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Thursday, December 25, 2025



 

किचन गार्डन से प्राप्त कर रहे हैं बेहतर सब्जियां
-बाबूलाल ले रहे हैं सब्जियां उगाने में रुचि
-घरों में महिलाओं का रुझान बढ़ा
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कनीना की आवाज।
यूं तो सरकार किचन गार्डन पर जोर दे रही है ताकि महिलाएं अपने अपने घरों में सब्जी उगाकर घर का बजट कम कर सके। सरकारी स्कूलों में भी किचन गार्डन पर जोर दिया जाता है ताकि हरी सब्जियां बच्चों के मिड डे मील में डाली जा सके।
  किचन गार्डन जहां घर का बजट कम कर रहा है वहीं बिना कीटनाशक एवं उर्वरकों की सब्जी खाने को मिल रही है।  शहरों एवं गांवों में घर में सब्जी उगाने के लिए विगत वर्ष भी उद्यान विभाग द्वारा बीजों के किट वितरित किए थे तथा ये किट एससी परिवारों के लिए ही थे। परंतु आज गृहणि एवं लोगों का ध्यान बिना उर्वरक एवं रासायनिक खाद डाले देसी खाद डालकर अपने घर में ही किचन गार्डन बनाने की ओर जा रहा है जहां हरी पत्तेवाली सब्जी, बेल वाली सब्जियां उगाकर घर का बजट कम किया जा रहा है।  
  इस कार्य मेें न केवल महिलाएं ही अपितु पुरुष भी अग्रणी हैं। घरों में थोड़ी बहुत जगह पर सब्जी तथा गमलों में हरी पत्तेदार सब्जियां उगाने की परंपरा बढ़ती ही जा रही है। कनीना के रविंद्र कुमार, भीम सिंह, आशा यादव, सूबे सिंह, अजीत कुमार कनीना तथा रोहित कुमार आदि ने किचन गार्डन बना रखे हैं जहां कई प्रकार की सब्जियों हर मौसम में उपलब्ध हो जाती हैं।
  उन्होंने बताया कि जब कभी कोई मेहमान आ जाता है तो उसे ताजी सब्जी ताड़कर बनाकर दी जा सकती हैं। एक ओर जहां बाजार में मिलने वाली सब्जियां महंगी होती हैं वहीं जहरीली होने के कारण बेहतर नहीं लगती हैं। उनका कहना है कि हर गृहणि को इस कार्य को आगे बढ़ाना चाहिए ताकि घर का बजट कम हो सके।
रवींद्र कुमार, भीम सिंह, एवं आशा यादव ने बताया कि एक दिन वे बाजार से सब्जी लेकर आए तो बनाकर खाने में अच्छा आनंद नहीं आया तो उन्होंने सोचा क्यों न ताजा सब्जी उगाकर खाई जाए और झटपट सब्जी उगाने का काम शुरू हो गया।  वे अपने साथियों को भी सब्जी उगाने पर बल दे रहे हैं।
क्या कहते हैं बाबूलाल करीरा-
कनीना के राजकीय उच्च विद्यालय कनीना में कार्यरत बाबूलाल करीरा किचन गार्डन में अधिक रुचि रखते हैं और अति कर्मठ इंसान हैं। वे स्कूल में बच्चों के दोपहर भोजन के लिए किचन गार्डन हर वर्ष तैयार करते हैं। इस वक्त उनके किचन गार्डन में पालक, मेथी, मूली, गाजर, चुकंदर, मिर्च एवं बैंगन के पौधे उगाए हुए हैं। आवश्यकता पडऩे पर स्कूल के भोजन में हरी सब्जी शामिल की जाती है। मुख्याध्यापक बाबूलाल के कर्मठ होने पर गर्व महसूस कर रहे हैं।
फोटो कैप्शन 07: स्कूल के कीचन गार्डन से दोपहर भोजन योजना के लिए पालक तोड़ते हुए




