बाबा बुर्जेश्वर महाराज का धार्मिक
मेला 17 को
-खेल प्रतियोगिताओं का होगा आयोजन
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कनीना की आवाज। उप-मंडल के गांव कोटिया में रविवार 17 अगस्त को
बाबा बुर्जेश्वर महाराज मंदिर में धार्मिक मेले व खेल आयोजन किया जाएगा। मेला कमेटी के सचिव रजत यादव ने जानकारी देते हुए बताया कि हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी बाबा बुर्जेश्वर महाराज मंदिर में धार्मिक मेले व खेल आयोजन किया जायेगा। इस दौरान लांग जंप, हाई जंप, दौड़ प्रतियोगिता, महिलाओं की मटका दौड़, बुजुर्गों के दौड़, रस्साकशी, शूटिंग वालीबाल सहित विभिन्न प्रकार की खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन करवाया जाएगा। उन्होंने बताया कि कबड्डी में वालीबाल की एंट्री फीस सुबह 10 बजे तक जमा करवानी होगी। प्रबंधक कमेटी का फैसला अंतिम व सर्वमान्य होगा तथा किसी भी प्रतियोगिता में बराबर रहने पर कोई नाम नहीं दिया जाएगा। सभी टीम में एक ही पंचायत की होगी व अपना आइडी प्रमाण साथ लाएं। बहार से आने वाली सभी टीमों का खाने व ठहरने का प्रबंध किया जायेगा। दौड़ प्रतियोगिता सुबह 10 बजे शुरू कर दिए जाएंगे।
गोगा नवमी मेला व खेल प्रतियोगिता 17 अगस्त को
--सिरसवाला जोहड़ के पास होंगी प्रतियोगिताएं
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कनीना की आवाज। कनीना में सिरसवाला जोहड़ पर श्रीकृष्ण गौशाला के पास गोगा नवमी का मेला एवं खेल प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। विस्तृत जानकारी देते हुए प्रीतम जोनू ने बताया कि लड़कों की 100 मीटर, 400 मीटर तथा 1600 मीटर दौड़ आयोजित होगी वहीं लड़कियों की भी 100 मीटर, 400 मीटर तथा 1600 मीटर दौड़ आयोजित होगी। इन सभी दौड़ प्रतियोगिताओं में इनाम दिया जाएगा वहीं बूढ़ों की भी ईनामी दौड़ आयोजित होगी। हरियाणा स्टाइल कबड्डी जिसमें प्रथम पुरस्कार 35000 रुपये,दूसरा पुरस्कार 25000, तीसरा पुरस्कार 15000 रुपये तथा चौथा पुरस्कार 11000 रुपये का होगा। बेस्ट कैचर और बेस्ट रैडर 3100-3100 रुपये दिए जाएंगे। कबड्डी अंडर-19 में प्रथम पुरस्कार 21 हजार, दूसरा पुरस्कार 11000 तथा तीसरा पुरस्कार 7100 रुपये का दिया जाएगा। लंबी कूद में 2100 रुपये, 1500 रुपये तथा 1100 रुपये क्रमश: प्रथम द्वितीय और तृतीय पुरस्कार दिया जाएगा। ऊंची कूद में भी 2100 रुपये,1500 रुपये तथा 1100 रुपये का क्रमश: प्रथम ,द्वितीय और तृतीय को इनाम दिया जाएगा।
मक्खी-मच्छरों की हुई भरमार
-अब तक आ चुका है एक डेंगू और एक मलेरिया का केस, जागरूकता की जरूरत
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कनीना की आवाज। कनीना और आसपास क्षेत्रों में मक्खी और मच्छरों की भरमार है। सावन की वर्षा के बाद से मक्खी मच्छर और कीट भारी संख्या में पैदा हो गए हैं। ये इंसानों के लिए नहीं बल्कि पशुओं के लिए भी घातक साबित हो रहे हैं। जहां कनीना अस्पताल में अब तक एक डेंगू और एक मलेरिया का केस भी आ चुका है। मलेरिया का कई वर्षों से कोई केस कनीना में नहीं था लेकिन कोथल कलां जो कनीना अस्पताल के तहत पड़ता है में एक मलेरिया का केस आने के बाद समस्या विकराल बनती जा रही है। मच्छरों से विशेष सावधानी की जरूरत समझी जा रही है। यद्यपि संबंध में एमपीएचडब्ल्यू सुनील कुमार, एचआई शीशराम आदि लोगों को जागरूक कर रहे हैं लेकिन लोग नियमों का पालन नहीं करते जिसके कारण मक्खी मच्छर बढ़ गये हैं। वही खेतों में, किसी पार्क में या घर में मक्खी मच्छर जीना हराम कर देते हैं। मक्खी मच्छरों के संबंध में कुछ लोगों से बात की गई।
