Not sure how to add your code? Check our installation guidelines **KANINA KI AWAZ **कनीना की आवाज**

Sunday, August 3, 2025



 


पकती फसल देखकर किसान खुश
-बेहतर खड़ी है बाजरे की फसल
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कनीना की आवाज।
 क्षेत्र में सावन माह में बेहतर वर्षा हुई है। अब फसल पकान पर है। किसान पकती फसल देखकर खुश हैं।
वर्तमान में बाजरे की बेहतरीन फसल खड़ी हुई। अधिक वर्षा होती है तो फसल को नुकसान हो सकता है क्योंकि अब फसल पकान की ओर जा रही है। किंतु अभी तक वर्षा लाभप्रद साबित हो रही है। बहरहाल किसानों की नजरें पकती हुई फसल पर टिकी है। यदि अधिक वर्षा होती है तो भावी रबी फसल को भी लाभ होगा।
 इस वर्ष जहां सावन माह में अब तक 200 एमएम से अधिक वर्षा हुई है। सावन माह वर्षा के मामले में बेहतर बीता है। किसान अब अपनी फसल को निहार रहे हैं और दृष्टि जमी हुई ताकि निकट भविष्य फसल तैयार हो जाएगी। किसानों का कहना है कि करीब 25 दिनों बाद फसल पक जाएगी और सितंबर माह के अंत तक कटाई हो चुकी होगी।
 बाजरे का एमएसपी 2775 रुपये प्रति क्विंटल का रखा गया है। विगत वर्षों से सरकारी तौर पर बाजरा खरीदा जा रहा है जिसके चलते भी किसान उत्साहित है और रुझान बाजरे की ओर है। उल्लेखनीय है कि इस वर्ष बाजरा फसल की बिजाई भी देरी से हो पाई है। विगत वर्ष की तुलना में करीब दो सप्ताह देरी से हो पाई है। यही कारण है कि किसान इस वर्ष कुछ परेशान नजर आ रहे हैं।
क्या कहते हैं कृषि विशेषज्ञ-
पूर्व कृषि विशेषज्ञ डा. देवराज का कहना है कि बाजरे की फसल अब पकान पर है। अभी तक प्रतिदिन धूप खिलती है तथा वर्षा होती है जिससे फसल को नुकसान नहीं होगा। उनका कहना है कि जब दाने पडऩे लगे तो फसल को पानी की अधिक जरूरत होती है। आगामी 25 दिनों में फसल कटाई हो जाएगी।
फोटो कैप्शन 06: कनीना क्षेत्र में बाजरे की लहलहाती फसल






सभी राजकीय विद्यालयों में मनाया जाएगा 15 अगस्त
-4 अगस्त से ही शुरू हो जाएंगी गतिविधियां
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कनीना की आवाज।
 इस बार शिक्षा विभाग तथा हरियाणा सरकार ने 15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस को देश के रक्षकों को सलाम नाम कार्यक्रम द्वारा मनाए जाने का फैसला लिया है। इस मौके पर सभी स्वतंत्रता सेनानियों/भूतपूर्व और कार्यरत सैनिकों को आमंत्रित किया जाएगा। सबसे अधिक उम्र के सैनिक से ध्वजारोहण करवाया जाएगा। मिली जानकारी के अनुसार चार अगस्त से एसएमसी अध्यापकों से मिलकर स्वतंत्रता सेनानियों/भूतपूर्व सैनिकों की सूची तैयार करेंगे जिसमें सबसे अधिक उम्र वाले भूतपूर्व सैनिक का चयन 5 अगस्त को किया जाएगा। तत्पश्चात 6 अगस्त को अध्यापकों की सहायता से शहीदों के परिवार/ भूतपूर्व सैनिकों/ स्वतंत्रता सैनिकों के जज्बे की गाथा के बारे में लेख लिखेंगे। 15 अगस्त को जान देश भक्ति और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होंगे, शहीदों की जीवनी का संकलन कर पुस्तक तैयार करेंगे जिस स्कूल में रखा जाएगा।