रविंद्रगढ़ ट्राफी- 2025 का सफल आयोजन
-रवि चौहान के घोड़े का शानदार रहा प्रदर्शन
 -कनीना निवासी अंकुर यादव अपने हाथों से प्रदान की ट्राफी
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कनीना की आवाज। दिल्ली रेस क्लब, लोक कल्याण मार्ग में आयोजित रविंद्रगढ़ ट्राफी 2025 के तहत घुड़दौड़ प्रतियोगिताओं का  सफल आयोजन किया गया। इस प्रतियोगिता में कुल 6 रेस आयोजित की गई जिसमें देश भर से आए घुउ़दौड़ प्रेमियों और अतिथियों ने उत्साह पूर्वक भाग लिया।
 रेसों के दौरान रविंद्रगढ़ के प्रसिद्ध स्टड आनर एवं आयोजक रवि चौहान के घोड़े ने शानदार प्रदर्शन किया। आयोजित 6 रेसों में से तीन रेसों में रवि चौहान के घोड़े ने भाग लिया। जिनमें दो रेसों में उनके घोड़ों ने प्रथम स्थान प्राप्त किया।  इस शानदार प्रदर्शन से आयोजन स्थल पर दर्शन को और घुड़दौड़ प्रेमियों में विशेष उत्साह देखने को मिला। इस अवसर पर देश के विभिन्न राज्यों से आए प्रतिष्ठित जनप्रतिनिधियों ने मुख्य अतिथि के रूप में कार्यक्रम में भाग लिया। मुख्य अतिथि के रूप में बृजभूषण शरण सिंह, पूर्व सांसद एवं पूर्व अध्यक्ष भारतीय कुश्ती महासंघ्,ा बलवंत सिंह मंकोटिया विधायक जम्मू कश्मीर ,रविंद्र सिंह भाटी विधायक शिव बाड़मेर, राजस्थान आदि उपस्थित रहे। मुख्य अतिथियों ने विजेता घोड़े के मालिकों प्रशिक्षकों आदि को ट्राफी प्रदान कर सम्मानित किया और आयोजन के लिए आयोजन आयोजकों को शुभकामनाएं दी। अतिथियों ने कहा कि इस प्रकार के आयोजन भारतीय घुड़दौड़ खेल को बढ़ावा देने और इसकी प्रतिष्ठा को मजबूत करने महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
 उल्लेखनीय की रवि चौहान रेवाड़ी के गोठड़ा फार्म के मालिक है तथा उनके घोड़ों की जीत पर कनीना निवासी अंकुर यादव कनीनवाल ने घुड़दौड़ सवार को ट्राफी प्रदान की। साथ में संजय राव कनीना भी उपस्थित रहे।
 फोटो कैप्शन 05: अंकुर कनीनावाल ट्राफी प्रदान करते हुए


गुरुवार को पड़ी कड़ाके की ठंड , रात को पड़ती है धुंध
-पार्कों में टहलना हुआ कम
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कनीना की आवाज।
कनीना क्षेत्र में ठंड बढऩे से लोग दिनभर आग सेेकते देखे गए।  ऊनी कपड़ों में लिपटे देखे गए। किसान बूंदाबांदी की आस लगाए बैठे हुए हैं किंतु इस सर्दी के मौसम में अभी तक कोई बूंदाबांदी नहीं हुई है। पैल पल मौसम बदल रहा है। कभी पाला जमता है तो कभी कोहरा पड़ता है। दिन में धूप खिलती है। शिक्षक स्कूलों का समय बदलने की मांग करने लगे हैं।