*** क्षेत्र में मक्खी और मच्छर बहुत बढ़ गए हैं। यदि सावधानी नहीं रखें तो हाथ व पैर आदि को काट खाते हैं। दिन में, रात में, सुबह-शाम आराम करते समय जब भी मच्छरों का सामना करना पड़ता है मक्खी एवं मच्छर जीना हराम कर देते हैं। दोनों ही घातक साबित हो रहे हैं। मक्खियों से विभिन्न प्रकार की बीमारियां फैलती है वहीं मच्छरों से मलेरिया एवं डेंगू रोग फैल रहे हैं। नगरपालिका र्एक नहीं बार बार फागिंग करवाने की जरूरत है ताकि मच्छरों से निजात पाया जा सके। --मुकेश नंबरदार,कनीना
कनीना मंडी में तथा गांव में नालों और नालियों की संख्या अधिक होने और वो भी खुले होने के कारण मक्खी-मच्छर पनप रहे हैं। ये मक्खी मच्छर दुकान हो या कोई कार्यालय हर जगह मिल रहे हैं और जीना हराम कर रहे हैं। वैसे तो इन मक्खी मच्छरों से निजात पाने की अनेक विधियां अपनाई जा रही है लेकिन मौका देखकर मच्छर काट जाते हैं। मक्खी मच्छरों को मारने या भगाने के लिए नगर पालिका और अस्पताल की ओर से ठोस कदम उठाए जाने चाहिए ताकि रोग फैलने से बचा जा सके।
--- योगेश कुमार अग्रवाल, कनीना मंडी
उप-नगरिक अस्पताल में अभी तक कोई मलेरिया का केस कई वर्षों से नहीं था किंतु 2025 में जहां कनीना मंडी से डेंगू का एक केेस आ चुका है। वही कोथल कलां से जुलाई-2025 में मलेरिया का एक केस आया था। मच्छरों से और मक्खियों से बचने के तरीके अपनाए जाने चाहिए ताकि मक्खी मच्छरों से बचा जा सके ताकि रोग न फैल सके।
-- शीशराम एचआई, उप-नागरिक अस्पताल
आसपास साफ सफाई रखनी जरूरी है। फागिंग भी करवाई जा सकती है। नारियल का तेल आदि प्रयोग करना चाहिए। मक्खी मच्छरों को भगाने के लिए विभिन्न प्रकार की अगरबत्ती, तेल एवं क्रीम आदि आते हैं उनका प्रयोग किया जाना चाहिए। पानी कहीं भी खड़ा हो उस पर काला तेल डाल देना चाहिए या बर्तनों में जहां पानी है उसे साफ कर देना चाहिए। सावधानी से ही बचाव संभव है। --डा. जितेंद्र मोरवाल,उप नागरिक अस्पताल कनीना
फोटो कैप्शन: शीशराम एचआई, योगेश कुमार डा. जितेंद्र मोरवाल, मुकेश नंबरदार
स्वाधीनता दिवस की रिहर्सल संपन्न
-कई कार्यक्रम आयोजित
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कनीना की आवाज। स्वाधीनता दिवस को धूमधाम से मनाने के लिए आज राजकीय महाविद्यालय कनीना में सांस्कृतिक कार्यक्रमों पीटी ,परेड ,मार्च पास्ट व सांस्कृतिक कार्यक्रमों व राष्ट्र गान की रिहर्सल हुई।
रिहर्सल में राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कनीना मंडी, राजकीय माडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कनीना, यदुवंशी शिक्षा निकेतन कनीना, जी एल पब्लिक स्कूल कनीना, आर आर ग्रीन मैक्स खेड़ी, प्रथम इंटरनेशनल स्कूल बूचावास, आर आर पब्लिक स्कूल कनीना, हेरिटेज पब्लिक स्कूल मोहनपुर के स्कूलों ने भाग लिया ।