चौड़ा गंदा नाला भरा है गाद से, दुर्घटनाओं का अंदेशा
-गंदा पानी फैलता है मार्गों पर
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कनीना की आवाज।
 एक और जहां मानसून समाप्त होने को जा रहा है वहीं कनीना के नालों की सफाई न होने से अभी भी गाद से भरे खड़े हैं। परिणाम यह है कि एक और यहां गंदा पानी सड़कों पर लंबे समय तक फैला रहता है वही कोई भी वहां दुर्घटना घट सकती है और वाहन चालक खुले गंदे नाले में गिर सकता है। कनीना के दो प्रमुख जोहड़ों होलीवाला और कालरवाली के लिए चौड़े नाले बनाए गए हैं। दोनों में पूरे कस्बा का करीब आधा-आधा पानी आता है किंतु जब होली वाला जोहड़ लबालब भर जाता है तो इसका अपनी कालरवाली जोहड़ की ओर बहने लग जाता है। परिणाम यह है कि कनीना के दोनों जोहड़ों के गंदे नाले पूर्ण रूप से गाद से भरे हुए हैं घासफूस गंदे नालों के साथ-साथ खड़ी है। वही गंदगी के ढेर भी गंदे नालों के साथ-साथ लगे हुए हैं। लोग कुरड़ी एवं गंदगी इन वालों के साथ डाल देते हैं जिससे ये जल्दी भर जाते हैं। यहां तक कि नालों को कुछ जगह ढका हुआ है तो अधिकांश जगह बिना ढके होने के कारण न केवल बदबू फैलती रहती है अपितु कोई भी दुपहिया वाहन अंधेरे के कारण इन नालों में गिर सकता है।
जहां विगत योजनाओं में इन गंदे नालों की एक बार जरूर सफाई होती आई है किंतु इस बार इनकी सफाई नहीं होने से अभी भी पूरे गंदगी से भर खड़े हैं। जहां कालरवाली जोहड़ के लिए करीब दो किमी लंबा नाला बना है जबकि होलीवाला जोहड़ के लिए आधा किलोमीटर चौड़ा नाला है। वैसे तो जोहड़ के पास जाकर यह नाला बिना ढाका है और कोई भी दो पहिया वाहन इस नाले में गिर सकता है। नाला ओवरफ्लो होता रहता है और पास में गंदा पानी लंबे समय तक भरा रहता है। होली दहन स्थल के पास तो अधिकांश समय गंदा पानी खड़ा रहता है। एक और जहां नगर पालिका अस्थाई रूप से जोहड़ के पानी को इंजन द्वारा निकलती है परंतु चंद बूंदे होने के बाद नाले व जोहड़ भर जाते हैं और सड़क पर पानी फैल जाता है। होलीवाला व कालरवाली जोहड़ के आस पास कई घरों के द्वार तक गंदा जल फैला रहता है। जहां कालरवाली जोहड़ का आयाम इतना अधिक है कि रेवाड़ी सड़क मार्ग को क्षति पहुंचा देता है। इस संबंध में कुछ लोगों से चर्चा की गई--
नालों की सफाई न करने तथा जोहड़ों की खोदाई न होने के कारण होलिका दहन स्थल के पास सड़क पर लंबे समय तक पानी जमा रहता है। आवागमन इसी गंदे पानी से होना मजबूरी बन गई है क्योंकि वैकल्पिक मार्ग नहीं है। जब तक गंदे नालों की सफाई करके जोहड़ की खोदाई नहीं की जाएगी तब तक यह समस्या यूं ही बनी रहेगी। नगर पालिका को इस ओर ध्यान देने की जरूरत है।
-- जसवंत सिंह, कनीना
होलीवाला जोहड़ का नाला भरा होने के कारण गंदा पानी जहां सड़कों पर फैल रहा है वही बरसात के समय यह पानी बहकर सड़कों के मार्फत होता हुआ कालरवाली जोहड़ में जाता है। परिणाम स्वरूप कोई भी दुर्घटना घट सकती है। अधिकांश समय नालियां एवं नाले भरे खड़े रहते है और गलियों में गंदा जल भरा मिलता है। नगरपालिका इस ओर ध्यान नहीं दे रही है जिसका परिणाम कनीनावासियों को भुगतना पड़ रहा है।
--महिपाल सिंह, कनीना
लंबे समय से होलीवाला जोहड़ के पास गंदे पानी भरने की समस्या चली आ गई। प्रशासन अस्थायी तौर से जब तक गंदा पानी निकलता है तब तक दोबारा से वर्षा हो जाती है। नाले गाद से भरे हुए हैं, परिणाम यह होता है कि गंदा जल इधर-उधर फैलता रहता है और गंभीर समस्या बन जाती है। क्षेत्र के लोग लंबे समय से इस गंदे पानी के जोहड़ों एवं नालों की समस्या से जूझ रहे हैं। प्रशासन इस तरफ ध्यान नहीं दे रहा है जिसका खामियाजा कितने ही लोग भुगत रहे हैं।
---टीनूपाल,कनीना
करीब14 लाख रुपये की लागत से जोहड़ की छटाई होनी है। तत्पश्चात नालों और जोहड़ की गंदे पानी फैलने की समस्या हल हो जाएगी। वर्तमान में मानसून सीजन चल रहा है, ठेकेदार का कहना है जितना पानी वे निकलते हैं उतना ही और भर जाता है। ऐसे में ठेकेदार भी परेशान है और जब मानसून समाप्त हो जाएगा तभी जोहड़ की सफाई की जाएगी, नालों की सफाई हो जाएगी और गंदा पानी सड़कों पर नहीं फैलेगा। थोड़ा समय लग सकता है। तब तक इरिगेशन विभाग से इंजन लिया हुआ है जो नगर पालिका अपने खर्चे पर गंदा पानी निकालने का हर संभव प्रयास करती रहती है।   --राकेश यादव जेई, नगर पालिका कनीना
फोटो कैप्शन 01 से 03: गंदा नाला होलीवाला जोहड़ जो गाद से भरा एवं खुला है
  वहीं महिपाल, टीनूपाल, जसवंत सिंह पासपोर्ट