 उधर ठंड के चलते जहां सड़कों पर तथा गलियों में कम लोग घूमते नजर आए किंतु ठंड खड़ी सरसों और गेहूं की फसल के लिए लाभप्रद बताई जा रही है। यदि लगातार ठंड बढ़ी तो आने वाले समय में बेहतर पैदावार होने की संभावना है। इस बार किसानों ने विगत वर्ष के बराबर ही सरसों फसल उगाई है वहीं गेहूं की फसल विगत वर्ष की तुलना में करीब बराबर भूभाग पर है। किसान अब बारिश का इंतजार कर रहे ताकि खेतों में पानी की पूर्ति हो सके। दिन भर लोग ऊनी कपड़ों में लिपटे एवं घरों में दुबके नजर आए। किसान सूबे सिंह,अजीत, दिनेश, महेश ,सुरेश राजेंद्र आदि ने बताया कि ठंड फसलों के लिए बहुत लाभप्रद साबित होगी। उधर शिक्षकों और अभिभावकों सुरेश, महेश, कुलदीप, दिनेश आदि ने मांग की है कि स्कूलों का समय बदल दिया जाए ताकि विद्यार्थी और शिक्षक समय पर पहुंच सके।
  गुरुवार को मौसम साफ रहा किंतु कड़ाके की ठंड पड़ी तथा हल्का पाला भी जमा। दिनभर सूर्य चमकता रहा किंतु ठंडी हवाएं चली।
फोटो कैप्शन 06: आग सेकते लोग।

चोर साहब के कारनामों के बाद अब कुतरूं प्राचार्य के काले कारनामे तथा ब्लैकमेलर शिक्षक-
-दो कृतियों की कडिय़ां प्रसारित होगी 14 जनवरी से, पढ़ते रहे कनीना की आवाज
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कनीना की आवाज।
डा. होशियार सिंह यादव विश्व रिकार्डधारक पूर्व शिक्षक, लेखक, साहित्यकार एवं पत्रकार ने जहां विगत दिनों चोर साहब के कारनामों पर 65 कडिय़ां प्रकाशित की थी और वह पुस्तक पूरी होने के कारण प्रकाशन हेतु प्रेस में जा चुकी है। लोगों ने चोर साहब के कारनामों को बहुत सराहा था। ऐसे में जितने भी पाठक जुड़े रहे उन सभी का आभार। अब 14 जनवरी 2026 से 2 नई कृतियां प्रकाशन की तैयारियां पूर्ण हो गई है।
 पहली कृति का नाम होगा कतरूं प्राचार्य के काले कारनामे । इस पुस्तक के विषय में मैं बताना चाहूंगा कि करीब 40 सालों के शिक्षण में 35 विभिन्न प्राचार्यों से भेंट हुई। जिनमें एक कुतरूं प्राचार्य भी मिला जो अय्याशी किस्म का था। उसके कारनामे देखे जाए तो बहुत मशहूर हैं वह अपनी बेटी के समान शिक्षिकाओं पर भी बुरी नजर रखता था। जब तक मैंने पढ़ाया तब तक उसकी बुरी नजर मशहूर रही थी। शिक्षिकाओं को अपने पास घंटों बैठाए रखता था। जब मैं स्कूल से अन्यत्र चला गया तब भी उसने अपने कारनामे जारी रखें। गांव के लोगों के सामने हाथ पैर जोड़ता था गिड़गिड़ाता था, लोग उसे कुतरूं कहते थे। इसलिए इस कृति का नाम कुतरूं प्राचार्य के काले कारनामे रखा है। जिसकी प्रथम कड़ी 14 जनवरी 2026 को कनीना की आवाज ब्लाग में प्रकाशित की जाएगी।
 दूसरी कृति ब्लैकमेलर शिक्षक होगी। डा. होशियार सिंह पूर्व विज्ञान शिक्षक के संपर्क में आया था।  