इस अवसर पर खंड शिक्षा अधिकारी विश्वेश्वर कौशिक खंड शिक्षा अधिकारी दिलबाग सिंह, राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय मंडी के प्राचार्य नरेश कौशिक, प्रवक्ता नरेश यादव, विशेष अध्यापक अमृत सिंह, संगीत अध्यापिका अनीता यादव, विज्ञान अध्यापिका कल्पना सहित अनेक स्कूलों के अध्यापक व क्लास शिक्षक उपस्थित रहे।
फोटो कैप्शन 05: विभिन्न स्कूलों के बच्चे भाग लेते हुए।
जिला स्तरीय प्रतियोगिता में दूसरे दिन चले हैंडबाल व बास्केटबाल के खेल
-कई स्कूलों की टीमों ने लिया भाग
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कनीना की आवाज। आरआरसीएम स्कूल कनीना में जिला स्तरीय हैंडबाल एवं बास्केटबाल प्रतियोगिता के दूसरे दिन जिले के विभिन्न स्कूलों से आए टीमों के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला।
दूसरे दिन बास्केटबाल अंडर-19 में प्रथम स्थान आरपीएस स्कूल महेंद्रगढ़, द्वितीय स्थान यदुवंशी नारनौल, अंडर-17 में प्रथम स्थान आरपीएस महेंद्रगढ़ एवं द्वितीय स्थान आरपीएस नारनौल, अंडर-14 में प्रथम स्थान आरपीएस महेंद्रगढ़, एवं द्वितीय स्थान आरपीएस नारनौल ने प्राप्त किया। इन प्रतियोगिता में जो भी प्रतिभागी विजयी रहे उनको राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में भाग लेने का मौका मिलेगा। इस अवसर पर स्कूल के चेयरमैन एवं स्कूल प्राचार्य ने विजेता टीमों को मेडल पहनकर सम्मानित किया और उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
कोच के रूप में डीपी प्रवीण आरपीएस कनीना, कोच संजीव कुमार राताकलां, कोच अमित कुमार आरएसएस, डीपी सुनील, राकेश , कोच मुकेश, कोच हरि ओम, सुनील कुमार एवं कोच जूही शर्मा इस मौके पर मौजूद रही।
फोटो कैप्शन 03: अव्वल खिलाडिय़ों को पुरस्कृत करते हुए चेयरमैन एवं प्राचार्य
कनीना उपनगरिका अस्पताल में की गई फोगिंग
--पूरे कस्बा में होगी फोगिंग-सुरेंद्र वशिष्ठ
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कनीना की आवाज। कनीना उप-नागरिक अस्पताल में नगर पालिका की ओर से फोगिंग करवाई गई। क्षेत्र में मक्खी मच्छर अधिक होने के कारण यह कदम उठाए गया है।
इस मौके पर सुरेंद्र कौशिक लिपिक ने बताया कि अभी तो उप-नागरिक अस्पताल में फोगिंग की गई है, इसके बाद पूरे कस्बा कनीना में फागिंग करवाई जाएगी। उन्होंने कहा कि मक्खी, मच्छर बढ़ते जा रहे हैं जिसके चलते कदम उठाया गया है। मानसून में मक्खी मच्छरों के बढऩे की हर वर्ष समस्या झेलनी पड़ती है जिसके चलते नगरपालिका यह सार्थक कदम उठाते हुए मक्खी मच्छरों पर कब पाएगी।
उन्होंने बताया कि 15 अगस्त तक कर्मचारी व्यस्त है इसलिए फोगिंग नहीं चल पाएगी। बाद में हर वार्ड में फोगिंग चलेगी।
फोटो कैप्शन 04: उप-नागरिक अस्पताल में फोगिंग करते हुए नगर पालिका के कर्मचारी
विश्व अंगदान दिवस---13 अगस्त
जब बहन ने दी अपने भाई को किडनी दान जिससे बची जान
-मरकर भी दे गया पांच लोगों को जीवनदान
