर्गेनिक सब्जियों के साथ साथ आर्गेनिक गेहूं उगाते आये है। वे कुछ वर्षों से इस काम में लगे हुये हैं। उनका कहना है कि वे फसलों पर किसी प्रकार की दवा का छिड़काव नहीं करते तथा अपनी सेहत का ध्यान रखते हैं। इसलिए उनकी सब्जी की अधिक मांग है। वे बागवानी की ओर भी ध्यान दे रहे हैं।
सूबे सिंह कनीना के एक ऐसे किसान है जो लंबे समय से आर्गेनिक खेती कर रहे हैं। इन्होंने आर्गेनिक खेती के साथ-साथ देसी फल, सब्जियां उगाने में भी नाम कमाया है। इनका कहना है कि परंपरागत खेती करते करते थक चुके हैं, अब बदलाव की जरूरत है। ऐसे बदलाव करके उन्होंने न केवल अच्छा मुनाफा भी कमाया है अपितु वे चाहते कि सभी किसान आर्गेनिक खेती की ओर ध्यान दें।
महावीर सिंह करीरा किसान एकमात्र ऐसे किसान है जिन्होंने कृषि के साथ-साथ बागवानी और बागवानी पर आधारित विभिन्न प्रकार के खाद्य पदार्थ जैसे आचार, मुरब्बा, बाजरे के बिस्कुट, बेर की कैंडी, आंवला के लड्डू आदि बनाए हैं।
उन्होंने बताया कि इस प्रकार के काम से बेहद खुश हैं तथा अच्छी खासी आय हुई है। अपने खेत से फल सब्जियां उगाकर उनसे विभिन्न उपयोगी पदार्थ बना रहे हैं। प्रगतिशील किसान एवं सरकार द्वारा सम्मानित महाबीर सिंह का कहना है कि किसानों को बागवानी की ओर भी ध्यान देना चाहिए।
कृषि सलाहकार डा देवराज यादव का कहना है कि आपके साथ जागरूक हो गया है। परंपरागत खेती करते-करते किसान का मन ऊबने लगा तो आजकल बागवानी एवं सब्जी उगाना तथा और फल सब्जियों की ओर ध्यान गया है। अब तो फूलों की भी खेती करता है। इस प्रकार जहां कैश क्राप से बेहतर नाम कमा रहा है। उन्होंने कहा कि आधुनिक किसान वास्तव में अपनी सेहत का ध्यान देता है जिसके चलते आर्गेनिक खेती की ओर ध्यान दे रहा है। निसंदेह उनका भविष्य उज्ज्वल बनता जा रहा है। परंपरागत खेती की बजाया आधुनिक खेती तथा आधुनिक यंत्रों से खेती करता है।
फोटो कैप्शन: भरपूर सिंह, गजराज सिंह मोड़ी, महावीर करीरा, सूबे सिंह कनीना।





















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