40 सालों की शिक्षण अवधि में यह एक ऐसा शिक्षक भी मिला जिसे शिक्षक कहते हुए शिक्षक कहते हुए शर्म आती है। जिसको न हिंदी आती, ना अंग्रेजी आती, ना संस्कृत आती, न ही उर्दू आती, न फारसी आती ना आने कोई भाषा का ज्ञान था। परंतु चापलूसी में पीएचडी था। वह बहुत मशहूर रहा है। परंतु चापलूसी में अग्रणी पंक्ति में रहा है। किसी के पैर पकड़ लेना, किसी के आगे हाथ जोड़कर गिड़गिड़ा लेना और यहां तक की उसे अगर थोड़ा सा धमका दे तो तो वह पीछे हट जाता था। उसकी सबसे बड़ी विशेषता थी रही है कि सभी को ब्लैकमेल करने पर तुला रहता था। किसी को नौकरी लगाना, किसी को किसी केस से बरी करवाना, किसी को कोई लोन दिलवाना, किसी का अन्य कोई काम करवाने के आश्वासन देने में मशहूर रहा है। यहां तक की उसकी अनेकों ब्लैकमेलिंग की घटनाएं  सामने आई हैं। सबसे बड़ी विशेषता यह थी कि वह ऐसे लोगों को अपनी नजदीक रखता है जो रंडी जैसे गुण रखते हैं। इस शिक्षक के कारनामे तो बहुत अधिक सामने आ गए हैं और पास में रख लिए हैं। अब सोचा कि क्यों नहीं  एक के बाद एक कड़ी डालता रहूं। किसी ने कहा कि उनकी नौकरी हट जाएगी, आपके पास सारे प्रमाण है तो मैं उनसे साफ कह दिया कि चाहे मेरा कोई दुश्मन भी है तो उसे नौकरी नहीं हटवाना चाहूंगा। चूंकि नौकरी किसी को देना सीखना चाहिए ,हटवाना नहीं। हां उसके जो ब्लैकमेलिंग के कारनामे हैं वे जरूर प्रकाशित करूंगा। यह भी सोच लिया  जो भी राक्षस प्रवृत्ति के लोग मेरे जीवन में मेरे विरुद्ध खड़े थे उनके कारनामे सभी के सामने लाये जाएंगे। जान आनी जानी होती है। एक न एक दिन सभी को जाना होता है। अब उनसे पूरे जोश के साथ लड़ा जाएगा क्योंकि सच्चाई बहुत कड़वी होती है, बहुत दर्द देती है और कलम की मार तो सबसे बुरी होती है। इसलिए अब कलम की मार की जाएगी ताकि लोग उनके कारनामों से परिचित हो सके। आशा है सभी पाठकवृंद का साथ यूं ही बना रहेगा।



ककराला में बाबा भैया लाइब्रेरी का उद्घाटन हुआ
--कुल 30 हैं सीटें
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कनीना की आवाज।
कनीना उपमंडल के गांव ककराला में समाजसेवी संस्था बीबीएसडी द्वारा बाबा भैया लाइब्रेरी का उद्घाटन किया गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि भगत सिंह प्रधान  कृष्ण गौशाला कनीना, विशिष्ट अतिथि डा. कर्मवीर प्रवक्ता रामबास,
सचिन शर्मा प्रवक्ता भौतिकी, बाल योगेश्वर प्रवक्ता इतिहास बहरामपुर रहे।
 कार्यक्रम का शुभारंभ रामेश्वर दयाल शास्त्री द्वारा किया गया और उसके बाद सभी अतिथियों ने दीप प्रज्वलित किए। इस आधुनिक लाइब्रेरी में अभी कुल 30 माडर्न सीट मौजूद हैं। जिसके लिए संस्था ने आनलाइन रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया आरंभ कर दी है।
भगत सिंह प्रधान ने कहा ये लाइब्रेरी आने वाले पीढ़ी के लिए बहुत बड़ा कदम साबित होगी। डा. कर्मवीर ने कहा ये लाइब्रेरी पूरे गांव समाज के लिए विशेष पहल है और इसमें ना केवल युवा बल्कि हरेक आयु वर्ग के लोग इसको अपना जीवन का हिस्सा बनाना चाहिए। सचिन शर्मा ने मोबाइल के सदुपयोग के लिए बताया और प्रदीप रामपुरा ने माडर्न डिजिटल सायबर स्कैम से जुड़ी जानकारी सबके साथ सांझा करते हुए उस पर भी जागरूकता कैंपेन चलाने को कहा।