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कनीना की आवाज। कभी कभी इंसान अपने जीवन में वो काम कर जाता है जिसे लोग वर्षों तक याद करते हैं। कभी बहन अपने भाई को जिंदगी दे जाती है तो कोई मरकर अमर हो जाता है। जगत में अलौकिक प्रेम भाई बहन के बीच मिलता है। कभी-कभी बहन अपने भाई के लिए अपनी जान को भी कुर्बान करने के लिए तैयार रहती है। ऐसा ही उदाहरण कनीना उपमंडल से 5 किलोमीटर दूर गुढ़ा में देखने को मिला जहां एक बहन ने अपने भाई की रक्षा के लिए किडनी/गुर्दा दान दिया। बात 2008 की जब संतोष यादव का भाई किशन सिंह यादव बैंक में मैनेजर के रूप में बीकानेर में कार्यरत थे। वे अचानक बीमार पड़ गए और और उन्हें अहमदाबाद/गुजरात के अस्पताल में भर्ती करवाया गया। अनेक जांच करने के बाद पता चला कि उनके गुर्दे खराब हो गये हैं जिसे डाक्टरों ने निकाल दिया तथा जिंदगी बचाने के लिए कम से कम एक किडनी की जरूरत थी। अहमदाबाद गुजरात में अस्पताल में भर्ती करवाया ताकि उन्हें एक गुर्दा दिया जा सके। उस समय विशेष स्थिति बन गई कि उनका गुर्दा कौन दान दे ताकि उनका जीवन बच सके। तभी उनकी बहन संतोष यादव सामने आई और उन्होंने कहा कि वह गुर्दा देंगी। क्योंकि उसके भाई की जिंदगी का सवाल है। संतोष यादव भी गुजरात अहमदाबाद गुजरात में अस्पताल में भर्ती हो गई। कुछ दिनों तक दोनों की जांच हुई। किशन सिंह की जान बचाने के लिए संतोष यादव का एक गुर्दा निकालकर किशन सिंह यादव को प्रत्यारोपित किया गया जिसके कारण उनकी जान बच गई और वह 7 सालों तक जीवित रहे। तत्पश्चात 2015 में उनकी मौत हो गई किंतु संतोष यादव आज भी उस दिन को नहीं भूल पाती है। जब अपने भाई को याद करती है तो आंखों में आंसू आ जाते हैं। उनका कहना है चाहे मेरी जान चली जाती किंतु मेरा भाई बचा रहता।
मिली जानकारी के अनुसार संतोष यादव हांसी के जमावड़ी गांव में विवाहिता है और उनके पति हजारी सिंह आइटीआइ में प्राचार्य हैं तथा वर्तमान में वह गुरुग्राम में रह रही है। किशन सिंह यादव को याद करते हुए उनका छोटा भाई बलवंत सिंह ने बताया कि वह दो बार 1988 तक 2003 में गुढ़ा गांव का सरपंच रह चुके हंै। उन्होंने अपने भाई किशन सिंह को गुर्दा मिलने पर जीवित देखा बहुत ही आनंद आया कि उसके भाई की जिंदगी बच गई है किंतु वो 7 साल जीवित रहे और अंतत: उनकी मृत्यु हो गई। बलवंत सिंह भी अपनी बहन संतोष यादव तथा उसकी हिम्मत को याद कर प्रसन्न हो जाते हैं तथा गुर्दा दान देने की घटना को याद कर खुश हो जाते हैं किंतु अपने भाई को खोकर उनकी आंखों में भी आंसू आ जाते हैं।
अंगदान देने की एक अनोखी मिसाल की कायम-
कनीना उपमंडल के गांव गुढ़ा निवासी 25 वर्षीय सचिन ने पेश की है। एक वर्ष पहले कांवड़ लाते वक्त अपनी जान देकर 5 लोगों को दे गया जिंदगी। सड़क हादसे में घायल होने के बाद कोमा में गया सचिन नाम का शिवभक्त कांवडिय़ा अपनी सांस थमने से पहले तीन लोगों को नई जिंदगी दे गया। सचिन ने इसके साथ ही अपनी आंखों के जरिये दो लोगों को रोशनी भी दी है। घटना सावन माह के शुरू होने पर 23 जुलाई 2024 की है।
कांवड़ यात्रा के दौरान कहीं से वाहनों में तोडफ़ोड़ की तस्वीरें आईं तो कहीं से मारपीट की। जहां कुछ कांवडिय़ों के डरावने व्यवहार ने लोगों को विचलित कर दिया, वहीं सचिन नाम का शिवभक्त कांवडिय़ा अपनी सांस थमने से पहले 5 लोगों को नई जिंदगी दे गया। सचिन सड़क हादसे में घायल होने के बाद कोमा में चला गया था। 30 जुलाई 2024 को ब्रेन डेड घोषित किए जाने के बाद परिजनों ने उसके अंगों को एम्स ऋषिकेश को दान कर दिया था, जिसके बाद अलग-अलग जगहों पर तीन लोगों को उसके अंगों से नई जिंदगी मिली है साथ में दो को आंखें मिल गई। उन्होंने पैंक्रियाज/अग्राश्य, फेफड़े, आंखें, लिवर, गुर्दे दान कर गया जो आज भी इस दुनियां में हैं।