अधेड़ को काटा सांप ने, बची जान
--एक्सपर्ट से पकड़वाया सांप तब जाकर हुआ इलाज,
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कनीना की आवाज।
 कनीना उप-मंडल के गांव करीरा में राजबाला 55 वर्षीय महिला को सांप ने काट लिया। जिन्होंने रेवाड़ी के अस्पताल भर्ती करवाया गया तो एक्सपर्ट भेज कर सांप को पकड़वाया गया। सांप बिटोड़े में बैठा मिला। जिसके बाद डाक्टरों ने उसे बचा लिया। करीरा के बालकिशन तथा श्रीकिशन शर्मा ने बताया कि महिला राजबाला अपने बिटोड़े से उपले लेने के लिए गई हुई थी तभी काले नाग ने डस लिया तुरंत उसके स्वजन उसे कनीना ले गए जहां से उन्हें रेवाड़ी भेज दिया गया। रेवाड़ी के निजी अस्पताल में उनका इलाज चलता रहा। तब तक एक्सपर्ट भेज कर सांप को पकड़वाया गया। सांप पकड़ कर जब एक्सपर्ट रेवाड़ी ले गया तब उनकी जान बच गई। उन्होंने बताया कि सांप काटने के बाद बिटोड़े में घुस गया। डाक्टरों ने सांप पकडऩे वाले एक्सपर्ट को भेजा तब तक उसके इलाज चलता रहा। जब सांप को पकड़ कर ले जाया गया तब उसकी जान बच पाई। जब सांप को पकडऩे के लिए एक्सपर्ट आये तो भारी भीड़ जमा हो गई।
फोटो कैप्शन 04: सांप को पकड़कर ले जाते हुए एक्सपर्ट





दूसरे दिन भी खिली धूप, राहत
-हो चुकी है अच्छी वर्षा
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कनीना की आवाज।
 कनीना में रविवार दूसरे दिन कोई वर्षा नहीं हुई, धूप खिली। विगत कुछ दिनों से कनीना क्षेत्र में प्रतिदिन कुछ न कुछ वर्षा हो रही थी किंतु दो दिनों से धूप खिली, कुछ समय बादल छाये रहे परंतु पूरे दिन कोई वर्षा नहीं हुई। किसानों का मानना है कि वर्षा पर्याप्त हो चुकी है अब तो मौसम खुलना चाहिए ताकि बाजरे की फसल पैदावार अच्छी हो सके। मौसम विभाग की माने तो अभी मौसम इसी प्रकार का रहने की संभावना बनी हुई है। ऐसे में किसान मौसम खुलने से खुश नजर आए।





सावन का अंतिम सोमवार 4 को, रहेगी भीड़
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कनीना की आवाज।
सावन का अंतिम सोमवार 4 अगस्त है। इस दिन शिवालयों में भीड़ रहेगी। इस वर्ष सावन माह में चार सोमवार आए हैं। व्रत रखने वाले भक्तों के लिए यह सोमवार खास होगा चंूकि यह सावन का अंतिम सोमवार होगा वहीं रक्षा बंधन के दिन सावन संपन्न हो जाएगा। सावन में इस बार अच्छी वर्षा हुई है।












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