एजुकेशन कार्डिनेटर राज सिंह ने बताया लाइब्रेरी में अब तक 25 युवा आवेदन कर चुके हैं, इस लाइब्रेरी के खुलने से आस पास के भडफ़़, कपूरी, रामबास, मोहनपुर, इसराना सहित कई गांवों के बच्चों को लाभ मिलेगा। इस लाइब्रेरी में 24 घंटे बिजली, उच्च गुणवत्ता और लंबी अध्ययन अवधि कुर्सियां और हरेक सीट पर फोकस लाइट, इंटरनेट, कंप्यूटर, बायोमेट्रिक कंट्रोल, सीसीटीवी कैमरे सुविधाएं, लड़कों और लड़कियों के लिए अलग अलग स्टडी सेक्शन बनाए गए हैं। इस मौके पर बच्चों ने देशभक्ति आयोजन किए, मधुर शर्मा ने देशभक्ति पर भाषण दिया और सभी बच्चों को मुख्य अतिथि द्वारा सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर अध्यक्ष ने लाइब्ररी मुहिम के अब तक के सभी सहयोगियों का धन्यवाद किया। उन्होंने बताया लाइब्रेरी मुहिम में ग्राम पंचायत ककराला ने भवन को नवनिर्मित किया। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय ने अपने ग्राउंड के दो कमरे ग्राम पंचायत को लाइब्रेरी के लिए दिए। इसके बाद अलग अलग अवसर पर ग्रामवासी सहयोग करते रहें हैं। इस अवसर पर ब्रह्मदेव मास्टर, पवन मोडी से, जयप्रकाश सोनी गाहडा, रवि ग्रीन प्लांट भडफ़़, रामचन्द्र मास्टर, कंवर सिंह नंबरदार, मास्टर रामेश्वर दयाल, बाबूलाल स्वामी, प्रवक्ता नरेश, राजकुमार नंबरदार, शांतिलाल नंबरदार, रघबीर, लाल सिंह चौकीदार, राय सिंह, कैप्टन बीरेंद्र यादव, देशराज, पूर्व कमेटी प्रधान कंवर सिंह, जयलाल, रामस्वरूप, चंदगीराम, रोतान साहब, डा.राजीव, मास्टर रामनिवास, उपप्रधान राजपाल यादव, पब्लिक रिलेशन कार्डिनेटर सुनील शर्मा, कोषाध्यक्ष अमित कुमार, ऑफिस एडमीन दिनेश सोनी, लाइब्रेरियन सोनम, कमला, राजबाला, कमलेश, बिमला, इंद्रावती, पर्यावरण कार्डिनेटर ओमप्रकाश, सचिव महेश, एजुकेशन कार्डिनेटर राजसिंह, बाबी, मास्टर गुलशन, यश शर्मा मौजूद रहे।
फोटो कैप्शन 03: वक्तओं को पुरस्कृत करते हुए।






पुण्यतिथि पर दिया 10 क्विंटल बाजरा
-खिलाया गायों को गुड़
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कनीना की आवाज।
 कनीना उपमंडल के गांव कोटिया निवासी बाबूलाल नंबरदार, अमरपाल, सुरेंद्र सिंह, सूबे सिंह ने मिलकर अपने पिता की पुण्यतिथि पर कनीना की श्रीकृष्ण गौशाला को 10 क्विंटल बाजार दिया। साथ में गोवंश को अपने हाथों से गुड़ खिलाया।