23 जुलाई को हरियाणा के महेंद्रगढ़ निवासी 25 वर्षीय सचिन रुड़की में सड़क दुर्घटना में गंभीर घायल हो गया था। उसके कोमा से बाहर आने की उम्मीद नहीं बची तो एम्स के डाक्टरों ने परिजनों से अंगदान की अपील की। परिवार वाले राजी हुए और ब्रेन डेड युवक के अंगदान का फैसला लिया गया। जरूरी प्रक्रिया के बाद सचिन के अंगों से न केवल तीन लोगों को जिंदगी मिली, बल्कि दृष्टि खो चुके दो लोगों के जीवन में सचिन के नेत्रदान से उजियारा कर गया।
एमएस प्रो. संजीव कुमार मित्तल ऋषिकेश ने कहा कि सचिन के अंगदान से दो अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती तीन लोगों को नया जीवन मिला है। इनमें पीजीआई चंडीगढ़ में भर्ती व्यक्ति को किडनी, पेनक्रियाज प्रत्यारोपित किया गया। दूसरी ओर, दिल्ली स्थित इंस्टीट्यूट ऑफ लीवर एंड बिलरी साइंसेज (आईएलबीएस) में भर्ती दो अलग-अलग व्यक्तियों को किडनी एवं लिवर प्रत्यारोपित किए गए।
श्रावण मास में सचिन गुढ़ा,महेंद्रगढ़ से हरिद्वार कांवड़ उठाने निकाला था परंतु कांवड़ नहीं ला सका और पूरे देश में अपना, परिवार, गांव एवं क्षेत्र का नाम रोशन कर गया। उसके पिता सतीश कुमार कनीना में पंक्चर की दुकान चलाते हैं जिसमें वह मदद करता था। परिवार में पिता के अलावा उनकी पत्नी, दो बच्चे और एक छोटा भाई है। एम्स के डाक्टरों ने जब परिवार वालों से अंगदान कराने की अपील की तो सचिन के परिवार वालों ने फरिश्ते की भूमिका निभाई।
सचिन के शरीर के अंगों को तय समय पर दिल्ली और पीजीआई चंडीगढ़ पहुंचाया गया। इसके लिए सड़क मार्ग और हवाई सेवाओं की मदद ली गई। पुलिस की मदद से ऋषिकेश से जौलीग्रांट एयरपोर्ट तक ग्रीन कारिडोर बनाया गया। पुलिस ने 28 किलोमीटर की दूरी को 35 मिनट की बजाय महज 18 मिनट के रिकॉर्ड टाइम में पूरा कराया।
सड़क दुर्घटना में सचिन के सिर में गंभीर चोट लगने के कारण उन्हें 30 जुलाई 2024 को ब्रेन डेड घोषित कर दिया गया। चिकित्सकों की एक टीम ने तत्काल प्रभाव से सचिन के परिवार वालों से संपर्क किया और उन्हें अंगदान के प्रति प्रेरित किया।
सचिन ने कई लोगों को जीवन दान दिया है। इस मामले में एम्स उन्हें एक मूक नायक के रूप में हमेशा याद रखेगा। यह कार्य बेहद जटिल था लेकिन एम्स के डाक्टरों ने यह कार्य सफल कर दिखाया। सचिन की पत्नी पूजा, उसके दो छोटे बच्चे, सचिन का पिता सतीश कुमार, मां कविता आदि सभी बेरोजगार हैं तथा सचिन का एक छोटा भाई किसी कंपनी में काम करता है। इससे बड़ा अंगदान का और कोई अन्य उदाहरण पूरे देश में नहीं मिलेगा।
उधर गुढ़ा गांव में ही अपने पोते आशीश कुमार को उसकी दादी चमेली देवी ने गुर्दा देकर पोते की जान बचाने का सुंदर उदाहरण भी सामने आया है। ऐसे नायक एवं नायिकाओं को लोग सदा याद करते हैं।
फोटो कैप्शन= किशन सिंह भाई तथा संतोष बहन
दूसरी फोटो: सचिन मृतक, मां कविता देवी तथा पिता रमेश कुमार
हर घर तिरंगा अभियान के तहत कनीना में तिरंगा यात्रा का आयोजन
--माडल संस्कृति स्कूल से तिरंगा यात्रा को हरी झंडी दिखाई