इस मौके पर प्रधान श्रीकृष्ण गौशाला भगत सिंह ने उनका अभिनंदन किया और कहा कि गायों को भोजन करने से संताप नष्ट हो जाते हैं, सुखों की प्राप्ति होती है।प्रधान भगत सिंह ने कहा कि गायों की सेवा सर्वश्रेष्ठ सेवा होती हे। हमें दिल खोलकर गायों की सेवा करनी चाहिए। भगत सिंह ने कहा कि गायों की सेवा से सभी पाप मिट जाते हैं और पुण्य का भागी बन जाता है। इंसान को जरूर गायों की सेवा करनी चाहिए ताकि अपने जीवन में नाम कमा सके। उन्होंने कहा गायों की सेवा भगवान श्रीकृष्ण ने की थी इसलिए गोपाल कहलाए। आज भी ग्रामीण क्षेत्रों में गायों के प्रति फिर से वो लगाव उत्पन्न होने लगा है जो वर्षों पहले सिर चढ़कर बोल रहा था। उन्होंने बताया कि कनीना श्रीकृष्ण गौशाला से करीब 500 गाए गोद ली जा चुकी है और भक्तों द्वारा दान दिया गया है। वहीं गौशाला में अमूल चूल परिवर्तन किये जा चुके हैं। आने वाले समय में श्रीकृष्ण गौशाला प्रदेश भर में नंबर वन होगी।
   उल्लेखनीय है कि समय समय पर कुछ ऐसे उदार लोग धरा पर आते हैं जो अपनी कर्मठता के चलते लोगों के दिलोदिमाग पर छा जाते हैं। ऐसी ही एक शख्सियत इस वक्त गौशाला के प्रधान बतौर भगत सिंह ने कार्यभार संभाल रखा है। कहते हैं कि जिसमें कुछ करने की तमन्ना हो वो कुछ नया करके ही दिखाते हैं। भगत सिंह ने गौशाला में आकर मूल चूल परिवर्तन कर दिखलाये हैं जो अपने आप में भागीरथ से कम नजर नहीं आते हैं।  इस समय श्रीकृष्ण गौशाला कनीना में 2500 गौवंश हैं। जिनके लिए गौशाला में व्यापक प्रबंध किये गये हैं। आज से छह माह पहले जो गौशाला रंग रही थी वो आज उड़ान भरने की कगार पर है। कभी गौशाला में लोग जाते हुए कतराते थे अब पूरे परिवार सहित खुशी खुशी जाकर दानपुण्य कर रहे हैं जिसके पीछे भगत सिंह नामक भागीरथ मिल गया है जो भागीरथी प्रयास कर गौशाला को आधुनिकतम की ओर ले जा रहे हैं।
 इस मौके पर नरेश कुमार यादव, नीलम उर्फ लिली, रामपाल, दिलावर सिंह, राम प्रताप मास्टर, डा. नीरज, प्रवीण मुनीम, अमीर सिंह, बलवान सिंह, कृष्ण प्रकाश आदि उपस्थित रहे।
फोटो कैप्शन 04: गायों के लिए बाजरा दान देते हुए बाबूलाल नंबरदार एवं अन्य



अच्छी राह पर चलने से होता है नाम
-विद्यार्थियों को बांटे कोट
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कनीना की आवाज।
ढ़ाब आश्रम गांव स्याणा से महाराज श्रद्धानंद ने राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, स्याणा के पहली कक्षा से 12वीं कक्षा तक के सभी बच्चों को कोट भेंट किये। जिसमें महाराज के साथ गांव से वासुदेव, सूबेदार वासुदेव जी, पूर्व प्राचार्य सत्यवीर डागर , गांव के सरपंच वीरपाल जी, पूर्व प्रवक्ता सोमदत्त , अशोक नंबरदार, गौतम, सोनू विद्यालय प्रांगण में आए व महाराज श्रद्धानंद ने बच्चों को संबोधित करते हुए बताया कि हमेशा अच्छी राह पर चलकर अपने माता-पिता गांव व देश का नाम रोशन करना और हमारी तरफ से किसी भी बच्चे को पुस्तकों की या ड्रेस की जब भी आवश्यकता हो तो मैं हमेशा आपके साथ रहूंगा।
 साथ में आए हुए पूर्व प्राचार्य सत्यवीर डागर ने भी बच्चों को मेहनत के साथ पढ़ाई करने को कहा कि पढ़ाई आपके हर कदम पर साथ देगी। पूर्व प्रवक्ता सोमदत्त ने भी अपने संबोधन में बच्चों को अपने माता-पिता व गुरु से अच्छा व्यवहार करने को कहा।  विद्यालय प्रांगण में मौजूद समस्त स्टाफ पवन कुमार, राजेश कुमार, सूरत सिंह, अशोक कुमार, हितेंद्र कुमार , गीता बाई , माया , बाबू हनुमान, एसएमसी प्रधान गजराज, दिनेश कुमार , सुनीता, प्रियंका, जगवंती , सुरेंद्र आदि सभी स्टाफ सदस्यों ने महाराज  व उनके साथ आए हुए समस्त ग्राम वासियों का विद्यालय प्रांगण में स्वागत किया।
विद्यालय प्राचार्य प्रवीण कुमार ने भी महाराज श्रद्धानंद  व सभी ग्राम वासियों को विश्वास दिलाया की हमारा पूरा स्टाफ बच्चों को जी जान से मेहनत के साथ पढ़ा रहा है और आगे भी पढ़ाता रहेगा। प्राचार्य ने बताया कि आप बस बच्चों को अपना आशीर्वाद देने के लिए विद्यालय में आते रहे। आने वाले समय में ये बच्चे आपके गांव का नाम रोशन अवश्य करेंगे। विद्यालय प्राचार्य ने आए हुए समस्त ग्राम वासियों व महाराज श्रद्धानंद का हृदय से आभार जताया।
फोटो कैप्शन 01: बच्चों को महाराज कोट वितरित करते हुए













मंदिर निर्मण के लिए दिये 51 हजार रुपये
-मंदिर कमेटी ने किया अभिनंदन
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कनीना की आवाज। बाबा मोलडऩाथ मंदिर निर्माण में दी 51000  और 11000 रुपए की सहयोग राशि दी। यह राशि वार्ड नंबर-10 निवासी नरेश कुमार ने 51000 की सहयोग राशि और सुरेंद्र कुमार वार्ड नंबर-1 ने 11000 रुपए की सहयोग राशि दी। इस मौके पर नरेश कुमार ने कहा कि इंसान को अपनी नेक कमाई में कुछ धर्म-कर्म में खर्च करना चाहिए।
 बाबा मोलडऩाथ का मंदिर वर्षों पुराना है। इसका निर्माण एक सराहनीय कार्य है। उन्होंने समिति के सभी सदस्यों का धन्यवाद किया और कहां कि दान देकर बहुत ही सराहनीय कार्य किया है। सुरेंद्र कुमार ने भी अपनी भावना प्रकट करते हुए कहा कि बाबा मोलडऩाथ के प्रति लोगों की भारी आस्था है। यहां एक विशाल मेले का आयोजन होता है। दूर दराज से लोग आते हैं। अबकी बार जब लोग मंदिर में आएंगे तो उन्हें बहुत ही सुंदर और भव्य मंदिर का दर्शन करने को मिलेगा। इस मौके पर मंदिर कमेटी प्रधान दिनेश यादव व समिति के सभी सदस्यों ने इन दोनों भक्तों का तहेदिल से धन्यवाद व आभार व्यक्त किया और स्मृति चिन्ह देकर इनका स्वागत व सम्मान किया।
 इस मौके पर प्रधान दिनेश यादव, उप-प्रधान सतबीर यादव, मुकेश शर्मा, रमेश कुमार, बलबीर साहब,प्रकाश साहब ,संजय, अनिल, मास्टर पवन कुमार, सोनू यादव, शिव कुमार, राजेंद्र सिंह, शिवचरण, महेंद्र यादव ,अरविंद यादव, बाबा रामनिवास, अशोक डीपी व अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
फोटो कैप्शन 02: दान दाताओं को स्मृति चिह्न भेंट करते हुए।






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