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कनीना की आवाज। आजादी के अमृत महोत्सव के अंतर्गत मंगलवार को हर घर तिरंगा अभियान के तहत राष्ट्रीय गौरव, एकता और ध्वज के प्रति सम्मान की भावना को सशक्त करने के उद्देश्य से कनीना में खंड स्तर पर भव्य तिरंगा यात्रा का आयोजन किया गया। इस अवसर पर एसडीएम डा. जितेंद्र सिंह ने माडल संस्कृति स्कूल से तिरंगा यात्रा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
यात्रा में सैकड़ों युवा, छात्र-छात्राएं, शिक्षण संस्थानों के प्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक देशभक्ति के उत्साह के साथ शामिल हुए। यात्रा नगर के प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए पुन: माडल संस्कृति स्कूल पर संपन्न हुई।
इस दौरान एसडीएम डा. जितेंद्र सिंह ने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि वे तिरंगा यात्राओं, सांस्कृतिक कार्यक्रमों, संगीत समारोह, चित्रकला, रंगोली, तिरंगा कैनवास प्रतियोगिता और अन्य आयोजनों में सक्रिय भागीदारी करें, ताकि राष्ट्रप्रेम की भावना और भी प्रबल हो सके।
उन्होंने बताया कि यह आयोजन न केवल राष्ट्रीय ध्वज के प्रति सम्मान और गर्व को सुदृढ़ करता है, बल्कि आने वाली पीढ़ी के लिए भी प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत करता है।
रैली के दौरान नगर देशभक्ति के नारों से गूंज उठा और प्रतिभागियों ने हाथों में तिरंगा लहराते हुए राष्ट्रीय एकता का संदेश दिया।
इस मौके पर नगर परिषद प्रधान रिंपी लोढ़ा, ब्लाक समिति अध्यक्ष जयप्रकाश, खंड शिक्षा अधिकारी विश्वेश्वर कौशिक, कृषि विभाग उपमंडल अधिकारी अजय यादव, बीईओ दिलबाग सिंह, नगरपालिका सचिव कपिल कुमार, दीपक चौधरी, नितिन गुप्ता, माडल संस्कृति स्कूल प्राचार्य सुनील खुडानिया, राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कनीना मंडी स्कूल प्राचार्य नरेश कुमार कौशिक, एसएचओ रविंद्र सिंह, व अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।
फोटो कैप्शन 01: एसडीएम डा. जितेंद्र सिंह तिरंगा यात्रा को हरी झंडी दिखाते हुए।
भोजावास के स्वयंसेवकों ने निकाली तिरंगा यात्रा
--अनेक जन हुए शामिल
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कनीना की आवाज। पीएमश्री राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय भोजावास में एनएसएस स्वयंसेवकों द्वारा प्रभारी प्राचार्य अशोक कुमार व पवन कुमार के नेतृत्व में तिरंगा यात्रा का आयोजन किया गया। इस यात्रा में एनएसएस स्वयंसेवकों द्वारा बढ़ चढ़कर भाग लिया गया। उनका जोश व उत्साह देखने लायक था। एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी राजेश बालवान ने बताया कि इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में व देश के नागरिकों के दिल में देशभक्ति का जज्बा पैदा करना है। यह आह्वान करना कि पूर्व की भांति इस बार भी स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर हर घर पर हमारी आन बान और शान का प्रतीक तिरंगा फहराता दिखाई दे। इसी के साथ हम उन सभी वीर सपूतों को, जिन्होंने अपने देश पर अपनी जान कुर्बान कर दी। उनकी शहादत को याद करते हुए उन्हें नमन करें। इस अवसर पर पंचायत सदस्य व विद्यालय स्टाफ उपस्थित रहा।
फोटो कैप्शन 01: भोजावास में तिरंगा यात्रा निकालते हुए।

















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